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दिव्या जिस समय वॉशरूम से बाहर आती है, घबराहट की वजह से पसीने में पूरी भीगी हुई थी। वह डरते हुए नीचे फ्लोर तक आ जाती है और इधर-उधर देखती है कि कहीं किसी ने उसे नोटिस तो नहीं किया। कुछ पलों में उसकी साँसें नॉर्मल हो जाती हैं पर वो अभी भी सोच में डूबी थी कि क्यों उसने मनीष को इस तरह किस करने दी। वो जानती है कि आज उसने भी मनीष का साथ दिया है जिससे उसकी हिम्मत अब और बढ़ सकती है।
इतने में पीछे से कोई दिव्या को आवाज लगाता है तो वो मुड़ कर देखती है। पीछे और कोई नहीं, सलमान था जो दिव्या की ओर बढ़ा चला आ रहा था। दिव्या डर सी जाती है कि ये क्यों उसकी तरफ आ रहा है।
सलमान दिव्या को कहता है कि प्रिंसिपल सर आपको बुला रहे हैं। दिव्या भी बिना देर करे प्रिंसिपल रूम में चलो जाती है जहाँ वो अपनी चेयर पर बैठा दिव्या का वेट कर रहा था
दिव्या: सर आपने बुलाया मुझे।
मदन: हां हां दिव्या जी आइये ना।
दिव्या: जी सर कहिए।
मदन: दिव्या जी, कल आप स्कूल आ जाइए प्लीज़। एग्जाम आ रहे हैं मुझे कुछ काम में आपकी मदद चाहिए।
दिव्या: लेकिन कल तो हॉलिडे है।
मदन: तभी तो आपसे रिक्वेस्ट कर रहा हूँ। आप आ सके तो मेरा काम आसान हो जाएगा।
दिव्या: सर मेरे पति आए हुए हैं इस हफ्ते।
प्रिंसिपल दिव्या की बात बीच में ही काट देता है।
मदन: लेकिन एग्जाम भी तो अब नजदीक ही हैं। और आप तो खुद इंचार्ज है एग्जाम्स में। बाकी आपकी मर्ज़ी वैसे कुछ देर तो आपके पति आपके बिना रह ही सकते हैं।
प्रिंसिपल ये कहते हुए दिव्या को देखकर मुस्कुराता है जिससे वो भी शर्म से नज़रे झुका लेती है। दिव्या कुछ देर सोचती है और फिर उसे आने के अलावा और कोई चारा नजर नहीं आता। दिव्या प्रिंसिपल को हाँ कहकर रूम से चली जाती है।
इतने में पीछे से कोई दिव्या को आवाज लगाता है तो वो मुड़ कर देखती है। पीछे और कोई नहीं, सलमान था जो दिव्या की ओर बढ़ा चला आ रहा था। दिव्या डर सी जाती है कि ये क्यों उसकी तरफ आ रहा है।
सलमान दिव्या को कहता है कि प्रिंसिपल सर आपको बुला रहे हैं। दिव्या भी बिना देर करे प्रिंसिपल रूम में चलो जाती है जहाँ वो अपनी चेयर पर बैठा दिव्या का वेट कर रहा था
दिव्या: सर आपने बुलाया मुझे।
मदन: हां हां दिव्या जी आइये ना।
दिव्या: जी सर कहिए।
मदन: दिव्या जी, कल आप स्कूल आ जाइए प्लीज़। एग्जाम आ रहे हैं मुझे कुछ काम में आपकी मदद चाहिए।
दिव्या: लेकिन कल तो हॉलिडे है।
मदन: तभी तो आपसे रिक्वेस्ट कर रहा हूँ। आप आ सके तो मेरा काम आसान हो जाएगा।
दिव्या: सर मेरे पति आए हुए हैं इस हफ्ते।
प्रिंसिपल दिव्या की बात बीच में ही काट देता है।
मदन: लेकिन एग्जाम भी तो अब नजदीक ही हैं। और आप तो खुद इंचार्ज है एग्जाम्स में। बाकी आपकी मर्ज़ी वैसे कुछ देर तो आपके पति आपके बिना रह ही सकते हैं।
प्रिंसिपल ये कहते हुए दिव्या को देखकर मुस्कुराता है जिससे वो भी शर्म से नज़रे झुका लेती है। दिव्या कुछ देर सोचती है और फिर उसे आने के अलावा और कोई चारा नजर नहीं आता। दिव्या प्रिंसिपल को हाँ कहकर रूम से चली जाती है।