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मनु.... दादू, मुझे पूरी कहानी पता चल गया. कैसे उस ने आप को फसाया, और सारी साजिशे रची. साज़िश एक सेक्स गेम की, और उसके बाद सब की ज़िंदगी उलझ सी गयी.
मनु की बात सुन कर सभी लोग उसे हैरानी से देखने लगे, और शम्शेर ने अपना सिर नीचे झुका लिया. तब अतीत के उस गहरे राज को मनु ने खोला, जिस के बारे मे अब तक किसी को पता भी था. सब लोगों के लिए ये बड़ा हे हैरानी का विषय था.
इस शॉकिंग भरे राज के खुलासे से सब का ध्यान हटाते हुए, शम्शेर ने एक बार फिर मनु से पूछा....... "मनु ये सारा प्लान तुम ने ही बनाया था, क्या किसी लूप से हम अपनी प्रॉपर्टी वापस ले सकते हैं"....
मनु.... दादू मैं तो केवल पिच्छले 6 मंत से प्लान कर रहा हूँ, और उसकी प्लॅनिंग तो 25 साल से भी पुरानी है. आप को क्या लगता है कोई लूप होगा भी तो वो क्या सारी प्रॉपर्टी जाने देगी.... हां पर आप सब कोर्ट मे एक केस फाइल कर सकते हैं, जिसमे पजेशन ये होगा कि, यदि एमडी मनु फ्रॉड था तो उसका सारा लिया डिसीजन भी फ्रॉड माना जाएगा......
मनु की ये बात तो जैसे अंधेरे मे किरण फैलने जैसा था..... मनु अपनी बात कह कर मानस के साथ वहाँ से चला गया. इधर सभी लोगों ने एक अच्छा सा आड्वोकेट हायर करते हुए कोर्ट मे केस फाइल किया. लेकिन सुनवाई के वक़्त जब आया तो सब के सब हैरान रह गये.
काव्या के वॅकिल ने दलील पेश किया कि, "यदि सारे डिसीजन उस फ्रॉड मनु के होते तो बेसक सारे फ़ैसले को निरस्त किया जाए. पर सारे अतॉरिटी सिग्नेचर ओरजिनल मनु ने किया था.... जिस पर कंपनी के चेर्मन मिस्टर. शमशेर के फाइनल सिग्नेचर हैं. इसलिए ये पूरी कंपनी क़ानूनन काव्या मूलचंदानी की है"
काव्या तो पहली ही सुनवाई मे केस जीत गयी.... केस हारने के बाद सब लोग एक बार फिर नताली के घर मे इकट्ठा हुए. शम्शेर सब के सामने हाथ जोड़ कर कहने लगा.....
"मैने बिज़्नेस मे हमेशा दिमाग़ लगाया. कॉंपिटिटर की हर चाल का बखूबी जबाव दिया, लेकिन एक फ्रॉड के दिमाग़ को पढ़ नही पाया, जिस की वजह से आज आप सब को ये दिन देखना पड़ रहा है. पैसा और पॉवेर अब उनके हाथ मे है... इसलिए मेरी एक राई है कि पुरानी बातों को एक ख़तम कहानी मान कर भूल जएए और आप सब एक नयी शुरुआत कीजिए".
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मनु की बात सुन कर सभी लोग उसे हैरानी से देखने लगे, और शम्शेर ने अपना सिर नीचे झुका लिया. तब अतीत के उस गहरे राज को मनु ने खोला, जिस के बारे मे अब तक किसी को पता भी था. सब लोगों के लिए ये बड़ा हे हैरानी का विषय था.
इस शॉकिंग भरे राज के खुलासे से सब का ध्यान हटाते हुए, शम्शेर ने एक बार फिर मनु से पूछा....... "मनु ये सारा प्लान तुम ने ही बनाया था, क्या किसी लूप से हम अपनी प्रॉपर्टी वापस ले सकते हैं"....
मनु.... दादू मैं तो केवल पिच्छले 6 मंत से प्लान कर रहा हूँ, और उसकी प्लॅनिंग तो 25 साल से भी पुरानी है. आप को क्या लगता है कोई लूप होगा भी तो वो क्या सारी प्रॉपर्टी जाने देगी.... हां पर आप सब कोर्ट मे एक केस फाइल कर सकते हैं, जिसमे पजेशन ये होगा कि, यदि एमडी मनु फ्रॉड था तो उसका सारा लिया डिसीजन भी फ्रॉड माना जाएगा......
मनु की ये बात तो जैसे अंधेरे मे किरण फैलने जैसा था..... मनु अपनी बात कह कर मानस के साथ वहाँ से चला गया. इधर सभी लोगों ने एक अच्छा सा आड्वोकेट हायर करते हुए कोर्ट मे केस फाइल किया. लेकिन सुनवाई के वक़्त जब आया तो सब के सब हैरान रह गये.
काव्या के वॅकिल ने दलील पेश किया कि, "यदि सारे डिसीजन उस फ्रॉड मनु के होते तो बेसक सारे फ़ैसले को निरस्त किया जाए. पर सारे अतॉरिटी सिग्नेचर ओरजिनल मनु ने किया था.... जिस पर कंपनी के चेर्मन मिस्टर. शमशेर के फाइनल सिग्नेचर हैं. इसलिए ये पूरी कंपनी क़ानूनन काव्या मूलचंदानी की है"
काव्या तो पहली ही सुनवाई मे केस जीत गयी.... केस हारने के बाद सब लोग एक बार फिर नताली के घर मे इकट्ठा हुए. शम्शेर सब के सामने हाथ जोड़ कर कहने लगा.....
"मैने बिज़्नेस मे हमेशा दिमाग़ लगाया. कॉंपिटिटर की हर चाल का बखूबी जबाव दिया, लेकिन एक फ्रॉड के दिमाग़ को पढ़ नही पाया, जिस की वजह से आज आप सब को ये दिन देखना पड़ रहा है. पैसा और पॉवेर अब उनके हाथ मे है... इसलिए मेरी एक राई है कि पुरानी बातों को एक ख़तम कहानी मान कर भूल जएए और आप सब एक नयी शुरुआत कीजिए".
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