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मैं, बुआ और पड़ोस की वो लड़की

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दोस्तों मेरे पड़ोस में एक लड़की रहती थी जो मेरी ही हम उम्र थी. वह बहुत ही खूबसूरत थी और मेरे यहाँ उसका बहुत आना – जाना था पर मैं कभी उससे बात नहीं करता था. बुआ ने कहा – कल तुम आना, मैं कल तुम्हें उसकी चूत दिलाऊंगी…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम जतिन है और ये मेरे साथ घटित हुई कहानी है. मेरे साथ जो हुआ मैं उसे आपके साथ बाटना चाहता हूँ.

बात तब की है जब मैं 18 साल का था. चूँकि मैं एक छोटे से गांव से हूँ. गांव के मेरे सारे दोस्त बहुत हरामी टाइप के थे. वे सब साले कभी न कभी किसी न किसी को चोद चुके थे पर मैं अभी भी कुँवारा था और मुठ मार – मार के परेशान था. लेकिन कोई हाथ नहीं आ रही थी. वैसे तो मैं दिखने में बहुत सुन्दर हूँ और थोड़ा मासूम भी था. इसलिए लोग मुझे बच्चा समझ लेते थे. इसी की वजह से मुझे साली चूत के दर्शन भी नहीं हुए थे.

मैं बहुत परेशान था पर एक दिन हमारे पड़ोस में एक बहुत ही सुन्दर औरत रहने के लिए आई. हम सब उन्हें बुआ जी कहते थे. वो गाज़ियाबाद से थी और वो बहुत ही हॉट थी. उनकी उम्र करीब 30 साल की रही होगी. उनकी चूचियाँ एक दम मदमस्त थी और गांड़ भी बहुत गजब की थी. जिसे देख कर किसी का भी मन उसे चोदने को करने लगे. वह एक दम मॉडर्न सोच वाली थी और उनका मेरे घर में आना – जाना था. मेरे घर में वो कभी भी आ जाती थी.

एक दिन मैं घर पर सो रहा था और वो आ गयी. उन्होंने मुझे सिर्फ अंडरवियर में देख लिया. मैं सो रहा था और मुझे नहीं पता था कि वो वहां पर हैं. उसी शाम को मुझे किसी काम से उनके घर जाना पड़ा तो मैंने देखा कि वो घर में अकेली हैं और उन्होंने एक रेड कलर की साड़ी पहन रखी है. जिसमें वो कमाल की लग रही थी.

मैं उन्हें देखता ही रह गया. वो समझ गयी कि मैं क्या देख रहा हूँ, तो उन्होंने मुझे अंदर बुलाया और आपने पास बैठाया और मुझसे यहाँ – वहाँ की बात करने लगी तो मैं भी कहाँ पीछे रहने वाला था मैं भी करने लगा. लेकिन मेरा मन तो साला बस उसके खूबसूरत बदन को ही निहार रहा था.

आखिर उन्होंने बातों – बातों में ही मुझसे पूछ लिया कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?

मैंने तुरंत ही न बोल दिया, तो वो बोली – मतलब, आज तक तुमने किसी लड़की को छुआ ही नहीं है.

मैंने कहा – नहीं बुआ जी, कोई मिली ही नहीं अभी तक.

तो वो धीरे – धीरे मुझसे काफी खुलने लगी. अब उससे और भी बात होने लगी. उतने में ही उनकी माँ आ गयी और फिर मैं चला आया. उससे ऐसे बात करने के कारण मुझे रात में नींद नहीं आई. फिर मैंने मुठ मारा और सो गया. दूसरे दिन मैंने देखा कि उसके घर में कोई नहीं है तो मैं उसके घर पहुंच गया. उस दिन उन्होंने मैक्सी पहनी हुई थी और इस ड्रेस में वो कमाल की लग रही थी. वो लेटी हुई थी. उन्होंने मुझे अपने पास बैठने को कहा और मैं बैठ गया. फिर हमारी बात होने लगी इस बीच अचानक से उन्होंने कहा – जाओ दरवाजा बंद कर दो.

मैं झट से गया और दरवाजा बंद कर के आ गया. फिर मैं उनकी टांगो के पास बैठ गया और उन्होंने मेरा हाथ पकड़ के अपने टांगों के ऊपर रख लिया और अपनी टांग सहलवाने लगी. मुझे उनकी खूबसूरत टांगों को सहलाने में मजा आ रहा था. फिर उन्होंने अपनी मैक्सी को थोड़ा ऊपर कर के मेरे हाथ को अपनी गोरी – गोरी जांघों के बीच में रख दिया.

अब मुझसे नहीं रहा जा रहा था. मैं उनकी नंगी जांघों को सहलाने लगा और थोड़ा – थोड़ा करके मैक्सी को ऊपर की ओर करने लगा. जिससे उन्होंने अपनी आँखें बंद कर ली थी. उन्हें बहुत मज़ा आ रहा था. उनकी मैक्सी ऊपर करने दौरान मैंने देखा कि उन्होंने पैंटी ही नहीं पहनी है. यह देख कर मैं बहुत खुश हुआ. पहली बार मुझे किसी की चूत के दर्शन हो रहे थे. मैं धीरे – धीरे उसकी चूत को सहलाने लगा.

उन्हें बहुत मजा आने लगा था और अब उनका एक हाथ मेरी पैंट की ज़िप की ओर आया और मेरी ज़िप खोल कर उन्होंने मेरा लंड निकाल लिया और उसे हाथ से सहलाने लगी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. अब मैं उनकी चूत में उंगली करने लगा और अब मैं एक हाथ से उनके चूची दबाने लगा. फिर मैंने उनसे उनकी मैक्सी को उतारने को कहा तो उन्होंने झट से उसे उतार दिया. उन्होंने ब्लैक कलर की ब्रा पहनी हुई थी. उन्होंने वो भी उतार दिया और फिर बोली – आज जो भी कर सकते हो कर लो.

अब मैं उनकी चूची को काटने लगा. मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था. वो एक हाथ से मेरे लंड को सहला रही थी और मैं एक हाथ से उसकी चूचियाँ मसल रहा था. क्या चूची थी उनकी! मैं आज तक नहीं भूला उनकी चूचियों को. फिर उन्होंने मुझसे कहा – अब मेरी चूत को चाटो और फिर उन्होंने मेरी गर्दन को पकड़ कर अपनी चूत पर झुका दिया.

मैंने देखा कि चूत बिल्कुल ही लाल थी और उस पर एक भी बाल नहीं थे. मैंने उनकी टांगों को फैलाया और चूत चाटने लगा. उन्हें बहुत मज़ा आ रहा था और उनके मुंह से सिर्फ सिसकियां ही निकल रही थी. वो बार – बार मेरे सर को अपनी चूत में दबा रही थी और मैं चूत को मज़े से चाट रहा था. कभी – कभी मैं उसमें थोड़ा सा काट भी लेता था. जिससे वो उछल जाती थी. मुझे भी मज़ा आ रहा था. वो जब झड़ने वाली थी तब उन्होंने अलग होने को कहा और मैं अलग हो गया. जब वो थोड़ी शांत हो गयी तो फिर मुस्कुराते हुए बोली – मज़ा आ गया आज.

मैं भी तपाक से बोल पड़ा – लेकिन मुझे नहीं आया.

अब वो उठी और मुझे किस किया और फिर मेरे लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी. मुझे मज़ा आने लगा. फिर उन्होंने धीरे से मेरे लन्ड को अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी मेरे लंड को वह अपने हाथों से तेज – तेज मुठ मारने लगी. मेरे लिए यह पहली बार था तो मुझे बहुत मजा आ रहा था और थोड़ी ही देर में मेरा निकल गया. जिससे वह हसने लगी और बोली – चोदोगे नहीं क्या?

मैंने कहा – क्यों नहीं चोदूंगा. जरूर चोदूंगा.

तो उसने बोला – चलो, मैं तुम्हें कल एक मस्त चूत दिलाऊंगी.

दोस्तों मेरे पड़ोस में एक लड़की रहती थी जो मेरी ही हम उम्र थी. वह बहुत ही खूबसूरत थी और मेरे यहाँ उसका बहुत आना – जाना था पर मैं कभी उससे बात नहीं करता था. बुआ ने कहा – कल तुम आना, मैं कल तुम्हें उसकी चूत दिलाऊंगी.

अब मैं घर चला आया. अब मुझे कल का बहुत बेसब्री से इंतजार था. रात बड़ी मुश्किल से कटी. सुबह मैंने थोड़ा सा काम किया और शाम होते ही मैं वापस उनके घर पहुंच गया. उनके घर में कोई नहीं था सिर्फ बुआ जी थी और मेरे पड़ोस वाली वह लड़की थी. मेरे पहुंचने पर वो मेरे पड़ोस वाली उस लड़की से बात करने लगी. बात – बात में वो उससे काफी ओपन बात करने लगी और मैं भी धीरे – धीरे बात करने लगा.

अब हम दोनों खुल गए थे. उसके बाद मैं उसके करीब आकर बैठ गया और वह भी मेरे से काफी चिपक कर बैठ गई. फिर बुआ जी वहां से चली गई. लेकिन उस लड़की को छूने की मेरी हिम्मत ही नहीं हो रही थी पर उस लड़की ने हिम्मत दिखाई. चूँकि हम दोनों कमरे में थे और कमरा बाहर से बुआ बंद कर गई थी.

मैं और वो एक बेड पर बैठे हुए थे. वो एक कमाल का सूट पहने हुए थी. मैं उसी की ओर देख रहा था. उसके बाद मैंने उसे किस करना स्टार्ट कर दिया और किस करते – करते मेरा हाथ उसकी चूचियों पर पहुंच गया था और मैं किस करने के साथ – साथ ऊपर से ही उसकी चूंचियों को मसल रहा था. अब वह मेरा साथ देने लगी.

उसके बाद मैंने उसका सूट उठाकर उसके पेट पर हाथ रख दिया और पेट को सहलाने लगा. फिर मैंने थोड़ा सा सूट और उठाया और अपना हाथ से उसकी नंगी चूची को पकड़ लिया. उसकी एकदम छोटी – छोटी चूचियां काफी टाइट थी. उन्हें मसलने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मेरे ऐसा करने में उसे भी बहुत मजा आ रहा था. फिर मैंने उससे उसका सूट उतारने को बोला. उसने मना किया लेकिन मैंने वह सूट उतार दिया और उसकी नींबू जैसी चूंचियों को पीने लगा.

फिर मैंने उसके गले पर किस करते हुए धीरे – धीरे पेट में आया और उसकी नाभि में अपनी जुबान डालकर चाटने लगा. फिर धीरे से मैंने उसका पजामा खोल दिया और उसके पजामे को नीचे खिसका दिया. वो ब्लैक कलर की पैंटी पहने हुई थी. मैंने बिना टाइम बरबाद किए उसकी चूत को चाटने लगा.

उसकी बिना बाल की चूत कमाल की थी. मुझे लगता है वह मुझसे चुदने ही आई थी. मैं उसे अपने जीभ से चोद रहा था. जिस कारण उसकी आहें निकल रही थी. अब मैंने अपना लंड निकाला और उसके मुंह में डाल दिया. उसने मेरे लंड को अपने मुंह में भर लिया और अब हम 69 पोजीशन में थे. मैं उसकी चूत चाट रहा था जिससे वो जल्दी ही झड़ गई पर मैं अभी नहीं झड़ा था.

अब मैंने उसकी चूत को हाथ से फैलाया और उसकी चूत पर अपना लन्ड रख कर रगड़ने लगा. जिससे वो एकदम मचल उठी. फिर मैंने एक जोरदार धक्का मारा और मेरा लन्ड उसकी चूत की सील तोड़ता हुआ अंदर घुस गया. जिससे वो चीख पड़ी. मैं उसकी चीख की परवाह किए बिना धक्के लगाता रहा और फिर कुछ देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा. अब वो आह आह करके चुदवा रही थी.

करीब 10 मिनट तक की मस्त चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था तो मैंने बताया तो वो बोली बाहर गिराना और फिर मैं अपना लंड बाहर कर दिया. वो मेरे लंड को हाथ से सहलाने लगी. फिर कुछ ही देर बाद मैं झड़ने लगा तो मैंने अपना पूरा माल उसकी चूंचियों पर ही गिरा दिया. वो उसका पूरा मज़ा ले रही थी फिर हम दोनों लोग लेट गए और फिर मैं अपने घर आ गया.
 
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