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अपडेट 69
रजत और माया बाथरूम में घुस जाते हे .रजत शावर चालू कर देता हे .दोनो के बदन गिले होने लगते हे .रजत माया को गले लगा लेता हे रजत का लंड माया की बुर से टकराने लगता हे . रजत माया के निप्पल को मुह में लेकर चूसता हे माया की गांड को पकड़ पकड़ कर मसलता हे ..रजत रात भर चुदाई करने के बाद भी माया को चोदने के लिए रेडी हो जाता हे .रजत माया की एक टांग उठा कर लंड गांड पर रखता हे और धीरे से धका मारता हे .
माया बोलती हे “भाई जोर से पेलो बहुत दिनों की खुजली हे इतनी धीरे पेलोगे तो नहीं मिटेंगी” .माया की बात सुन कर रजत जोश में जोर से झटका मारता हे लंड सरसराते हुए 6 इंच गांड में घुस जाता हे .माया की चीख निकल जाती हे रजत माया की पीठ पर चूमता हे चुचिओ को पकड़ कर मसलता हे माया भी रजत के वार के मज़े लेना चाहती हे फिर से बोलती हे “भाई रुको नहीं चोदते रहो फाड् दो मेरी गांड निकाल दो आज इसमेंसे खून .
रजत माया की गांड जोश में चोदने लगता हे . इतनी ताबड तोड़ चुदाई हे माया की टट्टी निकलने लगती हे रजत बोलता हे “दीदी आप की तो निकल गई .माया बोलती हे भाई उस पर ध्यान मत दो बस चोदते रहो . रजत भी चोदता रहता हे माया की बस हो जाती हे .रजत भी झडने वाला हो जाता हे .माया बोलती हे भाई आज में आप के वीर्य से प्यास “बुझाऊँगी रजत बोलता हे ठीक हे पर चुसना नहीं” .माया बोलती हे “क्यों नहीं”? ..रजत बोलता हे “लंड पर टट्टी लगी हे ना” .रजत चोदता रहता हे जैसे ही झड़ने वाला होता हे माया रजत को शावर के आगे कर देती हे लंड साफ हो जाता हे .माया झट से रजत के लंड को मुह में ले लेती हे.
रजत माया को देखता रहता हे माया सारा वीर्य पी जाती हे लंड को चाट चाट के साफ कर देती हे .माया खड़ी हो कर रजत को किस करती हे फिर दोनोबाहर आ जाते हे .काया दोनों का मज़ा लेने के लिए बोलती हे “बहुत जल्दी बाहर आ गए” .रजत बोलता हे “मन तो नहीं था आने का पर मां से भी मिलने जाना है” .तीनो तैयार हो कर निचे आते हे .सब ब्रेकफास्ट करते हे .मीना केशव को बताती हे में सब को अपने भाई के घर लेकर जा रही हूँ शाम तक आउंगी” .राहुल और रोहित भी सिटी वापिस जाने के लिए तैयार हो जाते हे पर रूपा वापस जाने से मना कर देती हे.
रूपा बोलती हे “मैंने पापा को बोल दिया था में रजत की फैमिली के साथ ही वापस आउंगी आप दोनों जाइये”.राहुल और रोहित सब को मिल कर चले जाते हे मीना बोलती हे चलो हम भी चलते हे .पांचो बाहर निकलते हे तभी अनु बोलती हे “में भी चलूँगी” .मालती बोलती हे “रेणु की तबियत ख़राब हे तू उसकी देख भाल कर तू फिर कभी चले जाना” .मीना अपनी कार निकालती हे .अनु की जिद करने पर मीना बोलती हे “आने दो साथ, रेणु को आराम करने दो और दवा जरूर खिला देना टाइम पर” .
माया और मीना आगे बैठ जाती हे रूपा और काया एक साथ बैठ जाती हे रजत रूपा के साथ बैठ जाता हे .अनु रजत के साथ बैठ जाती हे .इस तरह रजत के दोनों तरफ रूपा रजत के कन्धो पर सर रख देती हे अनु को ये बात पसंद नहीं आती अनु रजत के हाथ को अपनी झांघो पर रख देती हे रजत को शॉक लगता हे ये दोनों ही मुझे सिड्यूस कर रही हे .पर क्यों? .
रजत भी अनु की झांघो को सहलाता हे और रूपा की कमर में हाथ डाल कर कमर को सहलाता हे .काया सब देख रही होती हे पर नजर अन्दाज कर देती हे .रजत धीरे धीरे हाथ ऊपर ले कर रूपा की एक चूचि पकड़ लेता हैं रूपा आँख बंद किये रजत के कन्धो से लगी रहती हे .दुसरे हाथ से रजत अनु की बुर को पकड़ लेता हे अनु अपने मुह में रुमाल दबा देती हे और आराम से बैठी रहती है .अनु अपनी टांगे कस लेती हे .रजत दोनों की जवानी के मजे लेता रहता है
आज रजत की किस्मत चमक गई थी दोनों हात घी में थे रजत रूपा की चुचिओ को दबाता रहता हे .अनु की बुर मसलता रहता हे .रूपा अपना हाथ रजत के लंड पर रख देती हे वहि अनु भी हाथ लंड पर रख देती हे दोनों लड़किया आपस में इशारो से बात करती हे .
रजत दोनों का हाथ लंड से हटा देता हे क्यों की गाड़ी एक घर के सामने जा कर रुक गई थी .नीना बताती हे ये मेरे भाई का घर हे .सब गाड़ी से उतर कर घर की तरफ चल पड़ती हे .रूपा और अनु रजत का हाथ नहीं छोड़ रही थी जो काया को बिलकुल पसंद नहीं आता .
काया रजत को दोनों से छुडाती हे और बोलती हे क्यों परेशान कर रही हो दोनों .अनु बोलती हे भाई है मेरा तो क्या में हाथ भी नहीं पकड़ सकती और रूपा बोलती हे दोस्त हे मेरा तो क्या में हाथ नहीं पकड़ सकती .काया बोलती हे हाथ तो पकड़ ही सकती हो पर वो क्यों पकड़ रही थी.
काया की बात सुन दोनों शर्मा जाती हे
रजत और माया बाथरूम में घुस जाते हे .रजत शावर चालू कर देता हे .दोनो के बदन गिले होने लगते हे .रजत माया को गले लगा लेता हे रजत का लंड माया की बुर से टकराने लगता हे . रजत माया के निप्पल को मुह में लेकर चूसता हे माया की गांड को पकड़ पकड़ कर मसलता हे ..रजत रात भर चुदाई करने के बाद भी माया को चोदने के लिए रेडी हो जाता हे .रजत माया की एक टांग उठा कर लंड गांड पर रखता हे और धीरे से धका मारता हे .
माया बोलती हे “भाई जोर से पेलो बहुत दिनों की खुजली हे इतनी धीरे पेलोगे तो नहीं मिटेंगी” .माया की बात सुन कर रजत जोश में जोर से झटका मारता हे लंड सरसराते हुए 6 इंच गांड में घुस जाता हे .माया की चीख निकल जाती हे रजत माया की पीठ पर चूमता हे चुचिओ को पकड़ कर मसलता हे माया भी रजत के वार के मज़े लेना चाहती हे फिर से बोलती हे “भाई रुको नहीं चोदते रहो फाड् दो मेरी गांड निकाल दो आज इसमेंसे खून .
रजत माया की गांड जोश में चोदने लगता हे . इतनी ताबड तोड़ चुदाई हे माया की टट्टी निकलने लगती हे रजत बोलता हे “दीदी आप की तो निकल गई .माया बोलती हे भाई उस पर ध्यान मत दो बस चोदते रहो . रजत भी चोदता रहता हे माया की बस हो जाती हे .रजत भी झडने वाला हो जाता हे .माया बोलती हे भाई आज में आप के वीर्य से प्यास “बुझाऊँगी रजत बोलता हे ठीक हे पर चुसना नहीं” .माया बोलती हे “क्यों नहीं”? ..रजत बोलता हे “लंड पर टट्टी लगी हे ना” .रजत चोदता रहता हे जैसे ही झड़ने वाला होता हे माया रजत को शावर के आगे कर देती हे लंड साफ हो जाता हे .माया झट से रजत के लंड को मुह में ले लेती हे.
रजत माया को देखता रहता हे माया सारा वीर्य पी जाती हे लंड को चाट चाट के साफ कर देती हे .माया खड़ी हो कर रजत को किस करती हे फिर दोनोबाहर आ जाते हे .काया दोनों का मज़ा लेने के लिए बोलती हे “बहुत जल्दी बाहर आ गए” .रजत बोलता हे “मन तो नहीं था आने का पर मां से भी मिलने जाना है” .तीनो तैयार हो कर निचे आते हे .सब ब्रेकफास्ट करते हे .मीना केशव को बताती हे में सब को अपने भाई के घर लेकर जा रही हूँ शाम तक आउंगी” .राहुल और रोहित भी सिटी वापिस जाने के लिए तैयार हो जाते हे पर रूपा वापस जाने से मना कर देती हे.
रूपा बोलती हे “मैंने पापा को बोल दिया था में रजत की फैमिली के साथ ही वापस आउंगी आप दोनों जाइये”.राहुल और रोहित सब को मिल कर चले जाते हे मीना बोलती हे चलो हम भी चलते हे .पांचो बाहर निकलते हे तभी अनु बोलती हे “में भी चलूँगी” .मालती बोलती हे “रेणु की तबियत ख़राब हे तू उसकी देख भाल कर तू फिर कभी चले जाना” .मीना अपनी कार निकालती हे .अनु की जिद करने पर मीना बोलती हे “आने दो साथ, रेणु को आराम करने दो और दवा जरूर खिला देना टाइम पर” .
माया और मीना आगे बैठ जाती हे रूपा और काया एक साथ बैठ जाती हे रजत रूपा के साथ बैठ जाता हे .अनु रजत के साथ बैठ जाती हे .इस तरह रजत के दोनों तरफ रूपा रजत के कन्धो पर सर रख देती हे अनु को ये बात पसंद नहीं आती अनु रजत के हाथ को अपनी झांघो पर रख देती हे रजत को शॉक लगता हे ये दोनों ही मुझे सिड्यूस कर रही हे .पर क्यों? .
रजत भी अनु की झांघो को सहलाता हे और रूपा की कमर में हाथ डाल कर कमर को सहलाता हे .काया सब देख रही होती हे पर नजर अन्दाज कर देती हे .रजत धीरे धीरे हाथ ऊपर ले कर रूपा की एक चूचि पकड़ लेता हैं रूपा आँख बंद किये रजत के कन्धो से लगी रहती हे .दुसरे हाथ से रजत अनु की बुर को पकड़ लेता हे अनु अपने मुह में रुमाल दबा देती हे और आराम से बैठी रहती है .अनु अपनी टांगे कस लेती हे .रजत दोनों की जवानी के मजे लेता रहता है
आज रजत की किस्मत चमक गई थी दोनों हात घी में थे रजत रूपा की चुचिओ को दबाता रहता हे .अनु की बुर मसलता रहता हे .रूपा अपना हाथ रजत के लंड पर रख देती हे वहि अनु भी हाथ लंड पर रख देती हे दोनों लड़किया आपस में इशारो से बात करती हे .
रजत दोनों का हाथ लंड से हटा देता हे क्यों की गाड़ी एक घर के सामने जा कर रुक गई थी .नीना बताती हे ये मेरे भाई का घर हे .सब गाड़ी से उतर कर घर की तरफ चल पड़ती हे .रूपा और अनु रजत का हाथ नहीं छोड़ रही थी जो काया को बिलकुल पसंद नहीं आता .
काया रजत को दोनों से छुडाती हे और बोलती हे क्यों परेशान कर रही हो दोनों .अनु बोलती हे भाई है मेरा तो क्या में हाथ भी नहीं पकड़ सकती और रूपा बोलती हे दोस्त हे मेरा तो क्या में हाथ नहीं पकड़ सकती .काया बोलती हे हाथ तो पकड़ ही सकती हो पर वो क्यों पकड़ रही थी.
काया की बात सुन दोनों शर्मा जाती हे