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हाई दोस्तों मेरा नाम शब्बीर हैं और मैं भोपाल का रहने वाला हूँ. यह बात तब की हैं जब मैं अपनी अम्मी अब्बा के साथ जयपुर चाची के यहाँ गया था. चाची की मम्मी की तबियत खराब थी और हम लोग तिन दिन के लिए वहाँ गए हुए थे. चाची की छोटी बहन नजमा को मैं इन तिन दिन में चार बार मसल लिया था. 18 साल की नजमा मुझ से मस्त चुदवाती थी और इस सेक्सी लड़की की चुदाई में मुझे भी बहुत मजे आये थे. तो आइये मित्रो आपको बताऊँ कैसे इस सेक्सी लड़की मेरे साथ चुदाई के लिए तैयार हुई.
राजस्थान सुका इलाका होने की वजह से यहाँ पर बहुत गर्मी थी और मुझे तो निचे कमरे में नींद ही नहीं आनेवाली थी. मैंने चाची को कह दिया की मेरा बिस्तर वोह छत पर ही लगवा दे. सबीना चाची ने मुझे कहाँ ऊपर ठंड लगेगी लेकिन मैं नहीं माना और चाची ने मेरा बिस्तर लगाने के लिए उनकी छोटी बहन नजमा को भेजा. नजमा बिस्तर लगाके निचे चली गई. मैं अपनी रोज की आदत के मुताबिक अपने हाथ चड्डी के अंदर डाल के लंड पकड़ के हिलाने लगा. मैं यहाँ अपनी ट्रेक पेंट या बरमूडा लेके नहीं आया था इसलिए मुझे मुठ मारने में मजा नहीं आ रहा था. मैंने इर्दगिर्द देखा और अपनी पेंट ढीली करने के लिए और कोई था नहीं इसलिए मैंने अपनी पेंट खोल के लौड़े को खुली हवा में बहार किया. मेरा हाथ लंड के ऊपर फिरने लगा और मैं मस्त चूत की चुदाई का मजा हाथ से चुदाई करके लेने लगा. तभी मुझे लगा की दरवाजे के पीछे से कोई मुझे देख रहा हैं. मैं तुरंत पलटा और देखा की नजमा मुझे इस हालत में देख रही थी. मैं सहम गया और तुरंत अपने लंड को अंदर किया. नजमा खी खी करने लगी. मैंने दौड़ के उसको कंधे से पकड़ा और बिस्तर पर ले आया.
मैंने नजमा को कहा की वो निचे किसी को ना बताएं क्यूंकि मेरी बदनामी होगी. नजमा अभी भी हंस रही थी. मुझे उसके कंधे की मुलायमता मस्त महसूस हो रही थी. नजमा बोली इसमें घबराने वाली बात नहीं हैं, यह तो सही मर्द करते हैं. मेरे बड़े भैया और कभी कभी तो मेरे अब्बा भी यह करते हैं. और लड़कियां भी ऊँगली दे के अपनी चूत को शांत करती ही हैं ना. मैं नजमा की बात सुन के आश्चर्य में पड़ गया. वोह बोली मैं तो आपका पानी ले के आई थी, उसने पानी का जग सीढियों के ऊपर से ला के मेरे बीस्तर के करीब रखा. मुझे लगा की नजमा 18 साल की उम्र में बहुत कुछ जानती हैं और अगर उसे थोडा भाव दिया गया तो वोह चुदाई के लिए भी तैयार हो जाएंगी. नजमा जाने को ही थी की मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और कहाँ, सच बोलो बताओगी तो नहीं ना. मुझे अपनी गर्लफ्रेंड की याद आ रही थी इसलिए मैं लंड हिला रहा था. मुझे सेक्स किए काफी दिन हो गए हैं……मैं जानबूझ के सेक्स की बातें करने लगा ताकि नजमा की चूत भी गीली हो सकें.
राजस्थान सुका इलाका होने की वजह से यहाँ पर बहुत गर्मी थी और मुझे तो निचे कमरे में नींद ही नहीं आनेवाली थी. मैंने चाची को कह दिया की मेरा बिस्तर वोह छत पर ही लगवा दे. सबीना चाची ने मुझे कहाँ ऊपर ठंड लगेगी लेकिन मैं नहीं माना और चाची ने मेरा बिस्तर लगाने के लिए उनकी छोटी बहन नजमा को भेजा. नजमा बिस्तर लगाके निचे चली गई. मैं अपनी रोज की आदत के मुताबिक अपने हाथ चड्डी के अंदर डाल के लंड पकड़ के हिलाने लगा. मैं यहाँ अपनी ट्रेक पेंट या बरमूडा लेके नहीं आया था इसलिए मुझे मुठ मारने में मजा नहीं आ रहा था. मैंने इर्दगिर्द देखा और अपनी पेंट ढीली करने के लिए और कोई था नहीं इसलिए मैंने अपनी पेंट खोल के लौड़े को खुली हवा में बहार किया. मेरा हाथ लंड के ऊपर फिरने लगा और मैं मस्त चूत की चुदाई का मजा हाथ से चुदाई करके लेने लगा. तभी मुझे लगा की दरवाजे के पीछे से कोई मुझे देख रहा हैं. मैं तुरंत पलटा और देखा की नजमा मुझे इस हालत में देख रही थी. मैं सहम गया और तुरंत अपने लंड को अंदर किया. नजमा खी खी करने लगी. मैंने दौड़ के उसको कंधे से पकड़ा और बिस्तर पर ले आया.
मैंने नजमा को कहा की वो निचे किसी को ना बताएं क्यूंकि मेरी बदनामी होगी. नजमा अभी भी हंस रही थी. मुझे उसके कंधे की मुलायमता मस्त महसूस हो रही थी. नजमा बोली इसमें घबराने वाली बात नहीं हैं, यह तो सही मर्द करते हैं. मेरे बड़े भैया और कभी कभी तो मेरे अब्बा भी यह करते हैं. और लड़कियां भी ऊँगली दे के अपनी चूत को शांत करती ही हैं ना. मैं नजमा की बात सुन के आश्चर्य में पड़ गया. वोह बोली मैं तो आपका पानी ले के आई थी, उसने पानी का जग सीढियों के ऊपर से ला के मेरे बीस्तर के करीब रखा. मुझे लगा की नजमा 18 साल की उम्र में बहुत कुछ जानती हैं और अगर उसे थोडा भाव दिया गया तो वोह चुदाई के लिए भी तैयार हो जाएंगी. नजमा जाने को ही थी की मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और कहाँ, सच बोलो बताओगी तो नहीं ना. मुझे अपनी गर्लफ्रेंड की याद आ रही थी इसलिए मैं लंड हिला रहा था. मुझे सेक्स किए काफी दिन हो गए हैं……मैं जानबूझ के सेक्स की बातें करने लगा ताकि नजमा की चूत भी गीली हो सकें.