तू है हट्टा कटा गबरू जवान पर तेरा दिल एकदम बच्चों जैसा है ।जो मन में आता है पूछ लेता है।
देवा;बोलो न मामी।
देवकी;तू सच में जानना चाहता है।
देवा;हाँ सच में।
देवकी; मुझे प्यार कर अपने मामी समझ के नहीं बल्कि अपनी माँ रत्ना समझ के तुझे पता चल जायेंगा की कैसा अनुभव होता है।
देवा; पर मामी।
देवकी;देवा के बोलने से पहले उसे अपने ब्रैस्ट से चिपका लेती है और देवा भी देवकी पे झुक जाता है।
देवकी;आहह बेटा अपनी माँ को नंगी करके खूब प्यार कर रे। चूत से लेके गाण्ड तक चाट ले अपनी माँ की देवा आह्ह्ह्ह्ह्ह।
देवा;माँ । देवकी के मुंह से ऐसे शब्द सुनके उसका लंड आज पहली बार पेंट फाड़ के बाहर आना चाहता था।
वो देवकी का ब्लाउज निकाल के फ़ेंक देता है और खुद के कपडे भी निकल देता है।
देवकी;हाँ बेटा आहह चूस अपनी माँ की चूचियां आहह पी जा आज फिर से मेरा सारा दूध आह्ह्ह्ह्ह्ह।
देवा;देवकी के ब्रैस्ट को मुंह में लेके चुसने लगता है वो इतनी ज़ोर ज़ोर से निप्पल्स को काटने लगता है की देवकी बर्दाश्त नहीं कर पाती।
देवा;आहह माँ मेरी माँ गलप्प आह।
देवकी; आह्ह्ह्ह्ह्ह देवा बेटा धीरे से।
देवा; ऑखें बंद करके देवकी के होठो को चुसने लगता है उसकी ऑखों के सामने रत्ना का चेहरा आ जाता है और वो एक झटके के साथ देवकी के होठो के एक एक रस के क़तरे को पीता चला जाता है गलप्प गलप्प्प।
देवकी; बेटा मुझे तेरा मुंह में लेने दे अपने बेटे का लंड चुसना है मुझे आहह देवा मुंह में डाल ना रे।
देवा : माँ वो बोल भी नहीं पा रहा था बस आज उसके सर पे जैसे जूनून सवार हो गया था । वो अपने लंड को देवकी के मुंह में पेल देता है और दोनों हाथों से देवकी के सर को पकड़ के लंड को ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर करने लगता है ।
आह्ह्ह्ह्ह्ह माँ चूस लो अपने देवा का लंड आहह माँ आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह।
देवकी;की चूत से पानी के फुवार बाहर निकलने लगती है और वो देवा को अपने ऊपर आने की दावत देते हुए अपने दोनों पैर खोल देती है।
आजा मेरे राजा बेटा अपने माँ की चूत में आ जा।
देवा;के लंड की नसे कभी इतनी नहीं फुली थी।अपने लंड में उसे इतनी ताकत कभी महसूस नहीं हुई थी वो एक तरह से खुद को सर्व शक्तिमान महसूस कर रहा था। उसे देवकी की चूत नहीं बल्कि रत्ना अपनी माँ की चूत नज़र आ रही थी और पैर खोले औरत देवकी नहीं बल्कि रत्ना दिखाई दे रही थी । वो अपने लंड पे थोड़ा सा थूक गिराता है और देवकी की टाँग को अपने हाथ में पकड़ के लंड को जैसे ही देवकी की चूत पे रखता है देवकी की ऑखें बंद हो जाती है और चूत खुलती चली जाती है।
देवकी; आहह बेटा तेरा बहुत मोटा और बड़ा है रे मर जाऊँगी मै आहह थोड़ा आराम से धक्के मार बेटा ।
देवा को कुछ सुनाई नहीं दे रहा था । न कुछ समझ आ रहा था बस दिमाग में एक आवाज़ घूम रही थी । देवा बेटा अपने माँ रत्ना को चोदो ज़ोर से चोदो।
देवकी; बेटा धीरे धीरे आहह धीरे रे।
देवा; माँ चोदने दो न आहह ऐसी चूत मुझे आज तक नहीं मिली आहह कसम से मामी आपके चूत का जवाब नहीं है आह्हह्हह्हह्हह।
देवकी;पिछले 20 मिनट से देवा से चुदते चुदते निढाल हो गई थी।
उसे कभी भी किसी ने भी इतनी देर तक इस तरह से नहीं चोदा था।
देवा का लंड पानी छोडने को तैयार नहीं था और देवकी चूत में लंड लेने को मना कर रही थी । उसकी चूत जगह जगह से चीर गई थी। रह रहके खून भी बाहर बह रहा था वो किसी तरह देवा के पास से उठके अपने कमरे में जाना चाहती थी पर देवा उसका हाथ पकड़ के उसे फिर से अपनी गोद में बैठा देता है।
माँ अभी एक सुराख़ बचा है ना तुम्हारा।
देवकी।;नहीं वहां नहीं। देखता नहीं चूत की क्या हालत कर दी है तुमने। नहीं नही।
देवा; देवकी के चूतड़ पे थप्पड मारने लगता है निढाल सी देवकी कुछ देर बाद हार मानके अपनी गाण्ड का सुराख़ देवा को दिखाती है और देवा न सिर्फ उसे चाटता है बल्कि उसे भोग भी लगा देता है अपने लंड के तेज़ धार से वो देवकी की गाण्ड को भी एक तरह से चीर के रख देता है।
देवकी एक चालाक औरत थी । वो आज इसलिए देवा के पास आई थी के देवा को अपनी चूत देके उसका मुंह हमेशा के लिए बंद कर दे । उसे पता था की देवा एक न एक दिन अपनी माँ को उसके और रामु के बारे में ज़रूर बता देगा । बस एक यही तरीका था देवा का मुंह बंद करने का की उसे अपनी चूत दे दी जाये ।
पर ये उसकी सबसे बडी भूल भी साबित हुई थी वो जिस देवा को एक बच्चा समझ बैठी थी । उस बच्चे ने सुबह के ४ बजे तक उसे न सोने दिया और न उसे एक पल के लिए भी चैन से बैठने दिया।
देवा का लंड देवकी की चूत पे कहर बरपा के सो चुका था । पर एक नए दौड़ की शुरुवात देवा के ज़िन्दगी में हो चुकी थी। आज तक बाहर की औरतों को चोदने वाला देवा आज घर की औरत का स्वाद चख चुका था और ये स्वाद उसे बहुत पसंद भी आया था।
देवकी;अपने फ़ैले हुए चूत के साथ अपने कमरे में सोने चली जाती है और देवा अपनी यादों में डूबा हुआ सो जाता है।
कौशल्या ; देवा के पास आती है और उसके ऑखों पे अपने हाथ की हथेली रख के देवा के होठो को चुम लेती है।
बस अब ठीक है।
देवा;जी नहीं ऐसे नहीं ऐसे।
और देवा इस बार कौशल्या को अपने छाती से चिपका के उसके रसीले होठो को किसी आम की तरह मुंह में भर के चुसता चला जाता है और कौशल्या परकटे पंछी की तरह देवा की छाती पे मुक्के बरसाती जाती है।
पर कुछ देर बाद कौशल्या भी देवा का साथ देने लगती है। देवा अपने हाथ के पंजे से कौशल्या की नरम चूचि मसल देता है।
कौशल्या ;उई ए क्या करते हो ।
देवकी;अपने कमरे से।
बहु मेरी चाय कहाँ है।
कौशल्या ;देवा को पीछे धकलते हुए आई माँ जी।
वो तो चाये बनाना में लग जाती है और देवा देवकी के कमरे में चला जाता है।
बिस्तर पे लेटी हुए देवकी देवा को देख शरमा जाती है। जैसे कोई नई नवेली दुल्हन सुहागरात के बाद सुबह सुबह अपने पति को देख शरमाती है।
देवा रात की चुदाई के बाद बहुत ढीठ हो चुका था । अब उसे मामी भाभी इन सब रिश्तों के साथ छेड छाड़ करने में बहुत आनन्द आ रहा था। वो देवकी के पास जाके बैठ जाता है और अपना हाथ देवकी की जांघ पे रख देता है।
कैसे हो मामी।
देवकी; बड़ा ज़ालिम है रे तू। रात भर अपनी मामी पे ज़ुल्म करके पूछता है कैसी हो मामी। पूरा बदन दुःख रहा है ।
देवा; देवकी की जांघ पे रखा अपना हाथ आगे सरका के उसकी चूत पे रख देता है और देवकी के कुछ बोलने से पहले चूत को मसल देता है।
देवकी;आहह बेटा मत छू उसे। वो जग जाएँगी आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह।
देवा;देवकी को अपने बाँहों में कस लेता है और उसके गरदन को चुमते हुए धीरे से देवकी के कान में कहता है।
मामी आपकी चूत बहुत मस्त है दिल तो कर रहा है अभी आपको पूरा नंगा करके कस के चोद दुं।
देवकी; बेटा चूत तो मेरी भी यही चाह रही है पर अभी बहु घर में है ना आहह आह्ह्ह्ह।
देवा;तो क्या हुआ वो तो रामु के साथ आपको देख चुकी है न।
देवकी;हाँ इसी बात से तो मै परेशान हूँ बेटा कैसे नज़रें मिलाऊँ उससे समझ नहीं आता।
देवा;अगर मै ऐसा कुछ कर दूँ की तुम्हें अपनी बहु के सामने से शर्म महसूस न हो तो.....
देवकी;अपनी छाती से देवा के मुंह को चिपका देती है। फिर तो तेरी ये मामी तेरे गुलाम बन जाएगी। तू जो कहेंगा जहाँ कहेंगा वो मै करुँगी।देवा अपनी मामी को कुछ समझा देता है फिर.....
देवा; अपने मामी के होंठ को चुमने लगता है और उसी समय कौशल्या चाय का कप ले के देवकी के रूम में आती है।
देवा;अपने होंठ देवकी के होठो से निकाल लेता है और देवकी चाय पीने लगते है।
देखो देवा तुम नहाते वक़्त कोई शरारत तो नही करोगे ना।
देवा;करूँगा हाहा।हाहा।
मेरी मर्ज़ी चलो जल्दी चलो।
चूत तो कौशल्या की भी फड़फड़ा रही थी देवा के साथ नहाने के लिए ।
दोनो बाथरूम में घुस जाते है। कौशल्या ने अपने जिस्म पे एक पतली सी साडी बांध रखी थी जिसके निचे कुछ भी नहीं था और देवा सिर्फ पेंट में।
कौशल्या बाथरूम में एक कोने में बैठके नहाने लगती है और देवा उसे देखने लगता है।
कौशल्या;अब खड़े खड़े मेरा मुंह क्या देख रहे हो नहाना नहीं है क्या।
देवा;हाँ हाँ नहाना है।
कौशल्या अपने ऊपर के जिस्म पे साबुन लगाने लगती है और साथ ही अपने चेहरे पर भी साबुन लगाके मलने लगती है।
इधर देवा अपने पेंट में से अपना लंड निकाल के सिर्फ उसपे पानी डालके उसे साबुन लगा के धोने लगता है जैसे कोई मैदान ए जंग का सिपाही जंग पे जाने से पहले अपने तलवार साफ़ करता है।
कौशल्या जैसे ही चेहरे पे लगे साबुन को पानी से धोके देवा की तरफ देखती है उसकी साँस चलना बंद हो जाती है।
काला लम्बा मोटा वो ज़हरीले साँप की तरह दिखने वाला देवा का वो लंड जिसे वो हाथ में लेके बैठा था कौशल्या देखते ही रह जाती है।
अपनी ज़िन्दगी में उसने छोटे मोटे लंड तो देखे थी पर असली लंड उसे आज देखने को मिला था। वो कभी देवा को देखती फिर उसके लंड को देखती और अपने जिस्म पे पानी डालती जाती।
देवा;क्या हुआ भाभी।
कौशल्या;कुछ नहीं वो अपने पीठ देवा की तरफ करके अपने धड़कते दिल को सँभालने ही लगती है की देवा उसे पीछे से पकड़ लेता है।
देवा;कुछ चाहिए भाभी।
कौशल्या; हाँ ..नहीं छोड़ो न तुमने वादा किया था की.....
देवा का लंड कौशल्या की पतली सी साडी के ऊपर से ठीक उसके गाण्ड के सुराख़ के पास चुभने लगता है। जिससे कौशल्या के शरीर में अकडन होना शुरू हो जाती है।
देवा; कौशल्या को अपने जिस्म से कस के चिपका लेता है।
भाभी मुझे आपको करना है।
कौशल्या; ओह्ह्ह्ह करो न भैया रोका किसने है।
देवा;को यही सुनना था । वो अपने पेंट वही उतार के कौशल्या के जिस्म से साडी निकाल के उसे अपनी गोद में उठा लेता है और उसके होठो को चुमते हुए उसे उसके कमरे में ले आता है।
कौशल्या;कल रात रामु के साथ इस कमरे में चूदी थी वो चूदाई तो रामु से थी । पर हर धक्का उसे देवा की याद दिला देता था ।
देवा कौशल्या को लिटा के उसके मिठे मीठे नरम मखमली ब्रैस्ट को मुंह में लेके चुसने लगता है गलप्प भाभी। आपकी चूचियां कितनी नरम है गलप्प गलप्प्प।
कौशल्या; आहह तुम्हारे है भैया आहह पी लो सारा दूध अपनी बहन का आह्ह्ह्ह्ह।
देवा के हाथ नीचे कौशल्या की चूत पे रेंग रहे थे और मुंह उसके ब्रैस्ट को छोड़ने को तैयार नहीं था । जिसके वजह से कौशल्या की बुरी हालत थी। वो तो बस अपनी चूत में देवा का लंड लेना चाहती थी । पर देवा आज कौशल्या को पहले जी भर के पीना चाहता था उसके बाद उसे अपने लंड का पानी पीलाना चाहता था।
कौशल्या;भैया मुझे भी चाहिए।
देवा;क्या भाभी।
कौशल्या; ये।
उसका इशारा देवा के लंड की तरफ था। देवा बिना कुछ कहे कौशल्या को अपने लंड की तरफ खीच लेता है और कौशल्या देवा के खूबसूरत लंड को पहले कितनी ही देर देखती है और फिर उसे चुमते हुए अपने मुंह के अंदर ले लेती है गलप्प गलप्प।
कितनी ही देर वो देवा के लंड को नहीं छोड़ती और जब छोड़ती है तो देवा के लंड की नसे फूल के एकदम मोटी हो गई थी। खून से भरे हुए लंड की नसे देख कौशल्या की चूत डरने भी लगती है और चुदने के लिए चीखने भी लगती है।
देवा;कौशल्या को सीधा लिटा के उसके पैर खोल देता है और धीरे धीरे अपने लंड को कौशल्या की चूत में घुसाते जाता है।
कौशल्या; उईई माँ क्या है ये लंड है या कोई बांस है आह्ह्ह।
देवा;कम चिललाओगी धीरे से करुँगा ज़ोर से चिल्लाओगी उतने ज़ोर से चोदुँगा आह्ह्ह।
कौशल्या;अपने मुंह पे दोनों हाथ रख देती है जिससे उसकी आवाज़ न निकल सके पर देवा ने तो उससे मज़ाक़ किया था वो ऐसा खुंखार शिकारी था जो अपने शिकार को कभी अधूरा नहीं छोडता था । वो अपने लंड से कौशल्या की चूत को खोलता चला जाता है और कौशल्या कुछ देर बाद कुँवारी लड़की की तरह चीखने लगती है।
आह निकाल ले बाहर मर जाऊँगी मै आअह्हह्हह्हह।
देवा;बस थोडी देर भाभी आहह बस हो गया न आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह।
कौशल्या रोने लगती है उसकी चूत से पानी की धार बहने लगती है कभी कभार चुदने वाली कौशल्या आज अपने ज़िन्दगी के सबसे सुखद और दर्दनाक दौर से गुज़र रही थी । एक तरफ चूत की आग उसे और और चुदने के लिए कह रही थी और एक तरफ लंड की मार उसे चुदने से रोक रही थी
देवा;अपने मज़बूत हाथों से कौशल्या के दोनों ब्रैस्ट को पकड़ के सटा सट अपना लंड उसकी चूत में घुसाए जा रहा था।
रोते रोते कौशल्या की आवाज़ अब सिसकारियों में बदल चुकी थी उसकी चूत ने देवा के लंड को अच्छी तरह अपना ली थी वो दोनों टांगों को और खोल देती है। जिससे देवा के लंड को अंदर जाने में आसानी हो।
देवा;आहह क्या बात है भाभी अब तो चिल्ला भी नहीं रही हो।
कौशल्या;प्यार करती हूँ तुमसे और प्यार करने वाले की हर चीज़ अच्छी लगती है दर्द भी आह्ह्ह्ह्ह।
देवा;अपनी भाभी के होठो को चुमता हुआ अपने लंड को चूत की गहराइयों में उतारता चला जाता है इस बात से अन्जान की देवकी दरवाज़े के पास खड़ी सब देख रही है।