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मैं और मेरा परिवार

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827 डी

मिसेज़ वर्मा की स्टूडेंट और राजेश की क्लासमेट करीना की चुदाई करके मैं पंकज से मिलने चला गया

पता नही राजेश ने कैसे पता लगाया पर कुछ भी हो राजेश को करीना के बारे मे जानकारी तो मिली.

राजेश ने मुझे उसकी पहले चुदाई करने को बोल कर एक रेस्पेक्ट दी.

मैं ने उसकी चुदाई की पर चूत नही मारी ,वो राजेश के लिए छोड़ दी

जब राजेश उसकी चूत देखेगा तो झटका मारने की जगह उसे खुद झटका लगेगा.

लेकिन मैं ने उसको समझा दिया कि राजेश को क्या बोलना है.

राजेश उसकी लंबी चुदाई करेगा. और अपने भाई से मिलने का पूरा इनाम करीना को देगा.

मैं अपने टूर की बात करने के लिए पंकज के घर आ गया.

पंकज के घर पे पंकज के पापा और उस की मम्मी मिल गयी.

मैं ने उनसे पंकज के बारे मे पूछा तो पंकज की मम्मी ने कहा कि वो अपने मामा मामी के घर गया है.

पंकज ने बताया नही. अब किसके साथ घूमने जाने का प्लान बनाउन्गा.

पंकज तो अपने मामा मामी के घर गया. अगर मुझे बताता तो मैं भी उसके साथ उसके मामी से मिलने चला जाता.

पिछली बार के बाद पंकज की मामी की कोई खबर नही मिली.

मुझे बताता तो पंकज के साथ जाकर मामी के मज़े कर लेता ,

जाने दो ,पंकज नही तो करीम से बात करता हूँ. उसके साथ एक 2 दिन का टूर बनाउन्गा.

पंकज नही है तो उसकी गर्लफ्रेंड भी नही आएगी. मैं फोन करके पंकज को वापस बुला सकता हूँ पर पंकज की मम्मी ने कहा कि वो कल ही गया है .और 1 महीने के बाद वापस आने वाला है.

पंकज के ना होने से मैं करीम के घर गया .

करीम के घर पर बड़ा लॉक लगा हुआ था. अब ये कहाँ गया है

मैं ने करीम को कॉल करके पूछा तो उसने बताया कि वो अपनी फॅमिली के साथ अपने नाना नानी के घर गया है, कुछ दिन वो वही रहेगा.

करीम भी चला गया ,अब तो टूर पे जाना मुश्किल है.

दोनो की गर्लफ्रेंड यहीं पर उनसे बात करूँ.

उनके साथ मज़ा नही आएगा. पूरी गॅंग चाहिए घूमने जाने को

क्या करूँ अब ,घूमने जाने का प्लान बन से पहले फैल हो गया.

मैं वापस घर2 जाकर राजेश के साथ एंजाय करूँ

राजेश उस की चुदाई कर रहा होगा.

रानी के घर भी नही जा सकता ,वो कोमल के साथ क्लासस को गयी होगी.

चलो पार्क मे चल कर टाइम पास करता हूँ,और सोचता हूँ टूर के बारे मे

पार्क मे दोपेहर मे जाना वो भी गरमी के मौसम मे ,कुछ नही होता थोड़ी शांति मिलेगी.

मैं पार्क मे जाकर एक पेड़ की छाँव मे बैठ कर आराम करने लगा.

पार्क मे कोई नही था बस एक कपल बैठ कर प्यार भारी बातें कर रहे थे.

थोड़ी देर बैठने के बाद मुझे पार्क मे हरीश आता हुआ दिखाई दिया.

हरीश मेरा सीनियर इसकी वजह से मिसेज़ पवार मिली थी.

हरीश के साथ वही लड़की थी जिसकी चुदाई हरीश ने मेरे सामने पार्क मे की थी.

दोनो मेरे पास वाले पेड़ के नीचे बैठ गये और बातें करने लगे

हरीश गुस्से मे दिख रह था और वो लड़की हरीश को कुछ कह रही थी.

मैं उनकी बातें सुनने की कोशिस करने लगा.

उनकी बातें सुनते ही समझ गया कि वो लड़की हरीश से शादी करने की बात करने लगी.

और हरीश उसको समझा रहा था कि वो उस से प्यार नही करता.

उनकी बातें कुछ ज़्यादा बढ़ गयी

हरीश ने उस लड़की को थप्पड़ मारा.

बातें बढ़ते हुए देख कर मैं उनका झगड़ा छुड़ाने के लिए आगे आ गया

मैं ने दोनो को समझा ना शुरू किया.

हरीश ने मुझे पहचान लिया जिस से मैं ने उसको समझाया कि मैं उस लड़की से बात करता हूँ

हरीश ने मुझे इजाज़त दी.

मैं ने दोनो की बात सुन ली

वो लड़की हरीश से प्यार करती है और वो शादी करना चाहती है.

हरीश उस लड़की से शादी नही करना चाहता,

हरीश रिच था और वो लड़की मिड्ल क्लास फॅमिली से थी

हरीश सिर्फ़ उसके साथ मज़ा करना चाहता था.

मैं ने उस लड़की को समझाया कि वो कुछ और डिमॅंड करे

उसने कहा कि हरीश शादी नही करना चाहता तो कोई प्राब्लम नही पर मुझे प्यार तो कर सकता है. मैं उसकी बन के रहने को तैयार हूँ बिना शादी के

उसका ये प्रपोज़ल हरीश ने कबुल कर लिया ,हरीश को इसमे कोई ऐतराज नही था.

पर उस लड़की ने कहा कि वो भी टूर पे हरीश के साथ चलना चाहती है.

ये टूर का क्या चक्कर था

मैं ने हरीश से पूछा तो ,उसने बताया कि वो अपने फ्रेंड के साथ 10 दिन के लिए घूमने जा रहा है.

हरीश टूर पे जा रहा है तो क्यूँ ना मैं भी हरीश के साथ घूमने जाउ,

हरीश के ग्रूप मे हॉट लड़किया है ,उनके साथ घूमने जाने मे ज़्यादा मज़ा आएगा.

मैं ने हरीश को मना लिया कि वो उस लड़की को अपने साथ ले जाए

हरीश बड़ी मुश्किल से मान गया ,इस कंडीशन पे कि वो लड़की अपना आबरेशन कराए.

वो लड़की हरीश के बच्चे की माँ बन ने वाली थी.जिस से झगड़ा हो रहा था.

उस लड़की ने कहा कि टूर से आते वो आबरेशन करा लेगी.उसे भी बच्चा नही चाहिए था बस हरीश चाहिए था.

इसी लिए हरीश उस से इस तरह बात कर रहा था क्यू कि वो हरीश के बच्चे की माँ बन रही थी.वरना हरीश उसको मक्खी की तरह उठा कर फेक देता.

दोनो को मेरी डील पसंद आई.

हरीश ने एक और बात कही कि मैं भी उसके साथ टूर पे जाउ

मैं ने मना किया. कहा कि उसके ग्रूप को मेरा आना पसंद नही आएगा

हरीश ने कहा कि मैं ने उसकी मदद की है ऐसे मे वो अपने ग्रूप से बात करेगा.

हरीश के ज़िद्द करने पे मैं तैयार हो गया.

हरीश ने बताया कि वो कल निकल रहे है.

हरीश ने मुझे जगह की बारे मे बताया कि हम कहाँ जा रहे है. और उसने कहा कि वो मुझे कॉलेज से पिकप कर लेगा.मुझे तैयार रहने को कहा

और हरीश ने कहा कि मैं उस लड़की को घर छोड़ दूं क्यू कि उसे कल जाने की तैयारी करनी है.

और मेरे लिए अपने ग्रूप को मनाना होगा.

हरीश मुझे किसी भी हालत मे लेकर ज़रूर जाएगा.

मैं उस लड़की को उसके घर छोड़ने चला गया

उस लड़की से बातें करके उसके दिल की बातें जाननी चाहिए. उसको हरीश के पैसो मे इंटेरेस्ट था,

वो जिस तरह मुझसे चिपक कर बैठी है उससे समझ गया कि लड़की चालू है

मैं ने उसे घर ड्रॉप किया तो उसने मुझे टी पीने के लिए अंदर बुलाया.

अंदर जाते मुझे पता चला कि ये लड़की मिसेज़ वर्मा की सहेली की ननंद है.

मिसेज़ वर्मा की सहेली जिस की मैं ने चुदाई की थी.

अब तो मज़ा आ जाएगा.

मिसेज़ वर्मा की सहेली ने मुझे पहचान लिया क्यूँ कि उसे मेरा लंड मिला था और पैसो की चोट लगी थी.

मैं ने उसकी ननंद के सामने कुछ नही कहा पर अब तो आना जाना चलता रहेना.

फिर मैं राजेश के पास चला गया.

राजेश उसकी चुदाई कर चुका था.

अवी-हो गयी चुदाई

राजेश-भैया आप बहुत स्मार्ट हो

अवी-तेरा बड़ा भाई हूँ ये याद रखना

राजेश-आपने मेरी बात मान कर उसकी चुदाई की,उस लड़की की ऐसी चुदाई की कि उसका सपना पूरा हुआ ओरमेरी बात भी पूरी की

अवी-मैं तो ऐसा ही हूँ

राजेश-आपको करना हो तो कर सकते है वो शाम तक यही रुकेगी

अवी-उसे दर्द होगा जाने दे

राजेश-वो हिम्मत वाली है. ज़्यादा चिल्लाई नही.

अवी-ठीक है एक राउंड करके मैं गाँव चला जाउन्गा.

राजेश-ठीक है. मैं इसके आराम करने के बाद आउन्गा गाओं

अवी-तू आराम कर मैं एक राउंड करके आता हूँ

मैं बेडरूम मे चला गया जहाँ पर वो लड़की आराम कर रही थी.

मुझे देखते ही वो लड़की उठ कर बैठ गयी.

उसके बैठते ही मैं ने उसके मूह मे अपना लंड डाल दिया.

और फिर उसकी चूत मे लंड पेल कर मज़ा लेना शुरू किया.

उसकी चूत मारने में मज़ा आ गया.

उसकी चुदाई करने के बाद राजेश ने उसका घर छोड़ दिया और हम भी घर आ गये.

घर आते मैं ने चाची को बताया कि पंकज और करीम गाओं है.

ये सुनते ही छोटी चाची सोच मे पड़ गयी.

पर मैं ने उनको हरीश की बात बता दी.

हरीश भी टूर पे जा रहा है ऐसे मे मैं भी उसके साथ जाना चाहता हूँ.

छोटी चाची ने थोड़ी देर सोचा

सी चाची-तो हरीश की तूने मदद की

अवी-हाँ

सी चाची-और तूने उसका फ़ायदा उठाते हुए टूर पे जाने के लिए उसे मनाया

अवी-हाँ, ऐसा हुआ कि उसने खुद मुझे चलने को कहा.

सी चाची-ये हरीश रिच है इसका ग्रूप भी रिच वाला होगा

अवी-हाँ

सी चाची-वो ड्रग्स भी लेते होंगे

अवी-हाँ, पर मैं नही लूँगा.

सी चाची-तो उनके सामने बैठा रहेगा

अवी-बीयर पीऊंगा सिर्फ़ बीयर

सी चाची-मेरी कसम खा कि तू ड्रग्स को हाथ भी नही लगाएगा

अवी-आपकी कसम

सी चाची-ठीक है तू हरीश के ग्रूप के साथ जा सकता है.

अवी-थॅंक यू चाची. पता है उसके ग्रूप मे 5 लड़किया है सब बिंदास है.

सी चाची-फिर तो तू पूरा एंजाय करेगा टूर को

अवी-हाँ, पर उनके ग्रूप की एक लड़की हिटलर है ,पर मैं उसको भी संभाल लूँगा.

सी चाची-मुझे हर रोज फोन करेगा और सुमन दीदी को

अवी-जी

सी चाची-और बिंदास बिना किसी टेन्षन के एंजाय करना

अवी-पूरा मज़ा करूँगा.

सी चाची-पर किसी को बताना मत कि तू हरीश के साथ जा रहा है.

अवी-फिर क्या कहूँगा.

सी चाची-सबको बताना पंकज और करीम के साथ जा रहा है,

अवी-ये बढ़िया रहेगा,इस से बड़ी चाची को ज़्यादा फिकर नही रहेगी. वैसे भी पंकज और करीम अपने रिलेटिव के घर गये है मेरे आने तक वो वापस नही आएँगे

सी चाची-तू पॅकिंग शुरू कर दे

अवी-विद्या को भेज दीजिए उसके साथ पेकिंग करूँगा.

सी चाची-ठीक है भेजती हूँ. और दीदी को भी बता देती हूँ

अवी-और चाचा

सी चाची-मैं ने सब संभाल लिया है. तू पॅकिंग कर

छोटी चाची ने विद्या को भेज दिया. मेरे जाने की बात सुनकर विद्या थोड़ी सेनटी हो गयी पर मैं ने उसको किस करके खुश किया.

विद्या और मैं पॅकिंग करने लगे.
 
827 ए

पॅकिंग होते ही मैं ने रानी को फोन करके बताया कि मैं दोस्तो के साथ घूमने जा रहा हूँ.

रानी ये सुनते मुझसे सवाल पे सवाल पूछने लगी कि कहाँ जा रहे हो, किसके साथ, कितने दिन के लिए एट्सेटरा

मैं ने रानी को इधर उधर के जवाब दिए और उसको मना लिया

रानी अपनी मम्मी के साथ घूमने गयी थी.

ऐसे मे वो कुछ बोल भी नही सकती थी बस एक बात रानी ने कही कि मैं उसको रोज फोन करूँ

रानी की ये बात तो मैं मान सकता हूँ.

फिर मैं ने कोमल को बता दिया कि मैं कुछ दिन के लिए अपने दोस्तो के साथ घूमने जा रहा हूँ.

रानी की तरह कोमल ने भी मुझे सवाल पूछे और थोड़ी नाराज़ हुई.

पर मैं ने उसको भी मना लिया .कि मुझे चेंज की ज़रूरत है मैं थक चुका हूँ मुझे आराम की ज़रूरत है.

कोमल मेरी बात समझ गयी. कोमल को मनाने के बाद बाकी बहनों को भी मनाना था. कोमल ने इसमे मेरी पूरी मदद की.

मेरी तरह छोटी चाची और बड़ी चाची बुआ को मनाने लगी.

सी चाची-पूजा दीदी अवी को चेंज की ज़रूरत है

पूजा बुआ-तुझे ऐसा क्यू लगता है

ब चाची-क्यूँ कि वो अपने रिज़ल्ट के वजह से टेन्षन ले रहा है. ठीक से सो नही रहा ,और खाना भी नही खा रहा

नीता बुआ-कब से ऐसा हो रहा है.

सी चाची-1 हफ़्ता हो गया. अगर वो चलता रहा तो कुछ भी हो सकता है.

नेहा बुआ-तूने ध्यान नही रखा होगा.

सी चाची-अवी अब बच्चा नही रहा. वो तेज हो गया है.

पूजा बुआ-तो तूने क्या सोचा है

सी चाची-सोच रही हूँ कि अवी को उसके दोस्तो के साथ टूर पे भेज दूं कुछ दिन के लिए

नेहा बुआ-दोस्तो के साथ. तेरा दिमाग़ तो नही खराब हुआ, मैं इस बात की इजाज़त नही दूँगी.

नीता बुआ-नेहा सुमन की बात तो सुन ले, उसने कुछ सोच कर ऐसा कहा होगा.

ब चाची-नेहा मैं ने खुद देखी है अवी की हालत, अगर उसे आराम नही मिला तो वो

सी चाची-फिर से

पूजा-फिर से अवी को वैसा नही होने दे सकते. कितने मुश्किल से वो ठीक हुआ है.

सी चाची-इसी लिए कह रही हूँ कि उसको अपने दोस्तो के साथ जाने दो

नेहा बुआ-दूसरा रास्ता तो होगा ना ,दोस्त कैसे होते है पता है ना नीता तुझे

ब चाची-यही एक रास्ता है. और मैं अवी के दोस्तो की फॅमिली से मिली हूँ.

सी चाची-अवी ने प्लान भी बना दिया है.

नेहा बुआ-सब डिसाइड किया है तो मुझे क्यूँ पूछ रहे हो

ब चाची-तेरे हाँ के बिना हम उसे कैसे भेज सकते है. ये तू भी जानती है.

नीता बुआ-मीना ने कुछ सोचा होगा तभी अवी को भेज रही है. तू भी हाँ कर दे

पूजा बुआ-जब से अवी की ज़िम्मेदारी मीना ने ली है तब से अवी कितना बदल गया है. मीना ने अवी नॉर्मल बना दिया है. मीना ने अवी के लिए कुछ सोचा होगा. नेहा तू हाँ कर दे

नेहा बुआ-अगर कुछ ऐसा वैसा हुआ तो इसकी ज़िम्मेदारी मीना की रहेगी.

सी चाची-मैं पूरा ध्यान रखूँगी अवी का ,

पूजा बुआ-कब जा रहा है अवी टूर पे

सी चाची-कल,

नीता बुआ-जाते हुए हमसे मिलके जाने को कहना

ब चाची-उसको मैं भेज दूँगी.

बुआ की इजाज़त मिलते मैं तैयार हो गया टूर पे जाने के लिए

नेक्स्ट डे मैं ने पूरी पॅकिंग की और तैयार हो गया टूर पे जाने के लिए

चाची चाचा, बुआ का आशीर्वाद लेने के बाद अपने भाई बहनों के गले लग कर मैं राजेश के साथ शहर चला गया.

बड़ी चाची के आँखों मे थोड़ा पानी आ गया था पर इतना तो होना ही था

मैं ने राजेश को कॉलेज के पास छोड़ने को कहा .और उसको वापस भेज दिया.

वो तो जाना नही चाहता था मेरे दोस्तो के आने तक रुकना चाहता था पर मैं ने उसको वापस भेज दिया और कहा कि सबको बताना कि मैं अपने दोस्तो के साथ चला गया.

रानी से मिलना चाहता था पर पासिबल नही था जिस से मैं ने उसको कॉल करके बता दिया कि मैं जा रहा हूँ

रानी ने मुझे गुड बाइ किस किया.

थोड़ी देर बाद हरीश अपने ग्रूप के साथ मुझे पिक करने आ गया.
 
827 ए

हरीश के ग्रूप मे हरीश को मिला के और 2 लड़के थे जो गे थे.

5 लड़किया थी जिस मे से 2 कज़िन थी ,और एक वो हिट्लर या कहूँ ग्रूप लीडर जिसने मुझे अपने फार्महाउस से निकाला था.

इनके ग्रूप की एंटरेस एग्ज़ॅम होने के बाद ग्रेजुएशन करने जाने से पहले साथ मे मस्ती करने के लिए ये टूर बनाया था.

इनके ग्रूप मे मैं और वो पार्क वाली लड़की एड हो गयी.

मेरे आने से वो हिट्लर लड़की थोड़ी गुस्सा हो गयी.

क्यू कि वो अपने ग्रूप के साथ मस्ती करना चाहती थी. बाहर वालो के आने से प्राइवसी पे सवाल पैदा हो गया.

पर इस बार हरीश ने उनकी एक भी नही सुनी और मुझे अपने ग्रूप मे शामिल किया.

हरीश ने उनको कहा कि मैं ड्रिंक नही करता ,जिस से उनको संभालने के लिए मुझे लिया है. साथ मे ड्राइव करने के लिए

हरीश की बात से सब सहमत हो गये पर वो हिट्लर नही हुई.

फिर भी कहते है ना मेजॉरिटी कॅरी लॉ

मिजॉर्टी से मेरी टिकेट पक्की हो गयी ,

फिर हम ने उस पार्क वाली लड़की को पिकप किया

इस लड़की को साथ आने के लिए एक टेस्ट देना पड़ा.

हरीश के ग्रूप की लड़कियो ने उस लड़की को टॉप लेस होकर पहली बार मे एक कार को रोकने का टेस्ट दिया.

मैं तो ये सुनते समझ गया कि टूर बहुत मज़ेदार होगा.

उसने हरीश के साथ आने के लिए टॉपलेस होकर हाइवे पे खड़ी होकर लिफ्ट माँग ली.

कार रुकते वो लड़की भाग कर हमारे पास आई और हम टूर पे निकल गये

कुछ देर उसको ऐसे टॉपलेस बैठने को कहा.

और बाकी सब उसके बूब्स को छेड़ने लगे

ऐसे मस्ती के साथ हम टूर पे निकल पड़े

कभी हरीश गाड़ी चलाता तो कभी मैं.

वो 2 लड़के एक दूसरे के साथ मस्ती कर रहे थे.

मैं सॉंग प्ले करके सबको मंज़िल पर पहुँचा दिया.

और हमारे मस्ती का खेल शुरू हुआ.

मैं ने टूर मे 6 लड़कियो के साथ चुदाई की.

मुझे पता चला कि हरीश ने ग्रूप 5 मे से 2 लड़की की वर्जिंटी थोड़ी है. 2 लड़कियो की उन दो लड़को ने बाद मे वो लड़के गे बन गये.

हिट्लर अब तक वर्जिन थी. और उसकी वर्जिंटी मैं ने ली.

हिट्लर का गुस्सा प्यार मे बदल दिया.

मुझे ये भी पता चला कि हरीश उस हिट्लर से इतना डरता क्यूँ है

क्यू कि हरीश उस हिट्लर से प्यार करता है. पर कभी बोल नही पाया.

मुझे उस हिट्लर के नज़दीक आते हरीश ने अपनी प्रेम कहानी मुझे बताई.

पर तब तक देर हो चुकी थी. मैं उस हिट्लर की चुदाई कर चुका था.

फिर भी हरीश उस से प्यार करता था.

मैं ने लास्ट मे उनको मिला दिया.

उनको मिलते हरीश मुझपे खुश हो गया.

इस टूर पे इतना मज़ा आएगा ये सोचा नही था

बेडरूम से ज़्यादा आउटडोर फन ज़्यादा किया ,ग्रूप के साथ कपल फन भी किया.

इस टूर मे जो 6 लड़किया थी वो मेरे लंड की दीवानी हो गयी.

क्यू कि हरीश को चुदाई करनी नही आती.

और वो 2 लड़के गे थे

और 2 लड़किया जो कज़िन थी वो लेज़्बीयन थी पर लंड का मज़ा भी लेती थी.

टूर के हर दिन मज़ा किया.

[ टूर का एपिसोड ग़लती से डेलीट हो गया ,ये एक्सट्रा वाले एपिसोड थे जो मैं ने अलग फोल्डर मे रखे थे ,पुराने मोबाइल से नये मोबाइल ट्रान्स्फर करते समय शायद डेलीट हो गया ,

बॅकप करने से पहले डेलीट हो गया था , पुराने मोबाइल को रिस्टोर करने के बाद भी तौर वाले एपिसोड का फोल्डर नही मिला

ये पार्ट मैं ने निकाल ही दिया था पर रीडर के कहने पे वापस एड किया था हरीश का पार्ट , और एक अलग फोल्डर मे रख दिया था , और अब देखा तो फोल्डर गायब था.

ये एपिसोड एक अड्वेंचर टाइप का था ,मेले के एपिसोड जैसा था टूर का एपिसोड ,

वैसे उस एपिसोड से कोई फ़र्क नही पड़ेगा स्टोरी मे ,

और जो उस एपिसोड का लास्ट पार्ट स्टोरी से रिलेटेड है उसको फिर से लिखा है शॉर्टकट मे ,

ये टूर चला गया तो क्या हुआ

आगे एक और टूर है जिसमे रानी और कोमल होगी , जिसमे ज़्यादा मज़ा आएगा ]

और लास्ट दिन मुझे जोरदार झटका लगा.

हरीश का बड़ा भाई जो अपने मम्मी पापा से झगड़ा करके अमेरिका गया था वो वापस आ गया.

हरीश के बड़े भाई ने किस वजह से अपने मम्मी पापा से झगड़ा किया था वो मुझे जल्दी पता चलेगा.

वो 4 साल बाद अमेरिका से वापस लौटा था

हरीश मुझे एरपोर्ट पे अपने साथ ले गया

हरीश ने बताया की उनका बड़ा भाई एक लड़की की वजह से गुस्से मे अपनी मम्मी पापा से झगड़ा करके अमेरिका गया था.

और ये भी बताया कि उसके भाई ने अमेरिका मे उसी लड़की के साथ शादी की है.

ये बात हरीश के अलावा उसके फॅमिली मे किसी को पता नही है.

वो लड़की हमारे शहर की है

हरीश का भाई सिर्फ़ 1 महीने के लिए वापस आया था क्यूँ की उस लड़की को अपने फॅमिली से मिलना था.

हरीश और मैं उसके भाई और भाभी के आने का इंतज़ार करने लगा.

जैसे हरीश ने अपना भैया भाभी की तरफ उंगली दिखाई तो मैं दंग रह गया.

ये है हरीश की भाभी

मुझे तो अपनी आँखों पे विश्वास नही हो रहा था.

मैं तो बस हरीश की भाभी को देखहता रह गया.

हरीश के भैया भाभी हमारे पास आते उसकी भाभी मुझे देखते ही स्टॅच्यू बन गयी.

हरीश तो अपने भैया के गले लग गया .

पर उसकी भाभी मुझे आँखे फाड़ कर देखती रही.

मैं सोच भी नही सकता था कि इसने शादी कर ली और मुझे पता भी नही चला.
 
827 फ

हरीश की भाभी पंकज की बहन ऋतु है.

ऋतु दीदी ने शादी कर ली और मुझे पंकज ने बताया नही.

शायद पंकज को भी पता नही चला होगा.

ऋतु दीदी ने किसी को बताया नही होगा

चलो फाइनलि 1 साल बाद मेरी मुलाकात ऋतु दीदी से हो गयी.

कब से पंकज को पूछ रहा था कि ऋतु दीदी कब आएगी.

ऋतु दीदी के घर ना आने के पीछे ये राज़ था.

ऋतु ने चुपके से शादी कर ली.

अब तो ऋतु दीदी से बहुत सारी बातें करनी होगी ,

लेकिन ऋतु दीदी ने शादी करके बहुत बड़ा झटका दिया.

हरीश-भैया ये मेरा नया फ्रेंड अवी है. और अवी ये मेरे बड़े भैया विक्रांत है

मैं ने हाथ मिला कर उनका स्वागत किया.

हरीश ने अपनी भाभी के पैर छु लिए

हरीश-भैया ,आपने भाभी को अपना बना लिया.

हरीश-भाभी नमस्ते ,मैं आपका देवर और ये मेरा दोस्त है अवी

मैं ने ऋतु दीदी की तरफ हाथ बढ़ाया तो ऋतु दीदी अपने हज़्बेंड को कॉर्नर मे ले गयी.

और दोनो मेरी तरफ देख कर बातें कर रहे थे.

मैं समझ गया था कि ये क्या बात कर रहे है.

उनकी बातें होते ही ऋतु दीदी मेरे पास आ गयी.

हरीश का भाई हरीश को साइड मे ले गया.

ऋतु-अवी मुझे तुमसे बात करनी है.

अवी-आपको मेरा नाम याद है.

ऋतु-देखो मैं जो कह रही हूँ वो ध्यान से सुनो

अवी-ऋतु दीदी अभी तो आप ट्रॅवल करके आई है थोड़ा आराम कीजिए बातें तो होती रहेगी.

ऋतु-मेरे लिए ये बात बहुत इम्पोर्टेंट है.

अवी-पंकज तो अपने मामा मामी के घर गया है. उसके आने तक बहुत टाइम है.

ऋतु-पंकज से तुम बात नही करोगे

अवी-वो शहर जाके देखेंगे ,वहाँ आराम से बात करेंगे ,

और मैं हरीश की तरफ जाने लगा.

ऋतु-मेरी बात तो सुनो

मैं ने कुछ नही सुना और हरीश के पास आया.

ऋतु दीदी भी मेरे पीछे पीछे आ गयी.

हरीश-भैया आप यहाँ क्यूँ आए सीधे अपने शहर आते

विक्रांत-तुझे पता है ना मम्मी पापा मुझपे नाराज़ है.

हरीश-पर अब तो ज़्यादा नाराज़ होंगे

विक्रांत-पता है. मेरी शादी की बात सुनते ही वो मुझे धक्के मारकर निकाल देंगे और ऋतु के साथ शादी करने से तो गोली मार देंगे

हरीश-आप मम्मी पापा को कैसे मनाएँगे

विक्रांत-उनको आराम से बताउन्गा.

हरीश-भाभी कहाँ रहेगी.

ऋतु-मैं अपने घर पे जाउन्गी. जैसे कुछ हुआ ही ना हो

हरीश-पर कब तक ऐसे रहेंगे

विक्रांत-हम बस एक महीने के लिए यहाँ आए है. फिर वापस अमेरिका जाएँगे

ऋतु-मेरे डॉक्युमेंट और ज़रूरत की चीज़े लेकर हम अमेरिका जाएँगे

विक्रांत-और हम अमेरिका मे ही रहेगे

हरीश-ये क्या बोल रहे है

विक्रांत-मैं अमेरिका मे सेट्ल हो चुका हूँ. और ऋतु भी यही चाहती है

हरीश-भाभी के घर वाले

ऋतु-हम ने सब सोच लिया है.एक दिन बता देंगे पर अभी नही. अभी बताया तो वो हमारी शादी को नही मानेंगे

हरीश-पर भैया आप यहाँ भी तो रह सकते है. यहाँ हमारा बिज़्नेस

विक्रांत-ये सब तेरा है, मैं अमेरिका मे खुश हूँ और ये बात किसी को मत बताना

हरीश-जैसा आप ठीक समझे

ऋतु-तुम अपने दोस्त को भी बता दो

हरीश-अवी किसी को नही बताएगा.

अवी-पूरी बातें यही एरपोर्ट पे करनी है या होटेल भी चलना है

हरीश ने समान उठा लिया और मैं कार चलाते हुए होटेल की तरफ जाने लगा.

हम जितने दिन इस टूर पे आए थे तब से एक प्राइवेट फार्महाउस पे रुके थे .

पर हरीश के भैया भाभी आने से सबने अपना समान होटेल मे शिफ्ट किया.

हरीश-भैया आपने शादी कब की.

अवी-तुम्हें भी बताया नही

हरीश-मुझे 1 महीने पहले बताया था. भैया आप अमेरिका मे थे भाभी यहाँ थी तो शादी कहाँ हुई.

विक्रांत-लंबी कहानी है घर जाके बताउन्गा.

हरीश-भाभी आपसे बहुत सी बातें करनी है.

ऋतु दीदी ने मेरी तरफ देख कर बात की

ऋतु-क्या बात करनी है

हरीश-पहले आप एक दूसरे से प्यार करते थे फिर फॅमिली प्राब्लम की वजह से दूर हो गये अब अचानक फिर से मिलते शादी कर ली,मूवी जैसा लग रहा है

ऋतु-वो हुआ ऐसा कि
 
ऋतु दीदी हरीश को इस तरह बताना चाहती कि वो बात मैं समझ सकूँ

पर होटेल आ गया.

ऋतु दीदी की एक लाइन पूरी होने से पहले मैं ने ब्रेक मार दिया

अवी-होटेल आ गया.

ऋतु दीदी समझ गयी कि उनको जल्दी कुछ करना होगा. कुछ तो सोचना होगा.

होटेल आते ही ऋतु विक्रांत के साथ धीरे धीरे बातें करते हुए होटेल के अंदर चली गयी.

हरीश ने उनके लिए रूम बुक करके रखा था

रूम मे जाते ही विक्रांत और ऋतु काफ़ी देर तक रूम मे बातें करते रहे ये बता कर कि उनको फ्रेश होना है.

हमारा टूर पूरा हो चुका था .छोटी चाची का फोन आया था ये पूछने के लिए की मैं कब आ रहा हूँ.

हमारी पॅकिंग हो चुकी थी.

बस हरीश के फ़ैसले का इंतज़ार था.

विक्रांत ने हम सबको अपने रूम मे बुला लिया

विक्रांत-तो तुम सब ने टूर एंजाय किया होगा.

हरीश-बहुत एंजाय किया.

हिट्लर-भैया ये आपकी गर्लफ्रेंड है.

हरीश ने सबको बताया था कि उसका भाई आ रहा है.

पर ग़लती से एरपोर्ट पे हरीश ने मुझे अपने भैया भाभी के बारे मे बताया .

हरीश ने ग़लत आदमी को अपने भैया भाभी के बारे मे बताया

हरीश के ऐसा करने से विक्रांत और ऋतु दीदी मुसीबत मे फँस गये

विक्रांत-मेरी गर्लफ्रेंड नही मेरी दोस्त है. हम अमेरिका मे मिले ,ये वहाँ पढ़ाई करने आई थी. हमारे शहर की है तो साथ मे यहाँ आ गये

हरीश-भैया आप आराम करो फिर हम शहर की तरफ वापस जाएँगे

विक्रांत-और कुछ दिन रूको हम साथ मे मिल कर एंजाय करेंगे

ऋतु दीदी मुझे रोकना चाहती है बात करने के लिए

हिट्लर-भैया हम काफ़ी दिन से यहाँ है. अब बोर हो गये

विक्रांत-एक 2 दिन और रुक जाओ.मैं भी तुम सबके साथ इस जगह को एंजाय करना चाहता हूँ

ऋतु-यहाँ बोर हुए तो हम किसी और जगह चलते है.

हरीश-आइडिया अच्छा है. क्या कहते हो

सब एक दूसरे के चेहरे देखने लगे

अवी-मैं और नही रुक सकता ,मेरे घर से फोन आया है.

विक्रांत-एक दिन से क्या होगा.

ऋतु-एक दिन रुकने से हमे आराम भी मिलेगा.

अवी-एक ज़रूरी काम है. वरना मैं ज़रूर रुकता

ऋतु दीदी मेरे काम की बात से घबरा गयी

ऋतु-कौन सा काम

अवी-कल मेरी सिस्टर का बर्तडे है. इस लिए मुझे जाना होगा(झूठ)

हरीश-फिर तो तुम्हें जाना होगा. तू चला जा हम रुकते है.

मेरे जाने की बात से विक्रांत और ऋतु एक दूसरे के चेहरे देखने लगे.

मेरे अकेले शहर जाने से ऋतु दीदी रिस्क नही ले सकती.

ऋतु-ठीक है हम भी शहर चलते है

हरीश-पर रुकने का क्या हुआ

विक्रांत-फिर कभी आएँगे.

हरीश-जैसा आप ठीक समझे

विक्रांत-कब निकलना है.

हरीश-एक घंटे मे निकलते है.

विक्रांत-हमारे लिए कार बुक कर लो

ऋतु दीदी का चेहरा उतर चुका था.

उनको मुझसे बात किए बिना चैन नही आएगा.

हम नाश्ता करके शहर की तरफ जाने लगे.

इस टूर मे सब ने बहुत मस्ती की जिस से सब थक चुके थे.

मैं ने तो फुल मस्ती की.

ये तौर यादगार रहेगा मेरे लिए.

इस टूर मे मैं चुदाई और बीयर ज़्यादा पी.

नयी नयी जगह पर घूमने गये.

रोज नये पार्टनर के साथ सोना

मैं हर दिन 2 बीयर की कॅन तो ख़तम कर ही देता.

मैं एंजाय करने के साथ रानी कोमल छोटी चाची और बड़ी चाची को रोज फोन करता था.

उनके बिना एंजाय्मेंट मे ज़्यादा मज़ा नही आया .

लास्ट मे मुझे जोरदार झटका लगा.

ऋतु दीदी ने शादी की.

ऋतु दीदी से शहर मे बात करूँगा.

विक्रांत और ऋतु कार मे मेरे साथ बैठ सकते थे पर वो सबके सामने बात नही करना चाहते थे

हम आराम से शहर पहुँच गये.

टूर सक्सेजफूल रहा.

रिज़ल्ट का टेन्षन कम हुआ.

मैं ने राजेश को मुझे लेने के लिए बुलाया.

मैं कॉलेज के सामने उतर गया.

सब ने मुझे गले लगा कर अलविदा किया.

मुझे अपने ग्रूप का पर्मनॅंट मेंबर बना दिया.

वैसे अब उनके ग्रूप मे कुछ बचा नही था फिर भी बहुत काम का ग्रूप था.

मैं ने सबको फिर से मिलने का वादा किया .

हिट्लर की तो आँखो मे आसू आ गये थे.

टूर पे जाते समय मुझे ले जाने से ऐतराज था और अब मुझे दूर जाने से रो रही थी.

मेरे शेर ने हिट्लर को भीगी बिल्ली बना दिया.

मैं कॉलेज के सामने उतर कर राजेश का इंतज़ार करने लगा.

राजेश के आते ही मैं गाओं की तरफ जाने लगा.

अपनी फॅमिली से मिलने
 
828

मैं अपना टूर सक्सेज करके घर आ गया.

छोटी चाची ने जिस लिए मुझे टूर पे भेजा था वो काम पूरा हुया.

मैं ने अपनी लाइफ मे वापस एंजाय्मेंट को जगह दी.

मेरे घर पे पैर रखते ही बड़ी चाची भाग कर मेरे गले लग गयी.

जैसे कि मैं 3 4 साल बाद उनसे मिल रहा हूँ

बड़ी चाची ने ऐसे मुझे गले लगाया कि जैसे मुझे दुबारा अपने से अलग नही करेगी.

बड़ी चाची का बस चले तो वो मुझे हर दिन अपने आँखों के सामने बैठा कर रखे.

गले लगाने के बाद बड़ी चाची ने मेरे चेहरे पे चूमना शुरू कर दिया.

चाची के प्यार के सामने तो सब कुछ कुर्बान

चाची का इतना प्यार मिलेगा तो मैं ऐसे टूर पे जाउ हमेशा

अवी-चाची बस भी करो पूरा चेहरा गीला कर दिया

ब चाची-तू तो चुप ही रह, इतने दिनो बाद तुझे देखा तो कंट्रोल नही रख पाई

अवी-रोज तो कॉल करता था.

ब चाची-तेरी आवाज़ तो सुनने को मिलती थी पर तुझे देखे बिना नींद नही आती उसका क्या

अवी-मेरा एक बड़ा सा फोटो लगवा देता हूँ आपके कमरे मे

ब चाची-अपनी चाची का मज़ाक उड़ाता है

अवी-मैं आपका मज़ाक नही उड़ा रहा,देखिए मेरे पॉकेट मैं आपकी फोटो रखता हूँ ताकि आप मेरे साथ हमेशा रहे

ब चाची-तू इतना प्यार करता है मुझसे

अवी-ये सवाल ऐसा है कि इसका जवाब दूँगा भी तो अपने प्यार के बारे मे बता नही पाउन्गा.

ब चाची-मेरा प्यारा बेटा

म चाची-दीदी हम भी है लाइन मे ,हमे भी थोड़ा प्यार करने दीजिए

ब चाची-तू पहले कुछ खाने के लिए बना देख अवी कितना दुबला हो गया है.

अवी-आपको तो मैं हमेशा दुबला दिखता हूँ.

म चाची-मेरे हाथ के खाने के बिना अवी दुबला हो गया है

अवी-आप दुबला बोल बोल कर मुझे मोटा बना देगी.

म चाची-मोटा बन गया तो मीना है ना

सी चाची-मैं ऐसी कसरत लूँगी कि तू मोटा बनेगा ही नही.

म चाची-और मैं खिलाती जाउन्गी.

ब चाची-तुम दोनो बस बोलती हो कुछ करती नही. जा परान्ठे बना ला अवी के लिए

अवी-चाची पहले फ्रेश हो जाउ

विद्या-पानी

ब चाची-तुम दोनो सीखो कुछ विद्या से,बस बातें करती हो और किसी ने अवी को पानी के लिए नही पूछा.

मैं ने पानी पी लिया.

म चाची-मैं परान्ठे बना कर लाती हूँ.

और सीमा उदास होकर रशोई घर मे जाने लगी.

अवी-सीमा चाची, 4 परान्ठे काफ़ी होंगे

म चाची-तू चुप रह. अब तो तुझे मोटा बना कर रहूंगी.

सी चाची-दीदी मेरा काम मत बढ़ाओ

म चाची-मैं अपना काम कर रही हूँ. तू अपना कर, अवी तैयार रह परान्ठे खाने के लिए

अवी-एक शरत पे खाउन्गा

म चाची-क्या

अवी-आप को अपने हाथो से खिलाना होगा.

म चाची-फिर तो ज़्यादा परान्ठे बनाने होगे

अवी-साथ मे खाएँगे ,

म चाची-चलो विद्या

ब चाची-सीमा आराम से, अवी जा फ्रेश हो जा

अवी-आपने मेरे टूर के बारे मे नही पूछा

ब चाची-तेरे चेहरे की चमक बता रही है कि तेरा टूर अच्छा गया होगा.

अवी-आप को पता है मैं ने वहाँ बहुत एंजाय किया.

ब चाची-तेरी खुशी बता रही है कि तूने नयी दुनिया देखी है.

अवी-आप वहाँ होती ज़्यादा मज़ा आता

ब चाची-तूने मज़ा किया ,मैं ने मज़ा किया ,क्या समझा

अवी-आपने ये टूर पे जाने दिया ये मेरे लिए अच्छा हुआ.

ब चाची-तेरे अच्छे के बारे मे मैं नही सोचूँगी तो कौन सोचेगा

अवी-थॅंक यू चाची

ब चाची-अब दुबारा टेन्षन मत लेना

अवी-ये क्या बोल दिया आपने ,अगर दुबारा टेन्षन लूँगा तभी तो फिर से टूर पे जानेको मिलेगा.

ब चाची-अगली बार टूर पे नही सज़ा मिलेगी

अवी-आप मुझे सज़ा नही दे सकती.

ब चाची-तू ग़लती करेगा तो ज़रूर सज़ा मिलेगी

अवी-आप मुझे सज़ा नही दे सकती

और मैं ने बड़ी चाची के गाल पे पप्पी लेकर फ्रेश होने चला गया.

फ्रेश होने के बाद मैं ने तीनो चाची के साथ मिलकर परान्ठे खाए

प्यार से भरपूर परान्ठे खाने से पेट भर गया.

खाना खा कर मैं अपने कमरे मे चला गया.

थोड़ी देर बाद छोटी चाची मेरे कमरे मे आई और मेरे कपड़े विद्या को देने लगी.वॉश करने के लिए
 
विद्या कपड़े लेकर चली गयी और छोटी चाची मेरे पास आ गयी

सी चाची-तो

अवी-तो क्या?

सी चाची-मुझे बताने वाला है या दिखाने वाला है.

अवी-दोनो करूँगा.

सी चाची-पहले बता फिर दिखाना

अवी-हिल स्टेशन मे मैं ने बहुत एंजाय किया

सी चाची-हरीश के ग्रूप के साथ एंजाय तो करेगा ही

अवी-6 लड़किया और अकेला मैं

सी चाची-और 3 लड़के थे ना

अवी-उनमे से 2 गे थे और हरीश मे दम नही था

सी चाची-फिर तो तेरे एक हाथ की पाँचो उंगलिया घी मे थी.

अवी-एक घी का दबा तो भूल गयी आप

सी चाची-उसके लिए 2 पैरो के बीच वाला डंडा है ना.

अवी-आप ग्रेट हो

सी चाची-चल बता क्या क्या किया

अवी-पहले दिन जाते ही मई ने ............ मैं ने.........एक एक करके...........सबकी चुदाई......की......... ........पर सिर्फ़ एक कुवारि थी........लेकिन मज़ा बहुत आया......इधर घुमा ,उधर घूमने गये , नये लोगो से मिला , ड्राइविंग की ,फुल टू मज़ेदार था टूर (कुछ बात छुपा दी छोटी चाची से )

मैं ने ऋतु की बात छोड़ कर सब बता दिया

सी चाची-तू ने तो खेल खेल मे मज़े किए

अवी- खेल खेल कर चुदाई की.

सी चाची-और वो हिट्लर तो तेरी दीवानी हो गयी.

अवी-दीवानी बनाकर प्यार करने मे मज़ा आया

सी चाची-और क्या किया ,

अवी-और इधर उधर की छोटी मोटी मस्ती की.

सी चाची-और

अवी-एक रात तो जंगल मे पार्टी थी वहाँ एंजाय किया

सी चाची-रात मे जंगल मे मॅंगल किया होगा तूने

अवी-हाँ. मॅंगल ही मॅंगल किया

सी चाची-तेरा टूर सक्सेसफूल हुआ

अवी-हाँ, आपने टूर प्लान करके मुझे खुश कर दिया

सी चाची-ऐसे खुश रहा कर

अवी-आप ऐसे ही टूर बनाया कीजिए

सी चाची-अब अगले साल टूर बनाउन्गी. तब तक हरीश जैसा ग्रूप ढूँढ लेना

अवी-जी.

सी चाची-अब दिखा मुझे तेरी मस्ती

मैं ने लॅपटॉप ओपन किया और मोबाइल मे मेमोरी कार्ड डाल डाल कर वीडियो लॅपटॉप मे कॉपी किए

उनमे से जो बड़ी चाची और बहनों को दिखाने वाले वीडियो और पिक्चर अलग फोल्डर मे रखे

सी चाची-ये क्या कर रहा है

अवी-ये आपके वाले वीडियो जो आप कल देखना .और ये बाकी सब को दिखाने वाले वीडियो

सी चाची-मैं दीदी को बुलाती हूँ

अवी-बुला लीजिए

छोटी चाची ने विद्या को आवाज़ दे कर बड़ी चाची और सीमा चाची को बुलाया.

ब चाची-क्या हुआ मीना ,हमे क्यूँ बुलाया

अवी-चाची आपको कुछ दिखाना है आइए

चाची बेड पर आकर बैठ गयी और मैं उनको अपने पिक्चर दिखाने लगा.

अवी-चाची ये फोटो पहाड़ी पे ली है

म चाची-अवी सारे फोटो मे तू अकेला क्यूँ है.

अवी-मेरे अकेले वाले फोटो लिए है बाकी फोटो दोस्तो के पास है.

म चाची-वो भी ले आता

अवी-कुछ फोटो है पर उसमे पंकज और करीम नही है. वो अलग जगह गये थे

ब चाची-दिखा ,वैसे कितने लोग गये थे

अवी-15 दोस्त थे, कुछ लड़किया तो कुछ लड़के,

सी चाची-क्लास वाले टूर पे गये थे

और मैं हरीश और 2 लड़को के फोटो दिखाने लगा.

मेरा हंसता हुआ फोटो देख कर बड़ी चाची खुश हो गयी.

और मेरे सर पे प्यार से हाथ घुमाने लगी.

कुछ फोटो मे एक 2 लड़किया थी जिसे देख कर सीमा चाची मेरी खिचाई करने लगी.

कुछ पुराने फोटो जिसमे पंकज और करीम मेरे साथ थे वो फोटो भी दिखा दी

ओवरॉल मेरे टूर से मैं खुश था मुझे खुश देख कर तीनो चाची खुश थी.

कल मेरे भाई बहन से मिलना होगा.

उनको मेरे टूर के फोटो दिखाने होंगे

चाची ने कहा कि कल सुबह होते ही मैं बुआ से मिलने जाउ

चाची को टूर के फोटो दिखा कर मैं सो गया
 
828 आ

सुबह होते ही कसरत करके खुद को फिट किया

काफ़ी दिन बाद कसरत करने से काफ़ी हड़िया टूट कर ठीक हो गयी.

कसरत करने के बाद मैं बुआ से मिलने चला गया.

पहले नीता बुआ से मिलने गया ,नीता बुआ मुझे देखते ही अपना प्यार मुझ पे नौछावर करने लगी.

राजेश और लीना भी खुश हो गये. मैने थोड़ी देर नीता बुआ के साथ वक्त बिताया .और राजेश लीना को अपने साथ लेकर नेहा बुआ के घर आ गया.

मेरे आते ही नेहा बुआ को खुशी तो हुई पर उन्होने हर बार की तरह अपनी खुशी को छुपा कर अपने सीने मे दफ़न किया.

कोमल तो मुझे देखकते मेरे गले लग गयी.

और आज क्लासस से च्छूति ले ली.

कोमल ने मेरे लिए क्लास मिस किया .

कोमल ने रानी को फोन करके बताया कि मैं आ चुका हूँ जिस से वो आज क्लासस नही आएगी

कोमल ने मुझे फँसा दिया रानी को मेरे आने की बात कोमल से पता चली अब तो रानी गुस्सा हो गयी होगी.

रानी को मनाना होगा पर पहले पूजा बुआ के घर जाना होगा.

मैं सबको लेकर पूजा बुआ के घर आ गया.

राज तो भाग कर मेरे पास आया और टूर के बारे मे पूछने लगा.

पूजा बुआ ने मेरे सर पे किस किया और हम सबके लिए सरबत बनाने गयी.

राज-भैया टूर पे क्या क्या देखा ,

अवी- बताऊ या दिखाऊ

राज-मैं तो देखना चाहूँगा

अवी-दीदी आपका लॅपटॉप मिलेगा

स्वेता दीदी-लो ,पर हम भी देखेंगे

मैं ने पेनड्राइव लॅपटॉप को कनेक्ट किया और उनको फोटो दिखाने लगा.

जो फोटो चाची को दिखाए थे वही सबको दिखाए

सीतल दीदी-अवी तूने तो बहुत मज़ा किया,काश हम भी वहाँ होते

अवी-एक दिन हम सब जाएँगे वहाँ पर ,और बहुत मस्ती करेंगे.

कविता-हाँ ,फिर तो हम बहुत मज़ा करेंगे

स्वेता दीदी-हाँ ,इतना लंबा तो नही पर एक दिन के तो टूर पे जाएँगे

राज-दीदी ने बोला तो हम ज़रूर जाएँगे. दीदी जो कहती है वो होता ही है.

अवी-आप सब मूवी देखो मैं आराम करता हूँ

कोमल-मैं भी चलती हूँ तुम्हें नोट्स देनी है

मैं कोमल के साथ बाहर आ गया.

कोमल-तुम ने बहुत मज़े किए

अवी-पहली बार जो घूमने गया था.

कोमल-हम भी तो गये थे.

अवी-वो बात अलग थी. पहली बार दोस्तो के साथ घूमने का मज़ा लिया है.

कोमल-तुम वहाँ मज़ा कर रहे थे और यहाँ मुझे अच्छा नही लग रहा था.

अवी-क्या हुआ

कोमल-तुम्हारे साथ रहने की आदत जो लग गयी है

अवी-आदत बदल दो ,

कोमल-मतलब तुम्हें मेरे साथ, समझी उन लड़कियो के साथ रहना पसंद है तुम्हें

कोमल मेरे फोटो देख कर ऐसा बोल रही है

मेरी फोटो लड़कियो के साथ देख कर जल रही है

अगर कोमल का ये हाल है तो रानी तो मेरी गर्लफ्रेंड है

रानी कितनी जलेगी, पर जलने के बाद उसको ठंडा करने मे बहोत मज़ा आता है

अवी-ऐसा ही समझ लो, वो कितनी मॉडर्न है.

कोमल-मॉडर्न सब दिखावा होता है.

अवी-लेकिन उनके साथ बहुत एंजाय किया.

कोमल-करो ,उनके साथ घुमो ,मैं तो कोई भी नही हूँ.

कोमल शायद वो झरने वाले उसके साथ गये हुए टूर को इस मेरे फ्रेंड के साथ गये हुए टूर से कंपेर कर रही थी

अवी-उनका फोन आया था .मिलने बुलाया ,कॉफी पीने के बहाने से

आज तो कोमल के हाथ की कॉफी पी कर रहूँगा

कोमल-मुझे क्यू बता रहे हो. मैं ने तुम्हारे लिए क्लासस नही गयी और तुम हो कि ,मैं जा रही हूँ

अवी-नोट्स तो देती जाओ

कोमल-उन चुड़ेल से माँग लो,

कोमल गुस्से मे अपने घर जाने लगी तो मैं ने उसका हाथ पकड़ लिया.

कोमल-छोड़ो मेरा हाथ ,

अवी-मैं हाथ छोड़ने के लिए पकड़ता

कोमल-उन चुड़ेल का हाथ पकडो

अवी-मैं क्या पागल हूँ जो इतने कोमल हाथो को छोड़ कर उन चुड़ेल के पास जाउ

कोमल-मैं ने कहा छोड़ो

अवी-देखो छोड़ दिया तो सच मे उनके पास जाउन्गा .

कोमल-जाकर दिखाओ ,उनके हाथ तोड़ दूँगी ,मुझसे बुरा कोई नही होगा.

अवी-मैं तो डर गया ,

कोमल-मज़ाक मत समझो

अवी-मैं मज़ाक ही कर रहा था. मुझे उनके साथ ज़्यादा मज़ा नही आया तभी तो कहा कि हम सब ऐसे घूमने जाएँगे

मेरी बात सुनते ही कोमल के एक्सप्रेशन नॉर्मल होने लगे

कोमल-सच मे वो मज़ाक था.

अवी-फ्रेंड के साथ थोड़ा मज़ाक किया तो फ्रेंड को गुस्सा आता है. आज के बाद मैं मज़ाक नही करूँगा.

कोमल-सॉरी

अवी-अब रहने दो

कोमल-मैं तुम्हें अपने हाथ की कॉफी पिलाती हूँ.

अवी-ऐसा सॉरी बोला करो,

और कोमल मुझे अपने घर ले गयी

और अपने हाथ की बनी हुए कॉफी पिलाने लगी.

कॉफी पीते हुए मैं कोमल के साथ बातें करने लगा.

कोमल काफ़ी देर तक बातें करती रही .

.

कोमल के साथ टाइम बिताने के बाद मैं घर आ गया.

मेरे घर आने तक छोटी चाची के सिवा सब सो गये थे. दोपहर की नींद अच्छी होती है.

छोटी चाची क्यूँ नही सोई ये मुझे पता था.

मैं ने छोटी चाची को वीडियो प्ले करके दिए

छोटी चाची वीडियो देखने लगी और मैं

रानी को कॉल करने लगा.
 
828 ब

रानी ने कॉल नही उठाया ,

मुझे पता था कि रानी ने फोन क्यूँ नही उठाया .क्यू कि मैं ने उसे आते ही कॉल नही किया

फिर भी एक बार और कॉल किया.

रानी ने पहली रिंग पूरी होने सेपहले फोन उठा लिया.

रानी-मोबाइल मत तोड़ना

हेलो कहने की जगह ये क्या बोल रही है रानी.

अवी-हेलो

रानी-मोबाइल मत तोड़ना

पिछली बार की बात याद है रानी को

अवी-अगर अभी फोन नही उठाती तो ज़रूर तोड़ देता.

रानी-मैं गुस्सा नही हूँ. मैं ने फोन उठाया ,

मैं रानी की बात सुनकर हँसने लगा

रानी-हंस क्यू रहे हो

अवी-तुम गुस्सा होने के बाद भी बोल रही न कि गुस्सा नही हो

रानी-तुम्हारे वजह से ऐसा बोल रही हूँ क्या पता मेरे गुस्से के वजह से तुम गुस्सा होकर मोबाइल तोड़ दो

अवी-ये मोबाइल कैसे तोड़ सकता हूँ. ये तुम्हारा गिफ्ट है.

रानी-तो क्या अब मैं गुस्सा हो सकती हो

अवी-हाँ, ,

मुझे रानी के ऐसा पूछने से हँसी आ रही थी

रानी-तुम्हें अब समय मिला मुझे फोन करने का

अवी-तुम्हें तो पता था कि मैं कल आने वाला हूँ तो तुम फोन नही कर सकती

रानी-ट्रेवलिंग करते समय फोन करके डिस्ट्रब नही करते .तुम ने क्यू नही किया, एक मेसेज कर देते

अवी-तुम्हें पता है मेले मे मैं तुमसे एक सवाल पूछा था कि तुम्हारे पास मेरे लिए टाइम नही है.

रानी-पहले मेरी बात का जवाब दो

अवी-जवाब ही दे रहा हूँ. मैं ने मेले मे ऐसा पूछा था ना

रानी-हाँ पूछा था

अवी-तुम्हारा जवाब क्या था.

रानी-कि तुम्हारी बहन मुझे अकेला नही छोड़ती

अवी-तो सोचो तुमसे इतना प्यार करती थी तो मेरे आते मेरी बहनों ने मुझे चैन से सास भी लेने नही दी

रानी-मैं इस बात को कैसे भूल गयी. मैं ईडियट हूँ

अवी-और तो और मेरी चाची बुआ ,इनसे जब टाइम मिलेगा तभी तो तुम्हें कॉल करेगा.

रानी-सॉरी

अवी-ऐसे नही

रानी-फिर

अवी-अपनी एक पिक सेंड करो कान पकड़ कर

रानी ने फोन कट करके एक पिक्स सेंड की. और वापस फोन किया.

अवी-ये फोटो मैं वॉलपेपर रखूँगा

रानी-क्यू?

अवी-मुझे याद रहेगा कि तुम सॉरी भी बोल सकती हो

रानी-वेरी फन्नी

अवी-वो छोड़ो ,तुम आज क्लास क्यू नही गयी.

रानी-कोमल के बिना कैसे जाती

अवी-तुम जाती तो कोमल की पढ़ाई जो आज ना जाने से रुकी है वो कवर हो जाती.

रानी-वो हम मिलके कर लेंगे

अवी-वैसे रानी तुम्हें आना चाहिए था टूर पे ,बहुत मज़ा आता

रानी-तुम ने पूछा ही नही वरना मैं आ जाती.

अवी-नेक्स्ट टाइम ज़रूर पूछूँगा.

रानी-किसी दिन हम घूमने जाएँगे. तुम मुझे कही घूमने ले जाते नही.

अवी-ऐसे हम इतना प्यार करते है. कही और जाने की क्या ज़रूरत है.

रानी-कम से कम मूवी के लिए तो ले जा सकते हो.

अवी-मूवी भी ले जाउन्गा और घूमने भी जाएँगे.लेकिन कॉलेज स्टार्ट होते ही ,अभी तुम्हारे पास टाइम कहाँ है.

रानी-पक्का ले जाओगे

अवी-हाँ,

रानी-और बताओ तुम्हें मेरी याद आई की नही.

अवी-तुम बताओ तुम्हें याद आई

रानी-हाँ, हर समय याद आती है.

अवी-पढ़ाई करते हुए

रानी-पढ़ाई करते भी आती है.

अवी-बाइयालजी पढ़ते हुए आती होगी.

रानी-बाइयालजी

अवी-रिप्रोडक्षन चॅप्टर है ना बाइयालजी मे

रानी-हाँ

अवी-मेल रेपोर्डकटिव ऑर्गन की डाग्राम निकाली है.

रानी-हाँ

अवी-वो डाइयग्रॅम निकालते हुए मेरी याद ज़रूर आई होगी.

रानी-तुम ,तुम बहुत गंदे हो

अवी-बताओ ना याद आई कि नही.

रानी-मैं फोन रख रही हूँ

अवी-ऐसा मत करना पहले जवाब दो

रानी-तुम मुझे अपना जैसा बनाना चाहते हो.

अवी-एक सिंपल सा सवाल पूछा है.उसका जवाब दो

रानी-इसके जवाब बाद मे दूँगी

और रानी ने फोन कट कर दिया.

रानी ने बिना जवाब दिए फोन कट किया

मैं फोन करने वाला था कि रानी ने एक पिक्स भेजा

मैं ने पिक्स देखा तो पिक्स मेल रेपोर्डकटिव ऑर्गन का था

और उसपे मेरा नाम लिखा हुआ था अवी

रानी का जवाब मुझे पसंद आया.

रानी काफ़ी स्मार्ट है.

बना जवाब दिए मुझे खुश कर दिया.

मैं ने रानी को वापस फोन किया

अवी-आइ लव यू

रानी-आइ लव यू टू

और एक प्यारा सा किस दे कर हम ने प्यारी भरी बातें ख़तम की
 
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