शालु; हाय दैया ये तू क्या कह रहा है बदमाश। मै नहीं बैठने वाली तेरी गोद में। तू खुद खा ले ।
देवा;पालथी मार के बैठ जाता है पर खाने को हाथ भी नहीं लगता।
शालु;जानती थी ये बहुत ज़िद्दी है पर दिल तो उसका भी कह रहा था देवा की गोद में बैठने को वो मुस्कुराते हुए प्लेट उठाके देवा के गोद में जाके बैठ जाती है और देवा दोनों हाथों से शालु का पेट पकड़ लेता है।
शालु;मेरी भी एक शर्त है मै तभी तुझे खाना खिलाऊँगी अगर तू ये वादा करे की तू कोई बदमाशी नहीं करेंगा।
देवा'; ठीक है वादा।
शालु;देवा को खाना खिलाने लगती है।
कुछ ही देर बाद देवा शालु के पेट पे हाथ फेरने लगता है। नरम नरम सफेद पेट पे शालु को गुदगुदी होने लगती है।
वो कसमसाने लगती है । आहह तूने अपना वादा तोडा अब मै तुझे नहीं खिलाऊँगी।
देवा; काकी वादा होता ही है तोड़ने के लिए। खिलाओ अब नहीं करुँगा।
शालु;फिर से देवा को खिलाने लगती है। नरम मोटी मोटी शालु की कमर देवा के लंड पे टीकी हुई थी और नीचे से चुभता हुआ देवा का लंड शालु को अंदर ही अंदर मन्त्र मुग्ध करने लगता है। वो जानती थी की उसे क्या चूभ रहा है पर ये एहसास उसे बहुत दिनों बाद मिल रहा था।
देवा; काकी रोज़ ऐसे ही खिला दिया करो ना।
शालु; धत्त बेशरम।
देवा; जानता था एक बार वो शालु का भरोसा तोड़ चूका है अब अगर जल्द बाज़ी करेंगे तो ये माल भी हाथ से निकल जायेंगा और नीलम भी।
वो खाना खाके अपने खेतों में चला जाता है।
रात में वो पदमा के घर की तरफ जाता है पर उसे घर में पदमा नहीं मिलती। उसे लगता है की शायद वो हवेली गए होगी। वो लंड को हाथ से मसलता हुआ घर चला आता है।
जैसे ही वो घर के अंदर दाखिल होता है उसे आँगन में पदमा बैठी नज़र आती है।
पदमा;कहाँ था तू। कबसे तेरे लिए यहाँ अकेली बैठी हूँ मुझे पता चला की तेरी माँ और बहन गांव गए है तो चली आई। क्यों ठीक किया न।
देवा;पदमा को अपने गोद में उठाके चुमने लगता है।
ये तुमने बहुत अच्छा किया काकी । आज तो तुझे ऐसे रगडूंगा की कल तू चल भी न पायेगी।। वो पदमा को गोद में उठाके घर के अंदर ले जाता है।
पदमा;नीचे बैठ के देवा की पेंट खोल देती है और उसके लंड को बाहर निकाल लेती है।
देवा;आराम से काकी अभी पूरी रात पडी है। सब तेरा ही तो है।
पदमा: मैं क्या करूँ देवा चूत पे राज नहीं चलता मेरा।गल्पप गलप्प।
देवा अपनी शर्ट उतारने लगता है की तभी उसे बाहर के दरवाज़े पे किसी की दस्तक सुनाई देती है वो झट से पेंट पहनके दरवाज़ा खोलने चला जाता है और पदमा बाथरूम में छुप जाती है।
दरवज़ा खोलते ही देवा की जान में जान आती है वो और कोई नहीं बल्कि पप्पू था जो खाना लेके आया था।देवा उसका हाथ पकड़ के अंदर खीच लेता है।
पप्पू;अरे क्या हुआ देवा।
देवा;बड़े अच्छे समय पे आया है पदमा आई हुई है । मैंने तुझे बताया था न साली बहुत गरम लग रही है एक काम करते है आज रात दोनों मिलके उसकी लेते है। बोल क्या बोलता है।
पप्पू;पर वो मैंने। कही उसने माँ को बता दी तो।
देवा;अब्बे गांडु कुछ नहीं होगा तू बस चल मेरे साथ और देवा उसे लेके कमरे के अंदर चला जाता है।
देवा; काकी बाहर आ जाओ । ये मेरा दोस्त आया है पप्पु।
पदमा; बाहरर आती है अरे पप्पू तू है।
देवा; पदमा को अपने पास खींच लेता है ।
काकी आज की रात हम तीनो के नाम। खूब जमेंगे रंग जब मिलके चुदाई करेंगे तीन यार। आप मै और पप्पु।
पदमा;हंसने लगती है अरे ज़ालिम तू अकेला ही तो जान निकाल देता है।आज तेरा दोस्त भी है। पता नहीं मेरा क्या होंगा आज।
देवा खुद के कपडे उतारने लगता है । पदमा तो तैयार ही थी नंगी होने को। पप्पू भी ड़रते ड़रते नंगा हो जाता है । जैसे ही पदमा पप्पु के लंड को देखती है एक हलकी सी हँसी उसके मुंह से निकल जाती है।
देवा; पदमा को नीचे बैठा देता है और पदमा झट से देवा और पप्पू के लंड को हाथ में लेके चुमने लगती है।
पप्पू;आहह आराम से । वो बिलकुल बच्चों जैसे चिल्लाने लगता है । उसने कई बार देवा का लंड चूसा था पर आज पहली बार कोई उसके लंड को चूस रहा था। उसके गाण्ड का सुराख़ खुल बंद खुल बंद होने लगता है आहह काकी जी।
देवा;अपने लंड को पदमा के हलक में उतारने लगता है और पदमा भी पप्पू के लंड से ज़्यादा देवा के लंड को चुसने लगती है गलप्प। गलप्प.... आह्ह्ह्ह गप्प्प।
कुछ देर में ही देवा चोदने के लिए तैयार हो जाता है।
पर पप्पू का लंड अभी भी खड़ा नहीं हुआ था।
देवा;पदमा को बिस्तर पे लिटा देता है और उसकी कमर हाथ में पकड़ के अपने लंड की तरफ कर लेता है।
काकी पप्पू का लंड खड़ा कर दे फिर देख तेरी चूत और गाण्ड की होली।
पदमा;आहह ये खड़ा नहीं होगा ।
देवा;होगा कैसे नहीं तू चूस तो सही आह्ह्ह्ह्ह्।
ये कहकर देवा अपने लंड को एक ही झटके में पदमा की चूत में पेल देता है।
पदमा; आहह बोल के नहीं डाल सकता माँ एक झटके में घूस्सा देता है आहह गलप्प गलप्प।
पदमा;पप्पू के लंड को चुसने लगती है और देवा अपने लंड को पदमा की चूत में अंदर बाहर करने लगता है।
पदमा; आहह देवा आज सुजा दे मेरी चूत आहह बहुत अच्छा चोद रहा है तू आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्।फाड़ दे मेरी चूत को आअह्हह्हह्हह।
पप्पू का लंड भी खड़ा हो जाता है और देवा अपना लंड निकाल के पप्पू को पदमा की चूत में लंड ड़ालने के लिए कहता है । पप्पू का छोटा लंड बड़ी आसानी से पदमा की चूत में चला जाता है।
पदमा को लगता है की देवा गाण्ड में डालेगा। पर वो भी अपना लंड चूत में ही ड़ालने लगता है।
देवा का लंड पप्पू के लंड को घिसता हुआ पदमा की चूत में जाने लगता है।
पदमा ऑखें फाड़े देवा को देखने लगती है । आहह मार डालेगा क्या रे आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ।
देवा इतनी जल्दी नहीं पदमा। अभी तो कई बार तुझे चोदना है आज।
ले साली बडी चुदक्कड़ है ना तेरी चूत आआआहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्।
पप्पू और देवा दोनों एक साथ अपना लंड पदमा की चूत में बारी बारी से आगे पीछे करने लगते है।
देवा;झुक के एक ऊँगली पप्पू के गाण्ड में भी डाल देता है।
पप्पू; आहह देवा को ललचाये नज़रों से देखते हुए पदमा को चोदने लगता है आह्ह्ह्ह्ह।
पदमा; आह्ह्ह्ह्ह् माँ ये मुझे दोनों सुराखों में चाहिए देवा आह्ह्ह्ह्ह।
देवा;तू बोल साली तुझे कैसे चाहिए। मै हूँ न तेरा असली मरद पप्पू तू नीचे हो जा। मै इसे पीछे से लेता हूँ।
पप्पू;नीचे लेट जाता है और पदमा उसके ऊपर लेट के लंड चूत में लेती है और उसी वक़्त देवा पीछे से अपना लंड पदमा की गाण्ड में पेल देता है आह्ह्ह्ह
मरआआआआआआ गईईईईईईई रेईईईईईई।
पदमा;आहह हाँ ऐसे ही आहह मेरे देवा आहह चोदो मुझे आह्ह्ह्ह्हह।
देवा;सटा सट अपने लंड को पदमा की गाण्ड में घुस्सा घुसा के उसकी गांड चोदने लगता है और नीचे से पप्पू ऑखें बंद किये देवा को अपने गाण्ड में महसूस करते हुए पदमा की चूत मारने लगता है। 15 मिनट देवा एक रफ़्तार में पदमा की गाण्ड मारते रहता है और फिर वो अपना लंड पदमा की चूत से बाहर निकाल लेता है और बिस्तर पे लेट जाता है।
पप्पू तो काफी पहले अपना लंड पदमा की चूत से निकाल चूका था।
जैसे ही देवा बिस्तर पे लेटता है पदमा से पहले पप्पू उसके लंड को मुंह में ले के चुसने लगता है गलप्प गलप्प्प।गलप्प्प।
पदमा देवा से अपनी चूत चटवाते हुए ये नज़ारा देखने लगती है । उसे पता चल गया था की पप्पू गांडु है।
पदमा देवा के लंड को मुठी में लेके हिलाने लगती है और फिर उसे पप्पू के मुंह में डाल के उसे चूसने को कहती है।
कुछ देर बाद जब देवा का लंड फिर से खड़ा हो जाता है तो पदमा देवा से कहती है की वो पप्पू का लंड अपने गाण्ड में लेगी।
देवा कुछ नहीं कहता । जैसे ही पप्पू पदमा की गाण्ड में अपना लंड घुसाता है देवा को पदमा की बात समझ में आ जाती है और वो पप्पू के गाण्ड पे दो तीन थप्पड मार के अपने लंड को पप्पू के गाण्ड में घूस्सा देता है।
पप्पू;आहह देवा बहुत अच्छा आहह लग रहा है रे । तू तो काकी के चक्कर में मुझे भूल गई गया आहह्ह्ह्ह।
पदमा के गाण्ड में पप्पू का लंड और पप्पू के गाण्ड में देवा का । रात भर कभी देवा पप्पू की गाँड मारता तो कभी पदमा की कस के चोदता रहता जब तक वो दोनों हलकान नहीं हो गए ।
रात इसी तरह गुज़रती रही और पदमा की चूत और गांड और पप्पू की गाण्ड देवा के लंड से जूझते रहे।
पप्पू तो कुछ देर बाद गाण्ड पे हाथ रख अपने घर चला जाता है पर पदमा आधी रात तक देवा से चुदती रहती है।सुरज निकलने के कुछ ही देर पहले वो अपने घर चली जाती है।
देवा इतना थक चूका था की वो उसी हालत में सो जाता है।
सुबह के ९ बज चुके थे। पर देवा की आँख अभी तक नहीं खुली थी।
उसे किसी के ज़ोर ज़ोर हँसने की आवाज़ सुनाई देती है वो ऑखें मलता हुआ जब सामने देखता है तो शालु की बेटी रश्मि हाथ में नाश्ते की प्लेट लिए खडी थी । उसकी ऑखें देवा के लंड पे ही जमी हुई थी।
देवा खुद को देखता है और जल्दी से पास पड़े हुए चादर उठा के लपेट लेता है।
देवा: तूम कब आई।
रश्मी; मुंह पे हाथ रखे किसी तरह बोलती है।
मै तो कबसे आई हूँ।
देवा;मुझे उठा नहीं सकती थी।
रश्मी;उठाई थी पर शायद रात में पदमा काकी आई थी यहाँ।
इसीलिए तुम इतने देर तक सोते पड़े थे। क्यों सही कह रही हूँ न मैं।
देवा;नहीं नहीं वो भला यहाँ क्यों आयेंगी।
रश्मी; अच्छा तो फिर ये पायल किसके है । मुझे तुम्हारे बिस्तर के पास पड़े हुए मिले।
देवा; सकपका जाता है और रश्मि के हाथ से पायल लेते वक़्त उसके हाथ से चादर फिसल जाता है।
रश्मी की हँसी ग़ायब हो जाती है।
जब सामने जवान हट्टा कट्टा मरद वो भी पूरा नंगा खड़ा हो तो कौन सी कुँवारी की चूत में पानी नहीं आएगा।
देवा;क्या देख रही है ।
रश्मी;मुंह फेर लेती है और नाश्ते की प्लेट सामने टूल पे रख देती है।
माँ ने कहा है देवा को नाश्ता कराने के बाद प्लेट लेती आना।
सुबह देवा जल्दी उठ जाता है और उसने जो मज़दूर फसल की कटाई के लिए बुलाये थे। वो भी आ चुके थे।
सुबह के 6 बजे से शम के 5 बजे तक फसल की कटाई हो जाती है।
ओर देवा खेत में एक रख वाली रख के वापस घर आ जाता है। उसका पूरा जिस्म दर्द से टूट रहा था जब वो घर पहुँचता है तो शालु और नीलम उसे घर में उसका इंतज़ार करते हुए मिलती है।
शालु; अरे देवा बहुत थके थके लग रहे हो मैंने जो खाना भेजवाया थी तुमने खाया था की नही।
देवा;हाँ काकी खा लिया था। वो घर में नहाने चला जाता है और कुछ देर बाद कुर्ता पैजामा पहनके बाहर आँगन में आके शालु और नीलम के पास बैठ जाता है।
नीलम;चोर नज़रों से देवा को देख मुस्कुरा रही थी
शालु की नज़र दोनों पे थी पर वो अपनी बातों से ये जाहिर नहीं कर रही थी ।
शालु;देवा को खाना लगा देती है और हाथ का पंखा उड़ाते हुए उसके पास बैठ जाती है।
नीलम;देवा के कमरे में जाके उसके पूरे कमरे की साफ़ सफाई करने लगती है।
रत्ना के मायके जाने से पूरा घर उथल पूथल हो चुका था।
नीलम हर एक चीज़ को अपनी जगह पे रखती है।
शालु; अच्छा मै चलती हूँ नीलम के बापु को दवाये भी देनी है। अरे हाँ वो कल वैध जी के यहाँ जाके दवाये लेते आना।
देवा; अच्छा काकी मै ले आऊंगा।
नीलाम: मैं भी चलते हूँ माँ।
शालु; तू देवा के खाना खाने के बाद प्लेट लेती आना।
देवा;नीलम की तरफ देखता है उसके चेहरे से पता चल रहा था की वो बहुत घबराई हुए है पर कही न कही वो भी कुछ पल देवा के साथ अकेले में बिताना चाहती थी।
शालु के चले जाने के बाद देवा हाथ धोके चारपाई पे बैठ जाता है।
दोनो चुप थे। न नीलम कुछ बोल पा रही थी और न देवा।
कुछ देर बाद देवा चुप्पी तोड़ता है।
तूने अच्छा किया जो मेहमानो के सामने नहीं गई वरना....
नीलम;हँसते हुए वरना....
देवा; वरना मेरे घर में रौशनी होते होते रह जाती।
नीलम;तुम बड़े वैसे हो।
देवा; कैसे।
नीलम; बहुत बूरे हो और नीलम शरमा के अपने दोनों हाथ अपने चेहरे पे रख देती है।
देवा उसके हाथ चेहरे से हटाता है दोनों की नज़रें एक हो जाती है।
देवा;नीलम तू नहीं जानती। मै तुझसे कितना प्यार करता हूँ।
नीलम;कितना प्यार करते हो।
देवा; तेरे लिए मै अपनी जान भी दे सकता हूँ।
नीलम;घबराके अपना हाथ देवा के मुंह पे रख देती है।
कभी भूल के भी मरने की बात मत करना मै तुम्हारे साथ ज़िन्दगी जीना चाहती हूँ।
देवा;नीलम के हाथ चूम लेता है और उसे अपने बाँहों में समेट लेता है।
देवा;जब भी किसी औरत या लड़की को अपने छाती से लगाता था तो उसका दिल उसे चोदने को करता था पर नीलम के मामले में उसके जज़्बात बहुत अलग थे। नीलम उसकी ज़िन्दगी बन चुकी थी और वो नीलम को एक पत्नी की तरह देखता था।
कुछ देर बातें करने के बाद नीलम बर्तन लेके घर चली जाती है और देवा वही सो जाता है।