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Guest
मनु.... हां श्रेया सच मे ऐसा ही होने वाला है....
श्रेया.... खैर वो तुम्हारा गिफ्ट होगा, अभी मैं कुछ तुम्हारे लिए लाई हूँ वो तो देख लो...
मनु.... हां कहाँ है...
श्रेया.... मेरे स्कर्ट के नीचे चेक करो मिल जाएगा...
मनु.... क्या ?????
श्रेया.... नही चेक करना तो रहने दो. इसमे चौकने जैसा क्या है.....
मनु... कौन कम्बख़्त नही चेक करना चाहता....
मनु झुका, और श्रेया ने अपने पाँव फैला लिया.... मनु उसके स्कर्ट को उठाता...... "अर्रे यहाँ तो कुछ भी नही"
श्रेया.... ठीक से चेक करो मनु.... वहीं कहीं छिपा होगा....
मनु, मोबाइल की लाइट जलाते..... "यहाँ तो बस तुम्हारी सेक्सी थाइ और पैंटी है श्रेया, अब क्या पैंटी मे छिपा कर लाई हो गिफ्ट"
श्रेया.... हहे, हां वही समझ लो, पैंटी मे छिपा है तुम्हारा गिफ्ट.... चेक कर लो...
मनु.... हद है, यहाँ भी कोई चीज़ छिपाइ जाती है... अब चेक कैसे करूँ, तुम तो बैठी हो....
श्रेया, अपनी जगह से थोड़ा उपर उठ'ती.... "हां लो उठ गयी"
मनु काँपते हाथों से धीरे-धीरे पैंटी सरकाते घुटनो तक ले आया.... श्रेया को भी पैंटी खिसकने का आभास होने लगा. उस के बदन मे तो मानो चिंगारियाँ फुट रही हो.....
कुछ देर तक कोई भी हलचल नही हुआ..... "क्या हुआ मनु मिला कि नही"
मनु.... चंचल, सॉफ और सारी कायनात से अनमोल है ये गिफ्ट, मैं तो खो गया हूँ इन मे. नज़र भर देख लूँ.
श्रेया.... तुम्हार गिफ्ट है, देखो, छु लो, चाहे जैसे मन हो ईस्तमाल करो, वित आ स्माल प्रिकॉशन... हॅंडल वित केर.
श्रेया.... खैर वो तुम्हारा गिफ्ट होगा, अभी मैं कुछ तुम्हारे लिए लाई हूँ वो तो देख लो...
मनु.... हां कहाँ है...
श्रेया.... मेरे स्कर्ट के नीचे चेक करो मिल जाएगा...
मनु.... क्या ?????
श्रेया.... नही चेक करना तो रहने दो. इसमे चौकने जैसा क्या है.....
मनु... कौन कम्बख़्त नही चेक करना चाहता....
मनु झुका, और श्रेया ने अपने पाँव फैला लिया.... मनु उसके स्कर्ट को उठाता...... "अर्रे यहाँ तो कुछ भी नही"
श्रेया.... ठीक से चेक करो मनु.... वहीं कहीं छिपा होगा....
मनु, मोबाइल की लाइट जलाते..... "यहाँ तो बस तुम्हारी सेक्सी थाइ और पैंटी है श्रेया, अब क्या पैंटी मे छिपा कर लाई हो गिफ्ट"
श्रेया.... हहे, हां वही समझ लो, पैंटी मे छिपा है तुम्हारा गिफ्ट.... चेक कर लो...
मनु.... हद है, यहाँ भी कोई चीज़ छिपाइ जाती है... अब चेक कैसे करूँ, तुम तो बैठी हो....
श्रेया, अपनी जगह से थोड़ा उपर उठ'ती.... "हां लो उठ गयी"
मनु काँपते हाथों से धीरे-धीरे पैंटी सरकाते घुटनो तक ले आया.... श्रेया को भी पैंटी खिसकने का आभास होने लगा. उस के बदन मे तो मानो चिंगारियाँ फुट रही हो.....
कुछ देर तक कोई भी हलचल नही हुआ..... "क्या हुआ मनु मिला कि नही"
मनु.... चंचल, सॉफ और सारी कायनात से अनमोल है ये गिफ्ट, मैं तो खो गया हूँ इन मे. नज़र भर देख लूँ.
श्रेया.... तुम्हार गिफ्ट है, देखो, छु लो, चाहे जैसे मन हो ईस्तमाल करो, वित आ स्माल प्रिकॉशन... हॅंडल वित केर.