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मैं और मेरा परिवार

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825

मैं ने चाची को नीता बुआ का गिफ्ट दिखाया.

सीमा चाची ने तो मुझे कपड़े पहन कर दिखाने को कहा

सीमा चाची के सामने किस की चलती है. मैने उनको नयी ड्रेस पहन कर दिखाई

छोटी चाची को मेरा मोबाइल दिया .और उसमे पासवर्ड सेट करके चाची को बता दिया.ताकि उनका मोबाइल सेफ रहे

फिर ऐसे बच्चों और चाची के साथ बैठ कर खेलने लगा बाते करने लगा.

फिर चाचा के आते हम ने खाना खा लिया और अपने अपने कमरे मे चले गये .

चाची के सोते मैं अपने कमरे मे जाकर सोने की कोशिस करने लगा.

पर दोपेहर मे सोने से नींद नही आ रही थी.

क्या करूँ ,क्या करूँ विद्या को फोन करता हूँ.

विद्या के होते हुए मैं इतना बोर कैसे हो सकता हूँ.

विद्या को बुलाता हूँ.

मेरा शरीर भी अकड़ रहा है ,विद्या को कहता हूँ थोड़ी मालिश कर दे .

ये सही रहेगा ,विद्या को बुलाता हूँ मैं ने विद्या को फोन किया.

अवी-विद्या

विद्या-अवी क्या बात है इतनी रात को कॉल क्यूँ किया

अवी-तुम्हारी याद आ रही थी.

विद्या-आ जाउ

अवी-हाँ आ जाओ ,पर तेल लेकर आना

विद्या-तेल ,तो क्या तुम

अवी-लेकर तो आओ फिर बताता हूँ. और हा चाची को देख कर आना

विद्या-अभी आई.

और मैं ने फोन कट करके अपना टीशर्ट निकाल दिया और गेट खोल कर विद्या का इंतज़ार करने लगा

विद्या 2 मिनिट मे तेल लेकर आ गयी.

और गेट बंद करके मेरे पास आ गयी

अवी-ले आई तेल

विद्या-हाँ ,पर तुमने तो कहा था कि हम घर मे नही कर सकते

अवी-क्या नही कर सकते

विद्या-अनल सेक्स

अवी-तुम सेक्स के बारे मे सोच रही हो. मैं ने तुम्हें यहाँ किसी और काम से बुलाया है

विद्या-किस लिए

अवी-मेरे शरीर की मालिश करने

विद्या-मुझे लगा था कि. लेट जाओ मैं मालिश कर देती हूँ

अवी-तुम्हें लगा मैं ने सेक्स करने को बुलाया है

विद्या-हाँ,तेल लाने को कहा जिस से ऐसा लगा

अवी-तुम्हारी ग़लती नही है ,ये सेक्स होती ही ऐसी चीज़ है कि उसके सिवा कुछ सूझता नही.

विद्या-सही कहा. पर मैं कंट्रोल कर लूँगी

अवी-ये अच्छी बात है. वैसे हम ने उस दिन के बाद किया नही.

विद्या-तुम ने आराम करने को जो कहा था.

अवी-आराम हो गया ,तुम पहले मेरी मालिश कर दो फिर मैं तुम्हारी मालिश करूँगा.

विद्या-सच

अवी-हाँ, तुम्हारी सेवा करने मे मज़ा आता है.

विद्या-तुम्हें मेरे साथ मज़ा आता है ये सुन कर मुझे अच्छा लगा.

अवी-करके और भी अच्छा लगेगा. अपनी कमीज़ निकाल दो
 
विद्या ने कमीज़ के साथ अपनी सलवार भी निकाल दी. ब्रा विद्या ने पहनी नही थी पर पैंटी पहन रखी थी.

विद्या की पैंटी पे एक होल दिख रहा था.

अवी-ये होल कैसे हो गया

विद्या-वो फट गयी ,सुखाने डाली थी तो ग्रिल मे लटक कर फट गयी

अवी-तो फेक देती, दूसरी पहन लेती

विद्या-एक तो उस होटेल मे रह गयी और बाकी की दोनो डली थी.

अवी-मैं खरीद दूँगा .

विद्या-रहने दो है मेरे पास

अवी-जैसा तुम ठीक समझो ,शुरू करो मेरी मालिश

और विद्या मेरे शरीर की मालिश करने लगी.

विद्या के मालिश करने से मुझे अच्छा महसूस होने लगा.

विद्या की मालिश का इनाम मैं ने उसकी चूत की मालिश करके दिया.

बिना आवाज़ किए धीरे धीरे प्यार से विद्या की चूत की मालिश की

विद्या अपनी मालिश से खुश हो गयी.

विद्या की ऐसी चुदाई करता रहूँगा तो वो खिल उठेगी.

विद्या कितने कम समय मे मेरे घर का एक हिस्सा बन गयी थी

विद्या से चाची को भी लगाव हो गया था.

सीमा चाची तो विद्या के साथ ही रहने लगी

विद्या के साथ चुदाई करने के बाद हम थोड़ी देर ऐसे एक दूसरे के बाहों मे लेटे बाते करते रहे

फिर विद्या अपने कमरे मे चली गयी और मैं आराम से सो गया.

अगले दिन स्वेता दीदी और सीतल दीदी भी एग्ज़ॅम दे कर आ गयी.

स्वेता दीदी का अब बस एक साल बाकी था तो सीतल दीदी के 2साल बाकी थे.

पर अगले साल स्वेता दीदी और सीतल दीदी की शादी होने वाली है.

स्वेता दीदी के आते ही हम फिर से सभी भाई बहन मिल कर अपना समय बिताने लगे.

स्वेता दीदी ने राजेश को देखते उसकी दिल भर के तारीफ की

सीतल दीदी ने तो राजेश की काफ़ी खिचाई ली.

पूनम दीदी स्वेता दीदी के साथ नही आई ,वो अपने लिए एक जॉब ढूँढने मे लगी थी

पूनम दीदी की पढ़ाई पूरी हो गयी थी वो शादी करने से पहले कुछ साल जॉब करना चाहती थी.

हम कभी स्वेता दीदी के घर मे तो कभी कविता के तो कभी लीना के घर मे मस्ती करने लगे.

विद्या भी अपना काम जल्दी ख़तम करके हम सबके साथ मिलकर मस्ती करने लग जाती.

स्वेता दीदी के आने की खबर सुनते रानी भी उनसे मिलने आ गयी.

पूरी गॅंग मिलते ही हम उस रात काफ़ी देर तक मस्ती करते रहे ,खेलते रहे बाते करते रहे

पूनम दीदी आ जाती तो हमारी गॅंग पूरी हो जाती पर उनके ना आने से हम सब ने उनको फोन करके उनकी कमी के बारे मे बताया.

पायल भी ठाकुरजी से इजाज़त लेके उस्दिन स्वेता दीदी से मिलने आ गयी थी.

पायल ने सबके सामने मुझसे नॉर्मल तरीके से बात की

पायल रानी उस्दिन हमारे घर पे ही रुकी ,जिस से हम देर रात तक छत पर हँसी मज़ाक करते रहे.

बुआ हमे एक साथ देख कर खुश हो गयी.

दिन भर भाई बहनों के साथ वक्त बिताने के बाद रात मे पढ़ाई करके सो जाता

किसी दिन विद्या की चुदाई करके उसको हल्का कर देता

तो पायल से कार सिखा कर उसके साथ जंगल मे मॅंगल करता.

ऐसे हँसी मज़ाक और पढ़ाई करते हुए दिन निकलते गये

देखते देखते 15 दिन निकल गये.

ये 15 दिन कैसे निकल गये पता ही नही चला

और वो दिन भी आ गया जिसके आने से मुझे खुशी नही हुई.

कल मेरा रिज़ल्ट लगने वाला था.

कल पता चलेगा कि मैं ने 1 साल मे कितनी पढ़ाई की.
 
826

आज मेरा रिज़ल्ट लगने वाला था.

मैं सोच रहा था कि ये दिन कभी नही आए क्यू कि मुझे पता था कि मेरा रिज़ल्ट क्या होगा.

मैं ने 1 साल मे बहुत कम पढ़ाई की. क्यूँ की एग्ज़ॅम से पहले मुझे कोई ना कोई काम आ जाता.

पहले चाची की डेलिवरी के वजह सेवो सेमिस्टर अच्छी नही गयी और फिर मेले के वजह से 2 महीने मैं ने पढ़ाई को हाथ नही लगाया.

पर इतना विश्वास था कि मैं पास हो जाउन्गा.

मैं ने पंकज के लिए तो मिसेज़ वर्मा से सेट्टिंग की थी. अपने लिए भी मिसेज़ गुप्ता से सेट्टिंग कर सकता था.

मिसेज़ गुप्ता हमारे डेप्ट की एग्ज़ॅम हेड थी. उनका वीडियो है मेरे पास ,उसका ईस्तमाल कर सकता था पर मैं ने ऐसा नही किया.

क्यू कि छोटी चाची ने कहा कि उनको मेरी मेहनत के 36% भी 99% के बराबर लगेंगे.

अब कॉलेज जाकर देखता हूँ कि कितने मार्क मिले है मुझे

मैं सुबह से थोड़ा टेन्षन मे था रिज़ल्ट को लेकर.

छोटी चाची मेरा चेहरा पढ़ने मे एक्सपर्ट थी. उनको पता चल गया कि मैं आज उदास हूँ.

छोटी चाची को मेरी उदासी की वजह भी पता चल गयी.

छोटी चाची मेरा मूड ठीक करने के लिए मेरे पास आ गयी.

सी चाची-क्या हुआ अवी

अवी-कुछ भी तो नही

सी चाची-फिर ऐसे किस सोच मे डूबे हो

अवी-वो रिज़ल्ट है मेरा आज

सी चाची-रिज़ल्ट की टेन्षन तू कब से लेने लगा

अवी-जब से लगा कि मेरा रिज़ल्ट खराब होगा.

सी चाची-तेरी काबिलियत ये एक पेपर का टुकड़ा नही दिखा सकता. मुझे पता है तेरी काबिलियत

अवी-मेरी काबिलियत

सी चाची-तूने 1 साल मे क्या क्या किया ये सब को पता है. हमारी डेलिवरी,मेले का काम ,तुझपे तो मुझे अभिमान है हमे

अवी-लेकिन चाचा

सी चाची-तू डरा मत कर. कुछ नही होगा. कहने वाले तो कहते है तू अपनी हिम्मत टूटने मत दिया कर,तुझे ऐसा देख कर मुझे अच्छा नही लगता

अवी-मैं ने पढ़ाई की होती तो ये दिन देखना ना पड़ता

सी चाची-अब ज़्यादा सोच मत , जा पहले रिज़ल्ट लेकर आ, फिर बात करेंगे तुझे इतने भी बुरे मार्क नही मिलेंगे मुझे पता है.

अवी-पेपर मैं ने लिखा है

सी चाची-लेकिन मैं तुझे तुझसे ज़्यादा जानती हूँ. अब अपना मूड ठीक कर ,और जा कोमल तेरा इंतज़ार कर रही होगी.

अवी-कोमल तो

सी चाची-कोमल को कितने भी मार्क मिलें पर तेरी बराबरी कोई नही कर सकता.

अवी-कोमल तो टॉप करेगी

सी चाची-तेरी बहन है उसकी खुशी के लिए अपने चेहरे पे स्माइल लाना ,वरना उसे अच्छा नही लगेगा.

अवी-जी, मेरे वजह से कोमल की खुशी खराब नही होने दूँगा.

सी चाची-ये है मेरा बेटा ,जा और आते हुए मिठाई लाना

मैं ने तीनो चाची का आशीर्वाद लिया ,कोमल के घर चला गया

मैं यहा सोच रहा था कि रिज़ल्ट वाला दिन ना निकले

और कोमल इस दिन का कब से इंतज़ार कर रही थी.

कोमल को देखना था कि आरती को पीछे कर पाती है कि नही.

कोमल इतनी पढ़ाई करती है फिर भी रिज़ल्ट के दिन थोड़ी घबराई हुई रहती है

कोमल कॉलेज जाने के लिए तैयार होकर मेरा इंतज़ार कर रही थी.

मेरे आते ही कोमल ने जल्दी चलने की बात कही.

कोमल-चलो जल्दी चलते है

अवी-अभी थोड़ा टाइम है

कोमल-तो क्या हुआ इतने दिन बाद कॉलेज जा रही हूँ ,सब से मिलना जो है

नेहा बुआ-कोमल , मूह तो मीठा कर लो

कोमल-माँ वो रिज़ल्ट के बाद

नेहा बुआ ने मेरी तरफ देख कर कोमल से बात कही

नेहा बुआ-तेरा रिज़ल्ट तो अच्छा ही आता है.

कोमल-मुझे नही लगता, आरती के 1 स्ट आने के चान्स ज़्यादा है.

नेहा बुआ-कुछ नही होता ,2न्ड तो आएगी ना, वैसे भी अगले साल ये उल्टा हो जाए

कोमल-पहले इस साल का तो देख लेते है,हैना अवी

अवी-हाँ हाँ चलो

नेहा बुआ-रूको, तेरा रिज़ल्ट लेकर मेरे पास आना

अवी-आपके पास

नेहा बुआ-जितना कहा है उतना करो

अवी-जी बुआ

कोमल-चलो अवी वरना माँ फिर शुरू हो जाएगी

और मैं कोमल को लेकर कॉलेज की तरफ निकल पड़ा.

अब तो मैं गया काम से, नेहा बुआ ने मेरा रिज़ल्ट उनको दिखाने को कहा है.

नेहा बुआ मेरे शहर मे पढ़ाई करने खुश नही थी. ऐसे मे मेरा रिज़ल्ट देख कर नेहा बुआ मुझपे गुस्सा करेगी.

मुझे नेहा बुआ से सिर्फ़ चाची बचा सकती है.

मैं ने कॉलेज पहोच्ते छोटी चाची को मेसेज करके नेहा बुआ की बात बता दी.

छोटी चाची ने कहा कि वो सब संभाल लेगी. डरना मत
 
कॉलेज मे आते ही कोमल ने रानी को कॉल करके अपने आने की बात कही.

रानी आरती के साथ कोमल को मिलने आ गयी.उनके साथ कुछ और लड़किया थी.

आरती थोड़ी मोटी होती जा रही थी. जिस से मेरा ध्यान उसकी जगह बाकी लड़कियो पे गया.

सब कोमल से मिलने नही मुझसे बात करने आई थी.

मेले के बाद मैं इतना तो पापुलर हो गया था कि लड़किया मुझसे बात कर सके

मैं ने रानी और कोमल की वजह से दूर रह कर उसने हाई हेलो वाली बात की

कुछ लड़कियो ने अपना नंबर दिया जिस से मेरा अगला साल अच्छा बीत सकता है.

कॉलेज मे रिज़ल्ट अनाउन्स का प्रोग्राम शुरू होने वाला था

सभी स्टूडेंट कॉलेज मे आ चुके थे

रानी और कोमल अपने फ्रेंड के साथ बाते कर रही थी.

मैं उनके पास रह कर उनकी बाते सुनने लगा.

फ्रेंड1-रानी मुझे लगता है कोमल 1स्ट आएगी

फ्रेंड 2-मुझे तो लगता है आरती 1स्ट आएगी

आरती-ऑफ कोर्स .मैं 1स्ट आउन्गि.

फ्रेंड1-कोमल तुझसे कुछ कम नही है.

आरती- मेरी बराबरी कोई नही कर सकती

रानी-बराबरी की बात कहाँ से आ गयी

.

कोमल-हाँ, तू 1स्ट आए या मैं ,क्या फरक पड़ता है. हम फ्रेंड है

कोमल की बात सुनकर मुझे अच्छा लगा कि उसकी सोच इतनी अच्छी है

आरती-मुझे फरक पड़ता है. मैं आज तक 1स्ट आई हूँ और हमेशा रहूंगी.

रानी-तू ओवरकॉन्फिडेन्स लग रही है

आरती-मुझे कोई हरा नही सकता. मैं ही 1स्ट आउन्गि

कोमल-ये तो अच्छी बात है.

आरती-मेरा मज़ाक उड़ा रही है, उड़ा उड़ा, रिज़ल्ट अनाउन्स होते तुझे पता चल जाएगा.

कोमल-मेरे कहने का तू ग़लत मतलब निकाल रही है

रानी-तेरे 1स्ट आने से हमे भी खुशी होगी. हम फ्रेंड है

आरती-रहने दे, तू बाहर से खुश होगी पर अंदर से जल रही होगी.

कोमल-आरती कूल हो जा ,

फ्रेंड1-कोमल तुझे ये इतना बोल रही है और तू कुछ नही बोल रही

फ्रेंड2-बोलने के लिए उसके पास कुछ होगा ही नही. कोमल को पता है आरती की बराबरी वो नही कर सकती.

रानी-कोमल चाहे तो

कोमल-रानी रहने दे

आरती-तुझे लगता है कि कोमल मुझे हरा सकती है तो अभी रिज़ल्ट देख लेना-

रानी-हमे भी पता है तू 1स्ट आएगी.

आरती-लो हार गयी अभी से ,

फ्रेंड 1-मैं क्या कहती हूँ अगले साल के लिए बेट लगाते है

फ्रेंड 2-हाँ, अगले साल सब डिसाइड होगा. तुम दोनो के पास 1 साल होगा पढ़ाई करने के लिए

आरती-मुझे मंज़ूर है. अगले साल भी मैं 1स्ट आउन्गि.

रानी-मैं भी लगाती हूँ बेट ,मैं तुझसे ज़्यादा मार्क लेकर दिखाउन्गी

आरती-तू रहने दे ,तुझ को चुटकी मे हरा सकती हूँ,तू बेट मत लगा वरना सब तुझे लूसर कहेंगे, रानी लूसर

कोमल-रानी इसको दिखा दे

रानी-मैं तो तैयार हूँ

कोमल-लगी बेट ,अगले साल हम तुझसे ज़्यादा मार्क लेंगे

आरती-हारने के लिए तैयार रहना

रानी-देखते है कौन हारता है

कोमल-अगले साल पूरी कॉलेज को पता चलेगा कौन 1स्ट आता है

फ्रेंड1-ये हुई ना बात .अब मज़ा आएगा

फ्रेंड 2-हाँ, मैं तो आरती की तरफ से हूँ

फ्रेंड1-मैं कोमल के

रानी-चलो प्रोग्राम चालू हो रहा है

आरती फ्रेंड2 के साथ दूसरी तरफ जाने लगी

फ़र्ेंड1-आरती हमे इस तरफ जाना है.

आरती बिना जवाब दिए दूसरी तरफ जाकर बैठ गयी.

रानी-लगता है आरती ने बात को सीरीयस मे लिया है

कोमल-आरती हर बात को सीरीयस लेती है.पर हम फ्रेंड की तरह इस बेट देखेंगे , फ्रेंडशिप मे दूरिया ना हो इस का ध्यान रखेंगे

रानी- तुमने सही कहा

कोमल-चल हम अपनी जगह पर चलते है

फ्रेंड1-और मैं

रानी-सब तूने किया ,चल हमारे साथ ,

फ्रेंड1-मैं तुम्हारे ग्रूप मे रह सकती हूँ

रानी-हाँ, चल अब

कोमल और रानी अपनी जगह पर जाकर बैठ गयी.

ये क्या हो गया.

2 मिनिट मे 1 साल की फ्रेंडशिप ख़तम हो गयी.

आरती और कोमल मे जो फ्रेंडशिप थी वो लगबग ब्रेक हो गयी

कोमल और रानी ने बात को ज़्यादा सीरियस्ली नही लिया पर आरती को ये उसकी बेज़्जती लगी

पता नही इस बात का क्या असर होगा.

ये बात हवा की तरह कॉलेज मे फैल जाएगी.

जिस से कोमल की को बेट को सीरियस्ली लेना होगा.

मुझे कोमल से बात करनी होगी. उसे हारता हुआ नही देख सकता.

मेरे सपोर्ट से कोमल का कॉन्फिडेन्स बढ़ जाएगा.

जिस से कोमल जीत जाएगी.

मैं कोमल के बारे मे सोचते हुए अपने फ्रेंड्स पंकज और करीम को ढूँढने लगा.
 
826 ए

करीम और पंकज अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बैठ कर प्रोग्राम चालू होने का इंतज़ार कर रहे थे

मैं ने उनके पास जाते ही उनके सर पर थप्पड़ मारकर उनको होश मे लाया.

अवी-क्यू बे ,गर्लफ्रेंड के साथ चिपका रहता है.वहाँ मैं तेरा इंतज़ार कर रहा था और तुम यहाँ बैठे हो.

पंकज-ऐसे मारा मत कर गर्लफ्रेंड के सामने मेरी क्या रहेगी.

अवी-तेरे सामने तेरी गर्लफ्रेंड को किस करू वो चलेगा.

पंकज-कुछ भी मत बोल

अवी-करके दिखाऊ,

पंकज-नही रहने दे. अगर हाँ बोलो तो तू सच मे कर देगा तेरा कोई भरोसा नही.

पंकज की गर्लफ्रेंड-अवी हम तुम्हें ढूँढ रहे थे पर तुम अपनी सिस्टर के साथ थे तो हम ने सोचा.

अवी-मेरे बारे मे इतना मत सोचा करो. पढ़ाई के बारे मे सोचो

पंकज की गर्लफ्रेंड-अगले साल सिर्फ़ पढ़ाई करने का सोच रही थी. इस साल काफ़ी मस्ती कर ली.

अवी-पंकज तेरा क्या होगा

करीम-पंकज तो गया काम से

करीम की गर्लफ्रेंड-मैं भी यही सोच रही थी

पंकज-अब बोल

करीम-हम पढ़ाई के साथ एंजाय करेंगे

करीम की गर्लफ्रेंड-बिल्कुल नही. अगला साल पूरा फ्यूचर डिसाइड होता है

पंकज की गर्लफ्रेंड-सही कहा, अब बस पढ़ाई करेंगे. ओन्ली स्टडी

पंकज-अवी तूने हमारी लगा दी.

अवी-इस से तुम्हारा फ़ायदा होगा. वरना फैल हो जाओगे

पंकज-फैल से याद आया कि हमारी सेट्टिंग की हैना तूने

पंकज की गर्लफ्रेंड-अवी हम पास हो जाएगे

अवी-हाँ कर दी सिर्फ़ पास नही अच्छे मार्क मिलेंगे

पंकज-सच ,ऐसा हुआ तो पार्टी करेंगे

करीम-ये क्या चक्कर है

पंकज-हमारी एग्ज़ॅम अच्छी नही गयी थी तो हम ने अवी से बोल कर मार्क्स बढ़वा दिए

करीम-मुझे क्यू नही बताया मैं भी बोल देता

अवी-वो फैल हो रहे थे इस लिए ऐसा किया

पंकज-काफ़ी पहचान है अवी की कॉलेज मे

करीम-तूने अपने मार्क भी बढ़ाए होंगे

अवी-मैं ऐसा नही करता .मैं मेहनत से मार्क कमाता हूँ.

करीम-रहने दे ,झूठ मत बोल

अवी-तू खुद देख लेना

पंकज-तूने सिर्फ़ हमारे मार्क बढ़ाए अपने नही.

अवी-मुझे ग़लत तरीके से मार्क कमाना पसंद नही है. और तुम दोनो तो मिसेज़ वर्मा के पेपर मे फैल हो गये थे ,अच्छा हुआ मैं ने टाइम पर मार्क बढ़वा दिए वरना तुम फैल हो जाते

करीम-पर तूने किया कैसे

अवी-ऐसे रास्ते बताए नही जाते ,तुम दोनो पास हो

करीम की गर्लफ्रेंड-प्रोग्राम शुरू हो गया .चुप रहो

रिज़ल्ट अनाउन्स करना शुरू हो गया.

पहले आर्ट फिर कॉमर्स और बाद मे साइन्स

टॉप 5 स्टूडेंट को रिज़ल्ट अनाउन्स करके स्टॅग पर देने वाले थे.

मुझे आइडिया आ गया .कोमल को चेकअप करने का

अवी-सुनो, तुम मेरी बात ध्यान से सुनो

करीम-क्या है,मुझे प्रोग्राम देखने दे

अवी-गधे तेरा नाम नही आएगा. प्रग्राम देखने से अच्छा है मेरी बात सुन

पंकज-हाँ बोल

अवी-देखो मेरी बहन कोमल टॉपर है. उनका नाम ज़रूर अनाउन्स होगा ,जैसे वो स्टेज पर जाए तो तालिया ऐसी बजनी चाहिए कि पूरा कॉलेज सुनता रहे

करीम-हम चार ये कैसे कर सकते

अवी-अपने फ्रेंड को बोलो, मेरी बहन 1स्ट नही आई तो भी इतनी तालियाँ बजनी चाहिए कि 1स्ट आने वाले से ज़्यादा तालियाँ बजे, क्या समझे

पंकज-हो जाएगा.

अवी-मेरा नाम मत बताना ,

करीम-ठीक है. करते है

और पंकज पंकज की गर्लफ्रेंड करीम और करीम की गर्लफ्रेंड अपने फ्रेंड को बताने के लिए चले गये.

और प्रिन्सिपल ने साइन्स ब्रांच के नाम लेने शुरू किया.

और 3र्ड प्लेस पे है रानी जिसे 92% मिले है

रानी का नाम सुनते मैं ने जोरदार तालियाँ बजाई.

मेरी गर्लफ्रेंड कितनी टॅलेंटेड है. और मैं

क्या जोड़ी है हमारी वो टॉपर और मैं लास्ट का टॉपर

रानी के लिए कोमल ने खड़े होकर तालियाँ बजाई जिस से मैं भी खड़ा हो कर तालियाँ बजाने लगा.

रानी अपने मार्क देख कर खुश हो गयी.और कोमल के गले लग कर अपनी खुशी जाहिर की

और 2न्ड प्लेस पे है कोमल जिसे 94% मिले है

कोमल अपना नाम सुनते खड़ी हो गयी.

कोमल के खड़े होते जो तालियाँ बजनी शुरू हुई कि जिसे सुनकर कोमल सुनती रह गयी.

तालियों की आवाज़ पूरे कॉलेज मे गूंजने लगी.

1स्ट रो मे जो टीचर बैठ थे वो इतनी तालियाँ सुनकर पीछे मूड मूड कर देखने लगे.

कोमल को विश्वास नही हो रहा था कि उसके 2न्ड आने पर इतनी तालियाँ बज रही है.

कोमल के स्टेज पर जाकर रिज़ल्ट लेते ही तालियाँ की आवाज़ और बढ़ गयी.

मैं खड़ा होकर तालियाँ बजाने लगा.

प्रिन्सिपल भी शॉक्ड हो गये कि 2न्ड नंबर आने पर इतनी तालियाँ तो 1स्ट वाले के लिए कितनी बजेगी.

कोमल ने स्टेज से सबको थॅंक्स कहा और अपनी जगह पर आकर रानी के गले लग गयी.

उसके गले लगने के बाद भी तालियाँ बज रही थी.

कोमल को अपने 2न्ड आने का जो गम हुआ वो तालियों की आवाज़ से गायब हो गया.

कोमल के बैठ ते ही तालियाँ बजनी बंद हुई. जिस से कोमल रानी आरती टीचर प्रिन्सिपल सब शॉक्ड हो गये

प्रिन्सिपल सर होश मे आ गये

और 1स्ट प्लेस पे है आरती जिसे 95%मिले है

आरती के खड़े होते इतनी कम तालियाँ बजी कि लग ही नही रहा था कि आरती 1स्ट आई हो.

ऐसा इस लिए हुआ कि कोमल के लिए इतनी तालियाँ बजने के बाद स्टूडेंट तालियाँ बजा ही नही सकते थे.

आरती को ये देख कर जोरदार झटका लगा.

उसके 1स्ट आने की खुशी हवा मे उड़ गयी. क्यूकी वो 1स्ट आई थी पर पूरा क्रेडिट कोमल ले गयी.

प्रिन्सिपल डबल शॉक्ड हो गया .2न्ड वाले को इतनी तालियाँ और 1स्ट वाले को गिनती से10 12 तालियाँ बजी.

आरती अपना रिज़ल्ट लेके गुस्से से अपनी जगह पर जाकर बैठी

पंकज और करीम मेरे पास आ गये

अवी-थॅंक्स

पंकज-तू हमारे लिए इतना करता है हम क्या इतना भी नही कर सकते

करीम-हम फ्रेंड है. एक दूसरे की मदद तो करेंगे ही.

अवी-चलो अपना रिज़ल्ट लेते है

पंकज-मैं पास तो हो जाउन्गा ना

अवी-तू सिर्फ़ पास नही अच्छे मार्क्स से पास होगा.

करीम-चले अपने क्लास मे रिज़ल्ट लेने

मैं ने रानी और कोमल की तरफ देखा.

सब उनको विश कर रही थी. टीचर ने भी आकर उनको विश किया.

ये देख कर आरती कोल की तरह जलने लगी.

उसके 1स्ट आने से किसी को भी खुशी नही हुई.

सारा क्रेडिट विश कोमल और रानी को मिल रहे थे.

आरती और ज़्यादा देर यहाँ रुकती तो बर्दास्त नही कर पाती जिस से वो अपनी स्कूटी लेकर घर चली गयी.

कोमल और रानी ने उसे आवाज़ दे कर रोकना चाहा पर तब तक वो कॉलेज से जा चुकी थी.

मैं ने कोमल को उसकी फ्रेंड के साथ बाते करने दिया और अपना रिज़ल्ट लेने के लिए अपनी क्लास मे चला गया.
 
826ब

मैं ने कोमल को उसकी फ्रेंड के साथ बातें करने दिया और अपना रिज़ल्ट लेने के लिए अपने क्लास मे चला गया.

करीम और उसकी गर्लफ्रेंड रिज़ल्ट ले चुकी थी.

अवी-कितने मिले

करीम-मुझे 74% और इसको 72% मिले

अवी-अच्छे मार्क्स मिले

पंकज अपनी गर्लफ्रेंड के साथ दौड़ ता हुआ मेरे पास आ गया और मेरे गले लग गया.

पंकज-अवी तू मेरा भाई है थॅंक्स

अवी-क्या हुआ

पंकज गर्लफ्रेंड-हम पास हो गये वो भी अच्छे मार्क से

करीम गर्लफ्रेंड-कितने मिले

पंकज गर्लफ्रेंड-मुझे 68% और पंकज को 67%

अवी-ये तो अच्छे मार्क्स है

पंकज-सब तेरी वजह से हुआ है. वरना

अवी-चुप ,मरवाएगा क्या. किसी ने सुन लिया तो

पंकज गर्लफ्रेंड-अवी तुम्हें कितने मिले

अवी-रूको रिज़ल्ट लेकर बताता हूँ

मैं अपना रिज़ल्ट लेने मिसेज़ गुप्ता के पास गया.

मिसेज़ गुप्ता ने मेरा रिज़ल्ट पहले निकाला और मार्क देखने लगी.

मिसेज़ गुप्ता-ये क्या है 65%

मैं ने अपना सर नीचे किया.

मिसेज़ गुप्ता-तुम्हें शरम आनी चाहिए,मैं तुम्हें टॅलेंटेड स्टूडेंट समझती थी और तुम ऐसे निकले

अवी-सॉरी मेडम

मिसेज़ गुप्ता-क्या सॉरी ,कोमल तुम्हारी बहन है ना

अवी-हाँ

मिसेज़ गुप्ता-कुछ सीखो उस से ,कोमल ने टॉप किया है और तुम्हें सिर्फ़ 65%मार्क मिले है

मैं अपना सर नीचे झुकाए मेडम की बात सुनता रहा

मिसेज़ गुप्ता-अपना नही कम से कम अपनी बहन के बारे मे सोचते,उसको कोई तुम्हारे मार्क पूछेगा तो वो क्या बताएगी. उसे कैसा लगता

मैं ने इस पे कुछ नही कहा.

मिसेज़ गुप्ता-मुझे पता है तुम मेले की वजह से कॉलेज नही आए पर कोई ये नही देखता ,सब तुम्हारे मार्क देखेंगे ,तुम्हें मेहनत करने की ज़रूरत है.

अवी-जी

मिसेज़ गुप्ता-अगले साल की तैयारी अभी से करना शुरू करो, अगले साल अच्छे मार्क मिलने चाहिए

अवी-मैं पूरी कोशिस करूँगा

और मिसेज़ गुप्ता की डाँट सुनकर मुझे बहुत बुरा लगा.

कोमल ने टॉप किया और उसके भाई ने

कोमल कैसे बताएगी की उसके भाई को 65% मिले है

मुझे ऐसा दुबारा नही होने देना होगा.

मैं ने जो पढ़ाई स्टार्ट की है उसको कंटिन्यू रखूँगा.

ताकि कोमल के जीतने तो नही पर अच्छे मार्क ले सकूँ

मैं ये मस्ती करना बंद कर दूँगा.

मैं क्लास से बाहर आते करीम ने मेरी मारक्शीट छीन ली

और मेरे मार्क्स देखने लगा

पंकज-कितने मिले

करीम-65%

पंकज-कुछ भी दिखा मुझे

और पंकज ने मेरे मार्क्स देखे

पंकज-अवी ये क्या है

अवी-अंडा है क्या मार्क्स है वो

करीम-मुझे तो लगा

अवी-क्या लगा.

करीम-तूने सच मे अपने मार्क्स नही बढ़ाए

अवी-ये मेरी मेहनत के है.

पंकज-थोड़े बढ़ा लेता

पंकज गर्लफ्रेंड-अवी के ये मेहनत के मार्क्स हमसे ज़्यादा है

पंकज-मान गये तुम्हें अवी. हमारे मार्क्स बढ़ाए पर अपने नही.

करीम-तेरा जैसा दोस्त मिलना मुश्किल होता है तेरे मार्क हमसे भी ज़्यादा है

करीम गर्लफ्रेंड-अवी टेन्षन मत लो अगले साल ज़्यादा मार्क्स लेना

ज़्यादा मेहनत करना

अवी-वो तो करूँगा ही.

पंकज-पार्टी कॅन्सल ,

अवी-क्यू कॅन्सल

करीम-तुझे

अवी-तुम सब करो पार्टी मैं नही आउन्गा.

पंकज-तेरे बिना हम कैसे पार्टी कर सकते है.

अवी-मैं अपनी बहन के टॉप आने के खुशी मनाउन्गा तुम अपनी पार्टी एंजाय करो

करीम-तुम्हें बुरा नही लग रहा कि तुझे कम मार्क मिले है.

अवी-अगर तुम पार्टी नही करोगे तो बुरा लगेगा.

पंकज-तू कहता है तो करते है हम पार्टी

पंकज गर्लफ्रेंड-अवी वन्स अगेन थॅंक्स

अवी-बाइ ,

करीम-कहा जा रहा है.

अवी-अपनी बहन को पार्टी देने

पंकज-हमारी तरफ से कोंग्रट्ज़ कहना

अवी-बोल दूँगा.

करीम-मेरी तरफ से भी.

अवी-बोल दूँगा

और मैं कोमल और रानी के पास जाने लगा

पंकज और करीम अपना रिज़ल्ट के साथ अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर पार्टी करने चले गये.
 
826 सी

मैं कोमल और रानी के पास चला गया.

दोनो मुझ ढूँढ रही थी. मुझे देखहते अपनी फ्रेंड को साइड मे करके मेरी पास आ गयी.

कोमल मेरे गले लगना चाहती थी पर ये जगह ठीक नही था जिस से मैं ने उसको रोक दिया.

अवी-कोंग्रट्ज़ तुम दोनो ने तो टॉप किया.

रानी-थॅंक्स.

कोमल-थॅंक्स

अवी-थॅंक्स से काम नही चलेगा ,पार्टी चाहिए

रानी-पार्टी भी मिलेगी पहले अपना रिज़ल्ट दिखाओ

मैं ने अपना रिज़ल्ट उनके हाथो मे दिया .जिस से देख कर दोनो आँखों फाड़ कर देखने लगी.

अवी-क्या हुआ ,ऐसे क्या देख रही हो.

कोमल-अच्छे मार्क मिले है.

अवी-धीरेक्ट बोल दो इंडायरेक्ट मत बोलो

रानी-सच मे अच्छे मार्क मिले है.

अवी-ये अच्छे मार्क है तो तुम्हारे मार्क क्या है.

कोमल-हमारे मार्क्स इन मार्क्स से कंपेर नही कर सकते

अवी-अब सही कहा ,मेरे मार्क भी कोई मार्क है.

रानी-कोमल कहना चाहती है कि तुम्हारे मार्क हमसे ज़्यादा है.

अवी-पागल तो नही होगी तुम

कोमल-अवी हमे पता है कि तुम ने ये मार्क कितनी मेहनत करके कमाए है. हम तो सिर्फ़ पढ़ाई करते रहे पर तुमने तो पूरे मेले का काम करके इतने अच्छे मार्क कमाए है.

रानी-कोमल ने सही कहा. तुम्हारे मार्क इतने भी बुरे नही है. 65% , 95% के बराबर है

अवी-चलो अच्छा हुआ तुम दोनो को बुरा नही लगा , मैं तो डर रहा था कि तुम दोनो गुस्सा करोगी.

कोमल-हमे पहले से पता था कि तुम्हें ज़्यादा मार्क नही मिलेंगे

अवी-नेक्स्ट टाइम अच्छे मार्क लाउन्गा इस से ज़्यादा कुछ नही कह सकता,

रानी-वो तो तुम्हें लाना ही होगा.

कोमल-वैसे मामी ने बताया मुझे कि एग्ज़ॅम होने के बाद तुम रोज रात को पढ़ाई करके सोते हो

अवी-हा वो मैं ने सोचा कि अड्वान्स मे पढ़ाई करके रखता हूँ क्या पता कब काम निकल जाए

रानी-प्लॅनिंग करके पढ़ाई करो ,और कुछ प्राब्लम हुई तो हम है ना

अवी-सारी बातें यही करोगे या पार्टी करने भी चलना है.

कोमल-हाँ चलते है ना

हम अपनी बाइक के पास आ गये कि कोमल की फ्रेंड1 वहाँ आ गयी.

फ्रेंड1-पार्टी कब दे रही हो

रानी-कॉलेज स्टार्ट होते ही दूँगी. अभी तो घर जाना है

फ्रेंड1-अवी को कितने मार्क मिले है

कोमल-65%

फ्रेंड1-इतने कम

कोमल-अवी मेले मे बिज़ी था ये तो तुम्हें पता है. फिर भी ऐसा पूछ रही हो

फ्रेंड1-मैं भूल गयी थी. इतने दिन कॉलेज ना आकर भी अच्छे मार्क मिले है. कोंग्रट्ज़

अवी-थॅंक्स

मुझे कोमल की बात सुनकर अच्छा लगा कि उसने मेरे कम मार्क की अहमियत बढ़ा दी.

पर मुझे अपना परर्फमेन्स सुधारना होगा.

मैं उनको ज़्यादा शर्मिंदा नही होने दे सकता.

हम कॉलेज से साइड हमारे फेव होटेल चले गये. रानी और कोमल के टॉप करने के खुशी मे पार्टी करने

हम होटेल मे पहोच कर हमारे हमेशा वाले टेबल पर बैठ गया .

इसी टेबल पर रानी ने मुझे प्रपोज़ किया था.

अवी-कोमल तुम ऑर्डर करो

कोमल-ऑर्डर तुम करो

रानी-ऑर्डर कोई भी दे ,बिल मैं पे करूँगी.

अवी-वो बाद मे देखेंगे .पहले सबकी पसंद का ऑर्डर करते है

कोमल-आज फुल मस्ती करेंगे

अवी-ये तुम्हारी फ्रेंड आरती कहाँ है. वो तो 1स्ट आई ना .वो कहाँ है.

रानी-फ्रेंडशिप मे दरार आ गयी.

अवी-कैसे

कोमल-वो खुद को ग्रेट और दूसरो को छोटा समझती है

अवी-हुआ क्या

रानी-वो कहती है कि सिर्फ़ वो 1स्ट आती है, तो हमने बेट लगा दी

अवी-तो ये बात है पर वो तो 1स्ट आ गयी ना.

कोमल-तुम भी वही थे फिर ये सब क्यू पूछ रहे हो

अवी-क्यू की वो अब यहाँ नही है ना इस लिए पूछ रहा हूँ

रानी-कहा ना दरार, मुझे तो लगता है उसे गुस्सा आ गया है.

अवी-किस बात का

रानी-कोमल के 2न्ड आने पर इतनी तालियाँ बजी और उसके 1स्ट आने पर तालियाँ नही बजाई किसीने

कोमल-मुझे तो समझ नही आ रहा कि मेरे वक्त इतनी तालियाँ कैसे बज गयी.

अवी-मुझे क्या पता

रानी-मुझे तो लग रहा है तुम ने कुछ किया होगा.

अवी-मैं क्या कर सकता हूँ

कोमल-अवी ,वो सब तुमने किया.

अवी-मेरी तरफ से कोमल के टॉप आने का गिफ्ट था.

रानी-कहा था ना तुम्हें कि अवी ने किया होगा.

कोमल-अवी ऐसा क्यू किया ,इसके वजह से आरती को बुरा लगा.

अवी-तो मैं क्या करूँ उसने तुम्हें जो कहा वो क्या ठीक था.

रानी-मुझे तो तुम्हारा गिफ्ट पसंद आया. कोमल तो छा गयी कॉलेज मे

कोमल-मुझे भी अच्छा लगा ऐसा लगा कि मैं जन्नत मे हूँ पर आरती को ये पसंद नही आया .उसके 1स्ट आने का कोई फ़ायदा नही हुआ.

अवी-जाने दो उसे ,वो मतलबी है. उस से दूर रहा करो

रानी-मैं तो उसे पहले समझ गयी थी. वो सिर्फ़ अपना अच्छा देखती है.

कोमल-वो हमारी फ्रेंड है .

अवी-ही हेलो तो चलने दो बाकी उस से दूर रहो

कोमल-यस बॉस, तुम ऑर्डर करो मैं 2 मिनट मे आती हूँ

कोमल के जाते मैं ने रानी को किस किया.

अच्चानक किस करने से रानी शॉक्ड हो गयी

अवी-ये तुम्हारा गिफ्ट था

रानी-छोटा सा

अवी-कहो तो होटेल मे कमरा बुक करूँ

रानी-इतना भी नही चाहिए

अवी-प्यार करने दो क्या पता तुम्हारा तेज दिमाग़ मुझे मिल जाए.

रानी-अवी सच कहूँ तुम्हारे मार्क बहुत कम है. पर हम जानते है कि तुम ने कैसे पढ़ाई की है. पर दूसरे लोग तो सिर्फ़ मारक्शीट देखेंगे ना

अवी-मुझे पता ,मैं अगले साल ऐसा नही करूँगा.

रानी-अगला साल इम्पोर्टेंट होता है.

अवी-मेरी बीवी को कुछ ज़्यादा ही फिकर लग रही है.

रानी-अवी मज़ाक नही, मैं तुम्हें रेआलिटी बता रही हूँ ,ये तुम्हारे अच्छे के लिए है

अवी-मुझे पता क्या ज़रूरी होता है. तुम टेन्षन मत लो

रानी-क्यू ना लूँ , तुम मेरे बाय्फ्रेंड हो

अवी-अगली बार शिकायत का मोका नही दूँगा .प्रॉमिस

रानी-अगली बार कम मार्क मिले तो देखना मुझसे बुरा कोई नही होगा.

अवी-लगता है शादी के बाद मुझे जोरू का गुलाम बन कर रहना होगा

रानी-अवी थोड़ा सीरीयस हो जाओ

अवी-कहा ना मैं कोई शिकायत का मोका नही दूँगा. बार बार एक ही बात मत कहो.

कोमल-क्या हुआ ,शुरू नही किया.

अवी-तुम जो नही थी.

रानी-चलो शुरू करते है.

कोमल के आते ही हम ने पार्टी शुरू कर दी.

कोमल और रानी काफ़ी खुश थी.

दिन ब दिन दोनो की फ्रेंडशिप पक्की होती जा रही थी

कोमल और रानी के साथ वक्त बिताना मुझे हमेशा अच्छा लगता है.

उनके हँसते हुए चेहरे देखते रहने का मन होता है.

हम काफ़ी देर तक पार्टी करते रहे.

दोनो के टॉप करने से हम ने केक काट करके सेलेब्रेट किया.

यहा ज़्यादा देर रुकना ठीक नही होगा क्यू कि घर पे सब हमारा इंतज़ार कर रहे थे

पार्टी एंजाय करने के बाद रानी अपने घर चली गयी और मैं कोमल को लेकर अपनी गालियों का कोटा पूरा करने घर आ गया.
 
826 डी

कोमल और रानी को पार्टी देने के बाद मैं घर की तरफ जाने लगा.

अवी-कोमल तुम इतनी टॅलेंट कैसी हो ,94% ,कुछ पर्सेंट मुझे दे देती

कोमल-मैं टॅलेंटेड हूँ कि नही ये छोड़ो ,तुम ऐसे कैसे हो गये

अवी-तुम मेरा ध्यान रखती नही. बस अपनी पढ़ाई मे लगी रहती हो, मेरी मदद भी कर दिया करो

कोमल-मैं ध्यान नही रखती. अगर मैं ना होती तो ये मार्क्स भी नही मिलते

अवी-रहने दो ,थोड़ी ज़्यादा मदद करती तो अच्छे मार्क्स मिल जाते

कोमल-सही कहा ग़लती मेरी है. और मुझे पता है इसको कैसे सुधारना है

अवी-कैसे

कोमल-तुम शाम को 2 घंटे मेरे साथ रहोगे

अवी-क्यू ,मूवी देखनी है.

कोमल-तुम्हारी पढ़ाई लूँगी.

अवी-मैं तो मज़ाक कर रहा था

कोमल-तुम मज़ाक करो या कुछ और, तुम शाम मेरे साथ बितायोगे, और मैं पूछ नही रही हूँ बता रही हूँ कि तुम्हें क्या करना है

अवी-मैं कर लूँगा पढ़ाई .

कोमल-देख ली तुम्हारी पढ़ाई , शाम को मेरे साथ पढ़ाई करनी होगी. और इस साल तुम लेक्चर मिस नही करोगे.

अवी-मज़ाक के चक्कर मे कहाँ फँस गया.

कोमल-अवईीईईईई

अवी-आ जाउन्गा. तुम्हारे साथ पढ़ाई करूँगा खुश

कोमल- मैं जैसा कहूँगी वैसी पढ़ाई करनी होगी

अवी- एस मेडम , वोसे तुमने बताया नही की कॉलेज मे तुम्हें कैसा लगा था

कोमल-डबल खुश थी ,आज कॉलेज मे मुझे ऐसा लगा कि मैं 2न्ड नही 1स्ट आई हूँ ,थॅंक्स

अवी-वेलकम ,तुम्हारी खुशी के लिए इतना तो कर ही सकता हूँ.

कोमल ने मुझे गले लगा लिया और मैं बाइक अपने गाओं की तरफ ले जाने लगा.

मैं ने कोमल के पास होने के खुशी मे गाओं मे मिठाई बाटने के लिए ले ली.

और छोटी चाची को कॉल करके बता दिया की मैं कोमल के साथ आ रहा हूँ.

कोमल के साथ रहने से मुझे पहले नेहा बुआ से मिलना तो पड़ेगा.

ऐसे मे चाची बच्चों के साथ नेहा बुआ के घर जाकर हमारा इंतज़ार कर रही थी.

मैं ने घर पहुँचते ही गेट की तरफ देखा तो गेट के सामने इतनी सारी सॅंडल देख कर समझ गया कि सब यही पर है.

मैं नेहा बुआ से डरते हुए अंदर चला गया

कोमल के चेहरे की खुशी देख कर सब समझ गये कि उसने टॉप किया होगा.

मैं कोमल के पीछे से चुप चाप सरक कर छोटी चाची के पास जाकर बैठ गया.

और उनके हाथ मे अपना रिज़ल्ट दिया. छोटी चाची मेरा रिज़ल्ट देखने लगी और बाकी सब कोमल से उसका रिज़ल्ट पूछने लगी.

नेहा बुआ-कोमल कितने मार्क मिले

कोमल-94% ,

कविता-दीदी ,इतने मार्क्स ,

स्वेता दीदी-कोमल ने तो आज सारे रेकॉर्ड तोड़ दिए.

नेहा बुआ-1स्ट आई या 2न्ड

कोमल-आई तो 2न्ड पर 1स्ट आने से ज़्यादा खुशी हुई

कविता-माँ दीदी पागल हो गयी ,इतने मार्क्स देख कर

नेहा बुआ-तू तो कभी नही लाती.

कविता लीना-इस बार हमने भी बहुत मेहनत की है

नीता बुआ-वो रिज़ल्ट के बाद देखेंगे ,हा कोमल तुम कुछ कह रही थी

कोमल-मौसी अवी ने मेरे लिए इतनी तालियाँ बजाई कि उसकी गूँज अब भी मेरे कानों मे सुनाई दे रही है. मैं तो आज बहुत खुश हूँ

कविता- भैया है ही ऐसा की उनके गिफ्ट अनोखे होते है

कोमल- हाँ , पूरा कॉलेज मेरे लिए तालियाँ बजा रहा था

नीता बुआ- मुझसे पहले अवी ने अच्छा गिफ्ट दिया है

नेहा बुआ-कोमल तुम्हें ऐसे पढ़ाई करके डॉक्टर बनना है , तेरी 2न्ड आने पे तुझे क्या गिफ्ट चाहिए

कोमल-मुझे जो चाहिए वो देंगी

नेहा बुआ-हाँ, बोल क्या चाहिए

कोमल-आप अवी को कम मार्क मिलने की वजह से कुछ नही कहेगी.

नेहा बुआ-ये क्या माँग लिया,

कोमल-आपने प्रॉमिस किया है

नेहा बुआ-कितने मार्क मिले है अवी को

पूजा बुआ-अवी कितने मार्क मिले है.

सी चाची-65%

सीतल दीदी-65% ,ये भी कोई मार्क है

स्वेता दीदी-तुम चुप रहो

नेहा बुआ-मैं ने कहा था अवी को शहर मे पढ़ाई करने मत भेजो ,देख लिया, बिगड़ गया ना ,

कोमल-माँ, आपने प्रॉमिस किया है

नेहा बुआ-मैं मीना से बात कर रही हूँ.

सी चाची-शहर जाने या ना जाने से मार्क कम नही हुए है

नेहा बुआ-ये मार्कशीट पे दिख रहा है , कोमल को पिछले साल से ज़्यादा मार्क मिले है और इसको पिछले साल से कम मार्क मिले है , तुमने कहा था कि ऐसा कुछ नही होगा ,

सी चाची- तुम बिना वजह गुस्सा हो रही हो

नेहा बुआ- गुस्सा ना करूँ तो क्या करूँ , मेरी तो कोई सुनता ही नही, सबको अपनी अपनी पड़ी है

नीता बुआ- नेहा , मीना क्याकहने जा रही है वो तो सुन ले

पूजा बुआ- मीना , अवी के मार्क किस वजह से कम हुए है.

सी चाची-हमारे वजह से

पूजा बुआ-हमारे वजह से?

सी चाची-हम ने अवी को पढ़ाई करने दी ही नही

नेहा बुआ-हम ऐसा क्यू करेंगे

सी चाची-मेले का काम अवी को किसने दिया था, हम ने ,2 महीने अवी पढ़ाई से दूर रहा किस के वजह से , हमारे वजह से

नेहा बुआ- मैं तब भी मना कर रही थी कि अवी को मेले का काम मत दो , देख लिया क्या हुआ ,

नीता बुआ- नेहा , अवी ने मेले का काम उम्मीद से अच्छा किया ना

नेहा बुआ- अच्छा तब कहा जा सकता है जब मार्क भी अच्छे आते , मैं ने कितनी बार कहा कि मेले का काम मत दो पर मेरी तो कोई सुनता ही नही

पूजा बुआ- नेहा , ऐसा नही है , जो इस घर के लिए ठीक था वही किया हमने

नीता बुआ-और , मीना ठीक कह रही है. हमारे वजह से अवी को कम मार्क मिले

नेहा बुआ-फिर भी

सी चाची- अगली बार ऐसा नही होगा इस से ज़्यादा मैं कुछ नही कह सकती ,

अवी-(ये हो क्या रहा है , बात कहाँ से कहाँ चली गयी , इनकी बातें तो टॉप सीक्रेट जैसी होती है , पता नही ये सब ऐसे क्यू बात कर रहे है, छोटी चाची बड़ी बुआ से माफी क्यू माँग रही है , मुझ पे तो छोटी चाची का हक है पर यहाँ तो ऐसा लग रहा है की नेहा बुआ मुझ पे अपना हक बता रही हो )

पूजा बुआ-नेहा जाने दे ,ग़लती हमारी है. हमारे वजह से अवी को कम मार्क मिले है

स्वेता दीदी-इतने भी बुरे नही मार्क , मुझे तो 64% ही मिले थे

नेहा बुआ- वो 4 साल पहले की बात है ,

स्वेता बुआ-मौसी , अवी अगले साल अच्छे मार्क लेकर आएगा , आएगा ना अवी

मैं ने हाँ मे गर्दन घुमा दी

राजेश-भैया इतना सबका ख़याल रखते है ऐसे मे उनको खुद के लिए टाइम ही नही मिलता होगा जिस से मार्क कम मिले है

पूजा बुआ- राजेश ने सही कहा है , हम ही तो उसे काम बताते रहते है ,अवी शहर से ये लाना वो लाना

ब चाची-मुझे तो कुछ नही करना ,मेरा बेटा पास हो गया इतना काफ़ी है मेरे लिए

और बड़ी चाची ने मुझे गले लगा कर प्यार किया

अवी-नेहा बुआ ठीक कह रही है. मुझे ज़्यादा पढ़ाई करनी चाहिए थी

ब चाची-कोई ज़्यादा पढ़ाई करने की ज़रूरत नही है ,तू टेन्षन मत ले

पूजा बुआ-सुमन तू अवी को बिगाड़ रही है

ब चाची-टेन्षन मे पढ़ाई नही होती. और मीना है इसकी पढ़ाई लेने के लिए

सी चाची-अवी को पता है कि उसे कम मार्क मिले है इस लिए उसने एग्ज़ॅम के बाद भी पढ़ाई चालू रखी

स्वेता दीदी-भाई किसका है.

पूजा बुआ-बड़ी आई भाई किसका है बोलने वाली. मेरा बेटा है

अवी-बुआ मैं इस साल से अच्छे से पढ़ाई करूँगा

कोमल-हम साथ मे पढ़ाई करेंगे, माँ अब गुस्सा करके दिन खराब मत करो

नेहा बुआ-ठीक है

कोमल-तो इसी खुशी मे मूह मीठा करते है

राज-मैं ने तो कर भी लिया

नीता बुआ-तू लगा रह

और कोमल ने सबको मिठाई खिला कर मूह मीठा किया.

चाची ने सब संभाल लिया.

छोटी चाची ने संभाल तो लिया पर मुझे अपनी मस्ती के साथ पढ़ाई पर भी ध्यान रखना होगा

मैं ने भी सबको मिठाई खिलाई

और बाकी की मिठाई गाओं मे बाँटने के लिए राज को बोल कर मैं चाची के साथ घर आ गया

घर आते मैं सोफे पर बैठ कर रिलॅक्स हो गया

छोटी चाची ने मुझे थोड़ी ज्ञान की बातें बताई

बड़ी चाची ने कहा की पढ़ाई तो होती रहती है पहले अपना ख़याल रखना.

सीमा चाची ने कहा बिंदास रहा करो ,जिस से लाइफ मज़ेदार होती है.

पर मुझे पता था मुझे क्या करना था.
 
826 ए

नेहा बुआ से गालियाँ खाने के बाद मैं चाची के साथ घर आ गया

तीनो चाची ने मुझे अलग अलग तरीके से समझाया कि मुझे क्या करना चाहिए

पहले बड़ी चाची ने मुझे प्यार से समझाया फिर सीमा चाची ने हँसी मज़ाक करते हुए समझाया और हमेशा की तरह छोटी चाची लास्ट मे सोच समझ कर मुझे बताने लगी कि मुझे क्या करना चाहिए

ब चाची- अवी

अवी- जी चाची

ब चाची- नेहा ने जो कहा उस बात का बुरा मत मान लेना , नेहा तुम्हारे अच्छे के लिए ऐसा बोल रही थी

अवी- मुझे नेहा बुआ की बात का बुरा नही लगा , वो जो कह रही थी वो सच था , नेहा बुआ ने जो कहा उस से मैं ज़्यादा मेहनत करूँगा अगले साल पर नेहा बुआ को आपको ऐसा नही कहना चाहिए था

ब चाची- नेहा ने सही कहा , नेहा ने तो सबको कुछ ना कुछ कहा

अवी- पर आपको ऐसा नही कहना चाहिए था

ब चाची- देखो अवी , प्यार एक ऐसी चीज़ होती जिसमे हम कमीयो को अपने प्यार से छुपा देते है , जैसा हमने किया , और एक प्यार ऐसा होता है जो ये चाहता है कि तुम्हें आगे जकेर परेशानी ना हो तुम्हें सच्चाई का अहसास होना ज़रूरी था , जैसा नेहा ने किया है

अवी- तो मुझे कहती आपको क्यूँ कहा

ब चाची- मिट्टी के खिलोने बनाने वाले को तुमने देखा होगा , वो जब मिट्टी का खिलोना बनता है और वो खिलोना जल्दी टूट जाने पर हम क्या कहते है उस खिलोने बनाने वाले ने खिलोना अच्छा नही बनाया है , पर कोई ये नही कहता कि मिट्टी अच्छी नही थी , तुमने कुछ ग़लत किया तो सब मुझे ही कहेंगे , और नेहा ने यही किया ,

अवी- जी

ब चाची- तू नेहा के प्यार को देख , उसने ऐसा क्यूँ किया , उसके ऐसा दुबारा ना कहने के लिए तुम्हें क्या करना चाहिए ,

अवी- मैं ऐसा दुबारा कभी नही होने दूँगा

ब चाची- इसके लिए तो तुम्हें पढ़ाई करनी होगी

अवी- बहुत पढ़ाई करूँगा

ब चाची- और बड़ा इंजीनियर बनना

अवी- इंजीनियर , इंजीनियर ही क्यूँ

ब चाची- क्यू कि तुम्हें इंजीनियर बनके मेरा एक काम करना होगा

अवी- कौन सा काम

ब चाची- वो तुम्हारे इंजीनियर बनने के बाद बता दूँगी

अवी- कौन सा इंजीनियर बनू

ब चाची- सिविल इंजीनियर बनना

अवी- वो क्यू , मुझे तो एलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर बनना है पापा की तरह

ब चाची- प्यार का घर बनाने के लिए सिविल इंजीनियर ही अच्छा रहेगा

अवी- मैं सब कुछ थोड़ा थोड़ा सीख लूँगा

ब चाची- ये अच्छा रहेगा , अब तू आराम कर ,

और बड़ी चाची मुझे प्यार करके अपने कमरे मे चली गयी

बड़ी चाची के जाते ही सीमा चाची मेरे लिए परान्ठे लेकर आ गयी

म चाची- अवी परान्ठे लाई हूँ तेरे लिए

अवी- चाची भूक नही है

म चाची- गालियों से पेट भर गया

अवी- हाँ

म चाची- पहले क्यूँ नही बताया , अब इन परान्ठे का क्या करूँ

अवी- आपने पूछा ही नही

म चाची- चल जाने दे , वैसा पता है तुझे मैं ना बचपन मे एक टाइम ही खाना खाती थी

अवी- वो क्यूँ

म चाची- क्यू की रात मे मेरा पेट गालियाँ सुनकर भर जाता था

अवी- ऐसा कुछ नही हुआ होगा

म चाची- सच ,

अवी- तो आप क्या करती थी

म चाची- चुप चाप सर नीचे करके गालियाँ सुनने की कॉसिश करती थी

अवी-क्या मतलब कॉसिश

म चाची- क्यू कि मेरे कानो मे कॉटन होता था ,

अवी- आप भी ना

म चाची- चल अब एक डकार ले और मेरे परान्ठे खाने शुरू कर

अवी- चाची आज नही

म चाची- नेहा की बात का इतना क्या बुरा मानना

अवी- नेहा बुआ ने आपको बुरा भला कहा

म चाची- तो क्या हुआ , तू अच्छे मार्क लाना मैं उसको भला बुरा कहूँगी , हिसाब बराबर करेंगे , बोल क्या बोलता है

अवी- अगले साल आज जो हुआ उसका उल्टा होगा

म चाची- तो लग जा पढ़ाई करने को

अवी- जल्दी स्टार्ट करूँगा

म चाची- पर उसके लिए एनर्जी तो चाहिए ना , मेरे परान्ठे खा और एनर्जी जमा कर

अवी- आप परान्ठे खिलाए बिना मानेगी नही

और सीमा चाची मुझे परान्ठे खिलाती गयी

सीमा चाची मुझे परान्ठे खिलाने के बाद थोड़ी देर इधर उधर की बात करके अपने कमरे मे चली गयी

अब मुझे जिसका इंतज़ार था वो जल्दी से आ जाए

छोटी चाची अभी तक आई क्यूँ नही

जब भी छोटी चाची ऐसे देर से आती है तो बड़ा डर लगता है

पर इस बार डर जल्दी ख़तम हो गया

छोटी चाची मुझसे बात करने आ गयी

सी चाची- अवी तू जो सोच रहा है उसके बारे मे मैं बात नही करने वाली हूँ

छोटी चाची ने आते ही बॉम्ब फोड़ दिया

मैं जो सोचता हूँ वैसा छोटी चाची करती क्यू नही है

हमेशा मुझे झटके देती रहती है

अवी- तो आप यहाँ क्यूँ आई है

सी चाची- ये बताने कि , तू अच्छा प्लॅनर बन जा

अवी- व्हाट

सी चाची- फॅमिली , मस्ती , सेक्स , और पढ़ाई को अच्छे से प्लान कर ले

अवी- जी

सी चाची- और नेहा की बात का मतलब समझने की कॉसिश करना ,

अवी- नेहा बुआ से पहले रानी ने भी यही कहा था

सी चाची- मतलब तुम समझ गये , ये अच्छा हुआ ,

अवी- पर मेरे वजह से आपको

सी चाची- ये सब तो चलता रहता है , इसे तो ज़िंदगी कहते है , तुझे क्या लगता है , ज़िंदगी मतलब ख़ुसीया और प्यार नही होता , ज़िंदगी मे दुख और नफ़रत भी होती है ,,

अवी- पर

सी चाची- पर को मरो गोली तभी चिड़िया उडेगी नही , क्या समझे

अवी- जी समझ गया

सी चाची- अगले साल मैं बोलूँगी और सब सुनेगे , क्या समझा

अवी- समझ गया

सी चाची- अगला साल मेरा होगा , क्या समझा

अवी- ऐसा ही होगा

सी चाची- अब ज़्यादा टेन्षन मत ले , और जो करने का सोचा होगा तुमने वो अच्छा प्लान बना कर करना

अवी- अभी तक कुछ सोचा नही पर जल्दी सोचना शुरू कोंगा

सी चाची- इसके लिए पहले सो जा , और फ्रेश दिमाग़ के साथ सोचना

अवी- जी

और छोटी चाची मुझे किस करके चली गयी

छोटी चाची ने इस बार डायरेक्ट बात की

ऐसा छोटी चाची ने इस लिए किया की मैं नेहा बुआ के बारे मे पुच्छू ना

पर चाची ने सही कहा

मेरा रिज़ल्ट उस से अच्छा होना चाहिए था

मेरा रिज़ल्ट देख कर तो मुझे यकीन नही आ रहा था कि मेद्स मे मुझे इतने कम मार्क मिले है

पिछले साल 70+% मिले थे मुझे

और इस साल 60+% और मेद्स मे इतने कम मार्क

मेरे स्ट्रॉंग सब्जेक्ट मे मुझे कम मार्क मिले है

इसका मतलब यही है कि मैने ने किस तरह पढ़ाई की है

बाकी सब्जेक्ट मे तो मुझे अच्छे मार्क मिले है ये रानी और कोमल के नोट्स का असर था

रानी और कोमल का मेद्स नही था वरना उनकी मदद मिल जाती

ये मैं क्या सोच रहा हूँ , कोमल को तो मैं ने मेद्स पढ़ाया था लास्ट एअर और अब उससे मेद्स सीखने के बारे मे सोच रहा हूँ

कोमल ने तो इतने बड़े कॉलेज मे टॉप किया है

कोमल तो अगले साल 1स्ट आ ही जाएगी

मिसेज़ गुप्ता मेडम ने सही कहा था कहाँ कोमल के 95% और कहाँ मेरे 65%

मेरी वजह से अगर आरती ने कोमल को परेशान किया तो , मेरी वजह से कोमल को मैं और शर्मिंदा नही होने दूँगा

रानी ने सही कहा था

सब मुझे प्यार करते है इस लिए कोई मुझे ये नही कह रहा है कि मार्क कम है

रानी ने मुझे रिलिटी की झलक पहले दिखा दी थी

रानी और नेहा बुआ ने मुझे ये बताया कि मैं दुनिया की रेस मे कहाँ खड़ा हूँ

मुझे इस रेस मे बने रहना होगा

मैं हार नही सकता

मेरे वजह से सबको नेहा बुआ की गाली सुननी पड़ी

मेरे वजह से छोटी चाची को नेहा बुआ से माफी माँगनी पड़ी

मैं ऐसा दुबारा होने नही दूँगा

मैं अगले साल इतने मार्क लाउन्गा की नेहा बुआ खुद मेरा मूह मीठा करेगी

नेहा बुआ ने मुझे अगले साल शाबासी नही दी तो मैं अपना नाम बदल दूँगा

इस साल मेरे वजह से छोटी चाची को नेहा बुआ की गालियाँ सुननी पड़ी , अगेर अगले साल नेहा बुआ के मूह से छोटी चाची की तारीफ के वर्ड ना निकाले तो मैं अपना नाम बदल दूँगा

और ये कैसे करना है मुझे पता है

मुझे पढ़ाई करनी होगी

मुझे आज से ही पढ़ाई करनी होगी

और मैं ने पढ़ाई स्टार्ट की

वो कहते है ना "कल करे सो आज कर , आज करे सो अब कर "

मैं ने क्या करना है ये सोचते हुए किताब उठा ली

और पढ़ना स्टार्ट किया

चाची को कहा कि मैं सो रहा हूँ ,पर कमरा बंद करके दोपेहर मे पढ़ाई करने लगा.

शाम को कोमल के पास जाकर पढ़ाई करने लगा.

तो रात मे देर तक पढ़ाई करता रहा.

ना मैं ने विद्या की चुदाई की और ना पायल की

मैं ने कॉलेज चालू रहते इतनी पढ़ाई नही की जितनी हॉलिडे मे कर रहा था

मैं ने कोमल के लॅपटॉप से पीडीफ लेकर अपने मोबाइल मे डाल दी

चाची को कहता कि गेम खेल रहा हूँ और मैं मोबाइल पे पढ़ाई करने लग जाता.

रिज़ल्ट देखते ही मेरे अंदर पढ़ाई का भूत घुस गया था.

ऐसा लग रहा था कि अभी एक झटके मे पढ़ाई करू और एग्ज़ॅम दे कर अच्छे मार्क वाला रिज़ल्ट चाची के हाथ मे दूं, और नेहा बुआ छोटी चाची की तारीफ करे
 
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