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Adultery माशूका बनी दोस्त की बीवी

कावेरी मुझे खींच कर मेरी चूत चूसने लगी, मेरी तो हालत खराब होने लगी, मैंने उससे कहा- मुझे भी तेरी चूत चाहिए।

अब हम दोनों 69 पोजीशन में आ गई, एक दूसरे की चूत को चाट रही थी।

दोनों की ही चूत ने पानी छोड़ दिया। हम ऐसे ही पड़ी रहीं।

छह बज गए थे, मैंने कहा- चल नहा लें? थोड़ी देर में विकास भी आते होंगे… मुझे मालूम था कि आज ये जल्दी आ जायेंगे।

कावेरी मुझ से चिपक गई और बोली- नीतू, वादा कर, तू जीजू को ये सब नहीं बताएगी।

मैंने हंस कर कहा- पागल थोड़े ही हूँ, नहीं बताऊँगी। पर विकास है बहुत सेक्सी, उसे सेक्स का बहुत शौक है। और आज उसे मैं नहीं मिलूंगी तो वो परेशान रहेगा, बड़ा मजा आएगा।

कावेरी बोली- कोई बात नहीं, आज जीजू हाथ से काम चला लेंगे।

मुझे यह सुन कर हंसी आ गई, मैंने कावेरी से पूछा- तुझे ये कैसे मालूम?

तो वो बोली कि जब वो पीरियड्स से होती है तो नीरज तो उसके सामने ही मुठ मार लेते हैं। इसीलिए तीन चार दिन के लिए बड़ी मुश्किल से भेजा है।

मैंने उससे नाराज होकर कहा कि एक हफ्ते से पहले मैं नहीं जाने दूँगी तुझे।

कावेरी बोली- एक हफ्ते में तो नीरज किसी न किसी पर चढ़ ही जायेगा।

मैंने कहा- परवाह नहीं, मैं तुझे यहाँ किसी न किसी पर चढ़वा दूँगी।

कावेरी बहुत बदमाश हो गई थी, मेरे निप्पल दबा कर बोली- क्यों कुछ सेटिंग है क्या?

अब उससे क्या कहती…. मुझे तो खुद सनी से चुदने की पड़ी थी और विकास के लिए उसे पटाना था।

मैंने भी हंस कर कह दिया कि कोई सेटिंग वेटइंग नहीं है तेरे जीजू से ही तेरी आग बुझवा दूँगी।

कावेरी बोली- धत्त…

पर यह पक्का हो गया था कि कावेरी मान जाएगी।

अब कावेरी वो पैकेट निकल लाई.. उसमें एक लंड की शेप का रबर का पीस था जिसमें लंड जैसा सुपारा दोनों ओर बना था।

मैंने आँख फाड़ते हुए कहा- कावेरी, तू तो न बस अब हाथ से निकल गई है…ये क्या ले आई?

हम दोनों की चूतें चिकनी हो ही रहीं थी।

कावेरी ने मुझे धक्का देकर लिटा दिया और उस वाइब्रेटर लंड को मेरी चूत में कर दिया।

बता नहीं सकती कैसा मजा आया… लंड पूरा दीवारों से रगड़ता हुआ अन्दर गया।

कावेरी ने अपने हाथ से उसे तेजी से अन्दर बाहर कर के मुझे चोदना शुरू कर दिया। मुझे ऐसा लगा जैसे सनी या कोई और मुझे चोद रहा है।

अब कावेरी ने मुझे बिठा कर उस लंड का दूसरा सिरा अपनी चूत में कर लिया और अब हम दोनों एक दूसरे को लंड से धक्का देकर चोदने लगी।

बड़ा मजा आ रहा था, हम दोनों ही पागल हो रहे थे और आवाजें निकल रही थी, वो तो ए सी की वजह से रूम बंद था वर्ना आवाज नीचे चली जाती।

अचानक मुझे विकास के आने का होश आया और मैं लंड निकलकर बाथरूम में भागी।

मेरे नहाने के बाद कावेरी भी नहा ली और हम लोग सूट पहन कर नीचे आ गई।

कावेरी और मैं समलिंगी सेक्स का मज़ा लेकर नीचे आई ही थी कि हमारे आने के पांच मिनट बाद ही विकास भी आ गए।

वो चाट पकोड़ी लाये थे, हम सबने माँ बाबूजी के पास बैठ कर चाट खाई।

विकास ने बाबूजी से पूछ कर पिक्चर का प्रोग्राम बना लिया।

कावेरी तो बहुत खुश हो गई।

हम सब ऊपर आ गए तैयार होने के लिए। विकास के लिए पहला अवसर था कि उसके कमरे में कोई और लड़की हो… वो कुछ असहज हो रहा था या घबरा रहा था कि कहीं उससे फिर कोई जल्दबाजी न हो जाये।

कावेरी यह ताड़ गई… वो बोली- जीजू आप घबराइए नहीं, मैं आपको खा नहीं जाऊँगी, हाँ चख सकती हूँ। और अब तो आप मुझे पिक्चर ले जा रहें हैं तो लाइए आपको चख कर थैंक्स बोल दूँ।

ऐसा कह कर उसने विकास को चूम कर के थैंक्स बोल दिया।

विकास तो मानो जन्नत में आ गया… अब वो भी खुलने लग गया।

मैंने विकास से कहा- हम तो अभी नहाई हैं, तुम नहा कर आओ।

विकास के अन्दर जाते ही हम दोनों तैयार होने लगी, हम दोनों ने ही जीन्स और टॉप पहने… हाँ कावेरी का टॉप उसके मम्मों पर ज्यादा ही टाइट था।

पिक्चर हॉल मैं हमारी कोने की सीट थीं तो कावेरी बोली- जीजू के पास मैं बैठूंगी।

वो विकास की बाँहों में बाहें डाल कर बैठ गई…

मुझे लगा कि यहाँ तो मामला अपने आप ही सेट हो रहा है। मैंने एक आध रोमांटिक सीन पर विकास के लंड पर हाथ रखना चाहा तो कावेरी बदतमीज ने मेरा हाथ हटा दिया कि ठीक से बैठो।

मैं हंस पड़ी।

हम लोग 11 बजे करीब वापिस आये, खाना बना रखा था इसलिए बाहर नहीं खाया था।

कावेरी बोली- एक ही थाली लगा कर ऊपर ही ले आओ, तब तक मैं कपड़े बदल लूँ।

कावेरी विकास के साथ ऊपर चली गई। मुझे लगा कि कहीं कावेरी कुछ गड़बड़ न कर ले…

फिर मैंने सोचा ‘कर ले तो अच्छा ही है… आखिर मैं भी तो यही चाहती हूँ।’

पर सच बताऊँ अब मुझे लग रहा था कि क्या मैं अपने पति को बांट पाऊँगी?

मुझे खाना परोस कर ऊपर आना भारी पड़ रहा था।

मैं फटाफट काम निबटा कर खाना लेकर ऊपर आ गई। विकास तो शॉर्ट्स टी शर्ट में थे और कावेरी बाथरूम में थी।

पर अब तक मैं अपने मन को समझा चुकी थी कि जब मैं सनी के साथ कर सकती हूँ तो विकास को भी मैं क्यों रोकूँ और फिर जो भी हो रहा है, वो मेरी मर्जी से और मेरी आँखों के सामने होगा। अगर विकास भी सनी की तरह अपनी बीवी से छिप कर करे तो…

मुझे लगा कि कहीं कुछ गलत नहीं है। अब मैं खुश थी… मैंने भी अलमारी खोल कर नाइटी निकली।

इतने में कावेरी बाहर आ गई… उसने एक टीशर्ट और ढील बरमूडा पहना था। उसके निप्पल बता रहे थे कि उसने नीचे कुछ नहीं पहना। उसने मेरे हाथ में नाइटी देख कर कहा- ओ नौटंकी… जब तक मैं यहाँ हूँ, कपड़े देख कर पहन… वर्ना ये भी उतार दूँगी।

मैंने कहा- मेरे पास शॉर्ट्स नहीं है!

तो वो बोली- जीजू की लुंगी और टीशर्ट पहन ले।

मुझे शर्म तो आई पर विकास के कहने पर जब पहन कर आई तो खुद को भी अच्छा लग रहा था।

हम लोगों ने खाना खाकर सोने की तैयारी की।

कावेरी बोली- आप दोनों ऊपर सो जाओ, मैं नीचे सो जाऊँगी।

विकास ने मना कर दिया- नहीं, तीनों बिस्तर पर ही सो सकते हैं अगर कावेरी को एतराज नहीं हो तो।

कावेरी तो पक्की बेशर्म निकली, बोली- अगर रात को हम दोनों ने आपके साथ बलात्कार कर लिया तो?

सब हंस पड़े।

मैं बीच में होकर दोनों के साथ सोई।
 
रात को लगभग एक बजे मुझे अपनी चूत पर कोई दबाव महसूस हुआ। विकास का हाथ था।

मेरे जागते ही उसने मेरा मुँह अपनी ओर खींच कर मुझे चूमना शुरू कर दिया। मैं भी गर्म हो रही थी, मैंने चूमने में विकास का साथ दिया मगर फुसफ़ुसा कर बोली- कावेरी जग जाएगी।

मैं विकास की ओर पीठ कर के लेट गई और अपना हाथ कावेरी की टी शर्ट के अन्दर कर लिया।

कावेरी ने कसमसा कर अपने को मुझसे और सटा दिया। मैंने भी उसके मम्मे पकड़ लिए और दबाने शुरू कर दिये।

कावेरी नींद में ही थी और बुदबुदा के बोली- सोने दे…

मैंने अपना हाथ नीचे कर उसके बरमुडे के अन्दर कर दिया और उसका दाना मसलने लगी।

विकास भी समझ रहा था कि मैं कुछ गड़बड़ कर रही हूँ कावेरी के साथ तो उसने भी अपनी उंगली मेरी चूत में कर दी।

जैसे ही उसने मेरी चूत को छुआ तो चूत के चिकनेपन ने उसे दीवाना बना दिया और वो चुदासा होकर अपनी उंगली से चूत को रगड़ने लगा। वो मेरी चूत में उंगली अन्दर बाहर कर रहा था और मैं कावेरी की चूत में।

कावेरी को शायद इस बात की चिंता थी कि विकास जग जायेगा और मैंने उसे गर्म कर दिया था।

वो यह कहते हुए उठी- तू मुझे यहाँ सोने नहीं देगी…

और कमरे में पड़े सोफे पर चादर ओढ़ कर लेट गई।

वो थक भी रही थी और चादर भी उसने मुँह तक ओढ़ रखी थी… मुझे लगा दस मिनट के अन्दर वो खर्राटे भर रही है।

इधर विकास ने अपना लोअर नीचे करके अपना लंड मेरी गांड से टिका रखा था। अब वो मेरी चूत छोड़ कर मेरे मम्मे दबा रहा था। कावेरी के बिस्तर से हटते ही उसने मेरी लुंगी खोल कर अलग कर दी थी। विकास ने मेरे को अपनी ओर करके अपना लंड मेरी चूत में कर दिया।

आज दिन भर चूत की मौज हुई थी तो चूत भी चुदने को चुदासी थी। मैं भी कावेरी की परवाह न करते हुए विकास पर चढ़ गई और उसका लंड अपनी चूत में पूरा कर लिया और जोर जोर से चुदाई करते हुए चुदवाने लगी।

विकास भी नीचे से जोर जोर से धक्के मार रहा था।

पांच मिनट की धक्का मुक्की के बाद हम दोनों का हो गया।

मैंने कावेरी की ओर देखा तो उसकी चादर मुँह से हटी हुई थी पर वो सो रही थी।

कमरे में नाईट बल्ब की धीमी रोशनी थी।

मैंने अपने कपड़े ठीक किये और सो गई।

सुबह सात बजे आँख खुली, विकास तो सो रहा था पर कावेरी नहीं थी।

मैंने नीचे झांक कर देखा तो कावेरी अपने ट्रैक सूट में योग कर रही थी और साथ में उसने बाबूजी को भी लगा रखा था।

मैं फ्रेश होने बाथरूम में गई और जब बाहर आई तो विकास उठ चुका था, मुझे देखते ही उसने मुझे बाँहों में भर लिया और चूम लिया। इतने में ही कावेरी अन्दर आ गई, चाय की ट्रे उसके हाथ में थी, हमें इस हाल में देख कर वो हंसते हुए बोली- सारी रात तो धमाचौकड़ी मचाई है और अभी भी चैन नहीं है।

मुझे तो काटो तो खून नहीं…इसका मतलब कावेरी ने हमारी पूरी रासलीला देखी है?

खैर कावेरी से तो मैं दिन में निबट लूंगी।

हम लोग बिस्तर पर बैठ कर ही चाय पीने लगे।

कावेरी ने अपने ट्रैक सूट के टॉप की ज़िप थोड़ी नीचे कर ली थी और उसकी स्पोर्ट्स ब्रा दिख रही थी। विकास का लोअर उसका तम्बू दिखा रहा था।

मैंने विकास के लंड पर हाथ मारते हुए कहा- जाओ तुम नहा लो।

विकास ने जैसे ही बाथरूम का दरवाजा बंद किया मैंने कावेरी के बाल पकड़ कर कहा- क्यों री बदमाश… तूने क्या क्या देखा?

कावेरी हंस कर बोली- पूर लाइव शो देखा…

विकास के दुकान जाने के बाद कल की तरह हम लोग नहाने की तैयारी करने लगे तो कावेरी बोली- आज मेरी मालिश कर दे।

मेरे ड्रेसिंग से वो मसाज आयल उठा लाई थी, उसने नीचे एक पुरानी चादर बिछाई और अपना ट्रैक सूट उतर कर लेट गई।

मुझे मसाज का अच्छा आईडिया है, मैंने पहले उसकी टांगों की और फिर पीठ की मसाज करी…

जब मैंने उससे कहा कि ब्रा पैंटी चिकनी हो जाएँगी तो उसने एक झटके में ही अपनी ब्रा पैंटी उतार दी और बिल्कुल नंगी ही लेट गई। मैंने महसूस किया कि तेल से मेरे भी कपड़े ख़राब हो रहे है तो मुझे भी अपने कपड़े उतारने पड़े।

मैं ब्रा पैंटी नहीं उतरना चाह रही थी मगर कावेरी मस्तीखोर ने मुझे भी नंगी कर ही दिया।

अब मैं अपनी टांगों को उसके दोनों ओर करके उसके चूतड़ों पर बैठ कर उसकी गर्दन और पीठ की मसाज करने लगी।

इसके बाद मैंने उसकी करवट बदलवा कर उसे पेट और गर्दन की मसाज की।

अब आया मस्ती का टाइम…. अब मैंने हाथ में तेल लेकर उसकी चूत को रगड़ना शुरू किया… पहले ऊपर फिर साइड में… बीच में अपनी दो उंगली उसकी चूत में भी कर रही थी।

कावेरी पागल हो रही थी… वो अपनी चूत ऊपर उठा रही थी मानो कह रही हो मुझे चोद दो।

मैं उसकी चूत पर बैठ गई और उसके मम्मों की गोल गोल करके मालिश करने लगी।

उसके निप्पल खड़े हो गए थे, मैंने उन्हें भी नोचा और मसला।

उसकी चूत मेरी चूत से मिली हुई थी… कावेरी को गर्म करते करते मैं भी गर्म हो गईं थी और मैंने अपने होंठ उसके होठों से मिला दिये।

अब कावेरी ने मुझे नीचे किया और अपने सूटकेस से ‘लंड’ निकाल लाई और अपनी और मेरी चूत में करके हम दोनों ने अपनी चूत को शांत किया।

नहाकर मैं तो नीचे चली गई… कावेरी कमरे में ही सो गई।

दोपहर को खाना खाने के बाद जब कावेरी और मैं कमरे में आये तो मैंने कहा- तू अब कोई बदमाशी मत करना, मैं आधा घंटा सोना चाहती हूँ।

मैं साड़ी उतारकर सो गई, कावेरी भी मुझसे चिपक कर सो गई।

एक घंटा बाद लगभग चार बजे मेरी आँख खुली तो मैं नीचे चली गई और माँ बाबूजी को चाय देकर अपनी और कावेरी की चाय और कुछ पकौड़े सेक कर ऊपर ले आई।

रामू को सब्जी कटने और आटा लगाने को बोल आई थी… मतलब मैं एक डेढ़ घंटे के लिए फ्री थी।

ऊपर आकर कवरी को उठाया।

पकौड़े देखकर उसकी आँख तुरन्त खुल गई और जब मैंने बताया कि अब मुझे एक डेढ़ घंटे नीचे नहीं जाना तो उसने मेरे को आँख मारी- चल तुझे कुछ दिखाती हूँ।

उसने अपने मोबाइल पर इण्डियन पोर्न विडियो साईट पर एक मूवी चलाई जिसमे दो लड़कियाँ एक दूसरे से सेक्स करती हैं।

मूवी देखते देखते हम दोनों के कपड़े उतर चुके थे और हम एक दूसरे की चूत में उंगली कर रही थी।

मैंने कहा- कोई और मूवी लगा…

वो बोली- बता क्या देखेगी?

मैंने कहा- ऐसी लगा जिसमें एक आदमी और दो लड़कियाँ हों।

उसने यही आप्शन डाला तो एक गर्म मूवी आ गई जिसमें पहले तो दोनों लड़कियाँ अपने आपस में ही चूमा चाटी और चूत में उंगली और वाइब्रेटर कर रही थी…

फिर अचानक उनमें से एक लड़की का पति आ जाता है और वो सकपका जाती हैं पर उनमें से दूसरी लड़की उस आदमी को चूम लेती है और उसका लंड निकल कर चूसने लगती है…

बस फिर क्या था तीनों के बीच ग्रुप सेक्स शुरू हो नजात है और जितना मजा वो दोनों पहले अकेले अकेले ले रही थी उससे कहीं ज्यादा मजा अब असली लंड के साथ आ रहा था।

मैं तो इस मूवी से इतनी गर्म हो गई कि मैंने वो मूवी बीच में ही बंद करवा दी और कावेरी को अपने होठों से चिपका कर बिस्तर पर लिटा दिया।

हम दोनों एक दूसरे की चूत में उंगली कर रही थी… मैंने अचानक कावेरी से पूछा- क्या ऐसा सचमुच में होता है? मुझे एक प्रश्न और पूछना था कि क्या विदेशों में कपल ग्रुप सेक्स क्लब होते हैं जहाँ सभी जोड़े अपनी बीवियाँ और पति बदलकर सेक्स करते हैं।
 
कावेरी ने मुझे पहले दूसरे प्रश्न का उत्तर दिया- हाँ विदेशों में ही नहीं, हमारे यहाँ भी हाई सोसाइटी में लोगों ने ऐसे क्लब बना रखे हैं जहाँ सभी जोड़े अपने पार्टनर बदल कर और चारों एक साथ सेक्स करते हैं।

मैंने उससे पूछा- क्या तू कभी गई है?

वो बोली- मैं कभी गई तो नहीं हूँ पर मुझे मालूम है कि हमारे शहर में एक ऐसा ग्रुप है और उसका नाम है सैटरडे क्लब! इसके बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है पर मेरी एक सहेली शायद इसकी मेम्बर है, कभी उससे पूछूँगी… हालाँकि जो मेम्बर नहीं हैं उन्हें जो मेम्बर हैं, वो कभी कुछ नहीं बताते।

और जब मैंने उससे बड़ी भोली बनकर कहा- क्या कोई औरत या आदमी अपने पार्टनर के सामने दूसरे से सेक्स कर सकता है?

हालाँकि मुझे यह पूछने का हक नहीं था… सनी और मैं सब कुछ विकास के सामने ही तो करते हैं ,पर मैं यह जानना चाहती थी क्या और कोई भी ऐसा करता है और कावेरी की क्या सोच है।

इस पर कावेरी ने कहा- यह तो अब आम बात है। अगर पति पत्नी को कोई एतराज नहीं है तो थ्रीसम सेक्स तो कभी भी हो सकता है। मैंने कावेरी से पूछा- क्या तूने किया है कभी?

तो मुझे चिपका कर बोली- किसी से कहना नहीं… थ्रीसम तो नहीं किया पर एक बार दोस्तों के साथ घूमने जाने पर एक होटल में रूम नहीं मिलने पर हम दो जोड़े एक ही कमरे में सोये थे तो रात को एक ही बेड पर चारों ने सेक्स किया पर अपने अपने पार्टनर्स के साथ! हाँ चारों ने एक दूसरे के पार्टनर्स के प्राइवेट पार्ट छूए थे। पर उसके बाद उनका ट्रान्सफर कहीं बाहर हो गया और वो चैप्टर वहीँ बंद हो गया।

उसने बताया कि हाँ मेरा और उसके पति नीरज दोनों का मन है कि कभी ऐसा हो…

मैंने सोचा कि लोहा गर्म है, चोट कर दूँ… मैंने कावेरी के मम्मे मुख में लेकर चूसा और निप्पल पर हल्के से काटा, फिर उसके होंठ चूम कर कहा- अभी तो तू यहाँ है नीरज तो है नहीं, चल शुभ काम की शुरुआत करें?

वो बोली- क्या मतलब?

मैंने कहा- तू विकास को पटा ले, जब मैं नीरज से मिलूँगी तो मैं नीरज को पटा लूँगी, फिर हम चारों ग्रुप सेक्स करेंगे।

कावेरी यह सुन कर गर्म तो हुई पर बोली- कहीं जीजू बुरा मान गए? तो मैं तो कहीं की नहीं रहूँगी।

मैंने कहा- यह जिम्मेदारी मेरी है, वो खुद आएगा तेरे पास… बस तू मना मत करना।

बात हम दोनों के बीच पक्की हो गई… आज रात गुल खिलना था… तभी नीरज का फ़ोन आ गया और जैसे ही कावेरी ने उसे बताया कि वो तीन चार दिन बाद आएगी नीरज ने गुस्से में फ़ोन रख दिया।

कावेरी ने मुझसे परेशान होकर सारी बात बताई… मैंने उसे भी वही तरकीब बताई जिससे मैंने विकास को सनी के लिए राजी किया था।

अब कावेरी ने नीरज को फोन मिलाया, फोन पर नीरज बोला- तुम वहीं रहो, मुझसे बात मत करो.. तुम्हें मेरी तो चिंता ही नहीं है…

इस पर कावेरी ने बड़े नाटकीय अंदाज़ में कहा- डार्लिंग, मैं इस समय कमरे में अकेली हूँ। और अगर तुम कहो तो मैं कल ही आ जाती हूँ, पर मैं तुम्हारे लिए यहाँ उस चीज का जुगाड़ कर रही हूँ जिसके लिए तुम कब से तरस रहे हो!

नीरज बोला- क्या मतलब?

कावेरी बोली- नीता बहुत गरम माल है और उसके मम्मे उससे भी ज्यादा मांसल है और वो बहुत सेक्सी है।

कावेरी ने नीरज को कहा- मैं नीता को पटा रही हूँ और अगर वो तैयार हो गई तो तुम्हें उसकी दिला दूँगी। अब इस काम में दो चार दिन तो लगेंगे ही… अब तुम बतओ में तुरंत आ जाऊँ या तुम्हारे लिए ‘दूसरी’ का इंतजाम करके आऊँ?

उधर से नीरज बोला- जान तुम्हारा जवाब नहीं… पर जल्दी आना और साथ लेकर ही आ जाना।

फोन रखते ही कावेरी ने मुझे चूमा- नीता तेरा तो जवाब नहीं! तीर निशाने पर लगा है।

हम दोनों हंस पड़ी।

नीचे विकास आ गए थे… हम लोग नीचे आ गए।

रात का खाना हम सबने नीचे ही खाया और उसके बाद हम तीनों पैदल ही आइसक्रीम खाने चले गए।

कावेरी ने तो अपनी जल्दी से ख़त्म कर ली फिर मेरी ऑरेंज बार से चूस चूस कर खाने लगी।

विकास बोला- कावेरी, चूस चूस कर खाने में बड़ा मजा आता है?

कावेरी तो मुंहफट थी, बोली- चूसने से तो हर चीज ज्यादा मजा देती है… आपने कभी गन्ना चूसा है?

अब विकास भी बोल पड़ा- नहीं जी, हम तो केवल आम ही चूसते हैं!
 
अब मेरी बारी थी, मैंने कहा- चलो आज तुम्हें खरबूजा चुसवायेंगे।

सब हंस पड़े।

लौटते में विकास ने तीन मीठे पान लिए, हमने कहा कि घर पर ही खायेंगे।

घर पर आकर विकास तो माँ बाबूजी के पास बैठ गया हम दोनों ऊपर आ गई।

आज रात को कुछ गजब होना था इसलिए मैंने कावेरी की लाई नाईट ड्रेस के ऊपर नाइटी पहनी।

कावेरी कुछ असहज हो रही थी इसलिए उसने केवल घुटनों तक की मिडी पहनी.. हाँ, उसके नीचे उसने आज ब्रा पैंटी दोनों पहनी थी।

विकास आये और बोले- मैं तो नहाने जा रहा हूँ!

कावेरी ने मुझे धक्का देकर कहा- जा जीजू को नहला ला!

मुझे सनी के साथ नहाना याद आ गया, मैंने सोचा की विकास को भी मौका मिलना चाहिए पर अभी कावेरी तैयार नहीं होगी।

मैंने विकास से कहा- आज तुम अकेले नहा लो, कल साथ नहायेंगे।

विकास फटाफट नहा कर आ गया और आज उसने रेशमी लुंगी और कुरता पहना था।

मैं पान लाई, मैंने अपना पान पूरा खा लिया।

कावेरी ने पान अपने मुँह में रखा पर पूरा नहीं अन्दर कर पाई तो उसने इशारे से मुझसे कहा कि आधा मैं उसके मुँह से काट लूँ।

मेरा तो मुँह पहले ही भरा था, कावेरी तुरंत विकास की ओर लपकी और अपना मुँह उसके मुँह की ओर कर दिया।

अब विकास के सामने पान काटने के अलावा कोई चारा नहीं था। हालांकि उसने ऐसा बहुत संभल के किया पर फिर भी उसके होंठ कावेरी के होंठों से मिल ही गए।

कावेरी पर कोई फर्क नहीं था और मैं और विकास अचंभित थे।

हम कल की तरह ही सोये।

मैंने कावेरी के मम्मे पकड़े हुए थे और विकास ने मेरे।

तभी विकास को लगा कि मैं डबल ड्रेस पहने हूँ, उसने पूछा तो मैंने झूठ बोल दिया कि पहन कर देखी थी फिर तुम आ गए तो ऊपर से नाइटी डाल ली।

विकास पीछे पड़ गया कि मुझे दिखाओ तो मैंने भी कह दिया- कावेरी के सामने नहीं…

कावेरी बोली- अच्छा जी, कल तो जैसे मेरे सामने कुछ किया ही नहीं… और जीजू आप भी एक दिन नहीं रूक सकते थे?

हम सब हंस पड़े।

विकास बार बार पीछे से मेरी नाइटी उठता रहा मेरी ड्रेस देखने को…

मैं भी झुंझला गई और उठ कर अपनी नाइटी उतार दी।

कावेरी और विकास की निगाहें हट ही नहीं रही थी मुझ से… गोरी चिट्टी मैं… ऊपर से जाली की काले रंग की नाइट ड्रेस, जिसमें कपड़ा नाम मात्र को होता है। अंदर से झांकते मेरे मोटे मोटे मम्मे…

विकास तो झपट पड़ा मेरे ऊपर और होठों से चिपका लिया मुझे, बिना इस बात की परवाह किये कि कावेरी भी यहाँ है।

मैंने कहा- कावेरी ही तो लाई है मेरे लिए… और इसके पास तो इससे भी सेक्सी ड्रेस हैं।

विकास बोला- कावेरी कहना अच्छा तो नहीं लग रहा पर आज तुम्हें भी ऐसा ही कुछ पहनना चाहिए।

कावेरी बोली- चलो मैं भी पहन लेती हूँ… पर आप मुझे कुछ नहीं करोगे!

विकास बोला- वादा, मैं अपनी ओर से कुछ ऐसा नहीं करूंगा जो तुम्हें ख़राब लगे।

अब कावेरी नारंगी रंग की ड्रेस पहन कर आई जिसमें उसकी चूत और मम्मे दोनों लगभग दिख रहे थे।

आते ही उसने लाइट बंद कर दी और हम लोग चिपक कर लेट गए।

जैसा कि होना ही था, लेटते ही विकास ने मेरे मम्मे दबाने शुरू कर दिये और फिर चूत में उंगली कर दी।

मेरी चूत तो पहले से ही गीली थी, विकास की उंगली से फचफच की आवाज आने लगी।

मैंने कावेरी की चूत में उंगली करी तो उसका भी यही हाल था, कावेरी की चूत से तो पानी बह रहा था।

कावेरी ने गर्दन घुमा कर मुझे चूमना शुरू कर दिया।

अब मैंने यह सोच कर ‘जो होगा देखा जायेगा’ विकास का हाथ कावेरी के मम्मों पर रख दिया।
 
विकास को तो मानो जन्नत मिल गई… उसने बड़े प्यार से कावेरी के मम्मी और निप्पल दबाने शुरू कर दिये और फिर कुछ मिनट बाद विकास ने अपना हाथ कावेरी की चूत पर रख दिया।

विकास का हाथ आते ही मैंने अपनी उंगली कावेरी की चूत से निकाल ली।

हालाँकि कावेरी ने रोकना चाहा पर तब तक विकास ने अपनी उंगली कावेरी की चूत में कर दी और स्पीड बढ़ा दी।

कावेरी अब कामाग्नि में पूरी जल रही थी, उसने एक जोर से पलटी ली और मुझे लांघते हुए विकास पर चढ़ गई और उसका लंड अपनी चूत में कर लिया।

मैं भी बैठ गई और कावेरी के मम्मे चूसने लगी।

कावेरी तो जैसे विकास को खा जाना चाहती थी, उसने मुझे हटाया और विकास के होठों से चिपक गई।

अब विकास ने उसे नीचे पलटी दी और चढ़ गया उसके ऊपर… कावेरी ने अपनी दोनों टांगे फैला दी और विकास ने उसको घुटनों के ऊपर से पकड़ कर दबादब चोदना शुरू किया।

दोनों हांफ़ रहे थे और बड़बड़ा रहे थे।

कावेरी कह रही थी- …विकास आज मजा आ गया.. मेरा बरसों का सपना आज पूरा हुआ… फाड़ दो मेरी चूत मेरे राजा…

नीता आज तूने मुझ पर बड़ा एहसान किया है मेरी जान!

विकास भी कह रहा था- ..कावेरी ले और ले और ले मेरा लंड… चुद चुद कर पूरा निकाल दे इसकी आखिरी बूँद भी…

मैं चूत लंड के इस महासंग्राम को देख कर खुश हो रही थी और सोच रही थी कि अब विकास जब तक कावेरी है, रोज इसकी बजाएगा, काश मुझे किसी तरकीब से सनी का लंड मिल जाए।

विकास ने अपना सारा माल कावेरी की चूत में ही छोड़ दिया और निढाल होकर उसके ऊपर ही पड़ गया।

मेरी चूत की आग अभी बुझी नहीं थी पर मुझे मालूम था की अब विकास के बस का कुछ नहीं… मैंने कावेरी के सूटकेस से ‘लंड’ निकाला और अपनी चूत में घुसा लिया।

कावेरी उठी और अपने हाथ से तेज तेज करके उसने मेरा भी पानी छुड़वा दिया।

अब कावेरी बीच में सोई और दोनों और मैं और विकास उसके दोनों ओर…

रात को दो बजे करीब मेरी आँख खुली तो देखा विकास कावेरी के ऊपर चढ़ा हुआ है और कावेरी अपनी बाहें उसकी पीठ पर चिपका कर चुदाई में व्यस्त है।

मैंने कुछ नहीं कहा, चुपचाप पड़ी रही और सो गई यह सोचते हुए कि देखती हूँ सुबह इनमें से कोई मुझे बताता है या नहीं।

सुबह सात बजे आँख खुली, विकास नंग धडंग सो रहा था, मैं भी नंगी ही थी और नीता नीचे योग कर रही थी।

हाँ उसने हमारे दरवाजे को लॉक कर दिया था।

मैंने विकास को उठाया और विकास के ऊपर चढ़ गई।

मेरी चूत की आग बुझी नहीं थी… विकास भी समझ रहा था।

अब सोने से वो फ्रेश भी हो गया था, उसने मुझे नीचे कर के जैसे उसने कावेरी को रात को चोदा था वैसे ही मुझे चोदना शुरू किया। इतनी में ही कावेरी आ गई, बोली- गुड मोर्निंग एवरी वन। जीजू क्या कमाल का स्टैमिना है आपका… रात भर तो मेरी बजाई और अब नीता की बजा रहे हो?

वह चाय लेकर आई थी।

हमने कुछ कपड़े पहन कर चाय पीनी शुरू की।

कावेरी बोली- रात को जीजू का फिर खड़ा हो गया… और नीचे खिसक कर इन्होने मेरी चूत चूसनी शुरू कर दी तो मेरी भी आँख खुल गई। हम दोनों ने 69 पोजीशन में एक दूसरे को चूसा… फिर ये महाराज चढ़ गए मेरे ऊपर और सारे पेंच ढीले कर दिये मेरे।

मुझे अच्छा लगा कि चलो इसने मुझसे छिपाया कुछ नहीं।

अगले तीन दिन ऐसे ही दिन रात चूत लंड की मालिश में निकल गए और वो दिन आ गया जब हम कावेरी को छोड़ने स्टेशन गए।

पिछली रात को कावेरी ने मुझसे यह वादा लिया कि अब मैं भी नीरज से चुदने को मना नहीं करूँगी।

हमने यह प्रोग्राम बनाया कि जल्दी ही कहीं दो दिन के लिए साथ साथ घूमने चलेंगे और वहाँ हम दोनों या बल्कि हम चारों एक साथ सेक्स के मजे लूटेंगे।

……………………….
 
अब आगे पढ़ें नीता की जुबानी:

कावेरी के जाते ही अगले दिन सुबह मैंने विकास से कहा- बहुत दिन हो गए सनी से मिले, आज उसे बुला लो!

कहना तो मैं यह चाह रही थी कि बहुत दिन हो गए सनी का लंड लिए… पर आखिर कुछ तो पर्दा होना ही चाहिए।

विकास भी मुस्कुरा कर बोला- हाँ, मैं तो कह ही दूंगा, तुम भी कह देना।

मैंने विकास के जाने के बाद सनी को फ़ोन किया… सनी ने फ़ोन पर एक लम्बा किस दिया, जिसका जवाब मैंने भी ढेर सारी चुम्मियाँ देकर दिया।

सनी की शिकायत थी कि मैंने उसे एक हफ्ते बिल्कुल नेगलेक्ट किया। अब मैं उसे क्या बताती कि पिछले सात दिन तो चूत और मम्मों की सेवा में ही निकले हैं।

मुझे विकास ने कसम दे दी थी कि जो कुछ हुआ, उसका पता सनी को कभी नहीं लगना चाहिए।

मैंने सनी से कहा- मैंने भी तुम्हें बहुत मिस किया है, चलो आज आ जाओ, सारी शिकायत दूर कर दूँगी।

सनी बोला- रोज रोज रोमा को झूठ कैसे बोलूँ?

सनी ने मुझसे पूछा कि क्या इस खेल में हम रोमा को भी शामिल कर सकते हैं?

पता नहीं क्यों, मुझे अच्छा नहीं लगा कि मेरा पति दूसरी औरतों के सात ज्यादा सेक्स करे। एक तरफ तो मैं विकास के अलावा सनी से चुद ही रही थी और अब तो कावेरी भी मुझे नीरज का लंड दिला रही है।

नीरज के साथ करना मेरी मजबूरी होगी क्योंकि जब कावेरी विकास से चुद रही होगी तो मैं या नीरज क्या करेंगे।

और दूसरे विकास को कावेरी ने इतनी मजे दिये हैं और मैंने भी विकास के सामने ही सनी से चुदाई की है तो अब विकास को भी दूसरी चूत का चस्का लग गया है।

सनी की बात सुनकर मैंने कहा- चलो, आज तुम रोमा को लेकर आओ… आज चुदाई तो नहीं होगी पर रोमा की यह शिकायत दूर हो जाएगी कि तुम हमेशा अकेले ही विकास के घर जाते हो। हाँ, कोशिश करना की रोमा अच्छे मूड में आये और ड्रेस भी वेस्टर्न पहन ले।

किस्मत की बात, सनी की सास आई हुई थी, इसलिए रोमा ने मुझसे आने को मना कर दिया पर जब मैंने कहा कि मैंने तो सब्जी दोपहर को ही बना ली थी तो रोमा बोली कि वो तो नहीं आ पायेगी पर सनी आ जायेगा…

मेरे तो मन की हो गई… अब मेरा सनी मेरी बाँहों में होगा और समय की कोई पाबन्दी भी नहीं होगी।

शाम को सनी आया तो आज हम लोगों ने खाना नीचे ही खाया और विकास और सनी ऊपर चले गए।

रसोई का काम निबटा कर मैं भी ऊपर आ गई।

विकास बोला- चलो नहा लें!

सनी से विकास ने कहा- चल पहले तू और नीता नहा लो…

मैंने कहा- नहीं, मैं तुम लोगों के साथ नहीं नहाऊँगी, तुम दोनों नहाओ, मैं बाद में नहा लूंगी।

विकास और सनी नहाने चले गए।

अंदर से विकास ने आवाज दी- चलो नहाओ मत, कम से कम हमारी पीठ पर साबुन तो लगा दो…

मैं अपनी साड़ी उतार चुकी थी तो ब्लाउज और पेटीकोट में ही अन्दर चली गई।

अन्दर बाथरूम में अँधेरा था, शावर के नीचे दोनों खड़े थे नंग धड़ंग… विकास ने मुझे भी खींच लिया।

ऊपर से पानी और दोनों ओर दो नंगे बदन… मेरे भी कपड़े उतरते चले गए…

अब दोनों मेरे मम्मे चूस रहे थे और मेरे दोनों हाथों में उनके लंड थे।

मुझे कावेरी के साथ शावर की मोटी धार से चूत मालिश याद आ रही थी।

सनी नीचे बैठ कर अब मेरी चूत चूस रहा था और विकास मेरे पीछे आकर मेरे दोनों मम्मे दबा रहा था और उसने मेरा मुँह पीछे घुमाकर अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल दी थी।

अब मेरी चूत को लंड चाहिए था… मैंने अपनी एक टांग नल की टोंटी पर रख दी अब मेरी चिकनी चूत पूरी खुली हुई सनी के सामने थी।

उसने भी बात समझते ही अपना लंड मेरी चूत में घुसेड़ दिया।

मजा आ गया..

मैं भी सीत्कार करने लगी- मजा आ गया जानूं … बहुत दिनों बात दो दो लंड मिले हैं…

अब विकास की बारी थी… उसने अपने लंड पर पर थोड़ा सा टूथपेस्ट लगाया और मेरे न न कहने पर भी मेरी गांड में घुसेड़ दिया।

मेरी तो जान ही निकल गई… पर अब मजा बहुत आ रहा था।

मेरे मम्मे विकास मसल रहा था और चूत और गांड दोनों में ही लंड धकापेल कर रहे थे।

दो-तीन मिनट की उछल-कूद के बाद दोनों ने ही अपना माल मेरे मम्मों पर छोड़ दिया।

नहा धोकर हम बाहर आ गए।

सनी घर जाना चाहता था… मैंने भी रोकना उचित नहीं समझा, पता नहीं उसकी सास क्या सोचती और मुझे अभी विकास से और चुदवाना भी था।

मैं सनी के जाने के बाद नीचे जाकर कॉफ़ी बना लाई।

कमरे में आते ही विकास ने मेरी नाईटी उतार फेंकी… खुद तो वो पहले ही बिना कपड़ों के था।

मैंने कहा- कॉफ़ी तो पी लो!

तो वो बोला- अन्दर करके पियेंगे।

मैं समझ कर भी अनजान बन गई।

विकास ने बिस्तर पर अधलेटे होकर मुझे अपने ऊपर बिठाया और अपना लंड मेरी चूत में कर दिया।

मैं जोर से विकास से चिपक गई, उसका लंड अंदर दूर तक घुस गया।

फिर चूमते हुए विकास ने मेरे मम्मे दबाने शुरू किये।

मैंने कहा- कॉफ़ी ठंडी हो रही है!

तब ऐसे ही अंदर किये किये हम लोगों ने कॉफ़ी ख़त्म करी, कॉफ़ी का मग साइड में रखते ही विकास ने मुझे नीचे पटक दिया और मेरी टांगों को ऊपर करके जंगलियों की तरह मुझे चोदने लगा।

सच बताऊँ मुझे बहुत मजा आ रहा था… लग रहा था कि हम रोज ऐसे ही क्यों नहीं करते।

मैं दावे के साथ कह सकती हूँ कि जो लोग ग्रुप सेक्स करते हैं या अपने पार्टनर के अलावा अन्य से भी सेक्स करते हैं, उनकी सेक्स लाइफ बहुत रंगीन होती होगी।
 
अगले दिन मैंने रोमा के घर जाने का प्रोग्राम बनाया।

मैंने सोचा देखती हूँ कि जो सनी ने कहा है क्या वो संभव है।

मैं दोपहर खाना खाने के बाद रोमा के घर गई।

उसकी माँ सुबह ही वापस गई थीं और वो दस दिनों के लिए रोमा के बेटे को भी अपने साथ ले गई थीं।

रोमा घर पर अकेली थी और चूंकि मैंने उसे बता दिया था कि मैं दोपहर में उसके पास ही रहूंगी तो उसने मेरे लिए दही वड़ा और फ्रूटचाट बना कर रखी थी।

मैं उसके लिए गिफ्ट में एक शॉर्ट्स वाला नाईट सूट ले गई थी।

खा पीकर जब हम बेड पर बैठी तो मैंने उससे कहा- मुझे नाईट सूट पहन कर दिखा?

उसे कुछ शर्म आ रही थी।

मैंने उससे कहा- रोमा, माना मैं तेरे से तीन चार साल बड़ी हूँ, पर इतनी बड़ी नहीं हूँ कि हम अच्छे दोस्त न बन पायें। और दोस्तों में शर्म कैसी?

खैर रोमा वो नाईट सूट पहन कर आ गई। गजब की प्यारी लग रही थी।

मैंने उसे प्यार से अपने पास बिठाया और पूछा- सच बताना, तुम दोनों की सेक्स लाइफ कैसी है?

वो चुप रही।

मैंने उसके दोनों गाल अपने हाथ में लिए और दोबारा पूछा।

वो रो पड़ी, बोली- भाभी बेटे के चक्कर में मैं सनी को बिल्कुल टाइम नहीं दे पाती हूँ और मुझे इसका बहुत अफ़सोस है। सनी सोचता है कि मैं ठंडी हो गई हूँ, पर पता नहीं क्यों, अब सेक्स में मन नहीं करता।

रोमा को समझाया मैंने कि वो अब मुझे नीता बोलेगी भाभी नहीं और मुझ से हर बात शेयर करेगी।

मैंने उससे कहा कि वो अभी ब्यूटीपार्लर जाए और आज रात कैसे रंगीन हो, इसकी प्लानिंग करे।

रोमा ये सब सुनकर खुश हो गई और मुझ से चिपट गई।

मैंने भी अपना अगला दाव चलते हुए उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिये।

उसे अजीब तो लगा पर अगले ही पल हम दोनों की जीभ एक दूसरे की जीभों को चूस रही थी।

आज के लिए इतना ही काफी था।

मैंने उसके गाल थपथपा कर अलग होकर उससे विदा ली।

अगले दिन रोमा का फ़ोन आया कि वो मेरे पास आना चाहती है।

मैंने कहा कि बारह बजे तक आ जाना और खाना भी मेरे साथ ही खाना।

रोमा के आने से पहले सनी का फ़ोन आया, वो बोला- भाभी, तुमने क्या जादू कर दिया, ऐसी रंगीन बीवी और रंगीन रात मेरी जिन्दगी में पहली बार आई…

वो बहुत खुश था।

मैं भी खुश थी यह सोचकर कि आज कावेरी के बाद दूसरी लड़की के साथ में हमबिस्तर होने वाली हूँ।

रोमा बारह बजे से पहले ही आ गई थी… नीचे मां-बाबूजी के पास आधा घंटा बैठकर वो ऊपर आ गई।

किवाड़ बंद करते ही वो मुझ से चिपट गई और हम दोनों पांच मिनट तक होंठ से होंठ मिलाये चिपके रहे।

वो बोली- आप मेरे पास पहले क्यों नहीं आई?

वो बहुत खुश थी।

मैंने रामू को आवाज देकर खाना ऊपर ही मंगा लिया।

खाना खाकर हम बिस्तर पर लेट गई… वो और मैं दोनों ही साड़ी पहने थी और इससे छुटकारा चाह रही थी।

रोमा मुझसे लिपट गई और बोली- भाभी, आपने मेरी जिन्दगी बदल दी। पता नहीं मैं कहाँ ठहर गई थी। आप न आती तो सच बहुत अनर्थ हो जाता। मेरे और सनी में बहुत दूरी हो गई थी जो आपने एक ही दिन में दूर कर दी।

मैंने रोमा के गालों को हाथ में लेकर कहा- तू अब मुझे नीता ही कहा कर भाभी नहीं, क्योंकि इज्जत तो मन से होती है, शब्दों से नहीं।

रोमा बोली- मेरे मुंह से नहीं निकलेगा, शर्म आएगी।

मैंने कहा- चल तेरी शर्म ही निकाल देती हूँ।

उसके होंठों पर मैंने अपने होंठ लगा दिये।

आग तो रोमा के अंदर भी लगी हुई थी, वो मुझे पागलों की तरह चूमने लगी।

मैंने अपनी और उसकी साड़ी उतार दी और पांच मिनट बाद हम दोनों बिल्कुल नंगी होकर चिपटी हुई थी, अब शर्म नाम की कोई चीज उस कमरे में नहीं थी।

मैं नीचे हो गई और उसकी चूत जो उसने कल ही साफ़ की थी, को चाटने लगी और फिर मैंने अपनी चूत उसे दे दी।

अब हम 69 पोजीशन में एक दूसरे की चूत चूस रहीं थी।

मैंने अपनी दो उंगली उसकी चूत में कर दी और जोर जोर से अंदर बाहर करने लगी।

अब रोमा जोर जोर से आवाजें निकल रही थी… मुझे लगा कि आवाज नीचे भी जा सकती हैं तो मैंने अपनी उंगली बाहर निकाल ली और रोमा को अपने से भींच कर उसके गर्म होंठों पर अपने होंठ रख दिये।

पांच सात मिनट के बाद हम दोनों शांत हो गईं और रोमा ने शर्म से अपने हाथों से अपने मुंह को ढक लिया।

मैंने बड़े प्यार से उसको अपने से अलग किया और कपड़े पहनने को कहा..

कपड़े पहन कर रोमा मेरे बगल में चुपचाप बैठ गई, शर्म से वो कुछ बोल नहीं पा रही थी।

मैंने उसे समझाया की चलो आज से हम दोनों अच्छे दोस्त बन कर रहेंगे और अपनी हर बात शेयर करेंगे।

रोमा ने मुझे कसम दी कि यह बात मैं विकास को कभी नहीं बताऊँगी।

मैंने उससे वादा किया कि जब तक वो सनी को खुद नहीं बताएगी तब तक मैं भी चुप रहूंगी।

रोमा डर कर बोली कि सनी को अगर पता चल गया तो वो तो मुझे छोड़ देगा!

मैंने रोमा को समझाया कि सनी को फिलहाल मत बताओ पर हर आदमी इस तरह की बेबाकी अपनी पत्नी से चाहता है और जब भी वो सनी को इस बारे में बताये तो यह न बताये कि उसने मेरे यानि नीता के साथ ऐसा किया है, बस वो अपनी किसी बचपन की सहेली का नाम ले ले वो भी शादी से पहले की बात बता कर …फिर देखना सनी उस रात तुम्हारी कितनी चुदाई करेगा।

अब रोमा नार्मल फील कर रही थी… हम नीचे आ गई, थोड़ी देर बाद चाय पीकर रोमा घर चली गई।

मैंने रोमा को काफ़ी समझाया तो रोमा अच्छा महसूस करने लगी थी… हम दोनों नीचे आई, थोड़ी देर बाद चाय पीकर रोमा अपने घर घर चली गई।

अब उस रात की कहानी रोमा आपको बताएगी।

नीता के घर से आकर मैं सीधे बाथरूम में गई और सारे कपड़े उतारकर शावर के नीचे खड़ी हो गई… मेरे अंदर आग लगी हुई थी और मन कर रहा था कि कहीं से सनी आ जाये और मुझे चोद दे।

नहाते नहाते मैंने अपनी चूत में हेयर ब्रश का हैंडल कर लिया और जोर जोर से चूत मालिश की।

जैसे तैसे अपनी चूत को शांत कर मैं बाथरूम से बाहर आई और नाइटी पहन कर कमरा ठीक किया, बेड शीट बदली और हल्का सा रूम फ्रेशनर छिड़क दिया।

सोचा आज सनी की मनपसंद डिश बना लूँ और सनी के आने से पहले ही खाना बना लूँ।

तभी सनी का फ़ोन आ गया, बोला- आज खाना बाहर खायेंगे… सात बजे तक तैयार हो जाना!

मैंने सोचा कि अभी तो पांच ही बजे हैं, थोड़ी देर सो लेती हूँ क्योंकि आज रात तो जैसा नीता भाभी ने कहा है, चूत की शामत आने वाली है।

साढ़े छः बजे मेरी आँख खुली, वो भी मैं गेट की घंटी सुनकर… खोला तो सनी था।

उसने गेट से ही मुझे चूमा और अन्दर आ गया।

मैं फटाफट चाय बना लाई और चाय पीकर मैंने उससे कहा- तुम नहा लो…

सनी ने मुझे खींचते हुए कहा- चल साथ नहायेंगे।

सच कितने दिनों बाद हम साथ नहाने की बात कर रहे थे।

कुछ ही देर मैं सनी और मैं शावर के नीचे चिपके खड़े थे। पानी से मानो आग बरस रही थी जिसने चूत और लंड दोनों को मदहोश कर दिया था।

सनी नीचे झुका और अपना लंड मेरी चूत में घुसाने की कोशिश करने लगा।

अब मेरी चूत की भी टें बोल चुकी थी, मैंने अपना एक पैर पास रखी बाल्टी पर रखा तो सनी का लंड एक ही धक्के में अंदर चला गया। मैं मस्ती मैं सनी की कमर पर लटक गई और सनी ने मुझे चूतड़ों से उठाया और धक्के लगाने लगा।

सच ऐसा अनुभव जिन्दगी मैं पहली बार हो रहा था।

सनी ने मेरी चूत में सारा माल निकाल दिया और अब हम सीधे होकर नहाने लगे।

मेरी चूत को सनी ने अपने हाथ से साफ़ किया और मैंने सनी के लंड को मुंह से चाटकर…

हम लोग तैयार होकर महारानी होटल में खाना खाने गए। वहाँ ज्यादा भीड़ न होने से कपल्स के लिए रोमांटिक माहौल रहता है।

आज मैंने हनीमून के बाद पहली बार स्कर्ट टॉप पहना था।

होटल मैं सनी का हाथ बार बार स्कर्ट के अन्दर जा रहा था।

मैं सपनों में खोई हुई थी… सच, दो दिनों में मेरी तो जिन्दगी ही बदल दी नीता भाभी ने!

मुझे यह बात तो कुछ दिनों बाद मालूम पड़ी कि मेरी मम्मी को नीता भाभी ने ही फोन करके यहाँ आने और मेरे बेटे को कुछ दिन अपने पास रखने की राय दी थी।

सच मेरे लिए तो नीता भाभी फ़रिश्ता बन कर आई।

डिनर लेकर हम लोग बाहर आये तो सनी ने पान वाले से एक सिगरेट ली… मैंने आश्चर्य से पूछा- क्या कर रहे हो?

क्योंकि सनी ने तो हनीमून पर ही सिगरेट छोड़ दी थी।

सनी बोला- सिर्फ आज और सिर्फ एक… पर इसे हम दोनों साथ साथ पियेंगे…

‘मैंने तो कभी सिगरेट पी नहीं है।’ मैं बोली।

‘तो क्या हुआ, आज से पहले हनीमून के बाद हम इतनी रोमांटिक हुए भी कब हैं।’

बात ठीक थी।
 
गाड़ी के बाहर खड़े होकर सनी ने सिगरेट जलाई और मुझसे बोला- ले कश मार!

मुझे सड़क पर शर्म आ रही थी मगर आज तो बेशर्मी का दिन था… सुबह से ही शर्म तो पास भी नहीं फटक रही थी।

मैंने सिगरेट ली और होंठों से लगाकर जोर का कश मारने का प्रयास किया… कश वश तो क्या लगा, धसक चढ़ गई और मैं लगी खांसने… गुस्से में सिगरेट फ़ेंक दी।

सनी हंसते हुए बोला- चल घर चल… हो गई सुट्टेबाजी!

हम दोनों हंसते हुए गाड़ी में बैठी।

सनी एक हाथ से गाड़ी चला रहा था और दूसरे हाथ से मेरी चूत मालिश…

घर पहुँच कर सनी बोला- रोमा कॉफ़ी पिला दे…

मैं किचन में कॉफ़ी बनाने गई… इस बीच सनी कपड़े बदलकर सिर्फ लुंगी पहने ही किचन में आ गया और मेरी स्कर्ट उठा कर अपना लंड मेरी गांड से रगड़ने लगा।

मैंने कहा- ऐसे तो बन गई कॉफ़ी… अगर कॉफ़ी पीनी है तो सीधे खड़े रहो…

काफी लेकर मैं सनी की बाँहों में झूलती बाहर सोफे पर बैठ गई।

सनी तो उतावला हो रहा था, वहीं सोफे पर उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिये और मुझे अपनी गोदी में बिठा लिया। मैं उससे चिपककर कॉफ़ी और नीचे से उसके लंड का मजा लेने लगी।

मैंने सनी के कान में फुसफुसाकर कहा- क्या तुम किसी और के साथ नंगे रहे हो?

सनी मुझे घूर कर देखने लगा, बोला- तुझे कैसे मालूम?

वो समझा कि उसकी चोरी पकड़ी गई।

मैंने कहा- मेरा मतलब शादी से पहले कोई दोस्त हो जिसके साथ तुम नंगे रहे हो या साथ नहाये हो।

पहले तो सनी शरमाया, फिर बोला- हाँ, हाई स्कूल में एक दोस्त था, दोनों साथ पढ़ते थे और कभी कभी रात को साथ ही सो जाया करते थे। तभी हमने एक दूसरे की मुठ मारी और रात को नंगे ही सोये।

अब मेरी बारी थी, मैंने भी आज दोपहर की घटना को शादी से पहले की बात बताकर और कुछ रोमांटिक सी बनाकर सनी को सुनाई।

इसे सुनकर सनी का लंड तो हथौड़े की तरह सख्त हो गया, उसने मुझे पागलों की तरह चूमना शुरू कर दिया।

सनी बोला- रोमा, हम ये अपनी खुशियाँ कहाँ छोड़ आये थे… मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि मैं और तुम आज भी सेक्स को इतना एन्जॉय कर रहे हैं।

मुझे सनी ने गोदी में उठाया और बेड पर आराम से लिटा दिया… अब उसका लंड भी बगावत कर चुका था… मेरी चूत तो गीली हुई पड़ी थी।

सनी बेड से नीचे घुटनों पर बैठा और मेरी जाँघों के बीच में अपना मुंह देकर मेरी चूत चूसने लगा।

दो मिनट बाद ही मैंने उसे ऊपर खींचा और 69 पोजीशन मैं आकर उसका लंड चूसने लगी… वो अपनी पूरी जीभ मेरी चूत में कर चूका था।

हम दोनों ही कामाग्नि में जल रहे थे, पूरा माहौल वासनामय हो रहा था।

मैं अचानक उठी और सनी के लंड के ऊपर बैठ गई और उसका लंड अपनी चूत में कर लिया। अब मैं उछल उछल कर खुद भी चुद रही थी और सनी को भी चोद रही थी।

सनी ने भी मेरे झटकों का जवाब अपने चूतड़ उठा उठा कर देना शुरू कर दिया था। सनी ने मेरे मजबूती से अपने हाथों से मसलने शुरू कर दिये थे।

मैं हाँफने लगी थी मगर चूत और लंड दोनों ही मैदान में डटे हुए थे।

पिछले चौबीस घंटों में चूत का तो भोसड़ा बन चुका था और मेरा दिल कह रहा था कि काश मैं रात भर चुदती रहूँ।

पहली बार मेरी चूत लंड की इतनी दीवानी हुई थी।

सनी ने मेरे धीरे पड़ते ही मुझे नीचे झुकाया और मेरे मम्मे अपने दांतों से काटने और दबाने शुरू कर दिये।

मेरे मुंह से अचानक निकल गया- खा जाओ इन्हे मेरे राजा!

मेरे मुंह से ऐसा सुनकर सनी को मस्ती चढ़ गई, बोला- हाँ तेरे मम्मे आज खा जाऊँगा और तेरी चूत फाड़ दूंगा।

सनी ने मुझे नीचे लिटा दिया और मेरे पैर अपने कंधे पर रख कर अपना फनफनाता लंड एक ही धक्के में मेरी चूत में कर दिया।

एक बार तो मुझे लगा कि सनी आज तो मेरी चूत फाड़ कर ही मानेगा और मैं दर्द से मर जाऊंगी। पर एक मिनट बाद ही उसके धक्कों की बढ़ती रफ़्तार ने मेरे दर्द को मजे में बदल दिया और मेरे भी मुंह से सीत्कारें निकलने लगी।

मुझे लगा कि मेरी सीत्कारों से सनी की स्पीड और मुझे मिलने वाला मजा बढ़ जाता है इसलिए मैंने भी सारी शर्म छोड़ कर कहना शुरू कर दिया- हाँ फाड़ दो मेरी चूत मेरे राजा… मैं तो कब से इंतज़ार कर रही थी इस पल का… खा जाओ मेरे मम्मे…

सनी भी ऐसे ही जबाब दे रहा था- हाँ, आज तेरी चूत का भोसड़ा बना कर ही छोड़ूगा… आज तुझे इतने मजे दूंगा कि तेरे सारे बोल्ट ढीले हो जायेंगे।

सनी ने मेरी टांगें पूरी फैला दी थी और पूरे जोर शोर से चुदाई में लगा था।

पता नहीं उसे क्या सूझा कि अपना लंड निकल कर मेरे मुंह की तरफ कर दिया और अपना सारा माल मेरे मुंह पर छोड़ दिया।

एक बार तो मुझे खराब लगा पर जैसे ही यह ख्याल आया कि यह तो मेरे यार का माल है, मैंने जीभ निकाल कर सारा माल चाट लिया…

सच बताऊँ, यह मेरा पहला अनुभव था पर यार की मलाई रसमलाई से भी टेस्टी थी।

हम निढाल होकर नंगे ही एक दूसरे की बाँहों में सो गए।

रात भर मेरा हाथ सनी के लंड को टटोलता रहा और सनी मेरे मम्मे दबाता रहा।

दो-तीन दिन ऐसे ही मस्ती में निकल गए… मैं नीता भाभी की बहुत एहसानमंद थी कि उन्होंने मेरी जिन्दगी में बहार ला दी थी।

कुछ दिन सनी के साथ मस्ती में निकल गये… नीता भाभी ने मेरी जिन्दगी में बहार ला दी थी।

सोमवार को नीता भाभी का फ़ोन आया, वो बाज़ार जा रहीं थीं और चाह रही थीं कि मैं भी उनके साथ चलूँ।

हम लोगों ने दोपहर 12 बजे का प्रोग्राम बनाया और तय किया कि खाना भी बाहर ही खायेंगे।

नीता भाभी को कुछ ख़ास नहीं, बस कुछ नाईट ड्रेस लेनी थी।

उन्होंने अपने लिए दो ड्रेस लीं और एक मेरे को भी जबरदस्ती दिला दी।

नाईट ड्रेस इतनी सेक्सी थीं कि मैं लेने को मना भी न कर पाई।

मैंने एक ब्रा पैंटी सेट अपने लिए और लिया।

इसके बाद साउथ इंडियन रेस्टोरेंट में लंच लेकर भाभी और मैं मेरे घर आ गए।

घर आकर मैंने ए सी चलाया और कोल्ड ड्रिंक लेकर आई।

भाभी बेड पर लेटी हुई थी, उन्होंने हंसते हुए मुझे अपने पास ही लिटा लिया और बोली- और मेरी जान… क्या क्या गुल खिल रहें हैं आजकल?

मैं शर्मा गई।

भाभी तो बेशर्मी पर आ गईं, बोलीं- चौड़ी हुई या नहीं?

मैं भी फट से बोल- पड़ी कि चौड़ी… अब तो फटने की तयारी है।

मैंने भाभी के हाथ अपने हाथ में लेकर बहुत प्यार से कहा- भाभी, आपका एहसान मैं कैसे चुकाऊँगी… आपने तो मेरी जिन्दगी बदल दी…

भाभी बोली- एहसान चुकाना है तो तीन काम करने होंगे… बता करेगी?

मैंने भी बिन सोचे समझे हाँ कर दी।

भाभी बोली- पहली बात… आज से तू नीता बोलेगी भाभी नहीं…

मैंने उनके होंठ छूकर कहा- ओके नीता…

फिर वो बोली- दूसरे कि दोनों एक दूसरे से कोई बात छिपायेंगे नहीं और आपस में खूब मस्ती किया करेंगे…

अबकी उन्होंने मेरे मम्मे दबाकर कहा- कर वादा…

मैंने भी उनकी सलवार के ऊपर से ही उनकी चूत रगड़ कर कहा- वादा…

तीसरी बात उन्होंने हंस कर कहा- एक बार सनी से मुझे ठुकवा दे और तू चाहे तो विकास से चुद ले…

उनकी बात सुनकर मैं हैरान रह गई।

वो हंस कर बोली- अरे मैं तो मजाक कर रही थी, तू परेशान हो गई…

मैं भी हंस पड़ी, बोली- नीता आईडिया बुरा नहीं है, बस आप आईडिया दे दो कि कैसे होगा?

नीता बोली- चल जो ड्रेस लाईं हैं, पहन के देखते हैं।

अब मेरे उनके बीच में कोई शर्म तो थी नहीं फिर भी मैं अपनी ड्रेस ले कर बाथरूम में चली गई और नीता वहीं अपने कपड़े उतारने लग गई।
 
बाथरूम में जाकर मैंने अपने कपड़े उतार कर जब वो ड्रेस पहनी तो खुद शर्मा गई।

बहुत शार्ट टॉप और स्कर्ट थी और टॉप में भी इतना ऊंचा था कि मम्मी बाहर आने को तैयार… निप्पल तो साफ़ अपनी ऊंचाई दिखा रहे थे।

स्कर्ट इतनी छोटी थी कि टांगें ऊपर करी तो चूत दिख गई।

मेरी चूत तो गीली हो चुकी थी।

मैंने सोचा कि नीता क्या सोचेगी, इसलिए चूत को धोकर ही बाहर आई।

बेड रूम में आकर जो नजारा देखा तो दिम्माग की बत्तियाँ गुल हो गईं।

नीता बिस्तर पर लेटी हुई थी और उसकी ड्रेस ऊपर उठी हुई थी… वो अपनी उँगलियों से अपनी चूत की मसाज कर रही थी।

मैं तुरंत उसके पास पहुँची और उसकी चूत में अपनी जीभ कर दी।

उसकी चूत से तो खट्टा खट्टा पानी आना शुरू हो गया था।

उसने मुझे ऊपर खींच लिया और मेरे होंठों से अपने होंठ चिपका दिए और मेरी चूत में अपनी उंगली कर दी।

हम दोनों सीत्कार कर रही थीं…

मेरे मुंह से निकल गया कि काश इस समय सनी आ जाए तो हम दोनों की चूत की भूख मिट जाएगी…

नीता मुझसे बोली- अगर मैं तेरे सामने सनी से चुदुंगी तो तुझे बुरा नहीं लगेगा?

मैं बोली- चूत लंड तो भगवान ने चुदने और चोदने के लिए ही बनाये हैं। अपने से चुदो या दूसरे से… क्या फर्क पड़ता है। और आज तुम सनी से चुदोगी तो कल मैं भी तो विकास भाई से चुद सकती हूँ। और फिलहाल तो मुझे सनी के लंड से ही फुर्सत नहीं है। हाँ पर सनी का लंड मैं नीता से शेयर कर सकती हूँ अगर सनी तैयार हो जाये तो।

नीता ने मन में सोचा- इसे क्या मालूम कि वो और सनी तो रेगुलर चुदाई करते ही हैं।

हम दोनों में तय हुआ कि कल दोपहर को अचानक नीता मेरे घर आएगी और प्रोग्राम के मुताबिक उस समय सनी और मैं सेक्स की तैयारी में होंगे, मूड बना हुआ होगा।

अचानक नीता के आने से शायद वो भी ग्रुप सेक्स में शामिल हो जाए।

कल मंगलवार था और उस दिन सनी की फैक्ट्री में छुट्टी होती थी।

मैंने रात को सनी को ड्रेस दिखाईं।

सनी तो उन्हें देखते ही पागल हो गया बोला- ये पहनोगी तो रात भर चुदाई होगी… और फिर इन्हें पहनने की क्या जरूरत है… इन्हें पहनते ही लंड तो तम्बू बन जायेगा और चोदने के लिए इन्हें उतार देगा।

मैंने कहा- लंड को तम्बू बनाने के लिए इन्हें पहनना जरूरी है।

सनी बोला- चल फटाफट पहन कर दिखा!

तो मैंने कहा- कल तुम दिन भर घर पर ही रहोगे, तब कल पहनूँगी ताकि तुम दिन भर चोद सको… आज रात को चुपचाप सो जाओ, कल पता नहीं कितनी चुदाई करनी पड़े।

बस मेरा इतना कहना था कि सनी को तो जोश चढ़ गया, उसने जबरदस्ती मेरे कपड़े उतार दिये और खुद भी नंगा हो गया।

उसका खड़ा लंड देख कर मेरी भी नीयत डोल गई और मैंने उसके लंड को अपने मुंह में ले लिया।

अचानक मुझे आईडिया आया कि सनी को नीता के लिए तैयार कर लूँ।

मैंने सनी को धक्का देकर लिटाया और उसके ऊपर लेट गई।

अब मेरी चूत उसके लंड पर थी और मेरे निप्पल उसकी छाती पर थे। मैंने उसके होंठ अपने होंठ से मिलाये और कहा- तुमको एक चूत और मिल जाये तो तुम क्या करोगे?

सनी बोला- किसकी दिला रही हो?

मैंने कहा- हमारे बीच ये जो भी कुछ हुआ है, ये सब नीता भाभी की देन है। मैं चाहती हूँ कि हम भी उनके लिए कुछ करें… तो क्यों नहीं तुम अपने लंड से एक दिन उनकी भी चुदाई कर दो।

सनी बोला- ऐसा नीता भाभी से कह भी मत देना, वो बुरा मान जाएँगी… वो बहुत अच्छी हैं… उनका हम पर बहुत एहसान है और मुझे मालूम है कि आजकल तुम्हारी और उनकी खूब छन रही है। पर इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हम उनके बारे में ऐसा सोचें।

मैंने कहा- ऐसा नहीं है, भाभी सेक्स में खूब मस्ती करने में विश्वास रखती हैं और अगर कभी मुझे ऐसा लगा कि वो तुमसे चुद सकती हैं तभी मैं उनसे कहूँगी।

यह सुन कर सनी ने बस मुझे नीचे लिटाया और अपना लंड पूरा मेरी चूत में घुसेड़ दिया।

आज उसकी रफ्तार तो घोड़े को भी मात कर रही थी।

उधर सनी मन ही मन नीता की प्लानिंग का कायल हो रहा था कि कैसे एक ही हफ्ते में उसने उसकी और रोमा की सेक्स लाइफ बदल दी और चुपचाप अपनी भी एंट्री पक्की कर ली।

अब नीता और सनी रोमा के सामने ही चुदाई कर सकेंगे।

अगला दिन छुट्टी का था और रोमा के लिए आज का दिन ग्रुप सेक्स का था जो उसने सिर्फ सुना था कभी किया नहीं था।

सनी और नीता के लिए आज का दिन अपने चोरी के रिश्ते को रोमा की मंजूरी का जामा पहनाने का था।
 
सनी ने आज नहाते समय अपनी लंड की भी शेविंग कर ली थी और रोमा भी आज संदल बाथ ली थी।

पूरा माहौल ऐसा था कि आज कुछ रोमांटिक होने को है।

न तो सनी कुछ कह रहा था न मैं … हम दोनों के मन में कामाग्नि थी की आज नीता के आने पर क्या खेल होगा… उधर नीता भी आज विकास के जाते ही बाथरूम में अपनी वेक्सिंग और अपने को चमकाने में लग गई।

यूं तो वो सनी से कितनी बार चुद चुकी थी पर आज का क्रेज कुछ और ही था।

वो अपनी नाईट ड्रेस जान बूझकर रोमा के घर ही छोड़ आई थी।

उधर नाश्ता करके नहा धोकर मैंने एक मिडी पहन ली तो सनी ने एतराज किया कि तुमने तो कहा था कि कल वाली ड्रेस पहनोगी तो मैंने कहा कि अभी पहन लूंगी तो तुम चुदाई अभी शुरू कर दोगे… दोपहर का खाना कौन बनाएगा? खाना खाकर पहन लूंगी।

सनी नहीं माना, बोला- तुम पहन लो, मैं दोपहर बाद ही तुम्हारी चूत को हाथ लगाऊंगा।

मैंने कहा- तुम बहुत बदमाश हो, तुम्हें चूत को हाथ थोड़े हो लगाना होता हे… तुम तो लंड से ठुकाई करते हो…

सनी नहीं माना तो मैं नए खरीदे ब्रा पैंटी सेट में आ गई।

और फिर वही हुआ जो होना था, सनी ने मुझे दबोच लिया और मेरे निप्पल चूसने लगा।

मैंने कहा- अगर अभी चुदाई में लग गए तो दोपहर को कुछ नहीं होगा… मैं कहीं जा तो नहीं रही हूँ.. अभी काम करने दो और दोपहर तक इंतज़ार करो।

सनी का मन पुलाव खाने का था तो मैं गैस पर चावल चढ़ा कर काफी बना लाई और सोफे पर बैठी सनी की गोदी में बैठ गई और हम दोनों कॉफ़ी पीने लगे।

तभी अचानक घंटी बजी… सनी ने मेरी ओर देखा कि कौन आ गया?

मैंने कहा- आना तो किसी ने नहीं था… हो सकता है कोई सेल्समेन हो तुम दरवाजा खोल कर मना कर दो।

सनी भी केवल बरमूडा ही पहने था और उसका तम्बू बना हुआ था पर मजबूरी थी… मैं तो ब्रा पैंटी में बाहर जाती नहीं…

सनी मुझे गोदी से उतार कर दरवाजा खोलने गया।

दरवाजा खोलते ही नीता की आवाज आई- आज मैं बिना बताये आ गई हूँ, देखूँ तो सही क्या मस्ती हो रही है।

अब मुझे और सनी को तो काटो तो खून नहीं… मैंने भी नहीं सोचा था कि नीता ऐसे अचानक इतनी जल्दी आ जाएगी।

मैं कॉफ़ी का मग टेबल पर रखकर भागी और जल्दीबाजी में बजाये बेड रूम में जाने के, मैं किचन में घुस गई।

नीता तो हंसते हंसते पागल हो रही थी, बोली- भाई, मैं तो अब नहीं बाहर जाने वाली… रोमा तुझे ऐसे ही बाहर आना होगा और कॉफ़ी तो मैं भी पीयूंगी।

मैंने कहा- नीता, तुझे मेरी कसम है बस एक मिनट के लिए तू बाहर चली जा, मैं कुछ पहन लूँ, फिर तेरे को कॉफ़ी क्या पुलाव भी खिलाऊँगी।

मगर वो बेशरम सोफे से हटने को तैयार नहीं और अब तो सनी को भी चढ़ गई थी… वो भी बोला- रोमा अब इन्होंने देख तो लिया ही है, चल अब क्या शरमाना तू बाहर आ जा…

दस मिनट ऐसे ही जदोजहद में निकल गए और फिर नीता बोली- चल मैं गेट पर खड़ी हो जाती हूँ, तू कपड़े उतार ले।

मैंने दरवाजा खोला और दबे पाँव बाहर आई।

तभी पीछे से नीता ने मुझे दबोच लिया… मैंने कहा- भाभी, यह तो बेईमानी है। आपने तो कहा था…

तो नीता बोली- हाँ मैंने कहा था कि मैं गेट पर खड़ी हो जाती हूँ तू कपड़े उतार ले। देख मैं किचन के गेट पर ही तो खड़ी थी अब बता तू कॉफ़ी कपड़े उतार कर बनाएगी या कपड़े पहने पहने?

अब मेरे सामने हथियार डालने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था।

नीता और मैं किचन में चली गई और काफी लेकर हम दोनों बाहर आई..

सनी मुझे देख कर मुस्कुरा रहा था.. मैं कॉफ़ी रखकर कमरे में भागी और मिडी पहन कर आ गई।

सब हंस पड़े और हम कॉफ़ी ख़त्म कर के बेड रूम में बेड पर आकर बैठ गए।

नीता बोली- मैं अब चलती हूँ, मैंने आकर तुम्हारा मजा किरकिरा कर दिया।

सनी बोला- भाभी, कोई बात नहीं, आज आप पहली बार मेरे सामने आई हो, अब तो शाम को ही जाना। रिलैक्स होकर ऊपर बैठ जाओ, रोमा ने पुलाव बनाये हैं, सब मिलकर खायेंगे, कहो तो विकास को बुला लूँ?

नीता बोली- विकास तो दूकान छोड़ कर नहीं आएगा।

नीता बेड पर ऊपर बैठ गई।

नीचे ही पानी की एक खाली बोतल पड़ी थी, नीता ने उसे उठा लिया और हम तीनों के बीच में रखकर बोली- मैं इसे घुमाती हूँ जिसकी ओर ढक्कन आएगा उसे सामने वाले की बात माननी होगी चाहे वो कुछ भी कहे।

नीता बोली- अगर मंजूर हो तो शुरू करें?

सनी तो तैयार हो गया, मुझे झिझक हो रही थी।

नीता बोली- चलो आज मिलकर रोमा की इज्जत लूट लेते हैं।

हम सब हंस पड़े और गेम शुरू हो गया।

किस्मत की मारी सबसे पहले मुझे ही करना पड़ा, नीता ने मुझसे गाना गाने को कहा, आधा घंटे तक तो शराफत का गेम होता रहा… किसी ने ठुमका लगा कर दिखाया… किसी को सामने वाले को किस करना पड़ा… किसी को एडल्ट जोक सुनाना पड़ा।

हद तो तब हो गई जब अचानक बोतल मुझ पर रुकी और सनी ने मुझे रात वाली नाईट ड्रेस पहनने को कहा।

मैं घबरा गई… मैंने कहा- मैं नहीं पहनूंगी, मैं नहीं खेलती।

अब नीता नाराज हुई- ऐसे गेम थोड़े ही होता है… अगर बोतल मुझ पर आती तो मुझे भी वो ही करना पड़ेगा… और गेम तो अभी चल ही रहा है।

सनी भी बोला- अगर ऐसा है तो खत्म करो गेम।

मुझे लगा कि मेरी वजह से मूड ख़राब हो जायेगा… तो मैंने कहा- अच्छा एक शर्त है, जब भी बोतल नीता भाभी पर आएगी तब हम दोनों साथ साथ नाईट ड्रेस पहन लेंगे, तब तक की लिए इसे पोस्टपोन कर दो…

मगर सब नहीं माने और मुझे ड्रेस पहन कर आना पड़ा… बड़ी शर्म आ रही थी…

मैंने एक चालाकी की कि अंदर ब्रा और पेंटी पहन ली तो मेरी चूत और मम्मे ढके रहे…

मेरे वहाँ आते ही सनी बोला- यह तो बेईमानी है!

मैंने नीता को आँख मारी…

तो नीता बोली- यह बेईमानी नहीं चालाकी है। चलो कोई बात नहीं, अगली बार ये उतरवा देंगे।
 
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