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Guest
अगले दिन राजेश उठता है तो उसका मूड काफी उखड़ा हुआ था, वह सुबह जल्दी उठकर मॉर्निंग वॉक के लिए निकल जाता है। वहाँ कर्नल भी उस समय पार्क में ही था, राजेश उसे अवॉयड करने की कोशिश करता है लेकिन वो राजेश के पास आ जाता है।
लाला: हेल्लो राजेश।
राजेश: हेलो अंकल।
लाला: क्या बात है आज सुबह-सुबह तुम कैसे वॉक पर आ गए।
राजेश: कुछ नहीं अंकल बस नींद जल्दी खुल गयी।
लाला: नींद क्यों खुल गयी भाई, तुम्हें तो रात में काफी थकान महसूस हुई होगी, दिव्या जैसी वाइफ जो है तुम्हारे पास मेहनत करने के लिए। (हँसते हुए)
राजेश: क्या अंकल आप भी, ऐसा कुछ नहीं है।
लाला: भगवान भी बड़े अजीब हैं, उसे देते हैं जिसे कोई कद्र न हो।
राजेश: ऐसा कुछ नहीं है अंकल, कल दिव्या की तबीयत थोड़ी ठीक नहीं थी।
लाला: तुम कहो तो रेणुका को भेज दूं तुम्हारे पास। (फिर हँसते हुए) कल तो तुम्हारी एनिवर्सरी है न तो अपना वादा तो नहीं भूले न।
राजेश कर्नल की बात सुनकर परेशान हो जात है और कुछ जवाब नहीं देता तो कर्नल फिर से पूछता है।
लाला: कुछ परेशान लग रहे हो? मुझे बताओ क्या सोच रहे हो?
राजेश: अरे ऐसी कोई बात नहीं है बस सोच रहा था दिव्या को एनिवर्सरी में क्या गिफ्ट दूं कल।
लाला: इसमें क्या है, कोई भी अच्छी सी ड्रेस या कोई गोल्ड आइटम।
राजेश: नहीं अंकल ये सब तो बहुत है उसके पास।
लाला: चलो काफी देर हो गई वाक पर मुझे, मेरे रूम पर चलते हैं वही बात करेंगे। वैसे भी वहाँ रेणुका भी है, एक औरत से अच्छा कौन राय दे सकता है इसके लिए।
राजेश: ठीक है अंकल।
दोनों कर्नल के फ्लैट पर पहुँच जाते हैं, रेणुका उनके लिए चाय बनाकर लाती है तो कर्नल उसे वहीं अपनी गोद में बैठा लेता है और उससे दिव्या के लिए गिफ्ट पूछता है।
लाला: हेल्लो राजेश।
राजेश: हेलो अंकल।
लाला: क्या बात है आज सुबह-सुबह तुम कैसे वॉक पर आ गए।
राजेश: कुछ नहीं अंकल बस नींद जल्दी खुल गयी।
लाला: नींद क्यों खुल गयी भाई, तुम्हें तो रात में काफी थकान महसूस हुई होगी, दिव्या जैसी वाइफ जो है तुम्हारे पास मेहनत करने के लिए। (हँसते हुए)
राजेश: क्या अंकल आप भी, ऐसा कुछ नहीं है।
लाला: भगवान भी बड़े अजीब हैं, उसे देते हैं जिसे कोई कद्र न हो।
राजेश: ऐसा कुछ नहीं है अंकल, कल दिव्या की तबीयत थोड़ी ठीक नहीं थी।
लाला: तुम कहो तो रेणुका को भेज दूं तुम्हारे पास। (फिर हँसते हुए) कल तो तुम्हारी एनिवर्सरी है न तो अपना वादा तो नहीं भूले न।
राजेश कर्नल की बात सुनकर परेशान हो जात है और कुछ जवाब नहीं देता तो कर्नल फिर से पूछता है।
लाला: कुछ परेशान लग रहे हो? मुझे बताओ क्या सोच रहे हो?
राजेश: अरे ऐसी कोई बात नहीं है बस सोच रहा था दिव्या को एनिवर्सरी में क्या गिफ्ट दूं कल।
लाला: इसमें क्या है, कोई भी अच्छी सी ड्रेस या कोई गोल्ड आइटम।
राजेश: नहीं अंकल ये सब तो बहुत है उसके पास।
लाला: चलो काफी देर हो गई वाक पर मुझे, मेरे रूम पर चलते हैं वही बात करेंगे। वैसे भी वहाँ रेणुका भी है, एक औरत से अच्छा कौन राय दे सकता है इसके लिए।
राजेश: ठीक है अंकल।
दोनों कर्नल के फ्लैट पर पहुँच जाते हैं, रेणुका उनके लिए चाय बनाकर लाती है तो कर्नल उसे वहीं अपनी गोद में बैठा लेता है और उससे दिव्या के लिए गिफ्ट पूछता है।