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मेरी सेक्सी बहनें compleet

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फाइनली, मैं पूजा की बात मान गया... जब तक हम होटेल पहुँचते, तब तक हम खामोश थे, मेरे दिमाग़ में सवालों,का सैलाब सा आया हुआ था, मैं बार बार सोच रहा थे कि पूजा पायल से क्या बात करेगी , पायल नशे में कहीं उसको ये ना बता दे, कि वो मेरे कहने पे यहाँ आई हुई है... सोचते सोचते हम होटेल की लॉबी में पहुँचे जहाँ पूजा और मैं पायल को कंधा देके लिफ्ट की तरफ बढ़े, हम जैसे ही पूजा के रूम के करीब पहुँचे मैं कुछ बहाना करके वापस लॉबी में आ गया रिसेप्षन पे..

"हाई.. वी हॅव आक्च्युयली फर्गॉटन और आक्सेस कार्ड इनसाइड दा रूम... प्लीज़ इश्यू मी आ न्यू वन, आंड ब्लॉक दा ओल्ड वन इफ़ यू वान्ट"

मैने रिसेप्षन पे झूठ बोलके पूजा के रूम का आक्सेस ले लिया.... पूजा के रूम में आज बहुत कुछ खुल सकता था, मैं किसी भी कीमत पे आज की रात ज़ाया नही करना चाहता था... न्यू आक्सेस लेके मैं पूजा के रूम के पास चला गया, वो लोग अंदर जा चुके थे , अब उनका कार्ड ब्लॉक्ड था... मैं पूजा को सी ऑफ करके और पायल को सुला के अपने रूम में आ गया.... अपने रूम में आके कुछ देर में फ्रेश हुआ, टाइम देख के घर पे बात की, संतुष्टि मिली कि वहाँ सब ठीक है और साथ ही साथ डॅड से बॅंक के पेपर्स फॅक्स करने को कहा जिसपे,पूजा के सिगनेचर्स चाहिए थे.. अभी भी रात गहरी नहीं हुई थी, वक़्त देखा तो रात के करीब 11 बज रहे थे, मैने तुरंत पूजा को कॉल किया..

"हाई बेबी... व्हाट डूयिंग"

"अभी तो फ्रेश होने जा रही हूँ, फ्रेश होके फिर थोड़ी देर घर पे बात करूँगी, मोम से बात ही नहीं हुई है"

"और पायल सो गयी, शी ईज़ ओके ?" मैने फिर सवाल किया पूजा से

"एप... सो रही है, मैं एक बार फ्री हो जाउ, इसको होश में लाने की कोशिश करूँगी..."

"ओके...चलो, स्लीप वेल" मैने फोन कट करते हुए कहा...

मेरे पास अंदाज़न आधा घंटा और था, मैं रूम के मिनी फ्रिड्ज से बियर लेके पीने लगा, और एक और एसएमएस किया

"सेंड देम नाउ..."

सामने से ओके का जवाब पाके मैं वक़्त का इंतेज़ार करने लगा, इसी चक्कर में एक और बियर ख़तम कर दी... बियर पीते पीते रूम की बाल्कनी में आके जकार्ता की चका चोंध को देखने लगा...रात के करीब 12 बज रहे थे और ये शहर रंगीन होता जा रहा था...लाइट्स, गाड़ियाँ, भीड़ बिल्कुल कम नहीं हो रही थी... मोम डॅड को ज़रूर यहाँ वाकेशन पे लाउन्गा, वो भी अपने पैसों से.. खुद से ये वादा कर, मैने घड़ी की तरफ देखा तो 12.15 बज रहे थे रात के, मैं तुरंत अपने रूम से निकल के, पूजा के कमरे की तरफ बढ़ गया, पूजा के कमरे के पास पहुँच के धीरे से मैने आक्सेस कार्ड की मदद से दरवाज़ा खोला....

मैं हॉल में बिल्कुल गहरा अंधेरा छाया हुआ था, सिर्फ़ बाल्कनी के थ्रू बाहर की हल्की रोशनी अंदर आ रही थी.. धीरे धीरे आगे बढ़के चेक किया तो बाथरूम भी खाली था... मतलब पूजा और पायल अंदर वाले रूम में थे, मैं उस कमरे की ओर बढ़ा, कमरा लॉक था, लेकिन मैन विंडो के पर्दे नहीं लगे थे, मैं खिड़की से अंदर छुप छुप के झाँकने लगा...

अंदर पूजा ने सिर्फ़ एक पतली सी येल्लो कलर की नाइटी पहनी थी जिसमे से उसके चूचे सॉफ नज़र आ रहे थे, उसकी नाइटी उसके घुटनो से थोड़ी उपर तक थी, नीचे से उसकी टाँगें एक दम सॉफ और चिकनी... बेड पे बैठे बैठे वो एक बुक पढ़ रही थी, बुक पढ़ते पढ़ते उसने अपनी टाँगों को खोला जिससे उसकी नाइटी एक तरफ हो गयी और उसकी चूत सॉफ दिखाई देने लगी, उसकी चूत के होंठ एक दम गुलाबी से लग रहे थे, उसने अंदर पैंटी भी नही पहनी थी..कुछ सेकेंड्स में बुक साइड में रख के पूजा ने एक नज़र पायल की तरफ घुमाई.. पायल जो अभी तक शायद नशे में थी, बेड पे लेटी हुई थी, नशे में होने के कारण, उसका ड्रेस नीचे से उपर हो गया था, उसकी टाँगें सफेद , एक भी दाग नहीं, एक भी बाल नहीं, टाँगों के बीच से नज़र गयी तो उसकी ब्लॅक कलर की सिल्क पैंटी सॉफ दिख रही थी... पूजा ने एक हाथ बढ़ा के पायल के बालों को सहलाने लगी...धीरे धीरे उसका हाथ बालों से सरक के पायल के गालों पे आ गया...

 


पूजा का एक हाथ पायल के गालों को सहलाने लगा और उसका दूसरा हाथ पायल के चुचों को ड्रेस के उपर से सहलाने लगा... पूजा उसके चुचे सहला के बहकने लगी... कुछ सेकेंड्स में पूजा पायल की ड्रेस उतारने लगी....धीरे धीरे पायल निर्वस्त्र हो गयी, अब सो सिर्फ़ ब्रा पैंटी में थी.... पायल को नंगा करके, पूजा बेड से उठी, और उसने भी अपनी नाइटी उतार फेंकी... अंदर से पूजा एक दम नंगी थी, उसके चुचे एक दम गोल तरबूज़ जैसे थे, उसके निपल्स कड़क होके तन चुके थे..उसने एक उंगली से अपने निपल्स को सहलाया और एक उंगली गीली करके अपनी चूत पे रख दी..

"सीईईईईयाहह...उम्म्म्ममम" चूत पे हाथ रखते ही पूजा की सिसकारी निकल गयी

दो कदम आगे बढ़के पूजा बेड पे पायल के उपर चढ़ गयी...उसने अपनी दोनो टाँगें को चौड़ा कर पायल के पेट के पर बैठ गयी, और मस्ती में आके उसकी ब्रा के उपर से उसके चुचे सहलाने लगी....

"उम्म्म...अहह...ससिईईईई.....उम्म्म्ममम" ऐसी आवाज़ों से रूम में वासना का समा सा बँध गया.... काफ़ी देर तक पूजा पायल के चुचों को सहलाती रही, और अपनी टाँगें आगे पीछे करती जैसे वो किसी घोड़े की सवारी कर रही हो.... धीरे धीरे पूजा का जोश बढ़ सा गया, अब उसकी सिसकारियाँ चीखों में बदलने लगी

"आहह...आहह...उम्म्म्मम...यॅ अहहहह यू आर सो हॉट अहहह....यॅ राइड मी बेबी अहहहहहहाः..."

इसकी चीखें सुनके पायल की आँखें अब धीरे धीरे खुलने लगी थी...पायल के हाथ अब हवा में उठे और वो पूजा को उसके बालों से पकड़ के अपनी तरफ खीचने लगी...पूजा भी किसी कटी पतंग की तरह उसकी तरफ झुकने लगी, उनके होंठों के बीच में अब फासला बिल्कुल कम था...पायल के हाथ अब पूजा के बालों से उतरके उसकी पीठ सहलाने में लग गये थे...एक उंगली से वो पूजा की पीठ को सहलाने लगी,जब कि पूजा के दोनो हाथ पायल के आस पास थे...दोनो के बदन अब पसीने से एक दम भीगे हुए थे...देखते देखते अब दोनो एक दूसरे के होंठ चूसने लगे...कण्ठ चूस्ते चूस्ते अब पायल पूजा की पीठ को कस्के पकड़ने लगी...पूजा की पीठ से पसीना बहता हुआ धीरे धीरे नीचे जाके उसकी गान्ड के छेद में बहने लगा था...

"उम्म्म....आहह....पपोक्वह अहहह....आहहः....सीईईई..... किस मी हार्ड अहहहहा.... आहहाहा ज़ोर से चूसो ना मेरी प्यारी भाभी आहहः.....और ज़ोर से करो ना अबभा...अहहहमम्म्म आहम्म्म्म मम...उम्म्म्मम" पायल कहते कहते अब पूजे के चुचे मसल्ने लगी थी....

"आहहह...मेरी प्यारी ननद अहहहहहा....क्या गरम शरीर है तेरा आहहाहः..उम्म्म....और चूस ना मेरे होंठों को अहहहसिईईई" कहते कहते पूजा और पायल जंगली बिल्लियों की तरह एक दूसरे को चूसने और चाटने लगे थे....

बेड से उठके पूजा ने पायल का हाथ थामा, और अपनी बाहों में भर के, पायल के शरीर से उसकी ब्रा को अलग कर दिया... पायल आँखें बंद करके उस लम्हे का मज़ा लेने लगी... पायल की ब्रा उतार के, पूजा अपनी जीभ को पायल के निपल पे रख के उसको चाटने लगी, और अपने हाथ नीचे खिसका के उसकी चूत को उसकी पैंटी के उपर से रगड़ने लगी.... पायल पूजा से अलग होके अब पूजा को आँखों में आँखें डाल के देखने लगी... पूजा और पायल एक दूसरे को घूर्ने लगे, पर पूजा के हाथ अभी भी उसकी चूत से नहीं हटे....दोनो की आँखों से वासना रस टपक रहा था... देखते देखते पूजा ने पायल की चूत सहलाने की स्पीड बढ़ा दी... पायल आँखें बंद करने लगी, और उसकी टाँगें अकड़ने लगी

"येआः अहहह...मेरी ननद, देख ना मुझे अहहहहा...कैसे तेरी होने वाली भाभी तेरी चूत को रगड़ रही है अहाहाः....." पूजा चिल्लाने लगी... पायल की आँखें बंद ही रही और वो उस पल का मज़ा लेते लेते चिल्लाने सी लगी

"आआहाहा....हां ले ले ना मेरी रांड़ भाभी अहहहहा....खा जा ना मेरी चूत को अहाहा सीईइ...ह्म्म्म्म अहहहहाहा....मेरी रांड़ भडवि भाभी अहहहः.."

पायल का ये जोश देख के पूजा से रहा नहीं गया और उसने एक बार फिर पायल को अपने पास खीच लिया और कुतिया की तरह उसके होंठ चूसने लगी.... पायल से भी रहा नहीं गया, और पूजा को चूमते चूमते अपनी पैंटी उतार के फेंक दी.. दोनो के नंगे बदन एक दूसरे से चिपके हुए थे और एक दूसरे को ऐसे चूम रहे थे जैसे इस रात की सुबह नहीं... चूमते चूमते दोनो बेड की तरफ बढ़ने लगे और एक दूसरे के उपर लेट के चूमने लगे...कभी पूजा उपर तो कभी पायल...दोनो के होंठ एक दूसरे से अलग ही नहीं हो रहे थे.... काफ़ी देर तक एक दूसरे के होंठों को निचोड़ के, पूजा पायल की चूत चाटने गयी, और 69 में आ गयी...

दोनो एक दूसरे की चूत चाटने में व्यस्त हो गये...

"उम्म्म्म आबहः.......ज़ोर से चाट ना मेरी भाभी अहहाहा....मेरी चूत को आज मत छोड़ना, अपनी जीभ से फाड़ दे ना इसको आबाहबा...उम्म्म्म..स्लर्प स्लर्प आहाहहाहा......स्लूरप्पाहह" पायल पूजा की चूत चाटने में व्यस्त होते हुए बोली

"उम्म्म्म...अहहाहा मेरी रांड़ ननद अहहहाहा.....अपने भाई से चुदवाति है ना आहह..रांड़ है तू टॉप की आहहहः..." पूजा अब उसकी चूत की फाँक खोल के अंदर तक अपनी जीभ घुमा रही थी....

 


"उम्म्म्म आहहाहा....स्लर्प स्लर्प अहहहः...तू भी तो रोज़ लेगी ना मेरे भाई का मुस्सल अपनी दोनो टाँगों के बीच में अहहः..साली रंडी तू है, सीईयाहह....उम्म्म्म...तेरी मा को चोदु साली आअहह..रंडी मा बेटी कहीं की आअहहस्सिईईई...." पायल अब पूजा की गान्ड का छेद चाटने लगी थी

"उम्म्म्माहज...सीईईईई....आअहह, मेरी मा तो है ही रंडी आहह....काश वो यहाँ होती उफफफ्फ़ आहहसीसीई...साथ मिलके उसका चूत रस पीते मेरी रांड़ ननद.. "

पूजा और पायल अब सड़क छाप रंडीगिरी पे उतर आए थे.... पूरे रूम में उनकी ही आवाज़ें गूँज रही थी...उनकी गालियाँ, उनकी सिसकारियाँ सुनके मेरे लंड में अकड़न बढ़ने लगी थी..मेरा दिल भी किया के अंदर जाके उनको लंड से पेल ही दूं...

"ओाहह....ज़ोर से करो भाभी आहहसिईईई......मैं आ रही हूँ उम्म्म्माहह" पायल की टाँगें भी अब अकड़ने लगी, उधर पायल के साथ पूजा भी चिल्लाने लगी...

"ओह्ह्ह्ह आहह हन मेरी ननद ऐसे ही चाट मुझे आहह...मैं भी आ रही हूँ ओह उफफफफ्फ़ आहह...उ.म्म्म्मडम कमिंग बेबी आहह..... हां भाभी मैं भी गाइिईईईईई आअहह,......उम्म्म्मम ऊहह....."

इस चीख से उनके रूम में वासना का तूफान थम चुका था... पूजा और पायल दोनो बेजान सी होके एक दूसरे की बाहों में आ गई... अभी भी इनका चूसना चाटना तो चालू था....

"उम्म्म...मेरी प्यारी भाभी...क्या मस्त मज़ा देती है मेरी पूजा रानी...." पायल ने पूजा के निपल्स मोड़ते हुए कहा

"आउच....उहह धीरे मेरी प्यारी ननद रानी...मज़ा देना तो मेरा फ़र्ज़ है तुमको...मैं तुम्हारी गुलाम जो हूँ" पूजा ने पायल के होंठों पे अपनी उंगलियाँ फेरते हुए कहा...

"लेकिन पूजा...तुमने राज को मेरी मोम का नाम क्यूँ बताया...हम मिलके ये सब कर रहे हैं, अब तो वो मेरी मोम के बारे में जान गया है, अब कैसे रोकेंगे इसको.."

"डोंट वरी स्वीट हार्ट... राज को जैसा मैं कहूँगी वो वैसा ही करेगा... अब तक उसको पता नही लगने दिया है कि तुम शुरू से ही उसके साथ नाटक कर रही हो... अब क्या कर लेगा वो.." पूजा ने पायल के नीचे वाले होंठ को चूस्ते हुए कहा

ये सुनके दोनो हँसने लगी और एक बार फिर अपनी चुदाई में व्यस्त हो गयी....

पायल और पूजा की बातें सुनने के बाद, मेरी फट के हाथ में आ चुकी थी... अंदर दो बला की खूबसूरत लड़कियाँ, एक दम नग्न मुद्रा में काम लीला में बह रही थी, वहीं मैं उन्हे देख के और ज़्यादा तड़प रहा था... ये तड़प सेक्स की नहीं थी, तड़प थी धोखे की वजह से...

धोखा, जो मुझे पायल ने दिया, पायल मेरी सबसे प्यारी बहेन जिसे मैं अपनी जान से भी ज़्यादा मानता था, जिसके लिए मैं कुछ भी कर सकता था... पूजा ने भी पिछले कुछ दिनो में मेरे दिल में जो घर बनाया था वो एक मिट्टी के महल की तरह

बिखर चुका था... अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं हुआ, और मैं वहाँ से लौट के अपने रूम में आ गया.... अपने रूम में आते ही, मैने अपने लिए एक फुल स्कॉच ऑर्डर कर दी... वैसे तो मैं दारू हमेशा खुशी में पीता था, पर आज जो मैने देखा, सुना, शायद वो सब भूलने के लिए मुझे स्कॉच की ज़रूरत थी... कुछ सेकेंड्स में स्कॉच के आते ही, मैने एक.... दो.. तीन... कम से कम 5 पेग उसने नीट उतार दिए थे... इतने बड़े रूम में मैं अकेला बैठा दारू पिए जा रहा था... मेरी जलन बढ़ने लगी थी नीट पीने की वजह से...

पर आज मुझे परवाह नहीं थी, शायद ये जलन उस जलन से कम थी जो पायल और पूजा ने मिलके मेरे दिल में पैदा की है... देखते ही देखते मैने आधे से ज़्यादा बॉटल ख़तम कर ली... वक़्त देखा तो रात के 2 बज रहे थे, जिसका मतलब इंडिया में करीब 6 या 6.30 हुए होंगे... मैं किसी से बात करना चाहता था, पर वक़्त की वजह से कर नहीं पाया....

 


मैं रूम में सोफे पे बैठे बैठे, मुझे कब नींद आई पता ही नहीं चला... मुझे इतनी पीने की आदत नहीं थी, शायद इसलिए होश ही नहीं रहा, के मैं दूसरे दिन की दोपहर तक सोता रहा... जब मेरी नींद खुली तब दोपहर के 2 बज चुके थे... अपनी नींद ख़तम करके मैने सबसे पहले अपना फोन उठाया जिसमे 10 से ज़्यादा मिस्ड कॉल्स थे और काफ़ी मेसेजस थे... पूजा और पायल के मेसेजस को इग्नोर करके, मुझे फाइनली वो एसएमएस मिला जिसका मुझे सबसे ज़्यादा इंतेज़ार था... एसएमएस पढ़ के तुरंत मेरे चेहरे पे मुस्कान आ गयी... इतने में पापा का कॉल आ गया...

पापा:- बेटे.. हाउ आर यू, एवेरितिंग ओके ना

मैं:- यस दाद, क्यूँ क्या हुआ

पापा:- बेटे, आइ आम कॉलिंग यू सिन्स दिस मॉर्निंग... कहाँ थे

मैं:- नींद में था पापा.. सॉरी, बोलिए आप सब कैसे हैं और मोम कैसी है..

पापा:- वी आर फाइन बेटा, और मोम बढ़िया है, उनसे कॉल करके बात कर लो घर पे... और हां, मैने पेपर्स भिजवा दिए हैं होटेल के फॅक्स नंबर पे... तुम्हारे पास 30 मिनट्स हैं, पूजा के साइन ले लो और मुझे भेजो.. कल आखरी दिन है पेपर्स सब्मिट करने का बॅंक में..

मैं:- आखरी दिन कैसे डॅड... हम जब चाहें तब एड कर सकते हैं नाम तो.. इसमे इतनी जल्दी क्यूँ

पापा:- .. क्या तुम ये कहना चाहते हो, कि तुमने अपना इरादा बदल दिया है अब.. अब पूजा का नेम एड नहीं करना चाहते हो... अगर ऐसा है , तो आइ वान्ट पेपर्स इन 15 मिन्स... पूजा के साइन लो, मैं कुछ नहीं सुनना चाहता ओके.. तुम क्या ज़िंदगी भर अकेले रहोगे.. और सडन्ली क्या हुआ, अपना इरादा क्यूँ बदल रहे हो... कल तक तो पूजा पसंद थी तुमको, आज फिर क्या हुआ...

मैं:- डॅड... मैने कब कहा ऐसा कुछ.... मैं तो सिर्फ़..... मैं इतना ही बोल पाया कि डॅड ने फिर मुझे बीच में कट कर दिया

पापा:- गुड देन .. सेंड मी दा पेपर्स आसाप ओके.... बाय....

मेरी बात सुने बिना ही फोन कट किया... एक तो हिन्दुस्तानी मा बाप को बहू लाने की इतनी जल्दी क्यूँ होती है.. और फिर पूरा प्यार उसपे ही बरसाएँगे... बहू के आते ही साला बेटा तो कुत्ता हो जाता है.... मेरे दिमाग़ में ये सब ख़याल ऐसे दौड़ रहे थे जैसे भाग मिल्खा भाग में फरहान दौड़ता है... अब मैं क्या करूँ, किसके पास जाउ.. कोई तो मदद करो यार... ऐसे अकेले में तो मेरी गान्ड लगेगी, साथ ही मेरे मा बाप को भी बहुत मुसीबतें होंगी.... ज़य को कॉल करता हूँ.. ये सोच के मैने जल्दी से ज़य को कॉल किया....

(पिक अप दा फोन यार.. जल्दी उठा ना.... ) ज़य के फोन पे जाती हुई हर रिंग के साथ मेरा BP बढ़ता जा रहा था... फाइनली जब कॉल डिसकनेक्ट हुआ , तभी ज़य का एसएमएस आया.. वो लेक्चर में था, जिसका मतलब 2 घंटे वो किसी से बात नहीं कर पाएगा.. 5 मिनट तक रूम में पागलों की तरह घूमने के बाद, मैं निराश सा होके रिसेप्षन की तरफ निकलने लगा पेपर्स कलेक्ट करने के लिए...

"हाई... आर देअर एनी पेपर्स फॉर राज वीरानी इन युवर फॅक्स..." मैने रिसेप्षन पे जाके पूछा...

"आह येस... वी वर एक्सपेक्टिंग यू... जस्ट आ सेकेंड..." रिसेप्षनिस्ट मुझे इंतेज़ार करने के लिए मेरे काम में लग गयी... कुछ सेकेंड्स बाद

"देअर यू आर मिस्टर राज वीरानी.. डॉक्स अराइव्ड दिस मॉर्निंग...." रेसेपटॉनिस्ट ने मुझे कवर देते हुए कहा...

"ईज़ दिस इट.. आइ मीन, एनी अदर डॉक्युमेंट्स फॉर मी.." मैने रूम में जाने से पहले पूछना सही समझा...

"उः.. लेट मी चेक अगेन...." कहके रिसेप्षनिस्ट फिर मेरे पेपर्स ढूँढने में लग गयी..

जब तक मैं पेपर्स ले रहा था, पूजा कॉल पे कॉल किए जा रही थी.. उसके हर एसएमएस के एंड में लव पूजा लिखा था... मेरे दिल में जलन बढ़ती जा रही थी... मैं डबल स्टॅंडर्ड्स का इंसान नहीं हूँ, मुझे सीधी बात करना पसंद है.. पर इनके सामने मुझे आक्टिंग करनी पड़ेगी, नहीं तो मैं इन्हे रोकुंगा कैसे... ये सब सोच रहा था तब रिसेप्षनिस्ट फिर आ गयी

"मिस्टर वीरानी.. सम मोर फॉर यू.. आइ आम अफ्रेड , देअर ईज़ नतिंग मच फॉर यू नाउ.." रिसेप्षनिस्ट ने मुझे फिर कवर देते हुए कहा...

"थॅंक यू वेरी मच.. यू हॅव बिन वेरी काइंड..." मैं पेपर्स को चेक करते हुए बोला..

"एवेरितिंग ओके मिस्टर वीरानी... लुक्स लाइक यू हॅव हॅड आ वेरी रफ लास्ट नाइट..." रिसेप्षनिस्ट ने मेरी हालत देखते हुआ कहा...

 


रात वाला ट्रॅक पॅंट.. वही टीशर्ट, बाल बिखरे हुए, आँखें एक दम लाल... कोई भी बोल सकता था मुझे देख के कि मेरी गान्ड फटी हुई है.. "ऊह.. नो, ऑल कूल.. थॅंक्स... " कहके मैं वहाँ से पूजा के रूम की ओर बढ़ने लगा... पूजा के रूम की तरफ धीरे धीरे जा रहा था मैं.. कोई अपनी बर्बादी के लिए तेज़ कैसे चल सकता था... पर जो होना है वो तो होके ही रहता है.. पूजा का कमरा भी जल्दी आ गया.. काफ़ी देर तक अपने मन को समझाने के बाद मैने उसके रूम को नॉक किया..

"थॅंक गॉड... कहाँ थे आप, मैने इतने कॉल्स किए बट नो आन्सर.. आप ठीक तो हैं... और ये क्या हालत है आपकी... आपने शराब पी है... " पूजा ने दरवाज़ा खोलते हुए कहा..

"पूजा... कॅन आइ कम इन प्लीज़" मैं सिर्फ़ इतना ही बोल पाया...

"ओह.. सॉरी, प्लीज़ आइए ना.. " पूजा ने मुझे रास्ता देते हुए कहा...

"पूजा.. डॅड ने कुछ डॉक्युमेंट्स भेजे हैं... जिनपे तुम्हारे सिग्नेचर चाहिए, " मैं सीधे पॉइंट पे आ गया.. इससे ज़्यादा बात नहीं करना चाहता था मैं...

"... आप मुझे इग्नोर क्यूँ कर रहे हैं.. कुछ ग़लती हुई मुझसे..." पूजा ने क्यूट फेस बनाते हुए कहा...

"नहीं पूजा.... म जस्ट टाइयर्ड, इससे ज़्यादा कुछ नहीं.."

"आप ने कितनी शराब पी है कल.. मुझे बताइए." पूजा ने फिर ज़ोर देते हुए कहा..

"एक बॉटल पूजा..." मैने सीधा जवाब दे दिया..

"क्यूँ.. अचानक, और पूरी रात क्या पीते ही रहे.. सोए नहीं क्या, और फ्रेश भी नहीं हुए आप.. " पूजा चिंता जताते हुए बोले जा रही थी..

"ऐसे ही पूजा... कल रात को मैने वो बॉटल हमारे लिए बचा के रखी थी... पर तुम्हे तो मुझसे ज़्यादा प्यार पायल पे आया था ना, इसलिए मुझे अकेला छोड़ दिया रूम में... तुम तो थी नहीं, मैं अकेला क्या करता, इसलिए..." मैने झूठ बोलना सही समझा.. एमोशनल होके मैं कुछ ग़लत नहीं करना चाहता था...

"आपसे ज़्यादा प्यार किसी से भी नहीं है मुझे ... आप ही तो मेरे स्वीट हार्ट हो.. और पायल की तुलना अपने साथ क्यूँ कर रहे हैं... आप की तुलना किसी से नहीं हो सकती..." पूजा ने अपनी बाहें मेरे गले में डालते हुए कहा....

"पायल ने क्या कहा कल रात.. एनी हेल्प, कुछ पता चला...." मैं पूजा को ज़्यादा इग्नरेन्स नहीं दिखाना चाहता था...

"नहीं.. कल रात को होश में ही नहीं आई वो.. मैने काफ़ी जगाने की कोशिश की पर वो उठी ही नहीं.." पूजा ने मुझसे अलग होते हुए कहा...

"ओह..... तो फिर सब मेहनत पानी में..." मैने आक्टिंग करते हुए कहा...

"नहीं.. देखेंगे कुछ.. अब आप पहले फ्रेश हो जाइए, मैं भी फ्रेश होती हूँ, शाम होने आई है, कहीं चलते हैं घूमने... आज आखरी दिन है जकार्ता में.. कल तो हम बाली जाएँगे ना..." पूजा उठके पेपर्स देखने लगी और उनपे साइन करने लगी... साइन करते करते वो कहीं रुक गयी और फिर पढ़ने लगी...

"अब पढ़ क्या रही हो... डॅड ने भेजे हैं, इसमे कोई शक है क्या तुम्हे" मैने रूखा सा मज़ाक करते हुए कहा..

"नहीं नहीं... लीजिए, सब डन" पूजा ने साइन करे, और मुझे डॉक्युमेंट्स दे दिए....

"पर्फेक्ट..." मैने एक एक पेपर चेक करते हुए कहा..

"चलो.., तुम फ्रेश हो जाओ... मैं भी फ्रेश हो लेता हूँ, सी यू इन 30 मिनट्स....." ये कहके मैं भी उठके अपने रूम में जाने लगा, तभी मुझे कॉल आया..

"हां जी बोलिए..." मैने सामने वाले शक्स को कहा..

"बाली जाने से पहले साइन ले लो.. आंड तुम जानते हो , डॅड को क्या फॅक्स करना है, मुझे क्या चाहिए" सामने से जवाब मिला

"डन... अभी कर ही रहा हूँ 10 मिनट में" मैने जवाब दिया, और फोन कट कर दिया..

फिर वापस उसी नंबर से कॉल आया... मैं कुछ बोलता उससे पहले सामने से आवाज़ आई

"टेन्षन भूलो और एंजाय करो उनके साथ.."

 


अबकी बार सामने से फोन कट हुआ, और मैं भी अपने रूम में जाके तैयार होने लगा... मैं जल्दी से तैयार होके रिसेप्षन पे पहुँच गया, और डॉक्युमेंट्स को फॅक्स कर दिया....

"हां डॅड.. फॅक्स चेक कीजिए, पेपर्स को ?" मैने डॅड को फोन लगा के पूछा

"यस बेटे.. जस्ट रिसीव्ड.. मैं कल ही इन्हे बॅंक में भेज देता हूँ" पापा ने सामने से जवाब दिया...

"डॅड.... वैसे आप हमारे सीए का नंबर मसेज कीजिए, मुझे कुछ बात करनी है उसके साथ"

"ओके बेटे.. बट क्यूँ अचानक, मुझसे पूछो"

"डॅड... उनका काम वोई बताएँगे ना.. प्लीज़ एसएमएस कीजिए, आइ विल लेट यू नो थोड़ी देर में.. ओके, बाय, " मैने फोन कट कर दिया क्यूँ कि डॅड के सवाल ख़तम ही नहीं होने थे... मैं जल्दी से रिसेप्षन से वापस अपने कमरे की ओर भागा क्यूँ कि पूजा मेरे रूम में ही आने वाली थी... मेरे रूम में पहुँच के मैं फिर से थोड़ा रिलॅक्स होने लगा, तभी मेरे रूम की बेल बजी...

"वेलकम स्वीट हार्ट... मैने रूम खोलते हुए कहा... पर सामने का नज़ारा देख के मेरी आँखें चौंक गयी.. और लंड में मस्ती आने लगी..."

 


इंडोनेषिया से मीलों दूर.... इंडिया के किसी एक शहर में.. रात के करीब 11 बज रहे थे... घर में एक लड़की अकेली सी, सहमी से बैठी हुई थी.. शायद वो डर रही थी किसी से... तभी तो इतने बड़े रूम में होने के बावजूद, वो एक कोने में बैठ के सूबक रही थी... उसके बाल एक दम बिखरे हुए थे... अपने दो पैरों के बल बैठे हुए, वो फूट फूट के रोने लगी... जैसे जैसे वक़्त गुज़रता गया.. उसका रोना और तेज़ हो गया... घड़ी के कान्टो ने इशारा किया क़ि अभी रात के 12 बज चुके हैं... उसका रोना अब चीखों में बदल चुका था... वो चीखते जा रही थी, रो रही थी, वो सब कर रही थी, जो हर डरा हुआ इंसान करता है.. ये सब वो इंसान करता है जो जान चुका होता है कि उसकी मौत बस नज़दीक ही है... घड़ी अपनी तेज़ रफ़्तार के साथ भाग रही थी.... करीब 12.30 बजे, लड़की के कमरे का दरवाज़ा खुला.. उसके सामने एक शक्स, लंबे से ब्लॅक ओवर कोट में, हाथ में एक तेज़ नोकिला छुरा लेके खड़ा हुआ था... जैसे ही उस लड़की ने सामने खड़े शक्स को देखा, लड़की की हालत और खराब हो गयी... वो चीख चीख के कहने लगी..

"प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो... प्लीज़ मुझे छोड़ दो... " लड़की बिलबिला रही थी.. डर के मारे उसका सारा बदन काँप रहा था...

"तुम्हे मरना होगा... इसके अलावा और कोई चारा नहीं है मेरे पास...." सामने वाले शक्स ने इतना कहके, उसका नुकीला छुरा लड़की के पेट में घुसा दिया और लगातार हमले करने लगा... जो लड़की अभी कुछ देर पहले चीख चीख के रो रही थी, अब उसकी आवाज़ कोई नहीं सुन सकता था.. ज़मीन पे उसकी लाश पड़ी हुई थी, जिसमे से उसका खून किसी नदी के पानी की तरह बह रहा था..

"हेलो... प्लीज़ क्लीन दिस मेस..." इतना कहके वो शक्स भी उस रूम से बाहर निकल गया, और कुछ ही देर में वो रूम बिल्कुल साफ हो चुका था, जैसे की यहाँ कभी कोई आया ही ना हो...

उधर इंडोनेषिया में...

"वाउ.... व्हाट आ सर्प्राइज़... तुम यहाँ कैसे..." राज ने पायल को देखते हुए कहा, जो दरवाज़े पे खड़ी थी....

"यहाँ कैसे..? आज तक तो ये सवाल कभी नहीं आया, आज अचानक, क्या जादू छाया हुआ है पूजा का तुमपे भाई...." पायल ने अंदर आते सोफे पे बैठ के कहा..

पायल की ये बात राज के कानो पे गिरी भी नहीं, क्यूँ कि वो तो पायल को पागलों की तरह देखे जा रहा था... उस वक़्त पायल अपनी ब्लॅक मिनी में कुछ ऐसी लग रही थी...

अब दुश्मन भी ऐसा खूबसूरत दिया था भगवान ने मुझे.. मैं कुछ बोल ही नहीं पा रहा था, जिसे पायल ने भाँप लिया, और उठके मेरे पास आई...

"कहाँ खो गये भाई... देखो, मैं हूँ आपकी पायल...आप मुझसे क्यूँ इतने दूर हो रहे हो... क्या आप को मुझसे ज़्यादा उस पूजा पे विश्वास है..." पायल ने मुझसे एक दम चिपकते हुए पूछा

"नहीं पायल.. नतिंग लाइक दट.. पूजा से ज़्यादा विश्वास मुझे तुझपे ही है... आंड मैं कोई दूर नहीं हुआ हूँ... मैं तो अब भी वहीं हूँ, जहाँ पहले था.." मैने पायल के चेहरे पे अपनी उंगली फेरते हुए कहा

"कहाँ हो भाई... बताओ ना प्लीज़...." पायल ने मदहोशी भरी आवाज़ में कहा..

"तेरे दिल में मेरी जान... और कहाँ... " ये कहके मैं और पायल अपने होंठ मिलाने वाले ही थे, तभी फिर डोर बेल बजी.... डोर बेल सुनके, मैं और पायल अलग हुए, जैसे ही मैने दरवाज़ा खोला, सामने पूजा भी कुछ पायल जैसे अंदाज़ में आई थी.. पर थोड़े सोबर तरीके से... पूजा ने एक लूस टॉप पहना हुआ था जो उसकी जांघों तक का था... नीचे उसने सिर्फ़ शॉर्ट्स के नाम पे एक कपड़ा पहना था.. अगर उसका टॉप ज़रा लंबा होता तो किसी को पता भी नहीं चलता कि उसने नीचे कुछ पहना है.. उसके बाल खुले हुए थे हमेशा जैसे...

"कैसी लग रही हूँ मैं...." पूजा ने मुझे देख के खुश होते हुए कहा....

इससे पहले मैं कुछ कहता, पायल दरवाज़े के पास आती हुई बोली..

"यूषुयल पूजा... जैसी शकल है वैसी ही दिखोगी ना... इसमे नया क्या है..."

"पूजा, अंदर आओ आंड प्लीज़ शांत रहो ऑलराइट...." मैने दरवाज़ा बंद करते हुए कहा...

 


दरवाज़ा बंद करके, पूजा और पायल आमने सामने बैठे थे, मैं उनके बीच में...

"पायल.. क्या प्राब्लम है तुझे पूजा से.. आज मैं ये सब बातें ख़तम करना चाहता हूँ, " मैने पायल को देखते हुए कहा

'कुछ नहीं भाई... क्या होगा, बट इसके लिए प्यार आता ही नहीं, क्या करूँ... यू नो, ये मेरे लेवल की नहीं है" पायल ने अपनी अदा में जवाब दिया, और सिगरेट जलाने लगी...

"मुझे भी तुमसे कुछ ख़ास प्यार नहीं है पायल, राज की बहेन हो इसलिए बरदास्त कर रही हूँ तुम्हे.. और रही हमारे लेवल की बात, वो तो मैने कल रात ही देख लिया था, इतनी बड़ी लूज़र मैने ज़िंदगी में नहीं देखी...." पूजा भी गुस्से में आके बोलने लगी......

"गर्ल्स.. प्लीज़ शांत रहो... और पूजा तुमने मुझे कहा था ना, कि यहाँ कोई परेशानी नहीं होगी मुझे.. तो तुम दोनो मुझे परेशान कर रही हो अब... प्लीज़ अपना झगड़ा सॉल्व करो, नहीं तो मैं यहाँ अकेला ही रहना पसंद करूँगा" मैने चिढ़ते हुए कहा...

"ओह मेरे भाई. प्लीज़ परेशान मत हो... मैं ध्यान रखूँगी आपका..." ये कहके पायल मेरे पास आई और मेरे गाल चूमती हुई बोली.... " फॉर यू, आइ कॅन इग्नोर हर.. मेरी तरफ से नो प्राब्लम, प्रॉमिस भैया.... चिंता छोड़िए, ये सिगरेट लो, सब भूल जाएँगे आप..." मैं जानता था, पूजा और पायल का एक साथ यहाँ आना इनका ही किया धरा है... मैं भी पायल के साथ सिगरेट शेअर करने लगा, जिसे देख के पूजा का गुस्सा बढ़ने लगा, पर वो कुछ बोल नहीं सकती थी...

"ठीक है .. आप कहते हैं तो मैं वादा करती हूँ, मेरी तरफ से पहेल नहीं होगी..." इतना कहके पूजा उठ गयी और पानी पीने चली गयी...

"तू बहुत हरामी है यार.. जानती है ये मेरी ब्रांड नहीं है , फिर भी सिगरेट आगे की" मैने पायल को देखते हुए कहा

"वोई तो बात है भाई... आपने मना नही किया, मतलब अभी कुछ देर पहले जो आपने कहा वो सब सही है.. और रही बात मेरी मोम की, मैं आपसे वादा करती हूँ, कि इन सब के पीछे वो नहीं हैं." पायल ने सिगरेट के दम मारते हुए कहा...

"वैसे हम कहाँ पहुँचे हैं.. पूजा ने आपको झूठ कहा , उसके अलावा कुछ पता लगा है, या नहीं"

"नहीं.. अब तक कुछ नहीं, इनफॅक्ट आज ही पूजा के साइन किए हुए डॉक्युमेंट्स पापा को भेजे हैं , पूजा का नाम बेनिफिशीयरी और सेकेंड सिग्नेटरी में आड हो जाएगा..." मैने पायल से बातें चालू रखी... डॉक्युमेंट्स की बात भी मैने जान बुझ के कही, ताकि दुश्मन को पता लगे कि वो सही जा रहा है..

"चलिए .. हम चलें.." पूजा ने सामने से आते हुए कहा...

"चलो भाई.. यू गाइस कॅरी ऑन, मैं निकलती हूँ.." पायल ने उठते हुए कहा

"अरे तू कहाँ जा रही है.. यहाँ कौनसा काम , हमारे साथ चल आज.. वैसे भी हम कल बाली ही जाएँगे, तू भी वहीं होगी, अब जब साथ में ही हैं, तो साथ में ही घूमते हैं ना... पूजा तुम क्या बोलती हो इस बारे में.." मैने पूजा को देखते हुए पूछा...

"ठीक है.. मुझे कोई प्राब्लम नहीं है .. जैसा आप ठीक समझें.." पूजा के जवाब में ना खुशी थी, ना ही दुख

"चल ना यार.. प्लीज़" मैने पायल को ज़ोर देते हुए कहा...

"ओके भाई... अब मेरी प्यारी भाभी इतना ज़ोर कर रही है, तो मैं कैसे मना कर सकती हूँ.. चलो" पायल ने मुझे जवाब दिया, और मेरे हाथ में हाथ डाल के मुझे बाहर खींच के ले गयी, पूजा को अकेला ही छोड़ दिया रूम में...

 


कुछ देर में हम तीनो कॅब में बैठ के शहेर में घूमने लगे... पूरे रास्ते में पायल और मैने खूब मस्ती की, जो शायद पूजा को रास नहीं आ रहा था, या वो उसका दिखावा कह सकते हैं... खूब सारी शॉपिंग के बाद हम खाना खाने गये लोकल के रेस्तरो में...

"भाई, आप खाना ऑर्डर कीजिए, मैं फ्रेश होके आती हूँ." पायल कहके वहाँ से चली गयी

"पूजा.. व्हाट्स रॉंग, क्यूँ इतनी खामोश हो.. एक शब्द भी नहीं बोली तुम अब तक.. क्यू"

"नतिंग .. बस मन नहीं है, थकावट सी लग रही है..." पूजा ने मूह बनाते हुए कहा..

इससे पहले मैं कुछ बोलता, पायल वापस आ गयी...

"सॉरी टू डिस्टर्ब यू लव बर्ड्स... क्या बातें हो रही थी.." पायल ने चेर पे बैठते हुए कहा..

"कुछ नहीं स्वीट हार्ट... पूजा तेरी तारीफ़ कर रही थी.. बोल रही थी कि तू बहुत इंटेलिजेंट और शार्प माइंड की है... और बहुत खूबसूरत भी...." लास्ट लाइन बोलते वक़्त जान बुझ के मैं पूजा को जलाने के लिए, अपनी उंगली पायल के बालों में घुमा रहा था....

"ओह रियली भाई..... वाउ !!! काश मैं भी ऐसा कुछ कह सकती इसके लिए.." पायल ने कटाक्ष में कहा...

"आइ मीन भाई, ये सिर्फ़ शार्प और खूबसूरत नहीं, बल्कि उससे कहीं ज़्यादा है.. इसकी लेवल के हम नहीं, ये हमसे कहीं ज़्यादा उपर है... इतनी कम उमर में इस बंदी ने बहुत कुछ किया है.. हॅट्स ऑफ टू हर...." पायल ने बात घूमाते हुए बोला....

इन दोनो के नाटक चलते रहे, खाना खाते गये और ड्रिंक्स भी चल रही थी.. पर्फेक्ट शाम थी... हम लोग खाना ख़ाके वहाँ से निकल गये, और अपने अपने होटेल्स में चले गये.. पायल ने दूसरी कॅब ले ली... पूरे रास्ते में पूजा अब भी कुछ नहीं बोल रही थी, ना ही मैने उसे कुछ कहा.. जैसे ही हम होटेल में पहुँचे, पूजा दौड़ के अपने कमरे में भाग गयी... मैं अपने कमरे में जाते जाते सोचने लगा आज के दिन के बारे में... और कल बाली जाना था.. ये सब सोचते सोचते मैं अपने कमरे में गया और फ्रेश होके आधी बची हुई स्कॉच पीने लगा... करीब 30 मिनट में मैने एक पेग ख़तम ही किया, तभी मेरे रूम पे नॉक हुआ... मैने वक़्त देखा तो रात के 12 बज रहे थे.. इस वक़्त कौन हो सकता है मैने सोचा... जैसे ही मैने रूम खोला

"तुम..." मैने सिर्फ़ इतना ही कहा कि सामने खड़े शॅक्स ने मुझे एक ज़ोर का धक्का देके नीचे गिरा दिया और खुद मेरी छाती के उपर चढ़ने लगा...

"ये क्या हो गया है तुमको... व्हाट्स रॉंग..." मैं पूजा को बोल रहा था जो इस वक़्त किसी जंगली बिल्ली की तरह मुझपे चढ़ के पागलों की तरह नोच रही थी...

"पूजा स्टॉप इट.. व्हाट्स रॉंग..." मैने पूजा को अपने उपर से धक्का देते हुए कहा...

"तो और क्या करू मैं... जब भी सोचती हूँ हमारे लिए कुछ स्पेशल करूँगी, तब ही आपकी बहेन आ जाती है बीच में." पूजा चिड़के बोल रही थी..

"क्या बोल रही हो पूजा... अब क्या हुआ.." मैने ठंडे दिमाग़ से पूछा

"कुछ हुआ नहीं, आपकी बहेन होने कहाँ देती है कुछ... आज आखरी दिन था हमारा इधर, मैने सोचा अच्छी तरह घूमेंगे, बातें करेंगे, बट नहीं.. आपकी बहेन से ये भी बर्दाश्त नहीं हुआ..."

"पूजा, मुझपे गरम होने का कोई फ़ायदा नहीं है.. मैं कुछ नहीं कर सकता इस बारे में.."

"तो फिर मैं जो करूँ, आप मुझे नहीं रोकेंगे अब.." पूजा ने जैसे कोई शर्त रखी मेरे सामने

"हां ठीक है... बट अब फिलहाल ठंडी हो जाओ, और आराम से आके बैठो मेरे साथ.." मैने उसका हाथ पकड़ते हुए कहा... पूजा और मैं आके बाल्कनी में बैठ गये, जहाँ मैं ऑलरेडी स्कॉच पी रहा था... पूजा के बैठते ही मैने उसके लिए एक पेग बनाया

"सोडा, या वॉटर" मैने पूजा से पूछा

इतना सुनते ही पूजा ने मेरे हाथ से ग्लास छीन लिया और एक ही झटके में पूरा नीट पेग उतार लिया...

"कम से कम आइस तो लेती.... ये बहुत ज़्यादा जलन देता है..." मैने पूजा का दूसरा पेग बनाया, इसमे आइस क्यूब्स पहले ही डाल दिए, ओए नीट उसके हाथ में पकड़ा दिया..

"ये जलन दिख रही है.. कुछ और नहीं दिखता आपको.." ये कहके पूजा ना फिर अपना पेग एक झटके में नीच उतार दिया, और वहाँ से उठ के अंदर जाने लगी...

 


मैं भी अपना पेग ख़तम करके पूजा के पीछे चला गया...

"कौनसी जलन की बात कर रही हो पूजा.. खुल के बोलो, " पूजा अब बेड पे लेट चुकी थी, और मैं उसके सामने खड़ा था...

"मेरे शरीर की जलन... मेरे जिस्म की जलन... अंदर से पूरी की पूरी जल रही हूँ मैं... अब एक सेकेंड भी आपसे दूर रहना गवारा नहीं मुझे... जब जब पायल आपके पास आती है, ये जलन और तेज़ हो जाती है.. प्लीज़ , कुछ कीजिए ना इसका, प्लीज़..." ये कहके पूजा ने अपना गाउन उतार दिया और अब वो अंदर सिर्फ़ स्टॉकिंग्स में थी...

"आहहह.... इसकी खुजली, इसकी जलन अब भुजाइए ना प्लीज़....उम्म्म्मम माआअ.... मैं जल रही हूँ आहहःस्सिईईई...... कहीं मर ना जाऊ इस जलन में आहहाओफफफफफफफफफ्फ़....." पूजा अपनी चूत को पैंटी के उपर से सहलाती हुई सिसकारियाँ मारने लगी.. मैं वहीं खड़े खड़े पूजा को देखने लगा, और मेरे हाथ में पकड़ी हुई स्कॉच की बॉटल को मूह से लगा लिया..... ये देख पूजा बेड पर से उतर के अपने पैरों के बल मेरे पास आई और आके मेरी जीन्स के बटन को खोलने लगी... जैसे ही उसने मेरी जीन्स का बटन खोला, मेरा लंड फड़फड़ा के उसके मूह के सामने आ गया, जिसको उसने लपक के मूह में ले लिया....

"उम्म्म......गुणन्ञन् गुणन्ं.... उम्म्म्म अहहहहः.....गुहन्णणणन् गुणन्ं......." पूजा मेरे लंड को मूह में लेके चूपे मारने लगी

"उम्म्म्म अहहहाहा...... गुणन्ं गुणन्ञणन्...... उम्म्म्मम ससिईईईईई.... आप सिर्फ़ मेरे हो आआहहहहहः सीईईईई....ये लंड भी सिर्फ़ मेरा है आहाहहहहः... आप समझे ना आहाहहः....कहते कहते पूजा मेरे टट्टों को दबाने लगी, जिसका दर्द मुझे बहुत मीठा सा लग रहा था....

"आहहहहः... तुम्हारी ही है मेरी रानी आहाहहा.... और लो ना अंदर इसे अहहहमम्म्मम...." मैं पूजा के बालों को पकड़ के अपना लंड उसके मूह के अंदर बाहर करने लगा...

पूजा के मूह को चोद्ते चोद्ते मेरे हाथ में पकड़ी हुई स्कॉच की बॉटल से मैं शराब को मेरे लंड पे गिराने लगा.... अब पूजा मेरे लंड से स्कॉच पी रही थी.

"उम्म्म्म.. अहहहहहहाहा, इतना नशीला लंड है आहहहहा... उम्म्म...... और दो ना मुझे आहहाहा...." पूजा अब मेरे लंड को मूह से बाहर निकल के मूठ मारने लगी....

काफ़ी देर तक मेरे लंड को चूसने के बाद, पूजा खड़ी हो गयी और हम एक दूसरे के होंठों को चूसने लगे....

"उम्म्म.......ममवाहाहहहहा....उम्म्म्मम मेरे पातिदेव आहहहहहा......और चूसो ना अहहहहहहा मेरे होंठों को ओमम्म्ममवहाहहहाहः" कहते कहते पूजा एक हाथ से मेरे लंड को भी हिलाती रही.... जहाँ एक तरफ हम एक दूसरे के होंठों को चूस रहे थे, वहीं पूजा खड़े खड़े मेरा लंड हिला रही थी, और मैं पूजा की चूत को सहला रहा था..... चूमते चूमते हमने एक दूसरे के कपड़े उतार दिए, अब हम एक दम नंगे हो चुके थे... जहाँ पूजा अभी भी मेरे लंड को सहलाए जा रही थी, मैं पूजा के चुचों को मूह में लेके चूसने लगा और एक हाथ चूत पे ही रखा...

"उम्म्म अहहहहहा.... यआहहा यआःहा अहहह... सक देम हार्ड हनी अहाहाहा.... और चूसो ना आहहहहाहा.... निचोड़ लो इन्हे, अहहहहहा... यआः फक मी ना अहहहहहहा...... और चूसो इन्हे आहहः....." पूजा अब चिल्लाने लगी थी... उसके हाथ कभी मेरे लंड पे तो कभी मेरे टट्टों पे.. चाँटे चाँटे हम बेड पे आ गये, और आते ही हम 69 पोज़िशन में आके एक दूसरे को सक करने लगे.

जैसे ही मैने पूजा की चूत पे जीभ रखी, उसकी चूत जो गीली थी, उसने अपना पानी छोड़ दिया

"अहहहः....उम्म्म्म और चूस्सो ना आहहाहा.... यआः सक मी हार्ड अहहहहाहहाहा....." पूजा मेरे लंड को थप्पड़ मारने लगी थी...

"उम्म्म्मम उम्म्म सस्सीकककककककक अहहाहा.... सस्सिईईईईई उम्म्म्मम स्लर्प स्लर्प अहहहहः अहाहाहा..." इन आवाज़ों के साथ मेरी जीभ पूजा की चूत के अंदर जाने लगी... उधर पूजा अब मेरे लंड को मूह से निकाल के, उसपे हल्के से जीभ घुमाने लगी.... पूजा जैसे ही मेरे लंड के टोपे पे जीभ फिराने लगी... मेरे मूह से "अहहहहहहा उम्म्म्म उहहोह" जैसी आवाज़ें निकलने लगी..

 
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