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Guest
फाइनली, मैं पूजा की बात मान गया... जब तक हम होटेल पहुँचते, तब तक हम खामोश थे, मेरे दिमाग़ में सवालों,का सैलाब सा आया हुआ था, मैं बार बार सोच रहा थे कि पूजा पायल से क्या बात करेगी , पायल नशे में कहीं उसको ये ना बता दे, कि वो मेरे कहने पे यहाँ आई हुई है... सोचते सोचते हम होटेल की लॉबी में पहुँचे जहाँ पूजा और मैं पायल को कंधा देके लिफ्ट की तरफ बढ़े, हम जैसे ही पूजा के रूम के करीब पहुँचे मैं कुछ बहाना करके वापस लॉबी में आ गया रिसेप्षन पे..
"हाई.. वी हॅव आक्च्युयली फर्गॉटन और आक्सेस कार्ड इनसाइड दा रूम... प्लीज़ इश्यू मी आ न्यू वन, आंड ब्लॉक दा ओल्ड वन इफ़ यू वान्ट"
मैने रिसेप्षन पे झूठ बोलके पूजा के रूम का आक्सेस ले लिया.... पूजा के रूम में आज बहुत कुछ खुल सकता था, मैं किसी भी कीमत पे आज की रात ज़ाया नही करना चाहता था... न्यू आक्सेस लेके मैं पूजा के रूम के पास चला गया, वो लोग अंदर जा चुके थे , अब उनका कार्ड ब्लॉक्ड था... मैं पूजा को सी ऑफ करके और पायल को सुला के अपने रूम में आ गया.... अपने रूम में आके कुछ देर में फ्रेश हुआ, टाइम देख के घर पे बात की, संतुष्टि मिली कि वहाँ सब ठीक है और साथ ही साथ डॅड से बॅंक के पेपर्स फॅक्स करने को कहा जिसपे,पूजा के सिगनेचर्स चाहिए थे.. अभी भी रात गहरी नहीं हुई थी, वक़्त देखा तो रात के करीब 11 बज रहे थे, मैने तुरंत पूजा को कॉल किया..
"हाई बेबी... व्हाट डूयिंग"
"अभी तो फ्रेश होने जा रही हूँ, फ्रेश होके फिर थोड़ी देर घर पे बात करूँगी, मोम से बात ही नहीं हुई है"
"और पायल सो गयी, शी ईज़ ओके ?" मैने फिर सवाल किया पूजा से
"एप... सो रही है, मैं एक बार फ्री हो जाउ, इसको होश में लाने की कोशिश करूँगी..."
"ओके...चलो, स्लीप वेल" मैने फोन कट करते हुए कहा...
मेरे पास अंदाज़न आधा घंटा और था, मैं रूम के मिनी फ्रिड्ज से बियर लेके पीने लगा, और एक और एसएमएस किया
"सेंड देम नाउ..."
सामने से ओके का जवाब पाके मैं वक़्त का इंतेज़ार करने लगा, इसी चक्कर में एक और बियर ख़तम कर दी... बियर पीते पीते रूम की बाल्कनी में आके जकार्ता की चका चोंध को देखने लगा...रात के करीब 12 बज रहे थे और ये शहर रंगीन होता जा रहा था...लाइट्स, गाड़ियाँ, भीड़ बिल्कुल कम नहीं हो रही थी... मोम डॅड को ज़रूर यहाँ वाकेशन पे लाउन्गा, वो भी अपने पैसों से.. खुद से ये वादा कर, मैने घड़ी की तरफ देखा तो 12.15 बज रहे थे रात के, मैं तुरंत अपने रूम से निकल के, पूजा के कमरे की तरफ बढ़ गया, पूजा के कमरे के पास पहुँच के धीरे से मैने आक्सेस कार्ड की मदद से दरवाज़ा खोला....
मैं हॉल में बिल्कुल गहरा अंधेरा छाया हुआ था, सिर्फ़ बाल्कनी के थ्रू बाहर की हल्की रोशनी अंदर आ रही थी.. धीरे धीरे आगे बढ़के चेक किया तो बाथरूम भी खाली था... मतलब पूजा और पायल अंदर वाले रूम में थे, मैं उस कमरे की ओर बढ़ा, कमरा लॉक था, लेकिन मैन विंडो के पर्दे नहीं लगे थे, मैं खिड़की से अंदर छुप छुप के झाँकने लगा...
अंदर पूजा ने सिर्फ़ एक पतली सी येल्लो कलर की नाइटी पहनी थी जिसमे से उसके चूचे सॉफ नज़र आ रहे थे, उसकी नाइटी उसके घुटनो से थोड़ी उपर तक थी, नीचे से उसकी टाँगें एक दम सॉफ और चिकनी... बेड पे बैठे बैठे वो एक बुक पढ़ रही थी, बुक पढ़ते पढ़ते उसने अपनी टाँगों को खोला जिससे उसकी नाइटी एक तरफ हो गयी और उसकी चूत सॉफ दिखाई देने लगी, उसकी चूत के होंठ एक दम गुलाबी से लग रहे थे, उसने अंदर पैंटी भी नही पहनी थी..कुछ सेकेंड्स में बुक साइड में रख के पूजा ने एक नज़र पायल की तरफ घुमाई.. पायल जो अभी तक शायद नशे में थी, बेड पे लेटी हुई थी, नशे में होने के कारण, उसका ड्रेस नीचे से उपर हो गया था, उसकी टाँगें सफेद , एक भी दाग नहीं, एक भी बाल नहीं, टाँगों के बीच से नज़र गयी तो उसकी ब्लॅक कलर की सिल्क पैंटी सॉफ दिख रही थी... पूजा ने एक हाथ बढ़ा के पायल के बालों को सहलाने लगी...धीरे धीरे उसका हाथ बालों से सरक के पायल के गालों पे आ गया...