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होता है जो वो हो जाने दो complete

राहुल खुश था क्योंकि उसके प्लान का पहला चरण सफल हो चुका था वह आज जानबूझकर स्कूल नहीं गया था। राहुल अपनी मां को तोहफे में वीनीत से छुटकारा देना चाहता था। राहुल के लिए अब उसकी मां ही सब कुछ थी क्योंकि राहुल खुद अपनी मां की खूबसूरती का दीवाना हो चुका था अपनी मां के आगे उसे कोई भी औरत पानी भर्ती नजर आती थी। इसलिए वह नहीं चाहता था कि उसकी मां किसी और के भी साथ उस तरह के संबंध रखें जिस तरह के संबंध ऊसके साथ थै। इतना कुछ हो जानें के बाद भी राहुल के लिए सुकून वाली बात यह थी कि विनीत से जो उसकी मां के संबंध स्थापित हो चुके थे वह एक हादसा था उसके बाद से वह वीनीत से नफरत करने लगी थी। राहुल के लिए अच्छी बात यह भी थी कि पहले से ही उसकी मां ने राहुल के साथ शारीरिक संबंध बना लिए थे और दोनों के बीच की सारी मर्यादाएं टूट चुकी थी। इसलिए अलका की जरूरत, सारी जिस्मानी चाहते राहुल से ही पूरी होने लगी थी इसलिए उसे बाहर किसी और का सहारा लेना नहीं पड़ता था। राहुल यह भी अच्छी तरह से जानता था कि ऊसकी मां बेहद खूबसूरत और भरे हुए बदन की मालकिन है जिस की तरफ कोई भी मर्द ललचाई आंखों से हमेशा घूरता रहता है। अगर वह खुद अपनी मां को चोदकर उसे शारीरिक सुख नहीं देता तो जरूर वीनीत के साथ जो संबंध मजबूरी में बन गए थे वह संबंध आगे चलकर और भी ज्यादा मजबूत होते जाते। इसलिए घर में ही शारीरिक सुख भोगने की सुविधा उपलब्ध होने की वजह से अलका विनीत के साथ संबंधों को आगे बढ़ाना नहीं चाहती थी। विनीत के साथ उस संबंध को लेकर वह इस समय पीड़ादायक जिंदगी जी रही थी। जिससे राहुल को अपनी मां को ऊबारना था।

इसके लिए राहुल को बहुत ही सोच समझकर बड़ी चालाकी से कदम आगे बढ़ाना था जिसमें वह अपना एक कदम बढ़ा भी चुका था।

कुछ देर बाद राहुल विनीत के घर के बाहर खड़ा था दरवाजे पर पहुंचते ही वह डोर बेल बजा दिया। कुछ सेकंड बाद ही दरवाजा खुला तो सामने का नजारा देखकर राहुल का बदन उत्तेजना में झनझना गया। विनीत की भाभी एकदम तैयार होकर खड़ी थी पीली साड़ी में उसका गोरा बदन सोने की तरह चमक रहा था चेहरे पर शर्मो हया की लाली साफ नजर आ रही थी गीले बालों मे से आती मादक खुशबू वातावरण को उन्मादित कर रही थी। राहुल की नजर पूरे बदन से ऊपर से नीचे तक गुजरते हुए उसकी छातियों पर ही टिक गई, क्योंकि लो कट ब्लाउज के उसके आधे से भी ज्यादा चूचियां बाहर को झांक रही थी। जिसके बीच की पतली दरार बड़ी ही मोहक उत्तेजनात्मक लग रही थी।

राहुल तो बुत बना उसकी खूबसूरती और उसके काम के भजन को देखता ही रह गया राहुल को तो विनीत की भाभी पहले से ही खूबसूरत और सेक्सी लगती थी लेकिन आज की बात कुछ और थी आज वह कुछ ज्यादा ही खूबसूरत लग रही थी उसके बदन से एक अजीब सी मादक खुशबू रही थी जो राहुल के नथुनों से होकर के उसके सीने में अजीब सी हरकत पैदा कर रही थी। राहुल के लंड में तनाव की स्थिति पैदा होने लगी थी विनीत की भाभी राहुल के मनोस्थिति को अच्छी तरह से भांप चुकी थी। वह राहुल की स्थिति को देखकर हंसते हुए बोली।

क्या हुआ राहुल ऐसे क्यों देख रहे हो क्या पहले मुझे नहीं देखे हो क्या और अंदर आ जाओ कि ऐसे ही दरवाजे पर सिर्फ खड़े रहोगे।

( उसकी बात सुनते ही जैसे वह नींद से जगा हो इस तरह से हड़बड़ाते हुए बोला।)

ककककक..... कुछ नहीं भाभी आज तो तुम वाकई में आसमान से उतरी कोई परी लग रही हो।

चल अब बातें मत बना। अब अंदर आ जा। ( राहुल कमरे में प्रवेश करते हुए दरवाजे को बंद किया लेकिन उसे हल्का सा खुला ही रहने दिया विनीत की बाकी दो चार कदम उससे आगे ही थी इसलिए उसे कुछ पता नहीं चला। वीनीत की भाभी सीधे अपने कमरे की तरफ जाने लगी और राहुल को भी पीछे पीछे आने को बोली राहुल विनीत की भाभी की लटकती हुई गांड को देखते-देखते उसके पीछे जाने लगा। राहुल को विनीत की भाभी का भी आकर्षण खूब था उसकी बड़ी बड़ी चुचीयां ऊसे खुब भाती थी। वीनीत की भाभी अपने कमरे में प्रवेश कर गई और पीछे पीछे राहुल भी कमरे में घुस गया कमरे में घुसते ही विनीत की भाभी ने ड्रोवर खोलकर उस में से एक नोटों की गड्डी निकाली और उसे विनीत को थमाते हुए बोली ।

यह लो राहुल इसे रख लो बार-बार पैसा देना मुझे अच्छा नहीं लगता बार-बार पैसा देने से ऐसा लगता है कि जैसे मैं कोई धंधा कर रही हूं । (इतना कहकर वह हंसने लगी, विनीत तो सौ सौ के नोटों की गड्डी देखकर चौंक गया। जितना वीनीत की भाभी दे रही थी वह इतना पैसा नहीं मांगा था लेकिन विनीत की भाभी उसे बिना मांगे ही दे रही थी , इसलिए वह पैसा लेने में हिचकिचा रहा था। विनीत की भाभी उसकी हिचकिचाहट को जान गई और उसकी हिचकिचाहट को दूर करते हुए बोली।

रख लो राहुल या मैं तुम्हें ऐसे ही नहीं दे रही हूं बल्कि यह तो तुम्हारे मेहनत के पैसे हैं।

भाभी आप बहुत अच्छी हो( उसके हाथ से पैसे को थामते हुए राहुलबोला।)

तभी अचानक विनीत की भाभी के कंधे से उसका आंचल नीचे लुढ़क गया, जिससे उसकी बड़ी बड़ी छातियों राहुल की आंखों के सामने उजागर हो गई जिसकी विशालता को देखकर राहुल की आंखें फटी की फटी रह गई। ऐसा नहीं था कि राहुल विनीत की भाभी की खुली छातियों को पहली बार देख रहा हूं इससे पहले भी वह बहुत बार देख चुका था। लेकिन कुछ दिनों से उसकी नज़रों ने ऐसे नजारे बिल्कुल भी नहीं देख पाए थे। या यूं कह दो कि राहुल को अपनी आंखें सीखने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिला था। इसलिए तो आज विनीत की भाभी की विशाल छातीयों को देख कर उसकी आंखों में चुदास की चमक साफ साफ नजर आने लगी। उसका चेहरा देख कर विनीत की भाभी के चेहरे पर मुस्कान फैल गई। वह अपने आंचल को फिर से कंधे पर डालते हुए मुस्कुरा कर बोली।

तुम तो बहुत जल्दी गर्म हो जाते हो।

क्या करूं भाभी तुम्हें देखते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता है । ( इतना कहने के साथ ही वह आगे बढ़कर विनीत की भाभी को अपनी बाहों में भरने लगा था कि तभी वीनीत की भाभी पीछे हटते हुए बोली।)

अरे इतनी भी क्या जल्दी है मेरी जान अपने पास तो अभी बहुत समय है इस लिए थोड़ा सब्र करो। ( लेकिन शायद राहुल के लिए सब्र करना बड़ा मुश्किल हुए जा रहा था क्योंकि कुछ दिनों से उसकी भी जिस्मानी भूख बढ़ चुकी थी। कुछ दिनों से उसके लंड ने बुर का स्वाद नहीं चखा था। इसलिए उसकी कदर नहीं हुआ और वह आगे बढ़ कर जबरदस्ती मिनट की भाभी को अपनी बाहों में भर लिया और उसे अपनी बाहों में भरे हुए ही नीचे की तरफ झुकते हुए ऊसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसके ब्लाउज के बटन को खोलते हुए बोला।)

क्या करूं मेरी जान मुझसे भी कंट्रोल नहीं हो रहा है तुम्हें देखते ही मुझे ना जाने क्या होने लगता है तुम्हारी बड़ी बड़ी चूचियां मुझे पागल कर देती है । (इतना कहने के साथ ही वह झट से ब्लाउज का आखरी बटन भी खोल दिया , विनीत की भाभी राहुल की इस हरकत से और उसकी जल्दबाजी को देख कर खिल खिलाकर हसने लगी थी। राहुल का ऊतावलापन देख कर उसे भी अच्छा लग रहा था। ब्लाउज के खुलते ही ब्लैक रंग की ब्रा जिसमें विनीत की भाभी की बड़ी बड़ी चूचियां बड़ी मुश्किल से समा रही थी, उसे ब्रा के ऊपर से ही पकड़ कर जोर जोर से दबाने लगा। आज राहुल विनीत की भाभी का पूरी तरह से मजा लेने के मूड में था। आज वह वीनीत की भाभी को एकदम से मस्त कर देना चाहता था। और आज यही सोच कर वह इधर आया भी था। बड़ी बड़ी चुचियों को ब्रा के ऊपर से मसलने में उसे उतना मजा नहीं आ रहा था, इसलिए वह नीचे से ब्रा को पकड़कर ऊपर की तरफ खींच दिया जिससे विनीत की भाभी की दोनो चुचीयां आजाद हो गई। चूची के दूधिया रंग को देखकर राहुल एक दम से पागल हो गया और वह अपनी हथेली में दोनो चुचियों को भरते हुए अपने होंठ को विनीत की भाभी के गुलाबी होठ पर रख दिया। अपने होंठ पर राहुल के होंठ का स्पर्श होते ही वीनीत की भाभी उत्तेजना से भर गई उसका पूरा बदन अजीब के सुख की अनुभूति करके गंनगना गया। राहुल पागलों की तरह विनीत की भाभी के दोनो चुचियों को अपने दोनों हथेली में भरकर दबाते हुए उसके गुलाबी होठों का रस चूस रहा था। राहुल कामोतेजना से भर चुका था। वीनीत की भाभी भी राहुल की इस हरकत से उत्तेजित हो चुकी थी उसका चेहरा सुर्ख लाल होने लगा था।

राहुल उसके गुलाबी होठों को चुसता हुआ एक हाथ नीचे ले जाकर उसकी साड़ी को ऊपर की तरफ सरका ने लगा कि तभी विनीत की भाभी ने उसका हाथ पकड़ते हुए बोली।

ओहहहह राहुल तूने मुझे एकदम चुदवासी कर दिया है।

लेकिन अभी थोड़ा सब्र कर मुझे बहुत जोरों से पेशाब लगी है मुझे बाथरुम जाना है। ( वह राहुल को रोकते हुए बोली। विनीत की भाभी के मुंह से पेशाब करने वाली बात सुनकर राहुल का लंड ठुनकी मारने लगा। वह भी बड़े ही उत्तेजनात्मक स्वर में बोला।)

भाभी मुझे भी पेशाब लगी है चलो मैं भी चलता हूं।

 
राहुल के भी साथ चलने की बात से विनीत की भाभी के लिए उत्सुक का बढ़ गई साथ में पेशाब करने की बात को सोचकर ही उत्तेजना के मारे उसकी बुर फुलने पिचकने लगी। विनीत की भाभी के इनकार करने का सवाल ही नहीं उठता था क्योंकि उसके बदन में भी पेशाब करने वाली बात से रोमांच उठ रहा था। विनीत की भाभी उत्तेजना से भर चुकी थी इसके लिए उसके होंठों से एक भी शब्द निकल नहीं पाई और वह बस रूम से आते है बाथरूम का दरवाजा खोलकर बाथरूम में घुस गई और उसके पीछे पीछे राहुल भी बाथरुम का दरवाजा बंद करने की कोई जरूरत नहीं थी क्योंकि घर में वह दोनों के सिवा तीसरा कोई नहीं था। विनीत की भाभी बड़ी ही कामुक महिला थे इसलिए निसंकोच होकर वहां खड़ी हो गई राहुल की तो हालत खराब हो रही थी विनीत की भाभी जी कहां से खरीदे बहुत ही उत्तेजनात्मक तरीके से खड़ी थी। वीनीत की भाभी एकदम सीधी खड़ी थी और उसने अपनी छातियों वाला भाग आगे की तरफ निकाली हुई थी और कमर के नीचे का संपूर्ण नितंब वाला भाग बाहर की तरफ उभार कर खड़ी थी। उसका ब्लाउज का बटन खुला होने से और ब्रा ऊपर की तरफ खींची होने की वजह से उसकी बड़ी बड़ी और नुकीली चुचीया साफ नजर आ रही थी।

भरावदार गांड अपने उन्मादक रंग में राहुल को पूरी तरह से रंग रही थी। राहुल उत्तेजना से सराबोर हो चुका था उसके पैंट में तंबू तन चुका था। विनीत की भाभी धीरे से अपने दोनों हाथों से जांघों की तरफ से साड़ी को पकड़ी और कामुक नजरों से राहुल की तरफ देखते हुए धीरे-धीरे साड़ी को ऊपर की तरफ सरकाने लगी। साड़ी ऊपर की तरफ सरकाने की अदा बड़ी ही कातील थी जिसे देखकर राहुल से रहा नही जा रहा था। वह पेंट के ऊपर से ही अपने खड़े लंड को सहलाने लगा उसको अपना लंड सहलाते हुए विनीत की भाभी बखूबी देख रही थी। धीरे धीरे विनीत की भाभी ने अपनी साड़ी को घुटनों तक उठा दे गोरी गोरी टांगे देख कर राहुल के लंड अंगड़ाई लेना शुरु कर दिया था।

दोनों के बीच कोई भी वार्तालाप नहीं हो रही थी बस दोनों एक दूसरे को देखकर उत्तेजित हुए जा रहे थे, राहुल की हालत पल पल खराब हो रही थी। कुछ दिनों से जिस्मानी तौर पर वह भूखा था औरत का बदन स्पर्श करने तक को उसे नहीं मिला था। इसलिए इतना ज्यादा उत्तेजित होना उसके लिए स्वाभाविक था। अगले ही पल विनीत की भाभी ने अपनी साड़ी को धीरे धीरे करके पूरी तरह से कमर तक उठा दी , कमर के नीचे का भाग संपूर्ण रूप से नग्न हो चुका था ,केवल पैंटी ही थी जो की ऊसकी नग्नता को कुछ हद तक ढंके हुए थी ।

कुछ हद तक क्या पेंटिंग के अंदर ही तो दुनिया का सबसे बेशकीमती खजाना छिपा हुआ था। जिसे विनीत की भाभी ने देखते ही देखते उसे भी अपनी जांघो तक सरका दी। ऊफ्फफफ...... क्या नजारा देखने को मिल रहा था। राहुल को यह नजारा देख कर इस बात का डर लग रहा था कि कहीं उसका लंड पानी ना छोड़ दे। विनीत की भाभी की भरावदार गोरी गोरी गांड गजब का कहर ढा रही थी। विनीत की भाभी अच्छी तरह से जान रही थी कि इस वक्त राहुल के ऊपर क्या बीत रही थी राहुल उत्तेजना के परम शिखर तक पहुंच चुका था।

डिलीट की भाभी राहुल की उत्तेजना को और ज्यादा बढ़ाते हुए एक हाथ से साड़ी को पकड़कर दूसरे हाथ की हथेली को अपनी बुर पर रखकर उसे मसलने लगीं यह देखकर राहुल के मुंह से सिसकारी छूट गई।

विनीत की भाभी एक हाथ से अपनी बुर को मसलते हुए बोली ।

ओहहहहह राहुल मुझे बहुत जोरो से पिसाब लगी है।( विनीत की भाभी मादक स्वर में बोली।)

ओ मेरी प्यारी भाभी ( लंड को मसलते हुए) तो मुतो ना मे भी तो तड़प रहा हुं तुम्हें पेशाब करते हुए देखने के लिए।

सच

हां भाभी कसम से तुम्हें पेशाब करते हुए देखकर मुझे ना जाने क्या होने लगता है मेरे बदन में झनझनाहट सी फैल जाती है।

लेकिन तूने कब मुझे पेशाब करते हुए देखा है? ( बुर को मसलते हुए बोली।)

भाभी पहली बार जब तुम मुझसे चुदवाई थी और बाथरूम में जाकर पेशाब कर रही थी तब शायद तुमने दरवाजा बंद करना भूल गई थी और मैंने तुम्हें पेशाब करते हुए देख लिया था। सच कहूं तो भाभी तुम्हारी बड़ी-बड़ी गांड और तुम्हारी बुर सें सीटी की आवाज को सुनकर तो ऐसा लगने लगता है की तुम्हारी बुर में लंड डाले बिना ही पानी निकल जाएगा।

तू बहुत शरारती है मुझे पता भी नहीं चला कि तु मुझे पेशाब करते हुए देख रहा है। ( वीनीत की भाभी उसी तरह से अपनी बुर को मसलते हुए बोली, और फिर अपनी गांड को बाहर की तरफ थोड़ा और ज्यादा उभारते हुए पेशाब करने के लिए नीचे बैठने लगी । राहुल उसे बड़ी ही उत्सुकता से देख रहा था उसे पता था कि कुछ ही देर में भूल से निकलने वाली बांसुरी से भी मधुर सीटी की आवाज उसके कानों में पड़ने वाली है इसलिए उसके बारे में सोचकर ही उसके बदन में रोमांच सा फेल रहा था। राहुल के देखते ही देखते वह नीचे बैठ गई उसकी सारी कमर तक उठी हुई थी।जिससे उसकी भरपूर गांड पूरी तरह से नज़र आ रही थी । तभी कुछ सेकंड बाद ही राहुल के कानों में बुर से निकल रही पेशाब के साथ मधुर सीटी की आवाज भी सुनाई देने लगी। बुर से आ रही सीटी की आवाज को सुनकर राहुल का रोम-रोम झनझना ऊठा। भाभी की बुर से निकल रही पेशाब की तेज धार राहुल को साफ साफ नजर आ रही थी जोकि सामने की दीवार में लगी टाइल्स पर ठोकरे लगा रही थी । विनीत की भाभी भी उत्तेजना के भरोसे तेरे वह राहुल को देखते हुए कामोत्तेजित होकर अपने दांतो से ही अपने गुलाबी होठों को काट रही थी। राहुल तो यह नजारा देख कर एक दम से पागल हो गया था ऐसा नहीं था कि किसी औरत को पेशाब करते हुए वह पहली बार देख रहा हो, इससे पहले भी उसने पेशाब करते हुए औरतों को देख चुका था पहली बार इस नजारे का दर्शन नीलू ने हीं करवाई थी। जिसे देख कर पहली बार उसके मन में कामवासना जागी थी और फिर अपनी मां को भी पेशाब करते हुए नग्नावस्था में देख चुका था जिसने उसके दिलो दीमाग मे काम का ऐसा पर चढ़ाया की अब तक नहीं उतर रहा है विनीत की भाभी को तो वह देख ही चुका था और दोबारा देखकर कामोत्तेजित हो चुका था।

उसके पैंट में अच्छा खासा तंबू बन चुका था जिस पर विनीत की भाभी की बरा बर नज़र बैठी हुई थी। बुर से सीटी की आवाज लगातार आ रही थी राहुल से रहा नहीं गया और उसने अपनी जेब से मोबाइल निकाला और दिनेश की भाभी को पेशाब करते हुए रिकॉर्ड करने लगा यह देख कर वीनीत की भांभी पेशाब करते हुए बोली।

यह क्या कर रहा है राहुल ऐसा मत कर एैसे भी कोई रिकॉर्ड करता है क्या?

करने दो ना भाभी तुमसे एक पल भी मैं अगर दूर रहता हूं तो मुझसे रहा नहीं जाता है और वह तुम्हारा ही ख्याल आता है अगर ऐसा नजारा मेरे पास रहेगा तो मेरा मन तड़पेगा नहीं बल्कि तुम्हारे इस नजारे को देख कर मैं खुद ही अपने लंड को हिलाकर पानी निकाल दूंगा।( राहुल रिकॉर्ड करते हुए बोला और एक हाथ से खुद ही अपने पेंट की बटन खोलने लगा। राहुल की यह बात सुनकर वह मुस्कुराने लगी और मुस्कुराते हुए बोली।)

तू बहुत बदमाश है ला इधर ला मैं तेरी पेंट की बटन खोल दुं। ( इतना कहने के साथ ही राहुल विनीत की भाभी के करीब आ गया और दिनेश की भाभी अपने नाजुक नाजुक उंगलियों का सहारा लेकर राहुल की पेंट के बटन को खोलने लगे और अगले ही पल फुर्ती दिखाते हुए विनीत की भाभी ने पेंट के बटन को खोलकर तुरंत उसे घुटनों तक सरका दी। टनटनाया हुआ लंड देखकर ऊसकी बुर मे मदन रस भर गया। वीनीत की भाभी भी कुछ दिनों से प्यासी थी। उससे देखा नहीं गया और उसने तुरंत लंड को पकड़ कर हिलाने लगी यह देखकर राहुल की भी उत्तेजना बढ़ गई और वह सारे नजारे को अपने मोबाइल में कैद करने लगा बड़ा ही मोहक दृश्य लग रहा था। वीनीत की भाभी लगातार पेशाब किए जा रही थी। तभी राहुल के दिमाग में कुछ सुझा ओर वह रिकॉर्ड करते हुए बोला।

भाभी जल्दी से खड़ी हो जाओ।( राहुल इतनी उत्साहजनक है शब्दों में बोला था कि विनीत की भाभी को कुछ पता ही नहीं चला और वह पूछते हुए बोली।)

क्यों क्या हुआ?

अरे पहले खड़ी तो हो जाओ मैं बताता हूं ना।

रुक जाओ पूरी तरह से पेशाब कर लूं।

नहीं नहीं भाभी पेशाब मत करो रोक के रखो मैं बताता हूं तुम्हें क्या करना है।

( राहुल की यह बात भी नहीं की भाभी के तो पहले ही नहीं पड़ रही थी कि आखिर वह करना क्या चाहता है लेकिन फिर भी थक हारकर वह खड़ी होने लगी तो वह फिर से बीच में बोल पड़ा।)

एैसे नही भाभी साड़ी को ऊठाए ही रहो।

( वीनीत की भाभी को राहुल की बातें बिल्कुल भी समझ में नहीं आ रही थी लेकिन फिर भी वह खड़ी हो गई। और राहुल यह खाते में मोबाइल लिए सारे नजारे को कैद करता हुआ दूसरे हाथ से अपने लंड को पकड़ कर मुठीयाते हुए बोला।)

अोहहहहहह....भाभी,ईस तरह से साड़ी ऊठाए हुए कीतनी सेक्सी लगती हो।

( राहुल की बात सुनते ही वह मुुस्कुराने लगी ओर बोली )

यह सब छोड़ो अब करना क्या है?

कुछ नहीं भाभी बस अब तुम अपने पेशाब की धार मेरे लंड पर मारो।

( राहुल की यह बात सुनते ही विनीत की भांभी का बदन उत्तेजना से भर गया उसे यकीन नहीं हो रहा था कि राहुल यह बात कह रहा है। लेकिन जो उसके कानो ने सुना उसे सुनते ही वीनीत की भाभी की उत्तेजना परम शिखर पर पहुंच गई। वह कुछ समझ पाती इससे पहले ही राहुल फिर बोला।

देर मत करो भाभी अब जल्दी से मेरे लंड के ऊपर मूतना शुरू कर दो।

( वीनीत की भाभी तो उत्तेजना में सरो बोर हो चुकी थी उसकी बुर फूलने पिचकने लगी थी। और उसने थोड़ा सा राहुल की तरफ घुमकर अपनी बुर के गुलाबी पत्तियों के बीच से पेशाब की तेज धार राहुल के लंड पर मारने लगी । बुर से निकलती हुई पेशाब की तेज धार राहुल के लंड पर पड़ रही थी तो राहुल से भी रहा नही गया और वह भी मुतना शुरु कर दीया। एक साथ दोनों पेशाब कर रहे थे। विनीत के भाभी को तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था लेकिन जोभी वह कर रही थी वैसा करने में उसे बेहद आनंद की प्राप्ति हो रही थी।रहरहकर उसका बदन झनझन इस बात पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं हो रहा था कि वह राहुल के खड़े लंड पर पेशाब कर रही हे

और राहुल यही चाहता भी था वह आज विनीत की भाभी के साथ खूब मस्ती करना चाहता था और उसे दिल बेहद मस्ती देना चाहता था जिसमें वह कामयाब भी होता जा रहा था। विनीत की भाभी तो आज एक नए सुख का अनुभव कर रही थी। वह उत्तेजना के मारे पेशाब करती हुए ही अपनी बुर को हथेली से मसल रही थी। राहुल भी कम उत्तेजना का एहसास नहीं कर रहा था बल्कि उसे भी बहुत ज्यादा उत्तेजना का एहसास हो रहा था। भाभी के पेशाब की तेजधार लंड पर पड़ते ही उसे ऐसा लगने लगा था कि उसके लंड की लंबाई और मोटाई कुछ ज्यादा ही बढ़ गई थी। इसलिए तो उसे और ज्यादा मजा आ रहा था।

ओहहहह ....भाभी बहुत मजा आ रहा है।

सससससससहहहह..आहहहहहहहहह.....राहुल मुझे भी बहुत मजा आ रहा है मैंने आज तक ऐसा आनंददायक अनुभव नहीं ली हुं। ( वीनीत की भाभी सिसकारी लेते हुए बोली। मजा दोनों को बेहद आ रहा था राहुल पूरे दृश्य की रिकॉर्डिंग अपने मोबाइल में कर रहा था। दोनों यही सोच रहे थे कि कुछ देर तक और पेशाब की धार चलती रहेैं लेकिन पेशाब थी तो खत्म तो होना ही था। आखिरकार दोनों पेशाब कर चुके थे।

राहुल विनीत की भाभी से पहले ही बॉथरुम से बाहर आ गया। और बाहर आते ही सबसे पहले उसने हल्का सा खिड़की को खोल दिया ।

 
राहुल अपना प्लान आगे बढ़ा रहा था खिड़की को हल्की सी खोल देने के बाद वह तुरंत आकर बेड पर बैठ गया तब तक विनीत की भाभी भी बाथरुम से बाहर आ गई उसके चेहरे पर संतुष्टि भरी मूत्रत्याग का सुखद एहसास साफ साफ नजर आ रहा था। आज से पहले उसने कभी भी इस तरह से रोमांच से भरा हुआ मूत्रत्याग नहीं की थी।

बाथरुम से बाहर आ करके अपनी कमर पर हाथ रख कर वह राहुल की तरफ देखने लगी जोकि अपना शर्ट के बटन को खोल रहा था। वीनीत की भाभी कि दोनों चूचियां अभी भी नंगी थी। बड़ी ही कामुक अदा लग रही थी वीनीत की भाभी की । राहुल अपनी शर्ट को उतार चुका था अपनी पैंट को भी उतारता इससे पहले ही वह विनीत की भाभी के छातियों के उतार चढ़ाव को देखकर उत्तेजित हो गया और उससे रहा नहीं गया, वह पलंग पर से उठा और उठते ही सीधे एक हाथ विनीत की भाभी की कमर में डालकर अपने बदन से सटाते हुए अपने मुंह को उसकी बड़ी-बड़ी चुचियों पर टिका दिया।

विनीत की भाभी राहुल की इस हरकत पर भी एकदम से गनंगना गई, उसे यह महसूस होने लगा था कि राहुल आज कुछ ज्यादा ही उसे अपना दीवाना बनाए जा रहा था क्योंकि हर एक अदा में वह विनीत की भाभी को पूरी तरह से उत्तेजित कर दे रहा था।

राहुल तो पागलों की तरह उसकी चूचियों को पीना शुरु कर दिया, कभी वह दांई चुची को पकड़ता तो कभी बांई तो कभी उसकी तनी हुई निप्पल को दांतो से दबाकर खींचता। राहुल एकदम पागलों की तरह हरकत कर रहा था और इन हरकत में विनीत की भाभी को बेहद आनंद की प्राप्ति हो रही थी। वह भी राहुल के सिर को पकड़कर अपनी चुचियों पर ही दबाने लगती तो कभी उसकी पीठ पर अपनी हथेली को मसलती। दोनों वासना की आग में तपने लगे थे दोनों के जिस्म में चुदास की लहर बढ़ती जा रही थी। इसे रोक पाना दोनों के लिए मुश्किल ही नहीं नामुमकिन था । राहुल ने विनीत की भाभी की बड़ी बड़ी चुचियों को चूस चूस कर कश्मीरी सेव की तरह लाल कर दिया था और इस चुची चुसाई में राहुल के साथ साथ विनीत की भाभी को बहुत मजा आ रहा था उसके मुंह से लगातार गरम सिसकारी निकल रही थी।

ससससहहहहहह....आहहहहहहहह....ऊहहहहहहहह...राहुल...ऊमममममम.... बहुत मस्ती के साथ चुसता है रे तू,स्स्सहहहहहहहहह.... पागल कर दिया है रे तूने। तु जैसे चूस रहा है उस तरह से आज तक किसी ने नही चुसा। ऊफ्फ्फ .... ऐसा लगता है कि तेरी चुसाई से मेरी चूचियां और ज्यादा बड़ी हो गई है। बस ऐसे ही दबा दबा कर चूसता रहे। आाहहहहहहहह.....राहुल....ऊममममममम......

( विनीत की भाभी गरम पिचकारी लेते हुए अपने हिसाब से अपने गुलाबी होंठ को कांटे जा रही थी और राहुल को अपनी मस्त बातों के द्वारा उकसाए जा रहे थी । राहुल तो पहले से ही विनीत की भाभी की खूबसूरती और उसकी बड़ी बड़ी चूचियां देखते ही मस्त हो चुका था और उन चूचियों को मुंह में भर कर पीते हुए ऊसकी संगेमरमरी समान चिकनी पीठ से लेकर पुरे बदन पर अपनी हथेली फीराकर आनंद लेनेलगा। धीरे-धीरे उसकी हथेली नीचे की तरफ बढ़ने लगी और उसने विनीत की भाभी की साड़ी को हथेली से पकड़कर ऊपर की तरफ सरकाने लगा। राहुल का सब्र का बांध टूटता जा रहा था और तोड़ता भी क्यों नहीं आखिरकार कुछ दिनों से कुछ करने का मोका जो नहीं मिला था और जब आज मौका मिला था तो इस मौके का पूरी तरह से वह फायदा उठाना चाहता था। विनीत की भाभी की मस्ती सातवें आसमान तक पहुंच चुकी थी उसकी गर्म गर्म सांसे सिस्कारियों के साथ पूरे कमरे में गूंज रही थी।

राहुल धीरे-धीरे करके उसकी साड़ी को कमर पर फिर से उठा दिया और सारी को उठाते हैं अपने हाथ को उसकी पैंटी में डाल कर, बुर पर रख दिया, बुर पर हथेली पड़ते ही राहुल के मुंह से आहहहहह निकल गई क्योंकि मारे उत्तेजना के उसकीे बुर गरम रोटी की तरह फूल चुकी थी और उसमें से मदनदास धीरे-धीरे करके रिस रहा था। राहुल बुर की फांकों के बीच अपनी बीच वाली उंगली को ऊपर से नीचे तक रगडने़ लगा। जिससे वीनीत कीे भाभी का पूरा बदन कसमसाने लगा। उसके बदन में अजीब से सुख की अनुभूति लगातार हो रही थी।

राहुल था कि अपनी हथेलियों को लगातार गुलाबी फांकों के ऊपर रगड़े जा रहा था। विनीत की भाभी की उत्तेजना उस समय और ज्यादा बढ़ जाती एकदम से मचल उठती जब राहुल अपनी उंगलियों के बीच में बुर के गुलाबी पत्ती वाला हिस्सा दबाकर बाहर की तरफ खींचता। दोनों आनंद के सागर में गोते लगा रहे थे बंद कमरे के अंदर दोनों वासना का खेल खेल रहे थे।

विनीत की भाभी भी कुछ दिनों से बहुत प्यासी थी और वैसे भी वह एक अति कामुक और प्यासी महिला थी,

जो अपनी प्यास बुझाने के लिए न जाने कितने मर्दों का सहारा ले चुकी थी अपने ही देवर के साथ उसके जिस्मानी ताल्लुकात थे और अब जाकर के विनीत के ही मित्र राहुल के साथ उसकी घने संबंध बन चुके थे।

विनीत की भाभीी कभी भी अपने पति से पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हो सकी। पूरी तरह से उसे संतुष्टि अब राहुल ही दे रहा था। तभी तो राहुल को भी नाराज नहीं करना चाहती थी इसीलिए उसे आए दिन पैसे दिया करती थी और आज तो एक साथ सौ सौ के नोटों की गड्डी थमा दी

इतने सारे पैसे राहुल पहली बार ही देखी देख रहा था। इसलिए पैसे को ले करके भी उसके शरीर में अजीब सी उत्तेजना बनी हुई थी। इसलिए तो वह वीनीत की भाभी को पूरी मस्ती दे करके उसे मस्त किए हुए था।

राहुल चुचियों को चूसते चूसते उन्हें एकदम लाल कर दिया था। गोलियों को दबा दबा कर रहा हूं अंदर ही अंदर कामोत्तेजना से भरा जा रहा था। विनीत की भाभी भी उत्तेजना से कसमसाते हुए राहुल को अपने सीने से भींच ले रही थी। विनीत की भाभी अर्धनग्न अवस्था में और भी ज्यादा कामुक लग रही थी।

ओहहहहहह..... भाभी तुम्हारा खूबसूरत बदन ऐसा लगता है कि मैं किसी गुलाब के फूल को अपनी बाहों में कसा हुआ हूं।

ससससससहहहहह..... राहुल तेरे साथ मत बोलो वरना ख़ुशी के मारे मैं तुम्हारी बाहों में ही पिघल जाऊंगी।

तो पिघल जाओ ना भाभी मना किसने किया है।

( पिघलने वाली बात सुनकर राहुल तुरंत अपनी उंगली को विनीत की भाभी की बुर में घुसेड़ते हुए बोला। )

ओोहहहहहह राहुल तुम बड़े ही रोमांटिक हो... अपनी प्यारी प्यारी बातों से ही तुमने मेरी बुर को पानी पानी कर दिया है। अब तो बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा है राहुल बस अब डाल दो अपने लंड को मेरी बुर में , चोदो मुझे राहुल जल्दी से अपना लंड डालकर मुझे़ चोदो।

( राहुल की अति कामुक हरकतों की वजह से विनीत की भाभी शीघ्र ही कामोत्तेजित होकर एकदम से चुदवासी हो गई, राहुल का लंड भी पैंट के अंदर गदर मचाए हुए था। राहुल भी अब अच्छी तरह से समझ चुका था कि, लंड को अब बुर में डाले बिना ना उसे चेन मिलने वाला था और ना ही विनीत की भाभी को। इसलिए वह वीनीत की भाभी की बुरसे अपनी उंगली को बाहर निकाल कर अपनी पेंट की बटन खोलने लगा। और अगले ही पल उसकी पेटं उसके घुटनों में अटकी हुई थी। राहुल का लंड पूरी तरह से अपनी औकात में आ चुका था।जिस पर नजर पड़ते ही वीनीत की भाभी की बुर आनंदित हो कर के कुलबुलाने लगी। विनीत की भाभी के साथ साथ उसकी बुरकी भी प्यास बढ़ती जा रही थी। ऊसकी बुर से रीस रहे मदन रस की वजह से उसकी पैंटी पूरी तरह से गीली हो चुकी थी। ऐसा लग रहा था कि मानो राहुल के तगड़े लंड को देखकर बुर के मुंह से पानी आ रहा हो।

राहुल से अब एक पल भी बर्दाश्त कर पाना नामुमकिन सा लगने लगा था। उसे उसकी पेंटी निकालने तक की फुर्सत नहीं थी। राहुल में झटके से विनती भाभी की एक टांग पकड़ कर उसे पलंग पर रख दिया। और पेंटी को बिना निकालें ही उसके नीचे के एक सिरे को पकड़कर दूसरे सिरे पर खींचकर कर दिया। बुर रोटी की तरह फूली हुई थी इसलिए दूसरे सिरे पर आराम से अटक गई

विनीत की भाभी की बुर ईस तरह से पूरी तरह से नंगी सामने नजर आने लगी। जिसे देखते ही राहुल के मुंह में भी पानी आ गया उसने तुरंत वीनीत की भाभी की कमर को दोनों हाथों से थाम लिया और अपने लंड के सुपाड़े को बुर की गुलाबी फांकों के बीच टीका दिया। जैसे ही राहुल का मोटा सुपाड़ा विनीत की भाभी ने अपनी बुर पर महसूस की वैसे ही तुरंत उसका पूरा बदन अजीब से सुख की अनुभूति करते हुए गनगना गया। वह तुमसे चुदवासी हो गई और खुद ही अपनी कमर को आगे की तरफ बढ़ा दी जिससे सुपाड़े का हल्का सा भाग बुर के अंदर प्रवेश कर गया विनीत की भाभी का या उतावलापन देखकर राहुल से रहा नहीं गया और उसने तुरंत अपनी कमर को आगे की तरफ बढ़ा दिया। ऐसा करने से राहुल का मोटा लंट धीरे-धीरे बुर की गहराइयों में उतरने लगा , लंड की रगड़ वीनीत की भाभी को मस्ती के सागर मे लिए जा रही थी।

राहुल विनीत की भाभी के गुलाबी होठों को चुसते हुए अपनी मोटे लंड को और ज्यादा अंदर की तरफ ले जा रहा था। विनीत की भाभी एकदम से कामातूर हुए जा रही थी वह भी अपने होठो में राहुल के होठ को-भरकर चूस रही थी और अपने दोनों हाथों से राहुल की नंगी पीठ को सहला रही थी। दोनों मस्ती के सागर में गोते लगा रहे थे धीरे धीरे करके राहुल ने अपने समूचे लंड को भाभी की बुर की गहराईयो मे पूरा उतार दिया पूरा लंड बुर में घुसते हैं विनीत की भाभी एक दम मस्त हो गई वह कस के राहुल को अपनी बांहो मे भींच ली। राहुल भी अब कहां रुकने वाला था वह भी करके विनीत की भाभी की कमर को थाम कर अपने लंड को अंदर बाहर करते हुए चोदना शुरू कर दिया। राहुल की कमर अपनी लय में आगे पीछे हो रही थी। विनीत की भाभी तो कामातूर हो करके एकदम से कसमसा रही थी

उसकी गर्म सांसे उसकी नथुनोों से निकलकर के राहुल के नथुनो से टकरा रही थी जोकि राहुल को गर्माहट प्रदान कर रही थी। राहुल भाभी के गुलाबी होठों को चुसते हुए हल्के हल्के धक्के लगा रहा था।वीनीत की भाभी की बुर कुछ ज्यादा ही पनिया रही थी। राहुल वीनीत की भाभी को कमर से पकड़े हुए एकदम अपने बदन से सटाए हुए था। राहुल को खड़े खड़े चोदने में कुछ ज्यादा ही मजा आ रहा था और खड़े-खड़े चुदवाने का आनंद वीनीत की भाभी भी पूरी तरह से ले रही थी।

सससससहहहहहह....राहुल....मेरे राजा....ऊमममम...

कस कस के धक्के लगा। ऊूूहहहहहहहहह.....गजब का लंड है रे तेरा.....

( विनीत की भाभी राहुल से चुदवाते हुए उसे ऊकसा रही थी । राहुल तो पहले से ही तय करके आया था कि आज विनीत जी भाभी को एकदम मस्त कर देगा इसलिए उसके कहते ही जोर जोर से धक्के लगाना शुरु कर दिया। राहुल के लंड का प्रहार इतना तेज था कि राहुल के हर धक्के पर विनीत की भाभी लड़खड़ा जाती, लेकिन उसकी कमर को कस के पकडे होने की वजह से बार-बार राहुल उसे संभाल ले रहा था। फच्च फच्च की आवाज वीनीत की भाभी की पनियाई बुर से आ रही थी। राहुल चाहता तो उसे आराम से लेटा कर पूरे कपड़े निकाल कर के नंगी करके चोद सकता था। लेकिन दोनों ही प्यासे थे विनीत की भाभी के काम रुपी बदन को देख करके राहुल से बिल्कुल भी सब्र नहीं हुआ था, और उसने उसके बिना कपड़े ं निकाले ही बस पेंटिं को थोड़ा सा सरका कर अपने लंड के लिए जगह बनाकर चोदना शुरू कर दिया था। राहुल को विनीत की भाभी की पनियाई बुर में लंड अंदर बाहर करने में बहुत मजा आ रहा था।

ससससससहहहहह.....ओहहहहहह...राहुल बस ऐसे ही ....चोदते रहो .....हां बस ऐसे ही .....बड़ा मजा आ रहा है राहुल.... कितना आराम से तुम्हारा लंड.... रगड़ते हुए मेरी बुर......में आ जा रहा है ....ओह राहुल चौदो और चोदो .....आज मेरी बुर को फाड़ दो....... डाल दो पूरा लंड मेरी बुर में ....बस ऐसे ही चोदते रहो ...आहहहहहहहह.....आहहहहहहहहह....आहहहहहहहहहह....( जब तक वह अपनी बात पूरी करती तब तक राहुल दो चार धक्के ओर तेजी से लगा दिए जिससे विनीत की भाभी की आह निकल गई। विनीत की भाभी मस्त होकर की राहुल को अपने गंदे और उन्माद से भरी बातो से ऊकसाने लगी। राहुल भी एक दम मस्त हो चुका था वह विनीत की भाभी की बुर में धक्के पर धक्का लगाए जा रहा था। खड़े खड़े चुदवाकर विनीत की भाभी मस्त हो चुकी थी उसकी बड़ी पूरी नंगी चूचियां हर धक्के पर झूलते हुए लहरा रही थी। जिसे राहुल रह-रहकर उसके गुलाबी होठों को चुसता हुआ अपनी हथेली में भरकर पके हुए आम की तरह दबा रहा था। विनीत की भाभी उत्तेजना से तरबतर हो चुकी थी उसका पूरा बदन पसीने से भीग चुका था ।

आहहहहहहह ....आहहहहहहहहह की आवाज राहुल की हर धक्के पर उसके मुंह से आ रही थी। ऐसी गजब की चुदाई राहुल कर रहा था कि विनीत की भाभी जोकी ईतना खेली खाई और अनुभवी थी उसे भी विश्वास नहीं हो रहा था कि राहुल इस तरह की जबरदस्त चुदाई करेगा। ऐसा नहीं था कि राहुल ईस तरह की चुदाई नहीं कर सकता था लेकिन आज का आलम ही कुछ अलग था राहुल ने पहले से ही विनीत की भाभी को अपनी हरकतों से एकदम मस्त कर दिया था। आज घर से तय करके ही आया था कि विनीत की भाभी को ऐसा मजा देगा कि वह जिंदगी भर याद रखेंगी। और जैसा वह चाहता था वैसा होगी रहा था विनीत की भाभी एक दम मस्त हो चुकी थी। राहुल का हर एक ठाप उसे चरमसुख का एहसास दीला रहा था। विनीत की भाभी एकदम बदहवास हो चुकी थी वह रह-रहकर गरम सिस्कारियों के साथ राहुल से चुदवा रही थी। राहुल था कि उसकी कमर को थामे अपनी कमर को बड़े ही तीव्र गति से आगे पीछे करते हुए अपने लंड को उसकी बुर में पेल रहा था। विनीत की भाभी भी राहुल के हर धक्के का जवाब देते हुए अपनी कमर को आगे की तरफ फेंक रही थी।

दोनों कुछ देर तक यूं ही संभोग का आनंद लेते रहे लंड अपनी लय मे बुर के अंदर बाहर होता रहा। तभी विनीत की भाभी की सबसे तीव्र गति से चलने लगी सांसो के साथ ऊपर नीचे उठ रही उसकी दोनों गोलाइयां बड़ी कामुक लग रही थी। उसकी सिसकारी बढ़ने लगी और साथ ही उसके बदन की ऐंठन भी बढ़ने लगी। राहुल समझ गया कि विनीत की भाभी झड़ने वाली है इसलिए उसने भी अपने धक्कों को तेज कर दिया। और थोड़ी ही देर में विनीत की भाभी के मुंह से जोर से चीख निकली और चीख के साथ ही विनीत की भाभी के साथ साथ राहुल के लंड ने भी ऊसकी बुर मे गरम पानी की बौछार कर दीया। विनीत की भाभी का यह चरमोत्कर्ष का सुख कुछ ज्यादा ही सेकंड चल रहा था। रह रह कर विनीत की भाभी की बुर से मदन रस की पिचकारी छूट जा रही थी। जिस तरह से वीनीत की भाभी-अभी झड़ रही थी उसे भी अच्छी तरह से मालूम था कि इस तरह से वह कभी भी नहीं झड़ी। इस तरह की बेहतरीन अद्भुत अतुल्य चरमोत्कर्ष की अनुभूति करके विनीत की भाभी तो मस्ती के सागर में गोते लगाने लगी। राहुल का लंड भी विनीत की भाभी की बुर में ठुनकी मारते हुए झड़ रहा था वह विनीत की भाभी को कमर से करके दबोचे हुए था उसका लंड बुर की गहराई में समाया हुआ था।

धीरे-धीरे करके कुछ ही पल में दोनों पानी-पानी हो गए पूर्व में इकट्ठा हुआ दोनों का काम रस बुर से निकलकर नीचे फर्स पर टपक रहा था राहुल विनीत की भाभी को अपनी बाहों में कस के दबोचे हुए था, विनीत की भाभी भी राहुल को अपने बदन से सटाए हुए थी। कुछ ही देर में दोनों की सांसे सामान्य हुए तो दोनों एक दूसरे के बदन से अलग हुए। राहुल का लंड ढीला पड़ चुका था वह बिस्तर पर पीठ के बल लेट गया। विनीत की शादी भी उसके बगल में ही लेट गई उसके चेहरे पर संतुष्टि के भाव साफ नजर आ रहे थे राहुल खुश था जो विनीत की भाभी को आज इतनी ज्यादा संतुष्टि प्रदान किया था। विनीत की भाभी राहुल के सीने पर अपने ऊंगलिया फिराते हुए उसकी तरफ देखते हुए बोली।

ओह राहुल तूने तो आज मुझे पागल ही बना दिया है इस तरह से मैंने कभी भी नहीं झड़ी थी जिस तरह से तुने मुझे आज पानी पानी कर दिया है। सच में तू और तेरा लंड काबिले तारीफ है।( इतना कहने के साथ ही वह अपना हाथ बढ़ाकर राहुल के ढीले लंड को थाम ली। और ऊसे धीरे धीरे सहलाते हुए उसमें जान डालने की कोशिश करने लगी। राहुल भी उसकी तरफ देखते हुए बोला ।

भाभी तुम भी तो बहुत खूबसूरत हो तुम और तुम्हारा बदन भी काबिले तारीफ है। मैं तो तुमको देखते ही पागल हो जाता हूं । (इतना कहते हुए वह भी वीनीत की भाभी की बड़ी बड़ी चुचियों को अपनी हथेली में भर लिया और उसे हल्के हल्के से दबाने लगा.. विनीत की भाभी राहुल किस बात पर मुस्कुराने लगी और ढीले लंड को अपनी मुट्ठी में भरकर ऊपर नीचे करके हिलाने लगी। राहुल वीनीत की भाभी की चुचियों को दबाते हुए उसे मुंह में भर लिया, और चूसना शुरू कर दिया थोड़ी ही देर में दोनों फिर से उत्तेजित होने लगी अभी-अभी एक अद्भुत चरमोत्कर्ष की प्राप्ति करने के बाद दोनों की उत्तेजना कुछ ही देर में फिर से अपने परम शिखर पर पहुंच चुकी थी। विनीत की भाभी ने अपनी हथेलियों का कमाल दिखाते हुए राहुल के लंड को फिर से पहले की तरह खड़ा कर दी, एक बार राहुल का इंतजार किए बिना ही जिस अवस्था में थी उसी अवस्था में ही फिर से एक बार राहुल के लंड पर खुद ही चढ़ गई , और खुद ही वह अपने हाथ के से अपनी पैंटी को साइड में सरकाते हुए एक हांथ से राहुल का लंड पकड़ कर अपनी बुर पर टिका दी और धीरे-धीरे करके उस पर बैठती चली गई, राहुल का लंड पूरी तरह से उसकी बुर में समा चुका था। गजब का नजारा बना हुआ था विनीत की भाभी बिना नंगी हुए ही जिस अवस्था में राहुल ने पहली बार चुदाई किया था उसी अवस्था में वह राहुल के लंड पर बैठी हुई थी। राहुल से नजारा देख कर रहा नहीं गया और उसे जैसे कुछ याद आया हो इस तरह से वह तुरंत अपना मोबाइल लेकर के रिकॉर्डिंग करना शुरू कर दिया। विनीत की भाभी मस्ती के साथ उसके लंड पर उठ बैठ रही थी। दोनों की सांसे एक बार फिर से भारी हो चली दोनों एक बार फिर से एक दूसरे के बदन में समाने की पूरी कोशिश करते हुए संभोग का आनंद लेने लगे। कुछ देर बाद दोनों की साथ एक तीव्र गति से चलने लगी दोनों की बदन में अकड़न सी होने लगी ,और थोड़ी ही देर में दोनों भल भला कर झड़ने लगे एक बार फिर से दोनों चरमोत्कर्ष की प्राप्ति कर लिए थे।

इस तरह से दोनों तीन चार बार चुदाई का आनंद ले चुके थे। विनीत की भाभी पूरी तरह से थक चुकी थी। वह बदहवास से बिस्तर पर लेटी हुई थी संपूर्ण नग्नावस्था में उसका बदन बड़ा ही उत्तेजक लग रहा था। राहुल की नजर बार बार दीवार घड़ी पर चली जा रही थी क्योंकि स्कूल छुट चुकी थी। और वक्त आ चुका था अपने प्लान को अंजाम देने का वह जानता था कि कुछ ही देर में अब वीनीत घर पर पहुंच जाएगा इसलिए वह आगे का कार्यक्रम शुरु कर दिया । वह फीर से मोबाइल निकाल कर के अपने ढीले लंड को विनती भाभी के होठों से लगाकर के रिकॉर्डिंग करना शुरु कर दिया। विनीत की भाभी तुरंत अपने होठों को खोलकर लंड को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दी। थोड़ी ही देर में राहुल का लंड चार चार बार झड़ने के बावजूद भी एक बार फिर से टनटनाकर खड़ा हो गया। दोनों पूरी तरह से तैयार हो चुके थे एक बार फिर से राहुल ने वीनीत की भाभी के बदन में चुदाई की आग लगा दिया था।

राहुल अच्छी तरह से जानता था कि विनीत किसी भी वक्त घर पर पहुंच जाएगा इसलिए उसने घर के दरवाजे को लोक नहीं किया था ताकि वह अंदर आराम से आ सके। और वैसा हुआ भी विनीत की भाभी इस बात से अनजान थी की विनीत घर में प्रवेश कर चुका है। क्योंकि उसे राहुल ने यह बताया था कि वीनीत कहीं बाहर जाने वाला है और वह शाम को ही घर पर लौटेगा इसलिए तो वह बेफिक्र होकर के राहुल से जमकर चुदवा रही थी। राहुल की नजर बार बार खिड़की की तरफ जा रही थी क्योंकि किसी भी वक्त वह यहां तक पहुंच सकता था।

राहुल ने मोबाइल को एक तरफ रख दिया विनीत की भाभी पलंग पर चित होकर लेटी थी उसकी दोनों टांगे फेली हुई थी।

दूसरी तरफ विनीत इस बात से अनजान था कि उसके घर में उसका ही दोस्त उसकी ही भाभी के साथ काम क्रीड़ा कर रहा है। वह तो हमेशा किसी तरह स्कूल से आते ही अपने भाभी के कमरे की तरफ जाने लगा। लेकिन घर में घुसते समय उसे दरवाजा खुला मिलने पर बड़ा ही अजीब लगा था वह धीरे धीरे अपनी भाभी के कमरे की तरफ बढ़ रहा था और कमरे के अंदर राहुल अपने प्लान को अंजाम देने के कगार पर था।

राहुल धीरे-धीरे कदम बढ़ाते हुए अपनी भाभी के कमरे पर पहुंच गया था वह आगे बढ़ता कि तभी उसे कमरे की खिड़की खुली नजर आई और उसमें से हल्की हल्की रोशनी आ रही थी। वह कोतूहल बस हल्की सी खुली खिड़की में से अंदर की तरफ नजर बुलाया तो अंदर का नजारा देखकर उसके पांव के नीचे से जमीन खिसकती नजर आने लगी। अंदर का दृश्य देखकर उसे अपनी आंखों पर विश्वास ही नहीं हो रहा था। अंदर का नजारा बड़ा ही कामुक था लेकिन वीनीत के लिए किसी हादसे से कम नहीं था। राहुल उसकी भाभी की टांगों के बीच खड़े होकर अपने लंड को बुर की फांकों के बीच रगड़ रहा था यह देख कर वीनीत का दिमाग खराब हो गया। वह कुछ करता इससे पहले ही राहुल की आवाज उसके कानों में पड़ी।

भाभी क्या तुम्हें मेरा लंड बहुत अच्छा लगता है।

हां रे मुझे तो तेरा लंड बहुत अच्छा लगता है।

तुम तो विनीत से भी चुदवाती हो तो फिर क्या उसका लंड तुम्हें अच्छा नहीं लगता। ( बुर पर लंड के सुपाड़े को रगड़ते हुए बोला।)

जब से मेरी बुर में तेरा लंड लेना शुरु किया हे तब से मुझे अपने देवर का लंड बिल्कुल भी नहीं भाता।

( इतना सुनते ही वीनीत सन्न रह गया उसे अपने कानों पर विश्वास नहीं हो रहा था और इस बात से वह बिल्कुल अनजान था कि राहुल को भी इस बात का पता था कि वह अपनी भाभी की चुदाई करता है। वह बस मुक प्रेक्षक बनकर अंदर का दृश्य देख रहा था। राहुल को इस बात का पता चल गया था की खिड़की पर विनीत खड़ा होकर अंदर सब कुछ देख रहा है इसलिए जानबूझकर ऐसी बातें कर रहा था। )

भाभी चलो थोड़ा आज खुलकर चुदाई का मजा लेते हैं।( वह लंड को बुर के अंदर सरकाते हुए बोला।)

 
राहुल की बात सुनकर विनीत की भाभी को अजीब लगा उसे समझ में नहीं आया कि खुलकर चुदाई का मजा लेने का मतलब क्या होता है। लेकिन गरीब की थाली राहुल की कामुक हरकतों की वजह से एक बार फिर से एक दम से चुदवासी हो चुकी थी। क्योंकि राहुल की हरकत ही कुछ ऐसी थी कि विनीत की भाभी खुद-ब-खुद उत्तेजना के महा सागर में गोते लगाने को तैयार हो गई। राहुल अच्छी तरह से जानता था कि दिनेश की नजरें खिड़की के पल्ले से अंदर की तरफ बराबर बनी हुई है। इसलिए वह उसे दिखाने के लिए अपने लंड कै सुपाड़े को उसकी भाभी की रसीली बुर के गुलाबी पत्तियों के बीच रगड़ रहा था। जिससे विनीत की भाभी बिस्तर पर नागिन की तरह छटपटा रही थी। वह अपनी बड़ी बड़ी नंगी चूचियों को अपने हाथों से मसलते हुए राहुल से बोली।

ओह राहुल मैं तुम्हारा मतलब नहीं समझ पा रही हूं खुलकर मतलब क्या?

भाभी तुम इतनी समझदार होकर भी इतनी सी बात नहीं समझ पा रही हो खुलकर मतलब कि तुम मुझसे चुदवाते समय मुझे कुछ भी बोल सकती हो और मैं तुम्हें कुछ भी बोल सकता हूं गाली भी दे सकती हो ।

( राहुल की बात सुनते ही विनती भाभी के बदन में रोमांच से उठने लगा, उसे भी इस तरह का अनुभव लेने का कुछ ज्यादा ही मन कर रहा था लेकिन वह चाहे जितनी भी खुली हुई थी लेकिन इस तरह की गंदी बातें और गालियों के साथ चुदाई करने में अजीब प्रकार की झिझक उसके मन में होती थी लेकिन आज राहुल के द्वारा खुलकर चुदाई का मजा लेने का सुनकर उसका भी मयुर मन नाचने लगा। वह पूरी तरह से तैयार थी इसलिए वह खुद ही शुरुआत करते हुए बोली।)

तो चलना इंतजार किस बात का कर रहा है। चल शुरू हो जा हरामजादे मैं भी देखूं तेरे में कितना दम है।

( विनीत की भाभी शुरुआत करते हुए अपनी चुचियों को दबाते हुए बोली, राहुल को विनीत की भाभी की ऐसी बातें सुनकर मन ही मन प्रसन्न हो रहा था लेकिन खिड़की पर खड़ा वीनीत अपनी भाभी की यह सब बातें सुनकर अंदर ही अंदर जल भुन जा रहा था। तभी राहुल ने अपने लंड के मोटे सुपाड़े को हल्के से गुलाबी फांकों के बीच प्रवेश कराते हुए बोला।

हां साली आज मैं भी तुझे दिखाऊंगा कि जब असली मर्द का लंड बुर में जाता है तो औरत को कैसा लगता है अब तक तो तू अपने हरामजादे देवर से चुदते आई है पता नहीं तुझे उसके लंड से मजा आता भी था कि नहीं आज मैं तुझे दिखाऊंगा कि मैं कैसे चोदता हूं। मेरा मोटा लंड तेरीे बुर में जाएगा तो तेरी बुर फट जाएगी साली

( राहुल विनीत की भाभी को बोलते हुए दो चार बार अपने लंड कै सुपाड़े को गुलाबी बुर के अंदर घुसा घुसा कर बाहर निकाल लिया जिससे विनीत की भाभी एकदम चुदवासी हो गई और वह अपनी चुचियों को जोर-जोर से मसलती हुए बोली।

सससससहहहहहह..... कुत्ते तो एैसे तड़पा क्यों रहा है हरामजादे डाल देना पूरा लंड मेरी बुर में फाड़ दे मेरी बुर को । मैं तो कब से तैयार बैठी हूं तुझ से चुदवाने के लिए बस अब बिल्कुल भी देर मत कर डाल दे एकदम जड़ तक । आहहहहहहहहह....

( राहुल भाई भाभी की बातों से एक दम मस्त हो गया वह जानबूझकर ऐसी बातें करके विनीत को जला रहा था उससे बदला ले रहा था बाहर खड़ा विनीत कभी सपने में भी नहीं सोच सकता था कि उसकी भाभी उसके ही दोस्त के साथ इस तरह से संबंध बना रही होगी। विनीत को यह समझते देर नहीं लगा कि राहुल भी उसके साथ यह सब करके बदला ले रहा है। उसे गुस्सा तो बहुत आ रहा था लेकिन कुछ कर सकने की स्थिति में बिल्कुल भी नहीं था उसे डर था कि अगर वह इन दोनों को ऐसा काम करते हुए रोकेगा तो शायद राहुल उसकी बातों को यह बता देती वीनीत उसकी मां के साथ गलत करना चाहता है ' घर में बवाल खड़ा हो जाए वह नहीं चाहता था कि किसी भी बात का बखेड़ा खड़ा हो लेकिन जो हो रहा था कमरे के अंदर उसे देख कर वह अंदर ही अंदर जल भून जा रहा था। विनीत की भाभी की गंदी बातों को सुनकर राहुल से रहा नहीं जा रहा था और उसने अपने लंड को सुपाड़े के साथ अंदर की तरफ एक झटके मे ं सरका दिया। जैसे ही पूरा लंड बुर की गहराई में अंदर तक धंसा वैसे ही वीनीत की भाभी के मुख से चीख निकल गई।

आहहहहहहहहह... हरामजादी कुत्तिया समझ के रखा है क्या थोड़ा आराम से कर इतनी जल्दी बाजी किस बात की है तुझे मैं कहीं भागी नहीं जा रही हूं बस आराम से कर' साले भोंसड़ी वाले अब धीरे-धीरे करना।

( विनीत तो यह सब देख कर और इन सब बातों को सुनकर उसका क्रोध बढ़ता ही जा रहा था साथ ही वह राहुल की ताकत को देखकर भी अचंभित था। और राहुल तो जैसे आनंद के सागर में गोते लगा रहा हो उसका प्लान पूरी तरह से सफलता की ओर बढ़ रहा था जो वह चाह रहा था वैसा बिलकुल होता जा रहा था। वह तो अब बस विनीत की भाभी को गाली देते हुए उसे जमकर चोदना शुरू कर दिया वह विनीत की भाभी को चोद जरूर रहा था लेकिन वह बाहर खड़े विनीत को दिखाना चाहता था, के जो वह मजबूरी का फायदा उठाते हुए कर सकता है वह उसकी भाभी को आनंद प्रदान करने के लिए कर रहा है जिसमें उसकी पूरी तरह से संमती है। राहुल विनीत की भाभी को चोदता हुआ उसे गाली देते हुए बोला।)

साली हरामजादी कुत्तिया ले मेरा पूरा लंड ले भोसड़ी की । ले माधरचोद, विनीत की रंडी भाभी ले पूरा लंड लेकर लेकर चुदवा साली। ( राहुल की कमर बड़ी तीव्र गति से विनीत की भाभी की बुर पर आगे पीछे हो रही थी। दोनों को बेहद आनंद आ रहा था राहुल को पता था कि बाहर उसका देवर खड़ा होकर के सब कुछ देख रहा है इस बात से वीनीत की भाभी बिल्कुल अनजान थी। उसे इस बात का बिल्कुल भी पता नहीं था कि उसका देवर बाहर खड़ा होकर के खिड़की से सब कुछ ऊसकी काली करतूतों को देख रहा है। )

साली रंडी आज तेरी बुर को चोद चोद कर भोसड़ा कर दुंगा । साली हरामजादी विनीत की रंडी भाभी उसका लंड ले लेकर मजा नहीं आया तो मेरे लंड से चुदवा रही है भोसड़ी की। साली हरामजादी विनीत की माधरचोद छिनाल रंडी भाभी।

( राहुल गंदी से गंदी गाली दे देकर विनीत की भाभी की चुदाई कर रहा था। सुबह गाली तो विनीत की भाभी को दे रहा था लेकिन उसका सीधा असर विनीत को हो रहा था क्योंकि वह उसे सुनाने के लिए ही उसे जलाने के लिए ईतनी गंदी गंदी बातें बोलकर उसकी भाभी को उसकी आंखों के सामने चोद रहा था। इस तरह से गाली सुनकर चुदवाने का आनंद विनीत की भाभी पूरी तरह से उठा रहीे थेी उसे आज बेहद आनंद की प्राप्ति हो रही थी उसने आज तक इस तरह की चुदाई कभी भी नहीं करवाई थी। जो मजा आज राहुल उसे अपनी हरकतों से अपनी जबरदस्त चुदाई से और अपनी गंदी गंदी गालियों से उसे दे रहा था उससे वह पूरी तरह से तृप्त हुए जा रही थी। वह कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह इस तरह का आनंद लेते हुए चुदाई का पूरी तरह से लुत्फ उठाएगी। विनीता तो यह सब देखकर पूरी तरह से सदमे में था लेकिन एक बात उसको यह भी खटक रही थी कि उसने भी दिन-रात अपनी भाभी पर मेहनत किया था उसे हर तरह से चुदाई का सुख दिया था लेकिन जिस तरह से वह राहुल के साथ चुदाई का आनंद ले रही थी उस तरह का आनंद वह कभी भी उसके साथ ना ले सकी या शायद उसे मिला ही नहीं।

राहुल का लंड बड़ी तेजी से वीनीत की भाभी की बुर में अंदर बाहर हो रहा था। विनीत की नजर मन में बुरी तरह से ग्लानी होते हुए भी राहुल के मोटे और लंबे लंड पर टिकी हुई थी वह कभी सोचा भी नहीं था कि राहुल को हथियार इतना तगड़ा होगा। राहुल उसे जलाने के लिए जानबूझकर बार-बार विनीत की भाभी की बुर में से लंड को बाहर निकालकर उसके सुपाड़े को बुर की फांकों के बीच थपथपाते हुए बोलता।)

ओ मेरी प्यारी रंडी भाभी साली यह तो बता तुझे विनीत के साथ ज्यादा मजा आता है या मेरे साथ चुद़वाने मे।

 
( राहुल के लिए गंदी गंदी बातें विनीत को बिल्कुल भी अच्छी नहीं लग रही थी उसने आज तक अपनी भाभी से इसी भाषा में कभी भी बात नहीं किया था पहले चाहे उसके साथ शारीरिक संबंध रखता हो। उसे राहुल से ज्यादा अपनी भाभी पर गुस्सा आ रहा था तो उसके साथ इस तरह की गंदी गंदी बातें करते हुए चुदवा रही थी। राहुल के सवाल का जवाब अपनी भाभी के मुंह से सुनकर वीनीतअंदर ही अंदर से टूटता चला गया उसे बहुत बुरा लग रहा था लेकिन कर भी क्या सकता था।)

सससससहहहहहह....मेरे राज्जा ...आहहहहहहहह.... तेरे साथ चुदने का मजा ही कुछ ओर है। तू इस तरह से चोदता है विनीत तो कभी सोच भी नहीं सकता सच में तू बहुत ही कमाल का चोदता है। ( विनीत की भाभी की बातें जले पर नमक छिड़कने जैसी लग रही थी वीनीत को, कभी राहुल ने विनीत की भाभी से कुछ ऐसा पूछ लिया जिसे सुनकर विनीत शर्म से पानी पानी हो गया उसे अपने आप पर ग्लानी होने लगी।)

ओहहहहहह मेरी रानी ,लंड की प्यासी मेरी जान मेरी भाभी सच-सच बताना तुम्हें विनीत का लंड कैसा लगता है और मेरा लंड कैसा लगता है? ( राहुल जोर-जोर से अपने लंड को उसकी बुरमें पेलते हुए बोला ।। राहुल का यह सवाल सुनकर वीनीत की हालत खराब होने लगी उसे अंदेशा हो गया था कि उसकी भाभी क्या कहने वाली है वह उन शब्दों को सुनना नहीं चाहता था लेकिन क्या करें वह भी सुनना चाहता था कि आखिककार उसकी भाभी क्या कहती है। राहुल खूब जमकर उसकी कमर अपने दोनों हाथों से पकड़े हुए जोर जोर से चोद रहा था और उसकी भाभी अपने हाथों से ही अपनी बड़ी बड़ी चुचियों को दबाते हुए बोली।)

ससससससससहहहहहहहह..... अब क्या बताऊं राहुल तुझे....आहहहहहहह.....आहहहहहहहहह....

(वीनीत की भाभी कुछ कह पाती इससे पहले उसने जबरजस्त दो धक्के और लगा दिया जिससे उसके मुंह से आह निकल गई।) ओहहह मेरे राजा तेरे लंड के सामने तो विनीत का लंड जैसे बच्चे का हो इस तरह से लगता है। वह जब मेरी बुर में अपना लंड डालता है तो पता ही नहीं चलता कि अंदर क्या गया है। और जब तेरा लंड मेरी बुर में जाता है तो ऐसा लगता है कि किसी सांड का लंड मेरी बुर में चला गया है।

( विनीत की भाभी का यह जवाब सुनकर राहुल अंदर ही अंदर प्रसन्न होने लगा वह खुशी से गदगद हो गया वह खिड़की के बाहर खड़ा भी नहीं अपनी भाभी का यह जवाब सुनकर शर्मसार हो गया। )

राहुल उसे और ज्यादा शर्मसार करते हुए अपनी आंखे बड़ी-बड़ी करके खिड़की में से अंदर झांक रहे विनीत को देखा विनीत और राहुल दोनों की नजरें आपस में मिली तो विनीत शर्मिंदा होकर अपनी नज़रें नीचे झुका लिया। वीनीत की भाभी ने जिसमें सबसे ज्यादा मर्दानगी भरी हुई थी उसके ऊपर अपनी सहमति का ठप्पा लगा चुकी थी। विनीत भी इस बात से अनजान नहीं था उसे तो उसने ऐसा लग रहा था कि वह मर्द ही नहीं है वह एकदम से शर्मसार हुआ जा रहा था लेकिन उसकी शर्मिंदगी कम होने की बजाए बढ़ती जा रही थी क्योंकि अभी भी वह बेशर्म बना अपनी भाभी को अपने दोस्त राहुल के साथ चुदते हुए देख रहा था। शायद उसने भी राहुल के मर्दानगी का लोहा मान लिया था क्योंकि जिस तरह से वह ठाप पर ठाप लगाकर उसकी भाभी को चोद रहा था उस तरह से चोद पाना उसके बस की बात नहीं थी। राहुल के हर धक्के पर विनीत की भाभी आगे की तरफ सऱक जा रही थी। ऐसे जबरदस्त धक्कों को देखकर विनीत की भी आंखें फटी की फटी रह जा रही थी।

राहुल अपने प्लान में पूरी तरह से सफल हो चुका था अब बस विनीत को जला रहा था। राहुल रह-रहकर उसकी भाभी की बड़ी-बड़ी पके हुए आम की तरह गोल गोल चुचियों को अपने हथेली में भरकर दबाते हुए उसके ऊपर झुक कर मुंह में भर लेता था , जिसे देख कर भी नहीं सकते क्रोध का पारा बढ़ जाता था लेकिन कुछ कर नहीं पा रहा था।

राहुल था कि रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था उसकी कमर किसी मशीन की तरह आगे पीछे हो रही थी। विनीत की भाभी आज मस्ती के महासागर में गोते लगा रही थी। कुछ देर तक राहुल उसे ऐसे ही बिस्तर पर चित लीटाकर चोदता रहा । उसकी कमर के दर्द करने लगी थी इसलिए वह झटके से अपने लंड को भाभी की बुर से बाहर निकाल लिया, विनीत की भाभी को बेहद आनंद मिल रहा था इसलिए लंड को बाहर निकलते ही वह प्यासी नजरों से राहुल की तरफ देखने लगी। प्यासी नजरों से अपनी तरफ देखता हुआ पाकर राहुल बोला।

वह मेरी रानी मेरी जान मेरी जाने बाहर आ जरा सा कुतिया की तरह बन जा रंडी मैं तुझे पीछे से चोदूंगा।

राहुल की बातें सुनकर वह कुछ बोली नहीं बस गरमा गरम सिसकारी अपने मुंह से छोड़े जा रही थी उसकी सांसे बड़ी तीव्र गति से चल रही थी भारी-भारी चलती सांसो के साथ साथ उसकी बड़ी बड़ी चूचियां भी ऊपर नीचे हो रही थी। उसकी हालत देख कर लग रहा था कि वह कुछ ज्यादा ही चुदवासी हो चुकी थी उसके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकल रहे थे पंखा चालू होने के बावजूद भी उसके बदन से पसीना टप टप करके नीचे चु रहा था। वह बिना एक पल भी गम आए तुरंत घोड़ी बन गई और अपना सारा भार अपने हाथ की कोहनी पर लाते हुए अपनी बड़ी-बड़ी भरावदार गांड को हवा में ऊपर उठा दी। राहुल उसकी मातवाली गांड देखकर बदहवास हो गया उससे रहा नहीं गया और उसने तुरंत दो चपत उसकी गांड पर लगा दिया', राहुल ने यह दो चपत लगाई तो थी विनीत की भाभी की गांड पर लेकिन यह दो चपत विनीत के गाल पर लगी थी, हर पल राहुल विनीत को शर्मसार किया जा रहा था उसकी बेज्जती करने का एक भी मौका वह अपने हाथ से गवाना नहीं चाहता था। इसीलिए वह विनीत की तरफ देखता हुआ फिर से लगातार दो चार चपत उसकी भाभी की गांड पर लगा दिया। विनीत की भाभी की गांड चोट लगने की वजह से कश्मीरी सेब की तरह लाल लाल हो गई थी। गोरी गोरी गांड लाल लाल हो जाने की वजह से राहुल को बहुत ही आनंद प्राप्त हो रहा था इसलिए वह तुरंत भाभी की बड़ी-बड़ी गांड को अपनी हथेली में भरते हुए

थाम लिया और अपने टनटनाए हुए लंड को भाभी की रसीली बुर पर टिका कर अंदर की तरफ घुसेड़ दिया। लंड को बुर में जाते ही राहुल बिना रुके उसको चोदना शुरू कर दिया।ठाप पर ठाप पढ़ने लगी इस तरह की जबरदस्त चुदाई को देखकर के वीनीत का लंड भी खड़ा हुए बिना नहीं रह सका , उसे ऐसा लग रहा था कि जैसे कि वह कोई पॉर्न मूवी देख रहा हो। जब उसे इस बात का एहसास हुआ कि अंदर अपनी भाभी की अपने दोस्त के द्वारा चुदाई होता हुआ देखकर उसका लंड खड़ा हो गया है तो वह एक बार फिर से शर्मसार हो गया। उसे अपने आप पर ग्लानी होने लगी। लेकिन कर भी क्या सकता था हालात उसके हाथ में नहीं थे सबकुछ राहुल के कंट्रोल में था और राहुल था कि उसकी भाभी को चोदे जा रहा था कभी उसकी चिकनी पीठ को सहलाता तो कभी आगे बढ़कर उसकी बड़ी बड़ी चुचियों को अपनी हथेलियों में भरकर दबाते हुए चोदना शुरू कर देता। विनीत की भाभी की गरम सिसकारी पूरे कमरे में गूंज रही थी। कंमरे मे गुंज रही शिसकारियों को ऊन दोनों के अलावा बाहर खड़ा विनीत भी सुन रहा था जिसकी आवाज उसके कानों में गर्म शीशे की तरह पड़ रही थी। राहुल था कि उसे जलाने के लिए बार-बार उसकी भाभी की गांड पर चपत लगाते हुए उसे चोद रहा था। विनीत की भाभी कुछ ही घंटों में कितनी बार झड़ी थी कि वह थक चुकी थी उसका रोम रोम मीठा-मीठा दर्द करने लगा था लेकिन आज जिस तरह की चुदाई वह करवाई थी वह अपनी जिंदगी में न कभी देखी थी ना करवाई थी। एक बार फिर से वह अपने चरमोत्कर्ष की तरफ आगे बढ़ रही थी। कुछ देर बाद विनीत की भाभी की सिसकारियां बढ़ने लगी वह जोर जोर से अपनी गांड को पीछे की तरफ ठेलते हुए राहुल को गंदी-गंदी गालियां देते हुए उसे और जोर से चोदने के लिए ऊकसा रही थी।

हरामजादे कुत्ते ऐसे ही जोर जोर से चोद मुझे फाड़ दे मेरी बुर को भोंसड़ी के। और जोर जोर से च** अंदर तक घुस जा मेरे मेरी बुर को चोद चोद कर भोसड़ा कर दे। हरामजादे माधरचोद।

( राहुल को विनीत की भाभी की दी हुई है सब गालियां

सुनने में बड़ी ही आनंद दायक लग रही थी। राहुल जोर जोर से धक्के लगा कर छोड़ देना शुरु कर दिया था वह समझ चुका था की विनीत की भाभी चरमोत्कर्ष की तरफ बढ़ रही है। और कुछ ही देर बाद दोनों गरम सिसकारी लेते हुए झड़ना शुरु हो कर दीए । वीनीत की भाभी तो निढाल होकर बिस्तर पर ही लेट गई और उसके ऊपर राहुल कुछ देर तक युं ही पड़ा रहा । राहुल का काम बन चुका था वह जो चाहता था ठीक वैसा ही हो गया था। विनीत की भाभी थक कर चूर हो गई थी वह बेसुध होकर बिस्तर पर लेटी हुई थी कुछ देर बाद राहुल बिस्तर से उठा और अपने कपड़े पहनने लगा कपड़े पहनते हुए लगातार विनीत की तरफ ही देख रहा था। वह जाते-जाते वीनीत की भाभी की तरफ देखा तो वह थक कर सो चुकी थी। वह जाते जाते एक बार उसको झकझोर कर जगाने की कोशिश करने लगा लेकिन वह एकदम बेशुध हो चुकी थी। वह नींद के आगोश में चली गई। राहुल कमरे से बाहर निकला और वीनीत की तरफ गुस्से में देखते हुए बोला।

इसे कहते हैं चुदाई। ( और इतना कहकर वह चला गया विनीत उसे जाते हुए देखता रहा लेकिन कुछ भी कर पाने जितनी हिम्मत उसमे नहीं थी।)

 
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