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हिम्मत ने पहली बार इतनी छोटी चूत इतनी नजदीक से देखी थी। उसकी बुर पर हल्के हल्के सुनहरे बाल आए हुए थे। उसकी बुर देखकर तो हिम्मत का दिल खुश हो गया।
वो हिम्मत का लंड को देखकर बोली- अंकल, ये तो बहुत बड़ा है।
हिम्मत ने उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रखा और बोला- अब ले … इसे छू कर भी देख और बता कैसा है ये?
उसने लंड को अपने हाथ में पकड़ा और बोली- अंकल ये तो बहुत गर्म है।
हिम्मत: हां, ऐसे ही तेरी भी तो गर्म है यह देख न।
यह कहकर हिम्मत ने उसकी चूत पर हाथ रख दिया. हिम्मत के हाथ का स्पर्श पाकर वो जरा सिहर सी उठी। लेकिन हिम्मत ने उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया। उसकी चूत के दाने को रगड़ने लगा। उसकी आह निकलने लगी।
हिम्मत ने उसके हाथ का दबाव अपने लंड पर बनाते हुए कहा: अब ऐसे तुम भी आगे पीछे करो।
वो हिम्मत के लंड की मुठ मारने लगी औऱ हिम्मत उसका दाना सहलाने लगा। धीरे धीरे वो गीली होने लगी। उसकी आंखें लाल होने लगीं।
हिम्मत ने उससे कहा- मजा आ रहा है ना!
सरिता: हां अंकल बहुत मजा आ रहा है … और करो।
हिम्मत: रुक … फिर तुझे और मजा देता हूं … तू बिस्तर पर टांगें फैला कर लेट जा।
सरिता लेट गयी, अब उसकी चिकनी चूत हिम्मत के सामने थी। हिम्मत ने झुक कर अपना चेहरा उसके पास किया तो उसमें से साबुन की खुशबू आ रही थी।
हिम्मत ने उससे पूछा- अभी नहा कर आई हो?
तो उसने कहा- हाँ अंकल, बस नहा कर सीधे आपके पास आई हूँ।
हिम्मत ने उसकी अनछुई चूत पर अपनी जीभ लगा दी और उसे चाटने लगा। वो तो उछलने लगी। उसे और ज्यादा मजा देने के लिए हिम्मत उसके संतरे भी निचोड़ने लगा।
वो सिसकारी लेने लगी- आहह अंकल बहुत मजा आ रहा है … और जोर से चाटिए न. मेरे दूध भी आराम से दबाइए ना … मुझे दर्द हो रहा है … आह हहहह … क्या कर दिया आपने अंकल … बहुत अच्छा लग रहा है।
थोड़ी देर बुर चाटने के बाद ही उसका बुरा हाल था। वो अपनी चूत को बार बार उठाते हुए हिम्मत के मुँह पर दबा रही थी। कुछ ही देर में वो हिम्मत के मुँह में झड़ गयी।
वो हिम्मत का लंड को देखकर बोली- अंकल, ये तो बहुत बड़ा है।
हिम्मत ने उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रखा और बोला- अब ले … इसे छू कर भी देख और बता कैसा है ये?
उसने लंड को अपने हाथ में पकड़ा और बोली- अंकल ये तो बहुत गर्म है।
हिम्मत: हां, ऐसे ही तेरी भी तो गर्म है यह देख न।
यह कहकर हिम्मत ने उसकी चूत पर हाथ रख दिया. हिम्मत के हाथ का स्पर्श पाकर वो जरा सिहर सी उठी। लेकिन हिम्मत ने उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया। उसकी चूत के दाने को रगड़ने लगा। उसकी आह निकलने लगी।
हिम्मत ने उसके हाथ का दबाव अपने लंड पर बनाते हुए कहा: अब ऐसे तुम भी आगे पीछे करो।
वो हिम्मत के लंड की मुठ मारने लगी औऱ हिम्मत उसका दाना सहलाने लगा। धीरे धीरे वो गीली होने लगी। उसकी आंखें लाल होने लगीं।
हिम्मत ने उससे कहा- मजा आ रहा है ना!
सरिता: हां अंकल बहुत मजा आ रहा है … और करो।
हिम्मत: रुक … फिर तुझे और मजा देता हूं … तू बिस्तर पर टांगें फैला कर लेट जा।
सरिता लेट गयी, अब उसकी चिकनी चूत हिम्मत के सामने थी। हिम्मत ने झुक कर अपना चेहरा उसके पास किया तो उसमें से साबुन की खुशबू आ रही थी।
हिम्मत ने उससे पूछा- अभी नहा कर आई हो?
तो उसने कहा- हाँ अंकल, बस नहा कर सीधे आपके पास आई हूँ।
हिम्मत ने उसकी अनछुई चूत पर अपनी जीभ लगा दी और उसे चाटने लगा। वो तो उछलने लगी। उसे और ज्यादा मजा देने के लिए हिम्मत उसके संतरे भी निचोड़ने लगा।
वो सिसकारी लेने लगी- आहह अंकल बहुत मजा आ रहा है … और जोर से चाटिए न. मेरे दूध भी आराम से दबाइए ना … मुझे दर्द हो रहा है … आह हहहह … क्या कर दिया आपने अंकल … बहुत अच्छा लग रहा है।
थोड़ी देर बुर चाटने के बाद ही उसका बुरा हाल था। वो अपनी चूत को बार बार उठाते हुए हिम्मत के मुँह पर दबा रही थी। कुछ ही देर में वो हिम्मत के मुँह में झड़ गयी।