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लाइफ हो तो ऐसी complete

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रजत रोहित ही माँ की चुदाई करके बहुत खुश होता हे फेर दोनों लास्ट बार एक दूसरे को किस करते हे रजत बाइक उठाता हे और घर की तरफ चल पडता हे। जब वो घर की बेल बजाता हे तो रूपा डोर खोलती हे उसको देख कर रजत फिर खो जाता हे रूपा ने एक पिंक मिनी स्कर्ट और यलो टॉप पेहन रखा होता हे टॉप में चुचिया साफ पता लगती हे उसकी चुचियो के निप्पल नजर आते हे टॉप में से जिस से रजत अन्दाजा लगता हे ईसने निचे ब्रा नहीं पहनी हुई हे.

रूपा रजत को अंदर आने को बोलती हे रजत हडबडा कर अंदर आता हे सोफ़े पर काया बैठी टीवी देख रही होती हे। रजत अपने रूम में फ्रेश होने चला जाता हे जैसे ही वो बाथरूम का डोर खोलता हे सामने का नजारा देख के दंग रह जाता हे सामने माया दीदी नंगी हो कर अपनी चुत और चुचिओ को रगड रही होती हे उनकी ऑंखे बंद होने की वजह से वो रजत को देख नहीं पति रजत माया को देख के ऐसी हालत में मंत्रमुग्ध हो जाता हे। रजत वहि खड़ा खड़ा माया की चुचिओ और चुत को देखता हे माया की चुत पर एक भी बाल नहीं होते यहाँ तक की पुरी बॉडी पर एक अजीब चमक उसे नज़र आती हे वो उसकी चूचीओ की गोलाई मोटाई देखता हे.रजत का लंड फिर से खड़ा हो जाता हे माया झड़ने के बाद जब अंख खोलती हे तो रजत को अपने सामने खड़ा देख घबरा जाती हे। और घूम कर खड़ी हो जाती हे रजत माया को घबराते देख सॉरी बोल के बाहर आ जाता हे माया फ्रेश हो कर बाहर आती हे और रजत की तरफ देख के चलि जाती हे माया ने रजत के लंड को खड़ा देख लिया था सोचती हे मेरे भाई का कितना बड़ा हे माया सब के साथ टीवी देखने लगती हे

७ बाजे प्रिंसिपल आते हे रजत उनसे मिलता हे प्रिंसिपल तीनो भाई बहेनो को थैंक्स बोलते हे .जहा रूपा अब तक खुश थी अब उदास हो गई थी वो जाना नहीं चाहती थी उसे रजत के घर में अच्छा लगने लगा था फिर भी मन मार के जाना पडता हे.माया डिन्नर की तेयारी करती हे रजत और काया बैठ के टीवी देखते हे.काया रजत के लंड की तरफ बार बार देखति हे रजत बोलता हे 'टीवी सामने है वह देखो मुझे नाहि".काया शरमा जाती है और टीवी देखने लगे जाती है .तभी माया उसकी तरफ देखने लगे जाती है.माया की तरफ देख के रजत शर्मा जाता हे वो खुद को गाली देता हे बहनचोद तुझे शरम आनि चाहिए नंगी बहन को देखते.

माया डिन्नर रेडी कर देती हे। माँ का तीनो वेट करते हुए टीवी देखते हे माँ आ जाती हे सब मिल के डिन्नर करते हे। माया बार बार रजत को देखति हे.रजत माया की तरफ़ देखने में घबराता हे.डिन्नर करने के बाद सब अपने अपने रूम में चले जाते हे रजत अपना लैपटॉप उठा के चैटिंग करने लगता हे थोड़ी देर बाद ढलती जवानी का मेसेज आता हे 'हाईरॉकी हाऊ आर यु".

रॉकी-'आय एम फाइन".

ढलतीजवानी - 'आई एम आल्सो फाइन".

रॉकी- 'आज का क्या प्रोग्राम हे".

ढलतीजवानी- 'जेसा तुम बोलो".

रॉकी-"तो चलो एक दूसरे को देख के सेक्स करे."

वालतिजवानी- ओके पर आज रोल प्ले करेंगे .

रॉकी - 'केसा रोल".

ढलतीजवानी - 'तुम किसके साथ सेक्स करना चाहते हे ."

रॉकी- "मुझे मेरी माया दीदी बहुत अछि लगती हे उनके साथ करना चाहता ह.'

ढलतीजवानी - 'ओके अब सोचो में माया हूँ".

रॉकी- 'ओके मज़ा आएगा सोच के तो लगता हे चलो नंगी हो जाओ माया दीदी और मेरा लंड चुसो".

ढलती जवानी- 'एक डिल्डो अपने मुह में डाल,कर चुस्ती हे और बोलती हे 'भाई तुम्हारा लंड मोटा और बड़ा है'.

रॉकी अपना लुंड हिल्लाता हे और बोलता है'जोर से चुसो दी जोर जोर से पूरा ले लो मुह में".

ढलतीजवानी - 'बहनचोद जान लेगा क्या आराम से डाल मुह में ".

रॉकी- "दी अब आप अपनी चुत में मेरा लंड लेने के लिए तैयार हो जाइये'.

धलती- जवानी - "आ बहन चोद चोद दे अपनी बहन की चुत बहुत प्यासी हे तेरे लंड के लिये".

रॉकी- "लंडको हाथ में ले कर जोर जोर से हिलाता हे और बोलता हे रंडी कुतिया आज तेरा भासडा ना फाड् दिया तो कहना".

ढलतीजवानी नकली लंड को चुत में डाल के जोर जोर से अंदर बाहर करती हे जिसे देख के रॉकी की हालत ख़राब हो जाती हे.

दोनो एक साथ झड जाते हे तभी स्क्रीन पर उसे कुछ जाना पेहचाना नजर आता हे वो सोचता हे कहा देखा हे इस पिक्चर को जो दीवार पर टँगी होती हे ढलती जवानी के लेटने की वजह से रजत को नजर आ जाती हे वो सोचता हे जरूर ये कोई मेरे जान पहचान की हे फिर वो सोचते सोचते सो जाता हे.
 
नेक्स्ट मॉर्निंग माया उसके रूम में आती हे.रजत का खड़ा लंड देख के उसको देखने की तमना होती हे। वो रजत के पास बैठ जाती हे चादर हटा कर रजत का लैंड निकर से निकलती हे और बोलती ."हे ओ माय गॉड ये इंसान का हे या गधे का".फिर रजत की परवाह किये बिना लंड को हिलाती हे और लंड मुह में ले कर चुस्ती हे.

चटकारे ले कर चुस्ती हे रजत की नींद खुल जाती हे माया अपना हाथ हटा कर उसे उठने को बोलती हे और चलि जाती हे रजत उठता हे उसे अपना लंड गिला लगता हे वो सोचता हे क्या चुस रहा था कोई.फिर सोचता हे नहीं क्या पता खुद पाणी निकल गया हो पर निकर तो गिली नहीं हे. ये सब सोचते हुये वो फ्रेश होने चला जाता हे. फ्रेश हो कर निचे आता हे माया उसे बड़े गोर से देखति हे.रजत अपनी नज़र चुराता हे और नाश्ता करता हे.नाश्ता करके वो कॉलेज के लिए निकल जाता हे.काया को स्कूल छोड के कॉलेज पहुचता हे आज रोहित नहीं आने वाला होता हे तो वो अकेले क्लास में जा कर बैठ जाता हे.थोड़ी देर बाद रूपा आती हे उसे देख कर खुश हो जाता हे अचानक रूपा अपनी साइट से उठ कर राजत के बगल में बैठ जाती हे

रजत - "आज यहाँ कैसे बैठ गई तुम ?

रूपा - 'बस ऐसे ही!

रजत क्लास में बार होने लगता हे तो उठ के बहार चला जाता हे रूपा उसके पीछे जाती हे. पूछती हे क्या हुआ

रजत बोलता हे."आज मन नहीं पड़ने का".

रूपा बोलती हे "तो क्या करने का हे"?

रजत बोलता हे "घुमने का हे पर मेरा दोस्त नहीं आया हे".

रूपा बोलती हे "में भी तो तुम्हारी फ्रेंड हूँ चाहो तो में चल सकती हूँ पर कहा चलोगे".

रजत बोलता हे "चलो कैफ़े में चलते हे फिर प्लान बनाते हे".

दोनों कैफ़े में पहुँचते हे और कोफी का ऑर्डर करते हे कॉफी पीते पीते रजत पूछता हे."क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड हे रूपा"?

रूपा बोलती हे "नहीं हे!

रजत बोलता हे "इतनी सुन्दर लड़की का बॉयफ्रेंड नहीं हे क्यों"?

रूपा अपनी तारीफ सुन कर शर्मा जाती हे और बोलती हे "पहले कभी कोई पसंद नहीं आया था इस लिए".

रजत सोचता हे यानि अब मिल गया हे पूछता हूँ कोण लकी बॉय हे. वो पूछता हे "यानि अब मिल गया हे ?

रूपा बोलती हे "हा'

रजत पूछता हे "कोण हे वो लकी बोय?

रूपा बोलती हे "टाइम आने पर बता दूंगी"

दोनो मॉल में घूमते हे फेर लंच टाइम पर घर पहुच जाते हे.

रूपा को घर छोड के रजत रोहित से मिलने उसके घर जाता हे. डोर ख़ुशी खोलती हे मस्त लग रही होती हे उसकी चूचि की घाटि देख के उसका लंड खड़ा हो जाता हे. ख़ुशी की निगाह उसपर पर पड़ जाती हे ख़ुशी रजत को अंदर आने को बोलती हे.रजत रोहित के रूम में चला जाता हे. ख़ुशी उनके लिए कॉफी बनाने लगती हे.

रजत रोहित को बोलता हे "साले गांडु जाना था तो बता तो देता ".

रोहित - "यार अचानक जाना पड़ा मोका नहीं मिला बताने का!

खुशी कॉफी लेकर आती हे जैसे ही वो झुक कर कॉफी टेबल पर रखती हे उसकी चुचिआ रजत देख के पगला जाता हे अपने लंड को मसलता हे ख़ुशी देख के मुस्करा के चलि जाती हे.दोनों दोस्त इधर उधर की बाते करते हे कोमल आंटी आती हे और रजत के साथ जा कर बैठ जाती हे. रजत उनको देख के खुश हो जाता हे.

कोमल रजत को बोलती हे "बेटा मेरे साथ चलोगे एक जरुरी काम हे? "में रोहित को ले जाती पर वो अभी आया हे और तक गया हे".

रजत पूछता हे. "कहा ?जाना हे ऑन्टी".

कोमल बोलती हे की "चलो तो सही पता लग जाएगा".

रजत हॉल में बैठा होता हे और कोमल का वेट कर रहा होता हे ख़ुशी की मस्त गांड को देख के उसका लंड खड़ा हो जाता हे ख़ुशी उसे देख मुस्कुराती हे.

कोमल उसे देख लेती हे और बोलती हे "फ्लर्ट बंद करो और साथ चलो ".

कोमल ने एक स्काई ब्लू कलर की साड़ी और बलाउज पहना हुआ था उसकी चुचिआ मस्त लगती हे.

रजत देख कर बोलता हे."आज बहुत सुन्दर लग रही हो आप"

दोनों बाइक पर बैठ के निकल जाते हे कोमल रजत के लंड को पेण्ट के ऊपर से सेहलाती हे और बोलती हे "अब क्या ख़ुशी पर भी नज़र हे तेरी?

रजत बोलता हे "अब क्या करू वो सुन्दर जो हे ,नज़र खुद बा खुद चलि जाती हे".

कोमल उसकी पीठ पर चुचिआ ,रगडती हे रजत बोलता हे "कण्ट्रोल करो आंटी" कोमल उसे एक बंगलो के सामने रुकने को केहती हे.रजत बाइक बंगलो में पार्क करके आंटी के पीछे पीछे जाता हे आंटी बेल बजाती हे.एक खूब सूरत लेडी डोर खोलती हे.लेडी कोमल के गले लगती हे और रजत को ऊपर से निचे तक देखती है.

तीनो घर के अंदर चले जाते हे कोमल बताती हे "ये निशा मेरी छोटी बहन है रजत की मौसी हे".

नेहा की उमर वेसे तो ३८ थी पर अपनी उमर से छोटी लगती हे कोई भी देख के ये नहीं केह सकता था की ये ३८ की हे हर कोई यही समझता ये अभी २५-२६ की होगी.गोरा बदन जैसे संगमर्मर से तराशा काली आंखे. गुलाब की पंखुडिओ जैसे होठ सुरहि दार गरदन.बड़ी बड़ी चुचिआ ३८ साइज की. कमर ३० साइज की गण्ड थोड़ी बाहर निकली हुई हे जिनका साइज ३८ हे. नेहा ने बलाउज के निचे ब्रा नहीं पहनी हुई हे जिसकी वजह से जब वो चलति हे तो चुचिआ जबर दस्त हिलती थी.कोमल रजत की निगाहो को पहचान कर पूछती हे "कुछ चाहिए क्या?

रजत शरमाते हुए बोलता हे "बहुत रस दार लग रही हे.

नेहा कॉफी लेकर आती हे.रजत का लंड पेण्ट फाड् के बाहर आने को करता हे.नेहा उसकी पेण्ट में खड़े लंड को देख कर मुस्कुराती हे और पूछती हे "दीदी ये हैंडसम बॉय कोण हे आप का बॉयफ्रेंड हे क्या?

कोमल बोलती हे "ऐसा ही कुछ हे फिर दोनों बहने कुछ खुसरफुसर करती हे. रजत सोचता हे लगता हे दाल में कुछ काला हे. साली दोनों मुझे कही कच्चा न चबा जाए.
 
नेहा खड़ी हो कर रजत के पास आती हे और उसकी पेण्ट पर हाथ रख देती हे. रजत घबरा जाता हे. नेहा बोलती हे "डरो मत तुम्हारी गर्लफ्रैंड से पूछ कर कर रही हूँ ये सब". रजत कोमल की तरफ देखता हे.

कोमल बोलती हे "मज़े करो".

नेहा रजत के लिप्स पर लिप्स रख देती हे और किसिंग करती हे रजत भी नेहा के होठो को चुस्ने लगता हे काफी देर तक दोनों ऐसे ही एक दूसरे को चुसते रहते हे. फिर नेहा रजत की टीशर्ट उतार देती हे और पेण्ट खोलती हे.

नेहा रजत का ९ इंच का मोटा लंड देख कर नेहा बोलती हे "दीदी आप ने सही कहा था इसका तो बहुत बड़ा हे आप को तो बहुत मज़ा आया होगा".ओर नेहा लंड को चुस्ने लगती हे लंड उसके मुह में पूरा नहीं घुसता रजत भी सोफ़े पर आराम से लेट कर नेहा से लंड चुसवाता है कोमल की चुचिओ को बेदर्दी से मसलता हे.कोमल की सिसकिया निकलती हे.नेहा ये देख के जोश में आ जाती हे अपने कपडे निकाल कर फेक देती हे.

रजत देख के दंग रह जाता हे की कोमल से मस्त जिस्म नेहा का हे.नेहा रजत की गोद में बैठ जाती हे रजत उसकी चुचिओ को मसलता हुए चूसता हे नेहा की चुचिया एक दम टाइट हो जाती हे.रजत जितना मुह में आ सके उतना भर भर के चूसता हे.रजत का लंड नेहा की गांड में घिसता रहता हे नेहा की चुत से पाणी निकलने लगता हे.रजत नेहा को सोफ़े पर लेटा देता हे और उसकी चुत को चाटने लगता हे.कोमल उसका हाथ पकड़ कर अपनी चुत में घूसा देती हे दोनों की चुत

बहुत गरम हो जाती हे. रजत आराम से चुत को चाटने लगता हे निचे से ऊपर फांको को चाटता हे चुत में अपनी जीभ धीरे धीरे ड़ालता हे. कोमल अपने कपडे निकाल कर नंगी हो जाती हे. नेहा उसकी चुचिओ को चुस्ती हे.फिर कोमल खडी हो कर चुत नेहा के मुह पर अपनी चूत रख

देती हे.नेहा उसकी चुत को चाटने लगती हे रजत अपनी दो उंगलिया नेहा की चुत में घूसा देता हे जोर जोर से अंदर बाहर करता हे.नेहा मस्त हो जाती हे और जोश से कोमल की चुत चाटती है. रजत उगलिओ को तेजी के साथ अंदर बाहर करता हे.नेहा कोमल की चुत चाट कर कोमल को झडा देती हे. इधर रजत नेहा की चुत को चाटता और उंगलिअ डालता रहता हे नेहा बोलती हे में रजत जोर जोर से डालो में झड़ने वाली हु.

नेहा झड जाती हे उसका पाणी निकलता हे रजत चाट चाट कर दोनों बहनो की चुत साफ करता हे.फिर कुछ देर दोनों के बिच बैठ कर उनकी चुचिओ से खेलता हे.कोमल रजत का लंड मुह में ले लेती हे रजत नेहा की चुचिओ को मसल मसल कर चूसता हे. कोमल रजत के लंड को चुस्ती रेहती हे. रजत कोमल के मुह को जोर जोर से चोदने लगता हे. कोमल की हालत ख़राब होने लगती हे रजत के लंड की चोट उसे अपने गले के अंदर मेहसुस होती हे हवस की भूख की वजह से वो बर्दाश करती हे कोमल की ऑंखे लाल हो जाती हे आँखों से आसु गिरने लगते हे.

कुछ देर ऐसी ही चुस्ने के बाद रजत के लंड को झडा देती हे और सारा पाणी बिना गिराये पी जाती हे.फिर तीनो रेस्ट करते हे.नेहा तीनो के लिए एनर्जी ड्रिंक बनाती हे तीनो पी कर फिर से एक दूसरे से चिपक जाते हे. रजत दोनों को कुतीया बनने को बोलता हे दोनों उसके सामने झुक कर कुतीया बन जाती हे रजत अपना लंड खड़ा करके कोमल की चुत में घूसा देता हे कोमल की चीख निकल जाती हे रजत जोर जोर से चोदता हे नेहा की गांड पर थप्पड मारता हे नेहा भी चिल्लाती हे नेहा की चुत पर भी थप्पड मारता हे नेहा तिलमिला के रेह जाती हे. कोमल की चुत में रजत का लंड तूफ़ान मचा देता हे कोमल की चीखे सारे रूम में सुनाई देती हे. कोमल रजत को बोलती हे धीरे करो प्लीज् दर्द हो रहा हे पर रजत उसकी बात नहीं सुनता वो और जोर से चोदता है. और बोलता हे साली रंडी चुप चाप चुदवा जियादा बोली तो और बुरा हाल करुन्गा। कोमल रेहम की भीख मांगते हुयु केहती हे तुम्हारी ही रंडी हूँ भागि नहीं जा रही आराम से चोदो रजत केहता हे साली जियादा बोलेगी तो तेरी गांड भी मार लूंगा कोमल झड जाती हे.

कोमाल झड जाती हे अपनी सांसें समेटनी की कोशिश करती हे रजत जोर जोर से चोदता रहता हे सारे रूम में थप थप की आवाज शोर करती हे. नेहा तडाप रही होती हे उसकी ऐसी हालत देख के

रजत बोलता हे "क्यों सली रंडी तुझे भी बहुत जल्दी हे लैंड खाने की".

नेहा बोलती हे "भडवे देख क्या रहा हे दाल दे देखु कितना जोर हे तेरे लैंड मे". रजत कोमल की चुत से लुंड निकल कर नेहा की चुत पर रगडता हे नेहा की आहे निकल जाती हे. रजत नेहा की चुत में लंड ड़ालता हे नेहा की चुत टाइट होने की वजह से लंड कस कर जाता हे.

रजत पूछता हे "क्यों साली रंडी छिनाल कब से लंड नहीं खाया हे".

नेहा बोलती हे. "मादरचोद तेरे जेसा लैंड किसी का था नहीं तो में क्या करती"?

रजत जोर से झटका मरता हे रजत का लुंड सीधा अंदर चला जाता हे और नेहा चिला देती हे." कुते कमीने एक ही बार में दाल दिया".

रजत बोलता हे. "भोसडी की आज तेरा भोसडा बना कर जाऊँगा". नेहा की आँखों में आसु आ जाते हैरजत के जोरदार झटके पर नेहा चिल्लाती हे उसकी सिसकारियां रूम में गुंज रही होती हे साथ में चुत और लुंड की फुक फुक की आवाज भी माहोल को मदहोश कर देती हे नेहा की चुत गिली हिने से लुंड अब आराम से घुस रहा होता हे रजत कोमल के ऊपर झुक कर चुचिओ को पकड़ लेता हे और जोर जोर से लंड पेलता हे माहोल गरम जिस्म गर्म चुत गर्म तीनो मस्ती करते रेह्ते हे कुछ देर बाद नेहा झड जाती हे रजत भी १० मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद झड जाता हे वन ऑवर की चुदाई के बाद तीनो थक कर चुर हो जाते हे और चिपक कर लेट जाते हे रजत दोनों बहनो की चुचिओ से खेलता हे चूसता हे और होठो को चुमता हे फेर तीनो फ्रेश होने चले जाते हे बारी बारि.

दोनों की चुदाई करके रजत थक जाता हे उसने पहली बार दो चुत एक साथ मारी थी.पर वो खुश था की उसने दोनों की तसल्ली करवा दी हे.नेहा रजत को बोलती हे रजत तुम बहुत मस्त चुदाई

करते हो तुम्हरा हथियार बहुत प्यारा हे.मे इसकी दिवानी हो गई हु. इतना केह कर वो रजत को किस्स

करति हे। रजत भी जवाब में किस करता हे.

कमल और रजत घर के लिए निकल पड़ते हे. रजत कोमल को कोमल के घर पर छोड के घर की

तरफ चल पडता हे.
 
रजत कोमल को कोमल के घर पर छोड़ के घर की

तरफ चल पडता हे घर पहुच कर देखता हे उसकी निकिता मौसी आई हुई हे निकिता रजत को गले

लगाती हे रजत मौसी के सीने से लगता है उसका लंड खड़ा होने लगता हे निकिता की चुचिआ रजत

के सिनो पर चुभती हे इस अहसास के कारन दो मिनट में उसका लंड खड़ा हो जाता हे और निकिता की

जांघो पर चुभाता हे निकिता निचे बने तम्बू को देख कर मुस्कुराती हे ।

पुरी फॅमिली बैठ कर टीवी देखने लगती हे रजत की माँ बोलती हे "रजत तुम्हारे लिए मौसी एक गिफ्ट लाई है।

मेरे रूम में रखा है जाके ले लो"।

रजत रूम में जाता हे। एक पैकेट पड़ा होता हे वो उसे खोलता हे देखता हे वाओ नई लपटॉप।

रजत खुश हो जाता हे। जैसे ही वो बेड से उठता हे तो देखता हे की ये तो वहि पिक्चर है जो मेने उस दीन

चैटिंग करते हुए देखि थी। क्या माँ मेरे साथ चैटिंग करती हे वो सोचता हे नही ऐसा नहीं हो सकता।

फिर भी मन की तसली के लिए माँ का लैपटॉप को ऑन करके खोलने की कोशिश करता हे पर

लॉक लगा होने की वजह से चालू नहीं कर पता फिर वो लैपटॉप बंद करके बाहर आता हे मौसी और

मोम पूछती हे गिफ्ट केसा लगा रजत मौसी के गाल को चुमते हुए बोलता हे मौसी मुझे ये गिफ्ट

बहुत पसंद आया हे। निकिता रजत के ऐसा करने से शरमाती हुए बोलती हे बहुत नॉटी हो गए

हो । सब मिलकर डिन्नर करते हे ।डिन्नर के बाद निकिता और रजत की माँ दोनों एक साथ रूम में

चली जाती हे ।रजत की दोनों बहने उसका नया लेपटॉप देखति हे।काया बोलती हे भाई मुझे अपना

पुराणा लैपटॉप दे दो । रजत बोलता हे ओके दे दूंगा पर अभी नहीं अभी मुझे उसमे थोड़ा काम

करना हे कल ले लेना ओके । काया खुश हो जाती हे और अपने रूम में चलि जाती हे।काया की हिलती हुई गांड देख कर रजत का लंड खड़ा हो जाता है।

पर उस के साथ माया भी है ये बात रजत भूल जाता हे माया प्यासी आँखों से देखति हे। रजत माया को अपना लंड देखते हुए देख कर शर्मा जाता हे और रूम में भाग जाता हे

रात ११बाजे राजत चैटिंग करता हे वो पक्का करना चाहता हे की कही माँ तो नहीं उसके साथ

चैटिंग करती हे जैसे ही ढलती जवानी का मेसेज आता हे वो एक बार निचे जाता हे और की होल से

देखता हे की उसकी माँ सामने बैठी हे बेड पर और लैपटॉप सामने हे।वो फिर अपने रूम में आ कर

चैटिंग करके मेसेज सेंड करता हे

रॉकी- हाऊ आर यु

धलती जवानी-फाइन क्या कर रहे थे?

रॉकी-बाथरूम में था ।

ढलती जवानी- क्या अभी से शुरू हो गए हो

रॉकी- नहीं ऐसी बात नहि

इधार निकीता रूम में रजत की माँ से पूछती हे दीदी किस से बात कर रही हो। रजत की माँ बोलती

है फ्रेंड हे । निकिता बोलती हे "दीदी रजत तो बहुत बड़ा हो गया हे।आप ने देखा उसका हाथियार तंबू बना कै खड़ा था रजत की माँ बोलती हे "में तो रोज देखति हु"

निकिता पूछती हे "कभी असल में देखा हे?

रजत की माँ बोलती हे तुझे देखना हे क्या "?

निकिता बोलती हे "नहीं दीदी " इतना बोल कर शर्मा जाती हे । रजत की माँ बोलती हे "में तुझे एक बात बताऊ" ।निकीता बोलती हे "क्या बात हे बताओ'

रजत की माँ बोलती हे "जब से मेने रजत का लंड देखा हे तब से पागल हो गई हूँ उस से चुदने का मन करता हे". निकिता सुन कर हेरान रेह जाती हे बोलती हे "दीदी केसी बात कर रही हो,माँ बेटे में कभी ऐसा होता हे?

रजत की माँ बोलती हे "में क्या करू उनके जाने के बाद मेने कभि किसी की और नहीं देखा । शॉप में जब कस्टूमर मेरे जिस्म को देखते हे तो सारे बदन में

आग लग जाती हे । फिर भी मन मार के जीति हूँ क्या मेरी कोई इच्छा नहीं?"क्या में इंसान नहीं?

निकीता अपनी दीदी के आसु पोछती हे और बोलती हे "दीदी अगर आप चाहती हो की आप रजत से चुदवाओ तो ये एक तरह से अच्छा हे ।आगर आप बाहर किसी के साथ करोगी तो क्या पता वो आदमी केसा हो। कभी आप को

बदनाम न कर दे इस तरह से तो आप बदनाम भी नहीं होगी और घर की बात घर में रह जाएगी' और आपको बदनाम भी नहीं होना पड़ेगा"

रजत की माँ बोलती हे "निकिता क्या तू जानती हे मैं

रोज किस से चाट करती हूँ"।

निकिता पूछती हे "किस से दीदी?

रजत की माँ बताती हे "अपने बेटे रजत से"

रजत की माँ बोलती हे "क्या तुझे पता हे उसका कितना बड़ा और मोटा हे"

निकिता बहुत उत्सुकता से पूछती हे "कितना बड़ा हे रजत का?

रजत की माँ बोलती हे "खुद आ कर देख" के वो भी लैपटॉप के सामने बैठ जाती हे और ध्यान से स्क्रीन देखने लगती हे।

रॉकी - (स्क्रीन पर दो लेडी को बैठे देखता हे और सोचता हे जरूर ये निकिता मौसी हे ) "ये आप के

साथ आज कोण हे?

धलती - जवानी - "मेरी फ्रेंड हे उसे यकिन नहीं की तुम्हारा लंड बड़ा और मोटा हे दिखा दो इसको"!

रॉकी- लंड निकाल कर दीखाता हे लंड मुर्झाया हुआ हे फिर भी ५ इंच का नजर आता हे रजत बोलता

ही "अभी तो सोया हुआ हे इतना बड़ा ही हे"।

ढलती जवानी - "खड़ा करो न मेरे लिए प्लेज़"

रॉकी-" वेट' में तेल ले कर इसकी मालिश करता हु"

ढलती जवानी - "ओके जल्दी करो मेरी फ्रेंड मरी जा रही हे तुम्हारा खड़ा लंड देखने को"

रजत चुपके से निचे आता हे ।दोनो बहने बात कर रही होती हे ।निकीता बोलती हे "दीदी जब सोया

हुआ ५ इंच का हे जब खड़ा होगा तो कितने इंच का होगा" रजत की माँ बोलती हे की "मैंने देखा हे"नौ इंच लम्बा और ३ इंच मोटा हे"

निकिता बोलती हे "दीदी हम लोगो के पतियो का तो ६ इंच खड़ा होने के बाद होता था, 'इसका लंड देख के मुह में पाणी आ गया"

रजत को पक्का हो जाता हे की उसकी मौसी और माँ उस से चुदवाना चाहती है ये सोच कर उसके दिल मे अजीब सी खुशी होती है
 
मौसी और माँ उस से चुदवाना चाहती हे ये सोच के उसके दिल में अजीब सी ख़ुशी होती हे । किचन से तेल

की शीशी ले कर चुप चाप ऊपर चला जाता हे और लंड निकाल कर उस पर तेल लगा लगा कर मुठ

मारता हे जा लंड खड़ा नहीं होता तो रजत बोलता हे तुम दोनों अपने कपडे उतारो फिर जल्दी खड़ा

हो जाएग।

माँ और मौसी अपने कपडे उतार देती हे रजत की मौसी का जिस्म उसकी माँ से अच्छा था निकिता की ३८

साइज की चुचिआ एक दम गोल और कसी हुई हे ।उसके निप्पल बड़े बड़े हे ।रजत दोनों की चुचिआ देख

कर उतेजित हो जाता हे उसका लंड एक दम खड़ा हो जाता हे । निकिता देख कर बोलती हे दीदी इस से तो

पहले में चुदवाउंगी फिर आप चुदवाना । रजत की माँ बोलती हे यही तो समस्या हे ।गर रजत

को पता चल गया की में उसकी माँ हूँ और चाट पर ऐसी बाते करती हूँ तो क्या सोचेगा मेरे बारे मे

निकीता बोलती हे दीदी आप चिंता मत करो अब रजत को लाइन पर लाना मेरी जिमेदारी हे में रजत से अब

जब चुदवा लुंगी तो आप की भी चुत की गर्मी का इन्तज़ाम कर दूंगी ।

रॉकी- तुम दोनों अपनी चुत दिखाओ मुठ मारने में मज़ा नही आ रहा हे ।

धलती जवानी -अच्छा रुको और दोनों अपने कपडे उतार देती हे।ओर रजत को पूछती हे किसकी चुत मस्त

है किसकी चुत तुमको अछि लग रही हे ।

रॉकी- मुझे तो दोनों चुत अछि लगी फेर भी आप की चुत जा जवाब नहीं क्या संभल के रखा हे

आप की फ्रिसनद की चुत थोड़ी सी आप से बड़ी हे पर उनकी चुत भी आप की चुत की तरह चमक रही हे

कया आप दोनों एक दूसरे की चुत में ऊँगली डालोगी जियादा मज़ा आएगा

ढलती जवानी- निकिता की चुत में दो ऊंगली घूसा देती हे और पूछती हे ऐसे ।निकीता भी अपनी दीदी की

चुत में उंगली घूसा देती हे और उंगली आगे पीछे करती हे ।जेसे जैसे वो दोनों उंगलिआ आगे पीछे

करति हे रजत लैंड को उसी रफ़्तार में ऊपर निचे करता हे

रजत की माँ और मौसी झड जाती हे ।रजत भी फुल स्पीड में मुठ मरता हे जैसे ही उसका पाणी

निकलने वाला होता हे किसी को देख के चौक जाता है

माया सामने कड़ी हे रजत का उतेजना के मारे बुरा हाल है

रजत झडने लगता हे माया उसके पास जाती है और उसका लंड पकड़ के मुह में ले लेती हे ।रजत ये

सब देख के हैंरान रह जाता हे माया बड़े मजे ले ले कर अपने छोटे भाई का लंड चुस्ती हे और

बोलती हे बाबू इसको क्यों वेस्ट करते हो कितना टेस्टी है तुम्हारा विर्य। रजत को कुछ भी समझ नहीं

आता की ये सब क्यों हो रहा हे रजत माया के मुह से लंड निकाल लेता हे ।

माया रजत से पूछती हे क्या हुआ । चुस्ने दो अपना लंड। रजत बोलता हे ये बस ठीक नहीं हे। माया

बोलती हे रजत में जानती हूँ ये सब हम दोनों के बिच गलत हे पर में क्या करू तुम्हारा हथियार

देख के खुद पर क़ाबू न रख सकी। माया रजत के लंड को पकड़ कर सहलाती हे और बोलती हे में

एक लड़की ही मेरी भी कुछ इच्छाएं है जिनको में बाहर पूरा कर सकती हूँ पर बदनामी से डरति हु।

रजत बोलता हे आप का कोई बॉयफ्रेंड नहीं हे दीदी ।माया ना में सर हिला देती हे और बोलती हे अगर तुम मेरे

साथ नहीं करना चाहते हो तो मत कर पर में जानती हूँ तुम्हारा भी मन करता हे मेरे साथ कुछ

करने का इतना बोल कर वो रोती हुई अपने रूम में चलि जाती हे ।
 
नेक्स्ट डे रजत की आँख जल्दी खुल जाती हे घडी में देखता हे तो सुबह के ६ बज रहे हे और माया उसके बगल में लेटी हे। माया के गालो पर किस करके उसकी जुल्फ़े हटाता हे ।उसे आज अपनी बहन बदलि बदलि लगती हे ।माया भी उठ जाति है।रजत का यु उसे सहलाना अच्छा लगता हे । माया रजत को गले लगा लेती हे और लिप्स पर किस करती हे फिर उठ कर फ्रेश होने चलि जाती हे।रजत भी उठ कर अपने रूम में आ कर फिर सो जाता हे। माया उसे उठाने जाती हे रजत को चैन की नींद सोता देख उस के साथ लेट जाती हे।रजत माया को अपने साथ लेटा देख उसे किस करता हे उसकी चुचिओ को सहलाता हे। माया उसे बोलती हे फ्रेश हो कर निचे आ जाओ सब तुम्हारा इन्त्ज़ार कर रहे हे। रजत फ्रेश हो कर निचे आता हे सब डायनिंग टेबल पर उसका वेट कर रहे होते हे।आज सब कुछ रजत की पसंद का बना होता हे ।पुलाव। बैगन का भर्ता पुरिया।ओर हलवा देख के रजत खुश हो जाता हे और अपनी दीदी के गालो को चूम लेता हे ।पर माया बोलती हे "इसकी हक़दार में नहीं मौसी हे, आज मौसी ने सारा ब्रेकफास्ट बनाया हे, वो भी तुम्हारी पसंद का" रजत मौसी के पास जाता हे और उनको गले लगा के थैंक्स बोलता हे ।निकिता मौसी बोलती हे "ये अच्छी बात नहीं बहन को किस और मुझे सिर्फ गले लगा" और वो झूठ मुठ का नाराज होने का नाटक करती हे। काया अंदर आती हे और रजत के पास बैठ जाती हे ।रजत मौसी के गालो को जोर से काट लेता हे और बोलता हे "अब ठीक हे"। निकिता बोलती हे "बहुत शरारती हो गए हो कोई इतनी जोर से अपनी मौसी के गाल काटता हे'।

निकिता सब को बताती हे की वो सब को अपनी ननद की शादी में बुलाने आई हे तो हमसब आज ही निकल रहे हे ।माया और रजत खुश हो जाते हे पर काया बोलती हे की में नही जा सकती हूँ मेरे एग्जाम नजदीक हे मैं क्लास नहीं छोड सकती । उसकी बात सुन के सब मायुस हो जाते हे ।काया बोलती हे "आप सब चले जाओ में अपना धयान रख सकती हूँ बस एक वीक ही तो हे"।मगर माया सब को बोलती हे "में काया को छोड कर नहीं जा सकती उसके खाने पीने को कोण ध्यान रखेगा" लास्ट में फैसला ये होता हे की माँ और रजत निकिता के साथ शादी में जाएंगे। रजत माया के साथ न चलने से नाराज हो जाता हे। पर फिर भी मुस्कुराते रहता हे पर माया उसकी नाराजगी को भाप लेती हे रजत अपने रूम में जाता हे।

रजत अपने नये लैपटॉप की सेटिंग कर रहा होता हे। माया उसके पास जा कर बैठ जाती हे । रजत उसकी तरफ धयान नहीं देता ।माया बड़े प्यार से रजत का चेहरा अपनी और करती हे और बोलती हे बाबू संमझा करो काया भी तो तुम्हारी सीस हे अकेले घर पर रहेगी और कही उच्च नीच हो गई तो हम क्या करेंगे।रजत उसे अपनी बाहो में समेट लेता हे और बोलता हे "में इतने दिन तुमसे दूर कैसे रहूँगा ।मे माँ को मन कर देता हूँ" माया रजत को समझाती हे की रजत का माँ के साथ जाना जरुरी हे माँ अकेली क्या क्या करेगी । रजत माया को किस करता हे माया बोलती हे बताओ क्या और कोण से कपडे ले कर जाओगे रजत बोलता हे जो तुमको आच्छे लगे दाल दो में पेहन लुँगा ।माया उसके कपडे भर कर देती हे उसका हर सामान याद से दाल देती हे रजत माया के रूम में जाता हे और वहा से उसकी एक फोटो उठा कर लाता हे ।माया पूछती हे इसका क्या करोगे।रजत बोलता हे जब तुम्हारी याद आएगी तो में इसे देख लुँगा

रजत निचे आता हे उनको आज रात की गाड़ी से शिमला जाना होता हे ।। निकिता ट्रेन की टिकट मांगा लेती हे और सब रेडी हो जाते हे जाने के लिए माँ माया को काया का धयान रखने को बोलती हे।और सब टैक्सी से रेल्वे स्टेशन पहुच जाते हे गाडी आने में अभी वक़्त था तो रजत सब के लीये कॉफी लाता हे गाड़ी आती हे सब अपनी साइट पर जा कर बैठ जाते हे।ठोड़ी देर बाद एक लड़की आती हे जिसकी उम्र २६-२७साल होगी मस्त चुचिआ गांड थोड़ी निकली हुई पतली कमर ।रजत के पास आ कर बैठ जाती हे। उसके साथ एक बूढ़ा आदमी होता हे जो उसका बाप लग रहा था रजत को। निकिता की नजर रजत से हटती नहीं हे रजत की माँ बोलती हे "क्यों पीछे पड़ी हे मेरे बच्चे के" निकिता बोलती हे "तुम खुद करने वाली नहीं कम से कम मुझे तो करने दो"

सब चंडीगढ़ उत्तर जाते हे क्यों की यहाँ से बस से जाना होता हे सुबह के ४ बज रहे होते हे ९ बजे सब शिमला पहुच जाते हे वह निकिता का पति सब का इन्त्ज़ार कर रहा होता हे ।रजत अपने मोसा को नमस्ते करता हे। निकिता का पति विकास एक कार बुक करता हे क्यों की उन्हें अभी भी ३ घंटे का सफर करना बाकि रहता हे विकास आगे बैठ जाता हे और निकिता रजत और उसकी माँ पीछे बैठ जाती हे।रजत मौसी और माँ के बिच बैठा होता हे दोनों औरतो के बदन की गरमी से ठण्डा माहोल गरह हो जाता हे ।निकिता अपनी चुचिआ रजत के कन्धो से रगडती हे रजत को मालूम हे की ये दोनों बहने चुदासी हे पर थकन की वजह से वो कोई प्रितिक्रिया नहीं करता ।उसे नींद आ रही होती हे रजत मौसी को बोलता हे मुझे सोना हे निकिता उसे अपनी छाती से लगा लेती हे और सोने को बोलती हे रजत को सुकुन मिलता हे रजत सारे रास्ते सोता रहता हे ।जब गाड़ी रुकति हे तो निकिता रजत के गालो पर हाथ फेरके जगाती हे । सब उत्तर जाते हे रजत जैसे ही बाहर आता हे वहा का माहोल देख के दंग रह जाता हे हर तरफ हरियाली पेड़ हरी हरी घास दूर दूर तक बिछे जंगल रजत के मुह से अपने आप निकल जाता हे "वॉव क्या नजारा हे ऐसी जगह तो मैं ने एक भी देखि ही नहीं हे" ।सब घर के अंदर जाते हे।रजत के मौसा वह के विधायक है उनकी बहुत चलति हे इलाके में कोई भी उनकी बात नहीं टालता ।सब घर में घुसते हे सामने निकिता के सास ससुर खड़े मिलते हे ।वो तीनो का स्वागत करते हौ

रजत दोनों के पैर पडता हे दोनों उसको अशीर्वाद देते हे माँ ने भी नमस्ते किया फिर हम घर के अंदर आ गए निकिता की दो ननद थी रिद्धि२४साल की थी जिसकी शादी थी । रंग गोरा दूधीया कलर की ऑंखे काले लम्बे बाल चुचिआ बड़ी बड़ी गांड थोड़ी निकली हुई उसके बूब्स को देख कर रजत अन्दाजा लगाता हे ३८ साइज के होंगे उसने पिंक कलर का सूट और वाइट कलर की सलवार पहनी थी । उसके बूब्स को देख कर रजत सोचता हे काश एक बार चूसने को मिल जाते निधि रजत को अपने बूब घुरते देख शर्मा जाती हे ।जेसे ही रजत रूम में घूसने लगता हे तो एक लड़की से टकराता हे। एक दम तूफ़ान मेल निकिता बोलती हे देख के नहीं चल सकती अभी मेरे भतीजे को गिरा देती । सिद्धि की ऐज रजत जितनी थी ।उसका बदन ज्यादा विकसित नहीं था उसके सन्तरे जैसे बूब्स ।टमाटरजैसे गाल कजरारि ऑंखे रजत देखता रह जाता हे जीन्स उसकी गांड में घुसि जा रही थी। टीशर्ट के निचे ब्रा न पहनने की वजह से उसके निप्पल नजर आते हे। उसका फीगर रजत को ३४"२६"३४ लगता हे । सिधि रजत को देख के शर्मा जाती हे और भागति हुई घर से बहार चलि जाती हे। निकिता बोलती हे रजत और दीदी आप आराम करो में तब तक नाश्ते की तयारी करवाती हु। रजत थकावट की वजह से रूम में जा कर फ्रेश होता हे । और सो जाता हे १२ बाजे रिद्धि रजत को लंच के लिए जगाने आती हे ।थकावट की वजह से रजत गेहरी नींद में सो रहा होता हे रिद्धि रजत के ऊपर झुक कर उसे उठाने की कोशिश करती हे आचानक रिधि अपना सन्तुलन खो बेठती हे और सीधा रजत के उपर गिर जाती हे रजत चौक जाता हे और उठ जाता हे ।रजत देखता हे रिद्धि उसके ऊपर हे और रिद्धि के लिप्स उसके लिप्स के ऊपर हे दो मिनट तक ऐसे रहता है रजत क्या करे उसे कुछ समझ नहीं आता हे ।रिधि खुद को संभालति हे और खड़ी हो जाती हे। डोर से बहर जाते हुए शरमा के केहती हे "आप को भाभी बुला रही हे खाना खा लीजिये' ।रजत उसको देखता रहता हे और वो चलि जाती हे ।

रजत फ्रेश हो कर हॉल में आता हे सब वहा बैठ कर बाते कर रहे होते हे सब ने खाना खा लिया होता हे ।रिधि रजत का खाना लगाती हे नमिता बोलति है "रिधि मेरे भतीजे का ख्याल रखना कोई शीकायत नहीं आणि चहिये'।रिधि बोलती हे "भाभी आप चिंता मत करो में सब देख लुंगी,आखिर पहली बार ही सही आये तो हमारे घर वरना कभी आते ही नहीं' ।रजत से रिधि का ताना मारना बर्दाश नहीं होता वो भी बोल पडता हे "आप ने पहले कभी बुलाता ही नहीं वरना तो हम पहले ही आ जाते' रजत की बात सुन सब हसने लगते हे ।खाना खाने के बाद रजत बाहर बैठ जाता हे हलकी हलकी ठण्ड है इस लिए धूप सेक रहा हे सिधि आती हे बोलती हे "चलो तुमको घुमा कर लाती हूँ' ।रजत चुप चाप उसके पीछे चल्ने लगता हे सीधी उस से पूछती हे "क्या करते हो रजत बोलता हे कॉलेज में अभी गया हु'। रिधि पूछती हे "कोई गर्लफ्रैंड हे तुम्हारी' ।रजत को उसका यु खुले आम पूछना अजीब लगता हे और ना बोल देता हे । रिधि पूछती हे "क्यों' 'रजत बोलता हे "कोई मिली नहीं जो गर्लफ्रैंड बन सके मेरी'। रिधि रजत को एक जगह ले जाती हे और बोलती हे "ये लवर पॉइंट हे यहाँ अक्सर लवर ही आते हे' रजत देखता हे एक झील के किनारे किनारे बहुत सारे पेड़ लगे हुए हे और कुछ लोग उन पेडो के पीछे अपने लवर के साथ प्यार की बाते कर रहे थे
 
रजत वहा का माहोल देख के शर्मा जाता हे सिद्धि उसे लेकर झील के पास जाती हे ।रजत देखता हे कुछ लोग झाड़िओ में कुछ कर रहे हे उसे कुछ दिखाइ तो नहीं देता पर आवाजो से पता चलता हे की चुदाई हो रही हे सिद्धि भी अवाजे सुन कर शर्मा जाती हे रजत उसके चहेरे को देखता हे और बोलता हे यहाँ का नजारा बहुत रमणीक हे बहुत सुहाना मौसम हे ।सिद्धि उसके साथ झील के किनारे किनारे चलते हुए बाते करती हे सिद्धि बहुत गरम हो चुकी थी इस लिए रजत को घर चल्ने को बोलती हे रजत भी अपने खड़े लंड से परेशान था वो हलका होना चाहता था दोनों धीरे धीरे घर के पास पहुच जाते हे। सिद्धि अपने रूम में चलि जाती हे रजत बाथरूम में जा कर माया के बारे में सोचता हे वो क्या कर रही होगी और मुठ मारता हे हलका हो कर रजत माँ को ढूँढ़ने लगता हे ।रिद्धी बताती हे की उसकी माँ भाभी के साथ मार्कीट घुमने गई हे ।रजत अपने रूम में आ कर लेट जाता हे रिधि उसके पास आती हे और उसको बोलती हे "बहुत तारीफ करती हे तुम्हारी भाभी' चलो आज मिल भी लिया". रजत को रिधि की चुचिओ की घाटि साफ नजर आती हे ।रिधि उसे देख कर शर्मा जाती हे और बोलती हे ये सब अपनी गर्लफ्रैंड क देखने मेरा नहि।रजत बोलता हे मेरी गर्लफ्रैंड नहीं हे ।रिधि बोलती हे मजाक में "पहले मिले होते तो में बन जाती" और दोनों मुस्कुराते हे ।

ऐसे ही सारा दिन निकल जाता हे शाम को रिधि के पिताजी रजत को बोलते हे बेटा डिनर के बाद मेरे साथ वॉल्क पर चलोगे रजत हा में सर हिला देता हे ।सब डिनर करते हे डिनर के कुछ देर बाद रिधि के पिताजी बोलते हे "रजत चलो घूम कर आते हे".और वो सैर करते करते बाते करते हे पर रजत उनकी बातो पर ध्यान नहीं देता ।एक जगह जा कर रिधि के पापा बोलते हे "रजत एक बात पुछु सच बताओगे'. रजत बोलता हे है "पूछियै'। रिधि के पापा पूछते हे "कभी चिड़िया मारी हे' ।रजत उनका मतलब नहीं समझता और पूछता हे "ये क्या होता हे' रजत की तरफ देख के रिधि के पापा बोलते रजत "हम अभी दोस्त हे तो ये जो भी बाते होंगीं हमारे बिच रहनी चाहिए'. रजत बोलता हे "ठीक हे' ।रिधि के पापा बोलते हे "में सेक्स की बात कर रहा हूँ'. रजत बोलता हे "नहीं मैने कभी सेक्स नही कीया, और मुझे इसके बारे में कुछ भी पता नहीं'.

रीधि के पापा बोलते हे की "जवान हो अभी तक सेक्स नहीं किया' मन नहीं करता ये सब करने का'. रजत बोलता हे "करता तो हे पर कोई होनि भी चाहिए'. "ऐसी बात हे तो में तुम्हारी हेल्प करता हूँ ,तुम मेरी हेल्प कर दो' रजत पूछता हे "केसी हेल्प ।रिधि के पापा बोलते हे "मुझे तुम्हारी मौसी बहुत अच्छी लगती हे, दिली तमन्ना हे एक बार उसके साथ सेक्स करू'. रजत सुन कर चौक जाता हे ।ओर बोलता हे "में क्या हेल्प कर सकता हु इस काम में'. रिधि के पापा बोलते हे "बस तुम इतना पता लगाओ की मेरे बारे में क्या सोचती हे, और क्या फील करती है', बाकि में सब संभल लुँगा'. दोनो घर आ जाते हे ।रजत की माँ रिधि के रूम में शिफ़्ट हो जाती हे और रजत का रूम छोटा होने की वजह से उसे अकेले सोना पडता हे ।। रात को अचानक आहट से उसकी आंख खुल जाती हे रजत एक साये को उसके रूम के सामने से जाता हुआ देखता हे।रजत जल्दी से उठता हे और शाल ले कर उसके पीछे पीछे चलता हे उस साये ने भी शाल से अछि तरह खुद को धक रखा था तो उसका चहेरा नजर नहीं आता ।। कुछ दूर चल के साया एक पड़ के पीछे चला जाता हे जहा घणी झाडिया थी रजत धीरे धीरे उसके पास आता हे और देखता हे की ये तो सिद्धि हे ।उसके साथ एक लड़का हे जो उसकी चुचिओ को दबा रहा हे ।ओर लिप्स पर कीस कर रहा हे ।रजत चुप चाप सारा तमाशा देखता हे। सिधि लड़के का लंड सहलती हे और लिप्स पर किस करती रहती हे । फिर लड़का सिद्धि को लंड मुह में लेने को बोलता हे। सिद्धि उसका लंड चुस्ने लगती हे उसका लंड ५ इंच का था इस लिए सीद्धि पूरा पूरा मुह में लेती हे फिर लड़का अपने कपडे उतार कर सीद्धि को नंगा करता हे इतने में रजत से ग़लती हो जाती हे और पैर स्लीप करने की वजह से गिर जाता हे और उसकी चीख निकल जाती हे लड़का डर जाता हे और वहा से अपने कपडे लेकर भाग जाता हे सीद्धिभी कपडे पहन कर देखति हे तो रजत बैठा कर पैर दबा रहा हे ।पर सीद्धि डर के मारे उसके सामने नही आती ।रजत लगड़ाते हुए उसके पास जाता हे । सिद्धि सहम जाती हे रजत उसके कन्धो पर हाथ रखता हे सीद्धि ऑंखे बंद कर लेती हे । रजत का लंड टाइट हो चुका था और दो दिन से चुदाई न करने की वजह से बहुत गरम था ।सिद्धि को पकड़ कर घुमाता हे ।सिद्धि निचे देखति रहती हे रजत पूछता हे "कोण था? सीद्धि बोलती हे "बॉयफ्रेंड हे मेरा' ।राजत बोलता हे "ये सब कब से चल रहा हे'. सीद्धि रोने का मुह बना कर बोलती हे "पहली बार कर रही थी'. "प्लीज् किसी को मत बताना' ।रजत बोलता हे "ठीक हे नहीं बताऊँगा पर मेरी एक शरत हे'. सीधी बिना सुने बोल देती हे मुझे तुम्हारी हर शर्त मंजूर हे। रजत बोलता हे "ओके अब चलो घर टाइम बहुत हो गया हे' दोनों घर में घुसते हे निकिता देख लेती हे और सोचती हे इतनी रात को दोनों कहा से आ रहे । दोनों अपने अपने रूम में जा कर सो जाते हे ।
 
सुबह निकिता रजत को जगाती हे निकिता की स्माइल में एक मदहोशी थी रजत समझ जाता हे जरूर कोई बात हे. निकिता पूछती हे." रात केसी बीती" रजत बोलता हे "अच्छि ही बीत गई" निकिता बोलती हे "अच्छि की बहुत अच्छि" .रजत बोलता हे "मैं मतलब नहीं संमझा" निकिता बोलती हे "मैने तुम दोनों को बाहर से आते हुए देखा था, क्या कर रहे थे दोनों रात को" .रजत बोलता हे”मुझे नींद नहीं आ रही थी तो सिद्धि भी जाग रही थी हम दोनों बस थीड़ा हवा खाने बाहर गए थे”. निकिता बोलती हे “ओके चलो उठ जाओ जैसे तुम्हारा वो उठा हुआ हे”रजत अपने लंड को देख के शर्मा जाता हे और छुपाने की कोशिश करता हे ..

रजत फ्रेश हो कर सब के साथ नाश्ता करता हे और सिद्धि को इशारे से ऊपर आने को बोलता हे जल्दी जल्दी नाश्ता खा कर उठ जाता हे और ऊपर छत पर चला जाता हे थोड़ी देर बाद उसे किसी की आने की आवाज आती हे . वो दरवाजे के पीछे छुप जाता हे .ओर जैसे ही ऊपर वो आती हे पीछे से उसकी चुचिओ को दबाने लगता हे .पर ये क्या वो चौक जाता हे ऐसा नहीं होना चाहिए था?

अब जरा रजत के घर और कॉलेज की भी बात कर ले

रोहित के घर पर सुबह से रोहित और ख़ुशी कॉलेज के लिए निकलते हे रोहित बाइक निकालता हे जीन्स टॉप में ख़ुशी माल लग रही थी .खुशी रजत के पीछे बैठ जाती हे .रोहित बाइक स्टार्ट कर देता हे और कॉलेज की तरफ जाने लगता हे .तभी रजत उसे फ़ोन करता हे अचानक रोहित ब्रेक लगाता हे ख़ुशी की दोनों चुचि रोहित की पेठ से लग जाती हे ख़ुशी बोलती हे "भाई सही से चलाया करो". रोहित बोलता हे "सही से ही कि चलाता हूँ किसी का फ़ोन आ रहा हे बार बार" .रोहित कॉल रेसिवे करता हे रजत बोलता हे "रोहित में रजत एक वीक तक कॉलेज नहीं आ पाउँगा में मौसी के घर आया हूँ शादी हे, तो तू क्या रूपा को रोज घर छोड़ देगा" रोहित बोलता हे "वो मेरे साथ आएगी" .रजत बोलता हे "में सर से बात कर लुँगा तू रूपा को घर ड्राप कर देना". रोहित कहता हे "ठीक हे" .

खुशी रोहित से पूछती हे "किसका फ़ोन था" रोहित बोलता हे रजत का था वो शादी में शिमला गया हे एक वीक नहीं आएगा ख़ुशी बोलती हे "कल से कॉलेज में एलक्शन होने वाले हे, काश! हम भी घूमने शिमला जा सकते! रोहित ख़ुशी को कॉलेज छोड़ कर अपने कॉलेज चला जाता है

रोहित कॉलेज पहुँचता हे रूपा उसे अकेला देख के उसके पास आती हे और पूछती हे की रजत कहा है आज क्यों नहीं आया तबियत तो नहीं ख़राब .रोहित बोलता हे "बस भी करो इतने सवाल? .."रजत ठीक हे बस कुछ दिन कॉलेज नहीं आएगा" . रूपा पूछती हे "क्यों ?.रोहित बोलता हे "वो अपने कीसी रिश्तेदार की शादी में गया हे" .रूपा ये सुन कर मायुस हो जाती हे और चुप चाप जाने लगती हे. रोहित रूपा को रोकता हे और बोलता हे "आज मेरे साथ चलना रजत ने बोला हे तुमको घर ड्राप कर दूंगा" . रूपा बोलती हे "पर डैड" . रोहित बोलता हे "रजत उनसे बात कर लेंगा" .दोनो अपनी क्लास में चले जाते हे . कॉलेज के बाद रूपा रोहित की बाइक पर बैठ जाती हे , रोहित बोलता हे "पहले कही कॉफी पिने चले".रूपा हा में सर हिला देती हे .

रोहित और रूपा कॉफी हाउस जाते हे रोहित कॉफी मगवाता हे .दोनो चुप चाप बैठे थे दोनों में से कोई भी नहीं बोलता हे फिर रोहित रूपा से पूछता हे की तुम्हारे डैड ने तुमको रजत के घर क्यों रोज जाने को बोला हे .रूपा बोलती हे मेरे घर में कोई नहीं हे और पडोस में गुंडे लड़के रहते हे उनको डर हे कही वो मुझे कुछ कर न दे. रोहित पूछता हे तुमने रजत को इस प्रॉब्लम के बारे में बताया था .रूपा ना में सर हिला देती हे और बोलती हे वो बहुत बिगडे हुए लड़के हे मैंने सुना हे उनके फादर बहुत बड़े आदमी हे उन लड़को ने एक लड़की का रेप भी कर दिया था पर पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाई फिर हम तो छोटे लोग हे हम उनका क्या बिगाड़ पाएंगे .अकसर रात को वो मेरा नाम ले कर बुलाते हे बहुत डर लगता हे .रोहित बोलता हे ऐसा करो जब तक रजत नहीं आता क्यों नहीं तुम उसके घर माया काया के साथ रह लो में रोज कॉलेज लेके जाउँगा .या माया तुमको छोड़ देगी . रूपा बोलती हे क्या माया दीदी राजी होंगीं इसके लिए .रोहित बोलता हे में रजत से बात कर लेता हूँ वो दीदी को मना लेगा .

रोहित रजत को फ़ोन करता हे रजत रिसीव करता हे हेलो रजत रोहित बोलता हे एक प्रॉब्लम हो गई हे रजत पूछता हे क्या हुआ घर पर माया और काया सही तो हे न रोहित बोलता हे है सही हे .पर रजत बोलता हे पर क्या जल्दी बता दिल बैठा जा रहा हे. रोहित बताता हे की रूपा को कुछ अमीर जादे छेड़ते हे उसको डर हे कही वो उसके साथ कुछ बुरा न कर दे . रजत बोलता हे उसने मुझे क्यों नहीं बताइ ये बात . रोहित बोलता हे क्या जब तक तू नहीं आता वो तेरे घर पर रह सकती हे .रजत बोलता हे हा . रह ले ऐसे वो सेफ भी रहेगी. रोहित बोलता हे पर क्या माया दीदी मानेंगी इस बात के लिए . रजत बोलता हे फ़िक्र मत कर में माया दी को बोल दूंगा मेरा रूम दे देगी तब तक. आ कर इस प्रॉब्लम को हल करेंगे.रोहित फ़ोन काट देता हे .ओर रूपा को बोलता हे रजत दीदी से बात कर लेगा मुझे यकीं हे वो मना नहीं करेगी .पर सर मानेगे इसके लिए रूपा बोलती है वो तो कहते है में रजत के घर किराये पर रह लु वो किराया दे देंगे . दोनों रूपा के घर जाते हे जो कॉलेज से कुछ दूर था . रोहित रूपा के घर के पास बाइक रोकता हे . रोहित देखता हे कुछ लड़के ड्रग्स ले रहे हे शायद इनकी ही बात रूपा कर रही थी. रूपा और रोहित घर में जाते हे. रूपा अपने पापा से फ़ोन पर इजाजत मांग लेती हे और पैकींफ शुरू कर देती हे. थोड़ी देर में पैकिंग करके वो रजत के घर की तरफ जाने लगते हे वो लड़के रूपा को किसी लड़के के साथ जाते देख उनका पीछा करते हे . रोहित से रूपा बोलती हे इनसे किसी तरह पीछा छुड़वाओ में नहीं चाहती ये रजत के घर तक पहुच जाये .रजत फुल स्पीड में बाइक चलाता हे और एक छोटी सी गली में घूसा लेता हे . लड़के आगे चले जाते है थोड़ी देर बाद रोहित बाइक मोडता हे इधर उधर देखता हे और बाइक फुल स्पीडमें चलाता हुवा रजत के घर पहुच जाता हे .

रजत के घर की बेल बजाता हे .माया उन दोनों को अंदर आने को बोलती हे रोहित बोलता हे दीदी में चलता हूँ लेट हूँ घर पर माँ डाटेंगी .माया बोलती रजत मुझे डाटेंगे उसका दोस्त आया और मेने बिना चाय नाश्ते के जाने दिया . रोहित हार कर अंदर रूपा के पास आ जाता हे काया पूछती हे क्या तुम दोनों घर से भाग कर यहाँ आ गए हो सुटकेस लेकर . रोहित बात सुन कर चौक जाता हे और बोलता हे ऐसी कोई बात नहीं .आज से रूपा तुम दोनों के साथ रहेगी और रजत आएगा तब भी शायद.काया पूछती हे क्यों क्या हुआ . रोहित कुछ बोलता उस से पहले माया सब के लिए चाय लाती हे . माया काया को सारी बात बताती हे जो रजत ने उसे बताई थी.
 
काया बोलती हे "तुम यही रहा करो हमारे घर में एक रूम खाली हे उस में रह सकती हो, अगर माँ मान गई फिर तुमको किसी का डर नहीं रहेगा,रहि बात उन गुंडे लड़को की यहाँ कोई ऐसा लड़का नहीं आ सकता क्यों की ये एक अच्छी सोसाइटी हे". सब चाय पीते हुए बाते करते हे चाय ख़तम होने के बाद रोहित चला जाता हे . काया रूपा को अपने रूम में रहने को बोलती हे पर माया बोलती हे की "तेरे रूम में एक ही स्टडी टेबल हे, जिस पर तू पढ़ती हे .इस से अच्छा मेरे रूम में रहे में तो कभी कभार ही कोई बुक पड़ती हूँ".काया मान जाती हे. माया रुपा का सामान अपने रूम में सेट करवा देती हे माया के रूम में एक और बेड लगा दिया जाता हे. फिर तीनो टीवी देखति हे . माया डिन्नर की तैयारी करती हे रूपा उसका हाथ बटाने आती हे. माया उसे कहती हे "तुम रहने दो तुम काया के साथ बैठ कर टीवी देखो" पर रूपा नहीं मानती फिर दोनों मिल कर खाना बनातीं हे. तीनो डिन्नर करके रूम में जाते हे . रूपा एक पतली सी टीशर्ट और एक पजामी पहन लेती हे .माया नाइटी पहन लेती हे दोनों बाते करती हे .

माया ने रूपा से पूछा "और बताओ तुम्हारी लव स्टोरी कहा तक पहुची". रूपा कहती हे "वो तो कुछ बोलता ही नहीं तो में क्या बताऊ" माया बोलती हे "अब फ़िक्र मत करो आने दो में सब देख लुंगी". रूपा से माया पूछती हे की "तुमको उसके बारे में पता हे" रूपा बोलती हे "किसके बारे में" . माया बोलती हे "यार सेक्स के बारे में" . रूपा बोलती हे है "कुछ कुछ पता हे" . रूपा माया से पूछती हे "दीदी क्या? आप ने कभी किया हे" . माया शरमाते हुई सर हिला देती हे . रूपा पूछती हे "किसके साथ करवाया आप ने". माया बोलती हे "मुझे शर्म आती हे बताने मे". माया रूपा से पूछती हे "कभी किसी ने तुमको टच किया" . रूपा बताती हे "ऐसे तो किसी ने नहीं किया' पर मेरे मामा और उनके लड़के कभी कभी मेरे पीछे और आगे हाथ लगा देते थे, जब में उनके घर जाया करती थी, में तब बच्ची थी".. "बहुत बुरा लगता था पर एक अजीब सी ख़ुशी होती हे, कभी कभी तो मेरे मामा के लड़के अपना वो मेरे पीछे रगड़ते थे".

माया बोलती हे "तुमको उनमे से कोई अच्छा नहीं लगा, कभी सेक्स करने का मन नहीं हुआ" . रूपा "हुआ तो बहुत पर उनको में कैसे? कह सकती थी, फिर डैड मुझे यहाँ ले आये" . बात करते करते दोनों की चुत गिली हो चुकी थी .माया अपनी नाइटी उठा के चुत में उंगली डालती हे .रूपा उसे हैरानी से देखति हे माया अपनी ऊँगली अंदर बाहर करती हे अपनी चुचिओ को दबाने लगती हे .रूपा देख के गर्म हो जाती हे और माया को किस करने लगती हे माया भी उसको किस करती हे .रूपा की चुचिओ को दबाने लगती हे.टीशर्ट रूपा की उतार कर फेक देती हे माया अपनी नाइटी उतार देती हे और रूपा अपना पजामा .दोनो लडकिया नंगी हो कर एक दूसरे को किस करती हे एक दूसरे की चुचिओ को मसलती हे माया रूपा की चुचिओ को चूसती हे रूपा की चुत को हाथो से रगडती हे रूपा की चुत गोरी चिट्टी और बिना बाल के होने की वजह से बहुत नरम लगती हे . माया रूपा की चुत को किस करने लगती हे .रूपा उसे मना करती हे ऐसा करने को. माया बताती हे बॉयज को इसे चाटना और अपना चटाना बहुत पसंद हे तो अभी से आदत डाल लो. और रूपा की चुत को जोर जोर से चुस्ती हे .माया रूपा को बोलती हे "लेट जाओ" रूपा लेट जाती हे माया ६९ की पोजीशन में अपनी चुत रूपा के मुह पर रख देती हे रूपा चौक जाती हे .माया उसे बोलती हे "तुम भी मुझे मज़ा दो" और रूपा की चुत चुस्ने लगती हे माया की चुत गीली होने की वजह से जैसे ही रूपा माया की चुत चाटती हे उसे अजीब सी महक आती हे. रूपा उसे सूँघ कर मदहोश हो जाती हे.माया की चुत का पाणी उसे नमकिन लगता हे . दोनों एक दूसरे की चुत जोश में चाटती हे. दोनों ही झड जाती हे और एक दूसरे का पाणी पीने लगती हे रूपा बोलती हे "दीदी जैसा मज़ा आप ने दिया हे पता नहीं कब' आप का भाई देगा" .माया बोलती हे "में तेरा काम करवा दूंगी पर मुझे भी कुछ चहिये"..रूपा बोलती हे "क्या ?

माया बोलती हे "मैने रजत का लंड देखा है, बस एक बार चुदवाना चाहती हूँ उस से". रूपा सुन कर हैरान हो जाती हे . रूपा बोलती हे "दीदी वो आप का सगा भाई है, और मेरे मान भी लेने से क्या होता हे, रजत नहीं मानेगा" .माया बोलती हे "वो में उसे मजबूर कर दूंगी तब मानेगा, में जानती हूँ वो मुझे बहुत प्यार करता हे". रूपा और माया चिपक कर सो जाते हे.
 
रजत फ्रेश हो कर सब के साथ नाश्ता करता हे और सिद्धि को इशारे से ऊपर आने को बोलता हे जल्दी जल्दी नाश्ता खा कर उठ जाता हे और ऊपर छत पर चला जाता हे थोड़ी देर बाद उसे किसी की आने की अवाज आती हे . वो दरवाजे के पीछे छुप जाता है .ओर जेसे ही ऊपर वो आती हे पिछेसे उसकि चुचिओ को दबाने लगता हे .पर ये क्या वो चौक जाता है ऐसा नही होना चाहिए था.

रजत एक दम चौक जाता हे और अपना हाथ हटा लेता हे क्यों की सिद्धि की जगह रिद्धी आ गई थी और उसके धोखे में उसने रिद्धी की चुचिआ दबा दी थी रिद्धी की तो चिख निकल जाती हे उसके आँसू आ जाते हे . रिद्धी की ऑंखे लाल हो जाती हे रजत को लगता हे की रिद्धी सबको बता देगी और सब उसे घर से निकल देंगे. रिद्धी रजत को बोलती हे कोई ऐसे दबाता हे किसी की . रजत सॉरी बोलता हे और कहता हे प्लीज किसी को मत बताना वरना माँ मुझे घर से निकल देंगी . रिद्धी बोलती हे कोई बात नहीं पर ये बताओ किसका वेट कर रहे थे. रजत चुप हो जाता हे वो सोचता हे की इसे बताउ या नही . उसकी परेशानी रिद्धी पहचान लेती हे .ओर बोलती हे नहीं बताओगे तो में भाभी को सब बता दूंगी .रजत बोलता हे सिद्धि का . रिद्धी चौक जाती हे और बोलती हे उसका तो बॉयफ्रेंड हैं फिर वो तुम्हारे साथ .इतना ही बोलती हे रजत भि कुछ नहीं बोलता .रिद्धी रजत के पास आती हे रजत सर झुकाये एक मुजरीम की तरह खडा रहता हे. रिद्धी उसके चहेरे को पकड़ लेती हे और ऊपर करके उसे बोलती हे क्या में तुमको पसंद नहीं जो सिद्धि के पीछे पड़े हो रजत हेरान रह जाता हे रिद्धी की बात सुन कर . रिद्धी बोलती हे में भी जवान हूँ खूबसूरत भी हूँ क्या तुमको अच्छी नहीं लग रही मैं रजत बोलता हे ऐसी कोई बात नहीं तुम बहुत अच्छी लगती हो पर .रिद्धी पूछती हे पर क्या .रजत बोलता हे तुम्हारी शादी होने वाली हे में नहीं चाहता मेरी वजह से तुम्हारी जिंदगी बरबाद हो .रिद्धी बोलती हे उसकी टेंशन मत लो मेरा होने वाला पति पहले ही कई बार मेरे साथ शादी से पहले सेक्स कर चुका हे और रिद्धी रजत को किस करते हुए बोलती हे तुम्हारा हाथियार उनसे बहुत बड़ा हे मुझे पता हे मैंने महसुस किया हे रिद्धी की बातो से रजत गर्म हो जाता हे उसका लंड खड़ा हो जाता हे और आजाद होने के लिए पेन्ट्स मे सघर्ष करता हे रजत भी दो दिन से सेक्स न करने की वजह से खुले आसमाँ के निचे ठण्ड में भी पसीने से तर हो जाता हे रिद्धी उसके पसीने को चाटती हे और लंड को पेण्ट के ऊपर से सहलाती हे. रजत भी उसकी चुचिओ को पकड़ लेता है मसलता हे छत के स्टोर रूम में ले जाता हे और रिद्धी के कपडे उतारने लगता हे.

स्टोर रूम में लाइट नहीं थी चाँद की मध्यम रोशनी में रिद्धी का जिस्म चमकता हैं . रजत आगे बढं कर उसकी चुचिओ को दबाते हुए चूसता हे.रिद्धी की सिसकिया निकलती हे .रिद्धी रजत की पेंटसे लंड को बाहर निकालती हे उसे लंड ७ इंच का लगता हे .पर बहुत मोटा दीखता हे वो सोचती हे ये तो मेरी फाड् ही देगा .रजत पेण्ट उतार देता हे लंड को देख कर रिद्धी की ऑंखे फटी की फटी रह जाती हे ये तो बहुत बड़ा हे और मोटा भी बिलकुल घोड़े जेसा . रजत रिद्धी की चुत में उंगली डालता हे रिद्धी की चुत क्लीन शेव थी शायद उसने दो दिन पहले शेव की थी रजत चुत को मसलता हे और उसमे उंगली ड़ालता हे.रिद्धी रजत का लंड सहलती हे रजत रिद्धी को लंड चुसने को बोलता हे रिद्धी बोलती हे की मेने कभी ट्राय नहीं किया हे मेरे से नहीं होगा रजत रिद्धी के बाल पकड़ कर जोर से उसे निचे बैठा देता हे और बोलता हे साली कुतिया चुदवाने में मज़ा आता हे चुस्ने में नहीं चुप चाप चुस वरना जबरदस्ती घूसा दूंगा मुह में और रिद्धी के बालो पर पकड़ मजबूत कर देता हे रिद्धी को दर्द होता हे और बोलती हे रजत बाल छोडो दर्द हो रहा हे रजत बोलता हे फिर लंड चुस रिद्धी बोलती हे ठीक हे में चुस्ती हूँ तुम बाल छोडो रजत बाल छोड़ देता है और रिद्धी रजत के लंड पर जीभ लगा कर चाटती हे .रजत बोलता हे मुह में लो .रिद्धी मुह खोलती हे रजत लंड अंदर घूसा देता हे मोटा होने की वजह से उसके मुह में नहीं आता . रिद्धी का मुह दुखाने लगता हे . रजत जोर जोर से मुह में लंड घुसाता हे .रिद्धी की घु घु सी अवाज आती हे रजत रिद्धी को खड़ा करता हे और दिवार के साथ लगा देता हे .रजत की तरफ रिद्धी की पीठ होती हे रजत निचे झुक कर रिद्धी की चुत को चाटता हे रिद्धी को अच्छा लगता हे पहली बार किसी ने उसकी चुत को चाटा था उसे बहुत मजा आता हे चुत चटवाने में रजत रिद्धी की चुत में उंगली दाल कर आगे पीछे करता हे .
 
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