राज ने डॉली का गला पकड़ा और कहा पर तुम लकी हो सच में बहुत फिकर करती है तुम्हारी लेकिन अफ़सोस ऊन्हे तुम्हारे प्यार की ज़रा सी भनक नही लगी मैने तुम्हे मना किया था आइ वॉर्न्ड यू राज ने डॉली से कहा चलो डिन्नर करते है
डॉली रोने लगी आज वो कितनी बेसहारा थी इस बात का अंदाज़ा उसे आज लगा था
मा के दिल में भी डॉली का यू फोन करके जल्दी काट देना ऊन्हे कुछ हजम नही हुआ वो थोड़ी परेशान थी
रात के बारह बज गये डॉली अब भी सो रही थी कि तभी राज उसके पास आके लेट गया डॉली ने अपनी आँखें धीरे धीरे खोली और पीछे मुड़कर देखा राज सो रहा था
डॉली ने करीब 26 मिनिट तक वेट किया कि कब वो गहरी नींद में जाए और वो वहाँ से भाग सके डॉली धीरे से उठी राज के ख़र्राटों की आवाज़े उसे सॉफ सुनाई दे रही थी डॉली धीमे धीमे कदमो से पलंग से नीचे उतरी और दरवाजे के पास गयी और दरवाजा धीरे धीरे खोलना चाहा दरवाजे की एक डराती हुई आवाज़ ने तो लगभग डॉली को डरा दिया डॉली ने तुरंत गेट को थोड़ा तिरछा खोला और दबे कदमो से नीचे उतरने लगी वो बार बार पीछे पलट कर राज पर भी नज़र दौड़ा रही थी कि तभी राज का हाथ एकदम से बगल मे रखा जहाँ कुछ देर पहले डॉली सो रही थी पर खैर डॉली ने वहाँ पर तकिया रख दिया था डॉली की आँखें एक दम बड़ी हो गयी पर राज अब भी गहरी नींद में था डॉली सीडियो पर बैठकर नीचे उतरने लगी वो लगभग सारी सीडिया उतर गयी बिजलिया खड़कने लगी थी बारिश हो रही थी डॉली दबे पाओ चलते हुए घर के मैन गेट के पास आई तो दरवाजे पर एक बड़ा सा लॉक लटका पड़ा था डॉली के सारे खेल पर पानी फिर चुका था डॉली वही पर दुखी होकर रोने लगी तभी उसने सामने पड़े मेज़ की ओर देखा डॉली धीरे धीरे बढ़ती चली जा रही थी उसने धीरे धीरे कवर्ड खोला उसमे डॉली को फोन था डॉली ने तुरंत फोन लिया और अपने पास रख लिया तभी डॉली की नज़र खिड़की पर पड़ी डॉली झट से खिड़की के पास आई अपना पाओ उसने एक नीचे रखा और एक पाऊ सैंटर में उसने खिड़की की चितकनी को खोलना चाहा एकदम से खट करके खिड़की खुल गयी डॉली ने धीरे धीरे खिड़की खोली खिड़की खुलते ही डॉली नीचे बाहर की ओर देखने लगी जहाँ काफ़ी किचॅड था डॉली ने पीछे पलटकर एक बार देखा और ऊपर देखा आज जो भी वो करने वाली थी उसे करना था जल्द से जल्द करना था एकदम से डॉली नीचे कूद गयी वो सीधे किचॅड में फिसलते हुए अपने आपको रोका डॉली वहाँ से अब भाग सकती थी घना कोहरा उपर ठंड और बिजली को चमकते देख वो थोड़ी डर भी गयी पर उसके कदम ज़ोर ज़ोर से भागने लगे बरसात में वो भीग रही थी उसका सफेद नाइट गाउन अब गीला हो चुका था वो पास गयी और कार की तरफ बढ़ना चाहा तभी उसने वहाँ से भागना ही ठीक समझा कुत्तो की रोने की आवाज़ें चारो तरफ से आ रही थी वो भाग रही थी चप छाप की आवाज़ उसे डरा रही थी वो रोते रोते भाग रही थी छाप छाप जैसी किचॅड की आवाज़े उसे डरा रही थी बार बार पीछे पलट कर देखा पर वहाँ कोई नही था
तभी भागते हुए वो रास्तो पर चलने लगी नंगे पैर थे उसके वो बार बार पीछे मुड़कर देखे जा रही थी डॉली सड़क पर नंगे पैर चल रही थी उसकी बस एक ही आस थी काश उसे कोई कार वाला दिख जाए या कोई इंसान जिससे मदद माँग कर वो घर जा सकती थी डॉली का पैर एक काँटे पर पड़ गया डॉली की चीख ज़ोर दार निकली और वो रोड पर ही बैठ गयी उसके पाओ में काँटा चुभ गया था लकड़ी का काँटा
डॉली ने अपना हाथ काँटे तक लाई और उसे झट से पाओ से निकालने की कोशिश की पर दर्द ने उसके आँखो से आँसू ही निकाल दिये थे वो बार बार रो रही थी उसे अब भी एक लंबा सफ़र तय करना था वो पीछे पलट कर देख रही थी कहीं अगर राज को मेरे वहाँ ना होने का पता लगा तब वो और ख़ूँख़ार जानवर की तरह पागल हो जाएगा और उसे ढूढ़ता ढूंढता उस तक पहुच जाएगा
डॉली ने अपने पाओ को कस्के एक हाथ से पकड़ा और दूसरे ही पल उसने दूसरे हाथ से उस काँटे को पकड़ा और एक ज़ोर लगाते हुए उसने दाँत पे दाँत रखा और एकदम ज़ोर से काँटे को बाहर खिच लिया खच की आवाज़ के साथ काँटा उसके हाथ में था उसके पाओ से बहता खून अब रुकने का नाम ही नही ले रहा था उसने लड़की के काँटे को फैंका और खड़ी होने की कोशिश की उसके फिरसे भागने पर भागा नही जा रहा था उसने अपने दर्द को पी लिया और दर्द को छोड़ वो फिरसे भागने लगी खून उसके पूरे पाओ से आ रहा था लंगड़ाते हुए भागकर जंगल से निकल रही थी और तेज़ बिजलियो ने सिचुयेशन को और भी डरावना बना लिया था
तेज़ बिजलियो ने सिचुयेशन को और भी डरावना बना लिया था डॉली अबतक लंगड़ाते हुए पास ही एक पैड के नीचे जा बैठी उससे अब बिल्कुल भी चला नही जा रहा था उसे अपनी चोट की फिकर नही थी बल्कि उस खौफनाक जंगल से अभी लंबा रास्ता तय करना था बाहर निकलने तक वो एक पल भी वहाँ नही रुक सकी थी और ये कम्बख़्त बारिश तो जैसे उस पर तेज़ी से बिजलियाँ गिरा रही थी डॉली एक दम बादलो से ढक कर ऑरेंज कलर की दिख रही थी कभी ज़ोर से बादलो के टकराने से वो गड़गड़ाहट की आवाज़ें उसे बिल्कुल डरा चुकी थी
डॉली ने पीछे मुड़कर देखा बारिश और ठंड की बूँदो से कुछ सॉफ नज़र नही आ रहा था चारो तरफ अंधेरा था हर जगह एक एक बूँद गिरने से छाप छाप की आवाज़े आती मानो ऐसा लगता कि कोई उसकी तरफ बढ़ रहा है डॉली अब एक पल भी वहाँ नही बैठ सकती थी एक एक पल उसके लिए बहुत कीमती था
डॉली ने अपनी पाओ की चोट की परवाह करे बिना वहाँ से लंगड़ाते हुए तेज़ी से दौड़ने की कोशिश करने लगी तभी डॉली का पैर फिसला और एक चीख के साथ डॉली कीचड़ में जा गिरी डॉली के चेहरे पर किचॅड लग गया वो दर्द से रोने लगी उसकी सिसकारियाँ बढ़ चुकी थी बिजली की रोशनी हल्की हल्की उस पर पड़ रही थी डॉली ने पीछे पलट कर देखा कोई नही था डॉली ने उठने की कोशिश कि पाओ के दर्द के साथ साथ अब उसके सीने में भी चोट आई थी डॉली ने किसी तरीके से अपने आपको संभाला उसके हाथो में किचॅड लग गया था डॉली तुरंत रोड के साइड आई और वहाँ पर वो चिल्लाने लगी
डॉली – हेल्प हेल्प कोई मेरी मदद करो प्लीज़ हेल्प मे आआआअहह
रोने की सिसकारियो से डॉली के गले से आवाज़े नही निकल पा रही थी डॉली ने इधर उधर चारो तरफ देखा बरसात और घने कोहरे से कुछ दिख नही पाया तभी सामने से चमकती हुई रोशनी डॉली को दिखी डॉली की आँखो पर रोशनी पड़ी तो डॉली ने समझ लिया कि ये ज़रूर राज ही हो सकता वो पीछे पैड के पास जाके छुप गयी वो कार तेज़ी से पास आती दिखी कार कोई ब्लॅक कलर की थी और कार किसी और की थी
डॉली तुरंत रोड के पास आकर हाथो का इशारा करने लगी तभी कार सामने आके रुकी और उस में बैठे शक्स ने खिड़की खोली डॉली तुरंत कार के पास आई और कहा प्लीज़ मुझे बचा लो मेरे पीछे वो लगा है वो मुझे मार डालेगा वो एक सनकी पागल है हे ईज़ ए मेनिक आइ डॉन’ट नो मैं उसके जाल में कैसे फस गयी
डॉली बोले जा रही थी तभी उस शक्स ने अपने आँखो से चश्मा हटाकर कहा वेट वेट कॅम डाउन प्लीज़ काम डाउन वो झट से बाहर निकला और डॉली ने उसको पकड़ लिया और कहा प्लीज़ मुझे बचा लो प्लीज़ प्लीज़ मैं तुम्हारे हाथ जोड़ती हू वो मुझे मार डालेगा डॉली रोने लगी उसके आँखो से बहते आँसू ये सॉफ ज़ाहिर कर रहे थे उसने काफ़ी दुख झेले है
शॅक्स ने कहा ऑलराइट ऑलराइट प्लीज़ आओ मेरे साथ आओ शक्स ने उसे बगल वाली सीट पर बिठाया और कार को चलाने लगा
डॉली अब चिंता से बाहर थी
शॅक्स ने उसे देखा और कहा नाउ यू’आर फाइन मैने आपको कहीं देखा है
डॉली – देखो मेरा नाम डॉली है मैं शर्मा इंडस्ट्रीस की इकलौती बेटी हू मैं नही जानती कि ये आदमी मुझसे क्या चाहता है बस मैं कल रात घर जा रही थी अचानक मेरी कार खराब हो गयी और ये राज मुझसे मिला ये एक पोलीस वाला था शायद ये जानकार मैं घबराई नही पर तब तक मैं इसका इरादा नही जानती थी वो बहुत ख़तरनाक है उसने मुझे काफ़ी टॉर्चर किया मेरे साथ रेप भी किया है उसने
शॅक्स ने पास से बॉटल और टिश्यू दिया और कहा अपना मुँह पोछ लो वो तो तुम्हे देखके ही लग रहा है कि उसने तुम्हारे साथ कितना बुरा किया है आइ आम सुभास शर्मा आ न्यूज़ रिपोर्टर इस पोलिसेवाले की करतूत तो मैं पूरे दिल्ली चॅनेल्स में दिखाउन्गा इसे जैल ना करवाई तो नाम बदल देना लेकिन वो इस वक़्त है कहाँ
डॉली ने कहा वो अब भी कॉटेज में है जब वो सो रहा था तो मैं दबे पाओ वहाँ से भाग निकली
सुभास दिखने में अच्छा लंबा था पर शायद शरीर से एक आदमी जैसा उसने एक काले कलर का कोट पहना हुआ था दिखने में काफ़ी हॅंडसम त्ता और उसके चेहरे पर हल्की हल्की दाढ़ी थी जो कि शायद शेव करने के कुछ दिनो बाद उग सी जाती है
अभी सुभास डॉली से बात कर ही रहा था कि इतने में डॉली ने अपने आपको पोंच्छा उसका चेहरा बिल्कुल लाल था सुभास ने कार तेज़ी से दौड़ा दी अब वो कुछ ही दूरी पे थे जंगल से निकलने के लिए
डॉली – क्या तुम मुझे मेरे घर छोड़ दोगे
सुभास – नही शायद हमे पहले पोलीस को इत्तिला कर देनी चाहिए शायद वो फिरसे आके तुम्हे नुकसान पहुचा सकता है
डॉली एकदम से सामने देख ही रही थी कि इतने में सामने खख्स को आते हुए देख डॉली की चीखें निकल गयी सामने कोई और नही राज था जो ख़ूँख़ार आँखो से दोनो को घूर रहा था उसके एक हाथ में कुल्हाड़ी थी डॉली की एकदम से चीख निकल पड़ी और बगल में बैठा सुभास कार को रोकने की कोशिश करने लगा तभी राज ने चिल्लाते हुए सीधे कुल्हाड़ी कार के शीशो पर फैंकी शीशे पर लगते ही शीशा के दो टुकड़े हो गये और सुभास ने बॅलेन्स खो दिया और सीधे स्टियरिंग को लेफ्ट की ओर मोड़ दिया दोनो चिल्लाते हुए सीधे पैड से जा टकराए एक ज़ोर दार आवाज़ के साथ कार बुरी तरीके से फ्रॅक्चर हो गयी और दोनो घायल हो गये
राज पास आया और उसने तुरंत कार का गेट खोला सुभास सीधे बाहर गिर गया उसके सर से खून निकल रहा था राज ने फिर अपनी नज़र सीधे बगल वाली सीट पर बैठी डॉली पर दौड़ाई जो बेहोश थी राज ने गुस्से से पर अपनी नज़र सुभास पर एक बार फिर दौड़ाई और उसे घसीटते हुए पास मे पड़े पत्थरो पर गिरा दिया सुभास थोड़ा सा चीखा और फिर बेहोश हो गया
राज रोते हुए डॉली के पास आया और कहने लगा क्यू डॉली तुम बार बार लगातार वोई ग़लती क्यू करती हो क्या मेरी ज़रूरत तुम्हे इतनी भी नही लगी कि तुमने इस दो कौड़ी के आदमी को अपना जिस्म उसकी कार में रहने के लिए दे दिया नही नही तुम्हे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी
राज ख़ूँख़ार नज़रो से डॉली को देखे जा रहा था
डॉली की आँखें खुली तो सामने खड़े राज को देख कर वो डर गयी और ज़ोर से चीखी पर राज ने उसके मुँह पर हाथ रखा और ज़ोर से दबाया
राज – सस्स्स्स्स्स्शह एक बार और और मैं तुम्हे मार दूँगा पता है मैं तुम्हे कितना प्यार करता हू तुम मेरी चाहत समझती क्यू नही हो मैं तुमसे बेपनाह प्यार करता हू उस आदमी की कार में तुम क्या कर रही थी
बताओ बताओ
डॉली ने गुस्से से भरी नज़रो से देखा और कहा वो मेरी मदद कर रहा था तुम मुझे ऐसे जॅलील नही कर सकते क्या ये तुम्हारा प्यार है किसी औरत को किडनॅप करना उसके बाद उसे डराना धमकाना और फिर उससे रेप करना अपनी दरिंदगी दिखाना ये प्यार नही हवस है तुम मुझे अपना खिलोना समझते हो प्यार नही
मुझे जाने दो वरना मैं तुम्हे जान से मार डालूंगी मुझे तुमसे डर नही लगता सुना तुमने आइ डॉन’ट हॅव आ फियर फॉर यू बस्टर्ड
राज ज़ोर से चीखा और कहा शट अप ! डर नही लगता मैं तुम्हे ख़तरनाक नही लगता तुम्हे मेरे लिए कोई प्यार नही तुम मेरे लिए एक खिलोना हो नही नही तुम ग़लत हो तुम अपने आपको एक रंडी बनाने की कोशिश कर रही हो जिसे जब चाहे कोई भी सड़क से उठाता है और फिर उसे चोद्कर उसका पानी निकालता है और उसे रात तक ठंडा कर सुबह उसे उसी हाल में छोड़ देता है पर मैं तुम्हे कितनी बार बताऊ ये सच नही है मैं तुमसे प्यार करता हू और तुम हो कि मेरे एमोशन्स को एक दरिंदगी का रूप बता रही हो जानती हो तुम मेरी हो तुम्हारे साथ जो मैने उस रात किया वो मानता हू तुमसे बिना पूछे पर प्यार ऐसा ही तो होता है दिल क्या किसी से पूछकर अपना दिल लगाता है नही ये बस हो जाता है
आंड तुम दरिंदगी देखना चाहती हो तो ठीक है अब मैं तुम्हे असली दरिंदगी दिखाउन्गा ख़तरनाक का क्या मतलब होता है वो सम्झाउन्गा तुम प्यार की भाषा नही समझती तुम्हारा हिसाब तो मैं बाद में बराबर करूँगा पहले उस छक्के को ज़रा देख लू
राज ने दरवाजा खोला सामने गिरे पड़े सुभास को उसने उठाया उसके चेहरे से पट्टी हटाई और कहा क्यू मेरी गर्ल फ्रेंड को लोंग ड्राइव पे लेके जा रहे थे
डॉली चुप होकर रो रही थी और उससे छोड़ने की मिन्नते कर रही थी
राज – तुम तो चुप ही रहो डॉली खैर तो मैने कुछ तुमसे पूछा तुम जानते हो मैं एक पोलीस वाला हू एक पोलीस वाला और पोलीस के गेरेबान को पकड़ने का मतलब तुम ज़रूर जानते होंगे
सुभास ने अपनी आँखें धीमी खोली और लड़खड़ाते हुए कहा तुम पागल हो ज़्यादा से ज़्यादा तुम्हे उमर क़ैद होगी तुम एक सनकी पागल पोलीस वाले हो जिसका फ़र्ज़ होता है पब्लिक की रख़्शा ना कि उनमें दहशत फैलाना तुमने इस पर जो दरिंदगी की वो अब भी उसके चेहरे पर सॉफ झलक रही है तुम निहायती कमिने हो जो उसकी मज़बूरी का फायेदा उठा रहा है तुम एक नंबर एक मादर्चोद हो और ये बात मैं पूरे न्यूज़ में फैलाउन्गा वो तुम्हारे चंगुल में ज़्यादा देर तक नही रह पाएगी
सुभास की आँखें ख़ौफ़ से भर गयी जब उसने राज की कातिल मुस्कुराहट को समझा राज ने उसे एक झटके में पकड़कर सीधे सामने पड़े शीशे पर जा पटका ज़ोर की धाम की आवाज़ के साथ शीशा टूटा और सुभास अब ज़मीन पर पड़ा था राज ने कहा क्या हुआ मुझे पोलीस में पकड़वाओगे सस्पेंड करवाओगे मेरे उपर लड़की को किडनॅप और जान से मारने का केस करोगे मुझे न्यूज़ में फेमस करोगे राज ने सुभास की गर्देन को पकड़ा और कहा अबे चूतिए तू जानता नही शेर की मांद में तुमने हाथ डाल दिया पर तुझे ऐसे मारने में मज़ा नही आएगा राज ने ज़ोर से उसके सर को शीशे पे दे पटका टूटे हुए शीशो पर सुभास के चेहरे पर काँच धँस गये उसका खून हर तरफ गिरा राज ने उसे पीठ से उठाकर सीधे पास में रखे टेबल पर जा पटका टेबल टूट गया और उसके उपर सुभास साँसें खिचने लगा उसके मुँह से एक चू तक आवाज़ नही आई राज गुस्से से दहाड़ रहा था और डॉली चीख रही थी उसकी टाँग को पकड़कर रोने लगी
डॉली – प्लीज़ उसे छोड़ दो वो मासूम है उसका कोई कसूर नही देखो तुम किसी की जान नही ले सकते
प्लीज़ भगवान के वास्ते उसे छोड़ दो उसने ग़लती की मैं माँफी मांगती हू प्लीज़ उसे छोड़ दो वो मर जाएगा
राज – क्या तुमने ऐसा मेरे लिए नही सोचा मैने भी तो तुम से कितना प्यार किया पर तुमने उसे दरिंदगी का नाम दिया नही डॉली इसे तो सज़ा मिलके रहेगी और तुम डरो मत मैं तुम्हे नुकसान नही पहुचाउन्गा क्या मुझपे भरोसा नही चलो हटो
राज डॉली को पैर से झटक कर सुभास के पास गया
राज – क्या हुआ सुभास गेम फिनिश चलो अब कुछ असली लड़ाई हो जाए राज ने अपना ओवर कोट उतारा उसके भारी भरकम मज़बूत विशाल जिस्म को देख कोई भी डर सकता था उसने सुभास को पकड़ा और अपने कंधे से उसे एक कमरे में ले गया राज तुरंत डॉली के पास आया और उसके बालो से उसे घसीटा हुआ अंदर ले गया और दरवाजा लगा दिया
दरवाजा बंद होते ही ज़ोर से पटाकने की आवाज़ आई चीखने चिल्लाने की आवाज़ आई राज ने उसे काफ़ी दीवारो पर पटका उसको घसीटा हुआ उसके पाओ को ज़ोर ज़ोर से मारने लगा उसको पकड़के सीधे दरवाजे पे पटका सुभास बुरी तरीके से बेहोश हो गया राज ने उसका हाथ पकड़ा और उसे एक बारी मे तोड़ दिया हड्डी के टूटने के साथ ही सुभास ज़ोर से दर्द से चिल्ला पड़ा उसकी साँसें दम तोड़ गयी राज ने कहा ये है मेरी दरिंदगी देखो डॉली देखो सुभास के चारो और खून ही खून था राज एक टेबल पर चढ़ा और सीधे अपने भारी वजन से उसपर छल्लांग लगा दी धड़धह की आवाज़े के साथ सुभास अब कुछ नही बोल पा रहा था ना हिल डुल पा रहा था राज ने उसे काँधे पर उठाया अओर सीधे उसकी पीठ को घुटनो पर पटक दिया हड्डी के टूटने के साथ ही सुभास ने चिल्लाना छोड़ दिया अब वो हिल भी नही रहा था
राज ने डॉली को देखा जो रो रो कर ज़ोर ज़ोर से साँसें लेनें लगी राज उसके पास गया और एक बंदूक लाया और सीधे सुभास के हलक तक लगा दी डॉली पास आई और रोते रोते हुए उसे उसकी जान की भीख माँगने लगी
डॉली – प्लीज़ राज छोड़ दो उसे वो मर चुका है वो और मर जाएगा उसकी फॅमिली है इसने जो कुछ बोला उसको इसके लिए माफ़ कर दो प्लीज़
राज ने डॉली के बालो को पकड़ा और कहा क्या कहा मैने तुम्हे इसकी साइड लेने के लिए मना किया था ना तुम इसकी रंडी हो इसके साथ चुदि हो या ये तुम्हारा बॉय फ्रेंड है कौन है ये मादर्चोद ओह तुमने इसका लंड चुस्सा होगा क्यू उससे चुदि होगी उसको चूसने में बड़ा मज़ा आया होगा
डॉली ने कहा नही नही बिल्कुल ऐसा बिल्कुल भी नही है तुम मुझपे खम्खह शक कर रहे हो अगर तुम मुझसे सच्चा प्यार करते हो तो उसे छोड़ दो वो मर जाएगा
राज ने थोड़ा सोचकर कहा ठीक है लेकिन ऐसे नही इसे दर्द देकर छोड़ूँगा तुम्हे मेरी दरिंदगी देखनी थी ना ये है मेरी दरिंदगी मैं हू इतना ख़तरनाक पर ये कमीना क्या समझे हमारे प्यार को पहले तू मुझे प्रॉमिस कर कि तू मेरे साथ रहेगी मेरी हर बात मानेगी और मुझे अपना जिस्म देगी तुम्हारे जिस्म से खेलने का सिर्फ़ मुझे हक़ है मैं तुम्हारा होने वाला पति हू तुम मेरे साथ सुहागरात मनाएगी मेरे साथ चलॉगी मेरी साथी बनकर कहो करोगी ना बोलो
डॉली ने रोते हुए कहा हाँ हां सब सब प्लीज़ अब तो इसे छोड़ दो
राज ने कहा लो छोड़ दिया
राज ने गन को उसके मुँह से निकाला और कहा अब समझा ये है प्यार अगर तुमने इसे छुआ होता तो तू नही बचता वैसे अब तू उठ तो नही पाएगा लेकिन तुझे तड़प्ते हुए देख बड़ा मज़ा आएगा एक मिनिट राज पास मे गया जहाँ उसने एक बड़ी सी कुल्हाड़ी लाया और कहा तुझे दर्द देना मुझे ज़रूरी है डॉली ने कहा नही नही प्लीज़ नही
राज थोड़ी देर बाद आया और साथ में एक मीट काटने वाला चाकू था उसने सुभास पर अभी चाकू चलाया था कि डॉली ने उसे पकड़ लिया नही राज नही ये जुर्म मत करो राज चिढ़ाते हुए डॉली को देखता है
राज – ओह मेरी जान कब समझोगी कि मैं इसे दर्द देना चाहता हू
डॉली ने कहा नही नही ये मासूम है इसे ऐसी खौफनाक सज़ा मत दो ये मर जाएगा
राज – हां तुम सही कह रही हो राज ने वो मीट कटर पास रख दिया और सीधे एकटोकरी लाया जिसमे काफ़ी साँप ही साँप थे जिसे देख डॉली राज के पीछे आ गयी उसकी चीख सुनते ही राज हँसने लगा
राज – क्या हुआ डर गयी ये साँप मैने ही पकड़े हैं बड़े ख़तरनाक है इन्हे वाइपर्स कहते है मैने काफ़ी मेहनत की इन्हे पकड़ने में तुम जानती हो क्यू क्यूंकी इनके काटने से शरीर पूरा गल जाता है और अब ये सुभास इनका खाना बनेगा
राज ने पूरी टोकरी सुभास के शरीर पर फैंक दिया उससे निकलता हुआ एक एक साँप बाहर निकला ख़ौफ़ और डर सॉफ सुभास के चेहरे पर था पर वो कुछ बोल नही पा रहा था राज ने डॉली को अपने बाजुओ में जकड़ा और वहाँ से निकल गया डॉली सुभास की तरफ देखती हुए चिल्ला रही थी राज ने लाइट्स ऑफ कर दी और गेट बंद कर दिया सुभास चीखनें की कोशिश कर रहा था तभी एक साँप ने पास आकर अपने दाँत को निकाला और सीधे उसके शरीर पे गढ़ा दिए
सुभास – आआआआआआआअहह
एक ज़ोरदार चीख एक साथ सुभास की काफ़ी चीखें गूँज़ी एक ने उसके लंड पर दाँत गढ़ा दिये और सब उसके शरीर में काटने लगे कुछ चीखों के बाद सुभास काफ़ी देर तक वैसे चिल्लाता रहा डॉली को बाहर लाकर राज ने उसे अपनी पोलीस कार में बैठा दिया और पीछे मुड़कर सुभास की चीखे उस लकड़ी के घर से आ रही थी चीखों को सुनने वाला कोई नही था डॉली चिल्ला रही थी वो डर से उसका कलेजा काँप रहा था
राज ने कार स्टार्ट की और वहाँ से डॉली को ले गया
राज ने किशोर दा का गाना फिर से लगाया और उसको गुनगुनाते हुए जंगल के रास्तो में चल पड़ा डॉली उसे बेहद गौर से देख रही थी उसकी ये हैवानियत को देखकर डॉली जान चुकी थी कि वो काफ़ी ख़तरनाक है वो फिर से रोने लगी अपने मुँह पर हाथ रखकर राज ने कहा ओह हो मैने अपना शर्ट तो लाया ही नही शायद उस घर में छूट गया अब वो जगह सेफ नही है काफ़ी साँप है वहाँ पर छोड़ो जाने दो सबसे बड़ी बात तो ये है कि तुम मेरे पास हो मैने तुमको पा लिया हमेशा के लिए
डॉली पागलो की तरह हिल रही थी उसने जवाब दिया मुझे मारना मत मैं तुमसे डर गयी हू
राज ने पीछे मुड़कर कहा डर गयी क्यू अरे मैं तो ऐसे ही मज़ाक कर रहा था पर तुम्हारी अभी सज़ा कहाँ मांफ हुई है आओ सुबह होने में कुछ ही घंटे बचे है चलो घर चलके तुमसे प्यार करना है मैं काफ़ी थक गया हू ठंड काफ़ी है
डॉली – आख़िर तुम कैसे इंसान हो तुम्हे उसकी चीखे नही सुनाई दी कोई ऐसा इंसान कैसे हो सकता है जिसे पल भर का भी डर ना लगे
राज – क्यूंकी डर मैने काफ़ी पीछे छोड़ दिया है और आज तुम मेरे करीब हो यही मेरी सबसे बड़ी बात है
राज ने घर लाकर डॉली को बेड पे पटक दिया
डॉली – नही नही तुमने मुझे मना किया था कि तुम मुझे नुकसान नही पहुचाओगे
राज – कब कहा था मैने अरे कहा तो था पर प्यार में कोई नुकसान नही पहुचता तुम मेरी हो मुझे प्यार करो और आज तुम्हे मैं बताउन्गा कि तुम्हारा जिस्म सिर्फ़ और सिर्फ़ मेरा ही है समझी तुम सिर्फ़ मेरी हाहहहहा ह्म्म्म्मम प्यार माँगा है तुम्हिसे ना इनकार करो ओह ह्म्म्म्मममममम ह्म्म्म्ममममम म्म्म्मममह ह्म्म्म्मममममम
राज झट से डॉली के उपर चढ़ा और उसका वो नाइट्गाउन फाड़ डाला उसकी कछी को एक झट से खरॉच कर फैंक डाला और उसपर चढ़ कर अपने डंडे को उसकी चूत के बालो में फिराने लगा और चूत में डालने लगा डॉली ने कस्के बेड को अपने नाखुनो से दबा लिया डॉली रो रही थी मिन्नते करने का राज पे कोई फरक नही पड़ सकता था
राज ने सीधे लंड को अंदर घुस्साया और उसपर चढ़कर उसके होंठो को अपने होंठो से चूसने लगा डॉली की चीखीं निकल गयी और बाहर तक चीखे उसकी पहुचि डॉली को अब राज अपने लंड से तेज़ी से चोदने लगा था फछ फछ की आवाज़ें राज को पागल कर रही थी उसने अपनी उंगली अंदर डाली और दो बूँद पानी को निकाला जो लार बन कर अब भी डॉली की चूत से चिपकी हुई थी राज ने उसे बड़े प्यार से पी लिया एक एक बूँद चूस लिया था उसने तभी डॉली को उसने हर तरफ काटा उसको अपनी बाहो में जाकड़ कर नीचे से उसके कुल्हो में ज़ोरदार तीन चार झटके मारे उसकी दर्द से चीखें निकल रही थी पर शायद राज की आँखो में उसकी चीखो के लिए कोई दया नही थी
राज उठा और उसने अपनी पूरी पॅंट उतारी और उसके ब्रा को उखाड़ फैंका और उसे ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लगा ऐसा करने में उसे बहुत मज़ा आ रहा था डॉली की चुचि को दबाते दबाते उस के निपल्स टाइट हो गये और उसकी चुचि पूरी लाल थी इसको देखकर राज सिसकारियाँ भरने लगा आआआअहह मेरी जान मेरी मलाई क्या नूर हो तुम काश तुम मुझे पहले मिली होती तो शायद उसी वक़्त तुमसे शादी कर लेता आहह आहह
राज के झटके तेज़ हो चुके थे राज ने झट से डॉली को पेट के बल लिटाया और उसकी गांद में लंड डाला और उसे कुतिया की तरह बुरी तरह चोदने लगा और बड़बड़ाने लगा पता है डॉली आज सोने का दिल नही है मुझे भी अब तरस आ रहा है उस बिचारे रिपोर्टर पर बिचारा अब तक तो उसकी लाश गल चुकी होगी राज ने तेज़ झटके किए और उसकी गांद पर तेज़ तेज़ थप्पड़ मारने लगा उसे ज़ोर से दबाता फिर ज़ोर से दबोचता ऐसा करते करते उसने उसे अब अपनी तरफ लिटाया और उसके उपर चढ़कर उसकी दोनो टाँगो को उपर उठाया और उसकी चिकनी चूत में अपना लंड डाल के चोदने लगा उसकी चीखें ज़ोर ज़ोर से निकलने लगी डॉली रो रही थी उसको अब भी सुभास की चीखें सुनाई दे रही थी शायद आज वो उसी की वजह से मौत के मुँह में चला गया राज ने लंड को बाहर खिंचा और उसपे थूक डालकर उसे फिर अंदर डाल दिया और उसे अंदर बाहर करने लगा चूत बिल्कुल गीली हो चुकी थी जिससे वो काफ़ी अंदर बाहर हुए जा रही थी डॉली सिसकारिया ले रही थी शायद मज़े में वो सब कुछ भूल चुकी थी
राज डॉली के उपर आ गया और उससे चिपककर उसे चोदने लगा डॉली को चोद्ते वक़्त राज का चेहरा पूरा लाल हो चुका था राज ने कहा पता है इसी वजह से मैं तुम्हे इतना पसंद करता हू मेरी डॉली तुम्हारे हरेक जिस्म के अंग पर मेरा हक़ है ये सब मेरा है कहो मुझसे कहो मुझसे तुम ये बात खुद कहो
डॉली ने डरते हुए कहा हां मैं मैं तुम्हारी हू मैं इस दुनिया में सिर्फ़ तुम्हारे लिए पैदा हुई हू तुम मेरा प्यार हो तुम्हारे बगैर मैं किसी और के बारे में सोच भी नही सकती मेरे जिस्म पर तुम्हारा ही हक़ है सिर्फ़ तुम्हारा आआआहह इट हर्ट्स आआआअहह
राज डॉली को यू तड़प्ते देख पागल सा हो गया और अपने होंठ उसके होंठो से जोड़ दिए और दोनो की ज़ुबान एक दूसरे से टकराई और चूत की हॅप ठप की आवाज़ो ने सेक्स में आग भड़का दी थी राज उसे ज़ोर ज़ोर से चोद रहा था राज पसीने पसीने होकर उससे लिपट गया डॉली का बदन बिल्कुल पतला था उसकी बाज़ू राज की बाज़ू पर मानो एक बच्चा एक पहलवान की गोदी में हो ऐसा लग रहा था राज उसे कस्के पकड़कर उसको अपने जिस्म से गर्मी दे रहा था डॉली की आँखें बंद थी बस वोई चीख उसके कान में आ रही थी जिसे सुन उसकी आँखो ने आँसू छोड़ दिए राज की शकल एकदम लाल हो गयी उसने साँस को रोका और सारा माल उसकी चूत से निकालकर बाहर झाड़ने लगा उसके संगमरमर के जिस्म पर एक एक बूँद उसने रगद्कर डाल दी डॉली सो चुकी थी राज उसके जिस्म को अपने जिस्म से चिपककर सो चुका था आइ लव यू डॉली आइ लव यू तुमने मुझे भरोसा दिला दिया है आआआआआहह
डॉली को अब भी नींद नही आ रही थी और वो चुप चाप राज से लिपटी अपने आप पर रो रही थी
हेलो डॉली हेलो डॉली चलो उठो सुबह हो गयी है मेरी जान डॉली डॉली …….. डॉली ने आँखे खोली सामने प्यार से देख रहे राज के चेहरे पर उसकी नज़र गयी
डॉली की ख़ौफ़ से भरी आँखें खुल सी गयी और कहा क्या क्या हुआ?
राज – अरे डॉली यू ऑलराइट पता है शायद बुरा सपना देखा होगा क्यू नही बुरा सपना नही शायद हम दोनो का प्यारा मिलन याद कर रही हो अरे सपने देखना छोड़ो मैं हू ना तुम्हे प्यार करने के लिए
डॉली – देखो मैं पहले से ही डिप्रेस्ड हू मुझे घर जाना है मा की याद आ रही है
राज ने कहा फिर वोई बात कि मा की याद आ रही है अरे मेरी प्यारी मैने तुमसे क्या कहाँ था कि तुम अपनी मा के पास जा सकती हो पर अभी बहुत टाइम है तुम मैं अभी देखो ना हवा के साए की तरह दिन भी तो कितने रह गये है अपने पास बस तुम और मैं और ये खेल शुरू हाहहहहहा
डॉली उसको देख रही थी और नाकामयाबी उसके चेहरे पर सॉफ झलक रही थी वो जानती थी कि राज एक पागल दीवाने के साथ एक खूनी भी है अब तो शायद उसे अपने आपको किसी तरीके से उससे खुद को बचाना ही बेहतर समझा
डॉली डॉली कहाँ खो गयी ?
डॉली ने हिलते हुए कहा हां हा हां कह कहो
राज – चलो लेट हो रहे है
राज का फोन बजा राज ने फोन उठाया और कहा हेलो
अच्छा अच्छा ऐसा क्या चलो ठीक है
राज ने फोन काटते हुए कहा मादर्चोद हैं सब
डॉली ने राज को सवालो भर्राई नज़रो से देखा क्या हुआ राज ? राज ने कहा कुछ नही लगता है किसी चूतिए ने उस क्या नाम था उस हरामी का हां सुभास शर्मा उसकी डेड बॉडी उनके हाथ लग गयी है मैं पोलिसेवाला हू और मेरा फ़र्ज़ बनता है उसके खून की तफ़तीश करना डॉली ने कहा तुमने उसे मार डाला अब तुम क्या करोगे
राज ने कहा सस्स्स्स्स्स्शह किसने किसको मारा उसे उसने खुद को फ़सा लिया अरे मैने तो उसे उसके हाल पर छोड़ दिया था तुम्हे उसने रंडी समझकर बहुत बड़ी ग़लती थी जानता नही था वो कि जिसे वो रंडी समझने की भूल कर रहा है उसका भी कोई मर्द है और वो एक वेश्या नही बल्कि मेरी अपनी है समझी तुम तुमने उसे मरवा दिया
डॉली फिर रोने लगी और कहा ऐसा नही है प्लीज़ मुझे डर लग रहा है
राज ने कहा देखो मैं इस वक़्त जा रहा हू क्या तुम पर भरोसा करू कि कल रात की तरह नही भागोगी भरोसा करू बोलो मुझे ?
डॉली ने रोते हुए कहा हां कर कर सकते हो
राज – तो ठीक है यहीं डील रहीं देखो मैं तुम्हे नुकसान नही पहुचाउन्गा एक अच्छी बीवी की तरह घर की सॉफ सफाई खाना बना के रखना शाम तक तो क्या तुम्हारे लिए तो मैं दोपहर तक आ जाउन्गा और फिर से भागने की ग़लती मत करना वरना तुम जानती हो मेरा मतलब क्या है ?????
डॉली ने सिर्फ़ सर हिलाया राज ने डॉली के होंठो पर एक चुम्मा लिया और कहा मैं चलता हू तुम आराम करो
राज के जाने के बाद डॉली तुरंत पलंग से उठ ली और तुरंत दरवाजे से उतरकर धीरे धीरे कदमो से नीचे उतरी अभी डॉली दरवाजे के पास पहुचि और दरवाजा खोलने की कोशिश की दरवाजा बंद था
डॉली ने खिड़की से बाहर दरवाजे पर झाँका जहाँ एक मोटा ताला लगा था डॉली उमीद हारते हुए घुटनो पर बैठ गयी
डॉली ने इधर उधर झाँका और सीधे खिड़की की तरफ डॉली ने देखा वहाँ पर नीचे लगे ताले को देखा जो कि शीशे से सॉफ नज़र आ रहा था डॉली अब बिल्कुल टूट चुकी थी उसे पता था कि राज उसे घर से भागने नही देगा
डॉली को तभी अपना फोन याद आया डॉली तुरंत कवर्ड के पास गयी और एक एक दराज़ को खोलने लगी कुछ दराज़े बंद थी बाकी दो ही खुली हुई थी जिसमे डॉली ने काफ़ी ढूँढा पर मोबाइल का कोई निशान ही नही था
डॉली – अब क्या करूँ ना मोबाइल है और ना ही बाहर जाने का कोई रास्ता मैं पूरी तरीके से हिम्मत हार गयी हू मैं इस पागल खूनी के साथ और नही रह पाउन्गि आज नही तो कल ये मुझे भी मार डालेगा
डॉली ने एक नज़र अपनी घड़ी पर दौड़ाई जिसमे 12 बज रहे थे डॉली ने इधर उधर देखा पर डॉली को कुछ सूझ नही रहा था एक मज़बूर औरत सी दिख रही थी डॉली डॉली ने कहा कम से कम मेरे पास कोई तो रास्ता है हे भगवान मुझे यहाँ से निकाल ये किस मुसीबत में तुमने मुझे फसा दिया मुझे डर लग रहा है
उधर लकड़ी के घर के बाहर खड़े थे कुछ पोलिसेवाले और और कुछ स्नेक्स ट्रेनर
एक हवलदार राज के पास आया – सर ?........राज ने अपना सिगरेट जलाते हुए कहा क्या खबर है ??? ………सर खबर बहुत बुरी है ये शॅक्स आज तक का न्यूज़ रिपोर्टर सुभास शर्मा था हमने छानबीन की उसके चेहरे के कुछ ही हिस्सो से पता चल पाया सर ऐसा केस तो कभी हॅंडल नही किया ………..राज – अबे बकवास बंद कर और बता मौत कैसे हुई ??........हलवदार – सर बहुत सारे सापो के बीच में इसकी बॉडी थी साँप ने हर जगह काटा हुआ है और सर उसका शरीर पूरा गल गया ये साँप कोई मामूली साँप नही थे सर ये ज़हरीली साँप थे इनका ज़हेर किसी तेज़ाब से भी घातक है ……….राज ने गौर करते हुए कहा ह्म्म्म और ये खबर पोलीस तक पहुचाई किसने ?? हवलदार – सर हमारे ही कुछ लोग यहाँ से गुज़र रहे थे उन्हे ये ब्लॅक कलर की कार यहाँ वीराने से घर के बाहर खड़ी मिली उन्हे फ़ौरन लगा कि ऐसी सुनसान जगह में कौन रह सकता है सर जब अंदर पहुचे तो साँप ही साँप सर दो पोलिसेवाले तो उनके काटने से बच गये पर हमने एक एक करके सारे सापों को किसी तरह से इकट्ठा किया ? पर सर गौर फरमाने वाली बात तो यहीं है कि इतनी रात गये ये सुभास शर्मा इस वीरान से घर में क्या कर रहा था और ये तो कोई आम बात नही है सर कि ये खून सिर्फ़ एक हादसा साँप के काटने से सर यहाँ इस जंगल में दूर दूर तक कोई भी ऐसा साँप नही है शायद ये किसी की साज़िश है राज ने घूरते हुए कहा तुम्हे क्या लगता है इसे किसी ने जान से मारा है ? तो फिर कमर कस लो खूनी को पकड़ने की हवलदार – अरे सर आइए मैं आपको अंदर लेके चलता हू ……..कुछ मिनिट बाद वो दोनो घर में दाखिल हुए हवलदार – ये देखिए सर यहाँ का काँच पूरी तरीके से टूटा हुया है और मेज़ भी…….राज ने सोचते हुए कहा हो भी क्यू ना हाथापाई जो हुई है……हवलदार – सर आप तो बिल्कुल सही कह रहे है अंदर चलिए सर ऐसा लगता है कि यहाँ पर फर्श पर कितना खून है और ये खून सब का सब सुभास का ही है हमने सुभास की कार को कुछ दूर सड़क से बरामद किया उस की कार का आक्सिडेंट हुआ था और सर यहाँ लाके उसे मारा गया था सर बचिए…………..राज ने अपना जूता साँप के सर से बचाते हुए उठाया………हवलदार – सर लाख लाख बचे ये मादर्चोद ये वाला साँप तुम्हारा बाप उठाएगा तफ़तीश बाद में कर लेना पहले ये सारे ज़हरीले साँप हटाओ और हां इन्हे अच्छे तरीके से उठाना
राज ने सामने देखा जहाँ पर लाश पर कपड़ा था राज ने बैठते हुए उस सफेद चद्दर को हटाया – ओह माइ गोद इसका क्या हशर कर दिया ये तो रिपोर्टर कम और तेज़ाब में नाहया हुया इंसान लग रहा है……….हवलदार ने कहा सर इसके तो हड्डियो से ज़्यादा साँप ने इसके लंड पर काटा है डॉक्टर ने बताया है सर ये देखिए लंड का उपरी हिस्सा गल गया है और खाल निकल के सिर्फ़ एक गाँव ही दिख रहा है कोई कैसे इतनी बेरेहमी से मार सकता है राज ने कहा मार सकता है ………..हवलदार ने कहा चौुक्ते हुए क्या सर मार सकता ? सर इतना बेरहम
राज ना ना बेरहम नही बल्कि होशियार उसे कुछ करने की ज़रूरत ही नही पड़ी सारा काम तो उसके साँप दोस्तो कर डाला अच्छा अब क्या यहाँ लाश का मुँह ही देखोंगे या इसे फोरेन्सिक लॅब पहुचने की तयारि भी करोगे………….
हवलदार – सर अभी लीजिए लेकिन सर ये बात अगर न्यूज़ में छाप गयी तो लेने के देने पड़ेंगे सर रिपोर्टर मरा वो भी ऐसा वैसा नही मेन रिपोर्टर सर न्यूज़ वाले तो खाल नोच लेंगे…………
राज – मारो गोली उनकी चूत में जितना कहा उतना करो और हां कोई सबूत मिला…………….हवलदार – अरे हां सर काफ़ी सबूत मिले है ये देखिए सफेद शर्ट किसी की लगती है और वहाँ देखिए सर एक मीट चाकू पड़ा हुआ है सर ये कोई सोची समझी नही बल्कि अटेंप्ट तो मर्डर केस है सर
मर्डर केस राज की आँखें फॅट चुकी थी उसे सब कुछ वापिस दिखने लगा
राज – देखो शायद ये खूनी का ही होगा जाओ फोरेन्सिक लॅब भेजो और मुझे रिपोर्ट्स के बाद ही कॉल करना राज वहाँ से जाने लगा
हवलदार – पर सर आप कहाँ जा रहे है मैं तो आपके घर गया था वहाँ आप नही थे राज ने पीछे मुड़कर हवलदार को देखा और कहा मैं वो किसी काम से गया हुया था ज़्यादा सवाल मत पूछो काम पर ध्यान दो मैं बहुत थका हुआ हू हवलदार इससे पहले कुछ कह पाता वहाँ से राज जा चुका था
राज ने जीप स्टार्ट की और वहाँ से निकल गया उधर डॉली की मा भी बहुत परेशान थी
डॉली की मा – हे भगवान मेरी बेटी किस हालत में है कुछ नही पता बस इतना ही पता है कि वो बीमार है और किसी दोस्त के घर में है वो कल भी ना आ सकी फोन काट दिया उसे तो नौकरी के बाद सीधे घर आना ही था आख़िर ऐसी क्या मज़बूरी आ पड़ी मैं फिर कॉल ट्राइ करती हू
डॉली की मा ने फिर डॉली के मोबाइल पर कॉल किया डॉली की रिंग बज रही थी बजे जा रही थी तभी उस की निगाहें फोन पर गयी और उसने झट से फोन उठाया और कहा
हेलो
डॉली की मा – हेलो बेटा डॉली
राज – सॉरी आंटी डॉली तो बीमार है इस वक़्त सो रही है
डॉली की मा चौुक्ते हुए कहा तुम कौन हो
राज ने कहा जी मेरा नाम राज है राज डरो मत आपको डॉली ने बताया नही कि वो मेरे साथ है
डॉली की मा ने कहा नही नही मुझे ऐसा उसने कुछ नही बताया तुम उसके दोस्त हो मुझे अपनी बेटी से बात करनी है राज – अरे आंटी मैं इस वक़्त बाहर हू डॉली को आपका कॉल ज़रूर दूँगा वो क्या है ना डॉली बिज़्नेस की वजह थोड़ी डिप्रेस हो गयी थी और मैं और वो काफ़ी दिनो बाद मिले थे इसलिए मैने उसे अपने घर आने को कहा आप चिंता मत कीजिए वो शाम तक आपके पास जाएगी मैं उसे छोड़ दूँगा ओके आंटी टेक केर बाइ
डॉली की मा बस हैरान थी – हेलो हेलो ? राज
अज़ीब है ये भी डॉली की तरह जवाब दे रहा है कुछ ना कुछ गड़बड़ लग रही है
राज ने जीप को तेज़ी से जंगल के दूसरी ओर मोड़ लिया और घने जंगलो के अंदर से बीच में रास्तो से वो अपनी जीप को लेके गुज़रने लगा थोड़ा पास आते ही एक कॉटेज दिखने लगा जो यक़ीनन उसी का ही था
राज तेज़ कदमो से चलने लगा उसने एक बार पलट कर पीछे का जायेज़ा लिया इधर उधर देखकर उसने तुरंत कॉटेज के पास आकर दरवाजे का ताला खोला और अंदर घुस कर फिरसे अंदर से ताला लगा दिया
राज – डॉली डॉली डार्लिंग हब्बी घर आ गये है डॉली क्या तुम उपर हो ??
राज सीडियो से उपर चढ़ने लगा उसने तुरंत गेट खटखटाया राज अभी डॉली का नाम पुकार ही रहा था कि ज़मीन पर गिरी डॉली को देख वो थोड़ा हैरान हुआ
राज – अरे डॉली ये कोई सोने की जगह है चलो उठो………राज ने झट से अपनी बाहो में डॉली को उठा लिया और उसे धीरे धीरे बेड पर लाके रख दिया डॉली ने एकदम से आँखें खोली और सामने राज का मुसुकुराता हुया चेहरा पाया
डॉली – तुम तूमम्म्म तुम कब कब आए ???
राज – अभी अभी ज़मीन पर कोई सोता है अरे तुम्हे ठंड लग जाएगी और आज तुम घर से नही भागी काफ़ी अच्छा लगा अब सुनो तुम्हारी मा का कॉल आया था
राज ने अपने जेब से फोन निकालकर डॉली को पकड़ाया डॉली ने झट से फोन राज के हाथ से ले लिया डॉली ने फोन लेते ही डरी हुई नज़रो से राज को देखा
राज – अरे ऐसे आँख फढ़ फाढ़ कर क्या देख रही हो ? तुम्हारी मा तुम्हारा काफ़ी इंतेज़ार कर रही है तुम्हे अपने घर जाना है ना कहो जाना है ना डॉली ने हां में सर हिलाया………राज – तो फिर अपनी मा को कॉल करो और ऊनसे कहो कि तुमसे वो यहाँ आकर मिले डॉली की आँखें फिरसे डरी हुई नज़रो से राज को देख रही थी….क्या हुआ डॉली मैने कुछ ग़लत कहा क्या आख़िर उन्हे अपनी बेटी को भी तो देखना है नही तो वो पागल हो जाएँगी लो फोन लो और उन्हे कॉल करो करो…………नही नही राज मैं उन्हे यहाँ नही बुला सकती वो तुम्हे कभी मंज़ूर नही करेंगी तुम पागल हो सनकी हो और तुम उनकी भी जान ले सकते हो मैं अपनी मा को तुम्हारे से मिलने नही दे सकती कभी नही
राज का चेहरा गुससे से पिंक हो गया और कहा प्यार की बोली नही समझती हो तुम लगता है तुम्हे थोड़ी सज़ा देनी पड़ेगी राज ने डॉली के बालो को पकड़के उसे ज़मीन से घसीटा डॉली चिल्लाए जा रही थी बचाओ बचाओ प्लीज़ मुझे छोड़ दो राज मुझे घर जाना है प्लीज़
राज – तुम्हे मुझसे डर लगता है मुझे तुम पसंद नही करती आज तो तुम्हे सबक सी सीखाना पड़ेगा………….डॉली के हाथो से उसका मोबाइल गिर गया
राज डॉली को घसीटते हुए सीधा ज़मीन पर लाके पटका………….राज ने डॉली के सर को पकड़ा और सीधे उसके चेहरे पर दो तीन थप्पड़ मारे उसके चेहरा लाल हो गया और तीसरे थप्पड़ में उसके होंठो से खून निकल गया राज ने कहा क्यू डॉली क्यू मुझे तुमपर हाथ उठाने के लिए मज़बूर करती हो पर तुम्हे सबक तो सिखाना ही पड़ेगा मेरी भी मज़बूरिया है जानती हो जिससे मैं सबसे ज़्यादा प्यार करता था वो तुम्हारी तरह बिल्कुल नही थी पर उसके जाने के बाद मेरी ज़िंदगी ही तबाह हो गयी और तुम मुझे मिली मेरी ज़िंदगी फिर अच्छी चलने लगी पर तुम हो कि मुझे एक तिनका भी नही समझती सॉरी डॉली
डॉली की आँखें बंद होने लगी धुंधले पड़ते पड़ते वो अब बेहोश चुकी थी डॉली की आँखें जब खुली तो उसके हाथ पाओ बँधे थे और दोनो टाँग भी बँधी हुई थी वो एकदम नंगी थी तभी डॉली को किसी मशीन की आवाज़े लगी डॉली ने तुरंत चीखते हुए इधर उधर देखा तभी राज को सामने पाया डॉली की आँखें ख़ौफ़ से भरी हुई थी और हाथ पाओ बँधे होने पर भी काँप रहे थे राज ने अपने हाथ में रखे उस टॅटू मशीन को दिखाया जिसकी नोक एकदम तेज़ धार सी थी और वो एक आवाज़ निकाल रही थी……….डॉली की चीख निकल गयी नूऊऊऊ नो प्लीज़ राज हॅव मर्सी ऑन मी प्लीज़ डॉन’ट किल मी………राज ने कहा किसने कहा मैं तुम्हे मार दूँगा मेरी जान बस तुम्हे ये सम्झाउन्गा कि मेरा हक़ सिर्फ़ तुम्हारे जिस्म पर नही बल्कि दिल से लेकर हर एक कोने पर है राज टॅटू मशीन को पास लाकर उसने झट से एक कोने पर पड़े कपड़े को उठाया और उसके सारे शरीर पर मलने लगा डॉली गुदगुदी से कसमसा जाती आज उसके साथ ये क्या होने वाला है ??? वो ये सोचके ही ख़ौफ़ से डर रही थी डॉली रोने लगी और राज से विनती करने लगी पर राज के दिल में उसके लिए कोई दया नही थी
डॉली के मुँह पर एक काली पट्टी बाँध दी गयी और फिर एक खौफनाक खेल शुरू हुया राज ने टॅटू मशीन ओन किया और कहा ये पेरमामेंट टॅटू तुम्हारे जिस्म में गोद कर मैं ये कह सकता हू कि हर वक़्त तुम जब भी मुझे याद करोगी तुम मुझे अपने जिस्म में महसूसस कर पाओगि
डॉली सिर्फ़ रो रही थी और उसके मुँह से ओह की आवाज़े आ रही थी राज टॅटू मशीन को पास लाया और उसके पेट पर हाथ फहेरने लगा और कहा वाहह मेरी रानी तुम्हारे इस संगमरमर जैसे बदन के लिए तो मैं सबकी आँखें निकाल लूँ जो भी तुम्हे उस नज़र से देखे उनकी बेहन चोदु नही नही तुम्हे छोड़कर किसी और से कर पाउन्गा मैं भला
डॉली ने उस मशीन को अपने पास लाते हुए देखा राज ने मशीन को स्किन में सताया डॉली गहरी गहरी साँस लेने लगी फिर तभी मशीन ऑन हुई और पूरे रूम में डॉली की चीखें निकलनी शुरू हो गयी राज ने उस सुई को हर जगह घसीटा उसे ज़ोर से दबा कर वो अपनी मन की हरसत पूरी कर रहा था डॉली की आँखो से आँसू निकलने बंद ही नही हो रहे थे डॉली की नाभि के नीचे उसने हर जगह वो निशान बना दिए जो कि एक नाम बन रहे थे उस नाम का मतलब था राज राज ने उस नोकदार मशीन से हर जगह वो टॅटू बनाया डॉली की चीखें ज़ोर ज़ोर से निकलने लगी उसने डॉली को पेट के बल लिटाया अब वो हिल डुल नही रही थी उसने उसकी रस्सी खोल दी और उसके जिस्म पर वो टॅटू मशीन रगड़ने लगा वो चिल्ला रही थी दर्द से तड़प रही थी उसने उसके हर अंग पर अपना नाम गोद दिया राज करीब डेढ़ घंटे तक उसके जिस्म से खेला और आख़िर कार डॉली के जिस्म पर लाखो निशान तैयार कर दिए डॉली बेहोश थी उसकी आँधी आँखें खुली थी जिससे धुंधली धुंधली तस्वीरें दिख रही थी डॉली की आँखें बंद हो गयी और वो बेहोश हो चुकी थी
जब उसकी आँखें खुली तो उसका पूरा जिस्म एक दम लाल हो गया था कुछ हिस्सो पर ज़ख़्म बन गया था जो रह रह कर जलन पैदा कर रहे थे उसके कुछ ही शरीर के नीचे काफ़ी निशान थे अगर कोई उसे उपर से देखे तो हर अंग पर टॅटू सॉफ दिखेंगे जिस्म पर एक काला कंबल था जिसने डॉली के जिस्म को ढक रखा था डॉली बदहवास रोने लगी और कुछ देर बाद बाथरूम जाके वो नहाने लगी उसने गरम पानी से हर जगह निशान छोड़े जगह को धोना चाहा पर निशान कम्बख़्त मिटने का नाम नही ले रहे थे डॉली एक बाथरूम के कोने में गिरकर रोने लगी थी उसे अपनी इस बेबसी पर काफ़ी रोना था तभी डॉली की आँखें एक बार फिर घूर्ने से लाल हो गयी और एक गहरी ख़तरनाक सोच में डॉली डूब गयी
डॉली ने अब एक दम बेबस लाचार और मज़बूर लड़की बन चुकी थी वो तुरंत उठी उसके उठने से उसका नंगे जिस्म पर तरह तरह के निशान अब भी दिखाई दे रहे थे मानो कि वो कितने सदमे में है उसके पूरे जिस्म पर आइ लव यू राज आइ लव राज ही लिखा हुआ था उसने एक झलक आयने पर अपने नंगे जिस्म को देखा जिसमे उसे खुद पर हुए ज़ुल्म से उसे आँसू दे गयी वो फिरसे रोने लगी पागलो की तरह अपने जिस्म पर हाथ फेरने लगी निशानो को पोछने लगी पर शायद वो निशान तो इसके जिस्म पर दफ़न हो चुकी थी उसने झट से शवर ऑन किया और अपने जिस्म को पोछना चाहा पर कोई फायेदा नही था जिस्म से निशान मिट नही रहे थे डॉली ने रोते रोते बात ध्यान करी और उसने तुरंत आइने पर अपने चेहरे को देखा जिसमे गुस्सा और बदले की भावना ज़्यादा दिखाई दे रही थी वो तुरंत पास गयी और नीचे बैठे राज को देखने लगी जो कि सोफे पर सर रखे सोया हुया था डॉली ने मौका अच्छा समझा और धीरे धीरे कदमो से नीचे आई अब उसके जिस्म पर कपड़े थे उसने वोई नाइट्गाउन पहेन रखा था और तभी वो किचन में दबे पाओ गयी और वो बीच बीच में राज को देख लेती