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मेरी बहनें मेरी जिंदगी complete

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अरुण जान गया कि अब वो फस गया है. अगर उसने डेर चूज़ किया तो वो पक्का उसे रोहन को किस करने को कहेगी या फिर अपनी किसी बहेन के साथ कुछ सेक्षुयल. तो ट्रूथ. कोई और रास्ता ना देख कर उसने ट्रूथ ही चुना.

"तो किसका नाम ले रहे थे जब आरोही ने तुम्हे मास्टरबेट करते हुए पकड़ा?" आवाज़ ने कहा

"शिट." अरुण बोला. वो इस बारे मे बिल्कुल भूल ही गया था. "पेनाल्टी क्या है?"

"दिक्कत क्या है? बता दे सबको. वैसे भी तो तू उसको चोदता है तो कौनसा छोड़ के चली जाएगी." आवाज़ ने कहा

"मेरी तरह तुम्हे आरोही के बूब्स किस करने होंगे," निशा बोली.

"शिट," अरुण आरोही की ओर देखते हुए बोला. उसने अपने हाथों मे अपना सिर ले लिया और सोचने लगा.

"कम ऑन, बडी, ऐसे कुछ नही होने वाला," रोहन बोला.

एक गहरी सास के साथ अरुण ने राज खोल दिया. "ओके ऑलराइट. मेरे मूह से एक पॉइंट पर "ओह सोनिया" निकल गया,"

"मुझे लगा तुम दोनो एक दूसरे से नफ़रत करते थे," श्रुति ने क्यूरियस होते हुए पूछा.

सोनिया ने कंधे उचका दिए. "पर्स्पेक्टिव चेंज, दी."

"अब खुश?" अरुण ने आरोही से पूछा. तो सभी हँसने लगे और सोनिया हंसते हुए उसे देखने लगी. "यू रियली साइड दट?"

"यस," उसने जवाब दिया,"पता नही कैसे आख़िरी पॉइंट पर तुम्हारी पिक्चर मेरे दिमाग़ मे आ गयी. आरू की बच्ची ने सुन लिया और तबसे इसे यूज़ करने के लिए बेचैन थी."

"फन्नी ये है, कि उस टाइम तुम दोनो एक दूसरे का खून करने को दौड़ते थे," आरोही अभी भी हंस रही थी.

"रियली?" सोनिया अपने भाई के लिए एंबॅरस फील करते हुए बोली.

"अवव, हेल बडी, मैने भी रिया को एक बार यही करते हुए देखा था." रोहन हंसते हुए बोल पड़ा.

"रोहन!" रिया चिल्लाती हुई उसके उपर कूद पड़ी और उसे मारने लगी. रोहन ने उसके पकड़कर अपने पास बिठा लिया.

"मैं एक दिन लेट आया. और उस दिन मोम बाहर गयी हुई थी. तो इसके रूम से बज़्ज़िंग की आवाज़ आ रही थी, मैने अंदर झाँका तुरंत ही ये बोल पड़ी,'ओह रोहन, यस'."

रिया का चेहरा शर्म से पूरा का पूरा लाल हो गया. "दट'स नोट फन्नी." वो शर्म से हंसते हुए बोली.

"और वो बज़्ज़िंग की आवाज़?" स्नेहा ने पूछा तो सभी उसकी मासूमियत पर हँसने लगे. स्नेहा को सच मे नही पता था कि वो किस की आवाज़ थी. सोनिया उसके पास आई और कान मे बोल दी. "ऊओ," उसने कुछ सेकेंड्स बाद कहा."ओह माइ."

"ओके, हम सबके कुछ डर्टी सीक्रेट हैं. इतने अजीब भी नही है ये बात. इनफॅक्ट, आइ'व गॉट आ डॅडी फॅंटेसी."

"मेरी सिस के बूब्स देखें हैं?" रोहित बोला उसके बाद तो सभी दोबारा हँसने लगे और दोबारा उसके सीने पर हाथ पड़ा.

"हू'ज नेक्स्ट?" रोहन ने पूछा.

"अरुण, आइ थिंक." स्नेहा बोली.

अरुण चारो तरफ नज़रे फिराता रहा और रोहन पर आके रुक गया. "रोहन, ट्रूथ ऑर डेर?"

"आ, ट्रूथ," रोहन ने सोचकर कहा.

अरुण कुछ देर सोचता रहा फिर एक मुस्कान आ गयी उसके चेहरे पर.

"ज़्यादा स्मार्ट बनाने की कोशिश मत करना. तू चूतिया दिखेगा और सभी तुझ पर हंस रहे होंगे."

अरुण ने उसे इग्नोर कर दिया. "तो तुमने अपनी बहेन को एंबॅरस किया और मुझे मेरी बहेन ने...तो क्या तुमने कभी तुम्हारे मन मे अपनी बहेन के लिए ऐसे ख़याल आए?"

सभी दोनो की तरफ ध्यान से देखने लगे. रोहन कोई जवाब सोच रहा था. "शुवर, आइ थिंक हर कोई एक ना एक बार तो सोचता ही है." रोहन ने असमततेरोफ्फकत की टोन मे बोल दिया.

रिया के चेहरे पर अजीब भाव थे. उसकी पकड़ अरुण पर ढीली हो गयी थी लेकिन उसका उपरी हिस्सा भी लाल था. रोहन उसी टाइम एक्सक्यूस माँग कर बाथरूम की तरफ चला गया. सुप्रिया तभी उठी और बोली कि रात बहुत हो गयी है और सबको वहाँ से हटने को कहा.

रोहन बाहर आया और बियर को उठाकर पीने लगा.

"अरे रोहन, रात काफ़ी हो गयी है. और हमारे घर का रूल है, ड्रिंक आंड ड्राइव नोट अलोड. तो आज रात यही रह लो." अरुण उसके साथ बियर पीते हुए बोला. तो जब वो लोग रुकने वाले थे तो कुछ देर और ट्रूथ ऑर डरे खेला और कुछ बियर पी. आधी रात तक गेम्स और ड्रिंकिंग चलती रही तो सभी अंदर चलने लगे.

सुप्रिया ने अपना रूम रोहन को दे दिया और खुद सोनिया के रूम मे चली गयी. रिया अरुण के रूम की ओर जा रही थी, तो रोहन ने उसे पकड़ लिया और सुप्रिया के रूम की ऑर ईशर किया,"नोट सो फास्ट, तुम बेड ले सकती हो, मैं फर्श पर सो जाउन्गा."

श्रुति गेस्ट रूम मे चली गयी. निशा और आरोही बातें करते हुए अपने रूम मे चली गयी. और अरुण अपने बेड पर और रोहन फर्श पर गद्दे पर सो गया. अरुण ने सोने से पहले उसके उपर चादर डाल दी.

एक बार नीचे जाकर उसने लॉक्स चेक किया फिर अपने बेड पर आकर तुरंत ही सो गया.

*****************

"मुझे यकीन नही होता, तुमने सबको वो बात बताई," रिया सुप्रिया के बेड पर बैठे हुए बोली.

"ऑ कम ऑन, रिया, इट वाज़ फन. किसी को कुछ याद नही रहने वाला. सभी तो बियर पी रहे थे." रोहन हंसते हुए बोला और अपनी टीशर्ट को उतार कर भीगे बॉक्सर्स भी उतारने लगा. कमरे मे अंधेरा था लेकिन रिया ने ये तो देख ही लिया कि वो नीचे से नंगा है.

"तुम यहाँ भी ऐसे ही सो जाओगे? दिस इस्न'ट अवर हाउस!"

रोहन ने नीचे देखा और कंधे उचका दिया. "कम ऑन, तुमने मुझे पहले भी ऐसे देखा है, उपर से मैने डोर लॉक कर दिया है. और सबसे मैं बात, मुझे क्या पता था हम लोग रात को रुकेंगे नही तो मैं एक और बॉक्सर नही ले आता."

"फिर भी," वो ध्यान से उसकी कमर की ओर देखते हुए बोली. उसे चादर की आवाज़ सुनाई पड़ी, फिर कुछ देर बाद चादर हिलने की आवाज़ आई और तुरंत ही सीलिंग फॅन चलने की आवाज़ आने लगी.

"रोहन, तुम्हे फर्श पर सोने की ज़रूरत नही है. आइ कॅन शेर वित यू. यू'रे माइ ब्रदर आफ्टर ऑल."

"पक्का ना? कोई दिक्कत नही है?" उसने ज़मीन से ही पूछा.

"यॅ, वैसे भी मुझे पता है तुम्हे ज़मीन पर नींद नही आती. कम ऑन," वो साइड मे होती हुई बोली. वैसे भी सुप्रिया का बेड काफ़ी बड़ा था कि आराम से 4 से 5 लोग अड्जस्ट हो सकते थे.

रोहन भी अपनी चादर लेके वहाँ आ गया और गेम्स और नंगी लड़कियों के बारे मे सोचते हुए सोने लगा. उसे काफ़ी खुशी थी कि वो आरोही के साथ डेट कर रहा था. रोहित भी काफ़ी सही लड़का था, फन्नी आंड ऑल. और उसकी बहेन के बूब्स भी मस्त हैं जस्ट लाइक आरोही. आख़िरकार ये सोचते हुए वो सो गया.

रात मे आरोही आई. वो उसके पास चादर मे घुस गयी तो उसे पता चला कि वो नंगी है. उसका नंगा बदन उसके साथ चिपकने लगा. उसे महसूस हुआ कि उसका लंड खड़ा होकर उसकी कमर छू रहा है. उसकी स्मेल बहुत ही अच्छी थी, और उसका अहसास बिल्कुल फूलों की तरह, ये सोचते हुए उसने अपने हाथ से उसे अपने करीब कर लिया. उसने भी अपने चूतड़ हिलाकर लंड को अपने पैरो के बीच कर लिया और उसके लंड को अपनी चूत पर महसूस करने लगी.

कसमसाते हुए उसने अपने चूतड़ को थोड़ा और हिलाया तो उसका लंड उसकी चूत के अंदर चला गया और दोनो की सासें भारी हो गयी. रोहन ने अपना हाथ उसकी कमर पर रखा और अपनी तरफ मोड़ दिया फिर उसके पैरो को थोड़ा खोलकर हल्के से लंड को अंदर डाल दिया. "चोदो मुझे," उसकी आवाज़ बिल्कुल धीमी थी. "ओह यअहह, अरुण चोदो मुझे.." उसकी आवाज़ उसके कानो मे पड़ी.

रोहन वही पर जम गया. उसने तुरंत ही आँखें खोली तो चौंक कर पीछे हट गया. उसे समझ ही नही आया कि वो सपना देख रहा है कि रियल लाइफ. उसने नीचे देखा तो अंधेरे मे एक साया अपनी कमर को उसकी कमर से जोड़े हुए थे.

"कम ऑन, फक मी," उसने दोबारा कहा. ये आरोही नही थी. हो क्या रहा है? उसने लंड को बाहर निकाल लिया.

"ओह्ह्ह, प्लीज़, रूको मत," एक विनती की आवाज़ आई.

"ओह शिट, हे भगवान," उसने दूसरी तरफ मूह करते हुए सोचा. ये तो रिया की आवाज़ थी. 'फक,' उसने सोचा.

उधर उसने महसूस किया कि वो उसकी तरफ मूडी और उसकी पीठ को सहलाते हुए लंड को पकड़कर उपर नीचे करने लगी.

"रिया, स्टॉप." रोहन ने कहा.

तुरंत ही दोनो रुक गये, कोई कुछ कहना नही चाह रहा था. आख़िरकार कुछ देर बाद रिया ने उसके लंड को छोड़ दिया लेकिन लंड उसी स्थिति मे रहा.

"रोहन?" उसने पूछा.

"सो जाओ, बस एक सपना था." रोहन बोला.

रिया कुछ देर शांति से वैसे ही लेटी रही. "रोहन." इस बार ये सवाल नही था. वो कन्फर्म कर रही थी कि ये रोहन था.

"रिया, सो जाओ. हम लोग इस बारे मे बाद मे बात करेंगे," वो बोला.

"रोहन, प्लीज़ इधर देखो." रिया ज़ोर देते हुए बोली.

"क्या है रिया," रोहन उसकी तरफ मुड़ा लेकिन उसने उसकी तरफ देखा नही.

"हमे कल नही, अभी बात करनी होगी," उसने कहा.

"इट वाज़ जस्ट आ मिस्टेक, रिया."

"क्या सच मे?" उसने पूछा.

"ऑफ कोर्स, यार. ये ग़लत है. यू'आर माइ सिस्टर."

"तो फिर मुझे ये सब अच्छा क्यू लगा, और मैं अभी तक एग्ज़ाइटेड क्यू हूँ?" उसने पूछा.

रोहन ने अपने आँखें बंद कर ली. "कम ऑन रिया," वो अपनी आँखो को मलते हुए बोला.

"कम ऑन व्हाट? कम से कम मैं सच तो बोल रही हूँ," उसने कहा.

"और मैं नही बोल रहा?" रोहन ने पूछा.

रिया ने खुद को उठाया और उसके सीने पर एक हाथ रखा और एक पैर उसके पैर पर रख दिया.

"तो बताओ कितनी बार तुमने मेरे बारे मे सोचा है? हमारे बारे मे सोचा है?" उसने पूछा.

"स्टॉप इट, आइ डोंट वॉंट टू प्ले गेम्स."

"रोहन, आइ'म नोट प्लेयिंग गेम्स," उसने कॉन्फिडेन्स से कहा. "मेरे मन मे तबसे तुम्हारे बारे मे ख़याल आ रहे थे जबसे मुझे अरुण और उसकी बहनों के बारे मे पता चला."

रोहन को कुछ समझ मे ही नही आया.

"रिया, व्हाट आर यू टॉकिंग अबाउट?"

रिया ने अपना हाथ उसके पेट पर घुमाना शुरू कर दिया. "अरुण अपनी सभी बहेनॉ के साथ सेक्स करता है."

इस जवाब ने उसको हिला के रख दिया. "आर यू फक्किंग सीरीयस? आरोही के साथ भी?," उसने पूछा.

"हां," रिया बोली, और अपना हाथ गोल गोल घूमाते हुए उसके गुप्त अंगो की तरफ ले जाने लगी,"आरोही के साथ भी."

"दट'स क्रेज़ी," उसने कहा.

"ये वो कह रहा है जो अभी कुछ देर पहले अपनी ही बहेन के साथ वही कर रहा था, और दिख तो रहा है कि तुम्हे वो काफ़ी पसंद भी आया." उसने कहा और अपना हाथ धीरे से उसके लंड पर रख दिया. "देखो, तुम्हारा ये अभी तक खड़ा है."

"वो..अलग बात है," उसने कहा. "मैने वो जानबूझकर नही किया था. मैं तो सपना देख रहा था और मुझे लगा कि तुम आरोही हो."

"तो फिर तुम्हारा ये अभी तक खड़ा क्यूँ है?" उसने अपनी उंगली सुपाडे पर घूमाते हुए कहा. "कह दो, कि तुम्हे मज़ा नही आ रहा," उसने धीरे धीरे उसकी खाल को उपर नीचे करते हुए कहा.

"रिया.." वो बोलने की कोशिश करने लगा.

"रोहन," रिया उसका नाम लेके उसके उपर खिसकने लगी, उसका लंड उसकी चूत के बिल्कुल नीचे आ गया. "अगर तुम कहोगे तो मैं रुक जाउन्गी," उसने कहा.

Arun jan gaya ki ab wo fas gaya hai. Agar usne dare choose kiya to wo pkka use Rohan ko kiss karne ko kahegi ya fir apni kisi behen ke sath kuch sexual. To truth. Koi aur rasta na dekh kar usne Truth hi chuna.

"To kiska naam le rahe the jab Aarohi ne tumhe masturbate karte hue pakda?"

"Shit." Arun bola. Wo is bare me bilkul bhul hi gaya tha. "Penalty kya hai?"

"Dikkat kya hai? Bata de sabko. Waise bhi to tu usko chodta hai to kaunsa chod ke chali jayegi."

"Meri tarah tumhe Aarohi ke boobs kiss karne honge," Nisha boli.

"Shit," Arun Aarohi ki or dekhte hue bola. Usne apne hathon me apna sir le liya aur sochne laga.

"Come on, buddy, aise kuch nahi hone wala," Rohan bola.

Ek gehri saas ke sath Arun ne raaj khol diya. "Okay alright. Mere muh se ek point par "Oh Soniya" nikal gaya,"

"Mujhe laga tum dono ek dusre se nafrat karte the," Shruti ne curious hote hue pucha.

Soniya ne kandhe uchka diye. "Perspective change, di."

"Ab khush?" Arun ne Aarohi se pucha. To sabhi hansne lage aur Soniya hanste hue use dekhne lagi. "You really said that?"

"Yes," Usne jawab diya,"Pta nahi kaise akhiri point par tumhari picture mere dimag me aa gayi. Aaru ki bachi ne sun liya aur tabse ise use karne ke liye bechain thi."

"Funny ye hai, ki us time tum dono ek dusre ka khoon karne ko daudte the," Aarohi abhi bhi hans rahi thi.

"Really?" Soniya apne bhai ke liye embarrass feel karte hue boli.

"Aww, hell buddy, maine bhi Riya ko ek bar yahi karte hue dekha tha." Rohan hanste hue bol pada.

"Rohan!" Riya chillati hui uske upar kood padi aur use marne lagi. Rohan ne uske pakadkar apne paas bitha liya.

"Main ek din late aaya. Aur us din mom bahar gayi hui thi. To iske room se buzzing ki awaz aa rahi thi, maine andar jhaka turant hi ye bol padi,'Oh Rohan, yes'."

Riya ka chehra sharm se pura ka pura laal ho gaya. "That's not funny." Wo sharm se hanste hue boli.

"Aur wo buzzing ki awaz?" Sneha ne pucha to sabhi uski masumiyat par hansne lage. Sneha ko sach me nahi pata tha ki wo kiss ki awaz thi. Soniya uske paas aayi aur kaan me bol di. "Ooohhh," usne kuch seconds baad kaha."Oh my."

"Okay, hum sabke kuch dirty secret hain. Itnai ajib bhi nahi hai ye baat. Infact, I've got a daddy fantasy."

"Meri sis ke boobs dekhen hain?" Rohit bola uske baad to sabhi dobara hansne lage aur dobara uske seene par hath pada.

"Who's next?" Rohan ne pucha.

"Arun, I think." Sneha boli.

Arun charo taraf najre firata raha aur Rohan par aake ruk gaya. "Rohan, truth or dare?"

"Ahh, truth," Rohan ne sochkar kaha.

Arun kuch der sochta raha fir ek muskan aa gayi uske chehre par.

"Jyada smart banane ki koshish mat karna. Tu chutiya dikhega aur sabhi tujh par hans rahe honge."

Arun ne use ignore kar diya. "To tumne apni behen ko embarrass kiya aur mujhe meri behen ne...to kya tumne kabhi tumhare man me apni behen ke liye aise khayal aaye?"

Sabhi dono ki taraf dhyan se dekhne lage. Rohan koi jawab soch raha tha. "Sure, I think har koi ek na ek bar to sochta hi hai." Rohan ne asamatteroffact ki tone me bol diya.

Riya ke chehre par ajib bhav de. Uski pakad Arun par dheeli ho gayi thi lekin uska upari hissa bhi laal tha. Rohan usi time excuse mang kar bathroom ki taraf chala gaya. Supriya tabhi uthi aur boli ki raat bahut ho gayi hai aur sabko waha se hatne ko kaha.

Rohan bahar aaya aur beer ko uthakar pine laga.

"Are Rohan, raat kafi ho gayi hai. Aur hamare ghar ka rule hai, drink and drive not allowed. To aaj raat yahi reh lo." Arun uske sath beer peete hue bola. To jab wo log rukne wale the to kuch der aur truth or dare khela aur kuch beer pi. Aadhi raat tak games aur drinking chalti rahi to sabhi andar chalne lage.

Supriya ne apna room Rohan ko de diya aur khud Soniya ke room me chali gayi. Riya Arun ke room ki or ja rahi thi, to Rohan ne use pakad liya aur Supriya ke room ki or ishar kiya,"Not so fast, Tum bed le sakti ho, main farsh par so jaunga."

Shruti guest room me chali gayi. Nisha aur Aarohi batein karte hue apne room me chali gayi. Aur Arun apne bed par aur Rohan fars par gadde par so gaya. Arun ne sone se pehle uske upar chadar daal di.

Ek baar niche jakar usne locks chek kiya fir apne bed par aakar turant hi so gaya.

*****************

"Mujhe yakeen nahi hota, tumne sabko wo baat batayi," Riya Supriya ke bed par baithe hue boli.

"Aw come on, Riya, it was fun. Kisi ko kuch yaad nahi rehne wala. Sabhi to beer pi rahe the." Rohan hanste hue bola aur apni tshirt ko utar kar bhige boxers bhi utarne laga. Kamre me andhera tha lekin Riya ne ye to dekh hi liya ki wo niche se nanga hai.

"Tum yahan bhi aise hi so jaoge? This isn't our house!"

Rohan ne niche dekha aur kandhe uchka diya. "Come on, tumne mujhe pehle bhi aise dekha hai, upar se maine door lock kar diya hai. Aur sabse main baat, mujhe kya pata tha hum log raat ko rukenge nahi to main ek aur boxer nahi le aata."

"Fir bhi," wo dhyan se uski kamar ki or dekhte hue boli. Use chadar ki awaz sunai padi, fir kuch der bad chadar hilne ki awaz aayi aur turant hi ceiling fan chalne ki awaz aane lagi.

"Rohan, tumhe fars par sone ki jarurat nahi hai. I can share with you. You're my brother after all."

"Pkka na? Koi dikkat nahi hai?" Usne jameen se hi pucha.

"Yeah, waise bhi mujhe pata hai tumhe jameen par nind nahi aati. Come on," Wo side me hoti hui boli. Waise bhi Supriya ka bed kafi bada tha ki aram se 4 se 5 log ajust ho sakte the.

Rohan bhi apni chadar leke waha aa gaya aur games aur nangi ladkiyon ke bare me sochte hue sone laga. Use kafi khushi thi ki wo Aarohi ke sath date kar raha tha. Rohit bhi kafi sahi ladka tha, funny and all. Aur uski behen ke boobs bhi mast hain just like Aarohi. Akhirkar ye sochte hue wo so gaya.

Raat me Aarohi aayi. Wo uske paas chadar me ghus gayi to use pata chala ki wo nangi hai. Uska nanga badan uske sath chipkane laga. Use mahsoos hua ki uska lund khada hokar uski kamar chu raha hai. Uski smell bahut hi achi thi, aur uska ahsaas bilkul foolon ki tarah, ye sochte hue usne apne hath se use apne kareeb kar liya. Usne bhi apne chootad hilakar lund ko apne pairo ke beech kar liya aur uske lund ko apni choot par mahsoos karne lagi.

Kasmasate hue usne apne chootad ko thoda aur hilaya to uska lund uski choot ke andar chala gaya aur dono ki saasein bhari ho gayi. Rohan ne apna hath uski kamar par rakha aur apni taraf mod diya fir uske pairo ko thoda kholkar halke se lund ko andar daal diya. "Chodo mujhe," uski awaz bilkul dheemi thi. "Oh yeahh, Arun chodo mujhe.." uski awaz uske kano me padi.

Rohan wahi par jam gaya. Usne turant hi ankhen kholi to chowk kar piche hat gaya. Use samajh hi nahi aaya ki wo sapna dekh raha hai ki real life. Usne niche dekha to andhere me ek saaya apni kamr ko uski kamar se jode hue the.

"Come on, fuck me," usne dobara kaha. Ye Aarohi nahi thi. Ho kya raha hai? Usne lund ko bahar nikal liya.

"Ohhh, please, ruko mat," ek vinti ki awaz aayi.

"oh shit, hey bhagwan," usne dusri taraf muh karte hue socha. Ye to Riya ki awaz thi. 'Fuck,' usne scoha.

Udhar usne mahsoos kiya ki wo uski taraf mudi aur uski peeth ko sehlate hue lund ko pakadkar upar niche karne lagi.

"Riya, stop." Rohan ne kaha.

Turant hi dono ruk gaye, koi kuch kehna nahi chah raha tha. Akhirkar kuch der baad Riya ne uske lund ko chod diya lekin lund usi state me raha.

"Rohan?" Usne pucha.

"So jao, bas ek sapna tha." Rohan bola.

Riya kuch der shanti se waise hi leti rahi. "Rohan." Is bar ye sawal nahi tha. Wo confirm kar rahi thi ki ye Rohan tha.

"Riya, so jao. Hum log is bare me baad me baat karenge," Wo bola.

"Rohan, please idhar dekho." Riya jor dete hue boli.

"Kya hai Riya," Rohan uski taraf muda lekin usne uski taraf dekha nahi.

"Hume kal nahi, abhi baat karni hogi," Usne kaha.

"It was just a mistake, Riya."

"Kya sach me?" Usne pucha.

"Of course, yaar. Ye galat hai. You're my sister."

"To fir mujhe ye sab acha kyu laga, aur main abhi tak excited kyu hoon?" usne pucha.

Rohan ne apne ankhen band kar li. "Come on Riya," wo apne ankho ko malte hue bola.

"Come on what? Kam se kam main sach to bol rahi hoon," usne kaha.

"Aur main nahi bol raha?" Rohan ne pucha.

Riya ne khud ko uthaya aur uske seene par ek hath rakha aur ek pair uske pair par rakh diya.

"To batao kitni baar tumne mere bare me socha hai? Hamare bare me socha hai?" usne pucha.

"Stop it, I dont want to play games."

"Rohan, I'm not playing games," usne confidence se kaha. "Mere man me tabse tumhare bare me khayal aa rahe the jabse mujhe Arun aur uski behno ke bare me pata chala."

Rohan ko kuch smajh me hi nahi aaya.

"Riya, what are you talking about?"

Riya ne apna hath uske pet par ghumana shuru kar diya. "Arun apni sabhi beheno ke sath sex karta hai."

Is jawab ne usko hila ke rakh diya. "Are you fucking serious? Aarohi ke sath bhi?," Usne pucha.

"Haan," Riya boli, aur apna hath gol gol ghumate hue uske gupt ango ki taraf le jane lagi,"Aarohi ke sath bhi."

"That's crazy," usne kaha.

"Ye wo keh raha hai jo abhi kuch der pehle apni hi behen ke sath wahi kar raha tha, aur dikh to raha hai ki tumhe wo kafi pasand bhi aaya." usne kaha aur apna hath dhire se uske lund par rakh diya. "Dekho, tumhara ye abhi tak khada hai."

"Wo..alag baat hai," usne kaha. "Maine wo janbujhkar nahi kiya tha. Main to sapna dekh raha tha aur mujhe laga ki tum Aarohi ho."

"To fir tumhara ye abhi tak khada kyu hai?" usne apni ungli supade par ghumate hue kaha. "Keh do, ki tumhe maja nahi aa raha," usne dhire dhire uski khal ko upar niche karte hue kaha.

"Riya.." wo bolne ki koshish karne laga.

"Rohan," Riya uska naam leke uske upar khiskane lagi, uska lund uski choot ke bilkul neeche aa gaya. "Agar tum kahoge to main ruk jaungi," usne kaha.

 


रोहन अपनी आँखें बंद करके हिम्मत जुटा रहा था कि उसे अपने उपर से हटा सके. लेकिन फिर उसके मन मे आने लगा कि वो खुद यही चाहता था.

उसने अपने हाथों से उसे दबा दिया और अपनी कमर हिलाकर लंड को चूत के अंदर दाखिल कर दिया.

"आइ'व ऑल्वेज़ लव्ड यू, बिग ब्रदर." उसने कहा और अपने होठ रोहन के होठों पर रख दिए. रोहन के हाथ उसके दोनो चुतड़ों पर चले गये और हल्का सा झटका देकर लंड को और अंदर डाल दिया.

"रिया ये ग़लत तो नही है ना?" रोहन ने पूछा.

"रोहन, बेबी, शट अप और चोदो मुझे."

रिया के मूह से ऐसी बात सुन के उससे रहा नही गया और उसने पूरा झटका देकर लंड को अंदर डाल दिया.

"युवर स्मेल सो गुड," उसने बहुत धीरे से कहा. रिया उसका सहारा लेकर उठी और दोबारा बैठ गयी, उसका लंड उसकी चूत मे रॉकेट की तरह मज़े की लहरे छोड़ रहा था जो दोनो को आनंद की एक नयी दुनिया मे ले जा रही थी.

रोहन के पास शब्द नही थे इस एहसास को बयान करने के. जितना कि उसे ये ग़लत लग रहा था उतना ही मज़ा भी दे रहा था. रिया की पूरी बॉडी उसे कब्ज़े मे लेना चाह रही थी, उसके हाथ कस्के उसे पकड़े हुए थे, उसके पैर उसके पैरो मे उलझे, उसके बाल रोहन के चेहरे पर लिपटे, उसके होठ रोहन की गर्दन पर और उसकी चूत उसके लंड को बस चूसे जा रही थी.

दोनो एक दूसरे के एहसास मे इतना खोए थे कि किसी ने दरवाजा खुलने की आवाज़ तक नही सुनी.

"ओह, रिया," रोहन ने कहा, और उसी वक़्त दरवाजा हल्के से बंद हो गया जो कि उसे फिर से सुनाई नही दिया.

"ओह, भाई, आइ'म कमिंग." रिया धीरे से बोली और अपनी कमर को बहुत तेज़ी से चलाने लगी, हर धक्के के साथ उसकी स्पीड तेज होने लगी. रोहन ने उसे कस के खुद से सटा लिया और धक्को की ताक़त बढ़ा कर उसे मज़ा देने लगा.

रिया झड़ते हुए काँपने लगी, उसकी चूत पूरे तरीके से उसके लंड को अपने अंदर निचोड़ने लगी. उसने सास लेने के लिए मूह खोला. रोहन भी उसी टाइम झड़ने लगा और दोनो एक दूसरे को सासें देते हुए एक साथ झड़ने लगे.

फिर दोनो एक साथ बेड पर गिर पड़े, रिया अपने भाई के उपर ही गिर कर सो गयी.

********

आरोही निशा को संभालते हुए अपने बेडरूम मे ले गयी. निशा को कुछ ज़्यादा ही चढ़ गयी थी. आरोही ने उसे बेड पर लिटा दिया और सोचने लगी कि उसे टीशर्ट पहना दे या ऐसे ही नंगा सोने दी.

"छोड़ो," ये बोलकर वो खुद भी उसके पास बिस्तर पर लेट गयी. आँख बंद करते ही वो नींद के आगोश मे जाने लगी. नींद मे वो सपने देखने लगी लेकिन अरुण के नही. उसके सपने मे सुप्रिया थी. उसने सुप्रिया को बेड पर रस्सी से बाँध रखा था वो भी नंगा और उसके बदन पर पंख से गुदगुदी कर रही थी. उसने पंख को उसकी चूत पर रखा फिर उसकी चूत को मूह मे डाला.

सपना देखते देखते ही उसने अपने पास लेटी निशा के साथ छेड़खानी शुरू कर दी. निशा के दूधों को अपने हाथ मे लेकर वो उन्हे मसलने लगे. तभी उसकी आँख खुली और उसे रियलाइज़ हुआ कि वो किसके साथ ये सब कर रही थी. उसने तुरंत ही करवट ली तो कुछ समझ पाने से पहले ही धड़ से ज़मीन मे गिर पड़ी.

"ओह, शिट.." वो दोबारा बिस्तर पर चढ़ने लगी. लेकिन तभी उसके मन मे एक ख़याल आया.

सुप्रिया अपने रूम मे होगी. ये सोचकर वो धीरे से अपने रूम से होती हुई नीचे जाने लगी. जैसे ही वो उसके रूम के बाहर पहुचि उसने कमरे के अंदर से आह की आवाज़ सुनी, उसे लगा कि अरुण से रहा नही गया तो वो नीचे चला आया होगा. उसने मुस्कुराते हुए धीरे से दरवाजा खोला तो अंदर देखकर वही जम गयी.

"ओह, रिया," आवाज़ आई. ये तो अरुण की आवाज़ नही थी, उसे महसूस हुआ उसने तुरंत ही धीरे से दरवाजा बंद किया और अपने बेड पर आकर जो कुछ उसने सुना उसके बारे मे सोचने लगी. क्या उनका प्लान काम कर गया था?

********

अरुण अगली सुबह उठा तो कमरे मे बड़े तेज खर्राटे की आवाज़ गूँज़ रही थी.

"ये तो बिल्कुल जानवर की तरह सोता है."

उसने साइड मे देखा तो उसकी कुर्सी पर आरोही मुस्कुराते हुए उसे देख रही थी. उसने उसी की टीशर्ट, और सिर्फ़ पैंटी पहनी थी. सुबह की वजह से उसके बाल बिखरे थे जो उसे और सेक्सी बना रहे थे.

अरुण ने पास पड़ी तकिया नीचे लेटे रोहित के मूह पर मारी, लेकिन कोई फ़र्क नही पड़ा.

"आइ हॅव सम न्यूज़, माइ डियर ब्रदर." आरोही ने उससे कहा.

अरुण तुरंत ही उसकी ओर देखने लगा.

आरोही बिल्कुल ऐसे लग रही थी कि बस अगर उसने ये बात और देर पेट मे रखी तो पेट फाड़ कर बाहर आ जाएगी.

"प्लान वाज़ आ सक्सेस," उसने हल्के से ताली बजाते हुए कहा.

अरुण ने अजीब सा मूह बना लिया फिर उसे ध्यान आया कि वो किस प्लान के बारे मे बात कर रही थी तो उसका मूह खुलता चला गया.

"नो वे.." उसने कहा.

"यप," आरोही दाँत दिखाते हुए बोली. "मैं रात मे दी के कमरे मे गयी तो मैने एक आवाज़ सुनी. मैने सोचा तुम्हे ठरक चढ़ि होगी, तो मैने डोर खोलकर अंदर देखा. तो कोई "ओह रिया" बोला. मुझे पक्का तो नही पता लेकिन ये डफर तो यहाँ सो रहा है, और मुझे नही लगता तुम थे."

अरुण उसकी बात के बारे मे सोचने लगा.

"सीरियस्ली?" उसने पूछा.

आरोही ने हां मे सिर हिला दिया आंड मुस्कुरा दी. "अब हमारे पास भी रिया के खिलाफ हथियार है. अब अगर उसने तुम्हारे उपर डोरे डालने की कोशिश की तब मैं उसे बताउन्गी."

अरुण के चेहरे पर भी मुस्कान बढ़ने लगी. "मुझे नही लगता बात इतनी आगे बढ़ेगी अब?" उसने कहा.

इस बार आरोही कन्फ्यूज़ हो गयी. "व्हाट डू यू मीन?"

"देखो, अगर रोहन को 20% भी उतना मज़ा आया होगा जितना कि मुझे तुम्हारे साथ आता है तो वो दोनो कभी किसी और के साथ नही करने वाले. आइ थिंक वो तुम्हे मेसेज या कॉल से बता देगा कि यू गाइस डॉन'ट वर्क आउट या फिर कुछ और."

आरोही हंसते हुए आगे बढ़ी और अरुण के होठों को चूम कर बाहर जाने लगी.

"अरे, आरू," अरुण बोला,"मैं तुम्हारी उस बात के बारे मे सोच रहा था, वो बात मानने वाली."

आरोही हंस के उसे देखने लगी. "कुछ करने का आदेश है?" उसने हंसते हुए पूछा.

"स्टॉप दट," अरुण तुरंत ही बोला. "मैं ऐसा कुछ नही करने वाला, मैं बस सोच रहा था."

"जब कोई आदेश हो तो बता देना." आरोही अपनी गान्ड उसकी ओर हिलाते हुए बोली.

"आक्च्युयली," अरुण ने कहा. "एक चीज़ थी..अपनी पैंटी दो," उसने बिल्कुल ऑर्डर देने वाली टोन मे कहा.

मुस्कुराते हुए तुरंत ही आरोही ने अपनी पैंटी निकाली जो की वाइट कलर की थी वित पिंक हार्ट्स, बिल्कुल लड़कियों वाली. उसने वही से उसकी ओर फेक दी.

"यू कॅन गो," अरुण ने हंसते हुए कहा.

जाने से पहले आरोही आगे की तरफ झुकी और अपनी नंगी गान्ड उसे दिखाने लगी. "जैस आप कहे, मालिक."

तुरंत ही खांसने की आवाज़ आई तो आरोही भाग खड़ी हुई. नीचे रोहित नींद मे खांस रहा था. कुछ देर बाद वो भी उठ गया.

"मुझे कोई मिली क्या?" उसने उठाते ही अंगड़ाई लेते हुए पूछा.

"नोप," अरुण ने कहा.

"चलो, तेरी बहने कहाँ हैं," रोहित ने हंसते हुए पूछा.

"कौन?" अरुण ने पूछा.

"कोई भी, मुझे तो कोई भी चलेगी." रोहित बोला तो तुरंत ही एक और तकिया उसके मूह पर पड़ी.

"जोक था, जोक.." रोहित कहते हुए नंगा ही बाहर चला गया.

"रोहित, बेशरम, कपड़े पहेन." निशा की तेज आवाज़ उसके कानो मे पड़ी.

फिर रोहित अंदर आके बॉक्सर पहेन के बाथरूम चला गया.

********

Rohan apni ankhen band karke himmat juta raha tha ki use apne upar se hata sake. Lekin fir uske man me aane laga ki wo khud yahi chahta tha.

Usne apne hathon se use daba diya aur apni kamar hilakar lund ko choot ke andar dakhil kar diya.

"I've always loved you, big brother." usne kaha aur apne hoth Rohan ke hothon par rakh diye. Rohan ke hath uske dono chutado par chale gaye aur halka sa jhatka dekar lund ko aur andar daal diya.

"Riya ye galat to nahi hai na?" Rohan ne pucha.

"Rohan, baby, shut up aur chodo mujhe."

Riya ke muh se aisi baat sun ke usse raha nahi gaya aur usne pura jhatka dekar lund ko andar daal diya.

"You smell so good," usne bahut dheere se kaha. Riya uska sahara lekar uthi aur dobara baith gayi, uska lund uski choot me rocket ki tarah maje ki lehre chod raha tha jo dono ko anand ki ek nayi duniya me le ja rahi thi.

Rohan ke paas shabd nahi the is ehsaas ko bayan karne ke. Jitna ki use ye galat lag raha tha utna hi maja bhi de raha tha. Riya ki puri body use kabje me lena chah rahi thi, uske hath kaske use pakde hue the, uske pair uske pairo me uljhe, uske baal Rohan ke chehre par lipte, uske hoth Rohan ki gardan par aur uski choot uske lund ko bas choose ja rahi thi.

Dono ek dusre ke ehsaas me itna khoye the ki kisi ne darwaja khulne ki awaz tak nahi suni.

"Oh, Riya," Rohan ne kaha, aur usi waqt darwaja halke se band ho gaya jo ki use fir se sunai nahi diya.

"Oh, bhai, I'm cumming." Riya dhire se boli aur apni kamar ko bahut teji se chalane lagi, har dhakke ke sath uski speed tej hone lagi. Rohan ne use kas ke khud se sata liya aur dhakko ki takat badha kar use maja dene laga.

Riya jhadte hue kampne lagi, uski choot pure tarike se uske lund ko apne andar nichodne lagi. Usne saas lene ke liye muh khola. Rohan bhi usi time jhadne laga aur dono ek dusre ko saasein dete hue ek sath jhadne lage.

Fir dono ek sath bed par gir pade, Riya apne bhai ke upar hi gir kar so gayi.

********

Aarohi Nisha ko sambhalte hue apne bedroom me le gayi. Nisha ko kuch jyada hi chadh gayi thi. Aarohi ne use bed par lita diya aur sochne lagi ki use tshirt pehna de ya aise hi nanga sone di.

"Chodo," Ye bolkar wo khud bhi uske paas bistar par let gayi. Ankh band karte hi wo neend ke aghosh me jane lage. Neend me wo sapne dekhne lagi lekin Arun ke nahi. Uske sapne me Supriya thi. Usne Supriya ko bed par rassi se bandh rakha tha wo bhi nanga aur uske badan par pankh se gudgudi kar rahi thi. Usne pankh ko uski choot par rakha fir uski ko muh me daala.

Sapna dekhte dekhte hi usne apne paas leti Nisha ke sath chedkhani shuru kar di. Nisha ke doodhon ko apne hath me lekar wo unhe maslne lage. Tabhi uski ankh khuli aur use realize hua ki wo kiske sath ye sab kar rahi thi. Usne turant hi karwat li to kuch samajh pane se pehle hi dhad se jameen me gir padi.

"Oh, shit.." Wo dobara bistar par chadhne lagi. Lekin tabhi uske man me ek khayal aaya.

Supriya apne room me hogi. Ye sochkar wo dhire se apne room se hoti hui niche jane lagi. Jaise hi wo uske room ke bahar pahuchi usne kamre ke andar se aah ki awaz suni, use laga ki Arun se raha nahi gaya to wo niche chala aaya hoga. Usne muskurate hue dhire se darwaja khola to andar dekhkar wahi jam gayi.

"Oh, Riya," awaz aayi. Ye to Arun ki awaz nahi thi, use mehsoos hua usne turant hi dhire se darwaja band kiya aur apne bed par aakar jo kuch usne suna uske bare me sochne lagi. Kya unka plan kam kar gaya tha?

********

Arun agli subah utha to kamre me bade tej kharrate ki awaz gunz rahi thi.

"Ye to bilkul janwar ki tarah sota hai."

Usne side me dekha to uski kursi par Aarohi muskurate hue use dekh rahi thi. Usne usi ki tshirt, aur sirf panty pehni thi. Subah ki wajah se uske baal bikhre the jo use aur sexy bana rahe the.

Arun ne paas padi takiya niche lete Rohit ke muh par mari, lekin koi fark nahi pada.

"I have some news, my dear brother." Aarohi ne usse kaha.

Arun turant hi uski or dekhne laga.

Aarohi bilkul aise lag rahi thi ki bas agar usne ye baat aur der pet me rakhi to pet fad kar bahar aa jayegi.

"Plan was a success," usne halke se tali bajate hue kaha.

Arun ne ajib sa muh bana liya fir use dhyan aaya ki wo kiss plan ke bare me baat kar rahi thi to uska muh khulta chala gaya.

"No way.." usne kaha.

"Yup," Aarohi daant dikhate hue boli. "Main raat me di ke kamre me gayi to maine ek awaz suni. Maine socha tumhe tharak chadhi hogi, to maine door kholkar andar dekha. To koi "Oh riya" bola. Mujhe pakka to nahi pata lekin ye duffer to yaha so raha hai, aur mujhe nahi lagta tum the."

Arun uski baat ke bare me sochne laga.

"Seriously?" usne pucha.

Aarohi ne haan me sir hila diya and muskura di. "Ab hamare paas bhi Riya ke khilaf hathiyar hai. Ab agar usne tumhare upar dore dalne ki koshish ki tab main use bataungi."

Arun ke chehre par bhi muskan badhne lagi. "Mujhe nahi lagta baat itni aage badhegi ab?" Usne kaha.

Is bar Aarohi confuse ho gayi. "What do you mean?"

"Dekho, agar Rohan ko 20% bhi utna maja aaya hoga jitna ki mujhe tumhare sath aata hai to wo dono kabhi kisi aur ke sath nahi karne wale. I think wo tumhe message ya call se bata dega ki you guys don't work out ya fir kuch aur."

Aarohi hanste hue aage badhi aur Arun ke hothon ko chum kar bahar jane lagi.

"Are, Aaru," Arun bola,"Main tumhari us baat ke bare me soch raha tha, wo baat manane wali."

Aarohi hans ke use dekhne lagi. "Kuch karne ka adesh hai?" usne hanste hue pucha.

"Stop that," Arun turant hi bola. "Main aisa kuch nahi karne wala, main bas soch raha tha."

"Jab koi adesh ho to bata dena." Aarohi apni gand uski or hilate hue boli.

"Actually," Arun ne kaha. "Ek chiz thi..apni panty do," usne bilkul order dene wali tone me kaha.

Muskurate hue turant hi Aarohi ne apni panty nikali jo ki white colour ki thi with pink hearts, bilkul ladkiyon wali. Usne wahi se uski or fek di.

"You can go," Arun ne hanste hue kaha.

Jane se pehle Aarohi aage ki taraf jhuki aur apni nangi gand use dikhane lagi. "Jais aap kahe, malik."

Turant hi khansne ki awaz aayi to Aarohi bhag khadi hui. Niche Rohit neend me khans raha tha. Kuch der baad wo bhi uth gaya.

"Mujhe koi mili kya?" usne uthate hi angdayi lete hue pucha.

"Nope," arun ne kaha.

"Chalo, teri behene kahan hain," Rohit ne hanste hue pucha.

"Kaun?" Arun ne pucha.

"Koi bhi, mujhe to koi bhi chalegi." rohit bola to turant hi ek aur takiya uske muh par padi.

"Joke tha, joke.." Rohit kehte hue nanga hi bahar chala gaya.

"Rohit, besharam, kapde pehen." Nisha ki tej awaz uske kano me padi.

Fir Rohit andar aake boxer pehen ke bathroom chala gaya.

********
 


स्नेहा ब्रेकफास्ट बना रही थी जब अरुण किचन मे आया. पीछे से सुप्रिया और आरोही भी आ गये. वो लोग सारी बात बताने ही वाले थे, कि सुप्रिया के रूम का दरवाजा खुला और रिया उछलते हुए बाहर आई.

"हे गाइस!" उसने बहुत ही एग्ज़ाइटेड और हॅपी मूड मे सबको विश किया.

अरुण मुस्कुरा दिया और उसके चेहरे की चमक देखने लगा जिस पर आज एक सच्ची मुस्कान छाई हुई थी. जब रिया ने आगे बढ़कर उसे हग किया तो उसे भी लगा कि आज उसके गले मिलने का तरीका अलग था.

तभी रोहन भी रूम से बाहर आया. उसने अपने शॉर्ट्स और टीशर्ट पहनी हुई थी. बाकी सब लोग भी टेबल पर आके बैठने लगे तो स्नेहा ने सबको ब्रेकफास्ट सर्व कर दिया.

रोहन किसी से बिना कुछ बोले अपना नाश्ता लेकर हॉल मे आकर खाने लगा. अरुण ने एक बार रिया की ओर देखा फिर आरोही से आँखों से पूछा तो उसने कंधे उचका कर बता दिया कि पता नही. तभी आरोही रिया को पकड़कर अपने कमरे मे ले गयी, ये बोलकर कि तुझे कुछ मस्त दिखाना है. अरुण ने सोचा वो आरोही को ही सबकुछ हॅंडल करने दे. शायद रोहन अभी गिल्टी फील कर रहा हो, ये सब करके.

वो सबके साथ बैठकर अपने नाश्ते पर टूट पड़ा.

*********

"आरोही, क्या है यार. नाश्ता तो करने देती. इतनी भूक लगी है मुझे." रिया बोले जा रही थी.

"रिया, आइ नो व्हाट हॅपंड," आरोही ने सीधे सीधे कह दिया. रिया के चेहरे का रंग तुरंत ही फीका पड़ गया और वो आरोही के इशारा देने पर बेड पर बैठ गयी. "मैं नीचे आई थी, मुझे लगा कि अरुण होगा दी के रूम मे, लेकिन जब मैने गेट खोला तो मैने तुम दोनो की आवाज़ें सुनी."

रिया ने अपने हाथों से अपना चेहरा छुपा लिया जिसे आरोही ने तुरंत ही खीच लिया.

"डॉन'ट बी अशेम्ड, रिया..कम ऑन. मैं भी तो इसी पोज़िशन मे हूँ." आरोही ने अपनी तरफ इशारा करते हुए कहा.

कुछ देर तक दोनो के बीच खामोशी छाइ रही, जिसे देखकर आरोही सोचने लगी कि उसने सीधे इस बारे मे बात करके ठीक किया. एक आह भरते हुए आरोही अपने भूरे बालों मे हाथ घुमाने लगी. "रिया, कुछ तो बोल यार."

रिया उसकी तरफ देखने लगी. "मैं क्या बोलूं?"

"जस्ट से इट. अड्मिट इट, तुझे अच्छा लगेगा. मुझे भी ये फीलिंग्स हुई थी जब मैने किया था. जब तक मैने आक्सेप्ट नही कर लिया कि हां मैं अपने भाई की तरफ अट्रॅक्टेड हूँ, तब तक मुझे भी अच्छा नही लगता था. उसके बाद सब कुछ अच्छा हो गया." वो रिया के बालो को अपनी उंगली मे लपेटते हुए बोलने लगी.

"वाज़ इट अन आक्सिडेंट?" आरोही ने पूछा.

रिया सोचने लगी. "नोट रियली, मतलब बस हो गया. हम दोनो जब जागे तब उसका वो मेरे अंदर था," वो शरमाते हुए बोली. "उसने रोकने की कोशिश भी की, कि ये सब ग़लत है. बट ही वाज़ एग्ज़ाइटेड और मैं भी चाहती थी कि वो आगे बढ़े..सो..आइ..कन्विन्स्ड हिम," रिया एक छोटी से मुस्कान के साथ बोली.

आरोही हँसने लगी. "कन्विन्स किया? कैसे?"

रिया ने हां मे सिर हिला दिया. "आइ हॅव माइ वेस," वो बोली.

आरोही ने उसे गले लगा लिया. "आइ'म हॅपी फॉर यू," उसने कहा और वो सच मे खुश थी उसके लिए.

"लेकिन मुझे अब रोहन से बात करनी पड़ेगी इस बारे मे, आइ डोंट थिंक कि अब इसके बाद मैं किसी और के साथ रिलेशन्षिप मे रह सकती हूँ. दट फीलिंग वाज़...इनडिस्क्राइबबल."

"यॅ, यू हॅव टू टॉक टू हिम. फॉर यू आंड फॉर हिम." आरोही उसकी आँखों मे देखते हुए बोली.

रिया ने सिर हिलाया और नीचे देखकर कुछ सोचने लगी. फिर आँखें उपर करके उसने सीधे आरोही की तरफ देखा. "आइ फक्ड माइ ब्रदर." रिया ने कहा और तुरंत ही अपने मूह पर हाथ रख लिया. "यू वर राइट. मुझे सही मे हल्का महसूस हो रहा है."

आरोही ने दोबारा उसे गले लगा लिया, लेकिन रिया वापस हो रही थी.

"वो..यार.. उसे कन्विन्स करने के चक्कर मे मुझे तुम लोगो के बारे मे बताना पड़ा."

"व्हाट?" आरोही चौंकते हुए बोली.

"गुस्सा मत हो यार, वो किसी को नही बताएगा."

"यार.." आरोही बोलने लगी तो रिया के चेहरे पर शिकन बढ़ती जा रही थी. आरोही ने गहरी सास ली फिर उसे हग किया. "इट'स ओके. मैं जानती हूँ वो किसी को नही बताएगा. आइ नो युवर सीक्रेट आंड यू नो माइन. सिंपल."

रिया मुस्कुराते हुए खड़ी हुई. "तो चले..ब्रेकफास्ट करने?"

"यप, ब्रेकफास्ट." आरोही उसके गले मे हाथ डाले चलने लगी.

Sneha breakfast bana rahi thi jab Arun kitchen me aaya. Piche se Supriya aur Aarohi bhi aa gaye. Wo log sari baat batane hi wale the, ki Supriya ke room ka darwaja khula aur Riya uchalte hue bahar aayi.

"Hey guys!" usne bahut hi excited aur happy mood me sabko wish kiya.

Arun muskura diya aur uske chehre ki chamak dekhne laga jis par aaj ek sachi muskan chayi hui thi. Jab Riya ne aage badhkar use hug kiya to use bhi laga ki aaj uske gale milne ka tarika alag tha.

Tabhi Rohan bhi room se bahar aaya. usne apne shorts aur tshirt pehni hui thi. Baki sab log bhi table par aake baithne lage to Sneha ne sabko breakfast serve kar diya.

Rohan kisi se bina kuch bole apna nashta lekar hall me aakar khane laga. Arun ne ek baar Riya ki or dekha fir Aarohi se ankhon se pucha to usne kandhe uchka kar bata diya ki pata nahi. Tabhi Aarohi Riya ko pakadkar apne kamre me le gayi, ye bolkar ki tujhe kuch mast dikhana hai. Arun ne socha wo Aarohi ko hi sabkuch handle karne de. Shayad Rohan abhi guilty feel kar raha ho, ye sab karke.

Wo sabke sath baithkar apne nashte par toot pada.

*********

"Aarohi, kya hai yaar. Nashta to karne deti. Itni bhook lagi hai mujhe." Riya bole ja rahi thi.

"Riya, I know what happened," Aarohi ne seedhe seedhe keh diya. Riya ke chehre ka rang turant hi feeka pad gaya aur wo Aarohi ke ishara dene par bed par baith gayi. "Main niche aayi thi, mujhe laga ki Arun hoga di ke room me, lekin jab maine gate khola to maine tum dono ki awazein suni."

Riya ne apne hathon se apna chehra chupa liya jise Aarohi ne turant hi khich liya.

"Don't be ashamed, Riya..come on. Main bhi to isi position me hun." Aarohi ne apni taraf ishara karte hue kaha.

Kuch der tak dono ke beech khamoshi chhayi rahi, jise dekhkar Aarohi sochne lagi ki usne seedhe is bare me baat karke theek kiya. Ek aah bharte hue Aarohi apne bhure balon me hath ghumane lagi. "Riya, kuch to bol yaar."

Riya uski taraf dekhne lagi. "Main kya bolu?"

"Just say it. Admit it, tujhe acha lagega. Mujhe bhi ye feelings hui thi jab maine kiya tha. Jab tak maine accept nahi kar liya ki haan main apne bhai ki taraf attracted hoon, tab tak mujhe bhi acha nahi lagta tha. Uske baad sab kuch acha ho gaya." Wo Riya ke balo ko apni ungli me lapetate hue bolne lagi.

"Was it an accident?" Aarohi ne pucha.

Riya sochne lagi. "Not really, matlab bas ho gaya. Hum dono jab jage tab uska wo mere andar tha," wo sharmate hu eboli. "Usne rokne ki koshish bhi ki, ki ye sab galat hai. But he was excited aur main bhi chahti thi ki wo age badhe..so..I..convinced him," Riya ek choti se muskan ke sath boli.

Aarohi hansne lagi. "Convince kiya? Kaise?"

Riya ne haan me sir hila diya. "I have my ways," wo boli.

Aarohi ne use gale laga liya. "I'm happy for you," usne kaha aur wo sach me khush thi uske liye.

"Lekin mujhe ab Rohan se baat karni padegi is bare me, I dont think ki ab iske baad main kisi aur ke sath relationship me reh sakti hoon. That feeling was...indescribable."

"Yeah, you have to talk to him. For you and for him." Aarohi uski ankhon me dekhte hue boli.

Riya ne sir hilaya aur neeche dekhkar kuch sochne lagi. Fir ankhen upar karke usne seedhe Aarohi ki taraf dekha. "I fucked my brother." Riya ne kaha aur turant hi apne muh par hath rakh liya. "You were right. Mujhe sahi me halka mahsoos ho raha hai."

Aarohi ne dobara use gale laga liya, lekin Riya wapas ho rahi thi.

"Wo..yaar.. use convince karne ke chakkar me mujhe tum logo ke bare me batana pada."

"What?" Aarohi chowkte hue boli.

"Gussa mat ho yaar, wo kisi ko nahi batayega."

"Yaar.." Aarohi bolne lagi to Riya ke chehre par shikan badhti ja rahi thi. Aarohi ne gehri saas li fir use hug kiya. "It's okay. Main janti hoon wo kisi ko nahi batayega. I know your secret and you know mine. Simple."

Riya muskurate hue khadi hui. "To chale..breakfast karne?"

"Yup, breakfast." Aarohi uske gale me hath dale chalne lagi.

********
 
वो दोनो नीचे आई तो अरुण और रोहन दोनो नाश्ता कर चुके थे और बॅकयार्ड मे जा रहे थे. आरोही उसके पास आई और कान मे जल्दी से सब बता दिया. अरुण ने उसे देखा फिर रिया को देखा. सिर हिलाते हुए उसने आरोही के गाल पे किस किया फिर रोहन के पीछे पीछे बकयार्ड मे चला आया.

पूल के पास वो लोग बॉटल्स और कपड़े उठा रहे थे.

"तो मुझे पता लगा कि तुम्हे हमारा सीक्रेट पता है,"

अरुण ने रोहन से पूछा. रोहन उसे ऐसे देखने लगा, जैसे कि उसे कुछ पता ही ना हो कि अरुण किस बारे मे बात कर रहा है.

"आइ'एम नोट जड्जिंग," रोहन ने कुछ देर बाद कहा.

"अगर ऑनेस्ट्ली कहूँ तो," अरुण कुछ सोच के बोला,"ये जो पूरा डेट वाला किस्सा था ये इसीलिए था कि तुम और रिया एक हो जाओ."

रोहन एक दम से उसकी ओर देखने लगा.

"अभी कुछ दिन पहले रिया को हमारा ये सीक्रेट पता चल गया. तो उसने हम सबको ब्लॅकमेल किया कि अगर मैं उसका बाय्फ्रेंड नही बना तो वो सबको बता देगी. बातों बातों मे उसने ये भी बता दिया कि वो काफ़ी टाइम से तुम्हारी तरफ अट्रॅक्टेड है. तो मेरी सिस्टर्स ने ये प्लान निकाला. वी हॅव नो अदर ऑप्षन."

रोहन उसकी बात को समझने के लिए चेयर पर बैठकर सोचने लगा.

"तुमने मुझसे सीधे सीधे क्यूँ नही पूछा?" रोहन ने कहा.

अरुण एक दम से उसकी ऑर देखने लगा. "सीरियस्ली? अगर मैं डाइरेक्ट्ली आके पूछता कि क्या तुम अपनी बहेन के साथ सेक्स करोगे तो तुम मेरा क्या हाल करते. या तो तुमने मेरी हड्डी पसली एक कर दी होती या फिर सबको बता कर हम सबको जैल करवा दी होती."

रोहन भी उसकी बात समझ गया.

"मैं बस बताना चाहता हूँ, कि यू आर नोट दा ओन्ली वन. इफ़ यू नीड सम्वन टू टॉक अबाउट इट..आइ'म हियर बडी. आंड इट्स नोट रॉंग. ग़लत तब है जब तुम किसी को दुख पहुचाओ, किसी का नुकसान करो. ई थिंक वॉट मॅटर्स इस-- हॅपीनेस ऑफ अदर पर्सन आंड सॅटिस्फॅक्षन ऑफ युवर्ज़."

रोहन वही बैठकर उसकी बातों के बारे मे सोचता रहा तब तक अरुण सब कुछ कलेक्ट करता रहा.

"मुझे खुद नही पता यार, शी वाज़.."

"...डिफरेंट फ्रॉम एनिवन एल्स. बेटर दॅन एनिवन ऑर एनितिंग यू हॅव एवर एक्सपीरियेन्स्ड. आउट ऑफ दिस वर्ल्ड. अमेज़िंग." अरुण ने उसकी बात पूरी की.

रोहन ने धीरे से सिर हिला दिया और धीरे धीरे उसकी हेल्प करने लगा.

"आइ नो रोहन, व्हाट आर यू थिंकिंग राइट नाउ. मेरे साथ भी ये सब हो चुका है. बट बिलीव मी, अगर तुम इसे आक्सेप्ट कर लोगे, यू विल फील बेटर."

**********

अंदर, रोहित भी नीचे आ गया था और नाश्ता कर रहा था जब अरुण और रोहन अंदर आए. कुछ देर बाद रोहन और रिया दोनो चले गये.

काफ़ी देर तक निशा और रोहित अपनी वाकेशन के किस्से सुनाते रहे. रोहित ने अपनी काफ़ी बेइज़्ज़ती करवाई फिर बाइ बोलकर वो दोनो भी चले गये. श्रुति पहले ही जा चुकी थी.

अरुण ने चारो की तरफ मुस्कुराते हुए देखा. "सो.."

"मिशन अकॉंपलिश्ड!" आरोही चिल्लाते हुए बोली तो पूरे घर मे ठहाके फुट गये.

**********

बाद मे उसी सनडे को, अरुण पूल के पास बैठा नॉवेल पढ़ रहा था. डोर ओपन हुआ और आरोही अंदर आई, एक टॉप और छोटी सी स्कर्ट पहने हुए और उसके सामने बैठ गयी. उसे बैठते देख अरुण की हँसी छूट गयी, क्यूकी आरोही ने स्कर्ट के नीचे पैंटी नही पहनी थी.

"ओह.." अरुण ने बस इतना कहा.

"तुमने सुबह मना किया था ना," आरोही भी हंसते हुए बोली.

"इससे कह, कि घोड़ी बन जाए." आवाज़ ने अरुण को ऑर्डर दिया

अरुण दोबारा हंस दिया.

"यहाँ पास वाली चेयर पर क्यू नही आ जाती." अरुण ने कुछ देर बाद कहा.

"इस दट आन ऑर्डर?" उसने एक नॉटी स्माइल के साथ कहा.

"हां बोल और बोल कि लंड पर आकर बैठे." आवाज़ ने फिर से अरुण को कहा

अरुण हंसते हुए उसे देखने लगा. कि वो सच मे कितनी खूबसूरत लग रही थी. उसके कंधो से नीचे जाते हल्के भूरे रंग के बाल, भूरी आँखें सब उसे सुंदरता की मूरत बना रही थी.

"मेबी?." अरुण बोला.

"ओह कम ऑन." आरोही ने उसके उपर कुछ फेकते हुए कहा. "डू इट राइट."

अरुण हंस के आराम से लेट गया. "आरोही, अपने सब कपड़े निकाल कर यहाँ लेट जाओ,"उसने आख़िरकार कहा तो वो हँसने लगी.

"और पड़ोसियों का क्या?" उसने पूछा.

"वो अपने यहाँ से तो हमें देख नही सकते." उसने कहा.

वो हंसते हुए आई और उसके पास आकर अपने कपड़े निकाल दिए और उसकी पास वाली चेयर पर लेट गयी.

अरुण बार बार उसकी ओर देखते हुए किताब पढ़ने लगा.

"काफ़ी गर्मी है ना," आरोही हंसते हुए बोली.

अरुण ने पास पड़ी पानी की बॉटल उठाई और उसकी पीठ पर धीरे धीरे डालने लगा. धूप की पानी की बूंदे उसकी पीठ से होती हुई दूधो की साइड मे चमकने लगी. फिर उसके चूतड़ पर पानी डाला तो वो उसकी गंद से होता हुआ चूत से चुहुने लगा.

"फीलिंग बेटर?" उसने वापस बैठते हुए पूछा.

एक गहरी सास लेकर मुस्कुराते हुए वो उसकी ओर देखने लगी. तभी दरवाजा खुला और स्नेहा बाहर आई. उसने एक बहुत ही सेक्सी बिकिनी पहनी हुई थी, जो अरुण ने उसके उपर आज से पहले कभी नही देखी थी. वो इतनी छोटी बिकिनी पहनी थी कि इमॅजिनेशन के लिए कुछ बचता ही नही था. आरोही और अरुण दोनो अपना मूह खोले उसकी बदन पर नज़रे चिपकाए आते हुए देख रहे थे.

"आइ होप यू बोथ लाइक इट," स्नेहा अपने बालो को पीछे करते हुए बोली. डार्क ब्लू कलर की बिकिनी, जिसके टॉप मे 2 छोटे छोटे ट्राइंगल थे और पैंटी छोटा सा ब्लू कपड़ा जो उसके पैरो के बीच का हिस्सा मुस्किल से छुपा रहे थे.

"दी, ऐसा लग रहा जैसे आपके बॉडी पार्ट्स ने जगह जगह सूट को खा लिया हो," आरोही हंसते हुए बोली तो स्नेहा ने उसे दिखाने के लिए अपने दूध हिला दिए, तो एक साइड से उसका निपल निकल आया.

"ऊप्स," उसने कहा और अपना निपल दोबारा उसके अंदर करने लगी.

"मैं तो आपके गुदगुदी करने की सोच रहा था." अरुण ने मुस्कुराते हुए कहा. फिर उसे भी गर्मी लगने लगी तो पूल मे डुबकी लगा दी. उधर स्नेहा आरोही के पास वाली चेयर पर बैठ गयी.

"इधर क्यू आया चूतिए, चूत उधर है?" आवाज़ ने अरुण को समझाया

अरुण पानी के अंदर से सिर निकालकर अपनी बहनो को देखने लगा.

"अरुण, थोड़ा मसाज कर दो ना, प्लीज़." आरोही ने उसे देखते हुए कहा.

अरुण पूल से निकालकर तुरंत ही उसके पास आ गया.

"रिलॅक्स, स्वीटी पिए," अरुण ने कहा और पास से आयिल की बॉटल उठा कर थोड़ा तेल अपने हाथ मे लिया. नीचे से शुरू करते हुए उसने उसके पैरो पर तेल लगाकर वो उसकी जांघों तक पहुचता है. वहाँ से उसके चूतड़ फिर गान्ड से लेकर हल्की भीगी चूत की दरार मे अच्छे से उंगली फिरा के उसके हाथ पेट तक पहुचते हैं, उसके दूध पर हाथ पड़ते ही निपल सख़्त होने लगते हैं.

आरोही का मूह हल्का सा खुला हुआ, वो अपने भाई के हाथों का पूरा मज़ा लेने मे लगी हुई है. अरुण ने नीचे झुक कर एक दूध को पकड़ा और उसके निपल पर अपनी जीभ फिरा दी, फिर मूह मे लेकर बाहर निकाल दिया. ऐसा करके वो दूसरे दूध पर टूट पड़ा, फिर दोबारा उन पर तेल लगाकर चमका दिया. दूधों से जी भरकर वो उसकी गर्दन पर बढ़ा.

"देयर यू गो, अब जाओ और दी की मसाज करो," अरुण ने उससे स्नेहा की तरफ इशारा करते हुए कहा.

"ओके," आरोही धीरे धीरे खड़ी हुई और स्नेहा के पास चली गयी.

Wo dono niche aayi to Arun aur Rohan dono nashta kar chuke the aur backyard me ja rahe the. Aarohi uske paas aayi aur kaan me jaldi se sab bata diya. Arun ne use dekha fir Riya ko dekha. Sir hilate hue usne Aarohi ke gaal pe kiss kiya fir Rohan ke piche piche bakcyard me chala aaya.

Pool ke paas wo log bottles aur kapde utha rahe the.

"To mujhe pata laga ki tumhe hamara secret pata hai,"

Arun ne Rohan se pucha. Rohan use aise dekhne laga, jaise ki use kuch pata hi na ho ki Arun kis bare me baat kar raha hai.

"I'm not judging," Rohan ne kuch der baad kaha.

"Agar honestly kahun to," Arun kuch soch ke bola,"ye jo pura date wala kissa tha ye isiliye tha ki tum aur Riya ek ho jao."

Rohan ek dum se uski or dekhne laga.

"Abhi kuch din pehle Riya ko hamara ye secret pata chal gaya. To usne hum sabko blackmail kiya ki agar main uska boyfriend nahi bana to wo sabko bata degi. Baton baton me usne ye bhi bata diya ki wo kafi time se tumhari taraf attracted hai. To meri sisters ne ye plan nikala. We have no other option."

Rohan uski baat ko samjhne ke liye chair par baithkar sochne laga.

"Tumne mujhse seedhe seedhe kyu nahi pucha?" Rohan ne kaha.

Arun ek dum se uski or dekhne laga. "Seriously? Agar main directly aake puchta ki kya tum apni behen ke sath sex karoge to tum mera kya haal karte. Ya to tumne meri haddi pasli ek kar di hoti ya fir sabko bata kar hum sabko jail karwa di hoti."

Rohan bhi uski baat samajh gaya.

"Main bas batana chahta hoon, ki you are not the only one. If you need someone to talk about it..I'm here buddy. And its not wrong. Galat tab hai jab tum kisi ko dukh pahuchao, kisi ka nuksan karo. I think what matters is-- happiness of other person and satisfaction of yours."

Rohan wahi baithkar uski baaton ke bare me sochta rahi tab tak Arun sab kuch collect karta raha.

"Mujhe khud nahi pata yaar, she was.."

"...different from anyone else. Better than anyone or anything you have ever experienced. Out of this world. Amazing." Arun ne uski baat puri ki.

Rohan ne dhire se sir hila diya aur dhire dhire uski help karne laga.

"I know Rohan, what are you thinking right now. Mere sath bhi ye sab ho chuka hai. But believe me, agar tum ise accept kar loge, you will feel better."

**********

Andar, Rohit bhi niche aa gaya tha aur nashta kar raha tha jab Arun aur Rohan andar aaye. Kuch der baad Rohan aur Riya dono chale gaye.

Kafi der tak Nisha aur Rohit apni vacation ke kisse sunate rahe. Rohit ne apni kafi beijjati karwayi fir bye bolkar wo dono bhi chale gaye. Shruti pehle hi ja chuki thi.

Arun ne charo ki taraf muskurate hue dekha. "So.."

"Mission accomplished!" Aarohi chillate hue boli to pure ghar me thahake foot gaye.

**********

Bad me usi Sunday ko, Arun pool ke paas baitha novel padh raha tha. Door open hua aur Aarohi andar aayi, ek top aur choti si skirt pehne hue aur uske saamne baith gayi. Use baithate dekh Arun ki hansi choot gayi, kyuki Aarohi ne skirt ke niche panty nahi pehni thi.

"Oh.." Arun ne bas itna kaha.

"Tumne subah mana kiya tha na," Aarohi bhi hanste hue boli.

"Isse keh, ki ghodi ban jaye."

Arun dobara hans diya.

"Yaha paas wali chair par kyu nahi aa jati." Arun ne kuch der baad kaha.

"Is that an order?" Usne ek naughty smile ke sath kaha.

"Haan bol aur bol ki lund par aakar baithe."

Arun hanste hue use dekhne laga. Ki wo sach me kitni khoobsurat lag rahi thi. Uske kandho se niche jate halke bhure rang ke baal, bhuri ankhen sab use sundarta ki murat bana rahi thi.

"Maybe?." Arun bola.

"Oh come on." Aarohi ne uske upar kuch fekte hue kaha. "Do it right."

Arun hans ke aram se let gaya. "Aarohi, apne sab kapde nikal kar yaha let jao,"usne akhirkar kaha to wo hansne lagi.

"Aur padosiyon ka kya?" Usne pucha.

"Wo apne yahan se to hume dekh nahi sakte." Usne kaha.

Wo hanste hue aayi aur uske paas akar apne kapde nikal diye aur uski paas wali chair par let gayi.

Arun bar bar uski or dekhte hue kitab padhne laga.

"Kafi garmi hai na," Aarohi hanste hue boli.

Arun ne paas padi pani ki bottle uthayi aur uski peeth par dhire dhire dalne laga. Dhoop ki pani ki boonde uski peeth se hoti hui doodho ki side me chamakne lagi. Fir uske chootad par pani dala to wo uski gand se hota hua choot se chune laga.

"Feeling better?" usne wapas baithate hue pucha.

Ek gehri saas lekar muskurate hue wo uski or dekhne lagi. Tabhi darwaja khula aur Sneha bahar aayi. Usne ek bahut hi sexy bikini pehni hui thi, jo Arun ne uske upar aaj se pehle kabhi nahi dekhi thi. Wo itni choti bikini pehni thi ki imagination ke liye kuch bachta hi nahi tha. Aarohi aur Arun dono apna muh khole uski badan par najre chipkaye aate hue dekh rahe the.

"I hope you both like it," Sneha apne balo ko piche karte hue boli. Dark blue colour ki bikini, jiske top me 2 chote chote triangle the aur panty chota sa blue kapda jo uske pairo ke bich ka hissa muskil se chupa rahe the.

"Di, aisa lag raha jaise apke body parts ne jagah jagah suit ko kha liya ho," Aarohi hanste hue boli to Sneha ne use dikhane ke liye apne doodh hila diye, to ek side se uska nipple nikal aaya.

"Oops," usne kaha aur apna nipple dobara uske andar karne lagi.

"Main to apke gudgudi karne ki soch raha tha." Arun ne muskurate hue kaha. Fir use bhi garmi lagne lagi to pool me dubki laga di. Udhar Sneha Aarohi ke paas wali chair par baith gayi.

"Idhar kyu aaya chutiye, choot udhar hai?"

Arun pani ke andar se sir nikalkar apni beheno ko dekhne laga.

"Arun, thoda massage kar do na, please." Aarohi ne use dekhte hue kaha.

Arun pool se nikalkar turant hi uske paas aa gaya.

"Relax, sweetie pie," arun ne kaha aur paas se oil ki bottle utha kar thoda tel apne hath me liya. Niche se shuru karte hue usne uske pairo par tel lagakar wo uski janghon tak pahuchta hai. Waha se uske chootad fir gand se lekar halki bheegi choot ki darar me ache se ungli fira ke uske hath pet tak pahuchte hain, uske doodh par hath padte hi nipple sakht hone lagte hain.

Aarohi ka muh halka sa khula hua, wo apne bhai ke hathon ka pura maja lene me lagi hui hai. Arun ne niche jhuk kar ek doodh ko pakda aur uske nipple par apni jeebh fira di, fir muh me lekar bahar nikal diya. Aisa karke wo dusre doodh par toot pada, fir dobara un par tel lagakar chamka diya. Doodhon se jee bharkar wo uski gardan par badha.

"There you go, ab jao aur di ke massage karo," Arun ne usse Sneha ki taraf ishara karte hue kaha.

"Okay," Aarohi dhire dhire khadi hui aur Sneha ke paas chali gayi.

 


स्नेहा भी आराम से अपनी चेयर पर लेट गयी. आरोही ने भी अपने हाथों मे तेल लिया और अपने भाई की तरह उसके पैरो से ही शुरुआत करी. चूतड़ पर पहूचकर उसने जानबूझकर उसकी चूत को अन्छुआ छोड़ दिया और अपने हाथों को पेट, दूध और गर्दन पर घुमाने लगी. फिर उसने एक उंगली से बिकिनी टॉप को एक साइड किया और गुलाबी निपल को अपने मूह मे भर लिया. दोनो तरफ ऐसा करने के बाद उसने वही से उसके हर हिस्से को चूमते हुए नीचे बढ़ना स्टार्ट किया. अरुण के कहने पर उसने दोबारा उसके दूधों को चूसना शुरू कर दिया. स्नेहा की सासें भारी होने लगी जिसे देखकर आरोही ने अपना हाथ पेट से ले जाते हुए पैंटी तक ले गयी, तो स्नेहा की सास एक दम से तेज हो गयी.

अपने मूह को दूध पर रखे हुए उसने दो उंगलियों को अपनी बड़ी बहेन की चूत मे डाल दिया और अंगूठे से उसकी क्लाइटॉरिस को रगड़ने लगी. स्नेहा तुरंत ही जवाब देते हुए अपनी कमर को कमान की तरह तानने लगी.

"अब दी के दोनो पैरो के बीच मे आओ," अरुण बोला.

अरुण ने तुरंत ही दूध से मूह उठाया और स्नेहा के पैरो के बीच आ गयी और अरुण की तरफ दूसरे ऑर्डर के लिए देखने लगी. स्नेहा आँखें खोल के दोनो को देख रही थी.

"चाटो," अरुण ने कहा तो आरोही हंस पड़ी.

"कोई देख लेगा," स्नेहा बोली.

"नो टेन्षन दी," आरोही बोली और उसकी पैंटी को थोड़ा साइड मे करके अपनी ज़ुबान उसकी चमकती चूत पर घुमाने लगी. "ओह." स्नेहा बोल पड़ी.

तभी उन्हे पास से कार की आवाज़ सुनाई पड़ी.

"शिट," अरुण बोला फिर आरोही की बिकिनी उसे दे दी और अंदर जाने लगा, लेकिन तभी उसे एक आइडिया आया.

वो आके पूल के पास बैठ गया और अपने पैर पूल मे डाल दिए. आरोही उसके जस्ट सामने खड़ी थी.

"आरू," आरोही पलट के उसे देखने लगी. "कम हियर," उसने कहा.

वो तुरंत ही पूल मे कूदकर उसके सामने खड़ी हो गयी. नीचे देखते हुए अरुण ने अपने शॉर्ट्स उतार दिए और लंड को बाहर निकाल लिया.

"चूसो," अरुण ने धीरे से कहा.

"ओह यॅ. सक इट बेब."

आरोही के चेहरे पर भी एक बड़ी स्माइल आ गयी. वो आगे बढ़ी और उसके लंड को हाथ मे लेकर इधर उधर करने लगी. सूरज की चमक, उसके बदन पर तेल के कारण चमकता पानी और उसके मूह मे लंड, ये सब अरुण को मदहोशी मे ले जाने लगे.

उसके लंड को मूह मे रखकर वो चूसे जा रही थी. उसके थूक से पूरा लंड धूप मे चमक रहा था.

गले के अंदर तक पहुचा तो अरुण ने धीरे से अंदर लेने को कहा, आरोही ने एक सेकेंड के लिए लंड को मूह से बाहर निकाला और फिर अंदर कर लिया. उसका सुपाडा अंदर गले की दीवार को रगड़ने लगा.

"आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह."

अरुण और उसकी आवाज़ एक साथ ही बोले और उसके सिर को पकड़कर अपनी आँखो की तरफ कर दिया. उसने दोनो हाथों से उसका सिर पकड़ा और अपने लंड पर आगे पीछे करना शुरू कर दिया. थोड़ी ही देर मे वो उसके मूह मे झाड़ते हुए सिसकी लेने लगा. जब आरोही ने पूरे तरीके से उसका लंड सॉफ करके लंड को मूह से बाहर निकाला तो उसने उसकी आँखों मे देखा.

"थॅंक यू." अरुण ने कहा.

हंसते हुए आरोही ने एक और बार उसे आँख मार दी और आख़िरी बार लंड को चाट के पानी के अंदर गोता लगा दिया.

*************

अरुण अपने पास गर्म अहसास से जागा. खिड़की से सूरज के दर्शन हो रहे थे. उसने पलटते हुए अपने पास उस गर्म, कोमल शरीर को अपने आगोश मे लेने के लिए उसके तरफ हाथ बढ़ा दिया. उसके बालों मे अपनी नाक रगड़कर उसने धीरे से साँस ली और मुस्कुरा दिया.

"सोनिया," उसने मुस्कुराते हुए मन मे उसका नाम लिया.

सोनिया हल्की सी हिली और उसने भी पलटकर उसके सीने मे अपना मूह रखकर गहरी सास ली.

"म्म्म्मीमममम," सोनिया ने धीरे से जागते हुए कहा.

अरुण ने अपना हाथ आगे बढ़ाकर उसके खूबसूरत चेहरे से बाल हटाए, और उसकी नींद से जागती आँखों को अपनी ओर उठाते हुए देखने लगा. उसने आगे बढ़कर अपने होठ उसके नाज़ुक होठों पर रख दिए और उसके चेहरे को खिचते हुए पलटकर उसके उपर चढ़ गया.

अभी मे नींद मे होते हुए सोनिया ने उसके किस के जवाब मे उसे किस किया और उसके गले मे अपनी बाहें डालकर अपने पैरो को खोल दिया. उसने अपनी उंगलियाँ उसके पीठ पर रख दी और उसके लंड को अपनी चूत के अंदर जाते हुए महसूस करने लगी. उसकी प्रतीक्षा मे उसने अपने होठों को चबाना शुरू कर दिया और जैसे ही लंड उसकी गीली चूत मे दाखिल हुआ उसने एक चैन की सास ली.

अरुण ख़ुसी से झूमते हुए अपने लंड को उसकी चूत के रस से सारॉबार करते हुए अंदर की तरफ धक्के लगाने लगा. उसने अपने हाथ को उसकी कमर के नीचे करके उसके चुतड़ों को उपर उठाया और इस बार जब उसका लंड चूत के मूह को खोलता हुआ अंदर गया तो दोनो के मूह से एक साथ आह निकल गयी.

सोनिया ने मस्ती मे अपना सिर नीचे तकिये मे धंसा दिया और उसके धक्को का आनंद लेने लगी.

"गुड....आअहह...मॉर्निंग...ओहमम्म्म..भईई." उसने मदमस्त काँपति हुई आवाज़ मे कहा.

"मॉर्निंग सेक्सी.."अरुण ने एक आराम से लेकिन करारा झटका अंदर देते हुए कहा.

"भाई, थोड़ा और ज़ोर से," उसने धीरे से कहा. "मैं सोच ही रही थी कि कब आप मुझे ऐसे जगाओगे," उसने कहा.

हंसते हुए अरुण ने वापस धक्का मारा और एक ही बार मे पूरा लंड अंदर तक कर दिया, दोनो के शरीर मे करेंट दौड़ गया, दोनो की आहें एक दूसरे की सासों मे घुलकर दोनो को आनंद के सागर मे गोते खिलाने लगी. अरुण अभी भी उसकी कमर को पकड़े हुए था और कस कस के जोरदार धक्के दे रहा था.

अरुण ने अभी अगला धक्का लगाया ही था कि उसके रूम का डोर ओपन हुआ और सुप्रिया अंदर की ओर झाँकने लगी.

"गॉड, डॉन'ट स्टॉप," सोनिया ने सुप्रिया को देखते हुए कहा, उसे इस वक़्त कोई फ़र्क़ नही पड़ रहा था कि उनकी बड़ी बहेन उन दोनो को एक साथ सेक्स करते हुए देख रही थी.

अरुण ने भी एक बार पीछे मूड के देखा और सुप्रिया की ओर मुस्कुरा कर देखते हुए एक धक्का और लगा दिया सोनिया की चूत मे. सोनिया का शरीर कांप कर उसके ऑर्गॅज़म की दशा दिखाने लगा. सुप्रिया ने पीछे दरवाजा बंद किया और उन दोनो के पास आकर बिस्तर पर बैठकर देखने लगी.

"आइ'म जस्ट हियर टू एंजाय दिस ब्यूटिफुल शो," उसने सोनिया के चेहरे पर पसीने के कारण चिपके बाल हटाते हुए कहा.

सोनिया दोबारा आ भरते हुए अरुण से चिपक गयी. उसकी चूत लंड के चारो तरफ अपना शिकंजा कसे हुए थी, अरुण के हर झटके के साथ सोनिया आह आह कर रही थी. अरुण लगातार सुप्रिया की आँखों मे देखते हुए सोनिया को किस करने लगा और सोनिया अपने ऑर्गॅज़म के कारण काँपते हुए उसकी बाहों मे सिमटी पड़ी रही. आख़िरकार अरुण ने अपनी कमर को रोका और उसके सिर को सहारा देकर तकिये पर रख दिया. कुछ देर ऐसे ही रहने के बाद अरुण ने वैसे ही उसे अपने से चिपकाया और खुद पीठ के बल लेट कर उसे अपने उपर कर लिया. उसे पता था की सोनिया को उसके उपर चढ़ कर सेक्स करने मे कितना मज़ा आता है. उसके काम का फल उसे मिला जब उसके कानो मे दोबारा उसकी मस्ती भरी आह रस घोलने लगी.

सुप्रिया दोनो को देखकर मुस्कुराए जा रही थी. उसे अपने भाई बहेन के इस सुंदर कृत्य पर बड़ा प्यार आ रहा था, वो मन मे चाह रही थी कि सोनिया उसे इस मे शामिल कर ले लेकिन वो दोनो को डिस्टर्ब नही करना चाहती थी.

सोनिया पूरी मस्ती मे अपने भाई के लंड के उपर उछल्ते हुए कराहने लगी. आख़िरकार दोबारा उसकी चूत मे ऑर्गॅज़म की लहर उठाने लगी और कुछ ही देर मे दोबारा उसकी सासें बढ़ने लगी और वो गहरी सास लेते हुए उसके उपर गिर कर साँस संभालने लगी.

"यू टू आर सो गुड अट था," सुप्रिया बोली. "सॉरी, मैं तुम दोनो को डिस्टर्ब नही करना चाहती थी. बस मुझसे रहा नही गया तो मैं देखने चली आई."

सोनिया अपनी उखड़ी सासो को संभालते हुए उसकी ओर पलटी.

"डॉन'ट वरी दी. मुझे कोई प्राब्लम नही है. उपर से इट वाज़ मोर फन," उसने मुस्कुराते हुए कहा.

अरुण वही अपनी दोनो बहनों के साथ कुछ मिनिट लेटा रहा. उसका लंड अभी भी सोनिया की चूत मे सावधान अवस्था मे खड़ा हुआ था.

"मुझे लगा आज क्लास जाने से पहले यू कुड यूज़ आ लिट्ल गिफ्ट," उसने सोनिया को चूमते हुए कहा. फिर धीरे धीरे उसने लंड को उसकी कुलबुलाती चूत से बाहर निकाल लिया. सोनिया लेटे हुए सुप्रिया की आँखो मे देखने लगी जो उन दोनो के पास ही लेटी हुई थी. सुप्रिया से रहा नही गया तो उसने आगे बढ़कर धीरे से सोनिया के नरम होठों को अपने मूह मे रख लिया और पूरे एक मिनिट तक उनका रस चूस्ति रही. फिर उठाते हुए बोली.

दरवाजे की ओर जाते हुए वो कहने लगी,"मुझे वो.. बनाना..है.."

 


अरुण ने सोनिया की ओर देखा तो सोनिया ने मुस्कुरा कर हां मे सिर हिला दिया. अरुण जल्दी से खड़ा हुआ और उसके पीछे पहुचा. सुप्रिया उसी की पुरानी शर्ट और पैंटी पहने हुए थी.

"इतनी जल्दी क्या है, स्वीटी पिए," उसने उसके दोनो हाथ पकड़कर अपनी ऑर मोडते हुए कहा और उसको लेकर बेड पर गिर पड़ा, कुछ ही पॅलो बाद उसकी पैंटी उसके पैरो से बाहर निकल रही थी. सोनिया ने सुप्रिया के कंधे पकड़कर उपर खिच लिया और खुद थोड़ा साइड मे हटकर उसे जगह दे दी.

अरुण ने हाथ आयेज बढ़ाकर जल्दी से उसकी शर्ट उतार दी. हंसते हुए सुप्रिया ने उसके चमकते हुए लंड को देखा और फिर सोनिया की खूबसूरत चंचल आँखो मे देखते हुए मुस्कुरा दी.

अरुण ने देर ना करते हुए लंड को एक ही झटके मे अंदर कर दिया, अरुण ने महसूस किया और उसे कोई अचंभा भी नही हुआ कि उसकी चूत काफ़ी गीली थी.

"ओह गॉड येस्स्स..." सुप्रिया काफ़ी तेज़ी से बोली जैसे ही उसका मोटा लंड उसकी चूत की गहराइयाँ जाँचने लगा. उसके पैर खूदबखुद उसकी कमर के इर्द गिर्द लिपट गये और अरुण कस के धक्के पर धक्के देने लगा.

"ओह,,,गॉड...आहह..स्वीटी,," उसने मस्ती मे कहा, उसकी चूत किसी भूके की तरह उसके लंड को खा जाने पर तुली हुई थी. अरुण ने उसकी कमर को पकड़ा और दूसरे हाथ से उसकी पीठ को सहारा देकर अपने उपर डाल लिया फिर खड़ा होकर उसे दीवार के पास ले गया. वही दीवार से सटा कर अरुण उसकी चूत को पेलने लगा.

"फक, यस..ऐसे ही चोदो मुझे..आ.हह..." सुप्रिया पूरे जोश मे आकर बोली. हर धक्का उसे उसके चरम के करीब ले जा रहा था.

कुछ ही देर मे उसकी चूत की दीवारें भी काँपते हुए अपना रस छोड़ने लगी और वो भी निढाल होकर अरुण की गर्दन को हल्के हल्के चूमने लगी.

"दी, मैं समझ गयी आपको कैसा लगा होगा. आइ कॅन फील इट नाउ." सोनिया बेड पर लेटे लेटे ही दोनो की तरफ देखते हुए बोली.

"हमे ऐसा और ज़्यादा करना चाहिए, आगे से." सुप्रिया बेड पर आते हुए बोली. सोनिया ने कस के उसे अपने पास खीच लिया और उसके सीने पर सिर रख के लेट गयी. सुप्रिया भी अपनी सास को पकड़ते हुए उसे साथ लेटे लेटे नींद के आगोश मे जाने लगी.

अरुण ने अपनी दोनो बहनो को एक साथ प्यार से नींद मे जाते देखा तो मुस्कुरा दिया और मुड़कर अपने रूम से बाहर चला आया. बाहर आते ही अपनी जुड़वा बहेन के रूम की तरफ मूड गया उसे सर्प्राइज़ देने के लिए.

पंजो के बल बिना आवाज़ किए उसने धीरे से उसके रूम का दरवाजा खोला और अंदर उसकी सोती हुई सूरत निहारने लगा. उसके भूरे बाल एक चोटी मे थे और उसका बदन एक चादर से ढका हुआ था. उसकी सेक्सी गान्ड का उभर चादर मे से सॉफ सॉफ दिख रही थी. अरुण धीरे से आगे बढ़ा और शीट को पकड़कर धीरे से खिच लिया. चादर उतरते ही उसका सेक्सी गोरा बदन उसकी नज़रो मे उतरने लगा, उसके छोटे एगर पर्की दूध बिस्तर मे धन्से जा रहे थे और उसके नंगे चूतड़ कुछ अलग ही शोभा बढ़ा रहे थे.

चुपचाप आगे बढ़ते हुए उसने हल्के से उसके नंगे चूतड़ पर किस कर दिया. नज़रे उठाकर उसने देखा तो वो अभी भी सो रही थी, तो उसने दोबारा किस किया और धीरे धीरे दोनो चुतड़ों पर अपनी छाप छोड़ने लगा.

आख़िरकार वो हल्के से हिली और पलटकर पूरे तरीके से अपने पेट के बल लेट गयी, अरुण ने भी मौका ना छोड़ते हुए उसके चूतड़ो को हल्का सा खोला और अपनी जीभ को कोणदार करके छेद के अंदर ले जाने की कोशिश करने लगा. उसकी गान्ड पर अरुण की गरम जीभ पड़ते ही आरोही सोते सोते ही आह करने लगी और अपनी कमर को उपर उठाकर उसे और ज़्यादा उकसाने लगी. गान्ड से होती हुई जीभ उसकी चूत तक जा पहुचि और उसको अपने थूक से भिगोने लगी. दोनो हाथों से चौड़ा कर उसने जीभ को चूत के अंदर डाल दिया फिर कुछ देर बाद उसे बाहर निकाल कर देखा तो आरोही गहरी सासों के साथ जाग रही थी.

"वाउ, व्हाट आ सेक्सी मॉर्निंग," उसने कहा और अरुण का सिर दोबारा अपनी चूत पर दबा दिया. अरुण के हाथ किसी साप की तरह उसके शरीर के उपर चढ़ते हुए दूधों तक जा पहुचे इधर वो अपनी जीभ से उसकी क्लाइटॉरिस के साथ खेलता रहा. आरोही उसके सिर को पकड़े पकड़े अपनी कमर को कस के घूमने लगी. फिर उसने उसे छोड़ दिया और अपने हाथो के बल शरीर को उपर उठा दिया. अरुण ने अपने हाथो से उसकी जांघों को पकड़ लिया और पूरी की पूरी जीभ उसके छेद के अंदर डाल कर मज़े देने लगा.

चूत चाटते चाटते ही अरुण ने अपनी जुड़वा बहेन की ओर देखा तो वो भी उसकी ही ओर देख रही थी. जैसे ही अरुण ने अपना मूह उसकी चूत से हटाया आरोही एक दम से उस पर चढ़ने लगी, चुदने के लिए लेकिन अरुण ने उसे रोक दिया.

"वेट, काफ़ी टाइम है हमारे पास." अरुण ने एक कुटिल मुस्कान के साथ कहा.

आरोही को उसकी बात का मतलब नही समझ आया तो वो दोबारा बिस्तर पर लेट कर उसकी ओर देखने लगी और अपनी टाँगे खोलकर उसे न्योता देने लगी. "प्लीज़, फक मी भाई."

अरुण ने हंसकर उसे देखा. और आगे झुककर अपने लंड को चूत पर रख दिया लेकिन अंदर नही डाला. "वेट," अरुण ने कहा तो आरोही से रहा नही गया लेकिन उसने उसकी बात की तौहीन भी नही की. वो बस वही पर हल्के हल्के कमर हिलाने लगी.

"प्लीज़, प्लीज़ चोदो मुझे," उसने भीख माँगते हुए उसकी ओर देखा.

इस बार अरुण ने भी देर नही की और उसके हाथो को साइड मे कस्के रखके एक जोरदार झटका मार कर लंड को गहराइयों मे पहुचा दिया. तुरंत ही आरोही का शरीर उपर उठ कर अरुण से चिपकता चला गया और उसके मूह से मादक सिसकारी निकल गयी.

"फक्क्क्क..येस्स्स्स्स.." आरोही बस यही बोले जा रही थी और अरुण झटके पर झटके दिए जा रहा था. कुछ ही देर मे आरोही ने भी झड़ना शुरू कर दिया और वो मूह खोलकर उसे किस करने लगी और आँखें बंद करके उस पल का आनंद उठाने लगी. जब उसका शरीर ठंडा होकर नीचे गिर पड़ा तो अरुण ने धक्के मारना बंद किए और नीचे उसकी ओर देखा. उसके चेहरे पर पसीना था जो उसे और खूबसूरत बना रहा था. उसने उसके भीगे होठों को अपने जीभ से चाटा और फिर एक जोरदार किस किया. "आइ लव यू, आरू," उसने कहा.

आरोही ने भी उसके गले मे बाहें डाल दी और उसके शरीर को खुद पर महसूस करके मदहोश होने लगी. उसने भी अपने होठों से उसके पूरे चेहरे पर चुंबन ले लिए.

"आइ लव यू टू, अरुण." उसने भी धीरे से कह दिया.

कुछ देर दोनो ऐसे ही हल्के हल्के किस करते रहे फिर अरुण उसके माथे को चूमकर रूम से बाहर चला गया.

वो नीचे किचन मे पानी पीने ही जा रहा था की सीढ़ियों से उतरते ही उसे शवर चलने की आवाज़ आई. उसे तुरंत ही पता चल गया कि स्नेहा ही होगी वहाँ तो उसके मन मे एक और आइडिया आ गया, जिसे कन्फर्म करने के लिए उसने अपने खड़े हुए लंड की तरफ देखा.

वो बाथरूम तक पहुचा और धीरे से दरवाजा खोलकर अंदर देखा, तो वहाँ स्नेहा शवर के नीचे खड़ी थी, उसकी सेक्सी बॉडी पर साबुन लगा हुआ था, जो पानी के कारण झाग बनकर उसके दूधों से होता हुआ पेट के ज़रिए चूत तक पहुच रहा था. उसने अपनी आँखें बंद कर रखी थी. वो जल्दी से उससे जाकर चिपक गया तो वो पहले तो डर गयी लेकिन फिर जब वही जाने पहचाने होठ उसकी गर्दन पर आए तो उसने भी उसे अपनी बाहों के घेरे मे ले लिया.

"वेल, गुड मॉर्निंग बेबी," उसने कहा और एक हाथ से उसके लंड को हिलाने लगी. "वाउ," उसने लंड को उपर नीचे करते हुए कहा. "मेरे लिए?" स्नेहा ने पूछा.

अरुण ने मूह से तो कोई जवाब नही दिया लेकिन लंड के सुपाडे को उसकी चूत पर रगड़ने लगा. दोनो के शरीर पानी मे भीगे हुए थे और स्नेहा के शरीर का झाग अब अरुण के शरीर पर भी लगा हुआ था, उसने भी देर ना करते हुए लंड को उसकी चूत मे घुसा दिया तो स्नेहा खड़ी होने के लिए उसकी गर्दन को पकड़ने लगी.

अरुण उसे पकड़े पकड़े दीवार से सटाने लगा और अपने दोनो हाथो से उसके चूतड़ पकड़कर उसे हवा मे उठा लिया और चोदने लगा.

"ओह..स्वीट...ओह...गूओड़...बेबी..." स्नेहा मस्ती मे बोली.

अरुण भी मस्ती मे पूरी ताक़त से उसे चोदे जा रहा था. अरुण ने तुरंत ही पलटकर उसे शवर से बाहर ले गया और फर्शपर लिटा दिया और दोबारा अपनी बहेन के अंदर लंड को पेलना स्टार्ट कर दिया. हर धक्के के साथ स्नेहा के दूध पूरी सिद्दत के साथ हिलने लगे.

फिर उसने उसे पलट दिया और डॉगी पोज़िशन मे चोदने लगा.

"मेरे बाल..अहः..खिचो," स्नेहा ने एक दम कहा तो अरुण ने उसकी बात मानते हुए भीगे बालों को पकड़कर पीछे खिचा जिससे उसका सिर भी पीछे आ गया और उसकी कमर और चूतड़ थप थप की आवाज़ें निकालने लगे.

"ओह्ह्ह..चोदो...बेबी...हूहम्म" स्नेहा बार बार यही बोलने लगी, दोनो का पानी से भीगा शरीर उनकी मस्ती को और बढ़ा रहा था. जब स्नेहा अपने झड़ने के करीब आई तो उसने अपनी कमर को उसे कस्के जोड़ दिया . अरुण ने उसके बालों को और खिच लिया तो स्नेहा की मादक सिसकारी और तेज होने लगी. कुछ ही देर मे वो नीचे निढाल होकर लेट गयी तो अरुण ने धक्को को रोका.

उसकी गर्दन पर किस करके अरुण बाथरूम से बाहर जाने लगा.

"तुम्हे क्लाइमॅक्स तक नही पहुचना?" स्नेहा ने बैठते हुए पूछा.

अरुण ने अपना सिर हिला दिया. "आइ'हॅव स्टिल गॉट प्लॅन्स फॉर दट," उसने हंसकर कहा और मुड़कर उसे वही छोड़कर चला गया.

**********

Arun ne Soniya ki or dekha to Soniya ne muskurakar haan me sir hila diya. Arun jaldi se khada hua aur uske piche pahucha. Supriya usi ki purani shirt aur panty pehne hue thi.

"Itni jaldi kya hai, sweeti pie," usne uske dono hath pakadkar apni or modte hue kaha aur usko lekar bed par gir pada, kuch hi palo baad uski panty uske pairo se bahar nikal rahi thi. Soniya ne Supriya ke kandhe pakadkar upar khich liya aur khud thoda side me hatkar use jagah de di.

Arun ne hath aage badhakar jaldi se uski shirt utar di. Hanste hue Supriya ne uske chamakte hue lund ko dekha aur fir Soniya ki khoobsurat chanchal ankho me dekhte hue muskura di.

Arun ne der na karte hue lund ko ek hi jhatke me andar kar diya, Arun ne mahsoos kiya aur use koi achambha bhi nahi hua ki uski choot kafi geeli thi.

"Oh god yesss..." Supriya kafi teji se boli jaise hi uska mota lund uski choot ki gehrayian jachne laga. Uske pair khudbakhud uski kamar ke ird gird lipat gaye aur Arun kas ke dhakke par dhakke dene laga.

"Ohhhhh,,,God...aahhhhh..sweetie,," usne masti me kaha, uski choot kisi bhuke ki tarah uske lund ko kha jane par tuli hui thi. Arun ne uski kamar ko pakda aur dusre hath se uski peeth ko sahara dekar apne upar daal liya fir khada hokar use deewar ke paas le gaya. Wahi deewar se satakar Arun uski choot ko pelne laga.

"Fuck, yes..aise hi chodo muhe..a.hhhhhh..." Supriya pure josh me aakar boli. Har dhakka use uske charam ke kareeb le ja raha tha.

Kuch hi der me uski choot ki deewarein bhi kampte hue apna ras chodne lagi aur wo bhi nidhal hokar Arun ki gardan ko halke halke chumne lagi.

"Di, main samajh gayi aapko kaisa laga hoga. I can feel it now." Soniya bed par lete lete hi dono ki taraf dekhte hue boli.

"Hume aisa aur jyada karna chahiye, aage se." Supriya bed par aate hue boli. Soniya ne kas ke use apne paas khich liya aur uske seene par sir rakh ke let gayi. Supriya bhi apni saas ko pakadte hue use sath lete lete neend ke aghosh me jane lagi.

Arun ne apni dono behno ko ek sath pyar se neend me jate dekha to muskura diya aur mudkar apne room se bahar chala aaya. Bahar aate hi apni judwa behen ke room ki taraf mud gaya use surprise dene ke liye.

Panjo ke bal bina awaz kiye usne dheere se uske room ka darwaja khola aur andar uski soti hui surat niharne laga. Uske bhure baal ek choti me thi aur uska badan ek chadar se dhaka hua tha. Uski sexy gand ka ubhar chadar me se saaf saaf dikh rha tha. Arun dhire se age badha aur sheet ko pakadkar dhire se khich liya. Chadar utarte hi uska sexy gora badan uski najro me utarne laga, uske chote agar perky doodh bistar me dhanse ja rahe the aur uske nange chutad kuch alag hi shobha badha rahe the.

Chupchap aage badhte hue usne halke se uske nange chutad par kiss kar diya. Najre uthakar usne dekha to wo abhi bhi so rahi thi, to usne dobara kiss kiya aur dhire dhire dono chutado par apni chap chodne laga.

Akhirkar wo halke se hili aur palatkar pure tarike se apne pet ke bal let gayi, Arun ne bhi mauka na chodte hue uske chootado ko halka sa khola aur apni jeebh ko kondar karke ched ke andar le jane ki koshish karne laga. Uski gand par Arun ki garam jeebh padte hi Aarohi sote sote hi aah karne lagi aur apni kamar ko upar uthakar use aur jyada uksane lagi. Gand se hoti hui jeebh uski choot tak ja pahuchi aur usko apne thook se bhigone lagi. Dono hathon se chueailakar usne jeebh ko choot ke andar daal diya fir kuch der baad use bahar nikal kar dekha to Aarohi gehri saason ke sath jag rahi thi.

"Wow, what a sexy morning," usne kaha aur Arun ka sir dobara apni choot par daba diya. Arun ke hath kisi saap ki tarah uske shareer ke upar chadhte hue doodhon tak ja pahuchi idhar wo apni jeebh se uski clitoris ke sath khelta raha. Aarohi uske sir ko pakde pakde apni kamar ko kas ke ghumane lagi. Fir usne use chhod diya aur apne hatho ke bal shareer ko upar utha diya. Arun ne apne hatho se uski janghon ko pakad liya aur puri ki puri jeebh uske ched ke andar daal kar maje dene laga.

Choot chatate chatate hi Arun ne apni judwa behen ki or dekha to wo bhi uski hi or dekh rahi thi. Jaise hi Arun ne apna muh uski choot se hataya Aarohi ek dum se us par chadhne lagi, chudne ke liye lekin Arun ne use rok diya.

"Wait, kafi time hai hamare paas." Arun ne ek kutil muskan ke sath kaha.

Aarohi ko uski baat ka matlab nahi samajh aaya to wo dobara bistar par let kar uski or dekhne lagi aur apni tange kholkar use nyota dene lagi. "Please, fuck me bhai."

Arun ne hanskar use dekha. Aur aage jhukkar apne lund ko choot par rakh diya lekin andar nahi daala. "Wait," Arun ne kaha to Aarohi se raha nahi gaya lekin usne uski baat ki tauheen bhi nahi ki. Wo bas wahi par halke halke kamar hilane lagi.

"Please, please chodo mujhe," usne bheekh mangte hue uski or dekha.

Is bar Arun ne bhi der nahi ki aur uske hatho ko side me kaske rakhke ek jordar jhatka maar kar lund ko gehrayion me pahucha diya. Turant hi Aarohi ka shareer upar uth kar Arun se chipakata chala gaya aur uske muh se madak siskari nikal gayi.

"Fuckkkk..yesssss.." Aarohi bas yahi bole ja rahi thi aur Arun jhatke par jhatke diye ja raha tha. Kuch hi der me Aarohi ne bhi jhadna shuru kar diya aur wo muh kholkar use kiss karne lagi aur ankhen band karke us pal ka anand uthane lagi. Jab uska shareer thanda hokar niche gir pada to Arun ne dhakke marna band kiye aur niche uski or dekha. Uske chehre par pasina tha jo use aur khoobsurat bana raha tha. Usne uske bheege hothon ko apne jeebh se chata aur fir ek jordar kiss kiya. "I love you, Aaru," usne kaha.

Aarohi ne bhi uske gale me bahein daal di aur uske shareer ko khud par mahsoos karke madhosh hone lagi. Usne bhi apne hothon se uske pure chehre par chumban le liye.

"I love you too, Arun." usne bhi dhire se keh diya.

Kuch der dono aise hi halke halke kiss karte rahe fir Arun uske mathe ko chumkar room se bahar chala gaya.

Wo niche kitchen me pani pine hi ja raha tha ki seedhiyon se utarte hi use shower chalne ki awaz aayi. Use turant hi pata chal gaya ki Sneha hi hogi waha to uske man me ek aur idea aa gaya, jise confirm karne ke liye usne apni khade hue lund ki taraf dekha.

Wo bathroom tak pahuch aur dhire se darwaja kholkar andar dekha, to waha Sneha shower ke niche khadi thi, uski sexy body par sabun laga hua tha, jo pani ke karan jhag bankar uske doodhon se hota hua pet ke jariye choot tak pahuch raha tha. Usne apni ankhen band kar rakhi thi. Wo jaldi se usse jakar chipak gaya to wo pehle to dar gayi lekin fir jab wahi jane pehchane hoth uski gardan par aaye to usne bhi use apni bahon ke ghere me le liya.

"Well, good morning baby," usne kaha aur ek hath se uske lund ko hilane lagi. "Wow," usne lund ko upar niche karte hue kaha. "Mere liye?" Sneha ne pucha.

Arun ne muh se to koi jawab nahi diya lekin lund ke supade ko uski choot par ragadne laga. Dono ke shareer pani me bhige hue the aur Sneha ke shareer ka jhag ab Arun ke shareer par bhi laga hua tha, usne bhi der na karte hue lund ko uski choot me ghusa diya to Sneha khadi hone ke liye uski gardan ko pakadne lagi.

Arun use pakde pakde diwar se satane laga aur apne dono hatho se usk chutad pakadkar use hawa me utha liya aur chodne laga.

"OH..sweet...oh...goood...baby..." Sneha masti me boli.

Arun bhi masti me puri takat se use chode ja raha tha. Arun ne turant hi palatkar use shower se bahar le gaya aur farshpar lita diya aur dobara apni behen ke andar lund ko pelna start kar diya. Har dhakke ke sath Sneha ke doodh puri siddat ke sath hilne lage.

Fir usne use palat diya aur doggy position me chodne laga.

"Mere baal..ahah..khicho," Sneha ne ek dum kaha to Arun ne uski baat mante hue bhige balon ko pakadkar piche khicha jisse use sir bhi piche aa gaya aur uski kamar aur chutad thap thap ki awazein nikalne lage.

"Ohhh..chodo...baby...hoohhmm" Sneha baar baar yahi bolne lagi, dono ka pani se bheega shareer unki masti ko aur badha raha tha. Jab Sneha apne jhadne ke kareeb aayi to usne apni kamar ko use kaske jod diya aur uski kamne lagi. Arun ne uske balon ko aur khich liya to Sneha ki madak siskari aur tej hone lagi. Kuch hi der me wo niche nidhal hokar let gayi to Arun ne dhakko ko roka.

Uski gardan par kiss karke Arun bathroom se bahar jane laga.

"Tumhe climax tak nahi pahuchna?" Sneha ne baithate hue pucha.

Arun ne apna sir hila diya. "I've still got plans for that," usne hanskar kaha aur mudkar use wahi chodkar chala gaya.

**********

 


एक घंटे बाद अरुण आज किचन मे अपनी बहनों के लिए ब्रेकफास्ट तय्यार कर रहा था. सभी एक एक करके नीचे आए और सभी ने उसके होंठो को किस करके गुड मॉर्निंग कहा और अपने भाई के हाथो बने नाश्ते का लुत्फ़ उठाने लगीं.

अरुण ने सभी के चेहरे पर चमक देखी तो काफ़ी खुश हुआ कि इसका रीज़न वो था.

सुप्रिया ने उसके चेहरे पर इतनी बड़ी स्माइल और आँखों मे चमक देखी तो पूछ बैठी,"सो, आइ गेस मैं और सोनिया ही लकी नही थी आज," उसने आरोही और स्नेहा की ओर देखते हुए पूछा.

कोई भी अपनी हँसी नही रोक पाया और पूरा घर उन सबकी खिलखिलाहट से भर गया.

"मुझे तो अपनी जीभ की करामात से जगाया," आरोही हंसते हुए बोली.

"मुझे शवर मे, दोबारा," स्नेहा ने भी कहा.

"मुझे तो रोज की तरह," सोनिया ने सुप्रिया को आँख मारते हुए कहा.

सभी अपने अपने मोमेंट्स बताकर हंसते रहे.

"लेकिन अरुण का क्लाइमॅक्स तो हुआ नही, आइ थिंक, तो इसके पास और कोई प्लान है?" स्नेहा बोली तो सभी अरुण की ओर देखने लगी.

"अरुण, तुम्हे पता है ना तुम्हे अपनी हाथों से मेहनत करने की ज़रूरत नही है," आरोही हंसते हुए बोली. "तुम हम लोगो से इस काम के लिए कह सकते हो."

अरुण भी हंस पड़ा. "डॉन'ट वरी, आइ'म फाइन." उसने बात जारी करते हुए कहा. "थोड़ी ज़्यादा एनर्जी नुकसान तो नही पहुचाएगी ना," उसने अपनी प्लेट सिंक मे डालते हुए कहा.

आज स्नेहा, सोनिया, आरोही और अरुण के लिए पहला दिन था कॉलेज का तो सभी तय्यार होकर कुछ देर बाद कॉलेज के लिए निकल पड़े.

कॉलेज मे टाइम काटना अरुण के लिए काफ़ी भारी पड़ा. वापस आते टाइम वो और आरोही एक साथ थे. रास्ते मे उसे शरारत सूझी तो अरुण बोला," आरू, अपनी ब्रा और पैंटी अभी मुझे दो." आरोही ने 2 पल उसे देखा फिर मुस्कुराते हुए अपने टॉप से ब्रा निकाल दी और स्कर्ट के नीचे से पैंटी निकालकर उसे दे दी. अरुण ने पैंटी को अपनी नाक के पास ले जाकर सूँघा फिर साइड मे रखकर पूरे रास्ते उसकी चूत को सहलाता रहा. घर आकर देखा तो सोनिया और स्नेहा की गाड़ी पहले से ही थी.

जब दोनो अंदर पहुचे तो अंदर कोई नही था, उसने खिड़की से देखा तो सभी बॅकयार्ड मे थे. और तीनो की तीनो नंगी लेटी हुई थी. अरुण का सिर घूमने लगा.

आरोही तो ताली बजाते हुए जल्दी से बाहर पहुचि और भागते हुए ही अपने टॉप को फिर अपनी स्कर्ट को उतार कर स्नेहा के पास लेट गयी.

"नो अंडरवेर?" सुप्रिया ने उसकी हालत देखी तो पूछा.

आरोही हंसते हुए अरुण की तरफ उंगली करने लगी. "हिज़ आइडिया," उसने कहा फिर उन्हे कार वाली हरकत बताने लगी.

अरुण हंसकर वापस जाने लगा लेकिन तभी रुक गया.

"पगला गया है क्या, दूध उधर हैं..वापस जा." आवाज़ ने जैसे अरुण को ऑर्डर दिया

उसकी बात मान कर अरुण वापस मुड़ा और उनके सामने वाली चेयर पर लेट कर उन्हे निहारने लगा.

"क्यू अब वापस नही जाना?" स्नेहा ने पूछा.

"इससे बढ़िया नज़ारा थोड़ी ना मिलेगा कही?" अरुण ने कहा और फिर वही लेट कर उनसे बातें करता रहा.

ऐसे ही काफ़ी देर तक सभी पूल मे मस्ती करते रहे.

अरुण का फोन बजा तो उसने मेसेज पढ़ा. मेसेज रोहित का था.

"निशा क्लब जा रही है. तो तू भी आजा, और अपनी बहनों को भी लाना, लेकिन सिर्फ़ सेक्सी वालियों को." अरुण ने रोहित का मेसेज पढ़ कर सभी को सुना दिया.

कुछ ही देर मे चारो देवियाँ पूल से बाहर निकालकर अंदर जाने लगी. अरुण मूह खोले चारो की भीगी गान्ड को निहारने लगा.

"वेट," अरुण ने कहा तो सभी उसकी ओर देखने लगे.

अरुण ने इशारे से उन्हे वापस चेयर पर बैठने के लिए कहा तो सभी बैठ कर उसे देखने लगे.

"चलो ये तो ठीक है कि हम लोग अपने घर मे इतना ओपन हैं, लेकिन हमे बाहर पब्लिक मे अलग तरीके से बिहेव करना पड़ेगा." अरुण ने अपनी बात रखी.

स्नेहा उसकी बात समझकर अपनी सिर उपर नीचे कर रही थी जिसके कारण उसके दूध भी हल्के हल्के हिल रहे थे. "यॅ, मैं भी इसी बारे मे सोच रही थी. साइन्स के अकॉरडिंग कोई सही से अब्ज़र्व करके बता सकता है कि 2 लोग आपस मे सेक्स करते हैं कि नही. तो आज हम सबको थोड़ा संभालना पड़ेगा."

सभी उसकी बात समझने लगे.

"ओके सो वी आर गोयिंग टू क्लब, बट सोनिया, यू ओके वित दिस?" आरोही ने सोनिया से पूछा.

अरुण भी उसकी ओर देखने लगा. उसके चेहरे पर हल्की सी स्माइल थी और आँखो मे थोड़ा डर. अरुण समझ गया कि वो जाना तो चाहती थी लेकिन थोड़ा नर्वस थी.

"हे," उसने पूल से बाहर आकर उसके हाथ थाम लिया. "अगर तुम नही चलना चाहती तो मैं रुक जाउन्गा यहाँ तुम्हारे साथ."

सोनिया उसकी ओर मुस्कुरा कर देखने लगी और अपनी सिर ना मे हिला दिया. "नही, मुझे कभी कभी ना कभी तो ये फेस करना ही पड़ेगा, वैसे भी वहाँ आप लोग साथ मे होगे मुझे कोई प्राब्लम नही होगी."

अरुण ने उसका सिर चूम लिया.

"लेकिन अरुण के थोड़ी दिक्कत होने वाली है?" सुप्रिया बोली.

अरुण सवालिया नज़रो से उसकी ओर देखने लगा.

"कैसे?" अरुण ने आख़िरकार पूछा.

सुप्रिया आकर उसके सामने बैठ गयी. "सोचो. हम लोग पब्लिक मे होंगे वो भी एक क्लब मे. और वहाँ हम लोग तुम्हारे साथ भी नही हो सकते इन दट वे. और वहाँ दूसरे लड़के भी होंगे, और वो हम लोगो से बात भी करने की कोशिश करेंगे."

अरुण के मन मे कभी ये बात आई ही नही थी.

"मैं ये नही कह रही कि हम लोग उन लोगो के साथ चिपक जाएँगे, लेकिन हम लोग सबको इग्नोर भी नही कर सकते ना, रोहित और निशा को शक हो गया तो."

अरुण के मन मे बस एक ही आवाज़ उठ रही थी.

"नूऊऊ...नूऊऊ...नूऊऊ" आवाज़ ने अपनी नाराज़गी जाहिर की

"शट्ट अप्प." अरुण ने सोचा.

"और सोचो, किसी ने आरोही से कुछ बात करी और तुम उस पर अपसेट हो गये. एक तो तुम दोनो को कोई एक ही नज़र मे बता देगा कि दोनो जुड़वा भाई बहेन हो, तो वो लोग पक्का सोचेंगे कि एक भाई को इतनी क्या दिक्कत हो सकती है ज़रा सी बात करने पर." स्नेहा बोली.

आरोही अपना सिर हिला रही थी. "दी, मुझे नही लगता कोई इतना सोचेगा, बहुत से भाई अपनी बहनो को लेकर काफ़ी प्रोटेक्टिव होते हैं."

"हां, लेकिन ये भी मत भूलो हम लोग अरुण के साथ इंटिमेट हो चुके हैं तो पक्का अरुण कुछ ज़्यादा ही रिएक्ट करेगा जैसे कि कोई अपनी गर्लफ्रेंड के साथ करता है और दूसरे लोग ये बात समझ सकते हैं."

"और उपर से हम सब लगते भी थोड़े एक जैसे हैं तो कोई भी बता सकता हैं वी आर रिलेटेड." सोनिया बोली.

अरुण अपना सिर हाथो मे पकड़ कर बैठ गया. सभी उसके रियेक्शन का इंतेज़ार करने लगे.

"अरुण कुछ तो बोलो," सुप्रिया बोली.

अरुण ने उनकी तरफ देखा फिर कुछ देर चुप रहा.

"लुक, ऐसा नही है कि मुझे पता नही है कि हम लोग हमेशा ऐसे नही रह सकते," उसने अपनी बात शुरू की.

"आइ डू," आरोही बोली तो बाकी सब हंस दिए.

अरुण फिर बोला. "मेरा मतलब है, रियलिस्टिकली, आइ नो कि हम लोग सिर्फ़ घर मे रह कर हर वक़्त सेक्स नही कर सकते, ये अलग बात है आइ'ड लव दट. आइ मीन आज स्कूल मे ही मुझे बस तुम सबकी याद आती रही. और मुझे लगता है कि मुझे थोड़े सेल्फ़ कंट्रोल की ज़रूरत है. तो आइ गेस, मैं अपने आप को कंट्रोल कर सकता हूँ अगर तुम लोग दूसरे लड़को से बात करोगी तो."

"बुलशिट!" आवाज़ ने गुस्सा होते हुए कहा

बाकी सब मुस्कुरा कर उसे साथ मे गले लगाने लगे और आइ लव यू कहने लगे.

"वैसे किस टाइम जाना है?" आरोही ने पूछा.

"टाइम?" अरुण ने मेसेज टाइप किया.

"निशा कह रही है, अपनी बहनों से पूछो." रोहित का जवाब आया.

उन लोगो के साथ यही होता था. जब भी ये लोग एक साथ बाहर जाते थे तो अरुण की बहने ही सब कुछ डिसाइड करती थी. तो सबको वैसे ही आदत पड़ी हुई थी.

"ओके," अरुण ने वापस रिप्लाइ किया.

"रोहित और निशा कह रहे थे कि जब तुम लोगो की मर्ज़ी हो," अरुण ने अंदर जाते हुए सभी से कहा. "और जब तुम लोग कपड़े पहेन लो तब."

स्नेहा जाके वैसे ही सोफे पर बैठ गयी, आज उसका मन नही था किचन मे जाने का. अरुण ने यही मौका सही देखा उससे कुछ पूछने का. वो आगे बढ़कर उसके पास बैठ गया तो स्नेहा ने अपना सिर उसके कंधे पर रख कर चॅनेल बदलने लगी.

अरुण ने कुछ देर उसे ऐसे ही टीवी देखने दी.

"सो, दी..उम..मुझे कुछ पूछा था," उसने कहा.

स्नेहा ने उसकी ओर देखा. "तो पूछो?"

"अभी कुछ दिन पहले आप ने कहा था कि आप कि मन मे भी कोई आवाज़ है जो आपके ये सब करने को कहती है?"

स्नेहा हँसने लगी. "हां, मैने कहा था."

अरुण सीरीयस नज़र से उसकी ओर देखने लगा.

"तो क्या ये मेरी तरह आपसे बात वग़ैरह करती है?" उसने पूछा.

स्नेहा रुककर छत की ओर देखकर सोचने लगी.

"एग्ज़ॅक्ट्ली नही, हां कभी कभी मुझसे कुछ काम करने के लिए कहती है, यूष्यूयली जब मैं एग्ज़ाइटेड होती हूँ. लेकिन ऐसा भी नही है कि कोई दूसरी लड़की हो मेरे दिमाग़ मे."

अरुण ने आइब्राउस सिकोड ली, कन्फ्यूज़ हो कर. "लेकिन आप तो कह रही हो कि ये आपसे सेक्स रिलेटेड चीज़े करने को कहती है."

स्नेहा हां मे सिर हिलाने लगी. "हां, लेकिन इट'स नोट रियल, ये सिर्फ़ मेरे दिमाग़ मे है. जैसे उस दिन जब तुम मेरी कार ठीक कर रहे थे और मैं तुम्हारी हेल्प कर रही थी तब भी ये मुझे कह रही थी कि मैं तुम्हे किस करूँ. आइ थिंक बाकी सब के मन मे ऐसा कुछ होगा. और मुझे लगता है तुम्हारे साथ भी यही केस है. बस तुम इस बारे मे कुछ ज़्यादा ही सोचते हो."

अरुण कुछ देर उसकी बात के बारे मे सोचता रहा फिर अपने कमरे मे जाने लगा.

"शिट यार, मेरी सेट्टिंग का प्लान गया." आवाज़ ने कहा

*************

Ek ghante baad Arun aaj kitchen me apni beheno ke liye breakfast tayyar kar raha tha. Sabhi ek ek karke niche aaye aur sabhi ne uske hotho ko kiss karke good morning kaha aur apne bhai ke hatho bane nashte ka lutf uthane lage.

Arun ne sabhi ke chehre par chamak dekhi to kafi khush hua ki iska reason wo tha.

Supriya ne uske chehre par itni badi smile aur ankhon me chamak dekhi to puch baithi,"So, I guess main aur Soniya hi lucky nahi thi aaj," usne Aarohi aur Sneha ki or dekhte hue pucha.

Koi bhi apni hansi nahi rok paya aur pura ghar un sabki khilkhilahat se bhar gaya.

"Mujhe to apni jeebh ki karamat se jagaya," Aarohi hanste hue boli.

"Mujhe shower me, dobara," Sneha ne bhi kaha.

"Mujhe to roj ki tarah," Soniya ne Supriya ko ankh marte hue kaha.

Sabhi apne apne moments batakar hanste rahe.

"Lekin Arun ka climax to hua nahi, I think, to iske paas aur koi plan hai?" Sneha boli to sabhi Arun ki or dekhne lagi.

"Arun, tumhe pata hai na tumhe apni hathon se mehnat karne ki jarurat nahi hai," Aarohi hanste hue boli. "Tum hum logo se is kam ke liye keh sakte ho."

Arun bhi hans pada. "Don't worry, I'm fine." usne baat jari karte hue kaha. "Thodi jyada energy nuksan to nahi pahuchayegi na," usne apni plate sink me daalte hue kaha.

Aaj Sneha, Soniya, Aarohi aur Arun ke liye pehla din tha college ka to sabhi tayyar hokar kuch der baad college ke liye nikal pade.

College me time katna Arun ke liye kafi bhari pada. Wapas aate time wo aur Aarohi ek sath the. Raste me use shararat sujhi to Arun bola," Aaru, apni bra aur panty abhi mujhe do." Aarohi ne 2 pal use dekha fir muskurate hue apne top se bra nikal di aur skirt ke niche se panty nikalkar use de di. Arun ne panty ko apni naak ke paas le jakar sungha fir side me rakhkar pure raste uske choot ko sehlata raha. Ghar aakar dekha to Soniya aur Sneha ki gadi pehle se hi thi.

Jab dono andar pahuche to andar koi nahi tha, usne khidki se dekha to sabhi backyard me the. Aur teeno ki teeno nangi leti hui thi. Arun ka sir ghumne laga.

Aarohi to tali bajate hue jaldi se bahar pahuchi aur bhagte hue hi apne top ko fir apni skirt ko utar kar Sneha ke paas let gayi.

"No underwear?" Supriya ne uski halat dekhi to pucha.

Aarohi hanste hue Arun ki taraf ungli kane lagi. "His idea," usne kaha fir unhe car wali harkat batane lagi.

Arun hanskar wapas jane laga lekin tabhi ruk gaya.

"Pagla gaya hai kya, doodhon udhar hain..wapas ja."

Uski baat maan kar Arun wapas muda aur unke samne wali chair par let kar unhe niharne laga.

"Kyu ab wapas nahi jana?" Sneha ne pucha.

"Isse badhiya najara thodi na milega kahi?" Arun ne kaha aur fir wahi let kar unse baatein karta raha.

Aise hi kafi der tak sabhi pool me masti karte rahe.

Arun ka phone baja to usne message padha. Message Rohit ka tha.

"Nisha club ja rahi hai. To tu bhi aaja, aur apni beheno ko bhi lana, lekin sirf sexy waliyon ko." Arun ne Rohit ka messag padh kar sabhi ko suna diya.

Kuch hi der me charo deviyan pool se bahar nikalkar andar jane lagi. Arun muh khole charo ki bheegi gand ko niharne laga.

"Wait," Arun ne kaha to sabhi uski or dekhne lage.

Arun ne ishare se unhe wapas chair par baithne ke liye kaha to sabhi baith kar use dekhne lage.

"Chalo ye to thik hai ki hum log apne ghar me itna open hain, lekin hume bahar public me alag tarike se behave karna padega." Arun ne apni baat rakhi.

Sneha uski baat samajhkar apni sir uparniche kar rahi thi jiske karan uske doodh bhi halke halke hil rahe the. "Yeah, main bhi isi bare me soch rahi thi. Science ke according koi sahi se observe karke bata sakta hai ki 2 log apas me sex karte hain ki nahi. To aaj hum sabko thoda sambhalna pdega."

Sabhi uski baat samajhne lage.

"Ok so we are going to club, but Soniya, you ok with this?" Aarohi ne Soniya se pucha.

Arun bhi uski or dekhne laga. Uske chehre par halki si smile thi aur ankho me thoda dar. Arun samajh gaya ki wo jana to chahti thi lekin thoda nervous thi.

"Hey," usne pool se bahar aakar uske hath tham liya. "Agar tum nahi chalna chahti to main ruk jaunga yahan tumhare sath."

Soniya uski or muskurakar dekne lagi aur apni sir naa me hila diya. "Nahi, mujhe kabhi kabhi na kabhi to ye face karna hi padega, waise bhi wahan aap log sath me hoge mujhe koi problem nahi hogi."

Arun ne uska sir chum liya.

"Lekin Arun ke thodi dikkat hone wali hai?" Supriya boli.

Arun sawaliya najro se uski or dekhne laga.

"Kaise?" Arun ne akhirkar pucha.

Supriya akar uske samne baith gayi. "Socho. Hum log public me honge wo bhi ek club me. Aur waha hum log tumhare sath bhi nahi ho sakte in that way. Aur waha dusre ladke bhi honge, aur wo hum logo se baat bhi karne ki koshish karenge."

Arun ke man me kabhi ye baat aayi hi nahi thi.

"Main ye nahi keh rahi ki hum log un logo ke sath chipak jayenge, lekin hum log sabko ignore bhi nahi kar sakte na, Rohit aur Nisha ko shak ho gaya to."

Arun ke man me bas ek hi awaz uth rahi thi.

"Noooooo...noooooo...noooooo"

"Shutttt upp." Arun ne socha.

"Aur socho, kisi ne Aarohi se kuch baat kari aur tum us par upset ho gaye. Ek to tum dono ko koi ek hi najar me bata dega ki dono judwa bhai behen ho, to wo log pkka sochenge ki ek bhai ko itni kya dikkat ho sakti hai jara si baat karne par." Sneha boli.

Aarohi apna sir hila rahi thi. "Di, mujhe nahi lagta koi itna sochega, bahut se bhai apni beheno ko lekar kafi protective hote hain."

"Haan, lekin ye bhi mat bhulo hum log Arun ke sath intimate ho chuke hain to pkka Arun kuch jyada hi react karega jaise ki koi apni girlfriend ke sath karta hai aur dusre log ye baat samajh sakte hain."

"Aur upar se hum sab lagte bhi thode ek jaise hain to koi bhi bata sakta hain we are related." Soniya boli.

Arun apna sir hatho me pakad kar baith gaya. Sabhi uske reaction ka intezar karne lage.

"Arun kuch to bolo," Supriya boli.

Arun ne unki taraf dekha fir kuch der chup raha.

"Look, aisa nahi hai ki mujhe pata nahi hai ki hum log hamesha aise nahi reh sakte," usne apni baat shuru ki.

"I do," Aarohi boli to baki sab hans diye.

Arun fir bola. "Mera matlab hai, realistically, I know ki hum log sirf ghar me reh kar har waqt sex nahi kar sakte, ye alag baat hai I'd love that. I mean aaj school me hi mujhe bas tum sabki yaad aati rahi. Aur mujhe lagta hai ki mujhe thode self control ki jarurat hai. To I guess, main apne aap ko control kar sakta hoon agar tum log dusre ladko se baat karogi to."

"Bullshit!"

Baki sab muskurakar use sath me gale lagane lage aur I love you kehne lage.

"Waise kis time jana hai?" Aarohi ne pucha.

"Time?" Arun ne message type kiya.

"Nisha keh rahi hai, apni beheno se pucho." Rohit ka jawab aaya.

Un logo ke sath yahi hota tha. Jab bhi ye log ek sath bahar jate the to Arun ki behene hi sab kuch decide karti thi. To sabko waise hi adat padi hui thi.

"Ok," Arun ne wapas reply kiya.

"Rohit aur Nisha keh rahe ki jab tum logo ki marji ho," Arun ne andar jate hue sabhi se kaha. "Aur jab tum log kapde pehen lo tab."

Sneha jake waise hi sofe par baith gayi, aaj uska man nahi tha kitchen me jane ka. Arun ne yahi mauka sahi dekha usse kuch puchne ka. Wo aage badhkar uske paas baith gaya to Sneha ne apna sir uske kandhe par rakh kar channel badalne lagi.

Arun ne kuch der use aise hi tv dekhne di.

"So, di..um..mujhe kuch pucha tha," usne kaha.

Sneha ne uski or dekha. "To pucho?"

"Abhi kuch din pehle aap ne kaha tha ki aap ke man me bhi koi awaz hai jo apke ye sab karne ko kehti hai?"

Sneha hansne lagi. "Haan, maine kaha tha."

Arun serious najar se uski or dekhne laga.

"To kya ye meri tarah aapse baat wagairah karti hai?" Usne pucha.

Sneha rukkar chhat ki or dekhkar sochne lagi.

"Exactly nahi, haan kabhi kabhi mujhse kuch kaam karne ke liye kehti hai, usually jab main excited hoti hoon. Lekin Aisa bhi nahi hai ki koi dusri ladki ho mere dimag me."

Arun ne eyebrows sikod li, confuse ho kar. "Lekin aap to keh rahi ho ki ye apse sex related chize karne ko kehti hai."

Sneha haan me sir hilane lagi. "Haan, lekin it's not real, ye sirf mere dimag me hai. Jaise us din jab tum meri car thik kar rahe the aur main tumhari help kar rahi thi tab bhi ye mujhe keh rahi thi ki main tumhe kiss karun. I think baki sab ke man me aisa kuch hoga. Aur mujhe lagta hai tumhare sath bhi yahi case hai. Bas tum is bare me kuch jyada hi sochte ho."

Arun kuch der uski baat ke bare me sochta raha fir apne kamre me jane laga.

"Shit yaar, meri setting ka plan gaya."

*************

 
उसी शाम अरुण जस्ट तय्यार ही हुआ था कि डोरबेल की आवाज़ आई. अरुण ने दरवाजा खोला तो रोहित और निशा मुस्कुराते हुए खड़े थे.

"हे!" निशा अंदर आते हुए उससे गले मिली. "नाइस लुक," उसने अरुण को उपर से नीचे तक निहारते हुए कहा.

"थॅंक्स, निशु, यू लुक गॉर्जियस टू," अरुण ने भी तारीफ कर दी.

निशा उसे घूम कर अपनी ब्लॅक ड्रेस दिखाने लगी. ड्रेस आगे से लो कट थी तो उसका क्लीवेज काफ़ी अच्छे से उसकी नज़रे अपनी तरफ खीच रहा था.

"थॅंक्स, रोहित की पसंद है." निशा ने कहा.

रोहित ने अरुण के कंधे पर हाथ मारा. "हां, क्लीवेज अच्छा दिख रहा है ना, इसीलिए." तुरंत ही उसके कंधे पर एक हाथ पड़ा जो कि निशा का था.

"तू फिर शुरू हो गया?" निशा गुस्से से बोली.

दोनो हंस ही रहे थे कि सोनिया नीचे आई, अरुण ने घूमकर देखा तो बस देखता ही रहा. वो बिल्कुल पहले की तरह हॉट आंड सेक्सी प्लस ब्यूटिफुल लग रही थी.

"हाई यू ऑल," उसने अपनी कमर पर हाथ रख के कहा और अरुण और रोहित के मूह से कुछ सुनने का इंतजार करने लगी. दोनो मूह खोलकर बस उसे देख ही रहे थे कि निशा आगे बढ़कर उसे गले लगाने लगी.

"यू लुक अमेज़िंग," निशा बोली. "तभी इन दोनो के मूह से कुछ नही निकल रहा," उसने पीछे दोनो की तरफ इशारा करते हुए कहा और दोनो हँसने लगी.

तब तक बाकी तीनो भी नीचे आ गयी. सभी ने अपनी बॉडी के हिसाब से बेस्ट ड्रेस पहनी थी जो उन सबको और सेक्सी बना रही थी.

"तो करना क्या है?" रोहित ने हाथ मसल्ते हुए कहा.

"हम सब मेरी कार मे जाएँगे. और तुम दोनो अपनी सवारी से आ जाना," निशा ने रोहित और अरुण से कहा.

उनके निकलने के बाद अरुण ने बाहर निकलकर डोर लॉक किया और अपनी कार मे बैठकर निशा की कार के पीछे चलने लगे.

"ओये, आज थोड़ा ध्यान रखना, स्पेशली सोनिया का. वो उस इन्सिडेंट के बाद पहली बार किसी क्लब मे जा रही है." अरुण ने कहा.

"डोंट वरी, मॅन. काश उस दिन मैं होता तेरे साथ तो उन सबका बॅंड बजा डालता. हिम्मत कैसे हुई सालो की हमारी बहेन को छूने की. वैसे आरू बता रही थी कि तूने अच्छी ख़ासी धुलाई करी थी ." रोहित बोला.

अरुण हल्के से हंस दिया. "शुरुआत तो अच्छी ही हुई थी. लेकिन बाद मे किसी छक्के ने पीछे से सिर पर बॉटल मारी तो मैं बेहोश हो गया."

"कोई नही भाई, इस बार तेरा भाई तेरे साथ है." रोहित अपने डोले उसे दिखाते हुए बोला.

अरुण हंस दिया लेकिन उसे रोहित पर पूरा भरोसा था कि चाहे जो कुछ हो रोहित पक्का सबका ध्यान रखेगा.

क्लब के बाहर कार रोकी तो अंदर से म्यूज़िक की आवाज़ बाहर तक आ रही थी. लड़किया तो हंसते हुए अंदर जाने लगी और एंट्री फी देकर अंदर चली गयी पीछे पीछे ये दोनो भी चले गये.

"मैं खाली टेबल ढूढ़ता हूँ," रोहित उन सबको डॅन्स फ्लोर पर छोड़कर चला गया.

अरुण भी उसके पीछे चल पड़ा. भीड़ से निकलकर उन्हे आख़िरकार एक खाली टेबल मिल ही गयी और दोनो बैठकर बाकी पाँचो को डॅन्स करते हुए देखने लगे. वो सभी एक ही ग्रूप मे इकट्ठे होकर डॅन्स कर रही थी और सभी की नज़रे बार बार उन्ही पर पड़ रही थी. कुछ लड़के उनके पास जाने की नाकाम कोशिश भी कर रहे थे.

अरुण ये देखकर हंस पड़ा कि उन मे से किसी ने भी एक भी लड़के को अपने पास तक फटकने नही दिया.

खूबसूरत और हॉट सी वेट्रेस उन दोनो के पास आई, उसने छोटी सी स्कर्ट और बिकिनी टॉप पहना हुआ था. उसने उनसे पूछा की कुछ चाहिए क्या?

"तुम्हारा नंबर. मिलेगा?" रोहित ने सीधे पूछा तो लड़की ने हंसकर आँख मार दी. "एक कोक से भी काम चल जाएगा." रोहित हंसते हुए बोला.

"व्हाट अबाउट यू, शुगर?" लड़की ने अरुण की तरफ देखककर कहा.

"कोक ईज़ फाइन." अरुण ने मुस्कुरकर जवाब दिया.

लड़की वापस जाने लगी तो दोनो उसकी मटकती गान्ड को देखने लगे.

"आइ लव दिस प्लेस, मॅन." रोहित चिल्ला के बोला.

"तुझे तो हर वो जगह पसंद आती है, जहा बियर और लड़कियाँ हो," अरुण भी तेज आवाज़ मे बोला.

"तो इसमे कुछ ग़लत है क्या?"

निशा और सोनिया दोनो उनके पास आके वही बैठ गयी और रिलॅक्स करने लगी.

"हॅविंग फन?" अरुण ने सोनिया से पूछा तो उसने हंसकर आँख मार दी.

कुछ देर बाद वही वेट्रेस दो कोक लिए आई और दोनो लड़कियों की तरफ नज़रे फिरने लगी.

"व्हाट कॅन आइ गेट यू लॅडीस?"

"आ मार्गरीटा," सोनिया ने कहा.

"एम्म्म, मी टू," निशा ने अपने रिस्ट बॅंड्स उसे दिखाते हुए कहा जो बाहर सबको दिए गये थे ये प्रूव करने के लिए की वो लोग 18 साल से उपर थे.

"ओके, बाइ दा वे माइ नेम'ईज़ प्रिया, इफ़ यू'ऑल नीड...एनितिंग." उसने अरुण की तरफ देखकर एनितिंग पर कुछ ज़्यादा ही ज़ोर देकर कहा.

"नाउ वास्न'ट दट सटल," सोनिया ने कॉमेंट किया उसके जाते ही, और उसके चेहरे पर हल्की सी जलन के भाव भी थे.

निशा ने हंसकर अरुण को आँख मार दी.

"तूने फिर मेरी लाइन काट दी," रोहित उसके हाथ पर मारते हुए बोला. उसकी बात सुन सभी हँसने लगे.

अरुण फिरसे डॅन्स फ्लोर पर अपनी तीनो बहनों को डॅन्स करते हुए देखने लगा. दो तीन लड़के अभी भी उनसे बात करने के लिए पास आते लेकिन आरोही उन्हे दूर से ही भगा देती.

तभी एक लड़की जो थोड़ी सी ज़्यादा ही नशे मे लग रही थी वो डगमगाते हुए उनकी टेबल पर आई और रोहित के उपर गिर पड़ी.

"बेबी!" उसने कहा और उसे किस करने लगी. "चलो ना प्राइवेट रूम मे चलते हैं?" उसने पूछा.

रोहित का चेहरा तो खिल ही उठा और वो लड़की उसका हाथ पकड़कर उसे साइड मे ले जाकर किस करने लगी.

निशा तो आँखें तरेर कर अपना सिर घुमाने लगी और सोनिया अपने मूह पर हाथ रख के हँसे जा रही थी. फिर वो थोड़ा सा अरुण की तरफ मूडी और उसके कान के पास जाकर बोली.

"सो हाउ आर यू डूयिंग?"

अरुण हल्के से मुस्कुरा दिया. "आइ'म ओके," उसने कहा और डॅन्स फ्लोर की तरफ इशारा करने लगे. "वैसे इन लोगो को देखकर तो लग रहा है इन्हे काफ़ी मज़ा आ रहा है."

"आप हम सबके साथ डॅन्स तो कर ही सकते हो. इट'स अलाउड." सोनिया ने वापस हटते हुए आँख मार दी.

"ये हुई ना बात. तू वैसे यहाँ कर क्या रहा है चूतिए? जा वहाँ और चूत पकड़ या फिर घर चलकर चोद किसी को..कुछ तो कर." आवाज़ ने अरुण के दिमाग़ मे कहा

"मैं सोच ही रहा था कि तुम कहाँ थे अब तक." अरुण ने सोचा.

"मैं यही था. सुबह चार बार की चुदाई देखकर मुझे लगा कि तुझे अभी मेरी ज़रूरत नही है. लेकिन अब..डॅन्सिंग. सीरियस्ली, चोद ना जाके किसी को?" आवाज़ ने अरुण को मानते हुए कहा

"हां हां, ठीक है." अरुण उसे इग्नोर करते हुए बोला.

अरुण ने पलटकर देखा तो रोहित और वो लड़की अभी भी लगे हुए थे.

"व्हाट दा फक!" पीछे से किसी की चीखने की आवाज़ आई. "अन्नूऊऊ!"

अरुण ने तुरंत ही उस भारी आवाज़ की तरफ देखा तो उसकी आँखें फटती चली गयी. सामने एक 6.5 फीट का लंबा चौड़ा आदमी खड़ा हुआ था, उसकी बॉडी देखकर तो अरुण का गला ही सुख गया. रोहित और उस लड़की अन्नू के मूह आपस मे जुड़े हुए ही थे कि उस आदमी ने उसके बाल पकड़कर पीछे खिच लिया.

"हे, व्हाट आर..." रोहित बोल ही रहा था कि जैसे ही उसकी नज़र उस आदमी पर पड़ी उसका मूह बंद हो गया. "यू आर बिग..."

"तू मेरी गर्लफ्रेंड के साथ क्या कर रहा था?" उस आदमी ने बहुत ही तेज आवाज़ मे कहा तो आस पास के सभी लोग उसी ओर देखने लगे.

अरुण कुछ बोलने के लिए खड़ा ही हुआ था कि उस आदमी ने एक हाथ उसके कंधे पर रखा और उसे वापस चेयर पर बैठा दिया.

"आराम से बैठ जा चिकने. ये मेरे और इसके बीच की बात है."

"देख भाई," रोहित ने बोलना शुरू किया.

"बाहर चल, अभी.."

"फक," अरुण के मूह से निकल गया.

"एक मिनिट बात तो सुन ले भाई. ये जो आपकी गर्लफ्रेंड है, एक तो इनकी शक्ल मेरी एक्स गर्लफ्रेंड से मिलती है, और उपर से अंधेरा था और ये नशे मे थी तो मिस्टेक हो गयी यार. मैं आपको बियर पिलाता लेकिन अभी मेरी उमर नही है," उसने कहा.

निशा की थयोरी भी चढ़ि हुई थी, थोड़ी अपने भाई पर उससे ज़्यादा उस पहलवान पर. उसे खुद कुछ समझ मे नही आ रहा था कि क्या करे.

अरुण की बाकी तीनो बहनें भी वहाँ आ गयी और उससे पूछने लगी कि क्या हुआ तो अरुण ने कंधे उचका दिए. उस आदमी को देखकर तो लग रहा था कि किसी मोटरसाइकल को उठाकर तुरंत ही रोहित पर फेक दे. अरुण सोच तो रहा था कि रोहित का साथ देगा लेकिन इस पहलवान के सामने दोनो 2 मिनिट से ज़्यादा टिक जाए तो ये किसी चमत्कार से कम नही होगा.

"सोन ऑफ ए बिच!" आरोही एक दम से चीखते हुए रोहित पर कूद पड़ी, तो सभी एक दम से उसे देखने लगे.

"मैने तुझे पाँच मिनिट के साथ अकेला क्या छोड़ा और तूने इस..इस..कुट्टी के साथ मूह काला करना शुरू कर दिया?" आरोही पूरे गुस्से मे बोली.

पूरी ताक़त से उसने अपना हाथ पीछे किया और ज़ोर से एक तमाचा रोहित के गाल पर मारा तो उसकी पाँचो की पाँचो उंगलियाँ रोहित के गाल पर छप गयी. रोहित तुरंत ही अपना गाल सहलाने लगा.

"कुत्ति किसे बोला...तूने." वो लड़की बोली जिसे अब वो आदमी पकड़े हुए था, उसका गुस्सा भी अब थोड़ा कम लग रहा था.

आरोही ने उस आदमी के चेहरे पर कन्फ्यूषन के भाव देखे तो तुरंत ही रोहित की तरफ मूड गयी. "आज मैं तेरी अच्छी खबर लेने वाली हूँ," ये कहकर वो गुस्से मे पैर पटकती हुई दूसरी तरफ जाने लगी.

रोहित को तुरंत ही अकल आई और वो भी पीछे चिल्लाते हुए दौड़ने लगा, "बेबी, वेट, बाबू...सुनो..."

वो आदमी अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर बिना कुछ बोले बाहर चला गया.

"मैं कुत्ति नही हूँ!" वो लड़की दोबारा बोली लेकिन तब तक वो बाहर जा चुकी थी.

अरुण गहरी सास छोड़ते हुए बैठ गया. "हे भगवान," अरुण बोला तब तक आरोही और रोहित दोनो वापस आ गये.

"वो हैवान चला गया?" रोहित ने पैनी नज़रो से चारो तरफ देखते हुए पूछा.

"जी रोहित बहेन, वो चला गया." निशा गुस्से मे बोली.

"अवव, चिंता मत करो बहना. थोड़ी देर अगर वो और रुकता तो मेरे हाथो मार खा रहा होता." रोहित वही आराम से बैठते हुए बोला.

"हाआँ, वो तो दिखा कैसे आरू के पीछे छुप गया तू." निशा बोली.

"अवव, मेरा हाथ भी दर्द कर रहा है यार." आरोही अपना हाथ रगड़ते हुए बोली.

रोहित ने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे सहलाने लगा. "थॅंक्स आरू, बाइ दा वे क्या मैं इस हाथ की पूजा कर सकता हूँ?" सभी थोड़ी देर तक हंसते रहे फिर लड़कियाँ दोबारा डॅन्स फ्लोर पर चली गयी और इस बार उन दोनो को भी अपने साथ खिच कर ले गयी.

एक अच्छा सॉंग आने लगा तो अरुण भी उन लोगो के साथ नाचने लगा. स्नेहा के दूध उसके सामने उपर नीचे हो रहे थे और पीछे से सोनिया उससे सट कर नाच रही थी. अरुण की नज़रे तो उन दूधों पर ही टिकी हुई थी जो उसके सामने थे.

तभी अरुण के कंधे पर एक हाथ पड़ा. "हे भगवान, रोहित ने इसे भी बिगाड़ दिया. अरुण बहेन है वो तुम्हारी." निशा ने उसे देखते हुए कहा तो अरुण भी अपना सिर खुजाने लगा और मुस्कुरा दिया.

"अब मेरी ग़लती थोड़ी ना है, यार." वो बोल दिया फिर स्नेहा की तरफ देखकर आँख मार दी.

रोहित आरोही के साथ डॅन्स कर रहा था कि वो अरुण के पास आया और उसे हटा दिया. "अब मेरी बारी," उसने स्नेहा के साथ डॅन्स करते हुए कहा.

अरुण को निशा ने अपने पास खीच लिया, तभी डीजे ने एक स्लो सॉंग चला दिया तो दोनो थोड़ा और पास आके डॅन्स करने लगे. पास मे आरोही की गान्ड बार बाद उससे छू रही थी.

सॉंग एंड होने पर अरुण आरोही की तरफ मूड गया और उसकी कमर मे हाथ डाल कर डॅन्स करने लगा.

काफ़ी देर तक सभी एक दूसरे के साथ डॅन्स करते रहे. जब फिरसे एक और स्लो सॉंग प्ले हुआ तो निशा ने अरुण को अपने पास दोबारा खीच लिया.

"इट'स हार्ड टू बिलीव," उसने अरुण से कहा.

"क्या?" अरुण ने पूछा

"क्या?" निशा ने पूछा.

"वॉट'स हार्ड टू बिलीव?" उसने अपनी बात क्लियर की.

"ओह, बस कि पहले तुम हम लोगो को कितना इरिटेट करते थे."

"तो अब क्या करता हूँ?" अरुण थोड़ा शरमाते हुए बोला.

"थोड़ा कम इरिटेट." निशा हंसते हुए बोली.

सोनिया उसके सामने रोहित के साथ डॅन्स कर रही थी, तो उसने अरुण की तरफ फेस करके "बाद बॉय" कह दिया.

"यू नो, यू वर माइ फर्स्ट क्रश." अरुण ने बोला.

निशा हँसने लगी. "यॅ, आइ नो. मुझे याद है कैसे तुम हर वक़्त मेरे पीछे लगे रहते थे."

Usi sham Arun just tayyar hi hua tha ki doorbell ki awaz aayi. Arun ne darwaja khola to Rohit aur Nisha muskurate hue khade the.

"Hey!" Nisha andar aate hue usse gale mili. "Nice look," usne Arun ko upar se niche tak niharte hue kaha.

"Thanks, Nishu, you look gorgeous too," Arun ne bhi tarif kar di.

Nisha use ghum kar apni black dress dikhane lagi. Dress age se low cut thi to uska cleavage kafi ache se uski najre apni taraf khich raha tha.

"Thanks, Rohit ki pasand hai." Nisha ne kaha.

Rohit ne Arun ke kandhe par hath mara. "Haan, cleavage acha dikh raha hai na, isiliye." Turant hi uske kandhe par ek hath pada jo ki Nisha ka tha.

"Tu fir shuru ho gaya?" Nisha gusse se boli.

Dono hans hi rahe the ki Soniya niche aayi, Arun ne ghumkar dekha to bas dekhta hi raha. Wo bilkul pehle ki tarah hot and sexy plus beautiful lag rahi thi.

"Hi you all," usne apni kamar par hath rakh ke kaha aur Arun aur Rohit ke muh se kuch sunane ka intezar karne lagi. Dono muh kholkar bas use dekh hi rahe the ki Nisha aage badhkar use gale lagane lagi.

"You look amazing," Nisha boli. "Tabhi in dono ke muh se kuch nahi nikal raha," usne piche dono ki taraf ishara karte hue kaha aur dono hansne lagi.

Tab tak baki teeno bhi niche aa gayi. Sabhi ne apni body ke hisab se best dress pehni thi jo un sabko aur sexy bana rahi thi.

"To karna kya hai?" Rohit ne hath masalte hue kaha.

"Hum sab meri car me jayenge. Aur tum dono apni sawari se aa jana," Nisha ne Rohit aur Arun se kaha.

Unke nikalne ke baad Arun ne bahar nikalkar door lock kiya aur apni car me baithkar Nisha ki car ke piche chalne lage.

"Oye, aaj thoda dhyan rakhna, specially Soniya ka. Wo us incident ke baad pehli baar kisi club me ja rahi hai." Arun ne kaha.

"Dont worry, man. Kash us din main hota tere sath to un sabka band baja dalta. Himmat kaise saalo ki hamari behen ko chune ki. Waise Aaru bata rahi thi ki tune achi khansi dhulai kari 2 tin ki." Rohit bola.

Arun halke se hans diya. "Shuruat to achi hi hui thi. Lekin baad me kisi chhakke ne piche se sir par bottle mari to main behosh ho gaya."

"Koi nahi bhai, is bar tera bhai tere sath hai." Rohit apne dole use dikhate hue bola.

Arun hans diya lekin use Rohit par pura bharosa tha ki chahe jo kuch ho Rohit pkka sabka dhyan rakhega.

Club ke bahar car roki to andar se music ki awaz bahar tak aa rahi thi. Ladkiya to hanste hue andar jane lagi aur entry fee dekar andar chali gayi piche piche ye dono bhi chale gaye.

"Main khali table dhudhta hoon," Rohit un sabko dance floor par chodkar chala gaya.

Arun bhi uske piche chal pada. Bheed se nikalkar unhe akhirkar ek khali table mil hi gayi aur dono baithkar baki pancho ko dance karte hue dekhne lage. Wo sabhi ek hi group me ikatthe hokar dance kar rahi thi aur sabhi ki najre baar baar unahi par pad rahi thi. Kuch ladke unke paas jane ki nakam koshish bhi kar rahe the.

Arun ye dekhkar hans pada ki un me se kisi ne bhi ek bhi ladke ko apne paas tak fatakne nahi diya.

A khoobsurat aur hot si waitress un dono ke paas aayi, usne choti si skirt aur bikini top pehna hua tha. Usne unse pucha ki kuch chahiye kya?

"Tumhara no. milega?" Rhoit ne sidhe pucha to ladki ne hanskar ankh mar di. "Ek coke se bhi kaam chal jayega." Rohit hanste hue bola.

"What about you, sugar?" Ladki ne Arun ki taraf dekhkkar kaha.

"Coke is fine." Arun ne muskurakar jawab diya.

Ladki wapas jane lagi to dono uski matakti gand ko dekhne lage.

"I love this place, man." Rohit chilla ke bola.

"Tujhe to har wo jagah pasand aati hai, jaha beer aur ladkiyan ho," Arun bhi tej awaz me bola.

"To isme kuch galat hai kya?"

Nisha aur Soniya dono unke paas aake wahi baith gayi aur relax karne lagi.

"Having fun?" Arun ne Soniya se pucha to usne hanskar ankh mar di.

Kuch der baad wahi waitress do coke liye aayi aur dono ladkiyon ki taraf najre firane lagi.

"What can I get you ladies?"

"A margarita," Soniya ne kaha.

"Mmmm, me too," Nisha ne apne wrist bands use dikhate hue kaha jo bahar sabko diye gaye the ye prove karne ke liye ki wo log 18 saal se upar the.

"Okay, bytheway my name's Priya, if you'all need...anything." usne Arun ki taraf dekhkar anything par kuch jyada hi jor dekar kaha.

"Now wasn't that subtle," Soniya ne comment kiya uske jate hi, aur uske chehre par halki si jalan ke bhav bhi the.

Nisha ne hanskar Arun ko ankh mar di.

"Tune fir meri line kaat di," Rohit uske hath par marte hue bola. Uski baat sun sabhi hansne lage.

Arun firse dance floor par apni teeno beheno ko dance karte hue dekhne laga. Do tin ladke abhi bhi unse baat karne ke liye paas aate lekin Aarohi unhe dur se hi bhaga deti.

Tabhi ek ladki jo thodi si jyada hi nashe me lag rahi thi wo dagmagate hue unki table par aayi aur Rohit ke upar gir padi.

"Baby!" usne kaha aur use kiss karne lagi. "Chalo na private room me chalte hain?" usne pucha.

Rohit ka chehra to khil hi utha aur wo ladki uska hath pakadkar use side me le jakar kiss karne lagi.

Nisha to ankhen tarerkar apna sir ghumane lagi aur Soniya apne muh par hath rakh ke hanse ja rahi thi. Fir wo thoda sa Arun ki taraf mudi aur uske kaan ke paas jakar boli.

"So how are you doing?"

Arun halke se muskura diya. "I'm okay," Usne kaha aur dance floor ki taraf ishara karne lage. "Waise in logo ko dekhkar to lag raha inhe kafi maja aa raha hai."

"Aap hum sabke sath dance to kar hi sakte ho. It's allowed." Soniya ne wapas hatate hue ankh mar di.

"Ye hui na baat. Tu waise yahan kar kya raha hai chutiye? Ja waha aur choot pakad ya fir ghar chalkar chod kisi ko..kuch to kar."

"Main soch hi rha tha ki tum kaha the ab tak." Arun ne socha.

"Main yahi tha. Subah char baar ki chudai dekhkar mujhe laga ki tujhe abhi meri jarurat nahi hai. Lekin ab..dancing. Seriously, chod na jake kisi ko?"

"Haan haan, thik hai." Arun use ignore karte hue bola.

Arun ne palatkar dekha to Rohit aur wo ladki abhi bhi lage hue the.

"What the fuck!" piche se kisi ki cheekhne ki awaz aayi. "Annuuu!"

Arun ne turant hi us bhari awaz ki taraf dekha to uski ankhen fatati chali gayi. Samne ek 6.5 feet ka lamba chauda aadmi khada hua tha, uski body dekhkar to Arun ka gala hi sukh gaya. Rohit aur us ladki Annu ke muh apas me jude hue hi thi ki us admi ne uske baal pakadkar piche khich liya.

"Hey, what are..." Rohit bol hi raha tha ki jaise hi uski najar us admi par padi uska muh band ho gaya. "You are big..."

"Tu meri girlfriend ke sath kya kar raha tha?" us admi ne bahut hi tej awaz me kaha to aas paas ke sabhi log usi or dekhne lage.

Arun kuch bolne ke liye khada hi hua tha ki us admi ne ek hath uske kandhe par rakha aur use wapas chair par baitha diya.

"Aram se baith ja chikne. Ye mere aur iske bich ki baat hai."

"Dekh bhai," Rohit ne bolna shuru kiya.

"Bahar chal, abhi.."

"Fuck," Arun ke muh se nikal gaya.

"Ek minute baat to sun le bhai. Ye jo apki girfriend hai, ek to inki shakl meri ex girlfriend se milti hai, aur upar se andhera tha aur ye nashe me thi to mistake ho gayi yaar. Main aapko beer pilata lekin abhi meri umar nahi hai," usne kaha.

Nisha ki tyori bhi chadhi hui thi, thodi apne bhai par usse jyada us pahalwan par. Use khud kuch samajh me nahi aa raha tha ki kya kare.

Arun ki baki teeno behene bhi waha aa gayi aur usse puchne lagi ki kya hua to arun ne kandhe uchka diye. Us admi ko dekhkar to lag raha tha ki kisi motorcycle ko uthakar turant hi Rohit par fek de. Arun soch to raha tha ki Rohit ka sath dega lekin is pahalwan ke samne dono 2 minute se jyada tik jaye to ye kisi chamatkar se kam nahi hoga.

"SON OF A BITCH!" Aarohi ek dum se chikhte hue Rohit par kud padi, to sabhi ek dum se use dekhne lage.

"MAINE TUJHE PANCH MINUTE KE SATH AKELA KYA CHODA AUR TUNE IS..IS..KUTTI KE SATH MUH KALA KARNA SHURU KAR DIYA?" Aarohi pure gusse me boli.

Puri takat se usne apna hath piche kiya aur jor se ek tamacha Rohit ke gaal par mara to uski pancho ki pancho ungliyan Rohit ke gaal par chhap gayi. Rohit turant hi apna gaal sehlane laga.

"Kutti kise bola...tune." wo ladki boli jise ab wo admi pakde hue tha, uska gussa bhi ab thoda kam lag raha tha.

Aarohi ne us admi ke chehre par confusion ke bhav dekhe to turant hi Rohit ki taraf mud gayi. "Aaj main teri acchi khabar lene wali hoon," ye kehkar wo gusse me pair patakti hui dusri taraf jane lagi.

Rohit ko turant hi akal aayi aur wo bhi piche chillate hue daudne laga, "Baby, wait, babu...suno..."

Wo admi apni girlfriend ko lekar bina kuch bole bahar chala gaya.

"Main kutti nahi hoon!" wo ladki dobara boli lekin tab tak wo bahar ja chuki thi.

Arun gehri saas chodte hue baith gaya. "Hey bhagwan," Arun bola tab tak Aarohi aur Rohit dono wapas aa gaye.

"Wo haivan chala gaya?" Rohit ne paini najro se charo taraf dekhte hue pucha.

"Ji Rohit behen, wo chala gaya." Nisha gusse me boli.

"Aww, chinta mat karo behena. Thodi der agar wo aur rukta to mere hatho maar kha raha hota." Rohit wahi aram se baithate hue bola.

"Haaan, wo to dikha kaise Aaru ke piche chup gaya tu." Nisha boli.

"Aww, mera hath bhi dard kar raha hai yaar." Aarohi apna hath ragadte hue boli.

Rohit ne uska hath pakad liya aur use sehlane laga. "Thanks Aaru, bytheway kya main is hath ki puja kar sakta hoon?" Sabhi thodi der tak hanste rahe fir ladkiyan dobara dance floor par chali gayi aur is bar un dono ko bhi apne sath khich kar le gayi.

Ek acha song aane laga to Arun bhi un logo ke sath nachne laga. Sneha ke doodh uske samne upar niche ho rahe the aur piche se Soniya usse satkar nach rahi thi. Arun ki najre to un doodhon par hi tiki hui thi jo uske samne the.

Tabhi Arun ke kandhe par ek hath pada. "Hey bhagwan, Rohit ne ise bhi bigad diya. Arun behen hai wo tumhari." Nisha ne use dekhte hue kaha to Arun bhi apna sir khujane laga aur muskura diya.

"Ab meri galti thodi na hai, yaar." Wo bol diya fir Sneha ki taraf dekhkar ankh mar di.

Rohit Aarohi ke sath dance kar raha tha ki wo Arun ke paas aaya aur use hata diya. "Ab meri baari," usne Sneha ke sath dance karte hue kaha.

Arun ko Nisha ne apne paas khich liya, tabhi dj ne ek slow song chala diya to dono thoda aur paas aake dance karne lage. Paas me Aarohi ki gand baar baad usse chu rahi thi.

Song end hone par Arun Aarohi ki taraf mud gaya aur uski kamar me hath daal kar dance karne laga.

Kafi der tak sabhi ek dusre ke sath dance karte rahe. Jab firse ek aur slow song play hua to Nisha ne Arun ko apne paas dobara khich liya.

"It's hard to believe," usne Arun se kaha.

"Kya?"

"Kya?" Nisha ne pucha.

"What's hard to believe?" usne apni baat clear ki.

"Oh, bas ki pehle tum hum logo ko kitna irritate karte the."

"To ab kya karta hoon?" Arun thoda sharmate hue bola.

"Thoda kam irritate." Nisha hanste hue boli.

Soniya uske samne Rohit ke sath dance kar rahi thi, to usne Arun ki taraf face karke "bad boy" keh diya.

"You know, you were my first crush." Arun ne bola.

Nisha hansne lagi. "Yeah, I know. Mujhe yaad hai kaise tum har waqt mere piche lage rahte the."

 


दोनो ऐसे ही हल्की फुल्की बातें कर रहे थे कि जैसे ही सॉंग एंड हुआ अरुण ने एक बार निशा को स्पिन किया फिर उसके गाल पर किस करके टेबल पर जाके बैठ गया.

"ह्म्म्म , स्मूद." रोहित पीछे से आते हुए बोला. और वो भी पास मे बैठ गया.

अरुण और निशा ने उसे मिड्ल फिंगर दिखा दी.

तभी स्नेहा ने इशारे से अरुण को अपनी ओर बुलाया तो अरुण उसके साथ डॅन्स करने लगा.

"सो..." स्नेहा कुछ बोल ही रही थी कि आरोही तेज़ी से उनकी तरफ चलती हुई आई. "हम लोग अभी बाहर चल रहे हैं, अभी."

"हुआ क्या, आरू?" स्नेहा ने पूछा.

"दी, सवाल बाद मे, आप दोनो जाओ, मैं रोहित और दी को लेकर आती हूँ," उसने कहा और पीछे मूडी ही थी कि उसने देखा सोनिया उन दोनो को लेकर बाहर की तरफ जा रही थी.

अरुण को कुछ अजीब लगा लेकिन उससे ज़्यादा चिंता भी हुई और वो आरोही की तरफ देखने लगा.

"हुआ क्या है, आरोही?" अरुण ने ज़ोर देकर पूछा.

आरोही ने आँखें बंद कर ली फिर आँखें खोलकर उसे देखा. "वो लड़का यही है!"

"वो?" अरुण ने पूछा लेकिन तुरंत ही उसके दिमाग़ मे सोनिया और उस लड़के की तस्वीर घूमने लगी.

"रोहित!" अरुण ने चिल्ला कर कहा तो उसके पास खड़ी दोनो बहने उसकी आवाज़ सुन कर चुप हो गयी.

रोहित जो कि पहले ही परेशान था कि सोनिया इतनी घबरा क्यूँ रही है, जैसे ही उसने अरुण की आवाज़ सुनी उसे समझ मे आ गया और वो सोनिया का हाथ पकड़कर खड़ा हो गया.

सोनिया उसकी और अरुण की ओर देखने लगी.

"कहाँ है?" अरुण ने गुस्से मे आरोही से पूछा.

"वो 3 4 लड़को के साथ बिल्कुल अभी अंदर आया है," आरोही बोली.

"भाई, प्लीज़..रोहित नही.." सोनिया बोली.

"हुआ क्या है?" रोहित को अभी भी पूरी बात नही पता थी.

"वो लड़का यहाँ है..जिसने.." स्नेहा सोनिया की ओर देखते हुए कहा जो अब आसुओ की कगार पर ही थी.

रोहित ने एक बार अरुण की ओर देखा और अपना सिर हिलाकर उसे कह दिया कि वो साथ मे ही है. अरुण स्नेहा और आरोही के साथ एग्ज़िट की तरफ चल पड़ा, उसे पहले चिंता सभी लड़कियों की हो रही थी. वो उन सबको किसी सेफ जगह पहले पहुचाना चाहता था.

वो लोग बाहर निकले ही थे कि अरुण ने सभी की ओर देखा. "आरू?" उसने चिल्ला कर पूछा.

"शिट!" रोहित बोला, उसे भी आरोही की चिंता होने लगी.

"कहाँ रह गयी ये?" अरुण बोला और रोहित के साथ वापस अंदर जाने लगा.

अंदर जाते ही अरुण की नज़र आरोही को ढूढ़ने लगी और उसे वो दिख भी गयी.

वो दीवार से सटी हुई थी और उसी लड़के के साथ 4 लड़के और थे जो उसे घेरे हुए थे.

आरोही के आँखे गुस्से से लाल थी. अरुण के पीछे पीछे चलते हुए उसे अपनी कोहनी पर किसी का हाथ महसूस हुआ जिसने उसे पीछे खीच लिया. तुरंत ही उसने खुद को दीवार से सटे हुए पाया और नज़रे घुमा कर देखा तो सामने उसी लड़के की आँखें थी.

"लेट मी गो!" आरोही गुस्से मे बोली.

"नो!" सलिल बोला और अपना खाली हाथ बढ़ाकर उसकी कलाई पकड़ ली. दूसरे हाथ से उसने आरोही का दूसरा हाथ दीवार से सटा रखा था.

"अगर तूने मुझे नही जाने दिया ना तो बहुत पछताएगा." आरोही विफर्ते हुए बोली.

"नो!" सलिल ने दोबारा कहा.

"मैं होता तो वही करता जो ये कह रही है," रोहित उसके पीछे आते हुए बोला. "बहुत जबरदस्त किक मारती है ये."

सलिल ने पीछे मुड़कर देखा तो मौके का फ़ायदा उठाकर आरोही उससे छूटकर अरुण की तरफ भाग गयी.

"ये, तेरी गर्लफ्रेंड?" सलिल ने रोहित की तरफ इशारा करके अरुण से पूछा.

"अपनी ये बकवास बाहर जाके ख़तम करो," पास मे बाउन्सर ने कहा और उन सबको बाहर कर दिया.

बाहर निकलते ही दोनो ग्रुप एक दूसरे के सामने खड़े हो गये.

सोनिया को सुप्रिया, स्नेहा और निशा संभाले हुई थी.

"अववव, मेरी सोनी कुड़ी," सलिल उसकी ओर देखते हुए बोला. "मैं सोच ही रहा था कि तू कहाँ मिलेगी. पिछली बार मेरा काम अधूरा रह गया था."

सोनिया अपने आसू रोकने की पूरी कोशिश कर रही थी.

"एक और शब्द बोल फिर देख मैं तेरा क्या हाल करता हूँ," अरुण ने गुस्से से कहा. "मैं दोबारा कोई पंगा नही चाहता. पिछली दो बार तो मैने तुझे ऐसे ही छोड़ दिया इस बार पूरा किस्सा ही ख़तम कर दूँगा. इसलिए कह रहा हूँ, चुपचाप चला जा और हम लोगो को अकेला छोड़ दे." अरुण ने कहा तब तक बिजली कडकने लगी और हल्की हल्की बारिश भी होने लगी.

सलिल हंसते हुए अपने बालो को पीछे करने लगा. "मैं बस इस चिकनी का एक बार और स्वाद चखना..." बस इतना ही बोल पाया वो.

अरुण ने सोचा भी नही था कि आरोही बड़ी तेज़ी से पास से घूमती हुई आई और उसके चेहरे पर एक जोरदार मुक्का मार दिया. सलिल पीछे गिरने को हुआ तो उसके दोस्तों ने उसे पकड़ लिया.

"ऊऊओह," पास खड़े दूसरे लोग ये देखकर सलिल पर हँसने लगे.

अरुण भी हल्के से हंस दिया. "सोच अगर मैने आरू को तुझे ऐसे ही मारने के लिए छोड़ दिया तो तेरा क्या हाल होगा," अरुण ने आरोही को देखते हुए कहा जिसे रोहित पकड़े हुए था.

"सलिल, चल यार ज़्यादा लफडा ठीक नही," उसके एक दोस्त ने उससे कहा.

सलिल ने गुस्से से उससे अपना हाथ छुड़ा लिया लेकिन फिर अपनी गाड़ी की तरफ जाते हुए अरुण की तरफ देखने लगा. "मुझे पता है कि तू कहाँ रहता है, देख लूँगा तुझे," उसने कहा तो अरुण ने उसे अपनी मिड्ल फिंगर दिखा दी.

फिर वो सभी लड़के उसके साथ अपनी गाड़ी मे चले गये. अरुण सभी के साथ चुपचाप चलता हुआ गाड़ियों के पास पहुचा तब तक बारिश काफ़ी तेज हो चुकी थी. अरुण ने रास्ते मे सोनिया को अपने पास कर लिया और उसके साथ कार की तरफ जाने लगा.

रोहित ने अरुण की कार का दरवाजा खोलकर सोनिया को अंदर बिठाया, आरोही भी सोनिया के साथ वही बैठ गयी. अरुण और रोहित आगे की सीट्स पर बैठकर निशा की कार के पीछे चलने लगे. अरुण ने पीछे चलती गाड़ी पर ध्यान नही दिया और ना ही किसी और ने.

"अबे यार थोड़ी हड्डियाँ और तोड़ने को मिलती," रोहित बोला.

"तेरा तो पता नही लेकिन आरू ने पक्का उसकी नाक तोड़ी," अरुण ने कहा.

आरोही हंसते हुए अपना हाथ सहलाने लगी. "ये पक्का कल तक़लीफ़ देगा. लेकिन फिर भी मज़ा आया उसकी नाक तोड़कर."

"मुझे नही लगता आरू ने कभी मुझे भी इतना तेज मारा होगा," रोहित बोला.

"तुमने मुझे इतना गुस्सा भी तो नही दिलाया ना," आरोही बोली.

"यानी आगे से और मेहनत करनी पड़ेगी," रोहित ने कहा और उसके बाद ही दो चीखे कार मे गूँज़ी रोहित और आरोही की. आरोही की हाथ के दर्द की वजह से जो उसने रोहित के हाथ पर मारा था.

बारिश और तेज होने लगी तो अरुण ने कार की स्पीड और कम कर दी. तब उसने ध्यान दिया तो कोई उन लोगो के पीछे था और पास माँग रहा था, बारिश मे सॉफ सॉफ तो नही दिख रहा था इसलिए अरुण ने कार को और ज़्यादा धीमा कर दिया.

"कुछ भी हो, उस चूतिए को छोड़कर आज मज़ा तो काफ़ी आया," अरुण बोला.

"यॅ, काफ़ी अछा टाइम था. 2 लड़ाइयों से बचा, किस्सिंग भी हो गयी, और स्नेहा दी के साथ डॅन्स भी करने को मिला. अवेसम नाइट." रोहित ख़ुसी से बोला.

आरोही अपना सिर हिलाकर उसे देखने लगी. सोनिया भी हल्के से हंस दी. उसके आसू अब तक रुक चुके थे.

उनके पीछे चल रही कार की स्पीड तेज हुई और वो उनके बराबर आ गयी. अरुण ने दोबारा स्पीड कम करके उसे आगे जाने दिया लेकिन वो कार बराबर मे ही चलती रही. अरुण ने साइड मे देखा तो उस कार की विंडो ओपन हो रही थी.

"ध्यान से!" अरुण ने अपने मन मे इससे तेज आवाज़ कभी नही सुनी थी.

तुरंत ही एक दम से चमक उठी और एक धमाके की आवाज़ और तुरंत ही अरुण की कार डगमगाने लगी. शॉटगन ने अपना काम कर दिया था और वो कार तेज़ी से निशा की कार की तरफ जाने लगी. अरुण कार को संभालने की कोशिश करने लगा और आरोही सोनिया को पकड़े हुए थे.

"अभी जस्ट हुआ क्या?" रोहित ने चिल्ला कर पूछा.

कार भीगी रोड पर कुछ ज़्यादा ही तेज़ी से फिसली तो आगे का पहिया ज़मीन से उठने लगा, जब तक अरुण कार को संभालता तब तक कार मे तिरछी हो चुकी थी. तिरछी होकर कार बिल्कुल पलटी तब तक एरबॅग्स निकल चुके थे. अरुण ने महसूस किया कि कार एक पूरा राउंड लेकर दोबारा पलटी और साइड मे उसकी विंडो किसी चीज़ से टकराई. अरुण तुरंत ही अंधेरे मे खोता चला गया. कार साइड मे रगड़ते हुए आगे बढ़ती रही फिर जाके रुक गयी.

Dono aise hi halki fulki baatein kar rahe the ki jaise hi song end hua Arun ne ek baar Nisha ko spin kiya fir uske gaal par kiss karke table par jake baith gaya.

"Hmmm, smooth." Rohit piche se aate hue bola. Aur wo bhi paas me baith gaya.

Arun aur Nisha ne use middle finger dikha di.

Tabhi Sneha ne ishare se Arun ko apni or bulaya to Arun uske sath dance karne laga.

"So..." Sneha kuch bol hi rahi thi ki Aarohi teji se unki taraf chalti hui aayi. "Hum log abhi bahar chal rahe hain, abhi."

"Hua kya, Aaru?" Sneha ne pucha.

"Di, sawal bad me, aap dono jao, main Rohit aur di ko lekar aati hoon," usne kaha aur piche mudi hi thi ki usne dekha Soniya un dono ko lekar bahar ki taraf ja rahi thi.

Arun ko kuch ajib laga lekin usse jyada chinta bhi hui aur wo Aarohi ki taraf dekhne laga.

"Hua kya hai, Aarohi?" Arun ne jor dekar pucha.

Aarohi ne ankhen band kar li fir ankhen kholkar use dekha. "Wo ladka yahi hai!"

"Wo?" Arun ne pucha lekin turant hi uske dimag me Soniya aur us ladke ki tasveer ghumne lagi.

"ROHIT!" Arun ne chilla kar kaha to uske paas khadi dono behene uski awaz sun kar chup ho gayi.

Rohit jo ki pehle hi pareshan tha ki Soniya itni ghabra kyu rahi hai, jaise hi usne Arun ki awaz suni use samajh me aa gaya aur wo Soniya ka hath pakadkar khada ho gaya.

Soniya uski aur Arun ki or dekhne lagi.

"Kaha hai?" Arun ne gusse me Aarohi se pucha.

"Wo 3 4 ladko ke sath bilkul abhi andar aaya hai," Aarohi boli.

"Bhai, please..Rohit nahi.." Soniya boli.

"Hua kya hai?" Rohit ko abhi bhi puri baat nahi pata thi.

"Wo ladka yahan hai..jisne.." Sneha Soniya ki or dekhte hue kaha jo ab aasuo ki kagar par hi thi.

Rohit ne ek baar Arun ki or dekha aur apna sir hilakar use keh diya ki wo sath me hi hai. Arun Sneha aur Aarohi ke sath exit ki taraf chal pada, use pehle chinta sabhi ladkiyon ki ho rahi thi. wo un sabko kisi safe jagah pehle pahuchana chahta tah.

Wo log bahar nikle hi the ki Arun ne sabhi ki or dekha. "Aaru?" usne chilla kar pucha.

"Shit!" Rohit bola, use bhi Aarohi ki chinta hone lagi.

"Kaha reh gayi ye?" Arun bola aur Rohit ke sath wapas andar jane laga.

Andar jate hi Arun ki najar Aarohi ko dhudhne lagi aur use wo dikh bhi gayi.

Wo deewar se sati hui thi aur usi ladke ke sath 4 ladke aur the jo use ghere hue the.

Aarohi ke ankhe gusse se laal thi. Arun ke piche piche chalte hue use apni kohni par kisi ka hath mahsoos hua jisne use piche khich liya. Turant hi usne khud ko diwar se sate hue paya aur najre ghuma kar dekha to samne usi ladke ki ankhen thi.

"Let me go!" Aarohi gusse me boli.

"No!" Salil bola aur apna khali hath badhakar uski kalai pakad li. Dusre hath se usne Aarohi ka dusra hath diwar se sata rakha tha.

"Agar tune mujhe nahi jane diya na to bahut pachtayega." Aarohi vifarte hue boli.

"No!" Salil ne dobara kaha.

"Main hota to wahi karta jo ye keh rahi hai," Rohit uske piche aate hue bola. "Bahut jabardast kick marti hai ye."

Salil ne piche mudkar dekha to mauke ka fayda uthakar Aarohi use chootkar Arun ki taraf bhag gayi.

"Ye, teri girlfriend?" Salil ne Rohit ki taraf ishara karke Arun se pucha.

"Apni ye bakwas bahar jake khatam karo," paas me bouncer ne kaha aur un sabko bahar kar diya.

Bahar nikalte hi dono gropu ek dusre ke samne khade ho gaye.

Soniya ko Supriya, Sneha aur Nisha sambhale hui thi.

"Awww, meri soni kudi," Salil uski or dekhte hue bola. "Main soch hi raha tha ki tu kaha milegi. Pichli baar mera kaam adhura reh gaya tha."

Soniya apne aasu rokne ki puri koshish kar rahi thi.

"Ek aur shabd bol fir dekh main tera kya haal karta hoon," Arun ne gusse se kaha. "Main dobara koi panga nahi chahta. Pichli do baar to maine tujhe aise hi chod diya is baar pura kissa hi khatam kar dunga. Isliye keh raha hoon, chupchap chala ja aur hum logo ko akela chod de." Arun ne kaha tab tak bijli kadknne lagi aur halki halki barish bhi hone lagi.

Salil hanste hue apne balo ko piche karne laga. "Main bas is chikni ka ek bar aur swad chakhna..." bas itna hi bol paya woh.

Arun ne socha bhi nahi tha ki Aarohi badi teji se paas se ghumti hui aayi aur uske chehre par ek jordar mukka maar diya. Salil piche girne ko hua to uske doston ne use pakad liya.

"Ooooohh," Paas khade dusre log ye dekhkar Salil par hansne lage.

Arun bhi halke se hans diya. "Soch agar maine Aaru ko tujhe aise hi marne ke liye chod diya to tera kya haal hoga," Arun ne Aarohi ko dekhte hue kaha jise Rohit pakde hue tha.

"Salil, chal yaar jyada lafda thik nahi," uske ek dost ne usse kaha.

Salil ne gusse se usse apna hath chuda liya lekin fir apni gadi ki taraf jate hue Arun ki taraf dekhen laga. "Mujhe pata hai ki tu kahan rehta hai, dekh lunga tujhe," usne kaha to Arun ne use apni middle finger dikha di.

Fir wo sabhi ladke uske sath apni gadi me chale gaye. Arun sabhi ke sath chupchap chalta hua gaadiyon ke paas pahucha tab tak barish kafi tej ho chuki thi. Arun ne raste me Soniya ko apne paas kar liya aur uske sath car ki taraf jane laga.

Rohit ne Arun ki car ka darwaja kholkar Soniya ko andar bithaya, Aarohi bhi Soniya ke sath wahi baith gayi. Arun aur Rohit aage ki seats par baithkar Nisha ki car ke piche chalne lage. Arun ne piche chalti gadi par dhyan nahi diya aur na hi kisi aur ne.

"Abe yaar thodi haddiyan aur todne ko milti," Rohit bola.

"Tera to pata nahi lekin Aaru ne pkka uski naak todi," Arun ne kaha.

Aarohi hanste hue apna hath sehlane lagi. "Ye pkka kal taqleef dega. Lekin fir bhi maja aaya uski naak todkar."

"Mujhe nahi lagta Aaru ne kabhi mujhe bhi itna tej mara hoga," Rohit bola.

"Tumne mujhe itna gussa bhi to nahi dilaya na," Aarohi boli.

"Yaani aage se aur mehnat karni padegi," Rohit ne kaha aur uske baad hi do cheekhe car me gunzi Rohit aur Aarohi ki. Aarohi ki hath ke dard ki wajah se jo usne Rohit ke hath par maara tha.

Barish aur tej hone lagi to Arun ne car ke speed aur kam ra di. Tab usne dhyan diya to koi un logo ke piche tha aur pass mang raha tha, barish me saaf saaf to nahi dikh raha tha isliye Arun ne car ko aur jyada dheema kar diya.

"Kuch bhi ho, us chutiye ko chodkar aaj maja to kafi aaya," Arun bola.

"Yeah, kafi acha time tha. 2 ladayiyon se bacha, kissing bhi ho gayi, aur Sneha di ke sath dance bhi karne ko mila. Awesome night." Rohit khusi se bola.

Aarohi apna sir hilakar use dekhne lagi. Soniya bhi halke se hans di. Uske aasu ab tak ruk chuke the.

Unke piche chal rahi caar ki speed tej hui aur wo unke barabar aa gayi. Arun ne dobara speed kam karke use aage jane diya lekin wo car barabar me hi chalti rahi. Arun ne side me dekha to us car ki window open ho rahi thi.

"Dhyan se!" arun ne apne man me isse tej awaz kabhi nahi suni thi.

Turant hi ek dum se chamak uthi aur ek dhamake ki awaz aur turant hi Arun ki car dagmagane lagi. Shotgun ne apna kaam kar diya tha aur wo car teji se Nisha ki car ki taraf jane lagi. Arun car ko sambhalne ki koshish karne laga aur Aarohi Soniya ko pakde hue the.

"Abhi just hua kya?" Rohit ne chilla kar pucha.

Car bhigi road par kuch jyada hi teji se fisli to aage ke pahiya jameen se uthne laga, jab tak Arun car ko sambhalta tab tak car me tirchi ho chuki thi. Tirchi hokar car bilkul palti tab tak airbags nikal chuke the. Arun ne mahsoos kiya ki car ek pura round lekar dobara palti aur side me uski window kisi chiz se takrayi. Arun turant hi andhere me khota chala gaya. Car side me ragadate hue aage badhti rahi fir jake ruk gayi.

 
बारिस अपने पूरे वेग से गिरती रही, और कार के एंजिन से चुटुर पुटुर की आवाज़ आ रही थी. काफ़ी आगे, एक कार धीरे से मूडी और उस कार की तरफ आने लगी.

बारिश सब कुछ भिगाती रही.

अरुण अंधेरे और शोर की गलियों से गुज़र रहा था. धुँआधार बारिश मे बिजली बार बार अंधेरो को मिटा रही थी. बीप- बीप. फिर से आँखें चौधिया देने वाली चमक...सुप्रिया की आवाज़....कोई रो रहा है.

अंधेरा दूर हटने लगा. अरुण दोबारा अपनी गर्लफ्रेंड के साथ था. पहले तो उसे उसका नाम भी ध्यान नही आ रहा था लेकिन फिर एक दम से उसके होठों पर उसका नाम आ गया. एश. वो उसे देखकर मुस्कुराइ और उसके गाल को चूम लिया. उसकी महेक अरुण को उसकी मस्ती मे डुबोने लगी. उसे ध्यान आया कि उस ने ये पर्फ्यूम उसे गिफ्ट किया था. वो बिल्कुल भूल ही गया था कि एश कितनी खूबसूरत थी. उसके लंबे डार्क ब्राउन कलर के बाल, जो थोड़े से घुंघराले थे, उसकी काली आँखें जो हमेशा चमकती रहती थी, थोड़ी सी हया. गले मे एक लॉकेट. वो उसे एक अजीब से मायूसी से देखती रही फिर एक दम से रोने लगी. अरुण के दिल मे उसके आसू देखकर दर्द उठने लगा.

दोबारा अंधेरा छा गया. इस बार जब अंधेरा दूर हुआ तो वो अभी भी छोटा था और वो मनहूस रात थी. पोलीस दरवाजे पर खड़ी थी और सुप्रिया बेजान सी दरवाजे पर खड़ी होके सिर हिलाए जा रही थी.

काफ़ी देर तक सुप्रिया अपने भाई बहनों से कुछ नही बोली जो उसके इर्द गिर्द आकर खड़े हो गये थे. काफ़ी देर बाद वो उठी और बाथरूम को चली गयी. वो काफ़ी देर तक अपने आप को शीशे मे देख कर मूह धोती रही. अरुण को उस समय ये चीज़ समझ नही आई थी लेकिन अब समझ आ रहा था कि वो खुद को बता रही थी कि अब उसे क्या करना है. वो अपनी जिंदगी, अपने सपनो को अलविदा कह रही थी, क्यूकी अब इस घर मे उन सबके माँ बाप का हक़ उसे ही अदा करना था. जैसे जैसे अरुण देखता रहा, सुप्रिया का चेहरा एक माँ के रूप मे बदलता चला गया.

उस रात उसके मोम डॅड की एनिवर्सरि थी, जिन्हे उन सबने ज़िद करके बाहर भेजा था. सुप्रिया उन सबके साथ आके सोफे पर बैठ गयी और बात करने लगी. उसने उन सबको याद दिलाया कि उनके मम्मी पापा उन सबसे कितना प्यार करते थे, और फिर उन सबकी आँखों मे देखते हुए उसने सच बयान कर दिया, कि उनके मम्मी पापा का आक्सिडेंट हुआ है. उसने बताया कि उन्हे काफ़ी चोट आई और हॉस्पिटल पहुचने से पहले ही उनका देहांत हो गया और अब वो लोग कभी वापस नही आने वाले. सभी को झटका तो लगा लेकिन सब इस बात को समझ गये.

सुप्रिया ने उन सबको कहा कि अब से वो उन सबका ख़याल रखेगी और वो अपनी तरफ से पूरी कोशिश करेगी कि उनकी ज़रूरतो को पूरा कर स्के. वो सब सुप्रिया की बाहों मे ही सो गये जब तक की उनके आँखें आसू बहाते हुए थक नही गयी.

अरुण एक ऐसी स्थिति मे फसा हुआ था जहाँ उसे अपने होने का अहसास भी था और आधी चीज़े याद भी नही थी. उसे वो चीज़े याद आने लगी कैसे सुप्रिया रोहित के पापा के साथ लीगल मॅटर्स सॉल्व करने के लिए गयी. कैसे वो फफक फफक कर रोई थी, उसकी ग्रॅजुयेशन के बाद जब अंकल ने बताया था कि उसके मम्मी पापा ये देखकर कितना खुश होते. वो उनके अंतिम संस्कार के बारे मे सोचने लगा. उसे इस वक़्त पता ही नही था कि उसके पापा को इतने लोग जानते थे.

उसने सोनिया के बारे सोचना शुरू किया, कैसे वो पूरी तरीके से बदल गयी. आक्सिडेंट से पहले तो बड़ी स्वीट थी लेकिन उसके बाद जैसे उसकी जिंदगी का एक ही मकसद था सुप्रिया को दुख पहुचाना. वो हमेशा सुप्रिया की बातों को नज़रअंदाज़ करके अपनी मनमानी करती रहती.

स्नेहा का बर्ताव जैसा था वैसा ही रहा. वो पहले से ही पढ़ाकू थी, और आक्सिडेंट के बाद तो जैसे उसकी दुनिया बस किताबो मे ही सिमट कर रह गयी थी. अगर वो किसी से बात करती तो सिर्फ़ अरुण से. वैसे भी वो थी भी पापा की लाडली. शायद इसीलिए वो अरुण से बात करती थी क्यूकी अरुण लगता भी उनके पापा की तरह था.

आरोही ने खुद को स्पोर्ट्स मे डाल दिया. ऐसी कोई चीज़ उसने नही छोड़ी जिसमे उसने हाथ नही आजमाया- वॉलीबॉल, फुटबॉल, बॅस्केटबॉल, स्विम्मिंग एट्सेटरा. यहाँ तक कि वो फुटबॉल टीम भी जाय्न करने वाली थी लेकिन सुप्रिया ने मना कर दिया.

अरुण भी सबसे दूर होने लगा. शायद यही वजह थी कि आक्सिडेंट के कुछ ही महीनो बाद उसके मन मे ये आवाज़ आने लगी. एक दिन जब वो पॉर्न देख रहा था उसके बाद से ही ये आवाज़ आई थी उसके दिमाग़ मे जो उसे वो सीन याद दिला रही थी. पहले तो उसे काफ़ी कम सुनाई पड़ती थी, जैसे कि महीने मे एक दो बार. लेकिन उमर के साथ साथ आवाज़ की मात्रा भी बढ़ती गयी. एक बार जब वो एश को किस कर रहा था तो आवाज़ ने उससे उसकी शर्ट फाड़ने को कहा तो अरुण ने उसे झट से मना कर दिया. उसके कुछ महीनो तक दोबारा उसे आवाज़ ने तंग नही किया था.

अंधेरे की चादर दोबारा पड़ गयी. इस बार जब वो चादर हटी तो एक चौधिया देने वाली सफेद रोशनी अरुण की आँखों मे पड़ी जब उसने आँखें खोलने की कोशिश करी. उसने अपना हाथ उठाने की कोशिश करी तो कुछ भारी सा उसके हाथ को रोके हुए था.

"ब्लॅंकेट्स," उसने सोचा. "मैं बेड पर हूँ, लेकिन..?" क्या जो कुछ अभी उसे दिख रहा था वो सपना था?

उसने कंबल के नीचे से अपना हाथ निकाला और अपने सिर पर रख के रोशनी को रोकने की कोशिश करते हुए आँखें खोलने लगा. उसकी उंगलियों के बीच से सफेद रोशनी अंदर आ रही थी. धीरे धीरे उसकी नज़र सॉफ हुई तो उसे आभास हुआ कि उसके आस पास काफ़ी लोग थे.

"दी..दी.." किसीने कहा. ये आवाज़ काफ़ी जानी पहचानी लग रही थी, लेकिन उसे याद नही आ रहा था कि किसकी है.

उसने अपने कंधे पर एक हाथ महसूस किया, कोमल प्यार से भरपूर.

"अरुण?" सुप्रिया ने धीरे से पूछा.

अरुण ने बोलने के लिए मूह खोला तो एक दर्द की लहर चीरती हुई निकल गयी और मूह काफ़ी सूखा हुआ था. उसने किसी चीज़ मे पानी गिरने की आवाज़ सुनी. प्लास्टिक की रिम उसके होठों से छुई और ठंडा पानी उसके गले के अंदर जाने लगा.

"और दूँ?" उसने पूछा.

उसने धीरे से सिर हिलाया तो उसकी गर्दन और पीठ मे दर्द होने लगा.

"हिलो मत," फिर से उसकी आवाज़ आई.

अरुण ने दोबारा बोलने की कोशिश की. उसकी आवाज़ उखड़ उखड़ के आ रही थी. "मैं कहा हूँ?"

सुप्रिया आगे झुक गयी. "स्वीतू, तुम आइसीयू मे हो. तुम्हारा आक्सिडेंट हुआ था. और सबसे ज़्यादा चोट तुम्हारे ही लगी है." उसने उसके कोमल हाथ का स्पर्श अपने माथे पर महसूस किया. "3 रिब्स टूटी हैं और सिर पर चोट लगी है. हम लोग तो डर ही गये थे."

"आक्सिडेंट?"

कुछ देर तक कोई आवाज़ नही आई, और फिर सुप्रिया की आवाज़ उसके कानो मे पड़ी. "हां. तुम आरोही, सोनिया और रोहित के साथ क्लब से घर आ रहे थे, तब."

अरुण ने एक कराह ली. "मैं नशे मे था क्या?" उसने पूछा.

"नही." सुप्रिया ने जवाब दिया.

"उस सुअर के बच्चे ने हमारी कार के टाइयर पर गोली मारी, यार." रोहित ने कहा, उसकी आवाज़ मे गुस्सा और चिंता सॉफ झलक रही थी.

अरुण कुछ देर तक चुप रहा. "कौन?"

उसका सवाल सुन के सभी कुछ देर के लिए चुप हो गये.

"स्वीतू....अभी जस्ट पिछली बात याद है क्या?" सुप्रिया की आवाज़ कांप रही थी.

अरुण कुछ देर तक सोचता रहा. "पता नही, सब धुंधला धुंधला है. मुझे याद है कि मैं और आरू अपने कॉलेज मे अड्मिशन के बाद पहले दिन साथ मे गये थे. मैं उस के साथ एक ही क्लास मे बैठा था. इसके बाद सब कुछ....धुँधला है. मुझे...पता नही..."

काफ़ी देर खामोशी छाइ रही जिसे सुप्रिया की रुआसी आवाज़ ने तोड़ा. "अरुण, वो एक साल पहले की बात है."

"ऐसा कैसे हो सकता है," उसने जवाब दिया.

सुप्रिया की जैसे आवाज़ ही गुम हो गयी थी. उसको देख कर लग रहा था कि अगर उसने एक शब्द और कहा तो आवाज़ की जगह वो रोने लगेगी.

अरुण दोबारा नींद के आगोश मे चला गया. उसे दोबारा एश दिखी सपने मे. उसकी महक और ज़्यादा यादें साथ लेके आई. वो दोनो एक साथ बीच पर टेहल रहे थे हाथो मे हाथ डाले. वही पर एश ने बताया कि वो फॉरिन जा रही है आगे की पढ़ाई करने.

अरुण उसे पसंद करता था लेकिन उसे ये कन्फर्म नही था कि क्या वो उसे प्यार करता है. उसके जाने का गम तो हुआ लेकिन इट वाज़ ओके. उन दोनो ने काफ़ी अच्छा टाइम स्पेंड किया था साथ मे और दोनो ने जब रिलेशन्षिप ख़त्म की तो दोनो ने दोस्त रहने का वादा किया था.

उसकी आँख मे एक सफेद रोशनी आके पड़ी और कुछ ठंडा ठंडा उसके सीने पर लगा. दो लोग आपस मे बात कर रहे थे. फिर उसने कुछ देर बाद दरवाजा बंद होने की आवाज़ सुनी.

कुछ देर बाद दोबारा वही दो आवाज़ें आई तो उसने धीरे से आँखें खोली. इस बार रोशनी ने उसकी आँखो को उतनी तक़लीफ़ नही पहुचाई. सबसे पहले उसकी नज़र सुप्रिया पर पड़ी. वो उसके बेड के पास ही चेयर पर थी और उसका सिर अरुण की जाँघ के पास था. वो सो रही थी. उसने नज़रे घुमा कर देखा तो खिड़की के पास निशा चेयर पर सिर रख के सो रही थी. उसके पास आरोही और रोहित बात कर रहे थे, दोनो ठीक ही थे, बस रोहित के सिर पर पट्टी बँधी हुई थी. दूसरी तरफ स्नेहा थी जिसकी गोद मे सोनिया सिर रख हुई थी, स्नेहा बड़े प्यार से सोनिया को पकड़े हुए सो रही थी.

अरुण थोड़ा हिला तो सुप्रिया जाग गयी जिससे आरोही और रोहित उसकी तरफ देखने लगे. सुप्रिया ने अपनी नज़रे उसकी तरफ करी तो अरुण की नीली आँखो को अपनी तरफ ही देखते हुए पाया. "हाई," उसने कहा जैसे कि रोज की तरह नॉर्मल दिन हो.

सुप्रिया हल्के से हंस दी और प्यार से उसे गले लगा लिया. "कुछ चाहिए क्या?" उसने पूछा.

अरुण ने पेट मे गुदगुदाहट सुनी. "कितना टाइम हुआ है? मेरे पेट मे चूहे कूद रहे हैं."

"एक साप्ताह होने वाला है, स्वीतू. तुम्हारी बॉडी को ठीक होने के लिए ज़्यादा ही एनर्जी की ज़रूरत थी तभी तुम्हे भूख लग रही है. मैं कुछ इंतज़ाम कर के आती हूँ."

आरोही उसके पास आई और झुक कर उसके सिर को चूम लिया. "तुमने तो हम सबको डरा ही दिया था," उसकी आँखे हल्की सी लाल थी और फिरसे उनमे आसू उभर आए थे. "मुझे..हमे लगा कि हम ने तुमको खो ही दिया है."

अरुण ने उसका हाथ प्यार से दबाया ये जताने के लिए वो ठीक है कि उसके हाथ मे भी दर्द उठने लगा.

"आइ'म सॉरी, आरू," उसने बोला, उसे पता था कि ग़लती उसकी बिल्कुल नही थी और ये भी जानता था कि कोई उसे दोषी ठहरा भी नही रहा पर इस वक़्त यही ठीक लगा.

रोहित चलकर आगे आया तो बाकी सब भी जाग गये.

"और मेरे शेर, कुछ चाहिए? लड़की, दारू एनितिंग?"

अरुण हंस दिया और उसके हाथ को थपथपाने लगा जिसने अरुण के हाथ को पकड़ रखा था. "थॅंक्स यार. आइ'म ग्लॅड तुम तीनो ठीक हो. अगर तुम लोगो को कुछ हो जाता तो..." उसने बात को वही ख़त्म कर दिया वो इससे आगे सोचना भी नही चाहता था.

"हम सब ठीक है," स्नेहा ने कहा, लेकिन उन सबकी हालत बिल्कुल उल्टी लग रही थी. सभी बिल्कुल थके हुए लग रहे थे. "तुम बस आराम करो और कुछ चाहिए तो हमे बताना."

वो आगे आई और उसे धीरे से गले लगाकर सिर को चूम लिया. झुकते समय उसके दूध अरुण के सीने से लगने लगे तो अरुण की नज़र उसके क्लीवेज पर पहुच गयी.

"तेरी बहेन है कुत्ते," उसने खुद से कहा.

सबसे ज़्यादा खराब हालत सोनिया की लग रही थी. उसकी आँखें देख कर लग रहा था कि वो काफ़ी रोई है.

अरुण उसकी हालत देखकर कन्फ्यूज़ हो गया. सोनिया तो कभी उसकी केयर नही करती थी. आज तक उसने कोई भी मौका नही छोड़ा था अरुण को परेशान करने का और आज वो सबसे ज़्यादा बुरी हालत मे लग रही थी. जब स्नेहा हटी तो सोनिया आगे आई उसे गले लगाने के लिए.

"तुम्हे पिछले साल का कुछ याद है?" सुप्रिया ने पूछा जब सोनिया उसे गले लगा चुकी थी.

अरुण ने एक गहरी सास ली और सिर हिला दिया. "आख़िरी चीज़ जो मुझे याद है वो ये कि मैं और आरू एक साथ क्लास मे जा रहे थे. तुम लोग कोई प्रॅंक तो नही प्लान कर रहे हो ना?"

सभी लोग अपना सिर हिलाने लगे, उन सबकी आँखो मे एक मायूसी छाइ हुई थी.

"यहाँ कब तक रहना पड़ेगा?" अरुण ने पूछा.

जैसे उसके सवाल का ही इंतजार हो रहा था कि तुरंत ही दरवाजा खुला और डॉक्टर एक नर्स के साथ अंदर दाखिल हुआ.

डॉक्टर ने दोनो आँखों मे टॉर्च से देखकर पूछा. "तो कैसा लग रहा है अब?"

Baris apne pure veg se girti rahi, aur car ke engine se chutur putur ki awaz aa rahi thi. Kafi aage, ek car dhire se mudi aur us car ki taraf aane lagi.

Barish sab kuch bhigati rahi.

Arun andhere aur shor ki galiyon se guzar raha tha. Dhudadhar barish me bijli bar bar andhero ko mita rahi thi. Beep- Beep. Fir se ankhen chaudhiya dene wali chamak...Supriya ki awaz....koi ro raha hai.

Andhera door hatne laga. Arun dobara apni girfriend ke sath tha. Pehle to use uska naam bhi dhyan nahi aa raha tha lekin fir ek dum se uske hothon par uska naam aa gaya. Esha. Wo use dekhkar muskurayi aur uske gaal ko choom liya. Uski mehek Arun ko uski masti me dubone lagi. Use dhyan aaya ki use ne ye perfume use gift kiya tha. Wo bilkul bhul hi gaya tha ki Esha kitni khoobsurat thi. Uske lambe dark brown colour ke baal, jo thode se ghunghrale the, uske kali ankhen jo hamesha chamakti rahti thi, thodi si haya. Gale me ek locket. Wo use ek ajib se mayusi se dekhti rahi fir ek dum se rone lagi. Arun ke dil me uske aasu dekhkar dard uthne laga.

Dobara andhera chhaa gaya. Is bar jab andhera dur hua to wo abhi bhi chhota tha aur wo manhoos raat thi. Police darwaje par khadi thi aur Supriya bejan si darwaje par khadi hoke sir hilaye ja rahi thi.

Kafi der tak Supriya apne bhai beheno se kuch nahi boli jo uske ird gird aakar khade ho gaye the. Kafi der baad wo uthi aur bathroom ko chali gayi. Wo kafi der tak apne aap ko sheeshe me dekh kar muh dhulti rahi. Arun ko us samaye ye chiz samajh nahi aayi thi lekin ab samajh aa raha tha ki wo khud ko bata rahi thi ki ab use kya karna hai. Wo apni jindagi, apne sapno ko alvida keh rahi thi, kyuki ab is ghar me un sabke maa baap ka haq use hi ada karna tha. Jaise jaise Arun dekhta raha, Supriya ka chehra ek maa ke roop me badalta chala gaya.

Us raat uske mom dad ki anniversary thi, jinhe un sabne jid karke bahar bheja tha. Supriya un sabke sath aake sofe par baith gayi aur baat karne lagi. Usne un sabko yaad dilaya ki unke mummy papa un sabse kitna pyar karte the, aur fir un sabki ankhon me dekhte hue usne sach bayan kar diya, ki unke mummy papa ka accident hua hai. Usne bataya ki unhe kafi chot aayi aur hospital pahuchne se pehle hi unka dehant ho gaya aur ab wo log kabhi wapas nahi aane wale. Sabhi ko jhatka to laga lekin sab is baat ko samajh gaye.

Supriya ne un sabko kaha ki ab se wo un sabka khayal rakhegi aur wo apni taraf se puri koshish karegi ki unki jarurato ko pura kar ske. Wo sab Supriya ki bahon me hi so gaye jab tak ki unke ankhen aasu bahate hue thak nahi gayi.

Arun ek aisi sthiti me fasa hua tha jaha use apne hone ka ahsas bhi tha aur aadhi chize yaad bhi nahi thi. Use wo chize yaad aane lagi kaise Supriya Rohit ke papa ke sath legal matters solve karne ke liye gayi. Kaise wo fafak fafak kar roi thi, uski graduation ke baad jab uncle ne bataya tha ki uske mummy papa ye dekhkar kitna khush hote. Wo unke antim sanskar ke bare me sochne laga. Use is waqt pata hi nahi tha ki uske papa ko itne log jante the.

Usne Soniya ke bare sochna shuru kiya, kaise wo puri tarike se badal gayi. Accident se pehle to badi sweet thi lekin uske baad jaise uski jindagi ka ek hi maksad tha Supriya ko dukh pahuchana. Wo hamesha Supriya ki baaton ko najarandaz karke apni manmani karti rehti.

Sneha ka bartav jaisa tha vaisa hi raha. Wo pehle se hi padhaku thi, aur accident ke baad to jaise uski duniya bas kitabo me hi simat kar reh gayi thi. Agar wo kisi se baat karti to sirf Arun se. Waise bhi wo thi bhi papa ki ladli. Shayad isiliye wo Arun se baat karti thi kyuki Arun lagta bhi unke papa ki tarah tha.

Aarohi ne khud ko sports me daal diya. Aisi koi chiz usne nahi chodi jisme usne hath nahi aajmaya- volleyball, football, basketball, swimming etc. Yahan tak ki wo football team bhi join karne wali thi lekin Supriya ne mana kar diya.

Arun bhi sabse door hone laga. Shayad yahi vajah thi ki accident ki kuch hi mahino baad uske man me ye awaz aane lagi. Ek din jab wo porn dekh raha tha uske baad se hi ye awaz aayi thi uske dimag me jo use wo scene yaad dila rahi thi. Pehle to use kafi kam sunai padti thi, jaise ki mahine me ek do baar. Lekin umar ke sath sath awaz ki matra bhi badhti gayi. Ek baar jab wo Esha ko kiss kar raha tha to awaz ne usse uski shirt fadne ko kaha to Arun ne use jhut se mana kar diya. Uske kuch mahino tak dobara use awaz ne tang nahi kiya tha.

Andhere ki chadar dobara pad gayi. Is bar jab wo chadar hati to ek chaudhiya dene wali safed roshni Arun ki ankhon me padi jab usne ankhen kholne ki koshish kari. Usne apna hath uthane ki koshish kari to kuch bhari sa uske hath ko roke hue tha.

"Blankets," usne socha. "Main bed par hoon, lekin..?" Kya jo kuch abhi use dikh raha tha wo sapna tha?

Usne kambal ke niche se apna hath nikala aur apne sir par rakh ke roshni ko rokne ki koshish karte hue ankhen kholne laga. Uski ungliyon ke bich se safed roshni andar aa rahi thi. Dhire dhire uski najar saaf hui to use abhansh hua ki uske aas paas kafi log the.

"Di..di.." kisine kaha. Ye awaz kafi jani pehchani lag rahi thi, lekin use yaad nahi aa raha tha ki kiski hai.

Usne apne kandhe par ek hath mehsoos kiya, komal pyar se bharpoor.

"Arun?" Supriya ne dhire se pucha.

Arun ne bolne ke liye muh khola to ek dard ki lehar chirti hui nikal gayi aur muh kafi sukha hua tha. Usne kisi chiz me pani girne ki awaz suni. Plastic ki rim uske hothon se chui aur thanda pani uske gale ke andar jane laga.

"Aur doon?" usne pucha.

Usne dhire se sir hilaya to uski gardan aur peeth me dard hone laga.

"Hilo mat," fir se uski awaz aayi.

Arun ne dobara bolne ki koshish ki. Uski awaz ukhad ukhad ke aa rahi thi. "Main kaha hoon?"

Supriya aage jhuk gayi. "Sweetu, tum ICU me ho. Tumhara accident hua tha. Aur sabse jyada chot tumhare hi lagi hai." Usne uske komal hath ka sparsh apne mathe par mahsoos kiya. "3 ribs tuti hain aur sir par chot lagi hai. Hum log to dar hi gaye the."

"Accident?"

Kuch der tak koi awaz nahi aayi, aur fir Supriya ki awaz uske kaano me padi. "Haan. Tum Aarohi, Soniya aur Rohit ke sath club se ghar aa rahe the, tab."

Arun ne ek karah li. "Main nashe me tha kya?" usne pucha.

"Nahi." Supriya ne jawab diya.

"Us suar ke bachche ne hamari car ke tire par goli mari, yaar." Rohit ne kaha, uski awaz me gussa aur chinta saaf jhalak rahi thi.

Arun kuch der tak chup raha. "Kaun?"

Uska sawal sun ke sabhi kuch der ke liye chup ho gaye.

"Sweetu....abhi just pichli baat yaad hai kya?" Supriya ki awaz kamp rahi thi.

Arun kuch der tak sochta raha. "Pata nahi, sab dhudhla dhudhla hai. Mujhe yaad hai ki main aur Aaru apne college me admission ke bad pehle din sath me gaye the. Main us ke sath ek hi class me baitha tha. Iske baad sab kuch....dhudhla hai. Mujhe...pata nahii..."

Kafi der khamoshi chhayi rahi jise Supriya ki ruasi awaz ne toda. "Arun, wo ek saal pehle ki baat hai."

"Aisa kaise ho sakta hai," usne jawab diya.

Supriya ki jaise awaz hi gum ho gayi thi. Usko dekh kar lag raha tha ki agar usne ek shabd aur kaha to awaz ki jagah wo rone lagegi.

Arun dobara neend ke aghosh me chala gaya. Use dobara Esha dikhi sapne me. Uski mehak aur jyada yaadein saath leke aayi. Wo dono ek sath beach par tehel rahe the hatho me hath daale. Wahi par Esha ne bataya ki wo foreign ja rahi hai aage ki padhai karne.

Arun use pasand karta tha lekin use ye confirm nahi tha ki kya wo use pyar karta hai. Uske jane ka gam to hua lekin it was okay. Un dono ne kafi acha time spend kiya tha sath me aur dono ne jab relationship khatm ki to dono ne dost rehne ka wada kiya tha.

Uski ankh me ek safed roshni aake padi aur kuch thanda thanda uske seene par laga. Do log apas me baat kar rahe the. Fir usne kuch der baad darwaja band hone ki awaz suni.

Kuch der baad dobara wahi do awazein aayi to usne dhire se ankhen kholi. Is baar roshni ne uski ankho ko utni taqleef nahi pahuchayi. Sabse pehle uski najar Supriya par padi. Wo uske bed ke paas hi chair par thi aur uska sir Arun ki jangh ke paas tha. Wo so rahi thi. Usne najre ghuma kar dekha to khidki ke paas Nisha chair par sir rakh ke so rahi thi. Uske paas Aarohi aur Rohit baat kar rahe the, dono thik hi the, bas Rohit ke sir par patti bandhi hui thi. Dusri taraf Sneha thi jiski god me Soniya sir rakh hui thi, Sneha bade pyar se Soniya ko pakde hue so rahi thi.

Arun thoda hila to Supriya jaag gayi jisse Aarohi aur Rohit uski taraf dekhne lage. Supriya ne apni najre uski taraf kari to Arun ki neeli ankho ko apni taraf hi dekhte hue paaya. "Hi," usne kaha jaise ki roj ki tarah normal din ho.

Supriya halke se hans di aur pyar se use gale laga liya. "Kuch chahiy kya?" Usne pucha.

Arun ne pet me gudgudahat suni. "Kitna time hua hai? Mere pet me chuhe kood rahe hain."

"Ek saptah hone wala hai, sweetu. Tumhari body ko thik hone ke liye jyada hi energy ki jarurat thi tabhi tumhe bhookh lag rahi hai. Main kuch intezam kar ke aati hoon."

Aarohi uske paas aayi aur jhuk kar uske sir ko chum liya. "Tumne to hum sabko dara hi diya tha," uski ankhe halki si laal thi aur firse unme aasu ubhar aaye the. "Mujhe..hume laga ki humne tumko kho hi diya hai."

Arun ne uska hath pyar se dabaya ye jatane ke liye wo thik hai ki uske hath me bhi dard uthane laga.

"I'm sorry, Aaru," usne bola, use pata tha ki galti uski bilkul nahi thi aur ye bhi janta tha ki koi use doshi thehra bhi nahi raha par is waqt yahi thik laga.

Rohit chalkar aage aaya to baki sab bhi jag gaye.

"Aur mere sher, kuch chahiye? Ladki, daaru anything?"

Arun hans diya aur uske hath ko thapthapane laga jisne Arun ke hath ko pakad rakha tha. "Thanks yaar. I'm glad tum teeno thik ho. Agar tum logo ko kuch ho jata to..." usne baat ko wahi khatm kar diya wo isse aage sochna bhi nahi chahta tha.

"Hum sab thik hai," Sneha ne kaha, lekin un sabki halat bilkul ulti lag rahi thi. Sabhi bilkul thake hue lag rahe the. "Tum bas aaraam karo aur kuch chahiye to hume batana."

Wo aage aayi aur use dhire se gale lagakar sir ko choom liya. Jhukte samaye uske doodh Arun ke seene se lagne lage to Arun ki najar uske cleavage par pahuch gayi.

"Teri behen hai kutte," usne khud se kaha.

Sabse jyada kharab haalat Soniya ki lag rahi thi. Uski ankhen dekh kar lag raha tha ki wo kafi roi hai.

Arun uski halat dekhkar confuse ho gaya. Soniya to kabhi uski care nahi karti thi. Aaj tak usne koi bhi mauka nahi chhoda tha Arun ko pareshan karne ka aur aaj wo sabse jyada buri halat me lag rahi thi. Jab Sneha hati to Soniya aage aayi use gale lagane ke liye.

"Tumhe pichle saal ka kuch yaad hai?" Supriya ne pucha jab Soniya use gale laga chuki thi.

Arun ne ek gehri saas li aur sir hila diya. "Akhiri chiz jo mujhe yaad hai wo ye ki main aur Aaru ek sath class me ja rahe the. Tum log koi prank to nahi plan kar rahe ho na?"

Sabhi log apna sir hilane lage, un sabki aankho me ek mayusi chhayi hui thi.

"Yahan kab tak rehna padega?" Arun ne pucha.

Jaise uske sawal ka hi intezar ho raha tha ki turant hi darwaja khula aur doctor ek nurse ke sath andar dakhil hua.

Doctor ne dono ankhon me torch se dekhkar pucha. "To kaisa lag raha hai ab?"

 
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