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मैंने उसके मुंह से हटते ही उसकी ठोड़ी और गले पर चुम्बन करते हुए उसके भरे हुए बूब्स की ओर बढ़ने लगा जहाँ जहाँ शराब से गीली थी, वहाँ वहाँ तक मेरी जीभ नीचे जा रही थी।
जैसे ही मैंने बूब्स को चूसा और नीचे जाने लगा, मिनी ने हाथ से रोक दिया और शरमाते हुए बोली- हटो अब! आपने पिलाई तो मैंने पी ली न।
हम जैसे ही अलग हुए आरके ने ताली बजा दी, बोला- यार mindblowing है तुम दोनों की जोड़ी। तुम दोनों कहीं और किसी भी चीज़ में रोमांस ढूंढ ही लेते हो।
शाम धीरे धीरे जवान हो रही थी, हमारे जिस्मों की खुमरियाँ बढ़ती जा रही थी। आरके को देखकर पता चल रहा था कि वो लाइव रोमांटिक सीन देखकर उत्साहित हो गया है, उसके टॉवल के ऊपर से उसके लण्ड का प्रतिबिम्ब साफ़ दिखाई पड़ रहा था।
मेरे मन में मिनी को आरके के सामने ही चोदने का मन करने लगा। फिर मैंने सोचा की इस तरह से मिनी अभी आरके के सामने खुल जाएगी तो जब उसकी बीवी कोमल आएगी तो उसे हमारे इस चंगुल में फ़साना शायद आसान हो जाए।
मेरी बहुत पुरानी मरी हुई इच्छा फिर से सांस लेने लगी, शादी से पहले मेरी इच्छा थी कि मैं ग्रुप सेक्स करूँ पर कभी मौका ही नहीं लगा।
मिनी 2 ड्रिंक तो पी ही चुकी थी जिसके कारण वो थोड़ी ज्यादा रोमांटिक हो रही थी और उसे आरके से ज्यादा शर्म भी नहीं आ रही थी।
आरके बोला- यार आजा एक एक सिगरेट पी कर आते है।
मैंने मिनी को देखते हुए कहा- आज के लिए घर में ही सिगरेट पी लें?
मिनी की थोड़ी आँखें चढ़ी हुई थी, बोली- मैंने कभी आपको ‘घर के अंदर सिगरेट नहीं पियो’ ऐसा तो नहीं बोला, वो तो आप अपनी मर्ज़ी से बाहर पीते हो। तो अभी भी आप मुझसे मत पूछो, आपका जहाँ दिल करे, वहाँ सिगरेट पी सकते हो।
मैंने आरके को बोला- जला।
आरके ने बात खत्म होने से पहले ही सिगरेट मुंह में लगा ली थी और आदेश मिलते ही उसमें आग लगा ली।
शराब का असली असर सिगरेट के धुएं के साथ ही शुरू होता है।
अब शराब का सुरूर और मदमस्त बनाने लगा।
मैंने आरके को बोला- तू कभी भोपाल में अपनी बीवी को गोद में बैठा के सुट्टे मारते हुए शराब पीता है?
आरके बोला- नहीं यार, मेरी ऐसी किस्मत कहाँ… हम ये सारे काम अलग अलग और छुप छुप के करते है और हंसने लगा।
मैंने कहा- यार, छुप छुप के काम करने का मज़ा भी कुछ और ही है। पर हाँ यह बात भी सही है कि हमेशा छुप छुप के मज़ा नहीं आता। कभी छुप छुप के तो कभी खुल्लम खुल्ला पर थोड़ा परिवर्तन आना तो ज़रूरी है। एक ही एक जैसा काम करो तो बोरियत होने लगती है।
मैं और मेरी प्यारी बीवी मिनी तो बहुत डायनामिक है इस मामले में, हम अपनी ज़िन्दगी को स्पाइस अप करते रहते हैं किसी न किसी तरह।
मिनी सोफे पर आधी लेटी हुई थी, उसने अपना सर हैंड रेस्ट पर टिकाया हुआ था, उसकी एक टांग मेरी पीठ के पीछे थी और एक मेरी जांघों के ऊपर, मैं सोफे पर बैठा हुआ था। उसने एक लॉन्ग स्कर्ट पहना हुआ था और ऊपर शार्ट टॉप, अंदर कोई गारमेंट्स नहीं।
मैंने उसकी जांघों तक हाथ फेरते हुए कहा- क्यूँ, मैं सही कह रहा हूँ न?
उसने एक हाथ से अपनी लॉन्ग स्कर्ट को घुटने के नीचे तक करके रखा हुआ था जिससे आरके को कुछ न दिखे, पर मेरे हाथ को नहीं रोका और हाँ में सर हिला दिया।
मैंने सिगरेट का कश मारते हुए मिनी से पूछा- पीयेगी?
तो मिनी बिना कुछ बोले जिस हाथ से स्कर्ट पकड़ी थी वो हाथ बढ़ाया और सिगरेट मेरे हाथ से ले ली। मैंने उसकी आँखों में इतनी मस्ती कभी नहीं देखी थी।
उसने मुंह में सिगरेट लगाते ही जोर का दम लगाया और मैंने अपने हाथ को थोड़ा और नीचे ले गया जहाँ उसकी चूत टच हो सके। उसके कारण उसकी स्कर्ट थोड़ी सी और ऊपर उठ गई जो अब घुटने से थोड़ी ऊपर हो गई थी।
मिनी सुट्टा लगाते ही खांसने लगी।
मैंने उसे थोड़ा सा उठाया उसकी पीठ सहलाते हुए बोला- धीरे धीरे पीनी चाहिए थी, एकदम से पूरी सिगरेट थोड़े ही पीनी होती है।
और उसकी बूब्स को ऊपर से ऐसे दबाया जैसे मरीज को सांस न आने पर दबाया जाता है।
आरके ने पानी की बोतल उठा के दे दी, मैंने बोतल मिनी के मुंह से लगा दी।
वो थोड़ा पानी पीकर नार्मल हो गई पर इसी सब उठा पटक में उसका टॉप और ऊपर चला गया जहां से उसके उभार की पहली किरण दिखने लगी थी। जैसे कोई ईद के चाँद हो और इधर जांघों तक स्कर्ट ऊपर उठ गई।
थ आरके मेरी तरफ देखता हुआ आँखों से इशारे से बताने की कोशिश कर रहा था कि स्कर्ट और टॉप थोड़ा नीचे कर दूँ पर वो अभी मेरा प्लान जानता ही कहाँ था, मैंने उसकी बातों को अनदेखा कर दिया।
अब आखिर वो भी जवान लौंडा, और ऊपर से तना हुआ लण्ड! उसने भी मिनी के जिस्म को निहारना शुरू कर दिया।
मिनी भी मदहोश थी, उसकी आँखें बंद और उसके ऊपर मेरा स्पर्श उसे और भी ज्यादा मादक बना रहा था, उसकी चूत पर प्यार से मेरा सहलाना उसकी ठोड़ी को थिरका रहा है।
इधर टीवी पर किसी का कोई ध्यान नहीं है और आरके टॉवल के ऊपर से ही अपने लण्ड को दबा रहा है।
मैं अभी अपने एक हाथ से अपने लण्ड को टॉवल से थोड़ा बाहर निकाल के उसके टोपे को रगड़ रहा हूँ। मिनी की चूत अब तक काफी गीली हो चुकी है, वो इस समय अपनी कामाग्नि के चरम पर है।
मैं धीरे से उसके बूब्स को छूने की इच्छा से टॉप के ऊपर से ही अपना हाथ लेकर गया। मिनी को जैसे करंट लग गया हो उसने तुरंत मेरा हाथ अपने टॉप और नीचे से हटा दिया।
आरके को देखा तो वो बहुत फुर्ती से टीवी की ओर देखने लगा और उसकी पीठ हमारी तरफ थी। यह देख कर मिनी ने मेरी तरफ आश्चर्य के भाव से देखा जैसे वो कहना चाहती हो कि क्या तुम मुझे इसी के सामने चोदोगे।
मैंने कोई रिएक्शन नहीं दिया, मिनी उठने की कोशिश करने लगी, मैंने उसकी उठने में मदद की और उसे बाँहों में भर कर उठाया।
उसने पहले थोड़े कपड़े सही किये, मतलब नीचे किये, फिर बैडरूम में चली गई।
उसके पीछे पीछे बैडरूम में गया तो वो बाथरूम में जा चुकी थी, में वापस ड्राइंग रूम में आ गया।
आरके ने पूछा सब ठीक तो है न?
मैंने कहा- हाँ यार, सब ठीक है।
फिर धीरे से कहा- तू बस शो एन्जॉय कर!
मैंने एक सिगरेट निकाली और जला ली।
तभी किचन में कुछ आवाज़ हुई, मैंने जाकर देखा तो मिनी अपना बचा हुआ पैग एक घूंट में खत्म कर रही थी।
उसने मेरी तरफ देखा और अपने बूब्स को दबाते हुए नशीली अदा से अपने करीब बुलाया।
मैंने जाकर मिनी को बाँहों में जकड़ लिया और उसकी स्कर्ट उठा कर अपने लण्ड को उसकी चूत पर टच करते हुए उसके टॉप को ऊपर उठा कर उसके बूब्स को अपने सीने से दबाने लगा।
मिनी की सिसकारियाँ निकलने लगी, वो धीरे से मेरे कान में बोली- देखा न, तुम हारने वाले हो। मेरा कंट्रोल तुमसे अच्छा है।
मैंने उसकी बात को अनसुना करके अपना आधा लण्ड उसकी चूत में आधा ठेल दिया।
अब तो मिनी से रहा ही नहीं गया और वो जोर से चिल्ला उठी- उहह आहह…
उसका पानी मेरे लण्ड पे महसूस होने लगा।
मैंने अपना लण्ड बाहर निकला और मिनी को अपने आप से दूर कर दिया, फिर धीरे से कहा- इसे कहते हैं कंट्रोल!
और जोर जोर से हंसने लगा।
मिनी नाटकीय रूप से गुस्सा होने लगी, बोली- जाओ, मैं आपसे बात नहीं करती। ऐसे भी कोई करता है क्या अपनी बीवी के साथ?
मैंने कहा- अभी तो पूरी रात पड़ी है, अभी तुम्हारे पास और भी बहुत मौके हैं, उकसाओ मुझे इतना कि मैं तुम्हें पागलों की तरह चोदूँ। मिनी बोली- आपको उकसाना तो आसान है पर आरके भईया के चक्कर में बहुत से अपने जलवे नहीं दिखा पा रही जिसका आप फायदा उठा रहे हो।
मैंने धीरे से बोला- आज तुझे उसी के सामने चोदूँगा मेरी जान!
मिनी को इस बात का कतई बुरा नहीं लगा क्योंकि वो यह जानती है कि जब मैं चोदने के लिए उत्साहित होता हूँ तो ऐसे ही गन्दी गन्दी बातें करता हूँ।
तो वो मेरी ताल में ताल मिला कर बोली- जहाँ मर्जी आये, वहाँ पर मेरे बदन के साथ खेलो जहांपनाह!
वो मेरी रग रग से वाकिफ थी, उसे पता था अगर पलट कर ऐसे जवाब देगी तो मैं इतना उत्तेजित हो जाऊँगा कि उसे वहीं चोद डालूँगा।
पर मैंने ऐसा नहीं किया और जाकर सोफे पर बैठ गया।
आरके के तो आँख कान सब हमारी बातों में ही लगे थे।
मैंने अपने आप को कंट्रोल करने के लिए अपना ध्यान टीवी में लगाना शुरू किया और आरके के हाथ से बिना कुछ बोले उसकी बची हुई सिगरेट ले ली।
2-4 कश लगाने के बाद ही सिगरेट खत्म हो गई थी तो उसे बुझाने के लिए मैं मुड़ा तो किचन के दरवाज़े की तरफ देखकर भौंचक्का ही रह गया।
उधर मिनी सिर्फ टॉवल में खड़ी थी।
किचन के दरवाज़े से सटकर जो सोफे से दिख रहा था, शायद आरके जहाँ बैठा था वहाँ से नहीं।
मैंने उसको इशारे से बोला- आ जा यहाँ आ जा!
किचन से ही मिनी बोलती हुई आई- मैंने सोचा क्यूँ न आप लोगों का साथ दूँ आप लोगों की तरह टॉवल में… और मैं भी पैग पीना चाहती हूँ। क्यूँ भइया, आपको बुरा तो नहीं लगेगा न?
आरके ने जैसे ही पीछे मुड़ कर देखा तो उसके पसीने छूट गए बोला- नहीं भाभी, यह आपका घर है, आप जैसे चाहे वैसे रह सकती हैं। और आप लोग मुझसे संकोच करेंगे तो मुझे लगेगा कि मैं आप लोगों के यहाँ गलत आ गया हूँ और मुझे शायद वापस जाना पड़े। प्लीज आप लोग comfortable रहे।
फिर हंसते हुए बोला- आज मैं आपको फालतू सवाल पूछ कर डिस्टर्ब भी नहीं करूँगा, चाहे कैसी भी आवाज़ें आयें।
हम तीनों इस बात पर हंस दिए।
मैं उठा और उसका गिलास जो किचन में रखा था, वो उठा लाया।
अब तीन पैग बने पर अब मिनी बैठ नहीं रही थी क्योंकि उसका तौलिया बहुत ऊपर तक था।
वो तो मुझे उसकाने के लिए आरके के सामने पहन कर आई थी।
वो सोफे के दूसरी तरफ खड़ी रही, मैं सोफे पर बैठा रहा और बेचारे आरके को अपने तने हुए लण्ड को छुपाने के लिए चादर अपने ऊपर डालनी पड़ी।
मैं सोफे पर बैठा बैठा अपना हाथ बढ़ा कर उसकी चिकनी चूत को सहला रहा था। वो सोफे की तरफ झुकी हुई थी और उसके एक हाथ में गिलास था।
मेरे एक हाथ में गिलास था और दूसरा उसकी चूत पर… थोड़ी देर में मेरी पूरी उंगली गीली हो गई।
इतने में आरके उठा और बोला- मैं वाशरूम होकर आता हूँ।
मैंने कहा- क्यूँ बे… मेरी बीवी को टॉवल में देखकर कही तेरा….
बोलते बोलते मिनी ने मेरे मुंह पे हाथ रख दिया, बोली- भइया इन्होंने थोड़ी ज्यादा पी ली है, कुछ भी बोले जा रहे हैं। आप प्लीज वाशरूम होकर आइये।
आरके बेचारा बिन पानी की मछली जैसा महसूस कर रहा था।
उसके जाते ही मैं मिनी का टॉवल थोड़ा पीछे से उठकर उसकी गांड सहलाने लगा।
मिनी बोली- आप भी कैसे बात करते हो?
मैंने कहा- चिंता मत कर, वो भी पीया हुआ है, उसे कल थोड़े ही न कुछ याद रहेगा। मैं उसे अच्छे से जानता हूँ।
मैंने मिनी को बोला- मैं जैसा कहूँ, वैसा ही करना।
उसने आँखों आँखों में ही हामी भर दी।
जब आरके वाशरूम से लौटा तो मैंने मिनी का टॉवल नीचे नहीं किया, आराम से उसके आते समय मिनी की गांड सहलाता रहा।
मिनी मुझे घूर रही थी और धीरे से बोली- टॉवल नीचे कर दो, वो देख रहे है।
मैंने कहा- तू चिंता मत कर, मुझे पता है कि मैं क्या कर रहा हूँ।
आरके आराम से नंगी गांड की गोलाई नापता हुआ अपनी जगह पर आकर बैठ गया।
मैं धीरे से मिनी से बोला- अगर वो पीये नहीं होता तो कुछ कहता, या वो भी तुम पर चांस मार कर तुम्हें छूने की कोशिश करता। पर वो बहुत पीया हुआ है इसलिए चिंता मत करो उसे कुछ याद नहीं रहने वाला।
आरके ने थोड़ी बात सुन के ही आईडिया लगा लिया कि मैंने मिनी से क्या बोला होगा।
तो आरके टीवी के किसी सीन के बारे में कुछ बोलने लगा। इससे मिनी को और भरोसा हो गया कि आरके को कुछ समझ नहीं आ रहा और वो बहुत ड्रंक है।
उसी का फायदा उठाते हुए मिनी ने सोफे के पीछे से ही मेरा लण्ड टॉवल के ऊपर से पकड़ लिया और सहलाने लगी जो आरके देख रहा था।
धीरे से मिनी आरके को देखते हुए ही मेरा टॉवल हटाते हुए अब सीधे मेरे नंगे लण्ड को सहलाने लगी।
मैंने फिर मिनी से कहा- देख… वो देख रहा है पर कोई रिएक्शन नहीं है। और अगर ऐसा होता तो मैं भी तो शर्माता जब तूने मेरा लण्ड बाहर निकाला तो।
फिर मैंने मिनी का हाथ पकड़ा और उसे सोफे पर बैठने के लिए घुमा कर अपनी तरफ बुलाया।
मिनी सोफे पर आकर बैठी।
अब मैं आधा लेटा हुआ था और मेरी एक टांग मिनी की पीठ के पीछे और और एक जांघ के ऊपर! मेरी टाँगें चौड़ी होने की वजह से मेरा लण्ड अब पूरी तरह तौलिये से बाहर था, मिनी का हाथ मेरे लण्ड से प्यार कर रहा था और मिनी की आँखें केवल आरके को देख रही थी, वो अपने आप पर विश्वास नहीं कर पा रही थी कि यह आदमी सुबह सब भूल जायेगा और इसे अभी कुछ समझ नहीं आ रहा।
जैसे ही मैंने बूब्स को चूसा और नीचे जाने लगा, मिनी ने हाथ से रोक दिया और शरमाते हुए बोली- हटो अब! आपने पिलाई तो मैंने पी ली न।
हम जैसे ही अलग हुए आरके ने ताली बजा दी, बोला- यार mindblowing है तुम दोनों की जोड़ी। तुम दोनों कहीं और किसी भी चीज़ में रोमांस ढूंढ ही लेते हो।
शाम धीरे धीरे जवान हो रही थी, हमारे जिस्मों की खुमरियाँ बढ़ती जा रही थी। आरके को देखकर पता चल रहा था कि वो लाइव रोमांटिक सीन देखकर उत्साहित हो गया है, उसके टॉवल के ऊपर से उसके लण्ड का प्रतिबिम्ब साफ़ दिखाई पड़ रहा था।
मेरे मन में मिनी को आरके के सामने ही चोदने का मन करने लगा। फिर मैंने सोचा की इस तरह से मिनी अभी आरके के सामने खुल जाएगी तो जब उसकी बीवी कोमल आएगी तो उसे हमारे इस चंगुल में फ़साना शायद आसान हो जाए।
मेरी बहुत पुरानी मरी हुई इच्छा फिर से सांस लेने लगी, शादी से पहले मेरी इच्छा थी कि मैं ग्रुप सेक्स करूँ पर कभी मौका ही नहीं लगा।
मिनी 2 ड्रिंक तो पी ही चुकी थी जिसके कारण वो थोड़ी ज्यादा रोमांटिक हो रही थी और उसे आरके से ज्यादा शर्म भी नहीं आ रही थी।
आरके बोला- यार आजा एक एक सिगरेट पी कर आते है।
मैंने मिनी को देखते हुए कहा- आज के लिए घर में ही सिगरेट पी लें?
मिनी की थोड़ी आँखें चढ़ी हुई थी, बोली- मैंने कभी आपको ‘घर के अंदर सिगरेट नहीं पियो’ ऐसा तो नहीं बोला, वो तो आप अपनी मर्ज़ी से बाहर पीते हो। तो अभी भी आप मुझसे मत पूछो, आपका जहाँ दिल करे, वहाँ सिगरेट पी सकते हो।
मैंने आरके को बोला- जला।
आरके ने बात खत्म होने से पहले ही सिगरेट मुंह में लगा ली थी और आदेश मिलते ही उसमें आग लगा ली।
शराब का असली असर सिगरेट के धुएं के साथ ही शुरू होता है।
अब शराब का सुरूर और मदमस्त बनाने लगा।
मैंने आरके को बोला- तू कभी भोपाल में अपनी बीवी को गोद में बैठा के सुट्टे मारते हुए शराब पीता है?
आरके बोला- नहीं यार, मेरी ऐसी किस्मत कहाँ… हम ये सारे काम अलग अलग और छुप छुप के करते है और हंसने लगा।
मैंने कहा- यार, छुप छुप के काम करने का मज़ा भी कुछ और ही है। पर हाँ यह बात भी सही है कि हमेशा छुप छुप के मज़ा नहीं आता। कभी छुप छुप के तो कभी खुल्लम खुल्ला पर थोड़ा परिवर्तन आना तो ज़रूरी है। एक ही एक जैसा काम करो तो बोरियत होने लगती है।
मैं और मेरी प्यारी बीवी मिनी तो बहुत डायनामिक है इस मामले में, हम अपनी ज़िन्दगी को स्पाइस अप करते रहते हैं किसी न किसी तरह।
मिनी सोफे पर आधी लेटी हुई थी, उसने अपना सर हैंड रेस्ट पर टिकाया हुआ था, उसकी एक टांग मेरी पीठ के पीछे थी और एक मेरी जांघों के ऊपर, मैं सोफे पर बैठा हुआ था। उसने एक लॉन्ग स्कर्ट पहना हुआ था और ऊपर शार्ट टॉप, अंदर कोई गारमेंट्स नहीं।
मैंने उसकी जांघों तक हाथ फेरते हुए कहा- क्यूँ, मैं सही कह रहा हूँ न?
उसने एक हाथ से अपनी लॉन्ग स्कर्ट को घुटने के नीचे तक करके रखा हुआ था जिससे आरके को कुछ न दिखे, पर मेरे हाथ को नहीं रोका और हाँ में सर हिला दिया।
मैंने सिगरेट का कश मारते हुए मिनी से पूछा- पीयेगी?
तो मिनी बिना कुछ बोले जिस हाथ से स्कर्ट पकड़ी थी वो हाथ बढ़ाया और सिगरेट मेरे हाथ से ले ली। मैंने उसकी आँखों में इतनी मस्ती कभी नहीं देखी थी।
उसने मुंह में सिगरेट लगाते ही जोर का दम लगाया और मैंने अपने हाथ को थोड़ा और नीचे ले गया जहाँ उसकी चूत टच हो सके। उसके कारण उसकी स्कर्ट थोड़ी सी और ऊपर उठ गई जो अब घुटने से थोड़ी ऊपर हो गई थी।
मिनी सुट्टा लगाते ही खांसने लगी।
मैंने उसे थोड़ा सा उठाया उसकी पीठ सहलाते हुए बोला- धीरे धीरे पीनी चाहिए थी, एकदम से पूरी सिगरेट थोड़े ही पीनी होती है।
और उसकी बूब्स को ऊपर से ऐसे दबाया जैसे मरीज को सांस न आने पर दबाया जाता है।
आरके ने पानी की बोतल उठा के दे दी, मैंने बोतल मिनी के मुंह से लगा दी।
वो थोड़ा पानी पीकर नार्मल हो गई पर इसी सब उठा पटक में उसका टॉप और ऊपर चला गया जहां से उसके उभार की पहली किरण दिखने लगी थी। जैसे कोई ईद के चाँद हो और इधर जांघों तक स्कर्ट ऊपर उठ गई।
थ आरके मेरी तरफ देखता हुआ आँखों से इशारे से बताने की कोशिश कर रहा था कि स्कर्ट और टॉप थोड़ा नीचे कर दूँ पर वो अभी मेरा प्लान जानता ही कहाँ था, मैंने उसकी बातों को अनदेखा कर दिया।
अब आखिर वो भी जवान लौंडा, और ऊपर से तना हुआ लण्ड! उसने भी मिनी के जिस्म को निहारना शुरू कर दिया।
मिनी भी मदहोश थी, उसकी आँखें बंद और उसके ऊपर मेरा स्पर्श उसे और भी ज्यादा मादक बना रहा था, उसकी चूत पर प्यार से मेरा सहलाना उसकी ठोड़ी को थिरका रहा है।
इधर टीवी पर किसी का कोई ध्यान नहीं है और आरके टॉवल के ऊपर से ही अपने लण्ड को दबा रहा है।
मैं अभी अपने एक हाथ से अपने लण्ड को टॉवल से थोड़ा बाहर निकाल के उसके टोपे को रगड़ रहा हूँ। मिनी की चूत अब तक काफी गीली हो चुकी है, वो इस समय अपनी कामाग्नि के चरम पर है।
मैं धीरे से उसके बूब्स को छूने की इच्छा से टॉप के ऊपर से ही अपना हाथ लेकर गया। मिनी को जैसे करंट लग गया हो उसने तुरंत मेरा हाथ अपने टॉप और नीचे से हटा दिया।
आरके को देखा तो वो बहुत फुर्ती से टीवी की ओर देखने लगा और उसकी पीठ हमारी तरफ थी। यह देख कर मिनी ने मेरी तरफ आश्चर्य के भाव से देखा जैसे वो कहना चाहती हो कि क्या तुम मुझे इसी के सामने चोदोगे।
मैंने कोई रिएक्शन नहीं दिया, मिनी उठने की कोशिश करने लगी, मैंने उसकी उठने में मदद की और उसे बाँहों में भर कर उठाया।
उसने पहले थोड़े कपड़े सही किये, मतलब नीचे किये, फिर बैडरूम में चली गई।
उसके पीछे पीछे बैडरूम में गया तो वो बाथरूम में जा चुकी थी, में वापस ड्राइंग रूम में आ गया।
आरके ने पूछा सब ठीक तो है न?
मैंने कहा- हाँ यार, सब ठीक है।
फिर धीरे से कहा- तू बस शो एन्जॉय कर!
मैंने एक सिगरेट निकाली और जला ली।
तभी किचन में कुछ आवाज़ हुई, मैंने जाकर देखा तो मिनी अपना बचा हुआ पैग एक घूंट में खत्म कर रही थी।
उसने मेरी तरफ देखा और अपने बूब्स को दबाते हुए नशीली अदा से अपने करीब बुलाया।
मैंने जाकर मिनी को बाँहों में जकड़ लिया और उसकी स्कर्ट उठा कर अपने लण्ड को उसकी चूत पर टच करते हुए उसके टॉप को ऊपर उठा कर उसके बूब्स को अपने सीने से दबाने लगा।
मिनी की सिसकारियाँ निकलने लगी, वो धीरे से मेरे कान में बोली- देखा न, तुम हारने वाले हो। मेरा कंट्रोल तुमसे अच्छा है।
मैंने उसकी बात को अनसुना करके अपना आधा लण्ड उसकी चूत में आधा ठेल दिया।
अब तो मिनी से रहा ही नहीं गया और वो जोर से चिल्ला उठी- उहह आहह…
उसका पानी मेरे लण्ड पे महसूस होने लगा।
मैंने अपना लण्ड बाहर निकला और मिनी को अपने आप से दूर कर दिया, फिर धीरे से कहा- इसे कहते हैं कंट्रोल!
और जोर जोर से हंसने लगा।
मिनी नाटकीय रूप से गुस्सा होने लगी, बोली- जाओ, मैं आपसे बात नहीं करती। ऐसे भी कोई करता है क्या अपनी बीवी के साथ?
मैंने कहा- अभी तो पूरी रात पड़ी है, अभी तुम्हारे पास और भी बहुत मौके हैं, उकसाओ मुझे इतना कि मैं तुम्हें पागलों की तरह चोदूँ। मिनी बोली- आपको उकसाना तो आसान है पर आरके भईया के चक्कर में बहुत से अपने जलवे नहीं दिखा पा रही जिसका आप फायदा उठा रहे हो।
मैंने धीरे से बोला- आज तुझे उसी के सामने चोदूँगा मेरी जान!
मिनी को इस बात का कतई बुरा नहीं लगा क्योंकि वो यह जानती है कि जब मैं चोदने के लिए उत्साहित होता हूँ तो ऐसे ही गन्दी गन्दी बातें करता हूँ।
तो वो मेरी ताल में ताल मिला कर बोली- जहाँ मर्जी आये, वहाँ पर मेरे बदन के साथ खेलो जहांपनाह!
वो मेरी रग रग से वाकिफ थी, उसे पता था अगर पलट कर ऐसे जवाब देगी तो मैं इतना उत्तेजित हो जाऊँगा कि उसे वहीं चोद डालूँगा।
पर मैंने ऐसा नहीं किया और जाकर सोफे पर बैठ गया।
आरके के तो आँख कान सब हमारी बातों में ही लगे थे।
मैंने अपने आप को कंट्रोल करने के लिए अपना ध्यान टीवी में लगाना शुरू किया और आरके के हाथ से बिना कुछ बोले उसकी बची हुई सिगरेट ले ली।
2-4 कश लगाने के बाद ही सिगरेट खत्म हो गई थी तो उसे बुझाने के लिए मैं मुड़ा तो किचन के दरवाज़े की तरफ देखकर भौंचक्का ही रह गया।
उधर मिनी सिर्फ टॉवल में खड़ी थी।
किचन के दरवाज़े से सटकर जो सोफे से दिख रहा था, शायद आरके जहाँ बैठा था वहाँ से नहीं।
मैंने उसको इशारे से बोला- आ जा यहाँ आ जा!
किचन से ही मिनी बोलती हुई आई- मैंने सोचा क्यूँ न आप लोगों का साथ दूँ आप लोगों की तरह टॉवल में… और मैं भी पैग पीना चाहती हूँ। क्यूँ भइया, आपको बुरा तो नहीं लगेगा न?
आरके ने जैसे ही पीछे मुड़ कर देखा तो उसके पसीने छूट गए बोला- नहीं भाभी, यह आपका घर है, आप जैसे चाहे वैसे रह सकती हैं। और आप लोग मुझसे संकोच करेंगे तो मुझे लगेगा कि मैं आप लोगों के यहाँ गलत आ गया हूँ और मुझे शायद वापस जाना पड़े। प्लीज आप लोग comfortable रहे।
फिर हंसते हुए बोला- आज मैं आपको फालतू सवाल पूछ कर डिस्टर्ब भी नहीं करूँगा, चाहे कैसी भी आवाज़ें आयें।
हम तीनों इस बात पर हंस दिए।
मैं उठा और उसका गिलास जो किचन में रखा था, वो उठा लाया।
अब तीन पैग बने पर अब मिनी बैठ नहीं रही थी क्योंकि उसका तौलिया बहुत ऊपर तक था।
वो तो मुझे उसकाने के लिए आरके के सामने पहन कर आई थी।
वो सोफे के दूसरी तरफ खड़ी रही, मैं सोफे पर बैठा रहा और बेचारे आरके को अपने तने हुए लण्ड को छुपाने के लिए चादर अपने ऊपर डालनी पड़ी।
मैं सोफे पर बैठा बैठा अपना हाथ बढ़ा कर उसकी चिकनी चूत को सहला रहा था। वो सोफे की तरफ झुकी हुई थी और उसके एक हाथ में गिलास था।
मेरे एक हाथ में गिलास था और दूसरा उसकी चूत पर… थोड़ी देर में मेरी पूरी उंगली गीली हो गई।
इतने में आरके उठा और बोला- मैं वाशरूम होकर आता हूँ।
मैंने कहा- क्यूँ बे… मेरी बीवी को टॉवल में देखकर कही तेरा….
बोलते बोलते मिनी ने मेरे मुंह पे हाथ रख दिया, बोली- भइया इन्होंने थोड़ी ज्यादा पी ली है, कुछ भी बोले जा रहे हैं। आप प्लीज वाशरूम होकर आइये।
आरके बेचारा बिन पानी की मछली जैसा महसूस कर रहा था।
उसके जाते ही मैं मिनी का टॉवल थोड़ा पीछे से उठकर उसकी गांड सहलाने लगा।
मिनी बोली- आप भी कैसे बात करते हो?
मैंने कहा- चिंता मत कर, वो भी पीया हुआ है, उसे कल थोड़े ही न कुछ याद रहेगा। मैं उसे अच्छे से जानता हूँ।
मैंने मिनी को बोला- मैं जैसा कहूँ, वैसा ही करना।
उसने आँखों आँखों में ही हामी भर दी।
जब आरके वाशरूम से लौटा तो मैंने मिनी का टॉवल नीचे नहीं किया, आराम से उसके आते समय मिनी की गांड सहलाता रहा।
मिनी मुझे घूर रही थी और धीरे से बोली- टॉवल नीचे कर दो, वो देख रहे है।
मैंने कहा- तू चिंता मत कर, मुझे पता है कि मैं क्या कर रहा हूँ।
आरके आराम से नंगी गांड की गोलाई नापता हुआ अपनी जगह पर आकर बैठ गया।
मैं धीरे से मिनी से बोला- अगर वो पीये नहीं होता तो कुछ कहता, या वो भी तुम पर चांस मार कर तुम्हें छूने की कोशिश करता। पर वो बहुत पीया हुआ है इसलिए चिंता मत करो उसे कुछ याद नहीं रहने वाला।
आरके ने थोड़ी बात सुन के ही आईडिया लगा लिया कि मैंने मिनी से क्या बोला होगा।
तो आरके टीवी के किसी सीन के बारे में कुछ बोलने लगा। इससे मिनी को और भरोसा हो गया कि आरके को कुछ समझ नहीं आ रहा और वो बहुत ड्रंक है।
उसी का फायदा उठाते हुए मिनी ने सोफे के पीछे से ही मेरा लण्ड टॉवल के ऊपर से पकड़ लिया और सहलाने लगी जो आरके देख रहा था।
धीरे से मिनी आरके को देखते हुए ही मेरा टॉवल हटाते हुए अब सीधे मेरे नंगे लण्ड को सहलाने लगी।
मैंने फिर मिनी से कहा- देख… वो देख रहा है पर कोई रिएक्शन नहीं है। और अगर ऐसा होता तो मैं भी तो शर्माता जब तूने मेरा लण्ड बाहर निकाला तो।
फिर मैंने मिनी का हाथ पकड़ा और उसे सोफे पर बैठने के लिए घुमा कर अपनी तरफ बुलाया।
मिनी सोफे पर आकर बैठी।
अब मैं आधा लेटा हुआ था और मेरी एक टांग मिनी की पीठ के पीछे और और एक जांघ के ऊपर! मेरी टाँगें चौड़ी होने की वजह से मेरा लण्ड अब पूरी तरह तौलिये से बाहर था, मिनी का हाथ मेरे लण्ड से प्यार कर रहा था और मिनी की आँखें केवल आरके को देख रही थी, वो अपने आप पर विश्वास नहीं कर पा रही थी कि यह आदमी सुबह सब भूल जायेगा और इसे अभी कुछ समझ नहीं आ रहा।