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मिनी की कातिल अदाएं

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“कोमल तुम हो बड़ी हॉट. मैं तो जैसे जलने लगा हूँ. तुमने बताया था की गुड़गावां में तुम्हारी सहेलियों के पापा तुम्हारा अच्छे दोस्त हुआ करते थे. क्या इसका ये मतलब है की वहां के अंकल लोग और तुम आपस में ….”

“सेक्स करते थे मिस्टर वी”, कोमल ने बेबाकी से रंगीला का वाक्य पूरा किया.

“तो मैं भी तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहता हूँ कोमल”

“मुझे मालूम है मिस्टर वी…वो लोग मुझे थोडा पॉकेट मनी भी देते थे”

“मैं भी दूंगा”

“और कभी कभी सिगरेट भी पिलाते थे”

“ओह सिगरेट? ये लो” रंगीला ने पैकेट निकाल कर दिया.

कोमल ने एक सिगरेट निकाल कर होठों पर लगाया और जलाया. पहला काश जोर से खींचा और फिर से रंगीला के होठों पर होठ रख कर चुम्मा लेते हुए सारा का सारा धुँआ रंगीला के मुंह के अन्दर फूंक दिया. रंगीला को कोमल की ये अदा ऐसी भाई की उसका लंड एक टाइट हो गया.

रंगीला ने भी एक सिगरेट जला ली.

“मेरे मम्मी पापा कैसे लगे मिस्टर वी?”

“ओह.. बहुत खूब लगे. हमें बड़ी खुशी है की तुम्हारे जैसे फॅमिली यहाँ रहने आयी है.”

“पापा ने मिनी आंटी को मजा दिया की नहीं?”

“अरे भरपूर दिया कोमल. क्या तुम अपने पापा मम्मी के साथ भी?”

कोमल ने धुएं का कश छोड़ते हुए बोला, “मेरे परिवार में सब लोग बड़े ओपन माइंडेड हैं. इस लिए जब जिसका जो मन करता है, दुसरे को उससे कोई तकलीफ नहीं होती है.”

“ओह.. अच्छा …” रंगीला तो जैसे हकला रहा था.

“और मैंने डॉली को ये सब बता दिया है..ताकि आपको आगे बढ़ने में थोडा आराम रहे मिस्टर वी”

“थैंक यू कोमल” रंगीला की जैसे बांछे ही खिल गयीं.

दोनों की सिगरेट अब ख़तम हो गए थी.

“तो चलें अब?”

“जरूर”

रंगीला और कोमल लगभग दौड़ते हुए कोमल के घर में घुसे. घुसते ही रंगीला ने अपने हाथ डॉली के स्कर्ट में डाल के उसके नंगी बुर सहलानी शुरू कर दी. कोमल अपनी मिनी स्कर्ट के नीचे कुछ नहीं पहना था. रंगीला के शॉर्ट्स अपन आप जमीन पर गिर गए. रंगीला ने उसका टॉप उतार कर के उसकी जवान चुन्चियों को आज़ाद कर दिया. अब तक दोनों एकदम नंगे हो चुके थे. रंगीला ने देखा की कोमल को जितना उसने सोचा था वो उससे भी कहीं ज्यादा सेक्सी और हॉट थी.

कोमल बोली,

“ओह यस मिस्टर वी, प्लीज मुझे चोदो…जल्दी.”

रंगीला ने कोमल को आगे की तरफ झुकाया और अपने लंड को उसकी गांड के तरफ से चूत के मुहाने पर टिकाया. कोमल की चूत पहले से ही गीली थी. रंगीला ने सोचा की हो सकता है की डॉली ने भी कोमल की चूत चाटी हो और इसकी वज़ह से ये गीली हुई हो.

कोमल ने अपनी गांड पीछे की तरफ ठेली जिससे रंगीला का लंड आधा घुस गया.

“ओह मिस्टर वी..प्लीज डालो पूरा..”

रंगीला ने अगले ही धक्के में पूरा पेल दिया. वो जानता था कि जवानी में चुदाई का बड़ा उन्माद होता है. सो उसने जल्दी जल्दी धक्के लगाने शुरु कर दिए. कोमल का ये पहला टाइम तो था नहीं मोटे और लम्बे लंड लेने का, सो वो बड़े ही मजे ले कर चुदाई करवाने लगी. थोड़ी ही देर में कोमल झड गयी. तो उसने रंगीला का लंड अपनी चूत ने निकाल लिया. वो घुटने के बल बैठ गयी, रंगीला का लंड अपने हाथों में लिया और बोली,

“मुझे चूत के रस से सना हुआ लंड बड़ा स्वादिष्ट लगता है”

वह रंगीला का लंड अपने मुंह में लेकर उसे मुंह से चोदने लगी. जवान मुंह की गर्मी और गीलपन से रंगीला थोड़ी ही देर में झड गया. कोमल रंगीला का पूरा वीर्य अपने मुंह में ले कर पी गयी.

रंगीला ने अपाने कपडे पहने और बोला,

“मैं तुम्हें ऐसे ही रोज चोदना चाहना हूँ कोमल.”

“कभी भी और कैसे भी मिस्टर वी. मुझे चुदाई बहुत पसंद है. अब तो आप समझ ही गए होंगे की ये हमारा खानदानी खेल है”

“तो क्या तुम्हें बुर चाटना भी पसंद है कोमल?”

कोमल मुस्कराई. वो समझ गयी की रंगीला ने उसके होंठो पर लगा हुआ डॉली के चूत का रस टेस्ट किया है.

“हाँ जी मिस्टर वी.”

रंगीला धीरे धीरे घर की तरफ बढ़ने को हुआ. कोमल बोली

“मिस्टर वी! मुझे लगता है की डॉली भी इस सब के लिए एकदम तैयार है. आज शाम को मैंने उसे काफी कुच्छ सिखाया है. उम्मीद है की आप को इससे कोई आपत्ति नहीं है”

“ओह बिलकुल नहीं. तुमने एक दुसरे के साथ जो भी किया उम्मीद है की दोनों को पसन्द आया. है न?”

“बिलकुल. डॉली तो जैसे मजे के मारे पागल ही हो गयी जब मैंने उसकी बुर चाटनी शुरू की. वो कई बार मेरे मुंह के ऊपर झड़ी. बाद में उसें मजे से मेरे चूत भी चाटी”

दरवाजे पर रंगीला ने कोमल को एक बार फिर से चूमा. कोमल बोली,

“अगली बार आप मेरी गाड़ मारना मिस्टर वी! मुझे गांड में लंड बड़ा अच्छा लगता है.”

“वो तो मुझे भी पसंद है कोमल, अगली बार जरूर से.” रंगीला बोला और उसकी गांड सहला दी.

जैसे ही रंगीला जाने लगा, कोमल बोली,

“आपको अब डॉली को चोदना चहिये मिस्टर वी. वो इसके लिए पूरी तरह से तैयार है. उसके लिए अच्छा रहेगा की घर से उसकी चुदाई की शुरुआत हो. मुझे चोदने वाले पहले आदमी मेरे पापा ही थे और मुझे ये बात हमेशा याद रहेगी. मुझे अभी भी पापा का लंड बेस्ट लगता है मिस्टर वी.”

 


और रंगीला अपने घर की तरफ जा रहा था. वह सोच रहा था की कैसे कोमल ने उसे अपनी खुद की बेटी डॉली को चोदने के कितना करीब पंहुचा दिया है. जब वो ऊपर पंहुचा तो देखा की मिनी शाम की इतनी सारी चुदाई से थक हार कर गहरी नींद में सो रही थी. रंगीला को पता था की अब वो सीधे सुबह ही जागेगी. उसने अपने कपडे उतार दिए. फ्रिज से एक बियर निकाल कर ४ घुट में खाली कर दी. वह चलते हुए डॉली के कमरे पहुच गया. उसका दिल जोर से धड़क रहा था. उसने कमरे का दरवाजा बहुत धीरे से खोला. कमरे में नाईट लैंप जल रहा था जिससे कमरे की सारी चीजें एकदम साफ़ दिखाई दे रही थीं. डॉली अपने बिस्तर के ऊपर एकदम नंगी लेटी हुई थी. उसके टाँगे फैले हुई थीं. रंगीला ने उसकी कुंवारी बुर को खड़ा हो निहार रहा था. उसे इस बात की बड़ी हैरानी हो रही थी की लंड की तीन तीन औरतों की चूत और गांड में अन्दर बाहर करने की इतनी सारी कसरत के बावजूद भी उसका लंड एक बार फिर से खड़ा हो रहा था. वह अपनी बेटी डॉली को चोदना चाह रहा था. पर वो इसमें कोई जल्दी नहीं करना चाहता था. वो चाहता था की ये काम बड़ी सावधानी से किया जाए, सब डॉली खुद इस बात के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार हो. इसी समय उसने डॉली की आवाज सुनी

“हेल्लो पापा”

“ओह ..हेल्लो बेटा.”

“पापा, मैं यहाँ पर बिना कुछ पहने सो रही हूँ ना?”

“हाँ बेटा. पर ये तो प्राकृतिक रूप है हमारा. और देखो न कितना सुदर रूप है ये.”

“हाँ मुझे भी ऐसे अच्छा लगता है पापा.”

इसी समय डॉली ने ध्यान से देख की पापा भी वहां नंगे खड़े थे.

“ओह पापा मुझे आप भी नंगे खड़े बड़े अच्छे लग रहे हैं. आपने कुछ भी नहीं पहना है. मुझे आपकी …वो.. वो..चीज.. बड़ी अच्छी लग रही है… ये तो काफी बड़ा है…”

“अच्छा है, उम्मीद है कि मेरी ये चीज तुम्हें परेशान नहीं कर रही है. तो तुमने और कोमल

ने आज रात काफी मजा किया. नहीं?”

“अरे हाँ पापा हमने बड़ा मज़ा किया. कोमल बहुत अच्छे दोस्त बन गयी है मेरी. इतने कम टाइम में वो मुझे बहुत कुछ सिखा गयी. वैसे, वो आपको बहुत पसंद करती है. उम्मीद है कि आपको भी भी कोमल पसंद होगी.”

“हाँ, कोमल तो मुझे बहुत पसंद है, थोड़े देर पहले ही मैं उसके साथ उसके घर तक गया था और हम दोनों काफी करीब आ गए”

“बिलकुल ठीक पापा, उसने बोला था की आज रात वो आपसे कनेक्ट करेगी. मुझे पता नहीं कि की कनेक्ट का क्या मतलब है. पर अच्छा ही होगा.”

“हमारा कनेक्शन हुआ बेटा. और ये कनेक्शन बड़ा ज़बरदस्त था..भाई मज़ा आ गया…. हो सके तो हम दोनों भी कुछ उसी तरह से कनेक्ट करेंगे किसी दिन.”

“मेरे ख़याल से मुझे मज़ा आएगा उस कनेक्शन से. पापा, एक बात पूछूं?”

“बिलकुल.”

“क्या सेक्स से बेहतर कुछ और होता है?”

“बेटा, अगर सेक्स से बेहतर कुछ और है तो मुझे वो चीज पता नहीं है.”

“पापा, कोमल ने आज मुझे सिखाया कि खुद से कैसे सेक्स का मज़ा लेते हैं. मैं लेट कर अपने आप से खेल रही थी और मुझे बड़ा मज़ा आया.”

“सो, रात क्या हुआ?”

“पापा, आपने कहा की मैं आपसे सेक्स के बारे सारी बातें कर सकती हूँ. है न?”

“हाँ मैंने बोला था. और बिलकुल तुम कर सकती हो. मैं तुम्हारे मन की हर बात जानना चाहूँगा.”

“कोमल ने मुझे 69 का पोज सिखाया. हम दोनों ने पता नहीं कितनी बार अपना रस छोड़ा. क्या इसमें कोई गंदी बात है?”

“नहीं बेटा, ये तो बड़ी मजेदार चीज होती है, मुझे भी 69 करना बहुत पसंद है.”

“मतलब आपको बुर चाटना पसंद है?”

“पसंद? अरे मुझे तो बहुत ज्यादा पसंद है. तुम्हारी मम्मी के हिसाब से मैं तो इसमें एक्सपर्ट हूँ.”

“ओह पापा, मम्मा कितनी किस्मत वाली हैं.”

“थैंक यू बीटा, कुछ और सवाल?”

“नहीं और नहीं…… पापा क्या आप मेरे साथ थोडा लेट सकते हो?”

“जरूर.”

और रंगीला बिस्तर पर डॉली के साथ जा कर लेट गया. डॉली मुद कर लेट गयी जिससे उसकी नंगी गांड रंगीला की तरफ हो गयी. रंगीला ने डॉली को पीछे से बाहों में भर लिया. उसका लंड डॉली की गांड की दरार में फंसा हुआ था और धीरे धीरे खड़ा हो रहा था. डॉली ने रंगीला के हाथ पकड़ कर अपनी चुन्चियों पर रख लिया.

रंगीला से अब काबू में रहना मुश्किल हो रहा था. वो डॉली की चुन्चिया दबाने लगा. डॉली

डॉली ने उन्माद में ह्म्म्म की आवाज निकाली और बोला,

“ओह मुझे मजा आ रहा है पापा. कोमल ने भी मेरी चुन्चियों के साथ ऐसा की किया था. पर आपके हाथों में कोई और ही बात है.”

रंगीला का लंड अब पूरी तरह से खड़ा हो कर डॉली के गांड पर बुरी तरह से गड रहा था.

.

“पापा आपका टाइट लंड मेरी गांड के ऊपर चुभ रहा है.”

“चुभ रहा है न? ये तो बुरी बात है. एक काम करते हैं. इसको यहाँ डाल देते हैं” कहते हुए रंगीला ने लंड का सुपाडा डॉली की बुर में डाल दिया.

“ओह पापा. आपका कितना बड़ा है. डाल दो अन्दर. कोमल ने बोला था की मुझे अपना पहला बार आपसे ही करवाना चाहिए. उसके पापा उसके साथ कभी भी करते हैं. पापा आप भी करना”

डॉली अपनी गांड हिलाने लगी ताकि अपने जीवन के पहले लंड को मजे से बुर में ले कर आनंद सके.

“डॉली तुम्हें तो कोई भी करना चाहेगा. तुम हो इतनी सुन्दर और हॉट. मैं तो कब से इस फिराक में था. भला हो कोमल का की आज ये हो गया….आह…आह…”

डॉली ने बोला,

“ओह पापा आपका लंड मेरी बुर में बड़ा अच्छा लग रहा है. मुझे यकीन नहीं हो रहा की ये सब हो रहा है. आह…उई….पूरा अन्दर डालो न…”

डॉली जोर से आनंद में चिल्लाने लगी और और झड गयी. रंगीला बस यही मना रहा था की कहीं इस मजे के चीख पुकार में मिनी न जाग जाए. पर मिनी के नींद पडी पक्की थी. अरे जाग भी गयी तो क्या होगा वो भी इस खेल में शामिल हो जायेगी.

रंगीला अभी भी धीरे धीरे लंड पेल रहा था. डॉली मानों एक बार और झड़ने को थी. वो बोली,

“ओह पापा आपका लंड बड़ा मस्त है. कोमल ने सही बोला था की मुझे आपसे चुदाई पसंद आयेगी.

पापा चोदो मुझे जोरों से ……. ”

वो फिर से झड गयी..

रंगीला भी इस बार झड चुका था. उसने अपना लंड निकाल लिया.

डॉली ने पूछा, “बहुत अच्छे पापा, आप मुझे सिखाओगे की लंड कैसे चूसते हैं?”

“बिलकुल”

“और क्या आप मेरे चुतडो को भी चोदोगे?”

“हाँ. लगता है तुमने और कोमल ने सारी की सारी चीजें कवर करी है आज रात.”

“बिलकुल पापा… और क्या आप मेरी चाटोगे?”

“हाँ जी बेटा, हम और भी कई सारी चीजें करेंगे. हो सके तो तो तुम्हारे मम्मी को भी इस खेल में शामिल करेंगे.

और जल्दी ही और लोगों को भी शामिल करेंगे.”

“पापा, कोमल आपसे चुदना चाहती है.”

“मुझे मालूम है.”

“हम्म.. जब आप उसे उसके घर ड्राप करने गए, तो क्या आपने उसे चोदा पापा?”

“एकदम सही”

“ओह ये तो मजे की बात है. पापा क्योंकि आपने उसे चोदा, बदले में क्या मैं उसके पापा को छोड़ सकती हूँ.. कोमल कह रही थी उसके पापा मस्त हैं.”

 
“जरूर. जय को भी तुम पसंद आओगी. किसी दिन उन्हें अकेले देख कर कर उन्हें बोल देना इस बारे में. शायद तुम्हें बोलने की जरूरत न पड़े… कोमल बता देगी उन्हें. जय को तुन्म्हारी टाइट चूत चोदने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए.”

“कोमल ने बताया था की उसके पेरेंट्स कभी कभी अपने घर पर सेक्स पार्टी करते हैं. जिसमें सारे लोग नंगे होते हैं और सारी की सारी रात हर कोई हर किसी को चोदता है या चूसता है. ये तो बड़ी मजेदार पार्टी है. क्या आज रात आप लोगों ने वैसी ही पार्टी की. कोमल को लग रहा था की आप लोग कुछ ऐसा ही कर रहे होंगे”

“कोमल बिलकुल ठीक सोच रही थी.”

“हम्म……”

फिर रंगीला ने डॉली को शाम के सारे डिटेल्स बताये.

“पापा अगली बार मैं भी चलूंगी. कोमल कह रही थी की उसके मम्मी डैड उसे उसे वो वाली पार्टी में आने देते हैं. एक पार्टी में उसे उसके पापा के अलावा 4 और लोगों ने चोदा था. और कई लड़कियों ने उसे चूसा था.

“हम्म… मैं और तुम्हारी मम्मी बात करके तय करेंगे की तुम्हारा अभी इन पार्टी में जाना ठीक है की नहीं. अभी पहले तो उसे आज रात के बारे में बताना है. बस वो कहीं अपसेट न हो जाए इस बात से. पर शायद नहीं होगी. क्योंकि मेरी तरह वो भी तुमसे सेक्स करना चाहती है. तुम्हारी मम्मी बड़े ओपन है और आजा की रात ने उसे और भी ओपन कर दिया है.”

“पापा, मम्मा और सुनीता आंटी का 69 सोच कर ही गुदगुदी हो रही है. मैं भी मम्मी के साथ 69 करूंगी.”

“हाँ बेटा, मुझे तुम दोनों को देख कर बड़ा मज़ा आएगा.”

रंगीला ने इसके बाद डॉली को लंड चूसने का प्रैक्टिकल दिया. डॉली ने उसे तब तक नहीं छोड़ा जब तक लंड ने उसके मुंह में अपना रस भर नहीं दिया.

रंगीला अब अपने बिस्तर पर लौट आया. मिनी को अपनी बाँहों में समेत कर वो कब सो गया उसे पता ही चला.

अगली सुबह जब रंगीला उठा, मिनी बिस्तर पर बैठ कर उसे बड़े प्यार से देख रही थी. जैसे ही रंगीला ने आँखें खोलीं, मिनी ने कहा,

“आय लव यू डार्लिंग.”

“आय लव यू टू मिनी.”

“रंगीला डार्लिंग, मुझे तुम्हारा इतना सिक्योर होना बड़ा अच्छा लगता है. शायद इसी लिए तुम्हें मेरा गैर मर्दों से चुदने से कोई ऐतराज़ नहीं है. मुझे कल रात गज़ब का मज़ा आया. अब मुझसे आज रात का इंतज़ार हो पाना मुश्किल हो रहा है. मुझे तो अब बस मज़े करने हैं.. खैर वो छोडो तुम कोमल के साथ अपने टहलने के बारे में बताओ. जिस तरह से तुम उसे देख रहे थे, मुझे लगा रहा था की तुम उसे जल्दी ही चोदने वाले हो. क्या तुमने उसके साथ कुछ किया.”

“हाँ जी मैडम, कल उनके एंट्रेंस पर ही उसे चोद डाला. वो बड़ी मजेदार लडकी है. लंड तो ऐसे चूसती है जैसे कोई प्रो हो. एक्चुअली उसे उसके पापा जय की ट्रेनिंग जो मिली है. गौराव कोमल को नियमित रूप से चोदता है. कोमल उन लोगों को पार्टी में भी आती है.”

“ओह .. ये तो बड़ी हॉट बात है, ओह रंगीला डार्लिंग, कोमल को चोद कर टीमने कमाल का काम किया. अब मैं जब भी उनके एंट्रेंस के बारे में सोचूंगी, तुम्हारी और कोमल की चुदाई मुझे याद आयेगी…… जय अपनी खुद के बेटी चोदता है? वाव, मजा आ गया जान कर. अगली बार जब वो कोमल को चोदे, मैं देखना चाहूंगी.

क्या कोमल आज हमारे यहाँ आयेगी? मैं उसकी बुर चाटना चाहती हूँ जय.”

“हो सकता है, अगर हम डॉली के मनोरंजन के लिए कुछ इंतज़ाम कर दें तो.”

“हाँ, सोचो कोमल और डॉली एक ही उम्र के है. अगर डॉली कोमल की तरह हो तो तुम क्या करोगे रंगीला?”

“डार्लिंग, असल में तुम सोच सकती हो त्रिशा उससे कहीं ज्यादा कोमल जैसी है. कोमल डॉली को इस सब चीजों की शिक्षा देती रही है. मुझे उम्मीद है की अब जो मैं तुम्हें बताने वाला हूँ वो तुम खुले दिमाग से सुनोगी. जब मैंने कोमल को चोदा. उसके होठों पर से किसी के चूत की गंध आ रही थी. मैं समझ गया कि वो रस डॉली की चूत का था. बाद में मैंने कोमल से कन्फर्म भी किया तो उसने बताया की जब तुम और सुनीता एक दुसरे की चूत को चाट रहे थे, तुम लोगों की बेटियां यहाँ वही कमाल कर रही थीं.

“ओह रंगीला, सही कह रहे हो न?”

“हाँ, एकदम यही हुआ है”

“लगता है बिलकुल अपनी मम्मी पर गयी है डॉली. रंगीला, हमने मजाक में काफी कुछ कहा इस बार में पहले. पर क्या सच में तुमने कभी डॉली को चोदने के बारे में सोचा है?”

“हाँ.”

“मैंने भी, वो इतनी सुन्दर है और उसका बदन इतना सेक्सी है. क्या डॉली को पता है की कोमल अपने बाप से चुदती है.”

“हाँ.”

“ओह शिट रंगीला, इस डिस्कशन से मैं और गर्म होती जा रही हूँ. मेरी चूत से पानी टपकने लगा है. क्या टीम डॉली को चोदोगे रंगीला?”

“हाँ.”

“मैं भी.”

“मुझे कुछ और भी बताना है. मैंने अपनी बेटी को कल रात में चोद दिया.”

रंगीला ने सारी की सारे घटना विस्तार से मिनी को सुनाई.

“ओह शिट रंगीला. ये तो कमाल ही है… मैं तुम्हें उसको चोदते हुए देखना चाहती हूँ…. मैं देखना चाहती हूँ कैसे तुम अपनी बेटी को चोदते हो..मैं उसकी जवान बुर की छोसना चाहती हूँ ..और मैं उससे ओनी चूत चुस्वाना चाहती हूँ…कितने समय से हम उस बारे में बस बात ही करते थे…अब समय आ गया …चलो चले के डॉली को जगाते है…चलो न…”

मिनी हाल में भागते हुए डॉली के रूम की तरफ जाने लगी. उसने शायद ये ध्यान भी नहीं दिया की उसने जागने के बाद कपडे नहीं पहने हैं..और वो पूरी की पूरी नंगी थी…और रंगीला भी पीछे पीछे नंगा दौड़ा चला आया. डॉली अपने बिस्तर पर नंगी टाँगे फैला कर लेते हुई थी. मिनी बिस्तर के एक तरफ बैठी और रंगीला दूसरी ओर.

मिनी ने एक उंगली से डॉली की बुर को सहलाना शुरू कर दिया. बुर गीली थी सो वह थोड़ी सी उंगली उसकी बुर में भी डाल देती थी. बुर काफी टाइट थी. मिनी ने पूछा,

“इसकी बुर इतनी टाइट है, इसमें तुम्हारे मोटा लंड कैसे घुसाया तुमने?”

“औरत की चूत में कुदरत का करिश्मा है. ये मोटे से मोटा लंड ले सकती है जानेमन. आखिरकार बेटी तो तुम्हारी ही है ना?”

मिनी ने अब अपनी दो उँगलियाँ डॉली की चूत में डाल दीं थीं. डॉली की नींद अब खुल गयी थी. उसने बाएं से दायें अपनी नज़र घुमाई और मम्मी को भी अपने खेल में शामिल होते देख कर बड़ी खुश हुई.

“मम्मी अच्छा लगा रहा है, करते जाओ.”

“तुम्हारे पापा ने मुझे सब बता दिया है.”

मिनी ने अपना मुंह डॉली की बुर के मुहाने पर लगा दिया और लगी चूसने.

रंगीला ने अपना लंड डॉली के मुंह में दे दिया. डॉली मोटा लंड अपने मुंह में ले कर मजे से चूसने लगी. इधर नीचे मिनी डॉली की बुर के आस पास का इलाका, गांड का छेद सब कुछ चाट रही थी. डॉली तुरंत झड गयी, पर उसने अपने पापा का लंड चाटना नहीं छोड़ा.

बाद में तीनों ने एक साथ शावर में नहाया. शावर में रंगीला ने डॉली को चोदा. जब वो उसे छोड़ रहा था. मम्मी मिनी अपनी बेटी की चूत चूस रहें थीं.

इस तरह से पूरा दिन पारिवारिक खेल में बीता. रात में रंगीला ने मम्मी और बेटी दोनों की चूत मारी और गांड मारी. एक पोज में जब मम्मी बेटी एक दुसरे के ऊपर 69 कर रहे थे. रंगीला अपना लंड थोड़े देर मिनी की चूत में डाल के चोदता था फिर निकाल कर चल के दुसरे किनारे पर आ कर उसे त्रिधा की गांड में पेल देता था. चुदाई के तरह की क्रीड़ायें करते हुए परिवार एक ही बिस्तर पर सो गया.

सुबह का सूरज निकला. परिवार में किसी को पिछले 48 घंटे में कपडे पहनने की जरूरत नहीं महसूस हुई थी. डॉली अपने मम्मी डैड के लिए चाय बना कर लायी. और पूछा,

“क्या आज पडोसी हमारे यहाँ आ रहे हैं?”

“हाँ. मैं फोन कर के कन्फर्म कर देत़ा हूँ अभी”

“क्या मैं आप लोगों की पार्टी में आ सकती हूँ आज प्लीज?”

मिनी और रंगीला ने एक दूसरे की तरफ देखा और बोला,

“हाँ पार्टी में तो आ सकती हो, पर पहले हम दोनों से एक एक बार चुदना होगा चाय पीने के बाद”

परिवार के तीनों लोग इस बात पर हंसने लगे.

 
अगले दिन पार्टी में बहुत हंगामा हुआ . जय ने मिनी और डॉली की दमदार चुदाई की और रंगीला ने सुनीता और कोमल की चूत और गान्ड चोद चोद कर लाल कर दी . जब चारों लोग चुदाई करते करते थक गये तो आराम से बैठ कर आपस में बातें करने लगे .

सुनीता -; रंगीला डार्लिंग आज तो इतना मज़ा आया कि मेरी मेरी एक एक नस दुख रही है

जय-; हाँ यार मुझे भी आज मिनी और डॉली के साथ चुदाई करके जन्नत मिल गई इतना मज़ा तो आज तक नही आया

कोमल-; मिस्टर वी क्या मैं आपसे कुछ पूछ सकती हूँ ?

रंगीला-; हाँ जान पूछो क्या पूछना चाहती हो .?

कोमल-; मिस्टर वी आप और मिनी आंटी ने सबसे पहले ग्रूप सेक्स पहली बार कब कैसे किया था

रंगीला-; पर तुम ये क्यों जानना चाहती हो ?

कोमल-; मिस्टर वी जैसा सेक्स आपने मेरे साथ किया वैसा पापा के किसी दोस्त के मैने नही किया . आपके साथ सेक्स करके मुझे बहुत मज़ा आया और इतना एक्सपीरियंस मैने किसी में नही देखा .

सुनीता-; मिनी तुम समझाओ ना रंगीला को .

मिनी-; अरे मैं क्या समझाऊ ?

सुनीता-; जो कोमल जानना चाहती है . हम सब ये जानना चाहते हैं कि तुम दोनों ने पहली बार ग्रूप सेक्स कब किया था .

जय-; हाँ रंगीला भाई मैं भी ये जानना चाहता हूँ प्लीज़ बताइए ना

रंगीला-; ओके ओके ठीक है मैं और मिनी अपनी कहानी बताने के लिए तैयार हैं .

कोमल-; मिस्टर वी तो जल्दी बताइए ना जल्दी से .

रंगीला-; कोमल पहले यहाँ आओ मेरे पास और मेरी गोद में आकर बैठो .

कोमल ने एक बार अपने मम्मी पापा की तरफ देखा और बिना कुछ कहे रंगीला की गोद में आकर बैठ गई .

रंगीला ने कोमल के होंठों पर अपने होंठ रखे और लंबा सा स्मूच किया और दोनो हाथो से कोमल की गुदाज चुचियों को

सहला कर बोलना शुरू किया .

रंगीला-; कोमल जैसे कि मैं अब अपनी कहानी शुरू करने जा रहा हूँ तो पहले भी बता दूं कि मेरी इस कहानी में भी एक और कोमल है .

कोमल-; मिस्टर वी ये कोमल कौन है ?

मिनी- कोमल इनके चचेरे भाई आरके की पत्नी है हमारी शुरुआत उन्ही लोगों के साथ हुई थी .

सुनीता-; रंगीला जी अब सबर नही होता आप अपनी कहानी शुरू करो ना देखो जय का लंड कोमल के नाम से कैसे खड़ा हो गया है .

जय-; रंगीला भाई अब शुरू भी करो यार मुझे अभी मिनी और डॉली की चुदाई करने को मन हो रहा है

रंगीला अपनी कहानी शुरू करता है .................

 
यह वो शाम थी, जब मेरा बुआ का लड़का आरके जो मेरा हमउम्र ही है, मेरे घर आया।

वो भोपाल में रहता है।

शाम की ट्रेन से जब वो घर आया तो काफी अँधेरा हो चुका था। मैं तो बालकनी में खड़ा-खड़ा काफी देर से उसी का इंतज़ार कर रहा था। जैसे ही वो आया, मेरी ख़ुशी दुगनी हो गई।

बचपन में हम दोनों बहुत समय साथ गुज़ारते थे, अब हम दोनों को ज्यादा समय नहीं मिलता।

पहली सिगरेट, पहली बियर यह सब हमने साथ साथ ही शुरू किया था।

घर आते ही उसने मेरी बीवी के पैर छुए और मुझसे गले मिला, मैंने कहा- कमीने, मेरे भी पांव छू!

तो वो बोला- क्यों भाभी के सामने गाली खाने के काम करता है? तेरे थोड़े ही न पाँव छूऊँगा।

हंस कर हम लोग सोफे पर बैठ गए।

घर में घुसते ही पहला कमरा हमारा ड्राइंग रूम है, उसमें 56 इंच का टीवी से लैपटॉप कनेक्ट किया हुआ है, जिससे मूवी लैपटॉप पर न देखकर बड़ी स्क्रीन पर देख सके।

सोफे केवल 2 सीटर ही हैं।

एक छोटा सा कालीन एक कांच की सेंटर टेबल!

घर देखकर आरके बोला- भाई, तूने घर तो बड़ा सही बना रखा है।

बोलते बोलते वो अपनी सामान भी खोलता जा रहा था।

मैंने कहा- भाई, सब ऊपर वाले का करम है।

उसने बैग से एक सूट निकला जो बुआ ने भोपाल से मेरी बीवी के लिए भेजा था।

मेरी पत्नी भी वहीं बैठी थी, उसने सूट मेरी पत्नी मिनी को दिया।

मिनी सूट देखकर खुश हो गई।

आरके कुछ मिठाई वगैरह भी लाया था। मैंने आरके से पूछा- भाई चाय पियेगा या खाना खाकर चाय पियेगा।

वो बोला- यार, सफर में थक गया हूँ, पहले चाय पीते हैं, फिर आगे का बाद में देखेंगे।

जब तक मिनी चाय बना रही थी, हमने घर परिवार सबको लेकर बात करते रहे।

जैसे ही चाय आई, मैंने मिनी को बोला- हम अपनी चाय लेकर ऊपर छत पे जा रहे हैं।

हम चाय के साथ सुट्टा मरना चाहते थे इसलिए छत पे आ गये थे।

चाय पीते सुट्टा मारते हुए बातें शुरू हुई। आरके बोला- यार तू तो बहुत कमीना है, ये तो नहीं कि बियर वियर पिलाए… ऊपर से पूछ रहा है कि खाना खायेगा?

मैं क्या करता… हंस कर रह गया।

मैंने कहा- चल भाई बियर ले आते है।

मैंने नीचे पहुंच कर अपनी पत्नी मिनी को सलाद, फल और कुछ नमकीन मेवे का इंतज़ाम करने को बोल दिया। मैं और आरके दोनों बियर लेने चले गए, रास्ते से एक तंदूरी मुर्गा भी पैक करा लाये।

घर आकर मैंने बियर बोतल फ्रिज में रख दी और नहाने चला गया तब तक आरके ने youtube पर कुछ अच्छी गज़ल्स का कलेक्शन ढूंढ के रख लिया।

यह हमारा बहुत पुराना स्टाइल है बियर या व्हिस्की पीने का।

जब तक मैं नहा कर आया पूरा इंतज़ाम हमारी सेंटर टेबल पर हो चुका था। मैं तौलिये में ही सोफे पर जाकर बैठ गया, ग़ज़ल चालू हो गई और चियर्स हुआ।

मिनी सारा सामान रखकर खाने की तैयारी के लिए किचन में चली गई जो ड्राइंग रूम से ही लगी हुई है, वहाँ से दिखता कुछ नहीं है पर सुनाई सब देता है।

पहली बोतल खत्म होने के बाद आरके बोला- रंगीला भाई, मज़ा आ गया, बहुत दिनों बाद आत्मा शांत हुई है।

और बोलते बोलते सिगरेट जलाने लगा।

मैंने उसे रोका, मैंने कहा- मैं घर के अंदर सिगरेट नहीं पीता हूँ, या तो छत पे चल या बालकनी में।

तो उसने बोतल उठाई और बालकनी में आ गया।

मैंने सिर्फ तौलिया ही पहना हुआ था पर क्योंकि बालकनी में कपड़े सूखने के लिए डाले हुए थे इसीलिए कोई ख़ास प्रॉब्लम नहीं थी।

रात के लगभग 9 बज रहे थे।

हम एक ही में से शेयर करके सिगरेट पीते थे तो आज भी हम वैसे ही पी रहे थे।

मैंने उसकी तरफ सिगरेट बढ़ाया ही था और एक हाथ में बोतल थी, तब तक मेरा तौलिया गिरने लगा।

मैंने कोहनी से जैसे तैसे सम्भाला पर जो दिखना था वो तो दिख गया।

उसने बड़े आराम से मेरे लण्ड को देखकर सिगरेट अपने हाथ में ली और बड़ा सा काश मुंह में भरा।

तब तक मैं बोतल साइड में रखकर तौलिया सही करने लगा।

आरके बोला- भाई, तेरा लण्ड तो पहले से काफी बड़ा हो गया है।

आरके और मैं शादी से पहले एक दूसरे की मुट्ठ मार दिया करते थे और मुखमैथुन भी करते थे।

मैंने कहा- तुझे सोते लण्ड में भी साइज दिख गया गांडू? साइज अच्छा लग रहा है तो अपनी गांड में ले ले।

उसने धीरे से पूछा- भाभी को तूने हम दोनों के पास्ट के बारे में बताया है?

मैंने उसको बोला- नहीं बे… तू मुझे मरवाएगा।

आरके मजे लेते हुए बोला- आज मेरे ही पास सो जा, रात भर अच्छी सा ओरल सेक्स करेंगे।

मैंने कहा- आईडिया बुरा नहीं है, let me try.

फिर मैंने उसे बोला- साले तेरी भी शादी हो गई, क्या हम अभी भी इसे एन्जॉय करेंगे।

आरके ने कहा- तो मैं कौन सा अपनी बीवी के साथ आया हूँ। अच्छा लगे तो ठीक नहीं तो भाभी के पास चले जाना।

मैंने अंदर आकर 2 और बोतल निकाली और दोनों भाई बैठकर पीते रहे।

बीच बीच में मिनी का ध्यान रखते हुए हम एक दूसरे को टच भी कर रहे थे।

मैं तो तौलिये में था इसलिए वो सीधा मेरा लण्ड ही सहला देता था पर मैं उसकी जीन्स के ऊपर से ही सहला रहा था।

मैंने उसको धीरे से बोला- जल्दी से खाना खा लेते हैं जिससे मिनी के काम खत्म हो जायेंगे, वो सो जाएगी और हम मस्ती मार लेंगे।

तो उसने थोड़ी बुलंद आवाज़ में मुझसे कहा- भाई खाना खाते हैं। अब और पीना होगी तो खाने के बाद थोड़ी जगह बचा लेना।

मिनी ने अंदर से आवाज़ लगाकर बोला- अभी लगाती हूँ आपके लिए खाना।

हम दोनों ने फटाफट खाना खत्म किया। जब तक मिनी खाना खा रही थी, हम दोनों बालकनी में सिगरेट पीने चले गए।

अब सालों बाद मिले थे, शादी के बाद बदल गए होंगे, सोच कर अभी तक कोई हरकत नहीं कर रहे थे।

पर अब तो वो मेरे तौलिये में नीचे से हाथ डाल के मेरी जांघें और टट्टे सहला रहा था। तौलिये में तम्बू बन हुआ था, मैंने उसको मना किया- भाई थोड़ा सब्र कर अभी, उसको तम्बू दिख गया तो पता नहीं क्या सोचेगी।

मैं अपने आपको कंट्रोल करके कैसे तो भी अंदर आया, थोड़ी देर बैठे रहे, फिर मिनी ने पूछा- भैया कहाँ सोएँगे? इनके लिए बिस्तर लगा देती हूँ।

मैंने कहा- यहीं कालीन पर गद्दा और चादर बिछा देते हैं।

आरके बोला- जहाँ आप लोग ठीक समझें।

 
मैं जब बैडरूम में बिस्तर लेने गया तो मिनी बोली- आपको बिलकुल शर्म नहीं आती? 3 घंटे से ऐसे ही टॉवल में बैठे हो, भैया क्या सोच रहे होंगे। जाओ आप पहले कपड़े पहनो और में बिस्तर लगा देती हूँ।

मैंने मिनी को बोला- लड़के इतना नहीं सोचते और अब वैसे ही रात हो गई है।

थोड़ा सा रोमांटिक अंदाज़ में बोला- अब तो वैसे भी रात हो गई है, अब तो कपड़े उतारने का समय है न कि पहनने का।

और मिनी के होंठों पे ज़बरदस्त सा किस कर दिया।

उसने मुझे हटाते हुए धीरे से कहा- भैया देख लेंगे, आपको तो शर्म नहीं आती।

खैर, मैंने बाहर आकर बिस्तर लगा दिया और मिनी को बोला- तुम सो जाओ, हम तो इतने दिनों बाद मिले हैं, काफी बातें है करने को। इतने में आरके हंसते हुए बोला- भाभी, आप भी बैठो, थोड़ी गप्पें लड़ाते हैं।

मैं सोफे पर बैठा था, आरके नीचे बिस्तर पे और बीवी सोफे के साइड में जो हाथ रखने के लिए होता है उस पर बैठ गई।

थोड़ी बहुत देर इधर उधर की बातों के बाद मिनी ने आरके से इजाज़त ली और कहा- आप लोग बात करिये, मैं थोड़ा थक गई हूँ, आराम कर लेती हूँ।

मैंने आरके को धीरे से कहा- मैं अभी आया ज़रा गुड नाईट बोल कर और आँख मार दी।

मैंने कमरे में आते ही बीवी को पीछे से बूब्स से पकड़ लिया और गले पर काटने और किस करने लगा।

बीवी ने भी मुझे प्यार से किस किया और अपनी गांड मेरे खड़े लण्ड को टॉवल के ऊपर से ही रगड़ने लगी।

मैंने पीछे से ही उसकी शॉर्ट्स में हाथ डाला और पैंटी के ऊपर से ही मिनी को सहलाने लगा।

हम दोनों ही काफी गर्म हो चुके थे, मैंने धीरे से मिनी से पूछा- एक क्विकी हो जाए?

उसने जबाब न देते हुए सिर्फ मेरे होंठों से होंठों को लगा दिए।

मैंने भी अपना हाथ थोड़ा गहराई में ले जाकर अब उसकी चिकनी चूत पर सहलाना शुरू कर दिया।

हम अभी तक बेड के पास ही खड़े हुए थे, बाहर से थोड़ी रोशनी अंदर आ रही थी।

हम अपनी आवाज़ पूरे कंट्रोल में करे हुए थे।

मैंने मिनी को बेड पर धक्का देकर उसे उल्टा लेटा दिया और उसके शॉर्ट्स और पैंटी उतार के सीधा लण्ड उसकी चूत में डाल दिया।

वो कामाग्नि में पूरी तरह जल रही थी और मेरे लण्ड पे तो काफी देर से दुलार हो ही रहा था।

हमने थोड़ी देर ऐसे ही चुदाई का आनन्द लिया, बिना आवाज़ किये।

पर अब इच्छा और भी ज्यादा तीव्र हो चुकी थी, हम दोनों का ही क्विकी से कोई काम नहीं चलना था, मैं उसके ऊपर से उठ कर खड़ा हो गया।

उसने मेरी तरफ देखा, मैंने दरवाज़ा बंद किया और कुण्डी लगा दी और नाईट लैंप ऑन कर दिया।

मिनी अब तक बिस्तर पर ही सीधी हो गई थी, मेरे सामने उसकी चूत थी और उससे काफी पानी बहता दिख रहा था। उसकी जांघें भी थोड़ी गीली होने की वजह से चमक रही थी।

मैं मिनी के ऊपर लेट गया और उसके कान पर काटते हुए बोला- ऐसे काम नहीं चलेगा डार्लिंग, थोड़ा जम के चुदाई हो जाए?

मिनी थोड़ा मुस्कुराई और मुझे हटाते हुए बोली- पहले उनको सुला के आ जाओ, मैं तो पूरी रात आपको ही हूँ। आप जाओ, जब आप आओगे, मैं आपको चादर में नंगी ही सोती हुई मिलूंगी, आप आकर मुझे बहुत सारा प्यार कर लेना।

मैंने कहा- मिनी, घर में एक ही बाथरूम है, जो इसी रूम के आगे है और बाथरूम तो वो भी उपयोग करेगा न… इसलिए कपड़े पहन लो, हम कल सुबह मस्ती मार लेंगे। वैसे भी अगर मैं तुम्हें भूखा छोड़ दूंगा तो तुम पूरे दिन मुझे अच्छे अच्छे पोज़ देती रहोगी, जो मुझे बहुत अच्छा लगता है।

मिनी ने कहा- आप भैया को कंपनी दो, और हाँ, यह दरवाज़ा बाहर से बंद कर देना जिससे रोशनी अंदर न आये, अगर मैंने बंद किया तो जब आप आओगे तो मेरी नींद ख़राब होगी।

मैं तो आया ही इसी साजिश में था। मैंने मिनी के जोर बूब्स दबाए और चूतड़ों पे एक चटाक लगा कर बाहर आ गया, बाहर के कमरे का भी दरवाज़ा और पर्दा लगाया और आकर सोफे पे बैठ गया।

आरके बोला- भाई, तूने बड़ी देर लगा दी?

मैंने आँख मारते हुए कहा- तेरी भाभी को भी तो सुलाना था, इंजेक्शन दे दिया है, अब उसे अच्छी नींद आएगी।

वो बिस्तर पे ही लगभग रेंगता हुआ मेरे पास आया और मेरे टॉवल के अंदर मेरे भीगे हुए आधे सोते हुए लण्ड को जांघों से सहलाते हुए पकड़ने पहुँचा।

जैसे ही गीलापन आरके के हाथों पे लगा उसने हाथ वापस खींच लिया और बोला- इसे धो तो लेता!

मैंने आरके को बोला- गीलेपन को टेस्ट तो कर और बता टेस्ट कैसा है?

उसको मेरी बात जंच गई, उसने मेरा टॉवल हटाया। अब मैं शादी के बाद दूसरे इंसान के सामने पूरी तरह नंगा हुया हूँ, मुझे थोड़ा सा अजीब लग रहा था क्योंकि अभी आरके पूरे कपड़े पहने मेरे बदन के साथ खेलने की कोशिश कर रहा था।

शादी से कई साल पहले हम एक दूसरे को इस तरह देखा करते थे, तब हम इतने छोटे भी नहीं थे, एक दूसरे का लण्ड चूसना और मुट्ठ मारने में मदद करते थे।हमारी गर्ल फ्रेंड्स भी थी पर फिर भी मुखमैथुन का जो मज़ा हम एक दूसरे को दे पाते वो हमे किसी भी लड़की से नहीं मिलता था।

वो अपने होंठ मेरे अंडकोष के पास ले गया, वो भी गीले थे।

मेरे मुंह से सिसकारी निकाल गई जब उसने अपनी जीभ से मेरे अंडकोष और आसपास के इलाके को साफ़ करना शुरू किया।

मेरी आँखें बंद थी, मैं उन पलों का मज़ा लेना चाहता था।

मेरे मुंह से अकस्मात ही निकल गया- क्यों, मिनी का टेस्ट कैसा लगा?

उसने मेरा लण्ड अपने मुंह में डाला और जीभ से अंदर ही अंदर मेरे लण्ड के टोपे को सहला रहा था, मेरा सवाल सुन कर उसने लण्ड मुंह से बाहर निकाला, बोला- यार, मिनी भाभी का पानी तो बहुत ही स्वादिष्ट है।और फिर से मेरे लण्ड को ऐसे चूसने लगा जैसे वो पागल हो गया हो।

मैंने उसको बोला- आरके, तू भी अपने कपड़े उतार ले, दोनों मजे लेते हैं।

उसने फिर से मेरे लण्ड को बाहर निकाला और लगभग डांटते हुए बोला- यार तू डिस्टर्ब मत कर, मुझे पता है तेरा पानी निकल गया तो तू मुझे नहीं चूसेगा पर डोंट वरी, लेट मी एन्जॉय द टेस्ट… और तू पूरा पानी मेरे मुंह में ही निकाल देना, बहुत सालों से तेरा पानी नहीं पिया है मैंने! And now just enjoy and dont disturb me.

मैं भी अब उसकी तगड़ी वाली चुसाई का मजा लेने लगा। उसने मेरे लण्ड को फिर बाहर निकाला, मेरी टाँगें ऊपर उठा दी और मेरे गांड के छेद में अपनी जीभ से सहलाने लगा। ऐसा मेरे साथ इससे पहले कभी नहीं हुआ था।

मुझे अजीब ज़रूर लग रहा था पर मुझे अच्छा भी लग रहा था।

अब उसने मेरी गांड के छेद को बिल्कुल चूत की तरह चाटना शुरू कर दिया। मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगा मेरे मुंह से आवाज़ निकलने ही वाली थी कि मैंने अपना टॉवल अपने मुंह में डाल लिया जिससे आवाज़ न निकले।

वो लगातार अपने हाथों से मेरी बॉल्स को सहला रहा था और मेरी गांड चाट रहा था। मैं बहुत कोशिश कर रहा था कि मेरा पानी न निकले पर पानी तो छूटने ही वाला था, मैंने अपने हाथ से उसका सर उठाया और अपने लण्ड को उसके मुंह में डाल दिया क्योंकि मुझे उसके मुंह में ही आना था।

मैंने अपनी सारी मलाई उसके मुंह में डाल दी।

उसने मलाई पूरी निगलने के बावजूद थोड़ी और देर मेरे लण्ड को अपने मुंह में ही रखा, फ़िर मुंह की सारी मलाई मेरे टॉवल पर थूक दी और फिर से मेरे लण्ड को मुंह में लेकर चूसा और फिर बची खुची मलाई भी टॉवल पर थूक दी।

उसने कहा- अब एक एक सिगरेट हो जाये क्योंकि तू तो मुंह में लेगा नहीं, तेरा काम तो हो गया।

वो फ्रिज से एक बोतल पानी की ले आया और बालकनी में जाने लगा, मैंने तब तक दूसरा टॉवल उठाया, सिगरेट उठाई और उसके पीछे चल दिया।

उसने बाहर बालकनी में कुल्ला किया और थोड़ा पानी पी लिया। मैंने भी पानी पीया, थोड़ा साँसें नार्मल हुई।

रात के 1:30 बज चुके थे कॉलोनी की गली में काफी सन्नाटा था। मैंने सिगरेट जलाई और चुप्पी तोड़ते हुए चुटकी लेते हुए कहा- यार आरके, तूने तो दिलखुश कर दिया, तुझे तो प्रोफेशनली यह काम शुरू कर देना चाहिए।

वो सिर्फ मुस्कुरा रहा था, कुछ नहीं बोला और सिगरेट पीने लगा।

मैंने उसके जीन्स का बटन खोलते हुए कहा- तेरा लण्ड तो अब तक काफी गर्म हो चुका होगा।

उसकी जीन्स की चैन भी खोल दी और उसकी अंडरवियर के अंदर हाथ डालने लगा।

उसने बिना किसी रिएक्शन के ये सब होने दिया।

 


मैंने जब हाथ में उसका लण्ड लिया तो वो पहले से काफी बड़ा था और हम दोनों का ही साइज लगभग एक सा था। मैंने उसकी जीन्स और अंडरवियर घुटने तक उतार दी, अँधेरा और सुनसान गली का फायदा उठाते हुए मुट्ठ मारने लगा।

वो सिगरेट पीते हुए मुट्ठ मरने को शायद एन्जॉय कर रहा था।

मैंने उसके अंडकोष सहलाए और जड़ से उसके लण्ड को अच्छे से मुट्ठ मारने की कोशिश करने लगा।

वो धीरे धीरे तेज़ साँसें लेने लगा, फिर बोला- यार मैं लेट जाता हूँ, तू अच्छे से मेरी मुट्ठ मार दे। इतनी देर से खड़ा लण्ड अब और सहन नहीं होता।

हम कमरे में आ गये, मैंने सब दरवाज़े खिड़की बंद किये, दुबारा चेक किया कि मिनी का कमरा बंद है और जब मैं लौटकर आया तब तक आरके अपने बिस्तर पे नंगा लेट चुका था और अपने हाथ से धीरे धीरे अपने लण्ड की मसाज कर रहा था।

मैं उसके बगल में जाकर बैठा और उसके लण्ड को पकड़ कर धीरे धीरे अच्छी सी मसाज देने लगा।

अब वो धीरे धीरे और तेज़ साँसें लेने लगा, वो मुझसे बोला- भाई तेरे को एक बात बोलूं बुरा तो नहीं मानेगा?

मैंने कहा- बोल यार बोल!

मेरे हाथ नहीं रुके बिल्कुल, क्योंकि मुझे याद था की उसे मुट्ठ मारते वक़्त गन्दी गन्दी बातें करके और मज़ा आता है।

आरके बोला- यार, मैं जब तक यहाँ हूँ, तू मुझे भाभी का पानी चखा सकता है जैसा आज चखाया था, बहुत टेस्टी पानी है।

मैंने कहा- क्यूँ नहीं, रोज़ उसकी चूत में अपना लण्ड डाल कर तुझे चुसाने आ जाऊंगा।

उसने मेरे हाथ पे अपना हाथ रखा और हिलाने को रोक दिया और बहुत गम्भीर होकर पूछा- यार मैं मज़ाक नहीं कर रहा, हवस के नशे में नहीं बोल रहा, मुझे मिनी भाभी का टेस्ट बहुत ही ज्यादा अच्छा लगा।

मैं थोड़ा सीरियस हुआ पर फिर मैंने उसका लण्ड हिलना शुरू कर दिया और कहा- तू चिंता मत कर… तेरा भाई तेरी यह इच्छा पूरी करने की पूरी कोशिश करेगा।

अब तक मेरा लण्ड भी अपनी औकात में दुबारा आना शुरू कर चुका था।

इतने में ही उसने मेरी गांड से लेकर जांघ और अंडकोष सब अपने हल्के हाथ से सहला दिए।

मैंने उसको कहा- अब 69 में आ जाते हैं, अब मेरा तेरा लौड़ा चूस सकता हूँ।

वो खुश हो गया।

हम दोनों 69 में एक दूसरे का लौड़ा और गांड का छेद दोनों चूस और चाट रहे थे।

उसने कहा- रंगीला गांड को अच्छे से चाट जैसे कोई चूत हो, तुझे भी मज़ा आएगा और मुझे भी।

मैंने जैसे आदेश मिले, वैसा ही किया।

थोड़ी ही देर में हम दोनों ने बहुत सारी मलाई छोड़ दी, फिर मेरे पुराने टॉवल से उसे साफ़ कर दिया।

मैंने उसको बोला- अब तू सो जा… मैं भी सोने जा रहा हूँ।

और मैं वापस अपने कमरे में आकर अपनी नंगी बीवी से नंगा ही चिपक कर सो गया।

सुबह जब आँख खुली तो मिनी मेरे लिए चाय लिए मेरे सर पे ही खड़ी थी।

मैंने चाय ली और उठ कर तकिए का टेका लगाया, पूछा- आरके उठ गया?

तो बोली- नहीं अभी नहीं उठे, आप उठा दो, मैंने उनके लिए भी चाय बनाई है।

मैं बिस्तर से उठ कर जाने लगा तो बोली- रुको, कुछ पहन तो लो।

मैंने देखा कि मैंने रात भर से कुछ पहना ही नहीं था, मैंने जल्दी से कपड़े पहने और आरके को उठाने चला गया।

उसने केवल अंडरवियर ही पहना था।

मैंने उसको उठाया और बोला- अंदर आ जा, चाय बन गई है।

वह एक शॉर्ट्स और बनियान पहन कर बैडरूम में आ गया।

बैडरूम में जाने का रास्ता किचन से होकर ही है, तो वह से निकलते हुए उसने मिनी को गुड मॉर्निंग बोला और मेरे कमरे में आ गया। पीछे पीछे ही मिनी भी चाय लेकर आ गई।

बीवी ने पूछा- आप लोग कितने बजे सोये?

मैंने कहा- पता नहीं टाइम ही नहीं देखा।

सब चाय पीकर अपने अपने काम में लग गए, आरके वाशरूम चला गया, बीवी किचन में और मैं न्यूज़पेपर लेकर बाहर वाले कमरे में! आज सुबह मैंने आरके का मिनी के लिए व्यवहार में अंतर पाया, उसका देखने और बात करने के तरीके से मुझे अंतर महसूस हुआ।

मैं अभी अखबार पढ़ ही रहा था और रात के ख्यालों में खोया हुआ था कि बीवी ने पीछे से आकर मुझे पकड़ा और मेरे मुंह को चूम लिया और बोली- रात को जब अंदर आये तो जगाया क्यू नहीं? और पता है, मैं भी ऐसे ही सो रही थी और आप भी… और आपने दरवाज़ा भी बंद नहीं किया था। कभी भैया ने रात को वाशरूम use किया होगा तो?

मैंने अपने चेहरे पर आश्चर्य के भाव दिखाए और कहा- ओह्ह सॉरी सॉरी… मैं भूल गया होऊँगा।

और थोड़ा मजाकिया अंदाज़ में बोला- अभी आने दो उसको… पूछता हूँ, रात को क्या क्या देखा कमीने ने।मिनी बोली- धत्त !!!

और मेरे छाती पर धीरे धीरे से वार कर दिया।

मैंने उसे वहीं से पकड़ा और आधा सोफे पे लटका के उसके होंठों पे चुम्बन करने लगा।

इतने में खराश की आवाज़ आई, हम दोनों फटाफट नार्मल हुए, आरके ही था, वाशरूम से वापस आ गया था।

मिनी थोड़ा सा शर्मा गई और किचन की तरफ चली गई।

आरके ने कोई रिएक्शन नहीं दिया जैसे उसने कुछ देखा ही न हो।

आरके समझदार है उसे पता है कब और क्या करना चाहिए।

मुझे इशारे से पूछा- सिगरेट?

मैंने इशारे से बोला- छत पे।

फिर मैं बोला- मिनी, मैं ऊपर जा रहा हूँ, थोड़ी देर में आता हूँ।

अंदर से आवाज़ आई- आपका लाइटर तो यही पड़ा है। रुको मैं आती हूँ।

हम गेट पर ही खड़े थे, लाइटर लेकर हम छत पर चले गए।

सिगरेट जलाते ही मैंने पूछा- तू साले थोड़ी और देर नहीं बैठ सकता था वाशरूम में, इतनी जल्दी क्यूँ आ गया? और आ भी गया था तो खांकरा क्यूँ?

आरके बोला- मैं थोड़ी देर से देख रहा था पर मेरे वाशरूम में होने की वजह से तुम इससे आगे बढ़ते नहीं और भाभी की आँखें शायद खुलने ही वाली थी।

मैंने कहा- अच्छा, किस करते समय आँखें बंद थी क्या उसकी?

आरके ने कहा- हाँ!

आरके फिर बोला- और बता आज का क्या प्रोग्राम है?

मैंने कहा- तू बोल, वही करते हैं।

उसने कहा- तेरी बड़ी स्क्रीन पे कोई मूवी देखते हैं, खाना खाते हैं और घर में पड़े रहते हैं। कहीं जाने का मन नहीं है, अभी थकान मिटी नहीं है।

मैंने हाँ में सर हिला दिया।

मैंने नीचे आकर बीवी को भी आज के प्रोग्राम से अवगत करा दिया। हम दोनों की मूवीज देखने में एक्सपर्ट्स (मोटी खाल) है। चाहे कैसी भी सड़ी मूवी दिखा लो, हम अपना टाइम पास कर ही लेते थे।

हम दोनों ही सोफे पर बैठकर मूवी देख रहे थे, हमने कमरे में परदे और दरवाज़े बंद करके अँधेरा कर लिया था, AC ऑन कर रखा था तो एक चादर भी ओढ़ ली थी।

उस चादर की आड़ में उसने मेरी चड्डी में हाथ डाला हुआ था और मैंने उसकी चड्डी में।

बीच बीच में मिनी हमे कभी चिप्स कभी कोल्ड ड्रिंक्स देने भी आई पर उसे कुछ पता नहीं चला।

अब जब भी वो बीच में आती तो मुझे अच्छा लगता… डर और सामने चोरी करने का एक्साइटमेंट ही कुछ और है।

 


अब मैं मिनी को जान कर के बार बार बीच बीच में किसी न किसी काम से बुलाता, आवाज़ लगाता।

इस बार जब मैंने रिमोट के लिए मिनी को बुलाया और वो जब रिमोट के लिए हमारी तरफ पीठ करके झुकी तो उसके चूतड़ों की गोलाई बिल्कुल आँखों के सामने थी।

मैं बिना आरके की तरफ देखे हुए ही समझ गया कि उसे गोलाई बहुत अच्छी लगी है क्योंकि शायद आँखों से और शक्ल से वो छुपा भी लेता पर अभी तो उसका हथियार मेरे हाथ में ही था जो झूठ बोल ही नहीं पाता।

जब रिमोट देने के लिए हमारी साइड झुकी तो उसके बूब्स भी आँखों की चमक बढ़ा गए आरके की।

जब वो वह से चली गई तो मैंने आरके से पूछा- यार, एक सुट्टा ब्रेक तो बनता है।

आरके बोला- हाँ यार!

अंदर से मिनी बोली- इतनी बकवास मूवी देखते ही क्यूँ हो जो खुद से ही नहीं झिलती!

और हंस पड़ी।

बालकनी में सिगरेट जलाते ही मैंने पूछा- क्यूँ बे, तेरी मिनी पे नियत ख़राब लगती है मुझे। साले उसे देखते ही तेरा लण्ड बेहद अकड़ जाता है।

आरके के चेहरे पर थोड़ा डर था, वो बोला- नहीं भाई, ऐसी तो कोई बात नहीं है।

मैं थोड़ा मुस्कुराया जिससे वो डरे नहीं और जो मन में है, वो बोले।

आरके बोला- देख भाभी है तो खूबसूरत… इसमें तो कोई दो राय नहीं है, और कल जब उनका पानी टेस्ट किया तो देखने का नजरिया तो बदलता ही है। सॉरी भाई, प्लीज बुरा मत मान यार!

मैंने अपनी मुस्कराहट और बड़ी कर दी, मैंने बोला- तू चूतिया है क्या? मैं बुरा नहीं मान रहा हूँ।

पर मुझे अच्छा सा नहीं लगा पर जितना बुरा लगना चाहिए, उतना बुरा भी नहीं लगा। कुछ अजीब तो है पर सच यही है।

अब हम सिगरेट खत्म करके अंदर आ गये, आरके मूवी प्ले करके सोफे पर बैठ गया और मैं अंदर अपनी बीवी के पास आ गया।

मैं आकर बोला- मिनी, क्या तुम अपनी ब्रा उतार कर रह सकती हो? मुझे अच्छा लगेगा।

मिनी लगभग गुस्से में बोली- आपके सामने तो ठीक है, पर भैया भी तो हैं, उनके सामने ऐसे कैसे काम करुँगी?

मैंने कहा- अरे, उसे क्या पता चलेगा।

तो मिनी बोली- नहीं, मैं नहीं करने वाली ऐसा कुछ! आप जाओ टीवी देखो, मुझे खाना बनाने में लेट हो रहा है।

मैं मुंह बनाकर आकर सोफे पे बैठ गया, दुबारा से हमने चादर ओढ़ ली और एक दूसरे की चड्डियों में हाथ डाल लिए।

मिनी अंदर से बोली- आप कालीन पर प्लास्टिक बिछा लो, मैं खाना ला रही हूँ।

हम दोनों हाथ धोकर कालीन पर प्लास्टिक बिछा के बैठ गए। खाना खाने का मजा तो जमीन पे ही आता है। डाइनिंग टेबल तो हम सामान रखने के लिए लाये हैं।

जैसे ही मिनी खाना लेकर रखने लगी तो मैंने ध्यान दिया कि उसने ब्रा उतार दी है और बार बार झुक कर खाना रखने और परोसने के कारण उसके बूब्स बहुत अच्छे से हिल रहे हैं।

मैंने मिनी को आँख मार के थैंक्स बोल दिया। खाना परसने में जब भी वो झुकती, पूरा अंदर तक का अच्छा सा नज़ारा दिख जाता।

आरके और में दोनों ही सुबह से लण्ड सहला ही रहे थे इसलिए वो खड़े तो थे ही और ऐसे नजारा देख कर वो और झटके खाने लगते थे।

खाना खाकर हम दोनों साथ में वाशरूम में हाथ धोने चले गए।

उसने हाथ धोए और मूतने के लिए कमोड की तरफ मुड़ा, मैं भी हाथ धोकर उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया, मैं साइड से उसका लण्ड पकड़ के बोला- मूत!

आरके मुस्कुराने लगा और आँख बंद करके मूतने की कोशिश करने लगा। मैं धीरे धीरे उसका लौड़ा जो की आधे से ज्यादा खड़ा था हिलाया जिससे उसमें से मूत गिरने लगे।

धीरे से 4 बूँद मूत निकला, फिर रुक कर फिर तेज़ धार निकलना शुरू हो गई।

मैंने उसका लण्ड ऐसे पकड़ा हुआ था कि उसका मूत मेरे हाथ पर भी गिरे।

वो कराह रहा था।

उसके मूतने के बाद मैंने उसके लण्ड को झड़ाया जिससे बचा कुचा पानी भी गिर जाए। फिर नीचे झुक कर उसके लण्ड पे किस किया और टोपे से थोड़ी खाल ऊपर करके उसके लण्ड को थोड़ा सा चूस भी लिया।

इतने में कमरे में कोई आवाज़ हुई, मैं फटाफट से बेसिन पर हाथ धोने में लग गया और आरके अपना मूतने के बाद का जो हिलाना होता है, वो करने लगा क्योंकि हम वाशरूम का दरवाज़ा बंद करना भूल गए थे।

मिनी ने देखा तो बाहर चली गई।

हम दोनों भी सरपट बाहर आ गये।

मुझे शक था कि मिनी ने कुछ देख न लिया हो।

आरके वापस सोफे पर बैठ गया, मैं बीवी के पास गया और बोला- खाना लाजवाब था।

उसने मुझे इशारे से बैडरूम में आने को बोला, मैं उसके पीछे पीछे चला गया।

मिनी ने पूछा- आप दोनों वाशरूम में एक साथ?

 


मैं उसकी बात खत्म होने से पहले ही बोला- यार, तुम भी न… लड़कों के वाशरूम देखे है कभी? वहाँ ऐसा ही होता है!

हाथ से इशारा करते हुए कहा- उसका मुंह उस तरफ था मेरा मुंह इस तरफ।

मिनी बोली- लेकिन यह घर है। यहाँ ऐसा करने की क्या ज़रूरत है। आप थोड़ी देर रुक नहीं सकते थे क्या? कितना एम्ब्रेस्सिंग लगता है। अभी उनसे नज़र मिलाना भी मुश्किल होगा मेरे लिए! कम से कम दरवाज़ा तो बंद किया होता। वो भी ऐसे बेशरम हैं और आप भी।

मैं क्या कहता, चुपचाप सुनता रहा, दिल में दिलासा था कि कम से कम उसने वो नहीं देखा जो वाकयी मुश्किल में डाल देता।

मेरे दिमाग में सिर्फ एक ही चीज़ चल रही थी कि अगर ये ज्यादा गुस्सा हो गई तो आज आरके को इसकी चूत का स्वाद कैसे चखाऊँगा।

मैंने उसको कंधे से पकड़ा और कहा- देखो, इतना गुस्सा मत करो, यह इतनी बड़ी बात नहीं है। हम लोग तुम्हें यहाँ एक्सपेक्ट ही नहीं कर रहे थे। खैर जो हुआ वो छोडो, मुझे तो नींद आ रही है, कल रात भर नहीं सोये, अभी खाना खाकर नींद आ रही है। तुम भी थोड़ी देर लेट लो जिससे फ्रेश हो जाओगी और इतना गुस्सा नहीं आएगा।

वो थोड़ा मुस्कुराई, मैंने सोचा यही मौका है, मैंने कहा- तुमने मेरी बात मान के मुझे खुश कर दिया। खाना खाने में और भी बहुत मज़ा आया, खाने का ज़ायका और बढ़ गया था तुम्हारे मस्त मस्त बूब्स देखकर।

और मैंने बोलते बोलते टी-शर्ट के ऊपर से ही उसके बूब्स दबा दिए।

मैंने मिनी को बोला- मैं अभी उसको भी सोने के लिए बोल के आता हूँ जिससे बीच में डिस्टर्ब करने नहीं आएगा।

में आरके के पास आया और उससे बोला- यार, अच्छे खाने के बाद एक एक सिगरेट हो जाये।

बालकनी में सिगरेट पीते हुए उससे बोला- तेरी भाभी का मूड सही नहीं है। ज़रा प्यार कर आऊँ, थोड़ी देर में आता हूँ, तुझे बेहतरीन पानी का टेस्ट कराने को।

उसके चेहरे पर चमक आ गई, वो बोला- भाई जल्दी जा।

मेरे लण्ड को शॉर्ट्स के ऊपर से ही टच करके बोला- ज्यादा से ज्यादा पानी निकालना।

मैं कमरे में आया दरवाज़ा बंद किया, नाईट लैंप ऑन किया और आकर बिस्तर पे मिनी के बगल में लेट गया।

उसने मुझे बिना कुछ बोले ही अपने और करीब आने के लिए अपनी बाँहों में भर लिया। मुझे समझ आ गया था कि कल रात से भूखी है इसलिए चूत कुलबुला रही होगी।

हमने एक दूसरे के कपड़े उतारने में एक दूसरे की मदद की, उसने मेरे लण्ड को चूस के थोड़ा गीला कर दिया। मैंने भी उसकी चूत को चाट कर गीला कर दिया।

उसकी चूत पहले ही इतना पानी छोड़ रही थी कि चाटने की ज़रूरत नहीं थी।

जब उसकी पैंटी उतारी थी तब ही वो काफी गीली थी।

वो अपनी टाँगें चौड़ी करके लेट गई और मुझे अपने ऊपर आने का न्योता दे रही थी। कामाग्नि में जलती हुई मेरी बीवी मिनी बहुत ही खूबसूरत लगती है।

मैंने 3-4 धक्कों में ही पूरा लण्ड अंदर डाल दिया और फिर हम पागलों की तरह एक दूसरे को प्यार और चूमाचाटी करने लगे।

चूत में अंदर बाहर होता हुआ लण्ड बिल्कुल चिकना हो चुका था, मिनी की साँसें बहुत तेज़ और सिसकारियाँ बहुत तीखी हो गई थी, मैंने उसके मुंह पर हाथ रखा जिससे उसकी आवाज़ें बाहर तक न जायें। पर उसे पता नहीं क्या हो गया था, उसने मेरा हाथ अपने मुंह से हटा दिया।

मैंने भी सोचा की मिनी को पूरा एन्जॉय करने देना चाहिए।

वो मेरे कूल्हों को पकड़ कर और ज़ोर से हिलाने लगी, शायद वो आने ही वाली थी, उसकी आवाज़ें अब और भी तेज़ हो गई थी।

तभी दरवाज़े पर दस्तक हुई।

हम दोनों थोड़े ठिठक गए।

मैंने थोड़ा कड़क आवाज़ में पूछा- कौन है?

तो आरके की आवाज़ आई, बोला- रंगीला, सब ठीक तो है न, तुम दोनों लड़ तो नहीं रहे? तू भाभी को मार रहा है क्या?

मैंने कहा- गधे, भाभी को नहीं, तेरी भाभी की मार रहा हूँ।

आरके मेरी पूरी बात होने से पहले ही बोला- भाभी, आप ठीक तो है न?

मिनी हांफती हुई बोली- हा भ भाई भैया.. म मैं ठ ठी ठीक हूँ।

शायद आरके को लगा होगा कि उसने बहुत गलत टाइम पे डिस्टर्ब किया है, वो बोला- यार सॉरी यार ! आप लोग एन्जॉय करो, मैं टीवी वाले कमरे में जाता हूँ, वहाँ आवाज़ नहीं आ रही है, मैं टीवी की आवाज़ भी बढ़ा दूंगा। सॉरी यार रंगीला, वेरी सॉरी!

और उसके तेज़ क़दमों से जाने की आवाज़ आई।

हम दोनों को तो जैसे पागलपन सवार था, हम बिना रुके अच्छे बढ़िया धक्के पे धक्के लगा रहे थे।

मिनी ने अपनी आवाज़ और तेज़ कर दी ‘आ आह ओ ऊ उह आ आह ओ ऊ उह…’

मैंने फिर से उसके मुंह पर हाथ रखा तो उसने हटा के बोला- ज जब उनने स सुन ही लिया ह है, उन्हें प पता ही है तो जाने दो आवाज़… थिस इज ड्राइविंग मी क्रेजी।

बीच बीच में थोड़ा बोलने में लड़खड़ाने लगी थी। वो यह कहना चाहती थी ‘जब उसने सुन ही लिया है। उन्हें पता ही है तो जाने दो आवाज़। थिस इस ड्राइविंग में क्रेजी!’

मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी। वो भी बिस्तर पर अपने पांव पटक पटक कर उछल उछल के मेरा साथ देने लगी।

इसके बाद न मुझे कुछ सुनाई दिया न दिखाई। मैं पूरी तरह कामरस में भरा हुआ अपनी बीवी को भरपूर प्यार और मोहब्बत से चुदाई करता रह गया।

हम इतनी मस्ती में मग्न थे कि जब दोनों का पानी छूटा तो मानो ऐसा लगा कि जान ही निकल जाएगी।

मैंने अपना पूरी मलाई उसकी चूत में ही डाल दी और अपना लण्ड उसकी चूत में डाल के ही थोड़ी देर उसके ऊपर पड़ा रहा।

अभी भी हमारी खुमारी खत्म नहीं हुई थी, अब वो मेरे सर पे हाथ फेर रही थी और एक हाथ पीठ पर था, मेरा एक हाथ उसके नीचे से होकर कंधे को पकड़ा हुआ था और दूसरे से उसके बूब्स को।

अभी भी हम दोनों की साँसे बहुत तेज़ थी।

5-7 मिनट बाद जब मिनी को होश आया तो वो बोली- अरे!! यह हमने क्या किया। भइया क्या सोच रहे होंगे। अब मैं उनसे कैसे नज़र मिलाऊँगी?

मैंने कहा- तुम चिंता मत करो, वो एक तो हमउम्र है, दूसरा शादीशुदा है, वो समझ जायेगा! मैं अभी देखकर आता हूँ उस चूतिये को। बोलते हुए मैंने टॉवल पहना और दरवाज़ा खोल दिया।

मिनी अभी बिस्तर पे नंगी ही पड़ी थी।

मैंने दरवाज़ा खोलते हुए बोला- क्यू बे गांडू?

सामने देखा तो दरवाज़े से सटा जमीन में कान लगाए हुए आरके जमीन पे पड़ा हुआ था… मैंने फिर भी जोर से ही अपना सेंटेंस खत्म किया- क्या हो गया था तुझे जो बीच में आया था?

उधर बिस्तर पे मेरी बीवी नंगी पड़ी थी, इधर जमीन पे आरके पड़ा हुआ था जो अपने एक हाथ में अपना लौड़ा पकड़ के हिला रहा था। मैंने मिनी को बिल्कुल शो नहीं होने दिया कि आरके जमीन पर पड़ा हुआ है।

मैं मिनी की तरफ देख कर धीरे से बोला- मैं ज़रा उसकी खबर लेता हूँ, तुम तब तक फ्रेश हो लो। दरवाज़ा बाहर से बंद करके ही रहा हूँ।

मैं फिर जोर से बोला- कहाँ मर गया कुत्ते?

और दरवाज़ा बंद कर दिया।

आरके खड़ा हुआ और बाहर की तरफ जाकर बोला- मैं बालकनी में सिगरेट पी रहा था, हो गया तेरा काम?

बोल कर हंस पड़ा।

मैं आया, आकर सोफे के किनारे पे बैठ गया।

उसने मेरा टॉवल अलग किया और मेरे मलाई और मिनी के चूत के पानी में सने हुए मेरे आधे सोये लण्ड को चाटने लगा।

मैंने तेज़ आवाज़ में ही बोला- भाई, तू खुद शादीशुदा आदमी है। तुझे लड़ाई और प्यार की आवाज़ का अंतर समझ नहीं आया?

जिससे मेरी बीवी सुन सके कि मैं आरके की खबर ले रहा हूँ।

इधर आरके आधे सोये लण्ड को चाट चाट के पूरा साफ़ करने में भिड़ा हुआ था।

मैं धीरे से बोला- यार, इसमें मेरी मलाई भी मिक्स है।

उसने भी धीरे से बोला- इसी कारण और अच्छा लग रहा है टेस्ट। उसने फिर से मेरे लौड़े को इतना चूसा कि मैंने एक बार फिर से आरके के मुंह में फव्वारा चला दिया।

मैंने उसको बोला- भाई, आज भी मैंने अपना वादा निभा ही लिया। चल मैं ज़रा मिनी के साथ नहा लूँ, और कुत्ते अब मत आना बीच में!

मैंने दरवाज़ा खोला बाथरूम में चला गया, वो बाथरूम में ही थी, हमने एक दूसरे को बाँहों में भरा और शावर लिया, एक दूसरे के अंगों को अच्छे से साफ किया, चूमा।फिर हम दोनों ने तौलिये से एक दूसरे को पोंछा, बाथरूम से बाहर निकल कर हमने कपड़े पहने।

मिनी जब कपड़े पहन रही थी तो मैंने उसको बोला- सुन… तू अंडर गारमेंट्स मत पहन!

बोली- क्यूँ? जब भैया नहीं होते तो मैं आपकी सब बात मानती हूँ, पर अभी वो हैं तो प्लीज यार ऐसा कुछ मत बोलो न!

मैंने कहा- वो कौन सा तुम्हें इतने बारीकी से देखेगा। देख तो मैं रहा हूँ। सिर्फ मैक्सी पहन लो, इसमें से वैसे भी कुछ नहीं दिखता इतनी मोटी है।

तो वो मान गई।

मैं अब बाहर वाले कमरे में, जहाँ आरके बैठा मूवी देख रहा था, आ गया।

मिनी भी मेरे पीछे पीछे वहीं आ गई।

आरके कालीन पर बैठा हुआ था। मैं और मिनी दोनों सोफे पर बैठ गए और मूवी देखने लगे।

अब हम लोगों के बीच से धीरे धीरे शर्म के धागे टूटते जा रहे थे, अब मिनी मुझसे चिपक कर बैठी थी जबकि आरके वहीं बैठा था।

मैंने भी उसे बाँहों में जकड़ के रखा था और जब तब उसके बूब्स और पीठ सहला रहा था।

 


आरके अंजान बना बैठा था पर कभी कभी कनखियों से देख ही रहा था।

मूवी के बीच में ब्रेक आया तो हमारी तरफ मुंह करके बोला- भाभी, I am sorry… मैं थोड़ा सा बेवकूफ हूँ। डिस्टर्बेंस के लिए माफ़ी चाहता हूँ। मुझे अंदर से बहुत बुरा लग रहा है। मेरा मन कर रहा है मैं आज ही यहाँ से चला जाऊँ क्योंकि इतनी बेवकूफाना हरकत के बाद आप लोगों से नज़र मिलाना मुश्किल हो रहा है।

इससे पहले की आरके और कुछ बोल पाता मिनी बोली- आरके भैया, आपकी इन्नोसेंस ही आपकी सबसे बड़ी स्पेशलिटी है। हम सभी लगभग एक ही उम्र के हैं। और उसमें गलती हमारी भी है, पर क्या करें, यहाँ अकेले रहते हैं तो ऐसी हरकतें करते रहते हैं पर आपके होते हुए हमें ऐसा नहीं करना चाहिए था। आप हमारे कारण अन-कम्फ़र्टेबल होकर यहाँ से जायेंगे तो हम लोगों को बहुत बुरा लगेगा। प्लीज आप जाने के बारे में मत सोचिये।

कमरे में कुछ देर सन्नाटा रहा, फिर मैं बोला- चल छोड़ न, भूल जा… हम भी भूल गए।

फिर मिनी बोली- भैया, आज मैं बढ़िया पनीर टिक्का और अच्छी सी सब्जी बनाती हूँ।

फिर मेरी तरफ देखकर बोली- आप कोई अच्छी सी व्हिस्की ले आइये!

हम दोनों को चेहरे पर ख़ुशी की लहर दौड़ गई।

शाम के 6 बजे रहे थे, मैं और आरके बाजार जाकर सामान लेकर आ गये थे, तब तक मिनी ने पूरा घर साफ़ करके खाने की तैयारी भी लगाना शुरू कर दिया था।

हम दोनों आते ही कालीन पर प्लास्टिक बिछाया और बोतल, गिलास, बर्फ, चिप्स के पैकेट, नमकीन रख दिया।

मिनी ने मुझे अंदर बुलाया और बोली- क्यूँ? मैंने सही किया न? आरके भैया को बुरा लग रहा था तो मैंने सोचा शायद इससे उन्हें अच्छा लगे।

मैंने उसके माथे को चूम कर बोला- तुमने बहुत अच्छा किया, मैं खुद भी नहीं सोच पाता शायद ऐसे तो… थैंक यू!

मैं उसकी बात से इतना भावुक हो गया कि मैंने उसके होंठों पे होंठ रख दिए। हम धीरे धीरे एक दूसरे के होंठों अपने होंठों में दबाकर चूस रहे थे, इसी बीच आरके भी किचन में आ गया।

अबकी बार खांकरा नहीं और बोला- यार, तुम लोगों का प्यार भी न जीनियस बुक में लिखवाना चाहिए। तुम दोनों एक दूसरे को सच में इतना प्यार करते हो कि मुझे तुम दोनों से जलन होने लगी है।

अभी तक हमारे होंठ चिपके हुए थे।

वो बोला- तुम लोग कंटिन्यू करो, मैं बाद में आता हूँ।

हमने अपने होंठों को आराम दिया और कहा- तुझे क्या चाहिए?

आरके बोला- पानी!

मैंने कहा- ले ले!

और फिर से अपनी बीवी को चूमने लगा।

इस बार बीवी भी पूरे भाव के साथ किस कर रही थी, उसे किसी की कोई शर्म नहीं थी।

खैर आरके पानी लेकर ड्राइंग रूम में चला गया, मैं भी 2 मिनट बाद बाहर आ गया, थोड़ा अँधेरा होने लगा था, मैंने कहा- पैग बना कर सिगरेट पीते हैं, तब तक पेग ठंडा होगा।

पैग बनाया, चियर्स किया, एक एक सिप मारी और सिगरेट पीने बाहर चले गए।

बाहर आकर आरके बोला- भाई, तेरी बीवी तो यार मस्त है, अब उन्हें कोई हिचक नहीं है मेरे सामने। मुझे यह देख कर अच्छा लगा। आरके थोड़ा रुक कर बोला- एक बात बोलूँ?

मैंने हाँ में सर हिला दिया तो उसने कहा- तूने 2 दिन मुझे अपनी बीवी का अमृत पिलाया है। मैंने सोचा था कि तू शादी के बाद बदल गया होगा, सीरियस हो गया होगा। काफी समय से बातें भी नहीं हुई थी इसलिए मैं यह सोच रहा था कि यहाँ टाइम पास कैसे होगा।

मैंने बीच में ही उसकी बात काटते हुए हंस कर कहा- एक सिप में ही चढ़ गई क्या? सीधे सीधे बोल क्या कहना चाहता है? इतनी भूमिका मत बना।

वो बस थोड़ा मुस्कुराया और चुप रह गया।

मैंने फिर से बोला- क्या हुआ? बोलता क्यूँ नहीं?

बोला- चढ़ी नहीं है कमीने, बस ऐसे ही बोल रहा था कि इतना इतना टाइम हो जाता है, बीच में एक आध चक्कर तू भी लगा लिया कर भोपाल का या बातें ही कर लिया कर!

मैंने बातों को घुमाते हुए कहा- क्यूँ बे? तू अपनी बीवी कोमल को क्यूँ नहीं लाया?

तो उसने कहा- यार, वो मायके गई हुई थी, वो परसों आने वाली है, बस वो तुझे और भाभी को सरप्राइज देना चाहती थी। पर तेरे को बता दिया है। उसको पता नहीं चलना चाहिए कि तुझे पहले से पता था।

मैंने कहा- डील भाई डील… बिल्कुल पता नहीं चलेगा। चल कोमल के लिए भी कुछ सरप्राइज प्लान करते हैं।

वो आश्चर्य से मेरी तरफ देखने लगा।

हम बातें करते करते छत पर पहुंच गए और एक एक सिगरेट और जला ली।

मैंने पूछा- कोमल बिस्तर पे कैसी है?

आरके मुझे घूर रहा था।

मैंने कहा- चूतिये, बता तो क्या वो वाइल्ड है? क्या वो चिल्लाती है? उसे कैसा सेक्स करने की तमन्ना होती है?

आरके बोला- तू कैसी बातें कर रहा है बे?

मैंने उसे थोड़ा ठंडा करते हुए कहा- भोसड़ी के, हम एक दूसरे का लण्ड चूस चूस के बड़े हुए हैं, हमारे बीच कैसी शर्म? लड़कियाँ जो एक दूसरे को ज्यादा नहीं जानती वो तक अपनी न जाने कितनी प्राइवेट बातें एक दूसरे से शेयर कर लेती है। नहीं बताना तो माँ चुदा अपनी! भोसड़ी का!

उसने जब मुझे गर्म होते देखा तो बोला- लण्ड के… गुस्सा रहेगा या मैं कोमल के बारे में कुछ बताऊँ!

मैंने उत्सुकता से कहा- बता!

आरके बोला- यार हम लोग तो मम्मी पापा और छोटी बहन के साथ रहते हैं इसलिए बहुत चुप और छुप छुप कर सेक्स करते हैं। पर हाँ जब कभी हम कहीं घूमने जाते हैं और होटल में चुदाई होती है तब हम दोनों ही इतने वाइल्ड होते हैं कि हम 2-2 दिन तक कमरे से बाहर ही नहीं निकलते। उसे बाथटब में चुदवाना इतना पसंद है कि अगर होटल में बाथटब न मिले तो मुझे कभी कभी लास्ट मोमेंट पे दूसरा होटल लेना पड़ता है। कुल मिला के हम लगभग रोज़ रात को ही सेक्स करते है। पर यार, तेरी बीवी मतलब मिनी की तुलना में तो वो 50% भी हॉट या वाइल्ड नहीं कह सकता इसलिए थोड़ा झिझक रहा था।

मैंने एक गहरी सांस लेते हुए कहा- क्या तू अपनी बीवी को ग्रुप सेक्स के लिए मना सकता है? चारों साथ में मजे मारेंगे।

उसकी आँखें एकदम चमक उठी, वो बोला- भाई मजा ही आ जायेगा। पर क्या मिनी मानेगी?

मेरी तरफ आशा की नज़र से देखने लगा।

मैंने कहा- पता नहीं, पर कोशिश करके देखता हूँ।

अब हम वापस से नीचे आ गये और बेहद चुप होकर टीवी देखते हुए शराब पीने लगे। अब वो मिनी को बहुत ध्यान से उसके एक एक उतार चढ़ाव को देख रहा था।

मिनी का पूरा ध्यान टीवी में था मेरा ध्यान टीवी में कम और मिनी को पटाने में लगा हुआ था।

और आरके ख्याली पुलाव बनाते हुए मन ही मन ग्रुप सेक्स के बारे में सोच रहा था।

आरके थोड़ी देर बाद उठकर बाथरूम चला गया, मैं उठकर कालीन से सोफे पर बैठ गया।

सोफे पर मिनी बैठी हुई थी, मैं आरके के न होने का फायदा उठते हुए उसके बूब्स दबाने लगा, वो अपना पूरा सीना मेरी तरफ आगे बढ़ा कर दबवाने के लिए उकसा रही थी।

वो धीरे से बोली- थोड़ा धीरे धीरे दबाओ, इतना जोर से नहीं।

उसकी इस हरकत से में और उत्तेजित होने लगा, मैंने अपना हाथ उसके टॉप के अंदर डाल दिया और अब उसके नंगे बदन पर मेरे हाथ रेंग रहे थे, उसके मस्त उभारों को में सहला रहा था।

वो मेरी तरफ न देखकर टीवी की तरफ ही देख रही थी जो पता नहीं क्यूँ पर बड़ा अच्छा लग रहा था।

मैंने देख लिया कि उधर अंदर की तरफ से आरके चला आ रहा है, मैंने उसको आँखों से ही इशारा किया और अपनी बीवी का टॉप इतना उठा दिया कि आरके थोड़ा दूर से देख सके।

फिर मैं उन्हें चूसने लगा और दूसरे तरफ का निप्पल को रगड़ने लगा, आरके थोड़ा झांक कर मिनी के नंगे बदन को देखने की कोशिश करने लगा।

इतने में मैंने मिनी के कपड़े सही किये, थोड़ा दूर हटा कहा- वो कभी भी बाथरूम से आ सकता है।

आरके थोड़ा पीछे हट कर दरवाज़े की आवाज़ करता हुआ आने लगा।

मिनी धीरे से मुझसे बोली- आपकी टाइमिंग बहुत अच्छी है।

मैं बोला- अंदर आ जा !

और मैं बैडरूम में चला गया।

वो एक मिनट के बाद आई, बोली- क्या हुआ?

और मेरे सीने पर सर रखकर मेरी छाती के बालों से खेलने लगी।

मैंने कहा- तूने तो अंदर कुछ पहना नहीं है, तुझे देख देख कर लण्ड चड्डी में खड़ा हो कर दर्द करने लगता है। तुझे अंदर इसलिए बुलाया है कि मेरा टॉवल कहाँ है, मैं एक मिनट में नहा कर आता हूँ।

तो मिनी इठलाते हुए बोली- नहाने की क्या ज़रूरत है?

मेरा लण्ड पकड़ते हुए बोली- इसे मेरे अंदर डाल कर गीला कर लो।

और हंसने लगी।

मैंने कहा- तुझे इतनी आसानी से नहीं, धीरे धीरे तड़पा तड़पा कर पूरी रात चोदूँगा साली, तभी तो तुझे अंदर के कपड़े नहीं पहनने दिए। उसने मेरे लण्ड को जोर से दबा दिया और बोली- आज देखते हैं, कौन पहले पिघलता है। आप मुझे उकसाओ, मैं आपको उकसाती हूँ। बस भैया का भी ध्यान रखना आप।

मैंने कहा- ओके, आज की रात मजेदार रात होगी।

उसने मुझे ढूंढ कर टॉवल दे दिया, मैं नहाकर सिर्फ टॉवल पहन कर बाहर आ गया।

जब मैं ड्राइंग रूम में आया तो मेरा पैग खत्म हो चुका था, मैंने मिनी की तरफ देखा तो मुझे अंदाज़ा लग गया कि मेरा बचा हुआ आधा पैग निबटा दिया है।

मैंने आकर आरके को बोला- भाई, अपना पैग खत्म कर और नए पेग बना !

उसने मेरी तरफ देखा तो बोला- यार, मुझे भी गर्मी लग रही है। या तो AC ऑन कर लेते हैं या मैं भी थोड़ा शावर लेकर आता हूँ।

मैंने कहा AC ऑन कर लेते हैं पर अगर शावर ले लेगा तो पीने में और मजा आएगा।

तो उसने अपने बैग से अपना टॉवल निकला और चल दिया बाथरूम की तरफ।

जब वो कमरे से निकल गया तो मैंने मिनी से कहा- क्यूँ री, तू मेरा पेग पी गई है ना?

तो बोली- हाँ, मन कर रहा था, साइड में ही रखा था तो निबटा दिया… पर आप चिंता मत करो, आरके भाई ने कुछ नहीं देखा।

मैंने फ्रिज से बर्फ निकाली और दोनों के पैग बना के रख दिए। फिर मिनी से पूछा- तुझे और पीना है तो बता, तेरा एक पैग बना कर छुपा कर रख देता हूँ किचन में, तू बीच बीच में जाकर पी आना। या फिर हमारे साथ भी कर सकती हो। आरके इतनी दतियनूसी सोच भी नहीं रखता।

मिनी बोली- आप मेरा पैग बना कर किचन में रख दो, मैं जब ठीक समझूंगी तो आप लोगों के साथ चियर्स कर लूंगी।

मैंने एक गिलास में फटाफट पैग बनाया, बर्फ सोडा और ज़रा सी कोला भी डाल दी और जाकर रसोई में रख दिया।

इतनी देर में ही आरके बाहर आ गया, वो भी टॉवल में ही था, उसने कहा- यार, मेरा बैग उठा के दे देना, मैं बैडरूम में चेंज कर लेता हूँ।

तो मैंने कहा- क्या चेंज करेगा, आ जा ऐसे ही बैठ के पीते हैं। आरके बोला- यार भाई, उधर मिनी भाभी भी बैठी है, अच्छा नहीं लगेगा।

मैंने कहा- देख ले, वैसे घर ही है, be comfortable.

तो शायद उसे मेरी बात जंच गई वो ऐसे ही आकर कालीन पर बैठ गया।

अब हम तीनों ही मस्ती में थे।

मिनी उठकर किचन में गई, में समझ गया अपना पैग मारने गई है, मैं पीछे पीछे गया तो इशारे से अपनी तरफ बुलाया, एक घूंट अपने मुंह में भरा और मुझे मेरी गर्दन से पकड़ के नीचे की ओर झुकाया और मेरे मुंह को खोल के उसके अंदर अपनी शराब मेरे मुंह में डालने लगी।

मैंने पीते पीते उसके मुंह को चुम लिया और मैंने उसके बूब्स दबाए और चूतड़ शॉर्ट्स के ऊपर से ही हाथ फिराया।

फिर हम वापस बाहर आ गये।

मैंने अपने फ़ोन से बगल में बैठी बीवी को व्हाट्सप्प पे मैसेज किया कि देख अब जो तूने किचन में किया वो मैं तेरे साथ यहीं पर करूँगा।

बीवी का मैसेज आया- मुझे पता है कि आप करोगे पर देखना यह है कि कैसे करोगे? ऐसी अदा से करना कि मैं आपका मुंह चूम लूँ।

मुझे पता लग गया था कि आज बीवी बहुत ही अच्छे चुदाई के मूड में है।मैंने कहा- आरके, मेरी बीवी को शराब अच्छी नहीं लगती… पर एक तरीका है मेरे पास उसे शराब पिलाने का जिसे शायद ही वो मना कर पाये।

आरके बोला- अरे अगर भाभी पीती है तो पिलाओ भाई, हम भी कुछ गुर सीख लेंगे तुमसे।

मैंने अपने मुंह में शराब भरी और बीवी के ऊपर चढ़ गया और उसका मुंह खोलने के लिए उसके जबड़े दबाए।

मैंने अपने मुंह से छोटी सी धार उसके मुंह में डालना शुरू कर दी।

पीते पीते जब एक सेकंड के लिए होंठ बंद हुए तो शराब उसके मुंह में न गिर के उसके चिन से होती हुई गले पर बहती हुई उसके बूब्स की तरफ बढ़ने लगी।

मैं अभी भी उसके मुंह में शराब गिरा रहा था, मिनी ने मुझे गर्दन से पकड़ के अपनी ओर खींचा और चूम लिया और अपनी जीभ को मेरे मुंह के अंदर डाल के कोने कोने से शराब की हर बूँद खींच ली।

 
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