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31 साल की घोड़ी पर 20 साल का घोड़ा

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Guest
31 साल की घोड़ी पर 20 साल का घोड़ा

मेरा नाम रंगीलाहै.. मैं शिमला से हूँ..

ये बात, करीब दो साल पहले की है.. मेरा दिल्ली में नेट का पेपर था..

मैं पेपर देकर जल्दी ही रेलवे स्टेशन की तरफ आया पर 4:30 वाली ट्रेन निकल गई..

अब रात को 9 बजे ट्रेन में आना पड़ेगा.. थोड़ा उदास हो गया.. फिर बाहर होटेल में नाश्ता करने गया.. फिर इधर – उधर घुमा..

रात को वापस स्टेशन पर आया.. ट्रेन आ गई.. मैं फाटक से एक डिब्बे में चढ़ गया..

मैंने ऊपर वाली सीट पर बैग रख दिया.. नीचे वाली सीट रोक ली..

थोड़ी देर बाद एक लेडी अपने पति और दो लड़को और एक लड़की क साथ आ गई..

उनको कालका जाना था..

लेडी – ये डिब्बा कालका वाला है जी.. हम को कालका जाना है..

रंगीला– आंटी जी फटाफट सामने वाली सीट पर बैठ जाओ.. ये वहीं जाएगी.. जल्दी करो नहीं तो कोई और आ जाएगा..

वो मेरे सामने वाली सीट पर 3 बच्चो के साथ बैठ गई.. अंकल ऊपर वाली सीट पर लेट गये..

सीट मिलने पर सभी खुश थे..

वो मस्त माल थी.. मोटी ज़्यादा नहीं थी.. दूध और फेस गोल और मस्त थे..

उसने पंजाबी पहनावा पहन रखा था.. घाघरि और कुरती.. उस पर चुनरी.. एक दम गोरी मस्त माल.. बस उसको चुदाने की ज़रूरत थी..

वो जब अपना सामान रखने के लिए झुकी तो उसकी मस्त गाण्ड मेरे घुटने से टकराई..

वो वापस मुड़ कर मेरी तरफ देख कर मुस्कुराई..

करीब 1 घंटे बाद, उसका लड़का मेरी ऊपर वाली सीट पर आ गया..

वो उसको खाना देने लगी तो मेरे बिल्कुल सामने आकर खड़ी हो गई..

उसके दोनों हाथ ऊपर थे.. उसकी नंगी कमर मेरे चेहरे के बिल्कुल पास थी..

मेरा जी कर रहा था उसको पकड़ कर किस कर दूं.. डर भी बहुत लग रहा था.. पर मुझे उसके हावभाव से पता चल गया की ये लंड लेना चाहती है..

ये किसी को नहीं बताएगी.. मैं बड़ी हिम्मत कर उसकी कमर के पास हो गया और अपने होंठ कमर से टच कर दिए.. फिर हटा लिए.. वो एकदम चौंक गई..

उसने नीचे, मेरी तरफ़ देखा और मुस्कुराई..

मैं लगातार उसकी तरफ देखने लगा.. ताकि वो समझ जाए..

उसने मेरी तरफ देखा.. फिर वो मुस्कुराई.. कई देर बाद वो खड़ी हो गई.. अपने पति के कान के पास बात करने लगी..

शायद वो उसको चोदने के लिए कर रही थी.. आंटी ने उसको किस कर दिया.. मुझे ये देख कर झटका सा लगा..

वो खड़ा हो कर दूसरी तरफ सो गया..

आंटी बैठ गई.. अब उसका बेटा नीचे आ गया और लेट गया.. वो ऊपर चढ़ गई..

रात के 11 बज गये थे.. सभी यात्री ट्रेन क अंदर सो गये थे.. मैंने पूरे डिब्बे में देखा तो सब सो गये..

कोई भी आवाज़ नहीं आई.. मैं खड़ा हो गया.. ऊपर वाली सीट पर सोना चाहता था.. आंटी से बोला तो वो खड़ी हो गई पर नीचे नहीं उतरी..

मैं मेरा मोटा कंबल सीट पर बिछा कर लेट गया.. वो थोड़ी देर बैठी रही.. फिर मुझ से पूछ कर मेरे आगे सो गई..

मैं बहुत खुश था.. मैं उठ बैठा हुआ और उसकी पीठ पर हाथ रख कर लाइट ऑफ कर दी.. वो भी खुश थी.. थोड़ी देर बाद मैंने अपना हाथ उसके हिप पर रख दिए..

वो कुछ नहीं बोली.. अब मेरा लंड खड़ा हो गया..

मैंने अंधेरे में अपनी पैंट खोल कर लंड बाहर निकल दिया..

वो मेरे पास हो गई.. मेरी तरफ उसकी गाण्ड थी..

मैंने लंड को उसकी गाण्ड पर टीका दिया और अपना हाथ उसके हिप पर रख दिया.. वो कुछ भी नहीं बोली..

मैं अब हाथ फेरने लगा.. मेरा हाथ उसकी कमर पर रखा.. उसने कुछ नहीं किया..

कई देर बाद हाथ फेरने क बाद उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपने दूध पर रख दिया..

मैं काफ़ी खुश था.. मैंने दूध को पकड़ लिया.. दूध मस्त थे..

रस से भरे दूध को मैं दबाने लगा.. वो आ भरने लगी..

कुछ देर दूध को दबाता रहा.. मेरा लंड अब टाइट हो गया.. उसने अपनी घाघरि उँची कर दी.. मैं बहुत खुश हुआ..

मैंने हाथ लगाया तो देखा उसने नीचे कुछ नहीं पहना था.. मेरे हाथ उसके पोंद पर फिरने लगा..

फिर मैंने मेरा टाइट लंड उसके पोंद के बीच की दरार पर रखा..

लंड टाइट होता गया.. लंड धीरे – धीरे दरार को चीरता हुआ गाण्ड क छेद तक पहुँच गया..

फिर मैंने शॉट मारने लगा..

मेरा लंड मस्त पोंद पर उछलने लगा.. उसके दोनों चूतड़ मस्त थे.. मुलायम चूतड़ के बीच लंड से शॉट मारने का मज़ा ही अलग है..

मेरे आगे वाले पार्ट में मज़ा आने लगा..

वो मूड गई.. मैंने उसके होंठ चूसने स्टार्ट कर दिए..

वो मस्त हो गई.. कुछ भी नहीं बोली..

वो चूत चुदाने के लिए तैयार थी.. उसने अपनी कुरती ऊपर कर ली..

दूध देख कर मैं तो निहाल हो गया.. गोरे रंग के मस्त दूध.. आए हाए.. क्या बात थी.. दूध खूब गूल थे.. मुलायम और एक दम सॉफ्ट..

मैं उनको मुंह में डाल कर चूसने लगा..

ब्मुह में डालने से मज़ा आने लगा.. दोनों दूध की निप्पल भी मस्त थी..

थोड़ी देर बाद मैंने उसकी चूत पर हाथ रखा.. वो समझ गई.. लंड चूत में आने वाला है..

उसने अपने हाथ में लंड को पकड़ा तो जोरदार झटका लगा.. उसके हाथ में मेरा लंड मुश्किल से आ रहा था..

उसने चूत पर रखा तो मज़ा आ गया..

फिर धीरे से अंदर डाला तो बहुत मज़ा आया..

 
अब कई झटके मारे पर लंड अंदर नहीं गया.. फिर मैंने लंड पर थूक लगा कर ज़ोर का शॉट मारा..

लंड अब सारा अंदर चला गया.. फिर स्टार्ट हो गई चुदाई.. वो मस्त हो गई..

आंटी – चोदो.. .. मैं .. कब से मोटे लंड से चुदवाना चाह रही थी.. .. ऊऊ.. एया या.. ऊ ऊओ.. मार.. गैइ इ.. चुद गई.. चूत .. मेरी.. फट.. गई..

रंगीला– धीरे बोलो अंकल जाग जाएगे.. चूत चुदे बिना ही रह जाएगी..

आंटी – अंकल एक बार सो जाते हैं तो फिर नहीं जागते.. तुम चूत मारो..

रंगीला– तो फिर पूरी नंगी हो जाओ.. ज़्यादा मज़ा आएगा.. चादर है वो ओढ़ कर चूत चुदा लेना..

हम दोनों नंगे हो गये..

फिर उस पर चादर कर ली.. मैंने आंटी को पकड़ा तो बहुत मज़ा आया.. उसके होंठ गाल चूसे..

उसके दोनों दूध खूब चूसे.. उसको गले लगा कर पीठ पर हाथ फेरा.. उसके चूतड़ को पकड़ कर दबया..

उसके दूध मेरे सीने से लग गये.. मैंने कस कर पकड़ा तो दूध के निप्पल मेरे सीने से लग गये..

दूध सीने से लगे थे.. मज़ा आने लगा..

उसकी चूत की चुदाई फिर शुरू हो गई.. अब शॉट मारने से मज़ा ज़्यादा आने लगा.. मेरे लंड के आस पास के एरिया में बहुत मस्त हो गया..

चुदाई शुरू हो गई..

रात 12 बज गये थे.. वो मस्त हो कर चूत देने लगी.. मज़ा खूब आने लगा..

अब मैंने उसको सीधा लेटा लिया.. मैं उसके ऊपर चढ़ कर चूत में लंड डाल कर चोदने लगा..

मैं पहली बार किसी लेडी को चोद रहा था.. काफ़ी देर तक चुदाई चलती रही.. फिर ट्रेन स्लो हो गई.. कोई स्टेशन आया था..

आंटी – स्टेशन आया है.. रुकना मत.. अंधेरा है.. कोई नहीं देखेगा.. चोदो..

मैंने कहा – 2 मिनिट में कुछ नहीं होता.. रुक कर फिर डाल दूँगा..

मैं उतर गया..

फिर हमारे डिब्बे में आगे दो – तीन स्वारिया चढ़ गई..

थोड़ी देर बाद, मैं फिर शुरू हो गया.. उसको घोड़ी बना दिया.. खुद घोड़ा बन कर उसकी चूत पर मोटा लंड रख कर चोदने लगा..

उसको जाली के पास कर लिया ताकि हम नीचे ना गिर जाए..

असली मज़ा आने लगा..

31 साल की घोड़ी पर 20 साल का घोड़ा चढ़ गया..

वो मस्त हो कर, अपनी चूत में मेरा लंड डलवाने लगी..

उसको ऐसे चुदवाने में मज़ा आने लगा.. मैं शॉट पर शॉट मारने लगा..

फिर कुछ देर बाद, पूरा उसके ऊपर चढ़ जाता.. उसकी पीठ पर चढ़ कर लेट जाता..

वो बेचारी घोड़ी, घोड़े के नीचे अपनी चूत में लंड डलवा कर कुछ भी नहीं बोल रही थी..

वो अपने ऊपर घोड़ा चढ़ा कर खुश थी.. काफ़ी देर तक ऐसे ही चलता रहा.. अब मैं ज़ोर ज़ोर से शॉट मारने लगा..

थोड़ी देर बाद, उसने कहा – अब रुकना मत.. मैं शॉट मार रहा था.. फिर वो ढीली पर गई..

मैं अब भी शॉट मार रहा था.. 2 मिनिट ज़ोर ज़ोर से शॉट मारने के बाद मैंने सारा माल उसकी चूत में डाल दिया.. सच में पहली बार बहुत मज़ा आया..

मैं नीचे उतर कर लेट गया.. वो भी मेरी तरफ मुंह कर लेट गई..

हमने चादर ओढ़ ली..

रंगीला– यार कपड़े मत पहनना.. और करेंगें..

आंटी – कालका तक चूत तुम्हारे लिए है.. सारी रात चुदना..

रंगीला– मैं चंडीगढ़ 2 बजे उतर..

आंटी – एक चुदाई तो मज़े से हो जाएगी..

रंगीला– आप कहाँ रहती है.. अपने नंबर दो..

आंटी – हमारा घर बस स्टेशन के पास है.. मेरे पति हलवाई का काम करते हैं.. आज वापस जा रहे है.. एक मेरी लड़की है.. दो बच्चे मेरी बहन के हैं..

रंगीला– ओ मैं तो समझा था की आपके 3 बच्चे हैं.. आपकी कास्ट क्या है .?.

आंटी – हम पंजाबी हैं..

रंगीला– आपके पति आपको चोदते नहीं क्या .?.

आंटी – चोदते तो हैं पर कम चोदते हैं.. शाम को तक कर सो जाते हैं.. आज तुमने तो मेरी मस्त चुदाई की.. तुम्हारे चोदने का स्टाइल मस्त है..

रंगीला– पहली बार कोई लेडी चुदी है.. मैं तो पेपर देने क लिए आया था दिल्ली..

आंटी – वाह, मेरे राजा.. जब भी आओ तो मेरे घर आना.. मैं घर पर अकेली रहती हूँ.. बच्चे स्कूल और वो दुकान चले जाते हैं.. सास – ससुर पिंड में रहते है.. मेरी एक ननद रहती है..

रंगीला– वो भी चुदना चाहेगी क्या..

आंटी – हाँ.. वो और मैं खुल कर बात करते हैं.. वो अभी तक चुदी नहीं है.. वो अपने मोबाइल पर मुझे नंगी फिल्म दिखती है..

रंगीला– कॉलेज में किसी ने चोदा नहीं .?.

आंटी – वो लड़कियों के कॉलेज में पढ़ती है.. मस्त माल है.. उंगली लेती है..

बातें चलती रहीं और वो खुश हो कर सेक्स की सारी बात बताती रही.. लगभग एक बज गया था..

अम्बाला निकल गया था.. सभी लोग सोए पड़े थे ..

अब मैंने उसको उल्टा कर पीछे से लंड डाल दिया.. लंड खूब टन गया था..

लंड गरम भी था.. कुछ देर झटके मारे.. फिर वो सीधी हो कर दूध चूसने लगी..

दूध की निप्पल मेरे मुंह में थी..

मैंने उस को खूब चूसा..

उसके गाल, होंठ, दूध को खूब चूसा.. वो अब चूत मरवाने के लिए घोड़ी बन गई..

मैंने घोड़ा बन लंड उसकी चूत पर रखा.. शॉट मारा पर लंड ज़रा भी आगे नहीं गया..

कई शॉट मारे तो लंड आगे से दर्द करने लगा..

मैंने उसको सीधा लिटाया.. फिर धीरे से शॉट मारे..

5 शॉट बाद, लंड आधा अंदर गया.. अब मैंने लंड पर थूक लगाया और एक ही शॉट में लंड चूत में घुस गया..

5 मिनिट के बाद, उसकी चूत कुछ चिकनी हो गई..

वो अब घोड़ी बन गई.. मैंने पीछे शॉट मारा.. लंड अंदर चला गया..

फिर एक 30 साल की आंटी की जवान घोड़ी की तरह, एक घोड़े से चुदवाने लगी..

 


आंटी – आ आह ह ऊऊ.. आ आहह.. आ आ.. चोदो.. .. चोदो.. अपनी घोड़ी को.. चूत.. को मज़े से भर दो.. .. मोटा लंड मस त्टत्त.. है.. चोदो.. .. आ आ अह ह.. चोद.. .. आ आ अहह.. मेरे.. घोड़े.. घोड़ी.. को.. ऊपर.. चढ़ कर.. चोदो.. .. घोड़ी की चूत मा आरू.. .. अया.. हम म्म्म.. ऊ ऊ ऊ.. रीई ए.. मार.. गई.. ऊ ऊ ऊओ.. ऊ ऊ ओ.. आ आ आ.. चूत.. मस्त हो गई.. ..

मैं अब धीरे से सारा लंड अंदर डालता, फिर आराम से बाहर निकलता..

स्लो सेक्स से बहुत मज़ा आता है..

मेरा सारा ध्यान लंड पर था.. लंड चूत को चीर कर अंदर जाता फिर बाहर आता तो चूत की दीवार से ल्ज्ने क बाद, लंड और भी मोटा ही गया.. हम दोनों को बहुत मज़ा आने लगा..

आंटी – यार, ऐसे धीरे से करने में बहुत मज़ा है.. घोड़ी तुम्हारी है.. मस्त हो कर चोदो..

मैं अब भी चोद रहा था.. उसके मुलायम चुत्तडों पर जंप आ रहा था.. मेरा लंड बाहर आ गया..

आंटी – यार चूत में डालो..

मैंने ऐसे सुनते ही लंड चूत में डाल दिया.. 3 – 4 झटको क बाद लंड चूत में था.. मज़ा आने लगा..

आंटी – ऐसे ही चुदाई मचाते रहो.. चूत पर खेलो..

उसके दूध मेरे सीने से रगड़ खा रहे थे.. निप्पल के टच करने का मज़ा ही कुछ और था.. दूध का नशा मस्त था.. उसको घोड़ी बन कर ज़ोर से चोदा..

मैंने उसे घोड़ी बनाया और उसकी कमर पकड़ कर चोदने लगा.. घोड़ी बनाकर चोदने का मज़ा ही अलग है..

आंटी – मज़ा आ रहा है एये ए आहा आ हा.. चोदो.. चोदो.. और चोदो.. चूत को फाड़ दो.. आहा आ आ .. आ.. आ.. ऊओ.. उई मा आ.. ओहो ऊवू हा अ.. चोदो.. मज़ा आ रहा है.. .. ज़ोर.. से चोदो.. ओ.. ऊ..

मैंने उसकी कमर छोड़ दी और दूध पकड़ कर चोदने लगा..

थोड़ी देर बाद, पूरा ऊपर चढ़ गया जैसे घोड़ी पर घोड़ा चढ़ जाता है..

मुझे अब और भी मज़ा आने लगा.. थोड़ी देर सेक्स करने क बाद उसके ऊपर चढ़ कर रुक गया..

मेरा लंड उसकी चूत में ही था.. वो मचल रही थी..

मेरी सारी बॉडी उसके ऊपर थी.. मैं ऊपर से उसको बाहों में भर लिया.. मेरा राइट हैंड उसके पीछे से जाकर लेफ्ट दूध को पकड़ लिया.. लेफ्ट हैंड से उसके राइट दूध को पकड़ लिया..

वो पूरी तरह से मेरी पकड़ में थी.. उसके दोनों दूध मेरी पकड़ में थे.. उसकी चूत में मेरा लंड समाया था.. वो मचल रही थी..

मेरा आगे का सारा शरीर में मज़ा ही मज़ा आ रहा था.. मेरा लंड उसकी चूत में रस चोद रहा था..

वो – चोदो ना.. रुक क्यों गये.. मज़ा आ रहा है.. आपने तो.. मुझे पिंजरे में बंद कर दिया.. .. हिलने ही नहीं दे रहे.. मुझ से इतना वजन सहन नहीं हो रहो.. ऊऊ

मैंने उसको ढीला छोड़ दिया.. अब ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा.. कभी पूरा ऊपर चढ़ जाता कभी नीचे से ही चोदता..

15 मिनिट के बाद वो ढीली पड़ गई.. मैं अब भी उसको चोद रहा था..

थोड़ी देर बाद मैंने सारा माल उसकी चूत में छोड़ दिया और खड़ा हो गया..

हमने कपड़े पहन लिए..

आंटी – कालका में आओ तो मेरी चूत चोदने के लिए ज़रूर आना.. दो चूत दिला दूँगी.

.

फिर हमने बातें की और दूध भी चूसे.. फिर मैं 2 बजे चंडीगढ़ उतर गया..

करीब 6 महीने बाद, 30 दिसंबर को मेरा पेपर था..

दिल्ली से लौटने पर, मैंने आंटी को फोन किया..

वो बोली – आप 31 को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे क बीच आ जाओ.. मुझे टाइम है.. रात को हमारे दूसरे घर में रहने की भी जगह है..

मैं 31 को सुबह 10 बजे कालका पहुँच गया.. आंटी को फोन किया तो वो बोली – मैं तुम्हें लेने आई हूँ… तुम गेट क पास आ जाओ..

मैं गेट पर गया तो आंटी तैयार खड़ी थी.. वो मुझे देखते ही खुश हो गई.. उस दिन ठंड बहुत थी.. उसने कोट पहन रखा था..

आंटी – तुम आ गये.. जल्दी घर चलो.. वहीं बात करेंगे.. रंगीला.. घर पर कोई नहीं है.. बच्चे तो बड़े दिन की छुट्टी में ननिहाल गये हैं.. अंकल दुकान गये हैं.. मेरी ननद शर्मिला घर पर है.. उसको मैंने तुम्हारे बारे में सब बता दिया.. वो भी एकदम तैयार है.. आज उसका नंबर पहले लगाना है..

रंगीला– चलो टैक्सी पाकड़ो.. हम टैक्सी पकड़ कर घर आ गये..

आंटी ने मुझे एक कमरे में बिताया..

आंटी – मैं चाय लाती हूँ..

वो चली गई.. फिर थोड़ी देर बाद पानी ले कर एक गर्ल आई..

उसने मुझे नमस्ते किया.. एक दम जवान और देखने में मस्त.. दूध तो बहुत बड़े थे.. टी शर्ट में जंप खा रहे थे.. शायद उसने ब्रा नहीं पहनी थी.. वो मुझे देख कर मुस्कुराई..

रंगीला– आपका क्या नाम है .?.

वो – जी शर्मिला..

मैं समझ गया.. ये वही लड़की है, जिसे मुझे चोदना है..

मैं बस मौके की तलाश में था.. वो गिलास रखने क लिए मूडी और फिर झुकी तो उसके पोंद मस्त लगे..

मैंने उसको पीछे से जा कर पकड़ लिया..

शर्मिला – अरे आप क्या कर रहे हैं .?. छोड़ो.. कोई आ जाएगा..

रंगीला– आज कोई नहीं आएगा.. ये मौका बार बार नहीं आता डार्लिंग..

मैंने उसको सीधा कर लीप लॉक कर दिया.. किस करने लगा.. वो अब कुछ भी नहीं कर रही थी.. उसके गाल मस्त थे..

 


मैंने गाल चूसने शुरू कर दिए तभी आंटी चाय नाश्ता लकर् आ गई..

आंटी – पहले ये नाश्ता कर लो.. ये बाद में कर लेना.. मेरी ननद को आज खूब खुश कर देना रंगीला..

शर्मिला शर्म से लाल हो गई.. उसने सिर नीचे कर लिया..

रंगीला– यार ये तो चलता ही रहेगा.. चलो.. ऊपर देखो..

वो ऊपर देखने लगी.. तभी मैंने आंटी को पीछे से पकड़ कर उसके दूध दबाने लगा.. शर्मिला देखती ही रह गई..

मैंने आंटी का कुर्ता खोल दिया और ब्रा खोल कर दूध चूसने लगा..

आंटी – अरे क्या कर रहे हो .?. गेट खुला है.. पहले तो शर्मिला का नंबर है फिर मेरा.. आ बड़ा मज़ा आ रहा है.. चाय पी लो दूध बाद में पीना.. छोड़ो दूध मेरे.. अया या.. ऊ ऊओ.. ऊऊ.. छोड़ो.. ना.. बूबे..

मैंने दूध छोड़ दिए.. हम नाश्ता करने लगे..

आंटी बाहर चली गई.. मैंने गेट बंद कर दिया..

फिर शर्मिला को पकड़ लिया.. वो काफ़ी खुश थी..

उसके कपड़े उतारे तो वो सेक्स बॉम्ब निकली.. उसके दूध पक्के हुए आम की तरह थे..

गुलाबी निप्पल बहुत मस्त थी.. मैंने पीछे जा कर उसको पकड़ लिया.. वो शर्मा रही थी..

मैंने उसके मस्त चूतड़ मैं लंड रख कर शॉट मारा.. लंड चूतड़ की दरार को चीरता हुआ अंदर चला गया..

अब उसके दूध पकड़ कर दबाने लगा.. दूध बड़े मस्त थे.. एकदम आम की तरह..

उसने गर्दन मोडी तो उसके गाल पर किस स्टार्ट कर दिया..

अब वो मेरी पकड़ में थी.. उसकी गाण्ड में लंड, मेरे हाथ में दोनों दूध और मेरे होंठों में उसके गाल..

वो एकदम मस्त हो गई.. चुपचाप सेक्स का मज़ा लेने लगी..

मैं 10 मिनिट तक ऐसे ही रहा..

अब वो मस्त हो गई.. मैं उसके आगे आ गया.. उसके लिप्स को किस करने लगा..

उसके पतले गुलाबी होंठ मस्त थे.. चूस चूस कर मज़ा आने लगा.. फिर दूध को चूसने लगा..

एक दूध मुँह में ले लिया.. दूसरे को दबाना शुरू कर दिया.. बदल – बदल कर दोनों दूध को चूस रहा था..

अब निप्पल भी मुँह में ले लिए.. मस्त निप्पल थे.. वो एकदम मस्त हो गई.. 18 साल की लड़की की सब चीज़ मस्त होती है..

क्या किस्मत बदली.. 18 की मस्त चूत.. जोरदार तन में सेक्स का मज़ा डबल हो जाता है..

वो आ भरने लगी.. गोरे बदन वाली सरदार की पंजाबन लड़की..

शर्मिला – आ आह ह.. मज़ा.. एया या.. रहा आ.. है.. जीए.. अब वो अंदर डाल दो.. .. आ आअ हह.. आ आ आ.. आ आ अह ह.. ऊ ऊह ह..

रंगीला– तुम ही पकड़ लो.. मेरी जान..

उसने मेरा टाइट लंड को अपने ठंडे हाथ से पकड़ा.. फिर चूत पर रखा.. चूत एकदम बंद थी.. शॉट मारने पर भी अंदर नहीं गया..

मैंने उसको बेड पर लिटा लिया.. फिर टाँग चौड़ी करवा कर लंड चूत पर रखा..

अब मैं उस पर झुक गया.. शॉट आराम से मारे तो लंड थोड़ा सा अंदर गया.. वो आ भर रही थी..

मैंने लंड पर थूक लगाया और ज़ोर से शॉट मारा.. आधा लंड उसकी चूत में चला गया..

अब मैंने लंड बाहर निकल कर बहुत सारा थूक लगा कर जोरदार शॉट मारा..

लंड चूत चीरता हुआ अंदर चला गया.. वो चिल्लाने लगी..

शर्मिला – ऊऊ मर गई.. ये बाहर निकालो.. प्ल्ज़ प्ल्ज़.. दर्द हो रहा है.. ऊओ

मैंने बाहर निकाल कर ज़ोर ज़ोर से 5 – 6 शॉट मार दिए.. वो चोख रही थी..

रंगीला– अब मज़ा आने लगेगा.. थोड़ा दर्द तो होता है.. बंद सील को तोड़ने पर दर्द तो होगा ही.. अब तुम कहोगी तभी अंदर डालूँगा..

वो अपनी चूत देखने लगी.. कुछ देर बाद मुस्कुराई..

वो थोड़ी सी मोटी तो नहीं कह सकते हाँ भरे बदन के थी.. ऐसी लड़की को चोदने का मज़ा ही अलग होता है.. वो अब कम शर्मा रही थी..

रंगीला– यार बोलो ना कुछ.. बिना बोले चूत की चुदाई नहीं होती.. लंड आने दम..

अब मैंने उसका इशारा पा कर लंड एक ही शॉट में अंदर घुसेड दिया..

फिर शॉट मारने लगा..

उसके दूध हर शॉट पर जंप ले रहे थे.. वो मस्त हो कर मुस्करा रही थी..

शर्मिला – आ आह ह मेरी चूत मार लो आज.. मज़ा आ रहा है.. चूत की मस्त चुदाई करो.. आ.. लंड सारा अंदर डाल दो.. तुम्हारा माल तो मस्त है.. ऊऊ.. आ आह ह.. हह.. ऊ ऊ ओह.. ऊओि इ.. मा अर लो.. चूत.. मेरी तो.. आज.. मस्त हो गई.. .. ऊऊ..

रंगीला– चलो, अब घोड़ी बन जा मेरी रानी.. बहुत मज़ा आएगा चूत मारने का..

शर्मिला – क्या.. कैसे.. मैं समझी नहीं..

रंगीला– तुम उल्टी लेट जाओ.. अब पीछे से घुटने मोड़ कर अपनी गाण्ड ऊपर करो.. ऐसे.. अब मस्त हो कर चूत में लंड डलवओ..

वो घोड़ी बन गई.. मैंने उसके कंधे पर दोनों हाथ रखे और चूत में लंड घुसेड दिया..

अब ज़ोर ज़ोर से शॉट मारने लगा..

पीछे से शॉट मारने पर लंड को फुल मज़ा आता है..

मेरी बॉडी का अगला पार्ट उसकी चूत, पोंद और उसके पैरों से लग कर मस्त हो गया..

चुदाई का ये नंबर 1 स्टाइल है..

शर्मिला – यार बहुत मज़ा है.. ऐसे ही चोदो मेरी चूत.. घोड़ी की चूत घोड़ा बन कर लेते रहो.. यार.. .. आअज.. तो.. किस्मत का ताला खुलगया.. ऊवू.. आ ओउू उच्च.. मरो.. मरो.. ऊऊ.. आ ओउ उच.. चोद मचा लो.. याअर.. ऊऊ.. य्आ.. ऊ ऊ.. याअ.. ऊ ऊओ.. य्आ अ.. ऊ ऊऊ.. या.. कम ओन..

रंगीला– मस्त माल हो तुम.. बेबी.. लंड कैसा है .?.

शर्मिला – मस्त है..

अब मैंने स्लो सेक्स स्टार्ट कर दिया.. लंड अंदर जाता तो चूत की दीवार से रगड़ खा कर लंड और भी मोटा होने लगाता.. मज़ा बढ़ने लगा..

शर्मिला – मेरी चूत.. ( ! ) ओ या स्लो सेक्स में मज़ा बहुत है.. उ उ उइइ मा आ.. मर गई.. .. मैं.. ओ या ओ या.. ओ.. य्आ ऊओ य्आ मेरी.. .. ऊ ओह.. .. चुतटत्त.. मरर र र.. .. गैई ई.. य्आर र र्र्र्र्र् र र र.. .. ऊ ऊ ऊ हह.. आ आ आ आ आ आ अह ह ह.. आ आ ह ह.. आ आह ह.. आ आ.. आ आ.. आ आ.. आ आ आ.. .. ऊवू.. .. मेरिइ इ.. .. चूत.. में डालते रहूऊ.. ऊओ थोड़ा दर्द भी.. तुम रुकना मत.. चोदो राजा..

मैं लगातार चोदता रहा.. वो चिल्लाती रही.. वो मेरा साथ दे रही थी.. मज़ा बहुत आ रहा था..

मैंने उसके दूध पकड़े तो उसने आह ह भरी.. उसके दूध बड़े और काफ़ी सॉफ्ट थे..

उसकी आवाज़ काफ़ी मीठी थी.. जब वो आह ह भरती तो आग लग जाती..

 


शर्मिला – चोदो याअ र.. .. दूध कस के पकड़ो.. मज़ा.. ( • ) ( • ) मज़ा आता है.. निप्पल को उंगली के बीच में ले कर बूबे को दबाओ यार.. ओ.. ओ.. ओ.. ऊ ऊह ह.. य्आ.. .. ऊ ओह.. आ आह ह.. आ आह ह..

मैंने दूध को दबाना स्टार्ट कर दिया.. दूध हाथो से बाहर आने लगे..

शर्मिला – यार, मेरे ऊपर चढ़ जाओ.. ऊपर चढ़ कर चूत को चोदो.. अपना डंडा ज़ोर से आने दो..

मैंने शर्मिला के ऊपर चढ़ गया लंड उसकी चूत में था.. थोड़ी देर शॉट मार कर.. उसके ऊपर ही चढ़ कर रुक गया..

मैं उसकी पीठ पर लेट गया.. शर्मिला क गालों पर किस करने लगा.. शर्मिला अपनी चूत में मोटा लंड डलवा कर चुप थी..

शर्मिला – अब तो मज़ा आया है.. अब ज़ोर से मारो..

अब मैं समझ गया की वो फुल मज़ा ले रही है.. मैंने उसको बेड के एक कोने पर घोड़ी बनाया और मैं ज़मीन पर खड़ा हो कर शॉट मारने लगा..

शर्मिला – जी.. ज़ोर से मरो.. चूत चुदाने में.. आ आ अहह.. बड़ा मज़ा है.. ऊ ऊ ओ.. ज़ोर.. से.. मेरी चूत ले लो.. आ आ आ.. ह्म्म्म्म.. ऊ ऊप.. .. ऊ ऊ ओि ई ई ई ई.. मा आ आ अ.. .. मर.. गैइ.. ऊ ऊ ओ.. य्आ अर.. आ आ आ आ आह ह.. ऊ ऊ ओह.. लंड मस्त है.. .. ऊ ऊ ऊय यय्य या आअ.. ऊओ.. य्आ अ.. ऊऊ ओ…

रंगीला– बस दो मिनिट और लगेगे..

मैं ज़ोर से शॉट मारने लगा.. वो सब कुछ भूल कर मज़ा ले रही थी..

शोर भी मचा रही थी.. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.. थोड़ी देर बाद वो ढीली पर गई..

मैं भी एक मिनिट बाद झड़ गया.. सारा मज़ा उसकी चूत में उतार दिया..

मैंने उसके दूध पकड़ लिया और पीठ पर किस किया.. थोड़ी देर बाद हट गया.. अब वो सीधी हो कर बेड पर लेट गई..

मैंने उसके मस्त दूध को पकड़ कर चूसने लगा.. वो मेरे सिर पर हाथ फेरने लगी..

कुछ देर बाद, हमने कपड़े पहन लिए..

शर्मिला – मैं भाभी को भेजती हूँ.. चाय लाती हूँ..

वो चली गई.. आंटी आ गई..

आंटी – कैसी रही चुदाई .?.

रंगीला– ये तो शर्मिला से ही पूछो.. मेरी रानी.. लंड की दीवानी.. आ आओ पास मेरे.. अपने कपड़े खोल क आ जा..

वो कपड़े खोल क बेड पर आ गई.. मैंने उसके दूध को पकड़ लिए.. वो मस्त हो गई..

आंटी – अभी चोदोगे क्या .?.

रंगीला– यार, अभी तो मेनू देख रहा हूँ.. चुदाई में एक घंटा लगेगा.. सारा माल तो मैंने उसकी चूत में डाल दिया.. बातें चलती रही..

शर्मिला अंदर आई तो आंटी को नंगा देख कर वापस मूड गई..

रंगीला– अंदर आ जाओ शर्मिला.. अब कैसा शरमाना..

आंटी – आ जाओ अंदर..

मैं खड़ा हो कर उसको अंदर ले आया.. उसने चाय दी.. फिर मैंने गरमागरम द्रक वाली चाय पी..

रंगीला– चलो मेरे पास आओ..

वो मेरे पास आ गई.. मैंने उसको पकड़ कर किस शुरू कर दिया.. आंटी भी मेरे पास आ गई..

फिर, मैं शर्मिला के मस्त दूध को पकड़ कर चूसने लगा.. वो मेरे सिर पर हाथ फेरने लगी..

कुछ देर बाद, हमने कपड़े पहन लिए..

शर्मिला – मैं भाभी को भेजती हूँ… चाय लाती हूँ…

वो चली गई.. आंटी आ गई..

आंटी – कैसी रही चुदाई .?.

रंगीला– ये तो शर्मिला से ही पूछो.. मेरी रानी.. लंड की दीवानी.. आ आ ओ पास मेरे.. अपने कपड़े खोल के आ जा..

वो कपड़े खोल के बेड पर आ गई.. मैंने उसके दूध को पकड़ लिए.. वो मस्त हो गई..

आंटी – अभी चोदोगे क्या .?.

रंगीला– यार, अभी तो मेनू देख रहा हूँ.. चुदाई में एक घंटा लगेगा.. सारा माल तो मैंने उसकी चूत में डाल दिया..

बातें चलती रही.. शर्मिला अंदर आई तो आंटी को नंगा देख कर वापस मूड गई..

रंगीला– अंदर आ जाओ, शर्मिला.. अब कैसा शरमाना..

आंटी – आ जाओ अंदर..

मैं खड़ा हो कर, उसको अंदर ले आया.. उसने चाय दी..

फिर मैंने गरमा गरम द्रक वाली चाय पी..

रंगीला– चलो, मेरे पास आओ..

वो मेरे पास आ गई.. मैंने उसको पकड़ कर किस स्टार्ट कर दिया.. आंटी भी मेरे पास आ गई..

मैंने आंटी को पास बुला लिया.. ठंड जोरदार थी..

आंटी की लंबाई मेरे से थोड़ी कम थी.. वो गोरी और थोड़ी सी मोटी थी..

इस कारण, आंटी सेक्स बॉम्ब लग रही थी.. उसके बोलने का अंदाज़ मस्त था.. उसकी बातें सुन कर कोई भी उसका दीवाना हो जाए..

शर्मिला जाने लगी..

 


रंगीला– रूको यार.. तुम्हारी भाभी जी की चुदाई होने वाली है..

शर्मिला – आप दोनों करो.. मेरा यहाँ रहना ठीक नहीं है.. आप दोनों के बीच..

रंगीला– चलो 10 मिनिट रुक जाओ..

वो मान गई.. वो बेड पर आ गई.. मेरे बिल्कुल आगे आंटी थी.. मैंने उनको पीछे से पकड़ रखा था और गोद में बिठा कर दूध दबा रहा था.. साथ में उसके गालों को चूस रहा था..

रंगीला– शर्मिला तुम अपने कपड़े खोल कर मेरी पीठ के पीछे आ जाओ.. अपने दूध मेरे पीछे रखो.. चलो जल्दी करो..

शर्मिला कपड़े खोल कर मेरे पीछे आ गई.. उसने मेरी पीठ पर दूध रख दिए..

मज़ा आने लगा..

दो दूध मेरे हाथ में थे और दो दूध मेरी पीठ के पीछे शर्मिला रगड़ रही थी..

शर्मिला के दूध ठंड में अच्छे लगने लगे..

अब मैंने दोनों को लिटा लिया.. आंटी को उल्टा कर लिटा लिया..

शर्मिला को बिल्कुल उसके पास ही सीधा ही लेटा लिया..

शर्मिला को चोदे हुए करीब 1 घंटे से भी ज़्यादा टाइम हो गया था.. वो अब मस्त हो गई थी..

आंटी को उल्टा लेटा कर उसके चुत्तडों में लंड डालने वाला था..

अब मैने शर्मिला के हाथ में लंड पकड़ा दिया.. शर्मिला ने अपने मुलायम हाथ में लंड को पकड़ा तो लंड एकदम खड़ा हो गया..

मैने शर्मिला को अपने पास कर लंड उसके मुँह में डाल दिया.. वो कुछ समझ नहीं पाई..

उसके मुँह में लंड को बहुत मज़ा आया.. मैंने उसके मुँह को आगे पीछे किया तो वो फिर स्टार्ट हो गई..

5 मिनिट के बाद मैंने लंड बाहर निकल लिया.. उसने लंड को पकड़ कर आंटी के चूतड़ पर रख दिया..

मैंने शॉट मारा तो लंड चूतड़ की दरार से होता हुआ गाण्ड में चला गया.. मैं आंटी पर लेट गया..

शर्मिला के दूध मेरे हाथ में थी.. मज़ा आने लगा..

आंटी – अब तो गाण्ड मारने की जगह चूत ही मार लो.. सीधी हो जाऊं क्या .?.

वो सीधी हो गई..

रंगीला– शर्मिला.. आंटी की चूत में लंड पार्क करवा दो..

शर्मिला ने लंड पकड़ा और मुस्कराती हुई लंड चूत पर रखा.. मैंने ज़ोर से शॉट मारा.. आंटी की आ निकल पड़ी..

आंटी – अ या.. मज़ा.. आ रहा है.. शर्मिला को भी.. बहुत मज़ा.. आया होगा.. मुझे भी मज़ा दो.. अब.. शर्मिला.. तुमने बताया नहीं..

शर्मिला – मज़ा तो आया ही था.. पहली बार करने में थोड़ा तो दर्द होता है.. अब मुझे पता चला की आप रात को भैया से सारी रात क्यों चुदवाती रहती है..

आंटी – क्या तुमने हम को करते देखा है .?.

शर्मिला – हाँ कई बार.. आपके कमरे में आवाज़ आती है.. आप भैया को गाली भी बहुत निकलती हैं ना.. चोद मुझे साले.. कुत्ते.. मां की.. बहन की..

आंटी – अरे यार.. तुम तो पूरी एक्सपर्ट निकली..

शर्मिला – एक दिन तो आप चुबारे पे दिन में ही कर रहे थे..

आंटी – अरे यार..

वो हँसने लगी.. मैं उन दोनों की बातो में आनंद ले रहा था..

आंटी की आँख बंद थी.. मैं उसको आराम से चोद रहा था..

उसके दूध मेरे सिने से टकरा रहे थे.. उसके गालों को चूस रहा था.. मेरा एक हाथ शर्मिला के दूध पर था..

रंगीला– आंटी, तुम भी ना.. शर्मिला को अंकल से चुदा दिया करो यार.. तुम दोनों चुदाई करते हो और ये चूत में उंगली लेती है..

शर्मिला – वो मेरे सगे भाई हैं.. भाई से भी कोई ये करता है .?.

रंगीला– करता क्यों नहीं है.. आज कल तो बहन को भाई ही चोदता है.. दिन रात चुदाई चलती है.. कई बेटे तो अपनी मां को भी चोद देते हैं.. भाभी तो देवर से रोज चुद्वा ही लेती है.. आंटी भी चुद जाती है.. मुझे तो ये सब पता है.. कई परिवार में तो भाभी ननद और भाई, जीजा, साली और बीबी साथ में चोदते है.. एक दूसरे के साथ और सामने ही..

शर्मिला – नहीं यार, ऐसे थोड़े ही होता है..

आंटी – ऐसे ही होता है.. अपने पड़ोस में जो रामकुमार है ना.. उसकी बीवी अपने पति और देवर दोनों से चूत चुदवाती है.. अपनी पीछे वाली गली में.. एक लड़का है वो अपनी बहन और भाभी को एक साथ चोदता है.. मुझे मीना दीदी ने बताया था.. मैंने उनको चोदते हुए भी कई बार देखा है..

शर्मिला – सच्ची भाभी !!

आंटी – हाँ.. उसकी भाभी से मेरी दोस्ती है.. उसके पति बाहर रहते हैं तो भाभी ने अपने देवर को लाइन देनी शुरू कर दी.. फिर वो उसको रोज चोदने लगा.. एक दिन उसकी ननद ने देख लिया तो.. उसको भी पकड़ कर देवेर के पास ले आई.. भाभी बोली की किसी को बताना मत.. फिर उसको भी अपने ग्रूप में मिला लिया.. अब दोनों रात को छत पर नंगे ही रहते हैं.. जब उनकी माता जी सो जाती है तो भाभी और बहन की चुदाई शुरू हो जाती है..

शर्मिला – फिर तो वे रोज करते हैं .?. किसी को पता नहीं लगाता..

आंटी – सिर्फ़ मुझे ही पता है.. वो मेरी फ्रेंड है.. वो तो मुझे भी कह रही थी.. मैंने मना कर दिया.. उसकी बहन तो रोज बस रात होने का वेट करती रहती है.. अपने भाई से एकदम खुल कर चुदाई करती है.. कुछ दिन पहले उनकी माता जी गाँव गई थी तो वे सारे दिन नंगे ही घूमते थे.. मैंने उनको घर पर करते देखा था.. बहुत मज़ा आया था..

रंगीला– ये तो चलता ही है.. तुम कब अपने भाई से मरवावगी .?.

शर्मिला – नहीं यार.. ये तो ग़लत ही है.. मैं तो आप से ही..

रंगीला– मैं तो यहाँ दो दिन ही हूँ.. रोज रोज तुमको चुद ही नहीं सकता..

शर्मिला – कोई फ्रेंड देख लूँगी.. फ़ोन करके आप को बुला लूँगी..

आंटी – कोई ना मिले तो अपने भाई से ही चुदा लेना..

रंगीला– मज़ा आ रहा है ना..

आंटी – हाँ.. यार.. लंड मस्त है.. घोड़ी बना कर चोदो अब.. चूत भी खुल गई है..

रंगीला– यार, एक बात बोलो.. तुम को अंकल में ज़्यादा मज़ा आता है या मेरे साथ..

शर्मिला – बोलो भाभी.. आज पता चलेगा..

आंटी – उनके साथ तो रोज ही करती हूँ.. तुम्हारे साथ ज़्यादा मज़ा आता है.. मेरी चूत को एकदम जवान लंड से चुदाने में मज़ा आता है.. तुम्हें पता है क्या एक औरत अपने से कम उम्र के घोड़े से चुदाने में ज़्यादा इंटेरेस्ट लेती है और एक जवान औरत को कोई मोटा लंड मिलता है तो.. उसको मज़ा बहुत आता है.. यार हमारी गली से 2 – 3 गली छोड़ कर कुम्हारो के घर हैं.. उन्होने 3 – 4 गधे पाल रखे हैं.. गधे का लंड बहुत बड़ा और खूब मोटा होता है.. गधी तो मस्त हो जाती होगी.. कभी जी करटा है की एक गढ़ा अपने ही पाल लूँ.. फिर गधे क नीचे घोड़ी बॅंकर साड़ी रात चूत चूडौऊ.. यार उनकी लॅडीस तो दिन रात गधे से ही मरवती होगी .?. खूब मज़ा लेती होगी..

रंगीला– कभी चूत मत फड़वा लेना.. वैसे मौका मिले तो डॉग से भी ये काम करवा सकती हो.. कई औरत कुत्ता पलटी है.. वो इसी काम के लिए..

आंटी – लो घोड़ी तैयार है.. आ जाओ.. इस स्टाइल में चोदो ना.. आह आ आ..

मैंने उसे डॉगी स्टाइल में लकर् पीछे से लंड चूत में डाल दिया..

मेरा लंड और जांघ उसके गोल गोल नितंबो से टकरा कर एक अलग ही नशा हो रहा था.. उसकी चूत बड़ी रसीली थी..

शर्मिला मेरे पास ही थी.. वो भी खुश थी.. लंड पूरा बाहर आता और फिर उसी स्पीड से अंदर जाता..

हमारा ये खेल कोई नहीं देख रहा था.. इतनी ठंड ने सेक्स का मज़ा डबल कर दिया..

मैं आंटी की कमर को छोड़ कर उसके रसीले दूध पकड़ लिए.. अब दूध के झटकों से सेक्स की गाड़ी चल पड़ी..

 


आंटी – यार सर्दी में सेक्स का मज़ा ही कुछ और है.. तुम पूरे घोड़े की तरह मेरे ऊपर चढ़ कर चोदो मेरे राजा.. आज बहुत मज़ा आ रहा है.. ओ या ओ या ओ या या या .. कम ओन..

मैंने अब उसके दोनों बूब्स को छोड़ कर उसके कंधे पर हाथ रख लिया.. सेक्स का ये स्टाइल बढ़िया था..

मुझे थोड़ा सा ही ज़ोर लगने पर ही खूब मज़ा आ रहा था.. लंड भी सही जा रहा था..

मैं लगातार चोदता जा रहा था..

शर्मिला मेरे सामने दोनों की चुदाई देख रही थी..

अब मैं उसके ऊपर चढ़ गया सारा लंड उसकी चूत में था.. उसकी पीठ पर लेट गया..

उसकी पीठ को चाटने लगा वो बहुत एग्ज़ाइटेड हो गई..

आंटी – यार हिलना मत ऐसे ही रहो.. प्ल्ज़ प्ल्ज़ मुझे मज़ा आ रहा है..

कुछ देर बाद मैं उतर कर फिर शुरू हो गया..

आंटी – यार अब धीरे – धीरे से चोदा – चादि करो.. मैं अभी झड़ना नहीं चाहती.. चलो थोड़ी देर रुक जाओ..

मैंने लंड बाहर निकाल दिया और लेट गया.. फिर मैंने शर्मिला की तरफ देखा.. वो मुस्कुराई..

मैंने उसको घोड़ी बना लिया.. उसकी चूत चुदने के लिए तैयार थी.. उसमे चिकनाई थी.. वो बहुत खुश थी..

अब मैं कभी चोदता कभी पूरा ऊपर चढ़ जाता और उसके दोनों दूध पकड़ कर चोदने लगाता..

मेरे लंड और दोनों पैर उसकी मुलायम गाण्ड और पैरो से भीड़ – भीड़ कर फट फट की आवाज़ कर रहे थे..

आगे के सारे शरीर में मज़ा ही मज़ा आ रहा था.. जहाँ – जहाँ मेरी बॉडी शर्मिला की बॉडी से टच कर रही थी वहाँ बहुत ही मज़ा आ रहा था..

अब मैंने शर्मिला को बेड के कोने पर ले आया और खुद ज़मीन पर खड़ा हो कर चोदने लगा.. अब ज़ोर कम लगाना पड़ रहा था..

शर्मिला के दूध पकड़ कर चोद रहा था..

शर्मिला – आआहा बहुत मज़ा आ रहा है चोदो.. आआहाआ मार गई..

मैं सारा लंड बाहर निकलता और फिर सारा अंदर डालता..

शर्मिला – जल्दी करो.. 2 मिनिट में काम होने वाला है.. भाभी को.. भी.. चोदना.. आहा मार दिया मुझे.. राजा जल्दी करो.. आआहाआ मार गई मैं.. चूत का सारा रस निकल दो.. .. साड़ी चूत चोदो.. .. मैं राजा की रानी हूँ.. रानी बना लो मुझे.. चलते रहो.. रुकना मत..

शर्मिला जल्दी झड़ गई.. मैं भी झड़ गया..

फिर भी और मज़ा आने वाला था.. आंटी तैयार तीस..

शर्मिला चूत मरवा कर खड़ी हो गई.. वो कपड़े पहन कर बाहर चली गई..

आंटी – यार आज बहुत मज़ा आया.. आओ फिर शुरू करें.. धीरे – धीरे स्पीड बढ़ाना..

रंगीला– ठीक है.. चलो घोड़ी बनो..

मैं उसको बेड के एक कोने पर ले आया.. खुद बेड के नीचे खड़ा हो कर धीरे – धीरे धक्के मारने लगा..

मेरे हर शॉट पर उसकी आ निकल रही थी..

हर धक्के का अपना मज़ा था.. अब मैंने बहुत ही धीरे धीरे लंड अंदर डालता..

फिर बाहर निकलता चूत के अंदर रगड़ खाने से लंड को बहुत मज़ा आ रहा था.. लोग ज़ोर ज़ोर से धक्के मार कर 5 मिनिट मैं सेक्स कर लेते है.. मगर ऐसे तो चाहे सारी रात मज़े लेते रहो..

आंटी – यार ये स्टाइल तो और भी मस्त है.. प्ल्ज़ ऐसे ही चोदो मुझे.. बहुत मज़ा है ऐसे करने में.. यार तुम्हारा लंड मस्त है मेरे राजा.. लगे रहो..

लंड हर बार चूत चीरता हुआ अंदर जाता तो हम दोनों को बहुत मज़ा आता..

30 मिनिट तक ये चलता रहा..

बीच में झड़ने वाली होती तो हम 5 मिनिट रुक जाते..

आंटी – अब रुकना मत.. अब मुझे चोद कर वो सुख दो.. आ.. ऊओ.. मेरी चूत.. मज़ा एयाया रहाा हाीइ.. ऊऊ.. चोदो याअर.. .. चोदो.. चोद मचा लो.. मेरी.. मेरी.. चूत तो अब.. .. आआहह.. एयाया.. य्ाआअ.. ऊऊवरीई..

मैं अब ज़ोर ज़ोर से शॉट मारने लगा..

थोड़ी देर में वो झड़ गई.. मैं भी उसके बाद झड़ गया..

सारा माल उसकी चूत में चला गया.. उसने कपड़े से चूत सॉफ की और लंड सॉफ किया.. हम दोनों बेड पर लेट गये..

बिस्तर काफ़ी मुलायम था.. हम थक चुके थे.. वो मेरे बालो को सहला रही थी.. मैं उसके दूध पर हाथ फेर रहा था..

वो खुशी से पागल हो रही थी.. शर्मिला भी आ गई.. हम दोनों नंगे ही थे.. मैं खड़ा था..

शर्मिला आई तो मैंने उसको पकड़ लिया..

रंगीला– चलो यार.. तुम्हारी आंटी और तुम दोनों की मस्त चुदाई कर दी.. अब लाओ मेरा गिफ्ट..

शर्मिला – क्या गिफ्ट चाहिए .?.

रंगीला– तुम को गिफ्ट देना ही होगा.. माना नहीं करना है..

शर्मिला – जो चाहे माँग लो..

रंगीला– देख लो देना ही होगा.. सोच लो..

शर्मिला – अगर मेरे पास होगा तो पक्का दूँगी.. अब बोलो भी..

रंगीला– तो मुझे अभी तुम्हारी चूत चाहिए.. वो भी डॉगी स्टाइल में..

शर्मिला – अरे यार.. तुम भी.. अभी तो तुम हम दोनों को चोद कर रुके हो.. अभी फिर से चाहिए.. यार शाम को दूँगी.. अभी तो मूड नहीं है.. थोड़ा दर्द भी हो रहा है..

रंगीला– तुम वादा कर मुकर गई..

शर्मिला – भाभी रंगीलाको समझाओ ना प्ल्ज़.. शाम को पक्का दूँगी.. सारी रात चोदना चाहे.. भैया के सोने के बाद हम दोनों तुम्हारे कमरे में आ कर चूत मरवाएगी.. एकदम पक्का.. भाभी बोलो ना..

आंटी – हाँ.. शाम को रंगीलाको तुम अपने दूसरे वाले मकान में ले जाना.. वहाँ कोई नहीं आएगा.. मैं तुम्हारे भाई की कह दूँगी की शर्मिला अपनी सहेली के यहाँ गई है.. वो खाना खा कर दूध पिएगे तो उनको नींद वाली गोली दे दूँगी.. वैसे भी वो एक बार सोने के बाद जागते ही नहीं.. मैं फ़ोन करूँ तो तुम दोनों आ जाना.. फिर सारी रात अपनी ही है..

रंगीला– यार मैंने तो तुमको रात के लिए पक्का किया था.. वैसे तुम दोनों को चोद कर थक गया हूँ यार..

शर्मिला – चलो कपड़े पहन कर सो जाओ.. मैं तुम्हें 5 बजे ले कर उधर चलूगी..

फिर आंटी बाहर चली गई.. शर्मिला मेरे पास बैठी थी.. आंटी ने चाय नाश्ता ले आई.. मैं ख़ा कर सोने लगा..

रंगीला– यार शर्मिला तुम भी मेरे पास ही सो जाओ.. तुम भी तक गई हो..

आंटी – तुम दोनों सो जाओ.. मैं जगा दूँगी..

आंटी गेट बंद कर बाहर चली गई.. शर्मिला मेरे पास आ गई.. उसने अपनी टी शर्ट उतार दी और मेरी टी शर्ट भी उतार दी.. फिर अपने मस्त दूध मेरे मुँह में देकर अपनी गोरी बाहें मेरी पीठ पर फेरने लगी..

मुझे मज़ा आने लगा..

शर्मिला – यार तुम ने तो मस्त चुदाई की.. अब मेरे दूध के मज़े लो.. आराम से सो जाओ..

फिर वो बातें कर रही थी.. मैं उसके दूध चूसते – चूसते सो गया..

यार, भाभी तो 5 बजे जागने का कह रही थी अब तो 6 बज गये हैं.. मैंने शर्मिला को दूध पकड़ कर उठाया..

वो चूत मरवा कर, मस्त नींद ले रही थी.. फिर उसके लीप पर किस किया.. वो फिर भी सोई रही..

 


अब मैंने उसकी चूत पर हाथ रखा और रब किया तो वो जाग गई..

शर्मिला – क्या.. कर.. रहे हो.. यार .?.

रंगीला– यार, 6 बज गये.. तुम्हारे भाई कब तक आएगे .?. आंटी जी ने तो हमें जगाया ही नहीं.. आंटी को बुला कर लाओ, यार..

शर्मिला – वो तो रात को 9 – 10 बजे आएगे.. मैं भाभी जी को बुलाती हूँ..

वो तो चली गई..

थोड़ी देर बाद, आंटी आई..

आंटी – नींद ले ली, मेरे राजा.. वो तो 9 बजे आएगे.. तुम 8 बजे शर्मिला को ले कर चले जाना.. और हाँ वहाँ शर्मिला को चोदने मत लग जाना.. चुदाई के लिए मैं यहीं बुला लूँगी.. अब खाना खाओगे या कुछ और लोगे .?.

रंगीला– मैं तो दूध पी लूँगा..

आंटी – मीठा दूध..

रंगीला– मीठा नहीं बल्कि फीका.. दूध वो भी तुम्हारे दूध का..

आंटी – यार, रात को पिला दूंगी.. अब तो बहुत काम पड़ा है.. मेरे राजा.. रात को पीना.. तुम्हारे अंकल कब आएँगे पूछा क्या .?.

उसने फ़ोन मिलाया.. अंकल बोले की 8:30 – 9 बज जाएगे..

आंटी – 9 तो बज ही जाएगे.. तुम 8 बजे ही चले जाना.. मैं किचन में जा रही हूँ..

वो किचन में चली गई.. मैं 30 मिनिट तक कमरे में ही बैठा रहा.. टाइम ज़्यादा पड़ा था..

मैं किचन की तरफ चला गया.. आंटी काम कर रही थी.. उनका फेस दूसरी तरफ था.. मैंने चारो तरफ देखा तो कोई नहीं था..

मैं चुपचाप आंटी के पीछे गया और आंटी को पीछे से पकड़ लिया.. आंटी एकदम चुंक पड़ी.. फिर मुस्कुराई..

आंटी – यार, तुम हो.. मैंने सोचा कौन आ गया.. कुछ चाहिए क्या .?.

रंगीला– नहीं.. मैं अपने आप ले लूँगा..

वो काम करने लगी.. मैंने उनके दूध पकड़ लिए.. दूध तो मस्त थे ही.. उनको दबाने लगा..

फिर हाथ, कुरती के अंदर डाल दिया.. दूध पर हाथ फेरने लगा..

रंगीला– अब आप कुछ भी नहीं बोलॉगी..

आंटी – क्यों.. रंगीला..

रंगीला– वो इसलिए की अपने हाथ ऊपर करो..

उसने हाथ ऊपर किए तो फटाफट कुरती उतार दी..

फिर घाघरि का नाडा खोल दिया.. वो आधी मिनिट में ही नंगी हो गई..

आंटी – यार, कोई आ जाएगा.. किचन में तो कोई भी लेडी सबसे पहले आती है..

रंगीला– कोई बात नहीं.. उसको भी चोद देंगे..

आंटी – यार, कोई आ ना जाए.. वैसे डोर बेल बजा कर ही आएगा..

मैंने अपने कपड़े उतार दिए.. लंड एकदम खड़ा था.. मैंने उसको चूतड़ पर रखा और शॉट मार दिया..

लंड, गाण्ड में चला गया..

आंटी – अरे यार, ये तो खूब मोटा है.. निकालो यार..

मैंने उसको बाहर निकाल कर थूक डाल कर फिर शॉट मारने लगा.. आंटी ने मना किया पर 7 – 8 शॉट बाद वो कुछ नहीं बोली..

उसके चूतड़ मस्त थे.. हमारा खेल चल ही रहा था की शर्मिला आ गई.. वो हम दोनों को देख कर चौंक गई..

शर्मिला – अरे.. क्या कर रहे हो.. किचन में.. भी.. ये.. कोई आ गया तो .?.

आंटी – तुम मेन गेट का लॉक लगा आओ.. जल्दी करो..

वो फटाफट गेट को लॉक कर वापस आ गई..

आंटी – मुझे तो रंगीलाछोड़ ही नहीं रहा.. तुम खाना बना लो.. शर्मिला..

शर्मिला – मैं खाना भी बना लूँगी.. और.. आपकी चुदाई भी देख लूँगी..

आंटी – मेरी तो पीछे वाली जितनी रंगीलाने मारी है.. उतनी तो आज तक नहीं मरवाई..

मैंने अब आंटी को सीधा कर गाल चूसने लगा.. शर्मिला, बस हम दोनों को ही देख रही थी..

5 मिनिट बाद, शर्मिला बोली..

शर्मिला – यार, तुम कमरे में जाओ.. मैं तुमको देखूँगी तो खाना कौन बनाएगा .?. बेड पर चुदाई कर लो.. मज़ा आएगा..

आंटी ने कपड़े उठाए और बाहर चली गई.. मैंने जाते – जाते शर्मिला के दूध दबाए और किस किया..

शर्मिला – मेरी तो रात में लेना.. अब जाओ.. भाभी जी की मारो.. भाभी तो मस्त माल है.. घोड़ी बना के चोदना..

रंगीला– तुमको भी घोड़ी बना के पीछे से चोदुंगा.. डार्लिंग..

शर्मिला – जाओ.. यार .. ऊपर चढ़ जाओ..

मैं पास वाले कमरे में चला गया.. आंटी खड़ी थी.. मैंने उनको पकड़ा और बेड के कोने पर घोड़ी बना दी..

फिर पीछे खड़े हो कर लंड चूत में डाला.. पर लंड अंदर नहीं गया.. आंटी खड़ी हो गई और बेड पर लेट गई..

आंटी – चूत खुली नहीं है.. थोड़ी देर आगे से मारो.. फिर घोड़ी बना लेना..

मैंने लंड को चूत में नहीं डाल कर दोनों मोटे बूब्स के बीच में रख दिया.. आंटी ने अपने हाथो से दूध को पकड़ कर पास पास कर दिया..

लंड को अब मज़ा आने लगा.. दूध की मुलायम चमड़ी में लंड मस्त हो गया..

10 मिनिट तक ऐसे ही चलता रहा..

आंटी – लंड से दूध चुदाने में मज़ा आता है..

मैंने लंड को दूध से हटा कर उसके मुँह में डाल दिया.. वो लंड को पकड़ कर चूसने लगी.. मुझे मज़ा आने लगा.. फिर मैंने 2 मिनिट बाद लंड निकाल लिया..

आंटी – और चूसा लो..

रंगीला– यार मैं झड़ जाऊंगा.. तुम्हारी चूत कौन मरेगा फिर .?.

आंटी – ये बात है क्या.. लो .. चूत मार लो.. जल्दी मारो.. कहीं कोई.. आ गया तो.. बिना चुदे ही रह जाउंगी.. आग लगी है चूत में.. मार लो.. चूत.. रंगीला..

मैंने लंड चूत पर रख कर शॉट मारा.. लंड चिकनी चूत में चला गया..

मैं अब उस पर लेट गया.. उसके दूध मेरे सीने से लगे हुए थे..

उसने दोनों टाँगों को बिल्कुल पास कर लिया.. मेरा लंड उसकी चूत में था..

पैर पास करने से उसकी चूत वाली जगह एक गहरी खाई सी बन गई..

मेरा अंडकोष मस्त हो गया.. लंड के पास वाला सारा एरिया मस्त हो गया..

काफ़ी देर तक चुदाई चलती रही.. बीच बीच में मैं रुक जाता..

आंटी – यार, अब तो घोड़ी बना के चूत चोदो.. बड़ा मज़ा आएगा.. लंड सारा अंदर डाल देना..

रंगीला– चलो, मेरी रानी घोड़ा अपना लोड् ले के तैयार है..

वो जल्दी सी घोड़ी बन गई.. मैंने लंड को चूत पर रखा और शॉट मारा.. चूत चिकनी हो गई थी.. लंड अंदर चला गया..

कुछ देर शॉट मार कर, मैं उसके ऊपर चढ़ गया.. मेरा सारा शरीर उसके ऊपर था..

उसकी नंगी पीठ पर, मैं लेट गया.. मैं उसकी गर्दन और कंधे चाटने लगा.. लंड अभी भी उसकी चूत में था..

आंटी – तुम तो सच में घोड़े बन गये.. घोड़ी पर घोड़ा ऐसे ही चढ़ जाता है.. बेचारी घोड़ी तो चूत में लंड डलवा कर नीचे ही दब जाती है.. मज़ा आ रहा है.. मेरे घोड़े ऊपर ही रहना.. घोड़ी की चूत से लौड़ा बाहर मत निकलना.. अपने हाथ से मेरे लटकते दूध पकड़ के दबाओ.. यार पीछे से चूत मरवाने में बहुत मज़ा आता है.. पीछे वाले सारे भाग में मज़े से सुन्न सी हो जाती है..

मैंने उसके दूध पकड़ कर दबा दिए.. थोड़ी देर दबाता रहा.. बीच में लंड बाहर निकल कर शॉट मार कर फिर ऊपर चढ़ जाता..

आंटी – यार, घोड़ी बन कर चुदाने में मज़ा बहुत है.. घोड़ी भी घोड़े का डलवा कर ऐसे ही मज़े लेती है.. तुम्हारे अंकल तो आज तक मुझे ऐसे कभी भी नहीं चोदा.. यार ब्लू फ़िल्मो में लड़की ऐसे ही चूत चुदवाती है.. मैं सोचती थी की ये भी कोई तरीका है चुदाई का .?. .?. पहले शर्मिला सेक्स की बात इतनी खुल कर नहीं करती थी.. जब मैंने मेरी ट्रेन वाली स्टोरी सुनाई तो फिर धीरे – धीरे बातें करने लगी.. उसके फ़ोन में बहुत सारी फ़िल्मे हैं.. ऊऊ य यय्या आर र र.. मज़ा आ रहा है.. शॉट मरो.. ..

रंगीला– तुम यार अपने नीचे रज़ाई लगा लो.. मैं ऊपर चढ़ुगा तो दर्द नहीं होगा..

उसने अपने नीचे रज़ाई लगा ली.. लंड आज काफ़ी अकड़ गया था..

मैंने आंटी को अब थोड़ा नीचे से पकड़ कर शॉट धीरे – धीरे मारने लगा.. स्लो सेक्स कर आंटी को बहुत मज़ा देने वाला था..

लंड सारा बाहर निकलता और फिर बिल्कुल आराम से अंदर डालता.. ये सब मानो स्लो मोशन में हो रहा था..

लंड आज और भी टाइट हो रहा था.. जैसे – जैसे लंड अंदर जाता चूत की दीवारों से रगड़ ख़ा कर मज़ा बढ़ने लगा..

वो हर शॉट पर सिसकियाँ बढ़ रही थी.. उसकी हर आ मज़ा बढ़ा रही थी..

आंटी – ओ डार्लिंग.. आज तुम मुझे बहुत तडपा रहे हो.. .. ऊओ.. पर मज़ा भी खूब आना वाला है.. ओ मेरे राजा.. ओ ओ ओ या ओ या.. आज तुम्हारा लंड बहुत टाइट है यार.. चूत क अंदर दर्द होने लगा.. ओ मरोगे यार.. आ आ.. मार लो मेरी..

 


मैंने अब उसको नीचे से पकड़ लिया.. उसके दोनों मुलायम चूतड़ मेरे हाथो में थे.. मैं उनको कभी पकड़ता कभी छोड़ कर हाथ फेरने लगाता.. वो मुस्करा रही थी.. फिर आ भरने लगी..

आंटी – यार, अब स्पीड बढ़ा दो अब बर्दाश्त नहीं होता.. ओ कम ओन.. चोदो राजा.. चोदो ना.. यार क्या कर रहे हो .?. .?.

उसने मेरा लंड पकड़ कर दुबारा चूत पर रख दिया..

आंटी – शॉट मरो.. जोए शी चोदो चूत मेरी.. ओ या.. कम ओन..

मैंने आज उसको पहली बार सेक्स के लिए पागल होते देखा.. सेक्स के लिए औरत इतनी पागल भी हो जाती है.. मैंने सोचा नहीं था.. मैं उसके दूध पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से शॉट मारने लगा..

वो चिल्लाती रही.. मैं उसकी चूत मारने लगा..

आंटी – (•_•) आहा बहुत मज़ा है, चूत मरवाने में.. मरो मेरी.. ज़ोर से मरो.. चूत मेरी.. ओ राजा.. ऊपर चढ़ जाओ मेरे घोड़े.. घोड़ी के ऊपर आजा..

मैं उसके ऊपर चढ़ गया.. लंड और चूत का खेल वैसे ही चलता रहा..

उसकी चूत से फक फक की आवाज़ आने लगी.. वो मेरे नीचे थी.. मैं उसके ऊपर चढ़ कर हर शॉट पर मज़ा ले रहा था..

आंटी – आज जितना मज़ा कभी नहीं आया, यार.. मैं झड़ने वाली हूँ शॉट मारने बंद कर दो.. थोड़ी देर रुक कर फिर शुरू हो जाना..

मैंने लंड बाहर निकाल लिया और खड़ा हो गया.. मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा था.. वो ना रोकती तो बाद काम हो जाता..

आंटी – तुम्हें शॉट रोकने को कहा था, लंड बाहर निकालने के लिए नहीं कहा था.. चलो ड्यूटी पर आ जाओ..

रंगीला– तुम भी ना.. मज़े लेती हो.. लो.. चूत में ये आ गया लंड..

मैंने लंड उसकी चूत में डाल कर ऊपर लेट गया..

आंटी – यार, आज बहुत मज़ा आया.. मस्त चुदाई की तुमने..

रंगीला– हाँ यार..

आंटी – चल मेरे घोड़े.. घोड़ी पे आ जा..

रंगीला– मैं तो तुम्हारे ऊपर ही हूँ.. स्टार्ट करूँ क्या .?.

मैं फिर स्लो सेक्स करने लगा 10 मिनिट बाद फिर स्पीड बढ़ा दी.. वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी..

आंटी – अबकी बार रुकना मत.. चोदो.. ओ या ओ या ओ या ओ या.. ऊ.. या.. चुद गई मा आ.. चूत.. आज पानी नहीं माँगेगी.. ऊ ओह.. ओ.. श.. एया या..

मैं ज़ोर से शॉट मारने लगा.. वो पागल हो गई..

फिर 5 मिनिट बाद वो ढीली पड़ गई पर मैं अब भी जारी था..

2 मिनिट बाद, मैंने भी बहुत सारा माल उसकी चूत में छोड़ दिया..

मैंने लंड बाहर नहीं निकाला.. लंड अभी भी उसकी चूत में था..

कुछ देर बाद वो खड़ी हो गई.. अपने दूध पर हाथ फेरती हुई मुस्कुराई..

आंटी – यार, आज तो बड़ी चूत मारी.. मज़ा आ गया.. तुम चूत लेते हो तो पता नहीं क्या जादू करते हो चूत मस्त हो जाती है.. अब तुम शर्मिला क साथ वहाँ चले जाओ..

आंटी ने शर्मिला को आवाज़ लगाई..

शर्मिला – हाँ, बोलो भाभी.. अरे तुम कपड़े तो पहन लो.. 8 बजने वाले हैं..

आंटी – शर्मिला तुम रंगीलाको ले के जाओ.. मैं फोन करूँ तब आ जाना.. लगभग 9:30 तक फोन करूँगी..

हम जाने क लिए, तैयार हो गये..

शर्मिला – चलो.. मैं तो तैयार हूँ..

आंटी – आराम से जाना.. किसी को कोई शक ना हो.. शर्मिला जाते ही चूत चुदाने मत लग जाना.. रात को ही करना है, यहाँ..

शर्मिला – भाभी, आपने तो अभी चूत मरवाई है.. और मुझ से कह रहे हो सेक्स मत करना.. क्या बात है..

आंटी – अरे यार.. मज़ा तो बनने दो.. मज़ा ही ख़तम थोड़े ही करना है..

शर्मिला – चलो, रंगीलामेरे पीछे – पीछे..

फिर हम दोनों वहाँ चले गये..

हम दोनों वहाँ दूसरे मकान में चले गये.. नीचे वाले भाग में सामान पड़ा था..

वो ऊपर के मकान में ले गई.. मकान अच्छा था.. शायद वो किराए पर देते थे..

उसने एक कमरा खोला.. कमरे में सब चीज़े अच्छे ढंग से रखी हुई थी..

उसने बेड को साफ किया.. अलमारी में से रज़ाई निकाल दी और गेट बंद कर दिए.. शाम के बाद धुंद भी आ गई थी..

शर्मिला – रंगीलायार, जल्दी से रज़ाई में आ जाओ.. ठंड बहुत है.. यार, तुम से अब खूब बात करूँगी अकेले में..

मैंने उसके पास जा कर रज़ाई ओढ़ ली.. उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपने दूध पर रख दिया..

मैंने उसके दूध को दबाने लगा.. वो मुस्कुराई और मस्त हो गई..

शर्मिला – यार, एक बात बताओ.. मज़ा किसमे ज़्यादा आता है .?. एक जवान चूत मारने में या 30 साल की चूत मारने में .?.

रंगीला– क्या मतलब .?.

शर्मिला – मेरी चूत में मज़ा ज़्यादा आया या भाभी की चूत में .?.

रंगीला– दोनों में ही..

शर्मिला – खुल कर बताओ, यार..

रंगीला– 18 साल की जवान लड़की पहली बार अपनी चूत मरवती है तो बंद सील को तोड़ने का बहुत मज़ा आता है.. उसकी चूत टाइट होती है.. दूध भी आम की तरह होते हैं.. गुलाबी निप्पल चूसने में मज़ा आता है.. जो लड़की टी शर्ट में ब्रा नहीं पहनती उनके दूध जंप खाते हैं.. वो मस्त होते हैं.. उनके दूध तो पकड़ने में मज़ा आता है.. स्कूटी पर लड़की जाती है तो दूध जंप खाते हैं.. वो भी मस्त होती है.. 18 साल की चूत मस्त होती है.. पर शुरू में डरती – डरती चूत मरवती है और बोलती बहुत कम है ख़ास तौर से लंड चूत तो बिल्कुल नहीं बोलती तब मज़ा नहीं आता.. अगर कोई लड़की तुम्हारी तरह थोड़ी सी भरी हुई हो तो उसका सब माल मस्त होता है..

वो खुश हो गई..

शर्मिला – तो मेरा माल तुम को पसंद आ गया.. तो सबसे पहले मेरी चूत मारना.. भाभी को बाद में चोदना.. भाभी तो रोज भाई से चुदवा लेती है.. मैं किस से मरवा लूँ बताओ .?. .?.

रंगीला– किसी से भी बात कर लेना.. तुम्हारी चुदाई के लिए तो पूरा कालका आ जाएगा..

शर्मिला – अब बताओ.. बड़ी उम्र वाली लेडी के साथ कैसा लगाता है .?.

रंगीला– असली मज़ा तो भाभी देती है.. आंटी भी चल जाती है..

शर्मिला – आंटी, भाभी में क्या फ़र्क होता है .?.

रंगीला– जिसकी उम्र 35 से कम हो वो भाभी और जो 35 से ऊपर हो वो आंटी होती है..

शर्मिला – भाभी का बताओ..

रंगीला– चुदाई में, भाभी नंबर 1 होती है.. उसको चुदाई का एक्सपीरियेन्स भी होता है और वो जवान भी होती है.. अगर वो अपने पति से नहीं करवाती है तो फिर किसी और के साथ खूब मस्त हो कर चुदाई करती है.. अपने पति के अलावा उसको किसी के भी साथ खूब मज़ा लेती है.. वो भी आस – पड़ोस क जवान लड़के को ढूँढती है जो मौका मिलते ही उसको चोद दे.. वो शुरू में हँसी मज़ाक करती है.. फिर सेक्स के बारे में बातें करती है.. लास्ट में चुदाई करवा लेती है.. 24 – 28 साल की भाभी चुदाई के लिए मस्त होती है..

शर्मिला – वाह !! अब आंटी के बारे में बताओ..

रंगीला– आंटी तो नंबर 1 चुड़क्कड़ होती है.. खुल कर सेक्स करती है.. अपने से छोटे लड़को को चुदाई के लिए ढूँढ कर दिन – रात चूत चुदवाती हैं..

शर्मिला – यार, और बताओ ना..

रंगीला– ज़्यादातर वो लेडी चूत चुदवाती है, जिनके पति उनको पूरा मज़े नहीं दे पाते.. कुछ तो मज़े के लिए ही बाहर से चुदाई करवाती हैं.. बहुत सारे आदमी भी दूसरी की बीवियो को चोदते हैं.. नौकरानी तो चुदने के लिए ही काम पर रखते हैं.. ये सब तो चलता रहता है.. हीरो भी हेरोइनो को बहुत चोदते है.. एक को चोद कर छोड़ देते हैं फिर दूसरी को चोदना शुरू कर देते हैं.. यार तुम्हें पता तो है ही.. जो सूपर स्टार होते हैं उनके तो मज़े ही मज़े हैं.. वो लगभग साड़ी हेरोइनो को चोद देते है..

शर्मिला – वो अपनी चूत क्यों मरवाती है..

रंगीला– मज़े के लिए.. शादी तो 35 साल तक करती नहीं हैं.. बड़े – बड़े कारोबारी होटलो में मॉडल को लाख रुपये देकर चोदते हैं.. नई लड़किया तो फटाफट राज़ी हो जाती है.. बड़े घर की लेडी अपने नौकर से भी खूब चूत चुदवाती है..

शर्मिला – तुम ने तो सारी फाइल खोल दी चुदाई की.. मैं कपड़े उतारू क्या .?.

रंगीला– उतार लो.. यार चुदाई तो वहीं करेगे..

हम दोनों ने कपड़े उतार लिए..

मैं उसके दूध पकड़ कर चूसने लगा.. वो मेरी पीठ पर हाथ फेरने लगी.. उसके दूध बड़े और मस्त थे..

उसके गुलाबी होंठों को भी चूसा.. गाल भी चूसे.. वो आ भर रही थी..

शर्मिला – यार घोड़ी बन कर चुदाई मस्त होती है.. उस स्टाइल में मुझे बहुत मज़ा आया था.. तुम कर मुझे वैसे ही चुदना..

रंगीला– ठीक है..

इस तरह बातें चलती रही..

 


फिर करीब 10 बजे आंटी का फोन आ गया..

आंटी बोली की तुम्हारे अंकल सो गये गईं.. जल्दी आ जाओ.. हम चले गये..

जाते ही पहले खाना खाया.. भूख बहुत लगी थी..

फिर बेड रूम में चले गये.. आंटी किचन में काम कर रही थी.. शर्मिला चुदाई के लिए तड़प रही थी..

मैंने शर्मिला को पकड़ लिया.. वो काफ़ी खुश थी..

उसके कपड़े उतरे तो वो सेक्स बॉम्ब निकली.. उसके दूध पक्के हुए आम की तरह थे..

गुलाबी निप्पल बहुत मस्त थी..

मैंने पीछे कर उसको पकड़ लिया..

उसके मस्त चूतड़ में लंड रख कर शॉट मारा.. लंड चूतड़ की दरार को चीरता हुआ अंदर चला गया..

अब उसके दूध पकड़ कर दबाने लगा.. दूध बड़े मस्त थे.. एकदम आम की तरह.. उसने गर्दन मोदी तो उसके गाल पर किस स्टार्ट कर दिया..

अब वो मेरी पकड़ में थी.. उसकी गाण्ड में लंड, मेरे हाथ में दोनों दूध और मेरे होंठों में उसके गाल.. वो एकदम मस्त हो गई..

चुपचाप सेक्स का मज़ा लेने लगी.. मैं 10 मिनिट तक ऐसे ही रहा..

अब वो मस्त हो गई.. मैं उसके आगे आ गया.. उसके लिप्स को किस करने लगा.. उसके पतले गुलाबी होंठ मस्त थे..

चूस चूस कर मज़ा आने लगा.. फिर दूध को चूसने लगा.. एक दूध मुँह में ले लिया.. दूसरे को दबाना शुरू कर दिया..

बदल – बदल कर दोनों दूध को चूस रहा था.. अब निप्पल भी मुँह में ले लिए..

मस्त निप्पल थे.. वो एकदम मस्त हो गई..

18 साल की लड़की की सब चीज़ मस्त होती है..

जोरदार ठंड में सेक्स का मज़ा डबल हो जाता है.. वो आ भरने लगी..

शर्मिला – आ आह ह.. मज़ा.. एया या.. रहा आ.. है.. जीए.. अब वो अंदर डाल दो.. .. आ आ अह ह.. आ आ आ.. आ आ अह ह.. ऊ ऊह ह..

रंगीला– तुम ही पकड़ लो.. मेरी जान..

उसने मेरा टाइट लंड को अपने ठंडे हाथ से पकड़ा.. फिर चूत पर रखा.. चूत एकदम बंद थी.. शॉट मारने पर भी अंदर नहीं गया..

मैंने उसको बेड पर लिटा लिया.. फिर टाँग चौड़ी करवा कर लंड चूत पर रखा.. अब मैं उस पर झुक गया..

शॉट आराम से मारे तो लंड थोड़ा सा अंदर गया.. वो आ भर रही थी.. मैंने लंड पर थूक लगाया और ज़ोर से शॉट मारा..

आधा लंड उसकी चूत में चला गया.. अब मैंने लंड बाहर निकल कर बहुत सारा थूक लगा कर जोरदार शॉट मारा..

लंड चूत चीरता हुआ अंदर चला गया.. वो चिल्लाने लगी..

शर्मिला – ऊ ऊ मर गई.. यार.. दर्द हो रहा है.. ऊ ओ

मैंने बाहर निकल कर ज़ोर ज़ोर से 5 – 6 शॉट मार दिए.. वो चीख रही थी..

रंगीला– अब मज़ा आने लगेगा.. थोड़ा दर्द तो होता है..

वो अपनी चूत देखने लगी.. कुछ देर बाद मुस्कुराई..

मोटी लड़की को चोदने का मज़ा ही अलग होता है..

वो अब कम शर्मा रही थी..

अब मैंने उसका इशारा पा कर लंड एक ही शॉट में अंदर घुसेड दिया.. फिर शॉट मारने लगा..

उसके दूध हर शॉट पर जंप ले रहे थे.. वो मस्त हो कर मुस्करा रही थी..

शर्मिला – आ आह ह मेरी चूत मार लो आज.. मज़ा आ रहा है.. चूत की मस्त चुदाई करो.. आ.. लंड सारा अंदर डाल दो.. तुम्हारा माल तो मस्त है.. ऊऊ.. आ आह ह.. हह.. ऊ ऊओ ह.. ऊ ओिइ.. मार लो.. चूत.. मेरी तो.. आज.. मस्त हो गई.. .. ऊ ऊ..

रंगीला– चलो, अब घोड़ी बन जा मेरी रानी.. बहुत मज़ा आएगा, चूत मारने का..

वो घोड़ी बन गई.. मैंने उसके कंधे पर दोनों हाथ रखे और चूत में लंड घुसेड दिया..

अब ज़ोर ज़ोर से शॉट मारने लगा..

पीछे से शॉट मारने पर लंड को फुल मज़ा आता है.. मेरी बॉडी का अगला पार्ट उसकी चूत, पोंद और उसके पैरों से लग कर मस्त हो गया..

चुदाई का ये नंबर 1 स्टाइल है..

शर्मिला – यार, बहुत मज़ा है.. ऐसे ही चोदो मेरी चूत.. घोड़ी की चूत घोड़ा बन कर लेते रहो.. यार.. .. आ अ ज.. तो.. किस्मत का ताला खुल गया.. ऊवू.. आ ओ उू उच्च.. मरो.. मरो.. ऊ ऊ.. आ ओउ उच.. चोद मचा लो.. या अर.. ऊ ऊ.. य् आ.. ऊऊ.. या अ.. ऊ ऊ ओ.. य्आ अ.. ऊ ऊ ऊ.. या.. कम ओन..

रंगीला– मस्त माल हो तुम.. बेबी.. लंड कैसा है .?.

शर्मिला – मस्त है..

अब मैंने स्लो सेक्स स्टार्ट कर दिया.. लंड अंदर जाता तो चूत की दीवार से रगड़ खा कर लंड और भी मोटा होने लगाता.. मज़ा बढ़ने लगा..

शर्मिला – मेरी चूत.. ( ! ) ओ या स्लो सेक्स में मज़ा बहुत है.. उ उ उइ इ मा आ.. मर गई.. .. मैं.. ओ या ओ या.. ओ.. य् आ ऊओ य्आ मेरी.. .. ऊओह.. .. चुत टत्त.. मर र र र मर गई.. .. मैं.. ओ या ओ या.. ओ.. य् आ ऊओ य् आ मेरी.. .. ऊ ओ ह.. .. चुत टत्त.. मर र र र.. .. गैई ई.. य्आ र र र्र्र्र्र् र र र.. .. ऊऊ ऊह ह.. आ आ आ आ आ आ अह ह ह.. आ आह ह.. आ आह ह.. आ आ.. आ आ.. आ आ.. आ आ आ.. .. ऊवू.. .. मेरिइ इ.. .. चूत.. .. में डालते रहू.. ऊ ओ थोड़ा दर्द भी.. तुम रुकना मत.. चोदो राजा..

मैं लगातार चोदता रहा.. वो चिल्लाती रही..

आंटी भी आ गई.. ..

वो मेरा साथ दे रही थी.. मज़ा बहुत आ रहा था.. मैंने उसके दूध पकड़े तो उसने आ भरी..

उसके दूध बड़े और काफ़ी सॉफ्ट थे.. उसकी आवाज़ काफ़ी मीठी थी.. जब वो आ भारती तो आग लग जाती..

शर्मिला – चोदो या अ र.. .. दूध कस के पाकड़ो.. मज़ा.. ( • ) ( • ) मज़ा आता है.. निप्पल को उंगली क बीच में ले कर बूबे को दबाओ यार.. ओ.. ओ.. ओ.. ऊ ऊ ह ह.. य्आ.. .. ऊ ओह.. आ आह ह.. आ आह ह..

मैंने दूध को दबाना स्टार्ट कर दिया.. दूध हाथो से बाहर आने लगे..

शर्मिला – यार, मेरे ऊपर चढ़ जाओ.. ऊपर चढ़ कर चूत को चोदो.. अपना डंडा ज़ोर से आने दो..

मैं शर्मिला के ऊपर चढ़ गया, लंड उसकी चूत में था.. थोड़ी देर शॉट मार कर.. उसके ऊपर ही चढ़ कर रुक गया..

मैं उसकी पीठ पर लेट गया.. शर्मिला के गालों पर किस करने लगा.. शर्मिला अपनी चूत में मोटा लंड डलवा कर चुप थी..

शर्मिला – अब तो मज़ा आया है.. अब ज़ोर से मारो..

अब मैं समझ गया की वो फुल मज़ा ले रही है.. मैंने उसको बेड क एक कोने पर घोड़ी बनाया और मैं ज़मीन पर खड़ा हो कर शॉट मारने लगा..

शर्मिला – जी.. ज़ोर से मरो.. चूत चुदाने में.. आ आ अह ह.. बहुत.. मज़ा है.. ऊ ऊ ओ.. ज़ोर.. से.. मेरी चूत ले लो.. आ आ आ.. ह्म्म्म्म.. ऊ ऊप.. .. ऊऊ ओिई ई ई ई.. माआ आ अ.. .. मर.. गैइ इ.. ऊ ऊ ओ.. य्आ अर.. आ आ आ आ आह ह.. ऊऊ ओह.. लंड मस्त है.. .. ऊ ऊ ऊ यय य्य या आअ.. ऊओ.. य्आ अ.. ऊ ऊ ओ..

रंगीला– बस दो मिनिट और लगेगे..

मैं ज़ोर से शॉट मारने लगा.. वो सब कुछ भूल कर मज़ा ले रही थी.. शोर भी मचा रही थी..

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.. थोड़ी देर बाद वो ढीली पर गई..

मैं भी एक मिनिट बाद झड़ गया.. सारा मज़ा उसकी चूत में उतार दिया.. मैंने उसके दूध पकड़ लिए और पीठ पर किस किया..

थोड़ी देर बाद हट गया.. अब वो सीधी हो कर बेड पर लेट गई..

मैंने उसके मस्त दूध को पकड़ कर चूसने लगा.. वो मेरे सिर पर हाथ फेरने लगी..

आंटी भी आ गई..

आंटी – चुदाई हो गई क्या .?. मैं तो अब फ्री हुई हूँ.. शर्मिला कैसे रही चुदाई .?.

शर्मिला – बहुत मज़ा आया.. अब पता चला की चुदाई में कितना मज़ा है.. तभी तो आप भाई से चूत मरवती हो..

आंटी – रोज रोज मरवाना भी बड़ा मुश्किल काम है.. तुम्हारी शादी हो जाने दो फिर पता चलेगा..

शर्मिला – मैं तो तैयार हूँ.. कोई चुदाई करे रात भर..

बातें चलती रही.. आंटी नंगी हो गई..

मैं दोनों के बीच सो गया.. आंटी की चूतड़ में लंड डाल कर उसके दूध दबाने लगा.. शर्मिला ने अपने मस्त दूध मेरी पीठ से रगड़ने लगी.. मुझे मज़ा आने लगा.. उसने हाथ से मेरे लंड को पकड़ा..

मेरा लंड आंटी की गाण्ड में था.. फिर मुझे नींद आ गई..

 
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