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लेखिका:-रानिभाभी
मेरे प्यारे दोस्तो, मेरी एक फ्रेंड की संगत के कारण ये मेरी रियल सेक्स स्टोरी बन गई है. उसको मैं अच्छी तरह से जानती थी. कॉल गर्ल बनने के बाद मैं उसके साथ कई बार एक ही बिस्तर पर अलग अलग लंडों से चुद भी चुकी थी. जब कभी भी उसको कहती हूँ कि यार बहुत दिन हो गए हैं… तो वो समझ जाती है कि मेरी चुत में खुजली हो रही है और मेरे लिए किसी लंबे और मोटे लंड का इंतज़ाम करवा देती है. वो मुझे अपने साथ ले जाकर खुद भी चुदती है और मुझे भी चुदवा देती है. इससे दो फ़ायदे हो जाते हैं, एक चुत ठंडी हो जाती है और दूसरा पॉकेट में कुछ माल भी आ जाता है.
खैर कहानी की शुरूआत करने से पहले मैं आपको बताना चाहती हूँ कि मेरी कुंवारी चुत कैसे चुदी और फिर मैं कैसे चुदाई की शौकीन बन कर पूरी कॉलगर्ल बन गई.
यह मेरी सच्ची कहानी है. मेरे जैसे ना मालूम कितनी होंगी, जो इस दलदल में फंस कर निकल नहीं सकतीं. मुझे अय्याशों की महफ़िल में सब कहेंगे तू मेरे दिल की रानी है, मगर जब वास्तविकता में आ जाते हैं, तो कोई पहचानने से भी इन्कार कर देता है.
दोस्तो, कोई भी लड़की किसी गैर आदमी के साथ ना तो चुदवाना चाहेगी और ना ही अपने कपड़े उतारेगी. मगर मजबूरी में वो सब करवा लेती है, जो वो नहीं करना चाहती.
मैं आपको अपनी आप बीती बता रही हूँ. मैं आजकल एक कॉलगर्ल हूँ और मुझमें शर्म नाम की कोई चीज अब मेरी डिक्शनरी में नहीं है. मगर मैं ऐसी ही थी नहीं, मैं किसी मर्द को अपने कोई भी अंग नहीं दिखाती थी, चाहे कुछ भी हो जाए.. मगर होनी को कुछ और ही मंजूर था.
मैं एक कंपनी में अकाउंट्स का काम करती थी. टाइम पर ऑफिस अटेंड करती थी और टाइम पर ही छुट्टी करती थी. मेरा काम हमेशा अपटूडेट होता था, इसलिए मुझे कभी भी किसी ने कुछ नहीं कहा. हमारे ऑफिस में मुझे मिला कर तीन लड़कियां काम करती थीं और बाकी सब पुरुष थे.
हम तीनों लड़कियों में से एक तो मैरिड थी और हमेशा अपने बच्चे के बारे में बात करती थी. मगर दूसरी चालू थी उसका नाम कुसुम था और उसका काम होता था कि इधर उधर से लड़कियों को बहला फुसला कर कहीं भेजना. उसकी ये हरकत मुझे बाद में पता लगी.
वो मुझे हमेशा कहा करती थी कि रानी क्या रखा है इस जिंदगी में, जिन्दगी के असली मज़े लो. वो हमेशा अपने पास पेन ड्राइव में हिन्दी ब्लू फिल्म और क्सक्सक्स विडियो क्लिप्स रखती थी और बोलती थी कि आओ तुम्हें इस जिंदगी के मज़े कैसे लिए जाते हैं, बताती हूँ.
मैं उसको खास लिफ्ट नहीं दिया करती थी.
तब उसने अपने साथ उस मैरिड लेडी को मिला कर मुझे ब्लू फिल्म दिखाई.
मुझे देखने में तो बहुत मज़ा आया मगर मैंने कहा कि ऐसे थोड़ी ना हर किसी के आगे नंगी होकर उसका लिया जाता है.
तब वो बोली- अरी उसका नाम नहीं बोल सकती, जिसको लेने की तुम बोल रही हो कि लिया जाता है.
मैंने कहा- मैं नहीं बोल सकती.
तब वो बोली- चलो मैं ही तुम्हें बताती हूँ, जिसे तू उसका बोल रही हो, वो लंड होता है और खड़ा होकर पूरा लौड़ा बन जाता है. खड़ा हुआ लौड़ा आम तौर पर 6 से 7 इंच लंबा हो जाता है और उसकी मोटाई भी 2.5 इंच से ले कर 3.5 इंच बन जाती है.. और जहाँ लौड़े को लेना होता है, उस छेद को चुत बोला कर.
मैंने खुले आम लंड और चुत का नाम सुना तो मेरी आंखें शर्म से झुका गई थीं. मगर वो मुझे बिना बुलवाए छोड़ नहीं रही थी.
मैंने कहा- अच्छा बई, लंड को चुत में लेना.. बस.
बोली- हां अब हमेशा लंड और चुत अपने मुँह में रखा कर.. कल तुम्हें नई फिल्म दिखाऊंगी.
इस तरह से वो रोज कोई ना कोई सेक्सी फिल्म ले आती थी और दिखाती थी. एक दिन वो बॉलीवुड की बहुत मशहूर एक्ट्रेस जिसका नाम मैं नहीं लिख सकती, उसकी चुदाई की फिल्म लेकर आई और बोली- डार्लिंग आज तुम्हें बताती हूँ कि इतनी फेमस होने पर भी चुत, चुत ही होती है, जो चुदने को हमेशा तैयार रहती है.
अब वो मैरिड लेडी को नहीं बुलाती थी बस मेरे को ही यह सब दिखाती थी. फिल्म देखते हुए मेरे मम्मों को दबाना और मेरी चुत पर हाथ रखना, उसके लिए आम बात थी.
मुझे उसने कहा- अगर तू राज़ी हो तो मैं तेरा भी इंतज़ाम करवा देती हूँ और क्योंकि तुमने अभी तक चुत में लंड नहीं लिया तो तुम्हें 25 से 30 हज़ार रूपए भी दिलवा दूँगी. हां मगर उसमें 10% मेरी कमीशन होगी.
मैंने उससे कहा- अगर तू मुझसे ऐसे बात करेगी तो मुझसे बोलना बंद कर दे.
वो बोली- कोई बात नहीं यार.. तू तो बुरा मान गई. तुम्हारा दिल नहीं है ना सही. कल तुम्हें मैं अपनी चुदाई की पिक्चर दिखाऊंगी मगर यह सीक्रेट ही रहना चाहिए.
जैसा कि वो बोली थी, उसने अगले दिन अपनी ही चुदाई की पिक्चर दिखा दी. उसकी चुदाई की पिक्चर याद करके मुझे भी कुछ कुछ होने लगा मगर मैंने दिल को मजबूत करके अपने आप को सम्भाल लिया.
मगर मेरी बदकिस्मती थी कि अचानक मेरे पापा की तबियत खराब हो गई और मुझे उन्हें किसी नर्सिंग होम में ले जाना पड़ा.