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लाइफ हो तो ऐसी complete

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सब दोस्तो को और उनके परिवरवार वालो को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाये

............सलिल

 
सब दोस्तो को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं

........सलिल
 
अपडेट 87

सुबह ६बजे मीना बच्चों को जगाती हे .

सब जल्दी जल्दी रेडी होते हे .

मीना दो बैल गाड़ी मँगवाती हे जो मेलो के लिए खास सजाई हुई थी .रंगबिरंगे फुल रिबन और कपडे से सजी हुई .

एक दुल्हन की तरह सजी हुई .

माया काया देख कर खुश होती हे और बोलती हे माँ इट्स सो गूड. ये गाड़ी तो कार से भी अच्छी हे ..

रजत बैल गाड़ी चलाने वाले के पास जाता हे .

आदमी बोलता हे बाबू आओ साथ बैठा बहुत मज़ा आएगा ..और रजत बैल गाड़ी चलाने वाले के साथ बैठ जाता हे .

अनु रेनू माया काया रजत के पीछे बैठ जाती हे .

दुसरी गाड़ी में रेखा मीना मालती पीछे और केशव बैल गाड़ी वाले के साथ बैठ जाता हे .

केशव बोलता हे भाई देख कर चलाना बच्चे शहरी हे चोट न लगे इनको .

बैल गाड़ी चल पड़ती हे बैल जब चलता है तब छन छन की मधुर आवाज आती है .

बैल गाड़ी वाले से रजत बोलता हे की ये घुंगरू बैल के पैरो में क्यों पहनाया हे .

बैल गाड़ी वाला बोलता हे ताकि कोई साप रस्ते में हो तो भाग जाये और इसकी छन छन सुंनने में अच्छा लगती हे .

रजत बोलता हे आप का बैल बहुत तंदुस्त हे आप इसको क्या खिलाते हो हमारी गाये तो इस से कमजोर हे .

बैल गाड़ी वाला बोलता हे हम तो घास ही खिला सकते हे इसको ये खाते रह्ते हे इस लिए तंदरुस्त रह्ते हे .

बैल गाड़ी वाला बोलता हे तुम चलाओगे इसको .

रजत बोलता हे मुझे नहीं आता चलाना और मुझे इस से डर लगता हे बैल गाड़ी वाला बोलता हे डरो मत बाबू ये नही मारता हे और सिर्फ रस्सी को पकड़ो जिस तरफ मोडना हे उस तरफ की रस्सी खीचो .

बैल गाड़ी वाला रस्सी रजत के हाथो में दे देता हे रजत बैल गाड़ी चलाने लगता हे .

रजत को बैल गाड़ी वाला बोलता हे अब प्यार से बैल की पीठ को सहलाओ और दबाओ वो और तेज भागेगा .

रजत वैसा ही करता हे बैल की रफ़्तार बढ़ जाती हे बैल के पैरो की थप थप और छन छन की आवाज मस्त माहोल बना रही थी .

ठोड़ी ही देर में वो मेले में पहुच जाते हे .

रजत देखता हे हर तरफ छोटी छोटी दुकाने पीछे हार सिंगार और भी चीजो की दुकाने खुली हुई हे झुले लगे हुई हे लड़के लड़किया आपस में मस्ती कर रहे हे .

रजत बोलता हे दीदी ये जगह तो मस्त हे .देखो कितने लोग हे यहाँ .

सब ने रंगबिरंगी कपडे पहने हे दुकानो पर देखो कितनी भीड़ हे .

माया बोलती हे .भाई ये मेला हे उसमे ऐसा ही होता हे .

रजत बोलता हे चलो हम भी झुला झूलेंगे .

केशव बैल गाड़ी वाले को बोलता हे ४ घन्टे बाद यही मिलना .

बच्चों को मेला देखने दो तुम भी जाओ कुछ खा पि लो और केशव उनको पैसे देता हे .

रजत अपनी माँ को बोलता हे माँ हमे भी पैसे दो हम झुला झूलेंगे .मीना सब बच्चों को पैसे देती हे .

केशव भी देता हे मालती को रेखा भी देती हे .

रजत सब के साथ झुला झुलने चला जाता हे .

अनु बोलती हे में भाई के साथ बेठुंगी..रजत एक बड़े झूले को देखता हे .

माया बोलती हे भाई इस पर मत जाओ निचे आता हे तो बहुत डर लगता हे .

रजत बोलता हे इस में तो मज़ा हे .

रजत आदमी से पूछा हे झुला कितने में झूलाते हे.

आदमी बोलता हे ५ रूप्ये में ५ चक्कर .

रजत बोलता हे दीदी ये तो बहुत सस्ता हे .

चलो इस में बैठते हे

रजत अनु और काया के साथ बैठ जाते हे .

माया और रेनू साथ बैठ जाते हे .

झुला ऊपर जाते ही सब की सांसे तेज़ हो जाती हे जैसे ही झुला निचे आता हे अनु और काया की चिखे निकलने लगती हे वो रजत को कस के पकड़ लेती हे .

रजत भी उनको कस के पकड़ लेता है जब भी झुला निचे आता तीनो बहुत शोर मचाते है .

झुला झुलने के बाद पांचो निचे उत्तर जाते हे और रजत आदमी को पैसे दे देता हे .

अनु बोलती हे भाई कुछ खाने चले .रजत बोलता हे क्या खाएँगे यहाँ .

रेनू बोलती हे भाई यहाँ चाट जलेबी समोसे पानी पूरी बहुत बढ़िया बनाते हे .

चलो चाट खाते हे पहले .रेनू एक चाट वाले जे पास जा कर पांच चाट बनाने को बोलती हे .

चाट वाला पूछता हे तिखा कम खाओगे की ज्यादा .माया बोलती हे तिखा तेज़ ही रखो .

चाट वाला चाट बना के देता हे काया और रजत खाते हे और बोलते हे दीदी ये तो बहुत अच्छा हे पर तिखा बहुत ज्यादा हे और दोनों सी सी करने लगते हे सब चाट खा के सीसी करते रह्ते हे अनु बोलती हे दीदी जल्दी जलेबिया मंगवाओ वरना सीसी करते करते जान ही निकल जाएगी.

रजत माया को बोलता हे दीदी चाट पैक भी करवा लो घर जा कर खाएँगे .

माया चाट वाले को चाट पैक करने को बोलती हे .चाट वाला पैक कर देता हे रेनू अब की बार पैसे दे देती हे .अनु जलेबी वाले की शॉप पर खड़ी हो कर सब को बुलाती हे .काया बोलती हे दुकान वाले से एक किलो जलेबि दो .दुकान वाला सब लड़कियो को घुरता हे .ओर पूछता हे खाओगी की ले जाओगी .रेनू बोलती हे खाएँगे .

तुम दो जलेबी .दुकान वाला लड़कियो को अकेला देख कर फ्लर्ट करने की सोचता हे .

दूकन वाला बोलता हे आप लोग इस गाव के तो नहीं दीखते .

तभी रजत बोलता हे हम गाव के हे भी नहीं हम शहर से आये हे और जो बोला हे वो काम करो .

दुकान वाला सब को कागज में जलेबिया देता हे .

सब जलबिया खाने लगते हे .

अनु तो तेज़ तेज़ ख़ाति हे .

रजत बोलता हे अनु धीरे खा जलेबीया भाग नहीं रही हे .

अनु बोलती हे भाई तीखे की वजह से जुबान जल रही हे .

सब हॅसने लग जात.हे .

अनु २ किलो जलेबिया भी पैक करवा लेती हे अब की बार अनु पैसे दे देती हे .

रजत एक जगह रंगबिरंगी चुडिया देखता हे और बोलता हे दीदी आप लोग चुडिया पहन लो आप लोगो पर अछि लगेगी .

अनु बोलती हे भाई मुझे नहीं अछि लगती चुडिया .

रजत बोलता हे पहन कर तो देखो .सभी चूडियो की शॉप पर चले जाते हे .रजत सब के लिए चुडिया पसंद करता हे .

दुकान वाली पूछती हे बाबू ये लड़किया तुम्हारी क्या लगती हे .

रजत बोलता हे ये मेरी प्यारी बहने हे .

इनको अच्छी चुडिया दो .

दुकान वाली सब को चुडिया देती हे.

रजत बोलता हे इनको पहना दो मुझे देखना हे केसी लग रही हे .

दुकान वाली सब को रंगबिरंगी चुडिया पहनाती हे .

रजत बोलता हे दीदी आप तो दुल्हन लगने लगी .

माया रजत के कान में बोलती हे वो तो हूँ में तुम्हारी ..दुकान वाली को काया पैसे देती हे .

तभी अनु को मोहन नज़र आता हे .

अनु बोलती हे भाई वो देखो हमारा कमीना मामा .रजत बोलता हे छोडो जाने दो उसे ..रजत देखता हे मोहन के हाथो पर पट्टियां लगी हुई हे .

ओर लंगड़ा के चल रहा हे

 
दोस्तो कुछ टेक्निकल प्रॉब्लम की वजहसे मैं नये अपडेट नही दे पा रहा हु क्या प्रॉब्लम है कोई मुझे बताये

.........सलिल
 
अपडेट 88

सब मेले में घूम घूम के काफी चीजे ख़रीदते हे .

केशव भी औरतो के साथ घुमता और जरुरी सामान मेले से ख़रीदता रहता हे

रजत बोलता हे दीदी ये जगह तो मस्त हे.

कितना भी घूम लो बोर नहीं होने वाले ऊपर से यहाँ की लड़किया क्या बताऊ बला की खूबसूरत हे .

अनु बोलती हे भाई ज्यादा नजर मत रखो वरना बड़ी मम्मी से बोल दूंगी .

काया रजत को घुरति हुई बोलती हे इतनी ही खूबसूरत लग रही हे तो जाओ उनके साथ घुमो .

रजत बोलता हे मेरी प्यारी बहनों तुम लोगो से खूबसूरत और सेक्सी हॉट कोई हो ही नहीं सकता रजत की बात सुन चारो शर्मा जाती हे और अपनी नज़र निचे कर लेती हे .

मेला धीरे धीरे बढ़ता गया भीड़ भी बढ़ गई थी .

केशव बच्चों को बोलता हे घुमना हो गया तो घर चले .रजत बोलता हे चाचू मन ही नहीं भरता जितना चाहे घूम ले .

केशव बोलता हे यही ख़ासियत तो मेलो की होती हे .

बैल गाड़ी घर को चलने को तैयार थी .

केशव और औरतो ने घर की जरुरत का सामान ख़रीदा था कुछ फ्रुट्स और सब्जियां भी ख़रीदे हे .

सब अपनी बैल गाड़ी में बैठ जाते हे .

सब बाते करते मेलो की घर की तरफ चल पड़ते हे .

बैल गाड़ी वाला रजत को बोलता हे क्यों बाबू मज़ा आया .

रजत बोलता हे बहुत ऐसे मेले तो शहर में नहीं होते .

बैल गाड़ी वाला बोलता हे बाबू इस ख़ुशी को पाने के लिए लोग गाव आते हे .

रजत बैल गाड़ी वाले को बोलता हे आप सिर्फ बैल गाड़ी चलाते हो .बैल गाड़ी वाला बोलता हे .

नही बाबू में किसान हु.रजत बोलता हे आप फिर गाड़ी क्यों चला रहे हो .गाडी वाला बोलता हे .

क्या करू मेला हे घर में बच्चों को के लिये करना पडता हे .

रजत पूछता हे तुम्हारा घर कहा पर हे .बैल गाड़ी वाला बोलता हे बस बाबू आप के घर के पास ही रहता हूँ .

रजत बोलता हे मुझे तुम्हारा घर देखना है ले चलोगे ..

गडी वाला रजत की सूरत देखने लगता हे और बोलता हे बाबू आप बड़े लोग हे और हम छोटे .

काया बोलती हे भाई आप का घर देखना चाहते हे तो दिखा दो हम लोग छोटे बड़े कुछ नहीं जानते .

रजत बोलता हे ले चलो ना अपने घर या फिर मुझे खिलाना पड़ेगा इस लिये तूम डर रहे हो फिकर मत करो पाणी ही पीला देना

रजत की बात सुन कर गाड़ी वाले के होठो पर मुस्कान आ जाती हे .

बैल गाड़ी वाला अपनी ग़ाडी अपने घर के पास रोक देता हे .

केशव बोलता हे भाई जी क्या हुआ .

अनु बोलती हे कुछ नहीं आप घर जाओ हम अभी थोड़ी देर बाद आयेंगे.केशव की बैल गाड़ी आगे बढ़ जाती है

बैल गाड़ी वाला रजत को अपने घर के अंदर ले जाता है .

आदमी का घर एक दम ख़राब था मिट्टी और घास का बना हुआ था उसके दो बच्चें थे.

रजत देखता उसकी बिवी के कपडे बहुत मामुली और थोड़े फटे हुए हे बच्चों ने सिर्फ निकर पहनी हे .

घर में कुछ खास सामान नहीं हे .

बैल गाड़ी वाले की बिवी गुड़ और पाणी देती हे रजत और उसकी बहने गुड़ खा के पाणी पि लेते हे .

रजत पूछता हे ये क्या तुम्हारे घर में तो कुछ भी नहीं हे .

कैसे जिते हो?

बैल गाड़ी वाला बोलता हे “बस रोटी भर कमा लेता हूँ”.

उसकी दूरदशा देख कर काया अपनी चुडिया और पैसे उसकी बिवी को देती हे.

बैल गाड़ी वाले कि बीवी लेने से मना कर देती हे.

काया बोलती हे “आप भी मेरी बहन हो क्या अब भी नहीं लोगी”.

रजत बोलता हे “ले लीजिये ना इतने प्यार से दे रही हे”.

बैल गाड़ी वाला बोलता हे

“बाबू आप लोग सच बहुत बड़े इंसान हो .

आज के दौर में भाई भाई को नहीं पूछता और आप मुझ जैसे गरीब के लिए इतना कर रहे हो”.

अनु चाट और जलेबिया उसके बच्चों को देती हे .

बच्चें बहुत खुश हो जाते हे.

माया बोलती हे “हमे चलना चहिये..

बैल गाड़ी वाला और सब घर के बाहर आते हे .

बैल गाडी वाला बोलता हे आप पहली बार मेरे घर आये और में आप को कुछ दे भी नहीं सकता.

रजत बोलता हे “उसकी कोई जरुरत नहीं” बैल गाड़ी वाला कुछ सोचता हे और एक बड़ा मुर्ग़ा पकड़ कर लाता हे और बोलता हे

“ये मेरी तरफ से आप सब लोगो को”

काया बोलती हे “इसकी क्या जरुरत हे”? .

अनु बोलती हे “भाई जी रहने दिजिये” .

बैल गाड़ी वाला रजत की तरफ हाथ बड़ा देता हे बैल गाड़ी वाले का मान रखने के लिए रजत मुर्ग़ा पकड़ लेता हे.

सब बैल गाड़ी में बाथ जाते हे.

ओर घर पहुच जाते हे .

अनु बैल गाड़ी वाले को बोलती हे

“आप जाना नहीं में अभी आती हूँ”. अनु अंदर जा कर तीन चार साड़िया लाती हे जो नई और पैक थी अनु देते हुए बोलती हे

“ये आप की बिवी के लिए” .

बैल गाड़ी वाला बच्चों का प्यार देख कर भावुक हो जाता हे .

बैल गाड़ी वाला बिदाइ लेकर चला जाता हे

रजत केशव को मुर्गा देता हे और बोलता हे

“चाचू इसका क्या करे”?

केशव बोलता है “बहुत मोटा तगड़ा हे कहा से पकड़ा” .

रजत बोलता हे “बैल गाड़ी वाले भाई जी ने दिया हे” .

केशव बोलता हे “लाओ काट देता हूँ फिर डिनर में खाएँगे” रजत मुर्गा दे देता हे सब मेले से ख़रीदी चीजो और खाने पिने के सामान को देखने लगते हे

 
अपडेट 89

शाम को रजत की मां भी अपना सामान लेकर आ जाती हे .

केशव सब के खाने और रहने का इन्तजाम करता हे .

मीना केशव को बोलती हे की “तुम फ़िक्र मत करो .

जेसे काया माया मेरी बेटिया हे वेसे अनु और मालती भी मेरी ही बेटिया हे किसी भी चीज की जरुरत हो तो मुझे बता देना” .

केशव बोलता हे भाभी आप ने इतना बोल दिया काफी हे .

मीना बोलती हे “यहाँ की देख रेख तुम करते हो तो तुम ही मालिक हो,रजत नाम का मालिक हे, आपसी बैर रख कर घर क्यों तोडना”? .

केशव बोलता हे भाभी अब कोई शीकायत आप को मेरी नहीं मिलेगी” .

मे तो अपने सालो के बहकावे में आ गया था” .

तभी रजत आता हे और बोलता हे

“माँ मेने मेले में मोहन मामा को देखा था काफी चोटें लगी थी क्या हुआ उनको” केशव बताता हे “किसी ने उस पर गाड़ी चड़ा दी थी .

पैर और हाथ की हड्डी तूट गई हे, खाने पिने की भी उसे दिक्कत हे माँ बाप तो हे नहीं उसके शादी हुई थी अब बिवी छोड़ कर चलि गई हे .

रजत बोलता हे

“आप कल सोहन और मोहन को यहाँ बुला कर लाना” .

केशव पूछता हे क्यों”? .

रजत बोलता हे “आप अकेले क्या क्या करोगे आप उनको नोकरी दे दो मैंने सोचा हे आप खेतो की देख रेख बाग़ बाग़ीचे और जनवरो की देख रेख इन पर छोड़ दो” .

केशव बोलता हे सोहन पर तो भरोसा भी कर सकते हे पर मोहन बहुत हरामी हे कोई न कोई गड़बड़ कर ही देगा” .

मीना बोलती हे

“ग़लती इन्सान से होती हे आप कल बुला लेना रजत ठीक ही कह रहा हे,अखिर वो भी हमारे ही हे”.

केशव बोलता हे “ठीक हे”

मीना बोलती हे “हम कल २ बजे यहाँ से निकल जायेंगे तो सुबह ही आने को कहो उनको ..अनु सब को डिनर के लिए बुलाने आती हे .

सब डिनर टेबल पर डिनर के लिए बैठ जाते हे.

रजत बोलता हे “चाचू अगर अनु और रेनू दीदी को और पढ़ना हो तो मुझे बताना में उनका एडमिशन अच्छे कॉलेज में करवा दूंगा”

केशव बोलता हे

“बेटा और पड़ कर क्या करेंगी अब तो शादी की उम्र हे”.

काया बोलती हे “चाचू क्या बात कर रहे हो अभी तो अनु और रेनू दीदी बच्चियां है” .

काया बोलती हे “अभी कम से कम रेनू दीदी को दो साल पड़ना चाहिए ताकि वो अपने पैरो पर खड़ी हो जाये फिर जहा चाहे वहा रिश्ता कर देना”.

मालती बोलती हे “काया बिटिया जैसा तुम बोलो वैसा ही होगा”.

पर तुम लोग ही रेनू और अनु के लिए अच्छे रिश्ते ढूँढना” .

मीना बोलती हे उसकी फ़िक्र मत करो में अच्छे से अच्छे रिश्ते ढूंढ कर अपनी बच्चियों की शादी करदुंगी” .

सभी लड़किया शर्मा जाती हे .

सब चिकन पर टूट पड़ते हे .

काया को रेखा खाना खिला रही होती हे .

रजत बोलता हे काश हमारी भी ऐसी किस्मत होती कोई हमे भी खाना खिला देता .

मालती बोलती हे अरे मेरे बेटे को खाना खाना हे आ मेरे पास में तुझे खिलति हु.मीना बोलती हे अब नोटंकी मत करो रजत .

काया को रेखा खिला रही हे तो तुम क्यों जल रहे हो .

सब हॅसने लग जाते हे .

सब दिनर करके सोने चले जाते हे .

रजत कुछ देर केशव से बात करता हे फिर अपने रूम में चला जाता हे .काया माया चिपक कर सो रही होती हे .

रजत दोनों को अलग करता हे और दोनों की कमर में हाथ डाल कर सोने लगता हे .

रजत काया माया की चुचिओ को ऊपर से दबाता हे .

काया बोलती हे भाई आज रहने दो कल घर पहुच कर जितना चाहो दबा लेना और चोद भी लेना .

रजत बोलता हे मुझे अभी चोदने का मन नहीं में तो टाइम पास कर रहा था अब चलो सो जाओ .

काया माया रजत को पकड़ कर लेटी रेहती हे .रजत को नींद नहीं आ रही थी .

रजत रूम से निकल कर छत पर चला जाता हे .

छत पर ठण्डी हवा चल रही थी .रजत एक तरफ खड़ा अंधेरे में खेतो और चाँद तारो को देखता रहता हे

रजत अंधेरे में देखता हे कोई चला आ रहा हे उसकी तरफ .

वो सोचता ही इतने टाइम कोण जाग रहा हे .

रेनू आती हे रजत बोलता हे “क्यों जान नींद नहीं आ रहि”.

रेनू बोलती हे “नींद क्यों आयेगी जो आग तुमने लगा दी हे उसे बुझायेगा कोण” .

रजत रेनू की कमर में हाथ डाल कर अपनी तरफ खीच लेता हे ..

रेणु रजत के सीने से लग जाती हे .

रजत उसके गाल पर चूमने लगता हे .

रेनू रजत की पीथ को सहलाती है हाथ फेरती हे .

रजत रेनू के नरम नरम लिप्स को चूमने और चुस्ने लगता हे.

रेनू की बड़ी बडी चुचिओ को मसलने लगता हे .

रेनू उतेजित तो पहले से थी .

रजत के हाथ लगने से वो पागल हो गई .

ओर रजत के होटो को जोर जोर से चुसने लगती हे .

रजत रेनू का सूट उतार देता हे रेनू रजत की शर्ट उतार देती हे .

रजत रेनू की सलवार भी उत्तर देता हे .

रेनू रजत की अंडरवेयर उतार देती हे लंड सीधा रेनू को घुर रहा होता हे .

रेनू प्यार से रजत के लंड के टोपे को दबाती हे होठो से .

लंड एक दम टाइट और गरम हो रहा होता हे बार बार झटके मार रहा होता हे .

रेणु बोलती हे “तुम्हारा लंड तो हमेशा मुनिया के पीछे ही पड़ा रहता हे कभी आराम नहीं करता क्या” .

रजत बोलता है “जब इतनी हॉट सेक्सी बहने हो तो लंड को कोई बेवकुफ ही आराम करवायेगा” .

रेनू रजत के टोपे को चुसने लगतीरजत रेनू के बालो को पकड़ कर झटके मारने लगता हे .

रेनू के गले में दो तिन चोट लगती हे .

रेनू के आंसू निकल जाते हे .

रेनू रजत को बोलती हे आराम से करो जान लोगे क्या”? .
 
अपडेट 90

रजत रुक जाता हे रेनू चुस्ती रहती हे .

थोड़ी देर बाद रेणु को रजत खड़ा करता हे और उसकी ब्रा और पेन्टी उतार देता हे ..

रेनू खड़ी रहती हे रजत बैठ जाता हे रेनू की एक तांग अपने कंधो पर रख के इसकी चुत चाटने लगता हे जैसे जैसे वो उसकी चुत चाटता है.

चुत का गरम गरम पाणी निकलता रहता हे .

रजत बोलता हे आप की मुनिया तो बहुत रोती हे .

मेरा मुन्ना आज इसको अच्छे से रुलायेगा .

रजत चुत में जीभ घूसा घूसा के चाटता हे .

रेनू रजत का सर जोर जोर से अपनी चुत पर दबाती हे .

रजत रेनू की चुत भर भर के मुह में चूसता हे .

थोड़ी देर बाद रजत खड़ा हो जाता हे रजत का मुन्ना रेनू की मुनिया के सामने आ कर झटके मारता हे .

रजत रेनू को चूमता हे रजत का लंड रेनू की चुत को चूमता हे रजत रेनू को दीवार के सहारे खड़ा कर देता हे और लंड चुत पर सहलाता हे .

रेणु से बर्दाशत नहीं हो पा रहा होता हे .

वो बोलती हे “देख क्या रहे हो घूसा दो” .

रजत एक जोर दार झटका मरता हे .

रेनू अभी एक बार ही चूदी थी उसकी तो जैसे जान ही निकल गई उसने अपने मुह पर हाथ रख के अपनी चीख को रोका वरना सारा घर ही जाग जाता ..

रेनू रोती हुई बोलती हे “कोई इतनी बेदर्दी से लंड चुत में घुसाता हे, अभी कोण सी मेरी ढीली हो गई हे, जान ही निकाल दी तुमने तो”

रजत बोलता हे “सॉरी जोश में भूल गया था” .

रेनू बोलती हे “ख्याल रखो” दर्द से रेनू का बुरा हाल था रेनू खड़े खडे चुदवा रही थी उसकी चुत से खून निकलने लगता हे रजत बोलता हे “ये क्या फिर से क्यों खून निकल रहा हे अभी उस दिन तो सिल तोड़ि थी” .

रेनू बोलती हे “इतनी बेदर्दी से लंड पेला हे कही न कही तो चोट लगेगि हि,मेरी चुत फट गई अब आराम आराम से चोदो मुझे”.

रजत रेनू की टांग उठा कर धीरे धीरे शॉट मारता हे .रेनू रजत के हर शॉट पर उम्म्म आउच करती हे रजत जोर जोर से चोदने लगता हे .

रेनू भी साथ देती हे .रजत रेनू की चुचिओ को बुरी तरह चूसता और दबाता हे निप्पल को काटता हे .

रेनू रजत का साथ देती रेहती हे .रेनू दो बार झड चुकी थी पर रजत तो झड़ने को तैयार तैयार ही नहीं था फुक फुक फुक फुक की अवाज सुनाई देती हे रेणु की सिसकीओ में आनंद ही आनंद सुनाई देता है .

रजत लंड बाहर निकाल लेता हे रेनू फिर से लंड मुह में ले लेती हे और जोर जोर से मुह में लंड लेती हे रजत रेनू के मुह से लंड निकाल कर रेनू की चुचिओ को पकड़ लेता हे और उनके बिच लंड घूसा कर चुचिओ को चोदने लगता हे

रेनू भी अपनी चुचिओ को जोर से दबाती हे ताकि रजत के लंड को जकड सके रजत चुचिओ को चोदता रहता है.

लंद की रगड से चुचिओ में जलन होने लगती हे .

रजत रुक जाता हे और रेनू को उल्टा घुमा देता हे .

रजत रेनू की चुत चाटने लगता हे पीछे उसे .

ओर रेनू की गांड को सूंघता हे .

रजत रेनू की गांड को मसलता हे .

रजत रेनू की गांड चाटने लगता हे रेनू बोलती “हे ऐसा मत करो” .

रजत बोलता हे “तुम चुप रहो, मुझे इंजॉय करने दो तुमको भी मज़ा आएगा” रजत बोलते बोलते रेनू की गांड में उंगली घूसा देता हे .

रेनू की सिसकि निकलती हे रजत खड़ा हो कर चुत में लंड घूसा देता हे कुछ जोर जोर से चोदता हे रेनू की चुत पाणी छोडती हे .

रजत उस पाणी को ऊँगली के जरिये रेनू की गांड में ड़ालता हे रेनू आराम से घुटनों के बल बैठी रहती हे.रजत चुत चोदता रहता हे .

रजत लंड बाहर निकल कर गांड पर लगाता हे रेनू मना करती हे रजत नहीं मानता रजत जोर लगा कर लंड गांड में फसा देता हे रेनू के आंसू निकल जाते हे रजत रेणु की चुचिओ को दबाने लगता हे फिर रजत धीरे धीर लंड अंदर करता रहता हे .

आधा लंड रेनू के अंदर चला जाता हे रेनू बोलती हे बस करो और अंदर मत डालो .

बहुत दर्द हो रहा हे रजत रेनू को पिठ पर चूमता हे चुचिओ और चुत को सहलाता हे .

रेनू का दर्द कम होने लगता हे .

रजत गांड मारने लगता हे .

रेनू को दर्द हो रहा होता हे रजत धीरे धीरे गांड मारता हे .

रेनू भी रजत का साथ देते लगती हे .

रेणु की गांड टाइट होने की वजह से रेनू और रजत दोनी को दर्द हो रहा होता हे रजत का लंड काफी दब दब के अंदर जा रहा हे .

पर चुदाई के नशे में थे उनको कोई परवाह नहीं थी.

रजत गांड मारते मारते रेनू को सीधा खड़ा कर देता हे अब दोनों खड़े खड़े चुदाई कर रहे होते हे .

रजत कस के चुचिओ को पकड़ लेता हे और गांड में तेज़ और जोर जोर से शॉट मारता हे .

रेणु की गांड अब ढीली हो गई थी रजत का पूरा लंड जब भी उसकी गांड में जाता उसकी चीख निकल जाती .

रजत चुत में उंगली दाल के भी सहलाता रहता हे चुत से पाणी निकलता रहता है लगा तार एक घंटे से दोनों चुदाई करते रह्ते हे .

रजत इतनी बुरी तरह रेनू को चोद देता हे रेनू की चुत और गांड से खून निकलने लगता हे रेनू की गांड से टट्टी भी निकल जाती हे पर रजत उसे चोदना नहीं छोडता .

रेणु चुदाई के मज़े में दर्द को भूल जाती हे .

रजत उस पर हवि हो जाता हे फुल स्पीड और मन चाही चुदाई करता हे .

रेनउसे नहीं रोकती .

रजत का जहा मन करता लंड घूसा देता कभी मुह में कभी चुत में कभी गांड में कभी चुचिओ में रजत झड़ने वाला हो जाता हे .

रजत रेनू को निचे बैठने को कहता हे रेनू बैठ जाती हे

रजत उस पर अपनी वीर्य की बारिश कर देता हे चेहरे बालो चुचिओ गालो मुह पर वीर्य की बारिश सारा जिस्म वीर्य से भिग जाता हे

रजत खलास हो कर जमीन पर बैठ जाता हे .

रेनू अपने कपडे लेकर छत के बाथ रूम में चलि जाती हे रजत उसे जाते देखता हे .

रेनू की चाल बिगड जाती हे .

वह लडखडा कर चल रही होती हे .

रेनू फ्रेश हो कर थोड़ी देर बाद आती हे .

रजत पूछता ठीक हो ना .

रेनू बोलती “खाक ठीक हूँ गांड और चुत दोनों फाड् दी हे, .

बहुत दर्द हो रहा हे तुम तो आराम से चोद भी नहीं पाते रेप ही करने लगते हो” .

रजत उसे बोलता हे “चलो निचे दवा देता हूँ” .

रेनू और रजत निचे आते हे रजत उसको टेब्लेट देता हे और बोलता हे इनको खा लेना और चुत पर और गांड पर गरम पाणी और तेल से सीकाई कर लेना ठीक हो जाओगी” .

रेनू दवा लेकर लडखडाती हुई अपने रूम में चलि जाती हे रजत भी अपने रूम में चला जाता हे .

ओर इतनी मस्त चुदाई के बाद उसको नींद मस्त आती हे .

ओर वो सो जाता हे .

 
अपडेट 91

सुबह सुबह रजत के दिल में ख्याल आता हे वो बाहर घुमने जाने लगता हे तभी वो चाची को बाथरूम से नहा कर बाहर आते देखता हे .

चाचि ब्लाउज़ और पेटिकोट में थी .

उसने ब्लाउज के निचे कुछ नहीं पहना था उसकी बड़ी बड़ी चूचिया बाहर झलक रही थी आधा बलाउज भी भिग चुका था .

रजत डोर के पास खड़ा अपनी चाची को देखता हे .

चाची बहुत सेक्सी रजत को लगती हे.

रजत अपनी चाची को देख कर लंड मसलने लगता हे .

मालती रजत को खुद को घूरते देख कर अपनी चुचिओ को छूपाने लगती हे रजत स्माइल करके मालती के पास से ग़ुजर जाता हे .

बाहर जैसे ही आता हे केशव मोहन सोहन नजर आते हे .

रजत बोलता हे आओ मामा जी कैसे हो .

मोहन बोलता हे ठीक हूँ रजत पूछता हे कैसे लगी चोट आप को मोहन बताता हे की किसी अपने ही ने चोट दी हे .

रजत बोलता हे

“वह सब छोडो चाचू ने आप दोनों को काम समझा ही दिया हे,अब काम पर ध्यान दो,ताकि आप दोनों की लाइफ अच्छी हो सके लालच बुरी बला हे कहावत तो सुनि ही होगी” .

मोहन सोहन हा में सर हिला देते हे.

रजत मॉर्निंग वाक को चला जाता हे .

मोहन और सोहन घर में चले जाते हे

घर में मीना मोहन सोहन को प्यार से समझाती हे .

मोहन सोहन अपनी करनी के लिए माफ़ी मांगते हे.

मीना बोलती हे अब तुम लोग माफ़ी मत मांगो और अपने जीजा के साथ रह कर घर खेत खलिहान की देख रेख करो किसी भी चीज की जरुरत हो तो मुझे बता देना भेजवा दूंगी .

सब उठ कर पैकिंग की तेयारी करते हे .

रजत घुमता हूँआ बैल गाड़ी वाले के घर के पास पहुच जाता हे बैल गाड़ी वाला उसे बुलाता हे और पूछता हे

“बाबू जी कहा सुबह सुबह निकले हो” .

रजत बोलता हे

“भाई जी कही नहीं बस शेर सपाटे पर निकला हूँ .

गाडी वाला बोलता हे

“आओ बाबू गन्ने का ताज़ा रस पिओ सुबह सुबह दिन अच्छा जायेगा” .रजत उसके पास जा कर बैठ जाता हे गाड़ी वाला अपनी बिवी को रस लाने को बोलता हे .

बैल गाड़ी वाले की बिवी एक बड़ा गिलास रस का लती हे .

रजत उसे देख कर बोलता हे

“भाई जी इतना तो में नहीं पि पाउँगा”गाडी वाला बोलता हे

“बाबू पि जाओ पेट् के लिए अच्छा होता हे” .

रजत हिम्मत करके पीना शुरू कर देता हे गन्ने का जूस बहुत मीठा और ताज़ा था रजत के पेट् को ठंडक पहुच जाती हे .

रजत बोलता हे

“भाई जी में शहर में भी पिया हूँ गन्ने का रस पर इतना मीठा कभी नहीं होता वो सब” .

भाई जी बोलते हे. “क्यों की ये गाव के स्पेशल गन्ने हे जो जियादा मीठे होते हे.

कहो तो तुम्हारे घर भेज दू कुछ गन्ने”

रजत बोलता हे आप उनका जूस निकाल कर भेज दो रस्ते में पाणी की जरुरत नहीं पड़ेगी.

भाई जी बोलते हे ठीक हे बाबू में गन्ने का जूस लेकर आता हूँ आप सब के लिए” .

रजत घर आ जाता हे सब लोग सामान पैक कर रहे होते हे रेखा बोलती हे “बच्चों जल्दी से नाश्ता करो और चलने की तय्यारी करो काफी लम्बा सफर हे तो जल्दी ही निकलना अच्छा रहेगा” .

केशव बाग़ीचे से अच्छे और मिठे आमो की टोकरिया भर के लाता हे .

मोहन सोहन को आम गाड़ी में रखने को बोलता हे .

रजत घूम घूम के सब को काम करते हुए देखता हे.

रजत टेबल पर बैठ कर देखता हे और बोलता हे

“माँ ये क्या हो रहा हे इतना सारा सामान तो हम लेकर भी नहीं आये थे और अब गाड़ी भरी जा रही हे” .

मालती बोलती हे “बेटा कोई ज्यादा सामान नहीं फ़िक्र क्यों करते हो”

रजत बोलता हे “चाची इतना सारा सामान क्यों रख रही हो” .

मीना बोलती हे “चुप कर तू बस बोले जा रहा हे” .

सब सामान पैक हो चुका था सब ब्रेक फास्ट के लिए टेबल पर बैठे होते हे .मालती और रेनू सब के लिए पराठे बनाते हे .

रजत पराठे खाता हे तभी भाई जी आ जाता हे .

केशव पूछता हे “क्या बात हे भाई जी” .

भाई जी बोलता हे “कुछ नहीं में तो बाबू जी के लिए गन्ने का रस लाया था” .रजत बोलता हे “भाई जी यहाँ लाओ” .

भाई जी एक बाल्टी में रस लेकर आता हे रजत बोलता हे

“भाई जी ये क्या आप तो बाल्टी भर के ले आये” .

भाई जी बोलता हे “बाबू जी कोई जियादा नहीं आप सब के लिए ही लया हूँ” .रजत अनु को बोलता हे “अनु सब को जूस दो”.

अनु सब को गिलास में भर भर के जूस देणे लगती हे .रजत बोलता हे “भाई जी किसी भी चीज की जरूरत हो तो चाचा को बोल देना” .

मीना भी बोलती हे “भाई साहब किसी चीज की जरुरत हो तो बता देना केशव को”.भाई जी सब से विदा लेकर घर चला जाता हे .

रेखा को मीना बोलती हे जूस को बोतलो में दाल कर रख लो रस्ते में काम आयेंगे” .

रेखा रख लेती हे.सब खाना खा लेते हे अब चलने की तैयारी बाकि थी .

रजत बोलता हे “माँ सब कुछ चेक कर लो कुछ रह न जाये”मीना बोलती हे “तू अपना सामान कब पैक करेगा बेटा” .

काया बोलती हे “मैंने भाई का सामान पैक कर लिया हे .

आप भाई की फ़िक्र मत करो”.

दोपेहेर में सब निकलने को तैयार थे .

कारे रेडी थी .सब रेडी थे .

रजत के मोसा मोसी और काया एक कार में और रजत की माँ और माया दूसरी केयर में चलने को तैयार थे .

रजत सब से बारी बारी मिलता हे अनु औररेनू को गले लगता हे चाचा चाची के पैर छूता हे .काया और माया भी सब से मिलति हे .

रजत अपने फ़ोन से रोहित को कॉल करता हे की रात में आ कर मिले घर पर हम आ रहे हे .

रोहित भी बोलता हे “जल्दी आ यार मेरी तो जान ही जा रही हे” .

रजत बोलता हे “चल रख बॅलन्स नहीं हे रात में मिलते हे” .

मीना गाड़ी चलाती हे रजत माया पीछे बैठ जाते हे रजत अपनी माँ को बोलता हे

“माँ गाड़ी धीरे चलाना कोई जल्दी नहीं जाने की पीछे मामा जी की गाड़ी धीरे धीरे आ रही हे” .

मीना स्पीड स्लो कर लेती हे .रजत माया की चुचिओ को पकड़ कर दबाता हे और बोलता हे “माँ दीदी को कार में ही चोद दू” .

मीना बोलती हे “शर्म कर मुझसे ही पूछ रहा हे मेरी बेटी चोदने के लिए” .

रजत बोलता हे

“तो क्या हुआ माँ आखिर हे तो मेरी जान” .

 


अपडेट 92

माया रजत के लंड को पेण्ट के ऊपर से मसलती हे .

मीना बोलती हे “ठीक हे चोद ले पर फिर मुझे भी चोदना पड़ेगा” .

रजत बोलता हे “ओके माँ” और रजत माया के लिप्स को चुस्ने लगता हे उसकी चुचिओ को मसलता हे .

रजत चलति कार में माया को नंगा कर देता हे .

माया को सिट पर लिटा देता हे और उसकी बुर चाटने लगता हे .

माया रजत के सर को अपनी बुर पर दबाती हे.

रजत बुर में उंगली दाल दाल के चाटता रहता हे माया रजत को पेण्ट उतारने को बोलती हे

रजत जल्दी से पेण्ट निचे कर देता हे माया भी रजत के लंड को चुस्ने लगती हे .रजत बोलता हे दीदी लेट जाओ हम ६९ की पोज में चुसाई करेंगे .

माया लेट जाती हे और रजत अपना लंड उसके मुह में घुसा कर माया की बुर चाटने लगता हे

काफी देर दोनों ऐसे ही चुसते रह्ते हे माया की बुर पाणी छोड़ देती हे रजत सारा पाणी चाट कर साफ कर देता हे रजत सिट पर बैठ जाता हे माया उसके लंड पर बैठ जाती हे .

माया की बुर चिरते हुए रजत का लंड घुस जाता हे .

रजत माया की चुचिओ को दबाता हे .माया रजत के लंड पर कुदती रहती हे .रजत उसकी गण्ड और चुचिओ को मसलता रहता हे.

माया आगे की सिट पकड़ कर झुक गई रजत लगा तार चोदता रहा माया का बुरा हाल हो जाता हे

रजत माया को सिट पर लिटा कर चोदने लगता हे दोनों चुदाई का मज़ा लेते हे .मीना दोनों की चुदाई देख कर गरम हो जाती हे .

मीना अपनी साड़ी के ऊपर से अपनी चुचिओ और बुर को मसलती हे .

मीना पूछती हे बेटी मज़ा आ रहा है कि नहीं .

माया बोलती हे माँ आप मत पुछो कितना मज़ा आ रहा हे चलति गाड़ी में चुदवाने में” माया दो बार झड चुकी थी रजत बोलता हे

.”दीदी अब में आप की गांड मारूँगा” माया बोलती हे “ठीक हे भाई अभी लो में कुतीया बन जाती हु,

आप अपनी कुतीया की गांड मार लो फाड् दो गांड आज मेरी” .

मीना अपनी बेटी को बोलती हे

“धयान से चुदवा वरना तेरा भाई तुझे एक दिन माँ बना देगा” .

माया बोलती हे “बना लेने दो आखिर में वेसे भी भाई की ही हु”.

माया कुतीया बन गई रजत उसकी गांड में लंड घूसा कर चोदता रहता हे .

लगातार १घन्टे से माया रजत का प्रोग्राम चल रहा था रजत माया की गांड जोर जोर से गांड मारता हे माया भी रजत को जवाबी धक्के मारती हे .

मीना रजत को बोलती हे

“क्या हुआ तुम तो झडते नहीं जल्दी .

अपनी बहन पर रहम करो” .

रजत बोलता हे “माँ कण्ट्रोल करो आप की भी बारी आएगी .

अभी वक़्त हे,आप बस गाड़ी चलाने पर ध्यान दो” .

रजत माया को चोदता रहता हे .

माया थक चुकी थी पर रजत उसे बुरी तरह चोदता रहा आखिर रजत झड़ने वाला हो जाता हे रजत जोर जोर से शॉट मारता हे माया भी जवाबी शॉट मरती हे .

रजत माया की गांड में झड जाता हे .

रजत माया की गण्ड में लंड पूरा घूसा कर झड जाता हे माया सिट पर सिमट कर लेट जाती हे .

रजत भी सिट पर सुस्ताने लगता हे .

मीना बोलती हे “माया बेटी कपडे पहन लो थोड़ी देर हम आगे वाले होटल में रुकेंगे” .

माया अपने कपडे पहन लेती हे और बाल सवारने लगती हे.

ठोड़ी देर बाद एक होटल के पास मीना गाड़ी रोक देती हे काया की कार भी आ कर रुक जाती हे ..

मीना सब को बोलती हे थोड़ी देर यहाँ रुकते है और कुछ खाना हे तो खा लो फिर चलते हे .

 


अपडेट 93

मीना की बुर गीली हो चुकी थी उसकी पेन्टी बुर के पाणी से भिग चुकी थी .

मीना वाशरूम चलि जाती हे और अपनी पेन्टी बदल कर आती हे .

रजत मीना को पूछता हे.

“माँ आप की पेन्टी कहा हे”? .

मेना बोलती हे “क्यों तुझे उस से क्या और तुझे की मालूम मैंने पेन्टी नहीं पहनी हे” .

रजत बोलता हे “अभी आप जब गई तो टाँगे फैला कर चल रही थी और अब मटक मटक के आ रही हो इस से पता चल गया मुझे” .

मीना बोलती हे “ठीक हे ठीक हे तूने कुछ खाया नहीं”

रजत बोलता है क्या खाऊ कुछ अच्छा नहीं हे यहाँ” .

मीना बोलती हे “तो कुछ पि ले” रजत बोलता हे माँ गन्ने का रस हे तो क्यों यहाँ से ख़रीदे” .

मीना बोलती हे “बेटा दो बोतल हे रस्ते में ख़तम हो जायेगी अभी कोई कोल्ड ड्रिंक पि लो” .

मीना रजत के लिए मिल्क शक का ऑर्डर करती हे .रजत पूछता हे “माँ ये मिल्क क्यों मँगवाया”? .

मीना बोलती हे “मिल्क पि लो अभी बहुत मेहनत करनी हे तुमको”

रजत बोलता हे “माँ आप फ़िक्र मत करो ऐसी मेहनत करूँगा की याद करेगी” .

सब हल्का फुल्का खा के चल्ने को रेडी हो जाते हे अब सब गाव से बहुत दूर आ चुके थे .

काया बोलती हे “माँ आप बहुत स्लो चलाती हो कार, हम जा रहे हे आगे धीरे धीरे आती रहियो” .

ओर काया रेखा अपनी कार में बैठ जाते हे और आगे निकल जाते हे .

मिना भी रजत और माया को चलने को बोलती हे .

माया बोलती हे “माँ आप पहले सुट पहन लो, कार में साड़ी तो खोल लोगी घर पहुच कर पहनोगी कैसे”? .

मीना बोलती हे है बेटी अच्छा याद दिलवाया”

मीना अपने बैग में से सूट निकाल कर वाशरूम में चेंज करके आती हे .

माया कार ड्राइव करती हे .

मीना और रजत जल्दी से कार के अंदर घुसते हे और माया कार स्टार्ट कर देती हे.

रजत मीना की बड़ी बड़ी चुचिओ को मसलने लगता हे

रजत मीना का सूट उतारने लगता हे मीना बोलती हे

“बेटा इतनी भी क्या जल्दी हे अभी तो १घंटे पहले चुदाई की हे” .

रजत बोलता हे “माँ में तो चाहता हूँ मेरे हर तरफ बुर हो जब चाहु सब को चोद सकु” .

मीना बोलती हे “इतनी भी अच्छी किस्मत हम लोगो की नहीं जब चाहे तुम हमे चोद सको”..

रजत मीना का सूट उतार कर साइड में रख देता हे मीना की बड़ी बड़ी चुचिओ को दबाता और चूसता हे निप्पल से दूध पिता हे .

मीना आराम से अपने बेटे को चुचि चुस्वाति हे रजत निप्पल को होले होले काटता हे

मीना सिसकिया लेती रहती हे रजत का लंड फिर से खड़ा हो जाता हे रजत मीना को नंगा कर देता हे .

मीना भी गरम हो चुकी थी इस लिए रजत ने सीधा उसकी बुर में लंड घुसाना ठीक समझा .

रजत मीना को लिटा कर टांगो को मोड़ कर चोदता रहता हे .

मीना कुछ ही देर में झड जाती हे रजत मीना की टांगो को उठा कर लंड गांड में घूसा देता हे

रजत मीना की गांड मारता रहता हे और मीना की बुर मसलता रहता हे मीना और रजत ऐसे ही चुदाई करते रह्ते हे .

रजत मीना और माया के साथ दो दो बार चुदाई कर चुका था .

घर पहुचने ही वाला होता हे मीना रजत को गन्ने का जूस पिने को देती हे जूस पिने से रजत को थोड़ी ताकत मिलति हे .

काया काफी देर से सब का वेट कर रही थी राहुल, रोहित, ख़ुशी, कोमल, नेहा, रूपा सब तीनो को वेट कर रहे थे.

 
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