ना पप्पू उसे मिलने आया था न पदमा। पदमा की चूत और गाण्ड देवा ने इस कदर सुजा दिया था की वो अगले दो चार दिन और उसके पास नहीं फ़टकने वाली थी।।
सुबह १० बजे देवा अपने खेतों की तरफ जाने लगता है के उसी वक़्त एक तेज़ रफ़्तार कार उसके पीछे से आती है और उसके पास आके रुक जाती है।
वो कार रानी चला रही थी। देवा रानी को देख थोड़ा घबरा जाता है।
रानी;कार का डोर खोल देती है।
अंदर बैठो।
देवा;मुझे खेत में बहुत काम है मालकिन।
रानी;चिल्लाते हुए मैंने कहा... कार में बैठो।
देवा चुप चाप कार में बैठ जाता है।
रानी फुल स्पीड में कार दौड़ा देती है और कार सीधा हवेली जाके रुकती है।
वो देवा का हाथ पकड़ के उसे अपने रूम में ले जाती है और दरवाज़ा बंद कर देती है।
देवा;मालकिन मुझे जाने दो मुझे काम है।
रानी; चटाकक्क्क्क्क्क से एक थप्पड देवा के गाल पे जड़ देती है।
क्या समझते हो तुम खुद को। एक मामूली से नौकर हो तुम हमारे और इतना घमण्ड है तुम्हें खुद पे। नीचे बैठो।
देवा; नौकर की तरह नीचे बैठ जाता है थप्पड उसके गाल पे नहीं दिल पे पडा था। अंदर ही अंदर उसका खून खौल रहा था पर वो रानी और हिम्मत राव की बहुत इज़्ज़त करता था इसलिए चुप था।
रानी देवा की गरदन पे हाथ रख देती है।
दो कौडी के नौकर अब जैसा मै तुमसे कहूँगी तुम वैसे ही करोगे समझे ।
देवा;मालकिन आप चाहें तो मेरी खाल खीच लिजीये पर मै कोई गलत काम नहीं करुँगा आपके साथ।
रानी हंसने लगती है । मुझे पता था तुम यही कहोंगे
और मुझे ये भी पता है की तुम कुछ कर भी नहीं सकते
नपुन्सक हो तुम। पता नहीं कौन से गंदी नाली के कीड़े ने पैदा किया है तुम्हें।
तुम्हारा बाप भी ऐसा ही होगा नपुंसक.... जैसे तुम हो।
देवा; खुद की चमडी उतर जाने पे उफ़ तक नहीं करता पर आज रानी ने उसके बाप को वो कही थी जो अगर हिम्मत राव भी कहता तो देवा उसे भी नहीं छोड़ता।
देवा रानी के बाल पकड़ के उसे झुका देता है और एक हाथ उसके हलक में डाल के उसकी ज़ुबान पकड़ लेता है।
साली मेरे बापु को गाली देती है। तू समझती क्या है खुद को.... लंड चाहिए न तुझे मेरा। देख आज तुझे ऐसे चोदुँगा की तू कभी किसी से भी नहीं चुदाएगी।
रानी;आहह छोड कमिने तू क्या मुझे चोदेगा। उसके लिए मर्दांनगी चाहिए। तू मरद है की नही।
देवा का दिमाग अब उसके बस में नहीं था वो देखते ही देखते रानी के सारे कपडे फाड़ देता है और उसे बाल से पकड़ के बिस्तर पे पटक देता है।
रानी;अरे जा अपनी माँ का दूध पी ।
देवा; दूध वो तो आज तो खुद देखेगी किसके दूध में कितना दम है मुंह खोल साली।
रानी मुंह नहीं खोलती।
देवा;उसकी गर्दन ज़ोर से दबा देता है जिससे रानी का मुंह खुल जाता है और देवा अपने लंड को रानी के हलक तक उतार देता है।
सटा सट वो अपने लंड को पोर्न फिल्मों की तरह रानी के मुंह में घूसाने लगता है।
रानी के मुंह से थूक और राल बहने लगती है। वो साँस नहीं ले पाती न कुछ बोल पाती है।
देवा;रानी को पीठ के बल लिटा देता है। नाज़ुक से रानी देवा के मज़बूत हाथों में कांच की गुड़िया की तरह खेल रही थी वो देवा को गालियां देना चाहती थी पर देवा उसे अब किसी चीज़ के लिए मौका नहीं देता।
देवा;बहुत नाज़ है न तुझे खुद पर देख एक गांव वाले की मर्दांनगी देख अब।
रानी का मुंह पकडे देवा अपने लंड को रानी की चूत में ऐसे घुसाता है जैसे कोई तेज़ चाक़ू से मक्खन काट रहा हो।
रानी आज तक सिर्फ हिम्मत राव का छोटा लंड खाई थी पर आज उसका सामना देवा के हथोड़े से हुआ था १०० सुनार की तो १ लोहार की।
रानी की चुत जगह जगह से चीरती चली जाती है और बारीक बारीक खून वाली नसे फ़टने से उसकी चूत से खून बहने लगता है।
रानी;आहह मुझे माफ़ कर दे आहह अब नहीं कहूँगी तुझे कुछ । आहह माँ बापु मुझे बचा लो आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्।
देवा पुरी तरह पसीने में नहा चूका था पर ग़ुस्सा था की कम होने का नाम नहीं ले रहा था वो बिजली की तेज रफ़्तार से रानी को चोदे जा रहा था और रानी अपनी फटे चूत को और चिरता देख चिल्लाये जा रही थी।
देवा;अभी तो कुछ भी नहीं हुआ मालकिन मर्दांनगी देखनी है ना तुझे। देख......
रानी जो सोच भी नहीं सकती देवा वो कर बैठता है। वो रानी के दोनों टाँगे चीर देता है जिससे उसकी गाण्ड का सुराख़ पूरी तरह खुल जाता है।
देवा;दोनों हाथों से कमर को पकड़।
रानी;आहह नहीं आहह मुझे माफ़ कर दे देवा मुझे माफ़ कर दे प्लीज्जज्जज्ज।
देवा; साली नहीं सुनेगी तो जान से मार दुंगा।
पकड़ दोनों हाथों से ।
रानी;इतने दर्द के मारे काँपने लगती है और ना चाहते हुए भी उसे कमर पकड़नी पडती है।
देवा;अपने लंड पे थूक लगा के सट से रानी का दुसरा सुराख़ भी खोलता चला जाता है वह अपना लंड पूरी बेदर्दी से रानी की गांड में घुसा दिया था।
रानी; आहह माँ देवा मै तेरे हाथ जोड़ती हूँ पैर पडती हूँ मुझे छोड दे मै मर जाऊँगी रे ज़ालिम।
देवा; मालकिन दूध का दम देख लो पहले। फिर छोड दूंगा आहह्ह्ह्ह।
रानी की आवाज़ बाहर तक न जा सके इसलिए देवा उसकी गर्दन को पकड़ के उसकी गाण्ड मारने लगता है १५ मिनट लगातार एक पोजीशन में रानी की गाण्ड मारने से रानी बेहोश होने लगती है । उसने कभी अपनी गाण्ड नहीं मरवाई थी । आज उसे खुद पे अफ़सोस हो रहा था और हिम्मत राव पे ग़ुस्सा भी आ रहा था की उसने अपने काम के लिए किस ज़ालिम को चुना था।
देवा;क्यूँ मालकिन अब पता चल रहा है न मरद किसे कहते है आह्ह्ह।
रानी; माँ वो चिखते हुए मुतने लगती
है। आह्ह्ह देवा तुझे अपनी माँ की कसम मुझे और दर्द मत दे । आहह तरस खा मुझ पे एक गाली की सजा इतनी आहह मत दे रे।
कुछ देर चूत में लंड डालके चोदने के बाद देवा अपना सारा पानी रानी की चूत में निकाल देता है और वहीँ लेट के साँसे ठीक करने लगता है।
रानी;अपनी चूत को देखती है खून और चिप चिपा पानी उसकी चूत और गांड से बाहर ज़मीन पे गिरने लगता है।
देवा कुछ देर बाद कपडे पहन के वहां से चला जाता है।
पर रानी के दिल दिमाग और चूत पे वो ऐसे छाप छोड जाता है जो आने वाले वक़्त में बहुत अहम साबित होगी।
रानी; लंगड़ाते हुए बिस्तर से खडी होती है आज पहली बार लंड खाने के बाद उसे ठीक से चला भी नहीं जा रहा था। वो नहाने चली जाती है और जब नहा के बाहर निकलती है तो हिम्मत राव उसे बैडरूम में बिस्तर पे बैठा मिलता है।
रानी;अरे बाप्पू तुम कब आए।
हिम्मत राव; रानी के क़रीब आता है और उसे ऊपर से निचे तक देखने लगता है।
लगता है मछली चारा निगल गई।
रानी;मुस्कुराते हुए हाँ बाप्पु।
पर ज़ालिम ने वो दर्द दिया है के चला भी नही जा रहा।
हिम्मत राव;रानी के जिस्म पे लिपटी टॉवल निकाल देता है और नीचे बैठ के रानी की चूत देखने लगता है।
ये क्या ये तो जगह जगह से चीर गई है और सूज भी गई है
वो हाथ लगा के चूत को देखता है।
रानी;आहह बाप्पू अभी मत छुओ बहुत जलन हो रही है
कुछ मत करो मुझे सोने दो।
हिम्मत राव;अपने मुंह में का थूक उसकी चूत पे लगा देता है ।
चल आराम कर और हाँ कल वो तेरे जनम दिन पे ज़रूर आएंगा मैंने पदमा से कह दिया है देवा को भी साथ ले आने के लिये।
अब बस अपना जादू उसपे कल ऐसे चला की वो तेरे इशारों पे नाचने लगे।
रानी;कुछ नहीं कहती और चुप चाप लेट जाती है।
देवा;को बहुत अफ़सोस हो रहा था की उसने ग़ुस्से में आके ये क्या अनर्थ कर दिया।
वो रानी से माफ़ी माँगने का सोच लेता है और खेत में चला जाता है।
वो रानी से मिलके उसे माफ़ी भी माँगना चाहता था पर अब् उसका दिल रानी का सोच सोच के डर भी रहा था पता नहीं वो रानी का सामना कैसे कर पायेगा।
दिन शाम में बदला और शाम रात में देवा वैध जी के घर जाने की बात भी भूल गया उसे रह रह के बस रानी और उसके साथ हुई घटना याद आ रही थी।
दिल में डर भी था कही हिम्मत राव उसे बन्दूक से उड़ा न दे।
रात में पदमा उसे मिलती है।
उसका दिल देवा के साथ रात गुजारने का था पर देवा का लंड तो ऐसे खामोश बैठा हुआ था जैसे मर गया हो।
देवा;पदमा को थकान का बहाना बनाके खेतों में सोने चला जाता है।
पदमा उसे हिम्मत राव का फरमान सुना गए थी।
रात बस ऑखों ऑखों में गुज़र जाती है।
सुबह का सूरज देवा के ज़िन्दगी में किसी अमावस के रात की तरह आया था।
वो धड़कते दिल के साथ पदमा के साथ हवेली जाता है।
हवेली में बाहर सन्नाटा पसरा हुआ था देवा का दिल और ज़ोर से धड़कने लगता है।
पर जैसे ही वो दोनों अंदर जाते है।
शोर गुल और हंगामे की आवाज़ चारो तरफ सुनाई देने लगती है।
सामने रानी अपनी तमाम खुबसुरती के साथ देवा का इंतज़ार करते खडी थी।
हिम्मत रव और उसके कुछ दोस्त उनके बीवियाँ उनके बीच रानी के कुछ सहेलियां भी वहां मौजूद थी
पर रानी सब को छोड के सीधा देवा के पास आती है।
देवा रानी से आँख नहीं मिला रहा था । वो झिझकते हुए रानी को देखता है।
जनम दिन बहुत बहुत मुबारक हो मालकिन।
रानी उसके इतनी क़रीब आ जाती है की रानी की साँस की आवाज़ भी देवा को सुनाये दे रही थी।
अब मै तुम्हारी मालकिन नहीं रही देवा तुम्हारी दासी बन गई हूँ।
देवा;फटी फटी नज़रों से रानी को देखने लगता है।
हिम्मत राव वहां उनके पास आता है।
अरे देवा तुम आ गये। भाई बहुत देर कर दी तुमने। ये हमारी रानी बिटिया ज़िद कर बैठी थी की जिसके वजह से उसे नई कार मिली है वो उसके आने के बाद ही सबका मुंह मीठा करवाएंगी।
रानी देवा के क़रीब आती है और अचानक उसके गले लगके उसे चुमना शुरू कर देती है।
देवा देवा मेरे देवा मै तुम्हारा शुक्रिया कैसे अदा करू तुमने मेरा दिल मुझसे छीन लिया है देवा मुझे तुमने ये क्या कर दिया है।
मुझे हमेशा के लिए अपना बना लो मेरे देवा।
देवा;मालकिन होश में आइये कल जो हुआ वो बहुत बुरा हुआ। मै आपसे माफ़ी माँगना चाहता हूँ।
रानी;अरे बुधू माफ़ी किस बात की जिससे प्यार करते है ना। उसके साथ ये सब कर सकते है तुमने कुछ गलत नहीं किया। उल्टा मुझे तुमसे माफ़ी माँगनी है। मैंने कल ग़ुस्से में पता नहीं तुम्हें क्या कुछ कहा था।
अच्छा ये बताओ मेरे लिए क्या तोहफ़ा लाये हो।
देवा;वो मै क्या चाहिए आपको।
रानी; जो माँगूँगी दोगे।
देवा;जी दूँगा।
रानी;आज रात पीछे के दरवाज़े से हवेली में आ जाना और सीधा मेरे कमरे में आ जाना। मै दरवाज़ा खुला रखुंगी।
तब मै तुमसे तोहफ़ा माँगूगी और तुम्हें देना होगा।
देवा ऐसा फँसा था की उसे भागने का कोई दरवाज़ा दिखाई नहीं दे रहा था । वो हाँ कर देता है और कुछ देर बाद हवेली से चला जाता है।
दिन भर उसे बस एक बात सताती है की आखिर रानी उससे क्या माँगेंगी।
उसका किसी चीज़ में दिल नहीं लगता वो शालु के घर खाना खाने जाता है और चुप चाप खाना खाके वापस अपने घर लौट आता है उसके इस रवैये से सभी को हैरानी भी होती है ।
रात का अँधेरा घिर जाता है । गांव में सन्नाटा छा जाता है सभी अपने अपने बीवीयों के लहंगे में सो जाते है और देवा हवेली की तरफ चल पड़ता है । वो पीछे के दरवाज़े से हवेली के अंदर चला जाता है और दबे पांव रानी के कमरे में दाखिल हो जाता है।
जैसे ही वो कमरे के अंदर पहुँचता है रानी पीछे से दरवाज़ा बंद कर देती है और देवा से चिपक जाती है।
रानी;मुझे पता था तुम ज़रूर आओगे।
देवा;मालकिन बोलिये क्या चाहिए आपको।
रानी;तुम तुम्हारा जिस्म तुम्हारा प्यार तुम्हारा साथ हमेशा के लिए मुझे चाहिए देवा ।
देवा;नहीं नहीं मालकिन आप जोश में आके ये सब कह रही है।
रानी;देवा का लंड पेंट के ऊपर से सहलाने लगती है।
इधर देखो मेरे ऑखों में।
कल तुमने जो किया वो तुम्हें अच्छा लगा सच सच बताओ।
देवा;मालकिन वो।
रानी;सच बोलो।
देवा;हाँ मालकिन।
रानी; मैं तुम्हें अच्छी लगने लगी हूँ ना।
देवा;हाँ मालकिन पर।
रानी;मेरा जिस्म तुम्हें कैसा लगता है।
देवा;आप आईने की तरह साफ़ हो दूध की तरह गोरी हो आपका जिस्म संगमरमर की तरह है मालकिन।
रानी;देवा मै तुमसे प्यार करती हूँ सच्चा प्यार मै चाहती हूँ तुम भी मुझे प्यार करो बाप्पू की चिंता मत करो । गांव वालो से मत डरो बस मेरे बन के रहो। ये राज़ हम दोनों तक रहेगा बस तुम मुझसे दिन रात प्यार करो देवा।
देवा का लंड रानी के सहलाने से खड़ा हो चुका था। उसके दिल का डर भी रानी ने लगभग ख़तम कर दी थी।
सच बात तो ये थी की देवा भी रानी की मदमस्त जवानी और साफ़ खूबसूरत जिस्म को देख उसका दिवाना सा हो गया था।पहली बार उसने बिना बाल वाली चूत देखा था और हर नए चीज़ इंसान को अपनी तरफ खिचती है देवा का भी कुछ ऐसा ही हाल था।
रानी;गलप्प देवा ये कपडे अब जिस्म पे बोझ से लग रहें है उतार दो न इन्हें।
वो देवा के कपडे उतारने लगती है और देवा रानी के।
रानी;देवा के जवान लंड को देख दिल ही दिल में खुश हो जाती है । भले ही उसे देवा से प्यार न हो पर वो देवा के लंड की दिवानी तो उसी दिन बन गई थी जिस दिन कार में उसने देवा के लंड को पहली बार हिलाई थी।
उसके होठो से राल टपकने लगती है और वो निचे बैठके देवा के लंड को चुमते हुए चाटने लगती है गलप्प गलप्प गलप्प्प।
देवा;आहह मालकिन धीरे धीरे आह वरना पानी न निकल जाये मेंरा।
रानी;निकलने दो मै फिर से खड़ा कर दूंगी आज की रात ये मेरे और मेरी चूत के लिए है गलप्प गलप्प।
लंड तो देवा का बहुत पहले खड़ा हो चुका था। वो रानी को और चुसने नहीं देता और उसे अपनी गोद में उठाके चुमते हुए बिस्तर पे लिटा देता है।
देवा;रानी कल इस चूत पे बहुत ज़ुल्म किया है मैंने आज इसे मरहम लगाके ठीक कर दूंगा गलप्प गलप्प।
रानी; हाँ ठीक कर दो आहह मेरे देवा तुम्हारे लंड की तरह तुम्हारी ज़ुबान भी आहह कमाल की है।चाटो मेरे राजा आह्ह्ह।
देवा चूत को अंदर बाहर से चाटने लगता है जिस तरह रानी को देवा का लंड पसंद आ गया था उसी तरह देवा को भी रानी की चिकनी चूत भा गई थी। वो चूत को अंदर तक ज़ुबान डालके चाटने लगता है गलप्प गलप्प्प।
रानी;आहह मेरा पानी निकल जायेंगा आहह रुक जा आह्ह्ह्ह्ह्ह।
देवा को कुछ सुनाई नहीं दे रहा था वो बस रानी की चूत को खा जाना चाहता था।
रानी;रुक जाओ देवा आहह पहले मेरी चूत में एक बार डालके चोदो। मुझे उसके बाद रात भर चाटते रहना आहह बहुत खुजली हो रही है अंदर तक आह्ह्ह्ह्ह।
देवा;रानी के होठो को चुम के उसे भी चूत के पानी का स्वाद चखा देता है और अपने लंड को रानी की चूत पे टीका के रानी से पूछता है।
रानी : डाल दुं अंदर.
रानी;आहह पूछते क्यों हो अबसे मेरे जिस्म पे सिर्फ तुम्हारा अधिकार है डाल दो आह्ह्ह्ह्ह्ह।