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हाय रे ज़ालिम.......complete

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देवा रात का खाना खाने के बाद टहलने का कहकर शालु के घर की तरफ चला जाता है।

शालू के घर में पहुंचकर देवा सीधा शालु के रूम में घुस जाता है।

शालु और रश्मि अभी अभी खाना खाकर उठे थे और पप्पू लेटा हुआ था।

पप्पू;अरे देवा कब आया बैठ।

देवा;रश्मि और शालु को देख बिस्तर पर बैठ जाता है।

रश्मी जाकर दरवाज़ा बंद कर देती है।

वो शालु से पहले ही बता चुकी थी की देवा रात में आयेगा । ये सोच सोच कर दोनों माँ बेटी की चूत में इतना सारा पानी जमा हो गया था की बाढ़ आ जाए।

अपनी माँ के सामने अपने प्रेमी से चुदना और अपने बेटा बेटी के सामने अपने होने वाले दामाद से गाण्ड में लेना ये सुख हर किसी को प्राप्त नहीं होता।

इधर उधर की बातें करने के बाद देवा रश्मि का हाथ पकड़ के अपनी तरफ खीचता है।

रश्मी;आहह क्या कर रहे हो छोड़ो भी।

देवा;ले अब शरमा रही है चल इतने दिन बाद मिले है ज़रा एक मीठी मीठी पप्पी दे दे।

रश्मी;अपने माँ और भाई से शरमाने लगती है अगर वो अकेली होती तो खुद देवा पर झपट पडती।

देवा;देख मेरी सास बिलकुल नहीं शरमाती।

शालु यहाँ आओ मेरे गोद में।

शालु;कमर हिलाते हुए देवा के सामने आकर खड़ी हो जाती है।

और देवा शालु को खीच कर अपने गोद में बैठा लेता है।

शालु;अहह धीमी आवाज़ में कहती है।

बेशरम।

देवा;अपना हाथ को शालु की कमर पर फेरता हुआ शालु के होठो को चुमने लगता है।शालू सुबह से इतनी गरम थी की वो भी अपने ज़ुबान देवा के मुँह में घुसेड कर उसको चुमने लगती है गलप्प गलप्प गलप्पप्प गलप्पप्प।

देवा;बहुत याद आ रही थी शालु तेरी मुझे । सच कहूं तो तेरे और रश्मि जैसी औरत मुझे नहीं मिली आज तक।

शालु;आहह जमाये राजा मुझे भी बहुत याद आ रही थी देखो न मेरी चूत कैसे पानी बहा रही है आपको देख कर।

देवा;मुझे देख कर नहीं मेरी जान मेरे लंड को सूँघ ली है तेरे चूत ने गलप्प गलप्प।

रश्मी;भी दोनों के क़रीब चलि आती है और देवा का मुँह शालु के मुँह से हटा कर अपने होठो से लगा लेती है।

पिछले कई दिन से पप्पू दोनों औरतों के जिस्म को शांत करने की नाकाम कोशिश कर रहा था मगर जिस आदमी से एक औरत खुश नहीं रह सकती। वो दो को क्या सँभालेंगा।
 
देवा;आज इन दोनों को निचोड कर चोदना चाहता था।

वो खड़ा हो जाता है और अपना कमीज और पेंट निकाल के लंड को शालु और रश्मि के सामने हिलाने लगता है।

रश्मी;शालू की तरफ देखती है और फिर दोनों जैसे भूखे शेरनी के तरह देवा के लंड पर टूट पडती है।

नीचे से लेकर ऊपर तक लंड के सुपाडे से लेकर देवा के गाण्ड की सुराख़ तक रश्मि और शालु चाटने और चुमने लगती है गलप्प गलप्प गलप्प.....

जब दो दो गरम औरतें किसी के लंड को एक साथ चाटे तो उसका अहसास बहुत कम लोगों को मिलता है।देवा अपनी दोनों रंडियों को एक दूसरे के होंठो से मिला देता है और बीच में अपना लंड पेलने लगता है।दोनों रंडियों के गरम मुँह और गरम जीभ के स्पर्श से देवा का लौड़ा उछलने लगता है।

देवा;इशारे से पप्पू को नंगा होने के लिए कहता है।

पप्पू भी अपने कपडे उतार के देवा के लंड के पास चला आता है।

देवा;पप्पू का हाथ पकड़ के उसे बिस्तर पर लिटा देता है और दोनों औरतें अपने अपने कपडे उतारने लगती है।

वो ये देख हैरान हो जाती है की देवा का ध्यान आज पप्पू पर ज़्यादा है।

पप्पू;बिस्तर पर लेट जाता है और देवा अपने लंड को उसके मुँह में घूस्सा देता है।

पप्पू को यही तो चाहिये था। अपनी माँ बहन के सामने उसे देवा का लंड चुसते ज़रा भी शर्म नहीं आती।

रश्मी;पप्पू के लंड पर झुकती है और शालु देवा के पीछे से आकर उसके लंड को सहलाते हुए पप्पू के मुँह में ड़ालने लगती है।

शालु;आज इस गांडु पर दिल आ गया है क्या देवा।

देवा;नहीं सासु माँ दिल तो तेरे बेटी और तुझ पर आया हुआ है। बस इस गांडु के लंड की धार थोडी तेज़ कर रहा हूँ। जब तक ये पीछे से नहीं लेता इसका नहीं उठता।

शालु;उसे छोड़ो और अपनी सास का ख्याल करो देवा।

देवा;हाँ मेरी शालु तुझे चोदने तो आया हूँ यहाँ।

शालु; चोदो न फिर......

देवा का लंड चुसने से पप्पू का लंड भी खड़ा हो गया था

जैसे ही देवा शालु को अपने लंड के नीचे लेता है पप्पू भी रश्मि के दोनो पैरों को खोल कर अपना लंड उसकी चूत में पेल देता है।

शालु;का दिल खुल कर चुदना चाहता था वो देवा के लंड पर सवार हो जाती है और अपने बेटी के ब्रैस्ट को मसलते हुए अपने कमर को देवा के लंड पर पटकने लगती है।

आह मेरे देवा ये लंड नहीं जान है मेरी आह्ह्ह्ह।

उईई माँ चीर के रख देता है रे अंदर तक उई मा।
 
रश्मी भी पप्पू के धक्कों से हलकी हलकी चीखने लगती है असली मजा शालु को आ रहा था।

मगर इस बार पप्पू भी हार मानने वालों में से नहीं था। देवा की चुदाई देख वो भी रश्मी की दोनों पैरों को खोल कर सटा सट अपने लंड को आगे पीछे करने लगता है।

रश्मी;आहह चोद मेरे गांडु भाई अपनी छिनाल बहन को वरना अपने यार से चुदवाऊँगी मै ।आहह मार साले ज़ोर से अंदर तक

आह्हह्हह्हह्हह।

पप्पु; छिनाल साली रंडी तू भी अपने माँ की तरह है पक्की रंडी है।

रश्मी; हाँ गांडु रंडी हूँ मैं देवा की....

चोदता जा मुझे.....एक लौंडा देवा जैसा पैदा कर लेती माँ आह्ह्ह्ह

शालु; तू पैदा कर ले देवा के लंड से रश्मि आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह।

अपने नानी को चुदने के लिए आह्ह्ह।

देवा;शालू को खड़ा कर देता है और पप्पू रश्मि को। दोनों भी शालु और रश्मि को एक दूसरे से चिपका लेते है

शालु के बड़ी बड़ी ब्रैस्ट रश्मि के नरम ब्रैस्ट से घीसने लगती है चूत से चूत और पेट से पेट।

पप्पू;अपनी जगह बदल कर शालु की कमर के पीछे आ जाता है और देवा रश्मि की गाण्ड पर अपना लंड घीसने लगता है।

देवा;फिकर क्यों करती है रश्मि। तेरा देवा तुम तीनो के सुराख़ को भर देंगा आज। बस देखती जा तु।

पप्पू;अपना लंड शालु की चूत में ड़ालता है और देवा रश्मि की छोटी हो चुकी चूत को फिर से चीर देता है।

रश्मी: चीखने लगती है।

माँ मर गई मैं.........

शालु;अपनी बेटी को अपनी बाहों में जकड लेती है और अपने होठो को रश्मि के होठो से लगा कर उसकी आवाज़ को दबा देती है।

दोनो दोस्त सटा सट गपा गप अपने लंड को माँ बेटी की चूत में पेलने लगते है।

पहली बार था की शालु रश्मि से ऐसे चिपके हुई थी शर्मा हया तो जैसे इनमें

बची ही नहीं थी। किसी रंडी के तरह ये दोनों हो चुकी थी जिन्हें बस देवा का लंड रास आता था।

और देवा इस सब से बहुत खुश भी था।

शालु;देवा आहह रोज़ चोदने आयेगा न मुझे आह्हह्हह्हह्हह।

अब एक दिन भी नहीं रहा जाता रे ज़ालिम

लंड के बिना।

देवा; हाँ शालु रोज़ चोदूँगा तुझे। हर रोज़ ऐसे ही आह्ह्ह्ह।

रश्मी की चूत देवा के लंड के आगे हार मान लेती है और वो झरने लगती है । शायद रश्मि ये सोच सोच कर ही झड गई थी की वो ये सब अपने माँ और भाई के सामने कर रही है।

देवा अपना लंड रश्मि की चूत से निकाल लेता है और पप्पू को नीचे लेटने के लिए कहता है।

पप्पू नीचे लेट जाता है और उसके लंड पर शालु सवार हो जाती है और शालु के कमर पर देवा चढ़ जाता है और अपना मोटा लंड शालू की गांड में पेल देता है।

दोनो एक साथ शालु की चूत और गाण्ड में लंड घूस्सा देते है।

और शालु अपना होश खो बैठती है।
 
शालु; आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् माँ आह्ह्ह्ह

मार डाला रे दोनों ने उह्ह्ह्ह।

देवा;चुप कर साली तुझे बहुत शौक है ना अपने दोनों सुराखों में लेने कर अब चीख क्यों रही है।

शालु;आहह इतने ज़ोर से डालेंगा तो दर्द होंगा न हरामी

आह्ह्ह्ह।

देवा बेरहम था उसे चीखने वाले पर और गुस्सा आता था और वो जम कर उसे चोदता चला जाता था। शालु के साथ भी वो यही करता है।

पप्पू तो अपना पानी थोडी देर बाद शालु की चूत में निकाल कर निढाल हो जाता है मगर देवा शालु की सारी मनोकामना पूरी करता रहता है।

वो रश्मि और शालु दोनों को दिवार से खड़ा करके दोनों की कमर को पीछे की तरफ झुका कर बारी बारी एक के चूत में तो दूसरे के गाण्ड में ठोंकता जाता है।

शालू: आह्ह देवा तेरा लंड किसी घोड़े की तरह है मेरी गांड को पूरा फाड़ दिया है।

अब देवा ने शालू को ऊपर मुँह करके सीधा लेटाया और उसके ऊपर रश्मि को उल्टा लिटा दिया।अब दोनों माँ बेटी की चूचियाँ एक दूसरे से दब गई।और दोनों एक दूसरे को चूसने लगी।

ऊपर से देवा ने रश्मि की गांड पर थूक दिया और एक ही झटके में अपने पूरे लंड को उसकी गाण्ड में उतार दिया।रश्मि की गांड फटती चली गई और लंड पूरा घुसता चला गया।अब देवा रश्मि की टाइट गांड में अपना मूसल लंड पेलने लगा।फिर उसने अपने लंड को रश्मि की गाँड से निकालकर शालू की गीली चूत में पेल दिया। शालू की चूत पूरा पानी छोड़ रही थी।जिसमे लंड फच फच कर रहा था।

कुछ देर शालू की चूत में पेलने के बाद फिर देवा ने अपने लण्ड को शालू की चूत से निकालकर रश्मि की मस्तानी गांड में पेल दिया।अब तो लण्ड रश्मि की गांड में पूरा जड़ तक घुसा के पेल रहा था।

एक मिनट रश्मि की गांड में पेलता फिर एक मिनट शालू की चूत में पेलने लगता।

लेकिन इस बार देवा ने लंड रश्मि की चूत में पेल दिया।रश्मि अपनी गांड हिलाने लगी।देवा कुछ देर और पेलने के बाद ने लंड को फिर से रश्मि की कसी हुई टाइट गांड में ही पेल दिया। रश्मि दर्द से सिसियाने लगी।जब थोड़ी देर हुई तो शालू बोली।
 
शालू: देवा क्या कर रहे हो।कितनी देर से सिर्फ मेरी बेटी को ही चोद रहे हो।इधर मेरी चूत में खुजली हो रही है।जल्दी पेल ने देवा।फाड़ डाल मेरी चूत को।

देवा: आह्ह्ह साली रंडी। तेरी बेटी की गांड में मेरा लंड फँस गया था।इसलिए देर हो गई।आज इसकी गांड और बुर पूरा खोल दूँगा तेरी तरह।मैं चाहता हूँ की रश्मि जब यहाँ से जाए तो इसके पेट में मेरा बच्चा हो।क्यों मेरी रंडी बनेगी मेरे बच्चे की माँ....

रश्मि: हाँ देवा .... मुझे माँ बना दे। गाभिन कर दे अपनी रश्मि को।

देवा जोश में आ जाता है और दोनों माँ बेटी को एक दूसरे के ऊपर कुतिया बना देता है पहले शालू को कुतिया बना देता है फिर उसके ऊपर रश्मि को।अब देवा के पास चार छेद है दो गांड दो चूत।वह शालू की मोटी गांड में अपना लंड एक ही झटके में पेल देता है।शालू दर्द से कांप जाती है।

देवा जोर जोर से माँ बेटी की चूत और गांड चोदने लगता है।दोनों रंडियो को देवा चूत और गांड तो मारता ही है साथ में अपने थप्पड़ों से दोनों की चूतड़ो को लाल कर देता है।फिर अपना वीर्य रश्मि की चूत में गिराता है ताकि वो जल्दी माँ बने।शालू देवा के लंड को चाटकर पूरा साफ़ कर देती है।

2 घंटे के चुदाई के बाद वो शालु और रश्मि को दमा दम करने के बाद अपने घर के लिए बाहर निकलता है।

इस बात से अन्जान के कोई उसका इंतज़ार कर रहा है।

जैसे ही देवा अँधेरे रास्ते पर आता है जहाँ बिलकुल अँधेरा था। वो अपने घर से थोड़े दुरी पर था।

थकान के कारण देवा धीरे धीरे चल रहा था की तभी विक्रांत पीछे से देवा के सर पर ज़ोरदार हमला करता है वो एक शीशम की लकड़ी से देवा के सर पर वॉर करता है।

देवा;माँ आआआआआआआ.......

कहकर चक्कर खाकर घुमता है।

विक्रान्त दुसरा वार करता है और दूसरे वार से देवा सीधा ज़मीन चाटने लगता है।

उसके सर से खून की धार बहने लगते है और वो एक बार और चीखता है।

माँ आआआआआआ.....

उसकी आवाज़ दिल दहला देने वाली थी।

विक्रान्त;वहां से भाग जाता है।

देवा की ऑंखों के सामने अपनी सारी ज़िन्दगी घूम जाती है।
 
अब आगे क्या होगा? जानने के लिए पढ़ते रहिये।

बहुत सारे कमेंट और के लिए थैंक्स।कहानी जारी रहेगी।अपडेट भी प्रतिदिन देने की मैं कोशिश करूँगा।कहानी आपलोगों को कैसी लगी ।अपने विचार अवश्य दें।thanks
 
अपडेट 77

विक्रान्त;देवा को अधमरी हालत में छोड़ कर वहां से सीधा हवेली चला आता है।

वो हिम्मत राव के रूम में चला जाता है हिम्मत उस वक़्त अपने चेयर पर बैठा सिगरेट पी रहा था।

हिम्मत;क्या हुआ विक्रांत इतनी जल्दी में क्यों आये हो।

विक्रान्त;सेठ आपका काम हो गया।

देवा को मैंने मार दिया।

हिम्मत के हाथ से सिगरेट नीचे गिर जाता है और वो मारे ख़ुशी के विक्रांत की तरफ लपकता है।

क्या कह रहे हो तुम विक्रांत। तुमने देवा को जान से मार दिया।

विक्रान्त;हाँ सेठ साला मुझे ऑंखें दिखा रहा था ।

सुबह से उसकी ताक में था मै की कब मुझे अकेले में मिलता है।

ऐसा वार किया है साले के सर पर की बचने का कोई चांस नही।

मुझे मेरे पैसे दे दो मुझे अभी शहर निकलना है।

गांव वालों के आने से पहले।

हिम्मत;अरे हाँ बाबा तू बैठ। मै अभी आता हूँ।

हिम्मत अंदर जाता है और हाथ में विक्रांत को देने के लिए पैसे ले आता है।

ये ले बाबा तेरे पैसे मुझे तो यक़ीन नहीं हो रहा की इतनी जल्दी इतनी आसानी से तूने सब कर दिया।

विक्रान्त;सेठ वो मरते मरते बहुत ज़ोर से चीखा था।

गांव वाले आ गये होंगे उसकी लाश के पास। मुझे गांव के बाहर छोड़ दो कार में।

हिम्मत;हाँ चल मै तुझे इतनी दूर छोड़ दूंगा की तुझ तक कोई पहुँच ना पाए।

हिम्मत;विक्रांत को लेकर अपनी कार में शहर की तरफ निकल जाता है।

विक्रान्त और हिम्मत बहुत खुश थे।

हिम्मत को अपने ख्वाब पूरे होते नज़र आ रहे थे मगर वो नहीं जानते थे कि बुराई कभी अच्छाई को हरा नहीं सकती।

देवा के सर से खून बह रहा था आस पास की ज़मीन भी खून में नहा चुकी थी।

मगर देवा अब भी ज़िंदा था उसे चक्कर आ रहे थे।

वो अपनी ऑंखें खोलता है और लडख़ड़ाता हुआ अपने घर आता है।

देवा; माँ आआआआआआआआ.....

वो घर के दरवाज़े पर आकर चक्कर खाकर गिर पडता है उसकी आवाज़ सुनकर नीलम रत्ना और ममता बाहर निकल आती है।
 
रत्ना;देवा मेरे बच्चे क्या हुआ तुझे । ऑखें खोल मेरे लाल मेरे देवा किसने किया ये सब।

नीलम;ऑंखें खोलो देवा।

माँ इनके सर से कितना खून बह रहा है।

नीलम;नंगे पांव अपने घर की तरफ भागती है अपने भाई पप्पू को बुलाने वो रोती हुए इतनी तेजी से अपने घर पहुँचती है की उसे इस बात की भी परवाह नहीं रहती की उसके पांव कांच चुभने से ज़ख्मी हो गए है वो अपनी माँ और पप्पू को देवा की हालत के बारे में बताती है।

पप्पू और शालु कुछ गांव वालों के साथ रत्ना के घर की तरफ लपकते है

रत्ना और ममता देवा को अपने बाजू में पकडे रो रही थी

वो समझ बैठी थी की देवा अब इस दुनिया में नहीं रहा।

शालु;देवा की गर्दन के पास हाथ लगाकर देखती है।

जीस्म अब भी गरम था।

शालु : रत्ना रो क्यों रही हो देवा ज़िंदा है इसे वैध के पास ले जाना होगा जल्दी।

रत्ना;मगर मेरे बच्चे के साथ किसने किया ये।

पप्पू;अरे काकी ये बातें इस वक़्त मत करो इसे जल्द से जल्द वैध के पास ले चलो।

दूसरे गांव वाले भी देवा को सहारा देते है और उसे वैध के घर ले जाते है।

ममता और नीलम के ऑंसू थे की रुक्ने का नाम नहीं ले रहे थे।

किरण और उसका ससुर जब देवा की हालत देखते है तो समझ जाते है की उन्हें क्या करना है।

वो पहले देवा के सर को साफ़ करते है

विक्रान्त ने इतने ज़ोर से वार किया था की देवा का सर चीर गया था।

इसी वजह से वो बेहोश हो गया था।

वैध;वो ज़ख़्म पर मरहम पट्टी कर देता है और देवा को लिटा देते है।

बैध;खून बहुत ज़्यादा बह गया है।

ये बेहोश है जब तक होश में नहीं आता कुछ कहना मुश्किल है।

रत्ना;ऐसा ना कहिये बैध जी मेरे देवा को होश में लाइए।

मै इसके बिना नहीं जी सकती।

देवा उठ ना रे बेटा क्या हो गया है तुझे।

ममता;भइया उठो न देखो ऐसे चुप चुप रहोंगे तो मै भी तुम्हारे साथ मर जाऊँगी भइया।

नीलम;रत्ना और ममता को सँभालती है मगर देवा की बेहोशी उसे भी अंदर ही अंदर खाए जा रही थी।

रात बस किसी तरह कट जाती है और सुबह का सूरज आशा की नए किरण के साथ निकलता है।
 
देवा को होश आ जाता है।

उससे होश में देख गांव के हर एक आदमी हो या औरत उसकी ऑंखों में ऑंसू छलक जाते है।

देवा था ही ऐसा इंसान हर किसी के बूरे में भले में मदद करने वाला।

सबके सुखा दुःख बाँटने वाला और अब जब उसकी जान खतरे में थी तो गांव के हर इंसान की ज़ुबान पर उसकी सलामते के लिए प्रार्थना थी।

और ऊपर वाले ने उन सभी की प्रार्थना सुन भी लिया था। देवा होश में आ चुका था मगर खून ज़्यादा बहने के कारण वो बहुत कमजोर लग रहा था।

बैध;अब कैसा लग रहा है देवा।

देवा; ये सब कैसे हो गया वैध जी।

रत्ना;हाँ देवा हम भी यही जानना चाहते है आखिर ये सब हुआ कैसे।

देवा;पता नहीं माँ मै शालु काकी के घर से अपने घर आ रहा था की किसी ने पीछे से मेरे सर पर इतनी ज़ोर से लाठी से वार किया की मुझे एकदम से चक्कर आ गया। उसके बाद मुझे कुछ भी ठीक से याद नहीं मै कैसे यहाँ पहुँचा मुझे कुछ याद नहीं माँ।

रत्ना;तू आराम कर बेटा जिसने भी ये नीच हरकत किया है ना वो नहीं बचेगा।

देवा को रात में घर ले आते हैं वो बहुत कमज़ोर लग रहा था ।

वो अपने रूम में लेटा हुआ था और उसके पांव के पास नीलम बैठी उसके पांव दबा रही थी।

नीलम के ऑंसू तो थम चुके थे मगर दिल में डर बैठ गया था की उसके देवा का कोई दुश्मन भी गांव में मौजूद है।

रत्ना;नीलम कुछ खा ले बेटा सुबह से तू भूखी है।

नीलम;भूख नहीं है काकी।

ममता ;माँ नीलम ने देवा की सलामती के लिए ब्रत रखी है दो दिन वो नहीं खाने वाली कुछ भी।

रत्ना;बड़े प्यार से नीलम के सर पर हाथ फेरते हुए सोचती है कितना खुश नसीब है देवा की उसे सब इतना प्यार करते है।

सारे गांव में खबर आग की तरह फैल गई थी की देवा पर जन लेवा हमला हुआ है मगर किसने किया।

इस हमले के पीछे कौन है ये सब जानना चाहते थे मगर जवाब किसी के पास नहीं था।

रानी और रुक्मणी को भी पदमा से ये बात पता चल गई थी की देवा पर जानलेवा वार हुआ है।
 
सुबह सुबह जब हिम्मत हवेली पहुँचता है तो उसे ये पता चलता है की देवा पर किसी ने हमला किया मगर वो बच गया है। ये सुनकर हिम्मत का खून खौल जाता है और वो उलटे पांव विक्रांत से मिलने चला जाता है।

रानी और रुक्मणी पदमा के साथ देवा से मिलने उसके घर आती है।

देवा;अपने घर के ऑंगन में बैठा हुआ था। रत्ना और गांव के कुछ और औरतें भी देवा के पास बैठी हुई थी।

रत्ना;अरे बडी मालकिन छोटी मालकिन आप यहाँ।

रुक्मणी;हाँ मुझे पता चला देवा के बारे में तो हमने सोचा। चलो देख आते है।

देवा;नमस्ते मालकिन आइये न बैठिये।

गांव की दूसरे औरतें चली जाती है और रुक्मणी रानी देवा के पास बैठ जाती है।

रत्ना: मैं कुछ लाती हूँ।

रुक्मणी;अरे नहीं इसकी कोई ज़रूरत नहीं है।

रत्ना;ऐसे कैसे ज़रूरत नहीं है।

पदमा ज़रा मेरे साथ आना तो।

रुक्मणी और रानी को क्या पसंद है वो बननाने के लिए रत्ना पदमा को अपने साथ किचन में बुला लेती है।

रुक्मणी;अब कैसा लग रहा है देवा।

देवा;बस थोड़ा दर्द है सर में और कुछ नहीं पता नहीं उस मारने वाले को क्या दुश्मनी थी मुझसे।

रुक्मणी;वो तुम्हारा नहीं तुम्हारे खानदान का भी दुश्मन है देवा।

देवा;चौंकते हुए रुक्मणी की तरफ देखता है।

क्या कह रही है आप मालकिन आप जानती है उसे जिसने ये सब किया है मेरे साथ।

रुक्मणी;हाँ मगर मै उसका नाम एक शर्त पर तुम्हें बतांउगी अगर ये बात हम तीनो तक रहेगी तब।

देवा: मैं वादा करता हूँ मालकिन किसी को नहीं बोलुंगा।

रुक्मणी;तुम पर हमला विक्रांत नाम के आदमी ने किया है और उस विक्रांत से ये सब करवाने वाला और कोई नहीं बल्कि मेरा पति हिम्मत राव है।

देवा की ऑंखें खुली की खुली रह जाती है।

मालकिन ये आप क्या कह रही है।

रानी;हाँ देवा माँ सही कह रही है।

इस सब के पीछे बापू है।

वो तुम्हें और तुम्हारे घर वालों को जान से मारना चाहते है।तूम सोच रहे होंगे हम तुम्हें ये सब क्यों बता रहे है

सच कहें तो देवा जितना प्यार हम तुमसे करते है उतना बापू से भी नहीं करते और सिर्फ यही वजह नहीं है वो इंसान इंसान नहीं जानवर है।

पता नहीं कितनी लाशों को अपने पाँव के नीचे कुचल कर वो यहाँ तक पहुंचा है।

रानी;मुझे तो घिन आती है उस इंसान को अपना बापू कहते हुए।

देवा: मैं उसे ज़िंदा नहीं छोड़ूँगा मालकिन ज़मीन में ज़िंदा गाड दूंगा मै उसे।

रुक्मणी;अभी नहीं देवा।

अभी नहीं पदमा बता रही थी की तुम्हारी बहन की शादी होने वाली है।

पहले अपनी बहन को ख़ुशी ख़ुशी बिदा कर दो उसके बाद हम पुलिस का सहारा लेकर हिम्मत राव का सर्वनाश कर देंगे।

देवा;नहीं मालकिन हिम्मत से मुझे भी बहुत कुछ पूछ्ना है और उसे मेरे हर सवाल का जवाब देना होगा।

आपका बहुत बहुत शुक्रिया जो आपने मुझे अपना समझा।
 
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