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अपडेट 60
नेक्स्ट मॉर्निंग ........
सुबह के ५ बज रहे हे काया की आंख चिड़ियों की चहचाहट से खुल जाती हे .सूरज ही हलकी रोशनी काया के चेहरे पर पड़ने लगती हे .सुरज की किरणे काया के रूप को और निखार देती हे चेहरा सुर्ख़ लाल बाल जैसे सोने के हो .काया एक अंगडाई लेती हे .ओर अपने बेड से उठ कर खिड़की के पास जाती हे बाहर हलकी हलकी ढंडी हवा चल रही हे .जीसकी वजह से काया के बाल लहराने लगते हे.........
काया अपने चेहरे पर हाथ फेरती हे शरीर थोड़ा ठण्डा लगता हे .काया की लटे उसके गालो को चूमती हे काया ठण्डी हवा लेकर तरो ताज़ा मेहसुस करती हे .काया माया के रूम में जाती हे .........
माया मुह के बल सो रही होती है काया माया के पास जाती हे और गालो को चूम कर जगाती हे .माया बोलती हे काया अभी तो बहुत वक़्त है कयु उठा रही हो .काया माया के गाल को पे चुमते हुए बोलती हे दीदी हमे लम्बा सफर करना हे और हमे जल्दी निकल लेना चाहिए .माया को काया की बात सही लगती हे...........
काया माया को उठा के अपनी माँ के रूम में जाती हे .मीना जग चुकी थी काया मीना को बोलती हे अच्छा हुआ माँ आप जग रही हो वरना में तो आप को उठाने ही आ रही थी मीना पूछती हे क्यों बेटी क्या हुआ .काया बोलती हे माँ आज हम बाहर जा रहे हे तो हमे जल्दी निकल जाना चाहिए अँधेरा होने से पहले पहुच जायेंगे तो ठीक रहेगा ...................
मीना बोलती हे बेटी तू कहती तो ठीक हे में तैयार होती हूँ तू माया और रजत को उठा .काया बोलती हे दीदी को तो उठा दिया अभी भाई को उठाती हूँ .मीना में फ्रेश हो जाती हूँ तू जा उसे उठा .ओर तैयार भी कर देना .काया बोलतीह माँ आप फ़िक्र मत करो आज भाई को में तैयार करुँगी आप सब रेडी हो जाओ तब तक्.
ईतना बोल कर काया रजत के रूम की तरफ चालि जाति हे .मीना फ्रेश होने चलि जाती हे ..रजत के रूम में पहुच कर काया देखति हे रजत एक छोटे बच्चे की तरह तकिये को पकड़ कर सो रहा हे एक दम मासूम लग रहा था .काया रजत के पास जाती हे और बेड पर बैठ कर धीरे धीरे बालो को सहलाती हे .रजत को ऐसे बालो में हाथ फ़ेरने से अच्छा लगता हे ...........
काया तकिया हटा देती हे रजत काया की कमर में हाथ दाल के चिपक जाता हे.काया रजत को बोलती हे भाई उठ जाओ तुम .रजत बोलता हे नहीं मुझे सोना हे .काया बोलती हे भाई मुझे छोड़ो और भी काम करने हे.रजत मुझे नहीं जगना और न में तुमको जाने दूंगा मुझे ऐसे ही सोना हे अभी तुम्हारी गोद में सर रख के ..........
काया रजत की आँखों को चुमते हुए बोलती हे मेरे प्यारे भैया हमे आज गांव जाना हे और हमे जल्दी निकलना चाहिए .रजत बोलता हे “काया अभी बहुत टाइम हे” काया उसका कम्बल हटा देती हे. रजत को जबरदस्ति उठाती है और बाथरूम की तरफ खीच के ले जाती हे और बोलती हे भाई आप जब तक नहा लो में ब्रेक फास्ट बना देती हूँ .रजत अपनी बहन की बात मान कर बाथरूम में चला जाता हे फ्रेश होने के लिए काया रजत के कपडे निकाल कर बेड पर रख देती हे.......
काया किचन में जा कर सब के लिए हेल्थी नाश्ता बनाती हे .काया ब्रेड टोस्ट और मिल्क शेक बनाती हे साथ में आलु के पराठे जो रजत को बहुत पसंद हे .सब रेडी हो कर निचे आते हे ब्रेक फ़ास्ट टेबल पर सज चुका था .माया काया को बोलती हे आज तू बहुत बदलि बदली लग रही हे क्या बात हे .........
काया बोलती हे “दीदी कुछ नहीं” मीना बोलती हे “मेरी बेटी अब समझदार हो गई हे सब का ख्याल रख सकती हे” .काया बोलती हे “माँ आप युही मेरी तारीफ मत करो” .रजत बोलता हे “आई लव यु काया” .माया बोलती हे “आई लव यु आल्सो काया” .काया बोलती हे “आई लव यु माय लवली फॅमिली” .ओर सब नाश्ता करते हे
सुबह के ८ बजे हे .......
सब नाश्ता कर के अपना अपना बेग लेकर निचे आते हे .मीना .ने आज पिले रंग की साड़ी पहनी हे और बलाउज भी पीला पर बलाउज और साड़ी पर रेड रंग का बॉर्डर लगा हुआ हे जो बहुत खूब सूरत लगता हे .मीना अपनी उम्र से आज ५ साल छोटी लगती हे मीना अपना सामान लेकर कार की तरफ बढ़ जाती हे...........
माया ने ग्रीन रंग का पंजाबी सूट पहना था .उसकी गांड सूट में बाहर की तरफ़ खींची खींची नजर आती हे सूट पर सिल्वर और ब्लेंक रंग से डिजाइन बना हुआ हे जो उसकी खुबसुरती को चार चाँद लगा रहे थे .मीना माया और सब को जल्दी आने को बोलती हे .माया बोलती हे माँ में तैयार हूँ भाई और काया का पता नहीं क्या कर रहे हे ........
माया अपना बैग डिक्की में रख देती हे और सामने की सिट पर बैठ जाती हे .मीना बोलती हे माया आने दे सब को फिर बैठना .माया बोलती हे में आगे ही बैठूँगी चाहे जो हो जाये ..तभी रजत की आवाज आती हे “जहा चाहो बैठो चाहे तो कार के ऊपर बैठ कर चलो दी .रजत को देख कर माँ बेटी शॉक रह जाती हे ब्लू जिन्स स्काई ब्लू कलर की शर्ट ऊपर से जैकेट एक दम मॉडल टाइप का लग रहा था ............
मीना रजत के पास जाती हे और अपनी आँखों से काजल उतार कर रजत को लगाती हुई कहती हे “आज कितना प्यारा लग रहा हे मेरा बेटा कही नजर न लग जाये हमारी” .रजत अपनी माँ को गले लगा लेता हे माया बोलती हे “में भी हूँ यहाँ” .रजत उसके गालो पर किस करके बोलता हे “जानता हूँ मेरी प्यारी बहना” और तीनो हॅसने लगते हे .मीना बोलती है “ये काया को क्या हुआ सब को जल्दी उठा कर खुद क्या कर रही हे” ..............
मीना काया को आवाज लगाती हे माया भी काया को पुकरीति कोई भी रिप्लाई ना आता देख तीनो घर में घूसने लगते हे .तभी एक परछाई देख रुक जाते हे .रजत सामने का नजारा देख कर बूत बना सब देखता रहता हे क्या चिज़ है ये दो टाँगे धीरे धीरे रजत .मीना और काया के पास पहुँचती हे .मीना और माया बोलती हे “वॉव काया तुम तो बहुत सुन्दर और हॉट अण्ड सेक्सी लग रही हो” ...............
रजत अभी भी काया को देखता रहता हे काया रजत की ऐसी दशा देख कर मुस्कुराती हे .काया ने लाल रंग का सूट पहन रखा था चोटी में परांदा बाँध रखा था चुनि में घुँघरू लगे हुए थे माथे पर पंजाबी बिंदिया गले में हार होटो पर हलकी सी लिप्स्टिक .पैरो में पायल हाथो में चुडिया .एक दम परी लग रही थी.काया रजत के लिप्स को किस करके उसे होश में लाती हे .काया की किस करने से रजत होश में आने की जगह गिरने लगता हे ............
माया बोलती हे “काया आज भाई की जान लेगी क्या देख पहले ही बेचारे का बुरा हाल हे ऊपर से तू और बिजलिया मत गिरा” मीना और माया रजत को संभालति हे .रजत एक ही बात बोलता हे और सब सुन कर हसने लगते हे .काया यु आर सो ब्यूटीफुल”.....काया बोलती हे “भाई होश में आओ और चलो हमे निकलना चाहिए” .सब कार में सामान रख के बैठने लगते हे.............
नेक्स्ट मॉर्निंग ........
सुबह के ५ बज रहे हे काया की आंख चिड़ियों की चहचाहट से खुल जाती हे .सूरज ही हलकी रोशनी काया के चेहरे पर पड़ने लगती हे .सुरज की किरणे काया के रूप को और निखार देती हे चेहरा सुर्ख़ लाल बाल जैसे सोने के हो .काया एक अंगडाई लेती हे .ओर अपने बेड से उठ कर खिड़की के पास जाती हे बाहर हलकी हलकी ढंडी हवा चल रही हे .जीसकी वजह से काया के बाल लहराने लगते हे.........
काया अपने चेहरे पर हाथ फेरती हे शरीर थोड़ा ठण्डा लगता हे .काया की लटे उसके गालो को चूमती हे काया ठण्डी हवा लेकर तरो ताज़ा मेहसुस करती हे .काया माया के रूम में जाती हे .........
माया मुह के बल सो रही होती है काया माया के पास जाती हे और गालो को चूम कर जगाती हे .माया बोलती हे काया अभी तो बहुत वक़्त है कयु उठा रही हो .काया माया के गाल को पे चुमते हुए बोलती हे दीदी हमे लम्बा सफर करना हे और हमे जल्दी निकल लेना चाहिए .माया को काया की बात सही लगती हे...........
काया माया को उठा के अपनी माँ के रूम में जाती हे .मीना जग चुकी थी काया मीना को बोलती हे अच्छा हुआ माँ आप जग रही हो वरना में तो आप को उठाने ही आ रही थी मीना पूछती हे क्यों बेटी क्या हुआ .काया बोलती हे माँ आज हम बाहर जा रहे हे तो हमे जल्दी निकल जाना चाहिए अँधेरा होने से पहले पहुच जायेंगे तो ठीक रहेगा ...................
मीना बोलती हे बेटी तू कहती तो ठीक हे में तैयार होती हूँ तू माया और रजत को उठा .काया बोलती हे दीदी को तो उठा दिया अभी भाई को उठाती हूँ .मीना में फ्रेश हो जाती हूँ तू जा उसे उठा .ओर तैयार भी कर देना .काया बोलतीह माँ आप फ़िक्र मत करो आज भाई को में तैयार करुँगी आप सब रेडी हो जाओ तब तक्.
ईतना बोल कर काया रजत के रूम की तरफ चालि जाति हे .मीना फ्रेश होने चलि जाती हे ..रजत के रूम में पहुच कर काया देखति हे रजत एक छोटे बच्चे की तरह तकिये को पकड़ कर सो रहा हे एक दम मासूम लग रहा था .काया रजत के पास जाती हे और बेड पर बैठ कर धीरे धीरे बालो को सहलाती हे .रजत को ऐसे बालो में हाथ फ़ेरने से अच्छा लगता हे ...........
काया तकिया हटा देती हे रजत काया की कमर में हाथ दाल के चिपक जाता हे.काया रजत को बोलती हे भाई उठ जाओ तुम .रजत बोलता हे नहीं मुझे सोना हे .काया बोलती हे भाई मुझे छोड़ो और भी काम करने हे.रजत मुझे नहीं जगना और न में तुमको जाने दूंगा मुझे ऐसे ही सोना हे अभी तुम्हारी गोद में सर रख के ..........
काया रजत की आँखों को चुमते हुए बोलती हे मेरे प्यारे भैया हमे आज गांव जाना हे और हमे जल्दी निकलना चाहिए .रजत बोलता हे “काया अभी बहुत टाइम हे” काया उसका कम्बल हटा देती हे. रजत को जबरदस्ति उठाती है और बाथरूम की तरफ खीच के ले जाती हे और बोलती हे भाई आप जब तक नहा लो में ब्रेक फास्ट बना देती हूँ .रजत अपनी बहन की बात मान कर बाथरूम में चला जाता हे फ्रेश होने के लिए काया रजत के कपडे निकाल कर बेड पर रख देती हे.......
काया किचन में जा कर सब के लिए हेल्थी नाश्ता बनाती हे .काया ब्रेड टोस्ट और मिल्क शेक बनाती हे साथ में आलु के पराठे जो रजत को बहुत पसंद हे .सब रेडी हो कर निचे आते हे ब्रेक फ़ास्ट टेबल पर सज चुका था .माया काया को बोलती हे आज तू बहुत बदलि बदली लग रही हे क्या बात हे .........
काया बोलती हे “दीदी कुछ नहीं” मीना बोलती हे “मेरी बेटी अब समझदार हो गई हे सब का ख्याल रख सकती हे” .काया बोलती हे “माँ आप युही मेरी तारीफ मत करो” .रजत बोलता हे “आई लव यु काया” .माया बोलती हे “आई लव यु आल्सो काया” .काया बोलती हे “आई लव यु माय लवली फॅमिली” .ओर सब नाश्ता करते हे
सुबह के ८ बजे हे .......
सब नाश्ता कर के अपना अपना बेग लेकर निचे आते हे .मीना .ने आज पिले रंग की साड़ी पहनी हे और बलाउज भी पीला पर बलाउज और साड़ी पर रेड रंग का बॉर्डर लगा हुआ हे जो बहुत खूब सूरत लगता हे .मीना अपनी उम्र से आज ५ साल छोटी लगती हे मीना अपना सामान लेकर कार की तरफ बढ़ जाती हे...........
माया ने ग्रीन रंग का पंजाबी सूट पहना था .उसकी गांड सूट में बाहर की तरफ़ खींची खींची नजर आती हे सूट पर सिल्वर और ब्लेंक रंग से डिजाइन बना हुआ हे जो उसकी खुबसुरती को चार चाँद लगा रहे थे .मीना माया और सब को जल्दी आने को बोलती हे .माया बोलती हे माँ में तैयार हूँ भाई और काया का पता नहीं क्या कर रहे हे ........
माया अपना बैग डिक्की में रख देती हे और सामने की सिट पर बैठ जाती हे .मीना बोलती हे माया आने दे सब को फिर बैठना .माया बोलती हे में आगे ही बैठूँगी चाहे जो हो जाये ..तभी रजत की आवाज आती हे “जहा चाहो बैठो चाहे तो कार के ऊपर बैठ कर चलो दी .रजत को देख कर माँ बेटी शॉक रह जाती हे ब्लू जिन्स स्काई ब्लू कलर की शर्ट ऊपर से जैकेट एक दम मॉडल टाइप का लग रहा था ............
मीना रजत के पास जाती हे और अपनी आँखों से काजल उतार कर रजत को लगाती हुई कहती हे “आज कितना प्यारा लग रहा हे मेरा बेटा कही नजर न लग जाये हमारी” .रजत अपनी माँ को गले लगा लेता हे माया बोलती हे “में भी हूँ यहाँ” .रजत उसके गालो पर किस करके बोलता हे “जानता हूँ मेरी प्यारी बहना” और तीनो हॅसने लगते हे .मीना बोलती है “ये काया को क्या हुआ सब को जल्दी उठा कर खुद क्या कर रही हे” ..............
मीना काया को आवाज लगाती हे माया भी काया को पुकरीति कोई भी रिप्लाई ना आता देख तीनो घर में घूसने लगते हे .तभी एक परछाई देख रुक जाते हे .रजत सामने का नजारा देख कर बूत बना सब देखता रहता हे क्या चिज़ है ये दो टाँगे धीरे धीरे रजत .मीना और काया के पास पहुँचती हे .मीना और माया बोलती हे “वॉव काया तुम तो बहुत सुन्दर और हॉट अण्ड सेक्सी लग रही हो” ...............
रजत अभी भी काया को देखता रहता हे काया रजत की ऐसी दशा देख कर मुस्कुराती हे .काया ने लाल रंग का सूट पहन रखा था चोटी में परांदा बाँध रखा था चुनि में घुँघरू लगे हुए थे माथे पर पंजाबी बिंदिया गले में हार होटो पर हलकी सी लिप्स्टिक .पैरो में पायल हाथो में चुडिया .एक दम परी लग रही थी.काया रजत के लिप्स को किस करके उसे होश में लाती हे .काया की किस करने से रजत होश में आने की जगह गिरने लगता हे ............
माया बोलती हे “काया आज भाई की जान लेगी क्या देख पहले ही बेचारे का बुरा हाल हे ऊपर से तू और बिजलिया मत गिरा” मीना और माया रजत को संभालति हे .रजत एक ही बात बोलता हे और सब सुन कर हसने लगते हे .काया यु आर सो ब्यूटीफुल”.....काया बोलती हे “भाई होश में आओ और चलो हमे निकलना चाहिए” .सब कार में सामान रख के बैठने लगते हे.............