चूत से लंड टकराते ही एक चिंगारी से दोनों के बदन में दौड़ने लगती है।
ये भाई बहन की मोहब्बत की आग थी। ऐसी आग हर जगह नहीं लगती क्यूंकि ये वो आग होती है जो लगती तो बड़ी मुश्किल से है मगर जब दो बदन प्यार की आग में जलते है तो उन्हें दुनिया में किसी की भी फिकर नहीं रहती।
एक बहन अपने भाई से चुदवाने आई थी और एक भाई अपनी बहन को अपने पानी से माँ बनाना चाहता था।
देवा खडा हो जाता है और ममता अपनी चूत के अंदर दो उँगलियाँ डाल कर देवा के लंड के पास अपना चेहरा ले आती है।
देवा;धीरे से अपने लंड का सूपाडा अपनी ममता के मुँह पर टीका देता है।
ममता ;मुआअह्ह
पहले उसे चुमती है और फिर से भाई बहन के बीच की दूरियाँ ख़तम हो जाती है।
जैसे ही ममता देवा के लंड को अपने मुँह में लेकर चटखारे मारते हुए चुसने लगती है । देवा की आँखें बंद हो जाती है।
एक अजीब सा नशा उसके जिस्म में चढ़ने लगता है।
ऐसा नशा जो शराब की पूरी बोतल पी लेने पर भी न चढ़े।
ममता ;गलप्प गलप्प आह्ह्ह्ह।
मेरे भाई का लंड कितना तड़पी हूँ भाई मै इसे चाटने के लिए गलप्प गलप्प्प गलप्प्प।
मेरा लंड है ये गलप्प मेरी चूत का असली मालिक गलप्प
गलप्प्प।
देवा;आहह आह ममता एक बहन की चूत का असली रखवाली भाई नहीं उसका लंड होता है आहह चूस ले मेरी बहना हां अपने भाई के लंड का एक एक कतरा पी जा ले याह याह याह याह याह याह....
आज एक भाई एक बहन की चूत मारकर अपना फ़र्ज़ निभाएगा ।आह्ह्ह्ह
ममता;गलप्प गलप्प गलप्प।
ममता के मुँह से निकलती सिसकारियां बाहर तक आने लगती है।
देवा;अपने लंड को ममता के मुँह के अंदर तक उतारने लगता है।
गुं गुं की आवाज़ से ममता का गला लंड से भर जाता है
उससे साँस नहीं ली जाती मगर फिर भी वो लंड को बाहर नहीं निकालती बस उसे अंदर और अंदर लेती चली जाती है गलप्प गलप्प गलप्प।
मगर देवा से रहा नहीं जा रहा था वो ममता की चूत में जल्द से जल्द करना चाहता था।
ममता जब अपने मुँह से लंड नहीं निकालती तो देवा को मजबूरन अपने लंड को खीच कर बाहर निकालना पडता है।
ममता; भाई चुसने दो ना।
देवा;पहले तेरी चूत के पानी से नहा तो लेने दे इसे।
ममता अपनी दोनों टाँगें खोल देती है।
आजा मेरे राजा भइया
चढ़ जाओ अपनी बहन पर....
देवा;अपने लंड को ममता की चूत के मुहाने पर लगा कर उसके ब्रैस्ट को मुँह में लेकर ज़ोर से खाने लगता है।
निप्पल्स पर देवा के दाँतो की पकड़ ज़्यादा बढ़ जाने से और चूत के दाने पर लंड के घिसाव से ममता के मुँह से अजीब किस्म की आवाज़ें निकलने लगती है।
वो बेचैन सी हो जाती है।
उसके पति का लंड न तो इतना बड़ा था और न इतना ताक़तवर।
भाई के लंड की मार से ममता अपने कमर को ऊपर की तरफ उठाने लगती है की तभी ऊपर से देवा कमर को खीच के दबाता है और ममता की कमर दबते चली जाती है और उस कमर के साथ साथ ममता की चूत के दोनों लिप्स भी चीरते चले जाते है।
ममता;भैया मार डाला अपने आह्ह्ह्ह।
अपनी बहन की चूत पर तरस खाया आह्ह्ह्ह ना।
देवा;आहह क्या करूँ तेरी चूत ऐसी है ममता मेरा दिल आराम से नहीं करने को कहता आहह मेरी जान।
ममता ;क्या कहता है मेरे भाई का दिल।
देवा;तुझे कुतिया बना कर पीछे से तेरी गाण्ड और चूत मारता जाऊं।
ममता;मारो न भाई आपके लिए तो है मेरी चूत भी और आहह गाण्ड भी आह्ह्ह्ह।
प्रिया;नहा कर बाहर आ चुकी थी। रत्ना उसे नाश्ता देकर ममता के रूम के पास चली आती है।
रत्ना को पता चल गया था की रूम के अंदर क्या हो रहा है।
रत्ना ज़ोर से दरवाज़े को धक्का देती है और दरवाज़ा खुल जाता है।
एक पल के लिए देवा और ममता शांत हो जाते है।
मगर रत्ना को देख देवा अपनी कमर को जोर ज़ोर से आगे पीछे करने लगता है।
रत्ना;कुण्डी लगा देती है।
कमीनों तुम्हें शर्म नहीं आती।
मेहमान घर में है।
और तू छिनाल बड़ी आग लगी है तुझमें.....
ममता ; हाँ माँ बहुत आग लगी है मेरी चूत में
लो भाई अपनी कुतिया को चोदो।
ममता ; कुतिया की तरह घुम जाती है और देवा अपने लंड को पीछे से उसकी चूत में घूस्सा देता है।
दोनो ऐसी चुदाई में लगे हुए थे जैसे उन्हें कोई चिंता भी नहीं और शर्म तो पहले ही दोनों की चली गई थी।
ममता;आहह भाई मुझे छिनाल बना दिया है तुमने
जब तक रात में अपने पति से नहीं चुदाती मुझे नींद नहीं आती ना।
देवा; छिनाल तो तू है मेरी बहन।
मेरा लंड भी तडपता रहता है रात भर चूत के लिये
तू थी तो मुझे फिकर नही थी।
ये बात देवा रत्ना की तरफ देखकर कहता है।
रत्ना;चुप चाप वहां खड़ी थी।
न वो कुछ बोल पा रही थी और न कर पा रही थी।
उसे हैरानी इस बात की थी की न देवा शरमा रहा था और ना ममता को कोई चिंता थी उसकी मौजूदगी की।
ममता ;आहह माँ।
मैं मर जाऊँगी इतनी ज़ोर से मत चोदो न भइया।
आह माँ रोको न भाई को।
देवा;तेरी माँ को चोदूँ साली अब नखरे क्यों कर रही है
चोदने दे आहह।
ममता: आआआआ……ऐसे.ही…..ज़ोर से..चोदो भैया…..खूब ढीली कर दो….अपनी छोटी बहन की बुर रात दिन चोद चोद कर……आआआआ…बहुत मज़ा आ रहा है….भैया……ऐसे ही मुझे रोज पेला करो……मुझे अपने बच्चे की माँ बना दो……..अपनी.........
छोटी बहन को चोद चोद के गाभिन कर दो भैया….मुझे हर साल आप गाभिन करते रहना और मैं हर साल अपने भइया से चुदवा चुदवा कर
बियाती रहूंगी…..और ज़ोर से पेलो भैया अपनी बहन की बुर को…आआआआअ ऐसे ही…ऊऊहह
ममता ऐसे ही मज़े मे अनाप सनाप बड़बड़ाती रही….और देवा उसके दूध खूब कस कस के मसल्ते हुए हचक हचक के कभी आगे से तो कभी पीछे से, कभी खड़ी कर के तो कभी कुतिया बना कर ममता की बुर को चोदता रहा।
रत्ना को अब भी बिश्वाश नहीं हो रहा था की उसके सामने देवा और ममता ऐसी बेशर्मी से चुदाई कर रहे है।
इधर देवा पेलते पेलते ममता को पसीने में तर बतर कर देता है
उसका लंड चाबुक की तरह आगे पीछे हो रहा था एक पल के लिए वो चूत से बाहर दिखाई देता तो अगले पल वो ममता की चूत में ग़ायब हो जाता।
लगभग आधा घंटे तक देवा ममता की जम कर बुर फाड़ चुदाई करता रहा…इस दौरान वो चार पाँच बार झड गयी….आख़िर मे देवा ने भी अपने
लंड की लंबी लंबी पिचकारियाँ अपनी छोटी बहन की बुर के अंदर ही छोड़नी शुरू कर दी…साथ मे एक बार फिर से ममता झड़ते हुए देवा बुरी तरह से लिपट गयी।
रत्ना;का हाल बेहद ख़राब हो चूका था।
चुत से टिप टिप पानी बहता हुआ जांघों से नीचे ज़मीन पर गिरने लगता है।
उसकी आँखों के सामने बस चूत और लंड की लड़ाई चल रही थी।
आखीरकार बहन की चूत भाई के लंड के आगे हार मान जाती है और लंड को चूत में से निकल कर वो देवा लंड के साथ अपनी चूत साफ करने लगती है।
दोनो भाई बहन हाँफने लगते है।
इससे पहले उन्हें कभी इतना मजा नहीं आया था।
असल बात ये भी थी की रत्ना वहां मौजूद थी।
और एक माँ के सामने जब भाई और बहन चुदाई करते है वो भी अपनी माँ को नंगी नंगी गालियां देकर तो चूत से भी पानी बंद नहीं होता और लंड भी थकान महसूस नहीं करता।
ममता;अपने कपडे सँभाल कर बाथरूम में घुस जाती है।
उसके जाने के बाद रत्ना देवा की तरफ देखते हुए डांट पिसते हुए ग़ुस्से में कहती है।
रत्ना;इस तरह का नंगा नाच मुझे मेरे घर में नहीं चाहिए देवा।
देवा;नंगा अपनी माँ के सामने खड़ा था।
वो रत्ना का हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खीच लेता है।
रत्ना;पुरी तरह देवा से चिपक जाती है।
देवा;क्या करूँ माँ तेरी बेटी की चूत इतनी गरम थी की मै खुद को रोक नहीं पाया।
रत्ना'; छोड मुझे हरामी कहीं का।
तूम दोनों का मै क्या करूँ समझ नहीं आता मुझे।
देवा;अपना एक हाथ रत्ना की सलवार पर रख कर कुछ देखने लगता है।