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मुह चुदाई के बाद अब बारी थी उसके कबूतरों पर व्यभिचार की !
शास्त्री इतनी जल्दी झड़ने वालों में नहीं था सुबह शाम घोट कर दो बड़े बड़े भांग के लड्डू निगलता था
भांग का सीधा असर स्तम्भन शक्ति पर पड़ता हे !
और फिर पुरे पंद्रह साल बाद उसे ये स्त्री देह मिली थी जिसे वो पुरे मन से भोगना चाहता था !
तनु को भी उसकी बातों से पता चल गया था की पंद्रह साल बाद इसका ब्रम्चर्य खंडित उसका सुन्दर
और सुडोल शरीर कर रहा था इस बात पर वो मन ही मन आनादित भी हो रही थी !
शास्त्री अब पूरा बौरा गया था !
हवस की आंच पर भून कर ना खाया जाय तो क्या सुख !
उसकी बड़ी बड़ी कठोर चुचियों को नोचते हुए सा बोला :-"ये तो रंडीयों वाली चूचियां हे साली .....कितने हरामियों
को दूध पिलाई हे ...अपने इन थनों से .....कुतिया ....?"
"चट्ट ...."
इसी के साथ शास्त्री ने हवस के प्रवाह में उसके स्तनों पर एक झापड़ दे मारा !
तनु ने अपने पति के अलावा अभी किसी से नहीं चुदाई और न ही स्तन पान करवाया पर मार के डर से और रंडी कहलाने के रोमांच
झूठ मुठ की हाँ भर रही थी !
"सी sssssss ...बहुतों को पिलाया ...कभी गिना नहीं ..."
शास्त्री इतनी जल्दी झड़ने वालों में नहीं था सुबह शाम घोट कर दो बड़े बड़े भांग के लड्डू निगलता था
भांग का सीधा असर स्तम्भन शक्ति पर पड़ता हे !
और फिर पुरे पंद्रह साल बाद उसे ये स्त्री देह मिली थी जिसे वो पुरे मन से भोगना चाहता था !
तनु को भी उसकी बातों से पता चल गया था की पंद्रह साल बाद इसका ब्रम्चर्य खंडित उसका सुन्दर
और सुडोल शरीर कर रहा था इस बात पर वो मन ही मन आनादित भी हो रही थी !
शास्त्री अब पूरा बौरा गया था !
हवस की आंच पर भून कर ना खाया जाय तो क्या सुख !
उसकी बड़ी बड़ी कठोर चुचियों को नोचते हुए सा बोला :-"ये तो रंडीयों वाली चूचियां हे साली .....कितने हरामियों
को दूध पिलाई हे ...अपने इन थनों से .....कुतिया ....?"
"चट्ट ...."
इसी के साथ शास्त्री ने हवस के प्रवाह में उसके स्तनों पर एक झापड़ दे मारा !
तनु ने अपने पति के अलावा अभी किसी से नहीं चुदाई और न ही स्तन पान करवाया पर मार के डर से और रंडी कहलाने के रोमांच
झूठ मुठ की हाँ भर रही थी !
"सी sssssss ...बहुतों को पिलाया ...कभी गिना नहीं ..."