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अब आगे.....
अगली सुबह इशिका के लिए ये दिन भी बाकी दिनों की तरह ही था पर अब उसके सामने सबसे बड़ा मकसद था राजवीर से उसके गुनाह के लिए बदला लेना और उसकी सच्चाई दुनिया के सामने लाना,यही वादा इशिका ने अपने आप से किया था,और तभी उसके मोबाइल की घंटी बजती है और वो देखती है कि ये फ़ोन तो रणवीर का है और वो फ़ोन उठा के कहती है ," हैलो रणवीर,गुड मॉर्निंग"
"गुड मॉर्निंग इशिका,क्या हम आज मिल सकते हैं..?" रणवीर ने इशिका से पूछा !!
"हाँ बिल्कुल रणवीर,कुछ खास काम है क्या..?" इशिका ने रणवीर से पूछा !!
"खास ही समझ लो,हमे आगे की प्लानिंग करने के लिए मिलना पड़ेगा" रणवीर ने इशिका से कहा !!
"ठीक है रणवीर हम 12 बजे कैफ़े मे मिलते हैं" इशिका रणवीर से कहती है !!
"ठीक है,मिलते हैं 12 बजे,मैं तुम्हारा इंतज़ार करूँगा" रणवीर इशिका से बोलते हुए फ़ोन काट देता है !!
इशिका भी रणवीर के बारे मे सोचते हुए अतीत के पन्नो मे खो जाती है और उसे अपनी और रणवीर की 4 साल पहले की मुलाकात याद आ जाती है जब वो पहली बार रणवीर से कॉलेज मे मिली थी !!
4 साल पहले 2015 :
इंस्टीटूट ऑफ मेडिकल साइंसेज - दिल्ली
इशिका कॉलेज मे नई नई थी और बहुत डरी हुई थी पहले दिन क्योंकि इस कॉलेज की रैगिंग के बारे मे बहुत सुना था और इशिका को यही डर सता रहा था कि उसका पहला दिन कैसा बीतेगा कॉलेज मे और इसी डर मे सीनियर्स ने सारे जूनियर्स को एक हॉल मे बुलाया था इंट्रोडक्शन के लिए और वहां उसकी मुलाकात रणवीर प्रताप सिंह से होती है रणवीर मेडिकल कॉलेज मे इशिका से सीनियर डॉक्टर थे,रणवीर ने ही सबका इंट्रोडक्शन लिया था और फिर रणवीर ने बारी बारी से सबका इंट्रोडक्शन लिया और जब इशिका का नंबर आया तब रणवीर ने बड़ी ही लायकी से इशिका का इंट्रोडक्शन लिया था,और इशिका का जो रैगिंग के नाम से डर था वो रणवीर ने पूरी तरह से निकाल दिया था !!
" हाँ तो बोलिये मैडम,क्या नाम है आपका" - रणवीर
"जी,सर मेरा नाम इशिका है,इशिका मल्होत्रा" - इशिका
" Nice name," ये बोलकर रणवीर इशिका को देखता ही रहता है और उसमें ही खो जाता है !!
इंट्रोडक्शन पूरा होने के बाद सभी अपनी अपनी क्लास मे चले जाते हैं पर रणवीर सिर्फ इशिका के ख्यालों मे खोया रहता है और उस दिन के बाद रणवीर और इशिका मे दोस्ती हो जाती है और रणवीर की दोस्त होने के नाते पूरे कॉलेज मे इशिका को कोई परेशानी नही होती और वो रैगिंग से भी बच जाती है,
इशिका और रणवीर अब अच्छे दोस्त बन गए थे और फिर धीरे धीरे समय बीतता जाता है और अगले ही साल इशिका और रणवीर अपने कॉलेज की तरफ से मेडिकल कैम्प मे शिमला जाते हैं और वहीं मेडिकल कैम्प से लौटते वक्त इशिका को प्रिया घायल हालात मे मिलती है और वो ये सारी बातें रणवीर को बताती है,और दोनों पुलिस से ये बातें छुपाकर प्रिया का इलाज करते हैं ताकि प्रिया की जान को कोई खतरा न हो और प्रिया की सूरत देखकर इशिका को न जाने क्या होता है उसे ये लगता है कि इस सूरत से इशिका का कोई नाता है और वो प्रिया की जान बचाने के लिए अपनी जान लगा देती है,कुछ दिनों बाद इशिका को ये अहसास होने लगता है कि हो न हो इस लड़की के साथ इशिका का कोई रिश्ता तो ज़रूर है,और तभी कुछ दिनों बाद इशिका अपनी फैमिली के साथ जोधपुर घूमने जाती हैं,और वहीं मेहरानगढ़ किले पर पहुँचकर इशिका को सबकुछ याद आ जाता है,उसे अपने पुराने जन्म की सारी यादें याद आ जाती हैं और जो सपने उसे बचपन से लेकर आजतक रातों को सोने नही देते थे उन सपनों के सारे जवाब इशिका को मिल जातें हैं । उसे याद आ जाता है कि वो पिछले जन्म मे रानी थी और प्रिया की जो शक्ल आज है वो कल उसकी शक्ल थी और इस जन्म मे वो इशिका है और फिर उसे ये भी याद आ जाता है कि राजवीर ने उसके साथ क्या किया था और अब उसे राजवीर से बदला लेना था,ये सारी बातें इशिका ने रणवीर को बताई और रणवीर को पहले तो इस बात पर यकीन नही हुआ पर धीरे धीरे वो इशिका की बातों को मानने लगा और उसका साथ देने को तैयार हो गया,इशिका और रणवीर ने राजवीर के पास पहुँचने के लिए एक प्लान बनाया,रणवीर ने राजवीर की सारी इनफार्मेशन निकलना शुरू किया,राजवीर के सबसे क़रीब कौन है,और भी सारी जानकारी रणवीर ने निकालना शुरू किया और अब इशिका को राजवीर के क़रीब पंहुचाना था जिसके लिए ये ज़रूरी था कि राजवीर के करीब रहना और इसके लिए इशिका ने राजवीर के सबसे करीबी अनिरुध चोपड़ा के यहाँ अपना रिश्ता भेजा और ये सब इशिका का ये प्लान था कि वो अनिरुध के ज़रिए राजवीर के क़रीब जाएगी और इशिका इस प्लान मे अभी तक कामयाब भी रही थी !! इशिका और रणवीर ने मिलकर ये प्लान बनाया था और ये सब एक प्लान के तहत हो रहा था,चोपड़ा के साथ इशिका की सगाई,चोपड़ा के साथ प्यार का नाटक,चोपड़ा के सामने खुद को रानी साबित करना,चोपड़ा के सामने राजवीर से प्यार की बात कबूल करना,ये सब इशिका के प्लान का हिस्सा था !!
वर्तमान समय 2019 :
इशिका रणवीर से मिलने के लिए उसकी बताई जगह पर जाने की तैयारी मे लग जाती है !!
उधर राजवीर सिंघानियां के ऑफिस मे राजवीर ,चोपड़ा को अपने केबिन मे बुलाता है और उससे कहता है ,
" चोपड़ा मुझे कुछ दिनों के लिए क़तर जाना पड़ेगा,तुम यहीं रहना यहाँ का काम देखना मैं कुछ दिनों मे लौट आऊँगा" राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!
"सर एक बात पूछुं" चोपड़ा ने राजवीर से पूछा ??
" हाँ बोलो चोपड़ा," राजवीर ने चोपड़ा की बात का जवाब देते हुए कहा !!
"सर,मुझे आपके साथ काम करते हुए 5 साल से ज्यादा हो गए हैं और मैं आपके साथ लगभग हर देश मे साथ ही जाता हूँ पर कुछ देश मे आप मुझे आजतक साथ नही ले गए,ये कौन लोग हैं जो हमारे साथ बिज़नेस करते हैं,न उन्हें मैं जानता हूँ और न ही उन्हें मैंने कभी देखा है,आप कभी मुझे दुबई,क़तर,सऊदी और मलेशिया नही ले गए...ऐसा क्यों...?" चोपड़ा ने राजवीर से पूछा !!
" चोपड़ा,देखो एक बात मैं तुम्हे आज बता देता हूँ और आगे ये बात दोबारा नही बताऊंगा,की जिस भी क्लाइंट के साथ हम बिज़नेस करते हैं उनका मुझसे मिलना ज़रूरी है ना कि तुम्हारा,तुमने उन्हें कभी नही देखा ये बात ज़रूरी नही है,ज़रूरी ये है कि मैं उन्हें जनता हूँ,अब जाओ मेरी जाने की तैयारी करो,आज रात की फ्लाइट बुक करवाओ क़तर की,और आगे से मुझसे ये सवाल मत पूछना" राजवीर ने चोपड़ा की तरफ देखते हुए गुस्से मे कहा !!
" ok सर,सॉरी,अब ऐसी गलती नही होगी,मैं आपके जाने की तैयारी करता हूँ" ऐसा बोलकर चोपड़ा केबिन से बाहर आ जाता है और ये सोचने लगता है कि आखिर सर को अचानक इस सवाल से इतना गुस्सा क्यों आ गया !!
चोपड़ा के केबिन से बाहर जाते ही राजवीर को उसके पर्सनल नंबर पर एक इंटरनेशनल कॉल आता है, और उस तरफ से आवाज़ आती है !!
"अस्सलाम वालेकुम ,कबीर भाई"
उस तरफ से ये आवाज़ सुनकर राजवीर इस तरफ से जवाब देता है " वालेकुम अस्सलाम,खालिद,तुम्हें कितनी बार कहा है मुझे इस नंबर पर फ़ोन मत किया करो,मैं खुद आ रहा हूँ कल क़तर,वहीँ मिल रहा हूँ न आका से,तो बार बार मुझे फ़ोन करके परेशानी मे मत डालो,और आका से बोल देना कल वहीं आकर बात करूंगा"
" कबीर भाई,आप क्यों परेशान हो रहे हैं,ये फ़ोन की लोकेशन कोई ट्रेस नही कर पायेगा,आप घबराएं नही,आप तो हमारे बहुत ही ज़रूरी सिपाही हैं,आका ने आपको याद किया है और कहा है कि इस बार का काम थोड़ा मुश्किल है इसीलिए आपको याद दिलाने के लिए कहा है " खालिद कबीर से कहता है !!
"खालिद मियाँ मुझे मेरे काम मत समझाइए,इससे पहले भी बहुत से काम को उनके अंजाम तक पहुँचाया है मैंने और आगे भी इंशा अल्लाह पूरी तरह जान लगा दूंगा हिंदुस्तान को तबाह करने मे,आका से बोलो कल मिलता हूँ ऊनसे,दुबई होते हुए आऊंगा" कबीर ने खालिद से कहा और फ़ोन रख दिया !!
फ़ोन रखने के बाद राजवीर उर्फ कबीर खान खुद से कहता है
"चलो बेटा राजवीर अब कुछ दिनों के लिए तुम आराम करो और अब कबीर अपना काम करके आएगा,हिंदुस्तान तबाह होगा,हा हा हा हा हा हा हा हा"
क्रमशः......
अगली सुबह इशिका के लिए ये दिन भी बाकी दिनों की तरह ही था पर अब उसके सामने सबसे बड़ा मकसद था राजवीर से उसके गुनाह के लिए बदला लेना और उसकी सच्चाई दुनिया के सामने लाना,यही वादा इशिका ने अपने आप से किया था,और तभी उसके मोबाइल की घंटी बजती है और वो देखती है कि ये फ़ोन तो रणवीर का है और वो फ़ोन उठा के कहती है ," हैलो रणवीर,गुड मॉर्निंग"
"गुड मॉर्निंग इशिका,क्या हम आज मिल सकते हैं..?" रणवीर ने इशिका से पूछा !!
"हाँ बिल्कुल रणवीर,कुछ खास काम है क्या..?" इशिका ने रणवीर से पूछा !!
"खास ही समझ लो,हमे आगे की प्लानिंग करने के लिए मिलना पड़ेगा" रणवीर ने इशिका से कहा !!
"ठीक है रणवीर हम 12 बजे कैफ़े मे मिलते हैं" इशिका रणवीर से कहती है !!
"ठीक है,मिलते हैं 12 बजे,मैं तुम्हारा इंतज़ार करूँगा" रणवीर इशिका से बोलते हुए फ़ोन काट देता है !!
इशिका भी रणवीर के बारे मे सोचते हुए अतीत के पन्नो मे खो जाती है और उसे अपनी और रणवीर की 4 साल पहले की मुलाकात याद आ जाती है जब वो पहली बार रणवीर से कॉलेज मे मिली थी !!
4 साल पहले 2015 :
इंस्टीटूट ऑफ मेडिकल साइंसेज - दिल्ली
इशिका कॉलेज मे नई नई थी और बहुत डरी हुई थी पहले दिन क्योंकि इस कॉलेज की रैगिंग के बारे मे बहुत सुना था और इशिका को यही डर सता रहा था कि उसका पहला दिन कैसा बीतेगा कॉलेज मे और इसी डर मे सीनियर्स ने सारे जूनियर्स को एक हॉल मे बुलाया था इंट्रोडक्शन के लिए और वहां उसकी मुलाकात रणवीर प्रताप सिंह से होती है रणवीर मेडिकल कॉलेज मे इशिका से सीनियर डॉक्टर थे,रणवीर ने ही सबका इंट्रोडक्शन लिया था और फिर रणवीर ने बारी बारी से सबका इंट्रोडक्शन लिया और जब इशिका का नंबर आया तब रणवीर ने बड़ी ही लायकी से इशिका का इंट्रोडक्शन लिया था,और इशिका का जो रैगिंग के नाम से डर था वो रणवीर ने पूरी तरह से निकाल दिया था !!
" हाँ तो बोलिये मैडम,क्या नाम है आपका" - रणवीर
"जी,सर मेरा नाम इशिका है,इशिका मल्होत्रा" - इशिका
" Nice name," ये बोलकर रणवीर इशिका को देखता ही रहता है और उसमें ही खो जाता है !!
इंट्रोडक्शन पूरा होने के बाद सभी अपनी अपनी क्लास मे चले जाते हैं पर रणवीर सिर्फ इशिका के ख्यालों मे खोया रहता है और उस दिन के बाद रणवीर और इशिका मे दोस्ती हो जाती है और रणवीर की दोस्त होने के नाते पूरे कॉलेज मे इशिका को कोई परेशानी नही होती और वो रैगिंग से भी बच जाती है,
इशिका और रणवीर अब अच्छे दोस्त बन गए थे और फिर धीरे धीरे समय बीतता जाता है और अगले ही साल इशिका और रणवीर अपने कॉलेज की तरफ से मेडिकल कैम्प मे शिमला जाते हैं और वहीं मेडिकल कैम्प से लौटते वक्त इशिका को प्रिया घायल हालात मे मिलती है और वो ये सारी बातें रणवीर को बताती है,और दोनों पुलिस से ये बातें छुपाकर प्रिया का इलाज करते हैं ताकि प्रिया की जान को कोई खतरा न हो और प्रिया की सूरत देखकर इशिका को न जाने क्या होता है उसे ये लगता है कि इस सूरत से इशिका का कोई नाता है और वो प्रिया की जान बचाने के लिए अपनी जान लगा देती है,कुछ दिनों बाद इशिका को ये अहसास होने लगता है कि हो न हो इस लड़की के साथ इशिका का कोई रिश्ता तो ज़रूर है,और तभी कुछ दिनों बाद इशिका अपनी फैमिली के साथ जोधपुर घूमने जाती हैं,और वहीं मेहरानगढ़ किले पर पहुँचकर इशिका को सबकुछ याद आ जाता है,उसे अपने पुराने जन्म की सारी यादें याद आ जाती हैं और जो सपने उसे बचपन से लेकर आजतक रातों को सोने नही देते थे उन सपनों के सारे जवाब इशिका को मिल जातें हैं । उसे याद आ जाता है कि वो पिछले जन्म मे रानी थी और प्रिया की जो शक्ल आज है वो कल उसकी शक्ल थी और इस जन्म मे वो इशिका है और फिर उसे ये भी याद आ जाता है कि राजवीर ने उसके साथ क्या किया था और अब उसे राजवीर से बदला लेना था,ये सारी बातें इशिका ने रणवीर को बताई और रणवीर को पहले तो इस बात पर यकीन नही हुआ पर धीरे धीरे वो इशिका की बातों को मानने लगा और उसका साथ देने को तैयार हो गया,इशिका और रणवीर ने राजवीर के पास पहुँचने के लिए एक प्लान बनाया,रणवीर ने राजवीर की सारी इनफार्मेशन निकलना शुरू किया,राजवीर के सबसे क़रीब कौन है,और भी सारी जानकारी रणवीर ने निकालना शुरू किया और अब इशिका को राजवीर के क़रीब पंहुचाना था जिसके लिए ये ज़रूरी था कि राजवीर के करीब रहना और इसके लिए इशिका ने राजवीर के सबसे करीबी अनिरुध चोपड़ा के यहाँ अपना रिश्ता भेजा और ये सब इशिका का ये प्लान था कि वो अनिरुध के ज़रिए राजवीर के क़रीब जाएगी और इशिका इस प्लान मे अभी तक कामयाब भी रही थी !! इशिका और रणवीर ने मिलकर ये प्लान बनाया था और ये सब एक प्लान के तहत हो रहा था,चोपड़ा के साथ इशिका की सगाई,चोपड़ा के साथ प्यार का नाटक,चोपड़ा के सामने खुद को रानी साबित करना,चोपड़ा के सामने राजवीर से प्यार की बात कबूल करना,ये सब इशिका के प्लान का हिस्सा था !!
वर्तमान समय 2019 :
इशिका रणवीर से मिलने के लिए उसकी बताई जगह पर जाने की तैयारी मे लग जाती है !!
उधर राजवीर सिंघानियां के ऑफिस मे राजवीर ,चोपड़ा को अपने केबिन मे बुलाता है और उससे कहता है ,
" चोपड़ा मुझे कुछ दिनों के लिए क़तर जाना पड़ेगा,तुम यहीं रहना यहाँ का काम देखना मैं कुछ दिनों मे लौट आऊँगा" राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!
"सर एक बात पूछुं" चोपड़ा ने राजवीर से पूछा ??
" हाँ बोलो चोपड़ा," राजवीर ने चोपड़ा की बात का जवाब देते हुए कहा !!
"सर,मुझे आपके साथ काम करते हुए 5 साल से ज्यादा हो गए हैं और मैं आपके साथ लगभग हर देश मे साथ ही जाता हूँ पर कुछ देश मे आप मुझे आजतक साथ नही ले गए,ये कौन लोग हैं जो हमारे साथ बिज़नेस करते हैं,न उन्हें मैं जानता हूँ और न ही उन्हें मैंने कभी देखा है,आप कभी मुझे दुबई,क़तर,सऊदी और मलेशिया नही ले गए...ऐसा क्यों...?" चोपड़ा ने राजवीर से पूछा !!
" चोपड़ा,देखो एक बात मैं तुम्हे आज बता देता हूँ और आगे ये बात दोबारा नही बताऊंगा,की जिस भी क्लाइंट के साथ हम बिज़नेस करते हैं उनका मुझसे मिलना ज़रूरी है ना कि तुम्हारा,तुमने उन्हें कभी नही देखा ये बात ज़रूरी नही है,ज़रूरी ये है कि मैं उन्हें जनता हूँ,अब जाओ मेरी जाने की तैयारी करो,आज रात की फ्लाइट बुक करवाओ क़तर की,और आगे से मुझसे ये सवाल मत पूछना" राजवीर ने चोपड़ा की तरफ देखते हुए गुस्से मे कहा !!
" ok सर,सॉरी,अब ऐसी गलती नही होगी,मैं आपके जाने की तैयारी करता हूँ" ऐसा बोलकर चोपड़ा केबिन से बाहर आ जाता है और ये सोचने लगता है कि आखिर सर को अचानक इस सवाल से इतना गुस्सा क्यों आ गया !!
चोपड़ा के केबिन से बाहर जाते ही राजवीर को उसके पर्सनल नंबर पर एक इंटरनेशनल कॉल आता है, और उस तरफ से आवाज़ आती है !!
"अस्सलाम वालेकुम ,कबीर भाई"
उस तरफ से ये आवाज़ सुनकर राजवीर इस तरफ से जवाब देता है " वालेकुम अस्सलाम,खालिद,तुम्हें कितनी बार कहा है मुझे इस नंबर पर फ़ोन मत किया करो,मैं खुद आ रहा हूँ कल क़तर,वहीँ मिल रहा हूँ न आका से,तो बार बार मुझे फ़ोन करके परेशानी मे मत डालो,और आका से बोल देना कल वहीं आकर बात करूंगा"
" कबीर भाई,आप क्यों परेशान हो रहे हैं,ये फ़ोन की लोकेशन कोई ट्रेस नही कर पायेगा,आप घबराएं नही,आप तो हमारे बहुत ही ज़रूरी सिपाही हैं,आका ने आपको याद किया है और कहा है कि इस बार का काम थोड़ा मुश्किल है इसीलिए आपको याद दिलाने के लिए कहा है " खालिद कबीर से कहता है !!
"खालिद मियाँ मुझे मेरे काम मत समझाइए,इससे पहले भी बहुत से काम को उनके अंजाम तक पहुँचाया है मैंने और आगे भी इंशा अल्लाह पूरी तरह जान लगा दूंगा हिंदुस्तान को तबाह करने मे,आका से बोलो कल मिलता हूँ ऊनसे,दुबई होते हुए आऊंगा" कबीर ने खालिद से कहा और फ़ोन रख दिया !!
फ़ोन रखने के बाद राजवीर उर्फ कबीर खान खुद से कहता है
"चलो बेटा राजवीर अब कुछ दिनों के लिए तुम आराम करो और अब कबीर अपना काम करके आएगा,हिंदुस्तान तबाह होगा,हा हा हा हा हा हा हा हा"
क्रमशः......