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Guest
"पर भाई.. शायरी से सब ठीक नहीं होगा.. कुछ तो सोचना पड़ेगा ना इसका रास्ता" पायल ने फाइनली मुझे नॉर्मल होते हुए कहा
"हां यार रास्ता निकालूँगा ना, पहले तू तो सम्भल जा.. तू कमज़ोर हो गयी, तो हम कैसे आगे बढ़ेंगे इस रास्ते में" मैने पायल को आश्वासन देते हुए कहा
"ह्म्म्म.. ठीक ही है भाई, किस्मत देखो, आज के दिन ही हम सिंगल माल्ट लाए थे.. शायद भगवान भी जानता था आज के दिन हमारी जॅक लगेगी.. इसके लिए हमने सिंगल माल्ट ली, ताकि दिमाग़ थोड़ा तेज़ भगा सकें"
पायल ने विस्की की बॉटल अपने हाथ में लेते हुए कहा
मैं:- कुछ नहीं हुआ है, सिंगल माल्ट तेरी फॅवुरेट है इसलिए मैने ली, समझी... अब ज़्यादा बोले बिना नीचे से छुप छुप के विस्की के राउंड ग्लासस ला, आंड फ्रिड्ज में से आइस क्यूब्स...
"मैं नही जाती भाई नीचे... किसी ने देखा तो क्या सोचेंगे, लड़की दारू पीती है" पायल ने हाथ हिलाते हुए कहा
मैं:- अगर मैं नीचे जाउन्गा ना, तो फिर पूजा की बात निकली तो मैं क्या कहूँ, ये बता दे बस.. फिर मैं जाता हूँ
"कोई ज़रूरत नहीं है.. रेह्न्दे दो, मैं जाती हूँ, 15 मिनट लगेंगे, और तब तक एसी का टेंपरेचर बढ़ाओ और रूम फ्रेशनेर छिड़को.. उस पूजा के नाम से ही यहाँ बदबू आने लगी है मुझे.."
पायल ने जैसे ही ये कहके बाहर की तरफ देखा तो उसकी आँखें मानो, 2 के बदले 4 हो गयी... सामने पूजा खड़ी थी अंशु के साथ.. शायद उन्होने कुछ सुना..
"ओह.. तो किसके नाम से यहाँ बदबू हो रही है पायल" पूजा ने अंदर आते हुए मुझे देखके पायल से कहा
शायद पायल को समझ नही आया वो क्या कहे.. क्यूँ कि पूजा के अचानक आगमन से वो थोड़ा चौंक गयी थी... इसलिए वो कुछ देर खामोश रही...
लेकिन जब उसने मूह खोला.. बाप रे बाप... मेरे कान में से धुएँ निकलने लगे...
"ह्म्म्म्म... बोल ना अब, क्या हुआ पायल" पूजा ने इस बार सीधे पायल को देखते हुए उससे सवाल पूछा
"तेरी और तेरी मा के यहाँ आने से, यहाँ के माहॉल में अचानक ही गंदगी छा गयी है... तूने शायद सुना नहीं , मैने पूजा कहा.. पूजा तू ही है ना.. या तेरे बाप ने तुम्हारी पहचान के बाहर 2-3 पूजा को और जनम दे रखा है"
जितना तीखा सवाल पूजा ने पूछा, उससे कहीं ज़्यादा तीखा पायल का जवाब था..
शायद पायल को मुझसे ज़्यादा और कोई समझ नहीं पाया था.. मैं जब उसे गुस्से में देखता हूँ, तो कुछ वक़्त तक खुद सोचता हूँ आगे क्या किया जाए...
और ये तो नया इंपोर्टेड माल है हमारे घर पे... आग में हाथ डालने चली थी.. खुद तो जली ही, साथ में अपने मा बाप को भी जला रही है.... बेचारी !!!
पायल का जवाब सुन के शायद पूजा ये सदमा झेल नहीं पाई.. उसने सीधा अपना हाथ उठाया पायल की तरफ.. जैसे ही उसने अपना हाथ आगे बढ़ाया, मैने तुरंत बीच में जाके उसका हाथ पकड़ लिया...मेरी इस हरकत से पूजा सहम उठी, वो वहीं खड़ी मुझे देखती रही...
पूजा का हाथ मैने पकड़ा हुआ था जो पायल को मारने के लिए उठा था.. पूजा के सामने पायल थी जो बेखौफ़ उसकी ही आँखों में देख रही थी...
पूजा के बगल में उसकी मा अंशु, जो हमे सिर्फ़ देखे ही जा रही थी.... उसकी बेटी की इज़्ज़त तो हमने उतार ही दी थी, शायद इसलिए वो चुप चाप ये सब देखे जा रही थी..
कुछ सेकेंड की खामोशी के बाद अंशु ने अपना मूह खोला..
"चलो बेटा.. यहाँ से बाहर चलते हैं" अंशु ने पूजा को बाहर ले जाते हुए कहा..
जैसे ही वो दरवाज़े के करीब पहुँची, पायल के सवाल ने उन्हे पीछे मुड़ने पर मजबूर किया..
"तेरी मा तो यहाँ चुदने ही आई है.. तू ये बता, तू यहाँ राज के रूम में किस वजह से आई थी" पायल ने पीछे से दोनो मा बेटी से पूछा
पायल का ये सवाल सुन के जहाँ पूजा की आँख में गुस्सा और उसकी आँखो मे आँसू आ गये थे, वहीं अंशु की आँखों में सिर्फ़ और सिर्फ़ गुस्सा..
"मैं तो यहाँ देखने आई थी कि तुम भाई बहेन कौनसी गेम खेल रहे हो, ज़रा मैं भी सीख लूँ, पर तुम लोग तो यहाँ अपनी रास लीला में लगेहुए थे..."
अंशु ने अपने तेवर दिखाते हुए जवाब दिया..
बंदर भोसड़ी का कितना भी बूढ़ा क्यूँ ना हो, गुलाटी मारना नहीं भूलता... यहाँ पूजा और अंशु का रेप हो रहा था, और वो रंडी अपने तेवर छोड़ ही नहीं रही थी...
"ओह... हमे प्लीज़ माफ़ कीजिए.. हम आपको डिसपायंट नहीं करना चाहते" ये कहके मैं पायल के पास गया और उसके होंठ चूसने लगा... इतनी बार किस किया था मैने पायल को, लेकिन आज की फीलिंग ही कुछ और थी..
आज ऐसा लग रहा था मैं सही में पायल से शादी भी कर लूँगा खुद को
साबित करने के लिए इन मा बेटी के आगे.. मैं जान बुझ के पायल के होंठ चूस्ते वक़्त उसके चुचों के साथ भी खेल रहा था... पायल ने बखूबी मेरा साथ दिया और अपने हाथ मेरी छाति के बालों में फिराने लगी...
कुछ सेकेंड्स की किस जब हमने तोड़ी.. सामने अंशु और पूजा खड़ी सोच भी नहीं सकती थी उस वक़्त कि क्या हुआ उनके साथ...
जब वो वहाँ से हिल भी नहीं रही थी तभी पायल ने जान बुझ के अपने हाथ मेरी कमर में डाल के मुझे अपनी तरफ खींचा और कहा
"भाई.. मुझे लगता है ये लोग अभी तक सीखे नहीं है.. तो आगे क्या इनको लाइव डेमो दिखाया जाए या इनमे से किसी एक पे प्रॅक्टिकल किया जाए...
पायल की ये बात सुनके अंशु और पूजा वहाँ से ऐसे निकली, जैसे जब कोई कुत्ति किसी कुत्ते से अपनी चूत छुड़वा के भाग जाती है.. दोनो में से किसी ने पीछे मूड के भी नहीं देखा... सीधा नीचे निकल गये...
उनके जाते ही..
"वाउ यार... तुझे इतने गुस्से में तो मैने आज तक नहीं देखा मेरी जान" मैने थोड़ा सा माहॉल को हल्का करने के लिए मज़ाक में कहा
"वो इसलिए मेरे जानू जी, क्यूँ कि आप पे तो गुस्सा आता ही नहीं ना मुझे.. नहीं तो आप की खैर नही.. हहेही" पायल ने खिलखिलाकर जवाब दिया
ये कहके पायल नीचे चली गयी ग्लासस और आइस क्यूब्स लेने.. पायल जितनी जल्दी गयी, उतनी ही जल्दी वापस भी आ गयी, उसके हाथ में आइस क्यूब्स और ग्लास भी थे...
"अरे, इतनी जल्दी कैसे, नीचे कोई बैठा नहीं था क्या" मैने सर्प्राइज़ होते हुए पायल से पूछा
"कौन होगा भाई. दोनो रंडिया अभी तो यहाँ से गयी, आपके अंकल आंटी कहीं कोने में सोच रहे होंगे आगे की प्लॅनिंग का.. दोनो बहने तो आप जानते ही हो... बाकी आपके मोम डॅड और मेरे स्वीट मामा मामी.. कम ऑन, कल वीकेंड है, तो आज उनकी भी कुछ प्लॅनिंग होगी ना " पायल ने आखरी लाइन शरारत भरे स्वर में कही
"हान्ंननणणन् चल अब.. पूरा दिन येई सोचती रहती है, चल पेग बना, मैं फ्रेश होके आता हूँ" मैने पायल से कहा और बाथरूम में मूह धोने चला गया..
जैसे ही मैं बाहर आया, रूम का वातावरण एक दम बदल चुका था... ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
"हां यार रास्ता निकालूँगा ना, पहले तू तो सम्भल जा.. तू कमज़ोर हो गयी, तो हम कैसे आगे बढ़ेंगे इस रास्ते में" मैने पायल को आश्वासन देते हुए कहा
"ह्म्म्म.. ठीक ही है भाई, किस्मत देखो, आज के दिन ही हम सिंगल माल्ट लाए थे.. शायद भगवान भी जानता था आज के दिन हमारी जॅक लगेगी.. इसके लिए हमने सिंगल माल्ट ली, ताकि दिमाग़ थोड़ा तेज़ भगा सकें"
पायल ने विस्की की बॉटल अपने हाथ में लेते हुए कहा
मैं:- कुछ नहीं हुआ है, सिंगल माल्ट तेरी फॅवुरेट है इसलिए मैने ली, समझी... अब ज़्यादा बोले बिना नीचे से छुप छुप के विस्की के राउंड ग्लासस ला, आंड फ्रिड्ज में से आइस क्यूब्स...
"मैं नही जाती भाई नीचे... किसी ने देखा तो क्या सोचेंगे, लड़की दारू पीती है" पायल ने हाथ हिलाते हुए कहा
मैं:- अगर मैं नीचे जाउन्गा ना, तो फिर पूजा की बात निकली तो मैं क्या कहूँ, ये बता दे बस.. फिर मैं जाता हूँ
"कोई ज़रूरत नहीं है.. रेह्न्दे दो, मैं जाती हूँ, 15 मिनट लगेंगे, और तब तक एसी का टेंपरेचर बढ़ाओ और रूम फ्रेशनेर छिड़को.. उस पूजा के नाम से ही यहाँ बदबू आने लगी है मुझे.."
पायल ने जैसे ही ये कहके बाहर की तरफ देखा तो उसकी आँखें मानो, 2 के बदले 4 हो गयी... सामने पूजा खड़ी थी अंशु के साथ.. शायद उन्होने कुछ सुना..
"ओह.. तो किसके नाम से यहाँ बदबू हो रही है पायल" पूजा ने अंदर आते हुए मुझे देखके पायल से कहा
शायद पायल को समझ नही आया वो क्या कहे.. क्यूँ कि पूजा के अचानक आगमन से वो थोड़ा चौंक गयी थी... इसलिए वो कुछ देर खामोश रही...
लेकिन जब उसने मूह खोला.. बाप रे बाप... मेरे कान में से धुएँ निकलने लगे...
"ह्म्म्म्म... बोल ना अब, क्या हुआ पायल" पूजा ने इस बार सीधे पायल को देखते हुए उससे सवाल पूछा
"तेरी और तेरी मा के यहाँ आने से, यहाँ के माहॉल में अचानक ही गंदगी छा गयी है... तूने शायद सुना नहीं , मैने पूजा कहा.. पूजा तू ही है ना.. या तेरे बाप ने तुम्हारी पहचान के बाहर 2-3 पूजा को और जनम दे रखा है"
जितना तीखा सवाल पूजा ने पूछा, उससे कहीं ज़्यादा तीखा पायल का जवाब था..
शायद पायल को मुझसे ज़्यादा और कोई समझ नहीं पाया था.. मैं जब उसे गुस्से में देखता हूँ, तो कुछ वक़्त तक खुद सोचता हूँ आगे क्या किया जाए...
और ये तो नया इंपोर्टेड माल है हमारे घर पे... आग में हाथ डालने चली थी.. खुद तो जली ही, साथ में अपने मा बाप को भी जला रही है.... बेचारी !!!
पायल का जवाब सुन के शायद पूजा ये सदमा झेल नहीं पाई.. उसने सीधा अपना हाथ उठाया पायल की तरफ.. जैसे ही उसने अपना हाथ आगे बढ़ाया, मैने तुरंत बीच में जाके उसका हाथ पकड़ लिया...मेरी इस हरकत से पूजा सहम उठी, वो वहीं खड़ी मुझे देखती रही...
पूजा का हाथ मैने पकड़ा हुआ था जो पायल को मारने के लिए उठा था.. पूजा के सामने पायल थी जो बेखौफ़ उसकी ही आँखों में देख रही थी...
पूजा के बगल में उसकी मा अंशु, जो हमे सिर्फ़ देखे ही जा रही थी.... उसकी बेटी की इज़्ज़त तो हमने उतार ही दी थी, शायद इसलिए वो चुप चाप ये सब देखे जा रही थी..
कुछ सेकेंड की खामोशी के बाद अंशु ने अपना मूह खोला..
"चलो बेटा.. यहाँ से बाहर चलते हैं" अंशु ने पूजा को बाहर ले जाते हुए कहा..
जैसे ही वो दरवाज़े के करीब पहुँची, पायल के सवाल ने उन्हे पीछे मुड़ने पर मजबूर किया..
"तेरी मा तो यहाँ चुदने ही आई है.. तू ये बता, तू यहाँ राज के रूम में किस वजह से आई थी" पायल ने पीछे से दोनो मा बेटी से पूछा
पायल का ये सवाल सुन के जहाँ पूजा की आँख में गुस्सा और उसकी आँखो मे आँसू आ गये थे, वहीं अंशु की आँखों में सिर्फ़ और सिर्फ़ गुस्सा..
"मैं तो यहाँ देखने आई थी कि तुम भाई बहेन कौनसी गेम खेल रहे हो, ज़रा मैं भी सीख लूँ, पर तुम लोग तो यहाँ अपनी रास लीला में लगेहुए थे..."
अंशु ने अपने तेवर दिखाते हुए जवाब दिया..
बंदर भोसड़ी का कितना भी बूढ़ा क्यूँ ना हो, गुलाटी मारना नहीं भूलता... यहाँ पूजा और अंशु का रेप हो रहा था, और वो रंडी अपने तेवर छोड़ ही नहीं रही थी...
"ओह... हमे प्लीज़ माफ़ कीजिए.. हम आपको डिसपायंट नहीं करना चाहते" ये कहके मैं पायल के पास गया और उसके होंठ चूसने लगा... इतनी बार किस किया था मैने पायल को, लेकिन आज की फीलिंग ही कुछ और थी..
आज ऐसा लग रहा था मैं सही में पायल से शादी भी कर लूँगा खुद को
साबित करने के लिए इन मा बेटी के आगे.. मैं जान बुझ के पायल के होंठ चूस्ते वक़्त उसके चुचों के साथ भी खेल रहा था... पायल ने बखूबी मेरा साथ दिया और अपने हाथ मेरी छाति के बालों में फिराने लगी...
कुछ सेकेंड्स की किस जब हमने तोड़ी.. सामने अंशु और पूजा खड़ी सोच भी नहीं सकती थी उस वक़्त कि क्या हुआ उनके साथ...
जब वो वहाँ से हिल भी नहीं रही थी तभी पायल ने जान बुझ के अपने हाथ मेरी कमर में डाल के मुझे अपनी तरफ खींचा और कहा
"भाई.. मुझे लगता है ये लोग अभी तक सीखे नहीं है.. तो आगे क्या इनको लाइव डेमो दिखाया जाए या इनमे से किसी एक पे प्रॅक्टिकल किया जाए...
पायल की ये बात सुनके अंशु और पूजा वहाँ से ऐसे निकली, जैसे जब कोई कुत्ति किसी कुत्ते से अपनी चूत छुड़वा के भाग जाती है.. दोनो में से किसी ने पीछे मूड के भी नहीं देखा... सीधा नीचे निकल गये...
उनके जाते ही..
"वाउ यार... तुझे इतने गुस्से में तो मैने आज तक नहीं देखा मेरी जान" मैने थोड़ा सा माहॉल को हल्का करने के लिए मज़ाक में कहा
"वो इसलिए मेरे जानू जी, क्यूँ कि आप पे तो गुस्सा आता ही नहीं ना मुझे.. नहीं तो आप की खैर नही.. हहेही" पायल ने खिलखिलाकर जवाब दिया
ये कहके पायल नीचे चली गयी ग्लासस और आइस क्यूब्स लेने.. पायल जितनी जल्दी गयी, उतनी ही जल्दी वापस भी आ गयी, उसके हाथ में आइस क्यूब्स और ग्लास भी थे...
"अरे, इतनी जल्दी कैसे, नीचे कोई बैठा नहीं था क्या" मैने सर्प्राइज़ होते हुए पायल से पूछा
"कौन होगा भाई. दोनो रंडिया अभी तो यहाँ से गयी, आपके अंकल आंटी कहीं कोने में सोच रहे होंगे आगे की प्लॅनिंग का.. दोनो बहने तो आप जानते ही हो... बाकी आपके मोम डॅड और मेरे स्वीट मामा मामी.. कम ऑन, कल वीकेंड है, तो आज उनकी भी कुछ प्लॅनिंग होगी ना " पायल ने आखरी लाइन शरारत भरे स्वर में कही
"हान्ंननणणन् चल अब.. पूरा दिन येई सोचती रहती है, चल पेग बना, मैं फ्रेश होके आता हूँ" मैने पायल से कहा और बाथरूम में मूह धोने चला गया..
जैसे ही मैं बाहर आया, रूम का वातावरण एक दम बदल चुका था... ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,