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मैं तेरा आशिक़ compleet

राज अब भी सोया हुआ था उसकी आँखें बंद थी डॉली ने झट से किचन से एक चाकू हाथ में लिया जो कि 6इंच का था और उसकी कटाव किसी जर्मन किचन नाइफ की थी वो तुरंत पास आई दबे पाओ उसके भीगे बाल बार बार उसके चेहरे के पास आ जाते जिसे वो झटक देती तभी वो पास ही आई थी उसने चाकू को कस के पकड़ा और गुस्से और बदले की भावना से राज पर एक नज़र दौड़ाई जो अब भी बेख़बर आँखें बंद किए सो रहा था डॉली तुरंत पास आई और उसने ज़ोर से चाकू उसके थाइस में घुसेड दिया एक ज़ोर दार चीख के साथ राज उठ पड़ा……………राज – आआआआआहह ओह मययययययययययययी गूद्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड आआआआअहह आआआहह

डॉली उसपर एक झटके से हट गयी और सीधे चाकू को उसकी थाइस में ही छोड़ डाला राज दर्द से तड़प रहा था उसके जाँघ से बहता खून उसके हाथो में लग गया वो ज़मीन पर जा गिरा डॉली अभी पास आई थी कि वो फिरसे उठने लगा असम्म्म्ममममममाआआ तुमनययययययी ऐसाआ क्यू किय्ाआअ आआहह आहह ह….राज एक जगह गिर गया और तभी डॉली को मौका मिल चुका था डॉली डर और ख़ौफ़ से पागल हो गयी थी उसने झट से अपनी दूसरी लात सीधे राज के मुँह पर मारी धcछ्ह्ह एक ज़ोर दार आवाज़ के साथ राज के मुँह ने खून उगल दिया राज पास ही गिर गया और तभी डॉली इधर उधर देखने लगी डॉली तुरंत पास गयी और राज के कोट से चाभी चेक करने लगी राज बेशुध उसे देखे जा रहा था………तुम ठीक नही कर रही डॉली आआहह हुहह डॉली तुम मुझे छोड़के नही जा सकती आआहह राज ने अपनी जाँघ में घुसे चाकू को ज़ोर से पकड़ा माँस में धस गये चाकू को ज़ोर से उसने निकाल डाला उसके निकलते ही खून कतरा कतरा फर्श पे गिरने लगा राज के हाथो से चाकू छूट गया डॉली ख़ौफ़ से उसे देखकर दरवाजे के पास आई और उसने दरवाजा खोल डाला पर तब तक राज लन्गडाते हुए उसके पास आ रहा था ………रूको रूको ऊऊऊओ डॉली तुम ठीक नही कर रही…………यू हॅव टू पे फॉर दिस…….डॉली ने तुरंत साइड में रखे फावड़े को उठाया और सीधे राज के सर पर चिल्लाते हुए दे मारा……….अब कैसा लगा कुत्ते मेरे जिस्म के साथ जो भी तुमने किया उस एक एक का बदला लूँगी मैं…………आआआअहह नहिंन्णणन् असम्म्माआ नही……………….डॉली ने फावडे को वही फैंका और एक झलक राज पर दौड़ाई राज अब बेहोश हो चुका था………….डॉली झट से उपर गयी और खून से भरा चाकू उसने वापिस उठा लिया और फिर एक बार राज को देखा जो शायद घायल होने से बेहोश हो चुका था डॉली उपर भागी और उसने अपने हील सॅंडल्ज़ पहने और शरीर को ढकने के लिए अपना ब्राउन जॅकेट पहेन लिया वो दबे पाओ नीचे उतरी राज अब भी बेहोश था डॉली उसकी तरफ से जल्दी जल्दी गुज़र रही थी और वो दरवाजे से बाहर निकलने में कामयाब हो गयी उसने तुरंत ताला उठाया और कॉटेज को बाहर से बंद कर दिया राज को उठते देखा डॉली चिल्ला पड़ी…..डॉली नही रुक जऊऊ तुम मुझे छोड़के कहीं ना जाऊऊ आआआहह राज ने अपनी जाँघ को पकड़ा डॉली ने झट से जीप में चाबी डाली पर जीप स्टार्ट नही हुई डॉली ने तुरंत जीप पर फिर से एक और गियर डाला और इस बार भी स्टार्ट नही हुई डॉली – कमोन कमोन स्टार्ट हो जा प्लेअसएसस्स्स्सस्स

आआआआअहह…….डॉली ने पीछे की ओर देखा राज दर्द से चीख रहा था पर डॉली ने उसकी चीखों की परवान ना करते हुए जीप को स्टार्ट करना जारी रखा और जीप स्टार्ट आख़िर कार हो ही गयी

डॉल्लीइीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई नही रुक्कककक जऊऊ डॉल्लीइीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई आआााआआहह आडोल्ल्य आआआहह

डॉली ने जीप तेज़ी से वहाँ से भगा डाली और कुछ इधर उधर टकराते हुए डॉली ने जीप को वहाँ से निकाल डाला अब डॉली सुरक्षित थी वो बिल्कुल महफुज़ थी तभी उधर राज चिल्लाते हुए पास आया बगल में रखे चेर को उठा लिया और सीधे खिड़की पर ज़ोर दार तरीके से उसने खिड़की का काँच तोड़ डाला राज ने काँच को बाहर फेंका और वहाँ से कूदने की फिराक में गिर गया राज के हाथो में खून था और उसके सर पर गुस्सा चढ़ा हुआ था

राज ज़ोर ज़ोर से दहाड़ रहा था भागगग गयी भाग गयी साली कुतियाअ जानती नही तुमने मेरे साथ क्या कियाआ है मैं तुझे अपनीी बनाके ही छोड़ूँगाआा आआआआआहह डोल्लयाअ आइ लवी युयुयूवयू साली सड़कछाप औरत तू मुझसे भाग नही सकती आआहह राज लंगड़ाते हुए रास्ते पर आया

डॉली ने जीप तेज़ी से भगा डाली और तभी वो शहेर के रास्ते आ गयी डॉली को अब चैन की साँस थी डॉली ने तभी वहाँ रोना स्टार्ट कर दियाआआअ डॉली ख़ौफ़ से रोए जा रही थी उसके दिल में बैठा डर उसे डराए जा रहा था तभी डॉली के सामने एक गहरी रोशनी आई और सामने एक ट्रक ने डॉली की जीप से जा टकराई डॉली को संभलने का मौका ना मिला और उसकी जीप हवा में बल खाते हुए सीधे ज़मीन पर गिरी लुढ़कते लुढ़कते डॉली जीप से निकलकर ज़मीन पर बेहोश हो गयी उसके पूरे चेहरे पर खून ही खून था अओर उसकी आँखें एक दम से बंद हो उठी जीप पहाड़ से गिरते हुए धम्म्म से गिरी बूम एक ब्लास्ट हुआ और जीप के चिथड़े उड़ गये और उपर डॉली बेहोश हो चुकी थी

डॉली की आँखें धुधलि धुंधली तस्वीरे ज़िंदगी की देख सकती थी डॉली के कानो में बस उस के दिल की धध्कन सुनाई दे रही थी वो ज़ोरो से साँसें खिच रही थी उसकी आँखें खोलने की कोशिश कर रही थी पर वो हरपल नाकामयाब हो जाती डॉली के चेहरे पर खून था और वो अब धुधलि तस्वीरो में खुद को किसी स्ट्रेचर पर लेटी कोई उसे लेके जा रहा था
 
डॉली के चेहरे पर ऑक्सिजन मास्क लगा था और अब हॉस्पिटल में थी उसके पास चल रहे लोगो में उसकी मा का वो दुखी चेहरा और उनके साथ दो और आदमी थे डॉली की आँखें नही खुल पा रही थी और दिमाग़ भी सुन्न होने लगा था डॉली की आँखें ये देखते ही देखते फिर बंद हो गयी

डॉली डॉली आर यू ऑल राइट ? बेटा मैं हू तेरी मा बेटी आँखें खोल देख हम सब है तेरे पास डॉली ने अपनी आँखें धुधलि खोली डॉली को अपनी मा का चेहरा देखते ही उसकी आँखो से आँसू बहाने लगी डॉली ने उठने की कोशिश की पर तभी डॉक्टर ने पास आकर उसे लेटा दिया उसके ज़ख़्म अभी भरे नही थे

डॉक्टर – डॉली रिलॅक्स तुम अभी ज़ख़्मो से उभरी नही हो तुम्हारा ऑपरेशन हुए कुछ घंटे ही हुए है अभी तुम्हे सिर्फ़ सोना है सोना है बस

डॉली को वो आवाज़ें धुंधली ढूढ़ली सुनाई दे रही थी डॉली ने रोते हुए चेहरे से अपनी मा को मुस्कुराते हुए देखा और सिर्फ़ बोला मा

डॉली की मा अपने जज़्बातो को कंट्रोल नही कर पाई और उसके सिरहाने में रहकर रोने लगी – बेटा पता है मेरा कलेजा कभी इतना नही धक्का खाया अगर तुम्हे कुछ हो जाता तो मैं क्या कर पाती एक तो तुमसे तुम्हारे पिता का साया हट गया और अब तुम मुझसे अलग हो जाती

डॉली की नज़रें अपनी मा को देखकर ना जाने उस वक़्त क्या क्या ब्यान नही करना चाहती थी वो आँखें मानो कितना कुछ बताना चाहती थी डॉली ने कुछ कहने की कोशिश की पर कम्बख़्त मुँह से एक लफ्ज़ नही निकल पा रहा था वो चाहती थी कि वो अपनी मा को उसपर हुए ऊन रातो के ज़ख़्म जो इस ज़ख़्म से भी घातक थे वो बताना चाहती थी ना जाने क्यू उसकी ज़िंदगी ने यू करवट ली और उसको अपनी ज़िंदगी का सबसे खौफनाक वक़्त काटना पड़ा

डॉक्टर ने कहा बेटा डॉली अभी तुम कुछ नही कह सकती तुम्हारे गले में भी काफ़ी चोट है ज़्यादा बात मत करो

डॉली के रूम में वो शक्स घुसा और उसने एक ही झटके में माहौल एकदम गरम कर दिया

एक्सक्यूस मी सर.

डॉली की मा ने पीछे मूड के उस शक्स पर अपनी नज़र दौड़ाई

शॅक्स ने एक वर्दी पहेन रखी थी और वो ए सी पी था अरे आप यहाँ

डॉली की मा – अच्छा हुआ आप यहाँ आ गये मेरी बेटी का एक आक्सिडेंट हुआ था

शॅक्स ने कहा हां मैं जानता हू तभी तो मैं तफ़तीश के लिए आया हू आपकी बेटी से मुझे बात करनी है

डॉली अपनी मा को देखते हुए फिर उसकी तरफ देखती है

डॉली की मा – देखिए डॉक्टर ने अभी डॉली को बोलने से मना किया है वो इस वक़्त बहुत बुरे हालातो से गुज़र रही है और मैं नही चाहती कि उसपर अब और दबाव पड़े

शख्स ने डॉली के चेहरे को गौर से देखा और बेटा डरो मत मेरा नाम धरम है मैं ए सी पी हू …………डॉली की आँखें ख़ौफ़ से डर गयी और उसकी आँखें मानो बाहर सी आने लगी……..अर्रे डॉक्टर प्लीज़ चेक वॉट’स हॅपनिंग वित हर ?? इनस्पेक्टर ने कड़कते हुए कहा

डॉली की मा – डॉली बेटा क्या हुआ क्या डॉक्टर प्लीज़ जल्दी इसे देखिए

डॉक्टर ने उसकी नब्ज़ को चेक किया और फिर उसके ब्लड में एक इंजेक्षन चढ़ाया………..बस बस आप लोग बाहर चलिए

डॉली की मा धरम के साथ बाहर आई

धरम ने हैरानी से कहा – क्या बात है यह ऐसे क्यू बिहेव कर रही थी मेरे इनस्पेक्टर बोलने से ये सहम गयी ईज़ एनितिंग रॉंग ??

डॉली की मा – पता नही एक तो ये परसो से लापता थी और मुझे इसने कॉल भी करके कहा कि मैं अपने दोस्त के यहाँ हू और बीमार हू

धरम – ये वक़ीया कब का है

डॉली की मा – करीब परसो परसो से……..इसके बाद आज सुबह ही मेरी एक लड़के से बात हुई जो अपने आपको डॉली का दोस्त बता रहा था उसने कहा कि डॉली उसके पास है और आज डॉली घर आ रही है

धरम – स्ट्रेंज बल्कि आक्सिडेंट के वक़्त तो कोई नही था हम ने ट्रक ड्राइवर से पूछताछ की वो पीया हुया था उसने ट्रक ढंग से नही चलाई और ये हादसा हो गया चलो शूकर है कि आपकी बेटी सही सलामत है पर वो लड़का तो जीप पर बैठा नही था डॉली अकेली ड्राइव कर रही थी और जीप तो ऐसे खाक बन गयी कि मालवा चेक भी नही किया जा सकता ठीक है मैं उस लड़के की छानबीन करता हू जो डॉली को अपना दोस्त बता रहा था मुझे तो लगता है कि ये सारी गड़बड़ उसी लड़के ने शुरू की है तब तलक के लिए मुझे जाने दे

क्रमशः…………………………….

 
मैं तेरा आशिक़--10

गतान्क से आगे………………………..

धरम माथे पर शिकन लाते हुए वहाँ से निकल गया एसीपी ने हवलदार से कहा अच्छा वो सुभास शर्मा की मौत का कुछ पता चला

हवलदार – नही साहेब साँप ने तो उसके पूरे शरीर को गला सा दिया था

धरम – स्ट्रेंज और वहाँ पड़े शर्ट और उस मीट चाकू से कुछ पता चला

हवलदार – नही साहब उस पर तो कोई हाथ के निशान भी नही मिले खून ही हुआ है सर पक्का प्लानिंग किया गया था

धरम ने सोचते हुए कहा – खून जंगल की साइड हुआ है एक अबॅंडंड कॉटेज में स्ट्रेंज केस किसके हाथ में है

हवलदार – कोई राज है सर इनस्पेक्टर है उसे ही उस एरिया की रेस्पॉन्सिबिलिटी दी गयी है

धरम ने कहा स्ट्रेंज अब तो इस इनस्पेक्टर राज से ही केस के बारे में बात करनी पड़ेगी वो रहता कहाँ है ????

आआआआआअहह आआआआअहह……….तेज़ तेज़ चीखो से दहाड़ रहा था राज आआआअहह डॉल्ली डॉल्ली नहिंन्नणणन् तुम मुझे छोड़के कहीं नही जा सकती हो तुम मेरी हो सिर्फ़ मेरी आआआअहह तुम आज तो भाग गयी पर कल तुम्हे मैं फिर दबोच लूँगा

राज की आँखें एक दम लाल थी और अपने आपको वो चाबुक से मार रहा था हर तरफ मोमबत्तिया जल रही थी जो माहौल को और भी डरावना बना रही थी राज पागल सा अपने आपको ज़ोर ज़ोर से मार रहा था उसके पूरे शरीर पर खून के निशान बन चुके थे

राज मारते मारते थक गया उसका शरीर लहू लुहान हो गया और वो फर्श पर ही लेट गया

तभी सामने रखा फोन बज उठा

राज ने फोन को देखा और लन्गडाते हुए उठा डॉली के दिए हुए वो ज़ख़्म अब भी उसके पास थे राज लंगड़ाता हुया फोन के पास गया और फोन उठाया

हेलो

अरे साहिब आपका हवलदार बोल रहा हू ?

बोलो क्या खबर है ??

साहेब आपसे ए सी पी धरम सुभास शर्मा के केस के लिए मिलना चाहते है

क्या ??? अब ये मादर्चोद कौन है ???

साहेब दिल्ली के टॉप पोलीस मेन में से है

आइ डॉन’ट केर वो जो भी है केस मैं हॅंडल कर रहा हू उसे क्या चाहिए ??

वोई तो साहेब वो सोच रहे है कि आप केस में ढील दे रहे है

क्या ??? ठीक है कब मिलना चाहते है मुझसे ??

सर वो कल सुबह ही पोलीस स्टेशन आ रहे है

आने दो उसे मैं कल पहुच जाउन्गा ठीक है डॉन’ट कॉल मी अगेन आइ आम टाइयर्ड

सर सर एक बात और जंगल के कुछ ही दूर शहेर के रास्ते एक जीप का आक्सिडेंट हुया है हम वेरिफाइ नही कर पा रहे वो जीप है किसकी सर पता चला है शर्मा इंडस्ट्री के मलिक की बेटी डॉली हां डॉली वो है सर वो इस वक़्त सिटी केर हॉस्पिटल में भरती है आप चाहे तो मिल लीजिए
 
राज की आँखें एक दम से हैरान हो गयी और सब बाते अपने आप दिखने लगी

राज – अच्छा अच्छा तो खबर पक्की है

बिल्कुल पक्की सर कभी झूठ नही कहा सर वैसे आप इतने हैरान क्यू है

राज – वो जानने वाली है और जानने वाले को कोई कैसे भूल सकता है कल मैं पोलीस स्टेशन पहुचता हू

राज की वो कातिल मुस्कुराहट फिर छा गयी और ज़ोर ज़ोर से हँसने लगा हाहहहहहहहहहा आहाहहहहहहहा

देखा मेरी जान तुम मुझसे जितना दूर जाओगी मुझे उतने करीब पओगि शायद ये ऊपर वाले का मुझपर रहम है कि मैं तुम्हे फिर पा सकता हू मेरी जान अब मैं तुमसे दूर नही तुम नही मरी हाहहहहहा मेरी तो साँसें अटक गयी थी और मेरे बगैर तुम मुझसे दूर थोड़ी ही ना जा पओगि मेरी जान हाहहहहहाहा ह्म्‍म्म्मममममम म्‍म्म्ममममममम ह्म्‍म्म्ममममममम

प्यार माँगा है तुम्ही से ना इनकार करो प्यार माँगा है तुम्ही से हाहहहा ना इनकार कारूव हाहहहहहाहा खुद को मेरे कर्रेब लाकर दूर ना करूऊ हाहहहहाहाः मुझे प्यार कारू मुझे प्यार कारू

राज अपने गुनगुनाते हुए वापिस रूम से बाहर निकल गया

सुबह हो चुकी थी एक नयी सुबह की रोशनी डॉली के चेहरे पर पीछे से आ रही खिड़कियो से पड़ी डॉली ने अपनी आँखें खोली जिसमे मौत के अंधेरे से दूर एक नयी ज़िंदगी की रोशनी थी डॉली ने अपने सिरहाने के पास अपनी मा को देखा जो उसके जागने के लिए वही पर सो चुकी थी डॉली ऊन्हे जगाना चाहती थी पर शायद ऑक्सिजन मास्क की वजह से वो बात नही कर सकती थी

राज तेज़ी से दौड़ता हुआ पोलीस स्टेशन पहुचा और सीधे अंदर घुसा जहाँ हवलदार ने कहा सर आपकी जीप कहाँ है ?

राज – वो दरअसल खराब हो गयी थी गॅरेज में दी है हां वो हरामी आया क्या??

हवलदार – आपके कॅबिन में वेट कर रहे है

राज झट से अंदर घुसा – हेलो सर ?

ए सी पी धरम एक दम पीछे मुड़ा और कहा तो आप आ गये जनाब पोलीस स्टेशन 24 घंटे खुला रहता है और आप जैसे लोग यहाँ ना होकर जुर्म को और बढ़ने की दस्तक देते है जानते है आप ?

राज चुप हो गया था – नो नो सर वो आज मेरी जीप खराब हो गयी दट’स वाइ मुझे इतना वक़्त लग गया

ए सी पी धरम – ह्म्‍म्म्म अच्छा तो कुछ पता चला कातिल कौन है ??

राज – सर कातिल कैसा कातिल सर ?

ए सी पी – ओह अब आप केस भी भूलने लगे है

राज – नो सर ऐसा नही है

ए सी पी – तो फिर क्या है राज आइ आम टॉकिंग अबौट दा मर्डर केस ऑफ सुभास शर्मा ध्यान कहाँ है आपका ?........ए सी पी ने चिल्लाते हुए कहा

राज – सॉरी सॉरी सर वो कातिल का अब तक सबूत मिला तो है लेकिन एक मीट चाकू से ना तो उस पर वार किया गया है और ना ही उस शर्ट से कोई उसका सुराग मिला है सर हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे है

ए सी पी धरम – ह्म्‍म्म्ममम पूरी कोशिश राज अगर आपको अपना नाम उन पोलिसेवालो की लिस्ट में नही डालना जिन्होने अपनी वर्दी का ग़लत फायेदा उठाया और कितने मुज़रिमो को भागने का मौका दिया तो फिर आप इस पोलीस और इस वर्दी से रेजिग्नेशन दे सकते हो

राज – नो सर कभी नही ये वर्दी मैने जुर्म को रोकने के लिए पहनी है आंड आइ आम सॉरी कि मैं पर्सनल प्रॉब्लम्स को फेस कर रहा हू मैं इस केस में खूनी का पता लगाके रहूँगा

ए सी पी ने उसे घूर कर देखा और कहा ह्म्‍म्म स्ट्रेंज कैसा पर्सनल प्रॉब्लम बीवी से झगड़ा या बाहरवाली के साथ कोई चक्कर और या रिश्वत

राज अब अपने गुस्से को कंट्रोल नही कर पा रहा था – सर आप मुझे ग़लत समझ रहे है आइ आम नोट आ करप्ट ऑफीसर और वैसे भी मेरी अब तक शादी नही हुई

ए सी पी – ठीक है मैं आपसे सिर्फ़ इतना चाहता हू कि खूनी तक पहुचने की कोशिश करो ना कि पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को बीच में लाओ और हां उस जीप के मलवे का कुछ पता चला

क्या नाम है उस लड़की का हां डॉली डॉली शर्मा ये उसकी जीप नही है वो अभी भी सिटी केर हॉस्पिटल में भरती है उसकी जान जाते बची है और मैं चाहता हू इन हो रही वारदाटो का किस्सा तुम्हे ही ख़तम करना है अंडरस्टॅंड नाउ यू कॅन वर्क आंड आइ हॅव टू गो फॉर आ केस

राज ने धरम को अपने बगल से गुज़रते हुए देखा और राज गुस्से में अपनी मुट्ठी कस्के टेबल पे मारा

राज – डॉली डॉली ये तुमने क्या किया ?? मुझे मौत के मुँह में घसीटने का बड़ा शौक था ना अब तुम जानोगी कि मुसीबत का दूसरा नाम राज है मैं तुम्हे पाकर ही रहूँगा
 
ए सी पी जीप चलाने लगा और मन ही मन बातो को सोचकर उसके माथे पर शिकन की ल़हेर दौड़ गयी – ह्म्‍म्म्म स्ट्रेंज डॉली का आक्सिडेंट होना सुभास शर्मा का दर्दनाक मौत जिसमे कातिल कोई है ये वारदात उससे एक दिन पहले हुई स्ट्रेंज वो भी जंगल के रास्तो पर आख़िर माज़रा क्या है

राज – नही नही ये भोषड़ी वाला तो पीछे ही पड़ गया अगर इस वक़्त मैं डॉली को ढूँढने हॉस्पिटल जाउन्गा तो ये मादर्चोद भी वोई होगा अब मुझे किसी तरीके से इस केस को खुद हॅंडल करना होगा पर कैसे कैसे ?

राज सोच में डूब गया और इधर उधर चक्कर काटने लगा अभी राज सोच ही रहा था कि हवलदार कॅबिन में आया…………सर सर आपसे केस के बारे में कुछ बात करनी है …………..सस्स्शह ओह शट अप मैं कुछ सोच रहा था ना कह क्या है ?............सर खबर पक्की मिली है वो सुभास शर्मा किसी आतंकवादी टेररिस्ट ग्रूप के बारे में कुछ ही दिनो में खुलासा करने वाला था शायद ये भी उसकी मौत की वजह हो सकती है……..राज का सर ठनका और उसने कहा अरे हां मैने तो ये सोचा ही नही तुमने बड़ी खबर नही बल्कि मेरे लिए एक गोलडेन चान्स दिया है…….हवलदार हैरानी से बोला – क्यू सर……अरे भोशॅडी के सुभास आतंकवादी के बारे में पता लगा रहा था और ये नया ए सी पी जब से आया है बेहेन्चोद मेरी मा बेहन एक करने पे उतारू है साले को डीटेल देना पड़ेगा……….हवलदार सर डीटेल………….हाहहाहा अबबे बेवकूफ़ खड़े लंड पे मुक्का हहाहहहा………हवलदार भी राज के साथ हँसने लगा और कहा तो सर आप तो ऐसे प्लान बनाते हो जैसे आप ही ने ही सुभास का क़तल किया हो और बात को दबा रहे हो…………अबबे मादर्चोद पागल है कभी तो सोच समझकर बोला कर वरना वो तो मुझे वर्दी से उतरवाएगा ही तू अपनी वर्दी भी खो देगा और सुन ये बात हम दोनो से बाहर लीक नही होनी चाहिए…….और वैसे भी रिपोर्टर्स क्या कर लेंगे एक दो ताना मारेंगे मुझे उसकी चिंता नही मुझे तो अपने प्यार की चिंता है हाहहहहहहाआ ह्म्‍म्म्ममममममममम म्‍म्म्मममममम

डॉली ने धीरे धीरे अपनी आँखें खोली जहाँ मा उसको अपने हाथो से खिला रही थी डॉली ने अपनी मा का यह प्यार देखा बचपन की याद आ गयी जब उसके मा और बाप सब साथ मिलकर ऐसे खाया करते थे पर खिलते फूलो को मुरझाने में कब वक़्त निकल जाए पता ही नही चलता

तभी वो शक्स अंदर आया उसके हाथो में फ्लवर बास्केट था और साथ में एक औरत भी थी

और तभी वो पास आकर कहता है

गुड मॉर्निंग मॅम गेट वेल सून

डॉली ने उनकी तरफ देखते हुए बस अपना सर मुस्कुरातें हुए हिलाया

सुधीर – मिस डॉली जी आपकी खबर सुनते ही हम फ़ौरन दौड़ते दौड़ते आए

ललिता – गेट वेल सून मेरी तरफ से ये फूल

डॉली की मा ने दोनो से वो गुलदस्ते लिए और उन्हे थॅंक यू कहा

डॉली की मा – आप लोगो को यहाँ देख कर बहुत अच्छा लगा

ललिता – जी माजी आपकी डॉली से ही तो ऑफीस जुड़ा है वैसे ये आक्सिडेंट हुआ कैसे

डॉली सोच में डूब गयी

सुधीर – ये भी कोई वक़्त पूछने का ललिता

ललिता – सॉरी सॉरी मॅम

डॉली की मा – नो नो इट्स ऑलराइट

सुधीर ललिता को गौर से देख रहा था

सुधीर ने कहा मॅम ये अभी कुछ कह सकी

डॉली की मा – ना डॉक्टर ने इसे बोलने मना किया है और वैसे भी भगवान ने इसे बचा लिया और मुझे क्या चाहिए मैं तो हरपल यहीं प्रार्थना करती हू कि ये जल्द से जल्द ठीक हो जाए

ललिता- अरे ये ठीक हो जाएँगी आख़िर पूरा ऑफीस इनके लिए प्रेयर करेगा पता है आपको पहले दिन ही डॉली जी ने सबका दिल जीत लिया था आइ मीन कि ऑफीस को ऐसे हॅंडल किया जैसे कितने सालो का एक्षपीरियंस हो
 
सुधीर डॉली को देखते हुए जानता था कि ललिता ताना शाही करने से बाज़ नही आएगी

सुधीर ने कहा अच्छा मॅम तो अब इज़ाज़त दीजिए ओके

डॉली ने सिर्फ़ अपना सर हिलाया और दोनो कमरे से बाहर निकले

सुधीर तुम्हे कितनी बार मना किया है वो हमारी बॉस है कोई स्टाफ नही जिसके सामने तुम बस शुरू हो जाती हो ललिता

ललिता – उफ्फ बॉस हो या मॅनेजर आइ डॉन’ट केर वैसे भी इसके आने से मेरा पत्ता तो कट ही चुका है ह्म्म मुझे क्या मैं तो सिर्फ़ तुम्हारे कहने पर फॉरमॅलिटी निभा रही थी

सुधीर – ठीक ठीक है चलो चलें

एक्सक्यूस मी बोथ ऑफ यू गायज

सुधीर और ललिता जैसे पीछे मुड़े सामने वर्दी में खड़ा ए सी पी धरम बड़ी गौर से देख रहा था

धरम – तो आप दोनो ऊन्के ऑफीस में काम करते है

ललिता – जी जी हां

धरम – वैसे आप जानते है जो डॉली जी से मिलने आया था

ललिता – नो सर ऐसा कोई स्ट्रेंज पर्सन तो डॉली जी से मिलने नही आया

सुधीर – आइ आम डेफनेट्ली शुवर सर क्यूंकी आधा टाइम तो मैं डॉली जी के कॅबिन में ही होता था ऐसा कोई पर्सनल इंसान डॉली जी से नही मिल सकता

धरम ने आँखें तिर्छि करते हुए कहा स्ट्रेंज! इट’स ओके आप लोग जा सकते है

सुधीर – थॅंक थॅंक यू सर

धरम अपने में ही खोया हुआ था डॉली का आक्सिडेंट किसी और की जीप में हुआ स्ट्रेंज वेरी स्ट्रेंज और फिर उसी जंगल बीचो बीच एक वारदात मुझे कुछ कुछ इन दोनो में क्या सेम लग रहा है समझ नही आ रहा

धरम ने अपनी जेब से मोबाइल निकाला और पोलीस स्टेशन कॉल किया हेलो हां बात सुनो देखो मैं सुभास शर्मा का जहाँ मर्डर हुआ चेक एवेरी थिंग कोई भी चीज़ दिखे तो मुझे बताना और हां कोई भी सबूत बस मुझे सिर्फ़ उसके तिनके की ही तलाश है जो मुझे खूनी तक पहुचाएगा ठीक ठीक है आइ विल कॉल यू लेटर

ललिता – आख़िर ऐसी क्या बात है जो वो पोलीस वाला हम से पूछ रहा था

सुधीर – ओह शट अप मुझे तो लगता है ये आक्सिडेंट में कोई ना कोई साज़िश है और तुम अपनी चूत का दरवाजा यहाँ मत खोलना उसे लेने की दूर कोई उस पर देखेगा भी नही समझी ज़्यादा आगे आगे मत बोला करो

ललिता –अछा तुमने तो मुझे पूरा रंडी समझ लिया पर जानते भी हो मैने कुछ नही किया जो सोचना है उसे सोचने दो चलो यहाँ से

डॉली की मा के पास डॉक्टर आया

डॉक्टर – तो हॅव यू फील बेटर नाउ डॉली ? देखिए मेडम आपकी बेटी कुछ दिन तक यहीं रहेगी इसकी हालत में थोड़ा सुधार आएगा तब हम इसे डिसचार्ज करेंगे अदरवाइज़ शी ईज़ स्टिल इन वीकनेस ऑलराइट

डॉली की मा – ठीक है मैं समझ गयी

क्रमशः…………………………….

 
मैं तेरा आशिक़--11

गतान्क से आगे………………………..

डॉक्टर के जाने के बाद………..डॉली की मा ने डॉली की तरफ देखकर कहा बेटा डॉली सच्चाई क्या है ये मैं भी नही जानती बेटा जो भी बात हो मुझसे कहना ठीक है डॉली तो बस अपने ऊन्ही खौफनाक ख्यालो में खोई हुई थी जिसमे सिर्फ़ दर्द डर और दुख एक अलावा कुछ नही था जो सितम राज ने उसके साथ किए थे वो शायद पल पल करके घाव की तरह उसके जिस्म पर आ रहे थे उसकी इज़्ज़त रुतबा सब कुछ उसने चुरा लिया था

इनस्पेक्टर चुपके से डॉक्टर के पास गया और कहा डॉक्टर लिसन टू मी

डॉक्टर – जी कहिए…………….देखिए ये बात हम दोनो के बीच में रहनी चाहिए मैं आपसे एक फेवर चाहता हू……..वॉट कॅन आइ हेल्प यू सर कहिए?..........देखिए ये तो बात साफ है कि ये आक्सिडेंट कोई जल्दबाज़ी या ग़लती से नही हुआ ग़लती ट्रक ड्राइवर की थी और इस वक़्त डॉली उस सिचुयेशन में नही है कि वो कुछ बता सके सो मुझे उसके बॉडी के रिपोर्ट्स चाहिए जो सिर्फ़ आप कर सकते है……….व्हाट ? सर ये इल्लीगल है हम किसी से बिना पूछे उनके बॉडी टेस्ट रिपोर्ट्स बताना इट’स क्वाइट डेंजरस………..देखिए आप चिंता मत कीजिए सब मुझपे छोड़ दीजिए देखिए आप तो जानते है कि हम पोलिसेवाले जब तक तह तक ना पहुचे एक पत्ते पर भी नज़र रखते है और वैसे भी रिपोर्ट्स से यह सॉफ हो जाएगा कि डॉली सच में दोस्त के घर पर थी या उसके साथ इतने दिनो में कुछ हुआ था मैं आपको पूरा यकीन दिलाता हू बात हमारे बीच में ही रहेगी इट’स माइ प्रॉमिस………… डॉक्टर ने ए सी पी के चेहरे को देखकर कहा ओके सर मैं यह करूँगा बॅट प्लीज़ बी शुवर आप यह बिना पूछे उनके अगेन्स्ट सही ही कर रहे है…….. डॉक्टर आइ आम अपस्युटली शुवर आप बस टेस्ट रिपोर्ट्स बनवाइए आगे मैं संभाल लूँगा और यह रिपोर्ट्स सीधे मेरे पास आने चाहिए ना कि उनकी मोम के पास पहुचे…. डॉक्टर इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा ओके सर………ऑलराइट आप जा सकते है

ए सी पी धरम के दिमाग़ में जो कुछ चल रहा था वो डॉली को गहराई तक जानना चाहता था उधर राज अपने नये मोहरे की तलाश में था

राज अभी जीप से घर आया और तकरीबन उसने अपने कॉलर को थोड़ा ढीला किया और दरवाजा खोलकर जाके सोफा पर बैठ गया राज ने अपनी ग्रीन कलर की वर्दी वाले शर्ट को उतार फैका अब उसकी बॉडी एकदम सॉफ दिखाई दे सकती थी जो किसी को भी पागल कर सकती थी

राज उठा और उसने इधर उधर देखा और अपनी पॅंट उतार दी एक सिसकारी लेके उसने अपने दांतो को दबाया और अपने जाँघ पर लगे उस ज़ख़्म की पट्टी खोल डाली जिससे अब खून आना बंद हो गया

राज – डॉली अच्छा ज़ख़्म दिया तुमने मेरे प्यार में मैं समझता रहा कि तुम मुझसे बहुत प्यार करती हो बट आइ वाज़ मिसटेकन अट दट मोमेंट उसी वक़्त तुम्हे अपने हाथो से मार देना चाहिए था तुम उसकी तरह नही हो सकती तुम्हे तो मैं अपना बनाके ही रहूँगा ये मेरा वादा है तुमसे राज का डॉली ये वादा रहा

राज की जाँघ पर खून के थोड़ी ज़ख़्म थे और चाकू उसकी गहराई तक नही पहुचा था इसलिए वो ज़्यादा घायल नही हुआ

उधर डॉली अब भी सोच में डूबी थी और उस खौफनाक पॅलो को याद कर रही थी जब राज ने उसके साथ कितना बुरा किया उसके जिस्म पर वो ज़ख़्म छोड़ दिए जो शायद डॉक्टर भी ना इलाज कर सके डॉली सुभास की मौत को याद करने लगी ऊन यादो को याद करने लगी जब वो चीख रहा था उसके बाद उसने अपना बदला डॉली के जिस्म से निकाला और उसके शरीर पर धार धार नोकिले टॅटू मशीन से जो निशान बनाए उसमे डॉली कितनी चीखी थी और कितनी बार तदपि थी

डॉली को वो सब बाते याद आती और वो चिल्लाने की कोशिश करती पर उसकी चीख मुँह में क़ैद दब जाती

डॉली फिर से रोने लगी पर इस बार शायद उसकी मा उसको सहारा देने के लिए वहाँ नही थी डॉली ने झट से एक डिसिशन लिया कि चाहे जो भी हो वो ए सी पी धरम को अपनी सारी दास्तान बता देगी चाहे वो राज उसकी जान भी क्यू ना लेले अब वो पीछे नही हटेगी

धरम अब भी पोलीस स्टेशन में बैठा था और कुछ गंभीर सोच में डूबा था इतने में न्यूज़ रिपोर्टर्स के चिल्लाने की आवाज़ सुनकर उसने फाइल टेबल पर रखी और बाहर निकला

एक आँखें को तिरछी करते हुए वो रिपोर्टर्स को देखने लगा…………

रिपोर्टर्स- क्या सर आप बताएँगे के ये सब क्या है एक वेल नोन रिपोर्टर की हत्या और ना ही उसको इंसाफ़ मिल रहा है और ना ही उसके मर्डर मिस्टरी के बारे में बताया जा रहा है आख़िर ये हो क्या रहा है……….

धरम – एक मिनिट एक मिनिट विल यू ऑल प्लीज़ काम डाउन फॉर जस्ट आ सेकेंड आइ विल टॉक टू यू देखिए सुभास शर्मा की मौत किसी आक्सिडेंट से नही हुई बल्कि उसका कतल हुया और हमारी काबिल पोलीस टीम ये पता लगाने में जुटी हुई है इसलिए आप प्लीज़ शांत हो जाइए पता लगने पर आपको सबकुछ बता दिया जाएगा इंसाफ़ ज़रूर होगा……

.सर सर ये तो आपलोगो का रोज़ का नाटक है केस को ढील देते है और बाद में उसे शूसाइड या आक्सिडेंट डिक्लेर कर देते है……………

.धरम की आँखें उसी शक्स को घूर रही थी और वो तेज़ कदमो से उसके पास जाता है और कहता है बस कह दिया जो कहना था आपको आपको तो बस चटपटी खबर चाहिए अपनी प्रमोशन्स के लिए वरना आपके हेड ऑफ न्यूज़ चॅनेल खुश कैसे होंगे आप लोग यहाँ इंसाफ़ के लिए नही बल्कि अपनी खबर निकलवाने आए है किसी पर किचॅड फैक्ने आए है पर आप जैसे मच्छरों से मैं बाद से करने से अच्छा अपने काम पर ध्यान देना ज़्यादा ज़रूरी समझता हू आप लोग आप लोग तो ऐसे है कि जब किसी साधारण आदमी का कतल होता है तो रिपोर्टर क्या वहाँ एक कॅमरा मेन भी नही होता हर साल देश में करीब लाखो लोग मरते है करोड़ो लोग मरते है पर कुछ लोग ऐसे है जिनकी मौत पर आप लोगो को बुलाया ही नही गया ये आप लोगो की सोच है एक रिपोर्टर का कतल हुया ये बात किसको हाज़ाम होगी इतनी जल्दी इसलिए तो आप मेरे पास आए है आप सब जैसे लोगो के चलते पोलीस पर गवर्नमेंट लोगो पर किचॅड उछाला जाता है आपके न्यूज़ चॅनेल पर ऑल टाइम 24घंटे स्पोर्ट्स और सेलेब्रिटी और मूवीस की ही खबर बताई जाती है क्यूंकी वो हस्तिया और आम लोग हस्ती नही बल्कि सड़को पर चलते फिरते कीड़े है …………
 
रिपोर्टर – आप कहना क्या चाहते है?..........

मैं सिर्फ़ इतना कहना चाहता हू कि हम अपना काम बखूबी कर रहे है और केस में कोई ढील देने का सवाल नही है हम ने आज तक सारे केस अच्छे से लड़े है और इस केस में भी कातिल पकड़ा जाएगा…….अब जाइए जितनी बात मैने आपको कहीं वो भी फ्लश कर दीजिएगा और मेरे उपर जीतने चाहे इल्ज़ाम और कीचड़ फैंकीएगा बिकॉज़ आइ डॉन’ट केर आइ डॉन’ट गिव आ शीत अबाउट युवर क्वेस्चन्स इंटरव्यू ईज़ ओवर

धरम खड़कते हुए वापिस पोलीस स्टेशन में चला गया और बाहर खड़े हवलदार और बाकी पोलिसेवालो ने रिपोर्टर्स को रोके रखा

धरम का कॉल बेल बजा

- यस ए सी पी धरम स्पीकिंग

हेलो मैं इनस्पेक्टर राज बोल रहा हू सर

हां कहो राज

सर खूनी कोई आतंकवादी संगठन से है मैने दोपहर में ही जाके ये बाद पता की थी उस जगह पर मुझे कुछ 3-4 लोगो के पैरो के निशान दिखे है सर

धरम – व्हाट? इतनी बेरेहमी से आतंवादियो ने मारा नही नही इट’स फॉल्स

राज – आइ आम डॅम शुवर सर मैं झूठ नही बोलूँगा आपसे खूनी कोई आतंकवादी संगठन का है

धरम – ठीक है तब तो यह बात हमे सरकार तक पहुचानी होगी ठीक है सबूत लेलो आगे की तफ़तीश अब क्राइम ब्रांच करेगी अब ये उनका मामला है

राज – ठीक है सर बाइ

राज ने एक नज़र दीवार की ओर देखते हुए कहा धरम अब्बे कुत्ते तुझे क्या लगा कि मैं अपने किए हुए खून को मान लूँगा ह्म्‍म्म्मम कभी नही अब डॉली से मुझे कोई जुदा नही कर सकता ये मोहरा तो मैने चल दिया अब बारी है डॉली को अपने शिकंजे में लेने का हाहहहहाहा डोल्लय डॉली आइ आम कमिंग फॉर यू

करीब 15 दिनो तक ये केस चलता रहा और धरम ने ऑन फिंगरप्रिंट्स की जाँच की जो किसी आतंकवादियो से मिल रहे थे क्यूंकी हाल ही में हुए हमले मे आतंकवादियो ने वैसा ही निशान छोड़ा था और अब धरम ने सबको ये यकीन दिलाया की खून टेररिस्ट्स ने किया है और राज को मौका मिल चुका था अपने खेल से आगे चलने का

केस ठंडा पड़ते ही राज ने तुरंत अपने पहला कदम डॉली के हॉस्पिटल पर रख दिया था

डॉली अब इस बात से बेख़बर थी कि उसकी ज़िंदगी मे फिर एक तूफान उठने वाला है डॉली सोई हुई थी कि तभी डॉली की मा आई और उसे कहा कैसी हो बेटा

डॉली ने सिर्फ़ सर हिलाया पर उससे कहने के लिए कोई शब्द नही थे डॉली की मा उसके पास आई और उसका सर हिलाने लगी

डॉली की मा ने कहा तुम्हे यहाँ 15 दिन हो गये है और तुम्हारी हालत में भी काफ़ी सुधार आने लगा है

डॉक्टर कॅबिन में आया और कहा आप इन्हे कल ही डिसचार्ज कर सकती है पर इनके कुछ रिपोर्ट्स अभी बाकी हैं सो मॅम प्लीज़ लेट दा रिपोर्ट्स गोयिंग फर्स्ट

डॉली की मा – ठीक है

डॉक्टर धरम के कहने के मुताबिक उसके जिस्म की जाँच के लिए ले गया ये बात डॉली अच्छे से जानती थी पर शायद इस बात की भनक उसे लगी नही थी कि उसके मेडिकल रिपोर्ट्स का होगा क्या

पर शायद बाहर खड़े उस शक्स की आँखें अब डॉली को गौर से देख रही थी उसने छुप छुप कर डॉली को देखा वो और कोई नही राज था जो हॉस्पिटल पहुच चुका था अब उसके सामने एक ही बात थी डॉली को पाने की उसकी हसरत

डॉली को उसके सामने से ही मेडिकल रूम में ले जाया गया राज अब भी डॉली को घूर घूर के आगे से जाते हुए उसे देख रहा था

राज – ह्म्‍म्म्ममम डॉली की रिपोर्ट्स कहीं ये उसकी मेडिकल रिपोर्ट्स की बात तो नही कर रहे थे ह्म्म ज़रूर इस बात पर किसी का ध्यान तो नही गया होगा पर मैं जानना चाहता हू आख़िर एक घटना में किसी के जिस्म की छानबीन ये लोग क्यू कर रहे है या इनसे कोई करवा रहा है ओह हां याद आया वो मादर्चोद ए सी पी तो इसी केस में झाँक रहा है कहीं ये सारा माजरा उसी का तो नही जो भी हो अगर इनके हाथो वो मेडिकल रिपोर्ट्स लग गयी तो शायद मेरे गले पर फाँसी का फँदा लटका रहेगा और अगर डॉली ने यह बात कबूल दी तो नही नही डॉली को इतने जल्दी मैं जाने नही दे सकता हाथ से बस इस टेस्ट के बाद मेरा अगला मोहरा शुरू हो जाएगा हाहहहहहहहा

राज अभी तक बाहर से सबकुछ देख सकता था डॉली के जिस्म को उन नर्सों ने एक ही झटके में नंगा कर दिया जिसे देख डॉक्टर और नर्सो की आँखें फॅट गयी

नर्स – ओह एम्माइ मयी इतना सारा टॅटू क्या ये इन्होने बनवाया है

डॉक्टर – रूको एक मिनिट इन निशानो को इस ढंग से बनाया है जिससे लगता है इनके जिस्म के हिलने से उस वक़्त ये बिगड़ गया होगा पर ऐसे निशान तो काफ़ी धार धार नोकिले टॅटू मशीन से किए होंगे नर्स ब्लड का एक सॅंपल लो

नर्स – जी सर

डॉक्टर – और तुम सिस्टर इसे तुरंत एक्स रे स्कॅन में डालो
 
इसी वक़्त राज ये सब नज़ारा बाहर से आराम से देख सकता था जो वो जान चुका था कि इन्हे उसके जिस्म पे हुए दर्दो का पता लग जाएगा

राज – नही ये मुझे फाँसी पे लटकाने की पूरी तैयारी करे इससे पहले ही मैं इन्हे ऐसा होने नही दूँगा ये रिपोर्ट्स किसी तरीके से अपने हाथो में लेना है मुझे पर कैसे लू??

राज वहाँ तक 1 घंटा खड़ा रहा और अंदर के सारे नज़ारे को देखते रहा……………..उधर जीप से उतरकर ए सी पी धरम अपनी टाइट वर्दी में भारी कदमो से चल रहा था वो जल्दी मे सीडियो से चढ़ने लगा तभी वो पास में खरे वॉर्ड बॉय से पूछा डॉली रूम में नही है क्या उनका डिसचार्ज हो गया ???

वॉर्ड बॉय – नही सर वो उपर के फ्लोर पर ले गये है………..कोई एमर्जेन्सी………….नही सर उनके कुछ टेस्ट्स बाकी थे इसलिए उन्हे उपर ले जाया गया…………

.वेट कौन से फ्लोर में लेके गये है उन्हे……………

.4थ फ्लोर मेडिकल रूम……………..ह्म्‍म्म्म इस वक़्त उनके साथ उनकी मा है……….

नही सर वो शायद ज़रूरी काम से आधे घंटे पहले चली गयी थी…………

.ग्रेट तुम जा सकते हो……………….

धरम – जैसा मैने सोचा था वैसा ही हुआ डॉक्टर अब मेरा काम कर रहा है कुछ देर बाद वो मेरे हाथ में मेडिकल रिपोर्ट्स भी ले आएगा मैं भी वही जाता हू

धरम के बढ़ते कदम सीधे एलिवेटर के पास जाके रुके और उसने अंदर जाकर 4थ फ्लोर का बटन दबाया उसके साथ कुछ और पेशेंट और करम्चारि भी अंदर घुस्स गये जिससे लिफ्ट में लगभग भीड़ थी पर 6फ़िट का होने से धरम उनसे लंबा था

एलिवेटर रूम बंद हुआ अब भी अंदर के नज़ारे को अपनी तिरछी निगाहों से देख रहा था राज इस पल की भी खबर ना थी कि धरम वही आ रहा है डॉली अब भी बेहोश थी और जिस्म पर एक हरा कपड़ा ही था वो अंदर से पूरी नंगी थी

डॉक्टर की नज़र भी उसके संगमरमर के जिस्म पर पड़ी और उसके मुँह से भी सिसकारी निकल गयी आहह सामने खड़ी दोनो नर्स डॉक्टर को घूर्ने लगी डॉक्टर ने कहा व्हाट ? मेरा क्या मुँह देख रहे हो जल्दी काम पर ध्यान दो राज डॉक्टर को उसके छूने से अपने दाँत भीच लेता धरम भारी कदमो से 4थ फ्लोर में चलने लगा था उसके कदम मेडिकल रूम की तरफ आ रहे थे और उधर खड़े राज की नज़र तो बस खा जाने वाली नज़रो से डॉक्टर को देख रही थी

राज – मेरी डॉली को छूने की तेरी हिम्मत बहुत भारी पड़ेगी डॉक्टर

राज की नज़र अचानक सामने पर खिड़की के शीशे पर पड़ी जिसमे सॉफ तौर से दिख सकता था कि धरम उसकी तरफ आ रहा है

राज – ओह शिट ये मादर्चोद कहाँ से आ गया अब मैं क्या जवाब दूँगा नही नही मुझे यहाँ से निकल जाना चाहिए

राज ने अपनी टोपी पहनी और चश्मा लगाकर वहाँ से निकल गया था और वैसे भी वो जिस भेस में हॉस्पिटल आया था उससे उसको पहचानना ना के बराबर था राज झट से दूसरी ओर चला गया धरम उस शक्स को गौर से देखने लगा पर तब तक राज गायब हो चुका था

धरम ने मेडिकल रूम की नेंप्लेट पर अपनी नज़र दौड़ाई और सीधे दरवाजे नॉक किया डॉक्टर बाहर निकला और कहा सर मैने आपका काम कर दिया है रिपोर्ट्स 1 घंटे बाद आपको मिल जाएँगे

धरम ने कहा ये लो मेडिकल रिपोर्ट्स के पैसे पर ये बात जस्ट हमारे बीच रहनी चाहिए डॉक्टर कोई थर्ड पर्सन को ना लगे

डॉक्टर ने कहा सर एक बात आपको बतानी है वो डॉली के जिस्म पर हर जगह टॅटू बना हुआ है जिसमे लिखा हुया है आइ लव यू राज आइ लव यू राज

धरम ने अपने आँखो से चश्मा हटाया और कहा व्हाट ? मतलब कैसा टॅटू

डॉक्टर ने कहा सर ये तो मेडिकल रिपोर्ट्स के बाद ही खुलासा होगा पर मैं यकीन के साथ कह सकता हू उन निशानो को देखकर लगता है किसी ने उसके जिस्म पर ये निशान ज़बरदस्ती बनाए है जिससे ही वो इतनी ज़ख़्मी हुई है

धरम ने सोचते हुए कहा स्ट्रेंज! इन निशानो का ज़िक्र तो मुझसे डॉली की मा ने भी नही किया वैसे डॉक्टर डॉली कब्से बोल सकती है

डॉक्टर ने कहा बस सर अब वो कल से ही अपना मुँह खोल सकती है पर ज़्यादा ज़ोर से नही धीरे से ही सर उसके गले को काफ़ी चोट लगी थी बस वो लेथल आक्सिडेंट से ही बची है

धरम ने कहा अब तो डॉली का ही मुझे ब्यान लेना होगा मैं जानता था कुछ ना कुछ तो है जो डॉली की ज़िंदगी में हो रहा है जिसे वो बयान नही कर पा रही और ये राज क्या ये उसका कोई बॉय फ्रेंड है ? सब जानना पड़ेगा ना जाने क्यू मुझे ये केस सुभास शर्मा के केस मिला जुला लग रहा है ठीक है डॉक्टर आइ आम वेटिंग क्या मैं डॉली के जिस्म पर वो निशान देख सकता हू………. डॉक्टर ने सोचते हुए कहा एक मिनिट सर नर्स तुम दोनो का काम हो गया है आप लोग जा सकती है……………

 
.ओके सर……..दोनो के जाने के बाद डॉक्टर और धरम अंदर रूम में आए………धरम ने डॉली का चेहरा देखा जो शायद बेहोशी की हालत में था धरम ने डॉली के जिस्म पर एक नज़र दौड़ाई और कहा ह्म्‍म्म्म डॉक्टर विल यू ?.........डॉक्टर को कहने की देर थी कि उसने उसके जिस्म पर पड़ा कपड़ा भी हटा लिया जिससे उसके मोटे बॉब्बे सामने नज़र आने लगे और सूजी रोटी जैसी चूत भी आराम से दिखने लगी……….धरम की भी हालत डॉक्टर जैसी हो गयी और उसने अपनी नज़र उन निशानो पर दौड़ाई जो बूब्स को छोड़कर जिस्म के हर जगह थे कुछ जगहो में काटे हुए निशान भी थे और बहुत घातक निशान से उसमे लिखा हुया था राज आइ लव यू राज आइ लव यू……… डॉक्टर ने धरम का चेहरा देखते हुए कहा आपको क्या लगता है सर इसके जिस्म ने पूरी तरीके से काफ़ी दर्द सहा है इस लड़की ने………

धरम ---शहेर में ऐसे कितने टट्टू बनाने वाले है…..

डॉक्टर ने कहा शायद 2-3 है……….

.ह्म्‍म्म्मम तब तो ये सॉफ है कि ये टॅटू डॉली की मर्ज़ी से नही बने मुझे डॉली का जल्द से जल्द ब्यान लेना होगा धरम की नज़र डॉली के मोटी चूत पर गढ़ गयी और उसका अपना हाथ उसके जिस्म को छूने लगा तभी धरम ने अपने आपको झिंजोड़ा और कहा नही नही ये मैं क्या कर रहा हू? मेरा दिमाग़ खराब हो गया है डॉक्टर प्लीज़ कपड़ा डाल दीजिए…… डॉक्टर ओके सर

सर प्लीज डॉली की मा को ये बात की खबर नही होनी चाहिए वरना हमारा हॉस्पिटल बंद हो जाएगा…….

.सस्स्शह कुछ नही होगा मुझे तो बस इसके जिस्म की छानबीन करनी थी आइ नो कि ये वेल नोन परिवार से है और न्यूज़ वालो की इनके चिथड़े उड़ाने में टाइम नही लगेगा चलिए

क्रमशः…………………………….

 
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