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मैं और मेरा परिवार

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831 ब

हम लॅडीस सेक्षन की तरफ जा रहे थे कि मुझे बेबी सेक्षन का बोर्ड दिखा.

अवी-यहाँ छोटे बच्चों के कपड़े मिलते है

शॉप गर्ल-हाँ, ये तुम्हारे किस काम का

अवी-मेरे कज़िन छोटे हैं उनके लिए भी ड्रेस लेना था.

शॉप गर्ल-खरीद लेना ,नया स्टॉक आया है सम्मर स्पेशल

अवी-चलो फिर

हम बेबी सेक्षन मे आ गये.

शॉप गर्ल-एज क्या है.

अवी-कुछ महीने के है. 2 भाई है और एक बहन

शॉप गर्ल-मैं दिखाती हूँ तुम पसंद कर लो

शॉप गर्ल मुझे छोटे बच्चों के कपड़े दिखाने लगी.

छोटे बच्चों के ड्रेस सभी अच्छे दिख रहे. हर ड्रेस पसंद आ रहा था.

क्या करूँ ,ऐसे तो सब खरीदने का मन हो रहा है.

अवी-ये तो सभी अच्छे है.

शॉप गर्ल-नया स्टॉक है. सम्मर के लिए ,इन कपड़ो से ज़्यादा प्राब्लम नही होगी गर्मी की.

अवी-एक काम करता हूँ. 1 हफ्ते के मतलब 7 7 ड्रेस लेता हूँ

शॉप गर्ल-खरीद लो पर गर्मिया जल्दी ख़तम हो रही है. ये मे महीना और नेक्स्ट जून. इस हिसाब से लो

अवी-कुछ नही होता ,तुम इनको पेकिंग करो

शॉप गर्ल-लगता है. आज तुम्हारी शॉपिंग मेरा डबल प्रमोशन करवाएगी.

अवी-अच्छा है ना. कर दो इनको पॅक

शॉप गर्ल-कुछ खिलोने लेना चाहोगे.

अवी-यहाँ मिलते है

शॉप गर्ल-नही. पर एक शॉप है मेरे पहचान का जहाँ तुम्हे अच्छे खिलोने मिल जाएँगे

अवी-दूसरे शॉप के बारे मे मुझे क्यूँ बता रही हो

शॉप गर्ल-लोग यहाँ ड्रेस लेने आते है तो मैं उनको खिलोने के लिए उस शॉप का पता बताती हूँ. अगर उन लोगोने वहाँ खिलोने लिए मुझे वो शॉप वाला कुछ पर्सेंट देता है. मतलब डबल कमाई.

अवी-कमाल का दिमाग़ है. तभी इतनी जल्दी प्रमोशन हुआ है.

शॉप गर्ल-करना पड़ता है. एक्सट्रा कमाई करनी पड़ती है. मेरा कनेक्षन ज़्यादातर शॉप के साथ है जैसे जो यहाँ नही मिलता उसके लिए मैं कस्टमर को दूसरे शॉप के बारे मे बता कर पैसे कमाती हूँ. और कॉंपिटिशन का जमाना है. उन शॉप वालो को कस्टमर की ज़रूरत है.जो मैं सप्लाइ करके पैसे कमाती हूँ.

अवी-तुम्हारा बॉस कुछ नही कहता

शॉप गर्ल-उनको क्या प्राब्लम होंगी.

अवी-मुझे भी बता दो उस शॉप का पता, अगर कभी ज़रूरत पड़ी तो तुम्हारा नाम बता कर खरीदी करूँगा. तुम्हारा फ़ायदा हो जाएगा.

शॉप गर्ल ने मुझे खिलोने की शॉप, बेबी के लिए सोप और पाउडर जैसी चीज़े की शॉप का पता दिया.

काफ़ी तेज लड़की है. पैसे कमाने के तरीके जानती है.

कस्टमर को निराश किए बिना उनकी शॉपिंग पूरे इंटेरेस्ट के साथ करवाती है.

हम नेक्स्ट सेक्षन मे गये.

लॅडीस सेक्षन

शॉप का सबसे बड़ा सेक्षन

शॉप गर्ल-बोलो क्या लेना है अपनी गर्लफ्रेंड के लिए

अवी-नाइट ड्रेस और गाउन लेते है

शॉप गर्ल-नाइटी ,किस टाइप की चाहिए

अवी-क्या मतलब

शॉप गर्ल-ट्रांसपेरेंट चाहिए ,या नोन ट्रांसपेरेंट, मिनी शॉर्ट या लोंग चाहिए, शूलेशस चाहिए ,या बड़े गले वाली चाहिए, घुटने तक चाहिए या गाउन ,सम्मर के लिए चाहिए या पूरे सेशन के लिए चाहिए

अवी-नोन ट्रांसपेरेंट, गाउन ,सिंपल पर अच्छा वाला ,और कभी भी पहन सके ऐसा

शॉप गर्ल-तुम्हारी गर्लफ्रेंड के लिए ले रहे हो या किसी और के लिए

अवी-मेरी आंटी के लिए ,

शॉप गर्ल-समझ गयी. जैसी चाहिए वैसी मिलेंगी. सिंपल पर अच्छी वाली दिखाती हूँ.

अवी-साइज़ बताऊ

शॉप गर्ल-साइज़ की ज़रूरत नही है.मीडियम साइज़ की देती हूँ .

अवी-मुझे ज़्यादा पता नही है. तुम्हे जैसा ठीक लगे वैसा दो ,पर साइज़ देख लो

उसने साइज़ नोट किया और हाइट भी.

शॉप गर्ल-तीन आंटी है.

अवी-हाँ, हॉलिडे मे आई है पर गाउन लाना भूल गयी तो मैं खरीद लेजाउन्गा .

शॉप गर्ल-उनको साथ लाते

अवी- दिखा दो ,कितने सवाल करती हो

शॉप गर्ल-दिखाती हूँ

और शॉप गर्ल मुझे गाउन दिखाने लगी.

जो स्टार्टिंग मे दिखाए वही पॅक कर लिए ,

छोटि चाची और सीमा चाची के लिए थोड़े अट्रॅक्टिव और बड़ी चाची के लिए सिंपल गओन पॅक कर लिया.

शॉप गर्ल-और दिखाऊ

अवी-नही. ज़्यादा देखूँगा तो कन्फ्यूज़ हो जाउन्गा.

शॉप गर्ल-और क्या लेना है

अवी-एक लास्ट आइटम लेना है

शॉप गर्ल-बोलो

अवी-तुम कैसे बताऊ समझ नही आ रहा

शॉप गर्ल-बताओगे नही तो मैं दिखाउन्गी कैसे

अवी-मेरी गर्लफ्रेंड ना काफ़ी पुराने ख़यालो की है

शॉप गर्ल-मॉडर्न ड्रेस चाहिए

अवी-ड्रेस(विद्या के लिए लेने थे ,भूल गया था)

शॉप गर्ल-क्या हुआ.

अवी-चलो पहले मेरी गर्लफ्रेंड के लिए सलवार कमीज़ लेते है

शॉप गर्ल-जैसा तुम कहो ,वैसे जीन्स टॉप भी है.

अवी-उसको जीन्स पसंद नही है.

शॉप गर्ल-उसका साइज़ बताओ

अवी-34-24-34

शॉप गर्ल-ये तो मेरा

शॉप गर्ल-ये तो मेरा साइज़ है. तुम्हे पर्फेक्ट ड्रेस दिखाती हूँ

अवी-ये तो अच्छा हुआ ,ड्रेस पर्फेक्ट आएँगे उसे

शॉप गर्ल-मैं कुछ अपने लिए ड्रेस सेलेक्ट किए थे वो दिखाऊ

अवी-हाँ दिखाओ

शॉप गर्ल-ज़्यादा महेंगे नही है पर अच्छी डिज़ाइन है.

अवी-तुम्हे पसंद है तो डाइरेक्ट पॅक करदो

शॉप गर्ल-देख तो लो

अवी-तुम्हे इतना एक्सपीरियेन्स है. तुम्हारे पसंद के है तो अच्छे ही होगे ना

शॉप गर्ल-एक बार देख लो

अवी-दिखाओ फिर
 
शॉप गर्ल ने कुछ अपने पसंद के ड्रेस दिखा दिए

मैं ने तीन ड्रेस सेलेक्ट किए औरविद्या के लिए पॅक किए

शॉप गर्ल-इतने से हो जाएगा

अवी-तुम मुझे ज़्यादा चुना मत लगाओ

शॉप गर्ल-क्या

अवी-इतने काफ़ी है

शॉप गर्ल-इस से तुम्हारी गर्लफ्रेंड खुश हो जाएगी.

अवी-हाँ

शॉप गर्ल-पर तुम ने तो कहा था कि तुम्हारी गर्लफ्रेंड पुराने ख़यालो की है. और तुम

अवी-वो जीन्स नही पहनेगी. पर

शॉप गर्ल-पर क्या

अवी-उसको बाहर से नही अंदर से मॉडर्न बनाना है

शॉप गर्ल-मैं समझी नही

अवी-वो पुराने टाइप की पैंटी पहनती है. उसके लिए मॉडर्न पैंटी खरीदना चाहता हूँ

पैंटी का नाम सुनते वो शरमा गयी.

शायद पहली बार किसी मेल कस्टमर ने ऐसी बात कही थी.

अवी-क्या हुआ

शॉप गर्ल-कुछ नही. चलो दिखाती हूँ

अवी-ये नही पूछूंगी कि किस टाइप की चाहिए

शॉप गर्ल-मैं पूछने वाली थी.

अवी-मैं ही बता देता हूँ. हर टाइप की दिखाना ,और वो पीछे से सिर्फ़ स्ट्रिंग वाली होती है वो हैना

मेरी बात सुनते उसने शरम से अपनी आँखे नीचे की

और शॉप गर्ल ने हाँ मे गर्दन घुमा दी.

अवी-क्या हुआ

शॉप गर्ल-कुछ नही

अवी-कुछ तो है

शॉप गर्ल-वो पहली बार किसी आदमी ने फीमेल पैंटी के बारे मे पूछा ना तो मुझे समझ नही आ रहा था कि कैसे बात करूँ

अवी-फ्री होकर बात करनी चाहिए ,

शॉप गर्ल-चलो दिखाती हूँ

वो मुझे अंडरगारमेंट के सेक्षन मे ले गयी.

अवी-साइज़ तो तुम्हे पता हैना

शॉप गर्ल-हाँ

अवी-तुम ने जैसे अपने लिए ड्रेस सेलेक्ट किए थे वैसे पैंटी भी की होगी ना ,वही दिखा दो

अब तो वो पानी पानी हो गयी

उसके अपनी आँखे इधर उधर घुमाई जैसे किसी के सुना तो नही.

वो शरम के मारे ये भूल गयी थी कि शॉप मे सिर्फ़ हम दोनो हैं

अवी-तुम्हे बार बार क्या होता है

शॉप गर्ल-सॉरी मैं अभी दिखाती हूँ.

और वो मुझे विद्या के साइज़ की मतलब अपने साइज़ की पैंटी दिखाने लगी.

उसने हर टाइप की जो उसके शॉप मे थी जो उसे पसंद थी वो पैंटी मुझे दिखा दी.

मैं ने एक दो पैंटी उठा कर उसके सामने हाथो मे पकड़ कर देखने लगा.

मेरे ऐसा करने से उसको अनकंफर्टबल महसूस हो रहा था.

अवी-ये अजीब पैंटी है

शॉप गर्ल-क्या

अवी-देखो पीछे से सिर्फ़ एक धागा है. इस से क्या छुपता होगा

मेरे इस सवाल से वो अपने हाथो की उंगलियो के साथ खेलने लगी

अवी-हैना अजीब पैंटी ,पूरा खुला खुला

शॉप गर्ल ने हाँ मे गर्दन घुमा दी

अवी-ये भी अजीब है पैंटी जो नॉट लगानी पड़ती है

शॉप गर्ल-पॅक कर दूं

अवी-देखने तो दो

शॉप गर्ल-इसमे क्या देखना है.

अवी-देखना पड़ता है अगर गर्लफ्रेंड को पसंद नही आई तो

शॉप गर्ल-आ जाएगी

अवी-तुम इतने यकीन के साथ कैसे कह सकती हो

शॉप गर्ल-बाय्फ्रेंड का गिफ्ट पसंद आ जाता है.

अवी- परमुझे तो पसंद आनी चाहिए

शॉप गर्ल-देख तो लिया है.

अवी-उस पे कैसी दिखेगी ये सोच रहा हूँ. अगर वो. यहाँ होती तो पहनने को कहता

शॉप गर्ल-घर जाकर पहना देना

अवी-मैं उतारने को ले रहा हूँ

वो मेरा मतलब समझते मेरी तरफ देखती रह गयी.

अवी-ये अच्छी तो है पर ट्राइ कर लेती तो अच्छा रहता

शॉप गर्ल-मैं पॅक करूँ

अवी-रूको, सोचने दो

शॉप गर्ल-इसमे सोचना क्या है.

अवी-तुम्हारा भी तो साइज़ मेरी गर्लफ्रेंड जैसा है

शॉप गर्ल-तो

अवी-तुम ट्राइ कर दिखा दो ,अगर तुम पे अच्छी लगेंगी तो उस पे भी अच्छी लगेंगी.

शॉप गर्ल-क्या ,मैं कैसे, मैं नही कर सकती.

अवी-एक बार ट्राइ करने मे क्या प्राब्लम है

शॉप गर्ल-मैं नही कर सकती

अवी-यहाँ सिर्फ़ हम दोनो है. किसी को क्या पता चलेगा.

शॉप गर्ल-मैं नही कर सकती.

अवी-मैं ने तुम्हारी इतनी मदद की है. तुम मेरी इतनी सी मदद नही कर सकती.

शॉप गर्ल-किसी को पता चला तो गड़बड़ हो जाएगी.

अवी-यहाँ सिर्फ़ हम दोनो है

शॉप गर्ल-मुझे सोचने दो

अवी-एक छोटा सा फेवर नही कर सकती.

शॉप गर्ल-मुझेसोचने दो

अवी-इसमे सोचना क्या है. एक काम करो इसको मेरी पार्टी समझ लो जो तुम देने वाली थी.

शॉप गर्ल-ठीक है. पर तुम दूर से देखोगे

अवी-दूर से मतलब

शॉप गर्ल-दूर से

अवी-दूर से कैसे पता चलेगा.

शॉप गर्ल-रहने दो फिर

अवी-ठीक है

शॉप गर्ल-चलो चेंज रूम के पास

अवी-वहाँ जाने की क्या ज़रूरत है. शॉप मे सिर्फ़ हम दोनो है.

शॉप गर्ल-रहने दो फिर

अवी-वहाँ दूसरे सेक्षन मे जाकर ट्राइ करो,ताकि जल्दी ट्राइ कर के मुझे दिखा सको

शॉप गर्ल-तुम यही रूको

और शॉप गर्ल ब्रा पैंटी उठा कर नाइटी सेक्षन मे जाकर ट्राइ करने लगी.
 
831 सी

वो ब्रा पैंटी लेकर ट्राइ करने चली गयी.

और तब तक मैं ने विद्या के लिए सिंपल वाली और 2 ऋतु ढड़ी वाली टाइप की पैंटी सेलेक्ट करके साइड मे रख दी.

वो कुछ टाइम लगा रही थी

शायद शरमा रही थी. कि कैसे मेरे सामने आए.

वो इस सोच मे डूबी होगी की मैं उसको पैंटी मे देख कर क्या कहूँगा.

उसने हमेशा सिंपल पैंटी पहनी थी.और आज ऐसी मॉडर्न पैंटी वो भी मेरे सामने ,एक अजनबी के सामने ,क्या हाल हुआ हो रहा होगा उसका

मैं उसकी तरफ जाके देखने लगा कि वो क्या कर रही है.

मैं चुपके से उसका तरफ देखने लगा.

उसने अपने कपड़े निकाल दिए थे और वो ब्रा पैंटी पहन ली थी.

उसकी पीठ मेरी तरफ थी.

पैंटी की स्ट्रिंग वो अपनी गंद मे अड्जस्ट कर रही थी.

उसके इस तरह अड्जस्ट करने से वो अपने चूतड़ हिला रही थी.

सामने जो मिरर था उसमे खुद को देखने लगी.

खुद की खूबसूरती को ब्रा पैंटी मे निहारने लगी

एक साइड मे होकर अपने चूतड़ पर हाथ रख कर मिरर मे देख रही थी.

उस स्ट्रिंग को बाहर निकाल कर खुद को मिरर मे देख रही थी.

अपने ब्रा मे छुपे हुए बूब्स को अड्जस्ट करते हुए मिरर मे खुद को देखने लगी.

उसकी तरह मैं भी अपने लंड को अड्जस्ट करने लगा.

वो गोल गोल घूम कर खुद को बताने लगी कि वो क्या है.

वोजैसे मुझे भूल गयी थी.

उसको याद ही नही रहा कि मैं उसका इंतज़ार कर रहा हूँगा.

उसने बेफिकर होकर अपनी पैंटी को थोडा नीचे सरका कर चूत को मिरर मे देखते हुए उंगली से सहलाने लगी.

और खुद से अजीब अजीब बाते करने लगी.

मैं उसके खूबसूरत बदन को अपने आँखो मे क़ैद करने लगा.

मैं उसकी गंद को देख कर खुद को कंट्रोल नही कर पाया और अपने कपड़े निकाल कर सिर्फ़ अंडरवेर मे उसके पास चला गया.

वो अपनी दुनिया मे खोई हुई थी. उसे अहसास भी नही हुआ कि मैं उसके पास खड़ा हूँ

मैं ने राजकुमारी को ज़मीन पर लाने केलिए उसको पीछे से पकड़ लिया.

मेरे पकड़ते ही वो मुझे मिरर मे देखते होश मे आ गयी.

और मेरी पकड़ से निकालने की जगह हम दोनो को मिरर मे देखने लगी.

अवी-जोड़ी अच्छी लग रही है

शॉप गर्ल-हाँ,

और मैं ने उसके गर्दन पे बाइट करके पूरा होशमे लाया.

पूरी होश मे आते उसने मेरे हाथो से निकालना चाहा

शॉप गर्ल-ये क्या कर रहे हो, छोड़ो मुझे

अवी-अभी तो तुम ने कहा कि जोड़ी अच्छी लग रही है

शॉप गर्ल-वो मैं होश मे नही थी

अवी-किसके ख़याल मे खोई थी.

शॉप गर्ल-तुम पहले मुझे छोड़ो

अवी-क्यू छोड़ूं

शॉप गर्ल-बात सिर्फ़ देखने की हुई थी ,वो भी दूर से

अवी-दूर से देख लिया है. अब पास से फील करना चाहता हूँ

शॉप गर्ल-छोड़ो मुझे

अवी-छोड़ू तुम्हे

शॉप गर्ल-नही, मैं ने कहा छोड़ो मुझे

अवी-तुम्हे छोड़ने का मन नही हो रहा है

शॉप गर्ल-तो अपनी गर्लफ्रेंड पास जाओ

अवी-तुम बन जाओ मेरी गर्लफ्रेंड .आज के लिए

शॉप गर्ल-नही.

अवी-क्यू मैं पसंद नही हूँ.

शॉप गर्ल-तुम हॅंडसम हो ,पर मेरा बाय्फ्रेंड है

अवी-तो क्या हुआ मेरी भी गर्लफ्रेंड है.

शॉप गर्ल-मैं चिल्लाउन्गी.

अवी-पहले कुछ करने दो फिर चिल्ला लेना.

शॉप गर्ल-ये ग़लत है. मुझे जाने दो

अवी-मैं ने तो तुम्हे कब का छोड़ दिया है तुम ही मेरे हाथो को पकड़ी हो

मेरे बाते सुनते उसने अपनी हाथो की तरफ देखा तो उसने खुद मेरे हाथ को अपने बदन पर चिपका रहा था.

शॉप गर्ल-छोड़ना था तो तुम ने अपने कपड़े क्यूँ निकाले

अवी-क्यू कि तुम ने अपने कपड़े निकाले

शॉप गर्ल-हो गया देख कर

अवी-हाँ ,पर्फेक्ट फिटिंग है पर अब करना है

शॉप गर्ल-क्या

अवी-वो भी पता चलेगा पहले ये बताओ शॉप मे केमरे है

शॉप गर्ल-हाँ ,पर सिर्फ़ डोर पे ,एंट्री और एग्ज़िट के लिए

अवी-तो तुम सुरू करोगी या मैं करूँ

शॉप गर्ल-क्या

अवी-पार्टी

शॉप गर्ल-तुम्हे पार्टी चाहिए

अवी-पार्टी करने के लिए जगह अच्छी है. पूरी शॉप मे हम दोनो

शॉप गर्ल-ये क्या ,काफ़ी बड़ा लग रहा है.

अवी-खोल के देखो, प्यार करने लग जाओगी

शॉप गर्ल-इतना यकीन है

अवी-हाँ

शॉप गर्ल-फिर तो देखना होगा

और वो मेरे सामने नीचे बैठ गयी. और मेरे लंड को को अंडरवेर के उपर से पकड़कर देखने लगी.

शॉप गर्ल-हार्ड है. इतना हार्ड कभी मेरे बाय्फ्रेंड का नही हुआ था.

अवी-खोल कर देखो

उसने बिना वक्त गवाए मेरी अंडरवेर नीचे कर दी

मेरा लंड वाइब्रट होते हुए उसके मूह के सामने

आ गया.

वो मेरे लंड को देखते पागल हो गयी

शॉप गर्ल-ये क्या है. ऐसा भी कभी होता है.

अवी-जो है वो तुम्हारे सामने

शॉप गर्ल-तुम्हारी गर्लफ्रेंड लकी है, काश उसकी जगह मैं होती

अवी-तो आज के लिए बन जाओ

शॉप गर्ल-अब तो बन ना पड़ेगा

और उसने मेरे लंड को हाथ मे पकड़ कर दबाना चाहा

पर लंड की हार्डनेस इतनी ज़्यादा था कि उसके दबाने के बाद भी लंड खड़ा का खड़ा रह गया.

लंड की हार्डनेस को देख कर उसकी चूत पानी पानी हो गयी.

उसके मन मे लड्डू फूटने लगे.

चूत मे सूनामी आ रही थी.

अवी-देखने से कुछ नही होगा. प्यार करो

उसने बिना सोचे समझे ,लंड की हार्डनेस मे खोते गुए पूरा लंड मूह मे भर लिया.

मेरा लंबा मोटा लंड अपने छोटे से मूह कैसे जाएगा इसके बारे मे सोचा नही उसने.

और मेरा लंड उसके मूह मे जाते ही उसके गले मे अटक गया.

वो गु गु की आवाज़ करके लंड को बाहर निकालने को कहने लगी.

मैं ने एक झटके मे लंड उसके मूह से बाहर निकाला वरना उसकी साँस अटक जाती.

लंड बाहर निकलते ही वो खांसने लगी.

उसको संभालने के लिए मैं उसकी पीठ को सहलाने लगा.

शॉप गर्ल-ये तो मेरी जान ले लेगा

अवी-कभी जान दे कर भी देखना चाहिए

शॉप गर्ल-अब तो जान निकाल ही लो

और मैं ने उसके मूह मे लंड पेल दिया.

उसने लंड का स्वागत करते हुए चूसना सुरू किया.

इतने बड़े शॉप मे वो बिना किसी डर के मेरा लंड चूसने लगी.

अगर यहाँ लोग होते और हम चेंज रूम मे होते तो ज़्यादा मज़ा आता

फिर भी मैं अस्यूम करने लगा कि लोग इधर उधर घूम रहे है दूसरे सेक्षन मे और हम यहाँ चुपके से सेक्स कर रहे है.

मैं तो ये अस्यूम कर रहा था पता नही वो क्या कर रही थी.

वो तो पूरे तन मन दिल से मेरा लंड चूसने मे लगी हुई थी.

मुझे नही पता था कि वो इतनी जल्दी और इतने प्यार से मेरा लंड चूसेगी.

और अपने हाथो से आंडो को सहलाते हुए लंड को प्यार से चूस रही थी

वो इतना अच्छा लंड चूस रही थी कि मैं ने फ़ैसला किया कि मैं जब भी यहाँ आउन्गा तो इस से अपना लंड ज़रूर चुसवाउन्गा

ये फ़ैसला करते ही मैं ने उसके सर को पकड़ कर लंड को उसके मूह मे पेलने लगा.

उसने अपना मूह पूरा खोल कर मेरे धक्के का स्वागत किया.

अभी ऋतु दीदी जैसी हॉट लड़की की चुदाई कर चुका था.

फिर भी शॉप गर्ल ने मेरा लंड खड़ा करके अपने मूह मे लिया.

मेरा लंड तो शॉप गर्ल की एक बार मे मूह गंद और चूत मे जाने मे इंटेरेस्ट था.

मैं इसकी सिर्फ़ एक बार चुदाई करूँगा पर तीनो छेद मे लंड डालूँगा.

अब नो सकिंग ओन्ली फक्किंग

उसके मूह को चोदने के बाद मैं ने उसको खड़ा किया

और उसके होंटो को चूस्ते हुए गंद को मसल्ने लगा.

फुल फॉर्म मे आकर मैं उसकी गंद को मसल्ने लगा.

ताकि मैं उसको इतना गरम कर सकूँ कि मेरा रोड आराम से वो अंदर ले सके

उसकी ब्रा पैंटी निकाले बिना मैं उसकी चुदाई करूँगा

मुझे उसका भी मज़ा लेना था.

उसके होंटो का रस पीने के बाद मैं ने उसको सास लेने के लिए आज़ाद किया.
 
831 डी

किस करने के बाद मैं ने उसको टेबल पे झुका दिया.

और उसकी चूतड़ पर थप्पड़ मारने का मज़ा लेने लगा.

वो भी पैंटी पहनने के बाद भी अपने नंगे चूतड़ पर थप्पड़ का मज़ा लेने लगी.

फिर मैं ने पैंटी के स्ट्रिंग को साइड मे करके उसके दोनो छेद देखने लगा.

उसके दोनो छेद को देख कर पता चल गया कि उसके बाय्फ्रेंड ने दोनो छेद खोले है.

मैं ने उसके दोनो छेद पर थूक लगा दिया और अपने लंड को थूक से चिकना किया

शॉप गर्ल- क्या कर रहे हो .जल्दी डालो

अवी-कॉंडम नही है.

शॉप गर्ल-आजतक कॉंडम के साथ किया है. आज बिना कॉंडम के करके देखती हूँ

अवी-आगे या पीछे.

शॉप गर्ल-जो तुम्हे अच्छा लगे .बस डाल दो

मैं ने पैंटी को सरका कर लंड को उसकी चूत पे रख दिया.

लंड पे थोड़ा पुश करते टोपा अंदर चला गया.

अब तो मज़ा आ जाएगा.

टोपा अंदर जाते ही मैं ने जोरदार झटका मारा.

वो चुदि हुई थी पर मेरे लंड जैसे लंड से नही.

पर झटका ऐसा था की आधे से ज़्यादा लंड अंदर चला गया.

लॉ ये कहता है कि अगर पानी की बकेट मे पत्थर डाला तो पथेर जितना पानी बाहर निकलेगा.

उसी लॉ के हिसाब से लंड अंदर उसके मूह से चीख बाहर निकल गयी .

हााअ एयाया ..वूऊ........ उसकी चूत को चीरता हुआ लंड अंदर गया था

ये चिलाएगी तो मज़ा कैसे आएगा .

मैं ने लंड बाहर निकाला तो उसने पलट कर देखा.

उसे दर्द हो रहा था पर लंड बाहर निकालने से नाराज़ हो गयी.

मैं ने उसको जवाब दिए बिना अपनी तरफ मूह करके टेबल पर बैठा दिया.

और उसकी पैंटी को साइड मे करके उसकी चूत पे वापस लंड सेट किया.

उसने पैंटी को एक हाथ से पकड़े रखा ताकि लंड आराम से अंदर जाए.

मैं ने एक हाथ से कमर को पकड़ा औरदूसरे हाथ से टेबल को पकड़ कर आधा लंड अंदर पेल दिया.

इस बार उसकी हल्की चीख निकली.

हल्की चीख मतलब सब बल्ले बल्ले है.

मैं ने थोड़ा झुक कर उसके होंटो पे किस करते हुए हल्के हल्के धक्के मारने सुरू कर दिए.

आधे लंड से उसको लग रहा होगा कि ये तो बाय्फ्रेंड का लंड है.

इस लिए उसने मेरे धक्कों का मज़ा लेना सुरू किया.

शॉप गर्ल अपने शॉप मे चुदाई का मज़ालेने लगी.

वो भी धक्को के मज़े लेने लगी.

इस का फ़ायदा लेते हुए मैं ने दूसरा झटका मारा

जिस से मेरा पूरा लंड चूत मे चला गया.....

हााआअ…….. निकााआल लूऊऊऊ ईसीईईई प्ल्ज़ ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़..हाआऐययईईईईईईईईईईईई

… ऐसे चिल्ला रही थी जिस से मैं उसके उपर झुक कर उसका मूह अपने मूह से बंद किय.

और उसके बूब्स को अपने हाथो मे लेकर मसल्ने लगा.

ब्रा से एक बूब्स बाहर निकाल कर मसल कर उसकी चीखें बंद करने लगा.

मैं थोड़ी देर वैसे रुक कर उसको किस करने लगा और उसके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा

कुछ देर बाद उसका दर्द कम हो गया

दर्द कम होते ही मैं नयी पैंटी का उद्घाटन करने लगा.

नयी ब्रा को मसल कर खराब करने लगा.

मैं पहले आराम से धक्का मारने लगा…

ताकि वो चुदाई मे मेरा पूरा साथ दे सके.

उसका साथ मेरे धक्को को मिलते ही मैं ने किस करना बंद किया और धक्के मारने पे फोकस किया.

हॉस्पिटल मे नर्स की चुदाई और शॉप मे शॉप गर्ल की चुदाई बहोत मज़ा देती है.

ऐसा मज़ा लेने की हर किसी की इच्छा होती है.

पर मैं लकी हूँ जो नर्स का मज़ा ले चुका हुआ और शॉप गर्ल का मज़ा ले रहा हूँ.

थोड़ी ही देर बाद मैने स्पीड तेज कर दी.

क्यू की चुदि हुई घोड़ी को जोरदार चुदाई चाहिए

मेरे धक्को की स्पीड बढ़ते ही वो भी मेरा पूरा साथ देनी लगी.

वो अपने हाथो को मेरे पीठ पर घुमाने लगी.अपने नाख़ून से मेरी पीठ को नोच रही थी.

और मैं उसकी चूत को फाड़ने लगा.

वो भी अपनी गंद उठा उठा कर मेरा साथ दे रही थी..

मैं समझ गया था कि वो झड़ने वाली है.

मैं ने अपनी स्पीड और तेज करदी.

अचनाक उसके मूह से आहा..आहा आहहा अहहा की आवाज़े आने लगी.

मुझे अपने लंड पे गीला गीला महसूस हुआ

वो मेरे लंड के सामने टिक नही पाई और वो झड गयी.

उसके झाड़ते ही मैं ने उसको वापस घोड़ी बना दिया.

पीछे से लंड उसकी चूत मे डाल कर धक्के मारने लगा

मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा

वो शीष्कारी लेने लगी.

ऊओह ऑश.. आअहह्ा.. अहह्ा... ओ जान... ऊवू..

ताकि शीष्कारियो से मैं खुश होकर शॉप मे शॉप गर्ल की चूत मे जोरदार धक्के मारने लगा.

कभी उसकी एक टाँग उठा लेता ताकि धक्का गहराई तक जाके लगे

तो दूसरी टाँग उठा कर लंड को उसकी चूत का असली मज़ा दिलाने लगा.

वो एक हाथ से अपने बूब्स को मसल कर मेरे धक्के का मज़ा लेने लगी.

उसकी चुदाई से दिल खुश हो गया.

अब लंड को खुश करने की बारी थी

पर उसका एक और बार पानी निकालना ज़रूरी था.

शॉप गर्ल इतनी गरम और मज़े मे आ चुकी थी उसका खुद पर कंट्रोल नही रहा.

लॅडीस सेक्षन मे उसकी आवाज़ गूँज रही थी.

अच्छा हुआ शॉप का गेट बंद था वरना वॉचमन अंदर आ जाता.

पर वॉचमन को शक तो हो रहा होगा. वॉचमन को शॉप गर्ल संभाल लेगी.

मैं उसकी चूत को रुलाने वाला धक्का मारने लगा.

और सच मे उसकी चूत फिर से रोने लगी.

चूत से पानी निकलते ही उसका बदन ढीला पड़ा.

और मेरा लंड गीला हो गया .मतलब

मैं ने लंड को चूत से निकाल कर गंदपर सेट किया.

वो तो अपनी चूत से पानी निकालने की खुशी मे थी.

उसको कुछ पता चले इस से पहले मैं गंद फाड़ना चाहता था.

लंड पर कुछ लगाने की ज़रूरत नही है.

उसके बाय्फ्रेंड ने उसकी गंद मारी थी जिस से गंद मे उंगली डालने की ज़रूरत नही थी.

मैं उसके पैरो के बीच मे पर्फेक्ट आकर गंद पे अपना लंड रगड़ने लगा.

ऐसा करने से उसका मज़ा डबल हो गया.

मैं ने गंद के छेद पे निशाना लगाके ज़ोर का झटका मारा..

ज़तका उसकी गंद पे लगते उसके मूह से चीख निकल गयी.

आआआआआआआआआहह उूुुुुुुुुुउउइईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई ऊऊऊऊऊऊऊऊऊहह

गंद कितनी भी मारी हो लंड जाते चीख निकल गयी.

मेरे पहले झटके से उसकी गंद मे लंड आधा घुस गया .

और उसकी आँखो से आँसू ख एक बूँद निकल गयी.

मैं आड़ा लंड डाल कर पीछे हटने वालो मे से नही था.

वो लंड बाहर निकालने को कह रही थी.

वो अपनी चूत को सहलाने लगी.

उसकी कोशिस के चलते मैं ने थोड़ा रुक के ज़ोर से झटका मारा और पूरा लंड अंदर घुसा दिया.

अब तो उसकी फिर से चीख निकल गयी

आआआआआआआआआआआआआआआआहह आआआआआआआआआआहह..

उसकी चीख रोकने के लिए मैं ने उसकी पैंटी उनके मूह मे ठूंस दी.

क्यू की चीखे ज़्यादा निकलने से प्राब्लम हो सकती थी.

पर उसने पैंटी मूह से बाहर निकाली .और ना चीखने का वादा किया.

फिर क्या था मैने बिना रुके धक्के लगाना चालू किया

और उसने शीष्कारी निकालनी सुरू की

आआआआआअहह किठनाआआआअ मज़ा आआआआ रहाआआआअ हाईईईईईईई ऊऊऊओह मार गईिईईई उूुुुुुुुुुुुुउऊहह म्म्म्म ममममममममममममममममममममाआआआवउुुुुुुुुुुुुुउऊहह ययययययययययईईईईआआाआआआआआअहह और ज़ोर से और गंद

मैं उसकी सिसकारी और ऐसी पैंटी मे गंद मारने का मज़ा लेने लगा.

मज़ा इतना आ रहा था कि मुझे ऋतु दीदी की याद आ गयी.काश उसकी भी चुदाई कर देता तो डबल मज़ा आ जाता

शॉप गर्ल की गंद मारने मे भी बहोत मज़ा आया.

ऐसी पैंटी मे विद्या की कुवारि गंद मारूँगा.

पर पहले शॉप गर्ल की चुदाई तो कर लूँ

मैं लगातार धक्के लगाता गया.

उसकी पतली गंद मे अपना मोटा लंड डालने का पूरा मज़ा लेने लगा

उसने सोचा नही होगा कि वो शॉप मे चुदेगी

और वो भी मेरे जैसे लंड से. वो तो चुदाई का पूरा मज़ा ले रही थी.

इतनी लंबी चुदाई से वो कुछ ज़्यादा खुशी मे चिल्ला रही थी.

उसकी खुशी को और ज़्यादा बढ़ाने के लिए मैं ने उसे वीर्य पिलाने का सोचा.

मैं ने लंड गंद से निकाल कर उसको वीर्य पिलाने लगा.

मेरा वीर्य पीने से वो मना कर रही थी.

पर मेरी पिचकारी उसके चेहरे पे पड़ते ही उसका मूह खोल दिया

और दूसरी पिचकारी उसके मूह मे जाते ही उसने वीर्य पीना सुरू किया.

और हम दोनो रिलॅक्स हो गये
 
831 ए

शॉप गर्ल की चुदाई करके दिल खुश हो गया.

उसके साथ मज़ा इस लिए आया कि उसने मेरी पसंद की पैंटी पहनी थी.

शॉप गर्ल की चुदाई का मज़ा उस पैंटी से ज़्यादा आया.

विद्या ने अगर वो पैंटी पहनेगी हर दिन मज़ा आएगा

अवी-मज़ा आया

शॉप गर्ल-हाँ, तुम अच्छे बाय्फ्रेंड हो.तुम्हारी गर्लफ्रेंड लकी है. हर बात मे

अवी-मुझे पैंटी पसंद आई.

शॉप गर्ल-अच्छा हुआ जो तुम्हे पैंटी पसंद आई.वरना मेरा पहन कर दिखाना वेस्ट हो जाता

अवी-पैंटी भी पसंद उसके अंदर छुपी हुई चीज़ भी पसंद आई

शॉप गर्ल-तुम्हारे जोश से पता चल गया था कि तुम्हे कितनी पसंद आई हूँ मैं

अवी-अब जब भी आउन्गा तो एक पैंटी खरीद कर जाउन्गा

शॉप गर्ल-मुझे तो पैंटी बेचना महँगा पड़ेगा.

अवी-मैं सिर्फ़ पैंटी नही उसके साथ कुछ और खरिदुन्गा.

शॉप गर्ल-फिर तो मेरा पेमेंट इनक्रीस होगा. और मज़ा भी आएगा

अवी-चलो बाकी की पैंटी देखते है

शॉप गर्ल-और पैंटी देखनी है. मैं तो मर जाउन्गी ट्राइ करते हुए

अवी-आज का ट्राइ करके देख लिया ,बाकी बाद मे पहन कर दिखना

शॉप गर्ल-पर ये पैंटी भी तुम्हे ख़रीदनी होगी. क्यू कि ये खराब हो गयी.

अवी-इसका बिल मैं पे करूँगा. और मेरी याद मे तुम रख लो

शॉप गर्ल-इस पैंटी की वजह से इतना मज़ा आया .इसको संभाल कर रखूँगी

अवी-कपड़े पहन लो वरना मैं फिर सुरू हो जाउन्गा.

शॉप गर्ल-तुम भी पहन लो,

हम ने कपड़े पहन लिए. उसने पैंटी के उपर पैंटी पहन ली.

और हम वापस पैंटी के सेक्षन मे आ गया.

शॉप गर्ल-तुम ने सेलेक्ट कर ली

अवी-हाँ, जो पैंटी लेनी थी वो सेलेक्ट की

शॉप गर्ल-फिर भी मुझे पहन कर दिखाने को कहा.

अवी-नही कहता तो तुम इससे से अंजान रहती

शॉप गर्ल-और कुछ खरीदना है

अवी-हां, वो आंटी के लिए सिंपल पर बढ़िया वाली पैंटी

शॉप गर्ल-तुम अपनी आंटी के लिए पैंटी खरीद रहे हो.

अवी-मैं ने कब कहा मेरी आंटी है

शॉप गर्ल-तो

अवी-मेरे फ्रेंड की मम्मी के लिए पैंटी ले रहा हूँ वो भी यो मेरी आंटी हुई ना

शॉप गर्ल-तुम क्यूँ ले रहे

अवी-ताकि मैं उतार सकूँ

शॉप गर्ल-तो तुम, तुम पे तो कोई भी मर मिटेगा. वो आंटी की तो चाँदी चाँदी हो गयी.

अवी-तुम दिखाओ पैंटी क्यूँ कि उनको पहना कर उतारना है

उसने मुझे चाची की साइज़ की पैंटी दिखा दी.

मैं ने चाची के लिएपैंटी और ब्रा ले ली.

सीमा चाची ये पैंटी देखेंगी तो खुशी से पागल हो गयी.

उनको ऐसे मॉडर्न और शहर जैसी औरतो जैसा दिखना पसंद है.

गाउन और नाइटी उस पर इतनी अच्छी पैंटी देख कर सीमा चाची अपने सपने पूरे कर पाएँगी

शॉप गर्ल-तुम ऐसे शॉपिंग करोगे तो मुझे बहोत फ़ायदा होगा.

अवी-मेरी शॉपिंग से किसी को फ़ायदा होगा तो ये अच्छा हैना

शॉप गर्ल-चलो मैं बिल बना देती हूँ

अवी-मुझे शर्ट का कपड़ा चाहिए था .

शॉप गर्ल-वो तो नही मिलता, यहाँ सिर्फ़ ड्रेस मिलते है.

अवी-यहाँ 35 40 साल के आदमी का शर्ट मिलेगा.

शॉप गर्ल-हाँ,

अवी-तो चलो

मैं ने चाचा के लिए शर्ट और पैंट लिए

चाचा के लिए मैं ने दीवाली मे ड्रेस लिया था पर फिर से लेने से उनको अच्छा लगेगा.

शॉप गर्ल-हो गया या कुछ बाकी है.

अवी-हो गया .चलो बिल बना दो

शॉप गर्ल-बना दूँगी पर तुम यहीं से शॉपिंग करा करो

अवी-अब तो यही से करूँगा

फिर हम काउंटर के पास आ गये.

शॉप गर्ल ने सब ड्रेस अच्छे से पॅक किए. नाइटी एक बॅग मे, पैंटी एक बॅग मे, विद्या का समान 2 बॅग मे बच्चों का समान 1 बॅग मे ,चाचा के साथ नाइटी भी थी बॅग मे.

वो कंप्यूटर ऑन करने लगी. और मैं शॉप मे इधर उधर देखने लगा.

मैं काँच (ग्लास) मे रखे हुए ड्रेस देखने लगा.

ग्लास मे लोगोको अट्रॅक्ट करने के लिए अच्छे ड्रेस्र रखे जाते है.

ऐसे मेरी नज़र उन ग्लास के रॅक पर गयी जिसमे सारी को सज़ा कर रखा था.

उसमे 4 रेड कलर की साड़ी रखी हुई थी.

वो दुल्हन की सारी थी जो शादी मे पहनी जाती है.

उन सारी को देखते वो अपनी तरफ अट्रॅक्ट कर रही थी.

उनकी डिज़ाइन ऐसी थी कि आँखें उनसे हट नही रही थी.

ऐसा लग रहा था कि उन साड़ी को स्पेशली बनाया गया है. उस साड़ी पे किया हुआ एक एक काम तारीफ पे काबिल था.

वो साड़ी रानी के उपर कैसी दिखेगी ये सोच रहा था.

रानी दुल्हन के रूप मे इस साड़ी मे अप्सरा लगेगी.

मैं तो उन साड़ी की खूबसूरती मे खो गया.

वो शॉप गर्ल मुझे आवाज़ दे रही थी पर मेरी आँखे उन से हट नही रही थी.

वो शॉप गर्ल मेरे पास आ गयी और मुझे उस साड़ी को देखते हुए गोर से देखने लगी

शॉप गर्ल-अच्छी हैना साड़ियाँ

अवी-अच्छी नही बहोत अच्छी

शॉप गर्ल-इनको स्पेशली बनाया गया है.हर एक डिज़ाइन मे बहोत मेहनत की गयी है

अवी-ऐसा क्यूँ

शॉप गर्ल-बॉस की बेटी की शादी हैना .इस लिए बनाई थी.

अवी-तो ये यहाँ शॉप मे क्यूँ रखी है.

शॉप गर्ल-बॉस ने अपनी बेटी को कुछ डिज़ाइन के बुक दिखाए .और एक डिज़ाइन पसंद करने को कहा. तो उसने 5 डिज़ाइन सेलेक्ट किए .और कहा कि 5 साड़ी बना लो फिर एक सेलेक्ट करेंगी.

अवी-तो उसने बुक से सेलेक्ट करने की जगह सारी बनाने को कहा ,उसके बाद सेलेक्ट की.

शॉप गर्ल-हाँ, एक सेलेक्ट की, और 4 यहाँ पर है. बुक से सेलेक्ट करती न अच्छा होता पर बड़े बाप की बिगड़ी बेटी है , बिना वजह 4 साड़ी बनाई गयी

अवी-तो ये बेचने के लिए रखी है.

शॉप गर्ल-हाँ, कल ही यहाँ रखी है. अब बेटी की इच्छा बाप ने पूरी की अब पैसे यो खर्च हुए है वो वसूल कर रहा है.

अवी-मैं खरीदना चाहता हूँ ये साड़ी

शॉप गर्ल-तुम ,हाँ ले लो ,ऐसी साड़ी बहोत कम बनाई गयी है.

अवी-एक मेरे लिए पॅक कर लो

शॉप गर्ल-एक क्यूँ ,4 ले लो ,ऐसी डिज़ाइन बनना मुश्किल है. ढूँढने से नही मिलेंगी. बॉस ने अपने दोस्त को स्पेसियाली बनाने को कहा था.

अवी-4 का मैं क्या करूँगा.

शॉप गर्ल-तुम्हारी बहाने होगी उनको देना

अवी-(4 सारी, क्या करूँ ,एक रानी के लिए और 3 ,3 चाची के लिए ,चाची मेरी होते उनको गिफ्ट कर दूँगा .) ठीक है, अपने बॉस को पूछ लो

शॉप गर्ल-इतने पैसे है तुम्हारे पास.

अवी-हाँ

शॉप गर्ल-प्राइज़ देख लो

अवी-कर दो पॅक ,पर मैं चेक से पेमेंट करूँगा.

शॉप गर्ल-चेक ,वो नही चलेगा

अवी-चल जाएगा. शॉप तो बंद है ,तुम कल बॅंक से चेक से पैसे निकाल कर बॉस को देना

शॉप गर्ल-बाउन्स हुआ तो

अवी-मैं हूँ ना ,

शॉप गर्ल-रिस्क ले रही हूँ.

अवी-सोचो ,तुम्हारे बॉस को जब पता चलेगा तो वो तुम्हारा पेमेंट बढ़ा देगा.

शॉप गर्ल-वो तो है ,एक दिन मे सारी बेचने पर खुश हो जाएगा.

अवी-(अच्छा हुआ शॉप मे आते ही मेरी नज़र इन साड़ी पे पड़ी. वरना कोई भी इन साड़ी को देखता तो विदिन मिनिट मे खरीद लेता. ऐसी साड़ी और डिज़ाइन ना कभी किसी ने देखी होगी औप ना ऐसी फिर कभी बनेगी. महेंगी है पर इन साड़ी के लिए ये प्राइज़ कम लग रही है.) पॅक कर दो

शॉप गर्ल ने वॉचमन को बुला कर वो साड़ी निकाल कर पॅक कर दी.

शॉप गर्ल ने बिल बना दिया

मैं ने सारी का बिल चेक से दिया . बाकी कॅश से

मैं ने वॉचमन को कुछ पैसे दे कर खुश कर दिया वो बॅग बाइक तक ले गया.

शॉप गर्ल-तुम ऐसी शॉपिंग करते रहोगे तो मैं मालामाल हो जाउन्गी.

अवी-मैं ऐसी ही शॉपिंग करता हूँ

शॉप गर्ल-फिर आओगे तो फोन करना ,अगर मैं छुट्टी पर हुई तो भी आ जाउन्गी. ये लो मेरा नंबर

अवी-ज़रूर आउन्गा अगर तुम पैंटी पहन कर दिखाउन्गी.

शॉप गर्ल-अगर तुम उतारोगे तो ज़रूर पहन कर दिखाउन्गी.

अवी-बाइ

और मैं शॉप से घर2 गया

घर2 आकर मैं ने दूसरे बेडरूम की अलमारी मे साड़ी वाला बॅग संभाल के रख दिया. क्यूँ कि इन साड़ी का ईस्तमाल होने मे टाइम था.

राजेश को कहा था कि ये बेडरूम ईस्तमाल मत करना, उसके लिए दूररा बेडरूम था.

साड़ी संभाल कर रखने के बाद मैं बाकी के बॅग लेकर घर आ गया.
 
831 फ

मेरे घर आने तक अंधेरा हो चुका था.

घर आते चाची ने मुझे घेर लिया.

ब चाची-कहाँ गये थे,

अवी-पंकज के घर ,काफ़ी दिन हो गये उस से मिला नही था.

ब चाची-बता कर तो जाता

अवी-मैं ने छोटी चाची को फोन किया था.

ब चाची-मीना तूने बताया क्यूँ नही.

छोटी चाची मेरी तरफ गुस्से से देखने लगी.

सी चाची-दीदी मैं बताने वाली थी कि भूल गयी.

ब चाची-आगे से भूलना मत

म चाची-अवी बॅग्स मे क्या है. तूने शॉपिंग की है.

अवी-हाँ, शॉपिंग की पर मेरे लिए नही.

म चाची-फिर किसके लिए की

अवी-आपके लिए

म चाची-मेरे लिए, साड़ी लेकर आया है.

अवी-नही पर कुछ ऐसा जो आपको चाहिए था.

ब चाची-अवी क्या है बॅग मे और तू बताता कुछ क्यूँ नही.

अवी-क्यू कि आप मना करती

ब चाची-ऐसा क्या है बॅग मे,और इतने पैसे कहाँ से आए

अवी-वो रणजीतसिंघ ने दिए हुए कुछ पैसे बच गये उसी से लेकर आया हूँ

ब चाची-तू एक दिन मार खाएगा मेरे हाथ से

अवी-पहले देखिए तो किसके लिए क्या लाया हूँ

म चाची-दिखाना मेरे लिए क्या लाया है.

अवी-मैं नही खोलूँगा बॅग खोलते ही बड़ी चाची मुझे डाटेंगी.

ब चाची-दिखा क्या लाया है.

अवी-आप कुछ मत कहना

ब चाची-कुछ नही कहूँगी.

अवी-पहले ये वाला बॅग. इसमे है बच्चो के लिए गर्मी वाले कपड़े

मैं ने बॅग से कपड़े निकाल कर चाची के हाथ मे दिए

म चाची-कितने अच्छे है. परी इसमे कितनी सुंदर दिखेगी.

ब चाची-तू समझदार होता जा रहा है. बच्चों के कपड़े लेना मुश्किल होता है.

अवी-आपको पसंद आए

ब चाची-हाँ, अपने भाइयो का बहोत ख़याल रखता है.

अवी-दूसरा बॅग सीमा चाची के लिए

सीमा चाची ने बॅग मेरे हाथ से ले लिया .और खोल कर गाउन बाहर निकाला

गाउन देखते सीमा चाची खुश होकर मेरे गले लग गयी.

म चाची-अवी मुझे यही चाहिए था. दीदी अवी मेरे लिए गाउन लेकर आया है.

ब चाची-दिख रहा है. अब तो तेरी इच्छा पूरी हो गयी.

म चाची-हाँ, मैं अभी पहन कर आती हूँ

और सीमा चाची गाउन लेकर अपने कमरे मे चली गयी

सी चाची-अच्छा हुआ सीमा दीदी की इच्छा पूरी हो गयी वरना मुझे परेशान करके रखा था.

ब चाची-तूने अवी को बताया होगा. मैं ने सही कहा ना

सी चाची-हाँ ,वो दीदी रोज रोज कहती थी ,पर आप मना करती जिस से मैं ने

ब चाची-ठीक है. अवी लाया है तो पहनने दे सीमा को

अवी-मैं आप दोनो के लिए भी लाया हूँ.

और मैं ने उनके पॅकेट उनके हाथ मे दे दिए

ब चाची-मेरे लिए क्यूँ लाया ,मैं नही पहनने वाली

सी चाची-आप नही पहनेगी तो मैं नही पहनूँगी.

ब चाची-मैं कैसे पहन सकती हूँ

सी चाची-जैसे मैं पहनूँगी

ब चाची-मैं तो उनके सामने शरम से मर जाउन्गी

चाचा-कौन मरने का सोच रहा है.

अवी-चाचा जी आप ही बताइए ,आपको चाची का गाउन पहनना अच्छा नही लगता

चाचा-मुझे क्यू बुरा लगेगा. मैं भी देखना चाहता हूँ सुमन गाउन मे कैसी दिखती है,

ब चाची-आप भी ना कुछ भी बोलते हो

अवी-चाची चाचा ने भी इजाज़त दे दी

चाचा-सुमन पहन लो ,गरमी के दिन के लिए अच्छा रहता है.

ब चाची-जी

म चाची-मैं कैसी दिख रही हूँ.

सीमा चाची गाउन पहन कर आ गयी.

चाचा-सीमा तुम तो पहचान मे नही आ रही हो. अच्छी दिख रही हो

म चाची-दीदी गाउन बहोत अच्छा है. काफ़ी हल्का हल्का लग रहा है. रिलॅक्स फील हो रहा है.

सी चाची-हो गया .हम समझ गये

अवी-चाचा जी ये आपके लिए शर्ट पैंट लाया था.

चाचा-मेरे लिए लाने की क्या ज़रूरत थी.

ब चाची-इतने प्यार से लाया है तो रख लीजिए

चाचा की बात बड़ी चाची कभी मना नही करती और चाचा भी बड़ी चाची की हर बात मानते है.

चाचा-अच्छा शर्ट है. मैं कल पहन कर जाउन्गा शहर मे,

ब चाची-अवी तू सबके लिए कुछ ना कुछ लाया .विद्या के लिए भी ले आते वो भी हमारी फॅमिली का हिस्सा है

अवी-मैं उसके लिए भी लाया हूँ. विद्या ये तुम्हारे लिए ड्रेस है.

विद्या-मेरे पास है

ब चाची-ले लो विद्या ,तुम्हारा ध्यान हम नही रखेंगे तो कौन रखेगा.

विद्या-जी चाची

म चाची-अवी उन दोनो बॅग मे क्या है

अवी-मेरे लिए टीशर्ट ली है.

म चाची-सिर्फ़ एक गाउन लाया मेरे लिए

अवी-आप भी ना . ये पॅकेट आपका है ,इसमे और गाउन है

म चाची-तुज़े आज डबल मक्खन लगा कर पराठे खिलाउन्गी.

अवी-मैं अपने कमरे मे बॅग रख कर आता हूँ

सी चाची-मैं मदद करती हूँ

और छोटी चाची मेरे साथ मेरे कमरे मे आ गयी.

सी चाची-इन बॅग मे क्या है

अवी-आपके लिए पैंटी और ब्रा लाया था.

सी चाची-अच्छा हुआ सीमा दीदी ने बॅग खोलने को नही कहा वरना गड़बड़ हो जाती

अवी-देख लीजिए

छोटी चाची ने एक बॉक्स खोल कर चेक किया

सी चाची-अच्छी है और सिंपल है.

अवी-आप को एक दिन 7एचल ले जाउन्गा .फिर हम मॉडर्न कपड़े ख़रीदेंगे

सी चाची-तूने इतने अच्छे ड्रेस सेलेक्ट कैसे किए

अवी-शॉप मे एक लड़की थी. उसने पहन कर दिखाए और मैं ने उतार दिए

सी चाची-समझ गयी. बता क्या हुआ शॉप मे

अवी-मैं ने चाची को शॉप मे हुई कहानी बता दी

सी चाची-अब तो तू शॉपिंग करने वही जाएगा.

अवी-आपको भी लेकर जाउन्गा एक दिन

सी चाची-उस दिन का इंतज़ार करूँगी. मैं बॅग रख कर आती हूँ.

अवी-आपका सिर्फ़ एक बॅग है.

सी चाची-दूसरे बॅग मे क्या है

अवी-विद्या के लिए पैंटी खरीद थी. उसकी पुरानी पैंटी फट गयी थी

सी चाची-अच्छा किया .मैं विद्या को भेजती हूँ

छोटी चाची मुझे किस करके चली गयी.

औरविद्या मेरे कमरे मे आगयि.

विद्या-तुम ने बुलाया

अवी-ड्रेस पसंद आया

विद्या-हाँ ,पर्फेक्ट फिटिंग है

अवी-पहन कर मुझे नही दिखाया

विद्या-रात मे आउन्गि. मैं पहनूँगी तुम उतार देना

अवी-आज नही कल

विद्या-आज क्यूँ नही

अवी-आज मैं थक गया हूँ,कल पहन कर दिखाना और तुम्हारे लिए एक और गिफ्ट लाया हूँ जो कल दूँगा.

विद्या-क्या है गिफ्ट मे

अवी-कल मिलेगा तब देख लेना.

विद्या-ठीक है. और थॅंक्स

अवी-थॅंक्स कल बोलना

विद्या-और अगर कल तक गये तो

अवी-कल मैं घर पे आराम करूँगा.

विद्या-राजेश आया था आज ,तुम्हे पूछ रहा था. बोल रहा था कि कल वो तुम्हे मिलने आने वाला है

अवी-फिर तो परसो थॅंक्स कहना

विद्या-तुम मुझे हमेशा आगे आगे बोलते हो

अवी-आज सच मे थक गया हूँ

विद्या-कल या परसो पर उस से आगे नही.

अवी-ओके डार्लिंग

विद्या-तुम्हारे लिए कुछ खाने को लाउ

अवी-अपने होंटो का रस पिला दो

विद्या तो इसका इंतज़ार कर रही थी

विद्या ने मुझे एक जोरदार किस किया जो उसकी प्यास के बारे मे बता रहा था.

इसकी प्यास भी जल्दी मिटा दूँगा. पहले देखना होगा राजेश ने किस लिए बुलाया है.

मैं खाना खाने के बाद टहलते हुए कोमल के पास गया.

शाम मे ना आने की माफी माँग कर थोड़ी देर उसके साथ पढ़ाई की.

और वापस घर आकर सो गया

नेक्स्ट डे राजेश सुबह सुबह मुझसे मिलने आ गया.

राजेश-भैया क्या कर रहे हो

अवी-टीवी देख रहा हूँ. तुम्हे बताऊ क्या चल रहा. कल तुम मुझसे मिलने आए थे.

राजेश-हाँ, काफ़ी दिन हो गये साथ मस्ती किए तो आपको बुलाने आया था.

अवी-मैं तो आ जाउन्गा पर तू है कहाँ और किसके साथ मस्ती कर रहा है.

राजेश-यही गाओं मे रिया के साथ

अवी-रिया के साथ तो ठीक है पर गाओं मे जगह कहाँ है.

राजेश-रिया का घर हैना.

अवी-उसके तो 2 घर है ( माला का घर खरीदा था रिया के पिताजी ने)

राजेश-वो जहाँ रहती है वहाँ दोपेहर मे उसके शहर से आते करता हूँ

अवी-उसकी माँ ने देख लिया तो

राजेश-रिया भी कह रही थी तो उसकी माँ को भी शामिल कर लिया

अवी-उसकी माँ को भी

राजेश-हाँ, दोनो माँ बेटी को एक बेड पे एक दूसरे के सामने चोदता हूँ

अवी-उसकी माँ को पटाया कैसे

राजेश-रिया ने बताया कि उसके पिताजी उसकी माँ का ख़याल नही रखते .ऐसे मे प्यासी चिड़िया को पानी दिखाकर अपने जाल मे फसा दिया

अवी-फिर तो बिना टेन्षन की चुदाई करता होगा तू

राजेश-हाँ, रिया की माँ रिया की तरह मस्त है. मेरे आने से पहले नंगी होकर बेड पर मेरा इंतज़ार करती है.

अवी-तो तू चाहता है कि मैं भी तेरे साथ आकर 2नो भाई मिलकर दोनो माँ बेटी को चोदे

राजेश-हाँ, और एक बात रिया के मामा की बेटी आई है. रिया ने उसको मना लिया. वर्जिन है.

अवी-तो इस लिए कल आया था मुझे बुलाने

राजेश-हाँ,

अवी-कल मेरे ना मिलने पर तूने रिया के मामा की बेटी की सील तोड़ ली होगी.

राजेश-नही. उस दिन भी आपने घर2 मे करीना की सील मेरे लिए छोड़ दिया. ऐसे मे मैं ने कल उसको दिखाया कि मज़ा कितना आता है. वो तो कल ही चुदाई करना चाहती थी पर मैं उसे रोक लिया. आप उसकी सील तोड़ें,

अवी-कब चलना है(राजेश को बार बार मना करना ठीक नही होगा , )

राजेश-थोड़ी देर मे चलते है.

अवी-रिया तो शहर गयी होगी.

राजेश-उसने छुट्टी ली है. वो तीनो हमारा इंतज़ार कर रही होगी.

अवी-चलो फिर ,रिया और उसकी माँ को तुम संभालना और मामी की बेटी को मैं संभालूँगा .

राजेश-मुझे पता था आप यही कहेगा

अवी-चलो

और मैं राजेश के साथ रिया के घर आ गया.

रिया के पिताजी अपनी माँ (रिया की दादी को) को हॉस्पिटल लेकर गये थे.

ऐसे मे हमारे पास काफ़ी टाइम था.

रिया ने मेरे स्वागत का पूरा इंतज़ाम किया था.

रिया की माँ मुझे देखते शरमा गयी पर उनकी शरम को रिया ने दूर किया.

पर मैं राजेश के साथ मिलके चुदाई करने मे इंटेरेस्ट नही था

ऐसे मे मैं ने रिया के मामा की बेटी को अकेले मे करने का सोचा

राजेश को कहा कि उसका पहली बार है तो वो डरे ना इस लिए उसको अकेले मे करना होगा

राजेश ने मेरी बात को सपोर्ट किया

मैं रिया के मामा की लड़की को दूसरे कमरे मे ले गया

उधर राजेश रिया और उसकी माँ के साथ मज़ा करने लगा

रिया के मामा की बेटी थोड़ी डर रही थी जिस से मैं ने रिया की माँ को बुला लिया

उसको पहले दिखाना था कि कितना मज़ा देता हूँ मैं

रिया की माँ ने मेरे लंड को चूस कर खड़ा किया

लंड तय्यार होते मैं ने रिया की माँ को आगे पीछे से फाड़ना सुरू किया.

रिया के मामा की बेटी मेरी चुदाई देख कर गरम हो गयी.

उसके गरम होते ही मैं ने उसकी सील आराम से तोड़ कर औरत बना दिया.

उसके औरत बनते ही रिया की माँ ने उसकी सिकाई की और मैं ने उसकी पीछे से पिटाई की.

एक 2 शॉट रिया की चूत मे मारकर उसको डबल खुश कर दिया.

और 3 चूत मारने से मैं ट्रिपल खुश हो गया.

राजेश की मदद से मेरे मज़े दुगने हो रहे थे.

राजेश को एक चूत दो वो उसके बदले में 10 चूत देगा.

रिया ,उसकी माँ, और उसके मामा के बेटी की चुदाई करने के बाद मैं विद्या को गिफ्ट नही दे पाउन्गा.

उसको बाद मे समझा दूँगा.

पहले इतनी लंबी चुदाई के बाद सोने का मन कर रहा है.

इनकी चुदाई करके मैं अपने घर और राजेश अपने घर चला गया.

मैं घर आते ही थोड़ी देर के लिए सो गया
 
831 जी

दोपहर मे तीन चूत फाड़ने के बाद विद्या के साथ कुछ करने के हालत मे नही था मैं

फिर भी रात मे विद्या मेरे कमरे मे आई

पर मुझे सोता हुआ देख कर निराश होकर वापस अपने कमरे मे जाकर सो गयी

दूसरे दिन विद्या मुझसे टेडा मूह बना कर बात कर रही थी.

मैं समझ गया था कि ये विद्या ऐसा क्यूँ कर रही थी.

मैं भी उसकी छेड़ छाड़ कर रहा था.

जिस से विद्या का चेहरा देखने लायक था.

विद्या की खिचाई करने के लिए मैं दिन भर घर पे रुका.

विद्या मुझसे परेशान होकर बड़ी चाची के साथ रहने लगी.

फिर भी मोका मिलते मैं विद्या के साथ मस्ती कर लेता

शाम होने तक विद्या उदास थी पर अंधेरा होते ही उसके उम्मीद की रोशनी ने मुझे कमज़ोर बना दिया.

खाना खाने के बाद तो विद्या मेरी तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देखने लगी.

खाना खाने के बाद चाची के सोते ही मैं भी अपने कमरे मे आकर सो गया

कल की तरह आज भी विद्या मेरे कमरे मे आई

मुझे सोता हुआ देख कर मायूस होकर पटक कर वापस जाने लगी तो मैं ने उसे आवाज़ दे कर रोक दिया.

अवी-रूको

विद्या मेरी आवाज़ सुनते ही रुक गयी और मेरी तरफ पलट कर देखने लगी.

अवी-टेबल पे तुम्हारा गिफ्ट रखा है वो पहन कर मेरे साथ लेट जाओ

विद्या को मेरी बात सुनते इतनी खुशी हुई कि वो चिल्लाने वाली थी पर चाची की वजह से चुप रही. और डोर बंद करके टेबल पे रखा हुआ गिफ्ट देखने लगी.

ब्रा पैंटी देखते ही विद्या को मुझपे प्यार आ गया. उसको याद आ गया कि उसकी पैंटी फट गयी थी.

विद्या ने ब्रा तो पहन ली पर पैंटी देख कर वो काफ़ी खुश हो गयी. इस तरह पैंटी पहनने से उसको अजीब लग रहा था पर खुद को मॉडर्न समझ ने लगी.

अपनी गंद को खुला हुआ देख कर उसको मज़ा आ रहा था.

विद्या पैंटी पहन कर धीरे धीरे चलते हुए मेरे पास आ गयी .

वो नयी पैंटी वो भी इस तरह की ,पीछे से सिर्फ़ स्ट्रिंग की वजह से उसकी गंद मे गुदगुदी होने लगी.

मेरे पास आकर चद्दर मे घुस गयी

मैं चद्दर के अंदर नंगा था जिस से विद्या को झटके पे झटके लगने लगे.

मैं ने विद्या को किस करके उसको खुश कर दिया.

विद्या-तुम बहोत गंदे हो.मुझे कितना सताया तुम ने

अवी-तुम्हे तंग मे मज़ा आ रहा था.

विद्या-ये कैसी पैंटी लेकर आए

अवी-खास तुम्हारे लिए लाया हूँ

विद्या-पर चाची ने देखा तो

अवी-ये डेली पहनने के लिए नही है. उसके लिए दूसरी पैंटी है.

विद्या-तो ये पैंटी सिर्फ़

अवी-ये पैंटी सिर्फ़ मेरे बोलने पर पहना करो.

विद्या-पर वॉश करते हुए देख लेंगी तो

अवी-तुम गधि हो. और गधि बना कर चुदाई करूँगा तुम्हारी.

विद्या ने मूह टेडा किया.

अवी-रात मे वॉश करना और अपने कमरे मे सूखा देना.इतनी छोटी पैंटी है , जल्दी सुख जाएगी.

विद्या-पहले गंदी तो करो,

अवी-बिना पैंटी निकाले करता हूँ

विद्या-कुछ भी करो पर जल्दी करो.

अवी-तुम कंट्रोल रखा करो.वरना कुछ नही मिलेगा.

विद्या-अब से ज़रूर रखूँगी. वैसे भी तुम टाइम टाइम पे मेरी खुराक तो देते हो

अवी-और ध्यान रखना कि ये पैंटी चाची ना देखे

विद्या-ये पैंटी सिर्फ़ तुम्हे दिखाउन्गी. वैसे मुझे ये पैंटी पसंद आई.

अवी-और मुझे पैंटी के अंदर की चीज़ पसंद है

विद्या-तो प्यार करो ना इतना तड़फ़ा क्यूँ रहे हो

अवी-तो लो फिर

विद्या-आआहह

अवी-चिल्लाओ मत

विद्या-तुम लगे रहो

और मैं विद्या की पैंटी को गंदी करने लगा

उसके बूब्स को मसल कर ब्रा पे अपने हाथो के निशान बनाने लगा.

उसके होंटो के मीठे रस को पी कर धक्के लगाने लगा.

प्यार से विद्या को अपना वीर्य पिलाने लगा.

विद्या को चद्दर के अंदर प्यार करके खुश करने लगा.

आवाज़ ना करते हुए धक्के मारने से चुदाई करने मे मज़ा आ रहा था.

विद्या को खुश करके मैं उसको चिपक कर सो गया.

विद्या और मुझे ध्यान नही रहा कि उसे जाना होगा

वो अच्छा हुआ कि रात मे विद्या ने मेरे लंड को सोते हुए प्यार करने के चक्कर ज़ोर से दबाया.

जिस से मेरी आँख खुल गयी.

मैं ने विद्या को उठा कर उसके कमरे मे भेज कर आराम से सो गया.

इसी तरह मेरे दिन बीत रहे थे.

विद्या की चुदाई करना.

चाची के साथ प्यार भरी बाते करना.

बच्चों को भाई और पापा को प्यार देना.

भाई बहनों के साथ मस्ती करते हुए बचपन को एंजाय करना.

बुआ को मनाना ,और उनका प्यार पाना.

कोमल के साथ पढ़ाई करना.

रानी के प्यार को नयी उँचाई पे ले जाना.

राजेश के साथ नये शिकार करना.

चाचा को समझने की कोशिस करना.

इस बीच मे महीना ख़तम हो गया.

जून महीना सुरू हो गया पर गरमी ख़तम होने का नाम नही ले रही थी.

जून महीना आते ही कविता लीना और राजेश की धड़कने तेज हो गयी.

क्यूँ की उनका रिज़ल्ट आने वाला था.

उनके रिज़ल्ट पे सबकी नज़र थी

राजेश को ज़्यादा टेन्षन थी कि उसका उसके सेंट्रल बोर्ड मे कितना नंबर आएगा.

मार्क तो अच्छे मिलेंगे पर रॅंकिंग इम्पोर्टेंट थी. कबसे पॅटर्न था उसका.

कविता और लीना को इस बात का टेन्षन था कि वो स्कूल से टॉप आती है या नही.

पर मैं रिलॅक्स था

चाची के साथ छुट्टियाँ एंजाय कर रहा था

अपनी बहनों के साथ मस्ती करने मे आगे रहने लगा

मैं काफ़ी हद तक रिज़ल्ट के टेन्षन को भुला चुका था
 
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