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मदन: क्या हुआ दिव्या आज थप्पड़ नहीं मारोगी मुझे।
दिव्या: सर मैंने कहा तो, गुस्से में मेरा हाथ उठ गया था। मुझे प्लीज़ माफ़ कर दो। आप जो कहोगे मैं करूँगी। बस मेरे साथ ये सब मत कीजिए।
मदन: ओह, ठीक है। एक शर्त पर मैं तुम्हें छोड़ दूंगा।
दिव्या: आप जो कहें।
मदन: देखो वहां टेबल पर एक ड्रेस होगी, मैं तुम्हे उसमे देखना चाहता हूँ।
दिव्या सामने पड़े बॉक्स को खोलती है तो अन्दर एक छोटी से ब्लैक ड्रेस होती है। साथ ही ब्रा और पेंटी भी थे जो काफी छोटे और वल्गर से थे। दिव्या मदन से रिक्वेस्ट करती है की वो ये नहीं पहन पायेगी। ये सुनकर मदन गुस्सा हो जाता है और दिव्या की साड़ी का पल्लू पकड़ कर झटके से उसे खींच देता है।
]
दिव्या की साड़ी उसके बदन से अलग हो जाती है।
मदन: अगर तुम खुद नहीं पहनोगी तो मैं तुम्हे नंगा करके खुद ये पहनाऊंगा और चोरी के जुर्म में जेल भी भिजवाऊंगा।
दिव्या अपने बदन को अपने हाथों से ढकने की कोशिश करती है और प्रिंसिपल के आगे गिडगिडाने लगती है पर उसके ना मानने पर वो ड्रेस पहन कर दिखाने के लिए मान जाती है।
दिव्या ड्रेस हाथ में ले कर अटैच वॉशरूम में पहनने चली जाती है। दिव्या ड्रेस पहन तो लेती है पर उसे समझ नहीं आता कि वो उसे पहन कर बाहर कैसे आए। थोड़ी देर में मदन अपना आपा खोकर चिल्लाता है।
मदन: दिव्या बाहर निकल रही हो या मैं ही अन्दर आ जाऊं।
प्रिंसिपल के बाहर से चिल्लाने पर वो बाहर आती है, उसे देख कर प्रिंसिपल के होश उड़ जाते हैं।
[IMG]]
दिव्या को इस तरह शर्म में डूबा देख प्रिंसिपल को और मजा आने लगता है। वो दिव्या को अपने पास बुलाता है और उसे खा जाने वाली नजरो से देखता है।
दिव्या: सर मैंने कहा तो, गुस्से में मेरा हाथ उठ गया था। मुझे प्लीज़ माफ़ कर दो। आप जो कहोगे मैं करूँगी। बस मेरे साथ ये सब मत कीजिए।
मदन: ओह, ठीक है। एक शर्त पर मैं तुम्हें छोड़ दूंगा।
दिव्या: आप जो कहें।
मदन: देखो वहां टेबल पर एक ड्रेस होगी, मैं तुम्हे उसमे देखना चाहता हूँ।
दिव्या सामने पड़े बॉक्स को खोलती है तो अन्दर एक छोटी से ब्लैक ड्रेस होती है। साथ ही ब्रा और पेंटी भी थे जो काफी छोटे और वल्गर से थे। दिव्या मदन से रिक्वेस्ट करती है की वो ये नहीं पहन पायेगी। ये सुनकर मदन गुस्सा हो जाता है और दिव्या की साड़ी का पल्लू पकड़ कर झटके से उसे खींच देता है।
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दिव्या की साड़ी उसके बदन से अलग हो जाती है।
मदन: अगर तुम खुद नहीं पहनोगी तो मैं तुम्हे नंगा करके खुद ये पहनाऊंगा और चोरी के जुर्म में जेल भी भिजवाऊंगा।
दिव्या अपने बदन को अपने हाथों से ढकने की कोशिश करती है और प्रिंसिपल के आगे गिडगिडाने लगती है पर उसके ना मानने पर वो ड्रेस पहन कर दिखाने के लिए मान जाती है।
दिव्या ड्रेस हाथ में ले कर अटैच वॉशरूम में पहनने चली जाती है। दिव्या ड्रेस पहन तो लेती है पर उसे समझ नहीं आता कि वो उसे पहन कर बाहर कैसे आए। थोड़ी देर में मदन अपना आपा खोकर चिल्लाता है।
मदन: दिव्या बाहर निकल रही हो या मैं ही अन्दर आ जाऊं।
प्रिंसिपल के बाहर से चिल्लाने पर वो बाहर आती है, उसे देख कर प्रिंसिपल के होश उड़ जाते हैं।
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दिव्या को इस तरह शर्म में डूबा देख प्रिंसिपल को और मजा आने लगता है। वो दिव्या को अपने पास बुलाता है और उसे खा जाने वाली नजरो से देखता है।