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लाइफ हो तो ऐसी complete

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अपडेट 60

नेक्स्ट मॉर्निंग ........

सुबह के ५ बज रहे हे काया की आंख चिड़ियों की चहचाहट से खुल जाती हे .सूरज ही हलकी रोशनी काया के चेहरे पर पड़ने लगती हे .सुरज की किरणे काया के रूप को और निखार देती हे चेहरा सुर्ख़ लाल बाल जैसे सोने के हो .काया एक अंगडाई लेती हे .ओर अपने बेड से उठ कर खिड़की के पास जाती हे बाहर हलकी हलकी ढंडी हवा चल रही हे .जीसकी वजह से काया के बाल लहराने लगते हे.........

काया अपने चेहरे पर हाथ फेरती हे शरीर थोड़ा ठण्डा लगता हे .काया की लटे उसके गालो को चूमती हे काया ठण्डी हवा लेकर तरो ताज़ा मेहसुस करती हे .काया माया के रूम में जाती हे .........

माया मुह के बल सो रही होती है काया माया के पास जाती हे और गालो को चूम कर जगाती हे .माया बोलती हे काया अभी तो बहुत वक़्त है कयु उठा रही हो .काया माया के गाल को पे चुमते हुए बोलती हे दीदी हमे लम्बा सफर करना हे और हमे जल्दी निकल लेना चाहिए .माया को काया की बात सही लगती हे...........

काया माया को उठा के अपनी माँ के रूम में जाती हे .मीना जग चुकी थी काया मीना को बोलती हे अच्छा हुआ माँ आप जग रही हो वरना में तो आप को उठाने ही आ रही थी मीना पूछती हे क्यों बेटी क्या हुआ .काया बोलती हे माँ आज हम बाहर जा रहे हे तो हमे जल्दी निकल जाना चाहिए अँधेरा होने से पहले पहुच जायेंगे तो ठीक रहेगा ...................

मीना बोलती हे बेटी तू कहती तो ठीक हे में तैयार होती हूँ तू माया और रजत को उठा .काया बोलती हे दीदी को तो उठा दिया अभी भाई को उठाती हूँ .मीना में फ्रेश हो जाती हूँ तू जा उसे उठा .ओर तैयार भी कर देना .काया बोलतीह माँ आप फ़िक्र मत करो आज भाई को में तैयार करुँगी आप सब रेडी हो जाओ तब तक्.

ईतना बोल कर काया रजत के रूम की तरफ चालि जाति हे .मीना फ्रेश होने चलि जाती हे ..रजत के रूम में पहुच कर काया देखति हे रजत एक छोटे बच्चे की तरह तकिये को पकड़ कर सो रहा हे एक दम मासूम लग रहा था .काया रजत के पास जाती हे और बेड पर बैठ कर धीरे धीरे बालो को सहलाती हे .रजत को ऐसे बालो में हाथ फ़ेरने से अच्छा लगता हे ...........

काया तकिया हटा देती हे रजत काया की कमर में हाथ दाल के चिपक जाता हे.काया रजत को बोलती हे भाई उठ जाओ तुम .रजत बोलता हे नहीं मुझे सोना हे .काया बोलती हे भाई मुझे छोड़ो और भी काम करने हे.रजत मुझे नहीं जगना और न में तुमको जाने दूंगा मुझे ऐसे ही सोना हे अभी तुम्हारी गोद में सर रख के ..........

काया रजत की आँखों को चुमते हुए बोलती हे मेरे प्यारे भैया हमे आज गांव जाना हे और हमे जल्दी निकलना चाहिए .रजत बोलता हे “काया अभी बहुत टाइम हे” काया उसका कम्बल हटा देती हे. रजत को जबरदस्ति उठाती है और बाथरूम की तरफ खीच के ले जाती हे और बोलती हे भाई आप जब तक नहा लो में ब्रेक फास्ट बना देती हूँ .रजत अपनी बहन की बात मान कर बाथरूम में चला जाता हे फ्रेश होने के लिए काया रजत के कपडे निकाल कर बेड पर रख देती हे.......

काया किचन में जा कर सब के लिए हेल्थी नाश्ता बनाती हे .काया ब्रेड टोस्ट और मिल्क शेक बनाती हे साथ में आलु के पराठे जो रजत को बहुत पसंद हे .सब रेडी हो कर निचे आते हे ब्रेक फ़ास्ट टेबल पर सज चुका था .माया काया को बोलती हे आज तू बहुत बदलि बदली लग रही हे क्या बात हे .........

काया बोलती हे “दीदी कुछ नहीं” मीना बोलती हे “मेरी बेटी अब समझदार हो गई हे सब का ख्याल रख सकती हे” .काया बोलती हे “माँ आप युही मेरी तारीफ मत करो” .रजत बोलता हे “आई लव यु काया” .माया बोलती हे “आई लव यु आल्सो काया” .काया बोलती हे “आई लव यु माय लवली फॅमिली” .ओर सब नाश्ता करते हे

सुबह के ८ बजे हे .......

सब नाश्ता कर के अपना अपना बेग लेकर निचे आते हे .मीना .ने आज पिले रंग की साड़ी पहनी हे और बलाउज भी पीला पर बलाउज और साड़ी पर रेड रंग का बॉर्डर लगा हुआ हे जो बहुत खूब सूरत लगता हे .मीना अपनी उम्र से आज ५ साल छोटी लगती हे मीना अपना सामान लेकर कार की तरफ बढ़ जाती हे...........

माया ने ग्रीन रंग का पंजाबी सूट पहना था .उसकी गांड सूट में बाहर की तरफ़ खींची खींची नजर आती हे सूट पर सिल्वर और ब्लेंक रंग से डिजाइन बना हुआ हे जो उसकी खुबसुरती को चार चाँद लगा रहे थे .मीना माया और सब को जल्दी आने को बोलती हे .माया बोलती हे माँ में तैयार हूँ भाई और काया का पता नहीं क्या कर रहे हे ........

माया अपना बैग डिक्की में रख देती हे और सामने की सिट पर बैठ जाती हे .मीना बोलती हे माया आने दे सब को फिर बैठना .माया बोलती हे में आगे ही बैठूँगी चाहे जो हो जाये ..तभी रजत की आवाज आती हे “जहा चाहो बैठो चाहे तो कार के ऊपर बैठ कर चलो दी .रजत को देख कर माँ बेटी शॉक रह जाती हे ब्लू जिन्स स्काई ब्लू कलर की शर्ट ऊपर से जैकेट एक दम मॉडल टाइप का लग रहा था ............

मीना रजत के पास जाती हे और अपनी आँखों से काजल उतार कर रजत को लगाती हुई कहती हे “आज कितना प्यारा लग रहा हे मेरा बेटा कही नजर न लग जाये हमारी” .रजत अपनी माँ को गले लगा लेता हे माया बोलती हे “में भी हूँ यहाँ” .रजत उसके गालो पर किस करके बोलता हे “जानता हूँ मेरी प्यारी बहना” और तीनो हॅसने लगते हे .मीना बोलती है “ये काया को क्या हुआ सब को जल्दी उठा कर खुद क्या कर रही हे” ..............

मीना काया को आवाज लगाती हे माया भी काया को पुकरीति कोई भी रिप्लाई ना आता देख तीनो घर में घूसने लगते हे .तभी एक परछाई देख रुक जाते हे .रजत सामने का नजारा देख कर बूत बना सब देखता रहता हे क्या चिज़ है ये दो टाँगे धीरे धीरे रजत .मीना और काया के पास पहुँचती हे .मीना और माया बोलती हे “वॉव काया तुम तो बहुत सुन्दर और हॉट अण्ड सेक्सी लग रही हो” ...............

रजत अभी भी काया को देखता रहता हे काया रजत की ऐसी दशा देख कर मुस्कुराती हे .काया ने लाल रंग का सूट पहन रखा था चोटी में परांदा बाँध रखा था चुनि में घुँघरू लगे हुए थे माथे पर पंजाबी बिंदिया गले में हार होटो पर हलकी सी लिप्स्टिक .पैरो में पायल हाथो में चुडिया .एक दम परी लग रही थी.काया रजत के लिप्स को किस करके उसे होश में लाती हे .काया की किस करने से रजत होश में आने की जगह गिरने लगता हे ............

माया बोलती हे “काया आज भाई की जान लेगी क्या देख पहले ही बेचारे का बुरा हाल हे ऊपर से तू और बिजलिया मत गिरा” मीना और माया रजत को संभालति हे .रजत एक ही बात बोलता हे और सब सुन कर हसने लगते हे .काया यु आर सो ब्यूटीफुल”.....काया बोलती हे “भाई होश में आओ और चलो हमे निकलना चाहिए” .सब कार में सामान रख के बैठने लगते हे.............
 
अपडेट 61

तभी वहा रोहित और ख़ुशी आ जाते हे .रजत रोहित और ख़ुशी को एक साथ घर पर देख कर बोलता हे “क्या बात हे तुम दोनों सुबह सुबह यहाँ” .रोहित बोलता हे “यार तुझसे ही मिलने आये हे बाहर जा रहा हे घुमने जा रहा हे तो ख़ुशी बोली बेस्ट ऑफ़ लक बोल कर आते हे” .रजत सब को ख़ुशी से मिलाता हे .खुशी भी सब से मिलकर खुश होती हे ............

तभी सर रूपा को लेकर आते हे रूपा काया को एक बॉक्स देती हे और बोलती हे रजत को वहा जा कर देना .”तब तक मेरी अमानत तुम संभाल के रखो” रजत पूछता हे “ये चोरी चोरी काया को क्या दे रही हो .कोइ खास गिफ्ट हे मुझे कोई गिफ्ट नहीं दोगी” .रूपा बोलती हे “तुम वापस आओ तब में तुमको ऐसा गिफ्ट दूंगी की याद रखोगे हमेशा” .रूपा की बात सुन कर माया और काया को जलन होती हे दोनों एक साथ बोलती हे “हमारा गिफ्ट हमेशा बेस्ट होता हे भाई जानते हे” ................

. रूपा मुस्कुरा कर सर के साथ कॉलेज चलि जाती हे .रोहित और ख़ुशी भी हाथ और गले मिल कर रजत की फैमिली को अल्विदा बोलते हे

मीना ड्राइविंग करती हे माया उसके साथ वाली सिट पर बैठी होती हे रजत और काया पिछली सिट पर बैठे होते हे .रजत बार बार काया को देखता हे काया भी रजत को तड़पता देख मुस्कुराती हे और उसकी तरफ ध्यान नहीं देती .रजत काया से बाते करना चाहता हे पर काया बाहर के नज़ारे देखति हे.....

लम्बा सफर था तो माया कार स्टीरोओ ऑन कर देती ह्रे और उस पर ओल्ड सांग बज रहा होता हे. “चेहरा हे या चाँद खिला है जुल्फ़ घनेरी शाम है क्या सागर जैसी आँखों वाली ये तो बता तेरा नाम हे क्या” .रजत भी ये सॉन्ग ऐसे गाता हे जैसे वो काया को आज पहली बार देख रहा हो .काया रजत की तरफ देख कर बोलती हे भाई क्या हुआ जो इतना रोमेंटिक हो रहे हो......

रजत बोलता हे आज तुम बहुत सेक्सी लग रही हो .काया सेक्सी वर्ड सुन कर रजत की छाती पर मुक्का मारती हे .रजत के मुह से वुईमम्मा निकलता हे काया रजत की ये दशा देख डर जाती हे और रजत की छाती पर हाथ से सहलाती हुई बोलती है “सॉरी भाई जोर से लगा क्या”? .रजत काया का प्यार देख के हॅसने लगता हे रजत की नौटकी देख कर माया और मीना भी हॅसने लगती हे.....

काया फिर से एक मुक्का मारती हे और रजत को गले लगा लेती हे रजत काया के सर पर हाथ फेरता रहता हे बाहर का मौसम ठण्डा हो जाता हे हलकी हलकी बारिश शुरू हो जाती हे .बरीश की बुँदे काया के चेहरे पर मोती की तरह दीखती हे रजत इन मोतियो को देख के दो लाइन बोलता हे ....

“न झटको जुल्फो से पाणी .

ये मोती तूट जायेंगे ...

तुम्हारा कुछ न बिगडेगा ...

दिल मेरा तूट जायेगा” .

सब ये सुन कर रजत का मुह देखने लगते हे.रजत बोलता हे “क्या हुआ”? “मे तो गाना गा रहा था” .माया पूछती हे “क्यों आज कोई खास बात हे क्या”? .रजत बोलता हे “खास तो नहीं बस युही मन किया तो गाना गा ने लगा” .मीना बोलती हे “बेटा अभी तो शुरु हुआ हे सफर और तुम अभी से अपना धीरज खो बैठे हो गांव पहुच कर पागल मत हो जाना वहा तो गाव की लड़कीया बहुत सूंदर होती हे” ...

रजत बोलता हे “होंगीं खूबसूरत पर मेरी बहनो से ज्यादा कोई नहीं” .युही बात करते करते मस्ती में उनका सफर गुज़रने लगता हे .गाओ से कुछ मिल दुर ही मीना सब को बोल देती हे हम गांव पहुचने वाले हे चारो तरफ खुले मैंदान और हरे भरे खेत नजर आते हे जिनमे गन्ने की फसल लगी होती हे .रजत ये सब देख काफी उत्साहित हो जाता हे काया रजत की उत्सुक्ता देख बोलती हे भाई आप को यह जगह पसंद हे ........

रजत बोलता हे हा काया देख कितना हरा भरा हे पेड़ पोधे और चिडियो की आवाज के लिए हम सिटी वाले तरस जाते हे .यहा की हवा भी बहुत ताज़ी ताज़ी लग रही हे एक दम ठण्डी लग रही हे .काया बोलती हे हा भाई यहाँ सब कुछ अच्छा लग रहा हे .मीना बताती हे हमारे खेत भी हे .रजत ये सुन कर चौक जाता हे और पूछता हे माँ आप ने पहले कभी क्यों नहीं बताया खेतो के बारे में .

मीना बताती हे तुम्हारे पिताजी और में सिटी में रहते थे और उनकी मौत के वक़्त तुम तीनो छोटे थे तो तुम्हारे चाचा उनकी देख भाल करते हे तुम लोग आज बहुत सालो बाद उनको मिल रहे हो शायद पहचान भी ना पाओ उनको फिर वो तुमको .मीना बोलती हे माँ मुझे तो बस घर की कुछ यादे याद हे बाकि सब भूल गई .मीना बोलती हे वहा पहुच जोओगी तो सब याद आ जायेगा ....
 
अपडेट 62

शाम को ५ बजे रजत की फैमिली गाव में दाखिल होती हे .कुछ दुर पर एक शानदार हवेली नजर आती हे .हवेली का दरवाजा बहुत बड़ा लगा हुआ था जैसे जैसे वो पास बहुचते हे शाम होने की वजह से हवेली में रोशनियाँ होने लगती हे .हवेली एक दुल्हन की तरह जगमगाने लगती हे .मीना हवेली के पास पहुचती हे और कार रोकती हे.

सामने केशव लाल मीना का देवर खड़ा उनका इन्त्ज़ार कर रहा होता हे साथ में मालति उसकी बिवी भी थी ..केशव लाल ३८ साल का तंदुरस्त मर्द हे .उसकी हाइट ५ फुट है चौड़ा सिना हे लम्बी मुछे हे थोड़ा सा मोटा भी हे ..मालती ३५ साल की ओरत हे अपने फीगर को काफी मेंटेन किया है उसकी चुचिआ ३८ साईझ की हे कमर ३४ गांड ३६ एक डम हरी भरी दिखाइ देती हे .....

मीना बाहर निकलती हे .केशव उनका स्वागत करता है

मीना का केशव स्वागत करता हे .मालती बच्चों को देख कर पहचान नही पाती .रजत काया और माया एक साथ खड़े हो जाते हे .मालती मीना से बोलती हे तेरे बच्चे तो बड़े हो गए .मीना बोलती हे भाभी आप के बच्चे कहा हे .नजर नहीं आ रहे .मालती बताती हे की वो दोनों आप के स्वागत की तैयारिओं में लगे हे .काया मालती और केशव को पह्चानने की कोशिश करती हे ...

केशव सब को अन्दर ले जाता हे .घर काफी खूबसूरत था .काया बोलती हे ये हवेली तो बहुत खूबसूरत हे केशव बोलता हे हमारे दादा के दादा अग्रेजो के जमाने के जमींदार थे .उनहोने ही ये हवेली बनवाइ थी बहुत पुराणी हे लगभग १०० साल पुराणी हे पर बहुत मजबुत हे आज भी नयी जैसी हे .काया बोलती हे सच में कोई इसे देख कर नहीं बोल सकता १०० साल पुराणी हे ये हवेली...

केशव सब को एक बड़े हॉल में ले जाता हे जहा एक बहुत बड़ा टेबल लगा हुआ हे .जिस पर रंग बिरंगी चादर बिचाई हुई हे ऊपर रक बड़ा झुमर लगा हुआ हे सारा हॉल झुमर की रोशनी से जगमगा रहा हे .केशव सब को उनके रूम बताता हे केशव बोलता हे .रजत तुम ऊपर वाले रूम में आराम करना काया और माया सामने वाले में .ओर भाभी निचे वाले अपने रूम में रहेंगी .........

केशव सब को फ्रेश हो कर आने को बोलता हे सब फ्रेश होने चले जाते हे रूम बहुत बड़े और हवा दार हे .रजत बाथ रूम में घुस जाता हे सामने का नजारा देख कर चौक जाता हे सामने एक लड़की पूरी नंगी बाथटब में लेटी हुई है .रजत खड़ा खड़ा देखता रहता हे .तभी वो लड़की चिल्लाती हे रजत डर कर बाहर की तरफ भागता हे .

रजत के रूम से चिख सुन सब लोग उस तरफ भागते हे तभी वो लड़की कपडे पहन कर बाहर आती हे और रजत को मारने लगती हे और बोलती हे बाबा देखो घर में चोर घुस आया हे रजत उसे शांत करने की कोशिश करता हे .लडकी रजत को धक्का मार देती है जो काया देख लेती हे .काया और माया भाग कर आती हे और रजत को उठाती हे..

वा लड़की रजत को मारने आती हे काया लड़की का हाथ पकड़ कर जोर से थप्पड़ मारती हे जिसकी गुंज सब सुनते हे लड़की निचे गिर जाती हे .काया जोर से चिख कर बोलती हे मेरे भाई को हाथ लगाया तो जान से मार दूंगी .केशव मीना और मालती वहा पहुच जाते हे केशव अनु क्या हुआ क्यों चिल्ला रही थी.ये लड़की केशव की छोटी बेटी हे जो १२ th में पड़ती हे और १६साल की जवान लड़की हे उसका फीगर आच्छा हे .

१६ की होने के बावजूद २०कि लगती हे चूचिया बहुत बड़ी हे ३८ की कमर २८ और गांड तो एक दम मस्त उठि हुई ३८ कि जब चलति हे तो चूचिया और गांड लेफ्ट राईट करती हे .अनु बोलती हे बाबा ये लड़का मेरे बाथरूम में घुस आया था .रजत बोलता हे चाचा जी आप ने ही बोला ये रूम मेरा हे तो में फ्रेश होने गया ये वहा थी और मुझे चोर चोर कहने लगी देखो मुझे मारा भी .रजत का खून देख कर माया अनु को दो थप्पड़ और मारती हे और बोलती हे हमने अपने भाई को बहुत नाजो से पाला हे और तूने उसका खून निकाल दिया .

बात बिगडति देख मीना माया और काया को समझाती हे की बेटा ग़लती से हुआ उसे भी नहीं पता था ये उसका भी भाई हे .काया रजत के खून को साफ करते हुए अनु को घुरति रहती हे .मीना रजत को रूम में ले जाने को बोलती हे .काया और माया रजत को उसके रूम में लेकर जाने लगती हे रजत बोलता हे मुझे नहीं रहना इस रूम में मुझे अपने रूम में ले चलो में वहि रहूँगा आप दोनों के साथ .काया और माया बोलती हे है ये सही रहेगा दोनों रजत को रूम में ले जाते हे .

थोड़ी देर बाद एक लड़की आती हे और बोलती हे दीदी आप ये लगा दो भाई को .रजत उसको देखता हे काफी खूबसूरत और हॉट लड़की थी .काया पूछती हे आप कोण. लड़की बताती हे मेरा नाम रेणु हे में आप के चाचा की बड़ी बेटी हूँ .काया बोलती हे आप दवा ले जाओ हम शहर से लेकर आये हे भाई को बाहर की दवा मना हे .रेणु बोलती हे आप अनु की वजह से नाराज हो .प्लीज् आप दवा लगा दो इनको जल्दी आराम आ जायेगा .माया बोलती हे आप की बहन को जरा भी अकल नहीं घर आये मेहमान से क्या ऐसा बर्ताव किया जाता हे

रेणु बोलती हे आप उसे गलत मत समझो उसने जो किया वो गलत फहमी की वजह से किया माया बोलती हे ठीक हे आप बहुत अच्छी हो .रजत रेणु को घुर रहा होता हे उसका फीगर भी शेम अनु जेसा था एक दम मस्त करारा करारा.
 
अपडेट 63

रजत माया और काया फ्रेश हो कर निचे जाते हे .मीना केशव के साथ बैठ कर जमीनी मामलो पर बात कर रही होती हे .मीना बोलती हे “ये कैसे हो सकता हे केशव वो जमीन और जायदाद रजत के दादा जी के नाम पर हे फिर उस जमीनका वारिस कोई और कैसे हो सकता हे केशव बोलता हे सरपंच के लड़को ने मुझे डराया धमकाया भी हे और बोला है अगर जमींन पर कदम रखा तो पुरे ख़ानदान को मिटा देंगे ....

काया और रजत पूछते हे आप लोग किस बारे में बात कर रहे हो .केशव बताता हे की मेरे पिता जी के नाम एक जमींन थी जिस पर कुछ बुरे लोगो ने कब्ज़ा कर लिया हे और अब मुझे और मेरी बच्चीयो को जान से मारने की धमकी भी देते हे.काया बोलती हे बस इतनी सी बात कोई बात नहीं में बात करुँगी उन लोगो से .रजत काया को मना करता हे और बोलता हे “ये गुण्डे टाइप के लोग हे तुम उन से नहीं मिलेगी न बात करोगी” ....

केशव और मीना भी रजत की बात से सहमत होते हे.काया बोलती हे “आप लोग डरो मत जो मेरे भाई का हे सो मेरे भाई का हे में इतना ही जानती हूँ और उनके जैसे को कैसे सुधारा जाता हे मुझे पता है.अभी तो हम भाई बहनो को भूख लगी हे” .मालती बोलती हे “सब चलो खाना रेडी हे” .सब टेबल की तरफ़ बढ़ते हे .अनु और रेणु टेबल पर डिनर सजा रही थी .रजत दोनों को देख कर स्माइल करता हे .अनु रजत को इग्नोर करती हे रेणु रजत को स्माइल पास करती हे....

रजत बैठ जाता हे काया और माया रजत के आजु बाजु बैठ जाती हे . मीना और केशव भी बैठ जाते हे अनु और रेणु भी बैठ जाती हे .मालती सब को खाना पास करती हे .रजत बोलता हे चाची जी आप भी बैठ जाओ और खाना खालो.मालती बोलती हे अगर में भी बैठ जाउंगी तो खाना कोन सर्व करेगा सब को .रजत बोलता हे चाची जी बैठ जाओ जिसको खाना होगा खुद ही ले लेगा आप क्यों अकेले खाओगी आओ मेरे पास बैठ कर खाओ .रजत काया को माया के साथ बठने को बोलता हे .

मालती भी रजत के साथ बैठ कर खाने लगती हे और बोलती हे मीना को भाभी आप का बेटा तो बहुत समझदार हे .आज तक में अकेले ही ख़ाते आई हूँ कोई साथ देणे वाला नहीं था और किसी ने कभी साथ बठने को भी नहीं बोला .काया बोलती हे हम लोग तो साथ बैठ कर खाते भी हे और हर काम साथ करते हे इस से प्यार बडता हे ...

सब खाना खा रहे होते हे तभी रजत एक सब्जी लेता हे जिस में और सब्जी में बहुत तिखा पड़ा होता हे .रजत जैसे ही एक निवाला खाता हे उसकी तो सीसी निकल जाती हे काया फटा फट रजत को पाणी देती हे .रजत को बहुत तिखा लग रहा था .काया बोलती हे भाई आप कुछ मीठा खालो फिर ठीक हो जायेगा थोड़ी देर बाद रजत नॉर्मल हो जाता हे और बोलता हे में अब ठीक हूँ .सब खाना खा लेते हे .मालती सब के लिए मीठा लाती हे .सब खाते हे फिर मालती रजत जे लिए आइस क्रीम लाती हे .

रेणु बोलती हे क्या बात हे माँ भाई के लिए आइस क्रीम .मालती बोलती है हा क्यों की वो हमारा बेटा हे और उसके लिए ही हमने ये बनाया था .काया बोलती हे चाची ये तो बुरी बात हे हम भी तुम्हारी बेटिया हे हमारे लिए भी बना देती पर चलो कोई बात नहीं भाई खाये या हम एक ही बात हे .सब डिनर करके सब अपने अपने रूम में चले जाते हे .रजत माया काया के रूम में सोने चला जाता हे .

थके होने की वजह से तीनो भाई बहन सो जाते हे .रात को कुछ आहट सुन कर रजत की नींद खुल जाती हे रजत आवाज कहा से आ रही हे देखने लगता हे .पहले माँ के रूम के पास जाता हे कोई आवाज नहीं फिर चाचा चाची के रूम की तरफ कोई अवाज नहीं .रजत सोचने लगता हे आखिर अवाज आ कहा से रही हे .फिर वो अनु और रेणु के रूम की तरफ जाता हे तभी उसे खिड़की के पास एक साया जाता हुआ नजर आता हे .

रजत खिड़की के पास जाता हे रजत देखता हे कोई लड़की बाहर जा रही हे रजत भी उसका पीछा करता हे .रजत सोचता हे जरूर अनु या रेणु में से कोई होगी .रजत पीछा करता रहता हे आगे जा कर वो लड़की एक झाड़ी में घुस जाती हे रजत भी उसी रस्ते से पीछा करता हे आगे जा कर वो लड़की ग़ायब हो जाती है

रजत कुछ देर इधर उधर तलाश करता हे उसे एक झोपड़ी नजर आती हे रजत उसके पास जाता हे और चौक जाता हे .अधर की बाते सुन कर उसका दिल घबराने लगता हे .

रजत घर के पास जाता हे वहॉ पर चार लोग थे .जो आपस में रजत की फैमिली के बारे में बात कर रहे थे ..रजत को कुछ भी साफ नजर नहीं आ रहा था रजत अंदर देखने के लिए जगह ढूंडता हे..रजत घर के पीछे जाता हे जहा एक डोर खुला हुआ था रजत उस डोर से अंदर चला जाता हे .

रजत खिड़की के पास से देखने की कोशिश करता हे कोण लोग हे ये और वो लड़की कोण हे रजत को तीन आदमियो और एक लड़की की अवाज आ रही होती हे रजत खिड़की को धीरे से धकेलता हे खिड़की खुल जाती हे .रजत देख कर चौक जाता हे उसका चाचा सामने बैठा हे .

केशव-“मोहन हमारी सब समस्या जल्द ही हल हो जायेगी”

मोहन- “जिजु आखिर कार तुम्हारे भतीजियां और भतीजा गाव आ ही गया” .

केशव—"फिकर क्यों करता हे आये हे तो यही कही मार के गाड देंगे”

मोहन- “जिजु उस से सारी प्रॉपर्टी तुमको मिल सकती हे, तुम्हारे भाई की बीवी जब तक वसियत पर साइन नहीं करेगी, तब तक ये प्रॉपर्टी गले की हड्डी बनी रहेगी”.

केशव –“मैंने उनसे झूठ बोला है कि कुछ गुंडों ने हमारी जमींन पर कब्ज़ा कर लिया हे शहरी बच्चे हे जल्दी ताव में आते है उनको मारने के बाद कह देंगे उन लोगो ने ही मारा होगा .दो चार दिन रोयेगी फिर भूल जायेगी”

लाद्की- “ये सब करना जरुरी हे क्या और मुझे क्यों बुलाया हे यहाँ, .घर गई तो आप नहीं मिले तो सीधा यहाँ आ गई” .

सोहन-“जीजू इसको क्यों बुलाया” .

केशव-“तुम दोनों मेरे साले हो ये गाव में सब जानते हे .पर कोई ये नहीं जानता हे की ये तुम्हारी साली हे .ईसको बस रजत को उसकी बहनो से दुर रखना हे .ताकी तुम दोनों उन दोनों को फसा सको अपने चक्कर में” .

मोहन-“जीजू क्या वो फसेंगी”? .

रजत को अब सब समझ आ गया था की ये दोनों ईसके साले हे पर लड़की की सूरत नहीं देखि हाथो में हरी चुडिया और पायल ही नजर आ रही थी .रजत अंदर से घबरा भी गया था की ये लोग प्रॉपर्टी के लिए उसकी पुरी फैमिली को नुक्सान पंहुचाना चाहते हे
 
अपडेट 64

रजत वहा से जल्दी निकल जाता है ..काया की नींद खुलती हे रजत को ना पाकर घबरा जाती हे .ओर सोचती हे इतनी रात को रजत कहा चला गया .काया माया को जगाती हे माया पूछती हे “क्या हुआ”? .काया भाई नहीं हे .माया पूछती हे “भाई नहीं हे का क्या मतलब”.काया बोलती हे “भाई रूम में नहीं हे” .माया बोलती हे “बाथरूम गया होगा” .काया बोलती हे “नहीं वहा भी नहीं हे” .माया बोलती हे “चल निचे जाकर देखते हे कही निचे माँ के पास तो नहीं सोने गया हे” .

काया माया निचे आती हे तभी रजत घर में घुसता है काया रजत के चेहरे का रंग उड़ा देख कर पूछती हे “क्या हुआ?कहा गए थे इतनी रात को”? .रजत बोलता हे “चलो ऊपर जा कर बताता हूँ” .तीनो रूम में आते हे रजत रूम लॉक करके परदे लगाता हे माया पूछति हे “रजत क्या हुआ इतना घबराया क्यों हे”? .माया रजत को पकड़ कर अपने पास बिठाती हे.

माया रजत के चेहरे को पकड़ कर पूछती हे “भाई बता क्या हुआ और कहा से आ रहा हे” .रजत माया को गले लगा लेता हे उसकी ऑंखे भर आती हे रजत काया को बोलता है “जाओ माँ को बुला कर लाओ मुझे बहुत जरुरी बात करनी हे”.काया रजत की बात सुन कर निचे माँ को बुलाने चलि जाती हे .

काया माँ को जगाती हे और बोलती हे “रजत बहुत डरा हुआ हे अभी पता नहीं कहा से आया हे” .ओर रोने जैसी सूरत बना रखी हे मीना काया की बात सुन कर जल्दी से ऊपर जाती हे काया को रजत फिर से डोर बंद करने को बोलता है .मीना रजत को गले लगा कर पूछती हे “क्या हुआ बेटा कहा गया था” .रजत बोलता हे “माँ चाचा अच्छे नहीं हे” .मीना पूछती हे “क्यों क्या हुआ बता”? .रजत बोलता हे की “चाचा प्रॉपर्टी के लिए हम सब को मारना चाहते हे”.

मीना पूछती हे “रजत बेटा क्यों ऐसा बोल रहा हे केशव ऐसा नहीं कर सकता” .रजत बोलता हे “माँ मैंने खुद सुना हे वो अपने सालो के साथ प्लानिंग कर रहे थे .उनके साथ एक लड़की भी थी मैंने उसका चेहरा नहीं देखा और न नाम सुना .माया बोलती हे “माँ अगर भाई सही बोल रहा हे तो हमें कल ही वापस चले जाना चाहिए” .काया बोलती हे “माँ दी सही कह रही हे चाचा इतना घटिया काम करेंगे ये मैंने सोचा भी नहीं था”.

रजत पूछता हे “माँ ये सारी प्रॉपर्टी किसके नाम पर हे .मीना बोलती हे तेरे दादा जी ने ये सारी प्रॉपर्टी तेरे नाम पहले ही कर दी थी उनके मरने के बाद हम शहर चले गए तब से केशव ही इस प्रॉपर्टी की देख रेख कर रहा हे” .रजत बोलता हे “माँ क्या किमत होगी इस प्रॉपर्टी की” ..मीना बोलती हे होगी को १:५० करोड के करीब या उस से भी ज्यादा .काया और माया ये सुन कर चौक जाती हे .

रजत बोलता हे “तब तो में इस प्रोपर्टी को नहीं छोडूंगा इन लोगो को सबक सिखाउंगा” .काया बोलती हे “भाई आप हमारी सब से बड़ी प्रॉपर्टी हो .ओर आप को कुछ हुआ तो हम तो ऐसेही मर जायेंगे .मीना बोलती हे शुभ शुभ बोल हमारे राजा बेटे को कुछ नहीं होगा .पर रजत सही कह रहा हे इतनी बड़ी प्रॉपर्टी ऐसे ही छोडना ठीक नहीं . रजत बोलता हे मैंने सोच लिया क्या करना हे आप फ़िक्र मत करो . मीना बोलती हे तुम तीनो किसी को पता लगने मत देना की हम लोग सब कुछ जानते हे और अकेले कही मत जाना और रजत को अकेले मत छोडना कभी .तीनो एक साथ बोलते हे ओके माँ और चारो एक दूसरे को गले लगा लेते हे ...

सुबह रेणु रजत को जगाने आती हे काया माया और मीना उठ कर फ्रेश होने चलि जाती हे .रेणु रजत को हिलाती हे भाई उठ जाओ बहुत देर हो चुकी हे दीदी और बड़ी माँ उठ चुके हे .रजत बेशुद सोया रहता हे .रेणु जैसे ही चादर हटाती हे रजत का खड़ा लंड देख शर्मा जाती हे रजत ने ढीली ढाली हाफ निकर पहन रखी थी जिसकी वजह से उसका लंड एक दम सीधा खड़ा नजर आता हे .

रेणु रजत के पास बैठ जाती हे और बड़े प्यार से जांघो को सहलाने लगती हे .रेणु इधर उधर देखति हे कोई नहीं होता वो रजत के लंड को पकड़ कर सहलाती हे रजत को मज़ा आने लगता हे रजत सपने में देखता हे माया उसका लंड पकड़ कर सहला रही हे .रजत को ये नहीं मालूम होता की ये सब उस के साथ असल में हो रहा हे .

रेणु रजत के लंड को निकर के ऊपर से नापती हे .वो हेरान होती हे की इतना बड़ा वो अन्दाजा लगाती हे हो न हो ये दस इंच से जियादा ही होगा और मोटा भी काफी हे रेणु की बुर गिली होने लगती हे .रजत सपने में ही बोलता हे दीदी सहलाओ क्यों रुक गई .रेणु उसकी बात सुन कर चौक जाती हे .रजत नींद में बड़बड़ा रहा होता हे

रेणु उसका फायदा उठाती हे निकर के निचे से लंड निकाल कर देखने लगती हे एक दम सीधा मोटा लंड देख कर रेणु के मुह में पाणी आ जाता हे .रजत फिर बडबडाता हे दी क्या कर रही हो अच्छे से करो प्लीज् .रेणु रजत के लंड को सहलाने लगती हे .कुछ देर बाद जब रेणु को लगता हे रजत का पाणी निकलने वाला हे तो रेणु तेज़ी से करने लगती हे .रजत सपने में देखता हे उसकी दीदी मस्त उसके लंड से खेल रही हे .

रजत का पाणी निकालने लगता हे एक पिचकारी लगते हि रेणु खड़ी हो जाती हे लगा तार दो तीन पिचकारी रजत मारता हे एक दम गाढ़ा सफेद वीर्य देख कर रेणु शर्मा जाती हे और सीधा निचे भाग जाती हे .पाणी निकलने की वजह से रजत की भी नींद खुल जाती हे रजत रेणु को बाहर जाते देख लेता हे सारे निकर पर अपना वीर्य देख कर बोलता हे धत तेरी की ये मैंने क्या किया रेणु दीदी क्या सोच रही होंगीं .
 
दोस्तो माफ करना कुछ दिनों से मैं काम मे बिजी था इसलिए अपडेट नही दे पाया पर कोशिस जरूर करूँगा की जल्दी जल्दी अपडेट दे पाऊं

धन्यवाद

............ सलिल
 
अपडेट 65

रजत को ये अन्दाजा भी नहीं होता की रेणु कुछ देर पहले उसका लंड पकड़ कर खेल रही थी .रजत फटा फट उठता हे फिर फ्रेश होने भागता हे .फ्रेश हो कर रजत निचे आता हे .सब ब्रेक फास्ट कर रहे होते हे रजत सब को गुड मॉर्निंग कहता हे .रजत की निगाहे रेणु को तलाश करती हे काया बोलती हे भाई क्यों खड़े हो आओ ब्रेकफास्ट करो.

रजत काया के पास बैठ कर नाश्ता करता हे .रजत अपनी माँ को बोलता हे माँ यहाँ तो घुमने की जगह ही नहीं हे और न कोई और सुविधा .तभी केशव बोलता हे बेटा तुम अपने बाग़ बगीचे देख लो खेत खलियान देखो हरे भरे पेड़ हे यहाँ .सुंदर तालाब हे . तालाब का नाम सुन कर काया माया बोलती हे भाई चलो न तालाब पर स्विमिंग करेंगे .

रजत बोलता हे में कोण सा जानता हूँ तालाब कहा हे कोई तो होना चाहिए हमे घुमाने वाला .तभी मालती बोलती हे अनु तुमको ले जायेगी तालाब पर .अनु का नाम सुन कर रजत बोलता हे चाची उसे रहने दो हम खुद तालाब ढूंढ लेंगे .तभी रेणु आती हे और बोलती हे भाई आप फ़िक्र मत करो हम सब तालाब पर जायेंगे स्वीमिंग के बाद चेंज करने के लिए कपडे लेलो.

थोड़ि देर बाद सब तालाब पर जाने के लिए तैयार हो जाते है रेणु अनु को बोलती हे “अनु तुम दीदी के साथ आओ में रजत को लेकर चलति हूँ” .तभी काया बोलती हे “रुको माया दीदी आ जाये तो साथ चलते हे” रजत भी हा में जवाब देता हे कुछ देर बाद माया भी आ जाती हे .सब मिलकर तालाब की तरफ चल पड़ते हे .रजत रेणु से नजर नहीं मिला पाता .काया पूछती हे “दीदी ये तालाब कितनी दूर है” .अनु बोलती हे “हमारे आमो के बाग़ में ही हे वहा सिर्फ हम ही जाते हे बाहर के लोगो का आना मना हे” .

सब आमो के बाग़ में पहुच जाते हे हर तरफ हरियाली और आम लगे होते हे .माया पूछती हे इस बाग़ीचे में कितने पेड़ हे .रेणु बताती हे इस में १५०आम और ५०आमरुद के पेड़ हे .बात करते करते सब तालाब पर पहुच जाते हे . तालाब बहुत सुन्दर और साफ था पाणी भी साफ था .काया पूछती हे “क्या तुम लोग इसकी सफाई भी करवाते हो”? .अनु बोलती हे “हा पापा साल में एक बार करवा देते हे ताकि पाणी और तालाब गन्दा न लगे” .

काया माया स्वीमिंग सूट निचे पेहन कर आई थी उन दोनों ने फटा फट अपने कपडे उतार देती हे अनु और रेणु देख कर दंग रह जाती हे की अपने भाई के सामने ही छोटे छोटे कपड़ो में खड़ी हे रजत भी कपडे उतार देता हे .तीनो पाणी में कुद जाते हे .काया अनु और रेणु को भी आने को बोलती हे रेणु शरमाते हुए पाणी में उतर जाती हे .काया बोलती हे आप कपडे पहन कर क्यों पाणी में उतर गई कपडे उतार देती .अनु भी पाणी में तैरने लगती हे रजत और अनु साथ साथ तैर कर मुक़ाबला करते हे कोण तेज़ तैरता हे ..

सब पाणी में खेलते हे तभी रजत बोलता हे कोण सब से ज्यादा पाणी के निचे रह सकता हे सब इस खेल को खेलने के लिए तैयार हो जाते हे .रजत इस मुकाबले को जज़ करता हे चारो गर्ल्स पाणी में चलि जाती हे तभी रजत को अपने लंड पर किसी का हाथ महसूस होता हे रजत सोचता हे काया शरारत कर रही हे थोड़ी देर बाद रजत को लगता हे कोई उसका लंड चुस रहा हे पाणी में .

रजत को विश्वास हो जाता हे ये काया ही हे पर तभी रजत चौक जाता हे काया पाणी से निकलती हे .रजत सोच में पड़ जाता हे .फिर सोचता हे दीदी ही होंगीं और कोण मेरा लंड चूसेगा .पर थोड़ी देर बाद माया भी निकाल आती हे .रजत शॉक हो जाता हे . की माया दीदी भी आ गई कही रेणु दीदी तो नहीं थोड़ी देर चुस्ने के बाद रजत का लंड झड जाता जाता हे .

ओर रेणु और अनु एक साथ बाहर आती हे रेणु पूछती हे “कोण जीता”? रजत बोलता हे “आप दीदी” अनु बोलती हे “नहीं में जीति हूँ” .काया और माया भी रेणु को विनर घोषित कर देती हे सब पाणी से खेलते रहते हे .रजत सोच सोच कर पागल होता हे आखिर रेणु दीदी ने ऐसा क्यों किया .

सभी मिलकर मस्ती करते रहते हे तभी काया को कुछ आहट होती हे काया तालाब से निकल जाती हे रजत पूछता हे क्या हुआ कहा जा रही हो.काया बोलती हे कही नहीं रुको अभी आई .काया टॉवल लपेट कर तालाब के दूसरी तरफ जाती हे वहा दो आदमी चोरी छुपे इनसब को देख रहे थे और आपस मे बाते भी कर रहे थे .

ये देख के काया को घुस्सा आ जाता हे काया पास पड़ी मोटी सी लकडी उठा लेती हे और पुरे जोर से एक आदमी के सर पर मारती हे सर फ़ुट जाता हे दूसरा जब तक सम्भालता काया फिर से दूसरे को मारती हे दूसरे की गरदन पर लकड़ी जा बैठती हे दोनों जोर से चिल्लाते हे .कीसी की चीखे सुन कर सब आवाज की तरफ भागते हे रेणु और अनु देखति हे काया किसी को बहुत बुरी तरह पिट रही होती हे रजत जा कर काया को पकड़ लेता हे .

माया “काया क्यों मार रही हे इनको”? .काया बोलती हे “ये लोग चोरी छुपे हम लोगो को क्यों देख रहे थे, और ये बाग़ हमारा हे इनकी हिम्मत क्यों हुई यहाँ आने की” तभी अनु ने एक आदमी को देख कर बोली “मामा जी आप”? . “हा अनु हम हे, .इस लड़की ने देखो भाई साहब और मेरा क्या हाल कर दिया” ..काया ओह तो तुम इनके मामा हो तुमको शर्म नहीं आती यु बच्चो को चोरी छुपे नहाते देखते” .

रेणु को बहुत गुस्सा आ रहा था अपने मामो की हरकत पर रेणु बोली “मामा में आप की शीकायत माँ से करुँगी, आप की वजह से हुमे शर्मिंदा होना पड़ा हे, यहाँ से जल्दी निकल जाओ” मोहन के सर से खून निकल रहा था जगह जगह से हाथ पैर छिल गए थे वहा से भी खून निकल रहा होता हे दोनो गिरते पड़ते वहा से चले जाते है तब .रेणु काया माया और रजत से अपने मामो की हरकत के लिए सॉरी बोलती हे .

काया बोलती हे “दीदी इसमें आप की कोई ग़लती नहीं जिनकी ग़लती थी उनको सजा मिल गई हे” .अनु बोलती हे काफी वक़्त हो गया हे शाम होने वाली हे हमे घर चलना चाहिए .सब अपने कपडे चैंज कर लेते हे और घर की तरफ चल पड़ते हे अनु मन में सोचती हे ये लड़की तो बहुत पागल हे .माया बोलती हे काया तुमको उनको इतना नहीं मारना चाहिए था .

काया बोलती हे “वो तो आप लोग आ गए वरना तो में उनको जान से मार देती बच गए हरामी कुते” .रजत काया के मुह से गालिया सुन के मुस्कराता हे अनु बोलती हे “भाई आप खुश हो रहे हे काया गालिया दे रही हे” ..रजत बोलता हे “ये कोई मामुली लड़की नहीं बैंडिट क्विन हे सिटी में बड़े बड़े अफसर की इसका नाम सुनते ही हालत ख़राब हो जाती हे गुस्सा आने पर किसी की भी हालत ख़राब कर सकती हे”

सब बाते करते करते घर पहुच जाते हे जैसे ही सब अंदर पहुँचते हे सामने रोहित राहुल और रूपा बैठे हुए मीना से बात कर रहे होते हे .काया राहुल को देख कर बोलती हे “ओये तू यहाँ पर क्या नोकरी छोड़ दी सरकारी क्या” .राहुल बोलता हे नहीं जरुरी काम से आया था रोहित बोला तुम लोगो से मिलने आने लगे जब हम निकल रहे थे तो रूपा आ गई साथ चलने की जिद करने लगी” .

काया बोलती हे “ठीक हे इंस्पेक्टर आये हो तो सिटी का हाल चाल ही बता दो दो दिन होने को हे कोई खबर नहीं सुनि” .राहुल मुस्कुराते हुये बोलता हे “दो दिन से कोई गड़बड़ की न्यूज़ नहीं आई क्यों की तुम जो सिटी में नहीं हो”.राहुल की बात सुन कर माया बोलती हे “लेकिन यहाँ गड़बड़ कर दी ईसने आज ही दो लोगो की जम कर पिटाई की ईसने” .मीना ये सुन कर बोलती हे “काया किसको मारा तुमने”? .अनु बोलती हे “मोहन सोहन मामा को” .मालती ये बात सुन लेती हे और पूछती हे “काया बेटी क्यों मारा मेरे भाई को”? .

काया के बोलने से पहले रेणु बोलती हे “माँ मामा हमे नहाते हुये चोरी से देख रहे थे इस लिए” ये सुन कर मालती बोलती हे “इतने कमीने हो गए हे की मेरे ही बच्चों पर बुरी नजर डालते हे” .राहुल बोलता हे “झासी की रानी कम गुस्सा किया कर पहले ही तेरे घुस्से की वजह से तीन मर्डर हो चुके हे” .रूपा को चुप चाप बैठा देख रजत बोलता हे “क्या हुआ रूपा चुप हो केसी हो तुम”? .रूपा बोलती हे में थीक हूँ और तुम कैसे हो” .
 
अपडेट 66

रजत राहुल और रोहित को ऊपर रूम में चलने को बोलता हे .मालती घुस्से में फ़ोन लगा कर अपने भाइओ को गालिया देती हे और बोलती हे गॉव में नजर भी आये तो जान से मारवा दूंगी .अनु और रेणु अपनी माँ को शांत करने लगती हे माया मीना और काया रजत के रूम की तरफ चल पड़ते हे .रूम में पहुच कर देखति हे रोहित और राहुल रजत से सवाल जवाब कर रहे हे

काया:- “भाई आप ने ही इनको बुलाया हे ना” .रजत बोलता हे “हा मैंने ही बुलाया हे .क्यों की हमे कोई प्लान बनाना होगा जिस से हम इनको सबक सिखा सके” .रूपा जो अब तक शांत बैठी थी घुस्से में बोलने लगी कोण हे हराम खोर जो तुम लोगो को मारना चाहते हे उनकी जान ले लुंगी में कीसी ने तुम्हारी तरफ आंख भी उठाई” आज पहली बार रूपा को घुस्सा आया काया रूपा को हिलाती हुई “क्या हुआ तुझे”? .रूपा नार्मल होते हुये “कुछ नहीं बस बात सुन कर घूसा आ गया” .सब के चेहरो में रजत के लिए प्यार नजर आता हे राहुल बोलता हे “रजत तुम लकी हो हर कोई तुम्हारे लिए जान दे और ले सकता हे” रोहित बोलता है हा मौसा जी रजत भाई हे ही ऐसे हर कोई इनको चाहने लगता है”

तभी केशव आ जाता हे .मीना उसको बताती हे ये हमारे फॅमिली फ्रेंड हे और पुलिस इंस्पेक्टर हे, .आज रात यही रहेंगे” .केशव बोलता हे “ठीक हे भाभी जी में इनके रहने का बंदोबस्त कर देता हु”.केशव चला जाता हे . रजत बोलता हे “आँकल या तो हम इस प्रॉपर्टी को बेच दे, या फिर कुछ ऐसा हो की मेरे चाचा और उनके साले सुधार जाये” .

राहुल बोलता हे “देखो रजत में तो पुलिस वाला हूँ पुलिस का तरीका बताऊँगा तुम इन लोगो के खिलाफ केस कर दो फिर में इन लोगो की ठुकाई कर के सुधार दूंगा” .रोहित बोलता हे “रजत एक और भी तरीका हे जो हिट भी हो जाता हे हर जगह” .रजत पूछता हे “कोण सा तरीका बता” .रोहित बोलता हे “इन लोगो पर निगाह रखो और कभी भी किसी को गलत काम करते देखो तो विडिओ बना लो फिर जो तुम चाहोगे वहि होगा” .

राहुल “यानी तुम लोग ब्लैक मेल करोगे इनलोगो को” .रोहित बोलता हे “मोसा जी अपनी सेफ्टी जरुरी हे उन लोगो की नहीं” .राहुल बोलता हे “आईडिया तो अच्छा हे पर कैसे निगाह रखोगे” .काया कुछ सोचती हे और बोलती हे “उसकी फ़िक्र मत करो हम सब मैनेज कर लेंगे” .केशव सब को डिनर के लिए बुलाने आता हे सब डिनर करने हॉल में पहुँचते हे वहा पर सोहन मोहन भी बैठे थे .

काया सोहन मोहन को देख कर घुस्से में आ जाती हे और बोलती हे “कुत्तो तुम हमारे घर में कैसे घुसे किसने तुमको गुसने दिया” .काया सोहन का गला दबाते हुये बोलती हे अभी कम मार पड़ी हे जो घर पर आ गये” राहुल रोहित काया को पकड़ लेते हे रूपा पर किसी का ध्यान नहीं जाता रूपा पास में पड़ी मूर्ति को सोहन को मारने के लिए फेकती हे सोहन हट जाता हे रजत सब को शांत रहने को बोलता हे मीना बोलती हे “देवर जी ये क्या हे इनलोगो को घर में क्यों घुसने दिया” .

मालती भी सोहन मोहन को चाटे मारती हे रजत सब को शांत करता हे . केशव बोलता हे “ये लोग शर्मिंदा हे अपनी हरकत पर ये तो माफ़ी मागने आये हे” .मीना बोलती हे “ठीक हे आगे से ऐसा नहीं होना चाहिए” .राहुल बोलता हे “तुम दोनों बच गए अगर एफ आई आर करते तो तुम लोग अभी तक मेरी हवालात में लात घुसे खा रहे होते” .रजत बोलता हे “रूपा तुम तो समझदार हो फिर तुम काया का साथ क्यों देती हो वो तो पागल हे” .रूपा बोलती हे “आप मेरी दोस्त को पागल मत कहो हम सब आप से बहुत प्यार करते हे और जो कोई भी बुरी नजर रखेगा उन सब की ऑंखे फोड़ दूंगी”..रजत बोलता हे “ठीक हे सभी के सभी पागल हो अभी मुझे भूख लगी हे कोण खाना खिलायेगा” .

काया माया रूपा और मालती एक साथ बोलती हे “में खिलाउंगी और सब हॅसने लगते हे” सब डिनर करते हे .दिनर टेबल पर आज अनु और रेणु नहीं थी रजत के पुछने पर केशव बोला की वो बाद में खाएँगी अभी उनको मन नहीं खाने का .सब खाना खा लेते हे केशव रोहित और राहुल को गेस्ट रूम में पंहुचा देता हे .रजत काया माया के साथ रूम में पहुच जाता हे मीना रूपा को अपने रूम में ले जाती हे

काया एक बॉक्स लाती हे रजत और माया पूछते हे “ये तो वहि बॉक्स हे जो रूपा ने दिया था .काया बोलती हे ये बॉक्स कोई ममुली बॉक्स नहीं इसमें जो चीज़े हे वो वेसे तो लवर यूज़ करते हे”.काया बॉक्स खोलती हे उसमे दो वाच थी और एक पेन भी था काया बोली “यह पेन कम एक रिकॉर्डर हे और ये वाच इसका रिमोर्ट हे एक कि.मी. के बिच कोन किससे क्या बात कर रहे हे सब रिकॉर्ड और हमे सुनाइ भी देगा इसमें वीडियो कैमरा हे तो वीडियो भी रिकॉर्ड होगी .ये गिफ्ट तुमको रूपा ने दिया था देणे के लिए” ..

रजत बोलता हे “पर यार इसकी क्या जरुरत थी” .काया बोलती हे रूपा तुम्हे लव करती हे और उसे हमारे रिलेशन के बारे में पता हे” .रजत काया की बात सुन कर चौक जाता हे .ओर पूछता हे उसे कैसे पता चल गया”? काया बोली “जब वो बिमार थी और तुमने दीदी के साथ सेक्स किया तभी से वो हम पर निगाह रखे थी उसको कोई एतराज नहीं हमारे रिलेशन से वो भी तुमको बहुत प्यार करती है”

काया रजत को बताती हे रूपा रजत से बहुत प्यार करती हे .रजत बोलता हे “पर उसने तो कभी कुछ कहा नहीं” .काया बोलती हे “गर्ल्स कभी पहले प्यार का इजहार नहीं करती” रजत बोलता हे “ठीक हे में उस से बात करूँगा, .अभी बताओ तुम दोनों में से कोण आज मुझे खूश करेगा”? .

काया बोलती हे “भाई मुझे और दी को तो मासीक आ रहा हे रजत बोलता हे मतलब आज भूखे पेट् ही सोना होगा” .काया रजत को बोलती हे “नहीं भाई मेरे होते हुए आप को कभी भूखा नहीं सोना पड़ेगा” .रजत बोलता हे “तुम्हारा तो मासीक चल रहा हे तो में भूखा ही रहूँगा ना” .

काया बोलती हे “भाई भूख मिटाने के और भी तरीके हे” रजत बोलता हे “क्या?
 
अपडेट 67

.काया रजत के लंड को पकड़ कर सहलाती हे .ओर रजत का हाथ अपनी गांड पर रख के बोलती हे “इस से भाई” .रजत काया की गांड मसलता हे .रजत बोलता हे “काया क्या मेरे लिए तुम आज बुर चोदने नहीं दे सकती” .काया बोलती हे “भाई आप कभी भी चोद सकते हे”.

माया बोलती हे “काया तुमको पता है मासीक में बुर चुदवाने से दर्द बहुत होगा” .काया बोलती हे “दीदी भाई के लिए हर दर्द बर्दाश कर सकती हु”.रजत बोलता हे कोई जरुरत नहीं मेरी जान को दर्द बर्दाश करने की में गांड से ही तसल्ली कर लुँगा” .काया अपनी सलवार निचे कर लेती हे माया बोलती हे भाई अगर मन न भरे तो मेरी गांड भी मार लेना .

रजत बोलता हे इतनी मस्त गांड चोदुंगा तो मन भर ही जायेगा .काया नंगी हो कर रजत के सामने खड़ी को जाती हे .रजत काया की नाभि को चूमने लगता हे काया की चुचिओ को दबाता हे .काया भी रजत के सर को पकड़ कर चुचिया दबवाती हे. काया भी रजत के कपडे उतारने लगती हे.

काया रजत के लंड को सहलाती हे .रजत काया की गांड में उंगली दाल कर गांड का छेद फैलाता हे .काया रजत के लंड को चुस्ने लगती हे रजत का लंड खड़ा हो जाता हे काया घुटनों के बल रजत के आगे बैठ जाती हे रजत काया की कमर ऊपर कर के गांड और लंड को आमने सामने लाता हे .रजत काया की गांड पर थुक लगाता हे और लंड गांड पर रख के जोर से झटका मारता हे.

काया की चीख निकल जाती हे .रजत का तोपा अंदर घुस जाता हे .रजत फिर से झटका मारता हे काया की गांड में ६ इंच लंड घुस जाता हे .रजत अब धीरे धिरे गांड मारने लगता हे .कमर को पकड़ कर जोर जोर से झटका मारता रहता हे काया भी मज़े से चुद्वाती रहती हे .

रजत काया को तकलीफ दिए बगैर अपना पाणी काया की गांड में गिरा देता हे रजत को बिलकुल मज़ा नहीं आया था पर वो काया की मज़बूरि समझता हे और तीनो सो जाते हे .अभी रात को रजत की नींद खुलती हे रजत को बहुत तेज़ प्यास लगती हे रजत निचे पाणी पिने आता हे .

रजत अपने रूम की तरफ जाता हे तभी उसे अनु और रेणु के रूम से रौशनी निकलती नज़र आती हे .रजत खिड़की से देखता हे अंदर सिर्फ अनु सो रही थी.रजत सोचता हे ये रेणु कहा चलि गई .रजत छत की तरफ देखता हे दरवाजा खुला नजर आता हे .

रजत छत की तरफ बढ़ता हे .उपेर से सिसकीओ की आवाज आती हे .रजत ऊपर जा कर देखता हे रेणु जमीन पर अपनी सलवार उतार कर अपनी बुर में उंगली डालती नजर आती हे रेणु अपनी बुर में ऊँगली ड़ालने में इतनी मस्त हो जाती हे उसे पता ही नहीं चलता रजत कब उसके सामने आ कर बैठ गया हे.

रजत को देख कर रेणु घबरा जाती हे अपनी टांगों को समेट लेती हे.रजत रेणु की बुर को देखता रहता हे .रेणु रजत को ऐसे देखते हुए बोलती हे “भाई आप कब आये” .रजत बोलता हे “तुम कितनी गरम हो गई हो? .क्या में कोई हेल्प करू? .रजत रेणु की टांगों को फैलाता हे.

रेणु बोलती हे “भाई ये गलत हे?. रजत बोलता हे “कुछ गलत नहीं चुदाई में एक ही रिश्ता होता हे बुर और लंड का” .रेणु रजत को मना करती रहती हे पर रजत पर तो चुदाई का भुत सवार हो जाता हे ..रजत रेणु को लिटा कर .चूमने लगता हे रेणु की बड़ी बड़ी चुचिओ को दबाता हे रेणु रजत की हरकतो से और भी गरम हो जाती हे और अपना शरीर ढीला छोड़ देती हे .ओर बोलती हे “भाई जो करना हे कर लो में तुम्हारी ही हु”

रजत रेणु का सूट उतार देता हे रेणु की ब्रा भी उतार के फेक देता हे रजत अपने कपडे उतार कर रेणु पर तूट पडता हे.रेणु की चुचिओ को मसलता हे चूसता हे होठ चुस चुस कर लाल कर देता हे ..रेणु रजत का साथ देती रहती हे. रजत रेणु की टांगों को फैला कर उनके बिच आ जाता हे .रेणु की बुर बहुत चिकनाई चोदने लगती हे. रजत अपना लंड रेणु की बुर पर लंड रगड़ने लगता हे . रजत रेणु के लिप्स पर लिप्स रख कर चुस्ने लगता हे रेणु लिप्स को चुस्ने में मगन हो जाती हे .

रजत इस बात का फायदा उठा कर जोर से झटका मारता हे लंड २ इंच अंदर घुस जाता हे .रेणु चिखती हे पर आवाज लिप्स को लिप्स पर रखने से दब जाती हे. रजत दूसरा झटका मारता हे रेणु की सिल तूट जाती हे .रेणु को बहुत दर्द हो रहा होता हे .

रजत रेणु की चुचिओ को मसल मसल कर उसका दर्द कम करने की कोशिश करता हे अभी तक रेणु की बुर में रजत का पांच इंच लंड घूसा था अब जब रेणु नार्मल होने लगी तो रजत धीरे धीरे चोदने लगता हे .रेणु की सिसकिया निकलती हे रजत रेणु को बुरी तरह मसलता हे .रेणु भी रजत का भर पुर साथ देती हे .

रजत रेणु को चोदता रहता हे लगभग १ घंटे चोदने के बाद रजत झड़ने वाला हो जाता हे .इस बिच रेणु कई बार झड चुकी होती हे जमीं पर खून और बुर के पाणी के दाग पड़ जाते हे रजत रेणु की बुर में अपना पाणी भर देता हे .कई पिचकरिया बुर में छोड़ता हे.

थक कर रजत रेणु के ऊपर से हट जाता हे .रेणु की बुर सुज जाती हे रेणु बोलती हे भाई आप ने तो मार ही डाला .रजत बोलता हे दीदी मज़ा भी तो आया ना .रेणु मुस्कुराते हुए बोलती हे “शैतान अपनी बहनो के साथ करता मेरे साथ क्यों किया” रजत बोलता हे “में उनके साथ भी करता हूँ इस लिए आप के साथ किया” .रेणु ये सुन कर चौक जाती हे .
 
अपडेट 68

रजत बोलता हे “जानेमन चोको मत .जो प्यार हमे घर में मिल जाता है वो कही नहीं मिलेगा” .रजत रेणु को अपने सीने से लगा लेता है और चूमने लगता हे .रेणु रजत को बोलती हे “पर भाई बहिन का जिस्मानी रिश्ता समाज की नजर में गन्दा और घटिया है” .रजत बोलता हे “ये साले समाज वाले भी अपने अपने घर में अपनी बहन बेटियो के साथ रेप करते हे में तो अपनी बहनो के साथ प्यार करता हूँ” .

रेणु सीरयस होने लगती हे रजत उसे बड़े प्यार से अपने सीने से लगा कर पूछता हे “रेणु क्या तुमको मेरे साथ मज़ा नहीं आया” .रेणु शर्मा कर नज़रे निचे कर लेती हे.रजत रेणु की चुचिओ को पकड़ कर दबाते हुए पूछता हे “दीदी आप तालाब पर मेरा लंड क्यों चुस रही थी” .

रेणु बोली “मैंने कब तुम्हारे उसको चूसा” .रजत बोलता हे “दीदी आप के और अनु के अलावा कोई पाणी के अंदर नहीं था आप ने नहीं मेरा लंड चूसा तो क्या अनु चुस रही थी पर वो ऐसा क्यों करेगी”? .रेणु बोलती हे “तुम हो ही ऐसे हर कोई तुम्हारे करीब आने की कोशिश करता है” .

रजत:- “दीदी में अनु से अकेले में मिलना चाहता हूँ” .रेणु:- “क्यों उसको भी चोदोगे” .रजत बोलता हे “मेरा मन तो तुम्हारी माँ को भी चोदने को करता हे” रेणु बोलती हे . “तुम बहुत गंदे हो गए हो चुदाई के अलावा कुछ नहीं सूझता, .ओर माँ तुमसे नहीं चुदेगी” .रजत बोलता हे “शर्त लगा लो तुम्हारी माँ को दो दिन में पटा कर यही चोदुंगा” .

रेणु:- “हो ही नहीं सकता लग गई शर्त” .रजत रेणु की चुचिओ को चुस्ने लगता हे .थोड़ी देर चुस्ने के बाद रजत रेणु को लंड चुस्ने को बोलता हे रेणु रजत के लंड को हाथ में लेकर सहलाती हे .लंड के टोपे को चाटती हे चुस्ती हे .तभी किसी के आने की अवाज सुन कर रेणु फटा फट अपने कपडे पहनती हे और दीवार की साइड छुप जाती हे .

रजत भी रेणु के पीछे छूप जाता है..यह केशव था .जो फ़ोन पर किसी से बात करने आया था .केशव किसी को बोल रहा था की कल जो काम बोला हे जरूर करवा लेना .”अब हमे बहुत होशियारी से काम लेना होगा,ये लोग भी कम चालाक और खतरनाक नहीं” .केशव थोड़ी देर बात करके निचे चला जाता हे .रजत रेणु से पूछता हे “ये किसकी बात कर रहे हे तुमको पता हे”.रेणु चुप हो जाती हे .रजत बोलता हे “कुछ तो बोलो रेणु बोलती हे तुम लोगो की बात कर रहे हे” .

रजत बोलता हे “पर क्यों हमने क्या बिगाड़ा हे इनका” .रेणु बोलती हे ये जायदाद बहुत बड़ी हे पापा सोचते हे तुम हम सब को निकाल दोगे इस लिए वो ये सब अपने नाम करवाना चाहते हे” .रजत बोलता हे “तुम दोनों बहनो को में अपने साथ शहर ले जाउँगा, और रोज चोदुंगा .तुम दोनों की जिमेदारी मेरी” .रेणु बोलती हे “पर पापा नहीं मानेगे” .रजत बोलता हे “में बात करूँगा उनसे” .सुबह का सूरज निकलने लगता हे ठंडी हवा चलति हे चिडियो की चहचहाट सुनाई देती है

सुबह सुबह की ठण्डी हवा सासो को ताजगी पंहुचा रही होती हे साथ में एक कमसीन हसीना, मौसम मदहोश बन जाता हे .रजत रेणु को बोलता हे “अब तुमको निचे चले जाना चाहिए वरना तुम्हारा बाप फिर आ जायेगा” .

रेणु लडखडाती हुई निचे चलि जाती हे जोर दार चुदाई से उसे बुखार हो जाता हे रजत भी माया को पकड़ कर सो जाता हे .मीना आती हे और बोलती हे की ‘आज हम बाहर घुमने जा रहे हे,तो तुम तीनो रेडी हो जाओ” .काया पूछती हे “माँ हम कहा जा रहे हे .मीना बताती हे “में आज तुमको अपने भाई से मिलवाउंगी” .जो इस प्रॉपर्टी को बेचने में हमारी बहुत मदद कर सकता हे .

तीनो रेडी होने चले जाते हे .माया बोलती हे भाई आप ने कुछ सोचा इन लोगो के बारे में .रजत माया को अपनी वाच दीखाता हे जिस में रेणु की चुदाई की विडिओ और जो बाते हुई सब रिकॉर्ड थी .रजत बोलता हे दीदी देखति जाओ इन लोगो का क्या हाल करता हूँ .पर रेणु अनु और चाची बुरी नहीं हे हमे चाचा को लाइन पर लाना हे .

माया बोलती हे “हा हा ये क्यों बुरी होंगीं इनकी बुर चोदने को जो मिल रही हे” .रजत माया की चूचि को पकड़ कर दबाते हुए केहता हे .”दीदी में तो इन को अपनी रंडी बना कर रखना चाहता हूँ ताकि जब मुसीबत में पडु तो इनका इस्तेमाल कर सकु”.माया बोलती हे “प्लान तो अच्छा हे पर संभल के” .रजत माया के कपडे उतार देता हे माया रजत के उतार देती हे काया फ्रेश हो कर बाथरूम से निकालती हे रजत और माया को नंगा देख कर बोलती हे “क्या प्रोग्राम हे भाई बहन का”? .माया बोलती हे “आज भाई मुझे और में भाई को नहलाऊंगी
 
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