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शिद्दत -1- 2

अब प्रिया ये सोचने लगती है कि राजवीर के सामने वो रानी कैसे बने और उसे सबकुछ कैसे याद आ जाये,और उधर सिंघानिया हाउस मे राजवीर ये सोचकर खुश हो रहा है कि उसकी रानी वापस आ गयी है और उसने प्रिया को सबकुछ बता दिया है,यही सोचते सोचते राजवीर पूरी रात निकाल देता है पर उसे खुशी के मारे नींद ही नही आती,अगले दिन प्रिया ऑफिस आती है और राजवीर,आज प्रिया की चाल ढाल बदली हुई थी,उसमे न जाने कैसे इतना आत्मविश्वास आ गया था कि मानो वो अभी से इस कंपनी की मालकिन बन गयी हो,आज वो कुछ न कुछ सोच के आयी थी जिससे कि आज वो रानी बन जाएगी,दिनभर ऑफिस के काम करने के बाद प्रिया ने राजवीर से कहा ," चलिये सर,ऊपर छत पर घूमकर आते हैं,मुझे इतने दिन हो गए ऑफिस मे आज तक मैं छत पर नही गयी,"!

" आज क्या हो गया है तुम्हें प्रिया,आज छत पे जाने का मूड कैसे हो गया," राजवीर ने प्रिया से पूछा !

"अरे देखिए न सर,कितना प्यारा मौसम हो रहा है,लगता है कुछ देर मे बारिश होने वाली है,प्लीज सर मैं इस माहौल को मिस नही करना चाहती,प्लीज सर चलिये न छत पर" प्रिया ने राजवीर से कहा !!

राजवीर भी प्रिया की बात को टाल नही सका और उसके साथ छत पर चले गया,वो प्रिया के प्लान से बिल्कुल बेख़बर था,और प्रिया पूरी तैयारी और प्लानिंग के साथ आई थी ! प्रिया और राजवीर बिल्डिंग की छत पर जाते हैं जो कि एक , 25 माले की बिल्डिंग है,जब छत पर प्रिया पहुँचती है तो वो नीचे देखती है तो उसे लगता है जैसे उसे चक्कर आ रहे हैं और वो पीछे हट जाती है और फिर राजवीर से कहती है कि," पता नही क्यों पर बचपन से ही मुझे ऊँचाई से डर लगता है सर,मैं जब भी नीचे देखती हूँ तो मुझे चक्कर आते हैं,चलिये सर हम यहाँ से चलते हैं " ये कहते हुए वो राजवीर का हाथ पकड़कर वहाँ से जैसे ही निकलने लगती है कि वो अपना खेल जाती है जो वो खेलने आयी थी ,प्रिया जानबूझकर गिरने की एक्टिंग करती है,उसका पैर फिसलता है और वो नीचे गिरने लगती है और ज़ोर से चिल्लाती है ,"बचाओ" ! ये देखकर देर न करते हुए तुरन्त राजवीर प्रिया का हाथ पकड़ लेता है और उसे ऊपर खीच लेता है,उसके बाद राजवीर जैसे ही उसे ऊपर खींचता है वो उसके गले लगकर ज़ोर ज़ोर से रोने लगती है ओर बहुत घबरा जाती है,राजवीर भी उसे दिलासा देते हुए कहता है," रो मत प्रिया,तुम ठीक हो,कुछ नही हुआ है तुमको " इतना कहते हुए वो प्रिया को दिलासा दे ही रहा था कि प्रिया ने बेहोश होने का नाटक कर दिया और वो बेहोश होकर वहीं गिर पड़ती है !!

ये देखकर राजवीर भी परेशान ही जाता है और तुरंत अपने स्टाफ को बुलाकर प्रिया को हॉस्पिटल ले जाता है,जहाँ डॉक्टर उसका चैकउप करते हैं और राजवीर से कहते हैं कि ," घबराने की कोई बात नही है Mr राजवीर ,वो सदमे , की वजह से बेहोश हो गईं है,कुछ देर मे उन्हें होश आया जाएगा ! कुछ देर मे चोपड़ा भी वहाँ पहुँचता है और राजवीर चोपड़ा को सारी बातें बताता है ,कुछ देर बाद प्रिया को होश आने लगता है और वो राजू राजू बड़बड़ाने लगती है,ये देखकर डॉक्टर्स राजवीर को बुलाते हैं और कहते हैं ," Mr राजवीर,मिस प्रिया को होश आया गया है और वो बार बार किसी राजू को पुकार रही हैं" ये सुनकर राजवीर की आँखों से आँसू बहने लगते हैं,और ये देखकर चोपड़ा राजवीर की मन की बात समझ जाता है और डॉक्टर से कहता है," आप चलिये हम बात करते है प्रिया से" ! डॉक्टर वहाँ से चला जाता है उसके बाद चोपड़ा राजवीर से कहता है," संभालिये सर अपने आप को,अगर ये बात बाहर आ गयी तो ख़बर बन जाएगी,आप जाकर प्रिया से मिलिए मैं डॉक्टर्स को समझाता हूँ " इतना कहकर चोपड़ा वहाँ से चला जाता है और राजवीर प्रिया से मिलने उसके रूम मे चला जाता है,राजवीर के रूम मे जाने से पहले ही चोपड़ा सारे हॉस्पिटल स्टाफ को बोल देता है कि "जब तक सर प्रिया से नही मिलते कोई रूम मे नही जाएगा,और जितनी देर सर अंदर रहेंगे कोई अंदर भी नही जाएगा" !

जैसे ही प्रिया के रूम मे राजवीर पहुँचता है और प्रिया उसे देखती है तो वो दौड़कर उसके गले लग जाती है और कहती है ," राजू,देखो मैं आ गयी,मुझे सबकुछ याद आ गया मैं रानी , सिंघानियां थी पिछले जन्म मे और तुमने मुझे मेहरानगढ़ मे एक बार ऐसे ही बचाया था जैसे तुमने आज मुझे बचाया बिल्डिंग से गिरने से और तुम नीचे गिर गए थे किले से,मुझे सब याद आ गया राजू,मुझे सब याद आ गया" प्रिया राजवीर के गले लगकर बहुत रोती है और राजवीर भी ये सुनकर बहुत खुश होता है कि रानी को सब याद आ गया फिर उससे कहता है,"मैं कब से तुम्हारा इंतज़ार कर रहा था रानी,मेरा विश्वास था कि तुम ज़रूर आओगी,मुझे अपने प्यार पे भरोसा था उसकी शिद्दत पे भरोसा था कि ज़रूर मेरा प्यार पूरा होगा और आज तुम मेरे सामने हो" !! ये सुनकर प्रिया राजवीर से कहती है," आज जब मैं बिल्डिंग से नीचे गिरने वाली थी तो मुझे ऐसा लग रहा था मानो फिर से मैं तुम्हें खो दूंगी जैसे मैंने पिछले जन्म मैं तुम्हे खो दिया था,मेहरानगढ़ की दीवार से गिर कर मेरी मौत हुई थी आज भी वो याद ताजा है मेरे मन मे !! " प्रिया की बातें सुनकर राजवीर का माथा ठनकता है और वो उससे पूछता है," क्या तुम्हें आज भी याद है कि तुम्हारी मौत कैसे हुई थी..?" राजवीर का सवाल सुनकर प्रिया एक दम से सकपका जाती है और हड़बड़ाते हुए कहती है ," हाँ हाँ,क्यों नही याद होगा,बिल्कुल याद है,उस दिन तुम भी तो थे वहाँ उस दिन,तुम्हारे सामने तो मैं किले की दीवार से कूदी थी जिसकी वजह से मेरी मौत हुई थी,और मैंने जाते जाते कहा था कि मेरा इंतज़ार करना मैं ज़रूर आऊँगी,भूल गए क्या तुम सब "!

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प्रिया की बातें सुनकर राजवीर कुछ देर चुप रहता है और फिर प्रिया से कहता है,"अरे नही प्रिया i mean रानी,कैसे भूल सकता हूँ वो मनहूस दिन,अच्छा तुम एक काम करो,तुम अभी आराम करो डॉक्टर्स ने कहा है कुछ देर मे हम घर जा सकते हैं तो हम घर चलेंगे" !

" कोनसे घर चलेंगे राजू हम,रानी के घर या प्रिया के घर...?" प्रिया ने राजवीर से पूछा !!

" प्रिया देखो,आज बात बदल गयी है,अब मैं राजू नही हूँ राजवीर हूँ और तुम भी प्रिया हो रानी नही,तो हमे ये बात दुनिया से छुपानी होगी कि ये तुम्हारा दूसरा जन्म है क्योंकि ये हमारी कंपनी की रेपुटेशन के लिए अच्छा नही होगा,और मीडिया के निशाने पर मैं आ जाऊंगा और पूरी दुनिया मे मज़ाक बन जायेगा मेरा की इंडिया का इतना बड़ा बिजनेसमैन पुनर्जन्म पे विश्वास करता है,और दुनिया आज भी भूली नही है कि रानी सिंघानियां कौन थी,दुनिया की नज़र मे आज भी रानी मेरी बहन ही है क्योंकि हमारे प्यार के बारे मे घर के अलावा किसी को नही पता था,और जिस कारण तुमने अपनी जान दी थी कि तुम और मैं भाई बहन थे जिसके कारण हम शादी नही कर सकते थे वही कारण अभी भी पैदा हो सकता है,और ये दुनिया कभी नही मानेगी की तुम रानी , सिंघानियां हो,और अगर मान भी लिया तो भी हम एक नही हो सकेंगे क्योंकि फिर से तुम मेरी बहन कहलाई जाओगी इसीलिए कह रहा हूँ कि ये बात सिर्फ तुम और मै ही जानूँगा की तुम रानी हो,दुनिया की नज़रों मे तुम प्रिया ही रहोगी" राजवीर ने प्रिया को समझाते हुए कहा !!

प्रिया ने जब राजवीर की बातें सुनी तो उसे भी ये सही लगी और वो मन ही मन ये सोचने लगी कि," बात तो राजवीर बिल्कल ठीक बोल रहा है,इसकी बात मानने मैं ही तेरा फायदा है रिया,मान ले इसकी बात,और तुझे तो राजवीर से शादी करने से मतलब है,राजवीर तेरा हो जाएगा,दुनिया को क्यों बताना की तू रानी का दूसरा जन्म है,माना कि तू नही है पर राजवीर तो यही मानता है ना,तो उसे मानने दे और जैसा राजवीर कह रहा है उसकी बात मान ले" प्रिया मन मैं कुछ देर सोचने के बाद राजवीर से कहती है कि," ठीक है राजू,मैं ये बात किसी को नही बताऊंगी,पर हम शादी कब करेंगे,मुझे जल्दी से जल्दी तुम्हारी होना है,मैंने तुम्हारे लिए 2 जन्मों का सफ़र तय किया है,इस प्यार के सफ़र को तय करके मैं सिर्फ तुमसे शादी करने के लिए आयी हूँ अब ज्यादा इंतज़ार मत करवाओ मझे" !!

" बस कुछ दिन और फिर हम दुनिया के सामने शादी करेंगे तुम प्रिया रहोगी और मै राजवीर,अब तुम आराम करो कुछ , देर मैं हम निकलते हैं घर के लिए" इतना कहकर राजवीर प्रिया के वार्ड से बाहर आता है जहाँ चोपड़ा उसका इंतज़ार कर रहा है और वो चोपड़ा से कहता है कि प्रिया के डिस्चार्ज की formality पूरी करे और उसे डिस्चार्ज करवाये पर उसके पहले वो चोपड़ा से कुछ कहना चाह रहा था और वो चोपड़ा से नीचे कार मे आने को कहता है और हॉस्पिटल की पार्किंग मे ड्राइवर को बाहर खड़ा करके दोनो कार मे बात करने लगते हैं पर राजवीर का ये व्यहवहार चोपड़ा को समझ नही आता कि राजवीर चोपड़ा से कार मे क्यों बात कर रहा है और वो भी ड्राइवर को बाहर खड़ा करके वो ये समझने की कोशिश ही कर रहा था कि राजवीर चोपड़ा से कहता है," क्या हुआ,क्या सोच रहे हो चोपड़ा,यही न कि मैंने तुम्हें यहां ऐसे बात करने के लिए क्यों बुलाया" राजवीर की बात सुनकर चोपड़ा कहता है," हाँ सर,यही सोच रहा हूँ,क्या बात हो गयी एक दम से " चोपड़ा ने दबी आवाज़ मे कहा !

" चोपड़ा प्रिया को सारी बातें याद आ गयी हैं उसके पिछले जन्म की" और ये कहते हुए राजवीर ने चोपड़ा को सारी बातें बता दी जो रूम के अंदर हुई ,ये सुनकर चोपड़ा बहुत खुश हुआ और राजवीर से कहा,"congrats सर,आपका सपना पूरा हुआ,आपको आपका प्यार वापस मिल गया" ये कहते हुए चोपड़ा ने राजवीर की तरफ हाथ बढ़ाते हए कहा पर राजवीर के चेहरे पर खुशी की बजाय गुस्से के भाव देखकर , वो चोंक गया और फिर उसने राजवीर से पूछा ," क्या हुआ सर,आप खुश नही है क्या..? यही तो आप चाहते थे कि प्रिया को उसका पिछला जन्म याद आ जाये" !

चोपड़ा की बातें सुनकर राजवीर गुस्से से चोपड़ा से कहता है कि ," चोपड़ा मुझ ये बताओ अगर शाहरुख खान को कहा जाए कि वो धोनी जैसा क्रिकेट खेल कर बताये,और धोनी को कहा जाए कि वो शाहरुख जैसी एक्टिंग करे तो क्या वो दोनों एक दूसरे का काम कर सकते हैं...?"

"सर अब ये कैसा सवाल है,अब बीच मे ये शाहरुख और धोनी कहाँ से आ गए...?" चोपड़ा राजवीर से कहता है !!

" just answer my question चोपड़ा" राजवीर दांत पिसते हुए चोपड़ा की तरफ गुस्से से देखते हुए कहता है !!

"ok sir,तो ऐसा है कि शाहरुख अपने काम मे एक्सपर्ट है ओर धोनी अपने,इन दोनों से एक दूसरे का काम करवाएंगे तो काम बिगड़ जाएगा" चोपड़ा ने राजवीर से कहा !!

"exactly जिसका काम हो उसे ही करना चाहिए,और यही गलती मुझसे हुई जो मैंने तुम्हें अपना काम छोड़कर प्रिया की जासूसी करने के लिए कह दिया था,इससे अच्छा मैं कोई , डिटेक्टिव hire कर लेता तो वो कम से कम कुछ पता लगा लेता प्रिया के बारे मे " राजवीर चोपड़ा से कहता है !!

" ऐसा क्यों कह रहे हैं सर,मैंने सब पता किया था खुद जाकर प्रिया के बारे मे और कुछ नही मिला उसके ख़िलाफ़,और फिर अभी उसे पुराना जन्म भी तो याद आ गया" चोपड़ा ने अपनी सफाई देते हुए कहा !!

तब राजवीर ने चोपड़ा से कहा," चोपड़ा मैंने ये फर्श से अर्श का सफ़र ऐसे ही तय नही किया है,ऐसे ही नही मैं राजू से राजवीर सिंघानियां बन गया हूँ, माना कि दिल से ज्यादा सोचता हूँ पर इसका मतलब ये नही है कि दिमाग़ का use करना बंद कर दिया है मैंने,अभी जो भी प्रिया ने ऊपर मुझसे बोला वो सच तो है पर पूरा सच नही है,ये रानी नही है कोई और है और जो भी है इसका पता मैं लगा के रहूंगा,ऐसे ही कोई मुह उठा के मेरे जज़्बातों के साथ खेल नही सकता है,उसने एक झूठ बोला और वो मैंने पकड़ लिया " राजवीर चोपड़ा से कहता है !!

राजवीर की बातें सुनकर चोपड़ा चोंक जाता है और उससे कहता है," ये कैसे हो सकता है सर,उसे सारी बातें कैसे याद हो सकती है अगर ये रानी नही है तो,आपको क्यों लगा कि ये रानी नही है ..? "

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तब राजवीर चोपड़ा से कहता है कि," प्रिया ने कहा कि उसकी मौत पिछले जन्म मे किले की दीवार से गिरने से हुई,पर ये सही नही है उसकी मौत का एक दूसरा कारण भी था और वो सिर्फ मुझे पता है "!!

"कोनसा कारण सर...?" चोपड़ा ने उत्सुकतावश पूछा !!

"उसकी मौत का दूसरा कारण ये था कि उसने ज़हर खाया था " राजवीर ने चोपड़ा से कहा जिसे सुनकर चोपड़ा की आँखें और कान दोनों खुले के खुले रह गए !!
 
राजवीर की बातें सुनकर चोपड़ा चोंक जाता है और वो राजवीर से पूछता है," सर,ये कैसे हो सकता है,आपने ही तो मुझे बताया था कि रानी जी की मौत ऊपर से गिरने के कारण हुई थी तो फिर अब आप कह रहे हैं कि उन्होंने ज़हर खाया था " !

तब राजवीर चोपड़ा से कहता है कि," हाँ मैंने ही कहा था कि उसकी मौत ऊपर से गिरने के कारण हुई थी,पर ये बात इस दुनिया मे सर्फ मैं और अब तुम ही जानते हो कि रानी की मौत का दूसरा कारण उसका ज़हर खाना भी था ! "

और फिर राजवीर ने चोपड़ा को बताना शुरू किया," उस दिन जब रानी किले से नीचे गिरी थी तब मैं भी वहीं था,उसकी मौत नीचे गिरने से हो गयी थी और जब पुलिस उसकी लाश का पोस्टमार्टम करने के लिए ले गयी तब मुझे वहाँ हॉस्पिटल मे एक सच्चाई पता चली जो मैंने किसी को भी नही बताई,वहाँ रानी की लाश को जोधपुर के एक बड़े हॉस्पिटल मे ले जाया गया पोस्टमार्टम के लिए,वहाँ मेरी मुलाकात मेरे एक दोस्त से हुई,जो मेरा बचपन का दोस्त था,मैं इस हालत मे नही था कि उससे ज्यादा बात कर सकूं,पर वो मुझे पहचान गया था,मैंने उसे बताया कि रानी कौन थी मेरे लिए,मेरा वो दोस्त उस हॉस्पिटल मे डॉक्टर था और वो ही रानी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाने वाला था,और उससे मैंने कहा था कि रिपोर्ट सबसे पहले मुझे पता चलनी चाहिए,शायद मुझे लग रहा था कि रिपोर्ट मे अगर कुछ ऐसा आ गया जो सिंघानियां ग्रुप के लिए अच्छा न हो इसीलिए मैंने उससे ऐसा कहा,वो मेरा दोस्त था तो उसने वैसा ही किया,जब पोस्टमार्टम हुआ तो सबसे पहले वो मेरे पास आया और मुझे बताया कि रानी की मौत गिरने से ज़रूर हुई है,पर , उसने ज़हर भी खाया था,शायद रानी ने ये इसीलिए किया था क्योंकि वो हर हाल मे मरना चाहती थी,उसे लगा था कि अगर वो ऊपर से गिरने से बच जाएगी तो उसने पहले ही ज़हर खा लिया था फिर ऊपर से गिरी थी,जब वो मुझसे आखिरी बार बात कर रही थी तब वो ज़हर खा चुकी थी,और उसके बाद वो ऊपर से कूद गई,मेरा शक सही निकला और मैंने किसी तरह इस बात को रिपोर्ट मे नही लिखने के लिए मेरे दोस्त को मना लिया,क्योंकि अगर ये बात बाहर आ जाती की रानी न खुदखुशी की है तो मेरी ओर रानी दोनो की बहुत बदनामी होती और दुनिया का भाई बहन के रिश्ते से विश्वास उठ जाता,और ये बात सिंघानियां ग्रुप के लिए भी अच्छी नही होती,रिपोर्ट बनी और उसमें ये लिखा गया कि रानी की मौत ऊपर से फिसल कर गिरने से हुई है,और ये एक एक्सीडेंट केस बन गया,क्योंकि ठीक एक साल पहले ही रानी यहीं से गिरते गिरते बची थी तो सबने इसपर विश्वास भी कर लिया,उसके बाद मैं रानी की लाश लेकर मुंबई आ गया और आगे की कहानी तुम्हें पता है"!!

चोपड़ा ने जब ये सब सुना तो उसका मुँह खुला का खुला रह गया और उसने राजवीर से ताली बजाते हुए कहा," मान गया सर,आप ऐसे ही नही राजवीर सिंघानिया बने हैं,आपने तो प्रिया का झूठ पकड़ लिया,excellent sir ,hats off to you sir," !!

"अब मेरी तारीफ करते रहोगे या कुछ काम भी करोगे" राजवीर ने कहा !

"बोलिये सर,आगे क्या करना है" चोपड़ा ने राजवीर से पूछा !

"सबसे पहले मुझे 2 दिन के अंदर एक ऐसा डिटेक्टिव चाहिए जो इस प्रिया के बारे मे सबकुछ पता लगा सके,हो न हो मुझे इन सब के पीछे सिर्फ एक ही इंसान का हाथ लग रहा है " राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

"कोनसा इंसान सर..?" चोपड़ा ने पूछा !!

" रिया " राजवीर ने कहा !

" पर सर,मैंने पता किया था,उसकी भी मौत हो गयी है" चोपड़ा ने राजवीर से कहा !!

तब राजवीर ने दाँत पिसते हुए चोपड़ा की तरफ देख कर कहा," तुमने तो प्रिया के बारे मे भी पता किया था पर आखिर मे हुआ क्या,आखिर निकली तो वो भी नकली रानी ही न,मुझे ऐसा इसीलिए लग रहा है क्योंकि जो बातें अभी , रानी ने मुझसे बोली कि उसे सब याद आ गया ये बातें मैंने रिया को बताई थी और उसे सिर्फ वही बातें याद है जो मैंने रानी के बारे मे रिया को बताई थी उसे रानी की कोई बात अलग से नही मालूम हैं इसीलिए कह रहा हूँ कि मुझे यही लग रहा है कि ये रिया की कोई चाल है,जो बोल रहा हूँ वो करो मुझे डिटेक्टिव चाहिए उसकी मुह मांगी कीमत मिलेगी उसे पर मुझे जल्दी से जल्दी रिया और प्रिया के सच का पता लगाना है,go ahead " !!

"ok sir,मैं एक डिटेक्टिव का इंतज़ाम करता हूँ,आप बेफिक्र रहिये " चोपड़ा ने राजवीर से कहा !!

" अब मैं प्रिया को डिस्चार्ज करके उसके घर ले जा रहा हूँ,और जब तक इस सच्चाई का पता नही लग जाता कि प्रिया क्यों झूठ बोल रही है तब तक मैं प्रिया को शक नही होने देना चाहता,इसीलिए मैं नॉर्मल behave करूँगा उसके साथ जैसे कि मुझे उसपे शक नही है,तुम अभी से ही डिटेक्टिव ढूंढने में लग जाओ " राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

राजवीर वहाँ से निकल जाता है और चोपड़ा अपने काम मे लग जाता है,राजवीर प्रिया को उसके फ्लैट पर छोड़ देता है और प्रिया भी ये सोचकर खुश है कि राजवीर उसके जाल मे फंस गया है !
 
अगले ही दिन चोपड़ा राजवीर से आकर कहता है कि ," सर,मैंने आपका काम कर दिया है,एक डिटेक्टिव का इंतज़ाम हुआ है,कब बुलाऊं उसे आपसे मिलने...?"

"तुम एक काम करो चोपड़ा ,मैं उससे यहाँ नही मिल सकता ऑफिस मे,और न ही घर पे मिल सकता हूँ,तुम आज ही एक होटल मे मीटिंग के लिए रूम बुक करो और मैं उस डिटेक्टिव से वहीं मिलकर उसे सारी बात समझाऊंगा,उसे कितना बताना है और क्या बताना है ये मैं बात करूंगा उससे," राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

राजवीर की बात सुनकर चोपड़ा वहाँ से निकल जाता है और मीटिंग्स की तैयारी मे लग जाता है,उधर प्रिया आज ऑफिस नही आई है क्योंकि उसे राजवीर ने आराम करने के लिए छुट्टी दी है और वो अपने फ्लैट पर निश्चिंत होकर ये सोच रही है कि उसने राजवीर को आखिर पा ही लिया ! वो फिर से अपने आईने के सामने खड़ी होकर खुद से बातें करने लगती है और कहती है ," वाह प्रिया वाह,मान गए तेरी प्लानिंग को,इतने बड़े बिजनेसमैन को तूने बड़ी ही आसानी से बेवकूफ बना दिया,क्या नाटक किया है तूने छत पे से गिरने का और फिर बेहोश होने का,ये ज़रूरी था नही तो राजवीर को रानी पे यकीन नही होता,प्रिया भी मैं,रानी भी मैं,और रिया , भी मैं,अब तू ये सोच रही होगी कि ये सब हुआ कैसे,एक ही लड़की 3 लड़की की ज़िंदगी कैसे जी सकती है...?" ये बोलते बोलते फिर से रानी के चेहरे पर अजीब सी क़ातिल मुस्कुराहट आ जाती है और फिर वो सोचती है कि उसने ये सब कैसे किया !!

बात 1996 की है जब मैं रिया शर्मा रानी की मौत के बाद उसके घर गयी थी और राजू ने मुझे सारा किस्सा सुनाया था कि रानी की मौत कैसे हुई,मुझे उससे सहानुभति हुई कि अब राजू का क्या होगा क्योंकि रिया तो गयी पर जब मैंने राजू की बात सुनी तो उसने कहा कि रानी ने मरते वक्त कहा था कि वो ज़रूर आएगी,ये बात मुझे उस वक़्त बड़ी अजीब लगी थी,और मैंने राजू को समझाया भी था कि मर के कोई वापस नही आता पर उसे अपने प्यार पर भरोसा था कि रानी ज़रूर आएगी,मैंने राजू को कहा भी था कि अब वो मुझे अपना ले पर वो नही माना ! उसके बाद मैं राजू से नही मिली थी पर प्यार मैं उसी से करती थी,उसके बाद मैंने कॉलेज मे टॉप किया था तो मुझे स्कालरशिप मिल गयी और मैं US चली गयी 3 साल के लिए पड़ने के लिए,US से जब अपनी पढ़ाई पूरी करके वापस इंडिया आयी तो मैंने देखा कि राजू अब राजवीर सिंघानिया बन गया है और उसने उसके बिज़नेस को आसमान की बुलंदियों पर पहुँचा दिया है,तब भी मैंने राजवीर से मिलने की बहुत कोशिश की पर वो न कभी मुझसे मिला ! , उसके बाद मैंने सोचा कि इस जन्म मे तो राजवीर मेरा नही हो सकता,पर इंडिया मे रहकर मुझे उसकी याद सताने लगी,मैंने US मैं जॉब के लिए अप्लाई किया और मुझे वहाँ जॉब मिल गयी !

US मे जॉब लगने के बाद मेरी ज़िंदगी अच्छी कटने लगी,मैं राजवीर को यहाँ भी भूल नही पा रही थी,मेरे माँ बाप भी हमेशा मुझे बोलते थे कि शादी करले पर मेरे मन पे तो राजवीर ने काबू कर रखा था,एक दिन मैं अपने ऑफिस मैं नही थी तो सुबह सुबह मेरे ऑफिस से मुझे कॉल आया कि मेरे मम्मी पापा मेरे ऑफिस मे मेरा wait कर रहे थे और उन्होंने मुझे सरप्राइज देने के लिए मुझे बताया भी नही की वो न्यूयॉर्क आ रहे हैं,वो रात भर फ्लाइट का सफ़र करके सुबह जल्दी न्यूयॉर्क पहुँच गए थे और मुझे सरप्राइज देने के लिए वो सीधे मेरे ऑफिस पहुँच गए थे और मेरा wait कर रहे थे,उस टाइम मैं बहुत खुश हुई क्योंकि मैं बहुत याद कर रही थी अपने मम्मी पापा को,मैं जल्दी से तैयार होकर ऑफिस के लिए निकल पड़ी और वो दिन कोई ऐसा वैसा दिन नही था,ये वो दिन था जो मेरे ही नही पूरी दुनिया और अमेरिका के लिए मनहूस दिन था वो दिन था 11 सितम्बर 2001 का दिन,और मेरा ऑफिस भी उसी WTC (world trade centre) मे था जहाँ वो भयानक आतंकवादी हमला हुआ था,मेरा ऑफिस उस बिल्डिंग के 25वी मंजिल पे था और उस वक़्त ऑफिस , मे मेरे माँ बाप थे ,एक प्लेन आकर बिल्डिंग से टकराया और पूरी बिल्डिंग धीरे धीरे करके गिरने लगी और जब मैं वहाँ पहुँची तो पूरी बिल्डिंग मेरे आँखों के सामने भरभराकर कर गिर गयी और मैंने अपने माँ बाप की मौत अपनी आँखों के सामने होते हुए देखी,उनकी तो लाश भी नही मिली क्योंकि इतना मलबा था कि कितनी ही लाशें उसमे दफन हो गयी थी,जैसे ही मैंने ये सब देखा मेरी चीख निकल गयी और मैं सदमे मे चली गयी थी और वहीं बेहोश होकर गिर पड़ी!!

कुछ लोगों ने मुझे हॉस्पिटल पहुँचाया जहाँ मेरा इलाज चला और मैं कोमा मे चली गयी जहाँ मुझे पूरे 2 साल बाद होश आया और जब होश आया तो मैं अपनी पिछली ज़िन्दगी भूल चुकी थी,डॉक्टर्स का कहना था कि सदमे की वजह से मैं अपनी पिछली जिंदगी भूल चुकी हुँ और ये कुछ पक्का नही है कि मुझे अपनी पुरानी ज़िन्दगी याद आएगी भी या नही,हो सकता है कि मुझे 1 साल बाद याद आये,या फिर 10 साल बाद या फिर याद आये ही नहीं,मैं अपनी पुरानी सारी यादें भूल चुकी थी ! मुझे अपना नाम तक याद नही था तब हॉस्पिटल के स्टाफ ने पुलिस की मदद से ये पता लगाना चाहा कि मेरी आइडेंटिटी क्या है,और पुलिस ने ये पता लगाया कि मेरा नाम रिया शर्मा है और मैं इंडियन हुँ,पर मुझे कुछ याद नही आ रहा था !!

, एक दिन मेरी मुलाकात एक बड़े बिजनेसमैन से होती है जो कहता है कि उसने मुझे मेरी बीमारी के दौरान देखा था उसका नाम था राहुल शर्मा और उसने 2 साल तक मेरा पूरा खर्चा उठाया था,सारे हॉस्पिटल के खर्चे वही कर रहा था और उसने मुझसे कहा था कि वो मुझसे प्यार करता है और शादी करना चाहता है,क्योंकि हॉस्पिटल मे उसने जब देखा कि मैं बीमार हूँ तो उसने रात दिन एक करके पूरे मन से मेहनत की मुझे होश मे लाने के लिए,क्योंकि वो मुझे कॉलेज के टाइम से जानता था और तभी से मुझसे प्यार करता था,एक दिन जब उसने मुझे हॉस्पिटल में देखा तब उसे डॉक्टर्स ने सब बता दिया और उसने मुझे होश मे लाने की ज़िद कर दी,ये उसकी मेहनत थी या मेरी किस्मत मुझे नही पता पर मुझे होश आया गया 2 साल बाद और मैं उसके इस अहसान तले दब गयी थी और उसने और मैंने एक नई जिंदगी शुरू करने का फैसला कर लिया !!

राहुल और मैंने 2003 मे शादी कर ली और मैं रिया से प्रिया शर्मा बन गयी क्योंकि मुझे अपनी पुरानी ज़िन्दगी याद नही थी तो राहुल ने मेरा नाम भी बदल दिया था,अब मैं अमेरिका के वाशिंगटन सिटी मे रहने लगी थी!!
 
मेरा नाम बदलने के पीछे कारण ये था कि शायद राहुल चाहता था की मेरी पिछली ज़िंदगी की कोई याद अब आने वाली जिंदगी पर नही पड़े इसीलिए उसने ऐसा सोचकर ही मेरा नाम बदल दिया था,और मैं भी अपनी नई जिंदगी मैं busy हो गयी थी,शादी के 2 साल बाद राहुल और हमारा एक बच्चा हुआ था अमेरिका मे ही,पर वो abnormal निकला वो special चाइल्ड था,जब ये सच्चाई मुझे और राहुल को पता चली तो हमारी तो जैसे दुनिया ही लूट गयी थी,हमारा बच्चा शरीर से ज़रूर बड़ा हो रहा था पर उसका दिमाग नही बढ़ रहा था,उसका नाम हमने अंश रखा था ! समय निकलता गया पर फिर भी मुझे अपनी पिछली जिंदगी ज़रा भी याद नही थी,बस कभी कभी कुछ चेहरों को देखकर ऐसा लगता था कि इन्हें पहले कहीं देखा है,डॉक्टर्स का कहना था कि शायद कभी कोई ऐसा चेहरा आये मेरी पिछली ज़िन्दगी से जो मेरे बहुत क़रीब रहा हो तो शायद उसे देखकर मुझे कुछ याद आ जाये,पर उसके chances बहुत कम थे,पर ये नामुमकिन भी नही था !!

अंश के इलाज के लिए राहुल ने पैसा पानी की तरह बहाया,पर डॉक्टर्स का कहना था की इसका कोई इलाज नही है,समय बीतता गया और राहुल भी कब तक हिम्मत कर पाता,हमारा बिज़नेस भी दम तोड़ने लग गया था,राहुल का ध्यान पूरी तरह अंश पर था तो वो बिज़नेस पे ज़्यादा ध्यान नही दे पाया था,हमारे ऊपर बहुत कर्ज़ हो गया था एक तो बिज़नेस अच्छा नही चल रहा था और दूसरा अंश के इलाज का खर्च,हम हर तरफ से फंस चुके थे,अब अमेरिका मे रहना और वहाँ का खर्च हमसे बर्दाश्त नही हो रहा था,फिर राहुल और मैंने फैसला किया कि हम यहाँ का सारा बिज़नेस बन्द करके इंडिया चलते हैं वहाँ कुछ और कर लेंगे,राहुल ने मेरी बात मान ली और हम इंडिया आ गए !
 
साल 2015,ये वही साल था जब हम वापस अपने देश आ गए थे,मैं दोबारा 18 सालों के बाद अपने देश आयी थी,हालांकि मुझे अपनी पिछली ज़िन्दगी याद नही थी पर पता नही क्यों मुझे इंडिया मे कुछ अपनापन लग रहा था,हमने राजस्थान के जयपुर में रहने का फैसला किया और वहीं कुछ नया शुरू करने का सोचा,पर राहुल की हिम्मत जवाब दे गई थी वो बहुत उदास रहने लगा था,अंश के इलाज मे बहुत खर्च हो रहा था,डॉक्टर्स ने कहा था कि उसे मुंबई ले जाएं वहाँ स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स हैं,अंश 10 साल का हो गया था पर उसका दिमाग अभी भी 3 साल के बच्चे जैसा था !!

हम अंश के इलाज के लिए कुछ दिन के लिए मुंबई आये थे और तभी मैन वहाँ एक बड़े से होर्डिंग्स पर राजवीर सिंघानियां की तस्वीर देखी,उसे देखकर न जाने ऐसा क्यों लग रहा था कि मैं इसे जानती हुँ और इससे कोई रिश्ता है मेरा,मुझे एक दम से मेरे दिमाग ने सिग्नल दिया कि कुछ तो है जो मुझे याद नही आ रहा है !! हम अंश को लेकर हॉस्पिटल आ गए और वहाँ डॉक्टर्स ने कहा कि जब अमेरिका के डॉक्टर्स ने जवाब दे दिया है तो हम इस केस मे कुछ नही कर सकते और अगर आपको इसका इलाज करवाना ही है तो कोई प्रॉब्लम नही है,आप कोशिश कर सकते हैं पर उसके ठीक होने के चान्सेस 1% रहेंगे और हम इस बात की कोई ग्यारंटी नही दे सकते क्योंकि इसमें उसके , दिमाग की सर्जरी करनी पड़ेगी,और इसमें जितना ख़र्चा डॉक्टर्स ने बताया था वो हम इस वक़्त अफ़्फोर्ड नही कर सकते थे !!

हम मुंबई से निराश लौटकर वापस जयपुर आ गए थे,राहुल की हिम्मत जवाब दे गई थी क्योंकि अब वो अपना आत्मविश्वास खो चुका था और उसने एक दिन रात को मुझे कहा था कि मुझे माफ़ कर दो मैं तुम दोनों का ख्याल नही रख पाया,उसकी बातें सुनकर मुझे अजीब लगा और मैंने उससे कहा कि घबराओ मत सब ठीक हो जायेगा,हम सुबह बात करेंगे अभी तुम सो जाओ,मुझे उस वक़्त नही पता था कि राहुल के वो शब्द उसके आखिरी शब्द होंगे,अगले दिन राहुल ने खुदखुशी कर ली थी और वो हमें हमेशा के लिए छोड़कर चला गया था ! वो मुझे और अंश को बेसहारा छोड़कर जा चुका था ! राहुल की मौत ने मुझे बिल्कुल तोड़ कर रख दिया था ,अब मेरे ऊपर अंश की ज़िम्मेदारी थी जो मुझे पूरी ज़िंदगी अकेले संभालनी थी,पर मैंने उस वक़्त सोचा कि अगर मैंने इस वक़्त हिम्मत हारी तो मेरे बच्चे का क्या होगा यही सोचकर मैं अंश की परवरिश मे लग गयी और एक छोटा सी गिफ्ट शॉप खोल ली अपने घर पर ही ताकि मैं अंश की देखभाल भी कर सकूँ और कुछ कमाई भी हो जाये,और हमारे साथ राहुल की माँ भी आकर रहने लगी जो गांव मे अकेले रहती थी वो अंश का ख्याल अच्छे से रखती थी !!

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जीवन धीरे धीरे पटरी पे आ ही रहा था कि एक दिन मेरी पुरानी ज़िन्दगी ने मेरी नई जिंदगी मे इस तरह से दस्तक दी कि मेरी नई जिंदगी और पुरानी ज़िन्दगी दोनों एक साथ मिल गयी थी ! एक दिन मेरी शॉप पे वो आयी जिसका मुझे कोई अंदाज़ा नही था,मेरी शॉप पे हु ब हु रानी सिंघानियां की शक्ल की लड़की खड़ी थी जिसे देखकर पता नही मेरे दिमाग मे क्या हुआ मुझे सबकुछ याद आने लगा और मुझे चक्कर आने लगे और जब वो मेरे करीब आयी और मुझसे कहा कि क्या आप कोई अच्छा सा गिफ्ट दिखाएंगी मुझे तो मैं एक दम से बेहोश हो गयी,उस 15 मिनट की बेहोशी ने मुझे अपना पिछला पूरा जीवन 2001 के पहले वाला और 2001 के बाद वाला सब याद दिला दिया था,डॉक्टर्स की बात याद आने लगी कि अगर मेरे सामने मेरी पिछली ज़िन्दगी से जुड़ा कोई इंसान सामने आ गया तो शायद मेरी याददाश्त फिर से आ सकती है,ये मेरे लिए चमत्कार से कम नही था !

जब मुझे होश आया तो मैं जयपुर के हॉस्पिटल मे थी और मुझे अपनी पुरानी सारी बातें याद आ गयी थी,और मैंने जब होश मे आने के बाद पूछा कि मुझे यहाँ कौन लाया तो पता चला कि उसी लड़की ने मुझे हॉस्पिटल मे एडमिट करवाया जो रानी जैसे दिखती थी और जब उसके बारे मे मैंने पता करवाया तो पता चला कि इत्तेफ़ाक़ से उसका नाम भी प्रिया , शर्मा है वो अभी 18 साल की है और यहीं जयपुर मे रहती है पिछले कुछ सालों से,घर पे कोई नही था उसके क्योंकि उसके माता पिता कुछ समय पहले ही दुनिया छोड़ चुके थे और वो छोटी मोटी नौकरी करके अपना पेट पाल रही थी !
 
उसके बाद मैं हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर घर आई और उस पूरी रात मैंने अपनी पुरानी ज़िन्दगी (2001 के पहले वाली) के बारे मे सोचा और मुझे सब याद आ गया कि रानी कौन थी,राजू कौन और मैं राजू से अब भी प्यार करती थी,मैंने उसी वक़्त इंटरनेट के द्वारा राजू सिंघानियां के बारे मे पता किया तो पता चला कि राजू अब राजवीर सिंघानियां बन चुका है,और अब वो एक बहुत बड़ा नाम हो चुका था,और फिर मुझे राजू की और मेरी आखिरी मुलाक़ात याद आने लगी जिसमे उसने कहा था कि वो रानी का इंतज़ार करेगा और रानी ज़रूर आएगी ! तब मुझे ये लगा कि अगर मैं गलत नही हूँ तो ये जो दूसरी लड़की जिसका नाम प्रिया शर्मा है वो ही रानी का दूसरा जन्म है,मतलब राजू का प्यार जीत गया,रानी वापस आ गयी,तभी मैंने प्रिया के बारे मे पता करना शुरू किया और अगले दिन उसका धन्यवाद देने के लिए उसके घर चली गयी जिसका पता मुझे हॉस्पिटल से मिल गया था !

प्रिया के घर पहुँचने के बाद मैं उससे मिली और उसका , शुक्रिया किया हॉस्पिटल के लिए और फिर उसने मुझसे उसे देखकर बेहोश होने का कारण पूछा तो मैंने उस वक़्त टाल दिया और उसके बारे मे पता करने की कोशिश की,जितना पता लगा उतना तो मुझे पहले से ही पता था पर मुझे उसके बारे मे और ज्यादा जानना था क्योंकि एक खतरनाक प्लान मेरे मतलब रिया के दिमाग मे जन्म ले चुका था,मैंने रानी की शक्ल वाली प्रिया के बारे मे जानकारी निकालना शुरू किया और उससे दोस्ती कर ली हालांकि वो मुझसे उम्र मे छोटी थी मैं 35 की हो गयी थी और वो 18 की,वो मुझसे आधी उम्र की थी,पर हमारी दोस्ती हो गयी थी और वो मुझे दीदी कहकर बुलाती थी,और मुझसे कहती थी कि मैं 35 की लगती नही हूँ और अभी भी 21 की ही लगती हूँ तब मैंने उससे कहा था कि मैं नियमित योगा और एक्सरसाइज करती हूँ जिससे मेरी उम्र कम लगती है !! मेरी और प्रिया की अच्छी दोस्ती हो गयी थी और बातों बातों मे मुझे पता लगा कि उसका जन्मदिन 10 जनवरी 1997 को आता है ये सुनकर मैं चोंक गई,और मुझे यकीन हो गया कि ये रानी का ही दूसरा जन्म है,पर इस बार मैं रानी को जीतने नही देना चाहती थी और खुद रानी बनकर राजवीर के पास जाना चाहती थी,क्योंकि अब मेरे पास कोई दूसरा रास्ता नही था क्योंकि मुझे अपने बच्चे को बचाना था और उसके लिए मेरे पास पैसे नही थे !!

, प्रिया से दोस्ती मेरे प्लान का ही हिस्सा थी,और मैंने सब सोच लिया था,मेरे पास पैसे की कमी ज़रूर थी पर इतनी भी नही,मेरी गिफ्ट शॉप भी चल निकली थी तो अब पैसे आने लगे थे पर मेरे पास जो प्लान था उससे मैं राजवीर को भी हमेशा के लिए पा लेती और मेरे बच्चे का भविष्य हमेशा के लिए सुधर जाता,क्योंकि उसके इलाज मे लाखों का खर्चा था! मुझे एक बार अमेरिका जाना था क्योंकि मेरे प्लान के लिए ये ज़रूरी था,मैं वहाँ गयी अपने बेटे को उसकी दादी के पास छोड़कर और मैं वहाँ एक स्किन स्पेसिलिस्ट और प्लास्टिक सर्जरी एक्सपर्ट से मिली और मैंने उन्हें कहा कि मुझे अपने चेहरे की सर्जरी करानी है और रानी की फ़ोटो दिखा के कहा कि मुझे हु ब हु यही चेहरा चाहिए,डॉक्टर्स ने कहा कि ये तो जाएगा पर खर्च बहुत आएगा इन सब मे,मैं मान गयी और वो भी मेरी प्लास्टिक सर्जरी करके मेरा चेहरा बदलने के लिए रेडी हो गए,पर मैं ये चाहती थी कि ये आपरेशन इंडिया मे हो !!

अब आया साल 2016,जनवरी ,अब मुझे अपने प्लान को अंजाम देना था,मैंने अपनी शॉप अपनी सास के हवाले कर दी और अंश को भी वहीं छोड़ दिया और बोल दिया कि 1 महीने के लिए मुझे दिल्ली जाना होगा,क्योंकि वहाँ मेरी कुछ ट्रेनिंग है जो आगे हमारे बिज़नेस मे काम आ सकती है,राहुल की माँ कम पढ़ी लिखी थी तो उन्होंने ज्यादा पूछताछ नही , की,मैं इन एक महीने मे अपनी प्लास्टिक सर्जरी करवाने वाली थी,मैंने अपनी प्लास्टिक सर्जरी करवाई और मेरा चेहरा अब रानी का चेहरा बन चुका था,अब इस दुनिया मे 2 प्रिया शर्मा थी वो भी एक ही सूरत की तो अब ये ज़रूरी था कि एक प्रिया को मारना था,तो मैंने जो रिया शर्मा थी (35 साल) उसने असली प्रिया शर्मा (18 साल) को इस दुनिया से विदा करने का मन बना लिया था !!

सर्जरी के बाद मैं हु ब हु रानी सिंघानिया जैसी लगने लगी थी और 15 दिन के बाद मैंने अपनी सास से फ़ोन पर बात की मुझे यहाँ 15 दिन और लगेंगे और उसके बाद मैं आ जाउंगी आप अंश और अपना ख्याल रखना,उसके बाद मैंने प्रिया शर्मा को फ़ोन करके कहा कि वो दिल्ली आ जाये क्योंकि यहाँ मैंने उसके लिए एक जॉब देखी है अगर उसे जम जाए तो बात करने आ जाना अपने सारे डाक्यूमेंट्स लेकर और फिर यहां कुछ दिन रहने के बाद साथ ही चलेंगे जयपुर ! वो मान गयी और दिल्ली आने के लिए तैयार हो गयी !!
 
प्रिया मेरी बात सुनकर दिल्ली आने को तैयार हो गयी और दिल्ली के लिए निकल गयी,रास्ते मे मैंने प्रिया को फ़ोन करके बोला कि मैं उसको मैसेज करके होटल का address दे रही हुँ वहाँ जाकर फ्रेश हो जाये और अपना सारा सामान वहीं रख दे और सिर्फ अपने डाक्यूमेंट्स लेकर तैयार रखे मैं फ़ोन करके बता दूंगी कहाँ आना है! अभी मैं ट्रेनिंग मे हूँ ,तुम यहीं आ जाना हम यही से साथ चलेंगे तुम्हारी जॉब की बात करने ! प्रिया मेरी बात सुनकर मान गयी और उसने वैसा ही किया ! मैं अब प्रिया के सामने नही आ सकती थी क्योंकि मैंने अपनी शक्ल बदल ली थी ! बस मुझे उसके सारे डाक्यूमेंट्स चाहिए थे नाम मुझे बदलने की ज़रूरत थी नही क्योंकि मैं भी प्रिया शर्मा ही थी,चेहरा भी मेरे पास प्रिया का था ही ! अब प्रिया को मारना मेरे लिए ज़रूरी हो गया था ! मैंने पूरी प्लानिंग कर ली थी उसे कब,कहाँ और कैसे मारना है,वो जनवरी 2016 का महीना था और जनवरी के महीने मे दिल्ली मे सिक्योरिटी बहुत टाइट हो जाती है तो मेरे लिए प्रिया को दिल्ली मे मारना सेफ नही था,इसीलिए मैंने उसे दिल्ली से दूर मारने का सोचा,जहाँ उसकी लाश को आसानी से ठिकाने लगाया जा सके और वो जगह थी शिमला !

अब टाइम था मेरे प्लान को execute करने का,दिल्ली पहुँचने के बाद प्रिया ने वैसा ही किया जैसा मैंने उसे समझाया था,वो होटल पहुँची और फ्रेश हो कर अपना सारा सामान वहाँ होटल मे छोड़कर सिर्फ अपने डाक्यूमेंट्स लेकर मेरे फ़ोन का wait करने लगी,2 घण्टे बाद प्रिया को मेरे नंबर , से कॉल जाता है ," हेलो,प्रिया....ह ह ह हेलो" मैंने घबराई हुई आवाज़ मे फ़ोन किया प्रिया को !

प्रिया मेरी आवाज सुनकर घबरा गयी और मुझसे बोलने लगी ," दीदी,क्या हुआ आपको दीदी...आप ऐसे घबराई हुई क्यों हो...?"

"प्रिया,मुझे बचा लो ये लोग मुझे मार देंगे,प्रिया" मैंने उससे कहा !

"कौन लोग दीदी,आप कहाँ हो" प्रिया ने पूछा पर उससे पहले ही फ़ोन कट जाता है!!

"हेलो,हेलो,हेलो...." प्रिया बार बार पूछती है पर कोई आवाज़ नही आती !!

2 मिनट के बाद मेरे ही no से फिर से प्रिया को कॉल जाता है और इस बार किसी आदमी की आवाज़ आती है ," अब जो बोल रहा हूँ वो ध्यान से सुनो,और चालाकी करने की कोशिश मत करना,तुम्हारी दीदी प्रिया हमारे क़ब्ज़े मे है,ज्यादा होशियारी की तो यहीं इसका गला काट दूंगा " !

ये सुनकर प्रिया डर गई और वो समझ गयी कि मेरा किडनैप , हो गया है और फिर उसने घबरा कर किडनैपर से पूछा," नही,नही प्लीज उनको कुछ मत करना,तुम चाहते क्या हो ये बताओ" !

तब किडनैपर ने बताया ," मुझे सिर्फ तुम्हारा चेहरा चाहिए,मैं तुम्हारी दीदी को इसी शर्त पे छोडूंगा की तुम्हें उसे बचाने के लिए यहाँ आना पड़ेगा मेरे पास,न मुझे इसके लिए कोई पैसे चाहिए और न ही कुछ और,इसे छोड़ने की कीमत सिर्फ इतनी है कि तुम्हें मेरे बताये पते पर आना पड़ेगा,मुझे सिर्फ तुम्हारा चेहरा चाहिए,5 मिनट मे कॉल करके बताता हूँ तुम्हें कब और कहाँ आना है,और हाँ याद रहे इस बात की खबर अगर तुमने पुलिस को दी तो यहाँ तुम्हारी दीदी मरेगी,वहाँ दिल्ली मे तुम,और जयपुर मे तुम्हारी दीदी का बच्चा और और उसकी माँ,तीनो मेरे निशाने पर हो,कोई भी चालाकी करने की कोशिश मत करना " !

इतना कहकर फ़ोन कट जाता है,और ये सुनकर प्रिया के होश उड़ जाते हैं और वो पसीने पसीने हो जाती है,उसे समझ नही आता कि वो क्या करे,तभी उसके पास दोबारा मेरे के no से कॉल आता है और किडनैपर उससे कहता है कि ," हेलो,तुम एक काम करो,अभी दिल्ली से निकलो और शिमला की बस मे बैठो और तुरंत शिमला के लिए निकलो,जब शिमला पहुँच जाओगी तब तुम्हें बता दिया जाएगा कि आगे तुम्हें क्या , करना है और कहाँ आना है "!

ये सुनकर प्रिया बहुत घबरा जाती है और किडनैपर की बात मान जाती है और शिमला के लिए निकल जाती है,शिमला पहुँचकर मेरे no से फिर किडनैपर का फ़ोन जाता है और किडनैपर प्रिया से कहता है," पहुँच गयी शिमला,अब एक काम करो,यहाँ से एक गाड़ी hire करो और सनसेट पॉइंट पर आ जाओ और अपना फ़ोन चालू रखो" प्रिया ने किडनैपर की बात मानकर ऐसा ही किया और फिर सनसेट पॉइंट पर आने के बाद किडनैपर ने प्रिया से कहा," तुम्हें जो सनसेट पॉइंट है वहाँ पर अपना ये मोबाइल छोड़ना होगा,वहाँ एक हरे colour का dustbin है उसके अंदर अपना मोबाइल फेक देना और वहाँ से नीचे पहाड़ों की तरफ निकल आना,तुम्हारी दीदी तुम्हें वहीँ मिलेगी !" प्रिया बहुत ही डरी हुई थी उसने तो किसी को भी इस बात की खबर नही दी कि मेरा किडनैप हुआ है ,उसको क्या पता था कि ये सब मेरी चाल है उसको फसाने के लिए ,उसने वही किया जैसा मैंने उसे बताया था !! जब प्रिया सनसेट पॉइंट पहुँची तब तक रात हो चुकी थी,बहुत कम लोग थे वहाँ,जब वो नीचे पहाड़ पर पहुँची तो हर तरफ सिर्फ बर्फ ही बर्फ थी और बर्फबारी भी शुरू हो गयी थी !!

अब प्रिया वहाँ जाकर प्रिया को ढूंढने लगी मतलब मुझे ढूंढने लगी और तभी मैं उसके सामने आ गयी और जैसे ही उसने , मुझे देखा तो उसकी आँखें फटी और मुँह खुला का खुला रह गया ,उसे समझ नही आ रहा था कि मैं कौन हूँ हु ब हु अपनी शक्ल की लड़की अपने सामने खड़ी देखी और वो सिर्फ देखती ही रह गयी और उसने मुझसे पूछा ," कौन हो तुम,वो भी बिल्कुल मेरी शक्ल की,और मेरी दीदी कहाँ है?"

"अरे,मैं हूँ प्रिया ,पहचाना नही मुझे,मैं हूँ तुम्हारी दीदी प्रिया शर्मा,पहचान नही पाई न,अरे जब तुम खुद पहचान नहीं पा रही हो तो फिर दुनिया को कोई इंसान मुझे नही पहचान सकता " ये सुनकर प्रिया ने मुझसे कहा," दीदी आप मेरी सूरत की कैसे हो सकती हो,और आपने ये सब क्यों,और कैसे किया "?

प्रिया की बात सुनने के बाद मैंने प्रिया से कहा,"चलो अब तुम्हें भी सारी कहानी बता ही देती हूँ "और फिर मैंने प्रिया को सारी कहानी बता दी 1995 से जब से कहानी शुरू हुई है,तब से लेकर आज तक जो भी हुआ है वो सब मैंने प्रिया को बता दिया और मैंने उसका चेहरा क्यों अपनाया ये भी उसे बता दिया,मेरा प्लान सुनने के बाद कि मैं राजवीर सिंघानियां से क्यों रानी बनकर मिलना चाहती हूँ प्रिया ये जानकर भौचक्की रह गयी,उसे यकीन नही हुआ कि मैं इतनी बड़ी प्लानिंग कर सकती हूँ !

, प्रिया ने मेरी सारी बात सुनने के बाद मुझसे कहा," तो आपने ये सारी प्लानिंग की थी,आपको लगता है कि मैं रानी सिंघानिया हूँ,पर मुझे नही लगता दीदी,मैं रानी का दूसरा जन्म नही हूँ,ऐसा कुछ नही होता दीदी" !

"अगर ऐसा नही होता तो फिर तुम्हारा जन्म उसी दिन क्यों होता है जिस दिन रानी की मौत हुई थी,मैं भी पहले इन सब को नही मानती थी पर तुम्हें देखकर ही मेरी याददाश्त वापस आयी है तो तुम ही रानी हो" मैंने प्रिया से कहा !!

ये सब सुनकर प्रिया ने मुझसे कहा," वो किडनैपर कौन था जिसने मुझे यहाँ बुलाया...?"

"वो मैं थी प्रिया" मैंने कहा !

"पर वो तो किसी आदमी की आवाज़ लग रही थी," प्रिया ने मुझसे पूछा !!

मैं उसकी बातें सुनकर ज़ोर ज़ोर से हँसने लगी और प्रिया से कहा," प्रिया,प्रिया,प्रिया,मैंने तुम्हें अपनी पूरी कहानी सुना दी और मैंने ये भी बताया था कि मैं स्कूल और कॉलेज मे टॉपर थी तो दिमाग का इस्तेमाल तो मे दिल से भी ज्यादा करती हुँ,मैंने ही तुम्हें voice changer application की मदद से , आवाज़ बदल के कॉल किया था ताकि तुम्हें लगे कि मेरा kidnapp हुआ था,और मेरी किस्मत अच्छी थी कि तुमने पुलिस को खबर नही की क्योंकि मैं जानती थी कि तुम बहुत डरपोक हो पुलिस को कभी ख़बर नही करोगी और तुमने वैसा ही किया,अब जब तुम सबकुछ जान चुकी हो तो अब तुम्हारा ज़िंदा रहना मेरे लिए खतरा बन जायेगा इसीलिए तुम्हें अब मरना पड़ेगा,तुम्हारा ज़िंदा रहना मेरे लिए खतरा बन जायेगा "!

प्रिया ने जब ये सुना तो उसे मुझसे डर लगने लगा और वो मुझसे कहने लगी ," दीदी प्लीज,आप मुझे छोड़ दीजिए,मैं आपका ये प्लान कभी किसीको नही बताऊंगी,आपको राजवीर चाहिए आप ले लेना पर प्लीज मुझे छोड़ दीजिए,मैं आपसे विनती करती हुँ "!

"नही प्रिया मैंने तुम्हें मारने के लिए ही तो स्पेशल यहाँ बुलवाया है,तुम्हारा मोबाइल जो तुमने dustbin मे छोड़ा था वो अब मेरे पास है अब प्रिया शर्मा मैं हूँ,वैसे भी मैं पहले से ही प्रिया शर्मा थी पर अब मैं तुम्हारी आइडेंटिटी जिऊंगी,यहीं शिमला मे तुम्हें मारकर इन्ही बर्फ मे तुम्हारी लाश गाड़ दूंगी,अभी बर्फबारी मे किसी को पता नही चलेगा कि तुम्हारी मौत हो गयी,और तुम्हारी लाश यहीं बर्फ मे दफन हो जाएगी" ये कहते हुए मैंने तुम्हें चाकू से गोदकर मार दिया,, 2-3 वार पेट पर किये और तुम वहीं गिरकर मर गयी ! पर पता नही क्यों वो मरते वक्त मुस्कुरा रही थी और कह रही थी तुम बच नही पाओगी !!

पर तुम्हारी लाश नही गाड़ पाई मैं,तुम गिरकर खाई मे चली गयी थी क्योंकि उस दिन बहुत बारिश भी हो रही थी और मौसम खराब था तो तुम्हारी लाश फिसल कर खाई मैं गिर गयी पर इतनी बर्फ मे तुम्हारी लाश मिलना नामुमकिन था,तभी तुम्हारे no पर मेरी सास का कॉल आया और उन्होंने मझसे कहा,"प्रिया बेटा,क्या हुआ प्रिया का कुछ पता चला,किडनैपर मिला ..?" ये सुनकर मेरे होश उड़ गए थे कि प्रिया ने मेरे किडनैप की ख़बर मेरे घर पर पहुँचा दी थी !!
 
मेरी सास ने मुझसे फ़ोन पर कहा," बेटा प्रिया,मुझे बहुत , घबराहट हो रही है,प्रिया का कुछ पता चला,बेटा पुलिस को मैंने खबर कर दी है,बहुत जल्दी प्रिया का पता चल जाएगा " इतना सुनते ही मझे ये समझते देर न लगी कि मरने से पहले प्रिया ने मेरे किडनैप की बात मेरी सास को बता दी थी और अब मेरे लिए परेशानी न खड़ी हो जाये इसीलिए मुझे तुरंत वहाँ से निकलना था,मैंने अपना मोबाइल वहीं खाई मे फेंक दिया जहाँ प्रिया की लाश गिर गयी थी,बर्फ का बहुत बड़ा तूफान आया हुआ था वहाँ,बर्फ की इतनी मोटी परत जम रही थी कि लाश का पता लगना नामुमकिन था,वहीं मैंने अपना मोबाइल फेंक दिया और प्रिया का मोबाइल लेकर वहाँ से निकल गयी ! मेरा प्लान कामयाब हो गया था अब मैं रिया शर्मा नही थी,मैं प्रिया शर्मा बन चुकी थी जिसकी उम्र कागजों मे 19 साल थी पर असली में मैं 36 की हो गयी थी !! मुझे देखकर कोई अंदाज़ा नही लगा सकता था कि मेरी उम्र ज्यादा है !!

मैं वहाँ से तुरंत निकली और जैसे ही वहाँ से निकली,वैसे ही पुलिस वहाँ पर आ गयी और मुझसे पूछताछ करने लगी,पुलिस को मैंने कहानी बताई की मैं अपनी दीदी की तलाश मे यहाँ आयी थी ,किडनैपर ने मुझे फ़ोन करके यहाँ बुलाया था,पर न ही मेरी दीदी मिली और न ही वो किडनैपर आया,मैंने पूरी तरह से पुलिस को गुमराह कर दिया था,उन्हें न ही प्रिया की लाश मिली और न ही कोई किडनैपर ! कुछ , formalities के बाद उन्होंने मुझे जाने दिया !!

अगले दिन मैं जयपुर आ गयी,और अपने ही घर गयी दूसरी प्रिया बनकर,मेरी सास ने भी मुझे नही पहचाना और मैंने उन्हें फिर एक कहानी सुना दी कि प्रिया दीदी का अभी तक कुछ पता नही चला है,पुलिस उनका पता लगा रही है,पर जब तक प्रिया दीदी का पता नही लगता मैं आपका और अंश का ख्याल रखूंगी,मेरी सास कई दिनों तक मेरा इंतज़ार करती रही जबकि मैं उनके सामने थी और पुलिस ने भी कई दिनों तक प्रिया को ढूढने की कोशिश की पर उन्हें कोई सबूत हाथ नही लगा और न ही प्रिया की लाश मिली उन्हें, ये मेरे लिए अच्छी खबर थी,पुलिस ने किडनैपिंग केस को मिसिंग केस का नाम देकर केस की फ़ाइल को बंद कर दिया !!

अब मेरे लिए सबसे ज़रूरी काम था राजवीर सिंघानियां के बारे मे सारी इनफार्मेशन कलेक्ट करने का और मैं उसी काम मे लग गयी,एक साल तक मैंने राजवीर सिंघानियां की पूरी स्टडी की! वो कहाँ जाता है,कब क्या करता है ये सारी इनफार्मेशन मैं कलेक्ट करती गयी और मुझे पता लगा कि राजवीर ने आजतक शादी नही की है,मैं समझ गयी कि वो आज भी रानी की यादों मे जी रहा है,मैंने पता लगाया कि राजवीर आज भी हर साल उस किले पर ज़रूर जाता है जहाँ रानी की मौत हुई थी,मैंने अपनी तरफ से सारी तैयारी कर ली , थी और 6 महीने पहले मुंबई आकर तुम्हारी राइवल कंपनी मे जॉब करने लगी !! ये सब मेरे प्लान का हिस्सा था ! अब मैं जनवरी का इंतज़ार करने लगी क्योंकि तभी मैं राजवीर के सामने जा सकती थी और मेरा प्लान कामयाब हुआ ! राजवीर ने मुझे देखा और फिर ये विश्वास कर लिया कि मैं ही रानी हूँ,पर मुझे पता था कि कभी न कभी राजवीर मेरे बारे मे पता ज़रूर करवाएगा!!

मेरी तैयारी पूरी थी इसीलिए जब राजवीर ने चोपड़ा से मेरे बारे मे पता करवाया तो उसे वही पता चला जो मैं उसे पता चलने देना चाहती थी,मैंने पूरा प्लान बनाया हुआ था और मैंने राजवीर से खुद पे शक करवाया जब मैं CCTV fotage मे आ गयी थी,ये शक मैंने जानबूझकर करवाया क्योंकि अगर भविष्य मे उसे मुझपे शक भी हो तो भी वो यकीन ना करे किसी का भी,और अब अगर भगवान भी आकर कहे कि मैं रानी नही हूँ तो भी राजवीर नही मानेगा ! हा हा हा हा हा !!

( अब तक कि कहानी प्रिया शर्मा उर्फ रिया शर्मा सोच रही थी आईने के सामने खड़ी होकर )

उधर चोपड़ा राजवीर के ऑर्डर्स फॉलो करके एक बड़े होटल मे मीटिंग फिक्स करता है और वहाँ डिटेक्टिव को बुलवा , लेता है और फिर राजवीर को कॉल करके कहता है," सर,मैंने होटल सन एंड सेंड मे मीटिंग रखी है डिटेक्टिव कुछ देर मे पहुँच जाएगा,आप कब तक आ रहे हैं ..? "

" मैं भी थोड़ी देर मे पहुँचता हूँ,तुम डिटेक्टिव से wait करने का बोलना " राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

कुछ देर मे राजवीर होटल पहुँचता है जहाँ चोपड़ा और डिटेक्टिव राजवीर का wait कर रहे हैं और चोपड़ा राजवीर को डिटेक्टिव से introduce करवाता है और कहता है," सर इनसे मिलिए,ये हैं Mr. समीर सिंह,प्राइवेट डिटेक्टिव का काम करते हैं और इनकी पुलिस डिपार्टमेंट और क्राइम ब्रांच मे अच्छी खासी पकड़ है क्योंकि ये पहले पुलिस मे थे पर फिर बाद मे इन्होंने पुलिस की नौकरी छोड़ दी पर इनके अंदर के पुलिस वाले ने इनको नही छोड़ा इसीलिए इन्होंने डिटेक्टिव का काम चुन लिया और खुद डिटेक्टिव बन गए "

राजवीर चोपड़ा की बातें सुनकर चोपड़ा को चुप करवा के कहता है," तुम ही सब बताओगे या उन्हें भी कुछ बोलने दोगे"!

चोपड़ा ने राजवीर की बात सुनकर कहा ," बिल्कुल सर,आप बोलिये समीर जी "!

, तब समीर कहता है," जी सर,अब जब चोपड़ा सर ने मेरे बारे मे सब बता ही दिया है तो अब मैं क्या बोलूं " !

" तो फिर चोपड़ा ने ये भी बता दिया होगा कि तुम्हें करना क्या है" राजवीर ने समीर से कहा !

" नही सर,चोपड़ा जी ने कहा था की आप बताएंगे कि मुझे क्या काम करना है " समीर ने राजवीर से कहा !!

तब राजवीर ने समीर से कहा, " ठीक है,मैं बताता हूँ ,पर अब जो मैं तुम्हें बताने जा रहा हूँ वो बात हम तीनों के सिवा किसी चौथे को पता नही लगनी चाहिए," !

" सर,मैं अपने केस की सारी डिटेल्स अपने पास ही रखता हूँ,किसी बाहर वाले से शेयर नही करता,आप निश्चिंत रहें सर,ये डिटेल्स बाहर नही जाएगी " समीर ने राजवीर से कहा !!

तब राजवीर ने समीर से कहा," तो सुनो,मुझे एक लड़की के बारे मे इनफार्मेशन निकलवानी है,उसकी पूरी हिस्ट्री मुझे जाननी है,वो कहाँ से आई है,क्या चाहती है,उसके पैदा होने से अभी तक उसने जो भी किया है वो सब मुझे जानना है,उसका नाम है प्रिया शर्मा,मैं उससे शादी करना चाहता , हूँ,इसीलिए उसके बारे मे सारी डिटेल निकलवाना चाहता हूँ,वो लड़की तुम्हें दिखा दी जाएगी और बाकी तुम्हें कैसे ये सब करना है ये तुम decide करना की ये काम तुम्हें कैसे करना है,और ये रही प्रिया शर्मा की तस्वीर " राजवीर प्रिया की तस्वीर समीर को दिखाता है !!

जैसे ही समीर प्रिया की तस्वीर देखता है तो वो चोंक जाता है और राजवीर से कहता है," ये प्रिया शर्मा यहाँ क्या कर रही है,ये तो जयपुर मे रहती है ना" जैसे ही समीर के ये शब्द चोपड़ा और राजवीर ने सुने तो वो चोंक गए और फिर समीर से राजवीर ने पूछा ," हाँ,ये प्रिया शर्मा ही है जयपुर वाली पर तुम इसे कैसे जानते हो...? "

"बात 2 साल पहले की है,मैं उस वक़्त शिमला मे पोस्टेड था,मैं पुलिस officer था और उस वक़्त इसकी एक सहेली का किडनैप हुआ था शिमला मे,पर न ही इसकी वो सहेली मिली और न ही किडनैपर का कोई पता चला,कुछ दिन बाद मिसिंग केस बोलकर केस बन्द कर दिया गया" समीर ने राजवीर को बताया !!

ये सब सुनकर राजवीर का दिमाग ठनका और उसने समीर से कहा," कौन थी वो लड़की उसकी सहेली...? "

, "सर उसकी सहेली का नाम भी इत्तेफ़ाक़ से प्रिया शर्मा था,पर न ही उसका कोई पता चला न ही उसकी कोई लाश मिली,वो आज तक मिसिंग है उसकी उम्र करीब 35 साल थी " समीर ने राजवीर से कहा !!

तब राजवीर ने समीर से कहा," फिर तो तुम्हारे लिए इसके बारे मे पता करना और आसान हो जाएगा,और एक और लड़की के बारे मे तुम्हें पता करना है,उसकी लेटेस्ट तस्वीर तो नही है मेरे पास पर उसकी पुरानी तस्वीर ज़रूर है,वो चोपड़ा तुम्हें दे देगा तुम्हें उसके बारे मे भी पता करना है,और ये पता लगाना है कि दोनों के बीच क्या कनेक्शन है,पैसे की बिल्कुल भी फिक्र मत करना,जितने भी पैसे इस मिशन मे लगेंगे तुम्हें दे दिए जाएंगे,और तुम्हें पूरे इंडिया मे या इंडिया के बाहर भी कहीं जाना पड़े तो उसका सारा खर्चा भी मैं ही उठाऊंगा,बस तुम अपने काम पे ध्यान दो और अभी से ही इस काम पे लग जाओ !!

" जी सर,मैं अभी से ही इस मिशन पर लग जाता हूँ" समीर ने राजवीर से कहा !!
 
मीटिंग खत्म होती है और राजवीर,समीर और चोपड़ा वहाँ से निकल जाते हैं,समीर अपने काम मे लग जाता है!!

, चोपड़ा को इशिका का कॉल आता है और वो चोपड़ा से कहती है," हाय,अन्नी (अनिरुद्ध) क्या कर रहे हो..?"

"कुछ नही इशी,बस ऑफिस के कुछ काम,तुम बताओ कैसी हो..? हो गयी सगाई की तैयारी..? " चोपड़ा ने इशिका से पूछा !!

" हाँ हो गयी,थोड़ी बहुत बची है,मुझे तुमसे कुछ बात करनी है,तुम्हें कुछ बताना है" इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

भाग 32

इशिका की बात सुनकर चोपड़ा थोड़ा टेंशन मे आ जाता है और इशिका से पूछता है ," क्या हुआ इशिका,क्या बात है मुझे बताओ ..?"

तब इशिका अनिरुद्ध से कहती है कि ," देखो अनिरुद्ध मैं जानती हूँ कि तुम्हें मेरे बारे मे सब कुछ पता है,और हम दोनों की फैमिली ने ये रिश्ता तय किया है,मैं तुमसे कोई बात छुपाना नही चाहती शादी के पहले,और ये बात मेरे लिए तुम्हें , बताना जरूरी है,इसीलिए तुम्हें आज सब सच सच बताना चाहती हुँ " !

इशिका की बातें सुनकर चोपड़ा को और टेंशन होने लगती है और वो इशिका से कहता है ," इशिका प्लीज,अब सस्पेंस मत बढ़ाओ ,बताओ क्या बात है "!!

इशिका चोपड़ा से कहती है," अनिरुद्ध मुझे तुमसे ये कहना था कि," इतना कहकर इशिका चुप हो जाती है !!

चोपड़ा फिर इशिका से कहता है," इशिका बोलो न,मुझे और टेन्शन हो रही है,क्या बात है "!!

तब इशिका चोपड़ा की बातें सुनकर ज़ोर ज़ोर से हँसने लगती है और चोपड़ा से कहती है ," क्या अनिरुद्ध,तुम तो ऐसे डर गए जैसे मैं अपना कोई बड़ा राज़ तुम्हें बताने वाली हूँ,अरे कोई बात नही बतानी थी मुझे,मैं तो मज़ाक कर रही थी,अरे,डॉक्टर हूँ अभी अभी जॉब लगी है,और यहाँ की सबसे यंगेस्ट डॉक्टर हूँ,तो थोड़ी बहुत हँसी मज़ाक करने की आदत है,अब इन मरीजों के बीच रह रहकर मैं मरीज न बन जाऊं इसीलिए थोड़ा मज़ाक करके अपना टेंशन दूर करती हुँ,आज सुबह से कोई मिला नही था मुझे तो सोचा तुमको ही बकरा बनाया जाए,कैसी लगी मेरी एक्टिंग..? "

,

इशिका की बातें सुनकर चोपड़ा ने राहत की सांस ली और इशिका से कहा," तुम भी न इशिका,तुमने तो मेरी जान ही निकाल दी,टेंशन के मारे सर फट जाता मेरा,मुझे भी यहाँ कम टेंशन नही है,राजवीर सर के काम इतने रहते हैं कि मैं परेशान हो जाता हूँ,ऑफिस तो ऑफिस उनके पर्सनल काम भी बहुत रहते हैं " !!

" अच्छा चलो वो सब छोड़ो और ये बताओ कि तुम दिल्ली कब आ रहे हो,4 दिन मे हमारी सगाई है और तुम्हें मुझसे बात करने की भी फुरसत नही है," इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

" अरे ऐसी बात नही है इशिका,तुमसे बात करूंगा पर पहले फ्री तो हो जाऊं," चोपड़ा ने इशिका से कहा !!

" हाँ,हाँ,ठीक है,पर ये बताओ कि तुम्हारे वो राजवीर सर आ रहे हैं कि नहीं,बड़े हॉट है वो इस उम्र मे भी,मुझे उनसे मिलवाओगे नही...?" इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

"अच्छा,इतने अच्छे लगते हैं तो उनसे ही कर लो शादी,वैसे बोला तो है मैंने उन्हें आने का अब देखते हैं कि आते हैं या नही,वैसे अभी वो बहुत ज़रूरी काम मे बिजी हैं,उन्हें अपने , प्यार की तलाश है" इतना बोलकर चोपड़ा खामोश हो जाता है और फिर इशिका से कहता है ," सॉरी,सॉरी,बॉस ने मुझे कहा था कि ये बात किसी को नही बताना पर मेरे मुँह से निकल गयी,सॉरी " !

" क्या,राजवीर सर और प्यार,क्या बात है मुझे अभी जाननी है अनिरुद्ध,प्लीज बताओ ना" इशिका चोपड़ा से ज़िद करने लगी !

" नही इशिका,ये सर की पर्सनल बातें है वो मैं तुमसे शेयर नही कर सकता,प्लीज समझो बात को" चोपड़ा ने इशिका को समझाते हुए कहा !!

" मुझे कुछ नही पता,मुझे जानना है कि सर की लाइफ मे वो कौन खुशनसीब लड़की है जो आजतक दुनिया से छुपी रही,देखो अब हमारी शादी होने वाली है कुछ महीनों मे,हमारे बीच कुछ भी छुप नही सकता,तुम्हें ये बात बतानी ही पड़ेगी नही तो मैं तुमसे बात नही करूँगी सगाई मे भी,और फिर तुम लोगों को जवाब देना की मैंने बात क्यों बन्द की" इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

चोपड़ा इशिका की बात सुनकर घबरा जाता है और इशिका से कहता है ," इशिका तुम समझने की कोशिश करो,बॉस ने , मुझसे कहा था कि ये बात किसी को नही बताना ये confidential बात है,प्लीज समझने की कोशिश करो " !

"मुझे कुछ नही समझना,अगर बताना है तो बताओ और मैं वादा करती हूँ कि ये बात मेरे सिवा किसी को पता नही चलेगी ये मेरा प्रॉमिस है मेरा " इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

चोपड़ा कुछ देर सोचता है और फिर इशिका से कहता है ," ठीक है ईशु,मैं प्रॉमिस करता हूँ कि मैं तुम्हे सब बताऊंगा पर अभी नही,सगाई के बाद,प्लीज अभी नही,मैं सगाई के बाद खुद शांति से बैठकर तुमको सारी बातें बताऊंगा पर प्लीज तुम ये बात किसी को नही बताओगी ये वादा करना होगा तुमको" !!

चोपड़ा की बातें सुनकर इशिका भी मान जाती है और कहती है," ठीक है,पर तुम ये बात मुझे ज़रूर बताना,पता नही क्यों पर मुझे राजवीर सिंघानियां के बारे मे जानने की बहुत उत्सुकता है" !!

ये कहते हुए इशिका फ़ोन रख देती है और अगले दिन राजवीर और चोपड़ा ऑफिस मे काम करते हैं और राजवीर चोपड़ा से पूछता है ," चोपड़ा 2 दिन बाद तुम्हारी सगाई है ना,तुमने उसकी तैयारियां की या नही..?"

,

" सर अब इसमें मुझे क्या तैयारी करनी है,जो करेंगे घर वाले करेंगे,मैं तो सिर्फ जाकर सगाई कर लूंगा,बस आज शाम को निकल रहा हूँ,पर प्लीज आपको जरूर आना है,इशिका का स्पेशल इनविटेशन है आपके लिए,और dont worry sir मैंने मीडिया को फंक्शन से दुर रखा है,क्योंकि आप वहाँ आएंगे तो मीडिया भी होगी,इस बात का खास ध्यान रखा गया है " चोपड़ा ने राजवीर से कहा !!

इतने मे प्रिया शर्मा राजवीर के कैबिन का दरवाज़ा नॉक करती है और पूछती है," may i come in sir" !!

तब राजवीर और चोपड़ा सतर्क हो जाते हैं और राजवीर प्रिया से कहता है ," यस यस,come in"

प्रिया अंदर आ जाती है और राजवीर उससे पूछता है, " प्रिया कैसी है तुम्हारी तबियत अब..? "

तब राजवीर की बात का जवाब देते हुए प्रिया कहती है ," फाइन सर,बढ़िया हूँ मैं तो " !!

प्रिया के अंदर आने पर चोपड़ा प्रिया से कहता है, " प्रिया तुन्हें भी आना है मेरी सगाई पर दिल्ली,मैंने सारे स्टाफ को , बुलाया है,ज़रूर आना " !!

"ok अनिरुद्ध सर,मैं ज़रूर आऊँगी" प्रिया ने चोपड़ा की बात का जवाब देते हुए कहा !!

" एक काम करो प्रिया,तुम 2 दिन बाद कि मेरी फ्लाइट टिकट बुक करो दिल्ली की और साथ मे अपनी भी कर लेना,आखिर जब तक अनिरुद्ध वापस नही आता तुम उसका काम संभालोगी" राजवीर ने प्रिया को निर्देश देते हुए कहा !!

" अच्छा सर मैं निकलता हूँ मुझे बहुत काम है,प्रिया आपके काम कर देगी,ok सर बाय " इतना कहकर चोपड़ा कैबिन से बाहर आ जाता है और कैबिन मे सिर्फ प्रिया और राजवीर रहते हैं और फिर प्रिया राजवीर से कहती है ," राजू,ओह मेरे राजू,सबकी सगाई हो रही है,हमारी कब होगी और फिर शादी कब होगी,मैं तुम्हारे लिए 2 जन्मों का सफ़र तय करके आयी हूँ और तुम हो कि मुझे देखते ही नहीं,"!!

प्रिया की बातें सुनकर राजवीर चोंक जाता है और उसे ये समझते देर नही लगती की प्रिया रानी की एक्टिंग कर रही है,और फिर स्तिथि को सम्भालते हुए राजवीर प्रिया से कहता है," देखो प्रिया,प्लीज ये बात यहाँ मत करो,कोई सुन लगा,मुझे पता है तुम रानी हो पर मैंने अभी ये बात किसी को , नही बताने का कहा था न तुमसे,मैं वक़्त आने पर सबको बताऊंगा,और हम शादी भी करेंगे पर प्लीज तब तक तुम ये याद रखो की तुम प्रिया हो रानी नहीं ,और जाकर हमारे दिल्ली जाने की तैयारी करो " !!

"ठीक है राजू,लव यू ," कहकर प्रिया कैबिन से बाहर चली जाती है !!

प्रिया के कैबिन से बाहर जाने के बाद राजवीर को समीर का फ़ोन आता है और वो राजवीर से कहता है," सर,आपने जैसा बताया था रिया का पता करने के लिये वैसा मैंने पता लगाया,आपने मुझे रिया की 15 साल वाली फ़ोटो दी थी,स्कूल के रिकॉर्ड से पता चला है कि उसने स्कूल मे टॉप किया था और मुंबई के ही एक कॉलेज मे उसका एडमिशन हुआ था,उसके बाद उसको यहाँ से भी scholarship मिली और वो US चली गयी थी 3 साल के लिए पड़ने को,मुझे उसकी कुछ और तस्वीरें मिली हैं कॉलेज रिकार्ड्स से,अब मुझे इसके आगे जानने के लिए अमेरिका जाना पड़ेगा "!

" ठीक है,तुम्हारी टिकट्स चोपड़ा arrange कर देगा और कुछ पैसे का araangement भी करवा देगा,तुम अमेरिका जाने की तैयारी करो," राजवीर समीर से कहता है !!

, " ठीक है सर,मैं तैयारी करता हूँ," समीर राजवीर से कहता है !!

उसके बाद समय बीतता है और समीर रिया का पता लगाने अमेरिका के लिए रवाना हो जाता है और प्रिया और राजवीर चोपड़ा की सगाई के लिए मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो जाते हैं!!
 
उधर दिल्ली मे अनिरुद्ध और इशिका की सगाई का फंक्शन एक शानदार होटल मे आयोजित किया जाता है,इस फंक्शन मे भी दिल्ली के बड़े बड़े बिजनेसमैन और डॉक्टर्स invited रहते हैं क्योंकि इशिका एक डॉक्टर है इसीलिए दिल्ली के बड़े बड़े डॉक्टर्स उस पार्टी मे invited रहते हैं ! सारी भीड़भाड़ के बावजूद न जाने क्यों इशिका को बेचैनी रहती है और वो बार बार पास खड़े अनिरुद्ध से कहती है ," तुम्हारे ऑफिस के लोग कब आएंगे,इतनी देर हो गयी है," तब चोपड़ा उसकी टांग खिंचते हुए कहता है कि," अच्छा ,सीधे ये क्यों नही कहती कि राजवीर सर से मिलना है तुम्हें,और आज मेरी वजह से तुम उनसे मिलोगी,"!!

"हाँ हाँ ठीक है,अब बताओगे कब तक आएंगे वो...?" इशिका चोपड़ा से कहती है !!

, " अरे बस आते ही होंगे,वैसे भी VIP लोग टाइम पे कहाँ आते हैं," चोपड़ा ने इशिका से कहा और तभी उसे गेट पर से राजवीर आता हुआ दिखता है जिसे देखकर सबलोग सिर्फ राजवीर को देखने लगते हैं और फिर चोपड़ा गेट की तरफ हाथ करते हुए इशिका से कहता है कि," वो देखो तुम्हारा इंतज़ार खत्म,आ गए बॉस" !!

जैसे ही इशिका राजवीर को देखती है तो बस देखती ही रह जाती है,राजवीर एक सेलिब्रिटी था और आम आदमी के लिए उससे मिलना मुश्किल था,इशिका ने राजवीर को आजतक सिर्फ TV और न्यूज़ मे ही देखा था और आज उससे face to face मिलने का सपना सच होने वाला था इशिका का,वो दूर से ही बस राजवीर को देखे जा रही थी कि तभी उसके चेहरे पर जो राजवीर को देखकर मुस्कान आयी थी वो एक दूसरे चेहरे को देखकर एक दम से गायब हो जाती है,वो चेहरा रहता है प्रिया का,राजवीर के पीछे चल रही प्रिया को देखकर इशिका के चेहरे का रंग उड़ जाता है और ये देखकर चोपड़ा इशिका से पूछता है," what happens ishu तुम्हारे चेहरे का रंग क्यों उड़ गया अचानक से..?"

" वो..वो...वो कौन है अनिरुद्ध,जो राजवीर सर के साथ चल रही है ..?" इशिका ने हड़बड़ाकर चोपड़ा से पूछा !!

, " वो,वो प्रिया है,हमारे ऑफिस में अभी न्यू joining है कुछ ही दिन हुए हैं उसे जॉइन किये हुए,मैं यहाँ आ गया तो मेरी जगह सर का काम सम्भाल रही है,जब मैं आ जाऊंगा तो मेरे अंडर काम करेगी,पर उसे देखकर तुम्हारे चेहरे का रंग क्यों उड़ गया " चोपड़ा ने इशिका से पूछा !!

" i need to make a very urgent call,please excuse mee... " कहकर इशिका स्टेज से नीचे आ जाती है और अपने मोबाइल से कॉल करती है !!

चोपड़ा ये देखकर हैरान रह जाता है और वो भी इशिका के पीछे चले जाता है ,और फिर इशिका शिमला के हॉस्पिटल मे कॉल करके पूछती है !! इशिका कॉल पे बात करती है और तभी वहाँ चोपड़ा आकर इशिका से पूछता है," क्या हुआ इशिका,सब लोग पूछ रहे हैं...? मुझे बताओगी क्या हुआ है !!

तब इशिका चोपड़ा से कहती है," अनिरुद्ध,अगर ये लड़की प्रिया है तो वो लड़की कौन है जो पिछले 2 सालों से शिमला के सिटी हॉस्पिटल मे ज़िन्दगी और मौत के बीच झूल रही है,हु ब हु ऐसी ही शक्ल है उसकी,और

वो अभी कोमा मे है !!!!!!!!!

भाग 33

इशिका की बात सुनकर चोपड़ा बिल्कुल चोंक जाता है और वो इशिका से पूछता है," ये क्या कह रही हो इशिका,हु ब हु ऐसी शक्ल की लड़की कहाँ देखी है तुमने..? "

"मैं बिल्कुल सच बोल रही हुँ अनिरुद्ध,बिल्कुल यही , शक्ल,कोई चेंज नहीं,उस लड़की का इलाज चल रहा है शिमला मे,मैंने ही उसे एडमिट करवाया था,और मेरे ही supervision मे उसका ट्रीटमेंट चल रहा है,मैं हर हफ्ते शिमला जाती हूँ उसे देखने," इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

चोपड़ा ये सुनकर चोंक गया और इशिका से कहा," ये सब क्या कह रही हो तुम ईशु,ये सब कैसे हुआ,तुमने तो मुझे बताया ही नहीं,कहाँ मिली तुम्हें वो लड़की..?"

तब इशिका चोपड़ा को बताती है," ये बात 2 साल पुरानी है,जनवरी 2016,उस टाइम मेरा MBBS चल रहा था और मैं मेडिकल कैम्प के लिए शिमला गयी हुई थी,उस दिन वहाँ पर बर्फबारी शुरु हो गयी थी,मौसम भी खराब हो गया था,तो हमे अपना मेडिकल कैम्प जल्दी बन्द करना पड़ा और हमे तुरंत दिल्ली के लिए निकलना पड़ा ,पर मौसम खराब होने की वजह से सारे रास्ते बंद थे,फ्लाइट भी नही थी,मेरे सारे collegue अपने अपने हिसाब से निकल गए थे,मैं और मेरी एक सहेली रश्मि हम दोनों ही बचे हुए थे,हम दोनों का दिल्ली पहुँचना बहुत ज़रूरी था,क्योंकि अगर शिमला मे एक बार रास्ते बंद हो जाते हैं तो फिर 8-10 दिन भी लग जाते हैं खुलने मे,बड़ी मुश्किल से हमने एक कार hire की चंडीगढ़ तक जाने के लिए,वहाँ से हम फ्लाइट से दिल्ली निकल जाते,शिमला से चंडीगढ़ 4 घण्टे का रास्ता था,हमे जितनी , जल्दी हो सके शिमला से निकलना था,हमे निकलते निकलते रात हो गयी और हम रात 8 बजे शिमला से निकले !!

रश्मि और मैं हम कार से शिमला से निकल रहे थे,हमारे साथ ड्राइवर भी था,हम अभी शिमला से बाहर भी नही हुए थे,हमारी कार शिमला के पहाड़ों से होती हुई बाहर निकल रही थी कि अचानक बर्फबारी शुरू हो गयी और जब हमारी कार पहाड़ों पर से निकल रही थी तभी अचानक,ऊपर न जाने कहाँ से एक लड़की आ कर हमारी कार के सामने गिर गयी,वो शायद ऊपर पहाड़ से फिसल के आयी होगी,वो ज़ख़्मी थी और उसके पेट पर कई घाव थे,शायद उस पर किसी ने हमला किया था,ये देखकर मैं और रश्मि गाड़ी से उतरे और उस लड़की के पास गए,हमने सोचा कि वो लड़की मर गयी है,पर उसकी सांसे अभी भी चल रही थी,वो ज़िंदा थी और उसे मेडिकल ट्रीटमेंट की ज़रूरत थी,और फिर मैंने रश्मि से कहा कि अब हमारा चंडीगढ़ जाना मुश्किल है,रात भी बहुत हो गयी है तो हम पहले इस लड़की को हॉस्पिटल लेकर जाते हैं क्योंकि डॉक्टर होने के नाते हमारा ये फ़र्ज़ है,रश्मि भी मेरी बात से सहमत हुई और हमने उसे हॉस्पिटल ले जाने का फैसला कर लिया !!

हमने ड्राइवर को कह दिया कि अब हम चंडीगढ़ नही जा रहे हैं,हमे सिटी हॉस्पिटल ले चलो,इस लड़की को एडमिट , करवाना है,ड्राइवर हमें शिमला के सिटी हॉस्पिटल मे ले आया ! वहाँ हमने उस लड़की को एडमिट करवा दिया पर न तो उसका हमे नाम पता था और न ही address,पहले डॉक्टर उसे एडमिट करने के लिए राज़ी नही हो रहे थे और कह रहे थे कि ये पुलिस केस है,पहले पुलिस को इन्फॉर्म करना पड़ेगा पर रश्मि के पापा पुलिस मे इंस्पेक्टर थे और वो वहीं शिमला मे पोस्टेड थे,उनकी मदद से हमने उसे हॉस्पिटल मे एडमिट करवाया और डॉक्टर ने ट्रीटमेंट शुरू की,अब हमारे लिए ज़रूरी था उसका पता लगाना की वो लड़की कौन है और किसने उसको मारने की कोशिश की !!

तब मैंने रश्मि के पापा से ये रिक्वेस्ट की की उस लड़की का पता लगाने के लिए कोई केस न फ़ाइल करे,क्योंकि अगर केस फ़ाइल हुआ तो हो सकता है उस क़ातिल को भी पता चल जाये कि ये लड़की ज़िंदा है,जिससे इसकी जान को खतरा हो सकता है,अंकल ने मेरी बात मानकर वैसा ही किया,उन्होंने अपनी investigation off records ही रखी और उस लड़की के बारे मे पता करने के लिए जुट गए !! देर रात तक उस लड़की की सर्जरी चली और फिर डॉक्टर्स ने हमें आकर बताया कि उसकी जान तो बच गयी है पर वो कोमा मे चली गयी है,अब उसको कब होश आएगा कुछ कह नही सकते,हो सकता है वो 2 दिन मे होश मे आ जाये,या फिर 2 हफ्ते,2 महीने या फिर 2 साल भी लग , जाये !!

ये सुनकर मैं बहुत परेशान हो गयी,क्योंकि न तो मुझे उस लड़की का नाम पता था और न ही उसका एड्रेस पर पता नही क्यों मुझे उसका चेहरा ऐसा लग रहा था कि मैं इसे जानती हूँ और ये चेहरा मेरे लिए जाना पहचाना है,पर मुझे याद नही आ रहा था कि मैंने ये चेहरा कहाँ देखा है ! तभी रश्मि के पापा इंस्पेक्टर विक्रम सिंह वहाँ आये और उन्होंने कहा की उस लड़की के बारे मे कुछ पता नही चल रहा है,उन्होने पता किया कि न तो उस लड़की की कोई मिसिंग complaint है और न ही उसका कोई रिकॉर्ड है शिमला मे सिर्फ उसकी कुछ तस्वीर CCTV फुटेज मे कैप्चर हुई थी,शायद वो लड़की टूरिस्ट है और यहाँ घूमने आयी होगी,किसी ने लूट के इरादे से उसे मार दिया होगा,क्योंकि उसके पास न तो कोई पैसे मिले थे और न ही कोई डॉक्युमेंट्स,एक किडनपिंग का केस ज़रूर रजिस्टर हुआ है पर उस लड़की की उम्र 35 साल है,और वो भी लड़की भी अलग है,उन्होंने कहा था कि अगर उस लड़की के बारे मे पता करवाना है तो केस रजिस्टर करना पड़ेगा,पर मैंने उन्हें मना कर दिया और कह दिया कि अब से इस लड़की की ज़िम्मेदारी मेरी,मैं इसे ठीक करने मे मदद करूँगी और इसके इलाज का सारा खर्च भी मैं ही उठाउंगी,क्योंकि मैं नही चाहती थी कि उस लड़की पर फिर से कोई हमला हो,अगर , उसके घरवाले होंगे तो ज़रूर पुलिस मे रिपोर्ट करेंगे और फिर हमें पता चल जाएगा कि ये कौन लड़की है,पर आज 2 साल हो गए हैं,न तो कोई उसे ढूंढता हुआ आया है और न ही किसी ने उसके बारे मे पता करने की कोशिश की है,और आज तक मैं सिर्फ उसके होश मे आने का इंतज़ार कर रही हुँ !

आज जब इस लड़की प्रिया को देखा तो ऐसा लगा कि जैसे इस लड़की का ज़रूर उससे कोई संभंध होगा,क्यों न हम उस लड़की के बारे मे इसे बता दें!" इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

चोपड़ा ने जब ये सारी बातें सुनी तो उसे ये समझते देर न लगी की हो न हो ये जो लड़की कोमा मे है यही असली रानी हो और शायद प्रिया को इस बारे मे कुछ पता न हो और अगर ये बात प्रिया को पता लग गयी तो शायद उस लड़की की जान को भी खतरा हो सकता है,और उसने तुरंत इशिका से कहा," ईशु प्लीज इस बात का ज़िक्र किसी से मत करना,अब लगता है तुम्हें सारी बात बतानी ही पड़ेगी,पर उसके पहले हमें ये फंक्शन पूरा करना है,मैं सगाई के बाद तुम्हें सारी बात बताऊंगा,और हम कल शिमला के लिए निकलेंगे,मुझे उस लड़की को देखना है एक बार,पर प्लीज तुम अभी ये बात किसी को नही बताओगी और अब हम वापस स्टेज पर चलते हैं,रिंग सेरेमनी के बाद हम बात करेंगे,और प्लीज अपने चेहरे , से ये टेंशन हटा दो,क्योंकि प्रिया बहुत चालक है,हम भी उसकी सच्चाई जानना चाहते हैं और उसी पर काम कर रहे हैं,अगर उसे ज़रा सा भी शक हुआ तो वो सतर्क हो जाएगी"!!

"ठीक है चलो,और मुझे अपने राजवीर सर से तो मिलाओ,आज पहली बार ऊनसे मिलूंगी " इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

"ठीक है चलो,और नार्मल behave करना," चोपड़ा ने इशिका से कहा !!

"ठीक है चलो" इशिका ने कहा !

और फिर इशिका और अनिरुध अपनी सगाई के लिए स्टेज पर चले जाते हैं जहाँ सब परेशान रहते हैं कि अचानक ऐसा क्या हुआ जो दोनों चले गए,तब चोपड़ा सबको ये कहता है कि इशिका के हॉस्पिटल से कॉल आया था कुछ इमरजेंसी थी,इसीलिए उसे जाना पड़ा ,और सब मान जाते हैं और फिर रिंग सेरेमनी शुरू होती है,और इशिका और अनिरुद्ध एक दूसरे को रिंग पहनाते हैं ! उसके बाद सभी उन दोनों को बधाई देते हैं !

, राजवीर सिंघानियां जैसे ही दोनों को बधाई देने आता है,तो उसके साथ एक बड़ा सा गिफ्ट भी लाता है और चोपड़ा को देते हुए कहता है," congratulations both of you",और हाथ बढ़ाते हुए चोपड़ा से हाथ मिलाता है,उसके बाद वो इशिका की तरफ हाथ बढ़ाते हुए कहता है," congratulations इशिका," और इशिका तो बस उसे देखती ही रह जाती है जैसे वो उसकी तरफ आकर्षित हो गयी हो,और उसे ध्यान ही नहीं रहता कि राजवीर ने उसकी तरफ हाथ बढ़ाया है,तभी चोपड़ा इशिका को हिलाते हुए कहता है," इशिका,कहाँ खो गयी ..?" तभी इशिका अपने ख़यालो से बाहर आती है और राजवीर से हाथ मिलाती है,जैसे ही राजवीर और इशिका हाथ मिलाते हैं दोनो को अजीब सा अहसास होता है,पर दोनों इस अहसास को नज़रअंदाज़ कर देते हैं और इसके बाद प्रिया दोनों को बधाई देने आती है,और चोपड़ा से कहती है," congratulations अनिरुध सर,congrtulations mam" ! चोपड़ा और इशिका उसका जवाब देते हुए कहते हैं ," Thanks" और फिर सब बातों मे बिजी हो जाते हैं,राजवीर दिल्ली के बिजनेसमैन से बातें करने लगता है और प्रिया भी उसके साथ खड़ी रहती है !

चोपड़ा सोचता है कि सर को ये बात पता होना चाहिए कि असली रानी का पता लग गया है,और वो राजवीर को बताने , के लिए उसकी तरफ बढ़ता है और देखता है कि प्रिया भी राजवीर के साथ खड़ी हुई है,उसको एक प्लान सूझता है और वो प्रिया के पास आ रहे वेटर को दूर से देख लेता है और जब वेटर के प्रिया के करीब आता है तो चोपड़ा उसे हल्का सा धक्का दे देता है जिसकी वजह से वेटर का बैलेंस बिगड़ता है और वो ड्रिंक्स प्रिया की ड्रेस पर गिरा देता है जिससे उसकी ड्रेस खराब हो जाती है और वो वेटर पर भड़क जाती है ,फिर चोपड़ा सिचुएशन को संभालते हुए प्रिया से वाशरूम जाकर ड्रेस साफ करने को कहता है और प्रिया वाशरूम चली जाती है !!
 
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