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लाइफ हो तो ऐसी complete

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सिद्धि भी जाग जाती हे पर रजत के वापस जाने की खबर से उदास हो जाती हे. रजत सिद्धि को बोलता हे उदास मत हो. में छुट्टीया शुरू होते ही वापस आऊंगा. सिद्धि रजत से लिपट जाती हे और रोने लगती हे. टेक्सी आ जाती हे निकिता रजत और मीना को बाहर तक छोडने आती हे. निकिता रजत को बोलती हे रजत दो मिनट बात सुणो मीना गुमसुम भी जा कर टेक्सी में बैठ जाती हे.निकिता रजत को बोलती हे “मेरी बहन बेशक तुम्हारी माँ हे, “पर एक ओरत भी हे’ “वो भी मर्द की चाहत और प्यार की हक़दार हे, “कई सालो से उसने किसी मर्द को अपने पास आने नही दिया”. रजत. “मौसी आप फ़िक्र मत करो, जैसे आप दोनों मेरी रंडी हो वेसे में माँ को भी अपनी रंडी बना कर रखूँगा, कोई तकलीफ नहीं होगी” निकिता ये सुन कर खुश हो जाती हे और प्यार से रजत का माथा चूम लेती.

रजत और मीना रेलवे स्टेशन पहुँचते हे गाड़ी टाइम पर होती हे दोनों अपनी सिट पर बैठ जाते हे ४ बजे वो घर पहुच जाएगे चंडीगढ़ से दिल्ली. रजत सोचता हे एक हफ्ता कैसे बिता पता ही नहीं चला. लाइफ मस्त लग रही थी. रिद्धी सिद्धि और मौसी तीनो ने खुद मजे दिए .रात सही से नींद न आने की वजह से माँ बेटे सोचते सोचते सो जाते हे. दिल्ली पहुच कर उनकी नींद खुलती हे. वो जल्दी से एक टेक्सी पकड़ ते है और घर पहुच जाते हे. घर की घंटी बजाते ही डोर खुलता हे रजत को अपना घर बदला बदला लग रहा था.

माया डोर खोलती हे रजत को देख कर उसे गले लगा लेती हे और रोने लगती हे काया भी आ जाती हे और रजत के गले लग कर रोने लगती हे. रजत दोनों को चुप करवाते हुए बोलता हे “घर के अन्दर भी आने दो अब तो आ गया हूँ’ में क्यों रो रही हो सब ठीक हो जायेगा”. माया मोम को भी गले लगाती हे काया सब के लिए चाय बनाती हे. रजत रोहित को कॉल करता ह.

रजत- “

हैलो रोहित कहा हे तू?

रोहित – “में होस्पिटल में हूँ तू कहा हे?

रजत- “में घर पहुच गया ह”.

रोहित- “तू घर पर रुक में आता हु”.

रोहित होस्पिटल से रजत के घर पहुच जाता हे रजत को गले लगाता हे रजत पूछता हे “कैसे हुआ ये सब?.

रोहित- “यार तेरे जाने के बाद में रूपा को तेरे घर पर ले आया, पर उसके घर के बदमाश लड़के उसे परेशान करते रहे, में जहा तक हो सका उसे बचता रहा कल में कॉलेज नहीं गया’. “रूपा ऑटो से घर आ रही थी उन लड़को ने छेड छाड़ की उसके साथ. चलती ऑटो में उन लड़को ने रूपा के साथ खींचा तानी की, जिसकी वजह से वो रोड पर गिर गई, और उसको बहुत चोट लगी”.

रजत ग़ुस्से में “सालो को जान से मार दुंगा. जिन लोगो ने रूपा का ये हाल किया हे”

रोहित- “यार वो बिगडे हुए अमीर बाप के लड़के हे, पुलिस उनका कुछ नहीं बिगड पाई तो हम क्या कर पाएंग़े?.

रजत- सालो का कुछ तो इलाज करना पडेगा.

रोहित – “प्लान बना के पीटते हे उनको” क्या बोलता हे?.

रजत – “हा पहले मुझे रूपा से मिलना हे, चल होस्पिटल चलते हे”.

रजत माँ और बहनो को बता कर होस्पिटल पहुच जाता हे रूपा को देखता हे हाथो और पैरों पर पलास्टर चढ़ा हुआ हे .रूपा रजत को देख कर रुआँसी हो जाती हे रजत पास पहुच कर पूछता हे “अब कैसा लग रहा हे? रूपा की आँखों से आँसु बहने लगते हे. रजत उनको साफ करते हुए बोलता हे “अब फ़िक्र मत करो में आ गया हूँ सब ठीक कर दूंगा” .

तभी रूपा के डैड आते हे रजत उनको तसली देते हुए कहता हे “अब उनको सबक सिखाना ही पड़ेगा, आप फ़िक्र मत करो ऐसा सबक सिखाउंगा की याद रखेंगे”.

रात को रजत घर पहुचता हे. काया रजत को टेंशन में देख कर दुखी होती हे. सब डिनर खाते हे .रजत माया को बोलता हे “सर का और रूपा का डिनर पैक कर दो, पता नहीं कुछ खाया भी हे की नहीं दोनों ने” माया डिनर पैक कर देती हे. रजत डिनर लेकर होस्पिटल पहुच जाता हे. सर को डिनर करने को बोलता हे पर सर बोलते हे “रजत भूख नहीं हे, “मेरी बिन माँ की बच्ची के साथ ही ऐसा क्यों हो रहा हे? रजत बोलता हे “आप फ़िक्र मत करो सब ठीक हो जायेगा, आप रूपा से बहुत प्यार करते हो, खाना नहीं खाओगे तो आप की भी तबियत ख़राब हो जाएगी”. रजत की बात मान कर सर डिनर कर लेते हे रजत रूपा को भी डिनर अपने हाथो से खिलाता हे. रजत डॉक्टर से मिलता हे और पूछता हे “कब? “आप डिस्चार्ज करोगे रूपा को”. डॉक्टर बोलता हे “रूपा को दो दिन और रहना पडेगा’. “मैंने पुलिस को बता दिया था रोड एक्सीडेंट हुआ हे”. “तो आप दो दिन बाद लेजा सकते हो”.

रजत दो दिन होस्पिटल में रहता है. दूसरे दिन शाम को रोहित घबराया हुआ होस्पिटल में आता हे.

रजत- “रोहित क्या हुआ इतना घबराया हुआ क्यों हे?

रोहित- “यार उन लड़को में से दो लड़के गायब हो गए हे”

रजत- “ग़ायब मतलब क्या हे?

रोहित- “यार वो लड़के कल से ही ग़ायब हे” “पुलिस और उसके दोस्त ढूंढ रहे हे”.

रजत- “कहा ग़ायब हो गए, “कही होंगे साले मेरे हाथ लगेंगे तो तोड़ कर रख दूँगा”.

रोहित – “यार पुलिस कॉलेज में पूछताछ कर रही हे यहाँ भी आ सकती हे”.

रजत- “आने दे क्यों डर रहा हे?

रूपा के डैड सब फ़ॉर्मेल्टी पूरी कर के रूपा को लेकर रजत के घर पहुँचते हे वह पुलिस की कार खड़ी देखते हे. रजत जल्दी से अन्दर पहुचता हे अन्दर पहुँचते ही चौक जाता हे.
 
रजत घर में घुसता हे सामने पुलिसमैन बैठा सब से बात कर रहा होता हे तभी रजत की नजर नेहा और कोमल पर पड़ी. रजत चौक जाता हे ये सब यहाँ क्यों आये हे? .तभी माया बताती हे “ये राहुल हे और रोहित के मोसा हे” .रजत रूपा को अन्दर लेकर आ जाते हे.माया रूपा को उसके रूम में ले जाती हे. काया सर और रजत के लिए चाय बनाने चलि जाती है.राहुल रजत को बताता हे जिन लड़को ने रूपा के साथ छेड छाड की उन में से दो लड़के ग़ायब हे .पोलिस में उनकी फॅमिली ने गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई हे. लगता हे कोई उनको अगवा कर के ले गया है “पूरी सिटी पुलिस ने छान मारी पर नहीं मिल रहे हे, “तुम लोगो ने तो नहीं कुछ किया?

रजत-(ग़ुस्से में बोलता हे) “अभी तो कुछ नहीं किया मेरे हाथ लगे तो कही के नहीं रहेंगे .

राहुल- “देखो रजत वो अमीर बाप की बिगडी औलाद हे,उनको उनके घर वाले बचा लेंगे तुमक कुछ हो गया तो,तुम्हारी फॅमिली का क्या होगा, इस लिए जो करना सोच समझ के ठन्डे दिमाग से करना” .

मीना – “बेटा कोई ऐसा काम मत करना जो बाद में मुस्किले बड़ा दे”.

रजत – “माँ में कोई गलत काम नहीं करूँगा, पर उनको सबक जरूर सिखाउंगा”.

कोमल- “बेटा हम सब तुमको बहुत प्यार करते हे,और तुमको कुछ हो गया तो बर्दाश नहीं कर पाएंगे” .

रजत – “आंटी में जानता हूँ आप सब को मेरी फ़िक्र हे”.

काया चाय लाती हे रजत की माँ पूछती हे रूपा कैसी हे. सर बताते हे अब ठीक हे कुछ दिनों में कॉलेज ज्वाइन कर सकती हे. थोड़ी देर बात करके राहुल नेहा और कोमल चले जाते हे .काया डिनर लगाती हे .रजत सर को डिनर करने को बोलता हे सब मिल कर डिनर करते हे माया रजत का मूड चेंज करने के लिए पूछती हे मौसी की शादी तो अच्छी हुई ना .रजत बात सुन कर पुराणी यादो में खो जाता हे उसके चहेरे पर चमक आ जाती हे .मीना बोलती हे “ये तो वहा बहुत खुश था,सब इसका ख्याल रख रहे थे” .रजत मन में कहता हे ऐसा ख्याल रखा हे की जिंदगी भर याद रहेगा” .माया रजत को पूछती हे क्या क्या किया वह बतओ. पर रजत तो खवाबो में खोया था उसे माया की बात सुनाई नहीं दि.माया रजत को हिलाते हुए बोलती हे भाई “वहा जा कर तो तू हुमे भूल ही गया था”

रजत होश में आता हे और बोलता हे “ऐसा कैसे हो सकता हे,में अपनी प्यारी बहनो को भूल जाउ”. माया चिड़ते हुए बोलती हे तभी तो “गए और सिर्फ एक बार कॉल किया” .रजत उसको बोलता हे “दी आप क्यों ऐसा बोल रही हो’.”मैंने आप सब को बहुत मिस किया” .

डिनर के बाद सर घर चले जाते हे .रजत अपने रूम को बहुत मिस कर रहा था रूम में जा कर वो लेट जाता हे तभी माया आती हे .

रजत- “दी आप आओ” .

माया- “रजत थक गया हे क्या?

रजत- “दी ये दो दिन बहुत परेशान रहा हूँ”

माया ने रेड गाउन पहना हुआ था जिसमे वो बहुत निखर रही थी रजत के साथ बैठते हुए बोलती हे “में अपने राजा की थकान मिटा दू”.

रजत – “दी अभी सब जाग रहे होंगे, पर मुझे आप से एक बात करनी हे पर सोच रहा हूँ की करू या ना करु?.

माया – “बोल भाई क्या बात हे? .

रजत- “दी डरता हूँ आप नाराज न हो जाओ?.

माया-“में अपने प्यारे भाई की किसी बात पर नाराज नहीं हो सकती” .

रजत – “दी पर ये बात ही ऐसी हे डर लगता हे .

माया- “मेरे राजा बताओ में नाराज नहीं होऊँगी” .

रजत- “दी शिमला में मेने”.

माया- “हा बोल क्या शिमला में क्यातुने”

रजत- “दी ग़ुस्सा मत करना प्लीज् और नाराज मत होना में आप को धोखे में नहीं रखना चाहता”.

माया- “बता क्या बात हे जो मेरे राजकुमार को परेशान कर रही हे?.

रजत एक लम्बी साँस लेता हे और बोलता हे “दी शिमला में मैंने सेक्स किया” .माया थोड़ी शॉक होती हे फिर, नार्मल होते हुए बोलती हे अच्छा तभी तो हमारी याद नहीं आ रही थी”.

माया – “अच्छा बताओ कोण थी वो? .

रजत- “दी ऐसी बात नहीं की मिस नही किया”… “वो…. वो दी”

माया- “बता कोण थी?

रजत- “दी.. माँ..माँ”

माया- “क्या माँ के साथ?

रजत – “हकलाते हुये “नहीं नहीं माँ नहीं” .

माया- “तो फिर कोण?थी”.

रजत- “दी मौसी थी”

माया – “क्या मौसी के साथ? बहुत बिगड गया हे तू,”चल कोई बात नहीं तू खुश था वहि मेरे लिए बड़ी बात हे”.

माया- “और में तेरे लिए यहाँ काया को रेडी कर रही थी, “तू तो पहले ही अपना जुगाड़ कर लेता हे”.

रजत- “दी मैंने मौसी की ननदों को भी चोदा” .

माया- “क्या?

रजत- “दी आप मेरे लिए काया को रेडी? “सच में कर रही हो?

माया- “चल अच्छा हे तेरा टाइम वहा पास तो हुआ, “अब तू मुझे तो खुश करता हे, काया को भी कर दे एक दीन”.

रजत- “पर दी वह तो बच्ची हे अभी?.

माया- “बच्ची नहीं हे अब जवान हो गई है रात को मेने उसे अपनी बुर में ऊँगली डालते हुए देखा हे मैंने उसे रोका तो बोलती हे आप तो भाई के साथ खुश हो में क्या करू?

रजत- “क्या उसे की पता चला हमारे बारे में? .

माया- “मेने उस से पूछा था वो बोली थी की एक रात नींद नहीं आ रही थी तो मेरे रूम में गई में वहा नहीं थी तो वो मुझे ढूँढ़ने निचे जाने लगी तो तुम्हारे रूम से मेरी अवाज आ रही थी. काया ने भुल से हम दोनों की चुदाई देख ली फिर वो रोज देखति थी”.

रजत- “दी आप को एक बात बताऊ आप को और बड़ा शॉक लगेगा?.

माया –“है बताओ”.

रजत- “माँ भी मुझसे चुदना चाहती हे? .

माया- “क्या शॉक रह जाती हे फेर खुश होते हुए बोलती हे भाई देर मत करो माँ को भी चोद दो, हम सब को अपनी बिवी बना लो ताकि जब चाहो चोद सको बिना डर के”.

रजत- “पर?

माया- “क्या पर?

रजत- “घर में रूपा हे उसके रह्ते किसी को नहीं चोद पाउँगा? .

माया- “सही कहा उसकी प्रॉब्लम सॉल्व कर देते हे ताकि वो आराम से अपने डैड के साथ रह सके”

अब क्या सॉल्यूशन निकलता है रूपा का देखते है?
 
रजत माया को बोलता हे आप यही मेरे पास सो जाओ और दोनों एक दूसरे को किस करते हे .तभी रजत को माँ की याद आती हे वो माया को बोलता हे “दी माँ के साथ क्या में चुदाई कर पाउँगा? .माया कहती हे “तुमको क्या पता वो तुम्हारे साथ चुदाई करना चाहती हे? रजत बोलता हे “दी में जिस ढलती जवानी से बात करता था वो माँ थी”. माया बोलती हे “फिर क्यों डरते हो माँ को उतेजित करो” .रजत बोलता हे “पर मुझे डर हे कही माँ बुरा न मान जाए?. माया “तुम उल्टा क्यों सोचते हो थिंक पॉजिटिव”.

दोनो थोड़ी देर किसिंग करते हे तभी डोर नॉक होता हे . माया डोर ओपन करती हे बाहर काया खड़ी थी .माया काया को रूम में आने को बोलती हे. पर काया अन्दर न आते हुए माया को बोलती है “दी मुझे नींद नहीं आ रही, आप मेरे साथ चलो”.माया समझ जाती हे काया की बुर में खुजली हो रही हे .माया रजत को बोलती हे “भाई में काया के रूम में जा रही हूँ गूदनाइट” .रजत दोनों को देखता हे और समझ जाता हे दोनों क्या करने वाली हे .रजत भी दोनों को गूदनाइट बोल देता हे .दोनो चलि जाती हे .

रजत को नींद नहीं आ रही थी वो करवटे बदलता रहता हे .जब नींद नहीं आती तो वो उठ कर हॉल में आ जाता हे .उसे माँ की फ़िक्र होती हे वो अपनी माँ के रूम की तरफ जाता हे. डोर नौक करता हे मीना डोर खोलती हे .

मीना – “क्या हुआ बेटा?.

रजत- “माँ नींद नहीं आ रही”

मीना – “चल अन्दर आ जा में सुलाती हूँ तुझे”.

रजत अन्दर अपनी माँ के बेड पर बैठ जाता हे .मीना रजत के सर को अपनी गोद में रख के प्यार से बालो को सहलाती हे. रजत मीना की गोद मेसो कर आराम मेहसुस करता हे.मीना की बड़ी बड़ी चुचिअ रजत के माथे से टकराती हे .

रजत- “माँ आप को नींद नहीं आ रही थी ना? .

मीना – “हा बेटा”

रजत- “माँ आप पापा को मिस करती हो न? .

मीना – “बेटा हा में मिस करती हूँ, “पर तुम बच्चे मेरे पास होते हो तो अच्छा लगता हे”

रजत अपनी माँ की चुचिओ में अपना सर रगडते हुए बोलता हे “में जानता हूँ ओरत को मर्द की जरुरत होती हे, .आप तो इतने सालो से अकेली हो”.

मीना “बेटा में अकेली कहा हूँ?तुम हो न मेरे पास”.

रजत अपनी माँ को बोलता हे “माँ आप को मौसी ने सब बता दिया था क्या? .

मीना – “किस बारे में बेटा?

रजत- “मेरे और मौसी के बारे में?.

मीना अपने चेहरे पर हलकी सी मुस्कान लाती हुए “हा बेटा में सब जानती हूँ, मेरा बेटा बिगड गया हे?अब में उसे सुधारूँगी”.

रजत- “माँ आइ लव यु पर बिगाड़ा भी आप ने ही हे मुझे”

मेना – “मैंने कैसे बिगाड़ा?

रजत- “माँ आप मुझे अपने साथ न ले जाती तो में बिगडता नही”

मीना – “बेटा यही उम्र हे मोज़ मस्ती की अभी नहीं करोगे तब कब करोगे?

रजत उठ कर बैठ जाता हे और अपनी माँ से सीधा पूछता हे .”मोम यु लव मी .मीना बोलती “हा आई लव यु बेटा” . रजत बोलता हे तो आप ने मुझे मौसी को क्यों सौपा? .मीना सुन कर चौक जाती हे .रजत बोलता हे “माँ में जानता हूँ आप ही मेरे साथ चाट करती थी? मीना शॉक हो जाती हे ये सुन कर . रजत “माँ में आब जनता हूँ, “क्यों की जब मौसी आई थी तब मैंने तुम दोनों को बाते करते सुना था”. मीणा बोलती हे “बेटा क्या करू? “तुमसे सीधा तो कह नहीं सकती हूँ” .रजत अपनी माँ को पकड़ कर लेटा लेता हे . मीना रजत को देखति रहती हे. रजत अपनी माँ की कमर में हाथ दाल कर खीच लेता हे और मीना की लिप्स को चुस्ने लगता हे मीना भी रजत का साथ देती हे. रजत मीना की मेक्सी ऊपर करके उसकी कमर और पेट् सहलाता हे .मीना रजत को चुमते हुए पेण्ट के ऊपर से लंड को सेहलाती हे .रजत मीना की मेक्सी उतार देता हे .मीना ने निचे लाल रंग की पेन्टी और ब्रा पेहन रखी थी .रजत मीना को लेटा कर उसके पैरों को पकड़ लेता हे और पैरो की उंगलिया मुह में लेकर चूसता हे .मीना की जाँगो को सेहलाता हे .पैरो को चुमते हुए ऊपर आता हे. रजत अपनी माँ की बुर को कच्छी के ऊपर से चूमता हे .मीना मदहोसी में ऑंखे बंद कर लेती हे .मीना रजत के सर को पकड़ के अपनी बुर में दबाने लगती हे रजत भी जोर जोर से चूमता हे पेन्टी बुर के पाणी और रजत के लार से भिग जाती हे .
 
रजत थोड़ी देर बाद मीना की बुर छोड़ और ऊपर नाभि को चूमता हे मीना आँखे बंद किये लेटी रहति हे .रजत नाभि में अपनी जीभ दाल कर नाभि को चाटता हे .मीना रजत के बालो के साथ खेल्ने लगती हे रजत को और ऊपर खिचती हे अब रजत की आँखों के सामने बड़ी बड़ी उसकी माँ की चुचिओ जो ब्रा में केद से अजाद होने को मचल रही थी .रजत अपनी माँ के चुचो को ब्रा के ऊपर से दबाता हे .ओर ऊपर लिप्स को चूसता हे .मीना भी निचे के लिप्स को चुस्ती हे मीना रजत की पेठ और बालो पर अपने हाथो से सेहलाती हे. रजत ने अपना हाथ मीना के पीछे ले जा कर उसकी ब्रा खोल दी उसकी चुचिआ अजाद हो गई थी मीना ने ब्रा निकाल कर फ़ेक देती हे रजत मीना के बड़े बड़े निप्पल देख के पूछता हे .

रजत- “माँ क्या अभी भी दूध निकलता हे इनमे?

मीना- “बेटा अब तो १० साल तुझे इनसे दूध पिए हुए है, “जब तू ८ साल का था तब भी मेरा दूध पिता था”

रजत- “माँ इनमे दूध कब आएगा?

मों – “बेटा तेरे छोडने के बाद भी तीन चार साल दूध आता रहा इनमे, .अभी भी कभी कभी आ जाता हे”

रजत- “माँ में चूसूंगा तो दूध निकलेगे?

मीना- ‘पता नहीं बेटा चुस के देख ले?

रजत- “माँ ये चुचिओ के निप्पल मैंने चुस चुस कर बड़े किये हे क्या?

मीना – “हा बेटा तेरी बहने तो बस १½ साल ही मेरा दूध पी, तूने बहुत पीया हे मेरा दूध”

रजत- “माँ आप की चुचिआ माया और काया से बड़ी हे”

मीना – “तुझे क्या पता काया तो अभी बच्ची हे? पर माया की चुचिअ तो मेरे जितनी ही बड़ी हे”

रजत- “बस पता हे माया दी की आप के जितनी बड़ी नहीं हे”

मीना – “बहुत शरारती हो गया हे आज कल अपनी बहेनो की चुचिआ देखता हे, शर्म नहीं आती?

रजत- “माँ जैसे आपकी चुचिओ पर मेरा हक़ हे वेसे उनकी चुचिओ पर पहला हक़ हे”

मीना – “बहुत बाते बनाने लगा हे तू”

रजत अपनी माँ की चुचिओ को पकड़ लेता हे निप्पल पर अपनी जीभ फेरता हे निप्पल को चाटता हे . रजत निप्पल को जोर से चूसता हे
 
मीना एक लम्बी आह भरती है

रजत दोनों हाथ से एक चूचि को पकड़ लेता हे और जोर जोर से चूसता और दबाता है

धिरे दबाव

रजत के लगातार चुसने और दबाने से मीना की चूचि में जलन होने लगती हे .

मीना - बेटा अब इसे छोड़ दे जलन हो रही हे .

रजत- “माँ मेरा मन अभी नहीं भरा में नहीं छोडता”

मीना – “बेटा दूसरा वाला चुस ले”

रजत – “माँ मुझे यही चुसना हे”

मीना – “बचपन में भी तू इसी तरह इस चूचि को तब तक चूसता रहता था, जब तक सो न जाये, तब भी मुझे जलन होती थी आज फिर मुझे वो जलन को याद दिला दी”

रजत- “माँ आप कहती हो तो में दूसरा चूसूंगा पर थोड़ी देर ही चूसूंगा”

मीना हा “बेटा थोड़ी देर बाद फिर चुस लेना इसको”

रजत अपनी माँ की दुसरी चूचि को चूसता हे रजत का लंड को पेण्ट में दर्द होने लगा था थोड़ी देर चुस्ने के बसद रजत ने निप्पल से मुह हटा दिया.

मीना- “क्या हुआ बेटा?

रजत- “माँ मेरा वो दुःख रहा हे”

मीना- “बेटा ला में तेरी पेण्ट उत्तर दू”

ये बोल कर मीना रजत की पेण्ट उतारने लगती हे रजत की पेण्ट उतार देती हे फिर बोलती हे .

मीना – “बेटा टीशर्ट भी उतार दो”

रजत- “माँ आप ही उत्तर दो”

मीना रजत की टीशर्ट उतार देती हे .रजत निकर में बैठा रहता हे .रजत का लंड निकर में तन कर तम्बू बना रखा होता हे .

मीना- “बेटा चैट में तो इतना बड़ा नहीं दिख रहा था”

रजत – “माँ मेरा तो इतना बड़ा हीहै”

मीना- “बेटा खड़ा हो जा”

रजत खड़ा हो जाता हे .मीना रजत की निकर पकड़ कर निचे करती हे. रजत का लंड स्प्रिंग की तरह उछलता है मीना देख के शॉक रह जाती हे इतना बड़ा .

रजत- “माँ क्या देख रही हो? दर्द हो रहा हे प्यार करो न इसको”

मीना रजत के लंड को पकड़ लेती हे और धीरे धीरे आगे पीछे करने लगती हे रजत का तोपा चमक रहा होता हे एक दम चिकना लंड देख के मीना को विस्वास नहीं होता की सच में अपने बेटे का लंड पकड़ रखी हे .मीना की बुर पाणी छोडने लगती हे. मीना की निकर भिग जाती हे बुर के पाणी से .

रजत- “माँ लंड को चुसो ना”

मीना – “बेटा बहुत बड़ा हे पता नहीं मेरे मुह में आएगा या नहि”.

रजत- “माँ ट्राय तो करो प्लीज् चुसो ना मौसी ने भी चूसा था”

मीना अपनी बहन से जलन के मारे रजत के टोपे को मुह में ले लेती हे और चाटने लगती हे

रजत- “ओह माँ पूरा लो मुह मे”

मीना – ‘बेटा जल्दी क्या हे सारी रात बाकि हे” .मीना रजत के लंड को धीरे धीरे चुस्ने लगती हे .

रजत-“अहह माँ मजा आ रहा है”

मीना रजत का लंड चुस्ती रहती हे .रजत खड़े खड़े मीना की बुर को अपने पैरो से मसलता है

रजत. अपनी माँ की बुर में अपने पैर का अगूठा घुसाता हे .मीना लंड चुस्ती रहति हे .मीना रजत की गोलियो से खेलति हे उनको मुह में ले कर चुस्ती हे. रजत का लंड बड़ा होने की वजह से मीना के मुह में पूरा नहीं आता . मीना रजत के टोपे को लोलीपोप की तरह चुस्ती हे .

रजत-“माँ मेरा माल निकलने वाला हे”

मीना- “बेटा निकलने दे बहुत सालो से प्यासी हूँ आज अपना माल पीला दे”

रजत- “माँ आप पापा का माल पीति थी .

मीना- “हा बेटा कभी कभी, वेसे तुम्हारे पापा को ये सब पसंद नहीं था”. .

रजत- “माँ आप ने कभी किसी और के साथ चुदाई की हे?

मीना- “नहीं बेटा बस शादी से पहले एक लड़का था उसके साथ बस किसिंग की थी और शादी के बाद जरुरत ही नहीं पड़ी”. .

रजत- “माँ आप को पता है मैंने मौसी के घर पर बहुत चुदाई की? वैसी ही में अपने घर पर करना चाहता ह” .

मीना- “बेटा में तो जब बोलेगा चुदवा लुंगी पर, तेरी बहने?

रजत- “माँ आप उनकी फ़िक्र मत करो उनको भी चोद दूंगा”

मीना- “है है चोद लेना पहले मेरी गरम भट्टी को तो शांत कर”

रजत अपनी माँ के मुह को जोर जोर से चोदता हे मीना भी लंड को जोर जोर से चुस्ती हे . ऐसे ही चुस्ती रही .

मीना भी जोश में आ जाती हे और तेज़ तेज़ लंड मुह में लेती हे.

रजत थोड़ी देर बाद झड़ने वाला हो जाता हे और अपनी माँ को और तेज़ी से लंड मुँह में लेने को बोलता हे .मीना लंड को जोर जोर से मुह में लेती हे .मीना का मुह दुखने लगता हे .रजत मीना के बाल पकड़ कर जोर जोर से धक्के मारता हे. रजत का लंड फुवारा छोड़ देता हे लगातार ५- ६ फुवारे मीना के गले में छूटते हे मीना का मुह माल से भर जाता हे .मीना निकालने की कोशिश करती हे पर माल मुह से निकल कर चुचिओ पर फैल जाता हे .मीना उसे उंगलिओ से उठा कर चाटती हे अपनी चुचिओ को माल से मालिश करती हे .रजत का लंड चुस चुस कर सुला देती हे रजत खड़े खड़े थक गया था वो मीना के उपर गिर जाता हे थोड़ा आराम करने के बाद रजत मीना की. पेन्टी उतार देता हे.

मीना की क्लीन शेव बुर देख कर रजत उस पर तूट पडता हे. रजत मीना के फाको के बीच जीभ डालता हे. मीना अपनी चुचिओ को दबाती हे. रजत मीना की बुर के फाको को उंगलिओ से फैला कर चाटता हे .बूर में अपनी उंगली धकेल देता हे .मीना की सिस्किआ निकलती हे. रजत मीना की बुर

मुह में ले कर चुस्ता. हे फाको को काटता हे
 
रजत अपनी उंगली तेज़ तेज़ चलाता हे बुर में मीना की सिसकीओ को सुन कर रजत का लंड खड़ा हो जाता हे. .रजत उंगली डाल और चुसते थक गया था उसका मन चुदाई करने का होता हे वो मीना के पैरो को फैला कर घुटनों के बल आ जाता हे मीना की कमर के निचे दो पिलो रखता हे .बूर पर अपना लंड रगडता हे .मीना भी अपनी कमर लंड पर रगडती हे .रजत बुर के सुराख को फैला देता हे और एक जोर दार धक्का मारता हे .

मीं-“हाय मर गयी”

रजत का लंड उसके बाप से लम्बा और मोटा था मीना ने आज तक सिर्फ. ६ इंच लम्बा और २ इंच ही मोटा लिया था जब की रजत का ९ इंच लम्बा और ४ इंच मोटा था

अभी तक सिर्फ रजत का टोपा मीना की बुर में घूसा था मीना को बहुत दर्द हो रहा था उसकी ऑंखे नम हो गई थी.

मीना – “बेटा बहुत दर्द हो रहा हे प्लीज् धीरे धीरे डालो”

रजत- “साली चुदी हुई है फिर भी दर्द हो रहा है”

मीना रजत की बदलि हुई भाषा सुन के शॉक रह जाती हे .पर उसे अच्छा लगता हे .मीना रजत को बोलती हे “मादरचोद तेरा तेरे बाप से बड़ा और मोटा हे धीरे चोद”.

रजत को मीना के दर्द की परवाह नहीं थी उसने मीना की जांघो को पकड़ कर जोर से झटका मारा.

मीना- “आह’ “मार डालेगा क्या कूत्ते?

रजत- “कुतिया चिलाती क्यों हे अभी तो आधा लंड गया हे अन्दर”

मीना – “हरामी मार डालेगा क्या? आराम से चोद”

रजत को मीना की बात सुनाई नहीं देती पर उसे यकीन था आबकी बार मीना और जोर से चिलायेगी .इस लिए रजत ने मीना के मुह पर अपना मुह रख दिया.मीना की जाँगो में हाथ दाल के पैरो को मोड़ देता हे और एक जोर दार धक्का मारता हे .मीना की जोर दार चीख निकलती हे रजत का लंड सीधा मीना की बच्चे दानी में टकराता हे मीना की चीख दब कर रह जाती है .मीना की आँखों से आंसू बहने लगते हे..रजत लंड को थोड़ा बाहर निकालता हे फिर जोरदार झटका मारता हे .

मीना- “हरामि कुत्ते मार डालेगा क्या आज?

रजत –“साली कुतिया मरने क्यों दू तुझे? रोज चोदना हे अब ऐसे मरने नहीं दूँगा”

मीना- “ऐसे चोदेगों तो मर ही जाउंगी”.

रजत- “साली ऐसे ही रोज चोदूँगा तुझे तो अपनी रंडी बना कर रखूँगा” .

मीना- “वो तो में हूँ तेरी रंडी पर बेटा थोड़ा तो रहम कर”.

रजत- “ठीक हे छिनाल अब आराम से चोदूँगा”

मीना रजत के होठो को जोर से पकड़ कर चूमती हे और रजत जोर जोर से धक्के मारता हे .मीना की चुचिओ को बेरहमी से दबाता हे. मीना भी अब रजत का साथ देती हे .मीना अपनी कमर उठा उठा के चुदाती हे .रजत भी अपनी माँ को चोदता हे चूमता हे दबाता हे .मीना की आहे गूंजती हे .

ताभी मीना को आहट सुनाई देती हे डोर खुलता हे रजत और मीना चौक जाते है.दोनो की ऑंखे फटी की फटी रह जाती हे मीना और रजत का डर के मारे बुरा हाल हो जाता हे .मीना जल्दी से अपने कपडे उठा कर बाथरूम में भाग जाती हे .

सामने माया और काया खड़ी थी.
 
रजत के पास दोनों आती हे. काया रजत को पूछती हे “ये क्या हो रहा था?.रजत थोड़ा घबरा जाता हे फिर अपने आपको संभाते हुए बोलता हे “जानू वहि जो तुम देख रही हो” .काया झूठा गुस्सा दीखती है

काया- “तुमको शर्म आणि चाहिए वो तुम्हारी सगी माँ है?

रजत- बेशमी से बोलता हे “तो क्या हुआ मेने तो अपनी सगी बहन को चोद दिया हे, “और तू भी तो मुझसे चुदना चाहती है?

काया रजत की बात सुन कर हडबडा जाती हे और शरमाते हुए कहती हे “में तो चाहती ही हूँ पर तुम तो माँ के साथ बीज़ी हो”

रजत- “तुम दोनों ने मेरा काम बिगाड़ा हे, “तुम दोनों की वजह से खड़े लंड पर धोखा नहीं खाना चाहता”

माया बाथरूम के पास जाती हे और माँ को आवाज देती हे .

माया- “माँ आप बाहर आओ”

मीना – “में नहीं आ सकती बेटी”

माया- “माँ डरो मत बाहर आओ बात करनी हे”

मीना – “बेटा अब क्या मुह दिखाऊ तुम लोगो को”.

काया – “माँ आप बाहर आओ, ऐसा कुछ नहीं हुआ जो सुधारा नहीं जा सकता” .

मीना बाथरूम का डोर खोलती हे .बेड पर रजत अभी भी नंगा बैठा हुआ था माया मीना को उसके साथ बैठा देती हे .

काया- “माँ ये आप क्या कर रही हो?

मिना- “बेटी में बहक गई थी मुझे माफ् कर दो”.

काया – “माँ माफ् तो कर दूंगी पर एक शर्त पर”.

मीना- “बेटा तुम दोनों की हर शर्त मंजूर हे मुझे”.

काया- “माँ शर्त सुन लो फिर मना मत करना”.

मीना- “हहम्म्म”

काया और माया दोनों आपस में कुछ बात करती हे फिर बोलती हे .

काया- “माँ में जानती हूँ आप का भी मन करता होगा सेक्स करने का” .

माया- “उसी तरह हमारा भी करता हे”

काया- “माँ आज रात जितना चाहो भाई के साथ मज़े करो, “पर कल से भाई को हमे भी खुश करना होगा”.

मीना मजबूर थी उनकी शर्त मानने के अलावा कोई चारा नहीं था .मीना बोलती हे की इस बारे में किसी को भी भनक नहीं लगनी चाहिए वरना बदनामी होगी हमारे परिवार की.

काया और माया- “माँ आप फ़िक्र मत करो जब भी चुदाई करेंगे सब बातो का ध्यान रखेंगे”.

रजत मीना की चूचि पकड़ लेता हे .

काया – “माँ क्या हम दोनों आप की चुदाई देख सकते हे?.

मीना – “हा पर पहले डोर बंद कर के आओ”.

काया और माया डोर बंद करके बेड पर बैठ जाती हे.

रजत मीना की चुत को चाटने लगता हे ये देख के माया काया की चुचिओ को दबाने लगती हे.माय काया को नंगा कर देती हे .ओर काया को अपनी गोद में बिठा कर काया की चुचिआ दबाने लगती हे रजत भी अब कण्ट्रोल खो चुका था उसने अपनी माँ के पैरो को फैला कर चुदाई शुरू कर दि मीना और रजत की चुदाई देख दोनों बहेने गरम हो गई और बेड पर लेट कर ६९ की पोजिशन में एक दूसरे की चुत चाटने लगती हे रजत के लम्बे लंड से चुद रही मीना अपनी बेटिओ की हरकत देख और गरम हो जाती हे .ओर कस कस कर अपनी बुर में लंड लेना शुरू कर देती हे .लगा तार २ घंटो की कमर तोड़ चुदाई और चुसाई के बाद रजत का लंड फवारा छोडने को तैयार होता हे रजत अपनी माँ और बहनो को बोलता हे मेरा निकलने वाला हे तो तीनो जल्दी से सामने आ कर मुह खोलों आज में तुम तीनो को अपने पाणी से नहलाऊंगा .मीना कई बार चुद चुकी थी उसकी हालत ख़राब हो गई थी.रजत का लंड फवारा छोडने को तैयार हो जाता हे रजत बुर से लंड निकालता हे तीनो एक लाइन में खड़े होती है रजत सीधा मुह में तीनो के फवारे मारने लगता हे तीनो के चहेरे माल से भिग जाते हे .तीनो एक दूसरे का चेहरा चाट कर सारा माल पी जाते हे रजत के लंड को चुस कर साफ करते हे .काया और माया अपने अपने रूम में चले जाते हे रजत अपनी माँ को अपनी बाहो में लेकर सो जाता हे .
 
रजत की नेक्स्ट मॉर्निंग नींद खुलती हे उसकी माँ उसके साथ चिपक कर सो रही होती हे.रजत का हाथ उसकी माँ की कमर में और मुह चुचुओ में दबा हुआ होता हे रजत अपनी माँ की एक चूचि को मुह में लेकेर चूसता हे और काट लेता हे मीना जाग जाती हे मीना रजत को बड़े प्यार से बोलती हे .

मीना-बेटा ये क्या हे

रजत- माँ मेरा प्यार.

मीना- ये कोण सा तरीका हे प्यार जताने का .

रजत - अब से रोज असे ही जगाउँगा .

मीना- लगता हे एक दिन तू मेरी जान लेगा .

रजत- ऐसा कैसे हो सकता हे में खुद अपनी जान लु

मीना रजत के होठो को चुमने लगती हे थोड़ी देर चूमने के बाद वो रजत को बोलती हे अब उठ जा में ब्रेकफास्ट बना देती हूँ तू जा रेडी हो आज कॉलेज जाना हे तू काफी लम्बे टाइम से कॉलेज नहीं गया हे. रजत का मन नहीं था कॉलेज जाने का उसका मन था अपनी माँ को बाहो में लेकर सोया रहे .

रजत बाथरूम में चला जाता हे मीना किचन में आती हे .माया काया दोनों ने ब्रेक फस्ट रेडी कर दिया था दोनों अपणी माँ की फिरकी लेते हुए पूछती हे “माँ नींद तो अच्छी आई होगी?.”जो आज देर से उठि हो”

माया- “क्या बात हे माँ आज लेट हो गई?

मों – “बेटा देर से सोउंगी तो लेट की उठुंगी”

काया-“माँ कभी हमे भी मोका दो अपनी सेवा का, “क्या भाई से ही करवाओगी सेवा?

मों-“बेटा तुम लोगो का ही सहरा हे मुझे तो अब”.

तभी रजत आ जाता हे. काया और माया रजत को देख के स्माइल करती हे .रजत भी स्माइल करता हे .ओर माया काया के बिच में आ कर बैठ जाता हे.माया काया उसको देखति रह जाती हे .रजत दोनों की कमर में हाथ दाल कर दोनों को अपनी तरफ खीच लेता हे और दोनों की चुचिआ दबा देता हे दोनों शरमा जाती हे और हलकी सी सिसकि लेती हे. मीना रजत को बोलती हे ऐसा मत करो घर में रूपा हे .रजत को रूपा की याद आतेही वो पूछता हे उसे किसी ने जगाया भी की नहि.काया बोलती हे वो रेडी भी हो गई हे कॉलेज जाने के लिये. सीढ़ियों से अवाज आती हे रजत माया काया की चुचिया छोड़ देता हे .रूपा आ कर सोफ़े पर बैठ जाती हे .

रजत-“हाय हाऊ आर यु”

रूपा- “आइ एम फाइन”

रजत- “कहा की तैयारी हे जो रेडी हो सुबह सुबह”

रूपा- “कॉलेज और कहा?

रजत- “कही नहीं जाना हे डॉक्टर ने मना किया हे कुछ दिन रेस्ट करो”

रूपा-“रजत प्लीज् ले चलो बोर हो गई हूँ में”.

रजत- “मैंने एक बार बोल दिया ना माँ ये यही रहेगी चाहे तो आप इसे शॉप पर ले जाओ थोड़ा मन बहल जायेगा” .

मीना- “ओके बेटा में आज शॉप पर जाने वाली थी इसे भी ले आउंगी” .

माया ब्रेकफास्ट लगाती हे सब ब्रेक फस्ट खाते हे .काया बोलती हे. भाई जल्दी करो लेट हे हम.

रजत- पर तेरा स्कूल तो ९ बजे लगता हे और अभी तो ८ बज रहे हे”

काया – “भाई आज स्पेशल क्लास हे” .

रजत- “ओके में रेडी हूँ तुम मेरे रूम से मेरा बेग लेकर आओ”

काया-“ओके भाई”. और काया भाग के रजत के रूम में जाती हे और बेग उठा कर लाती हे .रजत बाइक स्टार्ट करता हे काया रजत से चिपक कर बैठ जाती हे थोड़ी दूर जा कर काया बोलती हे “भाई अगली रोड से लेफ्ट मूड लेना”. रजत. “पर तेरा स्कूल तो राईट हे”

काया- “भाई क्लास स्कूल में नहीं हे” .

रजत –“मतलब”

काया- “आप चलो तो में अभी सब समझाती हु”

रजत बाइक लेफ्ट ले जाता हे थोड़ी दूर जा कर रास्ता सुनसान हो जाता हे .दोनो तरफ पेडो की कतारे थी .
 
रजत – “काया आगे तो हाईवे हे, “और कितनी दूर जाना हे”

काया रजत की पेण्ट के ऊपर से लंड पकड लेती हे और बोलती हे “भाई यही रोक दो बाइक साइड में लगा दो”.

रजत-“यहाँ कयू काया?

रजत अपनी बहन की हरकत से गरम हो जाता हे .बाइक साइड में लगा कर काया को पकड़ लेता हे.दोनो एक दूसरे के लिप्स को चुसते हे .

काया-“भाई प्यास लगी हे गला दुःख रहा हे” .

रजत- “यहाँ कहा से पाणी मिलेगा”?

काया-“भाई आप पना पाणी पीला दो”.

रजत झट से अपना लंड निकालता हे काया के होठो पे लगा देता हे .काया लंड के टोपे को चुस्ती हे. रजत का लंड मुह में जोर जोर से लेती हे .रजत काया के चेहरे को पकड़ कर जोर जोर से धक्के मारता हे.रजत के लंड के धक्के काया के गले के अन्दर महसुस होते हे. काया रोने लग जाती हे पर रजत पर तो जैसे शैतान सवार हो वो धक्के मारता गया .जब रजत से बर्दाश्त नहीं हुआ .रजत ने काया को बाइक पर बैठा दिया .ओर काया की पैंटी उतार देता है.काया की शर्ट उतार देता हे.काया की चुचिओ को दबाने लगता हे चूसता हे काया को दर्द होता हे पर रजत को परवाह नहीं थी इसकी उसको बस अब चुदाई करनि थी.

रजत काया की चुचिओ को दबा दबा कर चूसता हे.काया को भी मज़ा आता हे .काया रजत को बोलती हे “भाई अब नहीं रहा जाता, “अपना लंड मेरी बुर में दाल कर फाड् दो”. .रजत बोलता हे “दर्द बहुत होगा तुमको सोच लो” काया बोलती हे “भाई उसकी परवाह मत करो’ “आप बस अब चोद दो मुझे”.रजत काया के पैरो को बाइक पर दोनों तरफ कर देता हे .ओर बाइक पर बैठ कर अपना लंड काया की बुर पर रगड़ता है .काया की बुर माया और सिद्धि से टाइट थी. इस लिए लंड अंदर. घूसने का नाम ही नहीं लेता .रजत काया को बोलता हे “अब थोड़ा जोर लगाने वाला हूँ”. और रजत काया के मुह में अपना रुमाल डाल देता हे .रजत एक जोर दार धका मरता हे काया की ऑंखे बड़ी बड़ी हो जाती हे . काया के हाथ पैर कांपने लगते हे ऑंखे लाल हो जाती हे आंसू बहने लगते हे काया की चीख दब जाने के बावजूद रजत को काया के चेहरे से उसका दर्द महसुस होता हे रजत रुक जाता हे अभी तक रजत का टोपा घूसा था बुर में रजत काया की चुचिआ दबाता हे उसकी जांघो को सहलाता हे गालो को चुमता हे आँखों को चूमता हे थोड़ी देर बाद काया को आराम आ जाता हे रजत पूछता हे “अब दर्द हे?. काया धीरे से सर हा में हिलाती हे .रजत ज्यादा हे तो निकाललु काया ना में सर हिला देती हे .रजत दूसरा धक्का मारता हे .काया फिर से तडपने लगती हे.

काया फिर से तडपने लगती हे. रजत का ४ इंच लंड काया की बुर में घुस जाता हे काया दर्द से चिल्लाती हे रजत उसकी चुचिओ को दबा कर शांत करता हे.काया को बोलता हे “अगर दर्द ज्यादा हे तो फिर कभी चोद दूंगा तुमको”. काया बोलती हे “आप मेरे दर्द की परवा मत करो, “मुझे चोद कर शांत कर दो’ “बहुत दिनों की खुजलि हे आज मिटा के रहूँगी”.रजत काया की कमर पकड़ के एक और झटका मारता हे .काया की कुँवारे पण का पर्दा फट जाता जाता हे उसकी सील टूटती हे वो एक तिखी चीख मारती हे.

रजत काया को शांत करता हे रजत का लंड दर्द करने लगता हे रजत काया को कस कर पकड़ लेता हे और एक जोर दार झटका मारता हे काया के मुह से रुमाल निकल जाता हे और उसकी चीख मीलो तक फैल जाती हे .रजत काया को अपने जिस्म से सटा कर उसकी पीठ सहलाता हे रजत का पूरा पूरा लंड बुर में घुस चुका था काया के खून से बाइक और लंड भिग चुके थे .काया को बहुत दर्द हो रहा था .रजत का लंड दर्द से बेहाल था .रजत को ऐसा दर्द पहले कभी नहीं हुआ था .

रजत काया को गोद में बैठा लेता हे उसकी गांड को पकड़ कर धीरे धीरे ऊपर निचे करता हे .काया को अब दर्द कम हो रहा था .काया के आंसू और चीखों ने माहोल खतरनाक बना दिया था .रजत आराम आराम से लंड बाहर अन्दर करता रहता हे बिच बिच में काया की चुचिओ को दबाता हे.काया भी रजत के होठो को चुस्ती बिच बिच में .रजत काया को बाइक से निचे उतारता है काया से खड़ा भी नहीं हुआ जाता वो निचे गिर जाती हे .रजत उसे उठाता हे उसकी कमर को पकड़ कर अपने जिस्म से सटा लेता हे.

काया रजत का लंड देखति हे खून से सना हुआ .काया निचे बैठ जाती हे और रजत का लंड मुह में लेकर खून साफ करती है रजत भी काया के मुह को चोदता है .काया अब आराम से रजत का लंड मुह में लेने लगती हे .रजत भी काया के लंड चुसने से खुश होता हे.

काया-“भाई तुम जालिम हो”

रजत- “क्यों?.

काया- “मुझे तो बस आप का पाणी पीना था, “आप ने तो चोद कर ऐसा दर्द दिया हे की सारा बदन दुःख रहा हे” .

रजत-“अभी कहा चोदा हे अभी तो चोदूँगा .

काया-“भाई जो भी करना आराम से करना” .

रजत काया के मुह से लंड निकालता हे .काया को खड़ा करता हे .काया का एक पैर उठा कर बुर पर लंड रख देता हे रजत धक्का मारता हे काया को अब दर्द कम होता हे फिर भी रजत को बोलती हे मेरे बहनचोद. मादरचोद

आराम से चोद बहुत दर्द हो रहा हे .

रजत; “साली छिनाल चुदवाने का शोक था’ तो अब क्यों चिल्ला रही हे” .

रजत काया की चुचिओ को पकड़ कर जोर जोर से मसलता हे और बुर चोदता रहता हे काया की बुर अब फैल गई थी तो रजत का लंड आराम से आ जा रहा था .रजत भी काया का पैर उठा कर जोर जोर से धक्के मारता हे .काया भी साथ देती हे .ठोड़ी देर बाद काया झड जाती हे वो रजत को बोलती हे “बाहर निकालो अब जलन हो रही हे” .रजत काया की बुर से लंड निकाल कर काया को झाड़ियो के पीछे ले जाता हे वहा लेटा देता हे .ओर काया की चुचिओ को चुसने लगता हे .बूर में उंगलिया ड़ालने लगता हे .काया फिर से चुदवाने को तैयार हो जाती हे .रजत उसे कुतिया बनने को बोलता हे .काया कुतिया बन जाती हे .

रजत काया के बाल पकड़ कर लंड एक ही बार में बुर में घूसा देता हे .काया चिल्लाने लगती हे रजत काया के बाल. छोड कर चुचिओ को पकड़ लेता हे और जोर जोर से मसल कर बुर चोदता हे काया की सिसकिया लगा तार बढ़ती रहती हे. इस बिच काया दो बार और झड गई पर रजत झड़ने को तैयार नही था .रजत काया को गोद में बैठा कर जोर जोर से चोदता हे काया का सारा बदन दर्द होने लगता हे .

अखीर कार रजत झड़ने को तैयार हो जाता हे .रजत काया को जोर जोर से चोदता हे काया भी साथ देती हे .रजत काया की बुर में झड जाता हे .काया को बहुत अच्छा महसुस होता हे वो रजत से लिपट जाती हे और रजत के चेहरे को चूमने लगती हे .ठोड़ा राम करने के बाद रजत घडी देखता हे ११बाज चुके थे काया बोलती हे “अब स्कूल नहीं जा सकती, “बहुत दर्द हे हिला भी नहीं जा रहा” रजत काया को कपडे पहनाता हे और दोनों घर आ जाते हे
 
घर को बाहर से लॉक लगा था .शायद माया भी माँ और रूपा के साथ चलि गई थी .रजत अपनी चाबी से डोर खोलता हे और काया को उसके रूम में ले जाता हे .काया का सारा बदन दर्द हो रहा था बुर भी सुज गई थी . रजत काया को बोलता हे में अभी दवा लेकर आता हूँ तुम रेस्ट करो और रजत मैडीकल से कुछ पैन किलर और टुब लेता हे .खाने को कुछ खरीद कर घर आ जाता हे .काया अपने कपडे खोल कर बेड पर नंगी लेती रहती हे .रजत आता हे उसे दवा देता हे .काया बोलती हे बुर सुज गई हे गरम पाणी से सेकना होगा. रजत किचेन में जाता हे और गरम पाणी लेकर आता हे काया से हिला नहीं जा रहा था तो काया रजत को सेकने को बोलती हे रजत आराम आराम से काया की बुर की सिकाई करता हे दोपहर को डोर बेल बजती है

.

रजत डोर खोलता हे बाहर रोहित खड़ा था .रोहित बहुत डरा हुआ लग रहा था .तभी मीना रूपा और माया भी आ गई .रोहित को डरा देख रजत उसे पूछता हे क्या हुआ जो तू इतना घबरा गया हे .

रोहित -यार वो दो लड़के जो ग़ायब थे मिल गए .

रजत- अच्छा हुआ मिल गए अब मिल कर जरा हाथ पैर भी तोड़ दे उनके पर तू डरा क्यों हे.

रोहित- यार मिल तो गए पर.

रजत- पर क्या

रोहित- यार उनकी लाशें मिली हे .

रजत-व्हाट!

रोहित-“हा आज कॉलेज में कुछ लड़के बात कर रहे थे की पुलिस को उनकी सिर्फ हडिया मिली हे” .

रजत-“हड्डियाँ मतलब”.

रोहित-“यार किसी ने उनको मार कर जानवरो को खिला दिया हे, “ऐसा वो लड़के बोल रहे हे पुलिस सब से पूछताछ कर रही हे” .

रजत-“पर तू क्यों डर रहा हे कही तूने ही तो नहीं मारा?

रोहित-“क्या बात कर रहा हे यार मेने कुछ नहीं किया”

रजत-“जानता हूँ में तू कुछ कर भी नहीं सकता एक नंबर का फट्टू जो हे”

मीना और माया उनकी बाते सुन कर हँसने लगती हे तभी डोर बेल बजती हे .बाहर पुलिस इंस्पेक्टर खड़ा था वो अन्दर आता हे .

रजत-“आओ राहुल सर कैसे आना हुआ?

राहुल - में उन लड़को के मर्डर केस के सिलसिले में पूछताछ करने आया है

रजत-बोलिये क्या हेल्प करू और ये सब हुआ कैसे?

राहुल – “ये फुल प्लान करके मर्डर किया हे किसी ने” .

रजत-“वैसे हुआ क्या? “केसे मारा उन लड़को को कुछ पता चला”?

राहुल- “हा उन दो लड़को को एक कमरे में बंद करके शायद जिन्दा ही भूखे कुत्तों को खिला दिया गया हे, “अजीब बात हे की उस रूम में सब कुत्ते आवारा थे और बिमार भी लग रहे थे”.

रजत-“वैसे मर्डर कहा हुआ”?

राहुल-“उन लड़को के फार्महाउस पर”

रजत –“आप हम से क्या जानना चाहते हो”? .

राहुल-“एक फोटो दिखाते हुए इनमे से किसी को जानते हो?.

रजत-“नहीं सर”

राहुल रोहित को देखते हुए और तुम्?

रोहित एक लड़के की तरफ ऊँगली करके “इसे जानता हूँ, “ये अक्सर कॉलेज से मेरा और रूपा का पीछा करता था घर तक” .

राहुल –“अब नहीं करेगा” .

रजत और राहुलएक साथ “क्यों?

राहुल ये भी मर चुका हे .जीसने भी मारा हे कोई सबूत नहीं छोडा हे .मेरे पर बहुत प्रेशर हे .जल्दी ही केस स्वाल्व करना पड़ेगा .

रजत-“ओके सर मेरी जरुरत हो तो जरूर बताये”.

राहुल अपनी पूछताछ करके चला जाता है .माया बोलती हे बुरा करने वालो के साथ बुरा होता हे .रजत बोलता हे जो भी हुआ अच्छा हुआ कोई और नहीं मारता तो में खुद मार देता

रजत रोहित के साथ उसके घर चला जाता हे .रस्ते में एक लड़की को देखता हे .वो रानी थी रजत बाइक रोक देता हे और रानी की तरफ मोड़ लेता हे .रानी एक होटल में चलि जाती हे रजत और राहुल भी उसके पीछे चल पड़ते हे .आगे जा कर रजत रानी को आवाज देता हे .

रानी रजत को देख के बहुत खुश हो जाती हे और पूछती है “कब आये शिमला से? .

रजत –“मुझे आये तो वीक हो गया” .

रानी-“तो जनाब को आज मोका मिला मिलने का” .

रजत-“थोड़ा काम में बिजी था”.

रानी एक टेबल के पास बैठ जाती हे रजत को बोलती हे “आओ बेठो” .

रजत रोहित बैठ ये मेरी मौसी की नंनद हे .

रोहित रजत की तरफ देख कर बोलता हे “ऐसा क्यों नहीं बोलता ये तेरी मौसी हे? .

रानी-“प्लीज् आय एम नॉट मौसी आय ऐम रजत फ्रेंड”

रोहित-“ओके मैडम जी”

रानी –“नो मैडम ओनली रानी”

रानी बताती हे वो इसे होटल में मैनेजर हे .

रजत-और बताइये क्या चल रहा हे लाइफ में रिद्धी मौसी खुश तो हे ना .

रानी-“अभी तो होंनीमून पर गई हे मौसी तुम्हारी खुश तो होंगीं ही”

रजत-“वो तो हे”

रानी –“रजत तुम बहुत परेशान लग रहे हो?

रजत-“नहीं रानी बस थोड़ी से थकान हे”

रानी –“ओके अभी मुझे जाना होगा संडे को मिल सकते हो? “अभी मुझे मीटिंग के लिए जाना हे”.

रजत-“ओके रानी संडे को आता हूँ” .रजत रानी को गले लगाता हे रोहित देखता रहता हे .रानी रोहित को भी गले लगा लेती हे .दोनो दोस्त घर की तरफ निकल पड़ते हे .

रोहित .-“साले तू तो छुपा रुस्तम निकला .कहि इसको पटा तो नहीं लिया”?

रजत-“ऐसा हि है कुछ हे, “तू बता किसी को पटाया की अभी भी हाथ से ही काम चला रहा हे”?

रोहित –“भाई अपनी इतनी अच्छी किस्मत नहीं” .रजत और रोहित घर पहुच जाते हे .डोर खुला हुआ हे रोहित को अजीब लगता हे रजत रोहित अन्दर चले जाते हे अन्दर जो नजारा था उसे देख के दोनों दंग रह जाते हे.
 
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