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मेरी सेक्सी बहनें compleet

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मैं:- तो प्रेज़ेंटेशन कैसी थी मेरी जानू की

पायल:- ठीक थी...

मैं:- क्यूँ अच्छी नहीं थी... प्रेज़ेंटेशन अच्छी नहीं बनाई थी मैने ?

पायल:- नहीं... अच्छी थी

"अब बस यार.. क्यूँ ऐसे मार रही है, एक एक शब्द नहीं चाहिए जवाब में... अब गुस्सा ठंडा कर प्लीज़, नहीं तो मैं पागल हो जाउन्गा तेरे बिना"

मैने थोड़ा उँची आवाज़ में.. थोड़ा झल्ला के कहा

पायल:- चलो ठीक है बस... सॉरी!! ऐसे कपड़े नहीं पहनुँगी मैं आपके सामने बस...

मैं:- मैने कब कहा के मेरे सामने मत पहन... बस ऑफीस वीअर नहीं है ये मैने ऐसा कहा.. आगे तेरी मर्ज़ी...

ये कहके मैने बात करना बंद कर दी...

15 मीं बीत चुके थे... पहली बार पायल और मैने एक दूसरे से 15 मीं तक कोई बात नहीं की थी.. ये खामोशी हम दोनो को अंदर ही अंदर काट रही

थी... मैं जानता था कि वो लड़की है इसलिए कभी पहेल नहीं करेगी...

"सॉरी स्वीट हार्ट... आगे से नहीं चिल्लाउन्गा तुझ पे यार.. प्लीज़ फर्गिव मी" मैने थोड़ा मीठी आवाज़ में कहा..

ये सुनके पायल मुझे देखने लगी.. कुछ सेकेंड्स में देखते देखते हँसने लगी ज़ोर से...

"हाहहहहा भाई... हहहे.... क्या यार...हेहहेहेहेहेहहे" पायल हँसते हँसते बात कर रही थी

मुझे समझ नहीं आया इसे क्या हुआ.... "क्या हुआ अब" मैने उसे देख के सवाल करने लगा

"कुछ नहीं भाई.. हेहहहे... मुझे लगा आप दूसरे मर्दों से अलग हो, पर मैं ग़लत थी.. हहेहहेहहहे" पायल फिर बोल बोल के हँसने लगी

"दूसरे मर्दों से अलग मतलब क्या." मेरी चिढ़ बढ़ रही थी

"हहहीहे... चिल मेरे भाई... बताती हूँ.. आज ही मैने एक आर्टिकल पढ़ा जिसमे लिखा था कि जब मर्द और औरत का झगड़ा होता है, उसमे ग़लती चाहे

किसी की भी हो, पर माफी हमेशा सब से पहले मर्द ही माँगता है.. और आपने ये साबित भी कर लिया" पायल मुझ पे फिर से हँसने लगी

मैं सोच में पड़ गया था के इसको कैसे समझू मैं.. ये लड़की एक पल में गुस्सा, एक पल में प्यार, आख़िर क्या है ये.. मुझे सोच में देख

पायल फिर बोली

"अच्छा चलो सॉरी.. पर एक लास्ट बात बोलूं आपको"

"बोल" मैं सिर्फ़ ये शब्द ही बोल पाया

"उस आर्टिकल में लिखा था कि एक मर्द कम से कम 45 मिनट्स तो औरत से नाराज़ रहता है.. पर आप तो 17 मिनट में ही हार मान गये' पायल ने फिर

मुझे चिढ़ाने के लिए कहा..

"नहीं.. ऐसा नहीं है, मैं तुझसे ज़्यादा देर नाराज़ नहीं रह सकता डियर... तू जानती है ना मैं तुझसे कितना प्यार करता हूँ, तुझसे एक मिनट तो क्या ,

एक पल भी..."

"झूठ झूठ झूठ... पायल ने मुझे बीच में ही काट दिया..

"अगर प्यार करते तो आज दोपहर को मुझे इग्नोर ही नहीं करते भाई.. जाओ ना आप, मुझे बात नहीं करनी" पायल ने बनावटी गुस्से में मुझसे मूह

फिराते हुए कहा

मैं:- ठीक है चल.. नहीं बात कर बस.. मुझे घर ड्रॉप कर, डॉली से मिलके मैं उसके साथ घूमने जाउन्गा

ये सुन पायल मुझे देखते देखते आग बाबूला होने लगी.. "चलो अभी.. ज़्यादा मत भागो, नहीं तो फिर जानते हो ना मुझे क्या करूँगी मैं" पायल ने

गुस्से में गाड़ी की तेज़ी बढ़ाते हुए कहा

बातें करते करते हम पायल के घर पहुँच गये.... हम गाड़ी से उतर के पायल के घर के अंदर गये और सीधा उसकी मोम, यानी मेरी बुआ के पास

चले गये

मैं:- बुआ जी... कैसे हो, कितना घूमते हो आप.. एक हम हैं, हमे टाइम ही नहीं मिलता. कितने खुश नसीब हो आप..

बुआ:- बेटा... मस्का मत मार, बोल क्या काम है सीधे सीधे

पायल:- वाह मोम!!!! आप भी पहचान गये हो भाई को एहहेहेहहे

मैं:- बुआ जी.... कुछ दिन आप पायल को हमारे घर रहने के लिए भेजिए ना प्लीज़

बुआ:- अभी तो तुम्हारे घर से आई है.. अचानक क्या हुआ बेटे...

मैं:- नहीं बुआ कुछ नहीं... बस ऐसे ही, मैं घर पे अकेला होता हूँ.. आप तो जानते हो डॉली और ललिता को, उन लोगों को मेरे से बात करने के लिए टाइम

ही नहीं है.. इसलिए पायल कुछ दिन रहेगी साथ तो मुझे भी अच्छा लगेगा और इसका भी टीपी हो जाएगा... मैने पायल को आँख मारते हुए कहा

पायल:- मैने कोई टीपी नहीं करना.. मेरे पास बहुत काम है, मैं नहीं चलूंगी कहीं.. पायल ने मेरी तरफ देखते कहा... कहके फिर अपनी जीभ निकाल

के बुआ से चुप के मुझे चिडाने लगी

बुआ:- ठीक है राज बेटे, मेरी तरफ से पर्मिशन है.. आज इसके पापा भी आ जाएँगे.. ये मान जाए तो ले जाओ इसे.... अब हटो यहाँ से, मुझे काम

फिनिश करने दो अपना तुम दोनो... तुम बाहर जाओ, मैं अभी कोल्ड कॉफी लाती हूँ तुम दोनो के लिए

ये कहके बुआ अपने काम में लग गयी और हम लोग बाहर आ गये....

पायल:- अब बोलो.. क्यूँ ले चल रहे हो अपने घर मुझे..

मैं:- क्यूँ मतलब... ऐसे ही, दिल है मेरा.. क्यूँ, नहीं ले जा सकता ?

पायल:- अगर ले जाना है तो हमेशा के लिए ले जाओ ना अपने साथ. ऐसे रोज़ रोज़ अपने साथ ले जाते हो, फिर वापस छोड़ने आते हो.. इतना कोई तड़पाता है क्या कभी... कहते कहते पायल की आँखें नम होने लगी...

ये देख मुझसे भी रहा नहीं गया.. मैं तुरंत उसके पास गया और उसे ज़ोर से अपने गले लगा लिया..

मैं:- अब रोना बंद कर प्लीज़ मेरी जानू.. तेरा ये एक एक आँसू मेरे दिल पे एक ऐसा बोझ डाल रहा है जो मैं जीते जी कभी नहीं उतार पाउन्गा.

 
उस वक़्त हमे किसी की परवाह नहीं थी.. बुआ जी भी देख लेती तो भी हमे डर नहीं था... कहीं ना कहीं मुझे लगने लगा था, पायल जब जब मेरे साथ होती है, मुझे डर बिल्कुल नहीं लगता.. बस हमेशा लगता है कि मेरे साथ एक बहुत ही बड़ी शक्ति है, जिसके होते हुए मुझे कोई नुकसान नहीं पहुँचा सकता...

हम दोनो एक दूसरे से बिना किसी डर के गले लगे हुए थे.. हमे पता ही नहीं चला कब हमारे पीछे बुआ आई

"आहें आहें.... क्या मैं डिस्टर्ब कर रही हूँ तुम दोनो को" बुआ ने पीछे से कहा

इस आवाज़ से हम अलग हुए और पीछे बुआ खड़ी थी...

"नहीं बुआ जी.... हम तो बस ऐसे ही" मैं इससे आगे कुछ नहीं कह पाया...

"एक्सक्यूस मी भाई... मोम मैं अभी आई" इतना कहके पायल उपर चली गयी.. उसकी आँखें अभी भी नम थी, शायद बुआ ने वो देख लिया

बुआ:- क्या हुआ बेटे.. पायल क्यूँ रो रही थी...

मैं:- कुछ नही बुआ... हम बस ऐसे ही बातें कर रहे थे, बातों बातों में उसकी शादी की बात निकली.. ये सुनके शायद वो भावुक हो गयी और मुझसे देखा नहीं गया इसलिए मैने उसे गले लगा लिया

बुआ:- इसमे रोना क्या है.. ये भी पगली है, एक ना एक दिन तो उससे शादी करनी ही पड़ेगी ना.. अच्छा, तुम कॉफी पियो मैने देखती हूँ उसके रूम में

ये कहके बुआ भी पायल के पास चली गयी उसके रूम में.. उनके जाते ही मैने एक चैन की साँस ली

"फेवववव!!!!! थॅंक गॉड मैने कुछ सोच लिया.. नहीं तो आज बुआ पता नहीं क्या सोच लेती" मैने खुद से कहा

थोड़ी देर तक मैं वहीं बैठे बैठे कॉफी पीने लगा और पूजा के बारे में सोचने लगा... कैसी होगी ये पूजा.. कौन है ये आख़िर.. मैने आज तक नहीं देखा उसे ? मैं बैठे बैठे यही सोच रहा था, तभी उपर से बुआ और पायल आते दिखे, पायल के हाथ में बॅग भी था उसका... देख के मुझे खुशी हुई के फाइनली पायल मान गयी मेरे साथ चलने को...

पायल:- अब चलें.. इधर बैठे बैठे मेरी मा को मेरी शादी के आइडिया दे रहे हो.. जल्दी निकलो यहाँ से अब..

मैं:- हां हां चल ना... ले गाड़ी , जाके बैठ मैं आता हूँ...

पायल के जाते ही...

मैं:- डोंट वरी बुआ... मैं ख़याल रखूँगा पायल का.... बस कुछ दिन की बात है..

बुआ:- नो प्राब्लम बेटा.. तुम हो, तुम्हारी मोम है तो मुझे कैसी चिंता.. अब चिंता तो बस इसकी शादी की है...

मैं:- बुआ, चिंता ना करें.. हम जल्द ही इसके लिए कुछ सोचेंगे

"ओक बेटे... अब जाओ, नहीं तो तुमपे चिल्लाएगी वो" बुआ ने हंस के कहा

मैने बाहर जाके देखा तो पायल ड्राइवर सीट पे बैठी मेरा वेट कर रही थी... मैं जाके उसके पास बैठ गया

"मैं नहीं करूँगी शादी पहले ही बोल रही हूँ आपसे... अगर आप मेरे साथ शादी नहीं करोगे तो मैं किसी के साथ शादी नहीं करूँगी" पायल ने सीधे सीधे मेरी आँखों में देखते हुए कहा..

मैने कुछ जवाब नहीं दिया उसे... मैं बस उसकी आँखों में देखने लगा.. कुछ देर तक उससे देखते रहने के बाद FM पे एक गाना आया जिसे सुन के उसे मेरा जवाब मिल गया

"आने वाला पल.. जाने वाला है.. हो सके तो इसमे, ज़िंदगी बिता लो.. पल जो ये जाने वाला है"

मैं:- सुना तूने... तू आगे का मत सोच.. इस पल में ही जीना है हमे.. और मेरा वादा है तुझसे.. अगर तू मेरी नहीं हुई, तो ज़िंदगी भर मैं भी किसी को अपना नहीं होने दूँगा

ये सुनके पायल को खुशी तो नहीं हुई.. पर शायद उसकी उदासी भी कहीं गायब होती हुई दिखाई दी मुझे...

हम घर की तरफ निकल गये.. रास्ते में हमने घर के लिए कुछ खाने का समान, कुछ न्यू गेम के डीवीडी'स, और एक विस्की की बॉटल ले ली...

बातें करते करते हम घर पहुँचे... घर पहुँचते ही मेरी मोम पायल को देख के खुश हुई.. उन्होने झट से उसे अपने गले लगा लिया

"हाए मेरी बेटी.. कैसी है... एक दिन में तू चली गयी थी... कितना सताती है तू हमे हाँ" मेरी मों ने पायल को गले लगा के कहा

पायल:- ओफफो मामी !! क्या आप भी इतने डायलॉग मार रहे हो.. अब मैं कुछ दिन रहूंगी यहाँ, चिंता मत कीजिए.... और आप भाई की शादी क्यूँ नहीं कर देते.. आपके लिए भी एक बेटी आ जाएगी ना.. फिर मेरी कोई ज़रूरत नहीं रहेगी आपको...

पायल ने मेरी मोम को ये कह तो लिया, पर ये कहते कहते उसकी आँखों में वो खुशी नहीं थी.. शायद वो कुछ और सोच रही थी..

"क्या बोल रही हो बेटे.. तुम्हारी ज़रूरत नहीं होगी हमे ? खबरदार जो आगे से ऐसा कहा तो.. तुम क्या इस घर की बेटी नहीं... और रही राज की शादी की बात, तुम ही ढूँढ लो इसके लिए लड़की.. हम तो बोल बोल के थक गये हैं, ये है कि सुनता ही नहीं" मेरी मा ने जवाब दिया

पायल ने मेरी तरफ देखते हुए कहा..."कैसी लड़की चाहिए भाई आपको... मैं ढूँढ लूँगी आप बताइए"

उसका ये सवाल सुनके, मैं जैसे क्लीन बोल्ड हो चुका था...

मैं:- कोई नहीं... अगर ढूँढनी है तो ऐसी लड़की ढूँढ जो तेरी परच्छाई हो... तुरंत शादी कर लूँगा मैं उसके साथ..

मेरा जवाब सुन के पायल और मोम थोड़ी सर्प्राइज़ हुई, बट किसी ने कुछ नहीं कहा..., मोम का तो पता नहीं, बट पायल की आँखों में जो खुशी मैने उस वक़्त देखी, आज पूरे दिन में ये देखने के लिए तरस गया था मैं... हम एक दूसरे को ही देख रहे थे... बहुत कुछ बोल रहे थे हम आँखों ही आँखों में...

"हाई ... हाउ आर यू..."

इस आवाज़ से पायल और मेरी नज़रें अलग हुई.. मैने पीछे मूड के देखा, तो देखता ही रह गया.... करीब 25 या 26 साल की कोई लड़की होगी... उसके खुले हुए बाल.. उसका टॉप मुश्किल से उसकी कमर को ढक रहा था... उसके चुचे कम से कम 34 के होंगे, जैसे जैसे वो आगे बढ़ रही थी उसके चुचे झूलते मीनारों के समान उपर नीचे हो रहे थे... उसकी कमर के पास आते ही मेरी नज़र उसके शॉर्ट्स पे पड़ी.. इससे बड़ी शॉर्ट्स तो मैं पहनता हूँ मैने सोचा... शॉर्ट्स के नीचे उसकी टाँगें, इतनी गोरी नहीं थी, पर एक दम सही मात्रा में टॅंड थी..
 


मैं उसे देखता ही रह गया... मैं कुछ बोल ही नहीं पा रहा था, ऐसी चिकनी माल को देख के बड़े बड़े साधु खो जायें, तो मैं कौनसी चीज़ हूँ...

"इसका साइज़ 34 ही है.. ज़्यादा मत ताडो अब" पायल ने मेरे कान के पास आके कहा

ये सुनके मैने अपनी नज़रें हटा के उसकी तरफ देखा. पायल मुझे गुस्से में ही देख रही थी, पलट के फिर मैने उस लड़की को देख के कहा

"हाई.... क्या मैं जानता हूँ आपको" मैने हाथ बढ़ाते हुए उस लड़की को कहा

"बेटे ये पूजा है.. मेरी बेटी" पीछे से अंशु ने कहा

(ओह!!!! तो ये है इनका प्यादा मैने खुद से कहा.. वेलकम !!! तैयार हो जा, तेरी मा के साथ तेरी भी टिकेट निकलवाता हूँ रंडी खाने की)

मुझे सोचते देख पायल तिलमिला गयी

"भाई.. मैं जा रही हूँ आपके रूम में, आना है तो आ जाना, गेम स्टार्ट कर रही हूँ मैं" पायल ने गुस्से में आके कहा

मैं कुछ कहता उससे पहले पायल मेरी आँखों के सामने से गायब हो गयी..... कोई बात नही, मैं तेरे को मना लूँगा डियर, बट ये देखना ज़रूरी है..मैने सोचते सोचते पूजा से बात करना स्टार्ट की

मैं:- ओह.. आपकी बेटी, पर आज से पहले कभी देखा नहीं इसे.. कहाँ थी इतना वक़्त

पूजा:- मैं यूएसए में थी, पढ़ाई करने गयी थी, पर वहाँ का माहॉल कुछ ज़्यादा ही पसंद आ गया मुझे इसलिए कुछ साल वहीं रह गयी...

मैं:- बढ़िया है!! तो अभी वापस कैसे... किसी ख़ास मकसद से यहाँ आई हो या...

मेरी बात सुन के अंशु के चेहरे की हवाइयाँ उड़ गयी... वो कुछ सोचने लगी, और फिर बोली

अंशु:- नहीं बेटा, मकसद कैसा, बस अब इसकी शादी करनी है. कोई लड़का हो तुम्हारी नज़र में तो बताना ज़रूर...

मैं:- जी पक्का.. अभी मेरी ऑफीस में ही एक लड़का आया है न्यू ज़ोइनी... बहुत ही अच्छा लड़का है, आप कहें तो बात चलाऊ मैं आपकी बेटी की उधर

शायद अंशु और पूजा को मेरी ये बात अच्छी नहीं लगी... दोनो एक दूसरे को ही देख रही थी कि क्या जवाब दें इस बात का..तभी मेरी प्यारी आंटी, शन्नो रांड़ आई

शन्नो:- किसी ऐसे वैसे को थोड़ी हाथ दे दूँगी मैं अपनी पूजा का.... इसके लिए तो को प्रिन्स ही ढूंढूंगी मैं.. शन्नो ने एक रांड़ वाली हसी के साथ कहा

मैं:- तो यूएसए से यहाँ क्यूँ आई... यूके भेज देते, वहाँ बहुत सारे प्रिन्स हैं, कोई ना कोई तो इसे पसंद कर ही लेता... मैने गुस्से में कह दिया

मेरा ये जवाब शायद किसी को अच्छा नहीं लगा... दोनो बहने तो रंडिया थी ही, इसलिए वहीं खड़ी रही, पर पूजा वहाँ से निकल के रूम में जाने लगी....

ये देख मैं भी वहाँ से निकल के अपने रूम में जाने लगा.... जैसे ही मैं अपने रूम में पहुँचा

"क्लॅप..क्लॅप... वेलकम मेरे भाई.... वेलकम... आपकी दुल्हन दिखाने ही लाए हो क्या मुझे यहाँ" पायल ने मुझे टॉंट मारते हुए कहा

"नहीं. बात ये है कि"

मैं कुछ बोलता उससे पहले पायल ने मुझे काट के कहा

"जानती हूँ मैं... ये यहाँ क्यूँ आई है और आपने क्या कहा, मैं सब जानती हूँ"

मैं:- क्या जानती है तू..

पायल:- छोड़ो भाई.. अब मैं समझ गयी आप यहाँ क्यूँ लाए हो मुझे... मैने आप लोगों की बात चीत सुन ली.... प्रिन्स चाहिए उस रांड़ की औलाद को..

प्रिन्स तो छोड़ो, उसकी शादी किसी भिखारी से मैने ना करवाई तो मेरा नाम पायल नहीं.. और उसकी मा को भी मैने सीधा नहीं किया तो

"डोंट वरी.. मैने उसकी मा का सोच रखा है.. उसे थाइलॅंड के रेड लाइट एरिया में छोड़ आएँगे हम" मैने पायल को कट करके कहा

पायल:- दिस ईज़ नोट फन्नी भाई... कुछ सोचा है आपने इन मा बेटी का

मैं:- डोंट वरी.. मैने सोच रखा है, इसलिए तो तुझे यहाँ लाया हूँ मेरी जान.. मैने पायल की बाहों में अपने हाथ डालते हुए कहा

पायल:- ओह!!!! मतलब मेरा इस्तेमाल कर रहे हो.. वाह भाई वाह.. क्या बड़ा काम कर रहे हो आप..

इतना कहके पायल मुझसे दूर हट गयी और मुझसे मूह फेरके खड़ी हो गयी...

"अरे नहीं यार.. क्यूँ ऐसा सोच रही है, अब सुन.. " इतना कहके मैने उसे आगे का प्लान बता दिया.. प्लान सुनके वो एक ही पल में मुस्कुराने लगी...

"ओह मेरे भाई... यूआर सो क्लेवर.. पहले बताते ना मुझे, क्यूँ नाराज़ करते हो आप मुझे" इतना कहके वो मुझसे गले लग गयी...

हम दोनो एक दूसरे से चिपक कर खड़े थे, तभी मैने खिड़की की तरफ देखा तो उधर अंशु और पूजा खड़े हमे ही देख रहे थे...

ये देख मैने पायल को और ज़ोर से गले लगा लिया और उसके बालों में हाथ फिराते हुए बोला

"डोंट वरी... मैं किसी रांड़ से शादी नहीं करने वाला मेरी जान... "

"डोंट वरी मेरी जान... किसी रांड़ से शादी नहीं करने वाला मैं..." मैने पायल को अपने साथ कस के सटा लिया और उसकी गर्दन को चूमने लगा..

हमारी रास लीला देख, बाहर खड़ी मा बेटी, मतलब अंशु और पूजा जल रही थी और कुछ सेकेंड्स में वहाँ से नीचे चली गयी....

"उम्म्म्म... छोड़ो भाई... गले लगाके हमेशा के लिए ठिकाने लगाने का प्लान है क्या आपका... इतना ज़ोर से गले लगा रहे हो या गला दबा रहे हो"

ये कहके पायल मुझसे अलग हुई और ज़ोर ज़ोर से साँसें ले रही थी..

 


"अरे नहीं यार.. सॉरी , बस अचानक ही बहुत प्यार आ गया आज तुझ पे,इसलिए मेरी जान " मैने फिर उसे पीछे से गले लगा लिया

पायल:- ह्म्‍म्म्म.. जानती हूँ, आपका प्यार दिख रहा है मुझे भाई, महसूस कर रही हूँ मैं इससे... ये कहके पायल मेरे पॅंट के उपर से मेरे लंड पे हाथ फिराने लगी.. मेरा लंड उसकी गान्ड का स्पर्श करके पहले से ही जागने लगा था.. अब उसका हाथ लगा तो मानो 440 वॉल्ट का झटका लग गया हो..

उसका हाथ लगते ही मैं कुछ नहीं बोल पाया

"उम्म्म्म.... आहहहहहहः" बस मैं यही बोल पा रहा था...

"ह्म लगता है मेरे भाई का ध्यान रखना ही पड़ेगा अब कुछ दिन मुझे.. ये कहते पायल नीचे झुक गयी और मेरी पॅंट को उतारने लगी...

जैसे ही उसने मेरा पॅंट उतारके मेरा अंडरवेर नीचे किया.. उसके मूह से निकला

"आहहाहहाहहा..... ये इतना बड़ा कैसे हो गया भाई..अहहहहहसीसीसीसीसीसीसिस... कोई पिल्स तो नहीं ले रहे ना आप... उह हुहहहहहहहहा"

"आआहहा नहीं मेरी रानी अहहहहहा... सीसीसिसिस, तेरा बदन ही ऐसा है अहहहहहहहा.. इसे देख के उम्म्म्मम ओह आउट ऑफ कंट्रोल हो जाता है

ये मेरा लंड आहहाहहहहहहा"

"उम्म्म्मम अहहहहहाहा उम मेरे आ जी.... अहहाहाहहहहः हां भाई अहहहहहहहहा मुझे भी नंगा करो ना अहहहा अपने हाथों से उम्म्म्मममम" पायल कसमसा रही थी

मैने तुरंत उसका टॉप निकाल के उसे बाद पे ले गया जहाँ उसे सुला के मैने उसकी जीन्स भी उतारी.. अब उसके शरीर में सिर्फ़ ब्रा पैंटी थी... एक एक करके मैने वो भी उसके शरीर से अलग कर दी.... अब पायल मेरे नीचे बिल्कुल नंगी पड़ी थी... उसका शरीर मुझे वैसे ही पागल कर देता था.. आज इस कदर नंगा देख के मैने अपना आपा खो दिया और ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत चाटने लगा

"आहहाहाः उम्म्म्मम सीसीसीसी अहहहहहहा हां मेरे भाई अहहहहा , वहीं चाटो अहहहहहा सीसीसीसिस.... उम्म्म्मम... आपका लंड दो ना.. आहहा अहहहहहहा.. उम्म्म्ममममम" कहते कहते पायल मेरे लंड के भी चूपे मारने लगी....

देखते देखते हम 69 पोज़िशन में आ गये....

"उम्म्म्म अहहहहा सीसीसिस.... ह्म्‍म्म्मम और ज़ोर से चोदो ना भाई अपनी जीब से आहाहहहहा मेरे सैयाँ अहहहहहहहाः.. अहहहहहः...."

"उहह अहाहहाहा भाई.. मैं झाड़ रही हूँ अहहहहहहहहा और ज़ोर से अहहहहहा सीसिसीसीसीसिस" इतना कहके पायल ने अपना पूरा पानी मेरे मूह पे गिरा दिया.... मैं थोड़ा शॉक हुआ, आज इतना जल्दी कैसे निकल गयी...

झड़ने के तुरंत बाद पायल मेरे उपर से उठ गयी...

"चलो उठो... नीचे चलते हैं" पायल ने अपने कपड़े ढूँढते ढूँढते कहा

"क्या !!! अभी, इस हालत में छोड़ के, मेरा काम तो पूरा कर यार" मैने गुज़ारिश करते हुए कहा

"ओफफो भाई... दरवाज़ा खुला था, कोई देख लेता तो... और आप चिंता नही करो. मैं इधर ही हूँ ना, रात को ज़्यादा मज़ा करेंगे... अभी थोड़ा तड़प्ते रहो आप" पायल ने अपने कपड़े पहनते कहा

मैं उधर ही मूह लटका के बैठा हुआ था.. इतना बड़ा खड़े लंड पर धोका आज तक नहीं हुआ, मैं सोच रहा था

"अब चलोगे भी नीचे कि नहीं" पायल ने पूछा

मैं:- तू चल मैं नहा के आता हूँ..

पायल:- नहीं.. नहाने जाओगे तो ठंडे हो जाओगे.. ये गर्मी लेके ही नीचे चलो, रात को मैं ठंडा करूँगी आपको... अब जल्दी चलो ना नीचे

"चल बाबा चल... कपड़े पहनु, " ये कहके मैं भी ट्रॅक पेंट पहनने लगा और नीचे चला गया पायल के साथ...

हम नीचे गये, नीचे अंशु, शन्नो और पूजा बैठे थे टीवी के सामने, मेरी मोम से बातें कर रहे थे... हमे नीचे आता देख अंशु ने कहा

" बेटा, हमारे साथ भी तो नीचे बैठो.. पायल तुम भी आओ ना, पूरा दिन तुम भाई बहेन एक दूसरे से चिपके रहते हो... मेरी बेटी यहाँ आई है, ज़रा इसे भी तो अपने साथ शामिल करो..."

 


मैं कुछ कहता इससे पहले पायल ने जवाब दिया

"क्यूँ नहीं... एक काम करते हैं, भाई को पूजा से राखी बन्धवा दो... फिर हम तीनो भाई बहेन आराम से घूमेंगे और फिरेंगे... क्यूँ ठीक है ना भाई..." पायल ने मेरी तरफ देखते हुए कहा

"अरे नहीं.. कुछ ज़रूरी नहीं है ऐसा यार... पूजा हमारे साथ घूम सकती है, कोई प्राब्लम नहीं है उसमे" मैने अंशु को देखते हुए कहा...

मेरे इस जवाब से पायल को बहुत गुस्सा आया.. वो गुस्से से मेरी तरफ ही घुरे जा रही थी.. मैं नही चाहता था कि वो और गुस्सा करे, इसलिए उसके फेवर में भी एक जवाब दिया

"वैसे अंशु आंटी.. पायल सही बोल रही है.. इसमे कुछ बुराई नहीं है, पूजा मुझे राखी बाँधेगी तो नुकसान क्या है इसमे" मैने पायल को देखते हुए कहा... ये सुनके पायल ने आँखों से सिर्फ़ एक ही बात कही "लव यू मेरे भाई"

मेरे दो दो जवाब सुन के अंशु तो शायद स्टंप्ड हो गयी थी.. उसे समझ ही नहीं आ रहा था क्या कहे...

"अरे रहने दो बेटे तुम.. क्यूँ मज़ाक कर रहे हो, बच्ची अभी तो यहाँ आई है, अभी से इसके साथ मज़ाक करने लगे हो" मेरी मोम ने बात को संभालते हुए कहा

मेरी मोम की बात सुन के शन्नो और अंशु झूठ मुस्कुराने लगे.. जानते वो भी थे कि पायल और मैने ये बात किस सन्दर्भ में कही

"नहीं.. डोंट वरी, मुझे किसी कंपनी की ज़रूरत नहीं.. थॅंक्स आंटी.." पूजा ने मेरी मोम को देखते हुए कहा..

पायल और मैं टीवी देखने बैठे , और बाकी के लोग बातें करने में व्यस्त थे.. घड़ी में रात के 9.30 बज रहे थे. तभी घर की बेल बजी..

पापा और अंकल ऑफीस से आ चुके थे.. पूजा को देखते ही जैसे विजय अंकल को उनकी पुरानी पालतू रांड़ दिख गयी हो... सब कुछ इग्नोर करके वो सीधे पूजा से गले मिले.. गले मिले तो मिले, पर अंकल पूजा को छोड़ ही नहीं रहे थे.. गले लग लग के उसके चुचों का मज़ा ले रहे थे...धीरे धीरे वो उसकी पीठ पे हाथ घुमाने लगे... हाथ घुमाते घुमाते वो उसकी गान्ड की तरफ ही जा रहे थे तभी उन्हे होश आया के वो कहाँ है... उन्होने तुरंत पूजा को अलग किया

विजय:- बेटे, तुम कब आई इधर.. मैं कितने टाइम से अंशु को बोल रहा था कि पूजा आती ही नहीं इधर... कल रात ही मैं तुम्हारे बारे में शन्नो से बात कर रहा था, और आज तुम इधर आ गयी.. वॉट आ प्लेज़ेंट सर्प्राइज़ बेटा...

(कल रात को तो तू इसकी चुदाई की बात कर रहा था साले भडवे.. चोद लेना आज इसको भी भोसड़ी के.....) मैं सोच रहा था, कल रात के सब नज़ारे मेरी आँखों के सामने घूमने लगे...

उधर विजय और पूजा बातें करने में व्यस्त हुए.. इधर मेरे पापा ने पायल को देख के कहा

"वेलकम डियर... तुम कब आई..."

पायल:- मैं ठीक हूँ मामा.. आप कैसे हैं, बहुत स्ट्रेस्ड लग रहे हैं आप...

पापा:- नहीं बेटे, बस थोड़ा सा काम बढ़ गया है... हम अभी एक न्यू फॅक्टरी सेट अप करने में बिज़ी हैं.. इसलिए उसका काम ज़्यादा है

न्यू फॅक्टरी का सुन के मेरे साथ, शन्नो और अंशु की आँखें भी चमकने लगी.. शायद वो उसकी वॅल्यू निकाल रही होगी..

मैं:- न्यू फॅक्टरी क्यूँ पापा.. आप अभी आराम कीजिए, रिटाइयर्मेंट लीजिए

पापा:- ऐसे कैसे .. तुम कब तक नौकरी करोगे... जल्दी से फॅक्टरी सम्भालो... और हमे आज़ाद करो..

मैं:- नहीं पापा.. अकेले मुझसे ये नहीं होगा.. प्लीज़ आप समझने की कोशिश करें..

पायल:- व्हाट भाई.. मामा की बात ऐसे इग्नोर मत करो... इनकी बात सुन तो लो... मामा, आप बोलिए क्या कह रहे थे

पापा:- देखो बेटा.. अभी तुम 29 के हो जाओगे... जल्दी से शादी के बारे में सोचो और बिज़्नेस सम्भालो.. एक फॅक्टरी तो मैं देखूँगा, लेकिन बाकी की 2 तो तुम्हें ही देखनी हैं...

मैं:- ओके डॅड.. जैसा आप कहो.. बट मेरी एक बात मानेंगे आप प्लीज़..

पापा:- शुवर .. बोलो

मैं:- दोनो फॅक्टरीस के डॉक्युमेंट्स में मेरे साथ आप पायल का नेम भी इंक्लूड कीजिए.. पार्ट्नरशिप रेशियो आप जो ठीक समझें..

पापा:- पायल ? क्यूँ ? और तुम अकेले क्यूँ नहीं ? किसी का नाम इंक्लूड करना है तो डॉली या ललिता का क्यूँ नहीं ?

मैं:- डॅड.. पायल ने बिज़्नेस मॅनेज्मेंट किया है, आंड अभी वो मार्केटिंग हेड है अपनी कंपनी में... इससे हमारी अड्वॅंटेज ये रहेगी कि मार्केटिंग के लिए हमे कहीं बाहर नहीं जाना पड़ेगा.. पायल ट्रस्टवर्टी है... डॉली और ललिता को एक्सपीरियेन्स की कमी तो है ही, उनके पास मॅनेज्मेंट की डिग्री भी नहीं है और वो लोग भी आज नहीं तो कल शादी कर लेंगे.. उनके बाद मैं फिर अकेला हो जाउन्गा...

मोम:- बेटे, शादी तो पायल भी कर लेगी.. आंड डॉली और ललिता को छोड़ो, तुम्हारी होने वाली पत्नी का नाम इंक्लूड कर लेना बाद में

मैं:- नहीं मोम... जब तक मेरी शादी होगी, तब तक मैं अकेला नहीं संभाल पाउन्गा.. और पायल की शादी जब होगी तब होगी.. तब तक इसका नाम इंक्लूड हो सके तो ठीक है

पापा:- ... थ्ट्स ओके... मैं लीगल आस्पेक्ट्स देख लूँगा और इसके बारे में सोचूँगा.....

"पायल बेटे, आर यू फाइन वित दिस ?" पापा ने पायल से पूछा

पायल:- मामा, आज की डेट में मेरे सब डिसिशन्स भाई ही ले सकते हैं.. इनके सामने मैं खुद को इतना बड़ा नहीं मानती कि मैं इन्हे मना कर सकूँ... और आप को जो ठीक लगे.. आइ आम शुवर आप को इसमे कुछ फ़ायदा ही होगा... नुकसान आज तक पायल ने किसी का नहीं किया... रही बात मेरे मोम डॅड की... तो उन लोगों ने तो कब से मेरी ज़िम्मेदारी भाई को सौंप दी है.. ये है के हमेशा मुझसे दूर भागते हैं.. पायल ने मुझे झूठ मूठ का मुक्का मारते हुए कहा

पापा:- हः अहहा... ग्रेट माइ किड्स.... पायल छोड़ना नहीं अपने भाई को... हम तो पकड़ ही नहीं पाते इसको..

पायल धीरे से बोली... "मामा जी... मैं कभी नहीं छोड़ूँगी भाई को.. और ना ही मैं इनको मुझे छोड़ने दूँगी... आप का राज मेरा ही है, और मेरा ही रहेगा" मेरी तरफ आँख मारते हुए कहा

 


फॅक्टरी की बात सुनके जहाँ शन्नो और अंशु की आँखें चमकने लगी थी, वहीं मेरी बात और मेरी शर्त सुन के विजय और शन्नो के मंसूबों पे एक बहुत बड़ा झटका लगा था... पायल का नाम फॅक्टरी के डॉक्युमेंट्स में शामिल करवाने का मतलब था.... विजय का हिस्सा उन दोनो फॅक्टरी से गायब और मेरी होने वाली बीवी का कुछ भी हक़ नहीं रहेगा..

उनके हिसाब से मेरी होने वाली बीवी पूजा को कुछ नहीं मिला.. मेरे हिसाब से मेरी होने वाली बीवी को ही मैने सब थमा दिया...

इस बात से बहुत कुछ बिगड़ सकता था.. बहुत कुछ जुड़ सकता था..

एक तरफ जहाँ मुझे खुशी थी के पापा ने मेरी बात को कम से कम विचार करने लायक समझा, वहीं दूसरी तरफ विजय अपनी दोनो रंडियों, याने अपनी बीवी और साली के साथ चिंता में आ गया था.. शन्नो और अंशु को छोड़ें, तो उनका हुक्कुम का इक्का, यानी पूजा, वो भी कभी सोच नहीं सकती थी कि वो जिस काम के लिए मेरे घर आई है, वो काम करना तो दूर पर उस काम को शुरू करने से पहले ही इतना बड़ा झटका लगेगा...

इतना कुछ हो चुका था बीते हुए एक घंटे में के आज खाने की टेबल पे एक दम सन्नाटा था.. किसी को यकीन नहीं होगा के आज खाने की टेबल पे पायल मौजूद थी.. वो पायल , जिसकी सिर्फ़ मौजूदगी से वातावरण में एक खुशी की लहर दौड़ जाती थी, आज उसी जगह पे एक दम खामोशी थी...

खाने के बाद पायल और मैं मेरे कमरे में आ गये... आके हमने सबसे पहले तो सिगरेट जलाई, क्यूँ कि उस वक़्त सबसे ज़्यादा दिमाग़ को शांति की ज़रूरत थी जो सिर्फ़ निकोटिन ही दे सकती थी..

पायल:- भाई... अचानक मेरा नाम क्यूँ, आप मामी का नाम भी तो डलवा सकते थे ना

मैं:- तूने सुना नहीं, मेरी मोम ने कहा अपनी बीवी का नाम इंक्लूड करवा लो पेपर्स में

पायल:- कम ऑन भाई... हम लोग शादी तो नहीं कर सकते ना, आप जानते हो मैं भी जानती हूँ.. अब सीधे सीधे सच बताओ

मैं:- यार वो सब छोड़, अब बोल, खाना खा लिया, अब विस्की कब पिएँगे जो हम छुपा के लायें हैं

पायल:- क्या भाई, अभी तो पूरी रात है, कल वैसे भी वीकेंड है, अभी तो रात जवान होनी बाकी है, अभी से बहक जाओगे तो पूरी रात क्या करोगे....

ये कहते पायल सीधे मेरी बाहों में आके सिमट गयी... आज हम पिए बिना ही बहेकना चाहते थे... आज हम एक दूसरे में खोके, सब कुछ भुला देना चाहते थे... मैं पायल की आँखों में देखने लगा.. उसकी आँखें इतनी गहरी, मानो कई रहस्य छुपे हुए हो उनमे, उसकी वो कातिलाना हँसी..

मैं धीरे धीरे सिर्फ़ उसकी आँखों को देख के ही अपना होश खो रहा था... हम एक दम खामोश थे, खिड़की से रात की वो हवा, मानो हमारे कानो में आके कुछ कह रही हो... हम धीरे धीरे एक दूसरे के नज़दीक आते जा रहे थे, हमारे होंठ एक दूसरे के करीब आ रहे थे... उसके होंठों के नज़दीक आते ऐसा लग रहा था मानो गुलाब की पंखुड़ियों के नज़दीक जा रहा हूँ, उसकी वो महक, मुझे पागल बना रही थी... हम जैसे ही एक दूसरे से होंठ मिला रहे थे, तभी...

"बीप बीप..." पायल का मोबाइल बजा

बेंचोड़.. किस की गान्ड जली अभी... मैने चिड़ते हुए पायल से पूछा..

"ओफफो भाई... रूको देखने दो..." कहते हुए पायल मेरे उपर से उठ के अपना मोबाइल लेके देखने लगी

पायल:- कोंग्रथस भाई.. आपकी फॅवुरेट मूवी डाउनलोड हो गयी है, आज पैड प्रीव्यू देख लो.. कल तो इसकी सीडी मार्केट में आ जाएगी

मैं थोड़ा कन्फ्यूज़ हुआ के वो क्या कहना चाहती है, पर फिर मेरे दिमाग़ में आया कि वो किसके लिए बोल रही है.. मैं तुरंत वहाँ से उठकर उसके मोबाइल में देखने लगा.... करीब 20 मिनट के बाद हम अपनी आँखें मोबाइल की स्क्रीन से हटा के एक दूसरे को देखने लगे

"कंग्रॅजुलेशन्स... पहला प्यादा मारा गया" पायल ने मुझे देख के एक कड़क आवाज़ में कहा.. उसके चेहरे पे कोई मुस्कान या कोई भाव नहीं थे..

मैं:- पायल.. पहले जैसा सोचा था उससे कुछ कम करें तो,

पायल:- भाई, अब कोई बदलाव नहीं होगा, तीर कमान से निकल चुका है, अब मैं कुछ नहीं कर सकती इसमे...

मैं:- अरे मेरी जान सब होगा.... अगर तू ये कर सकती है मेरे कहने पे तो, क्या जो मैं अभी सोच रहा हूँ तू वो नहीं कर पाएगी....

कहते कहते मैने पायल को अपनी बाहों में सटा लिया पीछे से और उसकी गर्दन को चूमने लगा..

"नहीं भाई... आइ आम सॉरी, अब मैं नहीं करूँगी कोई बदलाव इस प्लान में अब" पायल ने अपनी आवाज़ को कड़क करते हुए कहना चाहा, पर उसकी आवाज़ में वो कसमसाहट सॉफ सुनाई देने लगी मुझे.. मैं सब कुछ अनसुना करके उसकी गर्दन चूमे जा रहा था.. उसकी गर्दन छोड़ के उसके कान के पास जाके अपनी जीभ फिराने लगा.. एक हाथ में मैने उसका एक चुचा पकड़ा हुआ था जिसे में धीरे धीरे मसल रहा था, एक हाथ मैने उसकी कमर पे बाँधे रखा था...

"उम्म्म्म..... आहहहा भाई... छोड़ो ना सीिसीसीसी...मैं नहीं ओह उफ़फ्फ़ आहाहहहा...करूँगी कोई बदलाव अब आहहहहहः" पायल धीरे धीरे पागल रही थी मेरी बाहों में..

मैने मौका देखते हुए धीरे धीरे उसके बदन से एक एक कर सब कपड़े उतार दिए.. पोज़िशन मेरी वोई थी, पर अभी मैं उसके नंगे चुचों को दबा रहा था.... मैने उसके कमर से हाथ हटा के धीरे धीरे कर अपने कपड़े उतारे और मेरा लंड जो अभी अपनी औकात पे आ गया था, उसके नंगे चुतडो को टच कर रहा था... मैं हल्के से अपना लंड उसकी गान्ड के छेद पे सेट करके धीरे धीरे घूमने लगा..

"उहह आहाहहहा सीईईईई.... नहीं ना मेरे भैया उफफफफहाहहहहा....मैं नहीं आहाहहहहः मानूँगी मेरे प्यार सैयाँ जी ससीसीसीसी आहाहहहाः"

पायल अब बिल्कुल होश खो चुकी थी.. मुझे पता था मेरा अगला कदम उसे वो करने पे मजबूर कर देगा जो मैं उसे कह रहा था
 
मित्रो अपडेट दे दिया है आप सब के रिस्पोन्स का इंतजार है

भाई लोगो इतना तो बनता है हे हे हे हे हे हे :lol: :lol: :lol: :lol: :lol: :lol: :lol: :lol: :lol: :lol: :lol: :lol:
 


मैने देखा तो इस बार दरवाज़ा और खिड़की दोनो बंद थे... ये देख मैने पायल को झट से अपनी तरफ घुमा लिया... उसकी आँखें बंद थी..

चेहरे पे पसीना सॉफ झलक रहा था.. 26 डिग्री के एसी के टेंपरेचर में भी हमारे बदन एक आग में जल रहे थे... पायल के चुचे उभर के मेरी छाती से टकरा रहे थे, जहाँ उसकी आँखें बंद थी वहीं उसने अपने होंठ खुले रखे थे, ये निमंत्रण था मेरे होंठों के लिए., देरी ना करते हुए मैं मेरे होंठ उसके होंठों से मिलाके एक बच्चे की तरह चूसने लगा

"उम्म्म्म अहहहः गल्प गल्प अहहहहहहा उम्म्म्ममम गल्प अहाआहहा उम्म्म अहहहहा सीसीसीसीसीसी.... ये रस दे ना मेरी बहना आहहाहहहः" मैं उसके होंठ

चूस्ते हुए बोलने लगा

"उम्म्म्म अहहहहः चप चप्प अहहा चप्प चाप्प्प आआहहहा गल्प गल्प आहहः सिससिसीसिस उम्म्म्म ओगगगगगगगग...लो ना मेरे भाई अहहहहहहा सीसीसीसीससीसी"

पायल बखूबी मेरा साथ दे रही थी...

करीब 3 मिनट के होंठ चूसने के बाद मैने एका एक पायल को अपने से अलग कर दिया, और कमरे की दूसरी तरफ जाके खड़ा हो गया...

इससे पायल को गुस्सा तो आया पर साथ ही साथ वो अच्छी तरह जानती थी कि हम जिस वासना की आग को जला चुके हैं, अब उसे बुझाने के अलावा और कोई चारा नहीं

है हमारे पास...

"तो आप नहीं मानोगे मेरी बात को हाँ.. अब आप को अपनी बहेन मुझसे ज़्यादा प्यारी होने लगी है" पायल धीरे धीरे एक एक कदम उठा के मेरे पास आ रही थी....

मैने कुछ बोले बिना सिर्फ़ गर्दन हिला के उसका जवाब दिया... अंदर ही अंदर मैं भी जानता था अगर ये नहीं मानेगी तो भी मुझे मेरे शरीर को ठंडा तो करना ही पड़ेगा कैसे भी...

"ठीक है.. अब आपकी मर्ज़ी चलेगी, मुझे कुछ नहीं सुनना, बस नौकर ही तो हूँ आपकी हाँ.. मेरी कहाँ सुनते हो आप.. जो करना है करो"

पायल अब तेज़ी से मेरे पास आने लगी थी... जैसे ही मैं कुछ कह पाता, वो तेज़ी से छलाँग लगा के मेरे शरीर से किसी चिंबक की तरह चिपक गयी..

"उम्म.. अहहहहहहहा.. जो करना है करो ना मेरे भैया आहाहहहहा.. पहले मुझे ठंडो करो प्लीज़ अहहहहहा... इतनी देर से सिर्फ़ जला रहे हो आहहाः इसीसिससिईसी" पायल मेरी बाहों से चिपक के मेरे कान को काटने लगी...

पायल तो मुझसे चिपकी हुई थी.. मैने गोदी में उठाके उसे बेड पे लेटते हुए 69 में आके उसकी चूत को चाटने लगा... उसकी चूत पे हल्के बाल आने लगे थे..

इतनी देर से जल रही उस आग में उसकी चूत भी बहुत गीली हो चुकी थी, उसकी चूत के होंठ एक दम लाल हो चुके थे.. उसकी चूत का दाना एक दम मोटा हो गया था, मानो उसकी चूत किसी भट्टी में जल रही है.. मैने बिना कुछ सोचे उसकी चूत पे अपनी जीभ रख दी....

मेरी जीभ रखते ही मानो की उसकी चूत का लावा फट गया हो... उसका पूरा पानी मेरी जीभ पे गिरने लगा...

"उम्म्म अहहहहहाः नमकीन पानी है मेरी रानी तेरा तो हहहहहाहा उम्म्म स्लूरप्प्प स्लूरप्परप्प अहहहहहाः ससीसीसिसिस..." मैं चूत चाटते चाटते बोलने

लगा..

"आहहहहः तो पी लो ना मेरे भैया आप अहहहहहा आपका ही है ये उम्म्माहहहहहा... ये लंड भी तो मेरे लिए ही है ना अहहहहहहहः...

उम्म्म दो ना मुझे ये लंड अहहहहहा... कितना रसीला है आहाहहाहहा... पुच पुच अहहहाहा सक सक गल्प गल्प अहहहाहा अहाहहा.... "

हम एक दूसरे को चाटने में व्यस्त हो गये थे, वक़्त का कोई होश ही नहीं था हमे.. ना तो ख़याल था कि हम घर पे ही हैं अभी...

"उम्म्म्म आहहहहहाः ये टटटे भी तो मेरे ही हैं ना मेरे आ अहहहहहहा....अहहहः.. बोल ना मेरे सैयाँ अहहहहाहहा, ये लंड मेरा ही है ना साले भडवे अहहहहहः.. किसी दूसरी के तो नहीं है ना साले कुत्ते अहहहहहाहा बोल ना अहहहहा उहह यस... अहहहहा उधर ही चूसो मेरे भाई आहहाहहहहाहा.... ससीसीसिससी एसाजजज्जजजाज....

करीब 10 मिनट की चुसाइ के बाद मैं उसकी चूत से अलग होके सीधा हुआ और अपना लंड उसकी चूत पे सेट करने लगा... मेरा लंड उसकी चुसाइ से एक दम गीला हो चुका था... मेरे लंड ने अपना विकराल रूप ले लिया था, उसकी नसें सॉफ दिख रही थी, मेरा लंड आज बहुत ज़्यादा टाइट हो चुका था...

मैने आव देखा ना ताव, और लंड एक ही झटके में पायल की चूत में घुसा दिया..

"ओह्ह्ह्ह आहहहहहहहा... मैं मर गयी भाई आहहहहहहहहः..... ओह अहहहहहाा... " पायल की चीख निकल गयी

मैने झट से अपने होंठ उसके होंठों पे रख दिए ताकि उसका मूह बंद हो... उसके होंठ चूस्ते चूस्ते मैने अपने धक्के लगाए जा रहा था...

जब मुझे लगा पायल का दर्द अब मज़े में बदल गया है, मैने अपने होंठ अलग करके उससे कहने लगा

"अहाहाः मेरी रानी अहाहहा अब बोल, मेरा काम करेगी ना मेरी जान अहहहहहा... बोल ना मेरी रांड़ नंबर 1 साली भाडवी कहीं की... मदरजात छिनाल कहीं की.. और ले साली, लंड चाहिए ना तुझे और ले अंदर.. अहहहहहाहोह यॅ अहहहहहहः और ले मेरी गश्ती बहेन अहहहहहा"

"हान्ना मेरे भडवे भाई आहाहहहा जो कहेगा तू मैं वो करूँगी अहहहहहा.. और अंदर दे ना तेरा लंड अहाहाहाहा और अंदर घुस्सा साले भडवे...दम नहीं है क्या अहहहहहहहा, और तेज़ी से चोद ना मेरे कुत्ते आहाहहहा. आहः सीसीसीसीसी.. हां उधर चोद मेरे भैया हहहहा.. मज़ा आ रहा है उम्म्माहहहहहहा सिससीसिसिस"

 
करीब 10 मिनट तक मैं पायल को मिशनरी पोज़िशन में ही चोद्ता रहा..

"अहाहाहा मेरी रंडी बहेन, मैं निकल रहा हूँ आहाहहहा.... कहाँ डालूं कुतिया कहीं आइ अहहहहहहहहा" मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के मार के कहने लगा..

ये सुनके पायल उठ गयी और मेरा लंड अपने मूह में लेने लगी.. उसकी जीभ रखते ही मेरे लंड ने अपना पूरा पानी उसके मूह पे छोड़ दिया.. आधे से ज़्यादा उसके चुचों पे जा गिरा...

"उम्म्म आहाहाहा.... कितना रसीला है ये अहहहहांम्मुंम्म्ममम.... चुप्प्प चुप्प्प्प्प्प करके पायल मेरे लंड को फिर से चूसने लगी... और मेरा लंड पूरा सॉफ करने लगी...

थक हार के हम उधर बेड पे ही गिर गये.. मेरी हालत तो खराब थी, पर पायल को देख के लग रहा था कि वो अभी तक नहीं थकि...

"ऊह हा हाहहौह हा... तू अभी तक नहीं थकि हनना उः हुहह उम्म्म्माहहहहाः" मैने मेरी टूटती हुई साँसों को जोड़कर पायल से पूछा.

"नहीं भाई.. अहहः हाहुउ... आपके लिए तो हमेशा तैयार हूँ मैं उहहहाहम्म" ये कहके पायल आके मुझसे लिपट गयी...

"उम्म्म... आपके पसीने की महक भाई.. अहहहहाँ, पागल बना देती है मुझे" पायल ने मेरी बगल को स्निफ करते हुए कहा...

मैं कुछ बोलने की हालत में नहीं था.... मैने एक लंबी साँस ली...

"उम्म्म.. खुश्बू तो तेरी भी मुझे मादक लगती है मेरी बहना.... तू तो मेरी जान है स्वीट्स.." मैने बेड से उठ के कहा..

मैं तुरंत अपने कपड़े पहनने लगा. और साथ ही साथ टीवी से मेरा पीसीबी 4 भी कनेक्ट कर लिया..

"ये किस लिए" पायल ने ग़मे की तरफ इशारा करते हुए कहा...

मैं:- मेरी जान, रात के 11.45 हुए हैं, अभी सब नीचे ही बैठे हैं, तू मेरे रूम से निकलेगी तो क्या कहेगी अगर किसी ने देखा तो...

"छोड़ो ना भाई.. आज की रात आपके साथ ही सोना है मुझे... ऊपस्स!!! सॉरी, आइ मीन आज की रात आपके साथ ही जागना है मुझे"

"ठीक है मेरी जान, बट अब तू पहले उठ और कपड़े पहन, फिर मेरा काम कर जो मैने कहा तुझे, हमे बदला लेना है, पर किसी की ज़िंदगी बर्बाद करके नहीं, उन्हे बस सबक सीखाना है" मैने पायल के माथे को चूमते हुए कहा

"ह्म्‍म्म्म..."

पायल सिर्फ़ इतना कहके अपने कपड़े पहनने लगी.. कपड़े पहन के उसने तुरंत अपने फोन से किसी को स्मस किया.

इतने में, मैं नीचे गया तो देखा सब लोग नीचे ही बैठे थे और बातें कर रहे थे... मुझे नीचे आते देख पापा ने कहा

"आओ बेटे .. पायल कहाँ है, अभी हम तुम्हारी बात ही कर रहे थे"

"हमारी क्यूँ पापा, क्या हुआ" मैं पापा के साइड में जाके बैठ गया

पापा:- सुनो बेटे, अभी अंशु तुम्हारी और पूजा की बात कर रही थी.. मैने कहा राज मान जाए तो मुझे कोई ऐतराज़ नहीं.. तुम्हारा क्या कहना है बेटा... क्या तुम तैयार हो इस रिश्ते के लिए.

पापा की बात सुनके मैने एक नज़र अंशु और शन्नो पे घुमाई... दूसरी तरफ देखा तो मेरी मोम के साथ डॉली और ललिता भी बैठे थे... रांड़ पूजा ही कहीं नहीं दिख रही थी..

मेरे नीचे से मानो ज़मीन खिसकने लगी थी... एक ही पल में मेरे सामने पायल आने लगी, मैने सोचा था ये रंडिया कोई बड़ी गेम खेलेंगी पहले, पर इन्होने सीधे अपने काम की बात की, जिसके लिए मैं बिल्कुल तैयार नहीं था.. इतनी देर में सोचता रहा.. मेरी आँखों के आगे अंधेरा छाने लगा था.. अब यहाँ से कैसे निकलूंगा मैं.. सीधे भी मना नहीं कर सकता था मैं, क्यूँ कि पूजा को ठुकराने का क्या बहाना देता.. मैं वहीं बैठे बैठे पिछले कुछ दिनो की घटनाओ को लेकर गहरी सोच में उतर गया.... अब मैं कैसे निकलूंगा इसमे से, क्या जवाब दूं मैं.. पायल को क्या कहूँ.. क्या पायल मानेगी, उसकी प्रतिक्रिया क्या होगी ये सुनके... उसके दिल को कितनी ठेस पहुँचेगी... क्या वो ये झेल पाएगी.... ये सब सोचते सोचते मेरे माथे पे हल्की सी शिकन के साथ पसीना बहने लगा...

 
ये देख पापा ने मुझे कंधे से झटकते हुए पूछा

"क्या हुआ बेटे.. कहाँ खो गये.. इतना पसीना क्यूँ, एसी का टेंपरेचर तो 18 है... बोलो बेटे क्या हुआ"

मैं वहाँ से उठके जाने लगा.. जाते जाते मैने पापा को कहा

"मैं सोच के बताऊँगा.. मेरी कुछ पर्सनल कमिट्मेनट्स भी हैं.... प्लीज़ मुझे 10 दिन का टाइम दीजिए"

ये कहके मैं वहाँ से उठ के सीधा अपने रूम में गया जहाँ पायल किसी से फोन पे बात कर रही थी...

मैं रूम बंद करके सीधा उसके गले लग गया... मुझे ऐसे देख पायल ने अपना फोन कट किया..

"क्या हुआ मेरे शोना को.. क्या हुआ भैया",

मैने कुछ नहीं कहा, बस एक बच्चे की तरह उससे लिपटा ही रहा.. ये देख पायल ने अपनी बात पे ज़ोर देते कहा

"बोलिए ना प्लीज़.. आप ऐसे चुप अच्छे नहीं लगते"

मैने उसे खुद से अलग किया और कहा

" मेरी जान.. तुझे विश्वास है ना मुझ पे जो मैं कहूँ जबाब देना"

हाँ भाई मुझे पूरा विश्ववास है आप कहो

"डॅड... मैं पूजा से शादी नहीं कर सकता"

"क्यूँ बेटा.. कोई वजह तो होगी तुम्हारे इस फ़ैसले के पीछे..?"

"हां डॅड.. पूजा को मैं अच्छी तरह कहाँ जानता हूँ.. अभी उससे मिले कुछ ही घंटे हुए, तो शादी का कैसे सोच सकता हूँ"

"अरे बेटा... डोंट वरी, हम कहाँ बोल रहे हैं, अभी शादी करो. तुम लोग एक दूसरे को जानो, पहचानो, फिर फ़ैसला लो...यू हॅव ऑल दा टाइम इन दा वर्ल्ड"

"नहीं डॅड.. फिर भी, अभी तो वो इंडिया आई है, वो हमारे घर में रह पाएगी कि नहीं, आप लोगों से अच्छा बर्ताव करे या नहीं.. आप समझ रहे हैं ना मेरा क्न्सर्न"

"हां बेटा, शन्नो की बहेन की बेटी है, अच्छा घर है, मुझे उम्मीद है वो तुम्हे इस बात में निराश नहीं करेगी.."

"बट डॅड.. पूजा एम्म्म आहह उम्म्म्मम....."

"ओफफो भाई.. मेरे सामने पूजा को ठुकराने का एक रीज़न नहीं दे सकते तो जब सच में अपने डॅड से बात करोगे, तो क्या करोगे.." पायल ने चिड़ते हुए सोफा से उठके कहा

मैने पायल से डॅड के साथ हुई बात तो शेर की, पर मुसीबत मेरे लिए ही आई.. अब पायल चाहती है कि मैं डॅड को मना करूँ कोई बहाना बना के, और बहाने बनाने का प्रेक्टिस सेशन करने लगी...

"अरे नहीं यार, ऐसी बात नहीं है... क्यूँ तू गुस्सा हो रही है" मैने सिचुयेशन को थोड़ा संभालना चाहा

पायल:- कैसी बात है तो भाई.. मेरे सामने तो कुछ बोल नहीं सकते, अपने पापा के सामने तो मूह ही नहीं खोलते आप.. अगर ऐसा ही रहा तो मुझे तैयारी करने दो आपके बारात की.. जो जाएगी उस कुतिया के घर... पर एक बात समझ लो, अगर आपने उसके साथ शादी की ना, तो उसकी शादी के दिन ही सबसे पहले मैं उसको मार कर फिर हम दोनो को मार डालूंगी... ना होगा राज, ना होगी पायल.. ना ही कोई शादी.. जिस दिन आपने ऐसा किया ना मेरे साथ, याद रखना आप.. मैं कह देती हूँ आपको... और अगर.......

"स्शह... कूल माइ बेबी.. चिल कर प्लीज़... क्यूँ गुस्सा हो रही है इतना.. जितना गुस्सा तू हो रही है अभी उससे कहीं ज़्यादा प्यार मैं तुझसे करता हूँ.. तू जान लेने देने की बातें करती है, मैं हमेशा साथ आगे बढ़ने का सोचता हूँ... अब तू प्लीज़ ठंडी हो जा, रिलॅक्स कर, मुझे सोचने दे इसका क्या करना है"

मैने पायल को बीच में रोक के, उसके होंठों पे अपनी उंगली रखते हुए कहा

"प्यार तो मैं भी आपसे करती हूँ भाई.. और जानती हूँ कि हम कभी इस जीवन में एक नहीं हो पाएँगे.. पर इस दिल को कौन समझाए... ये अब धड़कता भी है तो आपके लिए, ये खुश होता है तो आपके लिए, ये मायूस होता है तो सिर्फ़ आप ही के लिए भाई.. अब आप ही बताओ मैं क्या करूँ"

पायल कहते कहते सूबक सूबक के रोने लगी...

उसकी आँखों से निकला एक एक आँसू, मुझे एहसास दिला रहा था हमारे बीच में पनप रहे प्यार का.. प्यार है ही ऐसी चीज़ जो किसी के साथ भी हो सकता है.. प्यार ये नहीं देखता कि सामने वाला शक्स बहेन है या मा या कोई और... वो तो बस दिल में खिल उठता है.. आज इसी प्यार की वजह से मुझे पायल का इतना साथ मिल रहा था.. येई प्यार था जिसने मुझे एहसास दिलाया कि मैं किस के लिए दुनिया में सबसे ज़्यादा आहेमियत रखता हूँ..


"अकेला सा महसूस करो जब तन्हाई मे,

याद मेरी आए जब जुदाई मे,

महसूस करना तुम्हारे करीब हू मे,

जब चाहे देख लेना अपनी ही परछाई मे."


मैने पायल का चेहरा अपने हाथों में लेके उसकी आँखों में देखते हुए कहा.. मुझे खुद समझ नहीं आ रहा था कि ये शब्द मैने कैसे कहे..शायद पायल का प्यार धीरे धीरे मुझे शायरी भी सिखा रहा था.. खैर वो जो भी था, असरदार साबित हुआ... ये शब्द सुनके पायल की आँखें जो कुछ देर पहले आँसू बहा रही थी, अब उनमे कहीं ना कहीं एक हल्की सी खुशी मुझे दिखी... ये खुशी शायद उस भरोसे की वजह से थी जो पायल को मुझ पे था.... ये खुशी शायद इस बात की थी कि उसे यकीन हो गया था के मैं उसके अलावा किसी और का नहीं हो सकता
 
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