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वक़्त के हाथों मजबूर--17
राधिका उठ कर बाथरूम में जाती हैं और कुछ देर में अपने कपड़े पहेन कर वापस आती हैं.राहुल भी अब अपने कपड़े पहन चुका था.
राहुल आब राधिका के पीछे जा कर राधिका से एकदम सटा कर खड़ा हो जाता है. और अपने दोनो हाथ धीरे से बढ़ाते हुए उसके बूब्स को अपने दोनो हाथों में कस कर पकड़ लेता हैं और अपने होंठ राधिका के गर्दन पर रख देता हैं.
राधिका- ये क्या कर रहे हो राहुल. अभी भी तुम्हारा मन नही भरा क्या???
राहुल-सच में जान तुम किसी नशे की तरह हो. जितना किया जाए उतना ही चढ़ता हैं. पता नहीं क्यों तुमसे मेरा जी ही नही भरता. जी करता हैं सुबह शाम बस तुम्हें ऐसे ही प्यार करू.
राधिका- ओ...मिस्टर. आशिक़ . मुझे अब घर भी जाना हैं. अभी इस वक़्त, मैं आपकी बीवी नहीं हूँ. जब आपकी बीवी बन जाउन्गि तो आप अपना पूरा हक़ जताना.
राहुल- अच्छा तो बस एक प्यारा सा लिप किस दे दो. फिर मैं तुम्हें घर छोड़ दूँगा.
राधिका- देख रहीं हूँ राहुल तुम्हारी शैतानी बढ़ती ही जा रही हैं. अब मुझे देर हो रही हैं.
राहुल अपने होंठ धीरे से सरकाते हुए राधिका के कान के नीचे अपनी जीभ फिरा देता हैं और राधिका फिर से मचल जाती हैं.
राधिका- बस राहुल........ मत करो ना...मैं फिर से बहक जाउन्गि....
राहुल- तो बहक जाओ ना..............
राधिका राहुल को अपने से दूर करते हुए- बस करो ना राहुल अगर मैं फिर से गरम हो गयी तो इस बार तुम्हारी खैर नहीं..........
राहुल तुरंत दूर हटते हुए- अरे क्यों डरा रही हो जान. सच में मैने आज तक तुम्हारा ऐसा रूप कभी नहीं देखा था.
राधिका- चलो कम से कम मेरे से कोई पोलिसेवला तो डरता हैं......इतना कहकर राधिका भी मुस्कुरा देती हैं.
राहुल- मत जाओ ना जान. मुझे तुम्हारे बिना एक पल भी अच्छा नहीं लगता.
राधिका- नही राहुल मुझे जाना होगा. मैं तुम्हारे पास हर वक़्त तो नही रह सकती ना. लेकिन तुम तो मेरी साँसों में , मेरी हर धड़कन में बसे हो. क्या तुमसे दूर रहकर मुझे एक पल भी चैन आता हैं .मैं भी हर एक पल तुम्हारे लिए बेचैन रहती हूँ.
राहुल- अपनी आँखें बंद करो ना जान. मैं तुम्हें कुछ दिखाना चाहता हूँ.
राधिका भी धीरे से अपनी आँखें बंद कर लेती हैं.
राहुल उठकर वही ड्रॉयर में से एक पायल की जोड़ी निकालता हैं और फिर जाकर सीडी प्लेयर ऑन कर देता हैं. सीडी प्लेयर में फिर वही गीत बजने लगता हैं..........
चाँद सी महबूबा हो मेरी कब मैने ऐसा सोचा था.............
हां तुम बिल्कुल वैसे हो जैसे मैने सोचा था...........
फिर वो राधिका के एक दम करीब जाता हैं और बड़े प्यार से उसे अपनी बाहों में ले लेता हैं.
राहुल- आँखें खोलो ना जान.
राधिका धीरे से अपनी आँखें खोलती हैं.
राधिका- बोलो ना राहुल क्या दिखाने वाले हो...........
राहुल धीरे से अपना एक उंगली राधिका के लिप्स पर रख देता हैं और चुप रहने का इशारा करता हैं.
राहुल- कुछ मत कहो ना जान..........बस ये गीत सुनो .................. इसमें मैं तुम्हें हर पल पल महसूस किया हैं. राधिका भी उस गाने मे खोने लगती हैं और राहुल भी उसकी आँखों में बड़े प्यार से देखने लगता हैं.
राहुल- जानती हो जान ये गीत सिर्फ़ मेरा फ़ेवरेट गाना ही नही हैं बल्कि इस गाने से मेरी सारी यादें तुमसे जुड़ी हुई हैं. मैने बस हर लम्हे में तुमको पाया हैं , तुमको पूजा हैं. अब तो लगता हैं कि तुम मेरी ज़िंदगी से बढ़कर हो.......अब तो मेरी मौत.......राहुल इससे पहले कुछ कहता राधिका अपना हाथ उसके मूह पर रख देती हैं.
राधिका- आगे कुछ मत कहना राहुल. अगर तुमपर ज़रा भी आँच आए तो उसके पहले राधिका तुम्हारे कदमों में बिछ जाएगी मगर तुम पर कोई आँच नही आने देगी.
राहुल- मेरी किस्मत हैं राधिका कि तुम मेरी ज़िंदगी में हो. सच कहता हूँ कि मैने पछले जनम में कोई अच्छा कर्म ज़रूर किया होगा. इस लिए मुझे इसका फल के रूप में तुम मिली हो.
फिर राहुल धीरे से अपना हाथ बढ़ाकर पायल को राधिका के हाथ में दे देता हैं.
राधिका- ये क्या हैं राहुल. मुझे ये सब नहीं चाहिए. मुझे बस तुमसे प्यार हैं ना कि इन सब चीज़ों से...........
राहुल- मैं जानता हूँ कि मेरी हर चीज़ पर तुम्हारा पूरा हक़ हैं और जो मेरा हैं वो तुम्हारा भी तो हैं. ये तो मैं अपने होने वाली दुल्हन को प्यार के सौगात के रूप में दे रहा हूँ. रख लो ना इसे मुझे अच्छा लगेगा.
राधिका भी बड़े प्यार से राहुल के लब चूम लेती हैं और उसे अपने सीने से लगा लेती हैं. और फिर ना जाने कितने देर तक वो दोनो ऐसे ही एक दूसरे की बाहों में खोए रहते हैं.
थोड़े देर बाद -
राधिका-अब जाने दो ना राहुल मुझे अब देर हो रही हैं. घर पर भैया आए होंगे तो मुझसे कई तरह के सवाल करेंगे. और तुम जानते हो कि मुझसे झूट बोला नही जाता.
राहुल- काश राधिका ये वक़्त यहीं पर थम जाए. इस हसीन पल में मैं अपना सब कुछ भूलकर बस तुम में खोना चाहता हूँ.
राधिका- वक़्त तो राहुल ठहर नहीं सकता मगर मैं तुम्हारे साथ बीते हर पल को, हर एक लम्हे को तुम्हारी यादों को अपने सीने में प्यार से सँजोकर रखा है.
राहुल- आइ लव यू जान................ इतना कहकर राहुल बड़े प्यार से राधिका के लब को चूम लेता हैं और जवाब में राधिका भी उसके लबो को प्यार से चूम लेती हैं.
राधिका- लव यू टू.................राहुल.
राहुल-चलो अब मैं तुम्हें घर तक छोड़ देता हूँ और वही से अपने थाने भी चले जाऊँगा.
राधिका उठ कर बाथरूम में जाती हैं और कुछ देर में अपने कपड़े पहेन कर वापस आती हैं.राहुल भी अब अपने कपड़े पहन चुका था.
राहुल आब राधिका के पीछे जा कर राधिका से एकदम सटा कर खड़ा हो जाता है. और अपने दोनो हाथ धीरे से बढ़ाते हुए उसके बूब्स को अपने दोनो हाथों में कस कर पकड़ लेता हैं और अपने होंठ राधिका के गर्दन पर रख देता हैं.
राधिका- ये क्या कर रहे हो राहुल. अभी भी तुम्हारा मन नही भरा क्या???
राहुल-सच में जान तुम किसी नशे की तरह हो. जितना किया जाए उतना ही चढ़ता हैं. पता नहीं क्यों तुमसे मेरा जी ही नही भरता. जी करता हैं सुबह शाम बस तुम्हें ऐसे ही प्यार करू.
राधिका- ओ...मिस्टर. आशिक़ . मुझे अब घर भी जाना हैं. अभी इस वक़्त, मैं आपकी बीवी नहीं हूँ. जब आपकी बीवी बन जाउन्गि तो आप अपना पूरा हक़ जताना.
राहुल- अच्छा तो बस एक प्यारा सा लिप किस दे दो. फिर मैं तुम्हें घर छोड़ दूँगा.
राधिका- देख रहीं हूँ राहुल तुम्हारी शैतानी बढ़ती ही जा रही हैं. अब मुझे देर हो रही हैं.
राहुल अपने होंठ धीरे से सरकाते हुए राधिका के कान के नीचे अपनी जीभ फिरा देता हैं और राधिका फिर से मचल जाती हैं.
राधिका- बस राहुल........ मत करो ना...मैं फिर से बहक जाउन्गि....
राहुल- तो बहक जाओ ना..............
राधिका राहुल को अपने से दूर करते हुए- बस करो ना राहुल अगर मैं फिर से गरम हो गयी तो इस बार तुम्हारी खैर नहीं..........
राहुल तुरंत दूर हटते हुए- अरे क्यों डरा रही हो जान. सच में मैने आज तक तुम्हारा ऐसा रूप कभी नहीं देखा था.
राधिका- चलो कम से कम मेरे से कोई पोलिसेवला तो डरता हैं......इतना कहकर राधिका भी मुस्कुरा देती हैं.
राहुल- मत जाओ ना जान. मुझे तुम्हारे बिना एक पल भी अच्छा नहीं लगता.
राधिका- नही राहुल मुझे जाना होगा. मैं तुम्हारे पास हर वक़्त तो नही रह सकती ना. लेकिन तुम तो मेरी साँसों में , मेरी हर धड़कन में बसे हो. क्या तुमसे दूर रहकर मुझे एक पल भी चैन आता हैं .मैं भी हर एक पल तुम्हारे लिए बेचैन रहती हूँ.
राहुल- अपनी आँखें बंद करो ना जान. मैं तुम्हें कुछ दिखाना चाहता हूँ.
राधिका भी धीरे से अपनी आँखें बंद कर लेती हैं.
राहुल उठकर वही ड्रॉयर में से एक पायल की जोड़ी निकालता हैं और फिर जाकर सीडी प्लेयर ऑन कर देता हैं. सीडी प्लेयर में फिर वही गीत बजने लगता हैं..........
चाँद सी महबूबा हो मेरी कब मैने ऐसा सोचा था.............
हां तुम बिल्कुल वैसे हो जैसे मैने सोचा था...........
फिर वो राधिका के एक दम करीब जाता हैं और बड़े प्यार से उसे अपनी बाहों में ले लेता हैं.
राहुल- आँखें खोलो ना जान.
राधिका धीरे से अपनी आँखें खोलती हैं.
राधिका- बोलो ना राहुल क्या दिखाने वाले हो...........
राहुल धीरे से अपना एक उंगली राधिका के लिप्स पर रख देता हैं और चुप रहने का इशारा करता हैं.
राहुल- कुछ मत कहो ना जान..........बस ये गीत सुनो .................. इसमें मैं तुम्हें हर पल पल महसूस किया हैं. राधिका भी उस गाने मे खोने लगती हैं और राहुल भी उसकी आँखों में बड़े प्यार से देखने लगता हैं.
राहुल- जानती हो जान ये गीत सिर्फ़ मेरा फ़ेवरेट गाना ही नही हैं बल्कि इस गाने से मेरी सारी यादें तुमसे जुड़ी हुई हैं. मैने बस हर लम्हे में तुमको पाया हैं , तुमको पूजा हैं. अब तो लगता हैं कि तुम मेरी ज़िंदगी से बढ़कर हो.......अब तो मेरी मौत.......राहुल इससे पहले कुछ कहता राधिका अपना हाथ उसके मूह पर रख देती हैं.
राधिका- आगे कुछ मत कहना राहुल. अगर तुमपर ज़रा भी आँच आए तो उसके पहले राधिका तुम्हारे कदमों में बिछ जाएगी मगर तुम पर कोई आँच नही आने देगी.
राहुल- मेरी किस्मत हैं राधिका कि तुम मेरी ज़िंदगी में हो. सच कहता हूँ कि मैने पछले जनम में कोई अच्छा कर्म ज़रूर किया होगा. इस लिए मुझे इसका फल के रूप में तुम मिली हो.
फिर राहुल धीरे से अपना हाथ बढ़ाकर पायल को राधिका के हाथ में दे देता हैं.
राधिका- ये क्या हैं राहुल. मुझे ये सब नहीं चाहिए. मुझे बस तुमसे प्यार हैं ना कि इन सब चीज़ों से...........
राहुल- मैं जानता हूँ कि मेरी हर चीज़ पर तुम्हारा पूरा हक़ हैं और जो मेरा हैं वो तुम्हारा भी तो हैं. ये तो मैं अपने होने वाली दुल्हन को प्यार के सौगात के रूप में दे रहा हूँ. रख लो ना इसे मुझे अच्छा लगेगा.
राधिका भी बड़े प्यार से राहुल के लब चूम लेती हैं और उसे अपने सीने से लगा लेती हैं. और फिर ना जाने कितने देर तक वो दोनो ऐसे ही एक दूसरे की बाहों में खोए रहते हैं.
थोड़े देर बाद -
राधिका-अब जाने दो ना राहुल मुझे अब देर हो रही हैं. घर पर भैया आए होंगे तो मुझसे कई तरह के सवाल करेंगे. और तुम जानते हो कि मुझसे झूट बोला नही जाता.
राहुल- काश राधिका ये वक़्त यहीं पर थम जाए. इस हसीन पल में मैं अपना सब कुछ भूलकर बस तुम में खोना चाहता हूँ.
राधिका- वक़्त तो राहुल ठहर नहीं सकता मगर मैं तुम्हारे साथ बीते हर पल को, हर एक लम्हे को तुम्हारी यादों को अपने सीने में प्यार से सँजोकर रखा है.
राहुल- आइ लव यू जान................ इतना कहकर राहुल बड़े प्यार से राधिका के लब को चूम लेता हैं और जवाब में राधिका भी उसके लबो को प्यार से चूम लेती हैं.
राधिका- लव यू टू.................राहुल.
राहुल-चलो अब मैं तुम्हें घर तक छोड़ देता हूँ और वही से अपने थाने भी चले जाऊँगा.