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“चलो राजू अभी घर चलते हैं। कल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद से इस केस को नए नजरिए से देखेंगे।”दूसरे दिन करीब 12:00 बजे इंस्पेक्टर मनोज ने अविनाश को फोन करके पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी दी।
“मनोज,पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या मिला है?”
“जिस समय रानू की हत्या हुई उस समय उसने बहुत ही ज्यादा शराब पी रखी थी और नशे में उसकी दम घुटने से मौत हो गई। ऐसा मालूम पड़ता है कि किसी ने नशे की हालत में मुंह और नाक पर कुछ रख दिया था। जैसे कोई तकिया हो या तौलिया हो और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।”
“मौत का समय और दिन क्या था?”
“11 जून को करीब रात के 11:00 बजे के आस पास।”
“अच्छा बहुत-बहुत धन्यवाद।” उसके बाद अविनाश ने बेबी और राजू को अपने केबिन में बुला लिया और उन्हें भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी।
बेबी ने कहा,-“लेकिन सर पोस्टमार्टम रिपोर्ट से तो कुछ भी जाहिर नहीं होता है। नशे की हालत में रानू की दम घुटने से मौत हो गई।”
तब तक राजू बोला,-“ सर मैं इसमें कुछ बोलूं।”
“हां राजू बोलो।हो सकता है कि रानू की हत्या करने के बाद मेरा मतलब है 11 जून के बाद सुबोध ठाकुर फरार हो गया।पर सर आप सोचो क्या सुबोध इतना बेककूफ है कि वो रानू की लाश को अपने फार्म हाउस के लान मे गाड़ेगा?वो रानू की लाश को कहीं भी फेक सकता है।”बेबी बोली,-“राजू ऐसा भी तो हो सकता है कि उसने रानू की हत्या खुद न की हो किसी से कारवाई हो।”
“जो भी बात हो पर वो किसी भी सूरत मे लाश को अपने लान मे गाड़ने का खतरा नहीं लेगा।”अविनाश बोला,-“बेबी मुझे राजू की बात मे दम नज़र आ रहा है।”
बेबी बोली,-“सर कहीं ऐसा तो नहीं कि रानू की तरह सुबोध की भी किसी ने हत्या कर दी हो।और हम गलत दिशा मे भटक रहें हो।”
राजू,-“क्या बात है बेबी आज कल बड़े सुझाव दे रही हो।”“अरे ये सर की संगति का असर है।”
अविनाश बोला,-“अच्छा बेबी चलो तुम्हारी बात मान लेते हैं कि सुबोध ठाकुर की भी हत्या हुयी है।उसकी हत्या से सबसे ज्यादा फायदा किसको पहुंचेगा।”
राजू ने कहा,-“जहां तक मेरा ख्याल है सर, सबसे ज्यादा फायदा उसकी बीवी रीमा को पहुंचेगा। उसके बाद सारे जायदाद की मालकिन वह हो जाएगी। दूसरा उसके छोटे भाई सुशांत ठाकुर को पहुंचेगा।”
“और सोनाली के बारे में तुम लोगों का क्या विचार है?”
बेबी बोली,-“सोनाली बाजारू किस्म की औरत है।सुबोध के मरने में उसे क्या फायदा हो सकता है? मेरे ख्याल से सुबोध के जीवित रहने मे उसका फायदा है।”
“लेकिन तुम एक बात भूल रहे हो कि उसके नाजायज संबंध सुबोध से ही नहीं है। उसके संबंध और लोगों से भी हैं। हो सकता है यह औरत के चक्कर में हत्या हो।आज कल ज्यादा यही सुनने मे आता है।यदि सुबोध ठाकुर की हत्या हुई है तो तुम सोनाली को भी अपने शक के दायरे से बाहर नहीं कर सकते।हाँ तुम्हारी यह बात सही है कि अभी हमें सीधे सोनाली को फायदा होता दिखाई नहीं दे रहा है।”
बेबी बोली,-“ सर सुबोध बहुत पैसे वाला आदमी है।कहीं इस पैसे के चक्कर मे तो उसकी हत्या नहीं हो गई।”
अविनाश बोला,-“एक काम करते हैं इस्पेक्टर मनोज की मदद से हम सब के पिछले एक महीने के अकाउंट डिटेल को चेक करते है।”
बेबी बोली,-“यह काम हमको पहले कर लेना चाहिए था।” अविनाश तुरंत इंस्पेक्टर मनोज को फोन लगाता है।
“मुझे तुम्हारी मदद चाहिए। मैं चाहता हूं कि इस केस में जितने भी लोग इन्वॉल्व हैं सुबोध, सुशांत, रीमा रानू,साहिल और सोनाली सभी के पिछले एक महीने की बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल मिले।”
“मैं कोशिश करता हूं।”
“जितनी जल्दी रिपोर्ट मिल जाए उतना अच्छा रहेगा।”फोन रखने के बाद से अविनाश तुरंत फोन रीमा को मिला देता है।
“मनोज,पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या मिला है?”
“जिस समय रानू की हत्या हुई उस समय उसने बहुत ही ज्यादा शराब पी रखी थी और नशे में उसकी दम घुटने से मौत हो गई। ऐसा मालूम पड़ता है कि किसी ने नशे की हालत में मुंह और नाक पर कुछ रख दिया था। जैसे कोई तकिया हो या तौलिया हो और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।”
“मौत का समय और दिन क्या था?”
“11 जून को करीब रात के 11:00 बजे के आस पास।”
“अच्छा बहुत-बहुत धन्यवाद।” उसके बाद अविनाश ने बेबी और राजू को अपने केबिन में बुला लिया और उन्हें भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी।
बेबी ने कहा,-“लेकिन सर पोस्टमार्टम रिपोर्ट से तो कुछ भी जाहिर नहीं होता है। नशे की हालत में रानू की दम घुटने से मौत हो गई।”
तब तक राजू बोला,-“ सर मैं इसमें कुछ बोलूं।”
“हां राजू बोलो।हो सकता है कि रानू की हत्या करने के बाद मेरा मतलब है 11 जून के बाद सुबोध ठाकुर फरार हो गया।पर सर आप सोचो क्या सुबोध इतना बेककूफ है कि वो रानू की लाश को अपने फार्म हाउस के लान मे गाड़ेगा?वो रानू की लाश को कहीं भी फेक सकता है।”बेबी बोली,-“राजू ऐसा भी तो हो सकता है कि उसने रानू की हत्या खुद न की हो किसी से कारवाई हो।”
“जो भी बात हो पर वो किसी भी सूरत मे लाश को अपने लान मे गाड़ने का खतरा नहीं लेगा।”अविनाश बोला,-“बेबी मुझे राजू की बात मे दम नज़र आ रहा है।”
बेबी बोली,-“सर कहीं ऐसा तो नहीं कि रानू की तरह सुबोध की भी किसी ने हत्या कर दी हो।और हम गलत दिशा मे भटक रहें हो।”
राजू,-“क्या बात है बेबी आज कल बड़े सुझाव दे रही हो।”“अरे ये सर की संगति का असर है।”
अविनाश बोला,-“अच्छा बेबी चलो तुम्हारी बात मान लेते हैं कि सुबोध ठाकुर की भी हत्या हुयी है।उसकी हत्या से सबसे ज्यादा फायदा किसको पहुंचेगा।”
राजू ने कहा,-“जहां तक मेरा ख्याल है सर, सबसे ज्यादा फायदा उसकी बीवी रीमा को पहुंचेगा। उसके बाद सारे जायदाद की मालकिन वह हो जाएगी। दूसरा उसके छोटे भाई सुशांत ठाकुर को पहुंचेगा।”
“और सोनाली के बारे में तुम लोगों का क्या विचार है?”
बेबी बोली,-“सोनाली बाजारू किस्म की औरत है।सुबोध के मरने में उसे क्या फायदा हो सकता है? मेरे ख्याल से सुबोध के जीवित रहने मे उसका फायदा है।”
“लेकिन तुम एक बात भूल रहे हो कि उसके नाजायज संबंध सुबोध से ही नहीं है। उसके संबंध और लोगों से भी हैं। हो सकता है यह औरत के चक्कर में हत्या हो।आज कल ज्यादा यही सुनने मे आता है।यदि सुबोध ठाकुर की हत्या हुई है तो तुम सोनाली को भी अपने शक के दायरे से बाहर नहीं कर सकते।हाँ तुम्हारी यह बात सही है कि अभी हमें सीधे सोनाली को फायदा होता दिखाई नहीं दे रहा है।”
बेबी बोली,-“ सर सुबोध बहुत पैसे वाला आदमी है।कहीं इस पैसे के चक्कर मे तो उसकी हत्या नहीं हो गई।”
अविनाश बोला,-“एक काम करते हैं इस्पेक्टर मनोज की मदद से हम सब के पिछले एक महीने के अकाउंट डिटेल को चेक करते है।”
बेबी बोली,-“यह काम हमको पहले कर लेना चाहिए था।” अविनाश तुरंत इंस्पेक्टर मनोज को फोन लगाता है।
“मुझे तुम्हारी मदद चाहिए। मैं चाहता हूं कि इस केस में जितने भी लोग इन्वॉल्व हैं सुबोध, सुशांत, रीमा रानू,साहिल और सोनाली सभी के पिछले एक महीने की बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल मिले।”
“मैं कोशिश करता हूं।”
“जितनी जल्दी रिपोर्ट मिल जाए उतना अच्छा रहेगा।”फोन रखने के बाद से अविनाश तुरंत फोन रीमा को मिला देता है।