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हाय रे ज़ालिम.......complete

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शाम के 7 बजे-

देवा;पप्पू से मिलने का बोलके घर से निकल जाता है।

वो ठीक शालु के घर के पीछे बने कमरे के पास जाके खड़ा हो जाता है।

रात के अँधेरे में उसे कोई देख नहीं सकता था।

कुछ देर बाद उसे दो साये उसकी तरफ आते दिखाई देते है।

वो जब पास आते है तो देवा के चेहरे पे मुसकान आ जाती है।

रश्मी;देवा को देख उससे लिपट जाती है।

बड़ा कमीना है तू मुझसे मिलके भी नहीं गया।

देवा;उसे लेके रूम के अंदर चला जाता है।

तेरी माँ मुझपे नज़र रखे हुए थी इसलिये।

पप्पू;बाहर से दरवाज़ा बंद कर देता है और चौकीदारी करने लगता है।

शालु खाना बना रही थी अचानक उसे याद आता है की रश्मि को दूध पीला दे।ससुराल जाने के बाद पता नहीं उसका कैसे नसीब होगा।

वो नीलम को रोटी पकाने का बोल के रश्मि के रूम में चली जाती है मगर उसे वहां रश्मि नज़र नहीं आती वो नीलम से पूछती है।

नीलम : मुझे वो भाई के साथ जाते हुए देख मैंने पूछी तो बोले नए कमरे में सफाये करने जा रही है मेहमान आयेंगे तो उन्हें वहां रुकायेंगे।

शालु का माथा ठनकता है क्यूंकि कुछ दिन पहले ही उसने और रश्मि ने कमरा साफ़ की थी वो अपने घर के पीछे बने कमरे की तरफ चल देती है।

उसे दरवाज़े पर पप्पू खड़ा दिखाई देता है।

शालु;तू क्या कर रहा है यहाँ और रश्मि कहाँ है।

पप्पू की तो गाण्ड ही फट जाती है शालु को वहां देख के।

माँ वो मै तो रश्मि को मेरा मतलब है मै ऐसे ही आया था।

मुझे नहीं पता रश्मि कहाँ है।

अचानक अंदर से उसे रश्मि की सिसकारियों की आवाज़ सुनाई देती है।

वो पप्पू की तरफ देखती है और उसे घर जाने के लिए कहती है।

पप्पू फ़ौरन वहां से भाग जाता है।

शालु खिडकी में से अंदर झाक के देखती है उसे यक़ीन था की अंदर देवा ही हो सकता है और उसका यक़ीन बिलकुल सही साबित हुआ।

रश्मी अपनी टाँगें खोल के नंगी पड़ी थी और देवा उसकी चूत चाट रहा था।

रश्मी;उन्हह कितना अच्छा चाटता है रे तू देवा आहह पता नहीं मेरा पति ऐसे करेंगे भी की नहीं माँ.....

देवा;अपना मुँह हटा के। वो नहीं करेंगे तो यहाँ आ जाना मेरे पास गलप्प गलप्प......

रश्मी;जल्दी कर कही माँ को पता न चल जाए।

देवा;अपने लंड को रश्मि के मुँह में डाल के गीला करता है। देवा का लंड खड़ा तो उसी वक़्त हो गया था जब रश्मि नंगी हुई थी।

रश्मी अपनी चूत को सहलाने लगती है।

एक बार जो तेरा लंड ले ले उसे बस रोज़ ये चाहिए ही ।

बाहर खड़ी शालु के कानों में उन दोनों की आवाज़ साफ़ सुनाई दे रही थी और शालु का हाथ अपने आप अपनी चूत पे चला जाता है।
 
देवा; पीछे से रश्मि की कमर को पकड़ के अपने लंड को उसकी चूत पे लगा देता है।

रश्मी;देवा के लंड का सुपाडा अपनी चूत के मुँह में अटका देती है आहह कस के चोद। मुझे बहुत तड़प रही है मेरी चूत।

देवा;एक टाँग पकड़ के अपना लंड रश्मि की चूत में घूस्सा देता है आह्ह्ह्ह्ह।

रश्मी; उईईईईईई माँ वो तेरा लौडा है या मुसल आह्ह्ह्ह्ह्ह।

देवा;अपने लंड को अंदर तक घूसा घूसा के रश्मि को चोदने लगता है । जवान चिकनी चूत उसे भी बहुत पसंद थी।

शालु की ऑखें उस जग़ह टीक जाती है जहाँ देवा का लंड अंदर बाहर हो रहा था । देवा का लंड अंदर जाने से रश्मि की चीख़ निकल पडती जिससे देवा के लंड की ताकत का अंदाज़ा शालु लगा सकती थी।

रश्मी चीखती रही और देवा उसे चोदता रहा। दोनों बातें नहीं कर रहे थे। बस चुदाई का आनंद ले रहे थे। मगर बाहर खड़ी शालु की चूत की झड़ने लगती है।कितने दिन बाद शालू की चूत की बारिश हुई थी । उसका पति अब उसे चोदने के क़ाबिल नहीं था और उसे समभोग किये बहुत दिन हो गये थे।

रश्मी और देवा दोनों पसीने पसीने हो चुके थे और साथ में शालु भी नहा चुकी थी अपनी ही चूत के पानी में।

उसे यक़ीन नहीं हो रहा था की उसकी अपनी बेटी रश्मि इतनी बडी चूदक्कड निकलेगी।

देवा रश्मि की चूत में से लंड बाहर निकाल देता है और रश्मि को मुँह खोलने के लिए कहता है जैसे ही रश्मि मुँह खोलती है देवा अपने लंड का पानी उसके मुँह में छोड़ने लगता है।

शालु कुछ सोचते हुए वहां से चली जाती है।
 
अपडेट 44

शालु ग़ुस्से में घर में दाखिल होती है और वो पप्पू को तलाश करने लगती है मगर पप्पू उसे कही नज़र नहीं आता।

शालु;नीलम पप्पू घर आया है या नही।

नीलम;नहीं माँ भाई तो घर नहीं आये क्यों कुछ काम था।

शालु;नहीं कुछ नहीं तू खाना बना मै ज़रा अभी आती हूँ।

वो पप्पू को देखने बाहर निकल जाती है।

देवा;रश्मि के साथ शालु के घर की तरफ निकल पडता है तभी उसे सामने के गली में शालु किसी को ढूँढ़ते दिखाई देती है।

देवा;अरे बाप रे तेरी माँ शायद तुझे ढूंढ़ रही है।

रश्मी;तू घर जा मै पीछे के दरवाज़े से घर में चली जाती हूँ।

देवा;ये पप्पू साला कहाँ चला गया।

रश्मी;तू जा न मै सँभाल लुंगी।

देवा;अपने घर की तरफ छुपते छुपाते चला जाता है।

रश्मी;घर के अंदर पहुँच के अपने कमरे में चली जाती है और जल्दी से बाथरूम में घुस जाती है।

पप्पू;डरता डरता घर आता है और घर के ऑगन में ही उसे शालु हाथ में एक मोटी सी लकड़ी लिए बैठी मिलती है।

शालु;पप्पू को देख खड़ी हो जाती है और उसे उसी रूम में ली। ले जाती है जहाँ कुछ देर पहले रश्मि और देवा चुदाई कर रहे थे।

पप्पू; थर थर काँप रहा था। माँ इस में मेरी कोई गलती नहीं है वो रश्मि ने मुझे कही थी ऐसा करने को।

शालु;दरवाज़ा बंद करती है और सटा सट सटा सट पप्पू के पैरों पर कमर पर उस लकड़ी से मारने लगती है।

कुत्ते अपनी बहन को दूसरे मरद के पास ले जाता है।

तूझे ज़रा भी शर्म नहीं आती क्या।

ख़ुद तो उस देवा से गाण्ड मरवाता है और अब अपने बहन को भी उसके नीचे सुला दिया तुने।

रुक अभी तेरी चमड़ी खीच लेती हूँ।

पप्पू के तो होश उड़ जाते है।

उसे यक़ीन नहीं होता की शालु को भी पता है की वो देवा से गाण्ड मरवाता है।

अचानक उसका सारा डर ग़ायब हो जाता है और वो शालु के हाथ में की लकड़ी पकड़ लेता है।

शालु;उसे हाथ से मारने लगती है मगर वो बेचारी अपने नाज़ुक नाज़ुक हाथों से पप्पू को कब तक मार सकती थी।

वो थक जाती है और फिर पप्पू को गालियां देने लगती है।

पप्पू; एकटक शालु के बदन को देखने लगता है।

शालु; इस तरह से पप्पू को घूरता देख और ज़्यादा भड़क जाती है।

तूम इंसान हो की जानवर।
 
पप्पू;हम इंसान है मगर हमे एक बीमारी है।

हमे बाहर वाली औरतें अच्छी नहीं लगती घर की औरतें देख कर हम दोनों पागल हो जाते है जैसे इस वक़्त मै तुमको देख के ही पागल हो रहा हूँ माँ।

शालु की ऑखें फटी की फटी रह जाती है।

क्या क्या कहा तुने।

वो खुद की तरफ देखती है उसका साडी का पल्लू नीचे हो गया था और बडी बडी चूचियां सामने की तरफ लटकी हुई थी।

ब्लॉउस के अंदर छुपे होने के बावजूद भी उसका आकार पप्पू ठीक तरह से बता सकता था।

पप्पू;हाँ माँ मै तुमसे बहुत प्यार करता हूँ।

मै हमेशा से ये चाहता था की अगर मेरी ज़िन्दगी में कोई औरत आये तो वो तुम जैसी हो बल्कि तुम ही हो।

शालु;ये सुनके एक ज़ोरदार थप्पड पप्पू के मुह पर जड़ देती है।

और बदले में पप्पू शालु के दोनों हाथों को मज़बूती से पकड़ के अपने होंठ शालु के होठो पर रख देता है।

शालु की सुहागरात के दिन जब उसके पति ने उसे चोदा था। उसदिन भी उसे ऐसा अनुभव नहीं हुआ था।

जब पहली बार देवा ने अपने होंठ शालु के होठो पे रखा था उस दिन भी शालु कुछ खास सहमी नहीं थी।

मगर आज अपने जवान बेटे अपने खून के होठो के तपीश में शालु का अंग अंग मचलने लगता है।

चुत के बाल खड़े हो जाते है।

निप्पल्स एकदम तन जाते है।

और दोनों हाथ पप्पू की पीठ पर कस जाते है।

पप्पू;को ये देख थोडी और हिम्मत आती है और वो अपने दोनों हाथों को शालु के चिकने पेट पर रख के घुमाने लगता है और धीरे धीरे शालु के नीचले होठो को चुसने लगता है गलप्प गलप्पप्पप्प गप्पप्पप्प।

हालांकी शालु चुपचाप ऑखें बंद करके खड़ी थी वो तो कोई और ही दुनिया में पहुँच चुकी थी।

जैसे ही पप्पू जल्दबाज़ी में अपने हाथों को शालु की नरम मुलायम कमर पर रख के थोड़ा सा दबाता है शालु अपनी ऑखें खोल देती है और पप्पू को धक्का देके पीछे ढकेल देती है।

वो घबड़ाहट में एक दो बार और उस लकड़ी से पप्पू की पिटाई करके वहां से घर भाग जाती है।

आज उसका दिल उसके बस में नहीं लग रहा था। पप्पू ने ऐसा कैसे किया वो मेरा सगा बेटा है मै उसके बारे में ऐसा सोच भी कैसे सकती हूँ। नहीं नहीं मै उसे समझाऊँगी उसे सही और गलत का अंतर बताऊँगी।

पर क्या वो मानेगा।

शालु खुद से ही बातें करते हुए घर पहुँच जाती है और घर में दाखिल होते ही उसे रश्मि नज़र आती है।

शालु को फिर से देवा याद आ जाता है और वो रश्मि को लेके उसके कमरे में चली जाती है।

शालु;क्यूँ री कहाँ गई थी तु।

रश्मी;कही भी तो नहीं यही तो हूँ।

शालु;मुझसे झूठ बोलती है । अगर दो दिन बाद तेरी शादी नहीं होती न तो तेरा वो हाल करती की कभी उस कमिने देवा के आस पास भी नहीं फटकती।
 
दो दिन नहीं रह सकती जो करना है अपने होने वाले पति के साथ करना।

हमारा मुँह क्यों काला करवाने पे तुली हुई है।

रश्मी;क्यूंकि मै देवा से प्यार करती हूँ।अगर नीलम मेरी बहन नहीं होती तो मै उसी से शादी करती चाहे उसके लिए मुझे इस घर से भागना क्यों नहीं पडता।

शालु;अपने मुँह पर हाथ रख देती है।

रश्मी;और एक बात माँ मुझे जो कहना है कहो। मारना है मारो मगर आईन्दा अगर देवा पे तुमने हाथ उठाया तो मै शादी नहीं करुँगी और अगर मुझे मेरे ससुराल में ये सुनने में आया की तुमने देवा पर हाथ उठाये तो मै वो घर हमेशा हमेशा के लिए छोड़ के चली जाऊँगी।

शालु;आज चारो तरफ से खुद को घिरा हुआ महसूस कर रही थी।

रश्मी की शादी दो दिन बाद होनी थी।

शालु चाह के भी रश्मि पे हाथ नहीं उठा सकती थी।

शालु;के पति उसे आवाज़ लगाते है और शालु रश्मि को घुरते हुए उनके पास चली जाती है।

उधर देवा के घर में रत्ना और देवकी ;नूतन और पप्पू की बात आगे बढाने के बारे में बात कर रही थी।

देवा;सामने बैठा खाना खा रहा था उसे इन सब बातों में कोई दिलचस्पी नहीं थी बस वो रत्ना और देवकी के बातों पे हूँ हाँ कर रहा था । उसकी नज़रें तो रत्ना और देवकी के पेट और चूचियों पर थी।

देवकी;देवा की नज़र भाँप गए थी वो सोने का बहाना करने अपने कमरे में चली जाती है।

रत्ना;देवा देख न सबकी शादियां हो रही है एक हमारी ममता के लिए कोई अच्छा रिश्ता नहीं आ रहा।

देवा;हाथ धोते हुए।

अरे माँ तू चिंता क्यों करती है हमारी ममता लाखों में एक है उसके लिए ऐसा रिश्ता आयेगा की गांव वाले सब देखते रह जाएंगे।

रत्ना;मुझे तो उस दिन का बडी बेसब्री से इंतज़ार है।

देवा;माँ मै आज बहुत थक गया हूँ मै सोने जा रहा हूँ।

तूम भी सो जाओ ममता कहाँ है।

रत्ना;वो अपने कमरे में होंगी।

मै भी बहुत थक गई हूँ।

रत्ना तो सोने चली जाती है और देवा अपने रूम में कुछ देर सभी का सोने का इंतज़ार करने चला जाता है।

नुतन;ममता की गोद में सर रखे पड़ी हुई थी और ममता नूतन की चूचि को दबाते हुए उसके होठो को चुम रही थी।
 
ममता ; क्यों रे तुझे रात में अकेले नींद आती है मुझे तो बिलकुल नहीं आती।

नुतन ; माँ और तेरे भाई ने मेरी रातों की नींद उड़ा के रख दिए है।

ममता ; क्या मतलब।

नुतन ; थोडी देर बाद जिस कमरे में मै और माँ सो रहे हैं ना उसके पीछे वाली खिडकी के पास चली जाना सब कुछ समझ में आ जायेंगा।

ये कहते हुए नूतन अपनी माँ देवकी के पास सोने चली जाती है।

और ममता;नूतन की बात को ले के परेशान हो जाती है

आखीर बात क्या है नूतन ऐसा क्यों कह रही थी।

पता तो लगाना पडेगा।

शालु अपने पति के बूढ़े लंड से चुदाई में लगी हुई थी।

लंड चूत में जाने से उसे कोई एहसास नहीं हो रहा था। उसकी चूत से तो पप्पू के उस चुम्बन से पानी छोड रही थी जो आज उसने लिया था।

शालु;ऑंखें बंद कर लेती है और उसके ऑखों के सामने रश्मि और देवा की चुदाई घुमने लगती है।

नीलम;अपने रूम में देवा के सपने देख रही थी और रश्मि अपने भाई पप्पू के साथ उसके रूम में बैठी हुई थी।

पप्पू;दो दिन बाद तू चली जाएँगी रश्मि।

रश्मी; तो क्या हुआ वापस भी तो आऊँगी न अभी तो यही हूँ करो न जल्दी जल्दी।

तुम्हारा दोस्त तो आग लगा के चला जाता है। सुलगती मै रहती हूँ और तुम हो की बातें ज़्यादा करते हो काम कम्।

पप्पू;मुस्कुरा देता है और दोनों भाई बहन के होंठ एक दूसरे से चिपक जाते है।

रश्मी;अपने हाथ में पप्पू के लंड को ले के हिलाने लगती है और पप्पू अपनी बहन की मस्त चूचियां मसलने लगता है।

रश्मी; आहह गलप्प गप्प्प भाई करो न जल्दी से आह्ह्ह्ह्ह्ह।

पप्पू;रश्मि का मुँह अपने लंड पे झुका देता है और रश्मि एक समझदार बहन की तरह अपने भाई के लंड को मुँह में ले के चुसने लगती है।

रश्मी; गलप्प गलप्प।

पप्पू; आह्ह्हह ओह्हन रश्मि आह्ह्ह्ह।

रश्मी;के होठो की ठण्डक पाते ही पप्पू के लंड में कड़कपन आने लगता है और देखते ही देखते उसका लंड आकार लेने लगता है।

रश्मी;अपनी चूत को मसल मसल के पप्पू के लंड को चुसती जाती है।

थोड़ी देर बाद दोनों भाई बहन इतने गरम हो जाते है की उनसे रहा नहीं जाता और पप्पू अपने बहन रश्मि को उल्टा करके पोछे से अपने लंड को उसके चूत में उतारने लगता है।

रश्मी;आहह भाई आपके लंड में देवा जैसी बात तो नहीं आहह मगर पता नहीं क्यों मेरे रौंगटे खड़े हो जाते है आह्ह आपके लंड को अंदर लेते ही । आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मा...

पप्पू;मेरा भी यही हाल है रश्मि आह्ह्ह्ह कितनी गरम चुतत्त्त्त् है तेरीईईईईईईईईई।

रशमी;भाई ज़ोर ज़ोर से करो न मुझे आअह्हह्हह्हह।और जोर से पेलो....
 
पप्पू;अपनी कमर को जल्दी जल्दी आगे पीछे करने लगता है उसे जीतना ज़ोर से हो सकता था वो उतने ज़ोर से रश्मि को पेलने लगता है आह्ह्ह्ह्ह्ह।

मेरी बहन आह्ह्ह्ह।

रश्मी;भाई उन्ह मेरे भाई।

दोनो अपनी चुदाई में बिजी हो जाते है।

इधर रतना के घर में सन्नाटा पसर जाता है।

रत्ना;को छोड के हर कोई जग रहा था।

नुतन अपनी जगह पर ऑंखें बंद किये पड़ी हुई थी।

देवकी देवा का इंतज़ार कर रही थी।

और ममता खिडकी के बाहर चुपचाप खड़ी थी।

की अचानक देवकी के रूम का दरवाज़ा खुलता है और देवा अंदर दाखिल होता है।

देवा को रूम में घुसता देख ममता की ऑखें फटी की फटी रह जाती है।

देवकी अपनी बाहें खोल के देवा को अपने ऊपर खीच लेती है।

बडी देर कर दी तुमने बेटा।

देवा;माँ सोई नहीं थी ना।

अपने हाथों को देवकी के पेट पर रख के देवा देवकी के पेट को सहलाते हुए उसके होठो का रस पीने लग जाता है और नूतन अपने ऑखें थोडी सी खोल लेती है।

देवकी बहुत तड़पाता है तू मुझे । बस रात में तेरा लंड खा पाती हूँ और सारा दिन मचलती रहती हूँ गलप्प गलप्प।

देवा;अपनी लुंगी खोल देता है और एक हाथ से देवकी की साडी जो उसने सामने खोंस रखी थी खीच देता है।

देवकी;आहह थोड़ा रुक जा बेटा।

वो उठके बैठ जाती है और अपना ब्लाउज निकाल देती है ब्लाउज निकलते ही देवा नूतन और ममता की ऑंखों के सामने मोटे मोटे चमकते हुए देवकी की चूचियां आ जाती है।

देवा से रहा नहीं जाता हालाँकि वो कुछ देर पहले रश्मि को चोद के आया था मगर उसे देवकी की पके हुए आमों का चस्का लग गया था।

वो दोनों ब्रैस्ट को मुँह में लेके चुसने लगता है ।गलप्प गलप्प।

देवकी;आहह बेटा नूतन जग न जाये आह्ह्ह्ह्ह्।

देवा;जानता था ये सब देवकी की बातें है नूतन जग रही होंगी ये भी देवा को पता था वो और ज़ोर से निप्पल काट काट के देवकी की चूचि चुसने लगता है । गलप्प गलप्प....

देवकी;अपनी चूचि देवा के मुह से निकाल देती है और जल्दी से देवा के लंड को अपने मुँह में ले के चुसने लगती है।

इधर देवकी देवा के लंड को मुह में लेती है और उधर निचे नूतन के मुँह में पानी आने लगता है।

खिड़की के बाहर खड़ी ममता का मुँह खुला का खुला रह जाता है।
 
देवा को सीधा साधा समझने वाली ममता को अपने ऑखों पर यक़ीन नहीं आ रहा था।

देवकी;देवा के लंड को पत्थर की तरह कड़क कर देती है।

आह आजा मेरे राजा।

देवा;मुझे तो चुसने दे तेरी चूत मामी।

देवकी;चुसाई बाद में पहले चुदाई कर दे तू मेरी। सारी रात पड़ी है तेरे पास उसके बाद तो जो कहेगा मै वो करुँगी राजा।

देवा;मुस्कुराता हुआ देवकी की दोनों टाँगें खोल देता है और अपने लंड को देवकी की चूत पे घीसने के बाद उसे जड़ तक एक झटके में घूस्सा देता है आह्ह्ह्ह्ह्ह।

देवकी सिसक पडती है मगर वो भी जानती थी देवा अब रुकने वाला नहीं है।

देवा;अपने उसी तेज़ रफ़्तार में सटा सट देवकी की चूत में लंड उतारते चला जाता है और नूतन अपनी चूत को घिसती चली जाती है।

देवकी; उन्हह मार डाल मुझे इस लंड की मार से देवा आह्हह्हह्हह्हह।

देवा;मार दूंगा तुझे मामी तो तेरी बेटी को चोदना पड़ेगा मुझे।

आह।

देवकी;वो भी तो तेरी है बेटा उन्हह।

देवा;दोनों हाथों में देवकी की चूचि को लेके उसके होठो को चुमते हुए अपने लंड को देवकी के अंदर बाहर करने लगता है।

देवकी की चूत से पानी बहने लगता है । जोश की वजह से उसका ये हाल हुआ था वो देवा को लंड बाहर निकालने का कहती है और झट से बाथरूम में घुस जाती है।

देवा;कहाँ जा रही हो।

देवकी;अभी आई।

देवा;अपने लंड को हाथ में लिए खड़ा था की अचानक उसकी नज़र नूतन पर पडती है।

नुतन झट से अपनी ऑखें बंद कर लेती है।

देवा उसी हालत में नूतन के पास पहुँचता है कुछ देर उसके चेहरे को देखने के बाद देवा अपने लंड को नूतन के गाल पे रगडने लगता है।

नुतन के दिल की धड़कने तेज़ हो जाती है कोई पहली बार उसके गाल पे अपना लंड घिस रहा था।

देवा अचानक अपने लंड का सुपाडा नूतन के होठो के पास लाता है और उसे नूतन के होठो पे लगा देता है।

कुछ पलों बाद नूतन अपना मुँह खोल देती है और देवा का लंड नूतन के मुँह में चला जाता है।

देवा को यक़ीन नहीं होता की नूतन ऐसा भी कर सकती है।

तभी उसे बाथरूम का दरवाज़ा खुलने की आवाज़ आती है और देवा एक झटका अंदर मार के अपना लंड वापस बाहर खीच लेता है।

इस तरह अचानक ठसका लग जाता है।

मगर वो खुद को सँभाल के फिर से ऑंखें बंद कर लेती है और देवा वापस देवकी की बाहों में चला जाता है।
 
आगे क्या होगा? जानने के लिए पढ़ते रहिये।

ढेर सारे कमेंट के लिए सभी को थैंक्स।कहानी जारी रहेगी।अपडेट भी प्रतिदिन देने की मैं कोशिश करूँगा।कहानी आपलोगों को कैसी लगी ।अपने विचार अवश्य दें।thanks
 
अपडेट 45

देवा वापस देवकी के पास चला जाता है।

देवकी बिस्तर पे पैर पसारे देवा को अपनी तरफ बुलाती है।

मगर देवा देवकी के बाल पकड़ के उसे अपने लंड पे झुका देता है।

देवकी;देवा के लंड को नीचे से ऊपर तक चाटने लगती है गलप्प गलप्प गलप्प्पप्पप्पप्प।

देवा अपनी गरदन मोड के नूतन की तरफ देखता है।

नुतन की ऑखें पूरी तरह खुली हई थी और वो अपनी माँ को देवा के लंड को चूसते हुए देख अपने नीचले होंठ को दाँतो में दबाने लगती है।

देवा के चेहरे पे मुस्कान आ जाती है और वो देवकी के सर को पकड़ के और अंदर तक झटके मारने लगता है।

आह मामी तू इतनी मस्त है तो नूतन कैसी होगी।

एक बार उसकी मुझे मिल जाये बस आह्ह्ह्ह्ह्।

देवकी;अपने मुँह में से लंड बाहर निकाल के ज़ोर से देवा के जांघ पे काट लेती है शह्ह्ह्ह्ह्ह्।

देवकी: मामी से दिल भर गया क्या गलप्प गलप्प....

देवा;आहह जवान चूत की बात ही कुछ और होती है आह्ह।

देवकी;ममता भी तो जवान हो गई है बेटा गलप्प गलप्प

देवा;आहह उसकी भी लुँगा बस वो अपनी मर्ज़ी से मुझे दे दे तो आहह धीरे कर....

ममता के पैर काँपने लगते है उसे खड़ा रहा नहीं जा रहा था । उसकी चूत की पानी पूरी पेंटी गीली कर चुकी थी।

और देवा के वो शब्द की उसकी भी ले लूंगा अगर वो अपनी मर्ज़ी से दे दे तो....

जब ये शब्द उसके कानो में पहुँचती है तो एक पानी का फब्वारा ममता की चूत से बहता हुआ ज़मीन पे गिरने लगता है।

वो मुँह पे हाथ रख के अपने रूम में चली जाती है।

देवा का लंड तो नूतन के मुँह में ही कड़क हो चुका था। बस वो तो नूतन को दिखाने के लिए देवकी के मुँह में अपने लंड को गीला करना चाहता था।

थोड़ी ही देर बाद देवकी के दोनों पैर खुल जाते है और देवा खड़े खड़े ही अपने लंड को उसकी चूत में घुसा देता है आह।

देवकी की चीख़ नूतन के कानों तक पहुँच जाती है और इधर नूतन का हाथ अपनी चूत तक पहुँच जाता है।

देवकी; बेटा आहह बच्चेदानी को चीर देगा तेरा लंड आहह धक्के धीरे मार रे जालिम्म्मम्मम्मम्म।

देवा;सोच तेरा ये हॉल है तो नूतन का क्या होगा जब मै उसकी चूत में गाण्ड में लंड डाल के उसे पूरी नंगी करके चोदूँगा आआआहह्ह्ह्हह्ह।
 
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