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मेरी सेक्सी बहनें compleet

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मैने उस एसएमएस का जवाब नहीं दिया और फिर अपनी गेम में व्यस्त हो गया.. कुछ देर बाद जब नींद आने लगी, तब मैं नीचे गया और अपने लिए कॉफी बना के पीने लगा.. क्यूँ कि अभी सिर्फ़ सुबह के 4.15 ही हो रहे थे, मैं फिर अपने रूम में गया और कॉफी के साथ सिगर्रेट भी लेने लगा... नींद आ रही थी, पर मुझे जागना था... पता नहीं क्यूँ, बस मैं जागना चाहता था.... कॉफी के बाद 2 सिगर्रेट ख़तम करके टाइम देखा तो अभी सिर्फ़ 5 ही बज रहे थे... मैं झट से फ्रेश हुआ, और शॉर्ट्स पहन के पास नज़दीकी पार्क में वॉक के लिए गया.. एक घंटे की वॉक के बाद, मुझे मिस्टर तिवारी दिखाई दिए...

"तिवारी जी... नमस्ते...." मैने उनके पास जाके कहा

"अरे आप... यहाँ, राज जी बोलिए.." तिवारी जी ने मुझे देख के कहा

हमने कुछ देर तक बातें की...

"जी बिल्कुल, आप 19 को आइए मेरे घर, अड्रेस ये रहा..आप पक्का पहुँच जाइए, मैं अभी आपकी सुरक्षा का बंदोबस्त कर देता हूँ.. आपके साथ यादव जी का भी ख़याल रखना है मुझे" मैने तिवारी को अपना कार्ड पकड़ाया और एरिसटॉटल को फोन किया

"हेलो.. एरिसटॉटल नींद में बोला....

"... सॉरी टू डिस्टर्ब यू, पर मेरे कुछ दोस्त हैं, उन्हे अभी पोलीस प्रोटेक्षन की ज़रूरत है.." मैने हेलो करना भी ठीक नहीं समझा उस वक़्त

"अभी.. रात के 2 बजे हैं इधर.. " एरिसटॉटल ने अंगड़ाई लेते कहा

"अबे साले... प्लीज़ समझ ना... मैं तुझे अड्रेस और आदमी की डीटेल्स टेक्स्ट करता हूँ, प्लीज़ 1 घंटे में उनके लिए बंदोबस्त कर" मैने रिक्वेस्ट करते हुए कहा

"ठीक है... मैं अभी मेरे नीचे सब इनस्पेक्टर है, उसको फोन करता हूँ, मिस्टर वीरानी के बेटे ने कहा है तो कुछ ज़रूरी होगा.... आंड वो केस की डीटेल्स हैं मेरे पास.. एविडेन्स लेके मैं आ जाउन्गा कल तक.. ऐज कमिटेड मैन 19थ को इंडियन टाइम के हिसाब से वहाँ दोपहर को तेरे घर आ जाउन्गा..." एरिसटॉटल ने फोन रखते हुए कहा

मैने तुरंत एरिसटॉटल को तिवारी का अड्रेस एसएमएस किया और उसका मोबाइल नंबर भी.... और साथ ही में ये भी लिख दिया कि एक और आदमी है उसकी डीटेल्स कुछ देर में भेजता हूँ... एरिसटॉटल को एसएमएस करके मैं तिवारी को बोला

"मिस्टर तिवारी.. डोंट वरी, आप घर जाइए, आपके पहुँचने से पहले वहाँ पोलीस होगी आपकी सुरक्षा के लिए, और हां काम से 19थ जुलाइ तक छुट्टी ले लीजिए.." कहके मैं तिवारी से अलविदा ली और अपने घर निकल गया... तिवारी से बात करते करते 7 बजने आए थे... मैं जल्दी से जल्दी घर पहुँचा, जैसे ही मैं घर पहुँचा तो मोम ने कहा

"इतने भीगे क्यूँ हो पसीने से.... और अचानक आज वॉक क्यूँ..." मोम ने टवल पकड़ाते हुए कहा

"थॅंक्स मोम.. आज बस ऐसे ही फ्रेश एर खाने का दिल हुआ.. आप प्लीज़ चाइ दीजिए, आइ नीड टू गो आउट" कहके मैं अपने रूम में गया और फ्रेश होने लगा.. जैसे ही बाहर आया मैने ललिता को एसएमएस किया

"तिवारी को बुला लिया है मेडम... प्रसाद का अड्रेस और यादव जी का मोबाइल नंबर एसएमएस करें प्लीज़.."

ललिता को एसएमएस करके मैं नीचे गया जहाँ मम्मी कुछ तैयारियों में लगी हुई थी... बार बार अपने घर पे नज़र घुमा रहा था तो चक्कर सा आ रहा था.. इतनी सजावट, इतनी बतियां, ये सब वेस्ट जाएगा, कितने पैसे वेस्ट होंगे.... उससे कहीं ज़्यादा दुख मोम दाद को होगा, वो तो पूजा को कितना अच्छा समझ रहे हैं.. अरे पूजा क्या, इधर पापा जिन्हे अपना भाई मानते हैं, वो बंदा उसकी बीवी ऐसे निकलेंगे, जब उन्हे ये पता चलेगा तो उन्हे कितना बड़ा धक्का लगेगा... खुदा ना ख़स्ता अगर मेरी शादी हुई और मैने जैसा सोचा है वो नहीं हुआ तो भी उनको आगे जाके दुख ही मिलने वाला है... पर उस दुख की तुलना में ये छोटा दुख सही है, पर इसका असर मम्मी पापा पे ज़्यादा ना हो इसके लिए कुछ करना पड़ेगा मुझे... तभी मेरे दिमाग़ में उनकी ऑस्ट्रेलिया ट्रिप की बात याद आई.. मैने तुरंत ज़य को फोन किया

" हां छोटू, एक बात बता, तुम लोग पेसिफिक कब जाने वाले थे.." मैने ज़य से पूछा

"भाई, ना ही ना हेलो.. ऑल वेल ना, ऑस्ट्रेलिया ट्रिप तो अभी पोस्टपोन की पापा ने, अगर वो शेड्यूल पे होती तो हम अभी वहाँ होते..." ज़य ने नींद में से उठके जवाब दिया

"ओके छोटू... चल ये अच्छा है, तो एक काम कर, तूने लीव अप्लीकेशन कितने दिन की रखी है.."

"भाई, 4 दिन की"

"उसे प्लीज़ एक्सटेंड कर, समझा, अभी कोई नाटक मत करियो इसमे प्लीज़"

 


"हां भाई, मैं समझ गया, अगर आपने अपनी शादी रुकवा दी, तो हम अगले दिन निकल जाएँगे , डोंट वरी... मेरा और मोम डॅड का पासपोर्ट मेरे रूम के लॉकर में है..." छोटू ने फोन रख दिया ये कहके..

मैं तुरंत उसके रूम में दौड़ा, उसके लॉकर से उसका बॅग निकाला जिसमे पासपोर्ट्स थे.. मैं जल्दी से नीचे आया और मोम अभी तक व्यस्त थी अपने काम में... डोमेस्टिक हेल्प को वो बहुत सारे निर्देश दे रही थी..

"मोम मैं बाहर जा रहा हूँ, डॅड कहाँ है" मैने घड़ी पहनते पूछा

"बेटा वो तो गेस्ट्स आने वाले थे वहाँ गये हैं, और तू कहाँ जा रहा है, इधर घर कौन बैठेगा"

"मोम, इतने लोग हैं, कोई कुछ चुरा नहीं ले जाएगा.. मैं अपने कपड़े लेने जा रहा हूँ... और डॅड ने कहा है फ्रेंड्स के साथ रहो, आप जाओ तो मुझे कॉल कर देना, मेरा कोई ना कोई फ्रेंड आ जाएगा घर बैठने.. ओके बाइ मोम" कहके मैं तूफान की तरह घर से चला गया. रास्ते में सीसीडी पे रोक के मैने सॅंडविच और कॉफी ऑर्डर कर दी.... जब तक मैं नाश्ता ख़ाता, तब तक मुझे ललिता ने मेरे एसएमएस का जवाब भी दे दिया था... यादव का नंबर मैने एरिसटॉटल को एसएमएस कर दिया, 10 मिनट में उसने जवाब दिया

"डन... प्लीज़ चेक वित फर्स्ट वन, आंड आफ्टर 10 मिनट, चेक वित सेकेंड वन... विल बी बिज़ी इन कान्फरेन्स एंटाइयर डे, बबी"

मैने तुरंत तिवारी को फोन किया और चेक किया उसके पास दो कॉन्स्टेबल और एक सब इनस्पेक्टर आया के नहीं... कन्फर्मेशन के बाद मैं सीसीडी से निकला और गाड़ी में जाके अपने मॅनेजर को कॉल किया

"गुड मॉर्निंग बॉस !!!"

"मॉर्निंग .. बोलो, रेसिग्नेशन के बाद मॅनेजर को कैसे याद किया"

"बॉस.. अभी 5 दिन में हमारी ऑल इंडिया कान्फरेन्स है राइट.. और वो पुणे में ही है ना"

"एप, बडी... तुम ही तो प्रेज़ेंटेशन देने वाले थे मेरी टीम की, वी आर स्ट्रग्लिंग आ लॉट नाउ..."

"बॉस, मैं वो प्रेज़ेंटेशन अभी भी दे सकता हूँ, आइ आम स्टिल ऑन सिक लीव ना"

"ग्रेट... सो तुम रिज़ाइन नहीं कर रहे.."

"नहीं सर... प्रेज़ेंटेशन कब है, 21स्ट को ना?"

"हां यार.. तो क्या तुम सिर्फ़ प्रेज़ेंटेशन के लिए आओगे?"

"हां सर, बिकॉज़ ऑफ यू... "

"... लेट्स मेक इट स्ट्रेट.. वेट्स कुकिंग नाउ"

"सर, जो भी लोग आएँगे वो लोग कौन्से होटेल में रुकेंगे"

"होटेल र****न में. क्यूँ"

"सर, इनका होटेल शिफ्ट करवाना है प्लीज़... "

"थ्ट्स नोट पासिबल ... अराउंड 150 पीपल फ्रॉम इंडिया, आंड तट टू फॉर 2 डेज़... सो आइ काउंट इट टू 300 पीपल फॉर आ डे.. एग्ज़िस्टिंग होटेल मुझे 8000 वाला रूम मुझे 6000 में दे रहा है.. बॉस , दा कॉस्ट ईज़ 18 लॅक्स... अगर मैं अभी शिफ्ट करूँगा , तो कौनसा होटेल मुझे डील देगा... और बिसाइड्स, वी आर ऑन दा वर्ज ऑफ क्लोसिंग दिस डील.. आंड आडमिन से अप्रूवल लेना पड़ेगा.. मे ऐज आ फाइनान्स हेड , आइ विल नोट अप्रूव दिस कॉस्ट बॉस.."

"सर, मेरी बात सुनिए,.. टोटल कॉस्ट ऑफ दिस डील वुड बी अप्रॉक्स 18 लॅक्स, टॅक्सस एक्सक्लूडेड.. राइट ?"

"यस... ट्रू"

"बॉस. इफ़ आइ गेट यू आ डील इन लेट्स सेज़ सेम अमाउंट इंक्लूडिंग टॅक्सस, ओर लेस दॅन दिस अमाउंट... हाउ मच टाइम विल यू टेक टू कन्विन्स आडमिन"

" यू नो दा प्रोटोकॉल, फाइनान्स से मैने अप्रूव किया तो आडमिन को मानना ही पड़ेगा.. बट हमारे लोंग टर्म रिलेशन्स हैं उस होटेल के साथ यार.."

"सर, रीलेशन न्यू बनाइए, और पुरानो को धीरे धीरे करके ख़तम कीजिए.. कॉस्ट बेनेफिट अनॅलिसिस कीजिए... आंड हेलो, आइ विल गेट यू दिस डील टुडे इटसेल्फ.."

", आइ होप यू आर नोट किडिंग वित मी बडी... इफ़ यू गेट मी दिस बॉस, प्रेज़ेंटेशन के बाद तुझे जितनी बोलेगा उतनी दारू पिलाउन्गा... इसमे वी विल हॅव बिग सेविंग्स"

"एप दट मीन्स, यू विल बिकम सीनियर मॅनेजर फ्रॉम युवर एग्ज़िस्टिंग पोज़िशन...."

"हाहहहा.. दट व्हाट.. चल कॉल मी जब तुझे डील मिले.. आइ विल बी देअर"

 


मेरे मॅनेजर से बात करके मैं यादव जी के पास गया... वहाँ पहुँच के देखा तो दरवाज़े पे दो कॉन्स्टेबल्स खड़े थे...

"आपके सब इनस्पेक्टर कहाँ है..." मैने उनसे पूछा

"सर पट्रोलिंग पे गये हैं, आप कौन.." उन्होने पूछा

" राजवीरानी... " मैने अपना नाम बताया , और पर्पज बताया... काफ़ी चेकिंग के बाद उन्होने मुझे यादव के घर के अंदर जाने दिया.. मैं खुश था, कि चलो ये अपना काम ठीक से कर रहे हैं

"अरे राज जी... आइए, क्या लेंगे चाइ कॉफी..." यादव ने पूछा

"नहीं यादव जी... बस आपको बोलने आया था 19 जुलाइ दोपहर 12 बजे आ जाइएगा , जगह आपको मिल चुकी होगी

"जी बिल्कुल, और सुबह से आपने ये पोलीस वाले भेजे, हमे यकीन हो गया आप पे.. आप बेफिकर रहिए, हम अपनी ज़बान से पलटेंगे नहीं"

यादव से बात करके मैं सीधा होटेल ******* चला गया.... गाड़ी पार्क करके सीधा रिसेप्षन पे जा पहुँचा..

"हाई, कॅन आइ सी मिस्टर विक्की प्लीज़" मैने रिसेप्षनिस्ट से पूछा

"ऊह.. सॉरी, बट हू आर यू"

"राज वीरानी.." मैने जवाब दिया

"मिस्टर वीरानी.. प्लीज़ वेट सम टाइम.. ही इस बिज़ी वित सम क्लाइंट्स.. वन्स फ्री आइ विल अस्क हिम टू मीट यू"

"ओके.. आइम वेटिंग इन दा बार.. प्लीज़ रिमाइंड हिम.." कहके मैं वहाँ से बार में चला गया

बार में जाके टाइम देखा तो सुबह के 11 बज रहे थे.. इतनी सुबह दारू पियूं कि नहीं, ये सोचते सोचते 15 मिनट हो गये.. बार टेंडर भी आँखें फाड़ फाड़ के देख रहा था...

"सिंगल माल्ट ऑन दा रॉक्स प्लीज़" फाइनली मैने उसे कहा

सुबह के टाइम पे मैं अकेला पीने वाला था, देख के मुझे थोड़ा सा अजीब तो लगा, बट एक पेग जाते ही ये फीलिंग गायब हो गयी, और एक के बाद एक तीन पेग नीचे गटका दिए.. वक़्त देखा तो 12 बजने आए थे... तीन पेग के बाद मैं अपने मोबाइल से खेलने लगा.. और 15 मिनट के बाद एक और पेग ऑर्डर किया....

"रिपीट प्लीज़..." मैने ऑर्डर दिया ही, कि पीछे से आवाज़ आई..

"ड्रिंक्स आर ऑन दा हाउस फॉर यू माइ फ्रेंड..."

मैने पीछे देखा तो देअर ही वाज़. ओनर मिस्टर विक्की...

"मिस्टर वीरानी.. , हाउ आर यू...." उसने अपने एक्सरे बॅन ग्लासस उतार के पूछा

"वेरी वेल विक्की... आइम कूल, व्हाट अबाउट यू..." मैने हाथ मिलाके पूछा

" यू से.. व्हाट ब्रिंग्स यू हियर.. आंड होव्स पायल," विक्की ने सीट लेते हुए पूछा

"वाइ.. यू गाइस वर सपोज़ टू .. यू नो, आइ मीन पॅच अप आइ गेस" मैने सर्प्राइज़ होके पूछा

"हाहाहा... पायल, यू नो व्हाट, शी ईज़ आ बिच.. प्लीज़ डोंट माइंड, शी ईज़ युवर सिस... बट इफ़ शी वेस्न्ट, आइ वुड हॅव साइड शी ईज़ आ पीस ऑफ ट्राश" विक्की ने अपनी आँखों में गुस्सा दिखाते हुए बोला

मैने कुछ जवाब नहीं दिया, और बार टेंडर ने मेरे ग्लास के साथ विक्की के लिए भी एक ड्रिंक बना दी

"ह्म्म्मा. सो टेल मी ब्रदर, व्हाट कॅन आइ डू फॉर यू" विक्की ने अपना सीप लेके पूछा

"विक्की.. तुम्हारे होटेल्स में कितने रूम है" मैने पूछा

"अराउंड 175... वित कान्फरेन्स रूम आंड मेनी अदर फेसिलिटीस टू यूज़ फ्रॉम" उसने जवाब दिया

"होटेल ***** हमे, ऐज इन व******ए को 6000 में पर रूम देता है, व्हाट विल यू चार्ज देम"

"हाहहहा.... व******ए वेल की तो लग गयी.. उस होटेल का जो रूम 6000 में है वो मेरे वहाँ 3000 में है फॉर कॉर्पोरेट्स"

"तो तेरे होटेल में 6000 में कौनसा रूम है"

"मेरे वहाँ 3000, 5000 आंड 7000 के रेट्स हैं फॉर कॉर्पोरेट.. हां तू डील दिलवाएगा तो 5000 वाला 4000 में दूँगा तुझे.. बोल कितने रूम्स चाहिए"

"4000 टॅक्सस इंक्लूडेड ?"

"फॉर कॉर्पोरेट्स.. यस"

"ओके.. आंड मैं तुझसे 150 रूम्स लूँ तो, व्हाट विल यू चार्ज मी"

"150 रूम्स... ब्रदर, होप तू मज़ाक नहीं कर रहा..."

"आइम सीरीयस भाई... बोल, कितने में देगा"

"अगर तूने सही में ये डील दिलवा दी ना,... 3500 फॉर यू, आंड तुझे अलग से पार्टी बॉस.. बिकॉज़ व******ए जैसी एमएनसी में एंट्री लेना इटसेल्फ ईज़ ए बिग थिंग..."

"रुक.. अभी मैं ये डील क्लोज़ करवा देता हूँ... पहले मुझे रूम्स दिखा दे ब्रो, कॉज़ सीनियर मॅनेजर से लेके बिज़्नेस हेड्स तक आने वाले हैं"

 


विक्की मुझे अपने रूम्स दिखाने ले चला.. रूम्स देख के मुझे सॅटिस्फॅक्षन हुआ, और मैने फोन करके मेरे मॅनेजर वो वहाँ बुला लिया.. जब तक मेरा मॅनेजर आता, तब तक मैने उसे हर चीज़ पे ध्यान रखने को बोला, राइट फ्रॉम फुड टू सर्विस.. 30 मिनट में मेरा मॅनेजर आ गया... मेरे मॅनेजर को मैने विक्की से मिलवाया, उससे रूम्स दिखाए... रेट सुनके तो जैसे उसका दिमाग़ खराब हो गया. उपर से पहले वाले होटेल से रूम्स एक स्टॅंडर्ड उपर थे..

"विक्की, आइम वेरी हॅपी... तूने बहुत सेविंग करवा दी बॉस.. रिज़ाइन रखने के बाद भी यू आर वेरी लायल टू मी बॉस... " मेरा मॅनेजर मुझे बोलने लगा

"सर, डोंट वरी, आप आडमिन को बात कीजिए, विक्की विल बी देअर् इन ऑफीस टुमॉरो, टू क्लोज़ दा डील... आंड सी यू अट दा प्रेज़ेंटेशन"

विक्की ने मेरे मॅनेजर से उसका कार्ड लिया, और उसके जाते ही

"ब्रो.. थॅंक्स आ लॉट... ये कार्ड नहीं, सोने के अंडे देने वाली मुर्गी है... बट बट बट.... लेट मी रीकॉल... अगर तूने रिज़ाइन दिया है तो फिर तूने उसको ये डील दिलवाई उसका फ़ायदा.. मुझे दिलवाई मेरा फ़ायदा... इसमे तेरा क्या फ़ायदा..... , कम टू पॉइंट नाउ.."

"हाहहहा... आइ लव डीलिंग वित बिज़्नेस मॅन.. चल बताता हूँ तुझे" मैं उसको वापस बार में ले गया... करीब आधे घंटे तक उसने मेरी बात सुनी और कहा

"आइ डोंट वान्ट टू बी इन ट्रबल यार... इसमे रिस्क है काफ़ी बड़ा यार.. अगर कुछ गड़बड़ हुई तो.." विक्की ने दारू पीते हुए कहा

"कुछ नहीं होगा भाई.. बिसाइड्स, होटेल तेरा है, आंड अगर कुछ हो तो आइ आम हियर ना.. और अगर ऐसा है तो लेट मी कॅन्सल दट डील फिर.." मैने अपना फोन निकाल के कहा

"हे हे.. वेट रे, क्या यार.. चल ठीक है, बट तुझे इंश्योर करना है कि कुछ गड़बड़ ना हो.."

"डन.." कहके मैं वहाँ से निकल गया... और जाते जाते विक्की को बोला

"थॅंक्स ब्रो.. तेरी ये पार्टी काफ़ी थी, हॅव आ गुड डील अहेड.."

विक्की के साथ मिलके मैने जो भी बातें की वो सब ललिता को बताई मैने...

"भाई.. उसी वक़्त या बाद में.. व्हाट्स दा डिफरेन्स, आइ मीन, यू नो..."

"नहीं, उसी वक़्त ईज़ पर्फेक्ट.. हवेवर उसका रिज़ल्ट तो उसके दूसरे दिन ही लाउन्गा मैं... यू जस्ट चिल ओके... आंड व्हेन यू कमिंग बॅक.."

"आज ही लेने आओ ना भाई, कल रात को भी इन लोगों ने बहुत पिलाई मुझे.. बहुत ज़्यादा पी तभी मुझे पूजा बोली "वेलकम टू अवर टीम.. आंड फिर वोई सब रिपीट हुआ, इस बार पायल और पूजा लेज़्बियन्स थी रूम में.. भगवान जानता है मैने कैसे कंट्रोल किया... बट अट दा एंड जो भी मुझे पता चला मैने आपको कहा..." ललिता एक ही साँस में बोल गयी

"वो तो ठीक है स्वीट हार्ट.. बट अभी तू उनकी टीम में है, आज वापस आएगी तो उनकी टीम से वो तुझे निकाल ना दें.."

"नहीं भाई... मैने अंशु से बात की, उसको कहा मैने के कल वापस आउन्गि, सब समान लेके आउ और फिर उसको कन्विन्स किया मैने.."

"कैसे.." मैने पूछा

"भाई... उसको किस करना पड़ा, और 10 मिनट तक उसके साथ..." ललिता इतना ही कह पाई

"व्हाट !! तू लेज़्बीयन बन गयी उसके साथ.." मैने शॉक में पूछा

"नहीं भाई... उसके साथ एक पॉर्न मूवी देखी, वो आगे बढ़ रही थी, और उसका पति भी मुझे टीज़ कर रहा था.. जैसे तैसे करके मैं अब बाल्कनी में आई हूँ... आप रात को आना लेने ओके.. आंड अंदर मत आना ओके.. खाना बाहर ही खाएँगे हम.." चलो बाइ

ललिता से बात करके मैं नज़दीकी मॉल में गया.. शादी के कपड़े लेना तो नहीं चाहता था बट फिर भी मैने पूजा को एसएमएस किया

"व्हाट कलर आर यू वेअरिन्ग इन वेड्डिंग..."

"व्हाट डिफरेन्स इट मेक्स.. यू डोंट टॉक टू मी नाउ, यू डोंट लाइक मे.. लेट इट बी, पर्चेस वॉटेवर यू वान्ट टू" उसका जवाब आया

 


जवाब पढ़के तो पहला ख़याल मन में आया (भैनचोद ड्रामेबाज़... मगज की मा चोदना बंद कर अब, और सीधे जवाब दे ) बट कंट्रोल किया और उसे कॉल किया... पहली बार उसके साथ कॉल 1 घंटे से ज़्यादा चला तभी जाके वो मानी..

"फ्यू !!!! प्लीज़ शो मी सम्तिंग टू वेअर इन वेड्डिंग .. कलर वुड बी ब्लॅक, ब्लू" मैने अटेंडेंट से कहा

करीब 3 घंटे के ट्राइयल्स के बाद एक सूट, एक इंडो वेस्टर्न लिया... जूते ढूँढने में करीब एक घंटा और.... चार घंटे और 40,000 रुपीज़ वेस्ट... फॉर नतिंग... सोच के ही ऐसा हो रहा था अभी जाउ और भैनचोद पूरे खानदान को बॉम्ब से उड़ा दूं.. खैर शाम के 7 बज रहे थे, मैं माल में बने जूस सेंटर में जूस पीने गया और 7.30 बजे वहाँ से ललिता को लेने निकला... बीच बीच में मैने मोम डॅड दोनो से बातें भी की, और ध्यान रखा कि घर पे सब ठीक है... मेरे एक दोस्त जो मेरे करीब ही रहता है उसको भेज दिया था घर पे, ही हेल्प्ड आउट मोम.. सो दट वाज़ नो प्राब्लम.. 1 घंटे के बाद मैं अंशु के घर के बाहर पहुँचा... जैसे ही मैं पहुँचा

"थॅंक गॉड डार्लिंग यू आर हियर.... लेट्स गो आउट प्लीज़"

"थॅंक गॉड डार्लिंग. यू अरे हियर, टेक मी आउट हियर.. आइम चोकिंग हियर.." पायल गेट के पास से आती हुई बोली

"व्हाट कॅन आइ डू इन दिस.. तू ही यहाँ आई थी, मैं थोड़ी लाया.. और वैसे भी आइ हॅव सम कमिटमेनट ओके.. सी यू लेटर प्लीज़.." कहके मैने ललिता को कॉल लगाया और उसे बाहर आने को बोला.. ललिता को आने में 10 सेकेंड भी नहीं लगे, और वो गाड़ी में बैठ गयी... पायल गेट के पास खड़ी ये सब देख रही थी... जैसे ही मैने गाड़ी स्टार्ट की,

"पायल.. वुड यू प्लीज़ माइंड जाय्निंग अस फॉर आ डिन्नर" ललिता ने पायल को इन्वाइट किया

"नो.. यू गाइस कॅरी ऑन, सीम्स सम वन ईज़ ऑलरेडी ऑक्युपाइड आ लॉट" पायल ने ललिता को मेरे लिए कहा

"ओह कम ऑन.. देअर ईज़ लॉट ऑफ रूम इन हियर, आइ इन्सिस्ट प्लीज़ डियर..." ललिता गाड़ी से बाहर उतरी और पायल को गाड़ी में ले आई

पायल, मैं और ललिता चल दिए व****न नगर में बने स**प ग्रिल आंड बार में... वो मेरी फेव प्लेस थी खाने और पीने के लिए.... जब तक हम पहुँचते मैने कोशिश की पायल पे ज़्यादा गुस्सा ना होऊ और नॉर्मल बातें की... हम पहुँचे और हमने एक कॉर्नर टेबल ले ली..

"एक्सक्यूस मी... मैं वॉशरूम होके आती हूँ.." ललिता कहके वहाँ से उठ गयी

ललिता के जाते ही,

"व्हाट्स दा फूसस ऑल अबाउट हाँ भाई... वाइ सो मच आटिट्यूड" पायल ने मुझे घूरते हुए पूछा

"यू आस्किंग.... मेरी शादी होने वाली है जिस बंदी से तू जानती है सब कुछ उसके बारे में, आंड बिसाइड्स व्हाट आर यू डूयिंग... तू आके उसके घर में रहती है, उसकी मदद करती है तैयारियों में... और इधर तेरा भाई अकेला है... आंड यू ब्लडी आस्किंग व्हाट्स दा फूसस अबाउट हाँ..." मैं इरिटेट होके बोलने लगा.... जब पायल जवाब देना चाह रही थी, तब मैने फिर बीच में उसे कट किया

"आंड व्हाट वाज़ दट शिट हाँ... मैं तो लड़के वालों से हूँ.. आइ मीन, यू ईवन डुन्नो दोज़ पीपल, आंड देअर युवर, तुम मा बेटी उसके घर में बैठे हो फॉर नो फक्किंग रीज़न.. तुम्हे हमारे घर होना चाहिए, व्हाई दा हेल यू गाइस स्टेयिंग देअर... जस्ट बिकॉज़ उनके पास कोई नहीं है तो तुम चले गये.. धर्मशाला है उनका घर भैनचोद, और तुम लोग सेवक हो वहाँ के... बिना किसी रीज़न के मूह उठाके चले गये वहाँ हाँ... क्लीन युवर शिट ऑलराइट, आंड देन आस्क मी व्हाट दा फक्किंग फूसस ईज़ ऑल अबाउट..."

मैने पायल से ऐसी बात आज तक नहीं की थी... भगवान का शुक्र है कि हमारे आस पास कोई नहीं था, नहीं तो गान्ड लग जाती.. उपर से लड़की के सामने गालियाँ बोल रहा था, उसके अलग नाटक होते... पायल ने मुझे चुपचाप सुना , फिर जब उसने मूह खोला, तब मुझे फोन आया... मैने बिना स्क्रीन पे देखे आन्सर किया

" आइ विल प्लीज़ कॉल यू लेटर.." कहके मैं जैसे ही फोन कट कर रहा था सामने से "हेलो हेलो" चिल्लाने की आवाज़ आई

"हेलो... हेलो"

"भाई, इट्स मी ओके.. क्या बाद में कॉल करता हूँ, आंड प्लीज़ पायल पे मत चिल्लाओ, उसको शक़ ना हो हम पर... थोड़ा गुस्से पे कंट्रोल करो प्लीज़... और उसकी फेव ब्रांड दारू मँगवाओ..." ललिता ने सामने से कहा

 


"ओके डॅड.. आइ विल डू दट, एनितिंग एल्स... ना ना, मैं पायल के साथ हूँ, .. हां वो है ही मेरी फॅवुरेट सिस..." मैने जान बुझ के पायल को सामने देखते हुए कहा... "ओके डॅड.. बाइ, सी यू सून" कहके मैने फोन रखा, और सबसे पहले पायल की फेव सिंगल माल्ट ऑर्डर कर दी.... जब तक टेबल पे दारू आती, तब तक एक दम साइलेन्स था....

"आह दा स्कॉच ईज़ हियर.." मैने वेटर को देखते हुए कहा

"सर... सिंगल माल्ट ऑन दा रॉक्स..." कहके वेटर वहाँ से चला गया

जैसे ही वो गया, मैने पायल को देख के कहा

"प्लीज़ स्पीक नाउ..." एक दम धीरे से

"यू नो व्हाट भाई... युवर दा बिग्गेस्ट डंब आइ हॅव एवर सीन.. मैं उनके घर गयी थी, क्यूँ कि मैं जानना चाहती थी उनकी प्लॅनिंग के बारे में... वैसे भी आपकी मदद कौन कर रहा है मेरे अलावा हाँ.. कॅंट यू सी, मैं उसके घर हूँ तो कोई रीज़न तो होगा ना..." पायल ने अपनी बात बनाते कहा.. शायद इतनी देर उसने सोचने में लगाई, उसको यही रीज़न मिला

"तो क्या मिला तुझे... कैसे रोकें हम शादी को..." मैने अपना ग्लास उठाते हुए पूछा

"शादी रोकूंगी मैं.. पर अब तक कुछ ख़ास नहीं मिला, टाइम वेस्ट है इधर.. मा बेटी बहुत चालाक हैं" कहके पायल ने अपना ग्लास उठाया और एक ही झटके में नीचे उतार दिया... तब तक ललिता भी टेबल पे वापस आ गयी...

"लुक्स लाइक यू गाइस आर हॅविंग वन नाइट हियर हाँ.... एक्सक्यूस मी, थ्री सिंगल माल्ट ऑन दा रॉक्स प्लीज़.." ललिता ने चिल्ला के वेटर से कहा

"तू इतनी देर वॉशरूम में क्या कर रही थी,,, तबीयत तो ठीक है ना.." पायल ने ललिता से पूछा

"हां, आइम फाइन, जस्ट कुछ फालतू खा लिया उसका ही एफेक्ट" कहके ललिता ने बात टाल दी

इस बात के बाद, हमने 2-2 पेग और मारे, और खाना ऑर्डर कर दिया... खाना ऑर्डर करके हम फिर बातों में लग गये, शादी की , पूजा की, और बाकी सब की.... बीच में मैने चेक किया मोम डॅड से फोन पे.. घर पे सब कुछ ठीक था... खाना ख़ाके हम वहाँ से निकले , और वहाँ से निकलते ही पायल ने गाड़ी में डाटिंग चालू कर दी.... लाउड म्यूज़िक, टॉप ऑफ दा वाय्स शाउटिंग.. खिड़की से बाहर निकल के हवा को महसूस करना...

"इसको लग गयी है शायद... जल्दी चलाओ" ललिता ने बॅक्सीट से झुक के मुझे कान में कहा

मैने गाड़ी की स्पीड थोड़ी तेज़ कर दी और जल्दी से जल्दी अंशु के घर पहुँच गया... अंशु के घर पहुँच के ललिता उसे अंदर छोड़ आई और खुद वापस मेरे साथ घर की ओर चल दी...

"जब ये कंट्रोल नहीं कर सकती, तो इतना पीती क्यूँ है..." ललिता ने इरिटेट होके कहा

"ड्रामा क्वीन डार्लिंग.. इसको बिल्कुल नहीं चढ़ि थी, इसकी केपॅसिटी तो मिनिमम 7 पेग्स हैं.. 8थ से इसको लगती है.." मैने गाड़ी आगे बढ़ाते हुए कहा

"ओह... बिच.. एनीवेस, कल प्रसाद के पास चलना है राइट.. और इतनी शॉपिंग क्यूँ की, पैसा वेस्ट है सब वैसे भी.." ललिता ने पीछे रखे कपड़ों और जूतों को देख के कहा...

"कल प्रसाद के घर कब चलें.. और कपड़े लेने पड़े यार, मोम डॅड को क्या बोलूं.. और तेरे लिए भी कुछ लाया हूँ.. सर्प्राइज़ मस्त" मैने ललिता को आँख मारते हुए कहा

"आइ लव सरप्राइज़स डियर...." ललिता ने हंस के कहा

बातें करते करते हम घर पहुँचे.. घर को देख के ललिता ने कहा

"ब्यूटिफुल... बट आ वेस्ट"

"ओके भाई, आगे का क्या सोचा है, हमे तो सब पता है पर अंकल आंटी को जब पता चलेगा, दे विल बी ब्रोकन.." ललिता ने क्न्सर्न दिखाया

"थॅंक्स स्वीट हार्ट फॉर दिस थॉट.. मैने सब सोचा है, 18 को ज़य आएगा, 19 को ये सब ओवर.. 20 को मोम डॅड ऑस्ट्रेलिया के लिए निकलेंगे ज़य के साथ... इनफॅक्ट मैने आज पासपोर्ट्स भी ले लिए उनके.... ओह नो यार..." मैने बीच में इरिटेट होके कहा

"अरे, व्हाट हॅपंड, गुड प्लान है ये तो" ललिता ने कहा

"अरे नोट दट... आज उनके पासपोर्ट्स तो ले लिए, बट ट्रॅवेल एजेंट के पास नहीं गया यार.. भूल गया " मैने गाड़ी में से पासपोर्ट्स निकाल के दिखाए ललिता को

"चिल भाई.. कल पहले प्रसाद के पास चलेंगे, फिर ट्रॅवेल एजेंट के पास ओके..." ललिता ने घर के अंदर जाते हुए कहा

 


हम घर के अंदर गये, तो मोम लॉन में ही खड़ी थी, घर को देख रही थी बाहर से... उनके साथ डॅड, शन्नो और विजय भी थे...

"अरे बेटे आओ... और ललिता, तुम यहाँ कैसे.." शन्नो ने उसे गले लगाते हुए पूछा...

"मोम, सामान तो लिया ही नहीं था अपना ज़रूरी मैने.. इसलिए अभी लेके, कल शाम तक वहाँ जाउन्गि.." ललिता ने शन्नो से अलग होते हुए कहा

"बेटे कल वहाँ जाएगी फिर 17थ को इधर, अब इधर ही रह जा... पायल और माया उधर गये हैं ना, तो एनफ हैं" मोम ने ललिता को अपने पास खींचते हुए कहा

"माया और पायल उधर... क्यूँ भला, ये कब हुआ, मुझे बताया क्यूँ नहीं पहले" डॅड ने मोम से कहा

"भाई साब, मैने माया से कहा, कि वो वहाँ चली जाए, क्या है कि उनके घर में कोई है नहीं उनकी मदद के लिए, अब हमने उन्हे वक़्त ही इतना कम दिया कि तैयारियों के लिए उन्हे किसी की तो ज़रूरत होगी... इसलिए मैने उन्हे कहा, वरना वो तो मना ही कर रहे थे.." विजय ने पापा को बोला

(हां भोसड़ी के.. तेरी साली की चूत जो मिलती है लंड के बाल साले... उसकी गान्ड में ही घुस जा पूरा जा.) मैं मन में सोचने लगा

"ठीक है, बट माया को बताना चाहिए था मुझे.. एनीवेस, और .. कपड़े लिए कि नहीं... चलो दिखाओ मुझे क्या लिया है" कहके डॅड मुझे वहाँ से लिविंग रूम में लाए और मेरे कपड़े देखने लगे

"प्राउड ऑफ यू माइ बॉय.. दिस ईज़ कॉल्ड चाय्स, सटल आंड रिच... ग्रेट" डॅड ने मेरे सूट को देखते हुए कहा

"डॅड, आपके और मोम के कपड़े कहाँ है..." मैने रूम में नज़र घूमाते हुए पूछा

" बॉय, वी हॅव नो टाइम.. आज पूरा दिन गेस्ट्स में निकला, उन्हे सामान देना था शगुन का, मिठाइयाँ, पूरा दिन उसमे ही निकला है..." डॅड ने थकि हुई आवाज़ में कहा

"नतिंग डूयिंग डॅड..कल आप और मोम और हम सब शॉपिंग पे चलेंगे ओके.. ललिता विल ड्राइव अस देअर.." मैने डॅड को कहा

"ओके बॉय.. अब तुम ही हो सब कुछ भाई.. कल चलेंगे, डन, कितने बजे पर" डॅड ने पूछा

"उः.. नून, अट 1, ओके वित यू ?" मैने कन्फर्म किया डॅड से..

"ओके जी.. पर ललिता क्यूँ ड्राइव करेगी, कल हमारी न्यू कार में चलेंगे, आपके बर्तडे गिफ्ट में जो दी थी... ड्राइवर ले चलेगा आंड वी ऑल विल सीट बॅक आंड रिलॅक्स ओके.. चलो गुड नाइट नाउ..." कहके डॅड वहाँ से उठके फिर लॉन में गये और बाकी सब को भी चलने के लिए बोला

जैसे ही मैं और ललिता उपर जा रहे थे,

".. ललिता, कम हियर बेटा..." डॅड ने हमे बुलाया

"यस अंकल.... क्या हुआ डॅड" ललिता और मैने एक साथ उन्हे बोला

"बेटा आगे से स्कॉच के बाद मिंट ले लिया करो... वैसे कौनसी ब्रांड थी" डॅड ने हमे मस्ती में पूछा

ललिता जवाब देने से रही, मैने कहा

"जॅक डॅनियल्ज़ डॅड... 16 यियर्ज़"

"देअर यू गो... यू हॅव आ ग्रेट टेस्ट सन.. कल का लंच भी फिक्स अपना" आँख मारके डॅड चले गये अपने रूम में

डॅड के जाने के बाद ललिता को मैने हमारा कल का प्रोग्राम बताया..

"वाउ... बट नाउ शो माइ सर्प्राइज़.. जल्दी से" कहके ललिता दौड़ दौड़ के रूम में चलने लगी

"ललिता तेरा सर्प्राइज़ कुछ ऐसा है..." मैं ललिता को फोटो दिखाते हुए कहा...

"वाउ भाई.. लव्ली वन पीस.. आइ वांटेड दिस बॅड्ली, अब आक्चुयल तो दिखाओ"

"थॅंक गॉड तुझे मेरी चाय्स पसंद आई.. हियर इट ईज़.." मैने ड्रेस देते हुए कहा

"थॅंक्स भाई... वाउ... सेम कलर, सेम डिज़ाइन... थॅंक्स आ लॉट भाई.. आइ लव यू.. म्व्वहाह्हह्ह" ललिता ने मेरे गालों पे एक किस दी

"भाई, ट्राइ करके दिखाऊ.. वेट हाँ," कहके ललिता मेरे कमरे बने बाथरूम में चली गयी.

 


तब तक मैने भी अपनी जीन्स उतार के, शॉर्ट्स पहन लिए और बेड पे बैठ के सुस्ताने लगा थोड़ा... बहुत थकान हो रही थी, पूरा दिन भाग दौड़, होप सो जो भी सोचा है वो हो... नहीं तो पता नहीं क्या होगा.. ये सब सोच ही रहा था कि डोर अनलॉक होने की आवाज़ से मेरी आँख खुली और कुछ सेकेंड्स में ललिता मेरे सामने खड़ी हुई

"हाउ डू आइ लुक भाई.." ललिता ने कहा

"एंजल.. स्वीट हार्ट, प्रिन्सेस लग रही है डियर... ये देख" कहके मैने ललिता को शीशे के सामने खड़ा किया

"लव्ली गिफ्ट भाई... थॅंक्स आ लॉट... बट वन मोर थिंग.... इतनी एक्सपेन्सिव क्यूँ ली.. " ललिता ने अपना चेहरा मेरी तरफ घुमा के पूछा

"अरे इसमे क्या हुआ, आंड ज़रूरी थोड़ी है कि शादी में पहने, शादी के अलावा भी पहन सकती है तू...." कहके मैं भी अपने बेड पे आ गया और ललिता अब सामने खड़ी थी..

"ओके भाई... अब फाइनल थिंग, सब डन है ना अपने एंड से.. वी आर नोट फर्गएटिंग एनितिंग राइट" ललिता ने बेड पे बैठ के कहा

"ललिता... येस, वी आर फोरगेट्टिंग वन पर्सन...." मैने ललिता की आँखों में देखते हुए कहा

"कौन भाई.. सब तो हैं.. किसको भूल गये , गिव मी सम क्लू" ललिता ने अपनी उंगलियों पे काउंट करना चालू किया

कुछ सेकेंड्स के बाद मैने उसे कहा

"यू, यू हेट हिम दा मोस्ट ललिता..."

"भाई.. फर्गेट इट, आइ आम इन नो मूड टू डिसकस हिम ऑलराइट... इट्स बीन 6 मंत्स, मैने उसके साथ बात की हो.. " ललिता ने अपना मूह फेरते हुए कहा

"बट बेब, कम ऑन आफ्टर ऑल ही ईज़ युवर...." मैने इतना ही कहा, कि ललिता ने अपना चेहरा मेरी तरफ घुमाया और कहा

"वॉच इट भाई.. ही डज़ नोट डिज़र्व्स टू बी अटॅच्ड टू मी ऑर एनी पार्ट ऑफ माइ फॅमिली..." कहके ललिता बाथरूम में फिर चेंज करने चली गयी

ललिता के जाते ही, मैं फटाफट ललिता के रूम में गया, और उसका वॉर्डरोब ड्रॉयर सर्च करने लगा... फाइनली उसके वॉर्डरोब से मुझे कुछ मिला जो मुझे चाहिए थे....

"सो यू आर हियर..." मैने उस चीज़ को पकड़ के अपने पॉकेट में रखा और अपने रूम में गया

"कहाँ गये थे, " ललिता बाहर आ चुकी थी

"पानी पीने, " मैने कहा

"बट हियर ईज़ दा बॉटल.." ललिता ने मुझे बॉटल पकड़ते हुए कहा

"इसलिए आधी सीडीयों से वापस आया.." मैने पानी पीके कहा

"अच्छा, आइ फर्गॉट टू अस्क, एरिसटॉटल से क्या बात हुई तेरी..." मैने ललिता से पूछा

"कुछ नहीं भाई.. बात नहीं की, फोन ही नहीं किया तो" ललिता ने डिसपायंटेड लुक्स देके कहा

"तो अभी कर ले ना स्वीट हार्ट..." मैने उसको मेरा फोन देते हुए कहा

"नहीं, भाई क्या कहूँगी उसको.. अजीब लगेगा, ऐसे अचानक फोन करना.. हां बट सच्ची में दिल से बहुत इच्छा थी कि बात करूँ उसके साथ, बट कर नहीं पाई" ललिता ने इस बार एक स्माइल से कहा

"अरे वाह मेरी जान... तो लड़का फाइनल कर दूं बोल तो" मैने सीधे पूछ डाला..

"बट वो क्या चाहता है, उसकी क्या फीलिंग्स हैं वो कैसे पता करूँ..." ललिता ने अपने नाख़ून चबाते हुए कहा

"रुक..." मैने ललिता से कहा, और उसके फोन पे कॉल किया

"मेरे ही सेल पे क्यूँ कॉल कर रहे हो भाई.." उसने अपना फोन देखते हुए कहा

"तू आन्सर तो कर जानेमन.." मैने उसे इन्सिस्ट किया

"ओके.. हेलो अब बोलो" ललिता ने कॉल आन्सर किया

 


"अब रुक, कुछ मत बोलना, सिर्फ़ सुनना" कहके मैने एरिसटॉटल को कान्फरेन्स कॉल किया

कुछ सेकेंड्स की रिंग के बाद एरिसटॉटल ने कॉल आन्सर किया

"हां , बताओ.." एरिसटॉटल ने पूछा

"अरे तू बता, कैसा है, और सब ठीक है ना... यू आर सेफ राइट" मैने बातें स्टार्ट की

"हां , आइ आम सेफ, तू बता, हाउ आर यू.. और घर पे सब ठीक.. "

"हां भाई, मोम डॅड ठीक हैं, अंकल आंटी ठीक हैं"

"अच्छा... और....."

"और क्या बे, बस तू बता, ज़ुरी कैसा है, कैसी रही आज की कान्फरेन्स"

"इट वाज़ गुड, ज़ुरी बहुत सुंदर है.. यहाँ तो बीवी के साथ आने का, बहुत ही बढ़िया जगह हैं"

"तो तू क्यूँ अकेला गया, बीवी को ले जाता"

"नहीं यार, शादी नहीं हुई तो कैसे लाउ... अच्छा, उः... वैसे, उः हुहन.... ललिता जी कैसी हैं"

(फाइनली यू ब्रोक दा आइस ड्यूड... मैने सोचा)

"शी ईज़ फाइन.. वाइ डू यू आस्क"

"नहीं, उस दिन तो वो बहुत चिंता में थी, सो यू नो.. जस्ट कॅष्यूयली आस्क्ड"

"उह हुह साले.. अच्छे से जानता हूँ तुझे, पर मेरी बहेन है.. अब क्या करेगा तू"

"वो तो है भाई, मैने जस्ट पूछा"

"हां तो ये क्यूँ पूछा.. सीधा सीधा पूछ लेता ना कि वो तुझसे शादी करेगी कि नहीं"

"हां वोई तो पूछना था पर...." इतना कहके एरिसटॉटल रुक गया

"नहीं , नतिंग लाइक दट, तू मज़ाक मत कर अब"

"अबे , रहने दे, आइ नो यू... आजा ज़ुरी से , आइ विल अरेंज सम थिंग फॉर यू.. आंड मेक शुवर तू अपने साले को भी खुश रखे.. चल बाय.." कहके मैने फोन कट कर दिया

फोन के बाद ललिता का चेहरा एक दम लाल हो चुका था, वो शर्मा रही थी या उसके बारे में सोच रही थी समझ नही आया

"हॅपी माइ डार्लिंग" मैने स्नॅप करते हुए पूछा

"ओह्ह्ह.... येस्स्स्स.. वेरी वेरी हॅपी भैया...लव यू वेरी मच" कहके ललिता फिर मेरे साथ गले लगी और आज फिर मेरे रूम में सोई.. हम दोनो आज बेड पे ही सोए थे, बट डिस्टेन्स था....

सुबह सुबह ललिता ने जल्दी उठा लिया मुझे

"भाई, गेट अप... जल्दी जाना है हमे, प्रसाद के पास टाइम बहुत कम है चलो" कहके ललिता मिरर के सामने बाल बनाने लगी...

"हां यार, सोने दे प्लीज़, अभी 8 ही बजे हैं" मैने घड़ी देखते हुए कहा

"वो बंद है, 9 बजे हैं, चलो, अंकल के साथ भी 1 बजे जाना है ना" ललिता वहीं से चिल्लाने लगी

"व्हाट !!!" कहके मैं उठा और नहाने चला गया सीधा.. जल्दी से नहा के और फ्रेश होके, मैं कपड़े पहन के नीचे चला गया जहाँ कुछ रिश्तेदार बैठे थे.. सब से इंट्रो और बातें करने में 1 घंटा और निकल गया, सुबह के 10.30 बजे और हम अभी तक घर में

"व्हाट आ लव्ली स्टार्ट टू दा डे" मैने ललिता को एसएमएस किया

"यू स्लीप सो मच.. बीअर इट नाउ, आइ कॅंट हेल्प इट" ललिता ने रिश्तेदारों के नाम पे कहा

 
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