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में अम्मी और मेरी बहिन complete

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Guest
में अम्मी और मेरी बहिन-1

मेरा नाम साहिल है और में दुबई में रहता हूँ,

में शरीर में ठीक ठाक ही हूँ लम्बा और गठीला .

मेरे परिवार का यहाँ ज्वेलरी का काम है,

मे इंडिया से हूँ और मेरे अब्बू का 20 सालो से यही बिजनेस है,

मेरे घर में मेरी अम्मी रूबी , मेरे बड़े भाईजान रहमान ,और मेरी बहिन नज्माँ है

जिनकी उम्र 46 , 27, 20 है और में 22 साल का हूँ,

मेरे अब्बू का नाम दाउद है और वो ही सब बिजनेस करते है,

मेरे भाई कुछ काम नहीं करते है और शराब भी पीते है अब्बू से उनकी नहीं बनती है पर अम्मी उन्हें बहुत चाहती है मेरे से भी ज्यादा,

मेरे अब्बू काम के सिलसिले में बहार जाते रहते है और हमारी शॉप में करीब 28 -30 जाने काम करते है.

और मेरी मेरी अम्मी भी कभी कभी शॉप पर जाती है.

हम सब मोर्डेन तरीके से रहते है घर पर हम सब साथ में बियर भी पिते है और मोर्डेन ड्रेस पहनते है.

हमरे घर में सब किसी फोरेन के घर की तरह है.

अब में कहानी पर आता हूँ ....

ये बात है तब की है जब में 18 साल का हुआ था तो मेरे एक बहुत ही खास दोस्त जिसका नाम सलीम है उसने मुझे अपने घर बुलाया और पार्टी दी,

उसके घर पर कोई नहीं था

( उसके अब्बू एक होटल मालिक है,और उन्होंने दो दो शादियों कर रखी है,

उसका बंगला बहुत ही शानदार है, और उसकी दो दो बहिने है.

जिनका नाम शीबा और गुल है और दोनों बहुत ही सुन्दर है,

साहिल की मम्मी भी हमारे घर आती जाती ही रहती है और वो भी बाला की खुबसूरत है,)

उसने मुझे अपने घर बुलाया और मैंने बियर पि और,और हम सेक्स के बारे में बाते करने लगे .

फिर उसने मुझे अपने कामरे में बुलाया और सलिम ने डीवीडी पर एक फिल्म लगा दी वो फिल्म एक इंडियन सेक्स फिल्म थी,

उसमे दो लड़के एक स्लिम और कमसिन लड़की को चोदते है और उसकी गांड भी माँरते है,

मैंने पहली बार एक ब्लू फिल्म देखि,

वेसे में सेक्स के बारे में जनता था पर ब्लू फिल्म पहली बार ही देखि थी,

में बियर के नशे में था ही और फिर उपर से सेक्स का नशा मैंने सलीम से कहा काश यार कोई लड़की होती और में सच मच किसी चुत को चाट पाता और चोद पाता ...?

तभी सलीम बोला :- चुत तो है पर तुम खाली चाट सकते हो ....?

में:- किसकी चुत है यार ..?

सलीम :- किसी की हो तुम्हे चाटनी ही तो है यार, और चोदने का काम मेरे पर छोड़ दो ना ...!

मैंने हाँ भर दी और सलीम बहार गया और साथ में एक ओरत को लाया जिस पर नज़र पड़ते ही मेरी साँस रुक गयी ...

क्यूंकि वो सलीम की मामी थी और वो मेरे अब्बू की दूर की बहिन भी थी.

मैंने उनको आदाब किया और सलीम ने मुझे और चाची को अपने बड़े से बिस्तर पर बेठने को कहा और ,

चाची से बोला:- चाची आज बड़ी सेक्सी लग रही हो, मेरा लैंड तो आपको देख कर उछल रहा है.क्या मस्त लग रही हो आप बिलकुल ही रंडी लग रही हो आप तो ,

चाची :- ओह सलिम क्या कह रहे हो तुम साहिल के सामने और ये क्या देख रहे थे तुम लोग , आज साहिल को कहाँ से लाये हो और इसको क्यों बिगाड़ रहे हो तुम ...

सलीम :- बिगड़ नहीं रहा हूँ बल्कि सुधार रहा हूँ आजकल ये अपना लैंड सुबह शाम हिलाता है और इसका लंड टेढ़ा भी होने लगा है.

चाची आप ही कुछ समझा ओ न इसको (सलीम ने मेरी तरफ आंख मारी ) की ज्यादा मुठ मरने से लंड ख़राब होता है और सलीम ने चाची की किस कर लिया और चाची के बूब दबाने लगा,

चाची तड़फ गयी और चाची ने सलीम का लंड पकड कर दबा दिया रूम अंदर से बंद था ही ...

सलीम :- चाची साहिल अब किसी की सवारी करना चाहता है और इसका लंड भी खड़ा होने लगा है ...

चाची :- क्या बात कर रहा है रे सलीम में कल ही इसकी अम्मी से मिली थी वो भी बोल रही थी की आजकल साहिल बहुत कपडे गंदे करता है .

सलीम :- चाची कितने दिनों बाद आई हो मेरे पास और सलीम ने चाची को लिपकिस्स्स किया और चाची की कुर्ती उतार दी ,

अब चाची की बड़ी बड़ी चुचिया लटक रही थी में पहली बार नंगी चुचिया देख रहा था .

तभी फिल्म में एक सीन आया जिसमे वो लड़की अपनी चुत और अपना मुंह एक ही टाइम चुदवा रही थी ... मेरा लंड अब हिलने लगा था जोर जोर से ..

चाची गौर से देख रही थी मुझको ही और फिर चाची बोली

चाची :- क्यों रे साहिल तेरी अम्मी को बताना पड़ेगा फिर तो ये सब हूँ और ये क्या है और चाची ने मेरा लंड पकड लिया पायजामे के उपर से ही

मुझे बड़ी शर्म आ रही थी मेरे रिश्ते की बुआ और मेरा लंड पकड़ रही थी पर शराब का नशा और पहले सेक्स का जोश में सब भूल गया ...

और अपनी ही बुआ को अपने लंड को हिलाते देख रहा था .

और सलीम ने चची के बूब चूस ने लगा,

और चाची मेरा लंड हिलाने लगी, सलीम ने चाची को कहा: - चाची ऐसे नहीं मेरा लंड अपने मुंह में लो ना,

chachi ne मेरी तरफ देखा और बोली = पागल हो गए हहो क्या साहिल क्या सोचेगा .

सलीम = क्या सोचेगा ये भी अब चुदाई करना चाहता है ,समझी क्या अब मेरा लंड चुसो ना प्लीज़, or sahil ne चाची के मुंह में अपना लंड डाल दिया .

और चाची साहिल का लंड चूसने लगी साहिल का लंड काला सा था और पतला भी था , जबकि मेरा लंड मोटा था और गोरा गोरा था ,

मेरा लंड करीब 7'' का था जबकि साहिल का 5'' का था मेरा लंड अब पेंट के अंदर ही खड़ा हो गया था.

और तभी साहिल ने चाची के बिस्टर पर लेटाया और चाची की सलवार भी उतर दी चाची अब एकदम नंगी थी.

उनकी चूत पर बाल थे पर उनकी चूत गुलाबी गुलाबी थी,

तभी साहिल ने चाची के चूत के मुंह में अपनी जीभ डाल दी.

चाची मस्ती से उछल पड़ी.

और फिर साहिल अपनी जीभ चूत के अंदर घुमाने लगा चाची मज़ा ले रही थी और सिसकिय ले रही थी ,

और साहिल ने फिर अपना लंड चाची के मुंह में डाल दिया.

चाची लंड चूस रही थी तभी साहिल का काम ख़त्म हो गया और साहिल का पानी चाची के मुंह में ही निकल गया.

साहिल ने सोरी बोला पर चाची बोली = साहिल सोरी से काम नहीं चलेगा मेरी चूत लंड चाहती है आज तो चोदना ही पड़ेगा.

वरना बाहर किसी से भी चुदवा लुंगी और तेरी फेमिली का नाम बदनाम कर दूंगी ( चाची साहिल के मामाजान की बीबी यानी मामी थी)

भोसड़ी के तेरी अम्मा की चूत में कुते का लंड भडवे अपना काम कर लिया अब मेरा क्या , और चाची अनाप शनाप चिल्लाने लगी.

tabhi सलीम bola = चाची हो गया ना आप एक काम करो ना साहिल का लंड ले लो अपनी चूत में प्लीज़ ,

में खुश हो गया था आज मेरे लुंड की सिल खुलने वाली थी,

चाची ने मेरी और देक्खा or boli =क्या रे तेरा लुंड बहार तो निकल ना.

और चाची ने मेरी पेंट उतर ली , मेरा लंड देख कर बहुत खुश हो गयी और साहिल से बोली= dekh iska land मादरचोद कितना गोरा और मोटा है,

मैंने गलती की तुमको अपनी चूत देकर हरामी कहीं का ...

मैंने चाची को कहा = छोडो ना चाची मज़ा लो ना और मैंने भी अपना लुंड चाची के मुंह के पास ले गया.

फिर चाची ने मेरा लंड अपने मुंह में भर लिया वह क्या अहसास था दोस्तों और बहनों में जेसे जन्नत में पहुँच गया आज मेरा लंड पहली बार

किसी के मुंह में जा रहा था , चाची ने फिर मेरे लंड को अपने मेंह में चलाया तो मेरा लंड ख़ुशी से फुल कर दुगुना हो गया.

सालीम हमारी और ही देख रहा था.

चाची मेरे लंड को अपने मुंह में चलाने लगी बिलकुल ब्लू फिल्म की तरह ,,,,

मेरे होश तो गायब ही हो गए थे में शबाब के नशे में सब भूल गया था और अपने लंड को आगे पीछे करने लगा.

तभी चाची ने मेरा लंड बहार निकला और सालीम से बोली= भडवे इधर आ और मेरी गांड चाट ना अपना लंड क्या फ्री में ही चुस्वयेगा

और सलीम बेचारा चाची की गांड का छेद चाह्ने लगा, और चाची ने मेरा लंड फिर मुंह में भर लिया.

मेरा लंड फुल कर दुगुना हो गया था,

तभी चाची ने कहा = सलीम ले इसका लंड भी चूस ना ,

सलीम बोला नहीं चाची में नहीं चुसुंगा, चाची खड़ी हो गयी और सलीम की एक चांटा मारा और बोली साले बहिन चोद चूस नहीं तो तेरे,

अब्बू और अम्मी को सब बता दूंगी की तू साले अपनी ही बहिन की चूत को चोद चूका है मादरचोद चल चूस इसका लंड ....और सलीम चुपचाप मेरे लुंड को अपने मुंह में भर लिया और चूसने लगा में ये सुन कर अवाक् था की सलीम अपनी ही बहिन को चोद चूका है, पर में कुछ बोला नहीं और अपना लुंड चुस्वाने लगा.

चाची मेरे पीछे आ गयी और मेरी गंद के छेड़ पर अपनी अंगुली से सहलाने लगी mujhe बहुत ही अच्छा लग रहा था, मेरी गंद भी फडफडा रही थी और मेरा लुंड अब पानी

छोड़ना चाहता था मैंने चाची से कहा = चाची मेरा पानी निकलेगा , चाची ने सलीम को हटाया और खुद मेरा लंड चूसने लगी.

2 मिनिट में ही मेरा लंड पानी छोड़ने लगा और चाची ने लंड से पानी अपने चेहरे और बूब पर गिरा लिया और मेरा लुंड चूसने लगी.

फिर चाची ने सलीम से कहा की उसके चहरे से मेरा पानी चाट कर साफ़ कर सलीम बेचारा सर्मिन्दा होकर ये सब करने लगा और तभी चाची ने कहा = साहिल आज यहाँ 3 घंटे कोई नहीं आएगा बेटा आज तेरे लंड को गांड और चूत दोनों का स्वाद मिलेगा तुम ऐश करोगे ना बेटा .

सलीम चाची के मुंह से मेरे लंड का पानी चाट रहा था मुझे ये देख कर बड़ा ही अच्छा लग रहा था क्यूंकि सलीम मेरे सामने बड़ी बड़ी बातें किया करता था .

फिर चाची ने मेरा लंड फिर से चुसना शुरू किया और सलीम से बोली = जा कंडोम लेकर आ तेरी गंद में लंड डलवाना है .

में ये सुन कर हेरान था की सलीम की गांड में लंड दल्वाएगी चाची पर क्यों...

सलीम = चाची प्लीज़ मुझे माफ़ करदो ना ..

चाची = क्यों तुझे तो शौक है न गांड मरवाने का उस ड्राइवर से तो साहिल का लंड मोटा भी है और गोरा भी तो मरवा ले ना अपनी गांड ,,, जा ले कर आ .

और सलीम बेचारा अपनी ही गांड मरवाने के लिए कंडोम लेन चला गया , हम दोनों एकेले थे रूम में में अब चूत चोदना चाहता था .

चाची मेरे लुंड को देख रही थी और में चूत को चाची की छातियों उपर निचे हो रही थी और मुझे ये बहुत ही बढिया लग रहा था.

चाची ने मुझसे कहा = साहिल ये सलीम बिलकुल भी ठीक नहीं है ये अपनी ही छोटी बहिन गुल जो सिर्फ 17 साल की है उसको चोद चूका है और

अपनी गांड अपने ही ड्राइवर से मरवा चूका है और तो और ये अपनी छोटी अम्मी के बारे में भी गलत सोच रखता है ,

बेटा तुम इसकी सांगत में खराब मत होना और अपनी बहिन को मत चोदना और इस हरामी की गांड को फाड़ के रख दो

आज और हाँ मेरी चूत अब तेरे लिए हमेशा ही खुली है .

और तुम अब अपने लंड को हिलाना मत जब भी लंड खड़ा हो तब मुझे याद करना में इसका इलाज कर दूंगी,

और भाईजान से बोलती हूँ की तुन्हें मेरे पास भेजे पढने के लिए.

तभी सलीम आ गया और chachi chup ho gayi चाची के हाथ में मेरा लंड था or salim ke hath में कंडोम,

मेरा लंड फिर खड़ा हो गया और में आज दोनों छेद में अपना लंड डालना चाहता था,

चाची ने मेरा लंड मुंह में भर लिया और अपने हाथ से मेरी गंद और गोलिया सहलाने लगी,

और सलीम मेरे पीछे आ गया और मेरी छतिया दबाने लगा और हम तीनो सेक्स की दुनिया में खो जाने लगे,

tabhi चाची ने कहा साहिल बेटापहले किस्मे अपना लंड डालोगे चूत या गांड में .. बोलो ना बेटा ...

में सोच रहा था तभी सलीम बोला मेरी गांड लो ना मेरे दोस्त प्लीज़ और मैंने चची से कहा की गांड मरूँगा चच्ची ...

चाची ने सलीम को बेड पर उल्टा लिटा या और उस की गांड में क्रीम लगाने लगी और मुझे कंडोम लगाया और

मेरा लंड चूस कर मेरा लंड सलीम की गांड के छेद पर लगा दिया और मुझे धक्का मरने को कहा ..

मैंने धक्का दिया तो मेरा 7'' का लंड सैट से सलीम की गांड में घुस गया और सलीम चिल्ला उठा = ऊई अम्मी ...

चाची ने मुझे कहा मरो ना ये यूँही नाटक कर रहा है इसका ड्राइवर इसकी गांड मेरे सामने ही माँर चुका है और इसको बहुत ही मज़ा आता है

उम मारो में अब सलीम की गांड मरने लगा मुझे बहुत ही मजा आ रहा था और क्रीम की वजह s मेरा लंड सटा सत गांड में जा रहा था ...

चाची मुझे जोश दिला रही थी और मेरी गांड भी सहला रही थी ,

चाची बोली साहिल बेटा अपना पानी गांड में मत छोड़ना मुझे पिलाना बेटा ...

मैंने कहा हाँ चाची ...

और मेरे लंड ने अब रफ़्तार पकड़ ली थी ...

ऊह्ह्हह्ह ओह्ह्ह ओह ऊओह ओह ओह और मैंने जल्दी से लंड निकला और चाची के मुंह पर पानी छोड़ दिया .....

 
में अम्मी और मेरी बहिन-2

चाची मेरे लुंड का सारा पानी पी गई सलीम भी ये सब ललचाई नजरो से देख रहा था,

करीब आधी कटोरी पानी निकला था मेरे लंड से ,,

मेरा लंड सिकुड़ गया था और इस मेहनत से थक गया था और चाची ये समझ गई थी,

चाची ने सलीम से कहा जाओ थोड़ी चाय बना लाओ ना (घर में कोई नहीं था ना )

सलीम चाय लेने गया और चाची ने मुझे अपनी गोद में बेठा लिया .

और चाची बोली = साहिल बेटा तेरा लंड बहुत ही जोरदार है और मोटा भी क्या तू हमेशा मुझे चोदता रहेगा और मेरी चूत मारेगा बेटे .

चाची ने मुझे लिप किस करना शुरू किया उसने अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल दी और मेरे मुंह में अपनी जीभ घुमाने लगी चाची के मुंह में मेरे लंड का पानी भी था

मुझे मेरे ही पानी का टेस्ट आ रहा था हल्का नमकीन था मेरा पानी और चाची मुझे बुरी तरह से किस कर रही थी .

फिर चाची बोली = साहिल बेटा मेरी चूत चाटो ना, ये तेरी जीभ के लिए तड़फ रही है मेरे बेटे आ ना और चाची मेरे मुंह पकड़ कर अपनी चूत के पास ले आई .

चाची की चूत पर काले काले बाल थे और चूत का मुंह बिलकुल गुलाबी था

उसमे से थोडा थोडा पानी चु रहा था ,

बड़ी ही मस्त लग रही थी चाची की चूत .

और मैंने अपनी जीभ चाची की चूत में डाल दी वाह क्या स्वाद था,

नमकीन बड़ा ही मज़ा आ रहा था मुझे पहली बार चूत चाट कर .

चूत से हलकी हलकी खट्टी सी खुसबू भी आ रही थी और में अब बस दिल खोल कर अपनी प्यारी सी चाची की चूत चाटने लगा था.

करीब 5 मिनिट के बाद सलीम आ गया और चाची ने मुझे रोक दिया और बोली = अब चाय पी लो मेरे राजा और अपने लंड के तेयार करो.

इस चूत के लिए सलीम अब भी नंगा था और उसका लुंड भी खड़ा ही था पर उसका खड़ा लंड भी मेरे सिकुड़े लंड के बराबर ही था,

और हम तीनो चाय पीने लगे , चाय पीते पीते भी चाची मेरा लुंड हिला रही थी और मुझे इसमें बहुत ही मज़ा आ रहा था,

सलीम भी अपना लंड हिला रहा था अपने ही हाथ से ,

मैंने चाची से पूछा = चाची एक बात बताओ ना ,

चाची = बोल ना मेरे राजा .

में = आपकी और सलीम की सेटिंग केसे हुई बताओ ना प्लीज़ .

चाची = हाँ क्यों नहीं मेरे राजा , ये बात करीब छ महीने पुराणी है तेरे चाचा जो सलीम के मामाजान है,

किसी काम से इंडिया गए थे और में बिलकुल ही एकेली थी घर पर तो तेरे चाचा (आरिफ़) ने मुझे कहा की सलीम को अपने पास बुला लूँ ,

रात में रहने के लिए और मैंने इसको बुला लिया ये रात में मेरे घर सोने आता था ,

पहली रात कुछ नहीं हुआ पर दूसरी रात मेरी आँख खुली रात के करीं 2 बजे थे,

ये दुसरे रूम में था में पानी लेने रसोई में गयी तो इसके रूम से आवाज आ रही थी .

मैंने हलके से इसका रूम खोला तो ये खबीस हरामी का मूत mobile पर सेक्सी फिल्म देख रहा था और पूरा नंगा भी था ,

साथ ही अपना लंड अपने हाथ में पकड़ रखा था ,

में आरिफ़ के जाने के बाद चुदासी तो थी ही क्यूंकि मुझे दिन में दो बार लंड लेने का चस्का है मेरे राजा ,

इसको ये सब करते देखकर मेरे होश नहीं रहे और में इसके रूम में घुस गयी और इसका लंड पकड़ लिया ,

और ये चोंक गया पर मैंने इसका लंड पकड़ कर मुंह में ले लिया और चूसने लगी फिर हम दोनों चुदाई की दुनिया में खो गए .

यही है हमारी कहानी बाद में बहुत कुछ हुआ साहिल बेटा पर वो सब बाद में ,

अभी मेरी चूत चोद ना ओया सलीम इधर आ जा मेरी चूत को चाट कर साफ़ कर ना

और सलीम अपने काम में लग गया और चाची की चूत साफ़ करने लगा ,

मेरा लंड भी अब तेयार था चाची ने सलीम को मेरा लंड चूसने को भी कहा सलीम अब खुल चूका था वो मस्ती से मेरा लंड चूसने लगा.

और मेरी गांड भी सहला रहा था फिर चाची ने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और सलीम को बोली = सलीम इसके लंड पर कंडोम लगा ना ,

और सलिन ने मेरे लंड को कंडोम पाह्नाया और चाची मुझे बेड पर ले गयी और में चाची की चूत पर अपना लंड डालने को बेताब था

और मैंने हलके से चाची की चूत में अपना लंड डाला वह क्या मस्त अहसास था दोस्तों आज पहली बार चूत में लंड डाल रहा था

गांड में जब लंड जाता है तो बहुत जोर लगाना पड़ता है और धक्के मरने से लंड छिलता है पर चूत में अलग ही अहसास है

मैंने अपन पूरा लंड धीरे से चूत में डाला और फिर धीरे से आगे पीछे करने लगा ,

चाची = हाँ जान मेरे राजा पूरा लंड दाल दे ना आज कितने दिन बाद सही लंड मिला है मेरे राजा आजा चोद मुझे चोद ना ,

चाची यूँही बोल रही थी और मैंने फिर दे दना दन चालू कर दी मुझे कोई होश नहीं था और में बस धक्के पर धक्का लगा रहा था

मुझे बस अपना पानी निकलना था पर चूत की लज्जत का मज़ा कुछ और ही था ...

करीब 20 मिनिट बाद = आहा आआअह्ह्ह अह्ह्ह अहह आहा ऊऊ ऊऊ और मेरा लंड अपना सब कुछ कंडोम और चाची की चूत में छोड़ बेठा .

में झड चूका था और चाची तो इतने टाइम में दो बार झड गयी थी ....

में चाची की बांहों में गिर गया और हांफने लगा चाची भी हांफ रही थी उनकी चुचिया मेरी छाती से रगड रही थी में उन्हें चूम रहा था ,

और वो मुझे अपना जानू , राजा, शोहर पता नहीं क्या क्या बना रही थी पर एक बात है की मज़ा तो बहुत ही आया था मुझे ,

फिर हमने कपडे पहने और चाची चली गयी और हाँ मुझे अपना mobile नो भी दिया और मेरा भी ले गई ...

फिर उनके जाने के बाद सलीम मेरे पास आया और बोला = साहिल ये सब किसी को बताना मत यार प्लीज़ ..

में = नहीं रे सलीम पागल हो क्या ये हमारा राज है और ये राज ही रहेगा ..

सलीम = ओके साहिल मुझे मिलते रहना और ये (मेरा लंड पेंट के उपर से पकड़ कर) मुझे देते रहना ना ..

मैंने हाँ कहा और घर की तरफ निकल गया रात के 11 बज गए थे ,,,

रात को 12 बजे में घर पहुंचा, नोकर ने दरवाजा खोला और में अंदर गया .

=

(मेरे घर के बारे में बता दू आपको मेरा घर तिन मंजिला है और पहली मंजिल में नोकर रहते है दूसरी में में भाई और नजमा और लास्ट में अम्मी और अब्बू ,

सबसे उपर स्व्मिंग पूल है और छोटा सा बगीचा भी ...)

=

अन्दर जाकर खाना खाया और नोकर से भाई और अब्बू के बारे में पूछा तो नोकर ने बताया की भाईजान आ चुके है और खाना खाकर सो भी गए है जबकि अब्बू बहार गए है,

नजमा भी सो गयी है और अम्मी भी ,

हम सबको अलग अलग रूम मिला हुआ था घर में ..

फिर में खाना खाकर उपर गया अपने रूम में और अपने कपडे चेंज किये मैंने एक टी और बरमूडा पहना और निचे कुछ नही पहना ,

और भीर मैंने अपना लेपटोप ओंन किया और अपने मेल चेक करने लगा ,और फिर एक सेक्सी फिल्म लगा ली .

और फिर गेम खेलने लगा, थोड़ी देर बाद लेपटोप की बेटरी कम हो गयी तो मैंने चार्जर देखा , पर चार्जर तो भाईजान ले गए थे कल ..

में उनके कमरे की तरफ गया पर वो बाहर से बंद था और नोकर बोल रहा था की भाई सो गए है,

अब्बू भी बहार ही थे , कही भाईजान अम्मी के रूम में तो नहीं थे , ये सोच कर में उपर की और गया ,

में उपर पहुंचा उपर एक में डोर था वो खुला था में अंदर गया अंदर एक मास्टर बेडरूम था अम्मी का और एक बहुत ही बड़ा बाथरूम भी था ,

में अम्मी के रूम की तरफ चला, वो खुला था मैंने उसे खोल लिया ,,,

या खुदा ये क्या दिखाई दिया मुझे अल्लाह ,,

ओह ,,

अम्मी और ...

मेरी अम्मी और ....

या अल्लाह ,,

मेरी अम्मी और भाईजान ..एक ही बिस्टर पर ....

दोनों नंगे

जनजात नंगे ..

टेबल पर सराब ..

और टीवी पर xxx वो भी गैंग बेंग वाली ..

ये क्या देख रहा हु में ..

वो दोनों भी मेरी तरफ ही देख रहे थे भाई निचे थे और अम्मी उपर थी ,

दोनों के लंड और चूत आमने सामने थे ,

और एक कंडोम फर्श पर पड़ा था उसके अंडर पानी भी था ..

वो दोनों तो जेसे जाम ही हो गए थे,

टीवी पर फिल्म चालू ही थी उसमे 7-8 लोग मिलकर एक ओरत को चोद रहे थे ,

में भी अवाक् था ,ये क्या देख रहा हूँ .

करीब 4-5 मिनिट तक यही माहोल रहा फिर अम्मी ने ख़ामोशी तोड़ी ,

वो बोली = साहिल बेटा तुम कब आये और दरवाजा नहीं खटखटाया तुमने ,

और अम्मी खड़ी हो गयी मेरी नज़र अम्मी की चूत पर गयी,

अम्मी 46 की थी पर बिलकुल भी सिलवट नहीं थी बदन पर शारीर पर एक भी बाल नहीं ओर चूत एकदम गोरी और गुलाबी गुलाबी ..

बिलकुल सनी लिओनी की तरह ही लग रही थी अम्मी ..

अम्मी की नज़र मेरी नजरो की तरफ गयी तो वो समझ गयी की में क्या ताक रहा हूँ ..

भाईजान ने भी अपने शरीर पर चादर डाल ली,

अम्मी मेरे पास आई और मेरे कंधे पर अपना गोरा गोरा हाथ रखा,

और बोली= बेटा साहिल तुम कब आये

में = अम्मी अभी आया और में मेरे लेपटोप का चार्जर देख रहा था वो कल भाई को दिया था ,

अम्मी = ओह बेटा तेरे भाई का चार्जर तो में काम में ले रही थी क्यूंकि तेरे अब्बू का चार्जर काम नहीं करता है .

और में तेरे भाई को में सिखा रही थी की शादी के बाद तेरी भाभिजान को केसे

खुश रखना है और क्या क्या करना है,

और सब सब तुमको भी सिखा दूंगी बेटा पर ये बात तुम अपने अब्बू या किसी और को नहीं बताना साहिल.

मेरा सर सहमती में हिल गया और अम्मी नर मेरा सर चूम लिया और मुझे अपनी बांहों में भर लिया ,

उनके मोटे मोटे और सख्त बूब मेरी छातियो में गड गए.

फिर अम्मी बोली = साहिल बेटा क्या तेरी कोई girl फ्रेंड भी है क्या ,

में - नहीं अम्मी कोई नहीं है ,

अम्मी -- तो फिर केसे काम चलता है तु,

अम्मी = साहिल सच बोल ना इसकी प्यास केसे बुझाता है और अम्मी ने मेरा लंड पकड़ लिया,

मेरा लंड पहले से ही खड़ा था और में बतादू की भाईजान से मेरा लंड बड़ी भी था और मोटा भी .

मेरे बरमुडे के उपर से अम्मी ने मारा लंड पकड़ लिया ओह ओह मेरी सगी अम्मी ने ही मेरा लंड पकड़ लिया

वो भी मेरे सगे और बड़े भाईजान के सामने ही.

मेरा लंड तो जेसे फुल कर अम्मी को सलामी दे रहा था.

दोस्तों मेरी क्या हालत थी में बयान नहीं कर सकता हूँ .

मेरा पूरा बदन कंप रहा था और मेरा दिमाग मेरी अम्मी की चूत के बारें में ही सोच रहा था.

तभी भाईजान भी खड़े हो गए और मेरे पास आये और मुझसे बोले=साहिल तुम ये सोच रहे हो ना की में और अम्मी ये क्या कर रहे है तो भाई मेरे यह सब कुछ जायज है और देखो न फोरेन में तो यह सब आम है,

भाई बहिन मम्मी बेटा पापा बेटी दादा पोती सब लोग मज़ा करते है और इंजॉय भी करते है.

तभी अम्मी ने मेरा लंड मेरे बरमुडे से निकाल लिया.

 
में अम्मी और मेरी बहिन-3

फिर में अवाक् था पर अब मुझे चुदाई का चस्का लग चूका था,

और मुझे चूत के सिवा कुछ नहीं दिख रहा था फिर अम्मी की मस्त चूत तो थी ही गजब की ,

और फिर भाई जान ने tv पर एक इन्सेस्ट सेक्स की फिल्म लगा दी उसमे भाई बहिन और अम्मी अब्बू एक ही

साथ सेक्स कर रहे थे,

अम्मी ने मुझे बेड पर चलने को कहा और बोली = साहिल बेटा अब शर्म छोड़ दो और जिन्दगी का लुत्फ़ लो,

और अम्मी ने मेरी टी और बर्मुडा उतार दिया,

और,

जब अम्मी ने मेरे लंड की तरफ देखा तो उनकी आँख चमक उठी और अम्मी अपने होंठो पर जीभ फिरने लगी.

भाईजान पेग बना कर मेरे पास आये और बोले = साहिल इसको पी लो तो तेरी सारी शर्म दूर हो जाएगी.

मैंने पेग पी लिया

तभी अम्मी ने मेरा \लंड अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी भाई अम्मी के पीछे चाले गए और उन्होंने अपना लंड

अम्मी की गांड पर रगड़ना चालू किया और अम्मी के बूब भी दबाने लगे ..

मेरा लंड अम्मी के मुंह को चोद रहा था,

और अम्मी अब सिस्याने लगी थी तभी भाई ने अम्मी को खड़ा किया,

और मुझे बोले = साहिल मेरे भाई आजा आज अम्मी को दोनों तरफ से चोदते है ,

बिलकुल विदेशी तरीके से तुम अम्मी की चूत मरो और में गांड मरता हूँ.

अम्मी = हां मेरे बेटे ऐसा ही करो ना दोनों ..

रहमान पर क्रीम लगा लो न अपने लंड पर आजा मेरे बेटे और अम्मी हम दोनों के बिच में खड़ी हो गयी,

भाई ने अपने लंड पर क्रीम लगई और अम्मी की गंद में लंड डाल दिया, वही में अम्मी की मस्त चूत में अपना लंड दाल दिया.

मेरा लंड जब अम्मी की चूत में घुसा तो मुझे अम्मी की चूत चाची की चूत से टाइट महसूस हुई और अम्मी मुझे चूमने लगी और

हम दोनों को उकसाने लगी ....

फिर चुदाई का दोर शुरू हो गया ,

रहमान भाई थोड़ी ही देर में अपना पानी निकाल बेठे और अम्मी की गांड में ही अपना पानी गिरा दिया ...

में अपना लंड अभी भी अम्मी की चूत में डाल रहा था और अम्मी मस्ती से चुद रही थी ...

हाँ तो दोस्तों कारीब बीस मिनिट के बाद मेरा भी पानी निकल गया और में अम्मी की चूत के अंदर ही झड गया.

तभी भाईजान अम्मी से बोले = अम्मी में तो निचे जाता हूँ,अम्मी ने कहा की ठीक है

रहमान और भाईजान निचे चाले गए.

मैंने भिया अम्मी से कहा तो अम्मी ने कहा = साहिल तू यंही रह ना सुबह सुबह एक बार और चुदाई करेंगे .

में फिर वहीँ अम्मी के साथ ही उनके बेड पर सो गया.

हम दोनों अभी भी नंगे ही थे मैंने अपने कपडे पहनने चाहे तो अम्मी ने मना कर दिया.

सुबह के करीब 6 बजे मेरे लंड पर कुछ गिला सा लगा तो मेरी आंख खुल गयी.

मेरी अम्मी मेरा लंड चूस रही थी, और अम्मी ने अपनी चूत मेरे मुंह के पास कर रखी थी,

उनकी चूत से भीनी भीनी खसबू आ रही थी और अभी तक मेरे लंड का पानी उनकी चूत में ही था.

=

फिर अम्मी ने मुझसे कहा की में उनकी चूत चाट लू और अम्मी मेरी गोलिया चूस रही थी और मेरे गंद का छेद भी चाट रही थी ,

बिलकुल किसी xxx फिल्म की तरह और क्या लगती है मेरी अम्मी ..

मुझसे अब रहा नहीं गया और मैंने अम्मी की चूत पर अपनी जीभ लगादी .

चूत हलकी सी गरम थी और फडफडा सी रही थी क्या स्वाद था मेरी अम्मी की चूत के छेद का वाह मुझे तो वो जन्नत ही लग रहा था,

क्या मस्त चूत है अम्मी की बिलकुल सुर्ख लाल रंग की चूत और झांट एक भी नहीं ,

अम्मी मुझे किसी हिरोइन की तरह लग रही थी और चूत किसी मिठाई की तरह ..

में अब जी लगाकर अम्मी की चूत चाट रहा था और अपनी जीभ गोल कर कर के चूत को जीभ से चोद रहा था .

=

मेरा 7'' इंच का लंड अम्मी बिलकुल आइस क्रीम की तरह चूस रही थी,

उनकी छतिया मेरे पेट पर थी हम 69 की अवस्था में लेते हुए थे ,

अम्मी की चूत से थोडा थोडा पानी चु रहा था बड़ा ही मजेदार स्वाद था चूत के पानी का ,

ये सब करीब दस मिनिट चला और अम्मी फिर खड़ी हो गयी, और बोली=साहिल अब मुझसे से रहा नहीं जा रहा है,

बेटा तुम अब मेरी चूत को अपने लंड से से दबाकर चोदो ना और चाहो तो गांड भी मारो ना मेरे बेटे ..

=

अब मेरा लंड आपे से बहार हो रहा था मैंने अम्मी की मस्त चिकनी चूत में अपना लंड डाल कर ठोक ठोक करने लगा ,

अम्मी = डाल मेरे बच्चे अपना पूरा लंड डाल दे अपनी अम्मी की चूत में मेरे राजा आहा आहा आ आ आ सी सी सी उ ऊ ऊऊ आ डाल औरडाल

सीसिसिसिसी आहा हा आःह्ह आआह्ह्ह उई उई उई

उई उई उई

उई मेरे बेटे चोद ले ना अम्मी को .....

में = हाँ अम्मी हाँ ..

और हम अम्मी बेटे करीब बीस मिनिट यूँही चुदाई करते रहे फिर अम्मी का पानी निकल गया और करीब दो मिनिट में मेरा भी पानी

अम्मी की चूत में ही छुट गया ..

फिर अम्मी में बांहों में आ गयी और बोली = साहिल आज तुम कॉलेज मत जाना आज सब के जाने के बाद मस्त चुदाई करेंगे,

और बेटा तेरी झांटे भी साफ़ करणी है और हाँ तेरे अब्बू भी तिन दिन नहीं आयेंगे तो तिन दिन के लिये कोलेज से छुट्टी मर लो ना ..

मेरा भी मन अब अम्मी की चूत में लगा गया था सो मैंने भी हामी भरदी ....

फिर चुदाई के बाद में नंगा ही अम्मी के बिस्तर पर सो गया.

करीब 12 बजे आँख खुली तो देखा की अम्मी नंगी ही खिड़की के पास खड़ी है और निचे देख रही है,

में उनके करीब गया और उनको पीछे से पकड़ लिया और बांहों में भर लिया,

अम्मी = मेरा राजा उठ गया क्या, तेरी बहिन कोलेज जा चुकी है और भाईजान शॉप पर चाले गए है,

में= ठीक है अम्मी आप क्या देख रही हो बहार (खिड़की के सामने थोडा जंगल जेसा था)

अम्मी = बहार एक कुता और कुतिया चुदाई कर रहे थे ओह आल्लाह क्या मस्त चुदाई करी कुते नें पुरे आधा घंटे

कुतिया की चूत का कीमा बना दिया और देखो, अब कुतिया की चूत में उसका लंड अटक गया है,

मैंने बहार देखा सच में कुते का लंड कुतिया की चूत में अटका हुआ था और कुता बेचारा कुतिया के पीछे घसीट रहा था ....

=

ये नज़ारा देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया और अम्मी के गांड के छेद से जाकर लग गया .

अम्मी = साहिल क्या बात है सुबह सुबह ही लंड खड़ा हो गया है.

में = अम्मी ये नज़ारा ही ऐसा है अम्मी ...पर मुझे अभी पेशाब करना है

अम्मी चल न फिर बाथरूम मुझे भी पेसाब लग रही है ,

=

में आपको अम्मी के बाथरूम के बारे में बतादू ..

करीब 30 फुट छोड़ा और 25 फुट लम्बा है , एक बहुत ही बड़ा tab है जिसमे 4 लोग एक साथ नाहा सकते है,

और एक tv भी है, और फर्श पर कुसन लगा हुआ है ,

=

हम दोनों अंदर गए में कमोड के पास गया और पेसाब करने ही वाला था की अम्मी ने मेरा लंड पकड लिया.

अम्मी= बेटा अब तेरे लंड और तेरे हर चीज पर मेरा हक है और अब तुम ये अपना पेसाब मेरे उपर कर ना ..

मुझे अजीब लग रहा था तभी अम्मी ने मुझको अपनी तरफ घुमाया और मेरे सामने निचे बेठ गयी ..

और मुझे अपने उपर (मुंह)

के उपर मुतने को कहा , मैंने अपने लंड को अम्मी के मुंह की तरफ करके पेसाब करना चालू किया ..

मेरे लंड से पेसाब की बोछार निकली और अम्मी के मुंह को भिगोने लगी ,

अम्मी मस्ती से मेरा पेसाब अपने शरीर पर गिरते देख रही थी तभी अम्मी ने अपना मुंह खोला और मेरा पेसाब पिने लगी ..

में फिर अवाक् था अम्मी मेरा पूरा पेसाब पी गयी ,

फिर अम्मी खड़ी हुई और मुझे अपनी चूत के सामने बेठने को कहा ,

अब सीन उल्टा था में अम्मी के सामने निचे बेठा था ..तभी चूत के अंदर से पेसाब की धार निकली

चूत से सुर्र्र सुर्र की आवाज आ रही थी जो बहुत ही प्यारी लग रही थी ..

अम्मी ने मुझे कहा = साहिल मेरा पेसाब टेस्ट नहीं करेगा बेटा ..

और मैंने अपना मुंह खोल कर चूत से लगा लिया ...

मेरे मुंह में गरमा गरम पेसाब भर गया , थोडा नमकीन टेस्ट था पर मजेदार था में अम्मी का पेसाब पिने लगा ...

फिर अम्मी ने मुझे उठाया और अपनी बांहों में भर लिया .

अम्मी = साहिल तुमने मुझे जन्नत का मज़ा दिया है तेरे अब्बू और भाई तो बस अपना पानी निकलना ही जानते है ..

पर तूने में चूत की बरोबर सिकाई की है ..

बेटा तुम क्या साडी जन्दगी मुझे यूँही चोदते रहोगे क्या ..

में = हाँ क्यों नहीं अम्मी पर अगर किसी को पता लगा तो ..

अम्मी = नहीं बेटा नहीं लगेगा तेरे भाईजान मुझे 3 साल से चोद रहे है किसी को खबर भी नहीं हुई है ...

में = अम्मी मुझे बताओ ना की भाईजान ने आपकी चुदाई केसे की पहली बार पूरी कहानी बताओ ना ..

अममी = साहिल सब बतादुंगी पर पहले तेरी झांटे साफ़ करती हूँ फिर हम दोनों साथ में नहायेंगे फिर पूरा दिन साथ में ही है,

ना सब बता दूंगी तुमको मेरे राजा ,

और अम्मी ने मुझे वही लेटा दिया और अलमारी से हेयर रिमूवर लाकर मेरे झांटे सफ्फ करने लगी मेरे लंड और गोलियों और गांड के छेद

पर से सारे बाल साफ कर दिए ..

और मेरी बगल के भी बाल साफ किये ,

फिर अम्मी ने बाथटब में आने को कहा और फिर हम दोनों ने एक दूजे को नहलाया खूब रगड रगड कर,

इसी दोरान एक बार चुदाई भी की हमने फिर हम रूम में आये मैंने कपडे पहन लिए और घड़ी देखि तो 4 बज गए थे,

मेरी छोटी बहिन नजमा के कोलेज से आने का टाइम हो गया था
 
में अम्मी और मेरी बहिन-4

में और अम्मी फिर कपडे पहिन कर निचे आ गए ,

मेरी बहिन नजमा के बारे में बतादू आपको ,

वो बिलकुल स्लिम और फिट है,और उसको हिंदी फिल्मे का चस्का है,

उसके रूम में टीवी और डीवीडी प्लेयर भी है,

और वो सलीम की बहिनो शीबा और गुल की खास दोस्त भी है,

सलीम की बहिने हमारे घर आती जाती रहती है,

सलीम का परिवार हमसे थोडा ज्यादा पैसेवाला भी है और आजाद ख्याल भी,

नजमा बातचीत में बहुत ही स्मार्ट है.

और फेसन में तो गजब ही है.

पर वो थोड़ी सी सांवली है पता नहीं किस पर गई है ...

मुझसे उसकी अच्छी पटती है.

में और अम्मी निचे आ गए और हम दोनों हॉल में बेथ कर बाते करने लगे..

मैंने अम्मी से भाई से सेटिंग के बारे में पूछा की पहली बार भाई से चुदाई केसे करवाई,

तो अम्मी मुझे बताने लगी. अम्मी की कहानी अम्मी की जुबानी.

बेटा साहिल बात तिन साल पहले की है,

तेरे अब्बू का लंड छोटा सा ही है करीब 4 इंच का और उनको चुदाई में ज्यादा इंटरेस्ट भी नहीं है

उनको सिर्फ चाटने और चूसने में ही मज़ा आ जाता है और उनको एक अजीब शोक भी है,

वो शौक है हिन्जडो के साथ सेक्स करने का उनकी गांड मारने और उनसे गांड मरवाने का बहुत ही शौक है उनको,

मुझे हमेशा से ही सेक्स का चस्का है लेकिन तेरे अब्बू मेरी चूत बराबर नहीं मार पाते है

और इसकी वजह से में किसी दुसरे से चुदवाने की फ़िराक में थी,

लेकिन किसी बाहर वाले से चुदवाने में इज्जत का खतरा था और एक दिन रात में तेरे भाईजान पीकर आये.

उन्होंने ज्यादा ही पी रखी थी,

तुम और नजमा सो चुके थे और तेरे अब्बू भी घर पर नहीं थे,

तेरे भाईजान को में उनके कमरे में लेकर गयी और उसे बोली की कपडे चेंज कर ले,

रहमान नशे में था और वो मेरे सामने अपने कपडे उतरने लगा,

जब उसने अपनी पेंट उतारी तो साथ में उसका अंडरवियर भी उतर गया और वो मेरे सामने नंगा हो गया,

उसका लंड खड़ा था और उकसी लाल लाल टोपी चमक रही थी,

में पिछले तिन दिन से नहीं चूदी थी तेरे भाई जान का लंड मेरी आँखों के सामने था,

फिर उसने अपनी कमीज भी उतार दी,

उसका कसरती बदन मेरी चूत में खुजली दे रहा था,

में हवस में अंधी हो गयी थी,

में ने रहमान से कहा = बेटा तुम नंगे हो गए हो,

रहमान अपने होश में नहीं था , और उसका लंड भी तान में था, मुझे कई दिन बाद लंड दिखा था और में पहले से गर्म ही थी

और मेरी चूत में खुजली चल ही रही थी,

तो मैंने रहमान का लंड को धीरे से पकड़ा और बोली = रहमान बेटा चलो सो जाओ ना,

रहमान ने मेरी तरफ देखा और बोला = अम्मी में होश में नहीं हूँ ना ,

मेंने कहा = सब ठीक है रहमान,

और मैंने रहमान को निचे से खाना लाकर दिया,

tab तक रहमान ने अपनी तहमद पहन ली थी पर निचे अंडरवियर नहीं पहना था,

उसका लंड अब भी तान में था ...

फिर रहमान ने मेरी तरफ देखा और बोला = अम्मी आज तो आप गजब की लग रही हो,

सलवार सूट में बिलकुल ही विधा बालन लग रही हो,

में पहले से ही अपनी चूत खुजा रही थी,

इस बात नै मुझे और भी गरम कर दिया,

तभी रहमान ने tv चला दी tv पर एक sexi फिल्म चल रही थी,

जिसमे एक लड़की दो आदमी से चुद रही थी,

में अब चूत के हाथो मजबूर हो गयी थी,

साहिल बेटा और मेरी चूत लंड लेने को बेताब थी,

तभी रहमान ने मुझे कहा = अम्मी आप मेरा थोडा काम करोगी क्या ...?

मैंने कहा = क्या बेटा .

रहमान = अम्मी मेरा पेट दुःख रहा है थोडा दबा दो ना .

में रहमान का पेट दबाने लगी.

रहमान मेरी चुन्चियो को गोर से देख रहा था,

और

में रहमान का लंड निहार रही थी आग दोनों ही तरफ थी,

तभी रहमान ने tv की आवाज तेज़ की लड़की के अब दोनों तरफ ही लंड लगा हुआ था और वो सिसकिय भर रही थी,

रहमान ने अपनी तहमद खोल दी,

और मुझसे बोला = अम्मी देखो न इसको कितना बड़ा हो गया है,

आपको देख कर अम्म्की इसका इलाज करो ना,

मैंने कहा की केसे मगर,

रहमान = उस लड़की की तरह तुम भी मेरे लंड को अपनी चूत और गांड में लो ना अम्मी और रहमान ने मुझे अपनी तरफ खिंच लिया,

और मुझे किस करने लगा और मेरे बूब दबाने लगा,

में भी यही चाहती थी पर में उसे और तड़ फाना चाहती थी,

मैंने उससे कहा = रहमान में तेरी अम्मी हूँ और ये हमारे मजहब के खिलाफ ,है ,बेटाकी अम्मी अपने बेटे से ही चुद्वाए,

पर रहमान अब मुझे छोड़ने की फ़िराक में नहीं था,

और उसने मेरी सलवार में हाथ डालकर कहा की = अम्मी मजहब सिर्फ चूत और लंड का ही होता है,

आओ ना अपने बेटे के लंड को अपनी चूत में ले लो ना,,,,

और रहमान ने मेरी चुन्चिया पकड़ कर दबने लगा ....में उससे छुड़ कर दरवाजे की तरफ गयी पर

रहमान नंगा ही मेरी तरफ आया और मुझे पीछे से अपनी बांहों में खिंच लिया में तो यही चाहती थी,

तेरे भाईजान का लंड मेरी गांड पर लग गया और मेरी चुन्चिया तेरे भाईजान ने कास कर थाम ली.

रहमान ने मुझे फिर मुझे अपनी बांहों में भर लिया और अपने बेड पर ले गया ,

अब मेरा खुद पर काबू नहीं था साहिल मेरी चूत में बहुत ही खुजली हो रही थी ,

और तभी रहमान ने मेरी सलवार उतारी और सीधा ही मेरी चूत पर अपना मुंह लगा लिया और मेरी चूत को चाटने लगा ,

मेरी हालत खराब हो गयी अब में सिर्फ लंड लेना चाहती थी,

तभी रहमान ने मेरे मुंह पर अपना लंड रखा और चूसने को कहा साहिल में चुपचाप तेरे बड़े भाई का लंड चूसने लगी,

और थोड़ी देर चूसने के बाद रहमान ने मेरी जैम कर चुदाई की,फिर रहमान ने मुझे अपनी रंडी बना लिया और चोद ने लगा,

इस तरह तेरे भाईजान ने मेरी चुदाई की मेरे बेटे,

और इस तरह से तेरे भाईजान तीन सालो से मेरी चूत और गांड का मज़ा ले रहे है बेटे,

अब तुम भी मेरी चूत और गांड का मज़ा लो न साहिल बेटा ,,,,,

=

फिर अम्मी ने मेरा लंड पकड़ लिया और मेरे बरमुडे से बाहर निकल लिया,

पर तभी निचे से दरवाजे की घंटी की आवाज आई,

अम्मी - साहिल लगता है की नजमा आ गयी है,

मेरे खड़े लंड का klpd हो गया,

सही में ही नजमा आई थी, नजमा ने एक फिट और tite t-sirt पहन राखी थी और निचे एक जींस पहन रखी थी

मैंने आज पहली बार नजमा को किसी और नजरो से देखा था,

नजमा की चुन्चिया बहुत ही मस्त थी लगभग 30 साइज़ की थी,

और हाँ नजमा का मुखड़ा बहुत ही मासूम था,

और सबसे मस्त नजमा की गांड थी,

एकदम गोल मटोल मेरा लंड खड़ा तो था ही अब वो मेरी पेंट फाड़ने को उतारू था,

अम्मी ये सब देख रही थी,

पर मैंने अम्मी की कोई परवाह नहीं की,,

मैंने नजमा से पूछा= क्या बात है नाजो (हम सब नजमा को प्यार से नाजो ही कहते थे)

आज बहुत ही सुन्दर लग रही हो तुम तो कोई खास बात है क्या...

नजमा ने मेरी और देखा और बोली= भाई में तो रोज ही लगभग एसी ही लगती हूँ ,

पर आज तुम जरुर कुछ खास लग रहे हो बिलकुल गोरे गोरे लग रहे हो लगता है पार्लर से आ रहे हो तुम,

(नजमा क्या जाने की ये कमाँल किसी पार्लर का नहीं चाची और अम्मी की जुबान का था जो मेरे चेहरे पर से हट ही नहीं रही थी

अम्मी और चाची ने मुझे इतना कस कस कर चूमा था की में वाकई में गोरा लगने लगा था )

फिर नजमा मेरे बाजु में आकर बेठ गई,

और मुझसे लेपटोप के बारे में पूछने लगी,

उसे नेट का बहुत ही शोक था और वो हर वक्त ही लेपटोप से चिपकी रहती थी,

उसने मुझसे अपने लेपटोप में एक सॉफ्टवेयर डालने को कहा,

मेरा शेतानी दिमाग में एक आईडिया आया और में उसके लेपटोप पर pc conect भी डाल दिया,

इससे में उसकी हर हरकत का पता पपने फोन से लगा सकता था की उसने नेट पर क्या क्या किया,

तभी अम्मी फोन लेकर आई और बोली साहिल तेरी बुआ का फोन है ले वो तेरे से बात करना चाहती है

बुआ यानी सलीम की चाची जिसने मुझे पहली बार चूत का रास्ता दिखाया था,

मैंने फोन लिया और हेल्लो बोला तो सामने से आवाज आई= क्या हाल है तेरे लंड का बेटा ,

में = ठीक है बुआ आप सुनाओ अपनी ,

बुआ = मेरी चूत तेरे लंड से चुदना चाहती है बेटा,

में = मेरा भी यही मन है,

बुआ = तो आजाओ ना मेरे घर तेरे फूफा अभी शहर से बहार है,और तेरी बहिन रानी

(बुआ की बेटी जो करीब 17 साल की है और थोड़ी सांवली है पर लगती जोरदार है) अपने चाचा के घर गयी है

में = ठीक है बुआ में आता हूँ,

तभी अम्मी बोल पड़ी = कहाँ जा रहा है साहिल बेटा,

में = बुआ के घर उनका कोई काम है.

अम्मी = में भी चलती हूँ बेटा मुझे भी कई दिन हो गए है उससे मिले हुए,

में ने कहा ठीक है अम्मी और हम दोनों घर से निकल गए.

हमारी गाड़ी को हमारा ड्राइवर चला रहा था (उसका नाम मनोज है और वो up का है)

अम्मी और में पीछे बेठे थे,

20 मिनिट में हम दोनों बुआ के पास पहुंचे ...
 
में अम्मी और मेरी बहिन-5

बुआ हमें अंदर ले गयी.

बुआ का मकान ठीक था, वो हमने अपने बेडरूम में ले गयी और बेड पर बैठाया.

वो मुझसे और अम्मी से गले लग कर मिली. मेरा लंड उनके गले मिलते ही खड़ा हो गया,

मैंने सलवार कमीज पहन राखी थी, लंड खड़ा होकर सीधा हो गया,

मेरे लंड को अम्मी ने देख लिया,

तभी बुआ पानी लेन बहार गयी तो,

अम्मी बोली= क्या रे साहिल बुआ के उपर भी नियत खराब है क्या,

बोलो तो चुदवा दूँ बुआ को भी बोल ...

में अवाक् रह गया ये सुन कर..

तभी बुआ आ गयी, अम्मी ने पानी पिया और बोली= तेरा नोकर कहाँ गया सारा (बुआ का नाम सारा था)

बुआ = अरे वो छुट्टी पर गया है, रूबी भाभी और सुनाओ क्या हाल है,

और भाभी क्या रहमान की शादी नहीं करनी है क्या, फिर इसका भी नंबर है, और बुआ ने मेरे गाल पर चुटकी कट ली,

अम्मी = हाँ सारा पर कोई अच्छी लड़की बता न रहमान के लिए थोड़ी गरीब घर की हो और खुबसूरत हो,

बुआ= क्यों नहीं भाभी मेरे शोहर की बहिन के एक लड़की है जो खुबसूरत तो है ही साथ में ही बहुत ही सलीके वाली भी है,

कहो तो बात चलाऊ.

अम्मी = हाँ रे बात भी चला और फोटो भी मन्गा ले.

बुआ = पर रहमान ज्यादा नही पीता है क्या भाभी तुम कुछ बोलती क्यों नहीं हो उसको.

अम्मी = अब उसने कम कर दिया है सारा,

बुआ = ठीक है फिर तो साहिल के लिए भी साथ में ही लड़की ढूढ लो.

इसकी भी उम्र हो गयी है भाभीशादी की,

और जल्दी शादी करने से ये इधर उधर भी नहीं जायेगा भाभी,

अम्मी = तुम सही कह रही हो सारा आज कल लडको का कोई भरोसा नहीं है,

और तो और फिर हमारे घर के मर्द भी बहार घूमते रहते है, तेरे शोहर कब आयेंगे सारा.

बुआ = वो तो 10-12 दिन के बाद ही आयेंगे.

अम्मी = ओह तो तुम क्या करोगी इतने दिन,

बुआ = है ना अपना हथियार रबड़ का,

(ये सुन कार में सकपका गया क्या बोल दिया बुआ ने अम्मी के सामने ही )

अम्मी = ओह तुम अभी तक उसे काम में लेती है सारा.

बुआ = और क्या करू भाभी मेरे तो कोई बेटा भी नहीं है वरना उससे काम चला लेती,

अम्मी = क्या बक रही है सारा तुम अपने बेटे से ये सब कर न चाहती है,

बुआ = तो क्या करू किसी बहार वाले से अच्छ अपना बेटा है भाभी ,

और आजकल तो ये आम हो गया है कल ही tv पर आ रहा था की, फोरेन में अम्मी बेटा और अब्बू बेटी में सेक्स आम हो गया है..

अम्मी = हाँ मैंने भी देखा था वो ..

(यह सब सुन कर में समझ गया की आज दो दो चूत चोदने को मिलने वाली है,

मेरा लंड अब काबू में नहीं था मेरी अम्मी और बुआ की बाते उसे उकसा रही थी )

बुआ = आजकल के बच्चे बहुत ही आगे है भाभी,देखो ना मेरे भतीजे ने क्या गुल खिलाया,

अम्मी = क्या किया रे ,

बुआ = 17 साल का ही है पर रंडियों के पास जाता है,कल दोपहर को उसके घर पर कोई नहीं था ,

तो वो दो रंडिय ले आया वो भी 30-35 साल की उसकी अम्मी की उम्र की,

और दिन में ही उनके साथ मुंह काला करने लगा मुआ, में गलती से ही उनके घर गई,

उनके घर की चाबिय मेरे ही पास थी, मैंने जब दरवाजा खोला तो अंदर हाई अल्लाह क्या चल रहा था,,

अम्मी = खुल के बता ना क्या चल रहा था,सारा.

बुआ ने मेरी तरफ इशारा किया.

अम्मी बोली = सारा साहिल अब जवान हो गया है और ये सब बाते उसे जाननी चाहिए ना,

क्यूंकि कल उसकी भी शादी होनी है और उसे सब काम अपनी बीबी से करने है तुम खुल कर बोलो ना,

बुआ खुश हो गयी और बताने लगी= मैंने दरवाजा खोला तो अंदर तीनो ही जन्मजात नंगे थे,और सोफे पर बेठे हुए थे,

एक रंडी घोड़ी बनी हुई थी और जाकिब(बुआ का भतीजा) उसकी गांड मर रहा था और दूसरी रंडी जाकिब की गांड चाट रही थी,

अम्मी = ओह फिर क्या हुआ सारा,

बुआ = मुझे देख कर जाकिब थोडा सा डर गया और उसने रंडी को छोड़ कर अपने उपर चादर डाली और मेरे पैर पकड़ लिए,

और माफ़ी मांगने लगा और अपने अब्बू अम्मी से ये सब ना बताने को कहने लगा..

अम्मी = फिर तुमने क्या किया सारा ...

बुआ मेरी रानो पर हाथ रखकर (में बिच में बेठा था और बुआ और अम्मी मेरे दोनों तरफ थी)बोली = क्या करती भाभी घर की

बात थी अब लड़के जवानी में ये सब तो करेंगे ही,तेरा रहमान को लडको को भी नहीं छोड़ता है,मैंने जाकिब से कहा की रंडियों को कितने पेसे

दिए है तो उसने बताया की दोनों रंडियों को 10000/= दिए है एक एक बार चोदने के चाची आप बोलो तो पेसे वसूल करलू,

अब में अपने घर का पैसा केसे जाया जाने देती भाभी मैंने जाकिब से कहा बेटा वसूली करले, तो जाकिब बोला आप भी देखो ना चाची,

में क्या क्या करता हूँ, में वन्ही बेठ गयी भाभी और वो फिर से चादर उतर कर दूसरी रंडी को अपना बेठा हुआ लंड चूसाने लगा

थोड़ी ही देर में उसका लंड फिर से खड़ा हो गया.

अम्मी = कितना बड़ा था वो उसका,

बुआ = करीब 9'' का काला लंड था भाभी बिलकुल किसी कालिए हब्सी के लंड की तरह..

(ये सुनकर अम्मी ने अपनी जुबान अपने होंठो पर फेरी और सिसकारी सी भरी)

और भाभी वो बुरी तरह से उस रंडी की गांड मरने लगा करीब 20-22 मिनिट बाद उसका पानी छुट गया,

और जब पानी छूता तो उसका लंड मेरी तरफ था और उसके पानी के छींटे मेरे मुंह पर भी आ पड़े,

भाभी तभी दूसरी रंडी मेरे पास आ गयी और मेरे मुंह पर पड़े छींटे अपनी जुबान से साफ़ करने लगी.

कभी कभी वो मुझे चूम भी रही थी,उधर जावेद का लंड दूसरी रंडी चूसने लगी,

इधर में भी गरम हो गयी थी भाभी और तभी वो रंडी मेरे बूब दबाने लगी और बोलने लगी = जाकिब तेरी चाची तो बड़ी कड़क है रे ,

इसको रंडी बनाओ ना और उसने एक हाथ मेरी सलवार में दाल दिया और मेरी चूत सहलाने लगी ,

और ये सब देख कर जाकिब भी आ गया और तीनो ने मिल कर मुझे भी नंगा कर दिया भाभी,

(मेरा हाथ अपने लंड पर जा पहुंचा और में उसे सलवार के उपर से ही हिलाने लगा,

ये करते हुए मुझे बुआ ने देख लिया और वो मुस्कराई और अपना हाथ उसने मेरे लंड पर रख दिया)

अम्मी ने ये देख लिया और बोली = लगता है ये कहानी सुन कर सारा तेरा दिल भी खराब हो गया है जो मेरे लड़के के हथियार

को पकड़ रही हो .

बुआ= तेरा लड़का मेरा भी तो लड़का है चल भाभी आज इसके हथियार की सफाई करते है दोनों मिल कर,

अम्मी = पर ये बच्चा है और मेरा सगा बेटा भी सारा..और तुम पहले पूरी कहानी तो सुना ना ...

बुआ= भाभी मुझे पता है की तेरी चूत में खुजली हो रही है, और इलाज तेरे सामने है,कहानी फिर बता दूंगी किसी दिन,

आजा आज असली मज़ा लेते है तेरे बेटे के 8'' के लंड से , अब शर्म छोड़ मस्ती कर ना..

और बूआ ने अम्मी का दुपट्टा खिंच लिया और बोली = तेरा बेटा कितना मादरचोद है परसों ही मुझे चोद चूका है ,

और क्या कमाल का लंड है इसका मेरी भाभी ,,,

अम्मी हेरान होकर = परसों कहाँ कब सारा तुमने बताया नहीं मुझे ...

बुआ अम्मी पर टूट पड़ी और आमी की कमीज उतर दी अम्मी सिर्फ ब्रा और सलवार में थी बुआ आमी के पीछे गयी और अम्मी की ब्रा खोल दी,

अम्मी की छातिया खुलकर उछल सी गयी..

बुआ = ओये साहिल क्या लंड सलवार के अंदर ही रखेगा या अपनी अम्मी और बुआ की चूत की आग को बुझाएगा.

और में अब खड़ा हो गया और अपने कपडे खोल दिए और जाकर अम्मी की सलवार खोलने लगा,

बुआ भी नंगी हो गयी थी, आज बुआ की झांट एकदम साफ़ थी,

अम्मी की सलवार और पेंटी मैंने उटार दी, आमी अपनी चूत पर इत्र लगा कर रखती है ...

पेंटी उतारते ही कमरे में अम्मी की चूत की खुसबू फेल गयी ....

बुआ निचे बेथ कर कभी अम्मी की चूत चाट रही थी और कभी मेरा लंड ....

बुआ मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी जेसे मेरी बहिन नजमा लोलीपॉप चुस्ती है,

और अम्मी भी मस्ती में आ चुकी थी,

वो भी बार बार मेरा लंड पकड रही थी .

अब मेरा हाथ बुआ की नंगी और चिकनी चूत पे था मैं अपना हाथ उनकी पूरी चूत पे फेरने लगा,

उनकी नंगी चूत को अपने हाथ से सहलाने लगा,

उनकी चूत बहुत ही ज्यादा गीली थी धीरे धीरे बुआ अपनी टांगें खोलने लगी,

अब मेरा हाथ उनकी पूरी चूत में ऊपर नीचे हो रहा था बुआ पूरी तरह गरम हो चुकी थी ,

वो मेरे होंठो को छोड़ ही नहीं रही थी और मैं भी उनके होंठो को चूसते हुए उनकी चूत को सहला रहा था,

फिर बुआ ने मुझे किस करते हुए मेरे लंड पर अपना हाथ डाल दिया ,

और मेरे नंगे लंड को सहलाने लगी उसे ऊपर नीचे करने लगी .

फिर मैंने अपना एक हाथ उनके मोटे चूतड़ों से ज़रा ऊपर रख दिया और उन्हे बेड तक ले आया.

मेरी उंगलियों को उनके तवाना चूतड़ों की आगे पीछे हरकत महसूस हो रही थी.

मेरे सबर का पैमाना लब्राइज़ हो रहा था.

मैंने अचानक अपना हाथ उनके मोटे और उभरे हुए चूतड़ के दरमियाँ में रख कर उससे आहिस्ता से टटोला.

उन्होने कुछ नही कहा. इस पर मैंने उनके एक भारी चूतड़ को थोड़ा सा दबाया. बड़ी मज़बूत और ताक़तवर गांड़ थी बुआ की.

उन्होने अपने चूतड़ पर मेरे हाथ का दबाव महसूस किया तो मेरे हाथ को जो उनके चूतड़ के ऊपर था,

पकड़ कर अपनी कमर की तरफ ले आईं लेकिन कहा कुछ नही.

ये मेरी ज़िंदगी का सब से हसीन लम्हा था.

मेरा दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था.

बुआ के मम्मे बे-पनाह मोटे, गोल और बाहर निकले हुए थे.

उनके दोनो मम्मों के ऊपर और साइड में ब्रा की वजह से हल्की लकीरें पड़ी हुई थीं .

सुर्खी मा'आइल गुलाबी रंग के खूबसूरत निप्पल बड़े बड़े और बाहर निकले हुए थे.

निपल्स के साथ वाला हिस्सा काफ़ी बड़ा और बिल्कुल गोल था जिस पर छोटे छोटे दाने उभरे हुए थे.

मैंने उनका एक मम्मा हाथ में ले कर दबाया तो उस का निप्पल मेरी हतैली में धँस कर दब गया.

में उनका मुँह चूमते हुए उनके मोटे मम्मों को मसलने लगा.

अम्मी भी मेरा साथ दे रही थी ...और मुझे उकसा रही थी बुआ की चूत से पानी टपक रहा था ...

 
में अम्मी और मेरी बहिन-6

फिर में और अम्मी निकल गए घर की तरफ और में अपने रूम में जाकर सो गया,

आज की चुदाई से मेरा लंड दर्द कर रहा था,

बिस्तर पर जाते ही मेरी आँख लग गयी.

=

सुबह करीब 9 बजे आँख खुली आज सन्डे था,

अब्बू अब भी नहीं आये थे, मैंने नास्ता किया नजमा भी मेरे सामने ही बेठी थी,

अम्मी उपर ही थी,

भाईजान कहीं गए हुए थे, नजमा ने मुझसे अपने लेपटोप के बारे में पूछताछ करने लगी,

मैंने उसको अपने रूम में आने को कहा तो वो लेपटोप लेकर मेरे रूम में आ गयी.

फिर वो और में लेपटोप लेकर मेरे बेड पर बेठ गए,

नजमा ने आज एक फ्रोक पहन रखी थी, जो उस पर खूब जंच रही थी,

वो आज किसी गुडिया की तरह लग रही थी.

उसका पतला बदन और तीखी चुन्चिया गजब ढा रही थी और उसके बूब भी v कट से दिख रहे थे.

उसने इतर भी लगा रखा था जिसकी भीनी भीनी खुसबू मुझे मस्त कर रही थी,

मेरा लंड टाईट होने लगा था,

नजमा की नंगी टाँगे मेरे पेरो से टच हो रही थी,और मेरे होश अब काबू में नहीं थे......

तभी नजमा बोली = भाईजान मुझे थोडा नेट चलाना सिखाओ ना..

में = हाँ क्यों नहीं नजमा और मैंने लेपटोप ओंन किया,

और मैंने गूगल खोला और नजमा को बताने लगा की नेट का यूज केसे किया जाता है,

तभी अम्मी अंदर आई और बोली क्या हो रहा है आज भाई बहिन एक साथ क्या कर रहे है,

नजमा अम्मी को बताने लगी की वो नेट चलाना सिख रही है,,

अम्मी भी हमारे पास बेठ गई,

तभी नजमा बोली की वो बाथरूम जाकर आती है,और वो मेरे बाथरूम में चली गयी..

तभी मुझे याद आया की मेरे बाथरूम में एक sexi कहानी की किताब पड़ी हुई है,

पर में अब कुछ नहीं कर सकता था ....

तभी अम्मी ने मेरा लंड पकड़ा और धीरे से बोली = बेटे लगता है अम्मी के बाद बहिन की बारी है

में = नहीं अम्मी बस उसके नेट सिखा रहा था और मेरा लंड छोडो न नजमा आ जाएगी ...

करीब 5 मिनिट में नजमा बाहर आई,

tab तक मैंने उसके लेपटोप पर एक होमपेज सेट कर दिया

वो होमपेज एक sexi साईट का था उसमे sexi कहानिया और फिल्मे आती थी,

मतलब जब भी नजमा नेट चलती वोही पेज पहले खुलता ये सब करके मैंने लेपटोप बंद कर दिया था,

नजमा बहार आई और बोली = अम्मी में मेरा फोन लेकर आती हूँ और ये बोल कर वो अपने रूम में चली गई.

अम्मी में मेरा लंड फिर से पकड़ा और बोली = राजा बेटा मेरी चूत चाट ना प्लीज ,

में = अम्मी पागल हो क्या नजमा आ जाएगी ,

अम्मी = यार कुछ कर ना ...मेरे बेटे ..

तभी नजमा आ गयी और अम्मी चुप हो गयी.

फिर हम तीनो इधर उधर की बातें करने लगे ....

तभी नजमा का फोन बजा और नजमा फोन पर बात करने लगी ...

फोन सलीम की बहिन का था ..

फोन से निपट कर नजमा अम्मी के पास आई और अम्मी से बोली की गुल का फोन था और वो फिल्म देखने जाना चाहती थी,

नजमा ने अम्मी से कहा की क्या वो भी गुल और शीबा के साथ चली जाये,

अम्मी ने हामी भर दी (अम्मी को मुझसे चुदना जो था)

नजमा खुश हो गई और अम्मी को चूम लिया और ड्रेस चेंज करने अपने रूम में गई ....

अम्मी खुश थी की आज वो अपने बेटे से आराम से चुद्वायेगी

में सलीम की बहिनों के बारे में सोच रहा था

शीबा बहुत ही जोरदार आइटम थी बिलकुल ही मस्त लगती थी

काश में उसको चोद पाता ..

तभी नजमा आ गई उसने जींस टॉप पहना हुआ था

,

बिलकुल ही माल लग रही थी मेरी बहिन ,

नजमा की गांड जींस में बाहर से निकली हुई दिख रही थी ..

मेरा लंड अब बिलकुल ही खड़ा हो गया था .

नजमा का फोन फिर बजा ,

उसने फोन उठाया और बात की और बोली अम्मी में जाती हूँ सलीम गाड़ी लेकर बहार खड़ा है.

मेरी गांड ही जल गई मेरी बहिन सलीम के साथ फिल्म देखेगी जिसकी मैंने गांड माँरी थी..

पर क्या बोलू फिर नजमा मेरे सामने ही चली गई..

=

अम्मी चुदने के लिए तेयार ही थी, अम्मी ने नजमा के जाते ही मुझसे कहा =चल उपर चलते है बेटा और में और अम्मी उपर चले गए.

फिर अम्मी ने अपने रूम की टीवी में एक sexi फिल्म लगाई जिसमे एक ओरत एक लड़की के साथ लेस्बो सेक्स करती है

फिर बाद में वो ओरत उस लड़की को अपने पति से चुद्वाती है ,,

मेरा लंड अब अम्मी की चूत फाड़ने के लिए तेयार हो चूका था.

अम्मी ने रूम अंदर से लॉक किया और मुझ पर टूट पड़ी.

अम्मी आज कुछ ज्यादा ही भूखी लग रही थी,

में भी तेयार ही था में देर ना करते हुए अम्मी को नंगा किया

अम्मी ने मुझे निचे लेटाया और खुद मेरे उपर आ गयी.

फिर उसने अपनी चूत पर मेरा लंड सेट किया और मुझे चोद ने लगी,

हाँ भाइयो और बहिनों मेरी अम्मी मुझे चोद रही थी,

आज पहली बार में किसी ओरत से चुद रहा था,,

अम्मी मेरा गाल चूम रही थी और धक्के पर धक्का लगा रही थी

उह उह उह उह आआआअह् सी सी इस तरह की आवाजे रूम में गूंज रही थी ,

पुरे कमरे में चुदाई का म्यूजिक बज रहा था ,

में भी इस चुदाई का पूरा मज़ा ले रहा था ,

20 मिनिट के बाद हम अम्मी बेटा झड गए मैंने अपना पानी अम्मी की चूत में छोड़ दिया था,

अम्मी नें मुझे अपनी चूत चाटने को कहा अम्मी की चूत में हम दोनों का पानी था

में अम्मी की चूत चाटने लगा और पुरी चूत का पानी पी गया ..

फिर में अम्मी के साथ ही लेट गया...

और सलीम ने बुआ के बूब चूसने लगा,

और बुआ मेरा लंड हिलाने लगी,

सलीम ने बुआ को कहा:- चाची ऐसे नहीं मेरा लंड अपने मुंह में लो ना,

बुआ मेरी तरफ देखा और बोली = पागल हो गए हहो क्या साहिल क्या सोचेगा .

सलीम = क्या सोचेगा ये भी अब चुदाई करना चाहता है ,

समझी क्या अब मेरा लंड चुसो ना प्लीज़,और सलीम ने बुआ के मुंह में अपना लंड डाल दिया .

और बुआ साहिल का लंड चूसने लगी साहिल का लंड काला सा था और पतला भी था ,

जबकि मेरा लंड मोटा था और गोरा गोरा था ,

मेरा लंड करीब 7'' का था जबकि सलीम का 5'' का था मेरा लंड अब पेंट के अंदर ही खड़ा हो गया था.

और तभी सलीम ने बुआ के बिस्टर पर लेटाया और बुआ की सलवार भी उतर दी चाची अब एकदम नंगी थी.

उनकी चूत पर बाल थे पर उनकी चूत गुलाबी गुलाबी थी,

तभी सलीम ने बुआ के चूत के मुंह में अपनी जीभ डाल दी.

बुआ मस्ती से उछल पड़ी.

और फिर सलीम अपनी जीभ चूत के अंदर घुमाने लगा बुआ मज़ा ले रही थी और सिसकिय ले रही थी ,

और सलीम ने फिर अपना लंड बुआ के मुंह में डाल दिया.

बुआ लंड चूस रही थी तभी सलीम चिल्लाया = आऊओ….आअहह……..आऊ…..आआहह…….आऊ…..आआहह..

सलीम का काम ख़त्म हो गया और साहिल का पानी बुआ के मुंह में ही निकल गया.

सलीम ने सोरी बोला पर,,,, बुआबोली = साहिल सोरी से काम नहीं चलेगा मेरी चूत लंड चाहती है आज तो चोदना ही पड़ेगा.

वरना बाहर किसी से भी चुदवा लुंगी और तेरी फेमिली का नाम बदनाम कर दूंगी ( बुआ साहिल के चाचा की बीबी यानी चाची थी)

भोसड़ी के तेरी अम्मा की चूत में कुते का लंड भडवे अपना काम कर लिया अब मेरा क्या , और बुआ अनाप शनाप चिल्लाने लगी.

मैंने गलती की तुमको अपनी चूत देकर हरामी कहीं का ...

मैंने बुआ को कहा = छोडो ना बुआ मज़ा लो ना और मैंने भी अपना लुंड बुआ के मुंह के पास ले गया.

तभी सलीम बोला = चाची हो गया ना आप एक काम करो ना साहिल का लंड ले लो अपनी चूत में प्लीज़ ,

में खुश हो गया था आज मेरे लुंड की सिल खुलने वाली थी,

बुआ ने मेरी और देक्खा और बोली =क्या रे तेरा लंड बहार तो निकल ना.

फिर बुआ ने मुझ से पूछा के किया मैंने पहले कभी किसी औरत को चोदा है. मैंने कहा नही

फिर बुआ ने मेरा लंड अपने मुंह में भर लिया वह क्या अहसास था दोस्तों और बहनों में जेसे जन्नत में पहुँच गया,

आज मेरा लंड पहली बार किसी के मुंह में जा रहा था ,

बुआ ने फिर मेरे लंड को अपने मेंह में चलाया तो मेरा लंड ख़ुशी से फुल कर दुगुना हो गया.

सालीम हमारी और ही देख रहा था.

बुआ मेरे लंड को देख कर हैरान रह गईं,

बुआ अब मेरे लंड को अपने मुंह में चलाने लगी बिलकुल ब्लू फिल्म की तरह ,,,,

मैं अपने चूतड़ हिला कर लण्ड आगे पीछे करने लगा और उसकी मुंह को पकड़ कर भी हिलाने लगा.

वो भी अपना सर हिला हिला के मेरा साथ दे रही थी, मेरे लंड उत्तेजना से फूल कर मोटा हो गया था.

मेरे होश तो गायब ही हो गए थे में शबाब के नशे में सब भूल गया था और अपने लंड को आगे पीछे करने लगा.

तभी बुआ ने मेरा लंड अपने मुंह से बहार निकला और सालीम से बोली= भडवे इधर आ और मेरी गांड चाट ना अपना लंड क्या फ्री में ही चुस्वयेगा

सलीम बेचारा चाची की गांड का छेद चाह्ने लगा, और चाची ने मेरा लंड फिर मुंह में भर लिया.

मेरा लंड फुल कर दुगुना हो गया था,

तभी बुआ ने कहा = सलीम ले इसका लंड भी चूस ना ,

सलीम बोला नहीं चाची में नहीं चुसुंगा,

बुआ खड़ी हो गयी और सलीम की एक चांटा मारा और बोली साले बहिन चोद चूस नहीं तो तेरे,

अब्बू और अम्मी को सब बता दूंगी की तू साले अपनी ही बहिन की चूत को चोद चूका है,

मादरचोद चल चूस इसका लंड ....और सलीम चुपचाप मेरे लुंड को अपने मुंह में भर लिया और चूसने लगा,

में ये सुन कर अवाक् था की सलीम अपनी ही बहिन को चोद चूका है, पर में कुछ बोला नहीं और अपना लुंड चुस्वाने लगा.

बुआमेरे पीछे आ गयी और मेरी गांड के छेद पर अपनी अंगुली से सहलाने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था,

मेरी गांड भी फडफडा रही थी और मेरा लंड अब पानी छोड़ना चाहता था,

मैंने बुआ से कहा = बुआ मेरा पानी निकलेगा , बुआ ने सलीम को हटाया और खुद मेरा लंड चूसने लगी.

2 मिनिट में ही मेरा लंड पानी छोड़ने लगा और बुआ ने लंड से पानी अपने चेहरे और बूब पर गिरा लिया और मेरा लुंड चूसने लगी.

फिर बुआ ने सलीम से कहा की उसके चहरे से मेरा पानी चाट कर साफ़ कर सलीम बेचारा सर्मिन्दा होकर ये सब करने लगा ,

तभी बुआ ने कहा = साहिल आज यहाँ 3 घंटे कोई नहीं आएगा बेटा आज तेरे लंड को गांड और चूत दोनों का स्वाद मिलेगा तुम ऐश करोगे ना बेटा .

 
में अम्मी और मेरी बहिन-7

मुझे नींद आ गई और में नंगा ही अम्मी के बेड पर सो गया,

करीब दो घंटे बाद अम्मी ने मुझे उठाया और बोली= साहिल निचे चल न नजमा आ गयी है,

हम दोनों कपडे पहन कर निचे आये, नजमा हाल में बेठी थी,

उसकी शक्ल थोड़ी उतरी हुई लग रही थी,

मैंने अम्मी को धीरे से कहा तो अम्मी ने नजमा से पूछा की क्या हुआ,

नजमा ने कहा की कुछ नहीं हुआ अम्मी बस में थक गयी हूँ और कुछ देर सोना चाहती हूँ,

यह कहकर नजमा अपने रूम में चली गई...

नजमा की चल में भी कुछ लंगडाहट सी थी,

अम्मी ने मेरी तरफ देखा और मैंने अम्मी की तरफ देखा,

नजमा के जाने के बाद अम्मी बोली= साहिल आज नजमा की हालत कुछ ठीक नहीं लग रही है ना,,

में = हाँ अम्मी मुझे शक है की नजमा आज किसी से चुद्वाकर आ रही है,

अम्मी = हाँ बेटा मुझे भी ऐसा ही लग रहा है ओर्र उसकी चाल भी एसी ही लग रही है,

लगता है की सलीम ने ही उसको चोदा है, मैंने एक दिन सलीम को नजमा की किस्सी लेते भी देखा था बेटा.

मुझे बहुत ही गुस्सा आ रहा था सलीम के उपर दिल में आ रहा था की अभी सलीम की अम्मी को चोद दू पर

में मजबूर था.

=

तभी अम्मी खड़ी होकर नजमा के रूम की तरफ गयी.

मेरा मन उदास था की मेरी बहिन आज जरुर ही चुद कर आई है,

मन ही मन में नजमा को चोदना चाहता था,मेरे मन में नजमा की मस्त गांड की तस्वीर नाच रही थी.

काश नजमा एक बार मेरा लंड अपनी गोल मटोल गान में ले ले ..

ये सोच कर मेरा लंड फिर खड़ा हो गया,

में अपनी सगी बहिन को ही चोदने की सोच रहा था.

=

तभी अम्मी नजमा के रूम से बहार आई,

मैंने अम्मी से पुछा की क्या हुआ है नजमा को,

तो अम्मी ने कहा = कुछ नहीं हुआ है यार उसके पीरियड चालू हो गए है और नजमा पेड लगाना भूल गयी थी,

मैंने मन ही मन चेन की सांस ली,की मेरी बहिन अभी चूदी नहीं है ..

तभी अम्मी बोली = बहिन की चूत की बहुत फिक्र है तेरे को साहिल.

में बोला = अम्मी मेरी बहिन की चूत कोई ऐसे ही मार ले मुझे ये बिलकुल भी पसंद नहीं है,

अम्मी = तो कोई केसे मारे तेरी बहिन की चूत को ..(अम्मी ने मेरे लंड को फिर पकड लिया कपड़ो के उपर से)

उन्हों ने अपने होंठ मेरे

होंठों पर रख दिए. मेरे होंठ थोडा खुले और उनकी जीभ को

अंदर जाने का रास्ता दे दिया. कई मिनिट्स हम इसी तरह एक दूसरे को

चूमते रहे.वो तब मेरी गर्दन पर हल्के हल्के से अपने दाँत गढ़ा रही थे.

मेरे कानो की एक लौ अपने मुँह मे लेकर चूसने लगी . मेरी ज़ुबान तालू से चिपक गयी. और मुँह सूखने लगा.

"आआहह" मेरे मुँह से ना चाहते हुए भी एक आवाज़ निकल गयी.

मैं अपने हाथों से उसके सिर को अपनी योनि पर दाब

दिया. मेर्री जीभ अब अम्मी की योनि के अंदर घुस कर अम्मी को पागल करने लगा.

मैं अम्मी के बालों को खींच रहा थी तो कभी

अपनी उंगलियों से अम्मी के निपल्स को ज़ोर ज़ोर से मसलता . अपने जबड़े को

सख्ती से मैने भींच रखा था जिससे किसी तरह की कोई आवाज़ मुँह

से ना निकल जाए. लेकिन फिर भी काफ़ी कोशिशों के बाद भे हल्की दबी

दबी कराह मुँह से निकल ही जाती थी. अम्मी ने मेरे उपर झुकते हुए

फुसफुसते हुए कहा=आअहह…..ये क्या कर दिया तुम ने…… मैं पागल हो जाउंगी बेटा ……….

प्लीईईससस्स और बर्दस्त नही हो रहा है. अब आआ जाऊ"

तो तड़पने लगी और बोली- मेरे प्यारे बेटे,

क्यूँ तड़पा रहा है अपनी अम्मी को ,फाड़ डाल न जल्दी से अपनी अम्मी की चूत ….!

मार दे ……..उईईइ ……मा ईईइ मर गई रे……मेरा लंड तनने लगा था,

अम्मी की कमर पकड़ कर मैने उसे खींच लिया. वो मुझ से लिपट गयी उस की चुचियाँ मेरे सीने से दब गयी,

मेरा लंड उसके पेट के बीच में फ़स गया. उस का कोमल बदन बाहों में लेना मुझे बहुत मीठा लगा.

मेरे होटों पर हलका सा चुंबन कर के मेरी बाहों से छूट कर वो भाग गयी मैं सोचता रह गया,

इसे कहते है खड़े लंड पर डंडा ....

फिर में अपना लंड अपने हाथ में लेकर अपने रूम में आ गया, आज भाईजान आने वाले थे,

मुझे लगा की आज अम्मी भाईजान का लंड अपनी चूत में लेगी शायद....

ये सोच कर मेरा लंड फिर से अंगड़ाई लेने लगा तभी मुझे नजमा का ख्याल आया.

मेरा लण्ड तो आज किसी अड़ियल टट्टू की तरह खड़ा था,

लंड के अंदर लावा कुलबुला रहा था मुझे लगा अगर उसे जल्दी ही नहीं निकाला गया तो मेरी नसें ही फट पड़ेंगी.

अम्मी तो गांड दिखाकर चली गयी थी, मेरा 7 इंच का लण्ड कुतुबमीनार की तरह खड़ा था,

अब में किसी चूत या गांड की जरुरत महसूस कर रहा था,तभी बहार डोरबेल बजी लगता है की भाई जान आये थे,

मैंने बाहर जाकर देखा तो भाईजान ही थे उनके हाथ में एक पेकेट था, उन्होंने भी मेरी तरफ देखा और बोले=अभी सोया नहीं है छोटे,

में = नींद नहीं आ रही है भाईजान,

भाईजान = चल उपर चलते है अम्मी के पास..

मैंने मना कर दिया तो वो उपर अम्मी के पास चाले गए,

मेरे ख्यालो में नजमा ही नजमा थी और में आज उसकी चूत को चोदना चाहता था,

भाईजान के उपर जाने के दस मिनिट बाद में नजमा के रूम की तरफ गया.

रूम को खोला तो वो खुल गया लगता था की नजमा नें अंदर से लॉक नहीं किया था,

मैंने धीरे से रूम खोला और अंदर गया,

अंदर अँधेरा था और बेड पर से लाइट दिख रही थी लगता था की नजमा बेड पर लेपटोप पर कुछ कर रही थी,

बेड पर नजमा कुछ ऐसे लेती थी की दरवाजे की तरफ उसकी टंगे थी,

वो बेड पर उलटी लेती हुई थी,और लेपटोप पर .....

अल्लाह उफ्फ्फ मेरी छोटी बहिन अपने लेपटोप पर एक xxx फिल्म देख रही थी,

वो भी कालिए की नजमा ने अपने कानो पर EARफोन लगा रखा था और पुरे गोर से फिल्म देख रही थी,

बिच बीच में वो अपनी चूत भी रगड़ रही थी अपने हाथ से,

उसने पतली सी नाइटी पहन रखी थी और अन्दर ब्रा और पेंटी नहीं पहनी थी मुझे ऐसा लगा,

फिल्म में एक गोरी लड़की जो देखने में बिल्कुल नजमा के जेसी ही थी,

उस लड़की की गांड वो कालिया मार रहा था और उसका लंड अल्लाह करीब 10 इंच का था,

कालिया पुरे जोश में था और उस लड़की की गांड में दे दनादन कर रहा था,

लड़की भी उसे पूरा साथ दे रही थी और उचक उचक कर अपनी गांड मरवा रही थी,

तभी नजमा ने अपनी नाइटी उपर की तरफ खिंची मेरा ख्याल सही था,

नजमा ने निचे कुछ नहीं पहना था अब मुझे अँधेरे मी कुछ कुछ दिखने लगा था,

नजमा ने अपना हाथ अपनी चूत से हटाकर अपनी गांड सहलाने लगी थी,

अब नजमा हलकी हलकी सिसकिय भर रही थी,और अपनी गांड के छेद को कुरेद रही थी,

मुझसे अब रहा नहीं गया और मेंने जल्दी से रूम की लाइट जला दी, जेसे बम्ब फटा हो नजमा उछल कर बेड से खड़ी हुई,

सामने मुझे देखा ...

उसकी नाइटी अब भी उपर ही थी मुझे उसकी चूत की झलक मिली ..

अल्लाह क्या चूत थी मेरी सगी बहिन की एक भी बाल नहीं और लाल चूत कोरी कोरी चूत ,,,

नजमा अवाक् थी .. फिर में बोला = नजमा ये सब क्या है में अभी भाई और अम्मी को बुलाता हूँ ,,

नजमा ने मेरे पैर पकड़ लिए और बोली = नहीं भाईजान प्लीज़ नहीं ...

उसकी आँखों में आंसू आ गए, उसने ऊपर चेहरा करके उनसे कहा : नहीं भेजना ..ऐसा मत करना...

आज के बाद ऐसा नहीं होगा...मुझे माफ़ कर दीजिये...!

में = तुम ये सब कर रही हो लगता है की जवानी कुछ ज्यादा ही चढ़ गयी है तुम पर जरुर लडको से भी चुद्वाती हो बाहर जाकर ,,

नजमा = नहीं भाईजान अम्मी की कसम किसी को अपनी चूत पर हाथ भी लगाने नहीं दिया है आज तक...

में = ये में केसे मानु बहिन तेरी इस हरकत से लगता है की तुम लंड ले चुकी हो अपनी चूत और गांड में ...

नजमा = नहीं भाईजान नहीं ...

में = और लेपटोप पर ये सब देखती है ये गन्दी गन्दी फिल्मे वो भी शादी से पहले ही..और अपनी चूत में अंगुली भी डालती हो..

नजमा = मुझे माफ़ करदो भाईजान में आपको अपनी सहेली से सेटिंग करवा दूंगी बस आप किसी को या सब मत बताना..

नजमा रोने लगी थी , में भी नाटक ही कर रहा था आखिर मुझे नजमा को चोदना जो था.

में नजमा की कंधो से पकड कर खड़ा किया और उसका सर चूम लिया और बोला =नजमा'

मेरी बहिन में किसी को कुछ नहीं बताऊंगा बस तुम मुझे अपनी गांड इसी तरह से मारने दो एक बार सिर्फ..

मैंने लेपटोप की और इशारा किया..

नजमा को मैंने हलके से अपनी तरफ खिंचा में लंड अब नजमा की चूत से रगड कहा रहा था..

वो मेरी और देख रही थी,फिर उसने अपना सर झुका लिया और बोली= भाईजान आप क्या कह रहे हो,

आप तो मेरे सगे भाई हो, ये नाजायज होगा भाईजान...

मैंने उसकी गांड सहलानी शुरू की और बोला=तुम तो नेट पर ये सब देख रही ओ ना मेरी बहना,

सेक्स में कुछ भी नाजायज नहीं होता है और देखो न मेरा लंड केसे खड़ा है,

क्या तुम्हारा फर्ज नहीं है की अपने भाई की मदद करो और इस लंड को बेठादो इसका रस निचोड़ दो ..

और मैंने अपना लंड बरमुडे से निकल कर नजमा के सामने लहराया,

उसकी आँखों में भी लाल डोरे तैरने लगे, वो बोली=पर भाईजान अगर भाई या अम्मी को पता लगा तो ..

में = वो सब मुझ पर छोड़ दो मेरी बहना और मैंने नजमा की मस्त चुन्चिया पकड़ ली ,,

चुन्चिया को जोर से दबाया तो नजमा चीखी =अह्ह्हह्ह्ह्ह ...... ओह्ह्हह्ह या......म्मम्म...भाई प्लीज़ धीरे से ..

क्या शेप थी उसकी...उसकी भरपूर जवानी को बिना ब्रा और पेंटी में देखकर मुझे अलग ही मज़ा आ रहा था .

वो पहले ही फिल्म देख कर गर्म हो चुकी थी,मैंने उसको लिप किस कर लिया,

बहिन मन ही मन सोच रही थी की अपने ही सगे भाई के साथ कोई कैसे लिप किस कर सकता है...

पर उसकी भी उत्तेजना बढती जा रही थी..

नजमा=पर भाई में अपनी चूत नहीं दूंगी आपको ...बस गांड मर लो वो भी एक बार पर किसी को बताना मत,

में मन ही मन बहुत ही खुश था ..मैंने हामी भर ली ..

फिर मैंने देर ना करते हुए अपनी बहिन को अपनी बांहों में उठाया और बेड की तरफ ले गया.

मेरी पीठ उसकी छाती से जा टकराई और उसने आगे हाथ करके मेरे दोनों हाथ पकड़ लिए,

और बोली = भाई मेरे बूब मत दबाना प्लीज़ ..दर्द होता है भाई जान ..

में मान गया ,मैंने उसे घुमा कर अपनी तरफ मुंह कर लिया और उसे चूमने लगा...

मेरे होंठ उसके मुंह में जाकर ज्यादा ही सोफ्ट हो गए थे..और पानी भी ज्यादा निकल रहा था मेरे मुंह से अब...

मेंने अपना बरमूडा खोल कर वही फेंक दिया और एक झटके से नजमा का हाथ पकड़ कर अपने दनदनाते हुए लंड के ऊपर रख दिया...

उसने उसे आगे पीछे करना शुरू किया और में उसके सर के बाल सहलाने लगा...

हम दोनों एक दुसरे को चूमने चाटने में इतने मशगूल हो चुके थे की हमें याद ही नहीं रहा की रूम अब भी खुला है ..

तभी नजमा को ये ख्याल आया और उसने भाग कर दरवाजा लॉक किया ,

मैंने tab तक लेपटोप पर एक फिल्म लगा दी थी ... मस्त गांड मरने की फिल्म थी ..

वो चल कर बेड पर आ गयी मैंने उसको बांहों में भरा और चूमने लगा...

वाह...क्या एकसास था..

मेरा दिल जोर-२ से धड़कने लगा...इतना रोमांच मैंने आज तक महसूस नहीं किया था...

पहले चुम्बन का...

उसके मोटे होंठ इतने सोफ्ट थे की उन्हें चबाने में काफी मजा आ रहा था...

और फिर उसकी तरफ से भी कार्यवाही होनी शुरू हो गयी...

वो भी मेरा साथ दे रही थी पर थोड़ी झिझक भी रही थी .

वो भी फिल्म देखने लगी थी, मैंने उसे नंगा कर दिया ,

में झुका और उसके खड़े हुए निप्पल को मुंह में लेकर चूसने लगा.

फिर में उसके मुम्मो को चूसते हुए उसने एक हाथ नीचे लेजाकर उसकी चूत के ऊपर रख दिया.वो सिसक पड़ी

उसने अपनी चूत पर अपना हाथ रख लिया,पर में आज चूत नहीं गांड ही मरने के मुड में था,

इतने में मेरी अंगुली उसकी गाण्ड के खुलते बंद होते छेद से जा टकराई, उसकी गाण्ड का छेद तो पहले से ही गीला और चिकना हो रहा था,

मैंने पहले तो अपनी अंगुली उस छेद पर फिराई और फिर उसे उसकी गाण्ड में डाल दी, वो तो चीख ही पड़ी,

(इसे तो जन्नत का दूसरा दरवाज़ा कहते हैं। इसमें जो आनंद मिलता है दुनिया की किसी दूसरी क्रिया में नहीं मिलता)

वो मेरे लण्ड को हाथ में पकड़े घूरे जा रही थी मैं उसके मन की हालत जानता था,

कोई भी लड़की पहली बार चुदवाने और गाण्ड मरवाने के लिए इतना जल्दी अपने आप को मानसिक रूप से तैयार नहीं कर पाती,

पर मेरा अनुमान था वो थोड़ी ना नुकर के बाद मान जायेगी,

नजमा = पर मैंने तो सुना है इसमें बहुत दर्द होता है ?

में = तुमने किस से सुना है ?

नजमा = वो .. मेरी एक सहेली है .. वो बता रही थी कि जब भी उसका बॉयफ्रेंड उसकी गाण्ड मारता है तो उसे बड़ा दर्द होता है,

में =अरे मेरी बहना तुम खुद ही सोचो अगर ऐसा होता तो वो बार बार उसे अपनी गाण्ड क्यों मारने देती है.. ?

नजमा =हाँ यह बात तो तुमने सही कही !

फिर मैंने उसके हाथ को पकड़ा और उसे अपने लंड के ऊपर रख दिया,

बस अब तो मेरी सारी बाधाएं अपने आप दूर हो गई थी, गाण्ड मारने का रास्ता निष्कंटक (साफ़) हो गया था,

मैंने झट से उसे अपनी बाहों में दबोच लिया। वो तो उईईईईईई …. करती ही रह गई।

नजमा = भाईजान मुझे डर लग रहा है ….। प्लीज धीरे धीरे करना !

में = अरे मेरी बुलबुल मेरी जान तू बिल्कुल चिंता मत कर .. यह गाण्ड चुदाई तो तुम्हें जिन्दगी भर याद रहेगी !

वह पेट के बल लेट गई और उसने अपने नितम्ब फिर से ऊपर उठा दिए,

मैंने उसके ड्रेसिंग टेबल पर पड़ी पड़ी क्रीम की डब्बी उठाई और ढेर सारी क्रीम उसकी गाण्ड के छेद पर लगा दी,

फिर धीरे से एक अंगुली उसकी गाण्ड के छेद में डालकर अन्दर-बाहर करने लगा,

रोमांच और डर के मारे उसने अपनी गाण्ड को अन्दर भींच सा लिया,

मैंने उसे समझाया कि वो इसे बिल्कुल ढीला छोड़ दे, मैं आराम से करूँगा बिल्कुल दर्द नहीं होने दूंगा.

पहाले तो मैंने सोचा था कि थूक से ही काम चला लूं पर फिर मुझे ख्याल आया कि गाण्ड एक दम कुंवारी और झकास है,

कहीं इसे दर्द हुआ और इसने गाण्ड मरवाने से मना कर दिया तो मेरी दिली तमन्ना तो चूर चूर ही हो जायेगी, मैं कतई ऐसा नहीं चाहता था.

फिर मैंने उसे अपने दोनों हाथों से अपने नितम्बों को चौड़ा करने को कहा,

उसने मेरे बताये अनुसार अपने नितम्बों को थोड़ा सा ऊपर उठाया और फिर दोनों हाथों को पीछे करते हुए नितम्बों की खाई को चौड़ा कर दिया,

भूरे रंग का छोटा सा छेद तो जैसे थिरक ही रहा था,,

मैंने एक हाथ में अपना लण्ड पकड़ा और उस छेद पर रगड़ने लगा,

फिर उसे ठीक से छेद पर टिका दिया,

अब मैंने उसकी कमर पकड़ी और आगे की ओर दबाव बनाया, वो थोड़ा सा कसमसाई पर मैंने उसकी कमर को कस कर पकड़े रखा।

अब उसका छेद चौड़ा होने लगा था और मैंने महसूस किया मेरा सुपारा अन्दर सरकने लगा है.

उसके मुंह से एक लम्बी आह निकल गयी.

नजमा =आआआआअह्ह्ह्ह ओफ्फ्फ्फ़........ ऊईई .. भाई … बस … ओह … रुको … आह … ईईईईइ ….!

अब रुकने का क्या काम था मैंने एक धक्का लगा दिया.

इसके साथ ही गच्च की आवाज के साथ आधा लण्ड गाण्ड के अन्दर समां गया,

जैसे-२ मेरा लंड अन्दर जा रहा था, उसकी आँखे चोडी होती जा रही थी...

उसके साथ ही नजमा चीख उठी =ओह … भाई जान निकालो बाहर .. आआआआआआआ ………?

में = बस मेरी बहन बस अब ज्यादा नहीं है ..

नजमा = भाईजान . .. मेरी गाण्ड फ़ट रही है !

मैं जल्दी उसके ऊपर आ गया और उसे अपनी बाहों में कस लिया,

वो कसमसाने लगी थी और मेरी पकड़ से छूट जाना चाहती थी,

मैं जानता था थोड़ी देर उसे दर्द जरुर होगा पर बाद में सब ठीक हो जाएगा,

मैंने उसकी पीठ और गले को चूमते हुए उसे समझाया=बस… बस…. मेरी बहिन …. जो होना था हो गया !

नजमा = भाई बहुत दर्द हो रहा है .. ओह … मुझे तो लग रहा है यह फट गई है,

प्लीज बाहर निकाल लो नहीं तो मेरी जान निकल जायेगी आया ……ईईईई … !

मैं उसे बातों में उलझाए रखना चाहता था, ताकि उसका दर्द कुछ कम हो जाए और मेरा लण्ड अन्दर जाये ,

कहीं ऐसा ना हो कि वो बीच में ही मेरा काम खराब कर दे और मैं फिर से कच्चा भुन्ना रह जाऊं,

तुम बहुत खूबसूरत हो .. पूरी पटाका हो बहिन .. मैंने आज तक तुम्हारे जैसी फिगर वाली लड़की नहीं देखी..

सच कहता हूँ तुम जिससे भी शादी करोगी पता नहीं वो कितना किस्मत वाला बन्दा होगा।”

“हुंह.. बस झूठी तारीफ रहने दो भाई .. झूठे कहीं के..?

मैंने उसके गले पीठ और कानों को चूम लिया, उसने अपनी गाण्ड के छल्ले का संकोचन किया तो मेरा लण्ड तो गाण्ड के अन्दर ही ठुमकने लगा.

नजमा अब तो दर्द नहीं हो रहा ना ?

नजमा =ओह .. थोड़ा तो हो रहा है ? पर आप चिंता ना करो कि पूरा अन्दर चला गया..?

मेरा आधा लण्ड ही अन्दर गया था पर मैं उसे यह बात नहीं बताना चाहता था,

मैंने उसे गोल मोल जवाब दिया”ओह .. मेरी जान आज तो तुमने मुझे वो सुख दिया है जो बुआ ने भी कभी नहीं दिया ,,

गाण्ड की यही तो लज्जत और खासियत होती है,

( चूत का कसाव तो थोड़े दिनों की चुदाई के बाद कम होने लगता है.

पर गाण्ड कितनी भी बार मार ली जाए उसका कसाव हमेशा लण्ड के चारों ओर अनुभव होता ही रहता है,

खेली खाई औरतों और लड़कियों को गाण्ड मरवाने में चूत से भी अधिक मज़ा आता है,

इसका एक कारण यह भी है कि बहुत दिनों तक तो यह पता ही नहीं चलता कि गाण्ड कुंवारी है या चुद चुकी है.

गाण्ड मारने वाले को तो यही गुमान रहता है कि उसे प्रेमिका की कुंवारी गाण्ड चोदने को मिल रही है== ये बातें मुझको बाद में पता चली ..)

अब तो नजमा भी अपने नितम्ब उचकाने लगी थी,और ....

नजमा बोल रही थी = आह्ह्ह्हह्ह भाई ......यु आर ग्रेट.....अह्ह्ह्हह्ह ....म......भाई ......फास्ट....फाआस्ट....फास्ट.....अह्ह्हह्ह........

उसका दर्द ख़त्म हो गया था और लण्ड के घर्षण से उसकी गाण्ड का छल्ला अन्दर बाहर होने से उसे बहुत मज़ा आने लगा था,

अब तो वो फिर से सित्कार करने लगी थी, और अपना एक अंगूठा अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी और दूसरे हाथ से अपने उरोजों की घुंडी मसल रही थी.

मैंने एक हाथ से उसके अनारदाने (भगान्कुर) को अपनी चिमटी में लेकर मसलना चालू कर दिया,

नजमा तो इतनी उत्तेजित हो गई थी कि अपने नितम्बों को जोर जोर से ऊपर नीचे करने लगी थी ....

“ओह .. भाईजान एक बार पूरा डाल दो … आह … उईईईईईईईईइ …या या या ………..”

मैंने दनादन धक्के लगाने चालू कर दिए, मुझे लगा नजमा एक बार फिर से झड़ गई है,

अब मैं भी किनारे पर आ गया था, आधे घंटे की चुदाई के बाद अब मुझे लगने लगा था कि मेरा भी पानी अब छूटने ही वाला है ..

मैंने उसे अपनी बाहों में फिर से कस लिया और फिर 5-7 धक्के और लगा दिए, उसके साथ ही नजमा की चित्कार और मेरी पिचकारी एक साथ फूट गई,

कोई 5-6 मिनट हम इसी तरह पड़े रहे,और फिल्म देखते रहे ..

जब मेरा लण्ड फिसल कर बाहर आ गया तो मैं उसके ऊपर से उठ कर बैठ गया, नजमा भी उठ बैठी,

वो मुस्कुरा कर मेरी ओर देख रही थी जैसे पूछ रही थी कि उसकीमस्त गांड केसी थी ..?

 
में अम्मी और मेरी बहिन-8

फिर में अपने रूम में जाकर सो गया ..

अगली सुबह आँख खुली तो दोपहर के 12 बज गए थे नजमा कॉलेज जा चुकी थी.

में उठा और नीचे रसोई में गया तो वहां एक नइ लड़की काम कर रही थी,

उसका नाम मदीना था ..

उसके पास भी मेरे रूम की एक चाभी रहती थी.

इसलिए मुझे पता भी नही चला कि मदीना मेरे रूम में आई है.

और मै नंगा ही सोया हुआ था.मदीना मेरे कमरे में अचानक आ गयी.

उसने मुझे नंगा सोया हुआ देखा तो वो मुझे वापस नहीं लौट मेरे कमरे की सफाई करने लगी.

सफाई कर के वो वापस दुसरे कमरे में चली गयी.

उसकी साडी ही रात की थी.मै सुबह के नौ बजे उठा.

मैंने अपने आप को नंगा पाया तो सोचा चलो कोई बात नहीं किसने मुझे देखा है?

अचानक कमरे में नजर दौड़ायी तो देखा हर सामान करीने से रखा हुआ है. तो क्या मदीना मेरे कमरे में आयी थी?

क्या उसने मुझे नंगा देख लिया है ,,,?

क्या मदीना मेरा लंड देख गयी है ..

मै सोच कर शर्मा गया. मै सोचा क्या सोचती होगी वो.

मेरी तो सारी इज्ज़त मिटटी में मिल गयी.

खैर मैंने कपडे पहने और अपने कमरे से बाहर आया.

देखा मदीना किचन में काम कर रही थी.

थोड़ी देर के बाद जब मै फ्रेश हो गया तो मैंने मदीना से नाश्ता मांगा.

उसने मुझे ब्रेड और आमलेट ला कर दी. मै चुप चाप खाता रहा.

मैंने धीरे से पूछ लिया =मेरे कमरे की सफाई तुमने कर दी?

मदीना ने कहा=हाँ.

मैंने कहा =कब?

मदीना ने कहा =जब आप सोये हुए थे.

मेरा गाल शर्म से लाल हो गया.

मैंने थोड़े गुस्से में कहा=मुझे जगा कर ना मेरे कमरे में आना चाहिए था,

तो वो बोली क्यों बाबु क्या होता फिर ,,,,,,,,,

मैंने कहा=अच्छा सुनो, अम्मी को नहीं बता देना आज सुबह के बारे में.

मदीना =क्या?

मैंने कहा =यही कि में नंगा सोया हुआ था.

मदीना ने मुस्कुराते हुए कहा =सिर्फ नंगे सोये थे आप,आपके तौलिये में ढेर सारा माल है वो किसका था?

मैंने कहा =हाँ जो भी था. किसी को बताना नही.

मदीना ने कहा=चिंता नहीं करें. नहीं बताऊँगी. अरे आप जवान है. ये सब तो चलता रहता है.

मै अब कुछ निश्चिंत हो गया. उसने मुझे जवान होने के कारण कुछ छुट दे दी .

मै ब्रेकफास्ट खा रहा था.

मदीना ने कहा= एक बात कहूं साहिल ? बुरा तो नहीं मानोगे?

मैंने कहा= बोलो क्या बात है?

मदीना ने कहा= आपका हथियार बहुत ही बड़ा है,

मैंने इतना बड़ा आज तक नहीं देकहा है ,,

मैंने कहा=हथियार,,,,, ये हथियार क्या है,

मदीना=हथियार मतलब आपका लंड कह के वो मुस्कुराने लगी.

ये सुन के मेरा दिमाग सन्न रह गया,तो इसने मेरे लंड का साइज़ भी देख लिया था,

मै अचानक उठा और अपने कमरे में आ कर लेट गया. मुझे मदीना पर काफी गुस्सा आ रहा था.

थोड़ी देर के बाद मेरा गुस्सा कुछ कम हुआ.

मै सोचने लगा =सचमुच मेरे लंड का साइज़ बड़ा है. मेरी बहिन भी ये ही बोल रही थी और अम्मी और बुआ भी ...

तभी मदीना मेरे कमरे में आई,मैंने मदीना से कहा- क्या कर रही है तू अभी मेरे रूम में मदीना ...

मदीना= कुछ नही साहिल बस इधर उधर सफाई कर रही थी.

मैंने कहा =वो सब छोड़ दो और देख न मेरा बदन बड़ा दुःख रहा है क्या तू मेरी मालिश कर देगी?.

वो मेरे बगल में मेरे बिस्तर पर बैठ गयी, बोली =हाँ , क्यों नहीं ,आप लेट जाओ मै आपकी मालिश कर देती हूँ.

मै कहा =नहीं सिर्फ कंधे को थोडा दबा दो कह कर मैंने शर्ट उतार दिया. .

वो मेरे कंधो की मालिश करने लगी. फिर बोली =ये भी खोल दो साहिल अच्छे से तेल लगा कर मालिश कर देती हूँ.

मैंने टीशर्ट उतार दिया. और बिस्तर पर लेट गया.मै सिर्फ बरमुडे में था.

वो मेरे नंगे छाती और पीठ की बेहतरीन तरीके से मालिश कर रही थी.

घर में सिर्फ अम्मी ही थी ,

में अपने रूम में था ,

एक लड़की मेरे बदन की मालिश कर रही थी, मामला फिट था. लगा अब सही मौका है इसे शीशे में उतारने का.

मै उसकी चूची को घूरने लगा. वो मेरी नजर को पढ़ रही थी लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

मैंने उस से कहा = मदीना , तू दिन भर काम करती है. थकती नहीं है क्या?

मदीना मेरे छाती पर हाथ फेरती हुई बोली = साहिल थकती तो हूँ , मगर काम तो निपटाना होता है न.

मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपनी मालिश रोकते हुए कहा=आज कौन सा काम है तुझे,

देखो न घर में कोई है भी नहीं बातचीत करने के लिए,

मै बहुत बोर हो रहा हूँ,तू यहाँ बैठ मेरे पास,आज तुझसे ही बात करके मन बहलाऊंगा.

मदीना =अच्छा साहिल जैसा तुम कहो ....

मैंने=ठीक से बैठ ना ..नहीं तू लेट जा....आराम से.. इसे अपना बिस्तर समझ.

मैंने जब ये कहाँ तो वो धीरे से मेरे बिस्तर पर मेरे बगल में लेट गयी.

उसकी बड़ी बड़ी चूचीया किसी गुम्बद की तरह ऊपर की तरफ ताक रही थी.

मेरी नजर कामुक होने लगी. मै उसकी कुर्ती में से झांकते उसके गोरे गोरे चुचियों पर नजर गडाने लगा.

वो भी मेरी नजर को ताड़ गयी थी.

अब उसकी चुचीयों के गहरी घाट बड़ी आसानी से दिख रहे थे.

मुझे लग गया कि ये बहूत ही खुली हुई मस्त लड़की है,

और इस से कुछ गरम बातें की जा सकती है. वैसे भी घर पर अम्मी के शिवा कोई और है नहीं.

फिर मै उसके बदन से थोडा और सटते हुए मैंने अपना एक हाथ उसके पेट पर रखा और कहा =और बता, तेरे घर में कौन कौन है.

उसने बेफिक्री के साथ कहा=में और मेरे अम्मी अब्बू साहिल ,

मैं उसकी नाभी पर उंगली फेरते हुए कहा=तेरे अब्बू क्या काम करते है ...

मदीना = मेरे अब्बू कुछ नहीं करते है ,साहिल ...

मैंने उसकी नाभि में उंगली डालते हुए पूछा=तो फिर घर केसे चलता है मदीना ....

मै उसके नाभि में उंगली डाल रहा था ,

लेकिन उसने किसी प्रकार का कोई प्रतिरोध नहीं किया तो मेरी हिम्मत बढी ,

में उसकी चुन्चिया दबाने लगा ...

इधर मेरा लंड टाईट होने लगा था .

मै जान बुझ कर उसके चूची पर हाथ रखे रहा........

काफी धीरे धीरे सहलाते हुए कहा=मुझे आज तक पता नहीं था की तेरे घर की हालत ये है.

तो आपके घर के खर्चे केसे चलते है मदीना ...

मदीना=साहिल आपको क्या बताऊ में की क्या क्या करना होता है,,

बस ये ही समझ लो की में गरीबी का जीता जगता साबुत हूँ और साहिल में क्या कहूँ की,,

कभी-कभी मुझे वो काम करना पड़ता है जो किसी भी लड़की के लिए के लिए भी बहुत ही खराब है ,

मेरे अब्बू ही मुझे .....और मदीना रोने लगी..मैंने उसे पुचकारा...और पूरी बात बताने को कहा..

मदीना= मेरे अब्बू मुझे दुसरे मर्दों के साथ भेजते है और खुद भी कभी कभी मेरे साथ वो काम करते है,

जो सिर्फ एक शोहर ही अपनी बीबी के साथ करता है,

में हेरान था की एक बाप अपनी ही बेटी को चोदता है और चुद्वाता भी है.

में मदीना की चुचिया निहार रहा था,उसके मटकती मस्त गोल मटोल गांड देख कर मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा.

उसकी गांड एकदम सुदोल और उभरी हुई थी.

उसने एक बार पीछे मुड़कर मेरी चोरी पकड़ कर मुस्करा कर बोली

क्या मस्त चुन्चिया थी वो हिल भी रही थी,

लगता था की मदीना भी हवस के नशे में थी,

मैंने मोहिनी से कहा- क्या कर रही है तू अभी?

मदीना =कुछ नही बाबा, बस इधर उधर सफाई कर रही थी.

मैंने कहा=वो सब छोड़,देख न मेरा बदन बड़ा दुःख रहा है क्या तू मेरी मालिश कर देगी,

वो मेरे बगल में मेरे बिस्तर पर बैठ गयी. बोली=हाँ , क्यों नहीं .आप लेट जाओ मै आपकी मालिश कर देती हूँ.

मै कहा - नहीं सिर्फ कंधे को थोडा दबा दो कह कर मैंने शर्ट उतार दिया. .

वो मेरे कंधो की मालिश करने लगी. फिर बोली - ये गंजी भी खोल दो बाबा,

अच्छे से तेल लगा कर मालिश कर देती हूँ. मैंने गंजी उतार दिया.

और बिस्तर पर लेट गया.मै सिर्फ बरमुडे में था, मेरी आँखों में शरारत थी,

वो मेरे नंगे छाती और पीठ की बेहतरीन तरीके से मालिश कर रही थी.

एक औरत मेरे बदन की मालिश कर रही थी,मामला फिट था,लगा अब सही मौका है इसे शीशे में उतारने का.

मै उसकी चूची को घूरने लगा. वो मेरी नजर को पढ़ रही थी लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

मेरी हिम्मत बढ़ गई, और मैंने उसके गालो पर हाथ फिराया वो धीमे धीमे हंस रही थी .

मैंने उस से कहा =मदीना, तू दिन भर काम करती है. थकती नहीं है क्या?

मेरे छाती पर हाथ फेरती हुई बोली=साहब, थकती तो हूँ , मगर काम तो निपटाना होता है न.

मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपनी मालिश रोकते हुए कहा=आज कौन सा काम है तुझे,

देखो न घर में अम्मी के शिवा कोई है भी नहीं बात चीत करने के लिए .

मै बहुत बोर हो रहा हूँ. तू यहाँ बैठ मेरे पास. आज तुझसे ही बात करके मन बहलाऊंगा.

मदीना =जैसा आप कहें साहिल, पर अगर आपकी अम्मी या भाईजान को पता लग गया तो ...?

मैं= कुछ नहीं होगा मदीना तुम चिंता ना कर ,ठीक से बैठ ना ..नहीं तू लेट जा....आराम से..

इसे अपना बिस्तर समझो और क्या देखोगी तुम लेपटोप पर बताओ ना ,

मैंने जब ये कहाँ तो वो धीरे से मेरे बिस्तर पर मेरे बगल में बेठ गयी.

मैंने मेरे लेपटोप पर एक सेमी sexi फिल्म चलादी

मदीना भी देख रही थी मेरे लेपटोप को ,

उसकी बड़ी बड़ी चूची किसी गुम्बद की तरह ऊपर की तरफ ताक रही थी.

मेरी नजर कामुक होने लगी. मै उसके ढीले ब्लाउज में से झांकते उसके गोरे गोरे चुचियों पर नजर गडाने लगा.

वो भी मेरी नजर को ताड़ गयी थी. उसने जान बुझ पर अपनी सलवार से दुपट्टा नीचे कर दिया और कहा - आज बड़ी गरमी है ना साहिल,

और ये केसी फिल्म है साहिल इसमें तो एक जवान लड़का एक बूढी ओरत के साथ ,,,

मदीना चुप हो गयी .

में = हाँ हाँ बोलो ना आगे मदीना क्या बोलना चाहती हो तुम ,

मदीन = शर्मा कर चुप हो गयी मैंने धीरे से अपनी कोहनी उसकी चुन्चियो से सटा दी ,

उसने कुछ नहीं कहा,अब उसकी चुचीयों के गहरी घाट बड़ी आसानी से दिख रहे थे.

उसके चूची के उभर के बिच की दरार कुछ फेली हुई सी थी.

मुझे लग गया कि ये बहूत ही खुली हुई मस्त औरत है और इस से कुछ गरम बातें की जा सकती है.

मैंने उसके साड़ी के पल्लू को उसके बदन से दूर हटाते हुए कहा कहा - हाँ सही कह रही है तू, बड़ी गरमी है.

वो बिना किसी परेशानी के मेरे बदन में सट गयी थी.

फिर मै उसके बदन से थोडा और सटते हुए मैंने अपना एक हाथ उसके पेट पर रखा.

मैंने उसकी चुन्चिया पकड ली , उसने सिसकी ली पर कुछ कहा नहीं,

उसके चूची को खुल्लम खुल्ला जोर जोर से दबाने लगा.

अब मुझे अन्दर से काफी यकीन हो गया कि इस से कुछ और भी काम करवाया जा सकता है.

मैंने अपनी एक टांग उसके ऊपर चढाते हुए,

meine उस से सट कर कहा=मदीना अगर मै तुमसे एक सवाल पूछूंगा तो तुम बुरा तो नहीं मानोगी?

मदीना ने कहा= पहले पूछिए तो सही साहिल,

मैंने पूछा = तेरे अब्बू ने तुम्हे केसे चोदा था पहली बार बताओ ना..?

मदीना = बाबु ये लम्बी कहानी है किस्सी और दिन सुनाउंगी..

तभी किसी के आने की आवाज आई और

मदीना बहार चली गई अम्मी आई थी ...
 
में अम्मी और मेरी बहिन-9

अम्मी मेरे रूम में दाखिल हुई और बोली=> साहिल मेरे बेटे में किसी काम से तेरे भाईजान के साथ कुछ दिन के लिए बेंकोक जा रही हूँ,

बेटा तुम अपना और नजमा का ख्याल रखना हमारी सुबह की प्लेन है तो तुम रात में मेरे साथ सो जाना और अम्मी ने मेरा खड़ा लंड पकड लिया ,

अम्मी चोंक गयी और बोली => साहिल क्या मदीना को भी चोद डाला मेरे बेटे ,,

में => नहीं अम्मी ,

अम्मी => तो ये लंड क्यों खड़ा है तेरा और अभी अभी मदीना तेरे रूम से निकल कर गई है,

में => नहीं, अम्मी वो तो आपकी याद आ गयी थी ना उससे ये खड़ा हो गया,

लेकिन आप जोगी तो इसका क्या होगा अम्मी..?

और मैंने अम्मी की सख्त चुन्चिया पकड़ ली.

अब में अम्मी के पीछे अपने घुटनो के बल हो कर उनके स्तनों को मसले जा रहा था,

और मेरी जीभ उनकी कमर पर चल कर रही थी,

जहाँ अम्मी की कमर पर कुर्ती लिपटी थी अब मैंने उनके पीछे से कमर पर जीभ और होठ फ़ेरते हुएउनके नितम्बों को

मेरी सलवार के ऊपर से दबाना और कचोटना शुरू कर दिया,

में अपने एक हाथ से उनकी कमर को अप्ने नजदीक रखने मे इस्तेमाल कर रहा था और दूसरे से क्रम बदल कर उनके चूतड़ों को दबा और निचोड़ रहा था,

शायद वो भी मेरे स्पर्श का प्रतिरोध न कर के उसका साथ अपने नितम्बों को उसकी ओर झुका कर देने लगी थी ,

मैंने उसकी कमर से कुर्ती को अलग करने का प्रयास किया .....

लेकिन मैंने जल्दी से अम्मी को नंगा कर दिया ..और अपने बेड पर लिटाया,

तभी अम्मी बोली=> साहिल समझ कोई बात दरवाजा खुला हुआ है कोई भी आ सकता है,

में भाग कर दरवाजा बंद करके अम्मी से लिपट गया.

अम्मी भी तेयार ही थी,

अम्मी => साहिल आज से तु मेरा शोहर है बैटा नहीं, तेरा पुरा हक्क है के तु मुझे चोद सके,… चोद मुझे साहिल ..

कह कर अम्मी बेड से उतर कर टेबल के पास नीचे खडी हुई डोगी पोज में झुक कर अपनी गंद उठाकर और अपनी गाण्ड को हल्का सा चान्टा मार कर बोली,

साहिल आ जाओ.. हुम्म्म्…

फ़िर दोनो हाथ से अपनी बडी गाण्ड को थोडा खोला और अपनी चूत में एक उन्गली डाली और बोली अब आ भी जाओ,

साहिल मेरे बेटे , …आओ और चोदो मुझे....

में अम्मी के पीछे गया लेकिन मुझे चूत मारनी थी और चूत दिख नहीं रही थी,

मैंने अम्मी को बोला तो अम्मी ने मेरे लंड को पकड़ कर चूत में सेट किया फिर मैंने अम्मी की कमर को पकड़ कर अपनी ओर खींचा,

अम्मी => धीरे साहिल बेटा आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्’’ अस्स्स्स्स्स्स्स्ह्ह् ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्’’ , वोव्व्व् तेरा लण्ड बहुत बडा है,साहिल .

फिर में अम्मी को कटिया बना कर चोदने लगा,

में आज सुबह से गर्म था और इसी वजह से मेरा 10 मिनिट में ही पानी निकलने हो आ गया,

फिर मैंने जल्दी से अपना वीर्य उगलता लण्ड और अन्दर तक अम्मी के मुँह में घुसेड़ दिया

मेरे मुंह से निकला => म्म्म्मममममममममममममम.................

सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स................................

आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हहह...................................

ऊऊऊऊओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह............... ओह मेरे अम्मी में गया .. और थोड़ी देर तक ऐसे ही दबाये रहा,

वो मेरे लंड के पानी कोमज़ा ले ले कर पिने लगी थी,

अब भी अम्मी ने मेरे कड्क लण्ड का मुखमैथुन बन्द नहीं किया था ,

कुछ क्षणों में ही में अम्मी के मुँह में झड़ गया,

अब मेरा लण्ड अम्मी के मुँह में ही सिकुड़ने लगा तब जाकर उसने लण्डअपने मुँह से निकाला ,

मेरे लंड का पानी आमी के मुंह से बह कर उनके गालों से होता हुआ उनके कन्धे पर आने लगा,

और लगभग उनके पुरे बदन पर मेरा पानी लग गया था ,

अब में पूरी तरह से निढाल हो कर पड़ा था अब अम्मी ने मेरे पानी निकले लंड को हलके से चूस लिया ,

थोड़ी देर बादमें उनके ऊपर से हट गया और अम्मी तुरंत उठी और बाथरूम मे घुस गई और खुद को साफ़ किया.

फिर रात को अपने रूम में आने का बोल कर अम्मी निकल गयी..

<===>

मुझे नींद आ गयी करीब दो घंटे बाद किसी ने मुझे झकझोरा.

नजमा थी,

मैं = >सॉरी , वो ज़रा मेरी आँख लग गयी थी, मैं सो गया था. बोलो क्या बात है.

नजमा => भाईजान आप अपनी हालत देखो ना,

उई अम्मी में तो नंगा ही सो गया था.

खेर फिर मैंने नजमा को पकड कर अपनी और खिंचा वो झटके से मेरी गोद में गिर पड़ी मैंने उसको चूमना शुरू किया.

मेरी साँसे तेजी से चलने लगी थी,

अभी उसकी कोमल मुलायम पीठ से आगे उसके मखमली चुचियो की तरफ हाथ ले ही जा रहा था ..

लेकिन वो मुझसे छुट कर खड़ी हो गयी और बोली=> भाईजान पागल हो क्या अम्मी और भाईजान दोनों ही घर पर है,

और रूम भी खुला हुआ है प्लीज़ जल्द से अपने कपडे पहनो कुछ काम है आपसे...

फिर मैं फ्रेश होने के लिए बाथरूंम मे गया ओर जल्दी से फ्रेश होकर बाहर निकला.

नजमा वन्ही थी, आज मैं नजमा को कुतिया बना कर उसकी कुंवारी चूत चोद्ना चाहता था,

मैंने उसे किस करने की कोशिश की तो वो बोली:= भाई प्लीज़ नहीं मुझे पीछे में दर्द हो रहा है ,,

वो रुआंसी हो गयी,

पर में उसके बूब दबाने लगा,

नजमा = भाई नहीं करो प्लीज़ दर्द होगा ना...

में अब नजमा को चोदना चाहता था...

पर नजमा भाग कर बहार चली गई

में पागल हो गया रात में किसको चोदुंगा अम्मी की चूत या नजमा की गांड को ..?

नजमा के बहार जाते ही में भी बहार निकला ,

मेरा एक और भी दोस्त था जिसका नाम बिलाल था ,

बिलाल एक दुकान में जॉब करता था , लेडिज कपड़ो की दुकान थी ,

वहां वो सेल्समेन था , मेरी और बिलाल की जान पहचान नई नई ही थी ,

पर मुझे वो बहुत ही पसंद था, उसकी फिट बॉडी बिलकुल किसी हीरो की तरह ही थी,

बिलाल देखने में बहुत ही प्यारा लगता है ,

खाश बात ये थी , उसकी बातें भी मस्त होती थी,में अक्सर उससे मिलने जाता था,

आज उसका फोन आ गया था और उसने मुझे मिलने बुलाया,

वो एक रूम में किराये से रहता था ,

में पहली ही बार उसके रूम में जा रहा था,

में उसके रूम में पहुंचा,

छोटा सा लेकिन ठीक ठाक रूम था उसका,

उसने मेरा इस्तकबाल किया और मुझे अपने बेड पर बिठाया,

फिर मैंने उससे पुछा की आअज केसे याद किया तो वो बोला = साहिल भाई आज तुम्हे मस्त चीज से मिलवाना है ,

में = क्या है वो चीज ,

बिलाल = भाई थोडा इन्तजार करो ना,

फिर बिलाल ने शराब की बोटेल खोली और दो पेग बनाए.

हम दोनों ने दो दो पेग पिए ...थोडा थोडा नशा हो रहा था ..

फिर उसने टीवी ओन करदी और डीवीडी लगा दी,

टीवी पर एक सेक्स फिल्म चालू हो गयी ...

लेकिन फिल्म कुछ नई थी वो एक शी मेल यानी हिंजड़े की सेक्स फिल्म थी,

में पहली बार किसी शिमेल की फिल्म देख रहा था,

मुझे अजीब सा महसूस हो रहा था, बूब और लंड अल्लाह ने एक साथ ही बना दिए थे ,

फिल्म बहुत ही sexi थी , और उस शिमेल का लंड मुझसे भी बड़ा था,

और बहुत ही प्यारे बूब थे, फिल्म में वो पहले एक आदमी की गांड मरता है ,

फिर उस आदमी की बीबी को चोदता है , बहुत ही प्यारी फिल्म थी,

मैंने देखा की जब वो शिमेल आदमी की गांड मरता है तो वो आदमी बहुत मज़ा ले ले कर अपनी गांड मरवाता है ,

मुझे ये बात बहुत ही अजीब लगी की गांड मरवाने में भी मजा आता है किसी को ,

बिलाल भी गौर से फिल्म देख रहा था, बिलाल ने तहमद पहन रखी थी,

तहमद के अंदर बिलाल का लंड हिल रहा था और खड़ा भी हो गया था,

मेरा भी लंड खड़ा हो गया था,

बिलाल की आँखे लाल हो गई थी, वो बार बार अपना लंड खुजा रहा था ,

तभी रूम की घंटी बजी बिलाल ने रूम खोला,

वाह क्या चीज थी, दरवाजे के खुलते ही एक मस्त लड़की ने अदर कदम रखा,

क्या माल थी वो बिलकुल ही जोरदार और क्या फिगर थी उसकी मस्त बिलकुल बिपाशा बासु ही लग रही थी ,

उसके अंदर आते ही बिलाल ने रूम लॉक कर दिया. और बिलाल ने उसको किस किया और गले से लगा लिया .

फिल्म तब भी चल रही थी, उस लड़की ने सलवार कमीज पहन रखी थी,

उसके बूब तो अल्लाह लगभग 38 के या शायद उससे भी बड़े होगे.

वो बिलाल की गोद में ही बेठ गयी, बिलाल ने उसके बूब मेरे सामने ही दबा दिए...

वो हंसने लगी और बोली= क्या बात है बिलाल बहुत गरम हो रहे हो आज और तेरा लंड भी जोश में है आज ..

बिलाल ने उसके बूब जोर से दबाये तो उसने बिलाल का लंड पकड कर दबा दिया.

उई ऊऊऊऊऊईईईईईअद्दद्दद्ददीईईई बिलाल चिल्लाया .

तभी लड़की बोली = ये कौन है बिलाल नया माल है क्या तेरा ,,गांडू कमीने मेरे आशिक ..

में सकपका गया ..

बिलाल=नहीं जमीला ये मेरा दोस्त है, बहुत ही अच्छा और नेक है,

उस लड़की का नाम जमीला था ....

तभी बिलाल का फोन बजने लगा उसकी दुकान से फोन था और उसको बुलाया था.

बिलाल= साहिल भाई मुझे कोई काम हो गया है अब आप ही जमीला के साथ मस्ती करलो..

मेरी तो लोटरी ही लग गयी थी..

जमीला भी मुस्कुरा रही थी .

बिलाल मुझे कंडोम का एक पेकेट थमा कर निकल गया.

मैंने फिर रूम लॉक कर दिया और जमीला की तरफ देखा वो फिल्म को देख रही थी,

मैंने टीवी को देखा तो उसमे वो शिमेल एक लड़के की गांड मार रहा था ..

जमीला बहुत ही ध्यान से देख रही थी वो लड़का मज़ा ले ले के उस से गांड मरवा रहा था ..

मेरा लंड खड़ा हो गया था में जमीला के पास जाकर बेठ गया ,

जमीला ने मेरी और देखा वो मुझे एकटक देख रही थी उसकी साँस जोर जोर से चल रही थी ..

उसकी बड़ी बड़ी चुन्चिया जोर जोर से हिल रही थी ..

तभी उसने अपनी जीभ अपने होंठो पर चलने लगी जेसे कोई लोली पोप चूस रही हो ..

जमीला = साहिल आपकी शादी हो गई क्या ..?

में = नहीं और आपकी जमीला ...?

जमीला= हमारी किस्मत में कहा है शादी ..साहिल ..

में = क्यों जमीला आप बहुत ही सुन्दर हो न और सलीकेदार भी ..

तभी जमीला ने एक हाथ मेरे लंड के उपर रखा और दूसरा हाथ मेरे गाल पर..

में तो हवस से पागल ही हो गया था....

मेरा लंड मेरी पेंट फाड़ के बहार आना चाहता था, जमीला ने मुझे चूमा और में भी जमीला को जोर जोर से चूमने लगा,

टीवी पर वो शिमेल जोर जोर से उस लड़के की गांड मार रहा था.

जमीला=साहिल क्या आपको भी गांड का शौक है,

मेंने कहा ''हाँ ''

जमीला = माँरने का या मरवाने का या फिर दोनों का ...?

में = जमीला में गांड मारी जरुर है पर कभी मरवाई नहीं है तुमने ..?

जमीला= मैंने मरवाई है न साहिल पर मरवाने में भी अपना मज़ा है ,,

कभी मरवा कर तो देखो ..बहुत मज़ा आएगा साहिल ...देखो वो लड़का केसे प्यार से अपनी गांड मरवा रहा है,

मैंने उसको टालने के हिसाब से कहा = अगर ऐसा कोई शिमेल हो तो जरुर में भी गांड मरवा लूँगा ..

जमीला= क्या सही में साहिल ..?

मैंने उसे हाँ कहा [कहाँ ऐसा शिमेल मिलना था मुझे }

तो जमीला खुश हो गई और मुझे लिपकिस कर लिया ,मैंने भी उसके बूब दबाये...

क्या मस्त और भरे भरे बूब थे जमीला के में मस्ती में डूब गया..

जमीला ने मेरी कमीज उतार दी और मुझ्र पेंट उतरने को कहा ..

मैंने जल्दी से अपने कपड़ो को उतार फेंका और नंगा हो गया , मेरा लंड झटके ले रहा था ,

जमीला ने तुरंत ही मेरे लंड को अपने सुंदर मुंह में ले लिया और बड़े ही मस्त तरीके से चुने लगी .

जमीला मेरा लंड चूसते चूसते मेरी गांड को सहला रही थी और मेरे गांड के छेद को भी कुरेद रही थी,

में सेक्स की लज्जत में डूब रहा था ...

जमीला पता नहीं केसे केसे तरीको से मेरा लंड चूस रही थी बहुत ही मज़ा आ रहा था,

मुझे लगता था की में जमीला के मुंह में ही अपना पानी निकल दूंगा ..

तभी जमीला ने अपनी एक अंगुली मेरे गांड के छेद में डाल दी .

ऊईईई अम्मी ओह ओह ये क्या किया जमीला ने मेरी गांड में दर्द हुआ.

जमीला हंस पड़ी और बोली= अंगुली से ये हाल है तो लंड केसे लोगे अपनी गांड में साहिल..?

मेरी गांड में जलन हो रही थी.

में बोला=जमीला तुम भी बदमाश हो अचानक अंगुली डाल दी..

जमीला= हूँ साहिल तो ठीक है अब बोल कर डालती हूँ..

और जमीला मेरे पीछे आ गयी और हाई क्या हरकत की उसने अल्लाह ..

उसने उफ़ अपनी जीभ मेरी गांड के छेद में डाल दी और घुमाने लगी गोल गोल.

में बयान नही कर सकता था की केसा मज़ा आ रहा था मुझको लगा की में जन्नत में पहुंच गया था जेसे ,,

उसने अपने हाथो से मेरी गांड का छेद छोड़ा कर लिया और मेरी गांड को जोरो से चाटने लगी,

क्या मज़ा आरहा था मुझको में मज़े में डूब गया था तभी जमीला ने फिर मेरी गांड में अपनी दो अंगुलिया फिर से डाल दी.

में फिर तडफा और वो हंस दी.

जमीला=लगता है आपकी गांड कभी नहीं चूदी है साहिल क्या मस्त गांड है आपकी,

में=जमीला आप लगता है गांड चाटने की शोकिन हो,

जमीला = हाँ साहिल मुझे गांड चाटने में मज़ा आता ह और चटवाने में भी ..

में = तो चट्वाओ अपनी गांड जमीला में चाटता हूँ ..

जमीला= रुको न साहिल धीरे धीरे सेक्स करने में बहुत मज़ा आता है,

आपने कितनो की गांड माँरी है, अभी तक ..

में = दो गांड मरी है जमीला अभी तक मैंने..

जमीला=बिलाल की मरी है या नहीं साहिल.

में= नहीं तो जमीला क्या वो गांड मरवाता है, क्या .

जमीला= साहिल उसको तो बड़ा ही शोक है मरवाने का, और मुझे भी है मरवाने का..

बहुत ही मज़ा आता है गांड में बड़ा लंड ले ने का ..

तुम्हे मैंने जीभ से मज़ा दिया सोचो अगर जीभ इतना मज़ा देती है तो लंड कितना मजा देगा सोचो साहिल ...?

 
में अम्मी और मेरी बहिन-10

में सच में सोचने लगा की गांड मरवाने में भी तो कुछ तो मज़ा आता ही होगा,

तभी साहिल मुझसे गांड मरवाकर खुस था उस दिन..!

तभी जमीला ने मुझे बेड पर उल्टा लिटा दिया और मेरी गांड सहलाने लगी.

जमीला= साहिल बहुत ही मस्त गांड है तुम्हारी तो बहुत ही खुशनसीब होगा जो इसको मारेगा...

ये कहकर फिर से वो मेरी गांड चाटने लगी बीच बीच में वो अपनी अंगुली भी डाल रही थी,

अब गांड को अंगुली से दर्द नहीं हो रहा था उलटे मुझे मज़ा आ रहा था ये करवाने का..

तभी जमीला खड़ी हुई और अपना पर्स ली और उससे एक रबर का लंड निकाला और मुझसे बोली,

जमीला=साहिल क्या ये डाल दू आपकी मस्त गांड में ,,

मैंने वो लंड अपने हाथ में लिया, करीब 5 इंच का था और मेरे लंड से पतला भी था,

मैंने जमीला को कहा=दर्द हुआ तो जमीला...?

जमीला=साहिल में क्रीम लगाकर डालूंगी तुम्हे बहुत ही मज़ा आयेगा यकींन करो मुझ पर मेरे जानू.

मैंने हामी भरी तो जमीला खुश हो गयी और जमीला ने अपनी कुर्ती उतार दी,

उसके बूब अब ब्रा में केद थे और बहुत ही प्यारे बूब थे उसके..

फिर उसने अपनी ब्रा भी उतार दी.

उफ़ क्या बूब थे जमीला के बड़े बड़े बूब और काली काली टिट थी उसकी ..

फिर जमीला ने मुझे अपनी चुन्ची पिने को कहा ,

में जेसे बचपन में अम्मी का दूध पीता था वेसे ही जमीला की चुन्ची पिने लगा,

जमीला मेरा लंड हिला रही थी और मुझे उकसा रही थी,

मैंने जमीला को उसकी सलवार उतरने को कहा तो वो बोली= रुको ना जानू क्या जल्दी है,

में रुक गया,

जमीला ने फिर मेरी गांड में कोई क्रीम लगाई,

मुझे ठंडा ठंडा महसूस हुआ,

फिर जमीला ने मुझे उल्टा लेटने को कहा,

में उल्टा लेट गया,

फिर जमीला ने बड़े ही प्यार से मेरी गांड सहलाई,

फिर उसने धीरे से रबर का लंड मेरी गांड के छेद पर लगा दिया,

जमीला= साहिल आप गांड को बिलकुल ही ढीली छोड़ दो ना,

मैंने हामी भरी और अपनी गांड को अकदम ढीला छोड़ दिया,

जमीला ने धीरे से वो लंड मेरी गांड के छेद में फसा दिया,

थोडा सा दर्द हुआ पर ज्यादा नहीं.

जमीला ने मुझे टीवी देखने को कहा,

टीवी में एक मिंया बीबी मिलकर उर शिमेल का लंड चूस रहे थे,

और वो शिमेल बीबी के बूब दबा रहा था,

तभी जमीला ने झटके से वो लंड मेरी गांड में घुसेड दिया.

मेरे मुंह से चीख निकली =अह्ह्ह्हह्ह्हा उई उई अम्मी आहा,,, जमीला निकालो ना इसको प्लीज़.

जमीला=साहिल डरो मत आपकी गांड अब खुल गयी है, थोड़ी देर ही दर्द होगा फिर मज़े का शेलाब आएगा मेरे जानू,

और जमीला उस लंड को आगे पीछे करने लगी,

मुझे दर्द हो रहा था,

पर करीब 5-7 मिनिट में ही मुझे चैन आ गया,

अब जमीला जोर जोर से वो लंड आगे पीछे कर रही थी,

मुझे सचमुच मज़ा आ रहा था.

खां मेरी गांड में एक अंगुली से भी दर्द हो रहा था और अब मेरी गांड लंड भी आराम से ले रही थी,

तभी जमीला ने वो लंड बहार निकल लिया,

में जेसे मस्ती की नींद से जागा,

में बोला = क्या हुआ जमीला,लंड क्यों बाहर निकाला तुमने,

जमीला= साहिल तुम्हे मज़ा आ रहा था ना सच्च बोलो जानू..

मैंने हामी भरी,

जमीला मेरे सामने खड़ी हो गयी में बेड पर लेता हुआ था,

वो मेरे सामने आकर मेरे सर के सामने खड़ी हो गयी,

जमीला मेरे बालो से खेलने लगी और बोली=साहिल क्या तुमको सचमुच का लंड लेना है अपनी गांड में,

मुझे मज़ा आया था और अब में सच का लंड लेना चाहता था अपनी गांड में,

मैंने कहा = हाँ जमीला पर कीसका लंड लूँ में,

जमीला= तुमने कभी शिमेल को देखा है,

असलियत में साहिल,,

में = नहीं कभी नहीं जमीला, पर सुना बहुत है,काश कोई शिमेल होता और मेरी गांड को अपने बड़े से लंड से भर देता,

जमीला= मान लो अगर मेरे पास बड़ा सा लंड होता तुमसे भी बड़ा, तो क्या साहिल तुम भी चूसते,

और अपनी गांड में लेते क्या,

में = हाँ क्यों नहीं जमीला में तो मज़े से गांड मरवाता तुमसे और मज़े करता,

जमीला मेरे सामने ही थी उसने फिर अपनी सलवार उतारी,

बाप रीईईईईई अल्लाह क्या देख रहा हूँ में,

जमीला सही में ही शिमेल ही थी,

अल्लाह क्या मस्त लंड था उसका,

मुझसे भी बड़ा और एकदम गोरा गोरा...

में तो पागल ही हो गया जमीला का लंड देख कर,

क्या लंड था बहुत ही प्यारा,

बड़ा करीब 9'' इंच का था वो ,

झटके खा खा कर हिल रहा था जमीला का लंड.

लंड के टोपे पर एक बूंद पानी की थी,

लंड बिलकुल मेरे मुंह के पास था.

ये देख कर मेरी गांड में खुजली होने लगी,

मैं मौका गँवाए बिना उसके लौड़े को पकड़ सहलाने लगा,

जमीला के मुंह पे एक मुस्कराहट आ गयी थी,

उसका बड़ा लौड़ा लटक रहा था, वो मेरे सर को अपने लंड की तरफ खिंच सी रही थी,

मैंने उसके मस्त लंड को हलके से चूमा,

ये मेरा किसी लंड को चूमने का पहला ही मोका था,

अच्छा टेस्ट था लंड के पानी कानमकीन सा सोल्टी ,

फिर में बेड से उतर गया ,

मैं कुतिया की तरह घुटनों के बल चलता हुआ उसके करीब पहुँचा,

उसका लटकता हुआ लौड़ा मुझे पागल कर रहा था,

मैंने भैंस के बच्चे की तरह उसका लंड पकड़ मुँह में ले लिया,

मैं उसका लंड पूरा टोपे से लेकर आँड तक चूस रहा था ,

मैं उसका लंड पूरे जोश क साथ चूस रहा था कि तभी मुझे एक आइडिया आया,

मैंने अपने दोनों हाथों से उसके कूल्हे पकड़ लिए,

और उसके लंड को अपने मुँह में घुसाने लगा और साथ ही धीरे धीरे उसकी गाण्ड में अपनी उंगली डाल रहा था,

जैसे ही मैंने उंगली डाली, वो और जोर से मुँह में धक्के मारने लगी , उ

सको मज़ा आ रहा था, मैं अब और जोर से उंगली डाल रहा था,

मैंने जम कर उसका लंड चूसा और फिर उसने मुझे पकड़ा,

मेरी मस्त गांड पूरी नंगी की, उसने मुझे बेड पर बिठाया और मेरे पेट पर ही अपना लंड रगड़ने लगी ,

उसने मेरी टांगें उठवा ली और मुझसे कंडोम का पूछा ,

बिलाल मुझे कंडोम देकर ही गया था,

मैंने जमीला को वो पेकेट दे दिया,

जमीला ने अपने बड़े लंड पर कंडोम चढाया और फिर कंडोम पहन कर चढ़ गयी मुझ पर,

करीब 10 मिनट बाद मैंने पूछा- कैसा लग रहा है..?

उसका लंड लोहे की तरह सख्त और उसका टोपा लाल हो गया था,

इतनी देर तक जमीला का लंड चूसने क बाद मेरा लंड भी अपनी चमड़ी फाड़ कर बाहर आना चाहता था।

मैंने पूछा- तुम्हारी गाण्ड को अच्छा लग रहा है या नहीं?

वो बोला- आज तक इतना मज़ा कभी नहीं आया, बहुत ही प्यारी गांड है तेरी और मस्त लंड चूसा है तुमने,

पहले में मारू साहिल अआपकी गांड या आप मेरी मारोगे,

मैंने कहा=ओके, तो पहले मैं तेरी मारता हूँ फिर तू मेरी मारना,

जमीला = हाँ ठीक है.

मैं सर हिला कर बेड पर डॉगी स्टाइल में चढ़ गया,

जमीला अंदर से क्रीम की बोतल लाई और खूब सारा क्रीम अपनी गाण्ड की छेद पर लगाने लगी,

मैंने उसकी गांड का छेद देखा एकदम लाल लाल बिलकुल मेरी अम्मी की चूत की तरह ही था ,

फिर मैंने पहले एक उंगली घुसाई, उसे अच्छा लगा, फिर दो उंगलियाँ, उसे थोड़ा दर्द हुआ,

फिर मैंने उसे पूछा- तुम तैयार हो जमीला ?

जमीला बेड पर लेट गई और मैंने उसके मुंह में अपना लंड दाल दिया ..

वो हाँ बोल कर चुप हो गयी और मैं उसकी गाण्ड में उंगली करते हुए अपने लंड परक्रीम लगाकर कंडोम लगाने लगा.

फिर मैंने उसको पीठ को चूमना शुरू किया और धीरे से अपने लंड का टोपा उसकी गाण्ड के छेद पर लगाया,

उसके कान में कहा= जमीला तुम्हें भी मेरे लंड से बहुत मज़ा आएगा,

और उसकी गाण्ड में धीरे से टोपा घुसा दिया,

वो थोड़ा सा चिल्लायी=उई ऊईईई आहा धीरे साहिल धीरे डालो ,, पर मैंने उसका मुँह बंद का रख,

फिर मैंने दूसरा धक्का दिया और मेरा आधे से ज्यादा लंड उसकी गाण्ड में घुस गया,

उसकी आँखें दर्द के मारे बंद हो चुकी थी,

मैंने धीरे से पूरा लंड अंदर घुसा दिया और धक्के देने लगा ,

धीरे धीरे उसकी गाण्ड का छेद खुल गया और आराम से अंदर बाहर होने लगा.

अब उसकी सिससकारियाँ तेज़ हो रही थी और साथ ही मेरे धक्के भी, बीच बीच में मैं उसका लंड भी हिला रहा था.

फिर मैंने उससे पीठ के बल लेटा दिया और उसकी टाँगें उठा कर अपने कंधे पे रख ली और सामने से उसकी गाण्ड मारने लगा,

अब मैं पूरी गति से धक्के मार रहा था और वो गाण्ड उठा उठा कर मेरा लंड अपनी गाण्ड में ले रही थी,

मैंने चोदते हुए उससे पूछा- मेरा लंड कैसा है?

जमीला =तुम्हारा लंड काफ़ी लम्बा है, मज़ा आ रहा है, प्लीज़ क्या तुम मेरी गाण्ड रोज़ मार सकते हो जानू ?

मैंने कहा- हाँ !

इतना सुनते ही वो और ज़ोर से गाण्ड उछाल उछाल कर अपनी मरवाने लगी ,

वो बीच बीच में कहती =चोद दे मुझे साहिल , रंडी की तरह चोद, इस ब्लू फिल्म की तरह चुदाई कर दे आज मेरी गाण्ड की !

यह सुन कर मैं अपना पूरा लंड पूरे जोश क साथ उसकी गाण्ड में घुसा रहा था ..

करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपना पानी उसकी गाण्ड की गहराई में भर दिया.

उसके बाद हम 10 मिनट तक एक दूसरे से चिपक कर सो गये.
 
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