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साली की चूत चुदाई करवाई बीवी ने

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साली की चूत चुदाई करवाई बीवी ने

मैं नवीन उम्र 23 साल, 6 महीने पहले शादी करके आई 21 साल की मेरी बीवी आँचल और मेरी इकलौती साली बुलबुल, उस हादसे को भूल कर हम तीनो प्यार से रह रहे थे. रोज की तरह एक दिन मेरी प्यारी कमसिन साली बुलबुल ने स्कूल से आते ही बस्ता सोफे पर फेंका, टाई,बेल्ट और शूज उतारे और हाफ शर्ट के उपरी बटन खोलकर बेड पर लेट गयी स्कर्ट के नीचे से शर्ट निकाल कर नाभि के उपर तक चढ़ा लिया पंखा फुल स्पीड पर था जिसके कारण स्कर्ट गोरी जाँघो से हट गयी थी पैंटी का उभार साफ दिख रहा था मे उसके नुकिले चुचक,गहरी नाभि और गड्राई जांघों के बीच का फुला हुआ हिस्सा खिड़की से एकटक देख रहा था अचानक मेरी पत्नी आँचल ने मेरी चोरी पकड़ते हुए चिमटी काटी और खींच कर एक साइड मे लेजा कर बोली “कच्चे कच्चे नींबु देख रहे हो माल लगभग तैयार है.बुलबुल अब जवान हो चुकी है कभी उसके जिस्म को नज़दीक से सूँघा है? उसकी जांघों के बीच से मर्दों को मधहोश करने वाली मादक गंध आती है अगर यकीन ना हो तो खुद कभी सोती हुई को सूंघ लेना और जवानी तो दीवानी होती है अपनी साली के चूतड़ का उभार तो देखना कैसे मस्त और कसी हुई गांड है उसकी और उसकी चूची तो अब नींबू से बढ़ कर क़िसी अनार जैसी लगती है मुझे यकीन है की कॉलेज के लड़के उस पर लाइन मारते होंगे जवान लड़की की टाँगें कब खुल जाये पता नहीं चलता और मेरी प्यारी बुलबुल पर तो बला का हुस्न चढ़ा हुआ है मेरे अच्छे बलमा मुझे ही चोदते रहोगे या फिर अपनी साली के लिए भी लड़के की, यानी की लंड की तलाश भी करोगे कहीं क़िसी अंजान ने चोद दिया अपनी बुलबुल को तो मुँह दिखाने के काबिल नहीं रहोगे जवानी और हुस्न को जल्दी से संभाल लेना चाहिए समझे? यकीन ना हो तो अभी इसकी जांघों के बीच सूंघ कर देख लो कहकर मेरा हाथ पकड़ कर बुलबुल के बेड की तरफ ले जाने लगी मेने धीमी आवाज़ मे पर सख्ती से कहा पागल हो क्या, बुलबुल मेरी साली है, क्या सोचेगी?आँचल नही मानी मेरा सर बुलबुल की जांघों मे झुका कर बोली की अब इसकी आँख लग गयी हैं मैं उपरी दिल से नाटक कर रहा था की बुलबुल से ऐसा कुछ नही करना चाहता लेकिन आँचल के ज़रा से हाथ के दबाओ से मेरा नाक बुलबुल की पेंटी से ढकी उभरी चूत को लगभग छुने लगा मैने एक ज़ोर की सांस अंदर की तरफ खींची ओह गॉड! सचमुच अधपकी जवान चूत की ऐसी मादक गंध थी की मेरे सारे बदन मे करंट सा दौड़ गया और मेरा लंड खड़ा हो गया मेरी पत्नी आँचल ने मुझे बाहर की तरफ खींचते हुए कहा की चलो अब कहीं बुलबुल जाग ना जाए कमरे से बाहर निकलते ही आँचल ने मेरी पेंट को तंबू बनाये हुए लंड को पकड़ कर भींचते हुए कहा की देखो लंड साली की चूत सूंघते ही कितनी जल्दी अकड़ गया है अभी थोड़ी देर पहले तो मुझको घोड़ी बना कर चोद कर हटा था.

मेरी पत्नी मुझे बेडरूम में ले गयी और पूरी नंगी हो कर मेरे सीने पर लेट गयी मेरा लंड कुछ ढीला पड़ चुका था और आँचल की बड़ी बड़ी चूची मेरे सीने में धँसी हुई थी और मेरे हाथ उसके गोरे गोरे मांसल चूतड़ पर सैर कर रहे थे मेरा ध्यान अपनी साली बुलबुल की तरफ फिर चला गया मैं ये मानने को तैयार ना था की मेरी साली चुदाई की उम्र पर पहुँच चुकी है लेकिन मेरे अंदर का मर्द साफ देख रहा था की मेरी साली पर जवानी एक तूफान की तरह चढ़ चुकी थी बुलबुल अब 18 साल की हो चुकी थी मेरी साली अधिकतर स्कर्ट्स पहनती थी जिसमें से उसकी खूबसूरत जांघे झलक पड़ती थी गोरे रंग वाली मेरी प्यारी साली के चूतड़ मांसल थे और जब वो चलती तो उसकी गांड ठुमक ठुमक करती मेरी आँखों से छुपी ना रहती और मेरा हाथ उसकी गांड को सहलाने को मचल उठता बुलबुल का पेट सपाट था और चूची उठी हुई है.

जब वो बेडमिंटन खेलने जाती है तो उसके वाइट ब्लाउज से उसकी चूची दिखाई देती है और मेरा लंड खड़ा हो जाता है बाकी लोगों का क्या होता होगा मुझे नहीं पता बुलबुल के बाल लड़कों की तरह कटे हुए हैं और उसके मोटे होंठ हमेशा रस से भरे हुए दिखते हैं इन्ही ख्यालो मे मेरा लंड फिर खड़ा हो गया मेरी बीवी ने लंड को मूठी मे लेकर फिर बोली “मेरी बुलबुल रानी फिर याद आ रही है क्या? अब तो आपका काम बनवाना ही पड़ेगा लेकिन फिलहाल तो मुझे ही बुलबुल समझ कर चोदो मेरे राजा मेरे जीजू” बीवी के मुँह से जीजू सुन कर मेने आँचल को दबोच लिया और उठा कर टाँगे कंधों पर रख कर एक ही धक्के मे लंड जड़ तक पेल दिया हाय जीजू आहिस्ता करो आँचल ने सिसकी के साथ मेरे कान मे कहा ना जाने क्यों.

इससे मेरा जोश और बढ़ गया और मे उसे तेज तेज उचक उचक कर चोदने लगा ताज्जुब की बात थी की मुझे ऐसा लग रहा था की मे बुलबुल को ही चोद रहा हूँ आँचल भी नीचे से गांड उछलाते हुए बोल रही थी हाय जीजू फाड़ दो और ज़ोर से जीजू में गई झड़ने के थोड़ी देर बाद आँचल ने आँखे खोली और बोली की आप मुझे बुलबुल समझ कर चोदो और मे आपको जीजू कह के चुदवाउंगी फिर देखना चुदाई का असली मज़ा.

फिर वो बोली आजा मेरे राजा जीजू चोद ले अपनी साली को मेने भी कहा की हाय मेरी बुलबुल रानी दे दे मुझे और उसे दबोच लिया सचमुच इस बार मेने दुगुने जोश से उसकी चुदाई की और ऐसा जोरदार चरम आनंद पहले कभी नही आया\

अगले दिन रविवार था नहा धो कर सब नाश्ता कर चुके थे आँचल मेरे साथ ही बैठी थी अचानक रूम की खिड़की के पर्दे को हटा कर मेरी बीवी ने मुझे उधर देखने का इशारा किया मेने झाँक कर देखा तो आँखे वहीं जम गयी मेरी साली उधर पड़े बेड के नीचे कोई चीज़ उठाने के लिए घुटनो के बल झुकी हुई थी उसकी सिर बेड के नीचे लगभग फर्श पर टिका था जबकि उसके चौड़े भारी नितंभ उपर उठे हुये थे उसका स्कर्ट कमर तक उलट गया था जिससे उसके माखन जैसे चूतडो पर से मेरी नज़र नहीं हट रही थी काली पैंटी उसकी जवानी को संभाल नही पा रही थी जिससे उसकी गदराई गोरी चूत पैंटी के दोनो तरफ से चाँद की तरह झाँक रही थी.

अपनी साली के जिस्म को देखते ही मेरा लंड फिर से तन गया और मेरी बीवी के पेट पर चुभने लगा अभी से लंड खड़ा होने लगा अपनी साली की जवानी को देख कर के शोना? मेरी बीवी ने मेरे खड़े लंड का कारण ठीक तरह से अंदाज़ा लगाते हुए मुझे ताना मारा और फिर मुस्कुरा कर बोली की जा चाट ले रस भरी जवानी को नही तो कोई और खा जायेगा इस गुलकंद को मे नही चाहती की हमारे घर का ये नायाब ख़ज़ाना कोई पराया लूटे कह कर मेरे लंड को अपने होंठों से चूमने लगी मेरी पत्नी असल में ही एक चालू औरत है जो मेरे मन के अंदर का हाल जान ही लेती है.

थोड़ी देर मे नहा धोकर ताजे फूल की तरह महकती हुई बुलबुल भी हमारे कमरे मे जैसे ही दाखिल हुई मेरी बीवी के मुँह से लंड प्लॉप की आवाज़ के साथ बाहर निकल गया बुलबुल की नज़रें कुछ सेकेंड्स के लिए खड़े लंड पर टिक सी गयी फिर सॉरी बोल कर वापस जाने लगी तो मेने बीवी को डाटा की डोर तो लॉक कर लिया होता मेरी बीवी ने लंड को ढकते हुए बुलबुल को सॉरी बोला और कहने लगी आ जाओ वो मेने ढक दिया है बुलबुल शरमाती हुई अंदर आ गई और कहने लगी की दीदी आज तो सारा दिन बोर हो जायेगे क्या करें? आँचल बोली की अलमारी से ताश निकाल ले बुलबुल ताश लेकर हमारे साथ बेड पर बैठ गयी उसने हल्का सा मेकअप किया हुआ था उसके काले बालों और चाँद से मुखड़े से भीनी-भीनी खुशबू मेरे शरीर मे समा गयी मेरी बीवी ने कहा की बेट लगा कर तीन पत्ती खेलते हैं ताकि खेल मे रूचि बनी रहे बुलबुल बोली की बेट मे मेरे पास देने के लिए तो पैसे नही हैं.

आँचल बोली की बुलबुल रानी जो तुम दे सकती हो वही चीज़ माँगी जायेगी जो हारेगा उसको बाकी दोनो का हुकुम मानना पड़ेगा आँचल ने कार्ड्स बाट दिये पहली ग़मे बुलबुल जीत गयी बुलबुल ने तुरन्त आँचल को हुकुम दिया “दीदी डांस करके दिखाओ” मेरी बीवी ने दो-चार ठुमके लगाये और बैठ गयी दूसरी बाज़ी आँचल जीत गयी तो तुरन्त उसने मुझे ऑर्डर दिया की बुलबुल की स्कर्ट और टॉप उतारो मे हिचकिचाया और बुलबुल भी शर्म से सिमटी तो आँचल ने कहा ”ऑर्डर इज ऑर्डर कोई रियायत नही” बुलबुल मेरी तरफ सरकते हुए बोली की कोई बात नही जीजू उतार दो मेरा भी नंबर आयेगा| मैंने हाथ बढ़ा कर बुलबुल को बेड पर ही घुटनों के बल खड़ा किया और उसके हाथ ऊपर कर उसकी टॉप को निकाल दिया। टॉप निकालते हुए मैंने उसके इतने नज़दीक होने का थोड़ा फायदा उठाया और अपने हाथ लगभग उसके चूचों से टच करता हुआ ले गया और जवान शरीर के खुशबू को भी खूब जम के सूंघा। अब आयी स्कर्ट की बारी मैंने उसे अब बेड पर लिटाया और उसकी जांघें अपने पैरों पर रख के कमर के दोनों तरफ से उसकी स्कर्ट का इलास्टिक पकड़ कर नीचे खींचने लगा. इस बार भी जब स्कर्ट का इलास्टिक उसके चूत के पास तक पहुंचा तो अपनी हथेली से उसके चूत के उभारों के बीच सहला दिया। उसकी हलकी सी सिसकारी निकल गयी। ये सब देखकर मैंने देखा आँचल मुस्कुरा रही थी। अब बुलबुल सिर्फ पिंक कलर की ब्रा और पैंटी मे थी अगली गेममैं जीत गया मेने बुलबुल को हुकुम दिया की आँचल के बदन से पैंटी के अलावा सारे कपड़े उतार दो| अब मेरे सामने मेरे बीवी सिर्फ पैंटी में और मेरी प्यारी साली सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी| अगले गेम मे आँचल जीती तो उसने बदले की भावना से मुझे बुलबुल का चुम्मा लेने को कहा मेने बुलबुल की और देखा तो उसका चेहरा शर्म से लाल हो गया और नज़रें झुक गयी.

मेरी बीवी ने बुलबुल को भी हुकुम दिया की चुम्मा दो बुलबुल ने अपना सर मेरे कंधे पर टीका दिया मेने बुलबुल के सुन्दर मुखड़े को उपर उठा कर गाल का चुम्मा लिया और जोश मे दाँत गड़ा दिए बुलबुल गाल छुड़ाने की कोशिश करती हुई बोली “दाँत नही जीजू, अब छोड़ो मुझे” तो आँचल बोल उठी “आज कुछ मीठा हो जाये होठों का चुंबन लो बुलबुल लाल हुए गीले गाल को पोंछने लगी जिस पर दाँतों के निशान साफ दिख रहे थे बीवी का हुकुम मानते हुए मेने बुलबुल का सलोना मुखड़ा दोनो हाथों मे लेकर रसीले होंठो को चूसने लगा तो मादक सिसकी के साथ बुलबुल की सांस फूल गई साँसे उखड़ गयी.

मेरा भी लंड खड़ा हो गया आँचल की मोजूदगी का अहसास होते ही बुलबुल ने मुझे धकेलते हुए कहा अब छोड़ भी दो जीजू हमारे अलग होते ही आँचल ने कहा बुलबुल रानी कार्ड बाँटो तुम्हारी बारी है बुलबुल ने कार्ड बाटे इस बार मे जीत गया मेने बुलबुल को थोड़ी देर बाहर जाने को कहा उसके बाहर जाते ही मेने तने हुए लंड पर से लूँगी हटा दी और आँचल को लंड चूसने का ऑर्डर दे दिया मेरी बीवी एक मंजी हुई एक्सपर्ट की तरह लंड को चाटने और चूसने लगी इतने मे मुझे एक परछाई का अहसास हुआ मेने खिड़की से देखा, ओह गॉड! बुलबुल खिड़की से लंड चूसने को इतना मग्न हो कर देख रही थी की उसको ये भी पता नही चला की मेने उसे देख लिया है.

आँचल लंड को मुँह से बाहर निकाल कर बोली बुलबुल को बाहर क्यों भेज दिया वो भी लंड चूसना सीख लेती शादी के बाद काम आता मेने उसका कान खींच कर कहा तुम नही सुधरोगी मेने लंड को ढक कर बुलबुल को आवाज़ दी बुलबुल आ गई मेने कार्ड्स बाटे आँचल जीत गयी तो उसने बुलबुल को ऑर्डर दिया चलो अपने जीजू से लिपट कर किस करो बुलबुल शरमाई और बोली की मेरी उधार लिख लो खेलते-खेलते बुलबुल की तरफ मेरे 21 चुंबन उधार हो गये आँचल बोली बुलबुल रानी अगले रविवार तक रोज 3 बार किस करोगी तो तेरे जीजू का कर्ज चुकता होगा रात को डिनर के बाद आँचल और बुलबुल किचन मे बर्तन सेट कर रही थी उनका हँसी मज़ाक सुन कर मेने खिड़की से कान लगा दिये आँचल कह रही थी हाँ तो बुलबुल रानी जीजू का किस कैसा लगा मज़ा आया की नही? बुलबुल बोली आप बताओ ना मेरे जीजू के लंड का स्वाद कैसा लगा? मे खिड़की से सब देख रही थी.

 


आँचल ने कहा की मुझे तो लंड चूसने मे बड़ा मज़ा आता है कहो तो तुम्हे भी स्वाद चखवा दूँ? बुलबुल शर्मा कर बोली दीदी आहिस्ता बोलो जीजू सुनेगे तो क्या सोचेंगे आँचल ने बुलबुल से कहा की अगर तुम्हारा जी करता हो तो मे तुम्हे लंड का स्वाद चखा सकती हूँ.

मगर किसके लंड का?

तुम्हारे जीजू के लंड का और किसका मे किसी बाहर के लड़के से परिवार की इज़्ज़त को धब्बा नही लगाने दूँगी मेरे पास एक ऐसा आइडिया है की तुम्हारे जीजू को भी इस बात का पता नही चलेगा की तुमने उनका लंड चूसा है बस तुम ये बतलाओ की लंड चूसने को दिल करता है या नही बुलबुल सर झुका कर बोली दीदी दिल तो तभी से कर रहा है जब मेने खिड़की से आपको जीजू का लंड चूसते देखा था मगर क्या आपको बुरा नही लगेगा और ऐसा कैसे हो सकता है की मे जीजू का लंड चूसू और उनको पता भी ना चले.

मुझे बुरा तब लगेगा जब तुम किसी बाहर के लड़के का चूसोगी और आइडिया ये है की सोने से पहले हम तुम्हारे जीजू के दूध मे नींद की गोलियाँ मिला देंगी फिर चाहे तूँ सुबह तक उनका लंड चूसती रहना

नही दीदी मुझे डर लगता है कहीं जीजू जाग गये तो मे उन्हे मुँह दिखाने के काबिल भी नही रहूंगी आँचल ने बुलबुल को नींद की गोली देते हुए कहा की इसे ले लो और सुबह इसके असर के बारे मे बताना

मैं खिड़की से हट कर बेडरूम मे चला गया रात को मे बीवी की प्लान से रोमांचित था लेकिन उसको जाहिर नही करना चाहता था मुझे हैरानी मे डालते हुए आँचल बोली आप बुरा ना मानना घर की इज़्ज़त का सवाल है बुलबुल ने मुझे लंड चूसते हुए देख लिया है वो कह रही थी की उसका भी लंड चूसने का दिल करता है मुझे डर है की कहीं अपनी इच्छा पूरी करने के लिए वो किसी बाहर के लड़के के चक्कर मे ना पड़ जाए और हमारी इज़्ज़त खाक मे मिल जाये.

मेने कहा की तुम बुलबुल को समझाओ की शादी से पहले वो कोई ऐसा काम ना करे आँचल बोली आप क्या जानो की एक बार लंड देखने के बाद कुँवारी लड़की पर क्या गुजरती है उसने तो आपका खड़ा लंड देखा है वो भी एक औरत द्वारा चूसते हुए उसकी लंड मे दिलचस्पी को देखते हुए मे यकीन से कह सकती हूँ की वो शादी तक इंतज़ार नही करेगी अब इस घर की इज़्ज़त आप के हाथ मे है मेने कहा की मेरे हाथ मे कैसे मे तो उसका जीजा हूँ बुलबुल आपका लंड चूसने को तैयार है बशर्ते आपको पता ना चले मेने आपको नींद की गोली देने की बात कही है लेकिन मे चाहती हूँ की आप खुद देखें की वो लंड के लिए कितनी बेचैन है.

मे उसको कह दूँगी की मेने आपको नींद की गोली दे दी है आपको बस इतना बहाना करना है की आप गहरी नींद मे हैं और कुछ भी हो जाये आपको अपनी आँख नही खोलनी हैं मेने कहा की उसको मजबूर ना करना अगर बुलबुल खुद ही ये सब करे तो उसकी मर्ज़ी है उसके बाद आँचल बुलबुल के कमरे की तरफ निकल गयी और उसके आने से पहले मे बुलबुल के हसीन ख्यालो मे खो कर सो गया अगली सुबह जब दोनो बुलबुल दीदी किचन मे चाय नाश्ता तैयार कर रही थी तो मे खिड़की से कान लगा कर उनकी बातें सुनने लगा बुलबुल कह रही थी दीदी रात को पता नही मेरी नाइटी और पैंटी किसने उतार दी गोली के असर से मुझे कुछ भी पता नही चला मेरी चूत पर भूरे से बाल थे वो भी साफ हैं आँचल बोली ये सब मेने किया ताकि तुम्हे गोली के असर का पता चले तुम्हारे कपड़े उतारे हेयर रिमूवर से बाल साफ किये और गुलाब जल से धो कर कई देर तक तुम्हारी चूत चाटी लेकिन तुम्हे पता भी नही चला.

बुलबुल बोल पड़ी जीजू को यही वाली गोली रात को देना आँचल बोली चिंता ना कर उन्हे भनक भी नहीं लगेगी की सोते हुए उनका लंड कोंन खाली कर गया मेरी बीवी का दिमाग़ कमाल का था उस रोज डिनर के बाद आँचल ने बुलबुल को दिखा कर मेरे दूध के ग्लास मे एक नींद की गोली डाली तो बुलबुल ने यह कह कर दूसरी गोली डाल दी की जीजू का शरीर बहुत तगड़ा है एक गोली का असर जल्दी ख़त्म ना हो जाये मे तुरंत बेडरूम मे जा कर लेट गया आँचल बुलबुल को कह रही थी जा खुद दूध का ग्लास ले जाओ थोड़ी बहुत उनकी उधार भी चुका देना बुलबुल आई और टेबल पर ग्लास रखते हुए बोली जीजू आपका दूध जल्दी पी लेना ज़्यादा गर्म नही है बुलबुल जाने लगी तो मेने हंस कर कहा की मेरी उधार कब उतारोगी? जीजू अभी तो दीदी है कल स्कूल से जल्दी आ जाउंगी फिर सारी उधार वसूल कर लेना फिर मेरे पास बैठ गयी और बोली की जल्दी कर लो दीदी के सामने मुझे शर्म आती है.

में बुलबुल के होंठ चूसने लगा 2-3 मिनिट के बाद आँचल ने पुकारा तो बुलबुल चली गयी मेने दूध को फ्लश मे डाला और अंडरवेयर निकाल कर लूँगी बांधी और लेट गया कुछ देर के बाद आँचल की आवाज़ सुनाई दी मे देख कर आती हूँ वो आई और खाली ग्लास देख कर खुद को कहने लगी की लगता है ये तो सचमुच दूध पी गये मे आँख खोल कर मुस्कुराया तो आँचल समझ गयी और आहिस्ता से बोली की अभी बुलबुल को लेकर आऊंगी आप सोने का नाटक जारी रखना थोड़ी देर मे आँचल बुलबुल को लेकर आई वो कह रही थी की तुमने गोली का ज़्यादा डोस दे दिया अब ये सुबह तक नही उठेंगे बुलबुल बोली दीदी क्या नींद मे लंड खड़ा हो जायेगा मुझे खड़ा लंड चूस कर देखना है आँचल बोली हाँ हाँ क्यों नही नींद मे तो मर्द डिसचार्ज अक्सर होते हैं तुम्हारे जीजू का लंड तो मे रोज सुबह देखती हूँ की सोते हुए भी खड़ा रहता है चाहे मुझे सारी रात चोदा हो.

आँचल ने एक बार मुझे हिला कर आवाज़ दी लेकिन मे एकदम सीधे पड़ा रहा अब बुलबुल को पूरा यकीन हो गया तो वो बोली दीदी आप दूसरे कमरे मे चली जाये मे अपने आप कर लूगी आपके सामने मुझे शर्म आती है आँचल बाहर चली गयी तो बुलबुल ने आहिस्ता से मेरी लूँगी को लंड पर से हटाया और अपने नाज़ुक हाथ मे लंड को पकड़ लिया लंड मे सरसराहट हुई तो पहले तो बुलबुल ने डर कर लंड छोड़ दिया की शायद मे जाग गया लेकिन फिर मूठी में पकड़ लिया मे आँख के कोने से देख रहा था की आँचल खिड़की से ये नज़ारा देख रही थी बुलबुल ने थोड़ा सा ही सहलाया था की लंड पूरी तरह फंनफना कर खड़ा हो गया.

बुलबुल ने खुश हो कर लंड को किस किया और फिर सूपडे को गालों से सहलाने लगी जब लंड पर ज़्यादा प्यार आया तो उसने सूपडे को मुँह मे ले लिया उसे पूरा मुँह खोलना पड़ा था अब वो सूपडे को जीभ और तालू के बीच मे दबा कर लोलीपोप की तरह चूस रही थी आँचल को देख कर वो जल्दी सीख गयी थी कभी वो लंड को चारों तरफ से चाटती तो कभी पूरा गले मे उतारने की कोशिश करती मेरे लंड से मर्द पानी का रिसना शुरू हुआ तो पहले वो लंड को मुँह से निकाल कर सूंघने लगी और फिर मर्दाना स्मेल से वशीभूत हो कर वीर्य को चाट कर देखा उसने लंड को फिर मुँह मे ले लिया शायद लंड रस का स्वाद उसे भा गया था बुलबुल आँख बंद करके लंड चूसे जा रही थी मे जन्नत मे था आँचल चुपके से अंदर आ गई और लंड चूसने का नज़ारा देखने लगी उसने मेरी तरफ देखा तो मेने आँख मार दी आँचल ने मुझे आँख बंद रखने का इशारा किया.

थोड़ी देर मे बुलबुल को आँचल की मोजूदगी का एहसास हुआ तो उसने प्लॉप की आवाज़ के साथ लंड को मुँह से बाहर निकाला और बोली प्लीज़ दीदी बाहर जाओ ना मुझे शर्म आ रही है

आँचल बोली बुलबुल मे तुम्हे ये बताने आई हूँ की चरम पर पहुँचने के बाद लंड से काफ़ी माल निकलता है उसे बेड पर या इनकी बॉडी पर ना गिरने देना ताकि सुबह इन्हे शक ना हो तुम सारा पी जाना लंड का पानी कुँवारी लड़की के लिए बहुत फायदे वाला होता है

लंड रस के क्या क्या फायदे हैं दीदी?

लंड रस से बदन मे निखार आ जाता है चूतड़ भारी हो जाते हैं और बूब्स सुडोल हो जाते हैं शादी के बाद इसीलिये तो लड़कियों का बदन सुन्दर और हरा भरा हो जाता है.

ये बात सुन कर बुलबुल ने लंड को फिर से चूसना शुरू कर दिया जब मेरा शरीर अकड़ने लगा तो आँचल बोली पानी निकलने वाला है बुलबुल ने लंड को और ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया मेरे लंड से पिचकारियाँ छुटने लगी तो उसके मुँह की पकड़ और मजबूत हो गयी वो लंड की आखरी बूँद तक निचोड़ निचोड़ कर पी रही थी लंड ढीला पड़ा तो बुलबुल बोली दीदी दिल करता है की इसे मुँह मे लेकर ही सो जाऊं आँचल बोली की छोड़ो अब बाकी कसर फिर कभी पूरी कर लेना बुलबुल अपने रूम मे सोने चली गयी तो आँचल लाइट बंद करके मुझसे लिपट कर मेरे कान मे बोली कैसा लगा कुँवारी लड़की से लंड चुसा कर? मे बोला की थैंक्स डार्लिंग बुलबुल को मत बताना की मे जाग रहा था आँचल बोली कभी कुँवारी लड़की की चूत चाटी है? मेने कहा की नही वो बोली चाटोगे? मेने पूछा किसकी? आँचल बोली मेरी बुलबुल की और किसकी मे बोला बुलबुल मुझसे ऐसा कभी नही करवायेगी.

ये सब मुझ पर छोड़ दो आप सिर्फ़ ये बताये की कुँवारी चूत चाटने का दिल करता है या नही? किसका दिल नही करेगा लेकिन ना तो बुलबुल मानेगी और ना ही मे उससे यह करने के लिए कह सकता हूँ मे ही कोई रास्ता निकालती हूँ की आपको कुछ ना कहना पड़े अगली सुबह मे फिर बुलबुल दीदी की बातें सुन रहा था बुलबुल पूछ रही थी दीदी जैसे लड़कियों को लंड चूसने मे मज़ा आता है तो मर्द को ओरत का कोन सा अंग चूसने मे मज़ा आता है? आँचल : कुछ आदमी चूचीयाँ चूसना पसंद करते हैं तो कुछ चूत चाटना बुलबुल : क्या कहा मर्द चूत भी चाटते हैं? हाय दीदी! कल्पना से ही मेरी चूत मे तो पानी आ गया है क्या जीजू भी चाटते हैं आपकी? आँचल : तेरे जीजू रोज एक बार मुझे जीभ से ज़रूर झाड़ते हैं कुँवारी लड़की के लिए तो ये तरीका वरदान है ना सील टूटने का ख़तरा और स्वाद उतना ही तुम एक बार चटवा कर देखो रोज परोसने को दिल करेगा बोल चटवायेगी?

बुलबुल : दीदी दिल तो करता है की कोई मर्द मेरी चूत को चाट ले प्यार से चाटे मगर आपके अलावा मे दिल की बात किस से कहूँ? उस रात आपने मेरी चाटी थी मुझे तो पता भी नही चला

आँचल : अरी नींद की गोली के असर से तुम्हे पता नही चला जब तुम्हारे जीजू जागती हुई की चूत चाटेंगे तो तुम्हे तीनो लोक नज़र आयेगे

बुलबुल : क्या! जीजू से? ना बाबा ना मे तो शर्म से ही मर ही जाउंगी और जीजू भी इसके लिए कभी राज़ी नही होंगे आँचल : वैसे एक राज की बात बताती हूँ तुम्हारे जीजू तुम्हारी सोती हुई चूत चाटने को तैयार हैं वो कह रहे थे की बुलबुल को पता ना चले तो उसकी चूत सारी रात चाट सकता हूँ

बुलबुल : हाय राम! जीजू को मे इतनी प्यारी लगती हूँ लेकिन सोते हुए मुझे कैसे पता चलेगा की इसमे कैसा स्वाद आता है?

आँचल : सुनो मेरे पास एक आइडिया है मे तुम्हारे जीजू को दिखा कर तुम्हारे दूध मे नींद की गोली डालूंगी तुम उसे आँख बचा कर फ्लश मे डाल देना और फिर गहरी नींद मे सोने का नाटक करना फिर देखना अपने जीजू का कमाल!

बुलबुल : देखो दीदी जीजू को कभी नहीं बताना की मे चूत चटवाते हुए जाग रही थी जब मे झड़ने लगूँ तो मुझे होंठों पर किस करना ताकि उन्हे पता ना लगे की किसकी सिसकारियाँ निकल रही हैं मेने दोनो की सारी प्लान सुन ली अगर बुलबुल खुद अपनी चूत चटवाने को राज़ी है तो मुझे क्या एतराज हो सकता था शाम को आँचल ने मुझसे कहा की आपका काम बन जायेगा बुलबुल चूत चटवाने को तैयार है बशर्ते तुम्हे ये पता ना लगे की वो जागते हुए अपने होंश मे चूत चटवा रही है वो कहती है की जीजू मेरी सोती हुई चूत चाटे तो मुझे कोई एतराज नही है.

बस जीजू को पता ना चले की मे जानबूझ कर अपनी चूत चटवा रही हूँ दरअसल वो आपसे शरमाती है की जीजू क्या सोचेंगे मेने कहा की मुझे तो यकीन ही नही हो रहा की बुलबुल मान गयी है मे उसे ज़रा भी एहसास नही होने दूँगा की मुझे पता है की वो चूत चटवाते हुए जाग रही है डिनर के बाद आँचल ने मुझे किचन मे बुलाया और साथ ही बुलबुल को भी आँख से इशारा किया आँचल ने मुझे किचन मे बुला कर दूध के ग्लास मे नींद की गोली डाली मुझे पता था की बुलबुल भी खिड़की से छुप कर ये सब देख रही थी आँचल ने मुझे दूध का ग्लास देते हुए कहा की जाओ आप खुद ही ये बुलबुल को दे दो में जानबुझ कर दूध ले जाने मे देरी कर रहा था जिससे बुलबुल को अपने रूम मे जाने का मौका मिले मे बुलबुल के रूम मे गया तो देखा उसने कोई किताब पढ़ने के लिए उठा रखी है.

मेने कहा की तुम्हारी दीदी किचन मे काम कर रही हैं तुम ये दूध पी लो बुलबुल : रख दो जीजू मे पी लूंगी मे बाहर चला गया कुछ देर के बाद आँचल बुलबुल के पास गयी तो उसने दूध को फ्लश मे डाला और उसे फिर तसल्ली दे कर आई की तुम्हारे जीजू ने अब तो खुद तुम्हे नींद की गोली मिला हुआ दूध दिया है तुम स्कर्ट के नीचे से पैंटी उतार लो और बस नींद मे होने का नाटक करना मे अभी तुम्हारे जीजू को बोल कर आती हूँ आँचल मेरे पास आ कर हिदायत देने लगी बहुत प्यार से आधी खीली कली का रस आराम से चूसना उसने नींद की गोली नही ली है लेकिन आप उसे सोई हुई समझ कर चूत चाटना ताकि वो आपकी निगाहों मे मासूम और भोली बनी रहे जैसे की उसे पता ही नही की उसके साथ क्या हो रहा है आँचल वापस गयी और आधे घंटे के बाद बुलबुल के कमरे से ही मुझे आवाज़ दी आ जाओ बुलबुल गोली के असर से सो चुकी है.

मे नज़दीक पहुँचा तो आँचल उसे कह रही थी अब आँख बंद कर लो तुम्हारे जीजू आ रहे हैं मेरे अंदर जाते ही आँचल बोली संभालो अपनी नई रानी को अब ये नही जागने वाली सुबह तक यह कह कर आँचल बाहर निकल गयी आह! बुलबुल की कुँवारी ताज़ा जवानी मेरे सामने लेटी हुई थी मेने आहिस्ता आहिस्ता होंठो, गालों और गर्दन को चूमा, फिर स्कर्ट को चूतडो के नीचे से खिसका कर चूचियों तक उपर चढ़ा दिया नीचे ना ब्रा ना पेंटी, गहरी नाभि और गदराई जांघों के बीच फुली हुई फ्रेश चूत पहले मेने समोसे जैसी चूचीयाँ मुँह मे भर-भर कर चूसी तो बुलबुल की टाँगों मे कुछ हलचल हुई.

मेने जीभ को नाभि मे डाल कर हिलाया तो उसकी जांघे चौड़ी होती गयी हालाँकि उसने ऐसा शो करके जांघों के बीच जगह बनाई जैसे नींद मे अपने आप हो गयी हों मेने उसके भारी चूतडो के नीचे एक तकिया लगाया और टाँगों के बीच आ कर गर्म होंठ चूत पर रख दिए उतेज्ना से बुलबुल ने चेहरा एक साइड मे कर लिया मे उसके चूत के लहसुन को जीभ से गिटार के तार की तरह छेदने लगा फिर लहसुन को होंठों के बीच दबा कर चूसने लगा क्लिट तन कर सख्त हो गया मुझे ऐसा लगा की बुलबुल की हल्की सी सिसकारी निकल गयी मेने आँखे उपर उठा कर देखा बुलबुल के होंठ ज़रा से खुल कर थरथरा रहे थे अब मेने दोनो जांघों को उपर उठा कर पीछे की तरफ मोड़ दिया जिससे उसकी डबल रोटी जेसी चूत ज़्यादा उभर कर सामने आ गई और गांड का फूला हुआ छेद भी दिखने लगा. फिर मैं पूरी जीभ चूत पर रख कर पान के पत्ते की तरह चाटने लगा यानी गांड से लेकर चूत के टिंट तक चाटने से बुलबुल की जांघे चौड़ी हो गयी.

 
चूत से लगातार काम रस मेरी जीभ को मेहनत के फल के रूप मे मिल रहा था बुलबुल को अभी भी यकीन था की मे उसे सोई हुई समझ कर उसका काम रस पी रहा हूँ अब मे जीभ को चूत के द्वार मे डाल कर लप-लप करके चाटने लगा तो बुलबुल का बदन अकड़ने लगा और चूतड़ उचकने लगे बेमिसाल स्वाद के असर से बेचारी भूल गयी की उसने सोने का नाटक भी किया हुआ है मे दोनो हाथों को चूतडो के नीचे लगा कर ज़ोर ज़ोर से चूत से रिस रहे कचे खट्टे नमकीन रस को चाटने लगा कुछ ही देर के बाद बुलबुल की मूठियाँ भींच गयी और एक झटके के साथ चूत मेरे मुँह से चिपक गयी चरम सुख से चूत खुल-बंद हो रही थी और मे लगातार निकल रहे रस को चाटता रहा जब तक की बुलबुल पूरी तरह निढाल ना हो गयी उसके बाद मेने अपने बेडरूम मे जा कर आँचल को शुक्रिया कहा और बुलबुल की कल्पना करके उसकी जबरदस्त चुदाई की.

अगली सुबह बीवी और साली की बातों का मज़ा लेने के लिए मेने फिर से किचन की खिड़की से कान लगा दिया आँचल ने बुलबुल को छेडते हुए कहा क्यों बन्नो जीजू से चूत चटाई मे मज़ा आया या नही?

बुलबुल : दीदी आपका एहसान मे जिंदगी भर नही भूलूंगी मे सोच भी नही सकती थी की इसमे इतना मज़ा आता होगा

आँचल : फिर कभी दिल करे तो मुझसे बोल देना बाहर के लड़कों के चक्कर मे ना पड़ना

बुलबुल : एक बात तो है दीदी जब जीजू की जीभ मेरे चूत के अंदर बाहर हो रही थी तो इतना मज़ा आ रहा था मे बयान नही कर सकती

आँचल : अरी ये मज़ा तो कुछ भी नही है जब चूत के अंदर लंड लेकर देखेगी तो इस मज़े को भूल जाओगी तुम स्वर्ग मे गोते लगाने लगोगी लंड की ठोकर जब चूत की गहराई मे लगती है तो औरत सब कुछ भूल कर आनंद लोक मे विचरण करने लगती है.

बुलबुल : सच दीदी, क्या लंड डलवाने मे इतना मज़ा आता है? काश एक बार मे भी किसी का लेकर देख सकती

आँचल : और किसी के बारे मे सोचना भी मत यदि दिल करे तो मे तेरा काम तेरे जीजू से ही बनवा दूँगी मेरे पास ऐसा आइडिया है की तुम लंड अंदर लेने का मज़ा भी ले लोगी और तुम्हारे जीजू को पता भी नही चलेगा

बुलबुल : सच दीदी, प्लीज़ बताओ ना वो आइडिया

आँचल : बता दूँगी इतनी भी जल्दी क्या है

कुछ दिनो के बाद राखी का दिन था और उस दिन बुलबुल ने मुझे राखी बांधी और राखी का गिफ्ट मांगने लगी

मैंने मुस्कुराते हुए कहा : मैं क्या गिफ्ट दूं मेरे तो तुम पर अभी कोई 15 किस उधार ही हैं.

तभी आँचल आ गयी और बोली : ना जी ना आज आपकी उधार नहीं चलेगी. आज तो बुलबुल अपने जीजू को किस करेगी. क्यों बुलबुल ले ले अपने जीजू को आज जी भर के किस जहां तेरा जी चाहे और निकाल ले अपना बदला.

बुलबुल : ओके दीदी लव यू पर आपके सामने नहीं आप जाओ मैं जीजू से अकेले में गिफ्ट लूंगी.

मेरी पत्नी दूसरे कमरे में चली गयी और बुलबुल मेरे पास बैठ गयी जीजू आपको क्या हो गया? आपका तो रंग उतर गया क्या मैं आपको किस नहीं कर सकती जीजू! मैं आपके साथ बैठ जाती हूँ मेरे प्यारे जीजू उदास क्यों होते हो? कहते ही मेरी साली ने अपनी बाहें मेरी गर्दन पर डाल दी और मेरी गोद में बैठ गयी मेरे लंड को करंट सा लगा और मेरा लंड तन गया और बुलबुल के चूतड़ के बीच की दरार में दाखिल होने लगा बुलबुल मेरे गालों पर अपना गाल रगड़ने लगी और मुझे जहां तहां चूमने लगी. मैं भी जोश में आ गया और मैने अपनी साली के रसीले होंठों पर अपने होंठ टीका कर किस कर लिया मेरी साली पहले तो मेरे साथ चिपक गयी और उसके होंठ खुल गये मे उसकी मीठी जीभ का रस पान करने लगा लेकिन जब मैने उसकी चूची ज़ोर से मसल डाली तो वो उठ कर भाग गयी मुझे लगा की वो मेरी कामुकता को समझ गयी और मुझसे नाराज़ हो गयी.

मुझे बहुत शर्मिंदगी हुई और डर भी लगा की कहीं अपनी दीदी से कुछ ना कह दे मेरी पत्नी तो मुझे पहले से ही साली का यार कहती रहती है अगर आज की ये बात आँचल को पता चल गयी तो ना जाने क्या सोचेगी? थोड़ी देर मे बुलबुल फिर आई और मेरे कान मे फुसफुसा कर बोली जीजू चलो एक चीज़ दिखाती हूँ और मेरा हाथ पकड़ कर आँचल के रूम की खिड़की के पास ले गयी बुलबुल ने आँख लगा कर अंदर देखा और मुझे भी देखने का इशारा किया मेने बुलबुल के पीछे सट कर अंदर का नज़ारा देखा. बुलबुल से इतना चिपक कर खड़ा होने से मेरा लंड एकदम तन गया और बुलबुल के चूतडो के बीच मे गड़ गया मेने बुलबुल के गाल से गाल सटा कर देखा की मेरी बीवी टीवी पर वो विडियो देख रही थी जो मैंने और उसने चुदाई करते वक़्त अपनी पहली मैरिज एनिवर्सरी पर बनायी थी.

विडियो में सीन चल रहा था की मेरे हाथ आँचल के नितंबो को भींच रहे थे। तो आँचल मेरा 9 इंच का लंड प्यार से सहला रही थी फिर मेरी पत्नी घुटनो के बल नीचे बैठ गयी और उसने मेरा विशाल लंड चाटना शुरू कर दिया और लंड को चूसने लगी बुलबुल के मुँह मे पानी आ गया उसने सुन्दर मुखड़ा मेरी और मोड़ा तो हमारी जीभे भी एक दूसरे का रस पान करने लगी. विडियो में मैं मेरी बीवी को बेड पर ले गया और हम दोनों 69 की पोज़िशन मे हो गये लंड और चूत का रसपान एक साथ शुरू हो गया थोड़ी ही देर मे आँचल के होंठो के किनारो से वीर्य छलकने लगा बुलबुल ये देख कर मुस्कुराने लगी. फिर आँचल ने लंड को दबा दबा कर आख़िरी बूँद तक चूसती रही तो मेरा लंड फिर खड़ा हो गया.

आँचल खुश हो कर चूतडो के नीचे तकिया लगा कर लेट गयी और जांघे चौड़ी करके बोली लाओ मेरे राजा अब एनिवर्सरी का असली गिफ्ट दो. मैंने जैसे ही विशाल लंड का सुपाड़ा अपनी बीवी की चूत पर रखा तो विडियो में आँचल के साथ-साथ असल में बुलबुल के मुँह से भी सिसकारी निकल गयी और पलट कर मुझसे लिपट गयी और मेरी कलाई पर बांधी गयी राखी को सहलाते हुए कान मे धीरे से बोली जीजू मेरा गिफ्ट?

मेने बुलबुल को गोदी में भर कर उठा लिया और दूसरे रूम मे बेड पर ले गया. और पहले लौट कर बाहर आया और सीधा आँचल के पास गया और उसे एक मदहोश कर देने वाल किस दिया और बोला – शोना तेरा आईडिया काम कर गया. तेरी बहन चुदने के लिए पागल हुई जा रही है.

आँचल बोली : तो जाओ ना मेरे राजा बना दो अपनी साली को भी अपनी इस मोटे लम्बे लंड का दीवाना. कोई ज़रुरत हो तो मुझे बुला लेना. बेस्ट ऑफ़ लक शोना मेरे.

मैं वापस बुलबुल के पास आ गया. तो वो पूछने लगी – कहाँ गए थे जीजू? मैंने भी बहाना कर दिया – बस मेरी जान तेरी दीदी के कमरे की कुण्डी लगाने गया था. तुम्हें तो उसके सामने मुझे किस लेने में भी शर्म आती है फिर अभी तो हम सुहागरात मनाएंगे साथ में. ठीक है न मेरी साली जान?

बुलबुल शर्म के मारे बेड पर उल्टी हो करके लेट गयी मेने उसकी मस्त गदराई जाँघो पर से स्कर्ट को कमर तक उपर किया तो मेरी आँखे चोक गयी बुलबुल ने चड्डी नही पहनी हुई थी और वही चौड़ा गौरा पिछवाड़ा बिना चड्डी के मुझे बुला रहा था मे झट से नंगा हो कर अपनी कमसिन साली के उपर चढ़ गया मेरा लंड सीधा उसके गदराये चूतड़ को अलग करता हुआ गांड पर जा टिका नीचे हाथ डाल कर मेने उसके दोनो अनारो को दबोच लिया और प्यार से उसकी गर्दन कान और गालों को चाटने और चूसने लगा उत्तेजना मे बुलबुल के मुँह से सिसकियाँ निकल रही थी। जैसे ही मेने लंड का दबाव गांड पर बढ़ाया तो बुलबुल दर्द मे बोली की जीजू अभी उपर-उपर से कर लो कहीं दीदी ना आ जाये.

मे उसकी ज़ुल्फो की महक लेता हुआ बोला की वो कई सो चुकी है अब 3-4 घंटे बाद ही उठेगी. फिर मेने उसके पेट के नीचे तकिया लगाया जिससे उसके चूतड़ उपर हो गये और मेने झट से उस ख़ज़ाने को चूमना चाटना शुरू कर दिया उसकी रोम विहीन योनि से लेकर गांड तक पागलों की तरह चाटने लगा. मेरी और मेरी बीवी की रासलीला की विडियो देख कर बुलबुल की झिझक ख़त्म हो गयी थी बुलबुल की चूत से अमृत की बारिश होने लगी मेने एक बूँद भी बर्बाद नही की बुलबुल ने बेबस होकर अपने चूतड़ उपर उठा लिए और बोली की जीजू जो करना है जल्दी कर लो कहीं दीदी ना आ जाये मे उसके गोरे पिछवाड़े को फिर चूमने और चाटने लगा तो बुलबुल बोली की हाय जीजू अब डाल भी दो. मेने भी गांड को जीभ से और गीला किया फिर आलू जैसा मोटा सुपाड़ा गांड पर रख कर दबाव बढ़ाया पर लंड नही घुसा बुलबुल बोली की जीजू मेरी गांड कुँवारी है और आपका लंड मोटा भी ज़्यादा है लाओ इसे चिकना कर दूँ.

यह कह कर वो मेरी और मुड़ी और लंड को मुँह मे लेने की कोशिश करने लगी मोटाई से पूरा मुँह ब्लॉक हो गया तो वो सारे लंड को जीभ से चाटने लगी जब लंड पूरा गीला हो गया तो उसने तकिये पर गाल टीका कर गांड को उँचा उठा लिया मे भी घुटनो के बल उसकी गांड पर लंड टिका कर दोनो चूचियों को पकड़ कर शॉट लगाया तो गांड के टांके उधड़ गये और आधा लंड साली की गांड मे घुस गया बुलबुल के मुँह से एक छोटी सी चीख निकली “उई माँ…हाय जीजू रूको” मेने एक और करारा शॉट मारा और मेरे अंडकोष उसके चूतडो से जा लगे अब पूरा 3 इंच मोटा लंड बुलबुल की गांड मे था और वो सिसक रही थी मे उसके गालों पर बहते आँसू को चाटने लगा ताकि उसे कुछ धीरज बँधा सकूँ.

एक हाथ नीचे ले जाकर मेने उसकी चूत के लहसुन को सहलाना शुरू कर दिया थोड़ी ही देर मे बुलबुल नॉर्मल हो गई और जाँघो को चौड़ा करके लंड को गांड मे अच्छी तरह एड्जस्ट कर लिया बुलबुल सी सी कर रही थी और मैं उसके चूची को दबा रहा था और अपना लंड उसकी मस्त गांड मैं अंदर बाहर कर रहा था बुलबुल आआहाहह आआआअहह आह ऊऊओह किये जा रही थी थोड़ी देर के बाद बुलबुल सिर्फ़ सीईईईईई सीयी सीईइ कर रही थी अब उसे भी मजा आ रहा था वो भी गांड को धीरे धीरे पीछे कर रही थी 10 मिनिट पूरे ज़ोर से धक्कों के बाद बुलबुल ने भी तेज़ी से जवाबी धक्के देने शुरू कर दिये और झड़ गयी मैने भी अपना पानी बुलबुल रानी की गांड मैं ही छोड़ दिया और मैं बुलबुल के होंठो को चूमने लगा और हल्के हल्के उसकी चूची दबा रहा था थोड़ी देर मैं हम दोनो ठंडे हो गये.

बुलबुल ने मुझे प्यार से मारते हुये कहा की मैं आप से कभी ये सब नही करवाउंगी आप बहुत ज़ोर से करते हो और मुझे प्यार से मारने लगी मैने उसे किस करके शांत किया और बोला मेरी प्यारी साली मुझे माफ़ कर दो मैने तुम्हारे प्यार मैं पागल होकर ऐसा किया और फिर बुलबुल ने कपड़े बदले और जाकर सो गई.

मैं भी आँचल के पास गया. मेरे चेहरे पर विजयी मुस्कान थी. उसके पूछने पर मैंने झूठ बोल दिया की बस ऊपर-ऊपर से ही प्यार किया. तुम्हारे आ जाने के डर से वो इतनी नर्वस थी की कुछ करने ही नहीं दिया.

आँचल : ओह्ह मेरे शोना का लंड बेचारा प्यासा ही रह गया? सो सॉरी शोना. ये लड़की ऐसे नहीं मानेगी. इसकी चूत चाहिए शोना तो इसे आपको अपनी बीवी बनाना पड़ेगा.

ये क्या बोल रही है तू बाबू? बुलबुल और मेरी बीवी? वो कैसे और क्यों मेरी बीवी बनेगी हाँ?

आँचल : क्यों नहीं बनेगी? जीजू का लंड चाहिए तो बीवी बनेगी और मैं जानती हूँ आपके लंड के लिए वो पागल हो चुकी है. और इसमें बुराई’ क्या है साली ही तो है उसकी शादी को अभी कम से कम 5-6 साल हैं तब तक आपकी बीवी बन के रहे. मुझे पता है आप मुझ से बहुत प्यार करते हो और अगर आपका मन है उसे चोदने का तो मैं कैसे मना कर सकती हूँ मैं तो बस रास्ता बना रही हूँ आपके लिए.

वो तो ठीक है बाबू पर बुलबुल इसके लिए राज़ी नहीं होगी.

 


आँचल : उसकी चिंता आप छोडो शोना आप बस अपने लंड की मालिश शुरू कर दो. आज रात ही आप दोनों की सुहागरात मनवाती हूँ मैं मेरा वादा है ये. कहके वो मुस्काने लगी. मुझे बहुत प्यार आया अपनी बीवी पर और मैंने उसे ढेर साड़ी किस दी.

फिर आँचल बुलबुल के कमरे में गयी और उसे जोर से हिला हिला कर जगाया और गुस्से से बोलने लगी “क्यूँ री तुझे बड़ा घमंड है क्या अपनी चूत पर? दुनिया में बस तू ही एक लड़की है क्या जिसके पास चूत है?”

बुलबुल : क्या हुआ दीदी आप इतना गुस्सा क्यूँ हैं मुझ पर?

आँचल : तो फिर जीजू जब अभी तुझे प्यार करने आये थे तो कुछ करने क्यूँ नहीं दिया तूने उन्हें? बड़ा घमंड आ गया है क्या तुझे अपनी चूत पर? मत भूल तेरी इसी चूत की प्यास को मैंने तेरे जीजू से चटवा के बुझवाया था.

बुलबुल सुबकने लगी और बोली – सॉरी दीदी मुझे बस आपका डर सता रहा था की आप बुरा मान जाओगी तभी मैंने जीजू को कुछ नहीं करने दिया वैसे मेरा भी बहुत मन है उनसे ही चुदने का बस (वो भी गांड मरवाने की बात साफ़-साफ़ छुपा गयी)

फिर आँचल ने उसका सर अपने गोद में रखा और सहलाते हुए उसे चुप करवाने लगी : अरे मेरी बच्ची वो तेरे जीजू हैं जितना हक उनका मेरे ऊपर है उतना ही तेरी शादी से पहले तुझे पर है मेरी बन्नो. एक काम करते हैं इस डर को निकालने का एक ही तरीका है आज मैं तेरी और तेरे जीजू की शादी करवा देती हूँ फिर तू उनकी बीवी बन जायेगी फिर अपनी शादी होने तक उनकी बीवी बन कर रह और खूब मज़े लूट मेरी जान. तुम दोनों के अलावा मेरा है भी कौन यार तुम दोनों बस खुश रहो यही चाहती हूँ और भगवान् की दया से मैं तो शादी के बाद से खुश हूँ ही तू जानती ही है.

बुलबुल : ओके दीदी जैसा आप बोलें मैं तैयार हूँ जीजू की बीवी बन ने के लिए.

आँचल : चल फिर पार्लर चलते हैं तू मेक उप करवा ले.

फिर दोनों बहनें बुलबुल की चूत की सिलाई तुडवाने की तैयारी में चले गए.

शाम को मेरी साली शादी के जोड़े में एक परी जैसी लग रही थी मेरी पत्नी ने उसे सुहागरात के लिए खूब सजाया था मेहन्दी लगे हाथों मे हरी-हरी चूड़ीयां,नाक मे नथनी,कानो मे झुमके,पावं मे चम-चम करती पायल मैं तो बुलबुल को देख-देख कर पागल हो रहा था मैं भी दूल्हा बन कर तैयार बैठा था.

फिर यूँ ही कंप्यूटर पर शादी की विधियां चाला कर मेरी और बुलबुल की शादी की गयी.

रात को बुलबुल और आँचल सुहाग कमरे मे गयी जहाँ बुलबुल सुहागरात के सपनो मे खोई हुई थी मे खिड़की की आड़ मे सुन रहा था मेरी पत्नी कह रही थी मेरी प्यारी बहन बुलबुल तुम्हारे जीजू तो आज तुम्हें देखते ही पता नहीं होश में रहेंगे भी या नहीं. बहुत प्यारी एकदम परी सी लग रही है आज मेरी बहना. अब तुम्हारे जीजू को मे यहाँ भेजती कहकर वो मुस्कुराते हुए चल दी.

आँचल ने बुलबुल के गाल चूमे और बाहर आ गई मेने बेचैनी से पूछा की क्या प्लान है आँचल बोली आप बुलबुल के पास जाओ और आहिस्ता-आहिस्ता उससे प्यार करो वो आपका इंतज़ार कर रही है मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना ना था मेरी बीवी ने फिर कहा लुंगी पहन लो और अंडरवेयर उतार कर जाना बुलबुल को धीरे-धीरे प्यार करना सारा एकदम मत घुसेड देना आपका बहुत मोटा और लंबा है मुझे यकीन है की आहिस्ता-आहिस्ता करोगे तो वो आपका लंड झेल लेगी एक बार एड्जस्ट होने के बाद उसे इतना मज़ा आयेगा की वो खुद आपको नही छोड़ेगी मेरी बेचारी बीवी को क्या मालूम था की हमें तो मौका चाहिये था जो उसने खुद दे दिया मैं बुलबुल के रूम मे पहुँचा और अंदर से कुण्डी लगा दी बुलबुल दुल्हन की ड्रेस मे सेज पर बैठी थी उसने उठ कर मेरे पावं छुये तो मेने उसके कंधे पकड़ कर ऊपर उठाया और हम दोनो एक दूसरे से लिपट गये.

फिर बुलबुल बोली ठहरो जीजू मे सेज पर ही जाती हूँ इतना उतावलापन भी ठीक नही बुलबुल ने सुहाग सेज पर बैठ कर घूँघट निकाल लिया मे समझ गया की मन ही मन उसने मुझे अपना पति मान लिया है मेने दोनो हाथो से बुलबुल का घूँघट उठाया बुलबुल की आँखे झुकी हुई थी मेने उसकी ढाढ़ी के नीचे उंगली रख कर मुखड़ा ऊपर उठाया हमने एक दूसरे की आँखो मे देखा और हमारे होंठ मिल गये वाह क्या खुशबू थी मेरी साली की साँसों की जल्द ही बुलबुल ने अपनी जीभ मेरे मुँह मे डाल दी और मे उसका मीठा-मीठा मुखरस पीने लगा फिर बुलबुल मेरे कान मे फुसफुसा कर बोली जीजू आज हम पना सपना पूरा करंगे.

मेने बुलबुल का सुर्ख जोड़ा उतार दिया फिर उसकी नथ भी उतार दी और उसे पूरा नंगा करके चूतडो के नीचे तकिया लगा दिया बुलबुल ने खुद ही टाँगे चौड़ी कर ली मे उसकी योनि देखता ही रह गया आज तो उसकी योनि कुछ ज़्यादा ही खूबसूरत लग रही थी जो थोड़े से रुये थे वो भी उसने हेयर रिमूवर से सॉफ कर रखे थे बिना टाइम बर्बाद किए मेने अपना मुँह उसकी फुली हुई योनि पर टीका दिया और योनि को चूमने और चाटने लगा बुलबुल की उंगलियां मेरे सिर के बालो को सहला रही थी उसकी चूत का लहसुन एकदम खड़ा हो गया जिसे मे मुँह मे लेकर चूसने लगा.

बुलबुल के दोनो हाथ मेरे सिर पर कस गये और ” हाय जीजू मे गयी” कहते हुए वो झड़ गयी मेने उसका सारा अमृत रस चाट लिया कुछ देर की शांति के बाद उसने मुझे लेटने को कहा और बेठकर मेरे खड़े लंड को चूमने और चाटने लगी फिर वो सारे लंड को गले मे उतारने की कोशिश करने लगी लेकिन 9 इंच के लंड का आधा भाग ही उसके गले मे समा सका और उसकी साँसे घुटने लगी मे भी उसके भारी नितंभो और चूत को चाट-चाट कर मदहोश हो गया था इसलिये मेरे लंड ने उसके गले मे वीर्य की पिचकारी मारनी शुरू कर दी ज़्यादा होने के कारण कुछ वीर्य उसके होंठो के किनारों से निकलने लगा बुलबुल भी दूसरी बार मेरे मुँह पर झड़ी और मेने उसके कुवांरे खट्टे रस का स्वाद चखा बुलबुल ने वीर्य की एक एक बूँद को चाट कर ही मेरा लंड छोड़ा बुलबुल समझदार थी इसीलिये उसने मुझे पहले ही हल्का कर दिया ताकि संभोग मे उसे ज़्यादा टाइम दे सकूँ हम अभी भी 69 की पोज़िशन मे थे जल्दी ही मेरा लंड ताजे माल को देख कर फिर अकड़ गया.

मेने उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया तो उसने तकिये के ऊपर एक कपड़ा बिछाया और टाँगे चौड़ी करके मेरे कंधो पर रख दी और नीचे हाथ ले जा कर लंड तलाश करने लगी लंड को पकड़ कर उसने सुपाडे को चूत के मुँह पर रखा उसकी आँखो मे खुशी की चमक साफ दिखाई दे रही थी मेने पहाड़ी आलू जैसे सूपडे का दबाव चूत पर बढ़ाया पर ये तो कोरा फ्रेश माल था सूपड़ा कैसे अंदर जाता बुलबुल मेरे कान मे फुसफुसा कर बोली जीजू साइड मे कोल्ड क्रीम रखी है उसने पूरी तैयारी कर रखी थी मेने कुछ कोल्ड क्रीम उसकी योनि के मुँह पर और कुछ सूपडे पर लगाई और लंड को पुश किया तो योनि के होंठो ने रास्ता देना शुरू कर दिया मेरे लंड का टोपा अंदर ही गया था की वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने ओर चीखने लगी मूठी जैसा फूला हुआ सूपड़ा चूत मे फँस चुका था.

मेरे लंड का सूपड़ा योनि मे ढक्कन की तरह फिट हो गया फिर मे रुक गया ओर उसके बूब्स दबाने लगा ओर किस करने लगा ओर वो शांत हो गई फिर मैने धीरे धीरे धक्के लगाना शुरू किया ओर किस करने लगा फिर मेने एक ज़ोर का धक्का लगाया ओर मेरा लंड उसकी सील तोड़ता हुआ 4 इंच अंदर चला गया उउउईई माँ में मरर गई मर जाऊँगी मम्मी मैं मररर गइई जीजू प्लीज जीजू निकालो इसे फिर मेने निपल्स को बुरी तरह चूसते हुए तुरंत दूसरा शॉट लगाया ये शॉट इतना तेज लगाया की मेरा आधा लंड मेरी छोटी सी मासूम साली की चूत के पतले होठो को चीरते हुए अंदर चला गया.

बुलबुल की दर्द के मारे जान निकलने लगी और मुँह से जोरदार चीख निकल गई …अहहा आहह… …में मर गई जीजूआ…आआअहह जीजू में मर गई प्लीज छोड़ दो मुझे उसकी आँखों से आँसू आने लगे उसे बहुत दर्द हो रहा था ओर मेरे लिप्स उसके लिप्स पर होने की वजह से अब उसके मुँह से चीख नही निकली वाह्ह्ह क्या अजीब मज़ा आने लगा बुलबुल की चूत लेसदार पानी से भरी हुई उफ़फ्फ मे बूब्स को चूसते हुये लंड पर ज़ोर बडाने लगा ओर लंड 6 इंच अंदर चला गया। ओर बुलबुल की हल्की सी चीख निकली होई होई ही जीजू ये क्या कर रहे हो सारा ना डालो प्लीज मे मर जाऊंगी मेने कहा बुलबुल थोड़ा सा अंदर करने दो बुलबुल अपनी टांगो को भींचने लगी ओर आगे पीछे होने लगा लगता था अब बुलबुल को मज़ा आ रहा है बुलबुल ने टाँगे पूरी खोल दी ओर उसकी चूत से चिप चिप की आवाज़ आ रही थी.

अब बुलबुल भरपूर मज़ा ले रही थी उसकी पायल की छम छम और चूडियों की खन खन मेरे कानो के पास मधुर संगीत पैदा कर रही थी क्योंकि उसकी बाहें मेरे गले मे और टाँगे कंधो पर थी अब बुलबुल ने टांगो को और खोल दिया ओर मेरा लंड पूरा अंदर चला गया था। चूत मे बुलबुल के पानी की चिप चिप ओर कीच कीच की आवाज़ आ रही थी अब मेरा जोश ज्यादा बड़ने लगा ओर मेने भरपूर ज़ोरदार तरीके से एक बूब्स को पकड लिया ओर दूसरे के ऊपर अपने होठ खोल कर रख दिये बुलबुल ने और टांगो को खोल दिया ओर मेने सारा लंड अपनी सग़ी साली की चूत मे उतार दिया मेरे अंडकोष उसके चूतडो से जा लगे बुलबुल दर्द से कराहने लगी ऊहह ही ओह मर गई मार दिया जीजू आपने सग़ी साली से सुहागरात मना ली ओर मे तेज़ी से आगे पीछे तेज़ी से लंड अंदर बाहर करने लगा बुलबुल मजे वाली आवाज़ से “आआहह आअहह जीजू हाअ उईईइ आहह ऊहह ऊहह ऊहह “करने लगी ओर मुझे अपनी बाहों मे ज़ोर से क़स लिया ओर नीचे से खुद धक्के मारने लगी.

अब हम दोनो जी भर के एक दूसरे को चोद रहे थे उफ़फ्फ़ ओर 20 मिनिट के बाद मेरे लंड से लेसदार पानी सग़ी साली की चूत मे निकलने वाला था की बुलबुल फिर झड़ गयी उफ़फ्फ़ अब ओर ज्यादा कीच कीच पिच पिच चिप चिप की आवाज़ आने लगी ओर मे फिर थोड़ी देर बाद बुलबुल की चूत मे ही झड़ गया ओर बूब्स पर अपना मुँह रख कर लेटा रहा बुलबुल की चूत मेरे वीर्य से पूरी भर गयी थी। वो मेरी कमर पर हाथ फेरने लगी ओर कभी मेरे सर मे उंगली फेरने लगी ओर 5 मिनिट के बाद वो बोली आख़िर जीजू आपने मेरे दिल की तमन्ना पूरी कर ही दी.

कुछ देर तक आराम करने के बाद बुलबुल फिर मेरे लंड को चूसने लगी और बोली की जीजू अभी टाइम है जी भर के कर लो आपके लंड ने तो मेरा दिल जीत लिया है. जीजू प्लीज़ एक बार और मुझे चोदो. मैं फिर बुलबुल पर चढ़ गया मेने बुलबुल की जमकर चुदाई की चूत की भी और गांड की भी.

सुबह जैसे ही मेरी बीवी हमारे सुहाग कमरे में आई तो बेड पर खून देख कर समझ गयी की बुलबुल की सील टूट चुकी है. आते ही उसने मुझे और बुलबुल को बारी-बारी से किस किया.

मेरा लंड फिर से अकड़ के खड़ा हो गया. फिर तो मैंने आव देखा न ताव बुलबुल तो नंगी थी ही मैं आँचल को भी पूरा नंगा किया और दोनों बहनों को एक साथ चोद डाला. अब तो हर रात हम तीनों एक साथ ही सोते हैं औत मिल कर खूब चुदाई करते हैं.
 
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