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लाइफ हो तो ऐसी complete

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मैं रेडी होने चला गया. मैं नहा कर कपडे पहन लिए. में अपने रूम

से बाहर निकला तो देखा काया ने एक सेक्सी ड्रेस पहनी हुई थी. उसने एक मिनी टॉप और स्कर्ट पहना हुआ था. काया मेरे सामने घूम के झुक गई हे. मैंने देखा उसने निचे पेन्टी नहि पहनी हुई थी. में उसके पास गया और उसकी चुत को फैला कर चूम लिया. फिर काया सीधी हो गई. काया बोली “बाकि का बाद में अभी हमे होटल चलना चाहिये”.

मैंने बोला “तू वहा क्या करेगी”?

काया मेरे सीने से लग के बोली

“अपने भाई का ख्याल रखूँगी”.

काया ने मेरे हाथो में हाथ डाल दिए और बोली.

“चलो अब”.

हम दोनो नीच आ गए ब्रेकफास्ट रेडी था. हम दोनों ने ब्रेकफास्ट किया. मैंने रूपा

ओर माया दी को बोला “अगर बोरिंग फील हो तो होटल आ जाना आज से काम शुरू करने का सोच रहा हूँ”.

माया दी बोली “ठीक है हम दोनों सोचेंगे”. और दोनों मुस्कुराने लागि. हम दोनों बहन भाई ने ब्रेकफास्ट ख़तम किया. मैंने माया और रूपा को लिप्स पे किस दिया. माँ के गले लगा उनको भी किस दिया. फिर हम दोनों बाइक पे बैठ के होटल की तरफ चल पड़े. रस्ते में कई लड़के हमारी बाइक का पीछा कर रहे थे.वह काया को देख के उसके दीवाने हो गए थे. कई बाइकर हमारे साथ साथ होटल आ गए थे. मैंने बाइक पार्क की हम दोनों होटल में चले गए. काया के दीवाने हमारे पीछे पीछे होटल में आ गए. में और काया एक टेबल पर जा के बैठ गए.

हमारे सामने ही वो लड़के भी आ के बैठ गए. मैंने बोला “काया ये तो तेरे

दीवाने हो गए”. काया बोली “अभी सबक सिखाती हूँ”. मैंने बोला “छोड़ ना इस सिटी में चलता है”. मैंने वेटर को मैंनेजर को भेजने को बोला. मैंनेजर आया बोला “यस

सर मैं बोला “बैठ जाओ बात करनी हे”. मैंनेजर हमारे साथ बाथ गया. मैंने

बोला “देखो मैंने एक वेज शेफ को बुलायया है उस से कुछ वेज बनवा लो”. मैंनेजर बोला “ओके सर जैसे आता हे में बनवा लेता हूँ”

मैं बोला “साथ में आर्किटेक्ट और कॉन्ट्रेक्टर को भी बुलाया है जो भी सामान की लिस्ट बनाये उनको बोलना जहा उनको अच्छा लगे वहि से मँगवा ले पर सामान एक नंबर का होना चाहिए”.

मैंनेजर बोला “सर डोन्ट वर्री में सब संभाल लुँगा”.

मैं बोला “मैंने तुम लोगो से आईडिया मांगा था कोई अच्छा आईडिया हो तो बता देना”.

मैंनेजर बोला “सर हम लोगो का सोचना हे और मानना हे की हमारे होटल के बाहर सेक्युरीटी होनी चाहिए. आप तो जानते हो आज कल का माहोल ख़राब हे, और गर्ल्स स्टाफ़ के लिए भी तो अच्छा होगा”.

मैं बोला “ठीक है वह में देख लेता हूँ, तुम गार्ड के लिए एड दे दो न्यूज़ पेपर में,ओर हो सके तो जिनके पास हाथियार हो उनको ही रखना पेपर वर्क चेक कर लेना कोई गलती न हो”.

मैंनेजर बोला “ओके सर में दे देता हूँ”

मैंने बोला “वेटर को बोलो कॉफी भेज दे”. मैंनेजर ओके सर बोल के चला गया. काया मुझसे चिपक के बैठी हुई थी.

लड़के देख देख के काया की बाते कर रहे थे. मैंने काया की कमर में हाथ डाल

दिया हम दोनों चिपक के बैठ गए गोवा में ये सब नार्मल ही होता रहता हे.

वेटर कॉफी ले आया.

काया बोली “भाई गरम गरम मत पिओ कॉफी थोड़ी ठण्डी होने दो”. काया मेरी पेण्ट के ऊपर से लंड सहला रही थी और काया ने मेरा हाथ पकड़ के अपनी जांघ पे रख दिया. में काया की जांघे सहलाने लगा.

तभी राहुल भी आ गया हम दोनों सही हो के बैठ गये. राहुल यूनिफॉर्म में था उसके साथ दो कॉन्स्टबेल भी थे. राहुल बोला “हाय रजत”.

मैं बोला “आओ बेठो”.

पुलिस को देख लड़के उठ के बाहर चले गए. में मुस्कुराने लगा.

राहुल बोला “क्या हुआ”?

मैं बोला कुछ नही. राहुल बोला मैंने कॉन्ट्रैक्टर और आर्किटेक्ट से बात कर ली हे वह आने वाले ही होंगे”. मैंने राहुल को बोला “कॉफी पियोगे”?

राहुल बोला “नहि यार मेरे साथ मेरे बन्दे भी हे”.

मैंने बोला “तो क्या हुआ उनको भी पीला दूंगा तुम इतना कुछ कर रहे हो मेरे लिए में इतना तो कर सकता हूँ”. मैंने सब के लिए कॉफी ऑर्डर की.

वेटर कॉफी लेकर आ गया. हम सब बाते करते हुए कॉफी पिने लगे. तभी

कॉन्ट्रैक्टर और आर्किटेक्ट भी आ गया.
 
मैंने उनको सारी प्लैनिंग बता दी. और पूछा “कितना खर्चा आयेगा”? मैंने दोनों को बोल दिया “सामान और लेबर का खर्च बताना बाकि लिस्ट तुम बना के मैंनेजर को दो जो वो तुम्हारे साथ जा के सामान उठवायेग,सामान एक नंबर क्वालिटी का होना चाहिये”. दोनों ने अपना जोड घाटा किया फिर बोले

“सर १५ दिन में काम ख़तम करना हे तो डे नाईट काम करवाना पडेगा. डे में ८

घंटे और नाईट में ८ घंटे काम होगा. टोटल मिला के ५० लाख तक का खर्चा आयेगा,जीस्मे मेरी और आर्किटेक्ट साहब की और लेबर का मेहनताना होगा प्लस पेंटर का भी”.

मैं बोला “ठीक हे काम शुरू कर दो मुझे जल्द से जल्द यह रेडी चाहिए, मेरे कॉलेज शुरू हो गये है में रोज नहि आ सकता, अभी स्टडी शुरू नहि हुई हे तो मैं चाहता हूँ काम रफ़्तार में होते हुये देखु”

दोनों बोले “काम हम आज से ही शुरु कर देंगे”.

मैं बोला लिस्ट बना दो जो जो चीजे लगेगी और कितनी मात्रा में लगेगी”.

राहुल जाने लगा तो मैंने बोला “राहुल मेरा एक काम कर दो, होटल में गार्ड नही हे अगर कोई मिल जाता तो अच्छा रहता”. राहुल बोला “डोन्ट वर्री मेरे एरिया में कई एक्स पुलिस कॉन्सटेबल और ऑफिसर रह्ते है,में उन से बात कर लेता हूँ”.

मैंने बोला हा यह ठीक रहेगा उनको तज़ुर्बा भी हे इन सब का” फिर राहुल चला गया. कॉन्ट्रेक्टर और आर्किटेक्ट मैनेजर के साथ बैठ के लिस्ट बनाने लगे. हमने कॉफी ख़तम कर दी थी.

काया बोली “भाई मुझे होटल तो दिखा दो बस बाहर बाहर से ही तो देखा हे”.

मैंने बोला “ठीक हे चल”. में काया को दिखाने लगा ज्यादा तर रूम खाली थे अभी टूरिस्ट उतने नहि आ रहे थे. में भी यही चाहत था जितने कम लोग हो उतना ही अच्छा रहेगा.

फिर में काया को थर्ड फ्लोर पे ले गया काया मेरे से बार बार चिपक रही थी. में

समझ चुका था उसका मन चुदवाने को फिर से हो रहा हे. इस लिए में उसे सब से

उपर ले गया जहा एक रूम बना हुआ था ये इस रूम की चाभी मेरे पास थी. ये

रूम मेरा था जो पहले वाले मालिक ने मस्ती के लिए बनवाया था. मैंने रूम

खोला और काया को अंदर खीच लिया. काया एक दम से मेरे से सट गई. में काया की चुचियो को मसलने लगा. काया मेरे लंड को सहला रही थी. मैंने उसकी मिनी स्कर्ट

मे हाथ डाल के उसकी चुत को मसलना शुरू कर दिया. काया ने मुझे बिस्तर पे गिरा दिया और मेरे ऊपर आ गई. काया अपनी गांड़ से मेरा लंड सहला रही थी. मेरा लंड

एक दम से खड़ा हो गया था. फिर काया मेरे ऊपर से उत्तर गई मेरी जीप खोलने

लगी. फिर काया ने अंडर वियर में से लंड को बाहर निकाला. लंड एक दम टाइट और हार्ड हो गया था. काया ने लंड को पकड़ के सेहलाना शुरू कर दिया में बस काया को

ही देख रहा था. आज कितनी गरम हुई जा रही थी. मैंने सोच लिया था अब इसकी चुत

ओर गांड़ जम के मारूँगा. काया ने मेरे लंड को चाटना शुरू कर दिया.

मुझे तो लगता हे. मैंने काया को बालो से पकड़ लिया और उसके मुह में जोर जोर से धक्के मारने लगा. काया भी पुरे जोश में आ गई थी. काया भी जोर

जोर से लंड दबा दबा के चुस रही थी. मैंने काया की मिनी स्कूर्त और टॉप को उतार फेका. काया अब एक दम नंगी हो गई थी. काया की चुत बहुत फडक रही थी. मैंने काया को लिटा के उसकी चुत चाटना शुरू कर दिया. मैंने काया की चुत में दो उंगली घूसा दी और उसकी चुत

को चूमता रहा. काया जोर जोर से कमर हिला रही थी. में रफ़्तार से उसकी चुत में उंगली कर रहा था. काया अपनी दोनों चुचियो को

जोर जोर से मसलने लगी. उसकी सिसकिया रूम में गुज रही थी. काया बोली “भाई और जोर से घुसाओ बहुत गरमी हे इनमे”. में जोर जोर से

उसकी चुत,मे उंगली करने लगा. काया अपनी चूचियों को दबा दबा एके निप्पल को चुस्ने की कोशिशि कर रही थी. मैंने काया को पलट

दिया. अब काया की गांड़ मेरी तरफ थी. मैंने उसकी गांड़ में दो उंगलीया घूसा दी. अब मेरे दोनों हाथो की दो दो उंगलियां उसकी

गांड और चुत मार रही थी.
 
काया जोर जोर से कामुक अवाजे निकल रही थी. मेरा लंड भी काया की गांड़ में घूसने को उतावला हो रहा था में काया की गांड़ को फैला के देख रहा था. हम दोनों ही नंगे थे में जैसे ही काया की गांड़ में घुसाने वाला था पीछे कुछ गिरने की आवाज आई. काया और में थोड़ा घबरा गये. क्यों की हम डोर बंद करना भूल गए थे. काया बोली “भाई कोई था क्या बाहर”?

मैं बोला “पता नहि मैंने कुछ गिरने की अवाज तो सुनि है”.

काया चुदाई के नशे में थी काया बोली ”कुछ नहि भाई हवा से कुछ गिर गया होगा”.

मैंने बोला “रुको में देख के आता हूँ”

काया बोली “भाई क्यों मज़ा खऱाब कर रहे हो”.

मैंने बोला “काया कोई और होगा या उसने हमारी वीडियो बना ली होगी तो”?

काया भी सोच में पड़ गई. में धीरे धीरे उठा. मैंने पास में पड़े एक कपडे को लपेट लिया. और

धिरे धिरे रूम से बाहर आया. सिडिया दूर थी ऊपर से गेट बंद था कोई अगर भाग के जाता तो गेट खुला ही रह जाता यानि जो कोई भी है यही पर है. में सीढियो के गेट के पास गया. गेट लॉक कर दिया.. मैंने आस पास देखा कोई नज़र नहि आ रहा था. मैंने सोचा हवा ही होगी में जाने लगा तो मुझे परछाईं नज़र आई. में धीरे धीरे उसकी तरफ बड़ा. तभी मेरा लपेटा हुआ कपडा निचे गिर

गया टिन के डब्बे में फस के. और में नंगा ही परछाई के सामने था. में शॉक रह गया. मेरे सामने होटल की स्टाफ की एक लड़की

बैठि हुई थी. वो मुझे ही देख रही थी. मेरा ९ इंच का लंड उसके एक दम सामने था. वो एक टक मेरे लंड को घुर रही थी.

मैंने बोला “मोनिका तुम यहा..?

मोनिका मेरे लंड को घूरे जा रही थी. मैंने आगे बढ़ के उसे पकड़ लिया. मेरे दिमाग से निकल गया की में नंगा हूँ.

मोनिका नज़र झुकाए लंड को ही देख रही थी.

मैंने बोला “मोनिका तुम यहाँ क्या कर रही हो”? मोनिका कुछ नहि बोली. जब मुझे होश आया कि में नंगा हूँ, देर हो चुकी थी में कपडा ढूँढ़ने लगा.

तभी मोनिका बोली “बॉस रहने दिजिये”. मैंने घूम के उसकी तरफ देखा ओ शर्मा रही थी. में जानता था होटल की कुछ लड़किया रंडी बाजी करती हे कस्टमर के साथ पर मोनिका भी होगी मुझे नहि लगा था. में मोनिका की तरफ बढ्ने लगा. मोनिका पीछे होने लगी. में मोनिका के एक दम पास पहुच गया. मोनिका दीवार से लग गई अब पीछे जाने की जगह नहि थी. मैंने मोनिका के कंधे के पास हाथ रख दिया. मोनिका ने शर्मा के ऑंखे बंद कर ली थी. मेरे सामने खूबसुरत माल थी जिसे आज इतना करीब पा के में उतेजित हुआ जा रहा था. मोनिका की साँसे तेज़ हो रही थी. उसके होठ कांप रहे थे. उसको पसीना आ रहा था. मैंने मोनिका की कमर पे दूसरा हाथ रख दिया. मोनिका कांपने लगी.

मैंने मोनिका को बोला “मोनिका तुम इतनी हॉट हो मैंने पहले क्यों ध्यान नहि दिया”? मोनिका ने आंख बंद किये हुए बोली बॉस बड़े लोग छोटे लोगो पे ध्यान नही देते”. मोनिका की शर्ट के ऊपर के दो बटन खुले हुए थे. उसकी चूचियों की गहराई देख के मेरा लैंड झटके मारने लगा.

मैंने बोला “मोनिका तुम कितनी सुन्दर हो”

मोनिका मेरी तरफ ऑंखे खोल के देखने लगी. मेरी नज़र उसकी चुचीयों पे थी मोनिका ये देख शर्मा के बोली

“बॉस आप बहुत नॉटी हो”.

मैंने उसकी कमर दबाते हुये बोला.

“मैंने क्या किया”?

मेरी साँसे मोनिका की सांसो से टकरा रही थी. मोनिका भी मेरी सांसो की गर्मी से गरम हो गई थी. उसकी चूचिया. और धडकने तेज़ होने स जोर जोर से ऊपर नीचे हो रही थी. मैंने मोनिका के होठो पे होठ रख दिए मोनिका के होठ बहुत नरम और गरम थे. मैंने मोनिका को कस्स के पकड़ लिया और होठ चुस्ने लगा. रुचिया भी गरम हो गई थी और मेरे होठ चुस्ने लगी, में मोनिका का होठ चुस रहा था.मोनिका ने आंखे बंद कर रखी थी. अचानक मैंने होठ चुसना बंद कर दिया. मोनिका मेरे होठ चुसे जा रही थी. में पीछे हट गया.

मोनिका ने ऑंखे खोल दी फिर उसे अपनी ग़लती का अहसास हुआ. मोनिका शर्मा के अपने चहेरे हो झुका लिया. मैंने हाथ से उसके चेहेरे को ऊपर किया वो शर्मा के मुझसे लिपट गई. मेरा लंड एक दम टाइट था और मोनिका की चुत से टकरा रहा था.

मैंने मोनिका को बोला

“मोनिका चलो रूम में चलते हे”.

मोनिका बोली “पर बॉस वहा तो पहले ही एक है”? मुझे उस से कोई डर नहि था, मैं बोला “वो लडकी मेरी बहन है”.

मोनिका बोली “बॉस आप भी....

उसके मुह से आप भी सुन के शॉक हो गया था में. मैंने बोला मोनिका क्या में भी क्या कोई और भी हे जो मेरी तरह है. मोनिका शर्माने लगी. मैंने बोला “ये मत सोचो में बॉस हूँ ये सोचो में तुम्हारा फ्रेंड हूँ”.

मोनिका शरमा के बोली “में भी अपने भाई..........! मोनिका बोलते बोलते रुक गई.

मैंने बोला “क्या तुम भी अपने भाई”? मोनिका बोली “वही जो आप कर रहे थे”. मैंने बोला “खुल के बोल यार”

मोनिका बोली “बॉस मैंने अपने भाई से ही भाग के शादी की है”.

में सुन के खुश हो गया कोई तो जोड़ी दार मिला.

मैंने बोला “मैंने भी अपनी बहन से शादी की है”.

मोनिका मेरी बात सुन शर्मा के बोली.

“वो तो में जान ही चुकी थी आप कितने बड़े रसिक हो”.

मैंने बोला “तूम भी कम नहि हो”.

तभी मुझे काया की आवाज आई, मैंने मोनिका को बोला “तुम जाओ में तुमसे बाद में मिलूँगा”.

मोनिका बोली “अब तो मिलना ही पडेगा”. इतना बोलकर मेरे लंड पर किस करके मोनिका शर्मा के भाग गई. में उसे जाते हुए देख रहा था. मैंने दिल में सोचा साली है तो मस्त माल इसे जम के चोदूंगा.

कहानी जारी रहेगी....
 
में रूम में आया तो काया वासना में तड़प रही थी अपनी चुत में उंगली डाल रही थी चूचियों को मसल रही थी.

में रूम में घूसा रूम बंद कर दिया. काया बोली क्या भाई बहुत टाइम लगा दिया मेरा बुरा हाल हे अब चोद दो. मेरा लंड भी तूफ़ान मचाने को तैयार था. में काया के पास गया उसकी गोरी गोरी चुत से लंड टीका दिया. काया लंड लगते ही अपनी चुत लंड से रगड़ने लगी. मैंने उसकी जांघें पकड़ी और जोर से धक्का मार दिया. काया की बुर एक दम गरम हो गई थी, मैंने दो धक्कों में लंड पूरा घुसा दिया.काया अपनी चुचियो को मसलने लगी. में काया की टांगे पकड़ के जोर जोर से चोदने लगा. चुत बहुत गिली थी. पच पच की आवाज आने लगी थी.

काया भी “और जोर से जोर से और जोर से चोदो” बोले जा रही थी. मैंने काया को जम के चोदा काया एक दम पागल हो गई थी. में काया के ऊपर लेट के चोदने लगा. काया भी जोर जोर से कमर हिला रही थी काया झड गई मेरा पाणी नहि निकला था. मैंने काया को कुतिया बना लिया और उसकी गांड़ पे लंड सटा दिया. काया की गर्मी अभी ख़तम नहि हुई थी काया भी तैयार थी मैंने काया की गांड़ में एक ही

बार में लंड घूसा दिया. काया तडपने लगी. मैंने काया की गांड़ में दो तीन धक्के मारे फिर काया भी नार्मल हो गई. में काया की

गांड मारता रहा. १५ मिनट काया की गांड़ बुरी तरह मारी चूत मसली. फिर मैंने काया को सीधा कर दिया फिर से चुत मारने लगा. काया

“आआआअह्हह्ह्ह्हह” आह चिल्ला रही थी ४ बार झड़ने की वजह से बहुत थक गई थी में भी झड़ने वाला हो गया था.

मैं काया की चुत में झड़ने लगा. में और काया लिपट गए एक दूसरे से. मैंने काया के लिप्स को चुसना शुरू कर दिया. काया ने अपनी टांगे मुझसे लिपट लि थी में काया की चुत में झडता रहा. आखरी बून्द तक काया की चुत में डाल दिया मेरा लंड मुरझा के उसकी चुत से बाहर आ गया. हम दोनों नार्मल हो गये थे.

काया- “भाई बहुत मज़ा आया आज दो बार चोद के”.

रजत- “आदत मत डाल तेरा पति पता नहि झेल पायेगा भी की नही”?

काया- “मेरा पति न भी झेल पाये तो क्या, मेरे प्यारे भैया तो है ना मेरी गर्मी मिटने के लिये”.

रजत- “तो क्या शादी के बाद भी चुद्वाती रहेगी”?

काया- “हा जी पतिदेव”

हम दोनों हसने लगे.

मैं और काया दोनों नंगे थे लंच टाइम हो गया था. हम दोनों ने कपडे पहने और निचे आ गये. मैंनेजर ने हम लिस्ट दिखाई. मैंने उसको २० लाख का चेक काट के दे दिया और बोला “काम जल्दी ख़तम करना, होटल के काम पे कोई फर्क नही पड़ना चाहिए”

फिर मैंने बोला “काया लंच करना है तो कर लो”.

काया- “हा भाई बहुत भूख लगी हे” मोनिका मुझे देख देख मुस्कुरा रही थी. हम दोनों ने लंच किया. फिर में आर्किटेक्ट और कॉन्ट्रेक्टर का काम देखने लगा. वो दोनों ही अपना काम करने के आईडिया सोच रहे थे. नाप तोल कर रहे थे. कैसे क्या करना हे.

मैंने काया को बोला “चलो माँ की शॉप पे चलते हे”.

में और काया माँ की शॉप पे पहुंचे. माँ की शॉप में बाकि शॉप से सस्ता और बढ़िया कपडा मिलता था तो सभी लोग यही से लेना शुरू कर दिए थे. मुझे और काया को देख के माँ बोली

“बेटा अच्छा हुआ आ गया, शॉप के लॉकर में बहुत कॅश जमा हो गया हे जब से ऑन किया हे एक बार भी लाकर से कॅश नहि निकाला है तू बैंक में इसको जमा करवा दे.

रजत- “ठीक है माँ करवा देता हूँ आप ने लंच किया”?

माँ बोली देख रहा हे कितनी भीड़ है, फुर्सत नहि मिल रही मुझे लंच की भी” मैंने काया को बोला काउंटर पे बैठे.

मे माँ को लेकर ऑफिस में चल गया. मैंने माँ के लिए होटल से लंच पैक

करवा लिया था. मैंने माँ को बोला खा लो काया संभाल लेगी.

माँ लंच करते हुये बोली “बेटा तू नहि आता तो बाकि दिनों की तरह या तो लेट ख़ाति या पुरे दिन भूखे रहती”.

मैंने बोला “मेरे होते मेरी माँ कैसे भूखी रह सकती है”?

माँ ने खाना खा लिया. में माँ के पीछे खड़ा हो गया. माँ ऊपर मुह करके देखने लगी.
 
मैंने अपने हाथ उनके ब्लाउज में डाल दिया और चूचियों को मसलने लगा. मैंने

माँ के होठो को चुसना शुरू कर दिया. थोड़ी देर बाद माँ बोली “क्या ईरादा है”?

मैं बोला “अपनी माँ को चोदने का मन हो रहा है”. में माँ की चूचियों को दबाये जा रहा था. मैंने माँ को सोफ़े पे बिठा दिया. में माँ के बलाउज में हाथ डाल के उनकी चूचियों को दबाने लगा. माँ मेरे होठो को चुसे जा रही थी. मैंने माँ का ब्लाउज खोल दिया. माँ ने ब्रा पहन रखी थी. मैंने ब्रा को ऊपर करके चुचियो को चुसना शुरू कर दिया. माँ की चूचियों को बारी बारी चुसना शुरू कर दिया. फिर मैंने माँ को खड़ा कर दिया उनकी साड़ी खोल दी. उनका पेटीकोट भी खोल दिया. माँ मेरे सामने ब्रा और पेन्टी में थी. मैंने माँ की ब्रा खोल के चूची को चुसना शुरू कर दिया. माँ भी मुझे खड़ी हो के अपनी चुचिया चूसा रही थी. में माँ के निप्पल को जोर जोर से चुस रहा था. फिर माँ ने मेरी शर्ट उतार दी. माँ ने मुझे सोफ़े पे आराम से लेटने को बोला. में सोफ़े पे पीछे हो के बैठ गया, माँ मेरी पेण्ट खोलने लगी, माँ ने मेरी पेण्ट उतार दी. माँ मेरी निकर के ऊपर से लंड को सहलाने लगी. मेरा लंड खड़ा हो के तम्बू बना रहा था. माँ ने निकर के ऊपर से लंड को मुंह में डाल लिया और चूसने लगी. फिर माँ ने मेरी निकर भी उतार दी. माँ ने लंड को मुँह में डाल लिया और चूंसने लगी. में बैठ गया. माँ मेरे सामने झुक के मेरा लंड चूस रही थी. माँ पेशेवर रंडी की तरह लंड को जोर जोर से चुस रही थी.

मैंने भी माँ का सर पकड़ लिया और माँ के सर को लंड पे जोर जोर से दबाने लगा.

मों के मुँह में पूरा पूरा लंड घूसा दे रहा था. फिर में लेट गया माँ कभी लंड को चुस्ती तो कभी मेरी गोलियो को मुह में लेकर चुस्ती.. माँ लंड पूरा अपने

मुंह में ले लेती मुझे बहुत अच्छा लगता.. माँ लोलीपोप की तरह लंड मुण्ड को

चूस रही थी. मेरे लंड को सहला रही थी. लंड को पकड़ के मुह में घुमा घुमा के ले रही थी. लंड की चमड़ी को चाटने लगी. फिर मुह में ले लेती. मेरा लंड माँ की चूसने से और भी उत्तेजित और हार्ड हुआ जा रहा था. माँ लंड को पकड़ के अपनी जीभ से लंड के टोपे को चाटने लगती. फिर मैंने माँ को हटा दिया ओर माँ की पेन्टी उतारने लगा.मैंने माँ को सोफ़े पे लिटा दिया. माँ अपनी चुत को

हाथ से सहला रही थी. मैंने माँ की चुत को चूम लिया. माँ अपने हाथ से अपनी

चूत रगड रही थी. मैंने माँ की चुत को मुंह में डाल लिया. माँ अपनी चूचियों

को दबा रही थी. माँ की बड़ी बड़ी चूचिया हिल रही थी. में माँ की चुत में जीभ

डाल के माँ की चुत का रस चाट रहा था. माँ की चुत बहुत नमकिन थी. फिर मैंने

माँ को लिटा दिया. मैंने माँ की एक टांग को कंधे पे रख दिया. मैंने अपना लंड

माँ की चुत पे रखा और जोर से धक्का मार दिया. मेरा लंड माँ की चुत में आराम

से घुस गया और में माँ की चुत में जोर जो से धक्के मार रह था. माँ की सिसकिया

निकल रही थी. माँ बोली “बेटा और जोर से चोद अपनी माँ को, फाड् डाल अपनी माँ की चुत, और चोद बेटा. मसल डाल मुझे आज तू”

में माँ की चुत में जोर जोर से धक्के मार

रहा था. फिर मैंने आराम के लिये में माँ के सामने बैठ के माँ की दोनों टांगे पकड़ के चोदने लगा,

मोम गांड उछाल उछाल के चुदवा रही थी. बैठे बैठे चोदने में तकलीफ हो रही थी. में माँ के पीछे लेट गया. माँ मेरे आगे थी.

मैंने माँ की तांग उठाई और चुत पे लंड रख के धक्का मारा लंड पूरा चुत में

घूस गया.

मे माँ की चुत मारे जा रहा था. माँ अपनी चूत रगड रही थी.. में मोम की चुत में लंड कभी ड़ालता कभी निकाल के चुत से रगडता. माँ की सिसकिया ओर भी मुझे पागल कर रही थी. माँ अपनी चूचि को मसल रही थी में माँ को

चोद रहा था. माँ की बड़ी बड़ी चुचीया जोर जोर से हिल रही थी..
 
माँ भी मेरे साथ साथ अपनी कमर हिला हिलाके चुत मरवा रही थी. माँ की तांग मेरी तांग के

उपर थी. में जोर जोर से धक्के मारे जा रहा था.. में फिर से बैठ गया और माँ की

दोनो टांगे एक तरफ मोड़ के चोदने लगा ऐसा करने से लंड टाइट हो कर चुत में

जा रहा था, में जोर जोर से चोदता रहा माँ को. माँ भी मज़े से चुद्वाती रही

फिर में सोफ़े पे लेट गया और माँ को ऊपर आने को बोला. माँ मेरे उपर आ गई.

मों ने लंड पकड़ के अपनी चुत पे रक्खा मैंने जोर से धक्का मारा. लंड चुत में

घूस गया. माँ मेरे ऊपर झुक गई. में माँ की एक चूचि को मुह में डाल के

चूसने लगा. और माँ मेरे लंड पे कुद कुद के चुदवाने लगी. में माँ की जम

के चुदाई कर रहा था. आज माँ बाकि दिनों से ज्यादा उतेजित थी. फिर मैंने माँ को

घूम जाने को बोला. माँ चुत में लंड लेकर घुमने लगी. घूमने से लंड चुत में

ओर मज़ा आने लगा. माँ उल्टा हो गई. माँ हाथ पीछे करके झुक गई में माँ की

चूत में दनादन लंड घुसाने लगा. थोड़ी देर बाद माँ बैठ के कुदने लगी. हम

दोनो चुदाई में खो गए १५ मिनट हो गये थे. ना माँ झड रही थी ना में. मैंने

मोम को डॉगी पोज़ में बिठा दिया. और उसकी चुत में लंड घूसा के चोदने लगा. में

चुत मे जोर जोर से धक्के मार रहा था. माँ बस सिसकिया निकाले जा रही थी.

मोम झाड़ने वाली हो गई थी. माँ बोली “बेटा में जाने वाली हूँ रुकना मत और जोर से चोद मुझे”.

में जोर जोर से चोदने लगा. माँ झड गई. में भी झड़ने वाला हो गया था. में रुका नही और जोर जोर से धक्के मारता रहा. माँ की चुत फक फक फक फक फक…

की आवाज निकाल रही थी. में माँ की चुत में झड़ने लगा. मैंने सार पाणी माँ की

चूत में दाल दिया. माँ की साँसे तेज़ हो गई वो हाफ़ रही थी. मैंने लंड निकाल लिया माँ अपनी चुत को सहलाने लगी. माँ की चुत से पाणी निकल रहा था. माँ की

चूत खुली नज़र आ रही थी. मैंने चूत फैला के देखा माँ की चुत में मेरा पाणी

भरा पड़ा था. फिर माँ सीधी हो के लेट गई. में नंगा ही माँ की चुत देख रहा था

में उंगली से माँ की चुत से निकलते पाणी को देख रहा था. माँ भी अपनी चुत

को सेहला रही थी.. माँ उंगली डाल डाल के चुत का पाणी निकाल रही थी. मैंने दो

उंगली घुसा दी और पाणी निकालने लगा. माँ एक दम मस्त हो गई थी और, वैसे ही लेटी रही.ओर मुझे अपनी चुत दीखाती रही.मे माँ के साथ लेट गया उनकी चुचीयों को मसलते हुए उनके होठ चुसने लगा. काफी देर तक हम ऐसे ही करते रहे हमे १.३० घंटे हो गए थे. माँ ने अपने कपडे पहने. अपना हुलिया सही किया. मैंने भी

कपडे पहन लिये. हम दोनों बाहर आये. काया मुस्कुरा के बोली

काया- “लंच हो गया”?

माँ- “हा बहुत बढ़िया लंच हुआ हे आज तो”.

रजत- “ठीक हे थोड़ा काउन्टर भी देख लो अब”.

काया माँ की हेल्प कर रही थी. में भी कॅश काउंटर पे चला गया और जो जमा कॅश था इकठा करने लगा,

मैं ने शॉप से सारा कॅश कलेक्ट किया. और बैंक चला गया. मैंने काया को

मोम के पास ही छोड़ दिया. रक़म बड़ी थी इस लिए अकेले गया. फिर में घर आ गया.
 
मे सीधा माँ के रूम में गया और माँ की बिजनेस डायरी में से कुछ नंबर लिए

ओर कॉल किया. मैंने कुछ फैक्टरी और डीलर को कॉल करके बोला की वो सभी माल को

ट्रांसपोर्ट की जगह शीपिंग से भेज दे. उन्होंने बोला थोड़ा महंगा पड़ेगा. मैंने

बोला डोन्ट वर्री आप लोग माल भेज दो हमारा स्टॉक ख़तम हो रहा हे १० दिन में

माल नहि मिला तो बहुत गड़बड़ हो जायेगी. डीलर बोले सर माल ६ दिन में मिल जायेगा

आप को. अब मेरी चिंता कम हो गई थी. फिर मैंने होटल कॉल किया और काम की प्रोग्रेस पता की. होटल का काम भी स्टार्ट हो गया था. मेरी टेंशन अब कम हो गई थी.

मोम के माल का ऑर्डर दे दिया था पहले से डबल कर दिया था ऑर्डर. होटल का काम

भी स्टार्ट हो गया था. अब कुछ दिन मुझे होटल और शॉप दोनों को देखना था इस लिए

मैंने सोचा की माया दी को होटल रोज भेज दिया करूँगा और रूपा काया को मॉम के साथ शॉप भेज दिया करूँगा. जिस से माया दी होटल का काम सभाल लेगी और रूपा और काया माँ की हेल्प कर देंगी. रूपा ने मुझे आते हुये देख लिया था. रूपा मेरे लिए

चाय ले आई. में चाय पिते हुये बोला रूपा कल से तुम और काया माँ के साथ शॉप पे

जाओगी. आज कल वहाँ बहुत काम होता हे माँ थक जाती हे. रूपा बोली ठीक हे जैसा

आप बोलो. माया दीदी आ गई. मैंने बोला दीदी आप भी कल से होटल चलि जाया करो और जैसा आप को अच्छा लगे वैसा अपना स्पा बनवा लेना. कोई आईडिया हो तो आर्किटेक्ट को बता देना. माया दीदी बोली ठीक हे. इस तरह में अपनी फॅमिली को बिज़ी कर रहा था तभी सब अपनी जिम्मेदारिया समझ सके. किसी को ये ना लगे की उसे कम समझा जा रहा हे

शाम को माँ और काया भी आ गई दोनों के चेहरे बता रहे थे थक गई हे. काया तो इतनी थक गई थी सीधा रूम में गई और सो गई. डिनर भी नहि किया. मैंने बोला भी

उसे जगा दो माँ बोली आज बहुत काम किया हे काया ने मुझे तो कोई काम ही नहि करने दे रही थी. मेरी बहुत हेल्प हो गई आज तो. मैंने बोला माँ कल से रूपा और काया आप एक साथ ही रहेगी. और मैंने माल का ऑर्डर दे दिया हे ५-६ दिन में माल मिल जायेगा

मैंने ऑर्डर डबल कर दिया है. माँ बोली बेटा यह तूने अच्छा किया. वेसे भी यहाँ बहुत बिक्री है. में सोच रही थी रूपा मेरे साथ आने लगे, क्यों की कुछ दिनों में माया तो होटल जायेगी ही. और काया कॉलेज में बिजी हो जायेगी. रूपा बोर होती रहेगी घर में.

मैंने बोला माँ मैंने सब सोच रखा हे बस आप फ़िक्र मत करो हम चारो ने डिनर किया. फिर रूपा माया अपन रूम में चलि गई. में माँ के साथ उनके रूम मैं चला गया.

माँ बहुत थक गई थी मैंने पूछा माँ ज्यादा थक गई हो क्या?. माँ बोली “नहि बेटा”.

मैं माँ के बगल में लेट गया. मैंने उनकी चूची को मसल के बोला “अगर थक गई हो तो थकन मिटा दू”?

माँ बोली “हा थक तो गई हूँ पर तुम और थका दोगे मुझे”.

मैंने उनके बलाउज को खोलना शुरू कर दिया. माँ चुप चाप देख रही थी. मैंने उनका बलाउज उतार फेका. उनकी ब्रा भी उतार दी. उनकी बड़ी बड़ी चुचीया देख रसीले टरबूज लग रहे थे. मैंने उनके निप्पल को पकड़ के दबाया. माँ बोली “बेटा क्यों तड़पाता है अगर चोदना ही है तो घूसा दे अपना मुसल मेरी चुत मे, फाड् डाल मेरी चुत”.

मैंने बोला माँ इतनी भी क्या जल्दी हे आराम आराम से चोदूंगा.

माँ बोली “बेटा मेरी चुत को देख कैसे लसलसा गई हे चुदाई का नाम सुन के”.

मैंने उनकी चूत में उंगली घूसा के बाहर निकल ली और चाटन लगा. मैंने बोला माँ चुत का रस तो बहुत अच्छा है. माँ बोली तेरे मुसल से अच्छा नहि है”.

मैंने माँ के निप्पल को मुह में डाल लिया और चुसने लगा. माँ मचलने लगी. माँ ने मेरा सर अपनी चुचिया पे रगडना शुरू कर दिया. मैंने अपने कपडे फटा फट उतारे और माँ के उपर आ के उसके होठ चुसने लगा. माँ भी मेरे होठो को चुस रही थी. दोनों एक दूसरे में खो से गये मैंने माँ को नंगा कर दिया. माँ मुह के बल लेट गई.
 
मैंने उनकी टांगे खोल के उनकी चुत को सहलाता. और फिर चाटने लगा. मैंने माँ की

गांड को सुंघा बहुत अच्छी खुशबू आ रही थी. माँ बिस्तर से अपनी चुत रगड रही थी. मैंने उनकी गांड़ फैला के चाटना शुरू कर दिया. माँ बोली “बेटा पहले मेरी चूत की गर्मी निकल दे फिर जा चाहे जो करते रहना”.

मैंने माँ को सीधा किया और उसकी चूत से लंड सटा दिया.. मैंने एक ही धक्के में माँ की चुत में लंड घूसा दिया.

माँ भी हिल गई. मेरा लंड उनके अंदर जा टकराया. मैंने माँ की चूचियों को मुट्ठी

मे दबाते हुए जोर जोर से चोदना शुरू कर दिया. माँ मुझे और जोर जोर से धक्के

मारने को बोल रही थी. में भी माँ की चुचीयों को मसल मसला के चुत में धक्के

मार रहा था. माँ जल्दी ही झड़ने लगी. मैंने माँ की चुत से लंड बाहर निकाल लिया और माँ की चुत को चाट चाट के साफ करने लगा. माँ बहुत खुश थी. मैंने बोला “माँ आज भी आप २०-२२ साल की लड़की को फेल कर देती हो चुदवाने में”.

माँ बोली “चल झूठे. अब जल्दी से अपना भी गिरा ले रात काफी हो रही हे”.

में उठ के माँ के पास गया और उनके मुह में लंड घूसा दिया. मैंने बोला चुसो माँ अपने बेटे का गन्ना चुसो”.

माँ बोली “बेटा तेरा गन्ना तो बहुत मोटा और मीठा हे”.

माँ मज़े से लंड चुस रही थी में उसकी चूचियों को मसल रहा था. फिर मैंने माँ को पलट दिया और उनकी गांड़ फ़ैलाने लगा. मैंने गांड़ फैला के अपना लंड

उसकी गांड़ में घुसा धक्के मारना शुरू कर दिया. माँ भी लेटी लेटी गांड़ मरवाती रही. फिर मैंने माँ को अपने ऊपर ले लिया और गांड़ मारने लगा. माँ मस्त हो गई थी

मैंने जम के गांड़ मारी. माँ की गांड़ बहुत मस्त थी जम के चोदा मैंने. फिर मैंने

माँ की चुत मारना शुरू कर दिया. मैंने माँ को जम के चोदा गांड और चुत

मारता रहा. मोम २ बार और झड चुकी थी. में भी झड़ने वाला हो गया था मैंने

माँ के अंदर झड़ना शुरू कर दिया. माँ भी चुदाई से मस्त हो गई थी. माँ मुझसे लिपट गई. माँ को मैंने अपने ऊपर ले लिया. माँ बोली “बेटा तू कितना प्यार करता है हम सबको”. मैंने बोला “माँ बस कुछ दिन और फिर सबकी लाइफ सेट हो जायेगी और हमारा घर शुखी रहेगा”.

मैंने माँ के साथ एक बार और चुदाई की फिर हम दोनों सो गये.

सुबह उठा फ्रेश हुआ. माँ मेरे लिए चाय ले आई. माँ बोली “बेटा काया बोल रही हे वो तेरे साथ ही रहेगी”.

मैंने बोला “माँ में उसे समझाता हूँ”.

में रेडी हो के निचे आया. कल की तरफ आज भी काया रेडी थी,मुझे देख के काया बोली “चलो भाई आई एम रेडी”.

मैंने बोला “काया तुम और रूपा कुछ दिन माँ की हेल्प करो शॉप में जब तक में किसी को ढूंढ ना लु जो माँ की हेल्प कर सके”.

काया बोली “नहि में नहि जाने वाली माँ के साथ. मुझे तुम्हारे साथ ही रहना हे”.

काया बोली “पर भाई मुझे तुम्हारे साथ रहना हे”.

मैंने बोला “ठीक है पर माँ की हेल्प नहि कर सकती मेरे”.

काया बोली “आप के लिए तो सब करती हूँ. और करती रहूँगी,ठीक हे मैं माँ के साथ जाउंगी पर आप लंच में आओगे मुझे मिलने”.

मैंने बोला “ठीक हे जरूर आउंगा, और होटल से ही लंच लेकर आउंगा, अब खुश”?

काया ने मुझे गले लगा लिया और होठो को चुसने लगे. मैंने भी उसे पकड़ लिया और उसके होठो को जोर जोर से चुसने लगा. थोड़ी देर बाद मैंने काया को हटा दिया और सोफ़े पे बैठ गया.

माँ बोली “बेटा कॉलेज कब से शुरू करोगे”? मैंने बोला “माँ होटल ओपनिंग के बाद स्टार्ट कर दूंगा”.

माँ बोली “ठीक हे”.

तभी रूपा आ गई, एक पंजाबी सूट पहन रखा था..

मैंने बोला “आज तो क़यामत गिरेगी कही”.

रूपा मेरे पास आई और गोद में बैठ के बोली “ये क़यामत सिर्फ तुमपे ही गिरती हे”.

और मेरे होठो को चुसने लगी.

मैंने उसके सूट के ऊपर से उसकी चूचि को जोर से दबाया. उसकी चीख निकल गई.

रूपा बोली “बहुत बेरहम हो इतनी जोर से भी कोई दबाता हे”.

मैंने बोला “हाय मेरी जान तुम सब की जवानी ही तो मुझे पागल बना देती है और

कंट्रोल नहि रख पाता”.

माँ बोली “रूपा हमे चलना चाहिए”.

माँ रूपा और काया को लेकर शॉप पे चलि गई घर मे में और माया दीदी रह गए थे.
 
माया दीदी अपने रूम में थी. में उनसे मिलने रूम में गया तो वो मिरर के सामने आधी नंगी खड़ी थी. माया दीदी ने सिर्फ पेन्टी पहनी हुई थी और ब्रा का हुक लगा रही थी. में उनके पास गया. मुझे देख के माया दीदी बोली “हुक लगा दोना लग नहि रहा हे”.

मैंने बोला “मुझे हुक खोलना आता है लगाना नहि”.

मैंने माया दीदी को पीछे से पकड़ लिया. माया दीदी बोली “छोडो मुझे तैयार होने दो”. मैंने उनकी चुचियो को पकड़ लिया और मसलने लगा. माया दीदी सिसकि लेने लगी

“क्या कर रहे हो छोडो मुझे रेडी होना हे”.

मैंने बोला ‘मैंने इस लिय सब को काम पे नहीं भेजा की आप भी बिज़ी हो जाओ”?

मेरा लंड खड़ा हो गया था. में माया दीदी की गांड में अड्जस्ट करने लगा माया दीदी भी मेरा लंड अपनी गांड में अडजस्ट कर रही थी.मैंने उसकी चुचियो को मसलना शुरु कर दिया था,मैंने ब्रा उतार के फेक दी उसकी मैंने माया दीदी की चुत को पकाड के मसल दिया. माया दीदी बोलि “भाई आज मत करो”.

मैंने बोला “क्यों”?

माया बोलि “भाई सुबह पीरियड आ गया है”.

मैंने बोला “ओह तो ठीक दीदी कोई बात नहि उस के बाद आप को प्रेग्नेट कर दूंगा पक्का”. दीदी मुझे लिपट गई मेरा लंड खड़ा था.

दीदी बोली पर इसे तो शांत करना पडेगा”?

मैंने बोला “तो आप ही करो किस्सी तरह”. दीदी नीचे बैठ गई दीदी ने मेरी पेण्ट की जीप खोली और लंड बाहर खींच लिया. दीदी ने उसे बाहर निकालते ही मुह में ले लिया. दीदी मेरा लंड चूस रही थी.

मैंने बोला “दीदी आप रांड की तरह चुस्ती हो लंड”.

दीदी बोली “अच्छा जी अब में रंडी की तरह चुस्ती हु, वेसे भी में अपने भाई की बहन बीवी नोकरानी रंडी सब हु समझे”.

मैंने बोला “हा दीदी”.

दीदी जोर जोर से चुप्पे मारने लगी लंड के. दीदी ने चूस चूस के ज्यूस निकल दिया लंड का और गटा गट पी गई.

मैंने बोला “दीदी अब तैयार हो जाओ”.

दीदी बोली “बस १० मिनट में आती हु”.

में नीचे आ गया. थोड़ी देर बाद दीदी एक साड़ी पहन के आई पिले रंग की साडी में दीदी गज़ब ढा रही थी. हम दोनों ने ब्रेक फ़ास्ट किया फिर मैंने उनको बोला “बाइक पे जाना हे तो साडी संभाल के बैठना”

दीदी बोली “डोंट वर्री जान”.

मैंने बाइक निकल ली दीदी उस पे मुझसे चिपक के बैठ गई उनका एक हाथ मेरी कमर में और दूसरा मेरी जांघ पे था.

हम दोनों होटल पहुचे.

मैंनेजर सब को काम समझा रहा था. हमे देख के वो आया वहा दो

गनमैन खड़े थे और एक आदमी खड़ा था. मुझे देख के मैंनेजर बोला “सर ये दोनों गन मैन है आप के दोस्त राहुल जी ने भेजा है”.

मैंने बोला “ठीक हे केबिन में भेज दो”. मैंनेजर उनको लेकर केबिन में आया. दोनों

शकल से भाई ही लग रहे थे.

मैंने बोला “राहुल ने आप दोनों को समझा दिया होगा क्या करना हे”?

उनमें से एक बोला “सर् आप फ़िक्र मत करो हम पहले पुलिस में थे आप को शिकायत का मौका नहीं मिलेगा”.

मैंने पूछा “क्या आप दोनों भाई हो”?

दुसरा बोला “हां जी हम दोनों भाई हे ये सुरेश में महेश”.

मैंने बोला “ठीक हे आप दोनों आज से ही अपना काम शुर कर दो”.
 
दोनों चले गये. तभी मैंनेजर फिर से आया बोला “सर आप ने एक वेज शेफ को बुलाया था वो आ गया है”.

मैंने बोला “अंदर भेजो”.

वो अंदर आया.

मैंने बोला “आओ बेठो”.

मैंने बोला “नाम कया हे”?

अदमी को लला नाम हे मेरा.मैंने बोला क्या बना सकते हो. तुम जनते हो सिटी का बेस्ट होटल हे ये.

ओर में नही चाहता किसी वजह से इसका नाम ख़राब हो. लाला बोला साहब “मुझे १५ साल का तजुरबा है, मेरे बाप दादा यही काम करते आये है, मुझे शाकाहारी खाना ही बनाने आता हे मेरा बनाया खाना ऐसा हो ही नही सकता किसी को पसंद ना आये”.

मैंने बोला “यह अच्छी बात है”.

लाला बोला साहब “एक ही बुराई हे मुझ में मुझे खराब सब्जिया नहि पसंद, और किचन में गंदगी भी नही”.

मैंने बोला “ये तो और अच्छी बात हे मुझे भी गन्दगी नही पसंद बेशक कम काम करो पर साफ करो, अच्छा लाला तुम अपनी कुछ बढ़िया बढ़िया डिश बना के लाओ, सामान तुम साथ जा के ले आना,आज नाईट में में देखना चाहत हु तुम क्या जादू कर सकते हो” लला बोला “साहब आप को कोई शिकायत का मौका नहीं दूंगा”.

मैंने बोला “तुमको खाना पुरे स्टाफ के लिए भी बनानना पडेगा ताकी सब अपनी अपनी राए दे सके”.

लाला बोला “ठीक हे साहब”.

मैंने मैंनेजर को बोला “आज स्टाफ़ को बोल दो डिनर यही कर के जायेंगे, लाला जो खाना बना रहा है, वह कैसा हे सब को बताना है, कमी पेशी होगी तो लाला सुधार लेगा”. मैंनेजर बोला “ठीक है सर”.

फिर मैंने माया दीदी को बोला “आप अपना काम देख लो पार्लर का”

में उनको उस जगह ले गया जहा काम चल रहा था. माया दीदी घुम घुम के जायजा ले रही थी.

मैंने बोला “दीदी आप काम देख लो में भी अपना काम थोड़ा देख लेता हु”.

दीदी बोली “ठीक है भाई तुम जाओ”

में घूमते हुए रुचिका के पास पहुच गया.

मैंने उस से पूछा “तुम्हारा पति अब ठीक है”?.

वो शर्म के बोली “हां सर”.

मैंने बोला “कभी मुझे भी अपने घर बुलाओ”. रुचिका बोली “सर जब आप चाहो में ले चलूँगी”.

मैंने बोला “ठीक हे के दिन तुम्हारे घर का खाना भी खाऊंगा”.

फिर में वहा से वापस आ गया. में सारे रूम चेक कर रहा था. मुझे आईडिया आया की यहाँ कोई सीसीटीवी कैमरा नही लगा हुआ लगे हाथ वो भी लगवा लेता हु.मैंने एक सीसीटीवी कैमरा शॉप पे चला गया और उसे होटल में २० २५ कैमरे लगवाने को बोला. वो बोला “ठीक है सर कल तक लग जायेंगे”. फिर में घुम रहा था.मैंने कस्टमर से भी बात की वो लोग संतुष्ट थे हमारी सेवाओं से ,. मुझे भी अच्छा लगा सब ठीक ही चल रहा हे.

लंच टाइम हो गया था.मैंने माया दीदी को बोला “चलो हम शॉप पे जाना चाहिये सब वेट कर रहे होंगे”.

दीदी बोली “ठिक है”.

मैंने बोला “लंच पैक करवा लेता हु”.

मैंने एक वेटर को ५ प्लेट बढ़िया से लंच पैक करने को बोला. तब तक में कॉन्ट्रेक्टर ओर

आर्किटेक्ट से बात करने लगा. कैसा चल रहा हे काम. और पेंटिंग का काम कब होगा.

कॉन्ट्रेक्टर बोला “जैसे ही ये पूरा होगा, हम पेंटर को बुला लेंगे, आप को जो भी पसंद हो वही बनवा लेना”

मैंने बोला “ठीक है में भी कुछ डिजायन ढूंढ लेता हु”.

वेटर लंच पैक करके ले आया.

मैंने माया दी को बोला “चले”.

हम दोनों बाइक पे शॉप पे पहुँचे. शॉप पे

रोज की तरह भीड़ थी. मुझे देख के काया बोली “भाई शुक्र है आप आ गये बहुत भूख लगी है”

मैंने माँ को बोला “चलो लंच कर लो”

रूपा भी मन लगा के काम कर रही थी.

मैंने उसे बोला “अब चलोगी, खाना ठण्डा हो रहा है”.

हम सब ऑफिस में आगये.मैंने माँ की

जगह एक लड़की को खड़ा कर दिया. ताकी वो सबके बिल काटती रहे. हम ऑफिस में आ गये.

रूपा और माया दी लंच लगाने लगी. काया मेरे साथ बैठ गई. और मेरे लंड को सहलाने लगी.

मैंने बोला “कण्ट्रोल किया कर”.

काया बोलि “नही होता क्या करू”?.

मैंने बोला “लंच कर चुप चाप समझी”.

फिर हम लंच करने लगे. काया ने मेरा लंड बाहर निकाल दिया था. एक हाथ से सहला रही थी और दूसरे हाथ से खाना खा रही थी. मेरी दूसरि तरफ रूपा बेठी थी जो ये देख कर गरम हो रही थी. रूपा ने जल्दी से लंच खत्म किया.
 
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