ममता की गाण्ड इससे पहले किसी नहीं चाटा था न ही नूतन ने कभी उसकी गाण्ड को छुइ थी । आज इस नए अनुभव में एक और नया अनुभव पा के ममता का रोम रोम मचल उठा था। वो अपनी कमर को निचे ऊपर करने लगती है।
और कौशल्या अपनी ऊँगली को ममता की गाण्ड में अंदर तक डाल के देवा के लंड को मुँह में ले लेती है।
कौशल्या की चूत देवा के सर के तरफ थी। देवा दो तीन ज़ोरदार थप्पड कौशल्या की कमर पर जड़ देता है।
कौशल्या ;उईई माँ आहह इतने मोटे हाथ से पड़े थप्पड से तिलमिला जाती है।
देवा का लंड पूरी तरह खडा होने के बाद सिर्फ चूत या गाण्ड माँगता था।
उसकी नज़र काफी देर से कौशल्या की गाण्ड पर थी एक मर्तबा अपनी चूत मरवाते हुए कौशल्या ने देवा से कही भी थी की उसे चूत और सबसे ज़्यादा गाण्ड में लंड लेना पसंद है।
अपने ऊपर से ममता को उतार के देवा कौशल्या को अपने ऊपर खीच लेता है।
कौशल्या ;आहह धीरे बाबा उह्ह्ह्ह्ह।
देवा; कौशल्या को अपने ऊपर पीठ के बल लिटा देता है और दोनों टांगो को खोल देता है इससे पहले भी देवा इसी तरह कौशल्या की ले चुका था । देवा की भाषा समझते हुए कौशल्या भी अपनी कमर को और खोल देती है।
ममता;फटी फटी नज़रों से देवा और कौशल्या को देखने लगती है।
देवा;अपने हाथ में लंड लेके उस पर अपना थूक लगाता है और धीरे धीरे उसे कौशल्या की चूत के साथ साथ गाण्ड पर भी घीसने लगता है।
कौशल्या ;देवा मेरी चूत आहह और मत तड़पा मुझे ज़ालिम आह्ह्ह्ह्ह्।
देवा तभी गाण्ड के उस छोटे से सुराख़ पर अपना मुसल लंड रख के अंदर झटका देता है लेकिन लंड नहीं घुस पाता।
ये देख ममता अपनी ज़ुबान कौशल्या की गाण्ड पर लगा देती है और उसकी गाण्ड को अपनी थूक से चिकना करने लगती है।
कौशल्या ;आहह ममता हाँ ऐसे ही आहह हाँ आह्ह्ह्ह्ह्ह।
देवा बिना देर किये अपने लंड को फिर से कौशल्या की गाण्ड के सुराख़ पर रख के थोड़ा दबाते हुए झटका देता है और इस बार लंड का सुपाडा गाण्ड में धँस जाता है।
एक दर्द भरी चीख कौशल्या के मुँह से निकलती है। जिसे सुनने वाला उस वक़्त वहां कोई नहीं था।
अपनी चूत पर लगातार ममता की जुबान फेरने से काशी के गाण्ड का सुराख़ थोड़ा रिलैक्स हो जाता है और इसी का फायदा उठाते हुए देवा एक जोरदार झटका कौशल्या की गाण्ड में मारता है और लंड गाण्ड के सुराख़ को चीरता हुआ अंदर तक चला जाता है।
कौशल्या ;आहह हरामी आहह इतनी ज़ोर से कोई गाँड मारता है क्या आहह मेरी गाण्ड माँ।इतना ही ज्यादा जोश चढ़ा है तो अपनी बहन की गाँड मार ले देवा।
देवा: इसकी भी मारूँगा साली।अभी तो शुरुवात हुई है इसकी तो चूत और गाँड दोनों रोज रात को लूँगा।क्यों ममता देगी न मुझे अपनी गाँड.....
ममता: हाँ भाई आपको नहीं दूँगी तो किसे दूँगी।आज से मेरा पूरा जिस्म मेरे भइया का है वो जो चाहे मैं दूँगी।
कौशल्या: अरे देवा मेरी गांड में बहुत दर्द हो रहा है धीरे धीरे कर ज़ालिम आह्ह्ह्ह्ह।
देवा:शाबाश मेरी बहना।क्या गरम चीज है तू ।देवा और जोर से कौशल्या की गांड मारने लगता है।
कौशल्या की गाण्ड का दर्द कम करने के लिए ममता अपनी ज़ुबान को कौशल्या की चूत पर घुसा देती है और कौशल्या की चूत के दाने को मुँह में भर के चाटने लगती है।
कौशल्या ;आहह स्वर्ग में हूँ आह्ह्ह माई देवा काश तेरे भैया यहाँ होते उन्हह तो मेरे दोनों सुराख़ भरे हुए होते आह्ह्ह्ह्ह्ह।
देवा झटके मारना जारी रखता है।
तूझे दोनों सुराखों में लंड चाहिए भाभी आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्।
कौशल्या ;हाँ दोनों में देवर जी।
आह्ह्ह्ह।
देवा;पप्पू का लंड चलेगा आह्ह्ह।
कौशल्या ;उन्हह देवर जी वो नूतन का होने वाला पति है ना । आहह उसका लुंगी कैसे मैं आहह मेरी गाण्ड है ज़रा धीरे मारो न उसे।
देवा;ले के तो देख मेरी रानी आह्ह्ह।
कौशल्या कुछ नहीं कहती क्यूंकि वहां ममता भी थी और कौशल्या उसके सामने ऐसे कोई इच्छा नहीं बताना चाहती थी आखिर थी तो वो भी एक औरत।
उस वक़्त उसे ये सोच सोच के और ज़्यादा मजा आ रहा था की अगर सच में ऐसा हो जाये की पप्पू भी उसकी चूत मारे और उसी वक़्त देवा का लंड भी उसके गाण्ड में हो। मगर वो जानती थी इस तरह से वो पप्पू की नज़र में गिर जाएगी।
बदन कुछ और कह रहा था और दिमाग कुछ और।
और इन सब के बीच चूत अपना रोना रो रही थी। गाण्ड की सुराख़ में बढ़ते दबाव से चूत से पानी का फव्वारा फुटने लगता है और सीधा ममता के मुँह पर गिरने लगता है।
कौशल्या ;माँ वो आह्ह्ह्ह्ह्।
देवा उस रात इतने जोश में था की वो कौशल्या को एक और बार चोदता है जिससे झड़कर कौशल्या सो जाती है और ममता को अपनी बाँहो में भर लेता है।
दोनों एक दूसरे को चूसने लगते है।कौशल्या की चुदाई देखकर ममता फिर से गरम हो चुकी थी। वह देवा के लंड को अपने मुँह में भरकर चूसने लगती है।जल्दी ही देवा का लंड फिर से फ़ुफ़कारने लगता है और देवा ममता को अपनी गोद में उठा लेता है और अपना मोटा लंड ममता की चूत में पेल देता है।देवा खड़े खड़े ममता को चोदने लगता है।
गोद में उठाके खड़े खड़े कितनी देर चोदता रहता है।काफी देर तक चोदने के बाद देवा ममता को कुतिया बना देता है और पीछे से उसकी चूत में लंड पेलकर चोदने लगता है।जब लंड ममता की बच्चेदानी तक पहुचंने है तो ममता फिर से झड़ने लगती है।देवा भी अब झड़ने वाला था।वह अपना लंड ममता की चूत से निकाल कर उसके मुँह में पेल देता है और झड़ने लगता है।देवा का सारा माल चाट चाट के ममता पी जाती है।
इस चुदाई से ममता की झिझक ख़तम हो गई थी और उसकी उत्सुकता और बढ़ गई थी।
सुबह सुबह तीनो को नींद आती है वो तीनो ऐसे ही एक दूसरे की बाहों में नंगे सो जाते है।
सुबह जब देवा की आँख खुलती है तो सूरज सर पर चढ़ चुका था वो जल्दी से उठ जाता है और दोनों को भी जगा देता है।
ममता;अँगड़ाये लेते हुए ऑखें खोलती है। देवा को उसका रूप इतना भाता है की वो ममता को पूरी नंगी ही गोद में उठाके बाथरूम में ले जाता है। अपने भाई की बाहों में अपने आप को नंगी महसूस करने से ही उसकी चूत में चींटिया रेंगने लगती है।
देवा उसे उसी तरह गोद में उठा के बाथरूम में ले जाता है और उसे निचे बैठा के उसके मुँह के पास अपना लंड ले आता है।
अपने भाई के लंड को अपने मुँह के सामने देखते ही ममता अपना मुँह खोल देती है।
और देवा अपने लंड को उसके नरम और गरम मुँह में पेल देता है।
ममता;गलप्प गलप्प गलप्प.....
देवा कुछ देर अपने लंड को आगे पीछे करने के बाद अचानक से ममता के मुँह में मुतने लगता है । रात में कौशल्या का पेशाब भी ममता पी गई थी और अब अपने भाई का पेशाब भी उसे मीठा लगने लगता है और वो और अंदर तक लंड को खीच के पेशाब का एक एक कतरा पीते चली जाती है।
देवा;मूतने के बाद ममता को खड़ा करता है और उसे बाथरूम की दिवार से घुमा के खड़ा कर देता है।
ममता की गाण्ड देवा की तरफ आ जाती है।
दोनो कमर को हाथों में मसलते हुए वो अपने लंड को ममता की गाँड कु दरार में रगडने लगता है।
ममता; भइया आहह मेरी गाण्ड मत मारो अभी चूत में डालो न भइया आह्ह्ह्ह।
उन्ह मेरी चूत में पेलो न आह्ह्ह्ह्ह्हहह।
देवा अपनी बहन की बात मानते हुए अपने लंड को ममता के चूत के मुहाने पर रख के ज़ोरदार धक्का अंदर की तरफ देता है और लंड सुबह सा प्रणाम करते हुए अपनी बहन की चूत में घुस जाता है।
कौशल्या उन दोनों को देख रही थी जैसे ही देवा का लंड ममता के चूत में जाता है कौशल्या देवा के पीछे से आके अपनी चूत देवा के कमर पर रगडने लगती है।
देवा का लंड ममता की चूत में आगे पीछे होने लगता है और पीछे से कौशल्या की चूत देवा की कमर पर घीसने से देवा के लंड में और ज़्यादा अकडन आने लगती है।
ओ सटा सट सटा सट ममता की चूत मारने लगता है।
ममता;आहह भइया। मैं मर जाऊँगी मै आपकी बहन हूँ। ऐसे कैसे लंड ले पाऊँगी उहँन थोड़ा तरस खाओ आह्ह्ह्ह्ह।
देवा: आह कितनी गरम है तू ममता।तेरी चूत में बहुत मज़ा आ रहा है।मन कर रहा है आज ही तेरी गाँड भी मार लूँ।
ममता: नहीं भइया आज नहीं।आज आप भाभी की गांड मार लो।
कौशल्या: क्यों अपनी गांड मरवाने में गांड फट रही है जो मैं मरवा लूँ।देवा मेरी भी चूत चोद दे।
देवा गर्दन मोड़ के कौशल्या के होठो से होंठ लगा देता है और पीछे से ममता को चोदने लगता है।फिर देवा दोनों को दिवार के सहारे झुका देता है और बारी बारी से दोनों को पेलने लगता है कभी ममता को तो कभी कौशल्या को।आधे घंटे तक नॉन स्टॉप दोनों को चोद चोदकर इतना उतेजित कर देता है की
तीनो एक साथ चीखते हुए झरने लगते है।
ठीक समय पर देवा अपना लंड बाहर निकाल के कौशल्या को निचे बैठ देता है और उसके मुँह में अपना गाढा पानी छोड़ने लगता है।
वो तीनो एक साथ नहाते है और देवा नाश्ता करके अपने खेत में चले जाता है ।
देवा;अपने खेत में बैठा रुक्मणी के बारे में सोच रहा था उसे किसी भी तरह रुक्मणी का काम करना था तभी उसके बापू के बारे में उसे पता चलता।
मगर वो बिंदिया के बारे में कैसे पता करे यही बात उसे परेशान किये जा रही थी।
पप्पू;अरे भाई कहाँ खोये हुए हो कब से देख रहा हूँ।
देवा;चौंकता हुआ अपने सामने खड़े पप्पू को देखता है
तू कब आया।
पप्पू;अभी आया मगर तुम्हें क्या हुआ है।
देवा;कुछ नहीं बैठ और सुना क्या हुआ घर में कुछ बात बनी की नही।
पप्पू;बात मत करो भाई उस बारे में।
देवा;क्यूँ काकी ने तेरी गाण्ड की पिटाई कर दी लगता है।
पप्पू;चुप चाप इधर उधर देखने लगता है।
देवा;अब्बे इधर उधर क्या देख रहा है बोल न क्या हुआ।
पप्पू;रात की बात देवा को बता देता है।
उसकी बात सुनके देवा की हंसी नहीं रुकती।
देवा;आहःआहः साले मुझे बुला लिया होता।
तू भी न उसी वक़्त ढिला पड गया जब तेरी माँ गरम हुई थी।
पप्पू;बुरा सा मुँह बना लेता है।
उडा लो मज़ाक़ भाई तुम भी । अब सबके नसीब तुम जैसे कहाँ होते है।
देवा;नहीं पप्पू तू किस्मत वाला है तेरे पास तेरा बापू तो है मै वो बदनसीब हूँ जिसे ये तक नहीं पता की मेरे बापू हैं भी या नही।
देवा की आवाज़ भारी हो जाती है।
पप्पू;अपने दोस्त के काँधे पर हाथ रख के उसे दिलासा देने लगता है।
भाई तुम ऐसे बिलकुल अच्छे नहीं लगते । हँसते हुए दूसरो को सताते हुए बहुत अच्छे लगते हो।
मुझे पता है तुम अपने बापू को ले के बहुत परेशान हो अगर मै तुम्हारे किसी काम आ सकुं तो मुझे बोलो।
देवा;यार बापू के बारे में बडी मालकिन को कुछ पता है शायद। मगर उन्होंने मुझे एक काम सोंपा है उसके बाद ही वो हिम्मत राव से पता करके मुझे बतायेंगी की मेरे बापू कहाँ है।
माँ कसम अगर हिम्मत राव मेरे बापू के ग़ायब होने के पीछे हुआ न तो उसी की हवेली में उसे ज़िंदा गाड दूँगा।
पप्पू;कौन सा काम भाई।
देवा;उनके वहां एक औरत आई है उसके और हिम्मत राव के बीच कुछ गड़बड़ है ऐसा मुझे मालकिन ने बतायी।
उन्हें ये पता करना है की वो औरत कौन है और यहाँ किसलिए आई है।
वही औरत न जो कुछ दिन पहले जागिरदार के साथ उनके मोटर कार में बैठके आई थी।
देवा;हाँ तूने देखा उसे।
पप्पू;हाँ मै अपने खेत में काम कर रहा था तभी उनकी कार मेरे खेत के धुरे के पास से होते हुए गुज़री थी । मुझे उस औरत को देखने के बाद ऐसा लगा के मैंने उसे पास के गांव में देखा था। शायद पक्का तो नहीं पता हाँ मगर एक बार मै पास के गांव में खेत का सामान लेने गया था तब मैंने उसी जैसी औरत या शायद वही होंगी उसे देखा था।
देवा;खड़ा हो जाता है।
कौन से गांव में।
पप्पू;भी अपने पेंट झटकता हुआ खड़ा हो जाता है।
यही पास के हल्दीपुर गांव में।
देवा;चल मेरे साथ।
पप्पू;कहाँ भाई।
देवा;हल्दीपुर गाँव।
पप्पू;क्या अभी इस वक़्त।
देवा;अपने ट्रेक्टर को शुरू कर देता है।
और पप्पू भी उसके पास आके बैठ जाता है।
पप्पु;भाई मुझे ठीक से नहीं पता की वो वही थी।
देवा;जो भी हो अगर वो वही निकली तो मेरी मुश्किल आसान हो जाएगी।
और दोनों पास के हलदीपुर गांव की तरफ चल देते है।
हल्दीपुर एक छोटा सा गांव था और बिंदिया भी वही की रहने वाली थी।
जहां गांव का बाजार लगता था उसके पास ही बिंदिया का घर भी था।
जब वो दोनों गांव में पहुँचते है तो पप्पू देवा को उस जगह ले जाता है जहाँ उसने बिंदिया को देखा था।
उस जगह कोई नहीं था बस चौराहे में दो लोग बैठे हुक्का पेट रहे थे।
देवा;और पप्पू उन दोनों के पास जाते है।
आरे भैया क्या आपको पता है के यहाँ बिंदिया नाम की औरत कहाँ रहती है।
उन में से एक आदमी देवा को निचे से ऊपर तक देखने लगता है।
देवा;क्या हुआ पता है क्या।
वो आदमी देवा के सामने खड़ा हो जाता है और कहता है:
देखने में तो शरीफ मालूम होते हो।
उसके पास का दुसरा आदमी हँसते हुए अपने साथी से कहता है।
अच्छा तो अब बिंदिया के ग्राहक अब उसका पत्ता पूछते पूछते यहाँ तक आने लगे है।
पता नहीं छमिया कहाँ गई है अपने यार के साथ।
देवा;क्या मतलब।
अबे मतलब क्या धंधा करती है बिंदिया यहाँ रंडी है वो पास के गांव के जागिरदार की।
क्या नाम है उस जागिरदार का।
देवा;हिम्मत राव।
वो आदमी हँसता हुआ कहता है।
हाँ हिम्मत राव।
अब भाई पैसे वालो की रखेल है वो बिंदिया।
ये रहा उसका घर मगर वहां कोई नहीं है।
वो उस हिम्मत राव के साथ कही गई हुई है।
देवा और पप्पू एक दूसरे को देखने लगते है उन्हें जो पता करना था वो उन्हें पता चल चुका था । देवा पप्पू के साथ अपने गांव की तरफ चल देता है।
घर के अंदर ममता और कौशल्या दोनों बैठी हुई थी। देवा को देख वो दोनों दौड़ते हुए उसके पास चली आती है और दोनों देवा से चिपक जाती है।
ममता ;कितनी देर लगा दी भैया आपने।
देवा;ममता की चूत को सहलाते हुए उसे चूम लेता है
तू दूसरे रूम में जा।
ममता ;क्यूँ भइया।
देवा;पप्पू आया है भाभी की लेने।
ममता के साथ कौशल्या भी चौंक जाती है।
देवा;कौशल्या की तरफ देखते हुए धीमी आवाज़ में कहता है।
डरो मत मैंने उसे सब समझा दिया है वो किसी को कुछ नहीं बोलेगा हाँ मगर उसे ये नहीं बताया की ममता भी मेरी हो चुकी है।
तुम्हेँ दोनों सुराख़ भरने थे न भाभी ।इसलिए ले आया हूँ उसका इन्तज़ाम।
कौशल्या शर्माने लगती है।
नही नहीं मुझे नहीं करना कुछ पप्पू भाई के साथ।
देवा;उसकी कमर को दोनों हाथों में भर के मसलने लगता है।
चुप कर साली नखरे मत कर।
ममता तू अपने कमरे में जा।
ममता; भाई मुझे.....
देवा;पप्पू के जाने के बाद रात भर तेरी लूँगा मेरी बहना तू चिंता मत कर।
ममता; बुरा सा मुँह बनाके अपने रूम में चली जाती है और देवा पप्पु को आवाज़ देता है।
जब पप्पू अंदर दाखिल होता है तो सामने खड़ी कौशल्या को देख अपनी नज़रें नीचे झुका लेता है।
देवा;उसके अंदर आने के बाद दरवाज़ा बंद कर देता है
और देवा कौशल्या को अपनी गोद में उठा लेता है।
कौशल्या;उन्हह माँ अपना चेहरा देवा की छाती में छुपा लेती है।
वो तीनो रूम में दाखिल हो जाते है।
कौशल्या सिल्क कलर की साडी में थी पीछे से लो कट का ब्लाउज और सामने से दो बटन खुले हुए।
उसका चिकना पेट देख पप्पू की लूल्ली पेंट के अंदर ही झटके मारने लगता है।
देवा;अपना शर्ट उतार के हेंगर में टाँग देता है और पेंट भी निकाल देता है।
देवा बिलकुल नंगा हो जाता है मगर कौशल्या और पप्पू दोनों अभी भी कपडो में थे। कौशल्या बुरी तरह शरमाने लगती है मगर दो लंड से चुदने की खुमारी उसे बेचैन कर देती है।
देवा;नंगा होने के बाद कौशल्या के पास आता है और उसके पेट के नाभि पर अपना खड़ा लंड रगडने लगता है।