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31 साल की घोड़ी पर 20 साल का घोड़ा
मेरा नाम रंगीलाहै.. मैं शिमला से हूँ..
ये बात, करीब दो साल पहले की है.. मेरा दिल्ली में नेट का पेपर था..
मैं पेपर देकर जल्दी ही रेलवे स्टेशन की तरफ आया पर 4:30 वाली ट्रेन निकल गई..
अब रात को 9 बजे ट्रेन में आना पड़ेगा.. थोड़ा उदास हो गया.. फिर बाहर होटेल में नाश्ता करने गया.. फिर इधर – उधर घुमा..
रात को वापस स्टेशन पर आया.. ट्रेन आ गई.. मैं फाटक से एक डिब्बे में चढ़ गया..
मैंने ऊपर वाली सीट पर बैग रख दिया.. नीचे वाली सीट रोक ली..
थोड़ी देर बाद एक लेडी अपने पति और दो लड़को और एक लड़की क साथ आ गई..
उनको कालका जाना था..
लेडी – ये डिब्बा कालका वाला है जी.. हम को कालका जाना है..
रंगीला– आंटी जी फटाफट सामने वाली सीट पर बैठ जाओ.. ये वहीं जाएगी.. जल्दी करो नहीं तो कोई और आ जाएगा..
वो मेरे सामने वाली सीट पर 3 बच्चो के साथ बैठ गई.. अंकल ऊपर वाली सीट पर लेट गये..
सीट मिलने पर सभी खुश थे..
वो मस्त माल थी.. मोटी ज़्यादा नहीं थी.. दूध और फेस गोल और मस्त थे..
उसने पंजाबी पहनावा पहन रखा था.. घाघरि और कुरती.. उस पर चुनरी.. एक दम गोरी मस्त माल.. बस उसको चुदाने की ज़रूरत थी..
वो जब अपना सामान रखने के लिए झुकी तो उसकी मस्त गाण्ड मेरे घुटने से टकराई..
वो वापस मुड़ कर मेरी तरफ देख कर मुस्कुराई..
करीब 1 घंटे बाद, उसका लड़का मेरी ऊपर वाली सीट पर आ गया..
वो उसको खाना देने लगी तो मेरे बिल्कुल सामने आकर खड़ी हो गई..
उसके दोनों हाथ ऊपर थे.. उसकी नंगी कमर मेरे चेहरे के बिल्कुल पास थी..
मेरा जी कर रहा था उसको पकड़ कर किस कर दूं.. डर भी बहुत लग रहा था.. पर मुझे उसके हावभाव से पता चल गया की ये लंड लेना चाहती है..
ये किसी को नहीं बताएगी.. मैं बड़ी हिम्मत कर उसकी कमर के पास हो गया और अपने होंठ कमर से टच कर दिए.. फिर हटा लिए.. वो एकदम चौंक गई..
उसने नीचे, मेरी तरफ़ देखा और मुस्कुराई..
मैं लगातार उसकी तरफ देखने लगा.. ताकि वो समझ जाए..
उसने मेरी तरफ देखा.. फिर वो मुस्कुराई.. कई देर बाद वो खड़ी हो गई.. अपने पति के कान के पास बात करने लगी..
शायद वो उसको चोदने के लिए कर रही थी.. आंटी ने उसको किस कर दिया.. मुझे ये देख कर झटका सा लगा..
वो खड़ा हो कर दूसरी तरफ सो गया..
आंटी बैठ गई.. अब उसका बेटा नीचे आ गया और लेट गया.. वो ऊपर चढ़ गई..
रात के 11 बज गये थे.. सभी यात्री ट्रेन क अंदर सो गये थे.. मैंने पूरे डिब्बे में देखा तो सब सो गये..
कोई भी आवाज़ नहीं आई.. मैं खड़ा हो गया.. ऊपर वाली सीट पर सोना चाहता था.. आंटी से बोला तो वो खड़ी हो गई पर नीचे नहीं उतरी..
मैं मेरा मोटा कंबल सीट पर बिछा कर लेट गया.. वो थोड़ी देर बैठी रही.. फिर मुझ से पूछ कर मेरे आगे सो गई..
मैं बहुत खुश था.. मैं उठ बैठा हुआ और उसकी पीठ पर हाथ रख कर लाइट ऑफ कर दी.. वो भी खुश थी.. थोड़ी देर बाद मैंने अपना हाथ उसके हिप पर रख दिए..
वो कुछ नहीं बोली.. अब मेरा लंड खड़ा हो गया..
मैंने अंधेरे में अपनी पैंट खोल कर लंड बाहर निकल दिया..
वो मेरे पास हो गई.. मेरी तरफ उसकी गाण्ड थी..
मैंने लंड को उसकी गाण्ड पर टीका दिया और अपना हाथ उसके हिप पर रख दिया.. वो कुछ भी नहीं बोली..
मैं अब हाथ फेरने लगा.. मेरा हाथ उसकी कमर पर रखा.. उसने कुछ नहीं किया..
कई देर बाद हाथ फेरने क बाद उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपने दूध पर रख दिया..
मैं काफ़ी खुश था.. मैंने दूध को पकड़ लिया.. दूध मस्त थे..
रस से भरे दूध को मैं दबाने लगा.. वो आ भरने लगी..
कुछ देर दूध को दबाता रहा.. मेरा लंड अब टाइट हो गया.. उसने अपनी घाघरि उँची कर दी.. मैं बहुत खुश हुआ..
मैंने हाथ लगाया तो देखा उसने नीचे कुछ नहीं पहना था.. मेरे हाथ उसके पोंद पर फिरने लगा..
फिर मैंने मेरा टाइट लंड उसके पोंद के बीच की दरार पर रखा..
लंड टाइट होता गया.. लंड धीरे – धीरे दरार को चीरता हुआ गाण्ड क छेद तक पहुँच गया..
फिर मैंने शॉट मारने लगा..
मेरा लंड मस्त पोंद पर उछलने लगा.. उसके दोनों चूतड़ मस्त थे.. मुलायम चूतड़ के बीच लंड से शॉट मारने का मज़ा ही अलग है..
मेरे आगे वाले पार्ट में मज़ा आने लगा..
वो मूड गई.. मैंने उसके होंठ चूसने स्टार्ट कर दिए..
वो मस्त हो गई.. कुछ भी नहीं बोली..
वो चूत चुदाने के लिए तैयार थी.. उसने अपनी कुरती ऊपर कर ली..
दूध देख कर मैं तो निहाल हो गया.. गोरे रंग के मस्त दूध.. आए हाए.. क्या बात थी.. दूध खूब गूल थे.. मुलायम और एक दम सॉफ्ट..
मैं उनको मुंह में डाल कर चूसने लगा..
ब्मुह में डालने से मज़ा आने लगा.. दोनों दूध की निप्पल भी मस्त थी..
थोड़ी देर बाद मैंने उसकी चूत पर हाथ रखा.. वो समझ गई.. लंड चूत में आने वाला है..
उसने अपने हाथ में लंड को पकड़ा तो जोरदार झटका लगा.. उसके हाथ में मेरा लंड मुश्किल से आ रहा था..
उसने चूत पर रखा तो मज़ा आ गया..
फिर धीरे से अंदर डाला तो बहुत मज़ा आया..
मेरा नाम रंगीलाहै.. मैं शिमला से हूँ..
ये बात, करीब दो साल पहले की है.. मेरा दिल्ली में नेट का पेपर था..
मैं पेपर देकर जल्दी ही रेलवे स्टेशन की तरफ आया पर 4:30 वाली ट्रेन निकल गई..
अब रात को 9 बजे ट्रेन में आना पड़ेगा.. थोड़ा उदास हो गया.. फिर बाहर होटेल में नाश्ता करने गया.. फिर इधर – उधर घुमा..
रात को वापस स्टेशन पर आया.. ट्रेन आ गई.. मैं फाटक से एक डिब्बे में चढ़ गया..
मैंने ऊपर वाली सीट पर बैग रख दिया.. नीचे वाली सीट रोक ली..
थोड़ी देर बाद एक लेडी अपने पति और दो लड़को और एक लड़की क साथ आ गई..
उनको कालका जाना था..
लेडी – ये डिब्बा कालका वाला है जी.. हम को कालका जाना है..
रंगीला– आंटी जी फटाफट सामने वाली सीट पर बैठ जाओ.. ये वहीं जाएगी.. जल्दी करो नहीं तो कोई और आ जाएगा..
वो मेरे सामने वाली सीट पर 3 बच्चो के साथ बैठ गई.. अंकल ऊपर वाली सीट पर लेट गये..
सीट मिलने पर सभी खुश थे..
वो मस्त माल थी.. मोटी ज़्यादा नहीं थी.. दूध और फेस गोल और मस्त थे..
उसने पंजाबी पहनावा पहन रखा था.. घाघरि और कुरती.. उस पर चुनरी.. एक दम गोरी मस्त माल.. बस उसको चुदाने की ज़रूरत थी..
वो जब अपना सामान रखने के लिए झुकी तो उसकी मस्त गाण्ड मेरे घुटने से टकराई..
वो वापस मुड़ कर मेरी तरफ देख कर मुस्कुराई..
करीब 1 घंटे बाद, उसका लड़का मेरी ऊपर वाली सीट पर आ गया..
वो उसको खाना देने लगी तो मेरे बिल्कुल सामने आकर खड़ी हो गई..
उसके दोनों हाथ ऊपर थे.. उसकी नंगी कमर मेरे चेहरे के बिल्कुल पास थी..
मेरा जी कर रहा था उसको पकड़ कर किस कर दूं.. डर भी बहुत लग रहा था.. पर मुझे उसके हावभाव से पता चल गया की ये लंड लेना चाहती है..
ये किसी को नहीं बताएगी.. मैं बड़ी हिम्मत कर उसकी कमर के पास हो गया और अपने होंठ कमर से टच कर दिए.. फिर हटा लिए.. वो एकदम चौंक गई..
उसने नीचे, मेरी तरफ़ देखा और मुस्कुराई..
मैं लगातार उसकी तरफ देखने लगा.. ताकि वो समझ जाए..
उसने मेरी तरफ देखा.. फिर वो मुस्कुराई.. कई देर बाद वो खड़ी हो गई.. अपने पति के कान के पास बात करने लगी..
शायद वो उसको चोदने के लिए कर रही थी.. आंटी ने उसको किस कर दिया.. मुझे ये देख कर झटका सा लगा..
वो खड़ा हो कर दूसरी तरफ सो गया..
आंटी बैठ गई.. अब उसका बेटा नीचे आ गया और लेट गया.. वो ऊपर चढ़ गई..
रात के 11 बज गये थे.. सभी यात्री ट्रेन क अंदर सो गये थे.. मैंने पूरे डिब्बे में देखा तो सब सो गये..
कोई भी आवाज़ नहीं आई.. मैं खड़ा हो गया.. ऊपर वाली सीट पर सोना चाहता था.. आंटी से बोला तो वो खड़ी हो गई पर नीचे नहीं उतरी..
मैं मेरा मोटा कंबल सीट पर बिछा कर लेट गया.. वो थोड़ी देर बैठी रही.. फिर मुझ से पूछ कर मेरे आगे सो गई..
मैं बहुत खुश था.. मैं उठ बैठा हुआ और उसकी पीठ पर हाथ रख कर लाइट ऑफ कर दी.. वो भी खुश थी.. थोड़ी देर बाद मैंने अपना हाथ उसके हिप पर रख दिए..
वो कुछ नहीं बोली.. अब मेरा लंड खड़ा हो गया..
मैंने अंधेरे में अपनी पैंट खोल कर लंड बाहर निकल दिया..
वो मेरे पास हो गई.. मेरी तरफ उसकी गाण्ड थी..
मैंने लंड को उसकी गाण्ड पर टीका दिया और अपना हाथ उसके हिप पर रख दिया.. वो कुछ भी नहीं बोली..
मैं अब हाथ फेरने लगा.. मेरा हाथ उसकी कमर पर रखा.. उसने कुछ नहीं किया..
कई देर बाद हाथ फेरने क बाद उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपने दूध पर रख दिया..
मैं काफ़ी खुश था.. मैंने दूध को पकड़ लिया.. दूध मस्त थे..
रस से भरे दूध को मैं दबाने लगा.. वो आ भरने लगी..
कुछ देर दूध को दबाता रहा.. मेरा लंड अब टाइट हो गया.. उसने अपनी घाघरि उँची कर दी.. मैं बहुत खुश हुआ..
मैंने हाथ लगाया तो देखा उसने नीचे कुछ नहीं पहना था.. मेरे हाथ उसके पोंद पर फिरने लगा..
फिर मैंने मेरा टाइट लंड उसके पोंद के बीच की दरार पर रखा..
लंड टाइट होता गया.. लंड धीरे – धीरे दरार को चीरता हुआ गाण्ड क छेद तक पहुँच गया..
फिर मैंने शॉट मारने लगा..
मेरा लंड मस्त पोंद पर उछलने लगा.. उसके दोनों चूतड़ मस्त थे.. मुलायम चूतड़ के बीच लंड से शॉट मारने का मज़ा ही अलग है..
मेरे आगे वाले पार्ट में मज़ा आने लगा..
वो मूड गई.. मैंने उसके होंठ चूसने स्टार्ट कर दिए..
वो मस्त हो गई.. कुछ भी नहीं बोली..
वो चूत चुदाने के लिए तैयार थी.. उसने अपनी कुरती ऊपर कर ली..
दूध देख कर मैं तो निहाल हो गया.. गोरे रंग के मस्त दूध.. आए हाए.. क्या बात थी.. दूध खूब गूल थे.. मुलायम और एक दम सॉफ्ट..
मैं उनको मुंह में डाल कर चूसने लगा..
ब्मुह में डालने से मज़ा आने लगा.. दोनों दूध की निप्पल भी मस्त थी..
थोड़ी देर बाद मैंने उसकी चूत पर हाथ रखा.. वो समझ गई.. लंड चूत में आने वाला है..
उसने अपने हाथ में लंड को पकड़ा तो जोरदार झटका लगा.. उसके हाथ में मेरा लंड मुश्किल से आ रहा था..
उसने चूत पर रखा तो मज़ा आ गया..
फिर धीरे से अंदर डाला तो बहुत मज़ा आया..