• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

मैं कॉलगर्ल कैसे बनी

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
S

StoryPublisher

Guest


लेखिका:-रानिभाभी

मेरे प्यारे दोस्तो, मेरी एक फ्रेंड की संगत के कारण ये मेरी रियल सेक्स स्टोरी बन गई है. उसको मैं अच्छी तरह से जानती थी. कॉल गर्ल बनने के बाद मैं उसके साथ कई बार एक ही बिस्तर पर अलग अलग लंडों से चुद भी चुकी थी. जब कभी भी उसको कहती हूँ कि यार बहुत दिन हो गए हैं… तो वो समझ जाती है कि मेरी चुत में खुजली हो रही है और मेरे लिए किसी लंबे और मोटे लंड का इंतज़ाम करवा देती है. वो मुझे अपने साथ ले जाकर खुद भी चुदती है और मुझे भी चुदवा देती है. इससे दो फ़ायदे हो जाते हैं, एक चुत ठंडी हो जाती है और दूसरा पॉकेट में कुछ माल भी आ जाता है.

खैर कहानी की शुरूआत करने से पहले मैं आपको बताना चाहती हूँ कि मेरी कुंवारी चुत कैसे चुदी और फिर मैं कैसे चुदाई की शौकीन बन कर पूरी कॉलगर्ल बन गई.

यह मेरी सच्ची कहानी है. मेरे जैसे ना मालूम कितनी होंगी, जो इस दलदल में फंस कर निकल नहीं सकतीं. मुझे अय्याशों की महफ़िल में सब कहेंगे तू मेरे दिल की रानी है, मगर जब वास्तविकता में आ जाते हैं, तो कोई पहचानने से भी इन्कार कर देता है.

दोस्तो, कोई भी लड़की किसी गैर आदमी के साथ ना तो चुदवाना चाहेगी और ना ही अपने कपड़े उतारेगी. मगर मजबूरी में वो सब करवा लेती है, जो वो नहीं करना चाहती.

मैं आपको अपनी आप बीती बता रही हूँ. मैं आजकल एक कॉलगर्ल हूँ और मुझमें शर्म नाम की कोई चीज अब मेरी डिक्शनरी में नहीं है. मगर मैं ऐसी ही थी नहीं, मैं किसी मर्द को अपने कोई भी अंग नहीं दिखाती थी, चाहे कुछ भी हो जाए.. मगर होनी को कुछ और ही मंजूर था.

मैं एक कंपनी में अकाउंट्स का काम करती थी. टाइम पर ऑफिस अटेंड करती थी और टाइम पर ही छुट्टी करती थी. मेरा काम हमेशा अपटूडेट होता था, इसलिए मुझे कभी भी किसी ने कुछ नहीं कहा. हमारे ऑफिस में मुझे मिला कर तीन लड़कियां काम करती थीं और बाकी सब पुरुष थे.

हम तीनों लड़कियों में से एक तो मैरिड थी और हमेशा अपने बच्चे के बारे में बात करती थी. मगर दूसरी चालू थी उसका नाम कुसुम था और उसका काम होता था कि इधर उधर से लड़कियों को बहला फुसला कर कहीं भेजना. उसकी ये हरकत मुझे बाद में पता लगी.

वो मुझे हमेशा कहा करती थी कि रानी क्या रखा है इस जिंदगी में, जिन्दगी के असली मज़े लो. वो हमेशा अपने पास पेन ड्राइव में हिन्दी ब्लू फिल्म और क्सक्सक्स विडियो क्लिप्स रखती थी और बोलती थी कि आओ तुम्हें इस जिंदगी के मज़े कैसे लिए जाते हैं, बताती हूँ.

मैं उसको खास लिफ्ट नहीं दिया करती थी.

तब उसने अपने साथ उस मैरिड लेडी को मिला कर मुझे ब्लू फिल्म दिखाई.

मुझे देखने में तो बहुत मज़ा आया मगर मैंने कहा कि ऐसे थोड़ी ना हर किसी के आगे नंगी होकर उसका लिया जाता है.

तब वो बोली- अरी उसका नाम नहीं बोल सकती, जिसको लेने की तुम बोल रही हो कि लिया जाता है.

मैंने कहा- मैं नहीं बोल सकती.

तब वो बोली- चलो मैं ही तुम्हें बताती हूँ, जिसे तू उसका बोल रही हो, वो लंड होता है और खड़ा होकर पूरा लौड़ा बन जाता है. खड़ा हुआ लौड़ा आम तौर पर 6 से 7 इंच लंबा हो जाता है और उसकी मोटाई भी 2.5 इंच से ले कर 3.5 इंच बन जाती है.. और जहाँ लौड़े को लेना होता है, उस छेद को चुत बोला कर.

मैंने खुले आम लंड और चुत का नाम सुना तो मेरी आंखें शर्म से झुका गई थीं. मगर वो मुझे बिना बुलवाए छोड़ नहीं रही थी.

मैंने कहा- अच्छा बई, लंड को चुत में लेना.. बस.

बोली- हां अब हमेशा लंड और चुत अपने मुँह में रखा कर.. कल तुम्हें नई फिल्म दिखाऊंगी.

इस तरह से वो रोज कोई ना कोई सेक्सी फिल्म ले आती थी और दिखाती थी. एक दिन वो बॉलीवुड की बहुत मशहूर एक्ट्रेस जिसका नाम मैं नहीं लिख सकती, उसकी चुदाई की फिल्म लेकर आई और बोली- डार्लिंग आज तुम्हें बताती हूँ कि इतनी फेमस होने पर भी चुत, चुत ही होती है, जो चुदने को हमेशा तैयार रहती है.

अब वो मैरिड लेडी को नहीं बुलाती थी बस मेरे को ही यह सब दिखाती थी. फिल्म देखते हुए मेरे मम्मों को दबाना और मेरी चुत पर हाथ रखना, उसके लिए आम बात थी.

मुझे उसने कहा- अगर तू राज़ी हो तो मैं तेरा भी इंतज़ाम करवा देती हूँ और क्योंकि तुमने अभी तक चुत में लंड नहीं लिया तो तुम्हें 25 से 30 हज़ार रूपए भी दिलवा दूँगी. हां मगर उसमें 10% मेरी कमीशन होगी.

मैंने उससे कहा- अगर तू मुझसे ऐसे बात करेगी तो मुझसे बोलना बंद कर दे.

वो बोली- कोई बात नहीं यार.. तू तो बुरा मान गई. तुम्हारा दिल नहीं है ना सही. कल तुम्हें मैं अपनी चुदाई की पिक्चर दिखाऊंगी मगर यह सीक्रेट ही रहना चाहिए.

जैसा कि वो बोली थी, उसने अगले दिन अपनी ही चुदाई की पिक्चर दिखा दी. उसकी चुदाई की पिक्चर याद करके मुझे भी कुछ कुछ होने लगा मगर मैंने दिल को मजबूत करके अपने आप को सम्भाल लिया.

मगर मेरी बदकिस्मती थी कि अचानक मेरे पापा की तबियत खराब हो गई और मुझे उन्हें किसी नर्सिंग होम में ले जाना पड़ा.
 
हस्पताल में जाते ही उन्होंने हमसे 40,000 रूपए डिपोज़िट करने को कहा. इतनी बड़ी रकम मैं कैसे दे सकती थी. खैर उस वक्त तो वो सब हमारे पड़ोसियों ने दे दिए कि बाद में लौटा देना.

मगर कैसे लौटाती, यह मेरी समझ से बाहर था. मैं ऑफिस भी 3 दिनों के बाद गई तो मेरा चेहरा उतरा हुआ था.

उसने पूछा- क्या बात हो गई जो मेरी डार्लिंग ऑफिस ही नहीं आई?

तब उसे मैंने सारी बात बता दी.

वो बोली- तू फिकर मत कर… मैं तुम्हें 50000 रूपए दे दूँगी मगर इनको 2 महीनों में चुका देना. अब तो ठीक है ना.

मैंने उस वक़्त उसका अहसान मानते हुए उससे कहा कि अगर तुम ना होती तो मेरा आज क्या होता.

वो बोली- जो मैं तुम्हें पैसे दे रही हूँ वो सब मेरी चुदाई के या किसी को चुदवा कर उसकी चुदाई की कमिशन हैं. तुम लौटा देना, कोई बात नहीं.

मगर वो कहते हैं कि मुसीबतें इकट्ठी ही आती हैं. मुझे मलेरिया हो गया और मैं कुछ दिन ऑफिस ना जा सकी. ऑफिस वालों ने मेरी सेलरी, जितने दिन में ऑफिस नहीं गई थी, वो काट ली. मेरे ऊपर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा.

कोई डेढ़ महीने बाद मैंने उस लड़की से कहा कि मैं अभी पैसे नहीं दे पाऊंगी. बजाए इसके कि वो दुखी होती, वो बहुत खुश नजर आई. क्योंकि उसे पता था कि मैं उसके बिछाए जाल में फंसती जा रही हूँ और इसमें से निकलने का कोई रास्ता नहीं बचेगा, सिवाय चुत को चुदवाने के.

वो मुझसे हंस कर बोली- कोई बात नहीं है.

मगर अगले दिन आकर बोली- यार मैं कहना तो नहीं चाहती थी मगर मेरी भी मजबूरी है.. मेरी मम्मी को पैसे चाहिए. वो अपने भाई को देखने जा रही हैं, क्योंकि वो बीमार हैं, इसी वजह से मुझे पैसे चाहिए.

मैं बोली- इतनी जल्दी कैसे हो पाएगा.. तुम्हीं बताओ कि मैं क्या करूँ?

उसका जवाब सुन कर एक बार तो ठंडी लहर सी मेरी रीड की हड्डी से निकल गई. वो बोली- अपनी चुत से काम लो और मेरी तरह से मज़े भी करो और पैसे भी कमाओ.

मैंने कहा- यह नहीं हो सकता.

तब वो बोली- कोई बात नहीं… यह तो तुम पर ही है ना कि क्या करना है, हां मेरे को मेरे पैसे 2 महीने खत्म होने से पहले चाहिए.

मैं खामोश होकर सोचने लगी कि अब क्या करूँ.

शाम को वो बोली कि जरा आज मेरे साथ चलना, तुम्हें कुछ नहीं होगा, यह मेरी गारंटी है.

मैं शाम तो उसके साथ हो ली. ऑफिस के कुछ ही दूरी पर एक बड़ी से कार खड़ी थी.. और उसका ड्राइवर उसका ही इंतज़ार कर रहा था.

वो बोली- चलो, इस कार से चलेंगे.

हम दोनों उस कार में बैठ गए. वो गाड़ी किसी बड़े से बंगले में जाकर रुकी. हम दोनों कार से उतर कर अन्दर चले गए. मैं मन ही मन बहुत डरी हुई थी. कुछ देर बाद एक नौकर आकर कर हमें कोल्ड ड्रिंक सर्व कर गया और कुछ काजू बादाम आदि की प्लेट रख गया.

मैंने उससे कहा- यार मुझे बहुत डर लग रहा है.. कहीं तुम जबरदस्ती तो कुछ नहीं करवा दोगी.

वो बोली कि यार क्यों डरती है, तुम्हें कोई कुछ करने की बात तो छोड़ो, हाथ भी नहीं लगा सकता.

इतने में एक लगबग 35 साल का एक आदमी जो बहुत हैंडसम था, आया. वो उससे गले लग कर मिला और दोनों ने जी भर के किसिंग की, बिना सोचे कि मैं भी वहाँ पर हूँ. उस आदमी का नाम मुझे बाद में पता लगा कि विक्रम है. विक्रम उसके मम्मों को पहले तो बाहर से दबाता रहा और फिर हाथ अन्दर करके दबाने लगा.

कुसुम बोली- क्यों इतना पागलपन दिखा रहे हो.. मैं तो तुम्हारे साथ चुदने के लिए आई ही हूँ.. थोड़ा तसल्ली भी रखो यार.

उसका इस तरह से मेरे सामने बोलना मुझे कुछ अटपटा सा लगा मगर मैंने सोचा मुझे क्या… ये इन दोनों का आपस का मामला है. ये खुद ही निपटा लेंगे.

कुसुम मुझे छोड़ कर उसके साथ कोई 3-4 मिनट दूसरे कमरे में जाकर वापिस आ गई. वो बोली- डार्लिंग आज तुम्हें मैं पूरा लाइव शो दिखाऊंगी, तू भी क्या याद करेगी कि किससे पाला पड़ा है. तुम्हें वहां सोफे पर बैठना है और देखना है क्या होता है और चुत कमाई कैसे करती है. तुम फिकर मत करना बस आधा घंटे के बाद तुम्हें ड्राइवर घर तक छोड़ आएगा.

जब वो दूसरे रूम में जा रही थी, तो मुझे अपने साथ ले गई. विक्रम वहाँ पर पूरी तरह से नंगा बैठा था. मैं समझती हूँ कि उसका लंड, जो कि 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा था, इस वक्त गुस्से में झटके मार रहा था. सामने टीवी पर हिंदी ब्लू फिल्म चल रही थी.

जैसे ही कुसुम वहाँ पहुंची, वो बोला- जानेमन कुछ अपनी जवानी का जलवा तो दिखाओ.. फिर बाद में लंड और चुत को भी आपस में लड़ा देंगे.

मैं सामने सोफे पर सकुचाई सी बैठी थी और उनकी नजरों में शायद मैं वहाँ पर थी ही नहीं.

कुसुम इठला कर बोली- ठीक है डार्लिंग तुम जो कहोगे, मैं वो करूँगी… आज की रात तो मैं तुम्हारी खरीदी हुई आइटम हूँ. तुम तो अपने पूरे पैसे मेरे इस जिस्म से वसूल करोगे ही. बोलो राजा कहाँ से शुरू करूँ.

विक्रम हंस कर बोला- सेक्सी डांस देखने का मन कर रहा है.. तुम एक एक कपड़ा उतारते हुए डांस करो और फिरचुत को बिना हाथ लगाए, उसका जलवा दिखाओ.

कुसुम झुक कर अपने मम्मों की छटा बिखरते हुए बोली- जो हुक्म मेरे आका.

उसने सेक्सी डांस शुरू किया और डांस करते हुए अपने एक एक कर कपड़े उतारती गई. जब कुसुम पूरी नंगी हो गई तो उसका डांस क्या बताऊं, बहुत ही गर्म कर देने वाला था. वो अपना पेट आगे पीछे करके अपनी चुत को हिला रही थी. कुछ देर बाद वो चुत के होंठों को खोल खोल कर दिखाने लगी, जो मुझे भी दिख रहे थे.

अब तो विक्रम का बुरा हाल था और वो अपने लंड को सम्भाल ही नहीं पा रहा था. उसका लंड भी बहुत देर से ठुमके लगा रहा था.

वो बोला- कुसुम जानेमन मेरा ये लंड तुमसे तुम्हारी मुनिया में जाने के लिए भीख माँग रहा है.

कुसुम चुत उठा कर बोली- तो मेरी चुत भी अपने अन्दर जाने के लिए तुम्हारी जीभ माँग रही है.

विक्रम ने झट से कुसुम को अपने करीब खींच लिया और वो दोनों 69 में ओरल सेक्स करने लगे, एक दूसरे के लंड और चुत चूसने लगे.

मैं ये सब देख रही थी मेरी हालत भी खराब होने लगी थी.

 
चूंकि विक्रम का लंड बहुत देर से झटके मार रहा था, वो 5 मिनट में अपना पानी उसके मुँह में छोड़ गया और बाहर आ गया. मगर अभी 5 मिनट भी नहीं बीते थे कि विक्रम का लौड़ा फिर पूरा शवाब पर था.

वो उससे बोला- चढ़ जा जानेमन इस पर और मार झटके दबा दबा कर. अब यह तुम्हारी चुत को चोदे बिना नहीं मानेगा.

कुसुम अपनी दोनों टांगों को इधर उधर करके उसके खड़े हुए लंड पर अपनी चुत टिका कर एक ही धक्के में पूरे का पूरा लंड अपनी चुत में अन्दर तक ले गई. लंड चूत में घुसा तो कुसुम के मुंह से एक हल्की सी आह निकली और विक्रम का पूरा लंड कुसुम की चुत में कहीं खो सा गया.

उसके बाद कोई 5 मिनट तक कुसुम विक्रम के लंड पर अपनी गांड उछालती रही. विक्रम का लंड और कुसुम की चुत एक दूसरे से लड़ते रहे.

फिर 5 मिनट बाद विक्रम बोला- चलो अब कुतिया बन जा.

वो अपनी चुत से लंड निकाल कर अपने हाथों और घुटनों के बल चौपाया जैसी बन गई. विक्रम ने पीछे से उसकी चुत में अपना लंड डाल कर उस पर चढ़ गया और उसके मम्मों को बुरी तरह से दबाने और मसलने लगा.

मगर कुसुम बहुत मज़े ले कर अपनी गांड को आगे पीछे करती रही. फिर वो मेरी तरफ देख कर बोली- यार सॉरी, मैं भूल गई थी.

उसने विक्रम से बोला कि डार्लिंग इसको इसके घर पर छोड़ना है, अपने ड्राइवर से बोलो कि छोड़ कर आए. मैं ऐसे ही इसको लाइव शो दिखाना चाहती थी, सो वो दिखा दिया. यहाँ तो पूरी रात ही यह सब होना है, इसको किस लिए रोक कर रखें.

विक्रम ने ड्राइवर को फोन किया कि मेमसाब को अभी उनके घर पर छोड़ कर आओ और वो कुसुम के दूध दबाते हुए मुझसे बोला कि आप ड्रॉइंग रूम में जाएं, ड्राइवर आपका वेट कर रहा है.

उसके बाद उन दोनों में क्या क्या हुआ मुझे नहीं पता, मगर अब मेरी चुत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और मम्मों की घुन्डियां भी अकड़ गई थीं. मुझको अब लंड चाहिए था, जो मैं नहीं लेना चाहती थी.

अगले दिन जब मैं ऑफिस गई तो कुसुम की चाल कुछ बदली हुई सी नजर आ रही थी.

मैंने उससे पूछा- क्या हुआ डियर?

वो बोली- तुम्हें नहीं पता क्या.. तुम्हारे सामने ही चुदाई शुरू हुई थी, उस साले ने पूरी रात पाँच बार मेरी चुत का हलवा बनाया है. सुबह 5 बजे छोड़ा था. लास्ट बार तो उसने मेरी दोनों टांगें चौड़ी करके बेड से बांध दीं और मेरे हाथों को भी उसी तरह से बांध दिया. अब उस स्थिति में मैं जरा भी नहीं हिल पा रही थी सिवाए अपनी गांड को ऊपर नीचे करने के. उसका पूरा लंड मेरी चुत को थप्पड़ पर थप्पड़ मारे जा रहा था और मैं बस ‘ऊह अयू हा हा…’ के सिवा कुछ नहीं बोल पा रही थी. फिर उसने एक पट्टी से बांध कर मेरे मुँह को भी बंद कर दिया. जब उसके लंड से पानी निकलने वाला था तो उसने मेरे मुँह पर से पट्टी उतार दी और मालूम उसने क्या किया.

मैंने पूछा- क्या किया?

कुसुम- उसने लंड को मेरे दोनों मम्मों में रख कर मम्मों को अपने हाथों से मिला कर वहाँ भी चुदाई करनी शुरू कर दी.. और जब पिचकारी निकली तो वो धार सीधी मेरे मुँह में जा घुसी. फिर जब पूरा पानी निकल गया तो मेरी टांगें और हाथ खोल कर बोला कि बाथरूम में जाकर सफाई कर लो, सुबह ऑफिस भी जाना है. मैंने कहा कि सुबह का क्या मतलब अभी क्या कोई रात बाकी बची है. तुमने जितने पैसे दिए हैं, वो सब एक एक करके पूरी रात में मुझसे वसूल कर लिए हैं. इस पर वो हंसने लगा. मैं फिर जब बाथरूम की तरफ जाने लगी तो मेरी टांगें जवाब दे रही थीं क्योंकि पूरी रात भर चुदाई हुई थी. बाद में टांगों और हाथों को पूरी तरह से बांध कर मेरी टांगों को हिलने ही नहीं दिया जिससे मेरी तो चाल ही बदल गई. फिर तुम्हें तो पता नहीं, लास्ट चुदाई में उसका वीर्य भी बहुत देर तक नहीं निकला क्योंकि वो पहले कई बार निकल चुका था, इसलिए बहुत देर तक लौड़ा अपना काम करता रहा. अब धीरे धीरे ठीक हो जाएगी. वैसे कसम से सच बता कि तुझे कैसा लगा लाइव शो?

मैं कुछ नहीं बोली तो वो खुद ही बोली कि मुझे पता है तुम्हें पूरा मज़ा आया होगा मगर बोलोगी नहीं. तुम भी सोच लो अगर मेरी तरह से कुछ करने का इरादा हो तो पूरे पैसे दिलवा दूँगी और मज़ा तुम्हें ही मिलना है. मुझे बस 10% चुदाई की कीमत देनी होगी.

मैं कुछ नहीं बोली.

कुसुम ने बाहर जाते हुए कहा- जल्दी नहीं है अभी मेरे पैसे वापिस करने को तुम्हारे पास एक वीक है. खूब आराम से सोच कर जवाब देना.

इतना कह कर वो ऑफिस से चली गई.

हां तो दोस्तो, उसके अगले दिन जब कुसुम ऑफिस में आई तो मुझसे उसने कोई बात नहीं कि और ना ही कोई ब्लू फिल्म दिखाने की कोई चाहत दिखलाई बस हैलो बोला और अपनी सीट पर जाकर बैठ गई.

लंच में वो बोली- यार देख मैं तुमसे इतनी जल्दी पैसे तो माँगना नहीं चाहती थी मगर मेरी भी मजबूरी है, उसको जरा समझ. मेरी माँ को 1 लाख रूपए लेकर जाने है. अगर तुमसे 40000 मिल भी जाएंगे तो भी बाकी की रकम मुझे ही पैदा करनी है.
 
देखो लड़कियों की चुत दो चीजें पैदा कर सकती हैं, नंबर वन बच्चे और दूसरी चुदवा कर पैसे. तुम जानती हो मैं कल विक्रम से बुरी तरह से चुदी हूँ. मैं जानती थी कि वो एक एक पैसे का हिसाब मेरे जिस्म से वसूलेगा.. मेरे शरीर का कोई ऐसा पार्ट नहीं होगा, जिसको वो पूरी तरह से निचोड़ कर ना रख दे. मगर क्योंकि उससे मुझे 20000 मिलते हैं.. इसलिए मैं उसके पास गई. वैसे और भी लड़के हैं, जो मेरी चुत में डालने के लिए अपना लंड खड़ा किए रहते हैं मगर वो कम पैसे देते हैं, इसलिए मैं उनसे नहीं चुदवाती हूँ. हां उनके लिए मैं कोई ना कोई चुत ढूँढ ही लेती हूँ और भेज देती हूँ. सब कुछ पहले से सेट्ल हो जाता है कि कितने पैसे मिलेंगे. वो रकम मैं अड्वान्स में ले लेती हूँ और अपनी कमीशन निकाल कर उस लड़की को दे देती हूँ.

मैं चुपचाप कुसुम को सुने जा रही थी.

कुसुम- देख मैं तो तेरे भले के लिए ही बोल रही हूँ कि तू चाहे जो भी कर ले.. तू 40000 कलेक्ट नहीं कर सकती. समझ लो मैं तुमको एक और महीने का टाइम दे देती हूँ तब मुझे बता.. तू पैसे कहाँ से लाएगी? रानी यह दुनिया बहुत मतलबी है.. बड़ा मुश्किल है यहाँ पर इज़्ज़त से रहना. जब हम खुल कर चुदवाती हैं और किसी भी जान पहचान वाले को ना पता लगे. हाँ सबकी नजरों में पूरी इज़्ज़त से रहती हैं. अपना मकसद पूरा किए बिना कोई एक पैसे भी नहीं देगा. मेरी मान तू आज और कल फिर सीरियसली सोच कर बताना कि तुम तैयार हो. मैंने एक लड़का ढूँढा हुआ है, जो 50000 तक देने को तैयार है मगर उसकी शर्त यह है कि उसे कोई कुंवारी (वर्जिन) लड़की ही चाहिए. मैंने उससे कहा था कि मैं हाफ रेट पर हाज़िर हूँ.. मगर वो नहीं माना. वो बोला अगर तुम अरेंज कर सकती हो तो मैं तुम्हें भी कमीशन दे दूँगा. अब तू सोच ले. वैसे तुम्हारी जानकारी के लिए मैंने एक लड़की पटाई हुई है, जो अभी तक किसी से भी नहीं चुदी. अगर तुम्हारी तरफ से पूरी तरह ना हो जाए तो मैं उसी को उस लड़के से चुदवा दूँगी. मेरा तो सिर्फ़ अपने कमिशन से मतलब है.

मैं गुमसुम सी उसकी बात सुने जा रही थी.

कुसुम आगे बोली- देखो, मैंने तुम्हें कल अपना लाइव शो भी दिखवा दिया था उससे तुम्हें पता लग गया होगा कि लड़की को कैसे और क्या क्या करना होता है. अगर चुत से पैसे कमाने हों.. तो ये सब करना ही होगा. अब तुम जानो और तुम्हारा काम जाने. मैं अब तुम्हें आज के बाद कुछ नहीं कहूँगी सिवाए अपने पैसे माँगने के. मैं उस लड़की को, जिसका मैंने अभी जिक्र किया है, उसी को ले जाऊंगी.

इतना कह कर कुसुम चली गई.

लंच के बाद मैं अपने काम में लग गई मगर दिमाग में हर पल किसी लड़के का पूरा खड़ा लंड मेरी चुत में जाता हुआ दिखाई देता रहा.

इसी वजह से काम में कुछ ग़लती भी हो गई.. तो बॉस ने बुला कर कहा- मैडम क्या बात है आपका काम में दिल नहीं लग रहा या कोई प्राब्लम है. आज तक तुमने कोई ग़लती नहीं की और आज सिली मिस्टेक सामने है.. जो मैं किसी से भी उम्मीद नहीं करता, आपने कर दी है. अगर कोई प्राब्लम है तो तुम दो दिन की छुट्टी ले लो.

मैं ‘सॉरी सर सॉरी सर..’ कहते हुए अपनी सीट पर आ गई. शाम तो छुट्टी के समय भी कुसुम ने कोई बात नहीं की और वो चली गई.

मैं घर वापिस आ कर सोचने लगी कि मैं उसके पैसे कैसे लौटा पाऊंगी. उस रात को नींद ही नहीं आई और जब सुबह ऑफिस पहुँची तो मेरी आंखें लाल थीं.

तब कुसुम ने मुझसे कहा कि आज तो तुम ऐसे लग रही हो जैसे पूरी रात तुम्हारी चुत को पेला गया हो.

मेरी आंखों में आँसू आ गए और मैंने उसे सब कुछ बता दिया.

उसे ये पता था कि आख़िर पिंजरे का पंछी कहाँ उड़ कर जाएगा, वो बोली- डार्लिंग, तुम्हें मैं दुनिया की असलियत दिखा रही हूँ. अभी तो कोई इतने पैसे भी दे देगा. मगर इस चुत की कीमत भी उम्र के साथ कम होती जाती है. मेरा कहा मान ले. तू बोल, उससे बात करूँ?

मैं कुछ ना कह पाई. तो वो बोली कि तुम्हारी चुप्पी ही तुम्हारी हामी है.

मैं उससे बोली कि मैंने सुना है कि फर्स्ट चुदाई में खून भी निकलेगा और दर्द भी बहुत होगा.

उसने जवाब दिया- अगर पता है तो फिर पूछ क्यों रही हो. दर्द भी होगा और खून भी निकलेगा. जिसके पास तुम्हें जाना है उसका लंड भी विक्रम की तरह का ही है. उससे 21 हो सकता हैं मगर 19 नहीं. मगर एक बार का दर्द जिंदगी में बहार ला देगा.

मैं कुछ ना बोली, तो उसने कहा- ओके मैं समझ गई हूँ कि तुम तैयार हो. कल मेरे साथ मेरे घर चलना, मैं तुम्हें चुदाई से पहले की तैयारी करवा दूँगी और सेक्सी कपड़े भी दे दूँगी, जिसे डाल कर तुम मेरे साथ चलोगी. घर पर बोल आना कि ऑफिस के किसी काम से बाहर जा रही हूँ और अगले दिन शाम तक ही आ पाऊंगी.

अगले दिन हम दोनों ने हाफ डे की छुट्टी की और कुसुम मुझको अपने घर पर ले आई. वो अकेली ही रहती थी इसलिए उसके घर पर सेक्सी बुक्स और फोटो इधर उधर पड़ी थीं. ऐसे चीजों को मैं अपने घर पर

रखने के लिए सोच भी नहीं सकती थी.

उसने मुझे पीने के लिए एक शरबत दिया और बोली- डियर अब खुल कर सेक्सी वर्ड्स यूज करना सीख लो. तुम्हारी पहली क्लास है. मेरे पीछे दस बार बोलना ‘लंड लंड लंड लंड लंड..’

मैंने बोला.

जब अच्छी तरह से बोल चुकी तो बोली- शाबाश अब बोलो चुत चुत चुत..

मैंने कहा तो बोली- अब बोलो चुदाई चुदाई चुदाई. फिर बोली- मम्मे, मम्मे, मम्मे.. इसके बाद उसने मुझसे बुलवाया मम्मों की घुन्डियां (निप्पलों) मम्मों की घुन्डियां…

फिर बोली- पूरे कपड़े उतार कर नंगी हो जाओ.

मैंने कहा- यार शर्म आती है.

इस पर वो मुझ पर चिल्ला कर बोली- शर्म आती है बेशर्म.. शर्म पी जा.. अभी तो मेरे सामने नंगी होना है. रात को तो पूरे खड़े लंड के सामने नंगी होना पड़ेगा. देख जैसे मैं नंगी होती हूँ उसी तरह से नंगी हो जा और मैं भी देखती हूँ तू कैसे होती है.

 
अब तक आपने पढ़ा था कि कुसुम ने मुझे रंडी बनने की ट्रेनिंग देना शुरू कर दी.

उसने मुझे पीने के लिए एक शरबत दिया और बोली- डियर अब खुल कर सेक्सी वर्ड्स यूज करना सीख लो. तुम्हारी पहली क्लास है. मेरे पीछे दस बार बोलना “लंड लंड लंड लंड लंड..”

मैंने बोला.

जब अच्छी तरह से बोल चुकी तो बोली- शाबाश अब बोलो चुत चुत चुत..

मैंने कहा तो बोली- अब बोलो चुदाई चुदाई चुदाई. फिर बोली- मम्मे, मम्मे, मम्मे.. इसके बाद उसने मुझसे बुलवाया मम्मों की घुन्डियां (निप्पलों) मम्मों की घुन्डियां…

फिर बोली- पूरे कपड़े उतार कर नंगी हो जाओ.

मैंने कहा- यार शर्म आती है.

इस पर वो मुझ पर चिल्ला कर बोली- शर्म आती है बेशर्म.. शर्म पी जा.. अभी तो मेरे सामने नंगी होना है. रात को तो पूरे खड़े लंड के सामने नंगी होना पड़ेगा. देख जैसे मैं नंगी होती हूँ उसी तरह से नंगी हो जा और मैं भी देखती हूँ तू कैसे होती है.

अब आगे..

उसने मुझे पूरी नंगी करवा दिया. बोली- डाल कपड़े फिर से.. और फिर नंगी हो जा.

इस तरह से उसने मुझे नंगी होने ही ट्रेनिंग दी. मैंने कभी चुत के बालों मतलब झांटों को कभी शेव नहीं किया था.

कुसुम बोली कि इन झांटों की भी सफाई करनी पड़ेगी. मगर रुक जरा.. पहले मैं उससे पूछती हूँ कि उसे बालों वाली चुत पसंद है या शेव की हुई.

उसने किसी तो फोन मिलाया और स्पीकर पर रख कर पूछा- अशोक जी कैसे हैं आप?

वो बोला- अच्छा हूँ.. तुम शाम को ला रही हो ना मुर्गी हलाल करने के लिए?

कुसुम बोली- बिल्कुल.. मुर्गी मेरे पास ही है. शाम को 7 बजे गाड़ी भेज देना. फिर जहाँ कहोगे वहाँ डिनर करके तुम उसे अपने साथ ले जाना और मैं किसी और का बिस्तर गरम करने चली जाऊंगी.

“ओके.. फोन कैसे किया?”

“हाँ बताती हूँ.. अशोक जी आप यह बताइए कि आपको बालों वाली चाहिए या क्लीन शेव चाहिए?”

उधर से जवाब आया- मैं खुद उसकी हजामत बनाऊंगा.. तू उसका एक बाल भी ना काटना. हां मगर एक बात सुन लो.. मैं उसकी चुत को तुम्हारे सामने ही चैक करवा कर देखूंगा कि वो अनचुदी है या पहले भी चुद चुकी है.

कुसुम बोली- किसने मना किया है. मगर ये देखने के बाद पहले पूरी रकम देनी पड़ेगी.

उसका जबाव आया- बिल्कुल पूरी रकम पहले ही दे दूँगा.

शाम तो 6 बजे के बाद उसके दिए सेक्सी कपड़े निकाले और बोली- लो पहनो इनको.

वो ड्रेस कपड़ों के नाम पर पूरा डब्बा था. उसने एक ब्रा थी जो मुश्किल से मेरे निप्पलों को कवर कर रही थी.. और चड्डी.. वो तो बस नाम के लिए ही थी उसने एक स्प्रिंग लगी हुई यू शेप की चड्डी दी, जो बस चुत के छेद को ही कवर करती थी. वो स्प्रिंग को खींच कर टांगों के नीचे से अपनी चुत और चूतड़ों में फंसानी थी. आगे से भी बस इतनी ही जगह थी कि चुत को मुश्किल से कवर कर पाती थी.

फिर उसने एक टॉप और स्कर्ट दी. टॉप बहुत खुला हुआ था और जरा सा भी झुकने पर सब कुछ दिखाई देता था. स्कर्ट तो बस.. यह बोलो कि खुली चड्डी थी. खैर अब कुछ भी बोलना का टाइम नहीं था. मैं उसके निर्देशन में काम कर रही थी, सो बस करती गई.

ठीक 7 बजे ड्राइवर का फोन आया- मेम साब, मैं आ गया हूँ.

कुसुम बोली- अब जल्दी से चलो.

हम दोनों कार में बैठ कर किसी बंगले में पहुँच गए.

एक सर्वेंट आया और बोला- आप बैठिए साब अभी फोन पर बिज़ी हैं.

उसने इतना ही कहा था कि एक 6″ लंबा हैंडसम नौजवान जो 30 साल के लगभग उम्र का था, हमारे करीब आ गया. वो बोला- वेलकम वेलकम टू बोथ ऑफ यू.. ओके कुसुम, सो शी इस रानी? कुसुम बोली- जी.

“गुड कुसुम माल तो बढ़िया लाई हो मेरा लंड तो इसे देखते ही टनाटन होने लगा है. ओके अब मुद्दे पर आते हैं यदि तुम्हें कोई एतराज न हो तो मैं रानी को चैक कर लूँ?

कुसुम बोली- बिल्कुल.. बड़े शौक से.. आज पूरी रात यह आपकी ही मेहमान है या यह कहूँ कि इसकी चुत आपके लंड की मेहमान है.

वो हंस पड़ा और बोला- ओके, आओ दूसरे कमरे में चलते हैं.

जैसे ही हम दूसरे कमरे में पहुँचे तो वहाँ एक और आदमी जो 60 साल के लगभग का होगा, बैठा था. उसकी तरफ मुँह करके अशोक बोला- डॉक्टर इसकी वर्जिनिटी टेस्ट करनी है. प्लीज कीजिए और रिपोर्ट अभी के अभी दो.

डॉक्टर ने मुझे लेटने को कहा और जैसे ही मैं लेटी, उसने मेरी दोनों टांगों को पकड़ कर फैलाया किया और एक इंस्ट्रूमेंट से मेरी चुत तो भी फैला दिया.
 
फिर उसने अशोक को बुला कर बोला- यह देखो इस पतला सा माँस चुत के मुँह पर है, यह बताता है कि अब तक यह लड़की किसी से भी नहीं चुदी है. जब यह सेक्स करेगी, तब यह फट जाएगा. उस वक्त कुछ खून भी निकलेगा और यह पूरी औरत बन जाएगी, मगर अभी तक यह लड़की कुंवारी ही है.

अशोक ने डॉक्टर को 1000 रूपए देकर कहा- ओके डॉक्टर थैंक्स.

डॉक्टर के जाने के बाद वो हमारी तरफ मुँह करके बोला- होटल में क्या जाना है.. यहीं पर डिनर कर लेते हैं.

कुसुम ने कहा- मगर मुझे 9 बजे होटल में किसी से मिलना है.

अशोक बोला- मिलना है.. साली ये क्यों नहीं बोलती कि चुदवाने जाना है. ओके तुम्हें मेरा ड्राइवर 9 बजे पहुँचा देगा. अभी बताओ क्या करना है?

कुसुम बोली- तुमने ऐसे एक दिन के लिए इसको बुक किया है, यह तुम्हें वो सब सर्विस देगी.. जो तुम कहोगे. मगर उससे पहले हमारा नजराना दे दो.

वो बोला- हां हां क्यों नहीं.. अभी लो.

वो अन्दर जाकर 500 के नोट का पूरा पैकेट ले आया और बोला- अब तो ठीक है?

कुसुम बोली- हां ठीक है.

“तुमने इस लड़की तो सब कुछ अच्छी तरह से समझा दिया है ना.”

कुसुम बोली- अभी खुद ही कुछ करो तो पता लग जाएगा.. जब तक मैं ड्रॉइंग रूम में बैठती हूँ.

ओके बोल कर अशोक मुझे बेडरूम में ले गया और बोला- मैंने देखा है तुम्हारी झांटों ने पूरा चुत का मैदान गंदा कर रखा है. इस काली घास को पूरी तरह से साफ़ कर देता हूँ.

इस पर मैं कुछ नहीं बोली.

फिर अशोक बोला कि जाकर बाथरूम में पूरी नंगी होकर मेरा इंतज़ार करो.

मैं बाथरूम में जाकर पूरी नंगी हो गई. वहाँ पर आते ही उसने मेरे मम्मों को इतने जोर से दबाया कि मेरी चीख निकल गई मगर उसने कोई परवाह किए बिना मम्मों की घुंडियों को जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया.

वो बोला- यार मैडम, माल तो तेरा पूरा सॉलिड है.

मैं मुस्कुरा दी.

फिर उसने शेविंग क्रीम लेकर मेरी चुत के चारों तरफ मल दी. रेजर लेकर उसने मेरी चुत की पूरी हजामत कर दी. जब हजामत पूरी हो गई तो बोला- देखा हीरा माल हो.. कहाँ छुपा कर रखा था यार इस चिकनी चमेली को.. मैं इस तरह के हीरों का सच्चा जौहरी हूँ.. और मेरे हाथ से ऐसा माल बिना परखे निकल जाए ऐसा हो ही नहीं सकता.

मैं शर्म से गड़ गई.

उसके बाद वो बोला- अपने आर्म्स ऊपर करो.

मेरे अंडर आर्म्स तो मैं नॉर्मली शेव करके ही रखती हूँ मगर दो तीन दिनों से उन पर मेरा ध्यान नहीं गया था, इसलिए उसने आर्म्स को ऊपर करवा कर क्रीम मली और उसे भी पूरी चिकनी बना दिया.

अब वो बोला कि अब जाओ अच्छ तरह से नहा लो. मैंने तुम्हारे कपड़े उठा कर रख दिए हैं, जो अब तुम ढूँढ नहीं सकती हो. वो मैं तुम्हें कल जाने से पहले ही दूंगा. मतलब समझ गई कि कल तक इसी तरह बिना ड्रेस में रहना है, पूरी तरह से नंगी.

मैंने जब शीशे में अपनी चुत को निहारा तो मैं उसे देख कर एकदम हैरान रह गई.. झांटों के अन्दर से क्या कमाल की चीज निकली थी.

अशोक- अच्छा यह बताओ डांस करना आता है या नहीं?

मैंने कहा- नहीं.

तब उसने कुसुम को दूसरे कमरे से बुलवाया और बोला कि इसको जरा सेक्सी डांस करना सिखा कर जाना.

वो बोली- ओके सर.

फिर वो मेरी तरफ मुँह रख कर बोली- जैसे मैंने कल किया था पेट को हिला कर चुत तो घुमाना.. वैसे ही कर.

चूंकि मुझे नहीं आता था इसलिए वो 15 मिनट तक मुझे सिखाती रही. इसका रिजल्ट ये हुआ कि मैं पूरी तरह से तो नहीं कर पाई.. मगर हां चुत तो आगे पीछे करना सीख गई और अशोक के सामने करने लगी.

कुछ देर बाद हम लोगों ने डिनर किया. वहाँ पर सिर्फ़ मैं ही नंगी थी, कुसुम और अशोक ने कपड़े डाले हुए थे. डिनर के बाद अशोक ने अपने ड्राइवर से कहा- मेमसाब को जहाँ बोले वहाँ छोड़ कर आओ.

अब वहाँ मैं पूरी नंगी थी. अशोक ने कपड़े डाले हुए थे.

वो बोला- मैं भी अब तुम्हारा साथ दूँगा.

ये कहते हुए उसने अपने कपड़ों को निकाल दिया और पूरा नंगा हो गया. ओह माय गॉड.. उसका लंड जब पूरा लौड़ा बन गया तो वो मुझको विक्रम से भी मोटा और लंबा लंड लगा. मैं सोचने लगी कि आज तो मेरा पटाखा बजे बिना नहीं रहेगा.

अशोक लंड हिलाते हुए बोला- इसको मुँह में डाल कर चूसो और मैं तुम्हारी चुत को हलाल करता हूँ. मेरी चुत क्योंकि चुदी हुई थी नहीं.. इसलिए वो चुत के अन्दर तो जीभ ना डाल सका मगर उसने मेरी चुत के होंठों को चाट चाट कर मेरा बुरा हाल कर दिया. इससे चुत की हालत बहुत बुरी कर दी. कुछ समय तक उसने चुत के होंठों को नहीं छोड़ा तो मेरी चुत हिलने लगी.

फिर वो बोला- लगता है कि अब मुर्गी को हलाल कर ही दूं.

मैं उससे बोली- प्लीज जरा आराम से कीजिएगा.

वो बोला- आराम किस चिड़िया का नाम होता है? और एक बात ध्यान से सुन लो.. मुझे चुदाई के टाइम कुछ फालतू बात सुनने की आदत नहीं है. पूरे पैसे दिए है.. इनको वसूल भी करना है. सुबह जब चुत पूरी फूल कर लाल ना हो जाए और मम्मों पर मेरे दांतों के निशान ना पड़ जाएं..

तो फिर पैसे किस बात के लिए खर्च किये जाएं? यह सब होगा और बीच में कुछ बोलना मना है.. समझ गई. वरना हर फालतू की बात का एक जोरदार थप्पड़ मारूँगा. भलाई इसी में है अब मैं जो करता हूँ.. उसमें मेरा पूरा साथ दो. पैसे लिए हैं तो ढंग से चुदवाओ भी.. कोई खैरात नहीं दे रहा हूँ. जब तक पूरा लंड नहीं घुसा दूँगा तो मैं अपने बाप के लंड की पैदाइश नहीं हूँ.

मेरी गांड फट गई थी.

वो बोला- अब मैं चुदाई का पहला राउंड करने जा रहा हूँ.. तुम मुझको पूरा को-ऑपरेट करोगी तो तुम्हें भी मज़ा आएगा और मुझे भी.

इतना बोल कर उसने अपने लंड का टोपा मेरी चुत पर रख दिया. मगर अनचुदी चुत तो चोदना कोई आसान काम नहीं था. उसने 4-5 बार अपना लंड मेरी चुत में डालने की कोशिश की मगर चुत का रखवाला (चुत की झिल्ली जो फटती है, पहली चुदाई में) उसे अन्दर ही ना जाने दे रहा था.

अब वो पूरे गुस्से में आ गया था. वो फ्रिज के पास जाकर कोई दारू की बोतल ले आया और पूरी गटक कर अपने लंड से बोला- लंड बेटा मेरी खिल्ली मत उड़वाओ.. अब घुस भी जाओ अपनी प्यारी चुत में और उसको पूरा मज़ा चखाओ.

इस बार उसने लंड पर कोई आयिल लगा दिया था, जिस का असर यह हुआ कि टोपा तो चुत में घुस गया मगर उसके घुसते ही चुत से खून बहने लगा. मैं दर्द से रोने लगी कि यह क्या हो गया.

अशोक ने एक थप्पड़ मारते हुए मुझसे कहा- रंडी साली मुँह मत खोलना, बोला था तुझे पहले ही.. जब तक यह पूरा अन्दर ना घुस जाए. साली आवाज निकली तो बताता हूँ.

मैं दर्द से चिल्ला रही थी. इस पर अशोक ने मेरे मुँह पर अपनी चड्डी घुसा कर मेरा मुँह बंद कर दिया. मैं अब चिल्ला भी नहीं सकती थी मगर दर्द से पूरी तरह मरी जा रही थी. अशोक ने अपने लंड का टोपा बाहर निकाल कर फिर से एक जोरदार ऐसा झटका मारा कि उस आधा लंड मेरी चुत में घुस गया. मैं माओ बेहोश हो गई. मेरी आवाज गले में ही घुट गई थी. आँखें फ़ैल गई थीं.

अब तो उस पर मानो भूत सवार हो गया था. उसने एक और झटका मारा. इस बार उसका लंड करीब तीन चौथाई अन्दर चला गया था. वो शायद थक गया था या उसके लंड में जलन होने लगी थी. इसलिए वो 2 मिनट तक शांत रहा मगर फिर एक जोरदार कसके झटका मारा. इस बार पूरा लौड़ा मेरी चुत में जड़ तक घुस चुका था. वो पूरा दरिन्दा बना हुआ था. मेरी चुत से खून जो निकला था, वो शायद बंद हो गया था मगर दर्द बहुत हो रहा था और मैं तड़फ रही थी.

इसके बाद उसने आधा लंड बाहर निकाल कर जोर से झटका मार कर अन्दर कर दिया और अब वो बार बार लंड को अन्दर बाहर करने लगा.

मुझे मालूम तो था कि पहली चुदाई में ये सब दर्द होना ही था, मगर मुझे पैसे के लिए ये सब करना पड़ रहा था.

 
मैं दर्द से चिल्ला रही थी. इस पर अशोक ने मेरे मुँह पर अपनी चड्डी घुसा कर मेरा मुँह बंद कर दिया. मैं अब चिल्ला भी नहीं सकती थी मगर दर्द से पूरी तरह मरी जा रही थी. अशोक ने अपने लंड का टोपा बाहर निकाल कर फिर से एक जोरदार ऐसा झटका मारा कि उस आधा लंड मेरी चुत में घुस गया. मैं माओ बेहोश हो गई. मेरी आवाज गले में ही घुट गई थी. आँखें फ़ैल गई थीं.

अब तो उस पर मानो भूत सवार हो गया था. उसने एक और झटका मारा. इस बार उसका लंड करीब तीन चौथाई अन्दर चला गया था. वो शायद थक गया था या उसके लंड में जलन होने लगी थी. इसलिए वो 2 मिनट तक शांत रहा मगर फिर एक जोरदार कसके झटका मारा. इस बार पूरा लौड़ा मेरी चुत में जड़ तक घुस चुका था. वो पूरा दरिन्दा बना हुआ था. मेरी चुत से खून जो निकला था, वो शायद बंद हो गया था मगर दर्द बहुत हो रहा था और मैं तड़फ रही थी.

इसके बाद उसने आधा लंड बाहर निकाल कर जोर से झटका मार कर अन्दर कर दिया और अब वो बार बार लंड को अन्दर बाहर करने लगा.

मुझे मालूम तो था कि पहली चुदाई में ये सब दर्द होना ही था, मगर मुझे पैसे के लिए ये सब करना पड़ रहा था.

अब आगे..

मैं तो लगभग बेहोश हो गई थी. उसने मेरे मम्मों को जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया और उनकी घुंडियों को काटना शुरू कर दिया.

बीच बीच में मम्मों को काटता भी जा रहा था, जिससे उसके दांतों के निशान भी पड़ गए होंगे, मगर मैं उन निशानों को अभी देख तो सकती नहीं थी सिर्फ महसूस कर रही थी कि क्या हुआ होगा इन बेचारे मम्मों के साथ. जिन मम्मों को आज तक किसी ने हाथ भी नहीं लगाया था.. आज वो मेरी मजबूरी में इस कसाई के हाथ लग गए हैं और बिना हलाल हुए नहीं छूटेंगे.

जब अशोक अपने लंड का पानी निकालने वाला था तो उसने लौड़ा चुत से निकाल कर मेरे मम्मों के बीच में रख कर मुझे बूब फक करते हुए चोदा. कुछ ही झकों में उसके लंड का लावा सीधा मेरे मुँह पर जा गिरा. मैं इस पिचकारी के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी और मुँह मेरा खुला हुआ था.

जैसे ही उसके लंड का पनी निकला तो उसने अपने हाथों से मेरा मुँह तो जबरदस्ती खोल दिया और पूरा माल मारे मुँह में चला गया. मैं उसको थूकना चाहती थी मगर अशोक मेरे को लंड का वीर्य पिलाना चाहता था. इसलिए उसने एक हाथ से मेरी नाक को बंद कर दिया. अब मेरी सांस रुकने लगी तो जैसे ही मैंने मुँह से सांस लेने की कोशिश की तो उसका सारा माल मेरे अन्दर चला गया.
 
मुझे अपने आप से बहुत घिन हो रही थी.. मगर कुछ कर नहीं सकती थी. वो बोला कि अगर में चाहता तो तेरी चुत में भी वीर्य डाल सकता था मगर मुझे पता है कि 9 महीने वाली प्राब्लम हो सकती है इसीलिए मैंने तुम्हारा मुँह चुना था. मैं नहीं चाहता कि मेरा माल इधर उधर खराब जाए. अब उठो और जा कर बाथरूम में वॉश करके पूरे कपड़े डाल लो, जो तुम्हें कुसुम ने दिए थे. मैं उनमें तुम्हें देखना चाहता हूँ.. हां! तुम बाथ करके आओ, यहीं पर मैं तुम्हें तुम्हारे कपड़े दूँगा मगर वो सब तुमको मेरे सामने ही पहनने होंगे. क्योंकि तुम्हें नंगी करने का आज तो मुझे पूरा हक़ है.

उसका 7″ लंबा और 3″ मोटा (डायामीटर) मेरी अनचुदी चुत में 15 से 20 मिनट तक अपना काम करता रहा था, इस वजह से उसके मूसल लंड को झेल कर मेरे शरीर में दम ही नहीं बचा था. आख़िर में मैं जैसे तैसे उठी और बाथरूम में चली गई. मैंने गले में उंगली मार कर उल्टी करने की कोशिश की मगर कुछ ना हुआ, उसका पानी मैं ना निकल सकी.

जब बाहर आई तो अशोक बैठा हुआ था और बोला- इधर आओ और यह अपने कपड़े लो.. मगर उससे पहले मेरे इस लंड को चूसो. जो तुम्हें छोड़ कर ढीला हो गया है. इसे खड़ा करना अब तुम्हारा काम है.. और हां पूरी रात तुम्हारी चुदाई करनी है, जब जब इस का पानी निकलेगा तो तुम्हें पीना पड़ेगा, नहीं तो मैं चुत को ही भर दूँगा.. जो किसी भी तरह से तुम्हारे हित में नहीं है. इसलिए ज़्यादा ना नुकर तो करना नहीं. मैं जो चाहता हूँ.. कर ही लेता हूँ.

अब मैं एक जिंदा रोबोट बन चुकी थी और उसका लंड मुँह मिनट डाल कर चूसने लगी. लंड तो एक मिनट ही चूसा होगा.. वो तो अपनी औकात दिखाने लगा. उसका लंड मेरे मुँह से बाहर आने लगा. कोई 3-4 मिनट बाद लंड मेरी चुत में जाने के लिए फिर से तैयार था.

जैसे ही लंड लौड़ा बन गया तो वो बोला- हां अब तुम अपने कपड़े डाल लो ख़ासकर अपनी ब्रा और पैंटी जो सेमी मेटल की बनी है.. उसे पहने रहो, बाकी सब उतार दो.

मैं ब्रा डालने लगी मगर जैसे मैं बता चुकी हूँ. उसमें बस निप्पल ही छुप सकते थे और पूरे मम्मे नंगे रहते थे. बस यूं समझ लो कि एक रस्सी थी जो निप्पल तब दिखती थी, जब उसको कसके अपने निप्पलों पर रखूं. पैंटी तो पेंटी के नाम पर एक पूरा डब्बा था. वो मेटल की थी, जिस पर मुलायम कपड़ा चढ़ा हुआ था और पूरा जोर लगा कर टांगों के बीच से चुत पर रखनी थी. पीछे गांड पर कुछ नहीं दो स्प्रिंग थीं, जो गांड से कुछ दूर ही रहते थे. मतलब कि चुत पर चुत जितना ही कवर और गांड पूरी नंगी थी. अगर वो चाहे तो गांड में उंगली या अपना लंड भी डाल सकता था.

जैसे ही मैंने कपड़े डाले, मतलब कि ब्रा और चुत का कवर पहना, उसका लंड मुझे देख कर फुंफकार मारने लगा.

लंड को हिलता देख कर मुझे थोड़ी मुस्कान सी आ गई.

वो बोला- जानेमन किधर और कहां पर छुपी थीं अब तक.

मैं बोली- कहीं नहीं.

उसके बाद उसने फिर से मेरे मुँह से अपने लंड की चुसाई करवाई और बोला कि जब मेरा लौड़ा ढीला होगा तब तक चूस रानी.

मुझे फिर से उसके लंड का पानी पीना पड़ा मगर अब मैं उतनी परेशान नहीं थी जितनी फर्स्ट टाइम हुई थी. मुझे अब मजा आने लगा था.

अशोक बोला- ओके अब डिनर करना है.

मैंने सोचा कि चलो अब कपड़े पहनने होंगें.

तभी वो बोला- इसी हालत में रहना है.. मतलब की नंगी ही चलोगी डाइनिंग हॉल में.. या यहीं पर करोगी?

मैंने कहा- क्यों मुझ ग़रीब को अपने स्टाफ के सामने जलील करना चाहते हो.

वो बोला- नहीं बस डिनर लगा कर वे सब चले जाएंगे, वहां कोई नहीं रहेगा.

मैंने कहा- ठीक है, चलो.

फिर हम दोनों डिनर करके वापिस आए तो मुझे नींद आने लगी. वो समझ चुका था कि मेरी चुदाई अच्छी तरह से हुई है और मुझे नींद आ रही है. वो मुझको पकड़ कर बोला- मैडम, आज सोने का दिन नहीं है, आज पूरी रात चुदाई का जागरण होगा. मैं तुम्हें सुबह 7 बजे ही छोड़ूँगा क्योंकि तुम 7 बजे मेरे पास आई थीं.
 
मैं कुछ नहीं बोल पाई तो बोला- आओ इधर और सीधी खड़ी हो जाओ और कुछ डांस करके दिखाओ जो कुछ देर पहले तुमको कुसुम ने सिखाया था.. और हां तुम्हारे कपड़े तो सिर्फ़ नाम के ही लिए हैं.. इसलिए इनको उतारने की जरूरत नहीं है. मैं खुद उतार दूँगा.

मैं पेट को हिला हिला कर अपनी चुत उसके पास करती रही.

इस पर वो बोला- पास आओ जरा मैं इस स्प्रिंग को नीच कर दूं ताकि मुझे अपने किंग की क्वीन नजर आती रहे. आख़िर उसी को तो क्वीन के किले में जाकर हमला करना है ना.

फिर 10-15 मिनट बाद उसने मुझे खींच कर अपनी गोद में डाल लिया और मेरे मम्मों को बुरी तरह से मसलने लगा. मेरे मम्मों को मसलते हुए अशोक बोल रहा था कि आह क्या सॉलिड माल मिला है आज..

वो बिना ब्रा खोले ही मेरे दूध मसल रहा था. क्योंकि 95% मम्मे तो नंगे ही थे बस चुचियों के अंगूर ही तो कवर्ड थे. वो मेरे चूचों पर कोई रहम नहीं करने वाला था क्योंकि वो मेरे चुचों के अंगूरों के कवर्स को खींच खींच कर ऊपर लेकर छोड़ता था, इससे मुझे बहुत दर्द होता था.

फिर उसको पता नहीं क्या सूझी, उसने कवर के साथ ही मेरे चूचकों को काटना शुरू कर दिया. मैं हाथ जोड़ती रही प्लीज काटो मत.. बस और जो करना है कर लो.

वो बोला- चुपचाप को-ऑपरेट करो… वरना तेरे इन मस्त मम्मों पर दांतों के निशान भी बना दूंगा.

कुछ देर तक इसी तरह करने के बाद उसने उस नाम की ब्रा को भी उतार दिया और बोला- चलो बेड पर.

मेरी चुत उसका मूसल लंड खा कर भी अभी भी पूरी तरह से खुली नहीं थी. उसने इस बार फिर से मुझे चित लिटाया और लौड़ा सैट करके एक ही झटके में अपने को मेरी नन्हीं सी चुत में अन्दर कर पेलना चाहा. मगर वो जब नहीं गया तो वो पूरा पागल सा हो गया था. उसने अपने खड़े लंड पर तेल की तरह कोई जैली को लगाया और ऐसे बोला जैसे कि वो मेरी चुत से बात कर रहा हो- मेरी मलिका तुम्हें तुम्हारा किंग याद कर रहा है.. इसे अपने आगोश में छुपा लो रानी.

बस ऐसा बोलते बोलते उसने अपने लंड का टोपा मेरी चुत पर रखा और कुछ गुस्से में बोला, जो मैं समझ नहीं पाई और एक ही स्ट्रोक में अपना पूरा हब्शी लौड़ा मेरी चुत में घुसेड़ दिया. मुझे लगा था कि ये लंड को धीरे धीरे अन्दर करेगा मगर उस जालिम ने तो चुत तो फाड़ कर ही रख दिया. मुझे लगा कि किसी ने जलती हुई लकड़ी मेरी चुत में घुसेड़ दी हो.

मैं दर्द से तड़फ रही थी और वो मेरे उस दर्द का मज़ा ले रहा था. अशोक बोला- माय डार्लिंग तू अब मुझसे पूरा महीना चुदेगी और कोई नहीं चोदेगा तुमको.

मैं कुछ ना बोली, वो लंड को चुत में डाल कर मेरे मम्मों और निप्पलों की मरम्मत करता रहा. मेरे मम्मे, निप्पल और चुत सिवाए तड़फने के कुछ नहीं कर सकते थे. मगर जब दूसरी बार उसने मुझे पूरी तरह से चोद लिया और पानी निकालने ही वाला था तो बोला- बोल कुतिया तेरी चुत को हरी-भरी कर दूं या चुपचाप इस अमृत को पिएगी?

मैं बहुत डर गई थी इसलिए बोली- हां, पी लूंगी मगर प्लीज अन्दर ना करिए.

उसने जैसे ही अपना लौड़ा चुत से निकाला, वो पानी छोड़ने वाला ही था उसने झट से मेरे मुँह में लंड घुसा दिया. मेरा मुँह उसके लंड के रस से भर गया. जिसे मैं कड़वा घूँट समझ कर पी गई.

अशोक मेरे दूध मसल कर बोला- आह.. अब तुम लाइन पर आई हो.

मैं अब शांत थी.
 
अशोक- वैसे मुझे गांड मारने का शौक नहीं है.. मगर तुम्हारी मखमली गांड देख कर उस पर दिल बेईमान होता जा रहा है. कोई बात नहीं.. आज तो मैं तुम्हारी चुत का ही पुजारी हूँ.

दूसरी चुदाई जब खत्म हुई तो रात के 11.30 हो चुके थे.

अब वो बोला- जाओ जाकर चुत को अन्दर बाहर से धो लाओ.

मैंने बाथरूम जाकर चुत धोकर आ गई. जब मैं चुत धोकर आ रही थी.

वो कोई कीमती दारू की बॉटल फ्रिज से निकाल कर लाया और बोला- अब टांगें चौड़ी कर लो, जैसे डॉक्टर ने किया था.

मैंने टांगें चौड़ी कर लीं, तो उसने दारू की बॉटल में से एक पैग निकाल कर मेरी चुत को चौड़ा करके उसमें डाल दिया. मुझे चुत पर दारू बहुत ठंडी लग रही थी और साथ ही जलन भी हो रही थी, इसलिए मैं चुत इधर उधर आगे पीछे करने लगी.

वो हंसते हुए बोला- आया मज़ा.. अब मैं इसको सक करूँगा.

वो चुत चूसता और चाटता गया और मेरी क्लिट को दबा दबा कर चूसने लगा. मेरी चिकनी चुत के चारों तरफ अपनी जुबान फेरने लगा, तक यहाँ तक कि मेरे मम्मों के अंगूरों को भी चूसता रहा. मेरा जिस्म अकड़ने लगा तो वो समझ गया कि अब मैं ढीली होने वाली हूँ. सब कुछ छोड़ कर उसने चुत पर ध्यान दिया और जो रस चुत में से निकला वो चाट चाट कर पी गया. उसकी चुत चाटने की इस अदा मुझे बहुत सुहानी लगी थी और मैंने इसका भरपूर सुख लिया था.

उसके बाद बोला- अब एक ब्लू फिल्म देखेंगे.

हम दोनों डीवीडी पर फिल्म देखने लगे. वो मुझे अपनी गोद में बिठा कर मेरे मम्मों को और चुत को हाथों से सहलाता रहा. फिल्म के दौरान उसका खड़ा लंड मेरी गांड और चुत में हरकत करता रहा मेरी मुनिया फिर से लिसलिसी हो उठी थी.

जब फिल्म खत्म हो गई तो बोला कि तुम तो चुदवाने के लिए तैयार नहीं थीं फिर कैसे यह सब करने का इरादा कर लिया.

मैं बोली- वो सब छोड़ो.. मजबूरी की बात है.

उसने पूछा कि तुम कुसुम को कैसे जानती हो?

मैंने कहा- वो हमारे ऑफिस में काम करती है.

यह सुन कर वो कुछ हैरान सा हो गया.

‘ओह सॉरी.’

मैंने पूछा- क्यों? सॉरी किसलिए?

वो बोला- कुछ नहीं ऐसे ही. यह कुसुम तुम्हें कैसी लगती है?

मैंने कहा- क्या बताऊं… मैंने कभी उसकी पर्सनल जिंदगी में झाँकने की कोशिश नहीं की.

उस पर वो बोला- मैं कुछ तुमको बताऊंगा मगर उस बात का कुसुम से किसी तरह का भी जिक्र नहीं होना चाहिए.

मैंने कहा- ओके.

वो बोला- ये पूरी लोमड़ी है. शिकार पर ध्यान देती है और जैसे ही मौका मिलता है, पंजे से झपट लेती है.

मैंने पूछा- आपको कैसे पता?
 
Back
Top