• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

मेरी बहनें मेरी जिंदगी complete

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
अरुण कुछ देर अपने शरीर को देखता रहा. "पूरा शरीर दर्द कर रहा है. और भी इन लोगो ने बताया कि मेरी एक साल की मेमोरी गायब हो गयी है."

"हां, हम लोगो ऐसा कुछ होने का डर था. इस टाइप की इंजुरी मे कुछ चीज़े भूल जाना नॉर्मल है. दिक्कत ये है कि इस बारे मे हम कुछ कर भी नही सकते. वापस फेमिलियर सराउंडिंग्स मे जाने पर काफ़ी कुछ हेल्प मिलती है. तो बस वही करो."

"अंकल सब याद तो आ जाएगा ना भाई को?" सोनिया ने बहुत ही धीरे से पूछा. अरुण ने उसे देखा तो वो बिल्कुल कमजोर लग रही थी. और उसने उसको भाई बुलाया था. वो सोचने लगा कि एक साल मे काफ़ी कुछ बदल गया है उसकी लाइफ मे.

"बेटा कुछ कह नही सकते. मोस्ट्ली केसस मे तो याददाश्त वापस आ जाती है, कुछ केसस मे नही."

सोनिया ने रुआसी आखो से सुप्रिया की ओर देखा तो सुप्रिया ने उसे गले लगा लिया और कान मे कुछ कहा. सोनिया ने अपने आसू पोछते हुए सिर को हिला दिया.

"चलो बाकी चोटो का चेकप कर लेते है," डॉक्टर ने उस पर से चादर हटाते हुए कहा. "रही दर्द की बात तो उसके लिए तो दवाई है ही."

अरुण तो अपनी चोट देखकर डर ही गया. सीने से नीचे देखकर तो लग रहा था किसी ने अच्छे से हॉकी लेकर उसकी सूताई करी हो. कुछ देर तक जगह जगह छू कर डॉक्टर उसके दर्द की जाँच करता रहा फिर वहाँ से चला गया.

काफ़ी देर तक एक असहज सी खामोशी छाइ रही, क्यूकी किसी को कुछ समझ नही आ रहा था कि क्या कहा जाए. तभी पीछे दरवाजे पर नॉक हुई और एक पोलीस इन्स्पेक्टर अंदर आया.

"डॉक्टर ने बताया कि इन्हे होश आ गया है." इनस्पेक्टर बोला.

सुप्रिया ने सिर हिलाकर उन्हे हां कह दी. "लेकिन सर लगता नही मेरा भाई अभी आपकी कोई हेल्प कर सकता है. सिर पर चोट लगाने के कारण इसकी पिछले एक साल की यादास्त खो चुकी है."

"कोई बात नही, मेरा नाम इनस्पेक्टर अजय है. मैं बस स्टेट्मेंट लेने आया हूँ, ओके?"

कुछ सवालो के बाद ये बिल्कुल क्लियर हो गया कि अरुण को कुछ भी याद नही है.

"हम लोगो ने वहाँ मौजूद लोगो से पूछताछ करी है तो उन्होने बताया कि तुमने उन लोगो से जाने के लिए कहा था. और तुम्हारी बहनों ने बताया कि वो कार मे से ही गनशॉट फाइयर हुआ था. तुम्हारी कार तो अब चलने की हालत मे है नही फिर भी हम उसकी चेकिंग करेंगे. और जिसने ये हरकत करी है वो हमारी कस्टडी मे है तो तुम्हे फिकर करने की ज़रूरत नही है." अजय ये कहकर टेक केयर बोलकर चला गया.

नर्स आई और अरुण को बाकी दवाइयों के साथ नींद की दवा भी दे दी. निशा ने भी आगे बढ़कर उसे गले लगा लिया और उसके सिर को चूम लिया.

"यू स्केर्ड मी...थॅंक गॉड, तुम ठीक हो. अब जल्दी से ठीक हो जाओ, ओके." ये कहकर वो बाकी सब से बात करने लगी. रोहित ने अपना समान उठाया और निशा के साथ बाहर जाने लगा.

"जब डिसचार्ज करें तो मुझे कॉल कर देना, मैं आ जाउन्गा." रोहित बोला और सबको बाइ बोलकर चला गया.

अरुण कुछ ही देर मे नींद मे चला गया.

"वी नीड टू टॉक," सुप्रिया सभी से बोली उन लोगो को लेकर बाहर निकल आई.

वो लोग एक वेटिंग रूम मे चले गये जहाँ कोई नही था, तो उसने सभी को अंदर बुलाकर दरवाजा बंद कर दिया और साबो बैठने का इशारा कर दिया.

सोनिया जो बस रोने की कगार पर ही थी पहले बोली.

"भाई को कुछ याद नही है ना!" इसके साथ ही उसके आसू निकलने लगे और वो अपने चेहरे अपने हाथो से छुपाने लगी. सुप्रिया ने उसे अपने कंधे का सहारा दिया और उसका सिर सहलाने लगी. "देखो, मैं यह तो नही कहने वाली थी कि मुझे पता है कि इस कंडीशन मे क्या करना है, लेकिन कुछ ना कुछ तो सोचना ही पड़ेगा."

आरोही और स्नेहा बिल्कुल शांत बैठी हुई थी.

स्नेहा ने उसकी बात सुन अपना गला साफ किया. "एक बार उसकी नज़र से देखो. अगर उसे कुछ भी याद नही है, कि इस साल क्या क्या हुआ, कैसे हम सबकी लाइफ चेंज हुई है, और अगर हम ने एक दम से उसे बता दिया, तो पता नही क्या होगा. पर्सनली, मुझे नही पता वो इस बात पर कैसे रिएक्ट करेगा. अगर हम लोग धीरे धीरे उसे अपनी तरफ आकर्षित करे तो शायद उसे बीती बातें याद आ जाएँ."

"दी, आप तो हम लोगो पर पहले से ही नज़र रखे हुई थी, तो बताओ कि पहले अरुण हम लोगो के आस पास कैसे बिहेव करता था? क्या पहले भी वो इतना ही हम लोगो को घूरता था?"

सुप्रिया हल्के से हंस दी, जब उसे ध्यान आया कि कैसे अरुण उसके एप्रन को निहारता था. "मुझे याद है कि जब सोनिया छोटे छोटे कपड़े पहने उछलती हुई सीढ़ियों से नीचे आती तो अरुण की नज़रे कहीं और होती ही नही थी. और सोनिया को देखकर तो लगता था कि ये जानबूझ कर वो स्पोर्ट्स ब्रा और शॉर्ट्स पहेन कर आती थी उसे परेशान करने के लिए."

सोनिया ने अपना सिर उठाकर हल्के से स्माइल कर दी. "कभी कभी."

"मुझे भी याद है कि अरुण हमेशा जॉगिंग के टाइम मेरे पीछे ही रहता था, मुझे तो लगता था कि शायद मेरी स्पीड तेज है इसलिए." आरोही बोली.

सभी हल्के से हंस दी तो सबका मन थोड़ा हल्का हुआ.

"और कितनी बार हम लोगो ने उसे स्नेहा का क्लीवेज घूरते हुए पकड़ा है?" सुप्रिया ने कहा तो स्नेहा शरमा गयी.

"और मैं ही अकेली भाई को सुबह परेशान नही करती थी, आरू भी तो वैसे ही सेक्सी कपड़े पहेन कर आती थी और तब भी भाई की नज़र इस पर से नही हटती थी. और स्नेहा दी तो जैसे सेंटर ऑफ अटेन्षन थी. बस इनको शायद इस बात की जानकारी नही थी." सोनिया बोली.

स्नेह शरमाते हुए हंस दी. "तुम लोग मुझे जितना इग्नोरेंट समझते हो मैं उतना नही थी. मुझे पता था कि वो मुझे देख रहा है बस मुझे रीज़न नही पता था. उसी ने मुझे पहली बार बताया दट आइ लुक प्रेटी." उसने एक मायूस आवाज़ मे कहा.

सभी एक साथ गले लग गये. "मुझे पक्का यकीन है, उसे जल्दी ही सब याद आ जाएगा और अगर नही आया ना तो हम लोग दोबारा उसे खूब टॉर्चर करेंगे," आरोही बोली.

स्नेहा एक दम से आरोही की ओर देखने लगी दूर हट के.

"व्हाट?" आरोही ने चिंतित स्वर मे कहा.

"यही तो है!" स्नेहा एग्ज़ाइटेड होते हुए बोली.

सभी उसकी तरफ कन्फ्यूज़ होकर देखने लगे.

"अरे यही तो सल्यूशन है. हम लोगो को उसे दोबारा टॉर्चर करना पड़ेगा लेकिन इस बार थोड़ा आराम से. और इस बार एक दूसरे के साथ थोड़ा लिमिट मे नही तो उसे पक्का बड़ा झटका लगेगा," स्नेहा आरोही की ओर देखते हुए बोली जो हँसे जा रही थी. "वैसे दट वाज़ फन," स्नेहा बोली.

"नाइस आइडिया. हां, थोड़ा लिमिट तो रखनी ही पड़ेगी इस बार." आरोही उसकी बात का समर्थन करते हुए बोली.

"और सोनिया का क्या?" सुप्रिया ने पूछा तो दोनो सोनिया की ओर देखने लगी.

"सोनिया हम लोगो के साथ सो सकती है," स्नेहा ने कहा.

सोनिया ने मना कर दिया. "कोई बात नही दी. मैं ठीक हूँ. मैं अपने रूम मे ही सोउंगी. अगर कभी ज़रूरत पड़ी तो आप लोगो के पास आ जाउन्गी."

"ओके, नेक्स्ट पार्ट. वो पूछेगा तो ज़रूर इस साल के बारे मे. ये तो उसे भी पता चल गया है कि हमारी रिलेशन्षिप काफ़ी चेंज हुई है तो उसे रीज़न क्या बताएँगे सोनिया के बर्ताव का?" आरोही ने पूछा.

"हम लोगो कुछ कुछ चीज़े तो उसे बता ही सकते हैं. जैसे कि जो कुछ सोनिया के साथ हुआ तभी से उसे अकेले नींद नही आती. ये बात उसे समझ मे आ भी जाएगी. तब उसे ये भी पता चल जाएगा कि क्यूँ उस लड़के ने टाइयर पर गोली मारी और शायद याद भी आ जाए कि वो लड़का कौन था," सुप्रिया बोली.

"सोनिया?" आरोही ने सोनिया से पूछा.

सोनिया कुछ देर सोचती रही फिर हंस दी. "भाई की मेमोरी वापस आ जाए, और क्या चाहिए?"

**********

Arun kuch der apne shareer ko dekhta raha. "Pura shareer dard kar raha hai. Aur bhi in logo ne bataya ki meri ek saal ki memory gayab ho gayi hai."

"Haan, hum logo aisa kuch hone ka dar tha. Is type ki injury me kuch chize bhul jana normal hai. Dikkat ye hai ki is bare me hum kuch kar bhi nahi sakte. Wapas familiar surroundings me jane par kafi kuch help milti hai. To bas wahi karo."

"Uncle sab yaad to aa jayega na bhai ko?" Soniya ne bahut hi dhire se pucha. Arun ne use dekha to wo bilkul kamjor lag rahi thi. Aur usne usko bhai bulaya tha. Wo sochne laga ki ek saal me kafi kuch badal gaya hai uski life me.

"Beta kuch keh nahi sakte. Mostly cases me to yaddast wapas aa jati hai, kuch cases me nahi."

Soniya ne ruasi aakho se Supriya ki or dekha to Supriya ne use gale laga liya aur kaan me kuch kaha. Soniya ne apne aasu pochte hue sir ko hila diya.

"Chalo baki choto ka checkup kar lete hai," doctor ne us par se chadar hatate hue kaha. "Rahi dard ki baat to uske liye to dawai hai hi."

Arun to apni chot dekhkar dar hi gaya. Seene se niche dekhkar to lag raha tha kisi ne ache se hockey lekar uski sutai kari ho. Kuch der tak jagah jagah chu kar doctor uske dard ki jaanch karta raha fir waha se chala gaya.

Kafi der tak ek asahaj si khamoshi chhayi rahi, kyuki kisi ko kuch samajh nahi aa raha tha ki kya kaha jaye. Tabhi piche darwaje par knock hui aur ek police inspectore andar aaya.

"Doctor ne bataya ki inhe hosh aa gaya hai." Inspector bola.

Supriya ne sir hilakar unhe haan keh di. "Lekin sir lagta nahi mera bhai abhi aapki koi help kar sakta hai. Sir par chot lagane ke karan iski pichle ek saal ki yadast kho chuki hai."

"Koi baat nahi, mera naam inspector Ajay hai. Main bas statement lene aaya hoon, okay?"

Kuch sawalo ke baad ye bilkul clear ho gaya ki Arun ko kuch bhi yaad nahi hai.

"Hum logo ne waha maujood logo se puchtach kari hai to unhone bataya ki tumne un logo se jane ke liye kaha tha. Aur tumhari beheno ne bataya ki wo car me se hi gunshot fire hua tha. Tumhari car to ab chalne ki halat me hai nahi fir bhi hum uski checking karenge. Aur jisne ye harkat kari hai wo hamari custody me hai to tumhe fikar karne ki jarurat nahi hai." Ajay ye kehkar take care bolkar chala gaya.

Nurse aayi aur Arun ko baki dawayion ke sath neend ki dawa bhi de di. Nisha ne bhi aage badhkar use gale laga liya aur uske sir ko chum liya.

"You scared me...thank god, tum thik ho. Ab jaldi se thik ho jao, ok." Ye kehkar wo baki sab se baat karne lagi. Rohit ne apna saman uthaya aur Nisha ke sath bahar jane laga.

"Jab discharge kare to mujhe call kar dena, main aa jaunga." Rohit bola aur sabko bye bolkar chala gaya.

Arun kuch hi der me neend me chala gaya.

"We need to talk," Supriya sabhi se boli un logo ko lekar bahar nikal aayi.

Wo log ek waiting room me chale gaye jahan koi nahi tha, to usne sabhi ko andar bulakar darwaja band kar diya aur sabo baithane ka ishara kar diya.

Soniya jo bas rone ki kagar par hi thi pehle boli.

"Bhai ko kuch yaad nahi hai na!" iske sath hi uske aasu nikalne lage aur wo apne chehre apne hatho se chupane lagi. Supriya ne use apne kandhe ka sahara diya aur uska sir sehlane lagi. "Dekho, main yeh to nahi kehne wali ki mujhe pata hai ki is condition me kya karna hai, lekin kuch na kuch to sochna hi padega."

Aarohi aur Sneha bilkul shant baithi hui thi.

Sneha ne uski baat sun apna gala saf kiya. "Ek baar uski najar se dekho. Agar use kuch bhi yaad nahi hai, ki is saal kya kya hua, kaise hum sabki life change hui hai, aur agar humne ek dum se use bata diya, to pata nahi kya hoga. Personally, mujhe nahi pata wo is baat par kaise react karega. Agar hum log dhire dhire use apni taraf akarshit kare to shayad use beeti baatein yaad aa jayen."

"Di, aap to hum logo par pehle se hi najar rakhe hui thi, to batao ki pehle Arun hum logo ke aas paas kaise behave karta tha? Kya pehle bhi wo itna hi hum logo ko ghurta tha?"

Supriya halke se hans di, jab use dhyan aaya ki kaise Arun uske apron ko niharta tha. "Mujhe yaad hai ki jab Soniya chote chote kapde pehne uchalti hui seedhiyon se niche aati to Arun ki najre kahi aur hoti hi nahi thi. Aur Soniya ko dekhkar to lagta tha ki ye janbujh kar wo sports bra aur shorts pehen kar aati thi use pareshan karne ke liye."

Soniya ne apna sir uthakar halke se smile kar di. "Kabhi kabhi."

"Mujhe bhi yaad hai ki Arun hamesha jogging ke time mere piche hi rehta tha, mujhe to lagta tha ki shayad meri speed tej hai isliye." Aarohi boli.

Sabhi halke se hans di to sabka man thoda halka hua.

"Aur kitni baar hum logo ne use Sneha ka cleavage ghurte hue pakda hai?" Supriya ne kha to Sneha sharma gayi.

"Aur main hi akeli bhai ko subah pareshan nahi karti thi, Aaru bhi to waise hi sexy kapde pehen kar aati thi aur tab bhi bhai ki najar is par se nahi hatati thi. Aur Sneha di to jaise centre of attention thi. Bas inko shayad is baat ki jankari nahi thi." Soniya boli.

Sneh sharmate hue hans di. "Tum log mujhe jitna ignorant samjhate ho main utna nahi thi. Mujhe pata tha ki wo mujhe dekh raha hai bas mujhe reason nahi pata tha. Usi ne mujhe pehli baar bataya that I look pretty." usne ek mayus awaz me kaha.

Sabhi ek sath gale lag gaye. "Mujhe pakka yakeen hai, use jaldi hi sab yaad aa jayega aur agar nahi aaya na to hum log dobara use khoob torture karenge," Aarohi boli.

Sneha ek dum se Aarohi ki or dekhne lagi dur hat ke.

"What?" Aarohi ne chintit swar me kaha.

"Yahi to hai!" Sneha excited hote hue boli.

Sabhi uski taraf confuse hokar dekhne lage.

"Are yahi to solution hai. Hum logo ko use dobara torture karna padega lekin is bar thoda aaram se. Aur is baar ek dusre ke sath thoda limit me nahi to use pakka bada jhatka lagega," Sneha Aarohi ki or dekhte hue boli jo hanse ja rahi thi. "Waise that was fun," Sneha boli.

"Nice idea. Haan, thoda limit to rakhni hi padegi is baar." Aarohi uski baat ka samarthan karte hue boli.

"Aur Soniya ka kya?" Supriya ne pucha to dono Soniya ki or dekhne lagi.

"Soniya hum logo ke sath so sakti hai," Sneha ne kaha.

Soniya ne mana kar diya. "Koi baat nahi di. Main thik hoon. Main apne room me hi soungi. Agar kabhi jarurat padi to aap logo ke paas aa jaungi."

"Okay, next part. Wo puchega to jarur is saal ke bare me. Ye to use bhi pata chal gaya hai ki hamari relationship kafi change hui hai to use reason kya batayenge Soniya ke bartav ka?" Aarohi ne pucha.

"Hum logo kuch kuch chize to use bata hi sakte hain. Jaise ki jo kuch Soniya ke sath hua tabhi se use akele nind nahi aati. Ye baat use samajh me aa bhi jayegi. Tab use ye bhi pata chal jayega ki kyu us ladke ne tyre par goli mari aur shayad yaad bhi aa jaye ki wo ladka kaun tha," Supriya boli.

"Soniya?" Aarohi ne soniya se pucha.

Soniya kuch der sochti rahi fir hans di. "Bhai ki memory wapas aa jaye, aur kya chahiye?"

**********

 
अरुण कुछ घंटो तक सोने के बाद उस शाम जागा. आँखें झपकाते हुए उसने तो देखा तो उसकी बहनें जा चुकी थी सिर्फ़ स्नेहा पास मे बैठी बुक पढ़ रही थी.

"हे, बेबी, कुछ चाहिए?" उसने प्यार से पूछा.

अरुण ने धीरे से सिर हिलका तकिया पर रख लिया. कुछ देर तक वो ऐसे ही इधर उधर देखता रहा.

"कितने दिन एग्ज़ॅक्ट्ली हुए हैं?" उसने पूछा.

स्नेहा ने बुक साइड मे रख दी और उसके पास आ गयी. "तुम पहले तो 2 दिन आइसीयू मे ही रहे. फिर जब तुम्हे होश आया तो एक दिन बाद डॉक्टर ने तुम्हे रेग्युलर रूम मे शिफ्ट कर दिया. उसके बाद तुमने आज आँखें खोली."

अरुण ने दोबारा आँखें बंद कर ली. कमरे मे खामोसी थी. याददाश्त खोने की खबर उसके लिए किसी झटके से कम नही थी लेकिन स्नेहा की मीठी आवाज़ उसे काफ़ी आराम पहुचा रही थी. उसके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान उभर आई.

"क्या हुआ?" स्नेहा ने पूछा.

उसने स्नेहा की ओर देखा. "आपकी आवाज़ बड़ी अच्छी लग रही है," उसने कहा.

स्नेहा मुस्कुरा कर उसे देखने लगी. "थॅंक्स बेबी," उसने और प्यार से कहा तो अरुण के मान मे जो अंधेरा था वो धीरे धीरे उसकी मीठी रोशनी मे घुलने लगा.

"टीवी?" स्नेहा ने टीवी की ओर इशारा करते हुए कहा.

अरुण ने सिर हिलाकर मना कर दिया. "नही, आप बस मुझसे करती रहो, मुझे बड़ा अच्छा लगता है जब आप बात करती हो."

स्नेहा मुस्कुराते हुए बात करने लगी की कैसे बचपन मे दोनो साथ मे चेस खेलते थे और वो ज़्यादातर जानबूझकर हार जाती थी. वो उसकी पढ़ने मे हेल्प करती थी, और अरुण की शैतानियों पर मारती भी थी. कुछ घंटो बाद डॉक्टर आया और कुछ नुरलॉजिकल टेस्ट किए अरुण के.

अगले दिन अरुण को हॉस्पिटल से डिसचार्ज कर दिया गया. व्हीलचेयर मे बैठे हुए अरुण को आरोही ले जाने लगी. पीछे से रोहित सबके साथ समान ले आने लगा.

रोहित ने आरोही की हेल्प की उसे अपनी कार मे बैठने मे. रोहित दूसरी तरफ गया तब तक स्नेहा आ गयी और उसकी सीट बेल्ट लगाने लगी. अरुण की नज़रे दोबारा स्नेहा के क्लीवेज पर टिक गयी और बेल्ट लगाते टाइम स्नेहा का बया दूध उसके हाथ से रगड़ गया.

अरुण को तुरंत ही एक झटका लगा, उसके मन मे एक सीन आने लगा, स्नेहा का निपल उसकी जीभ के चारो ओर घूम रहा था. उसने अपने सिर को हिलाकर उस तस्वीर को दूर किया और फिरसे उसे अपने दर्द का आभास होने लगा.

आरोही पीछे बैठ गयी और रोहित कार को धीरे से चलाने लगा.

"तो तुझे कुछ भी याद नही है इस साल का? क्लास, वाकेशन, कुछ भी?" रोहित ने पूछा.

अरुण ने धीरे से सिर हिला दिया. "नही यार. मैने कोशिश की लेकिन कोई फ़ायदा नही. वैसे कुछ स्पेशल हुआ क्या इस साल?" अरुण ने मिरर मे आरोही से पूछा.

आरोही पानी पी रही थी कि उसके सवाल के जवाब मे मूह से एक दम पानी निकल पड़ा. खाँसते हुए वो हल्के से हंस दी.

"यू ओके?" अरुण ने हंसते हुए पूछा.

आरोही उसे एकटक देखने लगी. "तुम्हे पक्का कुछ भी याद नही?"

अरुण ने अपना हाथ उपर कर दिए. "नही, आरू. तुम तो मानो."

"तो फिर शाम को हर डीटेल दी जाएगी," आरोही बोली.

अरुण सोचने लगा कि आरोही ने उसी वक़्त क्यू नही बताई उसे सब बाते. वो विंडो से बाहर देखने लगा और खुद से पूछने लगा कि उसे कुछ याद क्यूँ नही आ रहा था?

जब वो लोग घर के बाहर पहुचे तो अरुण को देखकर बड़ा अजीब लगा कि उसकी कार के बिना घर कितना सुना लग रहा था. वो उसकी पसींदीदा कार जो थी.

आरोही ने उसके चेहरे के भाव पढ़ लिए और उसके कंधे पर हाथ रख दिया. "डॉन'ट वरी ब्रो, हम लोग दूसरी ले लेंगे और इस बार चाय्स मेरी होगी."

अरुण मुस्कुरा दिया और फिर रोहित की मदद से उतर कर व्हील्चैर पर बैठ गया.

गेट खुलते ही अरुण जब अंदर गया तो चारो तरफ देखने लगा.

"कुछ याद आया?" सोनिया ने बड़ी आशा के साथ पूछा.

सिर हिलाते हुए अरुण ने कंधे उचका दिए. "वेल, मतलब मुझे ये तो याद ही है कि मैं यही रहता हूँ लेकिन बस पिछली छुट्टियों के बाद का कुछ याद नही आ रहा."

"कोई नही. मैं कुछ खाने को बनाती हूँ" सुप्रिया किचन की ओर जाते हुए बोली.

"मैं तुम्हे आराम से बैठा देती हूँ," आरोही उसे हॉल मे सोफे के पास ले जाते हुए बोली. सोफे पर बैठा कर उसने टीवी का रिमोट उसके हाथ मे दे दिया.

"पानी?" उसने पूछा.

अरुण ने हां कह दी तो वो किचन मे चली गयी. रोहित भी ये बोलकर चला गया कि कुछ ज़रूरी काम है और कुछ ज़रूरत हो तो उसे कॉल करे.

आरोही बॉटल लेकर वापस आई तो अरुण ने थॅंक्स कह दिया.

"अरुण." आरोही उसके पास खड़े हुए बोली.

"हां?" अरुण ने उपर देखते हुए कहा.

वो नीचे झुकी और उसे अपनी बाहों मे आराम से समेट लिया. "आइ लव यू," उसने प्यार भरे लहज़े मे कहा जितना कि अरुण को आशा नही थी. आरोही के होठ उसके होंठो के पास जा ही रहे थे कि उसने खुद को रोका और उसके गाल पर किस कर दिया.

"आइ लव यू टू," अरुण ने प्यार से उसे गले लगाते हुए कह दिया.

आरोही किचन की तरफ जाने लगी तो उसने देखा कि सोनिया चुपचाप अरुण के रूम मे जा रही थी तो वो भी उसके पीछे पीछे उपर जाने लगी.

********

किचन मे सुप्रिया और स्नेहा खाना बनाने मे जुटे हुए थे. सुप्रिया ने स्नेहा की ओर देखा.

"तो अब क्या करना है," उसने पूछा.

मुड़ते हुए स्नेहा ने उसकी ओर देखा और कुछ सोचने लगी. "उम्म्म, अच्छा ये बताओ जब हम लोग उसके साथ इंटिमेट नही थे तो अरुण किस चीज़ से एग्ज़ाइट होता था?"

सुप्रिया हंसते हुए कुछ मिनिट सोचती रही. "मेरा एप्रन, तुम्हारा क्लीवेज, आरोही की आस, और सोनिया जब स्पोर्ट्स ब्रा मे होती थी," उसने कुछ देर बाद जवाब दिया.

स्नेहा हंसते हुए सब्जी काटती रही. "मुझे पक्का पता है एप्रन के अंदर आप थी इसलिए उसे इतना अच्छा लगता था. तो हम लोग इसी से स्टार्ट करते हैं. अगर हो सके तो हम लोग ब्रा पहनना बंद कर देंगे घर मे," स्नेहा बोली.

सुप्रिया ये सुनकर हँसने लगी और वॉशरूम मे जाकर अपनी ब्रा को उतार दिया और एप्रन पहन कर वापस आ गयी. जब वो वापस आई तो स्नेहा उसे देखकर हंस दी और खुद भी वॉशरूम जाकर अपनी ब्रा को उतार दिया और टीशर्ट को खिचकर और नीचे कर दिया.

"हे भगवान, स्वीटी. तू तो उसे आज ही सबकुछ याद दिला देगी!" सुप्रिया उसकी टीशर्ट मे से बाहर झलकते क्लीवेज देखकर बोली.

*********

उपर, सोनिया अरुण के बेड पर बैठी आसू बहा रही थी. आरोही ने धीरे से दरवाजा खोला और उसके पास आकर बैठ गयी. सोनिया ने अपना सिर उसके कंधे पर रख दिया.

काफ़ी देर तक दोनो ऐसे ही बैठे रहे.

"आरू, पता है बात ये नही है कि मेरे और अपने बारे मे भूल गया है. वो सब कुछ भूल गये हैं. कैसे वो मुझे देखते थे, कैसे मेरे बालो से खेलते थे सब कुछ."

"आइ नो, गुड़िया," आरोही ने कहा और धीर धीरे उसके बालो से खेलती रही. "तुम्हे पता है शुरुआत मे मुझे तुमसे काफ़ी जलन होती थी क्यूकी तुम्हे अरुण के साथ इतना टाइम स्पेंड करने को मिलता था जबकि मुझे पता था कि तुम्हे उसकी ज़रूरत थी."

सोनिया हल्के से मुस्कुरा दी और आसू पोछने लगी. "आइ'म सॉरी," उसने कहा. "अगर...नही जब भाई की यादस्त वापस आ जाएगी तो प्रॉमिस मैं ईक्वली शेयर करूँगी."

"एक बात बताऊ? किकी थिंग्स?" आरोही मुस्कुराते हुए बोली.

सोनिया पीछे हटकर उसे देखने लगी.

"मैं अरुण के साथ ये ऑर्डर वाला गेम खेल रही थी काफ़ी दिनो से. जैसे जो कुछ वो मुझसे करने को कहता मैं करती, चाहे कुछ भी हो."

"हीही, सच्ची?" सोनिया हल्के से हंसते हुए बोली.

"और क्या. तुम्हे पता उस दिन कार मे उसी ने तो मुझे मेरी पैंटी माँगी थी." वो याद करते हुए बोली तो थोड़ी मायूस हो गयी.

सोनिया उसकी गले लग गयी. "चिंता मत कर, गुड़िया वो जल्दी ही ठीक हो जाएगा. और एक बात, अगर तुझे कोई प्राब्लम ना हो तो मेरे साथ सो जाना. हम दोनो जुड़वा हैं तो शायद तुझे वही फीलिंग मेरे साथ भी आए." आरोही उसका सिर सहलाते हुए बोली.

"ये हो सकता है," सोनिया गले लगे ही बोली.

आरोही ने उसकी ओर देखा और उसके दोनो गालो पर किस कर लिया फिर अंगूठे से उसकी चिन पकड़कर उसके होंठो को भी चूम लिया. सोनिया ने आरोही के कोमल होठ अपने होंठो पर महसूस किए तो वही करेंट दौड़ गया उसके शरीर मे जो अरुण को किस करते वक़्त होता था. कुछ देर तक किस करने के बाद आरोही ने उसे सीने से लगा लिया. "आइ लव यू गुड़िया," उसने कहा.

आक्सिडेंट से पहले सोनिया और आरोही दोनो काफ़ी करीब थे, लेकिन आक्सिडेंट के बाद तो जैसे सोनिया दुश्मन हो गयी थी आरोही की. शायद यही वजह थी कि कुछ सालो की दूरियाँ आज मिट रही थी.

"थॅंक्स, दी," सोनिया ने उसके गले मे बाहें डालते हुए कहा फिर दोनो साथ मे रूम से बाहर चल दिए.

********

Arun kuch ghanto tak sone ke baad us sham jaaga. Ankhen jhapkate hue usne to dekha to uski behene ja chuki thi sirf Sneha paas me baithi book padh rahi thi.

"Hey, baby, kuch chhahiye?" usne pyar se pucha.

Arun ne dhire se sir hilaka takiya par rakh liya. Kuch der tak wo aise hi idhar udhar dekhta raha.

"Kitne din exactly hue hain?" usne pucha.

Sneha ne book side me rakh di aur uske paas aa gayi. "Tum pehle to 2 din icu me hi rahe. Fir jab tumhe hosh aaya to ek din baad doctor ne tumhe regular room me shift kar diya. Uske baad tumne aaj ankhen kholi."

Arun ne dobara ankhen band kar li. Kamre me khamosi thi. Yaddast khone ki khabar uske liye kisi jhatke se kam nahi thi lekin Sneha ki meeti awaz use kafi aram pahucha rahi thi. Uske chehre par halki si muskan ubhar aayi.

"Kya hua?" Sneha ne pucha.

Usne Sneha ki or dekha. "Aapki awaz badi achi lag rahi hai," usne kha.

Sneha muskurakar use dekhne lagi. "Thanks baby," usne aur pyar se kaha to Arun ke man me jo andhera tha wo dhire dhire uski mithi roshni me ghulne laga.

"TV?" Sneha ne tv ki or ishara karte hue kaha.

Arun ne sir hilaka mana kar diya. "Nahi, aap bas mujhse karti raho, mujhe bada acha lagta hai jab aap baat karti ho."

Sneha muskurate hue baat karne lagi ki kaise bachpan me dono sath me chess khelte the aur wo jyadatar janbujhkar har jati thi. Wo uski padhne me help karti thi, aur Arun ki shataniyon par marti bhi thi. Kuch ghanto baad doctor aaya aur kuch neurological test kiye Arun ke.

Agle din Arun ko hospital se discharge kar diya gaya. Wheelchair me baithe hue Arun ko Aarohi le jane lagi. Piche se Rohit sabke sath saman le aane laga.

Rohit ne Aarohi ki help ki use apni car me baithne me. Rohit dusri taraf gaya tab tak Sneha aa gayi aur uski seat belt lagane lagi. Arun ki najre dobara Sneha ke cleavage par tik gayi aur belt lagate time Sneha ka baya doodh uske hath se ragad gaya.

Arun ko turant hi ek jhatka laga, uske man me ek scene aane laga, Sneha ka nipple uski jeebh ke charo or ghum raha tha. Usne apne sir ko hilakar us tasveer ko door kiya aur firse use apne dard ka abhansh hone laga.

Aarohi piche baith gayi aur Rohit car ko dhire se chalane laga.

"To tujhe kuch bhi yaad nahi hai is saal ka? Class, vacation, kuch bhi?" Rohit ne pucha.

Arun ne dhire se sir hila diya. "Nahi yaar. Maine koshish ki lekin koi fyada nahi. Waise kuch special hua kya is saal?" Arun ne mirror me Aarohi se pucha.

Aarohi pani pi rahi thi ki uske sawal ke jawab me muh se ek dum pani nikal pada. Khanste hue wo halke se hans di.

"You okay?" arun ne hanste hue pucha.

Aarohi use ektak dekhne lagi. "Tumhe pkka kuch bhi yaad nahi?"

Arun ne apna hath upar kar diye. "Nahi, Aaru. Tum to maano."

"To fir sham ko har detail di jayegi," Aarohi boli.

Arun sochne laga ki Aarohi ne usi waqt kyu nahi batayi use sab bate. Wo window se bahar dekhne laga aur khud se puchne laga ki use kuch yaad kyu nahi aa raha tha?

Jab wo log ghar ke bahar pahuche to Arun ko dekhkar bada ajib laga ki uski car ke bina ghar kitna suna lag raha tha. Wo uski paseendeeda car jo thi.

Aarohi ne uske chehre ke bhav padh liye aur uske kandhe par hath rakh diya. "Don't worry bro, hum log dusri le lenge aur is bar choice meri hogi."

Arun msukura diya aur fir Rohit ki madad se utar kar wheelchair par baith gaya.

Gate khulte hi Arun jab andar gaya to charo taraf dekhne laga.

"Kuch yaad aaya?" Soniya ne badi asha ke sath pucha.

Sir hilate hue Arun ne kandhe uchka diye. "Well, matlab mujhe ye to yaad hi hai ki main yahi rehta hoon lekin bas pichli chuttiyon ke baad ka kuch yaad nahi aa raha."

"Koi nahi. Main kuch khane ko banati hoon" Supriya kitchen ki or jate hue boli.

"Main tumhe aram se baithal deti hoon," Aarohi use hall me sofe ke paas le jate hue boli. Sofe par baithal kar usne tv ka remote uske hath me de diya.

"Pani?" usne pucha.

Arun ne haan keh di to wo kitchen me chali gayi. Rohit bhi ye bolkar chala gaya ki kuch jaruri kaam hai aur kuch jarurat ho to use call kare.

Aarohi bottle lekar wapas aayi to Arun ne thanks keh diya.

"Arun." Aarohi uske paas khade hue boli.

"Haan?" Arun ne upar dekhte hue kaha.

Wo niche jhuki aur use apni bahon me aram se samet liya. "I love you," usne pyar bhare lahze me kaha jitna ki Arun ko asha nahi thi. Aarohi ke hoth uske hotho ke paas ja hi rahe the ki usne khud ko roka aur uske gaal par kiss kar diya.

"I love you too," Arun ne pyar se use gale lagate hue keh diya.

Aarohi kitchen ki taraf jane lagi to usne dekha ki Soniya chupchap Arun ke room me ja rahi thi to wo bhi uske piche piche upar jane lagi.

********

Kitchen me Supriya aur Sneha khana banane me jute hue the. Supriya ne Sneha ki or dekha.

"To ab kya karna hai," usne pucha.

Mudte hue Sneha ne uski or dekha aur kuch sochne lagi. "Ummm, acha ye batao jab hum log uske sath intimate nahi the to Arun kis chiz se excite hota tha?"

Supriya hanste hue kuch minute sochti rahi. "Mera apron, tumhara cleavage, Aarohi ki ass, aur Soniya jab sports bra me hoti thi," usne kuch der baad jawab diya.

Sneha hanste hue sabji katati rahi. "Mujhe pakka pata hai apron ke andar aap thi isliye use itna acha lagta tha. To hum log ise se start karte hain. Agar ho ske to hum log bra pehnana band kar denge ghar me," Sneha boli.

Supriya ye sunkar hansne lagi aur washroom me jakar apni bra ko utar diya aur apron pehenkar wapas aa gayi. Jab wo wapas aayi to Sneha use dekhkar hans di aur khud bhi washroom jakar apni bra ko utar diya aur tshirt ko khichkar aur niche kar diya.

"Hey bhagwan, sweetie. Tu to use aaj hi sabkuch yaad dila degi!" Supriya uski tshirt me se bahar jhalakte cleavage dekhkar boli.

*********

Upar, Soniya Arun ke bed par baithi aasu baha rahi thi. Aarohi ne dhire se darwaja khola aur uske paas aakar baith gayi. Soniya ne apna sir uske kandhe par rakh diya.

Kafi der tak dono aise hi baithe rahe.

"Aaru, pata hai baat ye nahi hai ki mere aur apne bare me bhool gaya hai. Wo sab kuch bhool gaye hain. Kaise wo mujhe dekhte the, kaise mere balo se khelte the sab kuch."

"I know, gudiya," Aarohi ne kaha aur dhir dhire uske balo se khelti rahi. "Tumhe pata hai shuruat me mujhe tumse kafi jalan hoti thi kyuki tumhe Arun ke sath itna time spend karne ko milta tha jabki mujhe pata tha ti tumhe uski jarurat thi."

Soniya halke se muskura di aur aasu pochne lagi. "I'm sorry," usne kaha. "Agar...nahi jab bhai ki yaadast wapas aa jayegi to promise main equally share karungi."

"Ek baat batau? Kinky things?" Aarohi muskurate hue boli.

Soniya piche hatkar use dekhne lagi.

"Main Arun ke sath ye order wala game khel rahi thi kafi dino se. Jaise jo kuch wo mujhse karne ko kehta main karti, chahe kuch bhi ho."

"Hihi, sachhi?" Soniya halke se hanste hue boli.

"Aur kya. Tumhe pata us din car me usi ne to mujhe meri panty mangi thi." wo yaad karte hue boli to thodi mayus ho gayi.

Soniya uski gale lag gayi. "Chinta mat kar, gudiya wo jaldi hi thik ho jagega. Aur ek baat, agar tujhe koi problem na ho to mere sath so jana. Hum dono judwa hain to shayad tujhe wahi feeling mere sath bhi aaye." Aarohi uska sir sehlate hue boli.

"Ye ho sakta hai," soniya gale lage hi boli.

Aarohi ne uski or dekha aur uske dono gaalo par kiss kar liya fir anguthe se uski chin pakadkar uske hotho ko bhi chum liya. Soniya ne Aarohi ke komal hoth apne hotho par mahsoos kiye to wahi current daud gaya uske shareer me jo Arun ko kiss karte waqt hota tha. Kuch der tak kiss karne ke baad Aarohi ne use seene se laga liya. "I love you gudiya," usne kha.

Accident se pehle Soniya aur Aarohi dono kafi kareeb the, lekin accident ke baad to jaise Soniya dushman ho gayi thi Aarohi ki. Shayad yahi vajah thi ki kuch saalo ki duriyan aaj mit rahi thi.

"Thanks, di," Soniya ne uske gale me bahein dalte hue kaha fir dono sath me room se bahar chal diye.

********

 
आरोह नीचे आई तो स्नेहा को अपनी टीशर्ट नीचे करते हुए देख हँसने लगी.

उधर सुप्रिया अरुण को टेबल तक ले आई थी. स्नेहा ने आरोही को देख आँख मार दी और खाने को टेबल पर लगाने लगी.

"इस पर कब तक बैठना पड़ेगा?" अरुण ने व्हील्चैर की तरफ इशारा करते हुए पूछा.

उसकी बहनें उसको जवाब दिए बगैर उसको पानी खाना देने लगी. सोनिया ने तो पहला नीवाला अपने हाथ से उसे खिलाया. जब सभी ने अपना काम कर दिया तो अरुण खाने पर ऐसे टूटा जैसे जन्मो का भूखा हो.

"आराम से," सुप्रिया बोली.

अरुण उसकी ओर देख कर मुस्कुरा दिया और स्नेहा की ओर देखा तो उसका खाना गले मे ही अटक गया. स्नेहा आगे झुककर सलाद उठा रही थी तो उसकी लूस टीशर्ट मे से बिना ब्रा के दूध सॉफ सॉफ झलक रहे थे. अरुण सॉफ सॉफ उसके निपल और पेट देख रहा था. उसने बड़ी मुश्किल से अपनी नज़रें नीचे प्लेट पर जमाई.

सभी बहने एक दूसरे को देखकर मुस्कुरा दी.

खाते वक़्त सभी काफ़ी खामोश थे, जिससे अरुण को काफ़ी परेशानी हो रही थी. "अच्छा अब तुम लोग मुझे बता क्यूँ नही देते क्या क्या चेंज हुआ है इस साल. सोनिया और मेरी इतनी तो कभी भी नही बनी."

"यू'आर माइ ब्रदर," सोनिया दुखी आवाज़ से बोली.

"शिट," उसने सोचा. "सोनिया, मेरा वो मतलब नही थी. मुझे बस कुछ याद नही आ रहा कि इससे पहले हम दोनो ने बिना लड़े कभी बात भी करी हो,"

सोनिया ने सिर हिलाकर उसकी बात का साथ दिया. "थिंग्स हॅव चेंज्ड."

"अभी कुछ महीने पहले.." आरोही बोलने को हुई तो सोनिया ने उसका हाथ दबा कर रोक दिया.

"मैं खुद बताउन्गी," उसने कहा. "आइ' ओके, दी," उसने सबको दिलासा देते हुए कहा.

फिर एक घूँट पानी का लेकर वो बोलने लगी.

"अभी कुछ महीने पहीले, हमारी लड़ाई हुई लेकिन शाम को मैं, आप और आरू दी साथ मे क्लब गये थे. वहाँ वो कमिने विकी की बात मानकर मैने..(गल्प)..आपको चाँटा मारा था. सॉरी. आप गुस्से मे बाहर चले गये उसके बाद मुझे उस विकी ने कोई ड्रिंक दी ये कहकर कि कोक थी. उसमे कुछ मिला हुआ था जिसकी वजह से मुझे कुछ होश नही रहा. मैं जानबूझकर आरू से छुप रही थी, क्यूकी मुझे पता था ये मुझे बाहर जाने को कहेगी. मैं बाथरूम की ओर जा रही थी कि एक लड़का मुझे अपने साथ दूसरी तरफ ले जाने लगा," सोनिया की आवाज़ काँपने लगी थी.

"सोनिया.." आरोही बोली.

सोनिया ने हिम्मत करके अपने चेहरे पर मुस्कान लाई लेकिन एक आसू उसके गाल से नीचे आ रहा था.

"वो लोग मुझे एक रूम मे ले गये. जहाँ उसने मेरे साथ ज़बरदस्ती करने की कोशिश की."

अरुण चुप था लेकिन उसका चेहरा गुस्से से भरा हुआ था. उसका मूह गुस्से से बंद था और उसका हाथ खुल वा बंद हो रहे थे.

"अरुण, जस्ट लिसन. कुछ नही हुआ.." सुप्रिया बोली.

"आरू ने आपको फोन किया तो आप तुरंत ही वापस आ गये. आप ढूढ़ते हुए उस रूम मे पहुचे और उस लड़के को बहुत मारा. मुझे तो होश भी नही था पर जैसा कि आपने और आरू दी ने बताया कि मेरी स्कर्ट कमर से उपर थी और बस वो पैंटी उतारने ही वाला था जब तक आप आ गये." सोनिया के चेहरे पर आसू लगातार बहने लगे.

"थॅंक गॉड, बस ये बताओ कि मैने उसे अच्छे से मारा." अरुण थोड़ा रिलॅक्स होते हुए बोला.

"यॅ, काफ़ी मारा. लेकिन फिर भी वो नीचे आया और जब आप मुझे और आरू दी को लेकर बाहर निकलने ही वाले थे कि उसके दोस्तों ने पीछे से आपके सिर पर मारा और आप बेहोश हो गये. तब तक जैसा कि दी ने बताया उन लोगो ने आपको काफ़ी मारा लेकिन सेक्यूरिटी ने सब कुछ ख़त्म करवा दिया. अगले दिन जब आपकी आँख खुली तो आप सुप्रिया दी केबेड पर थे. आपको काफ़ी चोट आई थी तो हम लोग आपका ख़याल रखते रहे. जब आरू दी ने मुझे सब बताया तो मैं आपसे दूर नही होना चाहती थी. मेरे लिए जैसे ये कल की ही बात हो. एक दिन मैं आप पर गुस्सा थी क्यूकी आप मेरी लाइफ कंट्रोल कर रहे थे और अगले दिन मैं बस आपके पास रहना चाहती थी."

अरुण काफ़ी देर तक चुप रहकर उसकी कही हुई बातों के बारे मे सोचता रहा. फिर उसने सोनिया की ओर देखा. "तुम अब ठीक हो?"

उसने मुस्कुरा कर सिर हिला दिया. "यही बात तो हम लोग बताने वाले थे. उसके बाद पहली रात तो मुझ नींद ही नही आई. मैं सोने की कोशिश करती तो मेरे मन मे उसी के बुरे सपने आने लगते. मैं जब रात मे पानी पीने आई तो आप भी वही थे. आप मेरे बारे मे काफ़ी परेशान थे और मैं यही सोच रही थी कि मेरी वजह से क्या से क्या हो गया होता. उसी टाइम मुझे समझ मे आया दट आइ लव यू और मैं कभी आपसे नही झगड़ सकती. यू ओपंड युवर आर्म्स टू मे आंड आइ फेल इंटो यू. आपने मुझे जब अपने पास सुलाया तब जाके मुझे नींद आई." सोनिया ने अपने आसू पोछते हुए कहा.

"आपके साथ मुझे वो सुकून मिला जो कहीं और नही. इट'स लाइक कोई भी बुरी चीज़ मेरे पास फटक तक नही सकती. तबसे मैं आपके साथ ही सोती आई हूँ."

अरुण ने सिर हिलाकर उसकी बात समझी. "तो उस लड़के का क्या हुआ?"

"मैं बताती हूँ," आरोही ने सोनिया को शांत हो जाने का इशारा करते हुए कहा. "अभी कुछ दिन पहले तुम और मैं कुछ दोस्तों के साथ एक डबल डेट पर थे. वहाँ तुमने उस लड़के को देखा तो कुछ झड़प हुई थी. उसके बाद अभी आक्सिडेंट वाली रात हम सब क्लब गये थे और वो दोबारा हमे दिखा. हम सब बाहर जा ही रहे थे कि उसने मुझे पकड़कर दीवार से सटा दिया.."

"आरू, तूने हम लोगो ये क्यू नही बताया?" सुप्रिया चौंकते हुए बोली.

"दी, वो कुछ नही कर पाया. और वैसे भी मैने उसे कस के मारा था."

"फिर भी." सुप्रिया चिंतित स्वर मे बोली.

"एनीवेस, तो डबल डेट पर तो तुमने उसकी अच्छी धुनाई की थी. और क्लब मे बाहर लड़ाई होने वाली थी तो मैने उसके थोबदे को कस के एक मारा उसके बाद वो चला गया.

बारिश हो रही थी तो हम लोग घर जाने लगे, वही रास्ते मे उसने अपनी कार के साइड मे कार करके गोली टाइयर मे मार दी जिसकी वजह से कार पलट गयी."

"और उसका क्या हुआ?" अरुण ने पूछा.

"पोलीस ने उसे अरेस्ट कर लिया है. वो हम सबको मारने की धमकी दे रहा है तो उसे जमानत तो मिलने से रही." उसने बताया.

अरुण ने एक चैन की सास ली.

"लुक, अभी तुम्हे सब बातें समझने मे टाइम लगेगा. और तब तक तुम घर पर ही रहोगे तो ज़्यादा अच्छा रहेगा." आरोही बोली.

"और मेरी स्टडीस?" अरुण ने पूछा.

"अगर तुम्हारी इच्छा है तो तुम ये सेमेस्टर जाय्न कर सकते हो लेकिन अगर नही इच्छा है तो आइ'म श्योर डीन तुम्हारी प्राब्लम समझ जाएँगे." सुप्रिया बोली.

अरुण सोचते हुए अपने बाल खुजाने लगा. "दिन भर तो यहाँ बोर हो जाउन्गा. और शायद स्कूल से और बातें याद आ जाएँ." अरुण बोला फिर कुछ सोचकर आरोही की ओर देखने लगा. "सिर्फ़ तुमने ही उसे मारा?"

"यहा, आंड इट वाज़ सो गॉड." आरोही हंसते हुए बोली.

अरुण भी हंसा और कुर्सी को पीछे किया तो दर्द से कराह गया. तुरंत ही चारो उसे सुनाने लगी और कुछ देर बाद चारो ने उसे उसके बेड मे आराम से लिटा दिया. उसके बाद उसे लेक्चर पिलाना चालू किया.

"दी, प्लीज़, आइ'म गुड, ओके." उसने बार बार कहा.

"ओके." सुप्रिया बोली. "मैं नीचे बर्तन सॉफ करने जा रही हूँ. अगर तुम्हे कुछ चाहिए तो हम मे से किसी को भी आवाज़ दे देना." सुप्रिया आगे झुककर बोली. अरुण मुस्कुरा दिया लेकिन तुरंत ही खांसने लगा क्यूकी सुप्रिया के झुकने से उसके दूध अरुण की आँखो के सामने झूलने लगे जो एप्रन के कारण और मस्त दिख रहे थे. अरुण ने नज़रे हटाने की नाकाम कोशिश की तब तक सुप्रिया उसका सिर चूम चुकी थी.

"बहेन है, बहेन है,...." उसने खुद को बताया.

सुप्रिया फिर बाहर चली गयी तो स्नेहा आगे आई.

"हे भगवान, आज पक्का मैं पागल हो जाउन्गा." वो सोचने लगा.

सुप्रिया की तरह ही स्नेहा के दूध भी उसकी आँखो के आगे झूल रहे थे. इस बार भी अरुण की नज़रे वही गढ़ी रही.

Aaroh niche aayi to Sneha ko apni tshirt niche karte hue dekh hansne lagi.

Udhar Supriya Arun ko table tak le aayi thi. Sneha ne Aarohi ko dekh ankh mar di aur khane ko table par lagane lagi.

"Is par kab tak baithna padega?" Arun ne wheelchair ki taraf ishara karte hue pucha.

Uski behene usko jawab diye bagair usko pani khana dene lagi. Soniya ne to pehla niwala apne hath se use khilaya. Jab sabhi ne apna kaam kar diya to Arun khane par aise tuta jaise janmo ka bhukha ho.

"Aaram se," Supriya boli.

Arun uski or dekh kar muskura diya aur Sneha ki or dekha to uska khana gale me hi atak gaya. Sneha aage jhukkar salad utha rahi thi to uski loose tshirt me se bina bra ke doodh saaf saaf jhalak rahe the. Arun saaf saaf uske nipple aur pet dekh raha tha. Usne badi mushkil se apni najrein niche plate par jamai.

Sabhi beheno ek dusre ko dekhkar muskura di.

Khate waqt sabhi kafi khamosh the, jisse Arun ko kafi pareshani ho rahi thi. "Acha ab tum log mujhe bata kyu nahi dete kya kya change hua hai is saal. Soniya aur meri itni to kabhi bhi nahi bani."

"You're my brother," soniya dukhi awaz se boli.

"Shit," usne socha. "Soniya, mera wo matlab nahi thi. Mujhe bas kuch yaad nahi aa raha ki isse phele hum dono ne bina lade kabhi baat bhi kari ho,"

Soniya ne sir hilakar uski baat ka sath diya. "Things have changed."

"Abhi kuch mahine pehle.." Aarohi bolne ko hui to Soniya ne uska hath daba kar rok diya.

"Main khud bataungi," usne kaha. "I' okay, di," usne sabko dilasa dete hue kaha.

Fir ek ghunt pani ka lekar wo bolne lagi.

"Abhi kuch mahine pahile, hamari ladai hui lekin sham ko main, aap aur Aaru di sath me club gaye the. Waha wo kamine vicky ki baat maankar maine..(gulp)..apko chanta mara tha. Sorry. Aap gusse me bahar chale gaye uske baad mujhe us vicky ne koi drink di ye kehkar ki coke thi. Usme kuch mila hua tha jiski vajah se mujhe kuch hosh nahi raha. Main janbujhkar Aaru se chhup rahi thi, kyuki mujhe pata tha ye mujhe bahar jane ko kahegi. Main bathroom ki or ja rahi thi ki ek ladka mujhe apne sath dusri taraf le jane laga," Soniya ki awaz kampne lagi thi.

"Soniya.." Aarohi boli.

Soniya ne himmat karke apne chehre par muskan laayi lekin ek aasu uske gaal se niche aa raha tha.

"Wo log mujhe ek room me le gaye. Jahan usne mere sath jabardasti karne ki koshish ki."

Arun chup tha lekin uska chehra gusse se bhara hua tha. Uska muh gusse se band tha aur uska hath khul va band ho rahe the.

"Arun, just listen. Kuch nahi hua.." Supriya boli.

"Aaru ne apko phone kiya to aap turant hi wapas aa gaye. Aap dhudhte hue us room me pahuche aur us ladke ko bahut mara. Mujhe to hosh bhi nahi tha par jaisa ki aapne

aur Aaru di ne bataya ki meri skirt kamar se upar thi aur bas wo panty utarne hi wala tha jab tak aap aa gaye." Soniya ke chehre par aasu lagatar behne lage.

"Thank god, bas ye batao ki maine use ache se mara." Arun thoda relax hote hue bola.

"Yeah, kafi mara. Lekin fir bhi wo niche aaya aur jab aap mujhe aur Aaru di ko lekar bahar nikalne hi wale the ki uske doston ne piche se aapke sir par maara aur aap behosh ho gaye. Tab tak jaisa ki di ne bataya un logo apko kafi mara lekin security ne sab kuch khatm karwa diya. Agle din jab aapki ankh khuli to aap Supriya di kebed par the. Aapko kafi chot aayi thi to hum log apka khayal rakhte rahe. Jab Aaru di ne mujhe sab bataya to main aapse door nahi hona chahti thi. Mere liye jaise yekal ki hi baat ho. Ek din main aap par gussa thi kyuki aap meri life control kar rahe the aur agle din main bas aapke paas rehna chahti thi."

Arun kafi der tak chup rehkar uski kahi hui bato ke bare me sochta raha. Fir usne Soniya ki or dekha. "Tum ab thik ho?"

Usne muskurakar sir hila diya. "Yahi baat to hum log batane wale the. Uske baad pehli raat to mujh neend hi nahi aayi. Main sone ki koshish karti to mere man me usi ke bure sapne aane lagte. Main jab raat me pani peene aayi to aap bhi wahe the. Aap mere bare me kafi pareshan the aur main yahi soch rahi thi ki meri wajah se kya se kya ho gaya hota. Usi time mujhe samajh me aaya that I love you aur main kafi aapse nahi jhagad sakti. You opened your arms to me and I fell into you. Aapne mujhe jab apne paas sulaya tab jake mujhe neend aayi." Soniya ne apne aasu pochte hue kaha.

"Aapke sath mujhe wo sukoon mila jo kahi aur nahi. It's like koi bhi buri chiz mere paas phatak tak nahi sakti. Tabse main aapke sath hi soti aayi hoon."

Arun ne sir hilakar uski baat samjhi. "To us ladke ka kya hua?"

"Main batati hoon," Aarohi ne Soniya ko shant ho jane ka ishara karte hue kaha. "Abhi kuch din pehle tum aur main kuch doston ke sath ek double date par the. Waha tumne us ladke ko dekha to kuch jhadap hui thi. Uske baad abhi accident wali raat hum sab club gaye the aur wo dobara hume dikha. Hum sab bahar ja hi rahe the ki usne mujhe pakadkar diwar se sata diya.."

"Aaru, tune hum logo ye kyu nahi bataya?" Supriya chowkte hue boli.

"Di, wo kuch nahi kar paya. Aur waise bhi maine use kas ke mara tha."

"Fir bhi." Supriya chintit swar me boli.

"Anyways, to double date par to tumne uski achi dhunai ki thi. Aur club me bahar ladai hone wali thi to maine uske thobde ko kas ke ek mara uske baad wo chala gaya.

Barish ho rahi thi to hum log ghar jane lage, wahi raste me usne apni car ke side me car karke goli tyre me maar di jiski wajah se car palat gayi."

"Aur uska kya hua?" Arun ne pucha.

"Police ne use arrest kar liya hai. Wo hum sabko marne ki dhamaki de raha hai to use jamanat to milne se rahi." usne bataya.

Arun ne ek chain ki saas li.

"Look, abhi tumhe sab baatein samjhane me time lagega. Aur tab tak tum ghar par hi rahoge to jyada acha rahega." Aarohi boli.

"Aur meri studies?" Arun ne pucha.

"Agar tumhari icha hai to tum ye semester join kar sakte ho lekin agar nahi icha hai to I'm sure dean tumhari problem samajh jayenge." Supriya boli.

Arun sochte hue apne baal khujane laga. "Din bhar to yahan bore ho jaunga. Aur shayad school se aur baatein yaad aa jayen." Arun bola fir kuch sochkar Aarohi ki or dekhne laga. "Sirf tumne hi use mara?"

"Yeha, and it was so goooood." Aarohi hanste hue boli.

Arun bhi hansa aur kursi ko piche kiya to dard se karah gaya. Turant hi charo use sunane lagi aur kuch der baad charo ne use uske bed me aram se lita diya. Uske baad use lecture pilana chalu kiya.

"Di, please, I'm good, okay." Usne chhati baar kaha.

"Okay." Supriya boli. "Main niche bartan saaf karne ja rahi hoon. Agar tumhe kuch chahiye to hum me se kisi ko bhi awaz de dena." Supriya aage jhukkar boli. Arun

muskura diya lekin turant hi khansne laga kyuki Supriya ke jhukne se uske doodh Arun ki ankho ke samne jhulne lage jo apron ke karan aur mast dikh rahe the. Arun ne najre hatane ki nakam koshish ki tab tak Supriya uska sir chum chuki thi.

"Behen hai, behen hai,...." usne khud ko bataya.

Supriya fir bahar chali gayi to Sneha aage aayi.

"Hey bhagwan, aaj pakka main pagal ho jaunga." wo sochne laga.

Supriya ki tarah hi Sneha ke doodh bhi uski ankho ke aage jhul rahe the. Is bar bhi Arun ki najre wahi gadi rahi.

 
आरोही ने आगे बढ़कर उसे गले लगा लिया. "आइ'म ग्लॅड यू'आर ओकया," उसने उसके गाल को चूमते हुए कहा फिर सोनिया ने भी उसके गाल को किस किया और आरोही के पीछे पीछे जाने लगे.

"तुम कहाँ जा रही हो?" उसने पूछा.

सोनिया बड़ी आँखो से उसे देखने लगी.

"मुझे लगा तुमने कहा था कि हम लोग साथ सोते हैं?"

सोनिया मुस्कुराते हुए आगे आ गयी. "आर यू श्योर?"

अरुण ने हां मे सिर हिला दिया. "तुम लोगो की बातों से तो यही लगता है कि वी आर मच क्लोज़र नाउ. आंड आइ'म प्रेटी श्योर कि ये नई वाली सोनिया पक्का रात मे मेरी जान लेने की कोशिश नही करेगी."

"मेबी." सोनिया आँख मार कर बोली.

"और उपर से मुझे किसी को बार बार नीचे भी तो भेजना पड़ेगा मेरी सेवा के लिए." अरुण ने आँख मार कर कहा.

सोनिया ने हल्के से उसके हाथ पर मारा तो वो फिर कराह उठा तो सोनिया हंसते हुए बाहर जाने लगी. "मैं चेंज करके आती हूँ."

"ओके." अरुण पास मे पड़ी नॉवेल उठाते हुए बोला.

सोनिया कुछ ही देर मे वापस आ गयी. अरुण ये दिखाने की पूरी कोशिश करने लगा कि वो नॉवेल मे ध्यान लगाए हुए है लेकिन कनखियों से उसको अपने बाल संवारते हुए देखता रहा. वो पैंटी और एक पुरानी टीशर्ट मे थी जिसमे से उसकी गोरी काया चमक रही थी.

"मुझे टाइम मिलते ही मूठ मारनी पड़ेगी," उसने दूसरी बार ये बात मन मे सोची.

सोनिया और आगे झुक गयी तो उसकी कमर भी अरुण को दिखने लगी. काफ़ी देर तक उसे ऐसे ही अपनी गोरी काया दिखाने के बाद वो वापस मूडी तो अरुण ने झट से आँखें नॉवेल मे कर दी.

सोनिया मुस्कुराते हुए बेड के पास आई और उसके पास ध्यान से लेट गयी.

"सो....हाउ डू वी डू...दिस?" अरुण ने पूछा.

सोनिया अपनी हँसी रोकने लगी. "नॉर्मली हम लोग स्पूनिंग करते हैं. लेकिन आपको फिकर करने की ज़रूरत नही है. यू जस्ट रिलॅक्स."

अरुण ने हां कहकर नॉवेल की तरफ आँखें कर ली. सोनिया ने एक हाथ उसकी सीने पर रखा धीरे से और सट कर उससे लेट गयी. कुछ ही मिनट बाद अरुण ने नॉवेल को साइड टेबल पर रख कर लाइट ऑफ करदी और आँखें बंद कर ली.

"भाई?" सोनिया की आवाज़ आई.

"हूँ,"उसने जल्दी से कहा. उसके बाद काफ़ी सेकेंड्स तक सिर्फ़ नीचे से पानी चलने की हल्की हल्की आवाज़ आती रही.

"आइ....आइ लव यू."

"आइ लव यू टू," उसने कहा और खुद ही हैरान हो गया कि ये शब्द उसके होठों से बड़ी आसानी से निकल गये और इनको बोलकर दिल को कितना सुकून मिला.

उसके बाद उसने सोनिया की गहरी होती सासो को सुना और फिर वो भी साथ मे सो गया.

**********

आरोही भी थक गयी थी तो जल्दी सोने चली गयी. सुप्रिया भी सोने जाना चाहती थी लेकिन उससे पहले तो बर्तन धोने का काम ख़तम करने पर उतारू थी. स्नेहा शवर लेकर बाहर आई तो उसकी टीशर्ट उसके शरीर पर जगह जगह चिपकी हुई थी.

"ओह्ह, अब मुझे भी पता चल गया कि अरुण तुझ पर बाथरूम मे क्यू कुद्ता रहता है." सुप्रिया कुछ देर उसे देखने के बाद बोली.

स्नेहा मुस्कुराते हुए उसके पास आकर हेल्प करने लगी.

"दी, आपको वो दिन याद है, वो जिस दिन मैं, आप और अरुण वॉशरूम मे..?" स्नेहा ने पूछा तो सुप्रिया हँसने लगी.

"कैसे भूल सकती हूँ, स्वीटी? यू वर सो...हॉर्नी." सुप्रिया मुस्कुरा कर बोली.

स्नेहा हंस पड़ी. "येप," फिर कुछ देर बाद बोल पड़ी. "मुझे कभी कभी समझ नही आता कि मैं ऐसी कैसे हो गयी?"

सुप्रिया उसकी तरफ देखने लगी और प्यार से उसके बाल चेहरे से हटाकर पीछे कर दिए. "हम सभी कभी कभी ऐसे ही हो जाते हैं, स्वीटी."

कुछ देर फिर दोनो बिना बात किए साथ मे खड़ी रही.

"तो आप पहले भी लड़कियों के साथ...?" स्नेहा ने अचानक से पूछा तो सुप्रिया अपना सिर हिलाने लगी.

"तुम और तुम्हारे ये सवाल?" सुप्रिया बात को बदलते हुए बोली.

"कम ऑन दी, प्लीज़..." स्नेहा बच्चे की तरह ज़िद करके बोली.

ये देखकर की स्नेहा अब नही मानेगी तो सुप्रिया सिर हिलाने लगी. "नही, सिर्फ़ आरोही और उससे पहले श्रुति और फिर तू."

"ओह.." स्नेहा बोली. "सो वाज़ आइ...गुड?"

सुप्रिया फिर हँसने लगी. "ऑफ कोर्स स्वीटी."

"तो क्या आप मुझे बता सकती हो कि मैं किन जगहो पर अच्छी थी और किन जगहो पर मुझे और काम की ज़रूरत है?"

सुप्रिया उसे असमंजस से देखने लगी. "स्वीटी, बताया ना इट वाज़ ऑल गुड."

स्नेहा सिर हिलाने लगी. "ये तो वो आप ऐज आ बड़ी बहेन बता रही हो. मुझे एक लड़की का जवाब चाहिए. मैं जब वो पुसी को चाट रही थी तो मुझे लगा कि मैं ढंग से नही कर रही थी?"

सुप्रिया अपने मूह पर हाथ रख के बड़ी तेज़ी से हँसने लगी और काउंटर का सहारा लेने लगी.

स्नेहा हल्के गुस्से से उसे देखती रही. "दी, आइ'म सीरीयस."

सुप्रिया हँसी रोक कर बोली. "मैं बस तेरे मूह से पुसी लिकिंग सुन कर...मुझसे रहा नही गया. इट वाज़ टू फन्नी..हाहः.."

स्नेहा भी हल्के से हंस दी. "हां तो जो किया वही बताया ना. एनीवे, तो क्या मैं जल्दी कर रही थी? सही कर रही थी? और जब..." उसने सवालो की लड़ी लगाना शुरू की.

"स्वीटी," सुप्रिया ने उसके कंधे पर हाथ रखते हुए खा. "मुझे अभी भी याद है कि उस दिन मैने जाने कितनी बार 'ओह माइ गॉड' कहा था. इन फॅक्ट जब तुम" सुप्रिया उसके बिल्कुल करीब आ गयी,"मेरी पुसी चाट कर रही थी जब अरुण मुझे चोद रहा था, तो मैने अपनी लाइफ के बेस्ट ऑर्गॅज़म्स मे से एक एक्सपीरियेन्स किया."

स्नेहा मुस्कुरा दी और हल्के से उसके होठों को चाट लिया. सुप्रिया ने भी उसका साथ देकर उसके होठों को चूम लिया.

"गुड नाइट, दी."

"गुड नाइट, स्वीटी."

*************

Aarohi ne aage badhkar use gale laga liya. "I'm glad you're okya," usne uske gaal ko chumte hue kaha fir Soniya ne bhi uske gal ko kiss kiya aur Aarohi ke piche piche jane lage.

"Tum kaha ja rahi ho?" Usne pucha.

Soniya badi ankho se use dekhne lagi.

"Mujhe laga tumne kaha tha ki hum log sath sote hain?"

Soniya muskurate hue aage aa gayi. "Are you sure?"

Arun ne haan me sir hila diya. "Tum logo ki baaton se to yahi lagta hai ki we are much closer now. And I'm pretty sure ki ye nai wali Soniya pkka raat me meri jaan lene ki koshish nahi karegi."

"Maybe." Soniya ankh mar kar boli.

"Aur upar se mujhe kisi ko baar baar niche bhi to bhejna padega meri seva ke liye." Arun ne ankh mar kar kaha.

Soniya ne halke se uske hath par mara to wo fir karah utha to Soniya hanste hue bahar jane lagi. "Main change karke aati hoon."

"Okay." Arun paas me padi novel uthate hue bola.

Soniya kuch hi der me wapas aa gayi. Arun ye dikhane ki puri koshish karne laga ki wo novel me dhyan lagaye hue hai lekin kankhiyon se usko apne baal sawarte hue dekhta raha. Wo panty aur ek purani tshirt me thi jisme se uski gori kaya chamak rahi thi.

"Mujhe time milte hi muth marni padegi," usne dusri baar ye baat man me sochi.

Soniya aur aage jhuk gayi to uski kamar bhi Arun ko dikhne lagi. Kafi der tak use aise hi apni gori kaya dikhane ke baad wo wapas mudi to Arun ne jhat se ankhen novel me kar di.

Soniya muskurate hue bed ke paas aayi aur uske paas dhyan se let gayi.

"So....how do we do...this?" Arun ne pucha.

Soniya apni hansi rokne lagi. "Normally hum log spooning karte hain. Lekin apko fikar karne ki jarurat nahi hai. You just relax."

Arun ne haan kehkar novel ki taraf aankhen kar li. Soniya ne ek hath uski seene par rakha dhire se aur sat kar usse let gayi. Kuch hi minuto baad Arun ne novel ko side table par rakh kar light off kardi aur ankhen band kar li.

"Bhai?" Soniya ki awaz aayi.

"Hoon,"usne jaldi se kaha. Uske baad kafi seconds tak sirf niche se pani chalne ki halki halki awaz aati rahi.

"I....I love you."

"I love you too," usne kaha aur khud hi hairan ho gaya ki ye shabd uske hothon se badi aasani se nikal gaye aur inko bolkar dil ko kitna sukoon mila.

Uske baad usne Soniya ki gehri hoti saaso ko suna aur fir wo bhi saath me so gaya.

**********

Aarohi bhi thak gayi thi to jaldi sone chali gayi. Supriya bhi sone jana chahti thi lekin usse pehle to bartan dhone ka kaam khatam karne par utaru thi. Sneha shower lekar bahar aayi to uski tshirt uske shareer par jagah jagah chipki hui thi.

"Ohh, ab mujhe bhi pata chal gaya ki Arun tujh par bathroom me kyu kudta rehta hai." Supriya kuch der use dekhne ke baad boli.

Sneha muskurate hue uske paas aakar help karne lagi.

"Di, apko wo din yaad hai, wo jis din main, aap aur Arun washroom me..?" Sneha ne pucha to Supriya hansne lagi.

"Kaise bhul sakti hoon, sweetie? You were so...horny." Supriya muskurakar boli.

Sneha hans padi. "Yep," fir kuch der baad bol padi. "Mujhe kabhi kabhi samajh nahi aata ki main aisi kaise ho gayi?"

Supriya uski taraf dekhne lagi aur pyar se uske baal chehre se hatakar piche kar diye. "Hum sabhi kabhi kabhi aise hi ho jate hain, sweetie."

Kuch der fir dono bina baat kiye sath me khadi rahi.

"To aap pehle bhi ladkiyon ke sath...?" Sneha ne achanak se pucha to Supriya apna sir hilane lagi.

"Tum aur tumhare ye sawal?" Supriya baat ko badalte hue boli.

"Come on di, please..." Sneha bache ki tarah jid karke boli.

Ye dekhkar ki Sneha ab nahi manegi to Supriya sir hilane lagi. "Nahi, sirf Aarohi aur usse pehle shruti aur fir tu."

"Oh.." Sneha boli. "So was I...good?"

Supriya fir hansne lagi. "Of course sweetie."

"To kya aap mujhe bata sakti ho ki main kin jagaho par achi thi aur kin jagaho par mujhe aur kaam ki jarurat hai?"

Supriya use asmanjas se dekhne lagi. "Sweetie, bataya na it was all good."

Sneha sir hilane lagi. "Ye to wo aap as a badi behen bata rahi ho. Mujhe ek ladki ka jawab chahiye. Main jab wo pussy ko chaat rahi thi to mujhe laga ki main dhang se nahi kar rahi thi?"

Supriya apne muh par hath rakh ke badi teji se hansne lagi aur counter ka sahara lene lagi.

Sneha halke gusse se use dekhti rahi. "Di, I'm serious."

Supriya hansi rok kar boli. "Main bas tere muh se pussy licking sun kar...mujhse raha nahi gaya. It was too funny..hahah.."

Sneha bhi halke se hans di. "Haan to jo kiya wahi bataya na. Anyway, to kya main jaldi kar rahi thi? Sahi kar rahi thi? Aur jab..." usne sawalo ki ladi lagana shuru ki.

"Sweetie," Supriya ne uske kandhe par hath rakhte hue kha. "Mujhe abhi bhi yaad hai ki us din maine jane kitni bar 'OHMYGOD' kaha tha. In fact jab tum" Supriya uske bilkul kareeb aa gayi,"meri pussy chaat kar rahi thi jab Arun mujhe chod raha tha, to maine apni life ke best orgasms me se ek experience kiya."

Sneha muskura di aur halke se uske hothon ko chaat liya. Supriya ne bhi uska sath dekar uske hothon ko chum liya.

"Good night, di."

"Good night, sweetie."

*************

 
हेड लाइट्स से आँखें चौंधिया देने वाली रोशनी चमकी, और तेज़ी से घूमती हुई एक पेल से टकरा गयी...एक धमाका हुआ और अंदर से चीखने की आवाज़ आई. उसके चारो ऑर आग फैलने लगी लेकिन वो खुद को ज़रा सा भी हिलाने मे असमर्थ था, उसकी आँखो के सामने आग उसके पैरो को अपने अंदर समेटने लगी.

अरुण एक दम से बेड पर सीधा बैठकर उस आग को बुझाने की कोशिश करते हुए चीखने लगा जो थी ही नही.

"भाई, शांत हो जाओ..भाई..अरून्न्ञन्...सपना है..भाई..अरुंण...बेबी...प्लीज़."

अरुण ने चारो तरफ देखा तो आग कहीं नही थी और कार का नामोनिशान नही था. वो बहुत तेज़ी से सासें ले रहा था और कोई उसे पकड़े हुए था.

उसने उसकी ओर देखा और अपनी आँखें बंद कर ली, एक आसू उनमे से निकलकर गालों पर आ गया.

"थॅंक गॉड.." उसने कहा.

सोनिया के नाज़ुक हाथ उसे अब भी सहला रहे थे. "ष्ह्ह..बेबी.." वो बार बार कह रही थी.

अपने बुरे सपने पर गुस्सा होकर उसने उसके हाथो को हटाया और पैरो को ज़मीन पर रखकर खड़ा होने की कोशिश की तो दर्द की बड़ी तेज सिहरन उसके जिस्म मे दौड़ गयी.

"फक!" वो तेज़ी से चीखा. "थक गया हूँ मैं इन सपनो से!" उसने इस बार थोड़ा धीमे कहा लेकिन अंदर उसे लगा कि ऐसा सपना उसे काफ़ी टाइम बाद दिखा.

पीछे से सोनिया ने उसकी पीठ सहलानी शुरू कर दी.

"आइ'म सॉरी सोनिया," उसने कहा.

सोनिया ने अपना दूसरा हाथ उसकी कमर मे डाल दिया और सिर पीठ पर रख दिया. "इट'स ओके," वो बस उसके होठों को अपनी ओर करके चूमना चाह रही थी. ये सब उसके लिए

अब बहुत ज़्यादा हो रहा था. लेकिन उसे खुद पर काबू भी रखना था जिससे वो उसके पास वापस आ जाए.

अरुण ने अपनी कमर पर रखे उसके हाथ को पकड़कर धीरे से दबा दिया और फिर खड़े होने की कोशिश की तो पता चला कि अभी भी काफ़ी दर्द बाकी था.

"भाई, लेट मी हेल्प," सोनिया ने धीरे से कहा और उतर कर सामने खड़ी हो गयी और खड़े होने मे मदद करने के लिए हाथो के नीचे हाथ डाल कर उठाने की कोशिश करने लगी.

अरुण वही बेड पर बैठे हुए उसे मसक्कत करते हुए देखता रहा.

"ज़ोर लगाओ मेरे पहेलवन!" अरुण ने सीरीयस टोन मे कहा.

"अगर थोड़ी हेल्प कर दोगे तो कुछ बिगड़ नही जाएगा, आलसी." सोनिया ने मुस्कुराते हुए कहा.

अरुण हंस दिया और उसे जहाँ सबसे ज़्यादा गुदगुदी लगती थी वही पर उंगली से गुदगुदाने लगा, जिससे वो छटपटाने लगी ऑर चीखने लगी.."नो...नही...प्लीज़..स्टॉप," उसने कंधे पर मार कर कहा. तो अरुण करहकर उसे देखने लगा.

"अववव, बेबी ब्रदर..." उसने आगे बढ़कर उसका माथा चूमते हुए कहा. "यू डिज़र्व्ड दट."

फिर अरुण ने उसे अपना हाथ दिया और उसकी मदद से खड़ा हो गया.

"कहाँ जाना है?" वो दरवाजे की तरफ चलते हुए बोली.

"शवर आंड बाथरूम." उसने कहा.

"ओके, लेकिन मैं अब नहलाने वाली नही हूँ" सोनिया हंसते हुए बोली.

"हो हो," अरुण उसका सहारा लेकर चलते हुए बोला.

बाथरूम पहूचकर उसने अरुण को स्टूल पर बिठाया और अरुण टीशर्ट को सिर से उपर निकालने लगा तो फिर कराहने लगा.

"लेट मी हेल्प,"

"नही मैं कर लूँगा."

"सॅंडल से मारू या हाथो से?"

अरुण तो शांत हो गया तो वो आगे बढ़ी और जैसे ही उसकी उंगलियाँ उसकी कमर से छुई तो अरुण के मन मे चिंगारी फूटने लगी.

"मत सोचना, मत सोचना..." वो खुद से कहने लगा.

सोनिया दोनो तरफ से पकड़कर टीशर्ट उतार रही थी लेकिन तभी उसे एक आइडिया आया और उसने पहले एक हाथ को बाहर निकाल दिया फिर दोबारा उसकी पसलियों को छूते हुए दूसरे हाथ को भी निकालने लगी. ये करते वक़्त उसने देखा कि अरुण ने आँखें बंद कर रखी हैं.

टीशर्ट उतार कर उसकी जीभ खुद ही उसके होठों को भीगा गयी जब उसने फिरसे उसकी नंगी बॉडी देखी.

"लो हो गया," वो वापस जाते हुए बोली.

"थॅंक्स," अरुण बोला और अपने शॉर्ट्स को उतारने लगा तब तक सोनिया आगे रुक गयी.

"क्या हुआ?" उसने पूछा.

"डॉन'ट वरी, मैं मुड़ने नही वाली. मैं बस पूछ रही हूँ कि कुछ और चाहिए क्या?"

अरुण ने मना कर दिया और उसके जाने के बाद वो धीरे धीरे शवर के नीचे पहुचा और गर्म पानी के नीचे खड़ा हो गया.

"मैं कपड़े लेकर आती हूँ," सोनिया की आवाज़ आई.

"ओके," उसने कहा और दर्द होते हुए भी साबुन लगाने लगा.

वो शवर से बाहर निकला तो बाहर सोनिया आँखें बंद किए खड़ी थी और उसके हाथ मे टवल थी. टवल लपेटकर उसने आँखें खोलने को कह दिया.

सोनिया दूसरी टवल से उसे पोछने लगी. फिर उसके बॉक्सर्स जो वो अभी रूम से लेकर आई थी वो लेकर सामने बैठ गयी.

अरुण खुद को रोक नही पाया उसे इस पोज़िशन मे देखकर इमॅजिन करने से.

"छोटी बहेन है, छोटी बहेन है...नही नही.."

बॉक्सर्स पहनाते समय सोनिया की इच्छा तो बहुत हुई की धोखे से लंड को छू ले लेकिन उसने खुद पर काबू रखा और ढंग से उसे बॉक्सर्स पहना दिए और कुछ देर बाद दोनो साथ मे उपर जाने लगे.

"कल मम्मी पापा की वेड्डिंग आनिवर्सयरी है" सुप्रिया उसे ऑम्लेट देते हुए बोली.

"ओके." अरुण ने कहा. "कल वैसे वेडनेसडे है ना?"

आरोही ने हां कह दी.

फिर कुछ देर बाद आरोही उसकी तरफ देखने लगी. "और मेरे चोटिल शेर, कुछ याद आया?"

अरुण ने हल्के गुस्से से उसे देखा फिर हंस दिया.

"नही अभी कुछ भी नही."

"वैसे आज चाहो तो अपने लोग तुम्हारी गाड़ी लेने चल सकते हैं?" आरोही बोली.

तभी एक दम से अरुण के मन मे एक तस्वीर सामने आ गयी, जिसमे आरोही उसके सामने झुक कर उसकी पॅंट को नीचे कर रही थी और लंड को मूह मे रख के चूसने लगी.

अरुण तुरंत ही सिर हिलाकर उस पिक्चर को मन से निकालने की कोशिश करने लगा. "हो क्या रहा है मेरे साथ?"

"नही लेनी?"

"नही नही, लेनी है ना." अरुण ने तुरंत ही कहा.

उसके बाद ऐसे ही हल्की फुल्की बातचीत होती रही टेबल पर. उसके बाद अरुण सोफे पर जाके बैठ गया. वो अभी जस्ट बैठ ही पाया था कि एक और तस्वीर उसके मन मे उभर आई, वो सोनिया और आरोही एक साथ सोफे पर लेटे हुए थे. और वो और आरोही कंबल के अंदर एक दूसरे के गुप्तांगो के साथ खेल रहे थे. सीन केवल 2 सेकेंड्स के लिए आया तो अरुण ने उसे ऐसे ही बेकार ख़याल समझ कर इग्नोर कर दिया.

कुछ देर टीवी देखने के बाद वो अपने रूम मे चला गया. पूरा दिन ऐसे ही नॉर्मली गुज़र गया. शाम को कुछ देर के लिए रोहित आया फिर वो भी चला गया. उसके बाद रात मे वो सोने चला गया. कल काफ़ी इंपॉर्टेंट दिन था उनके लिए. और थोड़ा टफ भी.

जल्दी ही उसे नींद ने अपने आगोश मे ले लिया, जब सोनिया उसके पास आके लेटी तो उसे थोड़ा बहुत ही होश था. उसने उसकी महक को ढंग से अपने अंदर समेटा और हल्की आवाज़ के साथ और गहरी नींद मे चला गया.

सोनिया ने उसके हाथ को पलटकर अपनी तरफ घुमाया तो उसने नींद मे ही उसे अपनी बाहों मे भर लिया और कस के खुद से चिपका लिया. सोनिया ने बड़ी मुश्किल से खुद को आगे बढ़ने से रोका. उसकी इच्छा तो हो रही थी कि बस इसी वक़्त उसके कपड़े उतार कर उसके साथ एक हो जाए. अरुण की टीशर्ट पर उसका एक आसू धीरे से गिरा और वो उसके सीने मे सिर रखे रखे सो गयी.

अरुण अचानक से चीखते चिल्लाते हुए उठा रात मे.

सोनिया तुरंत ही उसे दिलासा देने लगी. "ष्ह्ह बेबी, श्ह्ह." ऐसा लग रहा था कि उनका ये डेली का काम हो गया था. धीरे धीरे अरुण शांत हुआ और उसके साथ ही सो गया.

********

Head lights se ankhen choundhiyaa dene wali roshni chamki, aur teji se ghumti hui ek pel se takra gayi...ek dhamaka hua aur andar se cheekhne ki awaz aayi. Uske charo or aag failane lage lekin wo khud ko jara sa bhi hilane me asmarth tha, uski aankho ke samne aag uske pairo ko apne andar sametne lagi.

Arun ek dum se bed par sidha baithkar us aag ko bujhane ki koshish karte hue cheekhne laga jo thi hi nahi.

"Bhai, shant ho jao..bhai..Arunnnn...sapna hai..bhai..Arunn...baby...please."

Arun ne charo taraf dekha to aag kahi nahi thi aur car ka namnishan nahi tha. Wo bahut teji se saasein le raha tha aur koi use pakde hue tha.

Usne uski or dekha aur apni ankhen band kar li, ek aasu unme se nikalkar galon par aa gaya.

"Thankgod.." usne kaha.

Soniya ke najuk hath use ab bhi sehla rahe the. "Shhh..baby.." wo baar baar keh rahi thi.

Apne bure sapne par gussa hokar usne uske hatho ko hataya aur pairo ko jameen par rakhkar khada hone ki koshish ki to dard ki badi tej sihran uske jism me daud gayi.

"Fuck!" wo teji se cheekha. "Thak gaya hoon main in sapno se!" usne is baar thoda dhime kaha lekin andar use laga ki aisa sapna use kafi time baad dikha.

Piche se Soniya ne uski peeth sehlani shuru kar di.

"I'm sorry Soniya," usne kaha.

Soniya ne apna dusra hath uski kamar me daal diya aur sir pith par rakh diya. "It's okay," wo bas uske hothon ko apni or karke chumna chah rahi thi. Ye sab uske liye

ab bahut jyada ho raha tha. Lekin use khud par kabu bhi rkhna tha jisse wo uske paas wapas aa jaye.

Arun ne apni kamar par rakhe use hath ko pakadkar dhire se daba diya aur fir khade hone ki koshish ki to pata chala ki abhi bhi kafi dard baki tha.

"Bhai, let me help," Soniya ne dhire se kaha aur utar kar samne khadi ho gayi aur khade hone me madad karne ke liye hatho ke niche hath dal kar uthane ki koshish karne lagi.

Arun wahi bed par baithe hue use masakkat karte hue dekhta raha.

"Jor lagao mere pehelwan!" arun ne serious tone me kaha.

"Agar thodi help kar doge to kuch bigad nahi jayega, aalsi." Soniya ne muskurate hue kaha.

Arun hans diya aur use jaha sabse jyada gudgudi lagti thi wahi par ungli se gudgudane laga, jisse wo chatpatane lagi or chikhne lagi.."no...nahi...please..stop," usne kandhe par mar kar kaha. To Arun karahkar use dekhne laga.

"Awww, baby brother..." usne aage badhkar uska matha chumte hue kaha. "you deserved that."

Fir Arun ne use apna hath diya aur uski madad se khada ho gaya.

"Kaha jana hai?" wo darwaje ki taraf chalte hue boli.

"Shower and bathroom." usne kaha.

"Okay, lekin main ab nahlane wali nahi hoon" soniya hanste hue boli.

"Ho ho," Arun uska sahara lekar chalte hue bola.

Bathroom pahuchkar usne Arun ko stool par bithaya aur arun tshirt ko sir se upar nikalne laga to fir karahne laga.

"Let me help,"

"Nahi main kar lunga."

"Sandal se maru ya hatho se?"

Arun to shant ho gaya to wo aage badhi aur jaise hi uski ungliyan uski kamar se chui to Arun ke man me chingari futne lagi.

"Mat sochna, mat sochna..." wo khud se kehne laga.

Soniya dono taraf se pakadkar tshirt utar rahi thi lekin tabhi use ek idea aaya aur usne pehle ek hath ko bahar nikal diya fir dobara uski pasliyon ko choote hue dusre hath ko bhi nikalne lagi. Ye karte waqt usne dekha ki Arun ne ankhen band kar rakhi hain.

Tshirt utar kar uski jeebh khud hi uske hothon ko bhiga gayi jab usne firse uski nangi body dekhi.

"Lo ho gaya," wo wapas jate hue boli.

"Thanks," Arun bola aur apne shorts ko utarne laga tab tak Soniya aage ruk gayi.

"Kya hua?" usne pucha.

"Don't worry, main mudne nahi wali. Main bas puch rahi hoon ki kuch aur chahiye kya?"

Arun ne mana kar diya aur uske jane ke baad wo dhire dhire shower ke niche pahucha aur garm pani ke niche khada ho gaya.

"Main kapde lekar aati hoon," Soniya ki awaz aayi.

"Okay," usne kaha aur dard hote hue bhi sabun lagane laga.

Wo shower se bahar nikla to bahar Soniya ankhen band kiye khadi thi aur uske hath me towel thi. Towel lapetkar usne ankhen kholne ko keh diya.

Soniya dusri towel se use pochne lagi. Fir uske boxers jo wo abhi room se lekar aayi thi wo lekar samne baith gayi.

Arun khud ko rok nahi paya use is position me dekhkar imagine karne se.

"Chhoti behen hai, chhoti behen hai...nahi nahi.."

Boxers pehnate samay Soniya ki icha to bahut hui ki dhokhe se lund ko chu le lekin usne khud par kabu rakha aur dhang se use boxers pehna diye aur kuch der baad dono sath me upar jane lage.

"Kal mummy papa ki wedding anniversary hai" Supriya use omelette dete hue boli.

"Okay." Arun ne kaha. "Kal waise wednesday hai na?"

Aarohi ne haan keh di.

Fir kuch der baad Aarohi uski taraf dekhne lagi. "Aur mere chotil sher, kuch yaad aaya?"

Arun ne halke gusse se use dekha fir hans diya.

"Nahi abhi kuch bhi nahi."

"Waise aaj chaho to apne log tumhari gadi lene chal sakte hain?" Aarohi boli.

Tabhi ek dum se Arun ke man me ek tasveer samne aa gayi, jisme Aarohi uske samne jhuk kar uski pant ko niche kar rahi thi aur lund ko muh me rakh ke choosne lagi.

Arun turanat hi sir hilakar us picture ko man se nikalne ki koshish karne laga. "Ho kya raha hai mere sath?"

"Nahi leni?"

"Nahi nahi, leni hai na." Arun ne turant hi kaha.

Uske baad aise hi halki fulki baatcheet hoti rahi table par. Uske baad Arun sofe par jake baith gaya. Wo abhi just baith hi paya tha ki ek aur tasveer uske man me ubhar aayi, wo Soniya aur Aarohi ek sath sofe par lete hue the. Aur wo aur Aarohi kambal ke andar ek dusre ke guptango ke sath khel rahe the. Scene keval 2 seconds ke liye aaya to Arun ne use aise hi bekar khayal smajhkar ignore kar diya.

Kuch der tv dekhne ke baad wo apne room me chala gaya. Pura din aise hi normally guzar gaya. Sham ko kuch der ke liye Rohit aaya fir wo bhi chala gaya. Uske baad raat me wo sone chala gaya. Kal kafi important din tha unke liye. Aur thoda tough bhi.

Jaldi hi use neend ne apne aghosh me le liya, jab Soniya uske paas ake leti to use thoda bahut hi hosh tha. Usne uski mehak ko dhang se apne andar sameta aur halki awaz ke sath aur gehri neend me chala gaya.

Soniya ne uske hath ko palatkar apni taraf ghumaya to usne neend me hi use apni baahon me bhar liya aur kas ke khud se chipka liya. Soniya ne badi mushkil se khud ko aage badhne se roka. Uski icha to ho rahi thi ki bas isi waqt uske kapde utar kar uske sath ek ho jaye. Arun ki tshirt par uska ek aasu dhire se gira aur wo uske seene me sir rakhe rakhe so gayi.

Arun achanak se chikhte chillate hue utha raat me.

Soniya turant hi use dilasa dene lagi. "Shhh baby, shhh." Aisa lag raha tha ki unka ye daily ka kaam ho gaya tha. Dhire dhire Arun shant hua aur uske sath hi so gaya.

********

 


अगले दिन कॉलेज से आने के बाद सभी नहा धो कर तय्यार हुए. हर साल उनके मम्मी पापा की आनिवर्सयरी पर घर मे पूजा होती थी जिसमे उनके सभी दोस्त आते थे. तो आज भी सभी आए थे. पूजा होने के बाद वो लोग खाने के लिए बैठे तो माहौल को हल्का करने के लिए रोहित ने अपनी बातें शुरू कर दी.

"मुझे अभी भी ध्यान है एक बार मैं सुप्रिया दी के कमरे मे झाँक रहा था और आंटी ने पकड़ लिया था. कसम से ऐसा लगा जैसे उस दिन तो आंटी मुझे सूली पर ही टाँग देंगी." रोहित बोला तो सभी हँसने लगे. ऐसे ही हंसते हुए पुरानी बातें याद करते हुए सभी खाना खाने लगे. खाने के बाद सभी बाइ बोलकर चले गये.

अरुण सोनिया के साथ अपने रूम मे चला आया. वो तो बिस्तर पर लेट गया लेकिन सोनिया सिर्फ़ स्पोर्ट्स ब्रा और पैंटी मे आके उसके साथ लेट गयी. उसे थोड़ा ऑड लगा अपनी बहेन के साथ ऐसे लेटना लेकिन आज वो थोड़ा ज़्यादा थक गया था और उसे लगा कि वो भी थक गयी होगी तो इस विचार को मन से निकाल दिया.

जल्दी ही फिर वो नींद की गहराइयों मे जाने लगा. अंधेरा उसे अपने अंदर समेटने लगा. उसे दिखा कि वो रोड के साइड मे खड़ा है और तभी एक ट्रक बहुत तेज़ी से दूसरी कार से टकराने वाली है. सोनिया उसके साथ ही खड़ी मुस्कुरा रही है. जैसे ही कार की टक्कर होने को हुई सोनिया ने आगे बढ़कर उसे अपने पास खीच लिया और उसके सिर को सहलाने लगी. दोनो फिर से साथ मे अंधेरे मे खोने लगे. इस बार जब अंधेरा छटा तो दोनो फूलो के बगीचे मे एक साथ लेटे हुए थे. सोनिया ने अपना सिर उठाया और बहुत ही प्यार से उसके होठों को चूम लिया, दोनो के शरीर मे करेंट दौड़ता चला गया. उसने मुस्कुराते हुए उसे लिटा दिया और खुद उसके उपर चढ़ गयी. उसे तुरंत ही आभास हुआ कि उन दोनो के कपड़े गायब हो चुके थे, और उसका खड़ा लंड उसकी चूत पर दस्तक दे रहा था.

सोनिया ने मुस्कुराते हुए अपने पैरो को चौड़ा किया और उसके लंड पर बैठकर अपनी आँखें बंद कर के सिसकी लेना शुरू कर दिया.

अरुण तुरंत ही कूद कर बिस्तर पर बैठ गया, उसका हाथ उसके तेज़ी से धड़कते दिल पर था और वो उस सपने को समझने की कोशिश कर रहा था. अभी अभी उसने अपनी बहेन के बारे मे सपना देखा, वो भी एक सेक्स ड्रीम! आख़िर हो क्या रहा है? उसने साइड मे देखा तो सोनिया उसे शांति से देख रही थी.

"यू ओके?" उसने धीरे से पूछा.

अरुण ने सिर हिला दिया और उसके दूसरी तरफ मूह करके लेट गया.

**********

स्नेहा किचन मे खाना बना रही थी जब उसके भाई बहेन नीचे सुस्ताते हुए आए.

अरुण की हिम्मत नही हो रही थी किसी की तरफ देखने की. वो बस कल रात के उस शर्मनाक सपने के बारे मे सोच रहा था. उसने एक हाथ अपने चेहरे पर फेर लिया.

सुप्रिया ने इशारे से सोनिया से पूछा तो उसने इशारे से ही बता दिया कि पता नही.

"सब ठीक तो है ना, अरुण?" सुप्रिया ने कुछ पल बाद पूछा.

अरुण ने उसकी तरफ देख कर चेहरे पर मुस्कान लाई. "कुछ नही दी..बस एक सपना,"

सुप्रिया ने ने उसके कंधे को धीरे से दबा दिया और आगे झुककर उसके गालो को चूमते हुए गले से लगा लिया.

ब्रेकफास्ट के बाद अरुण बाकी सब के साथ तय्यार होके कॉलेज के लिए निकल पड़ा. अरुण आरोही के साथ बैठा था और गाड़ी मे दोनो के बीच अजीब से खामोशी थी.

"आरू?" उसने अचानक पूछा. "क्या हम दोनो ने..कभी मेरे ये सपनो के बारे मे बात की है?"

आरोही क्यूरियस होकर उसे देखने लगी. "हां, कभी कभी. लेकिन अभी काफ़ी टाइम से तुम्हे वो सपने दिखने बंद हो गये थे, एक्सीडेंट से पहले तक आइ गेस. क्यूँ पूछा?"

अरुण ने कंधे उचका दिए, उसे खुद नही पता था कि वो इन सपनो के बारे मे उसे कैसे बताए. उसे ये भी पता था अगर वो दुनिया मे किसी से इस बारे मे बात कर सकता है तो सिर्फ़ आरोही से.

"कल थोड़ा अलग तरह का सपना था. और ये भी नही कहा जा सकता थे कि ये कोई डरावना सपना था. मैं बस ये नही चाहता कि तुम मेरे बारे मे कुछ ग़लत सोचो..तो.."

"अरुण, आइ लव यू, यार. और तुम्हारे सपना देखने से तो मैं कभी भी नाराज़ नही हो सकती. आंड सिन्स वी आर ट्विन्स तो हो सकता है कि हम दोनो एक जैसे ही सपने देखते हों"

उसकी बातें सुन अरुण को थोड़ा अच्छा लगा, "ओके, इट वाज़..काइंड ऑफ..डर्टी," उसने नीचे देखते हुए कहा.

आरोही आइब्रो उपर करके उसे देखने लगी. "नाइस," उसने हंसते हुए कहा. "माइ फॅवुरेट."

अरुण मुस्किल से अपने चेहरे पर मुस्कान ला पाया. "अरे पागल, वैसा नही..इट वाज़..स्टिल डिफरेंट."

तब तक वो लोग कॉलेज पहुच गये तो आरोही ने गाड़ी पार्क कर दी और उसकी ओर देखने लगी.

"ओके, हाउ डिफरेंट? क्या इस बार जोकर ने रेप कर दिया?"

अरुण हंस पड़ा. तभी उसका ध्यान घड़ी की तरफ गया तो क्लास का टाइम हो गया था. वो धीरे से कार से उतरा और बॅग को पकड़कर चलने लगा.

"बाद मे."

आरोही ने भी ये जताया कि वो उसके सपने के बारे मे जानने के लिए मरी नही जा रही थी और धड़कते दिल के साथ उसके पीछे पीछे धीरे धीरे चलने लगी.

वो लोग ऐसे ही कोर्स की बात कर रहे थे कि आरोही एक दम से किसी की ओर देख रही थी. अरुण ने उसकी नज़रो का पीछा किया तो उसे एक झटका लगा.

"एश" उसके मूह से निकला.

अरुण धीरे धीरे उसी की ओर चलने लगा. "एश"

एश मूडी और अरुण को देखकर तुरंत ही मुस्कुराने लगी. "अरुण! आरोही."

वो तुरंत ही आगे बढ़ी और दोनो को गले लगाने लगी. "हाउ आर यू नाउ?" उसने पीछे हटकर अरुण को देखते हुए पूछा.

अरुण के मन मे तुरंत ही बीती बातें आने लगी. उन दोनो ने जो अच्छा वक़्त साथ मे बिताया था. अब वो थोड़ी सी बड़ी लग रही थी लेकिन अब भी वो वही थी जिसे वो पहले जानता था.

"आइ'म ओके," उसने कह दिया.

"****** का क्या हुआ?" अरुण ने पूछा और तुरंत ही पछताने लगा कि उसने क्यू पूछा.

उसके मूह से शब्द निकलते ही एसा का चेहरा उतर गया. उसे देखकर सॉफ सॉफ पता चल रहा था कि वहाँ वो ठीक नही थी.

"अरे, कुछ टाइम तक तो ठीक था लेकिन फिर काफ़ी कुछ चीज़े हुई तो मैं वापस आ गयी. कभी फ़ुर्सत मे बताउन्गी."

"आइ'म हॅपी यू'आर बॅक." आरोही उछलते हुए बोली.

अरुण ने उसके हाथ पर मारा. "तुमने बताया क्यूँ नही कि ये मुझे हॉस्पिटल मे मिलने आई थी?"

आरोही उसको वापस मारने ही जा रही थी कि हाथ रोक लिया. "तुम बस ठीक हो जाओ फिर इसका बदला लूँगी. और मैने इसलिए नही बताया क्यूकी एक तो तुम सदमे मे थे उपर से वो मम्मी पापा की आनिवर्सयरी."

"कोई नही, अरुण," एश बोली. "मैं वैसे भी ज़्यादा देर तक नही रुकी थी."

अरुण याद करने लगा कि हॉस्पिटल मे उसे सपने मे एश के पर्फ्यूम की महक आई थी.

"तुम अब भी ******** यूज़ करती हो?"

एश मुस्कुरा दी. "इट ऑल्वेज़ डिड वियर्ड थिंग्स टू यू." वो खिलखिलाते हुए बोली.

"यॅ, जब तुम वो लगती हो देन इट'स हार्ड टू कॉन्सेंट्रेट. मैं तो उसके कारण बिल्कुल बेवकूफो की तरह हरकत करने लगता था."

आरोही हँसने लगी. "तो अब कौनसा कुछ अलग करते हो."

अरुण गुस्से से उसे देखने लगा.

"चलो अच्छा, क्लास के लिए देर हो जाएगी"

"हे, अपना नंबर दो सो वी कॅन टॉक लेटर," अरुण एश से बोला तो आरोही तुरंत ही खुद को समझाने लगी कि वो अभी सिर्फ़ बहेन है और कुछ नही.

एश ने उससे उसका फोन माँगा तो देखा की कॉंटॅक्ट लिस्ट मे अभी भी उसका पुराना नंबर था तो उसने मुस्कुराते हुए नंबर अपडेट कर दिया.

"टेक्स्ट मी," उसने दूसरी तरफ जाते हुए कहा.

"इट वाज़ गुड टू सी यू," अरुण ने चलते हुए कहा.

आरोही अपनी जलन को दबाने लगी. "अपनी आँखें और ज़बान संभाल के रखो, समझे." आरोही गुस्से से बोली.

अरुण ने उसे इग्नोर कर दिया तो आरोही गुस्से से उससे निकलने के चक्कर मे उससे टकरा गयी तो अरुण गिरते गिरते बचा. "क्या हुआ?" अरुण कराहते हुए बोला तो आरोही का चेहरा का गुस्सा तुरंत ही गायब हो गया.

"सॉरी, कुछ नही बस मैं नही चाहती कि तुम फिर से एश के चक्कर मे परेशान हो."

फिर दोनो क्लास मे चले गये. कॉलेज के बाद अरुण ने एश को एसएमएस किया कि घर पर आ जाए.

"आइ'ड लव टू, बट यू श्योर?" उधर से रिप्लाइ आया.

"ऑफ कोर्स, एक घंटे बाद घर पर मिलते हैं." अरुण ने टाइप कर दिया.

"ओके, सी यू देन."

********

Agle din college se aane ke baad sabhi naha dho kar tayyar hue. Har saal unke mummy papa ki anniversary par ghar me puja hoti thi jisme unke sabhi dost aate the. To aaj bhi sabhi aaye the. Puja hone ke baad wo log khane ke liye baithe to mahoul ko halka karne ke liye Rohit ne apni baatein shuru kar di.

"Mujhe abhi bhi dhyan hai ek bar main Supriya di ke kamre me jhak raha tha aur Aunty ne pakad liya tha. Kasam se aisa laga jaise us din to Aunty mujhe suli par hi taang dengi." Rohit bola to sabhi hansne lage. Aise hi hanste hue purani baatein yaad karte hue sabhi khana khane lage. Khane ke baad sabhi bye bolkar chale gaye.

Arun Soniya ke sath apne room me chala aaya. Wo to bistar par let gaya lekin Soniya sirf sports bra aur panty me aake uske sath let gayi. Use thoda odd laga apni behen ke sath aise letna lekin aaj wo thoda jyada thak gaya tha aur use laga ki wo bhi thak gayi hogi to is vichar ko man se nikal diya.

Jaldi hi fir wo neend ki gehrayion me jane laga. Andhera use apne andar sametane laga. Use dikha ki wo road ke side me khada hai aur tabhi ek truck bahut teji se dusri car se takrane wali hai. Soniya uske sath hi khadi muskura rahi hai. Jaise hi car ki takkar hone ko hui Soniya ne aage badhkar use apne paas khich liya aur uske sir ko sehlane lagi. Dono fir se sath me andhere me khone lage. Is bar jab andhera chata to dono foolo ke bagiche me ek sath lete hue the. Soniya ne apna sir uthaya aur bahut hi pyar se uske hothon ko chum liya, dono ke shareer me current daudta chala gaya. Usne muskurate hue use lita diya aur khud uske upar chadh gayi. Use turant hi abhansh hua ki un dono ke kapde gayab ho chuke the, aur uska khada lund uski choot par dastak de raha tha.

Soniya ne muskurate hue apne pairo ko chauda kiya aur uske lund par baithkar apni ankhen band kar ke siski lena shuru kar diya.

Arun turant hi kud kar bistar par baith gaya, uska hath uske teji se dhadkate dil par tha aur wo us sapne ko samajhne ki koshish kar raha tha. Abhi abhi usne apni behen ke bare me sapna dekha, wo bhi ek sex dream! Akhir ho kya raha hai? Usne side me dekha to Soniya use shanti se dekh rahi thi.

"You okay?" usne dhire se pucha.

Arun ne sir hila diya aur uske dusri taraf muh karke let gaya.

**********

Sneha kitchen me khana bana rahi thi jab uske bhai behen niche sustate hue aaye.

Arun ki himmat nahi ho rahi thi kisi ki taraf dekhne ki. Wo bas kal raat ke us sharmnak sapne ke bare me soch raha tha. Usne ek hath apne chehre par fer liya.

Supriya ne ishare se Soniya se pucha to usne ishare se hi bata diya ki pata nahi.

"Sab thik to hai na, Arun?" Supriya ne kuch pal baad pucha.

Arun ne uski taraf dekh kar chehre par muskan layi. "Kuch nahi di..bas ek sapna,"

Supriya ne ne uske kandhe ko dhire se daba diya aur aage jhukkar uske galo ko chumte hue gale se laga liya.

Breakfast ke baad Arun baki sab ke sath tayyar hoke college ke liye nikal pada. Arun Aarohi ke sath baitha tha aur gadi me dono ke bich ajib se khamoshi thi.

"Aaru?" usne achanak pucha. "Kya hum dono ne..kabhi mere ye sapno ke bare me baat ki hai?"

Aarohi curious hokar use dekhne lagi. "Haan, kabhi kabhi. Lekin abhi kafi time se tumhe wo sapne dikhne band ho gaye the, accdient se phele tak I guess. Kyu pucha?"

Arun ne kandhe uchka diye, use khud nahi pata tha ki wo in sapno ke bare me use kaise bataye. Use ye bhi pata tha agar wo duniya me kisi se is bare me baat kar sakta hai to sirf Aarohi se.

"Kal thoda alag tarah ka sapna tha. Aur ye bhi nahi kaha ja sakta the ki ye koi darawana sapna tha. Main bas ye nahi chahta ki tum mere bare me kuch galat socho..to.."

"Arun, I love you, yaar. Aur tumhare sapna dekhne se to main kabhi bhi naraj nahi ho sakti. And since we are twins to ho sakta hai ki hum dono ek jaise hi sapne dekhte hon"

Uski baatein sun Arun ko thoda acha laga, "Okay, it was..kind of..dirty," usne niche dekhte hue kaha.

Aarohi eyebrows upar karke use dekhne lagi. "Nice," usne hanste hue kaha. "My favourite."

Arun muskil se apne chehre par muskan laa paya. "Are pagal, waisa nahi..it was..still different."

Tab tak wo log college pahuch gaye to Aarohi ne gadi park kar di aur uski or dekhne lagi.

"Okay, how different? Kya is bar joker ne rape kar diya?"

Arun hans pada. Tabhi uska dhyan ghadi ki taraf gaya to class ka time ho gaya tha. Wo dhire se car se utra aur bag ko pakadkar chalne laga.

"Baad me."

Aarohi ne bhi ye jataya ki wo uske sapne ke bare me janane ke liye mari nahi ja rahi thi aur dhadakte dil ke sath uske piche piche dhire dhire chalne lagi.

Wo log aise hi course ki baat kar rahe the ki Aarohi ek dum se kisi ki or dekh rahi thi. Arun ne uski najro ka picha kiya to use ek jhatka laga.

"Esha" uske muh se nikla.

Arun dhire dhire usi ki or chalne laga. "Esha"

Esha mudi aur Arun ko dekhkar turant hi muskurane lagi. "Arun! Aarohi."

Wo turant hi aage badhi aur dono ko gale lagane lagi. "How are you now?" usne piche hatkar Arun ko dekhte hue pucha.

Arun ke man me turant hi beeti baatein aane lagi. Un dono ne jo acha waqt sath me bitaya tha. Ab wo thodi si badi lag rahi thi lekin ab bhi wo wahi thi jise wo pehle janta tha.

"I'm okay," usne keh diya.

"****** ka kya hua?" Arun ne pucha aur turant hi pachtane laga ki usne kyu pucha.

Uske muh se shabd nikalte hi Esha ka chehra utar gaya. Use dekhkar saaf saaf pata chal raha tha ki waha wo thik nahi thi.

"Are, kuch time tak to thik tha lekin fir kafi kuch chize hui to main wapas aa gayi. Kabhi fursat me bataungi."

"I'm happy you're back." Aarohi uchalte hue boli.

Arun ne uske hath par mara. "Tumne bataya kyu nahi ki ye mujhe hospital me milne aayi thi?"

Aarohi usko wapas marne hi ja rahi thi ki hath rok liya. "Tum bas thik ho jao fir iska badla lungi. Aur maine isliye nahi bataya kyuki ek to tum sadme me the upar se wo mummy papa ki anniversary."

"Koi nahi, Arun," Esha boli. "Main waise bhi jyada der tak nahi ruki thi."

Arun yaad karne laga ki hospital me use sapne me Esha ke perfume ki meahak aayi thi.

"Tum ab bhi ******** use karti ho?"

Esha muskura di. "It always did weird things to you." wo khilkhilate hue boli.

"Yeah, jab tum wo lagati ho then it's hard to concentrate. Main to uske karan bilkul bevkoofo ki tarah harkat karne lagta tha."

Aarohi hansne lagi. "To ab kaunsa kuch alag karte ho."

Arun gusse se use dkehne laga.

"Chalo acha, class ke liye der ho jayegi"

"Hey, apna no do so we can talk later," Arun Esha se bola to Aarohi turant hi khud ko samjhane lagi ki wo abhi sirf behen hai aur kuch nahi.

Esha ne usse uska phone manga to dekha ki contact list me abhi bhi uska purana no tha to usne muskurate hue no update kar diya.

"Text me," usne dusri taraf jate hue kaha.

"It was good to see you," Arun ne chalte hue kaha.

Aarohi apni jalan ko dabane lagi. "Apni ankhen aur jaban sambhal ke rakho, samjhe." Aarohi gusse se boli.

Arun ne use ignore kar diya to Aarohi gusse se usse nikalne ke chakkar me usse takra gayi to Arun girte girte bacha. "Kya hua?" Arun karahte hue bola to Aarohi ka chehra ka gussa turant hi gayab ho gaya.

"Sorry, kuch nahi bas main nahi chahti ki tum fir se Esha ke chakkar me pareshan ho."

Fir dono class me chale gaye. College ke baad Arun ne Esha ko sms kiya ki ghar par aa jaye.

"I'd love to, but you sure?" udar se reply aaya.

"Of course, ek ghante baad ghar par milte hain." Arun ne type kar diya.

"Okay, see you then."

********

 
घर पहुचते ही आरोही ने गर्ल्स मीटिंग बुला ली और उन सबको एश के बारे मे पूरी बात बता दी. वो लोग सोच रही थी कि अरुण को उसके बारे मे याददाश्त वापस आने के बाद ही बताएँगे. लेकिन अब तो चीज़े कॉंप्लिकेट हो रही थी.

अरुण अपने रूम से चेंज करके आया तो उन सबको आवाज़ देकर बॅकयार्ड मे जाने लगा.

"एश आ रही है," उसने कहा.

"ओके," सुप्रिया अपनी आवाज़ को नॉर्मल रख के बोली.

सोनिया ने अपना सिर धड़ से टेबल पर रख दिया. "अब हमें कभी भाई वापस नही मिलने वाले."

स्नेहा ने उसके कंधे पर हाथ रख दिया. "किसने सोचा था.." स्नेहा वही अपनी रहस्यमई अंदाज़ मे बोली.

"क्या सोचा?" सुप्रिया उसकी तरफ देखते हुए जवाब के इंतेज़ार मे बोली.

स्नेहा मुस्कुरा कर सोनिया की ओर देखने लगी. "एक साल पहेले किसी को अंदाज़ा भी नही था कि सोनिया अरुण के अटेन्षन के लिए इतना परेशान होगी. पुरानी सोनिया तो पैसे देकर उससे पीछा छुटाना चाहती थी."

सोनिया दुखी स्माइल के साथ उनकी ओर देखने लगी. "शायद मुझे उस पुरानी सोनिया को ही वापस लाना होगा और अरुण की खैर खबर लेनी पड़ेगी."

सभी हंस पड़े. हँसी ख़तम होने के बाद सुप्रिया बोल पड़ी.

"सो अब हमें क्या करना है? एश का कोई भाई भी नही है जिसे हम उसके साथ सेट कर दे. और उससे ज़्यादा प्यूर लड़की मैने तो कभी नही देखी, मुझे तो डाउट है कि वो अभी तक वर्जिन ही है." सभी कुछ देर के लिए सोचने लगे.

"क्यू ना हम अरुण को सब कुछ बता दे. आज सुबह ही वो मुझे बता रहा था कि कल उसने एक डर्टी सपना देखा. मेबी सोनिया के बारे क्यूकी वो पास मे सो रही थी," वो सोनिया के बाल से खेलते हुए बोली.

सोनिया आशा भरी नज़रो से उसकी ओर देखने लगी. "सच्ची?"

आरोही उससे चिपक गयी. "मेबी. तो शायद अब वो तय्यार हो सब कुछ सुनने के लिए," उसने कहा लेकिन उसे खुद इस बात पर यकीन नही था. उसका कहने का ढंग ही ये बता रहा था.

"लेकिन सुबह तो वो बड़ा परेशान लग रहा था इस सपने की वजह से," स्नेहा बोली.

आरोही ने हां मे सिर हिला दिया. "च.."

"नही, हम लोग ऐसे नही बता सकते. अगर भाई सिर्फ़ सपने के कारण इतना अपसेट हैं तो सोचो जब पता चलेगा कि वो हम सबके साथ सेक्स करते हैं तो क्या होगा?" सोनिया बोली.

"वैसे एश के साथ भी पिछले साल काफ़ी कुछ हुआ है, तो मुझे नही लगता वो अभी किसी सीरीयस रिलेशन्षिप के लिए तय्यार है." आरोही अपनी बात रखते हुए बोली.

इससे बाकी तीनो को थोड़ी तसल्ली हुई.

"वी कॅन ऑल्वेज़ टॉर्चर हिम, थौघ," स्नेहा आँख मारते हुए बोली. "आज वैसे भी थोड़ी ज़्यादा गर्मी है तो क्यू ना हम लोग बाहर बिकिनी मे चले और लोशन लगाते हैं एक दूसरे के."

सुप्रिया हँसने लगी और सिर हिलाने लगी. "अन्बिलीवबल."

लगभग एक घंटे बाद डोरबेल बजी तो सोनिया ने मुस्कुराते हुए गेट खोला. "हाई, हाउ आर यू?"

"आइ'म ओके," एश ने उसे गले लगाने के बाद सुप्रिया को भी गले लगाया.

"हे एश," सुप्रिया मुस्कुराते हुए बोली. "अरुण बॅकयार्ड मे है, शायद तुम्हारे लिए कसरत कर रहा होगा,"

एश हंस दी.

अरुण की फर्स्ट डेट की पिक्चर सुप्रिया के दिमाग़ मे चलने लगी. सुप्रिया ही दोनो को थियेटर छोड़ के आई थी.

स्नेहा तब तक अपने रूम से बाहर निकली तो सुप्रिया का हाथ खुद ही उसके मूह पर चला गया. स्नेहा ने ब्लू बिकिनी पहनी थी जो बड़ी मुस्किल से उसको दूधो को छुपा पा रही थी. और सुप्रिया मन ही मन उसे थॅंक्स कहने लगी कि उसने कम से कम नीचे शॉर्ट्स तो पहने थे.

एश भी उसे देखकर चौक गयी और उससे गले मिलने लगी.

"वाउ, दी, आप पक्का बहुत बदल गयी हो!"

स्नेहा मुस्कुरा दी. "टाइम बेबी, टाइम. मेरा पास इसी से मिलता जुलता दूसरा सेट भी है, ट्राइ करोगी?"

एश उसके बिकिनी टॉप को देखने लगी. "नही, मेरी हिम्मत नही है, थॅंक यू थौघ."

स्नेहा हंसते हुए बॅकयार्ड मे जाने लगी.

"अरुण, एश आई है!" स्नेहा चिल्ला के बोली.

अरुण पीछे पलटा तो गिरते गिरते बचा. उसकी आँखें बाहर आने लगी स्नेहा को इस रूप मे देख कर.

स्नेहा ने ये देखा तो हल्के से हंस दी. अरुण बिना शर्ट के था तो जल्दी से शर्ट को पहेन कर एश की तरफ चलने लगा.

"हे," वो उससे गले मिलते हुए बोला.

एश जैसे उसकी बाहों मे पिघलती चली गयी. और अरुण मे माइंड मे यादें वापस आने लगी. जब उन दोनो ने डेटिंग स्टार्ट की थी तब उसे पता था कि ये प्यार नही है लेकिन ऐसा भी नही था कि अरुण उसकी केयर नही करता था. काफ़ी खामोशी के बाद जब उसकी बहनों के बैठने की आवाज़ आई तो दोनो अलग हुए और पूल की तरफ चलने लगे.

अरुण तो बस अपनी चारो बहनो को देखना ही रह गया. सोनिया ने ट्यूब उठाकर आरोही को दिया तो वो स्नेहा के पास गयी और क्रीम को उसके पैरो पर लगाते हुए उपर की ओर बढ़ने लगी.

अरुण ने अपना ध्यान मुस्किल से एश की ओर किया और दोनो जाके चेर्स पर बैठ गये. अरुण अंदर ही अंदर खुद को कोसने लगा वहाँ बैठने के लिए जहाँ से वो चारो को सॉफ सॉफ देख पा रहा था. तभी उसके मन मे एक तस्वीर आई जिसमे वो खिड़की से उन सभी को ऐसे ही देख रहा था. लेकिन आरोही की हरकत ने उसे वहाँ से वापस लाकर उसका ध्यान अपनी ओर खिच लिया. आरोही की उंगलियों स्नेहा की अंदरूनी जाँघो को मसल रही थी.

सुप्रिया ने ट्यूब लेकर सोनिया की बॉडी पर लोशन लगाना शुरू कर दिया.

"तो क्या चल रहा है आजकल लाइफ मे?" एश ने पूछा, उसे पीछे की हरकते नही दिख रही थी क्यूकी वो उधर की ओर पीठ करके बैठी थी.

"कुछ ख़ास नही," अरुण ने कहा और पीछे देखा तो आरोही की उंगलियाँ स्नेहा की पैंटी के बिल्कुल नज़दीक ही थी.

"वैसे कर क्या रहे हो कॉलेज मे?"

"ओह, बिज़्नेस स्टडीस. उसके बाद का अभी कुछ पता नही."

आरोही की उंगलियाँ स्नेहा के गुप्तांगो के बिल्कुल नज़दीक पहुचि और अरुण ने चैन की साँस तब ली जब वो दोबारा वापस हट गयी.

लेकिन उसका चैन कुछ ही पल का था क्यूकी तुरंत ही आरोही ने थोड़ा और लोशन हाथ मे लिया और सीधे उसके चुतड़ों पर लगाना शुरू कर दिया.

Ghar pahuchte hi Aarohi ne girls meeting bula li aur un sabko Esha ke bare me puri baat bata di. Wo log soch rahi thi ki Arun ko uske baare me yaddast wapas aane ke baad hi batayenge. Lekin ab to chize complicate ho rahi thi.

Arun apne room se change karke aaya to un sabko awaz dekar backyard me jane laga.

"Esha aa rahi hai," usne kaha.

"Okay," Supriya apni awaz ko normal rakh ke boli.

Soniya ne apna sir dhad se table par rakh diya. "Ab hume kabhi bhai wapas nahi milne wale."

Sneha ne uske kandhe par hath rakh diya. "Kisne socha tha.." Sneha wahi apni rahansmayi andaz me boli.

"Kya socha?" Supriya uski taraf dekhte hue jawab ke intezar me boli.

Sneha muskurakar Soniya ki or dekhne lagi. "Ek saal pehele kisi ko andaza bhi nahi tha ki Soniya Arun ke attention ke liye itna pareshan hogi. Purani Soniya to paise dekar usse picha chutana chahti thi."

Soniya dukhi smile ke sath unki or dekhne lagi. "Shayad mujhe us purani Soniya ko hi wapas laana hoga aur Arun ki khair khabar leni padegi."

Sabhi hans pade. Hansi khatam hone ke baad Supriya bol padi.

"So ab hume kya karna hai? Esha ka koi bhai bhi nahi ahi jise hum uske sath set kar de. Aur usse jyada pure ladki maine to kabhi nahi dekhi, mujhe to doubt hai ki wo abhi tak virgin hi hai." Sabhi kuch der ke liye sochne lage.

"Kyu na hum Arun ko sab kuch bata de. Aaj subah hi wo mujhe bata raha tha ki kal usne ek dirty sapna dekha. Maybe Soniya ke bare kyuki wo paas me so rahi thi," wo soiya ke baal se khelte hue boli.

Soniya ashabhari najro se uski or dekhne lagi. "Sachchi?"

Aarohi usse chipak gayi. "Maybe. To shayad ab wo tayyar ho sab kuch sunane ke liye," usne kaha lekin use khud is baat par yakeen nahi tha. Uska kehne ka dhang hi ye bata raha tha.

"Lekin subah to wo bada pareshan lag raha tha is sapne ki wajah se," Sneha boli.

Aarohi ne haan me sir hila diya. "Chhh.."

"Nahi, hum log aise nahi bata sakte. Agar bhai sirf sapne ke karan itna upset hain to socho jab pata chalega ki wo hum sabke sath sex karte hain to kya hoga?" Soniya boli.

"waise Esha ke sath bhi pichle saal kafi kuch hua hai, to mujhe nahi lagta wo abhi kisi serious relationship ke liye tayyar hai." Aarohi apni baat rakhte hue boli.

Isse baki teeno ko thodi tasalli hui.

"We can always torture him, though," Sneha ankh marte hue boli. "Aaj waise bhi thodi jyada garmi hai to kyu na hum log bahar bikini me chale aur lotion lagate hain ek dusre ke."

Supriya hansne lagi aur sir hilane lagi. "Unbelievable."

Lagbhag ek ghante baad doorbell baji to Soniya ne muskurate hue gate khola. "Hi, how are you?"

"I'm okay," Esha ne use gale lagane ke baad Supriya ko bhi gale lagaya.

"Hey Esha," Supriya muskurate hue boli. "Arun backyard me hai, shayad tumhare liye kasrat kar raha hoga,"

Esha hans di.

Arun ki first date ki picture Supriya ke dimag me chalne lagi. Supriya hi dono ko theatre chod ke aayi thi.

Sneha tab tak apne room se bahar nikli to Supriya ka hath khud hi uske muh par chala gaya. sneha ne blue bikini pehni thi jo badi muskil se usko doodho ko chupa pa rahi thi. Aur Supriya man hi man use thanks kehne lagi ki usne kam se kam niche shorts to pehne the.

Esha bhi use dekhkar chowk gayi aur usse gale milne lagi.

"Wow, di, aap pkka bahut badal gayi ho!"

Sneha muskura di. "Time baby, time. Mera paas isi se milta julta dusra set bhi hai, try karogi?"

Esha uske bikini top ko dekhne lagi. "Nahi, meri himmat nahi hai, thank you though."

Sneha hanste hue backyard me jane lagi.

"Arun, Esha aayi hai!" Sneha chilla ke boli.

Arun piche palta to girte girte bacha. Uski ankhen bahar aane lagi Sneha ko is roop me dekh kar.

Sneha ne ye dekha to halke se hans di. Arun bina shirt ke tha to jaldi se shirt ko pehenkar Esha ki taraf chalne laga.

"Hey," wo usse gale milte hue bola.

Esha jaise uski bahon me pighlti chali gayi. Aur arun me man me yaadein wapas aane lagi. Jab un dono ne dating start ki thi tab use pata tha ki ye pyar nahi hai lekin aisa bhi nahi tha ki Arun uski care nahi karta tha. Kafi khamoshi ke baad jab uski beheno ke baithne ki awaz aayi to dono alag hue aur pool ki taraf chalne lage.

Arun to bas apni charo beheno ko dekhna hi reh gaya. Soniya ne tube uthakar Aarohi ko diya to wo Sneha ke paas gayi aur cream ko uske pairo par lagate hue upar ki or badhne lagi.

Arun ne apna dhyan muskil se Esha ki or kiya aur dono jake chairs par baith gaye. Arun andar hi andar khud ko kosne laga waha baithne ke liye jaha se wo charo ko saaf saaf dekh pa raha tha. Tabhi uske man me ek tasveer aayi jisme wo khidki se un sabhi ko aise hi dekh raha tha. Lekin Aarohi ki harkat ne use waha se wapas lakar uska dhyan apni or khich liya. Aarohi ki ungliyon Sneha ki andaruni jangho ko masal rahi thi.

Supriya ne tube lekar Soniya ki body par lotion lagana shuru kar diya.

"To kya chal raha hai aajkal life me?" Esha ne pucha, use piche ki harkate nahi dikh rahi thi kyuki wo udhar ki or pith karke baithi thi.

"Kuch khaas nahi," Arun ne kaha aur piche dekha to Aarohi ki ungliyan Sneha ki panty ke bilkul najdeek hi thi.

"Waise kar kya rahe ho college me?"

"Oh, business studies. Uske baad ka abhi kuch pata nahi."

Aarohi ki ungliyan Sneha ke guptano ke bilkul najdeek pahuchi aur Arun ne chain ki saas tab li jab wo dobara wapas hat gayi.

Lekin uska chain kuch hi pal ka tha kyuki turant hi Aarohi ne thoda aur lotion hath me liya aur seedhe uske chutado par lagana shuru kar diya.

 


अरुण ने अपनी दूसरी बहनो की ओर देखना चालू कर दिया खुद को शांत करने के लिए. सुप्रिया अभी भी सोनिया के पैरो पर ही थी. उसके नज़र इधर से उधर पहुचि तो आरोही का हाथ थोड़ा नीचे बढ़ा और स्नेहा की जाँघो के अंदर चला गया.

अरुण ने थूक को निगला और शुक्र मनाया कि उसने शॉर्ट्स के अंदर टाइट अंडरवेर पहना है.

"आरू ने बताया कि तुम सेकेंड ईयर होने के वाबजूद फर्स्ट ईयर की क्लासस ले रही हो?" उसने पूछा.

"******. मैं क्लासस छोड़ दी थी बीच मे. लंबी कहानी है," उसने कहा.

अरुण ने मुस्कुरा कर सिर हिला दिया. उसका ध्यान अपनी जुड़वा बहेन की ओर गया तो उसे अपनी आँखो पर विश्वास नही हुआ. आरोही के हाथ स्नेहा की अंदरूनी जाँघो को सहलाते हुए उपर बढ़े और वो वहाँ अपनी उंगली रगड़ने लगी जहाँ उसे नही लगानी चाहिए. फिर उसने पैंटी को थोड़ा साइड किया और उंगली को वही पर हल्के हल्के वही हिलाने लगी. स्नेहा तो जैसे इस बात पर ध्यान ही नही दे रही थी.

अपना हाथ वापस खीच कर उसने स्नेहा को पलटने को कहा और फिर थोड़ा और लोशन लेकर फिरसे उसके पैरो से ही शुरू हो गयी.

अरुण और एश पुरानी यादों के बारे मे बात कर रहे थे. आरोही के हाथ नीचे से होते हुए उसकी चूत पर पहुचे और आरोही ने जानबूझकर दो तीन पर अपना हाथ उसकी चूत पर रगड़ दिया. फिर उपर बढ़कर उसने उसके दूधो पर हाथ रख दिए और उन पर लोशन लगाने लगी. लोशन लगाते वक़्त उसने टॉप को थोड़ा साइड किया तो स्नेहा का निपल बाहर निकल आया. उसे रगड़ कर उसने टॉप को सही कर दिया और दूसरे दूध की तरफ बढ़ गयी.

जब आरोही का काम ख़तम हुआ तो स्नेहा ने उसके हाथ से बॉटल ले ली, उधर सोनिया ने भी उठकर सुप्रिया को लेटने के लिए कह दिया.

अरुण मन मे खुद को कंट्रोल करने को कहा और एश से बोल दिया कि वो पूल मे जा रहा है.

टीशर्ट निकाल कर वो जल्दी से पूल मे कूद पड़ा. एश ने भी अपना टॉप निकाल दिया, तो अंदर उसकी ब्लॅक बिकिनी जो उसकी बहनो के कंपॅरिज़न मे तो काफ़ी सही थी दिखने लगी. उसने भी पानी मे छलाँग लगा दी और तैरकर अरुण की ओर चलने लगी.

"सो..." अरुण बोला.

एश जाके पूल की बाउंड्री पर बैठ गयी और पानी मे पैर चलाने लगी. अरुण धीरे धीरे उसकी ओर आया और उसके पैरो को हाथ से हिलाने लगा.

"यू नो, यू कॅन टेल मी एनितिंग," उसने कहा.

एश नीचे देखने लगी. "अरुण, ये मेरे लिए इतना आसान नही होगा और ना ही तुम्हारे लिए उतना ईज़ी होगा."

अरुण ने सिर हिलाकर उसे अस्वासन दिया कि वो सुनने को तयार है.

"ये सब मेरे ******* पहुचने के बाद हुआ. वेल मोस्ट ऑफ इट. थोड़ी सी शुरुआत यही से हुई थी. यहाँ से जाने के बाद मैं बहुत अकेली हो गयी थी और वहाँ पहुच कर मैं एक लड़के से मिली जो मेरी ही क्लास मे था."

अरुण ने सिर हिला दिया, और खुद को समझाने लगा कि वो अब दूर जा चुकी है. लेकिन जेलसी का एक खंजर उसके सीने मे फिर भी धंसता चला गया.

"उसका नाम स्टीव था. वो मुझे एक अच्छा लड़का लगा और था भी. अट लीस्ट शर मी. एनीवेस, हम लोगो ने कुछ महीने तक डेटिंग की और मुझे लगा कि मैं सच मे उसे पसंद करती हूँ. आंड ही वाज़ माइ फर्स्ट."

एश ने ये बोलकर अरुण की आँखो मे झाँका उसका रियेक्शन देखने के लिए.

"डिड ही ट्रीट यू वेल?" अरुण ने चिंतित स्वर मे पूछा.

एश ने मुस्कुरा कर सिर हिला दिया. "हां पहली बार तो सही से. लेकिन टाइम के साथ वो अजीब होता चला गया. वो बार मुझे कहता कि उसके दोस्तो को भी देखने दो, और वो हम लोगो के साथ दूसरी लड़कियों को भी शामिल करने लगा. एक बार तो उसने मुझसे ये भी पूछा कि क्या उसका दोस्त मेरे साथ सेक्स कर सकता है. मुझे लगा कि वो मज़ाक कर रहा था."

अरुण को अंदर ही अंदर गुस्सा आने लगी.

"मुझे उससे रिलेशन्षिप एंड कर देनी चाहिए थी लेकिन वहाँ सिर्फ़ वही अकेला था जिसे मैं ढंग से जानती थी और अंजान जगह मैं अकेले नही रहना चाहती थी."

अरुण उसके पैरो को हल्के से दबाकर आगे बोलने के लिए इशारा करने लगा और बताने लगा कि वो समझ रहा है.

"मैने..मैने उसकी बातें माननी स्टार्ट कर दी, और हर दिन चीज़े बढ़ती ही रही. कुछ चीज़े अच्छी थी लेकिन कुछ मुझे बिल्कुल पसंद नही आई. वो क्लास से, जिम से लड़कियों को साथ मे लाने लगा और हम लोग सब साथ मे सेक्स करते. धीरे धीरे उसने मुझे अपने फ्रेंड्स के साथ शेरिंग के लिए भी मना लिया. मुझे शर्म आती है बताते हुए कि मुझे उसमे मज़ा आया." वो आँखें नीची करके बोली और अपने चेहरे को हाथो से छुपा लिया.

"एशू," अरुण ने उसके चेहरे को उपर करते हुए कहा. "तुम्हे इसकी ज़रूरत नही है."

एश ने सिर हिलाते हुए चेहरे को उपर किया और अपने हाथ से अंगूठे के नाख़ून को कुरेदने लगी. वो जब भी नर्वस होती थी यही करती थी. "तो, मुझे चिंता होने लगी कि कब ये चीज़े कम होगी लेकिन वो बस आगे बढ़ता ही रहा. उसने मुझे उस के लिए भी मना लिया...अनल. कॉलेज मे मेरे बारे मे सभी कहने लगे कि मैं कुछ भी करने को तय्यार हो सकती हूँ. मुझे खुद नही पता कि मैं क्यू उसकी बातें मानती गयी. मैने कॉलेज जाना छोड़ दिया और मेरे मन मे हर वक़्त बस सेक्स के बारे मे ही ख़याल आते रहते."

अरुण को ये सब सुनके काफ़ी तक़लीफ़ हो रही थी. कि एश जैसी मासूम सी लड़की जिसे गाली सुनना तक पसंद नही था उसके साथ ये सब हो जाएगा.

"एक दिन मैं उसके साथ एक पार्टी मे गयी, वहाँ मैने जिंदगी मे पहली बार वोड्का पी. जब मुझे थोड़ा होश आया तो काफ़ी लड़के मेरे साथ थे. स्टीव किसी और लड़की के साथ सामने था और उसके दोस्त मेरे जिस्म के साथ खेल रहे थे. आइ हॅड आ गाइ इन एवेरी होल इमॅजिनबल," उसकी आँखो से दो आसू नीचे टपकने लगे. "और वर्स्ट पार्ट ये था कि मुझे उसमे मज़ा आया और मैने उनको रोकने की कोशिश भी नही की. जब मैं अगली सुबह जागी तो मैं पूरी नंगी थी, मेरी बॉडी पर जगह जगह निशान थे और पूरा बदन दर्द कर रहा था. किसी ने मेरे कपड़े बाहर फेक दिए थे, सिर्फ़ एक ब्रा और पैंटी पड़ी थी किसी और की. मुझे कॅंपस से उसी मे बाहर निकलना पड़ा."

अरुण उसके घुटने को सहलाते हुए देखने लगा.

"यहाँ घर मे, मम्मी पापा की खुद की प्रॉब्लम्स बढ़ गयी थी. मम्मी पापा को धोखा दे रही थी. और सबसे बेकार बात वो इस बात को छुपा भी नही रही थी. तो एवेंच्युयली उन दोनो ने डाइवोर्स ले लिया है. और तुम तो जानते ही हो मेरे पापा कैसे हैं." उसने उसकी ओर देखते हुए कहा. उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि ये वाला पार्ट उसे उस वाले पार्ट से ज़्यादा तक़लीफ़ दे रहा था. "डाइवोर्स के बाद पापा बिल्कुल टूट गये. उन्होने डबल काम करना शुरू कर दिया लेकिन मेरी कॉलेज की फीस को बंद नही होने दिया. जब मुझे पता चला तो मैं खुद टूट गयी."

"मैने उस दिन के बाद आज तक मम्मी से बात नही की है. वो अभी भी इसी शहेर मे हैं अपने दूसरे हज़्बेंड के साथ. अगर वो मर भी जाएँ तो मुझे फ़र्क़ नही पड़ता.

एनीवेस, तो मैं वापस आ गयी सब कुछ छोड़ के. उन्होने मुझसे कभी नही पूछा कि मैं वापस क्यूँ आई शायद उन्हे लगता है कि उनकी और मम्मी की वजह से. और मुझे नही लगता कि मैं उन्हे सच बता सकती हूँ."

अरुण ने उसे पूल मे खिच कर गले लगा लिया और कस कर खुद से सटा कर रखा.

"मुझे लगा कि जब तुम ये सुनोगे तो तुरंत ही मुझ पर चीखोगे और घर से निकल जाने को कहोगे, और शायद मुझे कभी बात भी ना करो."

"ष्ह्ह, एशू. तुम जानती हो मैं ऐसा नही हूँ."

अरुण ने जब उसे छोड़ा तो वो साइड मे खड़ी हो गयी. "तुम्हे मुझ पर गुस्सा नही आ रहा जो कुछ मैने किया?"

अरुण ने कंधे उचका दिए. "मैं कभी तुमसे ये सब करने को नही कहता और मुझे नही लगता कि इसमे तुम्हारी ग़लती है. डू यू रिग्रेट इट?"

एश कुछ पल सोचती रही. "मुझे उस पार्टी और पार्टी के बाद जो कुछ हुआ उसको लेकर पछतावा है, लेकिन उससे पहले जो कुछ हुआ वो मेरा खुद का डिसिशन था. आइ हेट टू अड्मिट बट मोस्ट ऑफ इट वाज़ फन."

"देयर यू गो. वी कॅंट जड्ज एनिवन."

"अरुण, मेरी जिंदगी मे सिर्फ़ तुम ही मेरी बाय्फ्रेंड रहे हो. आंड आइ केयर अबाउट यू मोर दॅन एनिवन एक्सेप्ट माइ फादर. वहाँ भी मैं बस तुम्हारे बारे मे ही सोचती रही कि मेरी इन हर्कतो से तुम्हे कितनी डिसपायंटमेंट होगी."

"कोई बात नही एशू, वी कॅन अल्वस्त बेगिन अगेन. आज मेरे साथ डिन्नर पर चलोगि?"

एश मुस्कुरा दी. "श्योर. मैं खुद यही सोच रही थी."

अरुण ने मुस्कुराते हुए पीछे मुड़कर देखा तो तुरंत ही चार सिर एक दम से नीचे देखने लगे.

स्नेहा तभी आरोही को आँख मार खड़ी हुई और पानी मे कूद पड़ी. पानी के अंदर ही उसने अपने बिकिनी टॉप को थोड़ा साइड मे कर दिया तो दोनो दूधो के निपल फ्री हो गये.

जब वो पानी से बाहर आई और अपने बालो को पीछे करने लगी तो अरुण मूह खोले उसे देखता रहा फिर सिर हिलाकर मूड गया.

"दी," उसके मूह से निकला.

स्नेहा ने मासूम से शक्ल बनाई और नीचे देखा. "ओह्ह्ह," उसने कहा और जल्दी से टॉप ठीक कर लिया. "सॉरी."

आरोही, सुप्रिया और सोनिया अपनी हँसी दबाने की कोशिश करने लगी.

उसके बाद सब लोग पूल मे आ गये और एश के साथ बातें करते हुए मस्ती करने लगे.

बाद मे एश अपने घर चली गई शाम का इंतजार करते हुए.

**********

Arun ne apni dusri behno ki or dekhna chalu kar diya khud ko shant karne ke liye. Supriya abhi bhi Soniya ke pairo par hi thi. Uske najar idhar se udhar pahuchi to Aarohi ka hath thoda niche badha aur Sneha ki jangho ke andar chala gaya.

Arun ne thuk ko nigla aur shukr manaya ki usne shorts ke andar tight underwear pehna hai.

"Aaru ne bataya ki tum second year hone ke wabjood first year ki classes le rahi ho?" usne pucha.

"******. Main classes chod di thi bich me. Lambi kahani hai," usne kaha.

Arun ne muskurakar sir hila diya. Uska dhyan apni judwa behen ki or gaya to use apni ankho par vishwas nahi hua. Aarohi ke hath Sneha ki andaruni jangho ko sehlate hue upar badhe aur wo waha apni ungli ragadne lagi jaha use nahi lagani chahiye. Fir usne panty ko thoda side kiya aur ungli ko wahi par halke halke wahi hilane lagi. Sneha to jaise is baat par dhyan hi nahi de rahi thi.

Apna hath wapas khich kar usne Sneha ko palatne ko kaha aur fir thoda aur lotion lekar firse uske pairo se hi shuru ho gayi.

Arun aur Esha purani yaadon ke bare me baat kar rahe the. Aarohi ke hath niche se hote hue uski choot par pahuche aur Aarohi ne jaanbujhkar do tin par apna hath uski choot par ragad diya. Fir upar badhkar usne uske doodho par hath rakh diye aur un par lotion lagane lagi. Lotion lagate waqt usne top ko thoda side kiya to Sneha ka nipple bahar nikal aaya. Use ragadkar usne top ko sahi kar diya aur dusre doodh ki taraf badh gayi.

Jab Aarohi ka kaam khatam hua to Sneha ne uske hath se bottle le li, udhar Soniya ne bhi uthkar Supriya ko letne ke liye keh diya.

Arun man me khud ko control karne ko kaha aur Esha se bol diya ki wo pool me ja raha hai.

Tshirt nikal kar wo jaldi se pool me kood pada. Esha ne bhi apna top nikal diya, to andar uski black bikini jo uski beheno ke comparison me to kafi sahi thi dikhne lagi. Usne bhi pani me chalang laga di aur tairkar Arun ki or chalne lagi.

"So..." Arun bola.

Esha jake pool ki boundary par baith gayi aur pani me pair chalane lagi. Arun dhire dhire uski or aaya aur uske pairo ko hath se hilane laga.

"You know, you can tell me anything," usne kaha.

Esha niche dekhne lagi. "Arun, ye mere liye itna asaan nahi hoga aur na hi tumhare liye utna easy hoga."

Arun ne sir hilakar use aswasan diya ki wo sunane ko tayaar hai.

"Ye sab mere ******* pahuchne ke baad hua. Well most of it. Thodi si shuruat yahi se hui thi. Yahan se jane ke baad main bahut akeli ho gayi thi aur waha pahuch kar main ek ladke se mili jo meri hi class me tha."

Arun ne sir hila diya, aur khud ko samjhane laga ki wo ab door ja chuki hai. Lekin jealousy ka ek khanjar uske seene me fir bhi dhansta chala gaya.

"Uska naam Steve tha. Wo mujhe ek acha ladka laga aur tha bhi. At least shur me. Anyways, hum logo ne kuch mahine tak dating ki aur mujhe laga ki main sach me use pasand karti hoon. And he was my first."

Esha ne ye bolkar Arun ki ankho me jhaka uska reaction dekhne ke liye.

"Did he treat you well?" Arun ne chintit swar em pucha.

Esha ne muskurakar sir hila diya. "Haan pehli baar to sahi se. Lekin time ke sath wo ajib hota chala gaya. Wo baar mujhe kehta ki uske dosto ko bhi dekhne do, aur wo hum logo ke sath dusri ladkiyon ko bhi shamil karne laga. Ek baar to usne mujhse ye bhi pucha ki kya uska dost mere sath sex kar sakta hai. Mujhe laga ki wo majak kar raha tha."

Arun ko andar hi andar gussa ane lagi.

"Mujhe usse relationship end kar deni chahiye thi lekin waha sirf wahi akela tha jise main dhang se janti thi aur anjan jagah main akele nahi rehna chahti thi."

Arun uske pairo ko halke se dabakar aage bolne ke liye ishara karne laga aur batane laga ki wo samajh raha hai.

"Maine..maine uski baatein manani start kar di, aur har din chize badhti hi rahi. Kuch chize achi thi lekin kuch mujhe bilkul pasand nahi aayi. Wo class se, gym se

ladkiyon ko sath me lane laga aur hum log sab sath me sex karte. Dhire dhire usne mujhe apne friends ke sath sharing ke liye bhi mana liya. Mujhe sharm aati hai batate hue ki mujhe usme maja aaya." Wo ankhen nichi karke boli aur apne chehre ko hatho se chupa liya.

"Eshu," arun ne uske chehre ko upar karte hue kaha. "Tumhe iski jarurat nahi hai."

Esha ne sir hilate hue chehre ko upar kiya aur apne hath se anguthe ke nakhun ko kuredne lagi. Wo jab bhi nervous hoti thi yahi karti thi. "To, mujhe chinta hone lagi

ki kab ye chize kam hogi lekin wo bas aage badhta hi raha. Usne mujhe us ke liye bhi mana liya...anal. College me mere bare me sabhi kehne lage ki main kuch bhi karne ko tayyar ho sakti hoon. Mujhe khud nahi pata ki main kyu uski baatein manti gayi. Maine college jana chod diya aur mere man me har waqt bas sex ke bare me hi khayal aate rehte."

Arun ko ye sab sunke kafi taqleef ho rahi thi. Ki Esha jaise masum si ladki jise gali sunana tak pasand nahi tha uske sath ye sab ho jayega.

"Ek din main uske sath ek party me gayi, waha maine jindagi me pehli baar vodka pi. Jab mujhe thoda hosh aaya to kafi ladke mere sath the. Steve kisi aur ladki ke sath samne tha aur uske dost mere jism ke sath khel rahe the. I had a guy in every hole imaginable," uski ankho se do aasu niche tapakne lage. "Aur worst part ye tha ki mujhe usme maja aaya aur maine unko rokne ki koshish bhi nahi ki. Jab main agle subah jagi to main puri nangi thi, meri body par jagah jagah nishan the aur pura badan dard kar raha tha. Kisi ne mere kapde bahar fek diye the, sirf ek bra aur panty padi thi kisi aur ki. Mujhe campus se usi me bahar nikalna pada."

Arun uske ghutne ko sehlate hue dekhne laga.

"Yahan ghar me, mummy papa ki khud ki problems badh gayi thi. Mummy papa ko dhokha de rahi thi. Aur sabse bekar baat wo is baat ko chupa bhi nahi rahi thi. To

eventually un dono ne divorce le liya hai. Aur tum to jante hi ho mere papa kaise hain." usne uski or dekhte hue kaha. Use dekhkar aisa lag raha tha ki ye wala part

use us wale part se jyada taqleef de raha tha. "Divorce ke baad papa bilkul toot gaye. Unhone double kaam karna shuru kar diya lekin meri college ki fees ko band nahi hone diya. Jab mujhe pata chala to main khud toot gayi."

"Main us din ke baad aaj tak mummy se baat nahi ki hai. Wo abhi bhi isi sheher me hain apne dusre husband ke sath. Agar wo mar bhi jayen to mujhe farq nahi padta.

Anyways, to main wapas aa gayi sab kuch chhod ke. Unhone mujhse kabhi nahi pucha ki main wapas kyu aayi shayad unhe lagta hai ki unki aur mummy ki vajah se. Aur mujhe nahi lagta ki main unhe sach bata sakti hoon."

Arun ne use pool me khich kar gale laga liya aur kas kar khud se sata kar rakha.

"Mujhe laga ki jab tum ye sunoge to turant hi mujh par chikhoge aur ghar se nikal jane ko kahoge, aur shayad mujhe kabhi baat bhi na karo."

"Shhh, Eshu. Tum janti ho main aisa nahi hoon."

Arun ne jab use choda to wo side me khadi ho gayi. "Tumhe mujh par gussa nahi aa rahi jo kuch maine kiya?"

Arun ne kandhe uchka diye. "Main kabhi tumse ye sab karne ko nahi kehta aur mujhe nahi lagta ki isme tumhari galti hai. Do you regret it?"

Esha kuch pal sochti rahi. "Mujhe us party aur party ke baad jo kuch hua usko lekar pachtava hai, lekin usse pehle jo kuch hua wo mera khud ka decision tha. I hate to admit but most of it was fun."

"There you go. We cant judge anyone."

"Arun, meri jindagi me sirf tum hi meri boyfriend rahe ho. And I care about you more than anyone except my father. Waha bhi main bas tumhare bare me hi sochti rahi ki meri in harkato se tumhe kitni disappointment hogi."

"Koi baat nahi Eshu, we can alwast begin again. Aaj mere sath dinner par chalogi?"

Esha muskura di. "Sure. Main khud yahi soch rahi thi."

Arun ne muskurate hue piche mudkar dekha to turant hi char sir ek dum se niche dekhne lage.

Sneha tabhi Aarohi ko ankh mar khadi hui aur pani me kood padi. Pani ke andar hi usne apne bikini top ko thoda side me kar diya to dono doodho ke nipple free ho gaye.

Jab wo pani se bahar aayi aur apne balo ko piche karne lagi to Arun muh khole use dekhta raha fir sir hilakar mud gaya.

"Diii," uske muh se nikla.

Sneha ne masum se shakl banayi aur niche dekha. "Ohhh," usne kaha aur jaldi se top thik kar liya. "Sorry."

Aarohi, Supriya aur Soniya apni hansi dabane ki koshish karne lagi.

Uske baad sab log pool me aa gaye aur Esha ke sath batein karte hue masti karne lage.

Baad me Esha apne ghar chali sham ka intezar karte hue.

**********

 


उस शाम को जब अरुण डेट के लिए तय्यार हो रहा था तो घर मे काफ़ी दुख भरी शांति थी. सोनिया घर के बाहर जाके बैठ गयी और दूर डूबते सूरज को देखते हुए अपने लॉकेट को हाथ मे घुमाने लगी. ये वही लॉकेट था जो अरुण ने उसे गोआ मे दिया था. उसने पेंडेंट को खोला तो उसमे दो फोटो थी, एक जो अरुण ने उसकी खीची थी और एक जो उसने अरुण की खीची जब वो अपनी जेन्यूवन स्माइल के साथ उसे देख रहा था.

आरोही बिना आवाज़ के उसके पास आकर बैठ गयी. दोनो सूरज को डूबते देखती रही फिर साथ मे अंदर चल दी.

**********

जैसा कि प्लान था वैसे ही अरुण एश के घर गया और उसे लेकर अच्छे से रेस्टौरेंट ले गया. खाना ख़त्म करने के बाद अरुण कुछ पूछने को हुआ लेकिन पूछ नही पाया.

"व्हाट?" एश ने उससे पूछा.

"आइ वाज़ थिंकिंग वुड यू लाइक टू स्टार्ट डेटिंग अगेन?" अरुण ने पूछा. एश ने एक गहरी सास ली तो अरुण को लगा कि उसने जल्दी कर दी है.

"अरुण, मुझे नही लगता कि अब मैं डेटिंग के लायक हूँ."

अरुण उसे ऐसे देखने लगा जैसे कि वो एलीयन हो. "आइ वाज़'न्ट एक्सपेक्टिंग दट आन्सर."

"नही, आइ मीन इट. मैने तुम्हे अपने बारे मे सब कुछ बता दिया जो कुछ मैने किया जो कुछ हुआ. तब भी तुम..?"

अरुण अपना सिर हिलाने लगा. "एश, जो कुछ तुमने वहाँ किया, तुमने खुद कहा कि वो तुम्हारी चाय्स थी. मैं जानता हूँ तुम एक अच्छी इंसान हो. तुमने वो चाय्सस ली क्यूकी एक तो तुम अकेली थी उपर से इट वाज़ फन ऐज यू सेड. मेरे लिए बस इतना ही काफ़ी है आंड ट्रस्ट मी. आइ'म नोट दट गाइ. मैं कभी तुमसे ऐसा कुछ करने के लिए नही कहने वाला."

एश उसकी ओर देखती रही. "अरुण, आइ ओन्ली रिग्रेट ओन्ली वन थिंग, मैने वो सब चीज़े उस सुअर के साथ की तुम्हारे साथ नही. यू शुड हॅव बीन माइ फर्स्ट," उसने उसका हाथ पकड़ते हुए कहा.

अरुण ने मुस्कुरा कर दूसरा हाथ उसके हाथ पर रख दिया. "लेट'स जस्ट टेक इट स्लो. हम लोग ट्राइ कर के देखते हैं इफ़ वी स्टिल हॅव दट स्पार्क बिट्वीन अस."

फिर वेटर बिल ले आया तो पे करके वो लोग बाहर निकले.

"आइ हॅड आ लव्ली ईव्निंग," एश बोली अपने घर के बाहर खड़ी होकर.

"मी टू," उसने कहा और आगे बढ़कर उसके सिर के पीछे हाथ रख दिया और उसके गाल को सहलाने लगा फिर अपने होंठो को उसके गाल पर रखा और साइड मे करते हुए उसके होठों को चूम लिया. एश ने भी काँपते होठों से उसे चूम लिया.

किस तोड़ने के बाद एश मुस्कुराते हुए अलग हुई. "आइ'ल्ल टेक्स्ट यू," उसने कहा.

"बाइ," अरुण कार की तरफ जाते हुए बोला.

एश मुस्कुराते हुए हाथ हिलाती रही और अपने रूम मे जाने लगी. उसके पापा अपने रूम मे सो रहे थे वो चुपचाप अपने रूम मे चली गयी.

रात मे अजीब सी आवाज़ के कारण एश जाग उठी. उसने कमरे से बाहर निकलकर ध्यान दिया तो उसके पापा के रूम से आवाज़ आ रही थी. उसने उनके रूम का दरवाजा खोला तो वो नींद मे इधर उधर होकर "क्यूँ क्यूँ?" चिल्ला रहे थे. उसका दिल बैठ गया. वो उनके बेड के पास गयी और धीरे से उनके सिर को सहलाने लगी. जब वो शांत हो गये तो वो अपने रूम मे आकर लेट गयी लेकिन उसे नींद नही आ रही थी.

वो अरुण के बारे मे सोचने लगी. उसे खुद कन्फ्यूषन था कि वो अरुण के बारे मे किस तरीके से सोचती थी. उसने जो किस किया था दट वाज़ वंडरफुल लेकिन उसे अभी भी गिल्टी फीलिंग हो रही थी. उसे लग रहा था कि वो अरुण के साथ नाइंसाफी कर रही थी. वो दिल का इतना अच्छा था. और कोई होता तो शायद ही उससे ढंग से बात करता.

लेकिन उसने तो उसे फिर भी आक्सेप्ट किया. बस इन्ही ख़यालो ने उसे नींद की गहराइयों मे भेज दिया.

*********

उसी शाम जब अरुण एश के साथ बाहर गया हुआ था, सुप्रिया वॉशरूम मे थी तो पीछे से स्नेहा आई.

"हे," उसने वॉशिंग मशीन की ओर मुड़ते हुए कहा. "क्या हुआ?"

स्नेहा कुछ देर चुप रही. उसने गला सॉफ किया और कुछ बोलने की कोशिश करी लेकिन फिर चुप हो गयी. "आइ वाज़ थिंकिंग.."

सुप्रिया पलटकर उसकी ओर देखने लगी. "कुछ हुआ क्या?" स्नेहा ने कोई जवाब नही दिया. "स्नेहा, कुछ हुआ क्या?" सुप्रिया चिंता करते हुए बोली.

स्नेहा ने नर्वस होकर उसकी ओर देखा. "दी...आइ'म.."

"इट'स ओके, स्नेहा, बोल ना."

"आइ'म हॉर्नी," उसने तपाक से बोला तो सुप्रिया तुरंत ही बड़ी तेज हँसने लगी.

"थॅंक्स फॉर बीयिंग सो सीरीयस," स्नेहा गुस्से बोली और जाने लगी.

सुप्रिया ने हान्फते हुए उसका हाथ पकड़लिया और अपनी साँस संभालने लगी.

"आइ'म..हाहः..सॉरी, स्वीटी," उसने हंसते हुए कहा. "आइ'म सॉरी, रुक तो."

स्नेहा अपने हाथ फोल्ड करके खड़ी हो गयी.

"मैं बस..हह...पिछली बार तूने इतना स्ट्रघटफ़ोर्वर्ड होके सब कह दिया. और अब तू इतना शरमा रही है."

"ये सब मेरे लिए थोड़ा नया है ना. कभी कभी मुझे पता होता है कि मुझे क्या कहना है, क्या करना है. लेकिन कभी कभी मुझे समझ नही आता कि...और उपर से मुझे वो...करना.." उसने हिचकिचाते हुए कहा.

"क्या करना है?"

"म्त्रुयेट," स्नेहा ने बुदबुदा दिया.

"क्या?" सुप्रिया आगे आकर पूछने लगी.

"मास्टरबेट," स्नेहा थोड़ी तेज बोल पड़ी.

सुप्रिया फिरसे हँसने लगी. "आइ'म सॉरी..हाहः.."

स्नेहा फिरसे मुड़कर वापस जाने लगी.

"स्वीटी, सुन तो. मैं तुझे सिखाउन्गी, लेकिन तेरे पास दूसरे ऑप्षन्स भी हैं."

स्नेहा ने सिर हिला दिया. "आइ नो. मैने बस सोचा कि अभी जब अरुण को कुछ ध्यान नही है तो ज़्यादा कुछ करना सही नही होगा. और मुझे लगा कि आप बिज़ी होगी.."

"अववव," सुप्रिया ने स्नेहा को गले लगाते हुए कहा. "आइ'म नेवेर बिज़ी फॉर यू. और अगर मैं थी भी तो आरू तो थी ना. और उपर से वो है भी अरुण की जुड़वा,"

स्नेहा हंस दी और उसकी हिचकिचाहट ख़तम हो गयी. उसने शिद्दत भरी आँखो से उसे देखा.

"वो," सुप्रिया उसकी आँखो को देखकर बोली. "तेरे अंदर दोबारा वो दूसरी वाली स्नेहा आ गयी ना?"

स्नेहा हंसते हुए सुप्रिया को पकड़ लिया. "अब मुझे पता है कि मुझे क्या करना है." ये कहके उसे सुप्रिया को दीवार से सटा दिया.

"स्नेहा!" सुप्रिया चौंक कर बोली. स्नेहा के चेहरे पर एक सेक्सी स्माइल आ गयी. सुप्रिया ने उसके हाथ अपनी टीशर्ट के अंदर जाते महसूस किए और तुरंत ही स्नेहा ने उसकी टीशर्ट एक झटके मे निकाल दी.

"ओह माइ.." सुप्रिया बोली. तब तक स्नेहा ने हाथ बढ़ाकर ब्रा को भी खीच कर नीचे कर दिया. उसके बाद स्नेहा ने तेज़ी से उल्टा किया और उसकी गर्दन को चूमने लगी.

सुप्रिया के लोवर को नीचे करके वो जल्दी से नीचे बैठी और उपर की ओर उसकी जाँघो को चाटने लगी. जाँघो से बढ़ते हुए वो उसकी चूत की ओर बढ़ने लगी. "मुझे लगा...ओह्ह्ह...तुझे..इसकी ज़रूरत थी...ओमम्म" सुप्रिया बोली.

"आइ टोल्ड यू. अब जब आपने ऑफर दिया है तो मैं मना कैसे करू, डोंट वरी. अरुण के आने से पहले ही हमारा काम ख़तम हो जाएगा." स्नेहा ने उसके एक पैर को अपने कंधे पर रख के उंगली से उसकी पैंटी साइड मे करदी और अपनी जीभ को वहीं रगड़ने लगी. "मुझे बताना कि मैं आपकी चूत अच्छे से चाट रही हूँ कि नही,"

"ओह माइ गॉड," सुप्रिया ने नीचे देखते हुए बोला और अपने बालो को पीछे कर दिया जिससे उसे स्नेहा का सिर दिखता रहे.

"ओमम्म्ममम...स्लुरप्प्प.." स्नेहा बड़ी तेज़ी से उसकी चूत को चाट रही थी.

"फक्क्क्क..यस..." सुप्रिया खड़े होने की कोशिश करते हुए बोली. उसकी सास उखड़ रही थी. "यॅ, इट्स बेस्ट, स्वीटी..." उसने बड़ी तेज़ी से कहा. "ओह्ह्ह्ह..आह.." सुप्रिया ने अपने हाथ से उसका सिर अपनी चूत पर दबा दिया.

"ओह माइ गॉड," सुप्रिया बड़ी तेज़ी से बोली, और झड़ने लगी, झाड़ते हुए जब वो आगे गिरने लगी तो स्नेहा ने उसे सहारा देकर ज़मीन पर बिठा दिया और पैर खोलकर दोबारा उसकी चूत मे जीभ घुसा दी.

जब सुप्रिया की साँस थमी तो उसने स्नेहा का सिर पकड़कर उसे उठा लिया और किस करने लगी. सुप्रिया ने भी जल्दी से उसका टॉप उतार दिया और उसके बाद शॉर्ट्स और पैंटी भी. स्नेहा ने सुप्रिया के बालो को पकड़कर उसका सिर अपनी चूत के पास कर दिया.

"दी, चाटो इसे," उसने गुर्राते हुए कहा. तो सुप्रिया ना मे सिर हिलाने लगी. स्नेहा ने कस के उसका सिर पीछे खीच दिया तो सुप्रिया हंस दी और उसकी बात मान कर तुरंत ही उसकी चूत पर टूट पड़ी. अच्छे से उसके होठ चाटने के बाद उसने जीभ को गोल करके छेद मे डाल दिया. कुछ ही देर मे स्नेहा भी झड़ने लगी.

"फक, फक, फक, फक, फक, फक, फक, फक!" स्नेहा बोले जा रही थी और उसके पैर काँपने लगे, फिर वो काँपते हुए ज़मीन पर लेट गयी. कुछ मिनट बाद सुप्रिया उपर उठी और उसके मूह मे जीभ डालकर उसे उसके ही रस का स्वाद देने लगी.

"आइ'म सॉरी," स्नेहा बोली.

"ऑ, स्वीटी, कोई बात नही. बिसाइड दट, आइ हॅड फन."

"स्टिल," स्नेहा बोली.

"कोई बात नही," सुप्रिया बोली तब तक स्नेहा ने उसके निपल को मूह मे रख लिया था. कुछ देर तक ऐसे ही चूसने के बाद वो बोली. "दी, चलो टीवी देखते हैं."

Us sham ko jab Arun date ke liye tayyar ho raha tha to ghar me kafi dukh bhari shanti thi. Soniya ghar ke bahar jake baith gayi aur door doobte suraj ko dekhte hue apne locket ko hath me ghumane lagi. Ye wahi locket tha jo Arun ne use Goa me diya tha. Usne pendant ko khola to usme do photo thi, ek jo Arun ne uski kheechi thi aur ek jo usne Arun ki kheechi jab wo apni genuine smile ke sath use dekh raha tha.

Aarohi bina awaz ke uske paas aakar baith gayi. Dono suraj ko doobte dekhti rahi fir sath me andar chal di.

**********

Jaisa ki plan tha waise hi Arun Esha ke ghar gaya aur use lekar ache se restaurent le gaya. Khana khatm karne ke baad Arun kuch puchne ko hua lekin puch nahi paaya.

"What?" Esha ne usse pucha.

"I was thinking would you like to start dating again?" Arun ne pucha. Esha ne ek gehri saans li to Arun ko laga ki usne jaldi kar di hai.

"Arun, mujhe nahi lagta ki ab main dating ke layak hoon."

Arun use aise dekhne laga jaise ki wo alien ho. "I was'nt expecting that answer."

"Nahi, I mean it. Maine tumhe apne bare me sab kuch bata diya jo kuch maine kiya jo kuch hua. Tab bhi tum..?"

Arun apna sir hilane laga. "Esha, jo kuch tumne waha kiya, tumne khud kaha ki wo tumhari choice thi. Main janta hoon tum ek achi insan ho. Tumne wo choices li kyuki ek to tum akeli thi upar se it was fun as you said. Mere liye bas itna hi kafi hai and trust me. I'm not that guy. Main kabhi tumse aisa kuch karne ke liye nahi kehne wala."

Esha uski or dekhti rahi. "Arun, I only regret only one thing, maine wo sab chize us suar ke sath ki tumhare sath nahi. You should have been my first," usne uska hath

pakadte hue kaha.

Arun ne muskurakar doosra hath uske hath par rakh diya. "Let's just take it slow. Hum log try kar ke dekhte hain if we still have that spark between us."

Fir waiter bill le aaya to pay karke wo log bahar nikle.

"I had a lovely evening," esha boli apne ghar ke bahar khadi hokar.

"Me too," usne kaha aur aage badhkar uske sir ke piche hath rakh diya aur uske gaal ko sehlane laga fir apne hontho ko uske gaal par rakha aur side me karte hue uske honthon ko chum liya. Esha ne bhi kampte honthon se use choom liya.

Kiss todne ke baad Esha muskurate hue alag hui. "I'll text you," usne kaha.

"Bye," Arun car ki taraf jate hue bola.

Esha muskurate hue hath hilati rahi aur apne room me jane lagi. Uske papa apne room me so rahe the wo chupchap apne room me chali gayi.

Raat me ajib si awaz ke karan Esha jaag uthi. Usne kamre se bahar nikalkar dhyan diya to uske papa ke room se awaz aa rahi thi. Usne unke room ka darwaja khola to wo neend me idhar udhar hokar "Kyu kyu?" chilla rahe the. Uska dil baith gaya. Wo unke bed ke paas gayi aur dhire se unke sir ko sehlane lagi. Jab wo shant ho gaye to wo apne room me aakar let gayi lekin use neend nahi aa rahi thi.

Wo Arun ke bare me sochne lagi. Use khud confusion tha ki wo Arun ke bare me kis tarike se sochti thi. Usne jo kiss kiya tha that was wonderful lekin use abhi bhi

guilty feeling ho rahi thi. Use lag raha tha ki wo Arun ke sath nainsafi kar rahi thi. Wo dil ka itna acha tha. Aur koi hota to shayad hi usse dhang se baat karta.

Lekin usne to use fir bhi accept kiya. Bas inahi khayalo ne use neend ki gehrayion me bhej diya.

*********

Usi sham jab Arun Esha ke sath bahar gaya hua tha, Supriya washroom me thi to piche se Sneha aayi.

"Hey," usne washing machine ki or mudte hue kaha. "Kya hua?"

Sneha kuch der chup rahi. Usne gala saaf kiya aur kuch bolne ki koshish kari lekin fir chup ho gayi. "I was thinking.."

Supriya palatkar uski or dekhne lagi. "Kuch hua kya?" Sneha ne koi jawab nahi diya. "Sneha, kuch hua kya?" Supriya chinta karte hue boli.

Sneha ne nvervous hokar uski or dekha. "Di...I'm.."

"It's okay, Sneha, bol na."

"I'm horny," usne tapak se bola to Supriya turant hi badi tej hansne lagi.

"Thanks for being so serious," Sneha gusse boli aur jane lagi.

Supriya ne hafte hue uska hath pakadliya aur apni saans sambhalne lagi.

"I'm..hahah..sorry, sweetie," usne hanste hue kaha. "I'm sorry, ruk to."

Sneha apne hath fold karke khadi ho gayi.

"Main bas..hah...pichli baar tune itna straightforward hoke sab keh diya. Aur ab tu itna sharma rahi hai."

"Ye sab mere liye thoda naya hai na. Kabhi kabhi mujhe pata hota hai ki mujhe kya kehna hai, kya karna hai. Lekin kabhi kabhi mujhe samajh nahi aata ki...aur upar se mujhe wo...karna.." usne hichkichate hue kha.

"Kya karna hai?"

"Mthruate," Sneha ne budbuda diya.

"Kya?" Supriya aage aakar puchne lagi.

"MASTURBATE," sneha thodi tej bol padi.

Supriya firse hansne lagi. "I'm sorry..hahah.."

Sneha firse mudkar wapas jane lagi.

"Sweetie, sun to. Main tujhe sikhaungi, lekin tere paas dusre options bhi hain."

Sneha ne sir hila diya. "I know. Maine bas socha ki abhi jab Arun ko kuch dhyan nahi hai to jyada kuch karna sahi nahi hoga. Aur mujhe laga ki aap busy hogi.."

"Awww," Supriya ne Sneha ko gale lagate hue kaha. "I'm never busy for you. Aur agar main thi bhi to Aaru to thi na. Aur upar se wo hai bhi Arun ki judwa,"

Sneha hans di aur uski hichkichahat khatam ho gayi. Usne siddat bhari ankho se use dekha.

"Whoa," supriya uski ankho ko dekhkar boli. "Tere andar dobara wo dusri wali Sneha aa gayi na?"

Sneha hanste hue Supriya ko pakad liya. "Ab mujhe pata hai ki mujhe kya karna hai." Ye kehke use Supriya ko deewar se sata diya.

"Sneha!" Supriya chowk kar boli. Sneha ke chehre par ek sexy smile aa gayi. Supriya ne uske hath apni t-shirt ke andar jate mahsoos kiye aur turant hi Sneha ne uski t-shirt ek jhatke me nikal di.

"Oh my.." Supriya boli. Tab tak Sneha ne hath badhakar bra ko bhi khich kar niche kar diya. Uske baad Sneha ne teji se ulta kiya aur uski gardan ko chumne lagi.

Supriya ke lower ko niche karke wo jaldi se niche baithi aur upar ki or uski jangho ko chatne lagi. Jangho se badhte hue wo uski choot ki or badhne lagi. "Mujhe

laga...ohhh...tujhe..iski jarurat thi...ohhhhhmmm" Supriya boli.

"I told you. Ab jab apne offer diya hai to main mana kaise karu, dont worry. Arun ke aane se pehle hi hamara kaam khatam ho jayega." Sneha ne uske ek pair ko apne kandhe par rakh ke ungli se uski painty side me kardi aur apni jeebh ko wahi ragadne lagi. "Mujhe batana ki main apki choot ache se chaat rahi hoon ki nahi,"

"Oh my god," Supriya ne niche dekhte hue bola aur apne balo ko piche kar diya jisse use Sneha ka sir dikhta rahe.

"Ohhhmmmmmm...sluruppp.." Sneha badi teji se uski choot ko chaat rahi thi.

"Fuckkkk..yes..." Supriya khade hone ki koshish karte hue boli. Uski saans ukhad rahi thi. "yeah, its best, sweetie..." usne badi teji se kaha. "Ohhhh..aah.." Supriya ne

apne hath se uska sir apni choot par daba diya.

"OH MY GOD," Supriya badi teji se boli, aur jhadne lagi, jhadte hue jab wo aage girne lagi to Sneha ne use sahara dekar jameen par bitha diya aur pair kholkar dobara uski choot me jeebh ghusha di.

Jab Supriya ki saans thami to usne Sneha ka sir pakadkar use utha liya aur kiss karne lagi. Supriya ne bhi jaldi se uska top utar diya aur uske baad shorts aur painty bhi. Sneha ne Supriya ke balo ko pakadkar uska sir apni choot ke paas kar diya.

"Di, chato ise," usne gurrate hue kaha. To Supriya na me sir hilane lagi. Sneha ne kas ke uska sir piche khich diya to supriya hans di aur uski baat man kar turant hi

uski choot par toot padi. Ache se uske hoth chatne ke baad usne jeebh ko gol karke ched me daal diya. Kuch hi der me Sneha bhi jhadne lagi.

"Fuck, Fuck, fuck, fuck, fuck, fuck, fuck, FUCK!" Sneha bole ja rahi thi aur ukse pair kampne lage, fir wo kampte hue jameen par let gayi. Kuch minuto baad Supriya upar uthi aur uske muh me jeebh dalkar use uske hi ras ka swad dene lagi.

"I'm sorry," Sneha boli.

"Aw, sweetie, koi baat nahi. Beside that, I had fun."

"Still," Sneha boli.

"Koi baat nahi," Supriya boli tab tak sneha ne uske nipple ko muh me rakh liya tha. Kuch der tak aise hi chusne ke baad wo boli. "Di, chalo tv dekhte hain."

**********

 


अरुण ने गैराज मे कार बंद की. बाहर की लाइट बंद थी लेकिन अंदर से रोशनी आ रही थी. वो अंदर गया तो टीवी ऑन थी और सुप्रिया और स्नेहा एक साथ बैठे देख रहे थे. स्नेहा सुप्रिया की गोद मे सिर रखे हुए थी.

वो गया और उनके साथ बैठ गया.

"हे स्वीतू," सुप्रिया ने धीरे से कहा. स्नेहा उसकी गोद मे सिर रखे सो रही थी. "हाउ वाज़ युवर डेट?"

"वेल, अब वो पहले वाली एश तो नही रही." अरुण ने कहा

"वो कैसे?"

"उसके साथ ******* मे काफ़ी कुछ हुआ, और उसके मम्मी पापा का डाइवोर्स हो गया. वहाँ स्कूल मे वो फैल हो गयी तो वापस यहाँ आ गयी है."

"बेचारी. एनी आइडिया क्यूँ फैल हो गयी?"

"बाय्फ्रेंड प्रॉब्लम्स," अरुण ने पूरी बात बताना ठीक नही समझा. "मैं तो चला सोने, गुड नाइट."

"अरे एक सेकेंड," सुप्रिया आराम से उठाते हुए बोली. "मैं सोच रही थी, हम लोग कल चल सकते हैं तुम्हारे लिए नयी कार देखने."

अरुण मुस्कुरा दिया. "ओके."

वो उपर जाने लगा लेकिन फिर मूड गया. "दी को रूम तक पहुचाने मे हेल्प चाहिए?" उसने स्नेहा को देखकर कहा तो सुप्रिया ने मना कर दिया.

"गुड नाइट, दी."

"गुड नाइट, स्वीतू."

जैसे जैसे वो अपने कमरे की ओर बढ़ता गया टीवी की आवाज़ कम होती चली गयी. अपने कमरे के बाहर पहूचकर उसे कुछ याद आया तो वो आरोही के कमरे की ओर बढ़ गया. वो अंदर गया तो आरोही बस शॉर्ट्स ओर स्पोर्ट्स ब्रा मे थी. कंप्यूटर पर कुछ कर रही थी. अरुण के आने पर वो मुस्कुरा कर उसे देखने लगी. "हाउ वाज़ दा डेट?"

"फाइन." अरुण ने बेड पर बैठकर जवाब दिया.

कुछ देर तक दोनो एक दूसरे को देखते रहे.

"पुछोगे कि नही?" आरोही ने कहा.

अरुण ने हंसते हुए एक आह भरी. यही बात उसे आरोही के इतना करीब करती थी. वो हमेशा उसकी हर बात समझ जाती थी.

"मैं सोनिया के साथ....सो नही पाउन्गा." अरुण ने अपनी बात कही. तो आरोही उसे देखने लगी और उसे थोड़ी उम्मीद भी जागने लगी.

"मतलब, यार पता नही लेकिन उसके साथ मुझे थोड़ा अजीब लग रहा है...और ये नाइटमेर्स भी बढ़ गये हैं. आइ थिंक आइ नीड सम अलोन टाइम, लेकिन अब उसे ये बात नही बता पा रहा हूँ.." अरुण ने अपने हाथ जोड़ते हुए कहा.

"हुह?" आरोही बोली. अजीब लग रहा है तब तो बढ़िया है लेकिन उसे फोर्स भी तो नही किया जा सकता.

"सो आइ वाज़ वंडरिंग, इफ़ यू कुड हेल्प इन सम वे. क्या कहूँ उससे कि उसे बुरा भी ना लगे. आइ नो शी नीड सम्वन टू स्लीप लेकिन आइ कॅंट बी दट पर्सन राइट नाउ.." अरुण अपना सिर अपने हाथ मे करते हुए बोला.

"देखो, ये बात ठीक है कि तुम्हे अलोन टाइम की ज़रूरत है लेकिन उसके लिए तुम्हे बात खुद ही करनी पड़ेगी. बीते साल मे तुम और सोनिया काफ़ी करीब आए हो तो आइ थिंक यही बेटर होगा कि ये बात तुम ही बताओ. बाकी उसके साथ सोने की बात, तो वो मेरे साथ सो सकती है." आरोही उसका हाथ सहलाते हुए बोली.

"यू श्योर?"

"यप."

अरुण मुस्कुराते हुए उसके गाल पे किस करने को आगे बढ़ा तो आरोही को लगा कि बस एक बार वो अपने होठ उसके होंठो पर रख दे. बड़ी मुश्किल से खुद की गर्दन को सीधा रखा उसने. उसके बाद अरुण अपने कमरे की ओर चल दिया.

अंदर गया तो सोनिया जाग ही रही थी और दरवाजे की ओर ही देख रही थी. अरुण ने मुस्कुराते हुए हाथ हिला दिया और उसके पास आके बैठ गया. उसे समझ नही आ रहा था कि बात कैसे शुरू करे तो अपने मोबाइल को हाथ मे ही घुमाने लगा. उसने एक बार उसकी ओर देखा तो तुरंत ही उसके मन मे एक तस्वीर उभर आई जिसमे सोनिया ने एक सेक्सी सी नेग्लिजी पहनी थी और उसके हाथ मे कॅमरा है जिसे वो उसकी ओर बढ़ा रही थी. वो तुरंत ही अपना सिर हिलाने लगा.

"क्या हुआ?" सोनिया ने पूछा.

"नही नही कुछ नही...लिसन गुड़िया, आइ वान्ट टू अस्क सम्तिंग."

सोनिया उसे प्यार से देखने लगी. "भाई, व्हाटेवेर यू वान्ट जस्ट टेल मी."

अरुण ने थूक निगला और उसकी आँखो मे ही देखते हुए कहा. "ऐसा नही है मुझे तुम्हारे साथ टाइम स्पेंड करना अच्छा नही लग रहा बट आइ नीड सम अलोन टाइम अट नाइट.

मुझे ये नाइटमेर्स आ रहे हैं..आंड आइ नीड टू सॉर्ट आउट सम्तिंग्ज़ ऑन माइ ओन...आइ लव यू..आंड आइ नो कि तुम्हे ज़रूरत है किसी के साथ की लेकिन अभी मैं उस कंडीशन मे नही हूँ...तो मैने आरू से पूछा है..उसे कोई दिक्कत नही है तुम्हारे साथ सोने से. आइ होप यू अंडरस्टॅंड."

सोनिया के चेहरे का रंग फीका पड़ गया लेकिन वो बस हां मे सिर हिलाती रही. फिर एक स्माइल फोर्स्फुली अपने चेहरे पर ले आई.

"क्या भाई, इतनी सी बात के लिए इतना लंबा चौड़ा डिस्क्रिप्षन. आप सीधे कह देते ना कि मेरे साथ सोने मे अभी अनकंफर्टबल हो आंड यू नीड टाइम. आप टेन्षन मत लो, मुझे बुरा नही लगेगा. ओके, बाइ, स्वीट ड्रीम्स और वो डरावने बाले नही. ओके." उसने जल्दी से अरुण के गाल चूमे और तुरंत ही कमरे से निकल गयी.

अरुण पीछे बैठा उसे देखता रहा. फिर कुछ देर बाद कपड़े बदलकर सोने लगा.

**********

सोनिया उसके रूम से निकलकर दौड़ते हुए गयी और आरोही की गोद मे सिर रख के सिसकी लेने लगी. आरोही ने कुछ नही कहा बस उसका सिर सहलाती रही. दोनो को पता था कि क्या हुआ. कुछ देर बाद जब उसकी सिसकियाँ कम हो गयी तो आरोही ने उसके सिर को चूमा और उसके साथ ही सो गयी.

**********

अरुण सोने की कोशिश करते हुए सोचने लगा कि क्या उसने सही किया. कम से कम वो अपनी फीलिंग्स से ऑनेस्ट तो था. उसके मन मे सोनिया के साथ होते वक़्त ना जाने कैसे गंदे गंदे ख़याल आ रहे थे. इसीलिए उसे लगा कि कहीं कुछ ग़लत ना हो जाए उससे नींद मे. वो किसी को भी खास कर अपनी बहनों को उसकी वजह से तक़लीफ़ मे नही देखना चाहता था. और आख़िर हैं क्या ये तस्वीरें. क्या उसका दिमाग़ इतना गंदा हो गया है कि उसी की बहनों की ऐसी हरकते उसके मन मे आती हैं. माना कि ये चीज़े उसे उततेज़ीत करती हैं लेकिन फिर भी..

यही सब सोचते सोचते उसे नींद आने लगी और वो आँखें बंद करके नींद की गहराइयों मे चला गया.

***********

सूरज की किर्ने सुबह की हवा की चीरते हुए आरोही के कमरे मे दाखिल हुई. आरोही ने धीरे धीरे आँखें खोली तो उसकी आँखो के सामने गुलाबी होठ दिखे.

"सोनिया," उसने सोचा. सोनिया उससे कस्के चिपटी हुई थी, उसके होठ उसके होंठो से एक ही इंच की दूरी पर थे, दोनो के दूध एक दूसरे के बदन से चिपके हुए थे, दोनो की साँसें एक साथ उपर नीचे हो रही थी. सोनिया के होठ हल्के से खुले थे और उनकी गर्म साँसें आरोही के मूह से टकरा रही थी. उसने एक बार गहरी साँस ली तो अंदर एक भीनी मीठी खुसबू समेटने लगी. उधर उसके हिलने से सोनिया के सरीर मे भी हलचल हुई और वो उससे और चिपकते हुए अपने होठ आगे लाने लगी. आरोही ने भी मना नही किया और दोनो के होठ एक दूसरे के नज़दीक आते चले गये और कुछ ही पॅलो मे वो दूरी ख़तम हुई तो एक पल के लिए सब रुक गया. दो सेकेंड तक तो दोनो के होठ एक दूसरे के होंठो मे फसे रहे लेकिन तुरंत ही दोनो एक दूसरे को कस के चूमने लगे. सोनिया का हाथ आरोही के सिर के पीछे चला गया और वो कस के उसके सिर को खुद पर दबाने लगी. आरोही ने भी उसके गाल पर हाथ रख लिया और कस्के उसकी जीभ को चूसने लगी.

थोड़ी देर बाद जब दोनो साँस लेने के लिए अलग हुए तो दोनो के चेहरे पर हल्की स्माइल थी. "गुड मॉर्निंग," आरोही उसे छेड़ते हुए बोली. तो सोनिया ने नज़रे नीची कर दी, फिर दोबारा उसकी ओर देखने लगी. उसे आरोही की आँखे अरुण की याद दिलाने लगी. आरोही भी एक टक उसे देखे जा रही थी. अचानक आरोही ने दोबारा अपने होठ आगे बढ़ाए और उसके होंठो पर दबाती चली गयी. सोनिया के हाथ इस बार घूमते हुए उसके दूध पर पहुच गये और हल्के से दबा दिया. आरोही की आह निकल गयी. उसने होंठो को छोड़ कर उसकी गर्दन को चूम लिया. लेकिन फिर रुक गयी.

सोनिया उसे चौंक कर देखने लगी.

"आर यू ओके?" आरोही ने उसके गाल को सहलाते हुए पूछा.

सोनिया ने हां मे सिर हिला दिया और उसके सीने मे अपना सिर रख दिया. "आइ जस्ट मिस हिम." उसने कहा.

"मी टू," आरोही बोली और उसका सिर सहलाने लगी.

"दी," कुछ देर बाद सोनिया बोली.

"हां?"

"मुझे फिरसे किस करो ना,"

तो आरोही ने उसके सिर के पीछे हाथ रखा और उसके होंठो से अपने होठ जोड़ दिए.

Arun ne garrage me car band ki. Bahar ki light band thi lekin andar se roshni aa rahi thi. Wo andar gaya to TV on thi aur Supriya aur Sneha ek sath baithe dekh rahe the. Sneha Supriya ki god me sir rakhe hue thi.

Wo gaya aur unke sath baith gaya.

"Hey sweetu," Supriya ne dhire se kaha. Sneha uski god me sir rakhe so rahi thi. "How was your date?"

"Well, ab wo pehle wali Esha to nahi rahi."

"Wo kaise?"

"Uske sath ******* me kafi kuch hua, aur uske mummy papa ka divorce ho gaya. Waha school me wo fail ho gayi to wapas yahan aa gayi hai."

"Bechari. Any idea kyu fail ho gayi?"

"Boyfriend problems," Arun ne puri baat batana thik nahi samjha. "Main to chala sone, good night."

"Are ek second," Supriya aram se uthate hue boli. "Main soch rahi thi, hum log kal chal sakte hain tumhare liye nayi car dekhne."

Arun muskura diya. "Okay."

Wo upar jane laga lekin fir mud gaya. "Di ko room tak pahuchane me help chahiye?" usne Sneha ko dekhkar kaha to Supriya ne mana kar diya.

"Good night, di."

"Good night, sweetu."

Jaise jaise wo apne kamre ki or badhta gaya TV ki awaz kam hoti chali gayi. Apne kamre ke bahar pahuchkar use kuch yaad aaya to wo Aarohi ke kamre ki or badh gaya. Wo andar gaya to Aarohi bas shorts or sports bra me thi. Computer par kuch kar rahi thi. Arun ke aane par wo muskurakar use dekhne lagi. "How was the date?"

"Fine." Arun ne bed par baithkar jawab diya.

Kuch der tak dono ek dusre ko dekhte rahe.

"Puchoge ki nahi?" Aarohi ne kaha.

Arun ne hanste hue ek aah bhari. Yahi baat use Aarohi ke itna kareeb karti thi. Wo hamesha uski har baat samajh jati thi.

"Main Soniya ke sath....so nahi paunga." Arun ne apni baat kahi. To Aarohi use dekhne lagi aur use thodi ummeed bhi jagne lagi.

"Matlab, yaar pata nahi lekin uske sath mujhe thoda ajeeb lag raha hai...aur ye nightmares bhi badh gaye hain. I think I need some alone time, lekin ab use ye baat nahi bata paa raha hoon.." arun ne apne hath jodte hue kaha.

"Huh?" Aarohi boli. Ajeeb lag raha hai tab to badhiya hai lekin use force bhi to nahi kiya ja sakta.

"So I was wondering, if you could help in some way. Kya kahoon usse ki use bura bhi na lage. I know she need someone to sleep lekin I cant be that person right now.." Arun apna sir apne hath me karte hue bola.

"Dekho, ye baat thik hai ki tumhe alone time ki jarurat hai lekin uske liye tumhe baat khud hi karni padegi. Beete saal me tum aur Soniya kafi kareeb aaye ho to I

think yahi better hoga ki ye baat tum hi batao. Baki uske sath sone ki baat, to wo mere sath so sakti hai." Aarohi uska hath sehlate hue boli.

"You sure?"

"Yup."

Arun muskurate hue uske gaal pe kiss karne ko aage badha to Aarohi ko laga ki bas ek baar wo apne hoth uske hontho par rakh de. Badi mushkil se khud ki gardan ko seedha rakha usne. Uske baad arun apne kamre ki or chal diya.

Andar gaya to Soniya jag hi rahi thi aur darwaje ki or hi dekh rahi thi. Arun ne muskurate hue hath hila diya aur uske paas aake baith gaya. Use samajh nahi aa raha tha ki baat kaise shuru kare to apne mobile ko hath me hi ghumane laga. Usne ek baar uski or dekha to turant hi uske man me ek tasveer ubhar aayi jisme Soniya ne ek sexy si negligee pehni thi aur uske hath me camera hai jise wo uski or badha rahi thi. Wo turant hi apna sir hilane laga.

"Kya hua?" Soniya ne pucha.

"Nahi nahi kuch nahi...listen gudiya, I want to ask something."

Soniya use pyar se dekhne lagi. "Bhai, whatever you want just tell me."

Arun ne thook nigla aur uski ankho me hi dekhte hue kaha. "Aisa nahi hai mujhe tumhare sath time spend karna acha nahi lag raha but I need some alone time at night.

Mujhe ye nightmares aa rahe hain..and I need to sort out somethings on my own...I love you..and I know ki tumhe jarurat hai kisi ke sath ki lekin abhi main us

condition me nahi hoon...to maine aaru se pucha hai..use koi dikkat nahi hai tumhare sath sone se. I hope u understand."

Soniya ke chehre ka rang feeka pad gaya lekin wo bas haan me sir hilati rahi. Fir ek smile forcefully apne chehre par le aayi.

"Kya bhai, itni si baat ke liye itna lamba chauda description. Aap seedhe keh dete na ki mere sath sone me abhi uncomfortable ho and you need time. Aap tention mat lo, mujhe bura nahi lagega. Okay, bye, sweet dreams aur wo darawane bale nahi. okay." Usne jaldi se Arun ke gaal chume aur turant hi kamre se nikal gayi.

Arun piche baitha use dekhta raha. Fir kuch der baad kapde badalkar sone laga.

**********

Soniya uske room se nikalkar daudte hue gayi aur Aarohi ki god me sir rakh ke siski lene lagi. Aarohi ne kuch nahi kaha bas uska sir sehlati rahi. Dono ko pata tha ki kya hua. Kuch der baad jab uski siskiyan kam ho gayi to Aarohi ne uske sir ko chuma aur uske sath hi so gayi.

**********

Arun sone ki koshish karte hue sochne laga ki kya usne sahi kiya. Kam se kam wo apni feelings se honest to tha. Uske man me Soniya ke sath hote waqt na jane kaise gande gande khayal aa rahe the. Isiliye use laga ki kahi kuch galat na ho jaye usse neend me. Wo kisi ko bhi khanskar apni beheno ko uski wajah se taqleef me nahi dekhna chahta tha. Aur akhir hain kya ye tasveeren. Kya uska dimag itna ganda ho gaya hai ki usi ki beheno ki aisi harkate uske man me aati hain. Mana ki ye chize use uttezit karti hain lekin fir bhi..

Yahi sab sochte sochte use neend aane lagi aur wo ankhen band karke neend ki gehrayio me chala gaya.

***********

Suraj ki kirne subah ki hawa ki chirte hue Aarohi ke kamre me dakhil hui. Aarohi ne dhire dhire ankhen kholi to uski ankho ke samne gulabi hoth dikhe.

"Soniya," usne socha. Soniya use kaske chipati hui thi, uske hoth uske hontho se ek hi inch ki duri par the, dono ke doodh ek dusre ke badan se chipke hue the, dono ki saansein ek sath upar niche ho rahi thi. Soniya ke hoth halke se khule the aur unki garm saansein Aarohi ke muh se takra rahi thi. Usne ek baar gehri saans li to andar ek bheeni meethi khusboo sametne lagi. Udhar uske hilne se Soniya ke sareer me bhi halchal hui aur wo usse aur chipakte hue apne hoth aage lane lagi. Aarohi ne bhi mana nahi kiya aur dono ke hoth ek dusre ke najdeek aate chale gaye aur kuch hi palo me wo duri khatam hui to ek pal ke liye sab ruk gaya. Do second tak to dono ke hoth ek dusre ke hontho me fase rahe lekin turant hi dono ek dusre ko kas ke chumne lage. Soniya ka hath Aarohi ke sir ke piche chala gaya aur wo kas ke uske sir ko khud par dabane lagi. Aarohi ne bhi uske gaal par hath rakh liya aur kaske uski jeebh ko chusne lagi.

Thodi der baad jab dono saans lene ke liye alag hue to dono ke chehre par halki smile thi. "Good morning," Aarohi use chhedte hue boli. To Soniya ne najre nichi kar di, fir dobara uski or dekhne lagi. Use Aarohi ki ankhe Arun ki yaad dilane lagi. Aarohi bhi ek tak use dekhe ja rahi thi. Achanak Aarohi ne dobara apne hoth aage badhaye aur uske hontho par dabati chali gayi. Soniya ke hath is bar ghumte hue uske doodh par pahuch gaye aur halke se daba diya. Aarohi ki aah nikal gayi. Usne hontho ko chod kar uski gardan ko chum liya. Lekin fir ruk gayi.

Soniya use chowk kar dekhne lagi.

"Are you okay?" Aarohi ne uske gaal ko sehlate hue pucha.

Soniya ne haan me sir hila diya aur uske seene me apna sir rakh diya. "I just miss him." Usne kaha.

"Me too," Aarohi boli aur uska sir sehlane lagi.

"Di," Kuch der baad Soniya boli.

"Haan?"

"Mujhe firse kiss karo na,"

To Aarohi ne uske sir ke piche hath rakha aur uske hontho se apne hoth jod diye.

**********

 
Back
Top