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हंग्री वुल्फ गेम (इंसान या भूखे भेड़िए ) complete

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"डॉन'ट फर्गेट आइ'म बिच टुडे, कच्चा चबा जाउन्गी"...... मनु के बदन के उपर आ कर एक-एक कर के उपर के दो बटन खोल दी, हथेली को सीने से टिका उसके उस पर फिराने लगी...... "काफ़ी सेक्सी है तुम्हारे सीने के बाल मनु"

मनु, तनु की गर्दन पकड़ कर उस का चेहरा अपने चेहरे तक ले कर आया, उसके होंठो को अपने दाँतों तले दबा कर उस पर जीभ फिरा दिया.... और होंठो को चूमने लगा..... तनु अपने हाथ नीचे से उसके सीने पर फिराती वो भी मनु के होंठो को,

उसकी जीभ को चूसने लगी.

पॅशनेट किस करते हुए दोनो एक दूसरे के होंठ चूसने मे लगे थे. तभी तनु उसके सिर के बाल पकड़ कर नीचे बिस्तर से

उसका सिर टिका दी, और गर्दन को चूमती हुई उसके सीने तक आई.

मनु ने अपने पाँव तनु की कमर मे फसा दिया, और उसके बाल को पकड़ कर, उसके चेहरे को अपने सीने पर घिसने लगा.... तनु भी उत्तेजना मे घिरी, उसके सीने पर अपनी जीभ चलाने लगी. जीभ चलाती वो मनु के निपल तक अपने होंठ ले कर

आई, और उसे अपने होंठो तले दबा कर ज़ोर से चूसने लगी.

मनु के बदन मे सुर-सूरी दौड़ गयी. हाथ उसके ढीले पर गये, और वो तेज तेज साँसे लेने लगा. तनु उसके एक निपल को चुस्ती दूसरे निपल को अंगूठे मे फसा कर उस से खेलने लगी..... "उफफफफफफफफफ्फ़.... जान ले रही हो तनु... करती रहो मज़ा आ रहा है"

मनु की छाती और निपल का मज़ा लेने के बाद वो उसके बदन को चूमती फिर नीचे आई, और मनु के लिंग को हाथ से उलट-पलट कर देखने लगी..... "जान आ रही है इसमे मनु"

"आहह.... तुम्हारे ठंडे हाथ.... सक माइ कॉक यू बिच... कम ऑन सक इट"... और मनु अपने कमर उच्छालने लगा.... तनु ने भी दोनो हाथों से लिंग को पकड़ी और मुँह मे ले कर चूसने लगी.... लिंग की चमड़ी को पूरा पिछे खींच कर उसके टिप पर अपना जीभ लगा दी...

उसके चारो ओर अपने जीभ फिरा कर उसे गीला कर दी... और जीभ को पिछे लिंग के जड़ तक ले जा कर उसे गीला कर दी.

लिंग के टिप से नाक टिका कर ज़ोर से उसकी खुसबु लेने लगी..... "उफफफफफ्फ़... इसकी खुसबु मुझे बेकाबू कर देती है"

मनु ने झटक कर तनु को नीचे लिटा दिया, और वो उठ कर खड़ा हो गया.... अपने दोनो पाँव खोले, बेसूध पड़ी तनु, बस मनु

को देखने लगी..... अपने दोनो हाथों से अपने स्तन को मसल्ति हुई, वो बिस्तर मे पड़ी आहें भरने लगी....

मनु ने झटक कर तनु को नीचे लिटा दिया, और वो उठ कर खड़ा हो गया.... अपने दोनो पाँव खोले, बेसूध पड़ी तनु, बस मनु

को देखने लगी..... अपने दोनो हाथों से अपने स्तन को मसल्ति हुई, वो बिस्तर मे पड़ी आहें भरने लगी....

मनु ने विस्की की पूरी बॉटल उठा लाया...... "उफफफफ्फ़ मनु बहुत हो गया खेल, मैं जली जा रही हूँ.... अब देर ना करो, डाल भी दो"....

"अब क्यूँ बेसब्री हो रही है, यू स्लट बिच"......

"हां मैं तेरी स्लूटी बिच, अब मुझे कुतिया की तरह बजा भी दो.... बॅंग-बॅंग करो ना"

"इतनी भी क्या जल्दी है".... कहते हुए मनु, तनु के उपर आया, और एक हाथ उसके नीचे डाल कर उसके सिर को उपर उठा उसके होंठ चूसने लगा... और दूसरे हाथ से वाइन को मुँह के बीच डालने लगा.... वाइन इस मुँह से उस मुँह तक... दोनो मुँह

मे ट्रॅवेल करते अंदर जाने लगी....

 


"कमीने, अब छोड़ भी दे, क्यों तडपा रहा है.... मेरी योनि जल रही है.... ओह्ह्ह कम ऑन मनु योनि मे जड़ तक ठोकर मारो

ना अब तेज-तेज. मैं मरी जा रही हूँ"

मनु हँसता हुआ नीचे आया... और उसकी छाती पर धीरे-धीरे वाइन गिरा कर, जीभ से उसे चाटने लगा.... वाइन उसकी पूरी छाती पर गिरी थी और मनु उसे पूरा ज़ोर लगा कर चूस रहा था.... तनु, मनु के बाल पर बड़ी तेज़ी से हाथ फेरती जा रही

थी..... "अहह, निचोड़ दो इन्हे... बहुत परेशान करते है... और लिंग को डाल दो योनि मे... और ना तड़पाओ".....

मनु..... मज़ा तो ले अभी... अभी तो शुरू हे हुआ है... एंजाय दा शो...

मनु ने बॉटल की लगभग विश्की तनु के पेट, पेरू और पैंटी के उपर उडेल दिया. होंठो को उसके पेट से लगा कर विश्की को सक करने लगा.... उपर अपने दोनो हाथ तनु के स्तन पर डाल कर उसे मुट्ठी मे भर कर खिचने लगा..... "उफफफफफफ्फ़...

और ज़ोर से मस्लो मनु..... इसस्स्शह ! दीवाना बना रहे हो... क्या कड़क हाथ है... खूब मालिश करो मेरे बूब्स की, शांत कर

दो इसे"

तनु अपना सिर बिस्तर पर पटकती ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी.... मनु अपने मजबूत हाथों से उसके स्तनों को काफ़ी ज़ोर-ज़ोर से मसलता हुआ... उसके निपल को अंगूठे मे दबा कर उसे मरोड़ रहा था.... तेज आहें भरती तनु भी चिल्ला रही थी....."इस्शह.... आहह.... जोर्र्र्रर... जोर्र्र्रर और जोर्र्र्रर से मसलूऊ"

मनु अपने मजबूत हाथों से तनु की छाती मसलता उसके दोनो पाँव के बीच आ गया. पैंटी विश्की से पूरी भींगी थी. मनु पूरा

मुँह खोल कर ठीक योनि के उपर लगाया और पूरे ज़ोर लगा कर पैंटी से विश्की को खिचने लगा.

"उफफफफफफफफफफफफ्फ़.... चूस लो ..... चटोरे कुत्ते.... चूसो... चूसो और ज़ोर से चूसूऊ".... तभी मनु ने चूस्ते हुए अपना मुँह खोल लिया, और योनि के उपर अपने दाँत गढ़ाता चूसने लगा.

जैसे ही मनु के दाँतों तले योनि आई, और उसने उसके उपर से चूसना शुरू किया... तनु अपनी दोनो तलहटी बिस्तर से टिकाई, पीठ को हवा मे कर ली. छाती तन कर बिल्कुल आगे उभरे थे और तेज "आहह" की सिसकियाँ खुल कर भरी.

पैंटी के उपर से मनु लगातार अपने दाँत घिसता व्हिस्की की बूँद, बूँद निचोड़ रहा था.... तनु पागल सी हुई जा रही थी... अपने पाँव को मनु के सिर पर लपेट कर अपनी कमर हिलाने लगी..... "इस्शह.... सुक्कककक इत्तत्त.... पी जाऊओ.... चुस्स्स

लूऊऊ.... बड़ी आग लगी है.... इस्शह.... चुस्सूऊओ, खा जऊऊ ईससीए... कम ऑन बेबी.... सक्क.. सक्क्क.. सक्क्क इट".....

मनु ने जांघों पर हाथ रखा.... उस पर ज़ोर लगा कर पाँव के लॉक को खोला. बड़ी तेज़ी से तनु की पैंटी को उसके ज़िस्म से अलग कर दिया.... जब हल्की एसी की ठंडक तनु को अपनी योनि पर महसूस हुई तो उसका बदन सिहर गया और बिस्तर पर

लेटी वो तेज-तेज साँसे लेने लगी....

मनु थोड़ा उपर उठ कर तेज साँसों पर उपर नीचे होती उसकी चुचियों को अपनी भूखी नज़रों से देखा. दोनो पाँव को पूरा फैला दिया. तनु की कमर पर दो तकिया लगा कर उसकी योनि को हवा मे किया.... दो उंगली योनि के लिप मे फसा कर उसे खोल

दिया... और उपर से एक हाथ से विश्की डालते जीभ योनि के अंदर डाल कर विश्की पीने लगा......

"आहह... मनूउ..... इसस्स्स्शह... उफफफफफफफफफफ्फ़.... जला दिया रीई... आहह"... तलहटी फिर से बिस्तर से टिकाई और हवा मे पीठ उपर कर के ज़ोर-ज़ोर से कमर हिलाने लगी...... वो अपने योनि को बड़ी तेज़ी से उपर नीचे करती मनु के मुँह से

घिसने लगी...... "ले चाट जा हरामी.... पी ले सारा रस्स्स... पर जला मत... अब अपना ये लिंग डाल दे योनि मे.... आहह

बर्दास्त नही हो रहा.... मनुउऊ.... हरामी लिंग डालता क्यों नही अन्दर्र्र"

एक लात मार कर मनु को पिछे धक्का दी, और उसे बितर पर लिटा कर थूक से पूरा लिंग गीला कर दी. दोनो पाँव फैला कर उसके कमर के दोनो ओर रखी. अपने हाथ से लिंग को पकड़ कर सीधा योनि पर सेट किया और तेज़ी से नीचे बैठ गयी..... "अहह"

लिंग पर जिस तेज़ी से वो नीचे हुई, उस से कहीं तेज धक्का मनु ने उपर मारा..... "इसस्शह... आहह.. मनु.... मज़ा आ रहा है

बेबी... और जोर्र्र्र से डार्लिंग..... बहुत आग लगी है अंदर... और ज़ोर से धक्के मारो"

मनु तेज-तेज धक्का मारता चला गया.... अब तो उस पर दवा ने भी पूरा असर शुरू कर दिया था.... पंजा बना कर मनु, तनु के बूब्स को नखुनो के साथ दबोचा और तेज-तेज झटके मारने लगा... हर धक्के के साथ जब वो उपर जाती तो बूब्स नखुनो

से लग कर हल्के छिल्ने लगते...

मनु जोश मे अपने नाख़ून को स्तनों पर और ज़ोर से दबोच कर तेज-तेज धक्का मारने लगा...... हल्की जलन बूब्स से आई... स्तन पर नाख़ून के छिल्ने के लाल निशान पर गये थे.... "सीईईईईईईईईईईईईईई.... मार डाला... और ज़ोर-ज़ोर से ठोकर मारो योनि मे...... उफफफ्फ़ मज़ा आ रहा है"....

मनु तुरंत पलटा.... तनु नीचे... नितंबों को अपने हाथ से पकड़ा..... "आआआ... एयाया.. एयाया... ले कुतिया पूरे जड़ तक.... लीयी लीई पूरा ले"

"आहह.... ऐसे ही ज़ोर ज़ोर मारो.... आहह.. मज़ा आ रहा है.... उफफफफफफफफ्फ़"

तनु ने अब अपने पंजे डाल दिए मनु के सीने पर, और पूरा नाख़ून ज़ोर से सीने पर रख कर अपने कमर हिलाने लगी... जोश

मे उसने पूरा पंजा तेज़ी से नीचे सरका दी..... "औचह.... जंगली छील दी"...

मनु ने उसे तेज़ी से करवट किया.... दोनो पाँव को एक दूसरे के उपर रख कर मोड़ दिया.... और उसके उपर अपना एक हाथ

रख कर दबा दिया.... "मेरे बुल डॉग अब रूको नही.... बुझाते रहो प्यास मेरी योनि की"

"कमीनी, कुतिया चिल्लाती है... ये ले".... दोनो जुड़े पाँव के बीच से योनि के निकले उभार मे दो उंगली डाल कर मनु ने क्लिट को पकड़ कर ज़ोर से खींच दिया... तनु पूरा पाँव पटकना चाहती थी... लेकिन उस पर मनु के हाथों का दबाव था.... "साले

कुत्ते... हरामी चोद ना, खेल काहे कर रहा है.... मैं मरी जा रही हूँ"

 


"तू मरी जा रही... ये ले तगड़ा वाला... मैं भी मरा जा रहा हूँ"...... मनु ने एकदम से पूरा लिंग उसकी योनि मे डाल दिया......

"ओह एसस्स्स्सस्स... मनु.... फक्क्क मे हार्डर... फक... फक्क्क... फकक्क्क्क"......

मनु अपना एक पाँव उसके दोनो पाँव के उपर डाल लगातार धक्के मारता रहा.... तनु अपने स्तन मसलती पूरे जोश से कमर हिला-हिला कर सेक्स गेम का पूरा मज़ा ले रही थी... और मुँह से ज़ोर ज़ोर की आवाज़ें निकाल रही थी.... थोड़ी देर खूब तेज

-तेज धक्के मारने के बाद मनु हट गया..... "चल अब सच की कुतिया बन जा... तेरे बाल पकड़ कर सवारी करूँगा"

तनु तुरंत पोज़िशन बदली..... "जल्दी मार कुत्ते, रुक मत... बहुत मज़ा आ रहा है"

मनु ने बाल को अपने हाथों मे पकड़ा, लिंग को योनि से टीकाया, और बालों को लगाम की तरह खींचते तेज-तेज धक्के मारने लगा...

"ओह्ह्ह्ह एससस्स... उम्म्म्मम....उन्न्ञणन्.... यू आर फक्किंग सो गुड... उन्न्ञन्... यसस्स मनु.... बेबी... हार्डएर्र... और ज़ोर से ... और जोर्र्र्र.... आहह.... बहुत मज़ा आ रहा है.... और ज़ोर से धक्के मारो मनु... उफफफफ्फ़... आज तृप्त हो गयी..... आअहह"

तनु का ऑर्गॅज़म हो गया और वो तेज आह के साथ निढाल हो कर उल्टी लेट गयी. मनु फिर भी धक्के मारता रहा.

तनु.... मन नही भरा क्या, अब रहने दो थोड़ा रेस्ट ले लेते हैं....

एक तो शराब उपर से गोली का असर.... मनु ने योनि से लिंग को बाहर निकाला. उसके नितंबों की दरारको दोनो हाथ से फैला कर उसके आस होल पर मुँह लगा कर होल को गीला करने लगा.

तनु अपना सिर पीछे करती....."ये क्या कर रहे हो बेबी" .....

"पूर्ण संतुष्टि की तैयारी" ... और इतना कह कर मनु ने आस होल को फैलाया और लिंग का टोपा लगा दिया...... "नो बेबी नो.... वहाँ नही, बहुत दर्द होता है, और मज़ा भी नही आता... प्लीज़ नूऊऊऊओ"

मनु के कानो मे जैसे कोई आवाज़ ही नही गयी हो.... उसने ज़ोर-ज़ोर से दो बार नितंबों पर हाथ मारा... इतनी कस कर मारा था कि पीछे पंजो के निशान पड़ गये.... पेन के टिप की तरह लिंग को पकड़ कर आस होल मे प्रेशर डाला और टिप आस होल के अंदर घुस गया.....

"आआआआआआ... हट हरामी.... छोड़ मुझीई .... हट जाआ.... आआहह दर्द हो रहा... निकाल अपना लिंग... उफफफफफ्फ़ मरररर गयी रीईई"

मनु, तनु के उपर लेट कर अपनी ठुड्डी उसकी पीठ पर धसा दिया ... उसके बदन का छटपटाना काबू हो गया. एक हाथ नीचे

कमर पर लगाया और कमर को उपर उठा दिया... और पूरी ताक़त से लिंग को आस होल मे घुसाने लगा.

"काफ़ी टाइट है ये तो.... मज़ा आ गया... लगता है ये अब तक ये वर्जिन है" .....

"उफफफफफफफ्फ़... मनुउऊ... हरामी छोड़ इसे, फट जाएगा.... क्यों दर्द दे रहे हो इतने मज़ेदार सेक्स के बाद"

मनु ने एक ना सुनी, अपनी कमर का पूरा ज़ोर डाला... और लिंग दीवारें चीरता आस होल मे घुस गया...... "ओह्ह माइ

गोद्ड़द्ड.... मर गयी..... हट हरामी... हट जा"

 


"छटपटा मेरी कुतिया.... कुछ देर मे मज़ा आने लगेगा" .... मनु इतना ज़ोर लगाया था कि तनु बिस्तर मे धँस गयी थी, और पाँव ज़ोर-ज़ोर से छटपटा रही थी... मनु बेपरवाह हो कर लगातार धक्के मारे जा रहा था.... थोड़ी ही देर मे टानू के बदन मे

आग फिर भड़कने लगी....

"आहह... थोड़ा धीरे ज़ालिम... जान निकाल दी... थोड़े आहिस्ते करो.... आज से पहले कभी इसमे कुछ नही डाला, और तुमने

अपना डबल कशल साइज़ का लिंग डाल दिया.... मनुउऊउउ... थोड़ा धीरे बेबी... अच्छा लग रहा है"

मनु ने इस बार भी बात नही मानी और तेज-तेज धक्के लगाता रहा.... पहले दर्द अब मज़ा शुरू हो गया. तनु कमर को थोड़ा उपर कर उसे गोल गोल घुमाने लगी..... "उफफफफ्फ़ यहाँ भी लिंग मज़ा दे रहा है आज पता चला..... मारते रहो धक्का मनु.... आहह मज़ा आ रहा है....फक इट हर्दरर्र बेबी.....उफफफ्फ़... आहह.... इष्ह.... उफफफफफफफफफ्फ़.... फक हार्डर इन आस होल.... और तेज मनु"

आज जैसे पूरे मूड से आया था मनु... लिटा कर, उठा कर, बिठा कर... कमरे मे दौड़ा-दौड़ा कर तनु के साथ सेक्स किया. मनु कभी अपना कम तनु की छाती पर गिराता, तो कभी तनु आँखें मूंद जीभ बाहर निकाल लेटी और मुँह मे कम छोड़ने की डिमॅंड करती....

गोली का असर ऐसा था कि पूरी रात दोनो का वाइल्ड खेल चलता रहा. तनु तो थक कर चूर हो चुकी थी, लेकिन हर बार मनु के आगे हारना पड़ता था. फाइनली दोनो थक कर चूर हो गये और बिस्तर पर निढाल लेट गये....

सुबह जब मनु की आँख खुली, तनु नंगे बदन सामने सो रही थी... मनु उसके हाथ पर अपनी उंगली फेरता उसके निपल मे मुँह लगा दिया. तनु की आखें खुली, वो मुस्कुराते मनु के बाल पर हाथ फेरी, और कहने लगी.... "कितना स्टेम्ना है मनु, छोड़ो

भी मेरे छोटे बाय्फ्रेंड, मैं कहीं भागी नही जा रही हूँ.... बाद मे कर लेना.. अभी बहुत थकि हूँ"

मनु.... थका तो मैं भी हूँ, सोचा कुछ ताज़ा दूध पी ही लूँ... पर इन मे तो कुछ नही...

तनु.... हहे, पागल... अब चलो उठो भी हमारे छोटे जनाब, बाद मे फिर कभी करते हैं. जब मन करे तब आ जाना... अभी छोड़

दो थकि हूँ.....

मनु... मन तो नही इतने मस्त बूब्स को चोदने का, पर तुम कहती हो तो छोड़ रहा हूँ. तो बताओ कैसा रहा मेरा पर्फॉर्मेन्स... और क्या सीखा मुझ से...

तनु.... उम्म्म्मम... पर्फॉर्मेन्स सूपर से उपर. और कल तो तुमने सिखाया आस होल मे भी करवाने मे मज़ा आता है. अब

तुम्हारी टर्न.. तुम बताओ...

मनु.... मस्त... तुम तो किसी पॉर्न स्टार को भी पीछे छोड़ दो. और कल तुमने भी मुझे सिखाया. औरत कितना भी चीखे

चिल्लाए लिंग जहाँ मन करे वहाँ डालते रहो... उसे मज़ा ही मिलेगा...

तनु.... हहे, शैतान... चलो उठो अब... और हमारे नये रिश्ते की शुरुआत मुबारक हो...

मनु.... और तुम्हे भी.....

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सुबह-सुबह पार्क मे मानस और ड्रस्टी.....

ड्रस्टी.... मानस तुम कल नही आए थे...

मानस.... हां ! वो सुबह मैं उठ नही पाया था.

ड्रस्टी.... सुबह उठ नही पाए, या परसो की बात कल तक दिमाग़ पर स्ट्राइक करती रही....

मानस.... हां कह सकती हो ड्रस्टी...

ड्रस्टी.... मानस ये पूर्वी और तुम्हारे बीच क्या चक्कर है.

मानस.... बोला तो था उसी दिन, जब हम आमने सामने बात करेंगे... वेट आ मोमेंट, तुम्हे तो मैने पूर्वी के बारे मे नही बताया, फिर कैसे पता.

ड्रस्टी.... दीवान अंकल को ढूँढना तुम उनके जिस दोस्त से मिले वो मेरे अब्बू हैं.

मानस.... ओह्ह्ह्ह ! तो तुम नबाव साहब की बेटी हो. अब सब समझ गया, तुम्हारी नाराज़गी की वजह . वही मैं सोच मे था की बिना जाने, बिना कोई बात के तुम क्यों इतना मुझ से खफ्फा थी.

ड्रस्टी.... नही वो बात नही थी... (कहते हुए ड्रस्टी की नज़रें नीचे हो गयी)

मानस.... झूट बोल रही हो तुम्हारे चेहरे पर लिखा है. तुम्हे जो भी मेरे बारे मे सोचना है सोचो, मैं तुम्हारी राई थोड़े ना बदल सकता हूँ... मैं तुम्हे थोड़े ना कहूँगा, अपने घर वालों की बात पर विस्वास ना करो. लेकिन एक बात मैं बता दूं सभी सुनी हुई

बातें सच नही होती..

ड्रस्टी.... आइ बिलिव ऑन यू मानस. हां मैं अम्मी-अब्बू की बात सुन कर पहले कुछ और ही सोच रखी थी. लेकिन जान'ने के बाद मेरी थोट चेंज हो गयी. तुम्हारा दर्द क्या है वो मैं नही जानती, और मुझे कुछ पूछना भी नही, क्योंकि मेरा दिल जानता है तुम बुरे नही. आज 2पीयेम बजे मेरे घर आ जाना. वहाँ तुम्हे पूर्वी और दीवान दोनो मिल जाएँगे.......

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नताली & पर्थ....

कांट्रॅक्ट लेने के लिए कैसे-कैसे दिन देखने पड़ रहे थे. नताली ने फिर से पार्थ से कॉंटॅक्ट किया. दोनो आमने सामने....

नताली.... ब्लडी रास्कल्स, इन सब को तो चौराहे पर नंगा कर के फासी दे देना चाहिए.

पर्थ.... इतनी पॅनिक क्यों हो रही हो नताली. वैसे भी ग़लत तो नही कहा ना उन्होने. तुम्हे भी तो बॅक डोर से ही ये कांट्रॅक्ट चाहिए था.

नताली.... डॉन'ट फेवर हिम पार्थ. कोई रास्ता छोड़ते हैं क्या? सही से काम करने वालों को कुछ भी हासिल होने देते हैं ये लोग. ऐसा महॉल क्रियेट करते हैं कि ईमानदारी से काम करने वालों को भी इनके दरवाजे तक जाना ही पड़ता है. बिना कुछ लिए दिए काम कहाँ होने देते हैं. तभी देश का ये हाल है.

पार्थ.... हा हा हा, तुम लोगों को देश का भी ख्याल है. आज पता चला.

नताली.... वेरी फन्नी. क्या हम लोगों मे पोलिटिशियन वाली फीलिंग नही होती.

पार्थ.... होता भी है क्या, याद नही कोई ऐसा केस... अभी तो मौका भी है. शो युवर पॅशन...

नताली..... कैसे शो करूँ पॅशन बताओ....

पार्थ..... पॅशन कैसे शो करना है वो तो मैं बता दूँगा, लेकिन सोच लो इस मामले मे तुम्हारी जान भी जा सकती है...

नताली..... मैं कोई राह चलती लड़की नही, जो मुझे मार दे. मुझे मारने के लिए भी उनको लंबी प्लॅनिंग करनी होगी. बात तो अब ईगो की है,जो होगा देखा जाएगा...

पार्थ.... आश्चर्य है, ये कांट्रॅक्ट तुम्हारा नही, फिर भी अपनी जान ज़ोख़िम मे डाल रही हो. वर्जिन नही, फिर भी सेक्स से परहेज. कोई लॉजिक नही पॅशन दिखाने का फिर भी तैयार हो गयी.... ब्रावो...

नताली.... व्हाट डू यू मीन पार्थ. मैं वर्जिन नही वो मेरा डिसिशन है. जो भी किया अपनी मर्ज़ी से किया, उसका कोई अफ़सोस भी नही. लेकिन अभी तक वो मोरल दिल मे नही आया कि कोई फोर्स करे तो ये सोच लूँ कि क्या फ़र्क पड़ता है ... सेक्स

वित वन ऑर एनी वन. कोई फोर्स करे तो उसकी औकात भी दिखा दूँगी.... ये बात अभिमान और आत्मसम्मान की है.

पार्थ.... ओह्ह्ह्ह ! ग्रेट नताली. क्लॅप्स फॉर युवर थिंकिंग. वैसे मुझे ये बताओ तुम क्या करने क्या वाली थी अपने इस

आत्मसम्मान के लिए.

नताली..... पैसे देते हुए उस मंत्री को पकड़वा दूँगी, और मीडीया के सामने पॉल उसकी खोल दूँगी...

पार्थ.... यू फूल... कुछ नही होगा उनका. तुम्हे मैं जैसा कहता हूँ वैसा करो. इनकी तो ऐसे बजेगी कि मुँह छिपाते फिरेंगे.

नताली..... मुझे करना क्या होगा.....

पार्थ ने उसे पूरी प्लॅनिंग बता दिया.... पूरा प्लान सुन'ने के बाद नताली पूरे जोश मे आ कर कहने लगी..... "थॅंक्स पार्थ, अब देखो इनका क्या हाल करती हूँ"

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मनु & वंश इन ऑफीस....

वंश.... कहिए मनु सर, हमे कैसे याद कर लिया.

मनु.... क्या वंश अंकल टॉंट कर रहे हैं क्या...

वंश.... आप तो बॉस हैं, आप को कैसे टॉंट कर सकते हैं...

मनु.... छोड़िए इन सब बातों को, मैं एक कांट्रॅक्ट साइन कर रहा हूँ उस पर आप के सजेशन चाहिए.

वंश.... मेरी खुसकिस्मती जो तुम ने मुझे इस लायक समझा. दिखाओ वो कांट्रॅक्ट.

मनु, वंश को अश्यूर इंडिया के कांट्रॅक्ट फाइल दिखाते हुए कहने लगा.... "घोसल वालों ने हमारे इतना पुराना साथ छोड़ दिया, वैसे भी मिल्स बंद पड़ी है क्यों ना अश्यूर इंडिया वालों को कांट्रॅक्ट कर लिया जाए".

वंश.... लेकिन वंश घोषाल केवल केमिकल के रॉ मेटीरियल ही हमे सप्लाइ नही करता बल्कि उसकी बहुत सी मनुफुक्तुरिंग प्रॉडक्ट हम मार्केटिंग भी करते हैं. इस कांट्रॅक्ट से पूरे ग्रूप पर असर पड़ेगा. वैसे भी दूसरे से रॉ मेटीरियल ले कर प्रोडक्षन शुरू नही कर सकते अभी तो स्टे लगा हुआ है.

मनु.... हां पता है. पहले कांट्रॅक्ट कॅन्सल हो गया और बाद मे आलिगेशन लगा कि हमारे एक्विपमेंट्स अप टू मार्क नही इसलिए सरकार. का स्टे ऑर्डर आ गया "नो फर्दर प्रोडक्षन विदाउट सरकारी. अप्रूवल". ईवन स्ट्रेंज, 3 बार सर्वे करने आए और सर्वे करने वालों ने आलिगेशन को वॅलिड बताते हुए प्रोडक्षन शुरू नही होने दिया.

वंश..... हां यही तो मैं भी कहना चाह रहा हूँ....

मनु.... वंश अंकल सपोज़ करो अश्यूर इंडिया वालों से हम ये कांट्रॅक्ट साइन करते हैं, और किसी जादू से हमे प्रोडक्षन की अप्रूवल मिल जाए तो कैसा रहेगा.

वंश.... तुम क्या पूरी मॅन्यूफॅक्चरिंग यूनिट चेंज करने वाले हो. पर ये तो अपने पोस्ट का ग़लत फ़ायदा उठाना होगा. पहले भी 3 मीटिंग हो चुकी है इस बारे मे. जीतने पैसे हम उस के मॅन्यूफॅक्चरिंग यूनिट चेंज करने मे लगाएँगे उस से कयि गुना ज़्यादा प्रॉफिट तो हमे टेलीकॉम इनवेस्टमेंट से मिल जाएगा.

मनु..... नही अंकल मैं कंपनी के डिसिशन के अगेन्स्ट कैसे जा सकता हूँ. कांट्रॅक्ट के बाद प्रोडक्षन कैसे शुरू हो वो हमारी समस्या नही है, मुझे बस ये पूछना था... कांट्रॅक्ट मे ₹1 रुपया पर यूनिट बढ़ा देने से क्या इंपॅक्ट पड़ेगा.

वंश, मनु की बात सुन कर उसका मुँह देखने लगा, उसे कुछ समझ मे ही नही आया कि क्या कहे.... "यदि ऐसा है तो अच्छा है"

मनु वहाँ से मुस्कुराते हुए चल दिया.... मनु के जाते ही वंश को पसीने आने लगे.... "मैं फालतू मे उन सब की बात मे आ गया.... अब जो होगा सो होगा. पता नही उस वक़्त नही लालच आया जब आना था, पर अब काहे लालच के चक्कर मे मैं इन सब की बातों मे फस गया. जो हो गया सो होया, अब मैं इन से सब से दूर ही रहूँगा. लगता है मनु इस मुद्दे पर बहुत बवाल मचाने वाला है.

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रजत अपने दोस्त सॅम से बात करते हुए....

रजत.... हॉलिडे पर मथुरा जाना फिक्स हो गया है. तुम अपना वादा याद रखना.

सम.... हां दोस्त याद है तुम टेन्षन ना लो. बेचारा कुँवारा ही मर जाएगा....

रजत.... मज़ाक नही करो और ध्यान से सुनो कल नही हुआ ये काम तो तुम देख लेना....

रजत फोन पर बात कर रहा था, तभी अमृता वहाँ पहुँच गयी....

अमृता.... कौन सा काम रजत..

रजत.... फोन रख बाद मे बात करता हूँ.... (फोन रखते हुए) .... मनु के रिश्ते की बात करने की तैयारी मॉं. मैं क्या सोच रहा था, कल उन दोनो का एंगेज्मेंट हो जाए तो एक पार्टी नाइट ऑर्गनाइज़ करूँ यहाँ, उसी के तैयारी की बात.

"इसे क्या हो गया, मनु से नफ़रत करने वाला उसकी शादी तय होने की खुशी मे नाच रहा. कहीं काया ने तो इसे कोई पट्टी नही पढ़ा दी".... अमृता अपने बेटे को आश्चर्य से देखती हुई..... "पार्टी तू ऑर्गनाइज़ कर रहा है"

रजत.... तुम इतना शॉकिंग एक्सप्रेशन क्यों दे रही हो मोम...

अमृता.... माँ हूँ तेरी, अब मुझे बताएगा कि ये चक्कर क्या चल रहा है. मुझ से झूट क्यों बोल रहा है.

रजत.... चौको मत ज़्यादा. ये पार्टी उसकी खुशी के लिए नही, बल्कि उस दो टके की लड़की और उस नाजायज़ मनु को सब के सामने बेज़्जत करने के लिए है....

अमृता.... ऐसे बोला कर ना. तूने पार्टी का नाम लिया तो मैं सच मे शॉक्ड हो गयी. अच्छा है जब तुमने प्लान कर ही लिया है तो मैं भी अब इनकी एंगेज्मेंट करवा ही दूं...

अमृता ने तुरंत स्नेहा को कॉल लगा दिया...... स्नेहा कॉल देख कर.... "नमस्ते आंटी"

अमृता.... फोन अपने पापा को दो, उन से बात करनी है...

स्नेहा.... पापा नही है, मोम हैं, रुकिये उन्हे देती हूँ...

स्नेहा की माँ.... नमस्ते बहन जी...

अमृता.... नमस्ते को रहने दीजिए, और बेटी के एंगेज्मेंट की तैयारी कीजिए, कल हम आ रहे हैं रिस्ते की बात करने....

स्नेहा की माँ.... आप का स्वागत है, आप सब आइए तो पहले...

अमृता.... ठीक है कल ही हम आ रहे हैं.....

"पूअर कपल.... पता नही तुम दोनो के साथ क्या-क्या होना है... कल मैं तुम दोनो पर बिजलियाँ गिराउन्गी और बचा-खुचा परसो मेरा बेटा पार्टी मे पूरा कर देगा"

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